Author: NewseDay

  • 2027 वर्ल्ड कप से पहले रोहित शर्मा की अगली परीक्षा, युवा ओपनर्स से होगी टक्कर

    2027 वर्ल्ड कप से पहले रोहित शर्मा की अगली परीक्षा, युवा ओपनर्स से होगी टक्कर

    नई दिल्ली
    वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज के लिए जब टीम इंडिया का ऐलान हुआ, तो रोहित शर्मा का नाम फिर स्क्वॉड में था. उनके साथ यशस्वी जायसवाल और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे विकल्प भी मौजूद हैं. यानी यह चयन किसी एक खिलाड़ी के लिए रास्ता रोकने का फैसला नहीं, बल्कि 2027 की टीम को आकार देने की प्रक्रिया का हिस्सा है.

    लेकिन इस कहानी का असली ट्विस्ट स्क्वॉड में रोहित का नाम नहीं है. असली कहानी है कि दो महीने में रोहित शर्मा को लेकर सवाल से जवाब तक का सफर कैसे बदल गया.

    कप्तानी गई, तो हर रन का हिसाब शुरू हुआ
    शुभमन गिल को वनडे कप्तानी सौंपे जाने के बाद रोहित की भूमिका पूरी तरह बदल गई. अब टीम उनके इर्द-गिर्द नहीं बन रही थी. वह सिर्फ एक बल्लेबाज थे और बाकी खिलाड़ियों की तरह उनकी जगह भी प्रदर्शन से तय होनी थी.

    यह बदलाव इसलिए भी बड़ा था क्योंकि रोहित अब भारत के लिए सिर्फ ODI क्रिकेट खेल रहे हैं. टेस्ट और T20 इंटरनेशनल से उनके संन्यास के बाद उनके पास फॉर्म साबित करने के मौके भी सीमित हैं. ऐसे में एक खराब सीरीज सिर्फ खराब सीरीज नहीं रहती, वह चयन की बहस का हिस्सा बन जाती है.

    ऑस्ट्रेलिया में रोहित ने पहले 73 और फिर नाबाद 121 रन बनाकर दिखाया कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है. लेकिन इसके बाद की 11 पारियों में उनके बल्ले से 57, 14, 75, 26, 24, 11, 16, 48, 79, 11 और 26 रन निकले.

    इनमें 75 और 79 जैसी पारियां थीं, लेकिन वह एक बड़ी, निर्णायक पारी गायब थी जो बाकी सारी चर्चाओं पर भारी पड़ सके.

    फिर इंग्लैंड सीरीज आई. बर्मिंघम में 11 रन और कार्डिफ में 47 गेंदों पर 26 रन. सवाल और तेज हो गए. क्या 2027 तक रोहित को लेकर सोचना भी चाहिए? क्या युवा ओपनरों को आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है?
    138 रन ने बदल दिया सवाल
    इंग्लैंड ने 387 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को ऐसी पारी की जरूरत थी जो मैच को वापस उसकी मुट्ठी में ला सके.

    रोहित ने वही किया…
    उन्होंने सिर्फ 110 गेंदों पर 138 रन ठोक दिए. 17 चौके और 5 छक्के. भारत मैच तो 27 रन से हार गया, लेकिन रोहित ने उस दिन एक अलग मैच जीत लिया- अपने भविष्य को लेकर चल रही बहस का.

    यह पारी इसलिए महत्वपूर्ण नहीं थी कि रोहित ने एक और शतक पूरा कर लिया. इसकी अहमियत इसलिए थी क्योंकि यह पारी उस वक्त आई जब उनके भविष्य पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे थे.

    एक 39 साल के बल्लेबाज ने दिखाया कि उम्र और हालिया फॉर्म के आंकड़ों के बावजूद उनके बल्ले में अभी भी ऐसी ODI पारी निकालने की क्षमता है जो मैच की दिशा बदल सकती है.

    यही वह बिंदु था जहां सवाल बदल गया.पहले सवाल था- रोहित को और कितना खिलाया जाए? अब सवाल है- अगर रोहित इसी तरह की पारियां देते रहे तो उन्हें बाहर कैसे रखा जाए?

    2027 की रेस अभी खुली है
    इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि रोहित का 2027 वर्ल्ड कप टिकट पक्का हो गया है. ऐसा मानना जल्दबाजी होगी.

    भारत के पास ओपनिंग के लिए कई विकल्प हैं. यशस्वी जायसवाल लंबे समय की योजना का हिस्सा हो सकते हैं. ऋतुराज गायकवाड़ भी ODI टीम में मौजूद हैं. शुभमन गिल पहले ही कप्तान और टीम के केंद्रीय बल्लेबाज बन चुके हैं. BCCI ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI स्क्वॉड में इन विकल्पों को साथ रखा है.

    यानी रोहित को किसी विशेषाधिकार के आधार पर जगह नहीं मिलनी है. उन्हें रन बनाने होंगे, फिट रहना होगा और अपनी जगह को लगातार सही साबित करना होगा. लेकिन लॉर्ड्स की 138 ने इतना जरूर किया कि रोहित के लिए दरवाजा फिर से खुला हुआ दिखाई देने लगा.

