Author: NewseDay

  • गांगुली की बायोपिक शूटिंग बनी विवाद की वजह, लेस्टरशायर पर 27 पॉइंट की पेनल्टी

    गांगुली की बायोपिक शूटिंग बनी विवाद की वजह, लेस्टरशायर पर 27 पॉइंट की पेनल्टी

    नई दिल्ली
    इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट क्लब लेस्टरशायर को खराब पिच के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ा है। क्लब पर 5,000 पाउंड (₹6.43 लाख) का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही 27 अंक भी काटे गए हैं। इस वजह से कल्ब डिवीजन वन से बाहर होने की कगार पर पहुंच गया है। इस क्लब के मैदान पर सौरव गांगुली की बायोपिक शूट हो रही है। क्लब ने खराब पिच के लिए फिल्म की शूटिंग को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, क्रिकेट डिसिप्लेन पैनल ने यह दलील स्वीकार नहीं की और कल्ब पर भारी जुर्माना लगा दिया।

    मैच रेफरी ने कहा था कि काउंटी चैम्पियनशिप मैच में लीसेस्टरशायर ने ग्लैमोरगन के खिलाप खराब पिच तैयार की। यह मैच 20 से 23 अगस्त तक के बीच हुआ था। क्रिकेट डिसिप्लेन पैनल ने भी क्लब को खराब पिच के लिए जिम्मेदार ठहराया और सजा सुनाई।

    नहीं मिले जीत के अंक
    लीसेस्टरशायर ने ग्लैमोरगन के खिलाफ मैच 42 रन से जीता, लेकिन पैनल ने जीत से मिले 19 पॉइंट काट लिए। इसके साथ ही 8 पॉइंट की पेनाल्टी लगाई। क्लब के पास अब फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 10 दिन हैं। अगर लीसेस्टरशायर अपील नहीं करता है या उसकी अगली अपील भी खारिज कर दी जाती है तो कल्ब पर डिवीजन वन से रेलीगेशन का खतरा बना रहेगा।

    गांगुली की फिल्म शूटिंग से जुड़ा मामला
    लीसेस्टरशायर के हेड ग्राउंड्समैन कैलम लेविन ने इस मामले को सौरव गांगुली की बायोपिक की शूटिंग से जोड़ दिया। उन्होंने कहा, "इस बार यह एक इस्तेमाल की हुई पिच है। 10 हफ्ते पहले इस पर दो टी20 मैच हुए थे। गेम से पहले कई ऐसे हालात थे जो मेरे कंट्रोल से बाहर थे, जैसे मौसम 35 डिग्री था। चार दिन पहले एक अनशेड्यूल बॉलीवुड फिल्मिंग इवेंट भी था, और मुझे पिच पर काम करने की इजाजत नहीं थी। मुझे इसे कवर करने या कुछ भी करने की इजाजत नहीं थी।"

    आखिरी मैच में जीत जरूरी
    लीसेस्टरशायर के पास 12 मैचों में 89 पॉइंट्स हैं। काउंटी चैंपियनशिप के टॉप टियर में बने रहने के लिए उसे अपने डिवीजन वन मैच में हैम्पशायर को हराना होगा। क्लब की तरफ से कहा गया कि वह कानूनी तौर पर अपनी स्थिति का आंकलन कर रहे हैं। इसके बाद आगे फैसला लिया जाएगा। कल्ब प्वाइंट्स की पेनाल्टी और भारी जुर्माने के खिलाफ अपील कर सकता है।

  • मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस एवं समयबद्ध उपस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को किया सम्मानित

    मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस एवं समयबद्ध उपस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को किया सम्मानित

    मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस एवं समयबद्ध उपस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को किया सम्मानित

    रायपुर
     मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम में ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण तथा कार्यालयीन समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने वाले मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को अगस्त माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। 

                 मुख्य सचिव ने कहा कि मंत्रालय में 10 बजे से पूर्व आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मुख्य सचिव ने कहा कि अटेंडेंस एवं ई-ऑफिस में उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रशंसा पत्र पाने में महिला अधिकारी अग्रणी है। मुख्य सचिव ने प्रशंसा पत्र प्राप्त करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। मुख्य सचिव ने बताया कि आगामी मूल्यांकन में 1 अप्रैल 2026 से 30 सितम्बर 2026 तक की अवधि का संचयी (क्यूमुलेटिव) आकलन किया जाएगा। इसके लिए ई-ऑफिस एवं कार्यालयीन उपस्थिति के आधार पर मंत्रालय में स्कोरबोर्ड तैयार किया जाएगा। जिससे सभी अपने प्रदर्शन का आकलन कर बेहतर कार्य के लिए प्रेरित हो सकें। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने में ई-ऑफिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। 

    विभागीय श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन

                ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभागों में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग प्रथम, आदिम जाति विकास विभाग द्वितीय तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग तृतीय स्थान पर रहा। मुख्य सचिव ने संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी, सहायक अनुभाग अधिकारी, वरिष्ठ सचिवालय सहायक, कनिष्ठ सचिवालय सहायक तथा अन्य कर्मचारियों को भी ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किए।
    संयुक्त सचिव श्रेणी में आदिम जाति विकास विभाग के भूपेन्द्र कुमार राजपूत प्रथम, अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के अनुपम त्रिवेदी द्वितीय तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के गजपाल सिंह सिकरवार तृतीय स्थान पर रहे। 

