Author: NewseDay

  • अस्पतालों में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, 31 अक्टूबर तक मरम्मत पूरी करने का निर्देश

    अस्पतालों में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, 31 अक्टूबर तक मरम्मत पूरी करने का निर्देश

    पटना
     स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि का निर्देश है कि अस्पतालों की ओपीडी में शत प्रतिशत डिजिटल पंजीकरण हो। आभा आधारित पंजीकरण, ईएचआर निर्माण, ऑनलाइन परामर्श तथा चिकित्सकों की ऑनलाइन उपस्थिति की निरंतर निगरानी होती रहे। आईपीडी में भर्ती सभी मरीजों का भाव्या पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कहा। ये निर्देश उन्होंने बुधवार को हुई समीक्षा बैठक के दौरान दिए।

    कहा कि रेफरल व्यवस्था की लगातार निगरानी हो तथा अनावश्यक रेफरल से बचें। अस्पतालों में जच्चा और बच्चा की मृत्यु रोकने के लिए हर स्तर पर गंभीरता से कार्य करना होगा। लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। आशा कार्यकर्ताओं का चयन लक्ष्य के अनुरूप होना चाहिए।

    जिला अस्पतालों को अति-विशिष्ट चिकित्सा केंद्र तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा हुई। टीबी एवं एनीमिया मुक्त बिहार अभियान पर विशेष जोर दिया गया। बीएमएसआइसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय आदि बैठक में उपस्थित रहे।

    जिला अस्पतालों में सर्जरी में वृद्धि  
    जिला अस्पतालों में सर्जरी सेवाओं की समीक्षा के दौरान जून 2026 में 2428, जुलाई में 5650 तथा अगस्त में 8209 सर्जरी किए जाने की जानकारी दी गई। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इसी अवधि में क्रमशः 1000, 1331 एवं 1626 सर्जरी के दावे दर्ज किए गए।

    31 अक्टूबर तक हो जाए अस्पतालों की मरम्मत  
    विभिन्न अस्पतालों में रंग-रोगन, लघु मरम्मत, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय, नर्सिंग डेस्क एवं मरीज सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए जा रहे हैं। निर्धारित कार्य 31 अक्टूबर तक पूरा कराने को कहा गया।

    36 जिला अस्पताल, 56 अनुमंडलीय अस्पताल, 49 रेफरल अस्पताल, 332 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 110 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 147 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 844 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 147 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में काम चल रहा है।

  • दीपावली-छठ के लिए रेलवे ने कसी कमर, झांसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी स्पेशल ट्रेनें

    दीपावली-छठ के लिए रेलवे ने कसी कमर, झांसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी स्पेशल ट्रेनें

    झाँसी 

    रेल प्रशासन द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि रेलवे द्वारा दुर्गा पूजा, दीपावली एवं छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इन विशेष ट्रेनों में झाँसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए संबंधित विवरण निम्नानुसार है।

    1. गाड़ी संख्या 01703/01704 जबलपुर–हरिद्वार–जबलपुर साप्ताहिक विशेष ट्रेन यह विशेष ट्रेन जबलपुर से प्रत्येक गुरुवार तथा हरिद्वार से प्रत्येक शुक्रवार चलेगी।
    संचालन अवधि: 01703 जबलपुर से 22 अक्टूबर 2026 से 19 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे तथा 01704 हरिद्वार से 23 अक्टूबर 2026 से 20 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे।

    2. गाड़ी संख्या 01707/01708 जबलपुर–नई दिल्ली/हज़रत निजामुद्दीन–जबलपुर साप्ताहिक विशेष ट्रेन यह विशेष ट्रेन जबलपुर से प्रत्येक शनिवार तथा हज़रत निजामुद्दीन से प्रत्येक रविवार चलेगी।

    संचालन अवधि: 01707 जबलपुर से 17 अक्टूबर 2026 से 14 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे तथा 01708 हज़रत निजामुद्दीन से 18 अक्टूबर 2026 से 15 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे।

    यात्रियों के लिए अपील: यात्रा से पहले अपनी गाड़ी, तिथि एवं समय की पुष्टि कर लें तथा निर्धारित समय से पर्याप्त पहले स्टेशन पहुँचें।