    असली परीक्षा अब शुरू होगी
    वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी और तीनों मुकाबले भारत में खेले जाएंगे. इसके बाद नवंबर में न्यूजीलैंड, दिसंबर में श्रीलंका और जनवरी 2027 में जिम्बाब्वे के खिलाफ ODI सीरीज भी निर्धारित है. इसका मतलब है कि 2027 वर्ल्ड कप से पहले भारत के पास अपने ODI संयोजन को परखने के लिए कई मौके हैं. रोहित के लिए भी यही असली परीक्षा है.

    एक बड़ी पारी ने बहस बदली है, खत्म नहीं की. लॉर्ड्स की 138 ने उन्हें 2027 की टीम में जगह नहीं दिलाई, लेकिन उसने चयनकर्ताओं के लिए एक बात जरूर मुश्किल कर दी- रोहित शर्मा को अभी से भविष्य की तस्वीर से बाहर मान लेना.

    क्रिकेट में महान खिलाड़ियों की सबसे बड़ी ताकत कई बार सिर्फ उनके आंकड़े नहीं होते. वह क्षमता होती है कि जब दुनिया आपको कहानी का पुराना किरदार मानने लगे, तब आप एक ऐसी पारी खेल दें जिससे पूरी कहानी फिर लिखनी पड़े.

     

  • UP में सरकारी नौकरी का मौका, नागरिक सुरक्षा विभाग के 191 पदों पर होगी भर्ती

    UP में सरकारी नौकरी का मौका, नागरिक सुरक्षा विभाग के 191 पदों पर होगी भर्ती

    योगी सरकार नागरिक सुरक्षा विभाग के 191 पदों पर जल्द करेगी भर्ती

    – सबसे अधिक सहायक उप नियंत्रक के 104 पदों पर होगी भर्ती 
     
    – सहायक उप नियंत्रक, भंडार अधीक्षक-द्वितीय और स्टोरमैन के कुल 6 पदों पर होगी भर्ती

    सीएम योगी ने एक लाख नौकरियां उपलब्ध कराने का किया है ऐलान 

    लखनऊ
    योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिन पहले ही एक कार्यक्रम में 19 सितंबर से एक लाख नई नौकरी देने का ऐलान किया था। इसी क्रम में नागरिक सुरक्षा विभाग में छह अलग-अलग पदों पर कुल 191 रिक्तियों पर भर्ती की शुरू कर दी गयी है। इसमें सबसे अधिक सहायक उप नियंत्रक (सा.वे.) के 104 पद शामिल हैं। इसके अलावा भंडार अधीक्षक-द्वितीय, स्टोरमैन, आशुलिपिक, कनिष्ठ सहायक और डिस्पैच राइडर के पद भी शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री ने एक लाख युवाओं को नौकरी उपलब्ध कराने का किया है ऐलान
    योगी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के युवाओं को साढ़े नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए हैं। वहीं प्रदेश के युवाओं को अगले छह माह में एक लाख नई नौकरी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों को निर्देश दिये हैं। इसमें सबसे अधिक 77 हजार भर्तियां अकेले यूपी पुलिस और होमगार्ड विभाग में की जाएंगी। ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर नागरिक सुरक्षा विभाग में 191 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग में अलग-अलग जिम्मेदारियों वाले पदों पर नियुक्तियां होने से विभागीय कामकाज को भी मानव संसाधन का सहयोग मिलेगा। विभाग में सहायक उप नियंत्रक के 104, भंडार अधीक्षक-द्वितीय के 6, स्टोरमैन के 33, आशुलिपिक के 9, कनिष्ठ सहायक के 25 और डिस्पैच राइडर के 14 खाली पदों पर भर्ती की जाएगी।

    इनमें सहायक उप नियंत्रक के 104 पदों पर होगी भर्ती 
    नागरिक सुरक्षा विभाग की 191 रिक्तियों में अकेले 104 पद
    सहायक उप नियंत्रक के हैं। विभाग की ओर से जल्द ही इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा विभाग आपात परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा और सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करता है। ऐसे में विभाग में रिक्त पदों को भरने से उसके प्रशासनिक और मैदानी कार्यों के संचालन में अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध होगा। सहायक उप नियंत्रक के पद विभागीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़े हैं। वहीं भंडार अधीक्षक और स्टोरमैन के पद विभाग की सामग्री एवं भंडार व्यवस्था से संबंधित हैं। आशुलिपिक और कनिष्ठ सहायक कार्यालयी कार्यों के संचालन में सहयोग करेंगे जबकि डिस्पैच राइडर से जुड़े पद विभागीय दस्तावेजों और अन्य आवश्यक सामग्री के आवागमन जैसे कार्यों के लिए उपयोगी होंगे।

  • अंजलि अरोड़ा की ‘श्री रामायण कथा’ का ट्रेलर रिलीज, सीता के किरदार में नजर आईं एक्ट्रेस

    अंजलि अरोड़ा की ‘श्री रामायण कथा’ का ट्रेलर रिलीज, सीता के किरदार में नजर आईं एक्ट्रेस

    लगता है इंडस्ट्री में रामायण पर फिल्म बनाने की होड़ मची है. हर फिल्ममेकर में राम-सीता की कहानी बताने की चुल दिख रही है. नितेश तिवारी की रामायण को लेकर बने बज के बीच एक और रामायण आ रही है. नाम है- महाकाव्य श्री रामायण कथा. इसका 2 मिनट 43 सेकंड का ट्रेलर रिलीज हुआ है. इसमें 'कच्चा बादाम गर्ल' अंजलि अरोड़ा माता सीता के रोल में हैं. रावण बने हैं रजनीश दुग्गल, राम का किरदार एक्टर देव शर्मा प्ले कर रहे हैं.