              उप सचिव श्रेणी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के दूरदेशी राम सोन्टापर प्रथम, सामान्य प्रशासन विभाग-1 के किशोर कुमार भूआर्य द्वितीय तथा वाणिज्यिक कर (आबकारी एवं पंजीयन) विभाग के शिव कुमार सिंह तृतीय स्थान पर रहे।

              अवर सचिव श्रेणी में सामान्य प्रशासन विभाग-1 के कैलाश कुमार नेताम प्रथम, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अरूण कुमार मिश्रा द्वितीय पर तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के मगन लाल पवार तृतीय स्थान पर रहे। 

               अनुभाग अधिकारी श्रेणी में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मनीराम रात्रे प्रथम स्थान पर, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के वीरेन्द्र कुमार द्वितीय स्थान पर तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिलाम्बर ओहोदर तृतीय स्थान पर रहे।

               सहायक अनुभाग अधिकारी श्रेणी में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मोहम्मद शाहिर अंसारी प्रथम स्थान पर, श्रम विभाग के गोपाल प्रसाद चंद्रा द्वितीय स्थान पर तथा सामान्य प्रशासन विभाग-4 के जलेश राम तृतीय स्थान पर रहे।

                वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मुकेश राम प्रधान प्रथम स्थान पर, आदिम जाति विकास विभाग की सुअंजू दत्ता द्वितीय स्थान पर तथा आदिम जाति विकास विभाग की सुप्रमिला यादव तृतीय स्थान पर रहीं।

                 कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में सामान्य प्रशासन विभाग-1 के रामकुमार सिंह प्रथम स्थान पर, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रभु सिंह राठिया द्वितीय स्थान पर तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के संदीप कुमार तारम तृतीय स्थान पर रहे।

                टेक्निकल सेक्शन में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के जगन्नाथ साहू प्रथम स्थान पर, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की श्रीमती माया देवांगन द्वितीय स्थान पर तथा आदिम जाति विकास विभाग के स्मीत कुमार गुप्ता तृतीय स्थान पर रहे।

               समयबद्ध कार्यालयीन उपस्थिति के लिए सहायक अनुभाग अधिकारी आलोक जोशी, सहायक अनुभाग अधिकारी अमृत टोप्पो, संयुक्त सचिव अनुपम त्रिवेद्वी, निज सचिव श्रीमती आराधना साहू, सहायक अनुभाग अधिकारी बागेश कुमार धु्रव, सहायक ग्रेड-2 भूवनेश्वर साहू, उप सचिव श्रीमती क्लेमेनटिना लकड़ा, सहायक अनुभाग अधिकारी देवेन्द्र साहू, अवर सचिव श्रीमती दिव्या वैष्णव, निज सहायक दुष्यंत कुमार साहू, उप सचिव श्रीमती हेमिन बाघे, सहायक अनुभाग अधिकारी श्रीमती कांती सूर्यवंशी, सहायक अनुभाग अधिकारी लोक नारायण शर्मा, सहायक अनुभाग अधिकारी सुमीरा, वरिष्ठ सचिवालय सहायक मेलू राम धु्रव, कनिष्ठ सचिवालय सहायक मोहन लाल यादव, अवर सचिव ओम प्रकाश पात्रे, सहायक अनुभाग अधिकारी पवन कुमार साहू, सहायक अनुभाग अधिकारी पीयूष वैरागड़े, कनिष्ठ सचिवालय सहायक प्रदीप राय, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रीमती प्रमिला यादव, भृत्य राज कुमार सोरी, अवर सचिव राजीव कुमार झड़े, वरिष्ठ सचिवालय सहायक राजेश कुमार टोप्पो, स्टेनोटायपिस्ट सुराखी सिदार, अनुभाग अधिकारी संदीप कुमार शेंडेे, सहायक अनुभाग अधिकारी संतोष महिलांग, अनुभाग अधिकारी शिव कुमार गोड़, वरिष्ठ सचिवालय सहायक सोहन लाल साहू, सहायक अनुभाग अधिकारी श्रीमती सुधा शेंडे, अनुभाग अधिकारी सुनील मैत्री, अनुभाग अधिकारी सुसुनीता गौतम, भृत्य सुरेन्द्र कुमार साहू, कनिष्ठ सचिवालय सहायक विनित चंद्रवंशी, सहायक अनुभाग अधिकारी विनोद कुमार अथंकर को सम्मानित किया गया।

                जून, जुलाई, अगस्त माह के ई-ऑफिस रैंकिंग में प्रथम स्थान पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, दूसरे स्थान पर आदिम जाति विकास विभाग तथा तीसरे स्थान पर गृह विभाग रहा।
    जून, जुलाई, अगस्त माह के ई-ऑफिस रैकिंग में प्रथम स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग-1 के अवर सचिव कैलास कुमार नेताम, द्वितीय स्थान पर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उप सचिव दूरदेशी राम सोनटापर, तृतीय स्थान पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक प्रभु सिंह राठिया, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अवर सचिव पूरन लाल साहू चौथे स्थान पर तथा विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अरूण कुमार मिश्रा पांचवे स्थान पर रहें।

                जून, जुलाई, अगस्त माह के अटेंडेंश रैंकिंग में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अवर सचिव श्रीमती दिव्या वैष्णव, उच्च शिक्षा विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी लोक नारायण शर्मा, सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक मेलू राम धु्रव, सामान्य प्रशासन विभाग की स्टेनोटायपिस्ट सुराखी सिदार, विमानन विभाग की सहायक अनुभाग अधिकारी श्रीमती सुधा शेंडे प्रथम स्थान पर रहें।

