Author: NewseDay

  • प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में आए सकारात्मक परिवर्तन पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन

    प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में आए सकारात्मक परिवर्तन पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन

    वाराणसी
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री सभी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी ‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष’ का अवलोकन किया। रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने पीएम की कर्मभूमि वाराणसी से उनकी जन्मभूमि वडनगर जाने वाली ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ को झंडी दिखाकर रवाना किया। 250 बाइकों पर सवार 500 युवा इस यात्रा को पूरा करेंगे। यात्रा शुरू होने पर इन युवाओं पर पुष्पवर्षा की गई। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में आए सकारात्मक परिवर्तन पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने काशी के लोकप्रिय सांसद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने बाबा विश्वनाथ, मां गंगा व मां अन्नपूर्णा से पीएम मोदी के स्वस्थ दीर्घायु जीवन की कामना के साथ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर व विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने की प्रार्थना की।

    पीएम मोदी के सेवा संकल्प के 25 वर्ष
    सीएम ने इस वर्ष को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के सेवा संकल्प के 25 वर्ष 7 अक्टूबर 2026 को पूरे होने जा रहे हैं। 7 अक्टूबर 2001 को मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने बिना रुके, झुके, डिगे ‘चरैवेति-चरैवेति’ के मंत्र के साथ इस यात्रा को बढ़ाया। तप, परिश्रम, साधना के साथ प्रधानमंत्री के रूप में उनकी गौरवशाली यात्रा का दर्शन कर देशवासी नए भारत पर गौरव की अनुभूति कर रहे हैं। मोदी जी के नेतृत्व में सुरक्षित भारत अब दुनिया से आंख से आंख मिलाकर बात करता है।

    आज से दो यात्राओं का प्रारंभ
    सीएम योगी ने पीएम मोदी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज से दो यात्राएं प्रारंभ हो रही है। 75 वर्ष पहले मोदी जी का जन्म गुजरात के पौराणिक गांव वडनगर में हुआ था। गुजरात की पावन नदियों के जल को लेकर 25-25 बाइक पर वहां से 10 यात्राएं चलेंगी। इसी क्रम में यूपी की 10 पावन नदियों का जल लेकर काशी से 10 यात्राएं विभिन्न मार्गों से होते हुए वडनगर को प्रस्थान करेंगी। ये यात्राएं काशी व वडनगर के महत्व को 10 राज्यों तक पहुंचाएंगी। यूपी की पवित्र नदियों का जल वडनगर में भगवान हाटकेश्वर को अर्पित होगा और गुजरात की नदियों का जल बाबा विश्वनाथ को समर्पित होगा।

    सीएम ने युवाओं का किया अभिनंदन
    मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा के प्रतीक युवा इस यात्रा के सहभागी बने हैं। 20 दिन की बाइक यात्रा में समय देने वाले युवाओं का अभिनंदन करते हुए सीएम ने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ को बढ़ाने वाली इस यात्रा में युवाओं को प्रतिदिन 100 किलोमीटर की दूरी तय कर चार बड़े कार्यक्रमों से जुड़ना है। रोमांच से भरी इस यात्रा के जरिए युवाओं का अलग-अलग राज्यों में संवाद व सेवा के कार्यक्रमों से भी जुड़ाव होगा। आज से 7 अक्टूबर तक चलने वाली यह यात्रा हमेशा स्मरणीय रहेगी।

    पीएम की सेवा संकल्प यात्रा में सहभागी हैं भारतवासी
    सीएम ने कहा कि आज से 75 वर्ष पहले वडनगर से भी एक यात्रा प्रारंभ हुई थी। वहां के सामान्य परिवार में जन्म लेकर भारत के प्रधानमंत्री और विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता के रूप में मोदी जी की यात्रा देश-दुनियावासी देख रहे हैं। 25 वर्ष पहले सेवा की जो यात्रा मोदी जी ने गुजरात से प्रारंभ की थी, उसमें भारत का हर नागरिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहभागी रहा है।

    गांव, गरीब, नारी, युवा समेत सबके जीवन में बदलाव
    सीएम ने प्रधानमंत्री की 25 वर्ष की शानदार यात्रा में आए बदलाव की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि गांव अपनी बदलती कहानी को सुनाते हुए आत्मनिर्भर हो गए हैं। आजादी के बाद दशकों तक गरीबों को आवास नहीं मिला, लेकिन पीएम मोदी जी ने 12 वर्ष में 4 करोड़ लोगों को आवास उपलब्ध कराया। नारी गरिमा का जिक्र करते हुए सीएम ने परिवर्तन की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि घर में शौचालय न होने के कारण नारी को अंधेरा होने का इंतजार करना पड़ता था, किंतु आज 12 करोड़ घरों में बने शौचालय नारी गरिमा के प्रतीक हैं।

    गांव-गांव में इंटरनेट व बैंकिंग सेवा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी जी के 25 वर्ष के सेवा संकल्प की यह यात्रा बिना किसी सिफारिश, लेनदेन के योग्यतानुसार युवाओं को नौकरी मिलने की कहानी सुनाती है। यह यात्रा 11 करोड़ परिवारों में उज्जवला योजना के तहत हर माता के जीवन में आए बदलाव की कहानी भी सुना रही है। जिन गांवों ने आजादी के बाद दशकों तक बिजली नहीं देखी, अब वहां हर घर में दूधिया प्रकाश चमकता है। गांव-गांव में इंटरनेट व बैंकिंग सेवा मिल रही है। यह कहानी उस गरीब की भी है, जिसे पीएम मोदी ने अपने विजन से सामान्य परिवार के रूप में स्थापित करने के लिए स्वस्थ माहौल उपलब्ध कराया। इस यात्रा में आयुष्मान भारत के तहत वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवर के कारण 60 करोड़ लोगों के जीवन में आए बदलाव की कहानी भी है।