    लेकिन जिसका डर था वही हुआ. ट्रेलर देखने के बाद आपको लगेगा ये क्या ही देख लिया. मेकर्स से ये सवाल करने का मन करेगा कि इसे बनाने की क्या जरूरत थी? ये ट्रेलर रामायण को लेकर आपके इमोशंस के साथ खिलवाड़ करता है. 4000 करोड़ में बनी नितेश तिवारी की रामायण को तो लोग अभी तक अपना नहीं पाए हैं. तो सोचिए ऐसे हालातों में इस फिल्म को कैसे कोई अपनाएगा? ट्रेलर में जिस तरह लीड एक्टर्स डायलॉग बोलते हुए फंबल कर रहे हैं. ठीक वैसे ही इस फिल्म का भविष्य भी लड़खड़ाता हुआ नजर आता है.

    कैसा है अंजलि अरोड़ा की फिल्म का ट्रेलर?
    ट्रेलर सीता हरण के सीन से शुरू होता है. जहां रावण साधु का भेष बनाकर सीता का अपहरण करने आता है. रावण के अहंकार, सीता का वियोग, राम की सीता के लिए तड़प और हनुमान की भक्ति की झलक दिखाई गई है. लंका से सीता को वापस लाने के लिए राम हनुमान और वानरों की सेना तैयार करते हैं. राम और रावण के बीच युद्ध के सीन्स की झलक भी ट्रेलर में दिखी है. पूरे 2 मिनट 43 सेकंड के वीडियो में मेकर्स ने सीता हरण के बाद की पूरी कहानी की झलक दिखा दी है.

    फिर पीछे पड़े ट्रोल्स
    'महाकाव्य श्री रामायण कथा' को टीजर रिलीज के बाद काफी सारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. वही हाल इस बार भी दिखा है. यूजर्स ने फिल्म की कास्टिंग के मजे लिए हैं. एक शख्स ने लिखा- रावण के रोल में राम को क्यों कास्ट किया है. कईयों को आदिपुरुष याद आ गई है. एक शख्स ने कहा- भगवान से डरो. यूजर्स ने अंजलि अरोड़ा की बेकार एक्टिंग का मजाक उड़ाया है. किसी ने कहा- अंजलि को एक्टिंग में नहीं आना चाहिए था. लोग बोल्ड गर्ल अंजलि का माता सीता के रोल में देखकर भी आहत हो रहे हैं.

    इस ट्रेलर का रिव्यू करें तो ना इसकी कास्टिंग दमदार है, ना ही म्यूजिक और एक्टिंग. वीएफएक्स को लेकर भी फिल्म मात खाती है. कोई ऐसा असरदार डायलॉग भी नहीं है, जो दिमाग में बस जाए. सीता बनीं अंजलि अरोड़ा को डायलॉग बोलने में मशक्कत करनी पड़ रही है. पूरे ट्रेलर में उनके चेहरे पर बस एक ही एक्सप्रेशन हैं. ये ट्रेलर देखकर यही पूछने का मन कर रहा है कि आखिर इस मूवी को बनाया क्यों जा रहा है. जब ट्रेलर देखकर ही बज नहीं बना है, तो फिल्म क्या ही कमाल करेगी.

    अभिषेक सिंह के निर्देशन में बनी मूवी सिनेमाघरों में इसी महीने 25 तारीख को आएगी. इसे दो भाषाओं हिंदी और छत्तीसगढ़ी में रिलीज किया जाएगा.

    आपको कैसा लगा ये ट्रेलर?

  • रेलवे में 4029 पदों पर भर्ती, JE समेत इन पदों के लिए CBT-1 परीक्षा 27 अक्टूबर से

    रेलवे में 4029 पदों पर भर्ती, JE समेत इन पदों के लिए CBT-1 परीक्षा 27 अक्टूबर से

     लखनऊ
    रेलवे में जूनियर इंजीनियर, डिपो मेटेरियल सुपरिटेंडेंट और केमिकल व मेटलर्जिकल असिस्टेंट के पदों पर भर्ती के लिए प्रथम चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी- 1) देश के विभिन्न रेलवे भर्ती बोर्ड के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर अगले माह आयोजित होगी। यह परीक्षा 27-28 और 30 अक्टूबर को होगी।

    रेल मंत्रालय ने केंद्रीयकृत रोजगार नोटिस (सीईएन) 04/2026 के तहत जूनियर इंजीनियर, डीएमएस और सीएमए के पदों पर भर्ती के लिए पहले कुल 3993 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था।

    हालांकि, बाद में पदों की संख्या बढ़कर 4029 हो गई। रेल मंत्रालय के रेलवे भर्ती बोर्ड्स के अध्यक्ष की ओर से बुधवार को पहले चरण की सीबीटी का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया।

    परीक्षा की तारीख से लगभग 10 दिन पहले आरआरबी की क्षेत्रीय वेबसाइटों पर परीक्षा केंद्र वाले शहर और तिथि सूचना लिंक सक्रिय हो जाएगा। ई काल लेटर परीक्षा तिथि से लगभग चार दिन पहले डाउनलोड किया जा सकेगा। एससी/एटी आवेदक को यात्रा स्लिप और सभी आवेदकों को परीक्षा केंद्रों की जानकारी परीक्षा 10 दिन पहले ही जारी कर दी जाएगी।

    परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी की आधार लिंक बायोमीट्रिक करायी जाएगी। अभ्यर्थियों को अपना मूल आधार कार्ड या ई-वैरिफाई किए गए आधार के प्रिंट को साथ लाना होगा। इसके बारे में जानकारी आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in से आनलाइन चेक किया जा सकता है।

     

  • श्रीनिवास तिवारी की कार्यशैली को CM यादव ने किया याद, बोले- उनके प्रसंग आज भी प्रेरणा देते हैं

    श्रीनिवास तिवारी की कार्यशैली को CM यादव ने किया याद, बोले- उनके प्रसंग आज भी प्रेरणा देते हैं

    श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी के विधानसभा संचालन संबंधी अनेक प्रसंग आज भी प्रेरणादायी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की जयंती पर किया नमन
    विधानसभा के सेन्ट्रल हॉल में की पुष्पांजलि अर्पित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. श्रीनिवास तिवारी की जयंती पर मध्यप्रदेश विधानसभा के सेन्ट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय श्रीनिवास तिवारी का स्मरण करते हुए कहा कि श्री तिवारी ने विद्यार्थी जीवन में स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। सन् 1952 में वे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में विंध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। मध्यप्रदेश राज्य की राजनीति में उनका लंबा कार्यकाल रहा। श्री तिवारी 1993 से 2003 तक मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री श्री अर्जुन सिंह मंत्रिमण्डल में भी उन्होंने मंत्री पद के दायित्व का निर्वाहन किया। श्री तिवारी 'सफेद शेर' के नाम से प्रसिद्ध रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सर्वोच्च स्थान विधानसभा का है। श्री तिवारी ने अपनी प्रशासनिक दक्षता, लोकतांत्रिक परम्पराओं और विधायिनी प्रक्रियाओं के ज्ञान के आधार पर विधानसभा के मान-सम्मान का विशेष ध्यान रखा। विधानसभा संचालन से संबंधित उनके अनेक प्रसंग आज भी प्रेरणादायी है। ऐसे नेता का स्मरण कर हम सब गौरवान्वित हैं। इस अवसर पर विधायक श्री भगवानदास सबनानी, पूर्व मंत्री श्री पीसी शर्मा, श्रद्धेय श्री तिवारी के परिजन, जनप्रतिनिधि तथा विधानसभा के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

     

  • रक्षा मंत्री बोले-2014 से पहले सरकारों को रहती थी कुर्सी बचाने की चिंता, देश के हाथ से निकल जाते थे अवसर

    रक्षा मंत्री बोले-2014 से पहले सरकारों को रहती थी कुर्सी बचाने की चिंता, देश के हाथ से निकल जाते थे अवसर

    वाराणसी
     रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विरासत लिखी जाएगी तो उसमें यह भी लिखा जाएगा कि उन्होंने देश को नक्सलवाद से कैसे मुक्ति दिलाई, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 कैसे समाप्त किया, करोड़ों लोगों को गरीबी से कैसे बाहर निकाला, संसद में महिलाओं को बराबर की भागीदारी कैसे दिलाई और नौजवानों के सपनों को कैसे पंख दिए। एक महान नेता लोगों को स्वावलंबी बनाता है और प्रधानमंत्री मोदी ने यही किया है।
     
    प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर वाराणसी में सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि काशी और वडनगर को जोड़ने वाली यात्रा प्रधानमंत्री की जन्मभूमि को कर्मभूमि से जोड़ने की यात्रा है। एक ओर काशी है, जहां से उनके सार्वजनिक जीवन को नई ऊर्जा मिली और दूसरी ओर वडनगर है, जहां उन्हें मां हीराबेन का आशीर्वाद और संस्कार मिले। उन्होंने इसे सेवा, संस्कार और साधना की संगम यात्रा बताया।
     
    पहले सरकारों को कुर्सी बचाने की रहती थी चिंता
    राजनाथ सिंह ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि 2014 से पहले भारत के हाथ से अवसर निकल जाते थे। पहले की सरकारें सोती रहती थीं या उन्हें अपनी कुर्सी बचाने की चिंता रहती थी। उन्होंने सेमीकंडक्टर उद्योग का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया की बड़ी चिप निर्माता कंपनी भारत में फैक्ट्री लगाना चाहती थी, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उसे दो बार अनुमति नहीं दी और देश ने रोजगार का बड़ा अवसर खो दिया।
     
    भारत जो बोलता है उसे पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती
    रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर को बढ़ावा देने की पहल की तो सवाल उठाए गए कि भारत में इसकी इंडस्ट्री कैसे लग सकती है। पीएम मोदी को अभी दशकों तक देश की सेवा करनी है। पहले 13 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और पिछले 12 वर्षों से देश के प्रधानमंत्री के रूप में अपनी योग्यता का निर्वाहन कर रहे हैं। 25 वर्षों तक उन्होंने अनवरत जन सेवा का काम किया है। पीएम ने भारत को ऐसे स्थिति में पहुंचाया है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर आज भारत जो बोलता है उसे पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत बोल क्या रहा है। पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब भारत बोलता था उसे जितना गंभीरता से लिया जाना चाहिए था वो नहीं होता था।