  • बिहटा एयरपोर्ट का काम अप्रैल 2027 तक होगा पूरा, विमान परिचालन की तैयारियां तेज

    बिहटा एयरपोर्ट का काम अप्रैल 2027 तक होगा पूरा, विमान परिचालन की तैयारियां तेज

    पटना
    बिहटा एयरपोर्ट से विमान परिचालन को लेकर आ रहीं कठिनाइयों को जल्द दूर किया जाएगा। गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बुधवार को इससे जुड़ा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।

    बैठक में बिहटा एयरफोर्स स्टेशन की ओर से ग्रुप कैप्टन अश्विनी कुमार ने विमानों के सुचारू परिचालन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं को प्रस्तुत किया।

    100 मीटर में निर्माण गत‍िव‍िध‍ियों की होगी समीक्षा
    इनमें बिहटा हवाई अड्डा के रनवे के एप्रोच फनल में अनधिकृत निर्माणों की पहचान, एयरफोर्स स्टेशन की बाहरी दीवार के शिखर से 100 मीटर के दायरे में निर्माण गतिविधियों की समीक्षा, स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मानसूनी नालियों के अतिक्रमण एवं अवरोध का निराकरण आदि के मुद्दे शामिल रहे।

    इसके अलावा एयरफोर्स स्टेशन, बिहटा से सटी भूमि के आवंटन तथा रक्षा भूमि के म्यूटेशन में प्रशासनिक सहयोग और नवनिर्मित 33 केवी फीडर लाइन को एयरफोर्स स्टेशन के लिए समर्पित किए जाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    समन्‍वय स्‍थाप‍ित कर पूरा करें काम
    प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बैठक में संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष ध्यान देने को कहा।

    बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था एवं कमजोर वर्ग प्रभाग) के. सुहिता अनुपम तथा विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    गौरतलब है कि‍ करीब 1400 करोड़ से अधिक के इस प्रोजेक्‍ट का काम अप्रैल 2027 तक पूरा करना है। इसके तहत दो मंज‍िला टर्मिनल, 10 विमानों के लि‍ए हैंगर, एयरोब्रिज, आवासीय परिसर, प्रशासनिक भवन, कार पार्किंग व अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जानी है। परिसर में एप्रॉन का निर्माण कार्य जारी है।

     

  • असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदी के लिए अब 50 हजार के स्थान पर एक लाख रुपए की मिलेगी सहायतामुख्यमंत्री

    असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदी के लिए अब 50 हजार के स्थान पर एक लाख रुपए की मिलेगी सहायतामुख्यमंत्री

    विश्वकर्मा जयंती पर राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने श्रमिक हित में की तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं

    शहरों में बनेंगे सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र, पंजीकृत श्रमिकों के लिए शुरू होगी ई-बाइक सहायता योजना-मुख्यमंत्री

    असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदी के लिए अब 50 हजार के स्थान पर एक लाख रुपए की मिलेगी सहायतामुख्यमंत्री

    1.43 लाख से अधिक श्रमिकों के खातों में 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित

    100 श्रमिक दीदियों को मिली ई-रिक्शा की चाबी, मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    श्रमिक परिवार की प्रतिभावान बेटी मनिंदर कौर की इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी सरकार

    श्रमिक बहनों के साथ मुख्यमंत्री ने किया दोपहर का भोजन, आत्मीय संवाद कर जाना परिवार का हाल-चाल

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हजारों श्रमिकों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रज्ज्वलित किया ‘आशीर्वाद का दीया’

    रायपुर, 
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के श्रमवीर अपने परिश्रम, पुरुषार्थ और पसीने से समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की नई इबारत लिख रहे हैं। गांवों के खेत-खलिहानों से लेकर शहरों की ऊंची इमारतों तक, सड़कों और पुलों से लेकर सिंचाई परियोजनाओं, उद्योगों और अधोसंरचना के निर्माण तक प्रदेश की प्रगति की हर तस्वीर में हमारे श्रमिक भाई-बहनों की मेहनत समाहित है। छत्तीसगढ़ ने अपने गठन के 25 वर्षों में विकास के जो नए प्रतिमान स्थापित किए हैं, उनके पीछे हमारे मेहनतकश हाथों का बड़ा योगदान है। यही हाथ आने वाले वर्षों में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को भी साकार करेंगे।

    मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशभर से आए हजारों श्रमिक भाई-बहनों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और भगवान विश्वकर्मा से छत्तीसगढ़ की सुख, शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के आराध्य हैं। वे हमें श्रम के सम्मान और अपने हुनर पर गर्व करने की प्रेरणा देते हैं। सही मायनों में हमारे श्रमिक भाई-बहन ही विकसित छत्तीसगढ़ के विश्वकर्मा हैं। राज्य सरकार श्रमिकों के परिश्रम का सम्मान करने के साथ उनके जीवन में सुरक्षा, सुविधा और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की सोच स्पष्ट है कि विकास का लाभ उस श्रमिक तक भी पहुंचे, जिसके श्रम से विकास की नींव तैयार होती है। श्रमिक को उसके परिश्रम का पूरा सम्मान मिले, उसे सामाजिक सुरक्षा का भरोसा मिले, परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बने और उसके बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें – इसी उद्देश्य के साथ सरकार श्रमिक कल्याण की योजनाओं को लगातार विस्तार दे रही है।

    श्रमिक हित में मुख्यमंत्री की तीन बड़ी घोषणाएं

    मुख्यमंत्री साय ने राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में श्रमिक भाई-बहनों की सुविधा, आवागमन और स्वरोजगार को ध्यान में रखते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