    *युवाओं के जीवन में भी आया परिवर्त

  • सत्ता के लिए व्याकुल हैं अखिलेश, मोदी-योगी का विकास नहीं दिख रहा… राजभर का सपा पर तीखा हमला

    सत्ता के लिए व्याकुल हैं अखिलेश, मोदी-योगी का विकास नहीं दिख रहा… राजभर का सपा पर तीखा हमला

    लखनऊ
    एक्सप्रेसवे, ऑनलाइन पेमेंट, वक्फ संपत्ति, सरकारी नौकरियों और कानून-व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तीखा पलटवार किया। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव सत्ता पाने के लिए व्याकुल हैं, इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास के काम पसंद नहीं आ रहे। उन्होंने कहा कि सड़कें बनती हैं तो टूटती भी हैं और टूटने पर ठेकेदार उन्हें दोबारा बनाता है। अगर अखिलेश को सड़कों की चिंता है तो उन्हें अपने कार्यकाल की सड़कों को भी झांककर देखना चाहिए।

    ‘ऑनलाइन पेमेंट पर चुंगी की बात कर गुमराह कर रहे अखिलेश’
    ऑनलाइन पेमेंट पर चुंगी लगाए जाने के अखिलेश यादव के आरोप पर राजभर ने कहा कि उन्हें सही जानकारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 95 प्रतिशत लोगों पर इसका कोई भार नहीं है, जबकि 5 प्रतिशत सक्षम लोगों पर भार है। राजभर ने आरोप लगाया कि विपक्ष इसी तरह की बातों से लोगों को गुमराह कर रहा है।

    सीए-एनआरसी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसके विरोध में विपक्षी दलों ने आंदोलन किया और दिल्ली का शाहीन बाग पूरे देश में चर्चा का विषय बना, लेकिन कानून लागू हुआ। राजभर ने दावा किया कि लागू होने के तीन साल से ज्यादा समय बाद भी एक भी मुसलमान देश से नहीं निकाला गया।

    ‘वक्फ की संपत्ति का हिसाब होने लगा तो विपक्ष परेशान’
    वक्फ बोर्ड की संपत्ति के मुद्दे पर राजभर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कानून आने के बाद विपक्षी दल रोना-रोने लगे कि अब क्या होगा। उन्होंने कहा कि संपत्ति ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज होने के बाद चोरी नहीं की जा सकेगी।

    राजभर ने आरोप लगाया कि सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकारों के दौरान वक्फ की करोड़ों की संपत्ति को हजारों में लेकर किसी ने होटल बनाया, किसी ने मॉल बनाया और किसी ने बेच दिया। उन्होंने कहा कि अब रिकॉर्ड दर्ज होने की व्यवस्था से ऐसे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

    ‘अखिलेश के कार्यकाल में नौकरी बिकती थी’
    सरकारी नौकरियों को लेकर अखिलेश यादव के दावों पर राजभर ने कहा कि उन्हें सही जानकारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार अपने कार्यकाल में 9.5 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां दे चुकी है। वहीं, अखिलेश सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में नौकरियां बिकती थीं।

    राजभर ने दावा किया कि नौकरी का विज्ञापन निकलते ही शिवपाल यादव और उनके लोग सक्रिय हो जाते थे। उनके मुताबिक पांच, दस और पंद्रह लाख रुपये तक की बोली लगती थी। पैसा लेने के बाद सूची बनती थी, शिवपाल यादव सूची तैयार करते थे, अखिलेश यादव उस पर दस्तखत करते थे और संबंधित विभाग उसी सूची को जारी करता था।

    ‘नौकरियां बिना पैसे मिल रही हैं, इसलिए परेशान हैं’
    राजभर ने कहा कि अब योगी सरकार बिना पैसे के नौकरियां दे रही है, इसलिए अखिलेश यादव परेशान हैं। अखिलेश के सत्ता में आने पर नौकरी देने के दावे पर तंज कसते हुए उन्होंने पूछा, ‘कहां से देंगे, अपने घर से?’ उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश खुलकर नहीं कह पा रहे कि सरकार बनने पर अपनी जाति को नौकरी देंगे।

    राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने अपने पांच साल के कार्यकाल में अपनी बिरादरी को आगे बढ़ाने का काम किया और अब उन्हें चिंता है कि योगी सरकार नौकरियां देती गई तो सत्ता में लौटने पर उनके लोगों को नौकरी कैसे मिलेगी।

    ‘सपा सरकार में गुंडों की सरकार कही जाती थी’
    इबर और महिला अपराध को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर राजभर ने उन्हें अपने गिरेबान में झांकने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश सरकार को गुंडों की सरकार कहा जाता था। मुजफ्फरनगर दंगे का जिक्र करते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि जब मुजफ्फरनगर जल रहा था और लोग मारे जा रहे थे, तब सैफई में नाच देखा जा रहा था।

    राजभर ने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान एक हजार दंगे हुए, कर्फ्यू लगा और 1,200 लोगों की जान गई। उन्होंने कहा कि उस दौर में हर जिले में एक माफिया होता था, गैंगवार चलता था और लोग असलहे लहराते हुए सड़कों पर घूमते थे। राजभर ने सवाल किया कि क्या अखिलेश यादव उसी तरह का राज चाहते हैं। उन्होंने योगी सरकार को कानून के राज वाली सरकार बताते हुए कहा कि आज अपराध करने वाला 48 घंटे के भीतर जेल की सलाखों के पीछे पहुंच जाता है।

    ‘मंदिर भी बनाएंगे और मौलाना के साथ नमाज भी पढ़ेंगे?’
    अखिलेश यादव के मंदिर बनवाने के बयान पर भी राजभर ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो मंदिर बनवाने की बात करते हैं, वही मौलाना के साथ जाकर नमाज भी पढ़ते हैं। राजभर ने सवाल किया कि मंदिर बनाकर वहां पूजा भी करेंगे और टीका लगाकर नमाज पढ़ने भी जाएंगे?