    दो हजार साल पुराना काशी-वडनगर का रिश्ता
    रक्षा मंत्री ने कहा कि वडनगर और काशी का रिश्ता बहुत पुराना है। करीब दो हजार साल पहले बौद्ध भिक्षुओं ने सारनाथ से वडनगर की यात्रा की थी। उस समय उद्देश्य ज्ञान और अध्यात्म को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना था। आज उसी प्राचीन परंपरा को नए रूप में सेवा यात्रा के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री के द्वारा गुजरात में लिए गए कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि क्रिकेट में टेस्ट मैच की गति से चलने वाले विकास कार्य को उन्होंने वन-डे मैच में बदलने का काम किया।
     
    मोबाइल की टॉर्च जलवाकर पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दिलाई
    रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि वह दुनिया के बड़े नेताओं से मिलते समय उन्हें भारत में बनी वस्तुएं उपहार में देते हैं। उन्होंने अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन को वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी से बना पिकॉक ब्रोच दिए जाने का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने उपस्थित लोगों से मोबाइल की टॉर्च जलवाकर प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई दिलाई।
     
    250 बाइक से वडनगर जाएंगे 500 यात्रीः पंकज चौधरी
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि काशी से 250 बाइक पर सवार 500 यात्री गंगाजल लेकर वडनगर जा रहे हैं। इसी तरह 250 बाइक पर 500 यात्री गुजरात की पवित्र नदियों का जल लेकर वडनगर से काशी आ रहे हैं। सात अक्तूबर को वडनगर में बाबा हाटकेश्वर को जल अर्पित किया जाएगा और काशी में बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर यात्रा पूर्ण होगी।
     
    प्रतिदिन 60 से 80 स्थानों पर कार्यक्रम होंगे
    पंकज चौधरी ने कहा कि हजारों किलोमीटर की यह यात्रा 10 राज्यों के 193 जिलों और 1,159 गांवों से होकर गुजरेगी। उत्तर प्रदेश के 50 जिले यात्रा के मार्ग में आएंगे। प्रतिदिन 60 से 80 स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। यात्रा के दौरान वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और प्लास्टिक मुक्त भारत का संकल्प दिलाया जाएगा। प्रत्येक पड़ाव पर 15 मिनट की डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी, स्थानीय नेताओं से संवाद होगा और स्वच्छता कर्मियों का सम्मान किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के निरोगी जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत का मान-सम्मान वैश्विक स्तर पर बढ़ा है। काशी के सांसद के रूप में वह काशी के कोने-कोने को विकसित कर रहे हैं।
     
    नरेंद्र मोदी भारत के सम्मान और गौरव का नामः चिराग पासवान
    केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि पूर्व में भी सरकारें रही हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को देश और विदेश में नई पहचान दिलाने का काम किया है। पिछले 12 वर्षों में उन्होंने हर दिशा में अपनी सोच को स्थापित किया है और आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। नरेंद्र मोदी केवल देश के प्रधानमंत्री का नाम नहीं, भारत के सम्मान और गौरव का नाम है। यदि देश का प्रत्येक युवा उनके व्यक्तित्व का अंश भर भी अपने जीवन में उतार ले तो देश का भविष्य और बेहतर होगा।
     
    काशी की धरती पर खड़ा होना गर्व का क्षणः चंद्रबाबू नायडू

    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि काशी की धरती पर खड़ा होना उनके लिए गर्व का क्षण है। काशी सबसे प्राचीन नगरी है और नई सोच देती है। वडनगर से काशी तक प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा की यात्रा दिखाई है। आज देश बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है। अन्नदाता मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तकनीक की समझ का उल्लेख करते हुए कहा कि वह युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं। यही नया और आत्मनिर्भर भारत है। उन्होंने वाराणसी में बड़ी संख्या में लोगों के आने का जिक्र करते हुए यहां बालाजी का मंदिर बनाने की बात भी कही।

  • अगरकर के बाद किसे मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी? BCCI के चीफ सेलेक्टर पद के लिए 2 दावेदार आगे

    अगरकर के बाद किसे मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी? BCCI के चीफ सेलेक्टर पद के लिए 2 दावेदार आगे

    नई दिल्ली
     बीसीसीआई ने मेंस की नेशनल सेलेक्शन कमिटी के नए अध्यक्ष की तलाश शुरू कर दी है. मौजूदा मुख्य चयनकर्ता और पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज अजीत आगरकर का अनुबंध 4 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है और. उनके कार्यकाल को बढ़ाने की संभावना बेहद कम है. अगरकर को जुलाई 2023 में इस पद पर नियुक्त किया गया था. माना जा रहा था कि उन्हें 2027 के वनडे विश्व कप तक पद पर बनाए रखा जा सकता है, लेकिन हालिया घटनाओं और बोर्ड के साथ मतभेदों के बाद इस निर्णय में बदलाव आया है। 
    मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस प्रशासनिक उथल-पुथल के बीच नए अध्यक्ष के रूप में दो प्रमुख नाम सामने आ रहे हैं. बीसीसीआई पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल (Parthiv Patel) और पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा (Pragyan Ojha) के नाम पर गंभीरता से विचार कर रहा है. प्रज्ञान ओझा फिलहाल मौजूदा चयन पैनल के सदस्य भी हैं। 