    मुख्यमंत्री ने शहरों में रोजगार की तलाश में विभिन्न स्थानों पर एकत्र होने वाले श्रमिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इन केंद्रों में श्रमिकों के बैठने की समुचित व्यवस्था के साथ स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे काम की तलाश में शहर आने वाले श्रमिकों को सम्मानजनक और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा।

    मुख्यमंत्री ने पंजीकृत श्रमिकों के आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से ई-बाइक सहायता योजना प्रारंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि काम के लिए प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों के लिए आवागमन की सुविधा सीधे तौर पर उनकी आजीविका और जीवन की सहजता से जुड़ी है।

    मुख्यमंत्री साय ने असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे परंपरागत रिक्शा चालकों को आधुनिक साधन अपनाने, अपनी आय बढ़ाने और स्वरोजगार को अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना है। श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भरता और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराकर एक सशक्त श्रमिक परिवार का निर्माण करना सरकार की प्राथमिकता है।

    1.43 लाख से अधिक श्रमिकों को 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सौगात

    महासम्मेलन में मुख्यमंत्री साय ने श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों द्वारा संचालित 26 योजनाओं के अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में 51 करोड़ 32 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित की। उन्होंने विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि एवं सामग्री का वितरण भी किया।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों के लिए 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा से लेकर उनके बच्चों की शिक्षा, विवाह सहायता और आर्थिक सशक्तीकरण तक जीवन के विभिन्न चरणों में ये योजनाएं श्रमिक परिवारों का संबल बन रही हैं।

    उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों तक पहुंचाई गई है। उन्होंने प्रदेश के सभी पात्र श्रमिकों से श्रम विभाग में अपना पंजीयन कराने और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।

    ‘श्रमेव जयते’ के मूलमंत्र के साथ श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘श्रमेव जयते’ के मूलमंत्र को साकार करते हुए राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि संसाधनों की कमी किसी श्रमिक परिवार के प्रतिभावान बच्चे के सपनों की राह में बाधा न बने। श्रमिक का बच्चा भी देश के श्रेष्ठ विद्यालय में पढ़े, उच्च शिक्षा प्राप्त करे और अपनी प्रतिभा के बल पर जीवन में ऊंची उड़ान भरे – सरकार इसी संकल्प के साथ काम कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के पहले वर्ष 100 बच्चों को इसका लाभ दिया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 200 बच्चों तक कर दिया गया है। इन विद्यार्थियों की शिक्षा का पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ने में भी सरकार सहयोग कर रही है।

    मनिंदर की सफलता बनी श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों की मिसाल

    महासम्मेलन में एक प्रेरक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री साय ने श्रमिक परिवार की प्रतिभाशाली बेटी मनिंदर कौर को लैपटॉप और एक लाख 75 हजार रुपए का चेक प्रदान किया। मनिंदर ने अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम के बल पर जेईई परीक्षा उत्तीर्ण कर एनआईटी सूरत में प्रवेश सुनिश्चित किया है। उनकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च अब श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने मनिंदर को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता केवल एक बेटी की उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए प्रेरणा है। आर्थिक परिस्थितियां प्रतिभा की उड़ान को सीमित न करें, इसके लिए सरकार हर संभव सहयोग करेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य के लिए दिन-रात परिश्रम करते हैं। सरकार उनके इस सपने को अपना संकल्प मानकर आगे बढ़ा रही है। श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए मजबूत आधार दिया जा रहा है।

    100 श्रमिक दीदियों के हाथों में ई-रिक्शा की चाबी, आत्मनिर्भरता की राह हुई आसान

    मुख्यमंत्री साय ने महासम्मेलन में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी और हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया। ई-रिक्शा प्राप्त करने वाली महिलाओं के चेहरे पर आत्मनिर्भर भविष्य का उत्साह दिखाई दिया।

    इस दौरान मुख्यमंत्री साय और श्रम एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने हितग्राही श्रीमती यशोदा विश्वकर्मा के ई-रिक्शा में सवारी भी की। मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थी महिलाओं से आत्मीय बातचीत की और उन्हें नए स्वरोजगार के लिए शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पूरे परिवार को सशक्त बनाती है। सरकार का प्रयास है कि श्रमिक बहनों को ऐसे साधन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिनसे वे अपने परिश्रम के बल पर सम्मानजनक आय अर्जित कर सकें और परिवार की आर्थिक प्रगति में मजबूत भागीदार बनें।

    श्रमिक बहनों के साथ बैठकर मुख्यमंत्री ने किया भोजन

    राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन के दौरान आत्मीयता से भरा दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आईं श्रमिक बहनों के साथ बैठकर दोपहर के भोजन में शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री ने भोजन के दौरान श्रमिक बहनों से सहजता से बातचीत की। उन्होंने उनके कामकाज, परिवार और बच्चों की पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा कि उन्हें श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं और योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई तो नहीं आ रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी है, जब उनका लाभ पात्र श्रमिक तक सरलता और समय पर पहुंचे। उन्होंने श्रमिक बहनों से संवाद के दौरान उनके अनुभव भी जाने। मुख्यमंत्री को अपने बीच बैठकर सहजता से भोजन करते और परिवार के सदस्य की तरह बातचीत करते देखकर श्रमिक बहनों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