  • पृथ्वी शॉ की शादी पर लगा ब्रेक? आकृति अग्रवाल से टूटा रिश्ता, सोशल मीडिया पर संकेत

    पृथ्वी शॉ की शादी पर लगा ब्रेक? आकृति अग्रवाल से टूटा रिश्ता, सोशल मीडिया पर संकेत

    मुंबई 

    क्रिकेटर पृथ्वी शॉ एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वह ऑफ फील्ड अपनी निजी जिंदगी में बड़े बदलाव से गुजर रहे हैं। पृथ्वी शॉ और उनकी मंगेतर अभिनेत्री आकृति अग्रवाल ने गुरुवार को आपसी सहमति से सगाई तोड़ने का फैसला किया है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आकृति ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी पुष्टि की। उन्होंने अपने इस फैसले के बारे में बताया और कहा कि उनके मुताबिक इस संबंध का आगे कोई भविष्य नहीं बचा था। दोनों की अपेक्षाएं और जिम्मेदारियां अलग-अलग थीं और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने साथ छोड़ने का फैसला लिया।

    आकृति अग्रवाल ने शेयर किया इमोशनल मैसेज
    भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल ने मार्च 2026 में सार्वजनिक रूप से सगाई की थी। हालांकि 6 महीने के अंदर ही उन्होंने अलग होने का फैसला कर लिया है। उन्होंने आपसी सहमति से सगाई तोड़ने का फैसला किया है। आकृति ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ''भारी दिल से बताना चाहती हूं कि मैं और मेरे मंगेतर अब अलग हो रहे हैं। आगे की जिंदगी को लेकर हमारे सोच और हालात अलग हैं, इसलिए हमने ये फैसला लिया है।''

    उन्होंने आगे लिखा, 'चाहे हम एक-दूसरे से कितना भी प्यार और परवाह क्यों न करते हों, लेकिन अब ये मान लिया है कि हमारी राहें एक नहीं हैं। जिम्मेदारियों और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए हम दोनों ने मिलकर अलग होने का फैसला लिया है।''

    आकृति अग्रवाल और पृथ्वी शॉ ने अलग होने की वजह बने हालातों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। लेकिन उनकी उन्होंने पृथ्वी को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी है। उन्होंने लिखा, “आगे बढ़ते हुए मैं सच में हम दोनों के लिए बेहतरीन भविष्य, शांति और खुशी की कामना करती हूं।”

    आकृति ने कहा, “इस मुश्किल समय में सभी से विनती है कि हमारी प्राइवेसी का सम्मान करें और हमारे इस फैसले के पीछे की वजहों को लेकर किसी तरह का अनुमान या अटकलें लगाने से बचें। समझने और हमारे हालात का सम्मान करने के लिए धन्यवाद।''

    पृथ्वी शॉ का क्रिकेट करियर
    युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ को एक समय भारतीय टीम का उभरता हुआ सितारा माना गया था और उनकी तुलना कई बड़े दिग्गजों से होती थी लेकिन खराब फॉर्म और गलत वजहों के कारण वह भारतीय टीम से बाहर हो गए और फिर वापस लौटने में वह अभी तक सफल नहीं हुए हैं। उन्होंने 2018 में टेस्ट डेब्यू पर भारत के लिए शतक लगाया था और सुर्खियां बटोरी थी। हाल के सालों में फिटनेस और फॉर्म के कारण टीमों ने उनसे दूरी बना ली। आईपीएल 2025 में वह अनसोल्ड रहे थे और फिर उससे पहले मुंबई ने अपनी टीम से बाहर कर दिया था। हालांकि उन्हें आईपीएल 2026 के लिए दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी टीम में शामिल किया था। उन्होंने भारत के लिए टेस्ट में 5 मैच खेलते हुए 339 रन बनाए। वनडे में उन्होंने 6 मैचों में 189 रन बनाए। टी20 इंटरनेशनल में उन्हें सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला। 

  • अस्पतालों में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, 31 अक्टूबर तक मरम्मत पूरी करने का निर्देश

    अस्पतालों में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, 31 अक्टूबर तक मरम्मत पूरी करने का निर्देश

    पटना
     स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि का निर्देश है कि अस्पतालों की ओपीडी में शत प्रतिशत डिजिटल पंजीकरण हो। आभा आधारित पंजीकरण, ईएचआर निर्माण, ऑनलाइन परामर्श तथा चिकित्सकों की ऑनलाइन उपस्थिति की निरंतर निगरानी होती रहे। आईपीडी में भर्ती सभी मरीजों का भाव्या पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कहा। ये निर्देश उन्होंने बुधवार को हुई समीक्षा बैठक के दौरान दिए।

    कहा कि रेफरल व्यवस्था की लगातार निगरानी हो तथा अनावश्यक रेफरल से बचें। अस्पतालों में जच्चा और बच्चा की मृत्यु रोकने के लिए हर स्तर पर गंभीरता से कार्य करना होगा। लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। आशा कार्यकर्ताओं का चयन लक्ष्य के अनुरूप होना चाहिए।

    जिला अस्पतालों को अति-विशिष्ट चिकित्सा केंद्र तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा हुई। टीबी एवं एनीमिया मुक्त बिहार अभियान पर विशेष जोर दिया गया। बीएमएसआइसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय आदि बैठक में उपस्थित रहे।