    रोहित शर्मा की कप्तानी और चयनकर्ताओं का फैसला
    विवाद का मुख्य कारण भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के भविष्य को लेकर बना गतिरोध है. रिपोर्टों के अनुसार, चयन समिति ने रोहित शर्मा से स्पष्ट कह दिया था कि वे भविष्य की योजनाओं में उन्हें शामिल नहीं देख रहे हैं. समिति का मुख्य लक्ष्य आगामी वनडे विश्व कप के लिए युवा खिलाड़ियों को लगातार अवसर देकर एक नई टीम तैयार करना है. हालांकि, चयनकर्ताओं ने टेस्ट और T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके रोहित शर्मा पर छोड़ दिया था कि वे अपने वनडे करियर का अंतिम फैसला खुद लें। 

    बीसीसीआई और चयन समिति में तनातनी
    चयनकर्ताओं के इस रुख से क्रिकेट जगत में हड़कंप मच गया, जिसके बाद बीसीसीआई के सचिव देवाजीत सैकिया (Devajit Saikia) को सार्वजनिक रूप से सफाई देनी पड़ी. सैकिया ने स्पष्ट किया कि बोर्ड की रोहित शर्मा को संन्यास के लिए मजबूर करने की कोई योजना नहीं है और जब तक वे चयन मानदंडों में फिट बैठते हैं, उन्हें टीम में चुना जाएगा. बोर्ड सचिव के इस बयान ने चयनकर्ताओं को असहज स्थिति में डाल दिया. सूत्रों के मुताबिक, चयन समिति ने रोहित शर्मा से बात करने से पहले ही बोर्ड को अपने फैसले से अवगत करा दिया था. इस तरह बोर्ड के रुख में आए अचानक बदलाव और सार्वजनिक बयानबाजी से अजीत आगरकर नाराज बताए जा रहे हैं. इसी खींचतान के बीच, आगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे और T20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान भी किया। 

    जीत से भरा रहा अजीत अगरकर का कार्यकाल
    अजीत अगरकर का कार्यकाल परिणाम और सफलताओं के लिहाज से बेहद शानदार माना जाएगा. जुलाई 2023 में पद संभालने के बाद से उनके नेतृत्व में चयन समिति ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए, जिसका असर मैदान पर दिखा. अगरकर के दौर में भारतीय टीम ने लंबे समय से चले आ रहे आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को समाप्त किया. भारत ने वर्ष 2024 में शानदार प्रदर्शन करते हुए T20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया. इसके बाद 2025 में टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की. भारतीय क्रिकेट टीम का यह विजयी अभियान यहीं नहीं रुका. टीम ने 2026 के T20 विश्व कप में भी अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करते हुए एक बार फिर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया. लगातार तीन बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स में मिली यह जीत अगरकर के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। 

  • राम जन्मभूमि फैसले पर स्वरा भास्कर का खुलासा, शाहरुख-सलमान को भेजा था माफी का मैसेज

    राम जन्मभूमि फैसले पर स्वरा भास्कर का खुलासा, शाहरुख-सलमान को भेजा था माफी का मैसेज

    मुंबई 

    एक्टर स्वरा भास्कर ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि विवाद पर फैसला सुनाया था तब उन्हें हिंदू होने के नाते बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई थी। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने फैसले के आने के तुरंत बाद आमिर खान, शाहरुख खान और सलमान खान समेत अपने सभी मुस्लिम दोस्तों से माफी मांगी थी। पढ़िए स्वरा भास्कर का पूरा बयान।

    स्वरा भास्कर का पूरा बयान
    राम जन्मभूमि विवाद के बारे में बात करते हुए स्वरा ने 'द मिडनाइट आवर' पॉडकास्ट में कहा कि वह इस फैसले से परेशान थीं। उन्हें यह फैसला सही नहीं लगा और उन्हें लगा कि उनके मुस्लिम दोस्तों को पता होना चाहिए कि वह इस फैसले से सहमत नहीं हैं। इसलिए उन्होंने फैसले के तुरंत बाद आमिर खान, शाहरुख खान और सलमान खान समेत अपने सभी मुस्लिम दोस्तों से संपर्क किया और उनसे माफी मांगी।

    स्वरा ने शाहरुख-सलमान को क्या मैसेज भेजा?
    स्वरा ने सभी मुस्लिम दोस्तों को मैसेज में लिखा, ‘एक हिंदू होने के नाते, मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि मुझे सच में बहुत खेद है, मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस हो रही है और मैं इस फैसले से सहमत नहीं हूं।’

    सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
    स्वरा भास्कर के बयान ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है. एक पक्ष का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाना देश की न्याय प्रणाली का अपमान है. उनका कहना है कि राम जन्मभूमि का फैसला सबूतों और कानूनी आधार पर लिया गया था, इसलिए इस पर विवाद खड़ा करना गलत है. वहीं, दूसरी ओर, समर्थकों का तर्क है कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अभिव्यक्ति की आजादी है. उन्हें किसी भी फैसले पर अपनी व्यक्तिगत राय या असहमति जताने का अधिकार है, चाहे वह राय बहुसंख्यक वर्ग से अलग ही क्यों न हो। 