    डिजिटल तकनीक से योजनाओं को बनाया जा रहा सरल और पारदर्शी

    मुख्यमंत्री साय ने महासम्मेलन में राज्य की नवीन उपकर कटौती वेबसाइट का शुभारंभ किया तथा पीवीसी एवं क्यूआर कोड युक्त नवीन श्रमिक पंजीयन कार्ड का विमोचन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का उपयोग केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए नहीं, बल्कि श्रमिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए किया जाना चाहिए। इसी सोच के साथ पंजीयन से लेकर योजनाओं का लाभ पहुंचाने तक की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया जा रहा है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वन नेशन-वन राशन कार्ड व्यवस्था से रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले श्रमिकों को बड़ी सुविधा मिली है। अब श्रमिक देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करते हुए भी राशन की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इसी तरह पीएफ व्यवस्था में तकनीकी सुधारों से रोजगार या कार्यस्थल बदलने पर भी श्रमिकों के लिए खाते से जुड़ी सुविधाओं की निरंतरता आसान हुई है।

    हजारों श्रमिकों के साथ मुख्यमंत्री ने जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’

    विश्वकर्मा जयंती के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर ने महासम्मेलन को विशेष स्वरूप दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूरे छत्तीसगढ़ की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु जीवन की कामना की।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने महासम्मेलन में उपस्थित हजारों श्रमिक भाई-बहनों के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया। श्रमिकों ने भी दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गरीब, किसान, श्रमिक, महिला, युवा और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करने का आग्रह किया।

    श्रमिकों तक समय पर पहुंच रहा योजनाओं का लाभ : श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन

    श्रम एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचा रही है। डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में पहुंचने से व्यवस्था अधिक पारदर्शी हुई है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। पहले 100 बच्चों को योजना का लाभ दिया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 200 बच्चों तक कर दिया गया है।

    देवांगन ने कहा कि दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत सहायता राशि को एक लाख रुपए से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए किया गया है। आज के कार्यक्रम में 100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा प्रदान किए गए हैं। यह पहल श्रमिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    सरल, सुगम और पारदर्शी तरीके से श्रमिकों तक योजनाएं पहुंचाना लक्ष्य : डॉ. रामप्रताप सिंह

    छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में श्रमिकों को शासन की योजनाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र श्रमिक को विभागीय योजनाओं की जानकारी मिले और उनका लाभ बिना किसी कठिनाई के प्राप्त हो।

    उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अटल करियर निर्माण योजना भी संचालित की जा रही है। प्रदेश में अब तक 25 श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन कर बड़ी संख्या में श्रमिकों को योजनाओं और आर्थिक सहायता से जोड़ा गया है।

    उन्होंने बताया कि श्रमिक कल्याण में डिजिटल तकनीक के उपयोग की छत्तीसगढ़ की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है और मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदेश की डिजिटल पहल का प्रस्तुतीकरण किया गया।

    श्रमिक परिवारों के सशक्तीकरण से मजबूत होगा छत्तीसगढ़ : सांसद बृजमोहन अग्रवाल

    सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भगवान विश्वकर्मा की जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए लोगों से अपने घर, आंगन और मोहल्लों में ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित करने का आग्रह किया।

    उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और महिलाओं को ई-रिक्शा के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ने जैसी पहल श्रमिक परिवारों के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में रोजगार मेले का आयोजन कर लगभग तीन हजार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

    इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरन्दर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बड़ी संख्या में श्रमिक भाई-बहन उपस्थित थे।

  • रूस से तेल खरीदने पर बढ़ा अमेरिकी दबाव, ट्रंप को भारत समेत देशों पर 100% टैरिफ की शक्ति

    रूस से तेल खरीदने पर बढ़ा अमेरिकी दबाव, ट्रंप को भारत समेत देशों पर 100% टैरिफ की शक्ति

    वाशिंगटन
     अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूसी अधिकारियों और आर्थिक क्षेत्रों को लक्षित करने वाले व्यापक प्रतिबंध पैकेज को 262 मतों से 159 से पारित कर दिया. अब इसे आधिकारिक रूप से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास साइन करने के लिए भेजा गया है। 

    साउथ कैरोलिना के स्वर्गीय सीनेटर लिंडसे ग्राहम के सम्मान में इस कानून का नाम रखा गया था. इसे एक साल से ज़्यादा समय तक बातचीत के बाद बनाया गया. ट्रंप का समर्थन हासिल करना तब बहुत जरूरी हो गया जब इस पैकेज में ईरान पर मौजूदा प्रतिबंधों को पांच साल के लिए बढ़ाने की राष्ट्रपति की मांग को शामिल किया गया। 

    यह कदम ट्रंप के व्हाइट हाउस में दोबारा आने के बाद यूक्रेन को सपोर्ट करने वाला सबसे बड़ा अमेरिकी कानूनी प्रयास है. यह कदम 2024 के इमरजेंसी सहायता पैकेज के बाद लगभग दो साल तक चली पार्लियामेंट्री रुकावट के बाद उठाया गया। 

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस कदम की जोरदार वकालत की, वोट से पहले सीधे सांसदों से अपील की और एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, 'युद्ध के दौरान, कभी-कभी कुछ न करने से बेहतर होता है कि कोई ऐसा फैसला लिया जाए जो उतना सही न हो। 

    यह कानून रूसी अधिकारियों, फाइनेंशियल संस्थानों और बैंकिंग अधिकारियों के खिलाफ सजा बढ़ाता है, साथ ही उन जहाजों को भी टारगेट करता है जिनका इस्तेमाल मौजूदा पश्चिमी सीमाओं को तोड़कर रूसी एनर्जी शिपमेंट के फ्लो को बनाए रखने के लिए एक शैडो फ्लीट में किया जाता है। 