    जिला अस्पतालों में सर्जरी में वृद्धि  
    जिला अस्पतालों में सर्जरी सेवाओं की समीक्षा के दौरान जून 2026 में 2428, जुलाई में 5650 तथा अगस्त में 8209 सर्जरी किए जाने की जानकारी दी गई। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इसी अवधि में क्रमशः 1000, 1331 एवं 1626 सर्जरी के दावे दर्ज किए गए।

    31 अक्टूबर तक हो जाए अस्पतालों की मरम्मत  
    विभिन्न अस्पतालों में रंग-रोगन, लघु मरम्मत, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय, नर्सिंग डेस्क एवं मरीज सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए जा रहे हैं। निर्धारित कार्य 31 अक्टूबर तक पूरा कराने को कहा गया।

    36 जिला अस्पताल, 56 अनुमंडलीय अस्पताल, 49 रेफरल अस्पताल, 332 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 110 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 147 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 844 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 147 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में काम चल रहा है।

  • दीपावली-छठ के लिए रेलवे ने कसी कमर, झांसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी स्पेशल ट्रेनें

    दीपावली-छठ के लिए रेलवे ने कसी कमर, झांसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी स्पेशल ट्रेनें

    झाँसी 

    रेल प्रशासन द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि रेलवे द्वारा दुर्गा पूजा, दीपावली एवं छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इन विशेष ट्रेनों में झाँसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए संबंधित विवरण निम्नानुसार है।

    1. गाड़ी संख्या 01703/01704 जबलपुर–हरिद्वार–जबलपुर साप्ताहिक विशेष ट्रेन यह विशेष ट्रेन जबलपुर से प्रत्येक गुरुवार तथा हरिद्वार से प्रत्येक शुक्रवार चलेगी।
    संचालन अवधि: 01703 जबलपुर से 22 अक्टूबर 2026 से 19 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे तथा 01704 हरिद्वार से 23 अक्टूबर 2026 से 20 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे।

    2. गाड़ी संख्या 01707/01708 जबलपुर–नई दिल्ली/हज़रत निजामुद्दीन–जबलपुर साप्ताहिक विशेष ट्रेन यह विशेष ट्रेन जबलपुर से प्रत्येक शनिवार तथा हज़रत निजामुद्दीन से प्रत्येक रविवार चलेगी।

    संचालन अवधि: 01707 जबलपुर से 17 अक्टूबर 2026 से 14 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे तथा 01708 हज़रत निजामुद्दीन से 18 अक्टूबर 2026 से 15 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे।

    यात्रियों के लिए अपील: यात्रा से पहले अपनी गाड़ी, तिथि एवं समय की पुष्टि कर लें तथा निर्धारित समय से पर्याप्त पहले स्टेशन पहुँचें।

    ट्रेन संख्या 01703/01704 – जबलपुर–हरिद्वार विशेष ट्रेन
    स्टेशन    01703 जबलपुर–हरिद्वार    01704 हरिद्वार–जबलपुर
        आगमन    प्रस्थान    आगमन    प्रस्थान
    जबलपुर    17.10    15.30    16.20    —
    कटनी मुरवारा    17.17    17.15    14.20    14.30
    दमोह    18.40    18.42    12.20    12.22
    सागर    19.50    19.55    11.15    11.20
    बीना मालखेड़ी    21.00    21.02    10.00    10.02
    अगासोद    —    21.45    —    08.30
    वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी    00.05    00.10    05.55    06.00
    ग्वालियर जंक्शन    02.15    02.20    04.20    04.25
    आगरा कैंट    04.20    04.25    01.40    01.45
    मितावली    —    05.40    —    00.30
    अलीगढ़ जंक्शन    07.03    07.05    23.15    23.17
    खुर्जा जंक्शन    08.00    08.02    22.05    22.07
    हापुड़    09.30    09.35    20.10    20.15
    मेरठ सिटी    10.30    10.35    19.30    19.35
    टपरी    —    12.10    —    17.15
    रुड़की    13.15    13.17    16.20    16.22
    हरिद्वार    14.20    —    —    15.10
    ट्रेन संख्या 01707/01708 – जबलपुर–नई दिल्ली साप्ताहिक विशेष ट्रेन
    स्टेशन    01707 जबलपुर–नई दिल्ली    01708 नई दिल्ली–जबलपुर

        आगमन    प्रस्थान    आगमन    प्रस्थान
    जबलपुर    —    20.20    09.30    —
    कटनी मुरवारा    21.35    21.40    06.10    06.15
    दमोह    22.55    22.57    04.40    04.42
    सागर    00.15    00.20    03.30    03.35
    अगासोद    —    03.00    —    02.30
    वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी    05.55    06.00    00.05    00.10
    ग्वालियर जंक्शन    07.30    07.35    22.40    22.45
    धौलपुर जंक्शन    08.50    08.52    21.45    21.47
    आगरा कैंट    09.35    09.40    20.30    20.35
    मथुरा जंक्शन    10.35    10.40    19.35    19.40
    कोसी कलां    11.10    11.12    17.15    17.17
    पलवल    —    13.20    —    16.42
    नई दिल्ली    14.25    —    —    15.45

    यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण अपील
    पटाखे साथ न लाएँ — सुरक्षित यात्रा अपनाएँ।
    ज्वलनशील वस्तुओं से दूरी रखें — स्वयं और दूसरों की सुरक्षा करें।
    कम सामान, सुखद सफर — आवश्यक सामान के साथ ही यात्रा करें

     