    2019 में क्या आया था फैसला?
    आपको बता दें कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 2019 को फैसला सुनाया था. पांच जजों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से फैसला दिया था. अदालत ने विवादित 2.77 एकड़ जमीन रामलला विराजमान को देने का आदेश दिया था. साथ ही सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में मस्जिद के लिए 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का निर्देश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 1949 में मूर्तियां रखे जाने और 1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने को कानून का उल्लंघन बताया था. वहीं, विवादित जमीन पर रामलला के अधिकार को स्वीकार किया था। 

    क्विक आंसर्स
    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्वरा भास्कर ने बताया कि वह 2019 के राम जन्मभूमि फैसले से बहुत परेशान और निराश थीं। उन्होंने कहा कि एक हिंदू होने के नाते, उन्होंने अपने फोनबुक के सभी मुस्लिम लोगों को मैसेज भेजकर माफी मांगी थी और कहा था कि वह इस फैसले से असहमत और शर्मिंदा हैं।

    स्वरा भास्कर ने अपने फोनबुक में मौजूद सभी मुस्लिम संपर्कों को मैसेज भेजे थे, जिनमें आमिर खान, शाहरुख खान, सलमान खान और फहाद अहमद जैसे बड़े नाम शामिल थे।

    सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने 9 नवंबर 2019 को सर्वसम्मति से फैसला सुनाया था। कोर्ट ने विवादित 2.77 एकड़ जमीन रामलला विराजमान को सौंपने और सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में ही 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का आदेश दिया था।

    सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही हैं स्वरा
    स्वरा के इस बयान के सामने आने के बाद लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘स्वरा भास्कर राम मंदिर के फैसले से परेशान थीं। कभी-कभी मुझे सच में उनके लिए बुरा लगता है। वह काम पाने की उम्मीद में दिन-रात बॉलीवुड की तारीफ करती रहती हैं, लेकिन किसी तरह उन्हें कभी काम नहीं मिलता।’ दूसरे ने लिखा, ‘सुर्खियों में रहने के लिए कुछ भी कहती हैं।’ तीसरे ने लिखा, ‘हमें भी शर्म आती है आपको हिंदू कहते हुए।’

    क्या था सुप्रीम कोर्ट का फैसला?
    अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 2019 को अपना फैसला सुनाया था। पांच जजों की संविधान पीठ ने विवादित भूमि पर राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट को जमीन सौंपने का आदेश दिया था। साथ ही सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को मस्जिद के निर्माण के लिए अयोध्या में पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक फैसले में शीर्ष अदालत ने विवादित जमीन से जुड़े अलग-अलग दावों और मुकदमों की विस्तृत कानूनी समीक्षा की थी।

    पहले भी विवादों में रहा है बयान
    स्वरा भास्कर पहले भी अयोध्या मामले पर अपनी टिप्पणियों के कारण विवादों में रह चुकी हैं। 2020 में उनके पुराने बयान को लेकर उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की अनुमति मांगी गई थी। तत्कालीन अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा था कि बयान वक्ता की धारणा को दर्शाता है और इसे सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के रूप में नहीं माना जा सकता।

    अब पुराने वीडियो के दोबारा सामने आने के बाद अयोध्या फैसले को लेकर स्वरा भास्कर की राय फिर चर्चा में है। हालांकि वायरल वीडियो में कही गई बातें स्वरा का व्यक्तिगत नजरिया हैं और सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

    9 नवंबर 2019 को, सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से विवादित जमीन को राम मंदिर बनाने के लिए सौंप दिया था। कोर्ट ने सरकार को यह भी निर्देश दिया था कि वह सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन दें।

  • 2.20 करोड़ के इनामी असीम मंडल ने छोड़ा माओवादी संगठन, जानें झारखंड के बड़े इनामी नक्सलियों का हाल

    2.20 करोड़ के इनामी असीम मंडल ने छोड़ा माओवादी संगठन, जानें झारखंड के बड़े इनामी नक्सलियों का हाल

    रांची
     झारखंड में माओवादी संगठन के खिलाफ लगातार कार्रवाई के बीच अब एक और बड़े इनामी माओवादी ने आत्मसमर्पण कर दिया है। झारखंड का एक करोड़ रुपये का इनामी माओवादी सेंट्रल कमेटी सदस्य असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर उर्फ मनोज उर्फ दीपक उर्फ राकेश ने गुरुवार को कोलकाता एसटीएफ के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

    उसके विरुद्ध ओडिशा सरकार ने भी 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इस तरह असीम मंडल पर कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम था। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना थाना क्षेत्र के उत्तर फुलचुक का रहने वाला है। ऐसे में झारखंड में कई माओवादी है, जिनका क्लोज चैप्टर हो चुका है। आइए जानते हैं।

    झारखंड में सक्रिय रहे आठ माओवादी, जिनपर एक करोड़ या इससे ऊपर इनाम घोषित था
    मार्च 2018 : झारखंड के बूढ़ा पहाड़ पर सक्रिय रहे भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नक्सली कमांडर और सेंट्रल कमेटी के सदस्य देव कुमार सिंह उर्फ अरविंद की मौत हो गई थी। उसपर झारखंड सरकार ने एक करोड़ व बिहार सरकार ने 50 हजार का इनाम रखा था।

    11 फरवरी 2019 : अरविंद की मौत के बाद सुधाकर ने बूढ़ा पहाड़ में माओवादियों की बागडोर संभाली। वह भी सेंट्रल कमेटी सदस्य था और उसपर भी राज्य सरकार ने एक करोड़ का इनाम रखा था। उसने तेलंगाना में अपनी पत्नी 25 लाख रुपये की इनामी स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य नीलिमा के साथ आत्मसमर्पण कर दिया था।