    इसके अलावा यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप को रूसी पेट्रोलियम या नैचुरल गैस के पांच प्राइमरी इंपोर्टर्स पर 100 परसेंट तक टैरिफ लगाने का निर्देश देता है. इसमें उन देशों को छूट शामिल है जो रूसी नैचुरल गैस एक्सपोर्ट का 15 परसेंट से कम इंपोर्ट करते हैं और जिन्होंने उन खरीद को कम करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। 

    भारत के लिए यह कानून एक नया कानूनी रास्ता बनाता है, जिससे वाशिंगटन नई दिल्ली के लगातार रूसी एनर्जी खरीदने के जवाब में भारतीय इंपोर्ट पर 100 परसेंट तक टैरिफ लगा सकेगा. क्योंकि भारत और चीन, रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में से हैं, इसलिए सपोर्टर्स ने साफ तौर पर दोनों देशों को टैरिफ क्लॉज के मुख्य टारगेट के तौर पर पहचाना है.

    ये अमेरिकी मार्केट तक पहुंच का इस्तेमाल उन देशों के खिलाफ फायदे के तौर पर करते हैं जो रूसी एनर्जी रेवेन्यू बनाए रखते हैं और मॉस्को के मिलिट्री कैंपेन को फाइनेंस करते हैं. लेकिन यह बिल भारतीय सामान पर अलग से 100 परसेंट टैरिफ लागू नहीं करता है. इसके बजाय यह एग्जीक्यूटिव ब्रांच को तय कानूनी शर्तों के तहत ऐसे टैरिफ लगाने का अधिकार देता है, अगर यह कदम लागू होता है और बाद में ट्रंप इसे लागू कर सकते हैं। 

    सीनेट ने पहले 7 अगस्त को 86-11 के भारी बहुमत से इस कानून को मंजूरी दी थी, हालांकि इसके टैरिफ क्लॉज को लेकर हुए विवादों के कारण हाउस में बाद में इसकी रफ़्तार धीमी हो गई. हाउस से पास होने के बाद यह कानून अब ट्रंप के साइन के लिए उनके पास जाएगा, जिसके बाद प्रशासन के पास रूस और रूसी एनर्जी कॉमर्स में लगे देशों पर दबाव डालने के लिए सप्लीमेंट्री बैन और टैरिफ अथॉरिटी होगी। 

  • भोपाल में विश्वकर्मा जयंती कार्यक्रम, मंत्री कृष्णा गौर ने सुख-समृद्धि की कामना की

    भोपाल में विश्वकर्मा जयंती कार्यक्रम, मंत्री कृष्णा गौर ने सुख-समृद्धि की कामना की

    भोपाल
    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के दिव्य शिल्पकार के रूप में जाना जाता है। उनका अद्वितीय ज्ञान, कौशल और निर्माण क्षमता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। भारतीय संस्कृति में भगवान विश्वकर्मा का विशेष महत्व है और उनकी जयंती हमें सृजन, परिश्रम एवं राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी धर्म, संस्कृति और हमारी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रही है। राज्यमंत्री गौर विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गोविंदपुरा क्षेत्र के बागसेवनिया स्थित विश्वकर्मा मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।

    प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में साकार हो रहा 'विकसित भारत' का संकल्प
    राज्यमंत्री गौर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मोत्सव पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ है।प्रधानमंत्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में देश में निर्माण और विकास की प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि 'विकसित भारत' के संकल्प के तहत प्रधानमंत्री मोदी समाज के सभी वर्गों के कल्याण और देश के सर्वांगीण विकास के लिए अहर्निश कार्य कर रहे हैं।

    कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद प्रताप बारे, प्रदीप पाठक, रामबाबू पाटीदार, सुरेंद्र पंडित सहित बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • पर्स गिफ्ट करते समय न करें ये गलतियां, खाली वॉलेट देना माना जाता है अशुभ

    पर्स गिफ्ट करते समय न करें ये गलतियां, खाली वॉलेट देना माना जाता है अशुभ

    किसी खास मौके पर अपनों को पर्स या वॉलेट गिफ्ट करना आम बात है. यह ऐसा तोहफा है जो खूबसूरत होने के साथ रोजमर्रा के इस्तेमाल में भी आता है. लेकिन वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में पर्स को केवल एक सामान नहीं माना जाता, क्योंकि इसका सीधा संबंध धन और आर्थिक स्थिति से जोड़ा जाता है. यही वजह है कि किसी को पर्स देते समय कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि छोटी-सी गलती भी इस तोहफे के शुभ प्रभाव को कम कर सकती है.

    खाली पर्स देकर न करें शुरुआत
    अगर आप किसी को पर्स गिफ्ट कर रहे हैं तो उसे बिल्कुल खाली न देने की सलाह दी जाती है. मान्यता के अनुसार पर्स में एक सिक्का या नोट रखकर देना शुभ माना जाता है. ऐसा करने के पीछे यह विचार है कि नए पर्स के साथ धन और समृद्धि की शुरुआत हो.

    रंग चुनते समय रखें ध्यान
    पर्स खरीदते समय उसका रंग भी महत्वपूर्ण माना जाता है. वास्तु की मान्यताओं में लाल, हरा, भूरा और सुनहरा जैसे रंग शुभ माने जाते हैं. वहीं बहुत गहरे रंग के पर्स को गिफ्ट करने से बचने की सलाह दी जाती है. इसलिए तोहफा खरीदते समय सिर्फ पसंद ही नहीं, रंग का भी ध्यान रखा जा सकता है.