  • सेवा संकल्प अभियान : केन्द्र की आजीविका मिशन और बिहान के सहयोग से सीता मरावी ने रचा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय

    सेवा संकल्प अभियान : केन्द्र की आजीविका मिशन और बिहान के सहयोग से सीता मरावी ने रचा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय

    सेवा संकल्प अभियान : केन्द्र की आजीविका मिशन और बिहान के सहयोग से सीता मरावी ने रचा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय

    समूह से आर्थिक सहयोग लेकर शुरू किया किराना और मुर्गी व्यवसाय, आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा

    रायपुर, 
     जीपीएम जिले के मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी की श्रीमती सीता मरावी की सफलता ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। महिला स्वसहायता समूह से जुड़कर उन्होंने आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत की और आज किराना दुकान तथा मुर्गी व्यवसाय के माध्यम से उनकी वार्षिक आय लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

    श्रीमती सीता मरावी वंदना महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिला। उन्होंने बैंक लोन तथा समूह के माध्यम से प्राप्त सीआईएफ एवं आरएफ की राशि से 25 हजार रुपये की सहायता लेकर गांव में किराना दुकान शुरू की। इसके बाद समूह के संकुल से 50 हजार रुपये की राशि प्राप्त कर मुर्गी व्यवसाय भी प्रारंभ किया।

    दोनों व्यवसायों को उन्होंने मेहनत, लगन और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ाया। अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से होने वाली आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया। आज श्रीमती सीता मरावी अपने गांव में ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना रही हैं।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से जुड़ी आत्मनिर्भरता की कहानी

    श्रीमती सीता मरावी की सफलता ग्रामीण महिलाओं को स्वसहायता समूहों से जोड़कर उनकी आजीविका और उद्यमिता को मजबूत करने की केन्द्र सरकार की पहल से भी जुड़ती है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन केन्द्र प्रायोजित योजना है, जिसे केन्द्र और राज्य सरकारों की साझेदारी से लागू किया जा रहा है। इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वसहायता समूहों से जोड़कर वित्तीय समावेशन, आजीविका और छोटे उद्यमों को बढ़ावा दिया जाता है। 

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महिला स्वसहायता समूहों की सदस्यों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ के संकल्प को प्रमुखता दी गई है। इस पहल का उद्देश्य स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को टिकाऊ तरीके से कम से कम एक लाख रुपये की वार्षिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है। इसके लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बैंक ऋण, उद्यमिता और आजीविका गतिविधियों के विस्तार जैसी व्यवस्थाओं को जोड़ा गया है। केन्द्र सरकार के अनुसार जुलाई 2026 तक देशभर में 10.08 करोड़ ग्रामीण परिवार लगभग 92 लाख स्वसहायता समूहों से जुड़े थे और 3.46 करोड़ से अधिक स्वसहायता समूह सदस्यों को ‘लखपति दीदी’ के रूप में सक्षम बनाया जा चुका था। 

    छत्तीसगढ़ में लाखों महिलाओं को स्वसहायता समूहों से मिला मंच

    केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 2.79 लाख स्वसहायता समूह सक्रिय हैं और लगभग 29.78 लाख महिलाएं इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रही हैं। 

    स्वसहायता समूहों को मिलने वाले रिवॉल्विंग फंड (आरएफ), कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) तथा बैंक लिंकेज जैसी व्यवस्थाएं महिलाओं को अपनी आजीविका गतिविधियों को शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय आधार उपलब्ध कराने में मदद करती हैं। केन्द्र सरकार के अनुसार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आरएफ और सीआईएफ के माध्यम से स्वसहायता समूहों को पूंजी उपलब्ध कराने का प्रावधान है। 

    सीता मरावी की कहानी में भी समूह से मिली वित्तीय सहायता का उपयोग किराना दुकान और मुर्गी व्यवसाय शुरू करने में किया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्वसहायता समूह केवल महिलाओं को संगठित करने का माध्यम नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का आधार भी बन रहे हैं।

    किराना दुकान से मुर्गी व्यवसाय तक, बढ़े आय के अवसर

    सीता मरावी ने एक ही व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय अपनी आय के अलग-अलग स्रोत विकसित किए। किराना दुकान ने उन्हें गांव में ही नियमित व्यवसाय का अवसर दिया, जबकि मुर्गी पालन ने उनकी आय में एक और स्रोत जोड़ा। दोनों गतिविधियों को उन्होंने निरंतर मेहनत और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ाया।

    सीता मरावी बताती हैं कि महिला स्वसहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। समूह से मिले आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन से उन्हें स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिला। आज वह अपने पैरों पर खड़ी हैं और गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।

    महतारी वंदन योजना से मिला अतिरिक्त आर्थिक संबल

    श्रीमती सीता मरावी को महतारी वंदन योजना के तहत 31वीं किस्त की राशि भी प्राप्त हो चुकी है। नियमित आर्थिक सहायता से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में उन्हें सहयोग मिल रहा है। स्वसहायता समूह से मिली सहायता, विभिन्न आजीविका गतिविधियों और स्वयं की मेहनत के साथ उन्होंने आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अपनी अलग पहचान बनाई है। अपनी जिंदगी में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए श्रीमती सीता मरावी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है।

    सेवा संकल्प अभियान में सामने आई आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी

    सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई श्रीमती सीता मरावी की कहानी बताती है कि जब ग्रामीण महिलाओं को संगठन, वित्तीय सहयोग, मार्गदर्शन और आजीविका के अवसर मिलते हैं, तो वे अपनी मेहनत और हुनर के बल पर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं।