    14 नवंबर 2021 : झारखंड पुलिस ने सरायकेला-खरसांवा में एक करोड़ के इनामी माओवादियों के पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस उर्फ किसन व उसकी पत्नी 25 लाख की इनामी शीला मरांडी को गिरफ्तार किया था।

    21 अप्रैल 2025 : बोकारो जिला में एक करोड़ का इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक मुठभेड़ में मारा गया था।

    15 सितंबर 2025 : हजारीबाग जिले के गिरहोर थाना क्षेत्र स्थित पनतीतरी जंगल में सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में माओवादियों का सेंट्रल कमेटी सदस्य अनुज उर्फ सहदेव सोरेन उर्फ प्रवेश उर्फ अमलेश मारा गया था।

    22 जनवरी 2026 : सारंडा में पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र में आपरेशन मेगाबुरु के दौरान माओवादियों का सेंट्रल कमेटी सदस्य एक करोड़ का इनामी अनल उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश सहित 17 माओवादी मारे गए थे।

    29 जुलाई 2026 : माओवादियों के पोलित ब्यूरो सदस्य 2.20 करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल के अलावा चार अन्य माओवादी धनबाद में गिरफ्तार। मिसिर बेसरा पर एक करोड़ रुपये का इनाम झारखंड सरकार ने तो एक करोड़ 20 लाख रुपये का इनाम ओडिशा सरकार ने घोषित कर रखा था।

    17 सितंबर 2026 :माओवादियों का सेंट्रल कमेटी सदस्य 2.20 करोड़ के इनामी असीम मंडल ने कोलकाता एसटीएफ के सामने किया आत्मसमर्पण। उसपर झारखंड सरकार ने एक करोड़ व ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम रखा था।

  • आम्रपाली कोल माइंस में लागू होगा जीरो कोल लीकेज प्लान, ड्रोन और GPS से होगी निगरानी

    आम्रपाली कोल माइंस में लागू होगा जीरो कोल लीकेज प्लान, ड्रोन और GPS से होगी निगरानी

      चतरा
    चतरा स्थित नॉर्थ कर्णपुरा कोलफील्ड के आम्रपाली ओपेन कास्ट माइंस की सुरक्षा व्यवस्था 18 सितंबर से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के हवाले होगी. आम्रपाली प्रोजेक्ट राज्य की प्रमुख कोयला खदानों में शामिल है, जहां रोज करीब 70 हजार टन कोयले का उत्पादन होता है. खदान से बड़े पैमाने पर कोयले के कथित अवैध कारोबार की शिकायतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने यहां सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है.

    सीआईएसएफ के डीजी 17 सितंबर को झारखंड दौरे पर आ रहे हैं. वह 18 सितंबर को रांची पहुंचेंगे और यहीं से आम्रपाली प्रोजेक्ट की नई सुरक्षा व्यवस्था की शुरुआत करेंगे. फिलहाल आम्रपाली प्रोजेक्ट में सीआईएसएफ के 200 जवानों की तैनाती की गई है. आने वाले दिनों में जवानों की संख्या और बढ़ाई जाएगी. प्रोजेक्ट की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए डीआईजी स्तर के एक विशेष पद की भी व्यवस्था की गई है.

    कोयला चोरी रोकने के लिए केंद्र ने बढ़ाई निगरानी
    ज्ञात हो कि गृह मंत्री ने पिछले दिनों दिल्ली में झारखंड में कोयले की चोरी को लेकर चिंता जताई थी. इसे पूरी तरह रोकने के लिए जीरो कोल लीकेज अभियान चलाने की बात कही गई थी. इसके साथ ही कोयला चोरी के मामलों में कार्रवाई के लिए सीआईएसएफ को नए अधिकार भी दिए गए हैं. इसके बाद राज्य में कोयला खदानों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है.

    एक आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार, चतरा और हजारीबाग जिले की दो खदानों मगध और आम्रपाली से हर साल दो हजार करोड़ रुपए से अधिक के कोयले की चोरी होती है. इसे पूरी तरह रोकने के लिए सीआईएसएफ, राज्य पुलिस और कोयला कंपनी मिलकर काम कर रहे हैं. आम्रपाली में सीआईएसएफ की तैनाती को इसी कवायद का अहम हिस्सा माना जा रहा है.

    जीरो कोल लीकेज प्लान के तहत उठाए जा रहे कदम
    अवैध खनन और कोयला चोरी पर रोक लगाने के लिए जीरो कोल लीकेज अभियान के तहत खदानों की निगरानी और परिवहन व्यवस्था को तकनीक से जोड़ा जा रहा है. इसके तहत ड्रोन पेट्रोलिंग, जीपीएस ट्रैकिंग और वेजब्रिज मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है. हर ट्रक और डंपर की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है, जबकि वेजब्रिज के जरिए कोयले का सही वजन दर्ज किया जा रहा है.

    अवैध गतिविधि का पता चलते ही कार्रवाई के लिए अलर्ट सिस्टम तैयार किया गया है. अभियान से जुड़ी पूरी व्यवस्था को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जोड़ा गया है. पिछले दो माह में ही इस अभियान के तहत छह करोड़ रुपए से अधिक का अवैध कोयला जब्त किया गया है.