    खराब या टूटा पर्स गिफ्ट न करें
    किसी को उपहार में देने वाला सामान साफ-सुथरा और अच्छी स्थिति में होना चाहिए. खासतौर पर पर्स के मामले में पुराने, फटे, कटे या खराब क्वालिटी वाले पर्स को गिफ्ट करने से बचना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं में खराब और अस्त-व्यस्त वस्तुओं को सकारात्मकता के लिए अच्छा नहीं माना जाता.

    उधार के पैसों से गिफ्ट करने से बचें
    वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि किसी को पर्स गिफ्ट करने के लिए उधार लेकर पैसा खर्च नहीं करना चाहिए. माना जाता है कि उपहार अपनी क्षमता के अनुसार देना बेहतर होता है. इसलिए अगर बजट कम है तो महंगा पर्स खरीदने के लिए कर्ज या उधार लेने के बजाय अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार ही तोहफा चुनें.

    पर्स गिफ्ट करते समय एक बात जरूर याद रखें
    पर्स को धन रखने की जगह माना जाता है, इसलिए इसे गिफ्ट करते समय साफ-सफाई, गुणवत्ता और उसके अंदर कुछ धन रखने जैसी बातों का ध्यान रखा जाता है. हालांकि ये बातें वास्तु और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.

  • 17 सितंबर से शुरू सेवा संकल्प अभियान, काशी में बटुकों और स्वच्छता प्रहरियों का हुआ सम्मान

    17 सितंबर से शुरू सेवा संकल्प अभियान, काशी में बटुकों और स्वच्छता प्रहरियों का हुआ सम्मान

    प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर काशी में जुटे भाजपा और एनडीए के दिग्गज, बाबा विश्वनाथ से मांगा स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद
     
    मुख्यमंत्री योगी, राजनाथ सिंह, चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान और पंकज चौधरी ने की विशेष पूजा-अर्चना
     
    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान, काशी में पूजन और सम्मान कार्यक्रम
     
    मुख्यमंत्री योगी बोले- आज हम सभी के लिए गौरव और सौभाग्य का दिन, प्रधानमंत्री मोदी काशी के सांसद भी
     
    बटुकों, तीर्थ पुरोहितों और स्वच्छता प्रहरियों का सम्मान, अंगवस्त्रम, दक्षिणा और प्रसाद किया भेंट
     
    बड़नगर से काशी पहुंचे बाइकर्स से मुख्यमंत्री योगी ने किया संवाद, प्रसाद का भी हुआ वितरण
     
    वाराणसी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर गुरुवार को काशी में भाजपा और एनडीए के दिग्गज जुटे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर के अर्चक श्रीकांत शर्मा ने षोडशोपचार विधि से पूजन संपन्न कराया। सभी ने बाबा विश्वनाथ से प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की। यह आयोजन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत हुआ।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज हम सभी के लिए गौरव और सौभाग्य का दिन है। भारत के प्रधानमंत्री और काशी के सांसद नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर बाबा विश्वनाथ धाम में पूजन कर उनके स्वस्थ रहने की कामना की गई। यहां के पुरोहितों और आचार्यों का सम्मान किया गया। बड़नगर से काशी तक बाइक रैली में शामिल बाइकर्स से संवाद कर प्रसाद वितरित किया गया। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ धाम में सेवा देने वाले सफाई कर्मचारियों का भी सम्मान किया गया।
     
    17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान
    प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से शुरू हुआ सेवा संकल्प अभियान 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसी अभियान के तहत काशी में विशेष पूजन-अर्चन, बटुकों और तीर्थ पुरोहितों के सम्मान, स्वच्छता प्रहरियों के नागरिक अभिनंदन और बड़नगर से काशी पहुंचे बाइकर्स से संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
     
    बटुकों और तीर्थ पुरोहितों का सम्मान
    विशेष पूजन के बाद मंदिर परिसर में मंगलाचरण करने वाले बटुकों और तीर्थ पुरोहितों का सम्मान किया गया। उन्हें अंगवस्त्रम और दक्षिणा प्रदान की गई। विश्वनाथ धाम में सेवा देने वाले स्वच्छता प्रहरियों का भी नागरिक अभिनंदन किया गया। उन्हें प्रसाद, अंगवस्त्रम और दक्षिणा भेंट की गई। सम्मान और प्रसाद की सामग्री पर्यावरण अनुकूल जूट के झोलों में वितरित की गई।
     
    प्रधानमंत्री आजीवन स्वस्थ रहें : राजनाथ
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर काशी में पूजा-अर्चना की गई। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के आजीवन स्वस्थ रहने की कामना की, ताकि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
     
    देश को प्रधानमंत्री मोदी पर गर्व : नायडू
    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाना खुशी और गर्व की बात है। देश को प्रधानमंत्री मोदी पर गर्व है और उन्होंने देश को बहुत गौरव दिलाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले 25 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनेगा।
     
    कार्यक्रम में सेवा संकल्प यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक बीडी शर्मा और बनारस यात्रा के संयोजक जेपीएस राठौर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