    सीता मरावी की यात्रा स्वसहायता समूह से शुरू होकर स्वरोजगार और लखपति दीदी बनने तक पहुंची है। केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प और राज्य में संचालित बिहान की गतिविधियों के माध्यम से तैयार हो रहा यह वातावरण ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर दे रहा है। देशभर में स्वसहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय समावेशन और उद्यमिता से जोड़ने पर केन्द्र सरकार लगातार जोर दे रही है। 

    सीता मरावी अब केवल अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने वाली महिला नहीं, बल्कि अपने गांव में यह संदेश देने वाली प्रेरक महिला हैं कि अवसर और सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी अपने हुनर को व्यवसाय में बदलकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख सकती हैं।

  • बैंक कॉलोनी में अनुमति के विपरीत निर्माण करने पर 18 दुकानों पर निगम का चला बुल्डोजर  

    बैंक कॉलोनी में अनुमति के विपरीत निर्माण करने पर 18 दुकानों पर निगम का चला बुल्डोजर  

    ग्वालियर
    भवन अधिकारी यशवंत मैकले ने बताया कि नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी के निर्देशानुसार सिटी प्लानर सुरेश अहिरवार के निर्देशन में अवैध रूप से किए गए निर्माण कार्यों को हटाने की कार्यवाही निरंतर की जा रही हैं। जिसके तहत आज वार्ड क्रमांक 21 न्यू बैंक कॉलोनी में मोहन वादिल एवं ऋषभ जैन द्वारा नगर निगम से प्राप्त अनुमति, खिलाफ पार्किंग के स्थान पर 18 दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। जिसके लिए निगम द्वारा अवैध निर्माण हटाने हेतु निगम द्वारा विधिवत नोटिस दिए गए थे। किन्तु भवन स्वामी द्वारा अनुमति निर्माण नही हटाया गया। जिस पर निगम द्वारा कार्यवाही करते हुए अनुमति के विपरीत बनाई गई 18 दुकानों को हटाया गया।
    इसके साथ ही पूर्व विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत माधव प्लाजा के सामने थौराट की गोठ में रोड़ पर बनी दीवाल की तुड़ाई कर गेट फावड़ा जप्त कर कार्यवाही की गई। इसके पश्चात मुरार बारादरी से सदर बाजार अग्रसेन चौराहा गणेश मंदिर गर्म सड़क गर्ल्स कॉलेज तक यातायात में अवरुद्ध हाथ ठेले फुटपाथियों दुकानदारों के सामान को हटवाया और जप्त सामान को मदाखलत कार्यालय पर जमा किया। कार्यवाही के दौरान मदाखलत अधिकारी शैलेन्द्र चौहान, जोनल ऑफिसर सौरव चौधरी, मदाखलत निरीक्षक सुघर सिंह सिसोदिया सहित मदाखलत अमला मौजूद रहा।

     

  • 2027 वर्ल्ड कप से पहले रोहित शर्मा की अगली परीक्षा, युवा ओपनर्स से होगी टक्कर

    2027 वर्ल्ड कप से पहले रोहित शर्मा की अगली परीक्षा, युवा ओपनर्स से होगी टक्कर

    नई दिल्ली
    वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज के लिए जब टीम इंडिया का ऐलान हुआ, तो रोहित शर्मा का नाम फिर स्क्वॉड में था. उनके साथ यशस्वी जायसवाल और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे विकल्प भी मौजूद हैं. यानी यह चयन किसी एक खिलाड़ी के लिए रास्ता रोकने का फैसला नहीं, बल्कि 2027 की टीम को आकार देने की प्रक्रिया का हिस्सा है.

    लेकिन इस कहानी का असली ट्विस्ट स्क्वॉड में रोहित का नाम नहीं है. असली कहानी है कि दो महीने में रोहित शर्मा को लेकर सवाल से जवाब तक का सफर कैसे बदल गया.

    कप्तानी गई, तो हर रन का हिसाब शुरू हुआ
    शुभमन गिल को वनडे कप्तानी सौंपे जाने के बाद रोहित की भूमिका पूरी तरह बदल गई. अब टीम उनके इर्द-गिर्द नहीं बन रही थी. वह सिर्फ एक बल्लेबाज थे और बाकी खिलाड़ियों की तरह उनकी जगह भी प्रदर्शन से तय होनी थी.

    यह बदलाव इसलिए भी बड़ा था क्योंकि रोहित अब भारत के लिए सिर्फ ODI क्रिकेट खेल रहे हैं. टेस्ट और T20 इंटरनेशनल से उनके संन्यास के बाद उनके पास फॉर्म साबित करने के मौके भी सीमित हैं. ऐसे में एक खराब सीरीज सिर्फ खराब सीरीज नहीं रहती, वह चयन की बहस का हिस्सा बन जाती है.

    ऑस्ट्रेलिया में रोहित ने पहले 73 और फिर नाबाद 121 रन बनाकर दिखाया कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है. लेकिन इसके बाद की 11 पारियों में उनके बल्ले से 57, 14, 75, 26, 24, 11, 16, 48, 79, 11 और 26 रन निकले.

    इनमें 75 और 79 जैसी पारियां थीं, लेकिन वह एक बड़ी, निर्णायक पारी गायब थी जो बाकी सारी चर्चाओं पर भारी पड़ सके.

    फिर इंग्लैंड सीरीज आई. बर्मिंघम में 11 रन और कार्डिफ में 47 गेंदों पर 26 रन. सवाल और तेज हो गए. क्या 2027 तक रोहित को लेकर सोचना भी चाहिए? क्या युवा ओपनरों को आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है?
    138 रन ने बदल दिया सवाल
    इंग्लैंड ने 387 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को ऐसी पारी की जरूरत थी जो मैच को वापस उसकी मुट्ठी में ला सके.