  • ‘राइज एंड फॉल 2’ की रिलीज डेट का ऐलान, वीरेंद्र सहवाग करेंगे शो होस्ट

    ‘राइज एंड फॉल 2’ की रिलीज डेट का ऐलान, वीरेंद्र सहवाग करेंगे शो होस्ट

    कुछ दिन पहले मेकर्स ने 'राइज एंड फॉल' सीजन 2 की घोषणा की थी. पहले सीजन को अश्नीर ग्रोवर ने होस्ट किया था, लेकिन आने वाले सीजन को पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग होस्ट करेंगे. अब, मेकर्स ने सोशल मीडिया पर एक नया प्रोमो शेयर किया है, जिसमें होस्ट 'राइज एंड फॉल 2' के प्रीमियर की तारीख की घोषणा करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

    इसके अलावा, अमेजन प्राइम वीडियो और MX प्लेयर पर आने वाले इस रियलिटी शो के कंटेस्टेंट के तौर पर स्वरा भास्कर, करण पटेल, प्रियंका चाहर चौधरी और शहज़ाद पूनावाला के नामों की पुष्टि हो गई है.

    कब से शुरू होगा शो?
    मेकर्स ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर 'राइज एंड फॉल' सीजन 2 का नया ट्रेलर शेयर किया. उन्होंने लिखा, '26 सितंबर से मजा तो बहुत आएगा.' ध्यान देने वाली बात यह है कि 'राइज एंड फॉल 2' 26 सितंबर, 2026 को अमेजन प्राइम वीडियो और MX प्लेयर पर शुरू होगा.

    प्रोमो में वीरेंद्र सहवाग शो के चार कंटेस्टेंट का परिचय देते हुए दिखाई दे रहे हैं. प्रियंका चाहर चौधरी, करण पटेल, स्वरा भास्कर और शहजाद पूनावाला इस पावर गेम में हिस्सा लेते हुए दिखाई देंगे. नया सीजन रोजाना देखने लायक मजेदार कंटेंट, रणनीतिक चालें, सेलिब्रिटीज के बीच टकराव, ट्विस्ट और हैरान कर देने वाले पल देने का वादा करता है.

    इन चार कन्फर्म कंटेस्टेंट को किसी परिचय की जरूरत नहीं है. स्वरा भास्कर एक जानी-मानी बॉलीवुड एक्ट्रेस हैं जो अपने बेबाक अंदाज़ के लिए भी जानी जाती हैं. करण पटेल और प्रियंका चाहर चौधरी जाने-माने टीवी स्टार हैं, जबकि शहजाद पूनावाला भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रह चुके हैं.

    'राइज एंड फ़ॉल 2' में 15 कंटेस्टेंट होंगे और आने वाले दिनों में उनके नामों का खुलासा होने की उम्मीद है. सेलिब्रिटी कंटेस्टेंट 42 दिनों तक एक टॉवर और बेसमेंट में रहेंगे और गेम का अल्टीमेट रूलर बनने के लिए एक-दूसरे से मुकाबला करेंगे.

    वैचारिक मतभेद की संभावना
    शहजाद पूनावाला और स्वरा भास्कर के एक गेम में होने से वैचारिक मतभेद होने की पूरी संभावना नजर आ रही है. ये सभी जानते हैं कि इन दोनों की विचारधारा लेफ्ट-राइट वाली है. दोनों का कनेक्शन पॉलिटिकल पार्टी से है. ऐसे में सभी की निगाहें इन दोनों ही कंटेस्टेंट पर रहेगी कि ये दोनों शो में क्या करते हैं.

    'राइज एंड फॉल' के बारे में
    'राइज एंड फॉल' सीजन 1 को अश्नीर ग्रोवर ने होस्ट किया था. यह अमेजन MX प्लेयर पर स्ट्रीम हुआ था और सोनी टीवी पर टेलीकास्ट हुआ था. खबरों के मुताबिक, दूसरा सीजन चैनल पर टेलीकास्ट नहीं होगा. इसके एपिसोड अमेजन प्राइम वीडियो और MX प्लेयर पर फ्री में स्ट्रीम होंगे. 'राइज एंड फॉल' सीजन 2 के एपिसोड हर दिन दोपहर 12 बजे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किए जाएंगे.

    पिछले सीजन के विनर अर्जुन बिजलानी थे. एक्टर ने 'राइज एंड फॉल' सीजन 1 के ग्रैंड फिनाले में आरुष भोला, अरबाज़ पटेल और आकृति नेगी को हराया था.

  • CM डॉ. यादव ने बताया रक्तदान का महत्व, कहा- जीवन बचाने का सबसे बड़ा माध्यम

    CM डॉ. यादव ने बताया रक्तदान का महत्व, कहा- जीवन बचाने का सबसे बड़ा माध्यम

    रक्तदान है जीवन का सबसे बड़ा दान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 290 स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम के तहत रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ
    भोपाल के शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय में हुआ आयोजन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय, भोपाल में आयोजित 'सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम' के तहत रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्तदान करने वाले प्रतिभागियों की कुशलक्षेम पूछी तथा प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्तदाताओं से भेंट कर उन्हें प्रोत्साहित किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा के सम्मान में मध्यप्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 290 से अधिक स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए हैं। शिविरों में अब तक 6 हजार 744 यूनिट रक्तदान किया जा चुका है। इस संख्या में शाम तक लगातार बढ़ोत्तरी होगी। रक्तदान जीवन का सबसे बड़ा दान है, जिससे जरूरतमंदों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध होती है और अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर उनके स्वस्थ और शतायु जीवन की बाबा महाकाल से कामना करते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश के हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय में मीडिया से चर्चा में यह जानकारी दी। इस अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, मेडिकल विद्यार्थी उपस्थित थे।