    रोहित ने वही किया…
    उन्होंने सिर्फ 110 गेंदों पर 138 रन ठोक दिए. 17 चौके और 5 छक्के. भारत मैच तो 27 रन से हार गया, लेकिन रोहित ने उस दिन एक अलग मैच जीत लिया- अपने भविष्य को लेकर चल रही बहस का.

    यह पारी इसलिए महत्वपूर्ण नहीं थी कि रोहित ने एक और शतक पूरा कर लिया. इसकी अहमियत इसलिए थी क्योंकि यह पारी उस वक्त आई जब उनके भविष्य पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे थे.

    एक 39 साल के बल्लेबाज ने दिखाया कि उम्र और हालिया फॉर्म के आंकड़ों के बावजूद उनके बल्ले में अभी भी ऐसी ODI पारी निकालने की क्षमता है जो मैच की दिशा बदल सकती है.

    यही वह बिंदु था जहां सवाल बदल गया.पहले सवाल था- रोहित को और कितना खिलाया जाए? अब सवाल है- अगर रोहित इसी तरह की पारियां देते रहे तो उन्हें बाहर कैसे रखा जाए?

    2027 की रेस अभी खुली है
    इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि रोहित का 2027 वर्ल्ड कप टिकट पक्का हो गया है. ऐसा मानना जल्दबाजी होगी.

    भारत के पास ओपनिंग के लिए कई विकल्प हैं. यशस्वी जायसवाल लंबे समय की योजना का हिस्सा हो सकते हैं. ऋतुराज गायकवाड़ भी ODI टीम में मौजूद हैं. शुभमन गिल पहले ही कप्तान और टीम के केंद्रीय बल्लेबाज बन चुके हैं. BCCI ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI स्क्वॉड में इन विकल्पों को साथ रखा है.

    यानी रोहित को किसी विशेषाधिकार के आधार पर जगह नहीं मिलनी है. उन्हें रन बनाने होंगे, फिट रहना होगा और अपनी जगह को लगातार सही साबित करना होगा. लेकिन लॉर्ड्स की 138 ने इतना जरूर किया कि रोहित के लिए दरवाजा फिर से खुला हुआ दिखाई देने लगा.

    असली परीक्षा अब शुरू होगी
    वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी और तीनों मुकाबले भारत में खेले जाएंगे. इसके बाद नवंबर में न्यूजीलैंड, दिसंबर में श्रीलंका और जनवरी 2027 में जिम्बाब्वे के खिलाफ ODI सीरीज भी निर्धारित है. इसका मतलब है कि 2027 वर्ल्ड कप से पहले भारत के पास अपने ODI संयोजन को परखने के लिए कई मौके हैं. रोहित के लिए भी यही असली परीक्षा है.

    एक बड़ी पारी ने बहस बदली है, खत्म नहीं की. लॉर्ड्स की 138 ने उन्हें 2027 की टीम में जगह नहीं दिलाई, लेकिन उसने चयनकर्ताओं के लिए एक बात जरूर मुश्किल कर दी- रोहित शर्मा को अभी से भविष्य की तस्वीर से बाहर मान लेना.

    क्रिकेट में महान खिलाड़ियों की सबसे बड़ी ताकत कई बार सिर्फ उनके आंकड़े नहीं होते. वह क्षमता होती है कि जब दुनिया आपको कहानी का पुराना किरदार मानने लगे, तब आप एक ऐसी पारी खेल दें जिससे पूरी कहानी फिर लिखनी पड़े.

     

  • UP में सरकारी नौकरी का मौका, नागरिक सुरक्षा विभाग के 191 पदों पर होगी भर्ती

    UP में सरकारी नौकरी का मौका, नागरिक सुरक्षा विभाग के 191 पदों पर होगी भर्ती

    योगी सरकार नागरिक सुरक्षा विभाग के 191 पदों पर जल्द करेगी भर्ती

    – सबसे अधिक सहायक उप नियंत्रक के 104 पदों पर होगी भर्ती 
     
    – सहायक उप नियंत्रक, भंडार अधीक्षक-द्वितीय और स्टोरमैन के कुल 6 पदों पर होगी भर्ती

    सीएम योगी ने एक लाख नौकरियां उपलब्ध कराने का किया है ऐलान 

    लखनऊ
    योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिन पहले ही एक कार्यक्रम में 19 सितंबर से एक लाख नई नौकरी देने का ऐलान किया था। इसी क्रम में नागरिक सुरक्षा विभाग में छह अलग-अलग पदों पर कुल 191 रिक्तियों पर भर्ती की शुरू कर दी गयी है। इसमें सबसे अधिक सहायक उप नियंत्रक (सा.वे.) के 104 पद शामिल हैं। इसके अलावा भंडार अधीक्षक-द्वितीय, स्टोरमैन, आशुलिपिक, कनिष्ठ सहायक और डिस्पैच राइडर के पद भी शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री ने एक लाख युवाओं को नौकरी उपलब्ध कराने का किया है ऐलान
    योगी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के युवाओं को साढ़े नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए हैं। वहीं प्रदेश के युवाओं को अगले छह माह में एक लाख नई नौकरी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों को निर्देश दिये हैं। इसमें सबसे अधिक 77 हजार भर्तियां अकेले यूपी पुलिस और होमगार्ड विभाग में की जाएंगी। ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर नागरिक सुरक्षा विभाग में 191 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग में अलग-अलग जिम्मेदारियों वाले पदों पर नियुक्तियां होने से विभागीय कामकाज को भी मानव संसाधन का सहयोग मिलेगा। विभाग में सहायक उप नियंत्रक के 104, भंडार अधीक्षक-द्वितीय के 6, स्टोरमैन के 33, आशुलिपिक के 9, कनिष्ठ सहायक के 25 और डिस्पैच राइडर के 14 खाली पदों पर भर्ती की जाएगी।

    इनमें सहायक उप नियंत्रक के 104 पदों पर होगी भर्ती 
    नागरिक सुरक्षा विभाग की 191 रिक्तियों में अकेले 104 पद
    सहायक उप नियंत्रक के हैं। विभाग की ओर से जल्द ही इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा विभाग आपात परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा और सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करता है। ऐसे में विभाग में रिक्त पदों को भरने से उसके प्रशासनिक और मैदानी कार्यों के संचालन में अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध होगा। सहायक उप नियंत्रक के पद विभागीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़े हैं। वहीं भंडार अधीक्षक और स्टोरमैन के पद विभाग की सामग्री एवं भंडार व्यवस्था से संबंधित हैं। आशुलिपिक और कनिष्ठ सहायक कार्यालयी कार्यों के संचालन में सहयोग करेंगे जबकि डिस्पैच राइडर से जुड़े पद विभागीय दस्तावेजों और अन्य आवश्यक सामग्री के आवागमन जैसे कार्यों के लिए उपयोगी होंगे।

  • अंजलि अरोड़ा की ‘श्री रामायण कथा’ का ट्रेलर रिलीज, सीता के किरदार में नजर आईं एक्ट्रेस

    अंजलि अरोड़ा की ‘श्री रामायण कथा’ का ट्रेलर रिलीज, सीता के किरदार में नजर आईं एक्ट्रेस

    लगता है इंडस्ट्री में रामायण पर फिल्म बनाने की होड़ मची है. हर फिल्ममेकर में राम-सीता की कहानी बताने की चुल दिख रही है. नितेश तिवारी की रामायण को लेकर बने बज के बीच एक और रामायण आ रही है. नाम है- महाकाव्य श्री रामायण कथा. इसका 2 मिनट 43 सेकंड का ट्रेलर रिलीज हुआ है. इसमें 'कच्चा बादाम गर्ल' अंजलि अरोड़ा माता सीता के रोल में हैं. रावण बने हैं रजनीश दुग्गल, राम का किरदार एक्टर देव शर्मा प्ले कर रहे हैं.

    लेकिन जिसका डर था वही हुआ. ट्रेलर देखने के बाद आपको लगेगा ये क्या ही देख लिया. मेकर्स से ये सवाल करने का मन करेगा कि इसे बनाने की क्या जरूरत थी? ये ट्रेलर रामायण को लेकर आपके इमोशंस के साथ खिलवाड़ करता है. 4000 करोड़ में बनी नितेश तिवारी की रामायण को तो लोग अभी तक अपना नहीं पाए हैं. तो सोचिए ऐसे हालातों में इस फिल्म को कैसे कोई अपनाएगा? ट्रेलर में जिस तरह लीड एक्टर्स डायलॉग बोलते हुए फंबल कर रहे हैं. ठीक वैसे ही इस फिल्म का भविष्य भी लड़खड़ाता हुआ नजर आता है.

    कैसा है अंजलि अरोड़ा की फिल्म का ट्रेलर?
    ट्रेलर सीता हरण के सीन से शुरू होता है. जहां रावण साधु का भेष बनाकर सीता का अपहरण करने आता है. रावण के अहंकार, सीता का वियोग, राम की सीता के लिए तड़प और हनुमान की भक्ति की झलक दिखाई गई है. लंका से सीता को वापस लाने के लिए राम हनुमान और वानरों की सेना तैयार करते हैं. राम और रावण के बीच युद्ध के सीन्स की झलक भी ट्रेलर में दिखी है. पूरे 2 मिनट 43 सेकंड के वीडियो में मेकर्स ने सीता हरण के बाद की पूरी कहानी की झलक दिखा दी है.

    फिर पीछे पड़े ट्रोल्स
    'महाकाव्य श्री रामायण कथा' को टीजर रिलीज के बाद काफी सारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. वही हाल इस बार भी दिखा है. यूजर्स ने फिल्म की कास्टिंग के मजे लिए हैं. एक शख्स ने लिखा- रावण के रोल में राम को क्यों कास्ट किया है. कईयों को आदिपुरुष याद आ गई है. एक शख्स ने कहा- भगवान से डरो. यूजर्स ने अंजलि अरोड़ा की बेकार एक्टिंग का मजाक उड़ाया है. किसी ने कहा- अंजलि को एक्टिंग में नहीं आना चाहिए था. लोग बोल्ड गर्ल अंजलि का माता सीता के रोल में देखकर भी आहत हो रहे हैं.

    इस ट्रेलर का रिव्यू करें तो ना इसकी कास्टिंग दमदार है, ना ही म्यूजिक और एक्टिंग. वीएफएक्स को लेकर भी फिल्म मात खाती है. कोई ऐसा असरदार डायलॉग भी नहीं है, जो दिमाग में बस जाए. सीता बनीं अंजलि अरोड़ा को डायलॉग बोलने में मशक्कत करनी पड़ रही है. पूरे ट्रेलर में उनके चेहरे पर बस एक ही एक्सप्रेशन हैं. ये ट्रेलर देखकर यही पूछने का मन कर रहा है कि आखिर इस मूवी को बनाया क्यों जा रहा है. जब ट्रेलर देखकर ही बज नहीं बना है, तो फिल्म क्या ही कमाल करेगी.

    अभिषेक सिंह के निर्देशन में बनी मूवी सिनेमाघरों में इसी महीने 25 तारीख को आएगी. इसे दो भाषाओं हिंदी और छत्तीसगढ़ी में रिलीज किया जाएगा.

    आपको कैसा लगा ये ट्रेलर?