    ट्रेन संख्या 01703/01704 – जबलपुर–हरिद्वार विशेष ट्रेन
    स्टेशन    01703 जबलपुर–हरिद्वार    01704 हरिद्वार–जबलपुर
        आगमन    प्रस्थान    आगमन    प्रस्थान
    जबलपुर    17.10    15.30    16.20    —
    कटनी मुरवारा    17.17    17.15    14.20    14.30
    दमोह    18.40    18.42    12.20    12.22
    सागर    19.50    19.55    11.15    11.20
    बीना मालखेड़ी    21.00    21.02    10.00    10.02
    अगासोद    —    21.45    —    08.30
    वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी    00.05    00.10    05.55    06.00
    ग्वालियर जंक्शन    02.15    02.20    04.20    04.25
    आगरा कैंट    04.20    04.25    01.40    01.45
    मितावली    —    05.40    —    00.30
    अलीगढ़ जंक्शन    07.03    07.05    23.15    23.17
    खुर्जा जंक्शन    08.00    08.02    22.05    22.07
    हापुड़    09.30    09.35    20.10    20.15
    मेरठ सिटी    10.30    10.35    19.30    19.35
    टपरी    —    12.10    —    17.15
    रुड़की    13.15    13.17    16.20    16.22
    हरिद्वार    14.20    —    —    15.10
    ट्रेन संख्या 01707/01708 – जबलपुर–नई दिल्ली साप्ताहिक विशेष ट्रेन
    स्टेशन    01707 जबलपुर–नई दिल्ली    01708 नई दिल्ली–जबलपुर

        आगमन    प्रस्थान    आगमन    प्रस्थान
    जबलपुर    —    20.20    09.30    —
    कटनी मुरवारा    21.35    21.40    06.10    06.15
    दमोह    22.55    22.57    04.40    04.42
    सागर    00.15    00.20    03.30    03.35
    अगासोद    —    03.00    —    02.30
    वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी    05.55    06.00    00.05    00.10
    ग्वालियर जंक्शन    07.30    07.35    22.40    22.45
    धौलपुर जंक्शन    08.50    08.52    21.45    21.47
    आगरा कैंट    09.35    09.40    20.30    20.35
    मथुरा जंक्शन    10.35    10.40    19.35    19.40
    कोसी कलां    11.10    11.12    17.15    17.17
    पलवल    —    13.20    —    16.42
    नई दिल्ली    14.25    —    —    15.45

    यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण अपील
    पटाखे साथ न लाएँ — सुरक्षित यात्रा अपनाएँ।
    ज्वलनशील वस्तुओं से दूरी रखें — स्वयं और दूसरों की सुरक्षा करें।
    कम सामान, सुखद सफर — आवश्यक सामान के साथ ही यात्रा करें

     

  • सेवा संकल्प अभियान : केन्द्र की आजीविका मिशन और बिहान के सहयोग से सीता मरावी ने रचा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय

    सेवा संकल्प अभियान : केन्द्र की आजीविका मिशन और बिहान के सहयोग से सीता मरावी ने रचा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय

    सेवा संकल्प अभियान : केन्द्र की आजीविका मिशन और बिहान के सहयोग से सीता मरावी ने रचा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय

    समूह से आर्थिक सहयोग लेकर शुरू किया किराना और मुर्गी व्यवसाय, आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा

    रायपुर, 
     जीपीएम जिले के मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी की श्रीमती सीता मरावी की सफलता ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। महिला स्वसहायता समूह से जुड़कर उन्होंने आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत की और आज किराना दुकान तथा मुर्गी व्यवसाय के माध्यम से उनकी वार्षिक आय लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

    श्रीमती सीता मरावी वंदना महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिला। उन्होंने बैंक लोन तथा समूह के माध्यम से प्राप्त सीआईएफ एवं आरएफ की राशि से 25 हजार रुपये की सहायता लेकर गांव में किराना दुकान शुरू की। इसके बाद समूह के संकुल से 50 हजार रुपये की राशि प्राप्त कर मुर्गी व्यवसाय भी प्रारंभ किया।

    दोनों व्यवसायों को उन्होंने मेहनत, लगन और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ाया। अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से होने वाली आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया। आज श्रीमती सीता मरावी अपने गांव में ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना रही हैं।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से जुड़ी आत्मनिर्भरता की कहानी

    श्रीमती सीता मरावी की सफलता ग्रामीण महिलाओं को स्वसहायता समूहों से जोड़कर उनकी आजीविका और उद्यमिता को मजबूत करने की केन्द्र सरकार की पहल से भी जुड़ती है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन केन्द्र प्रायोजित योजना है, जिसे केन्द्र और राज्य सरकारों की साझेदारी से लागू किया जा रहा है। इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वसहायता समूहों से जोड़कर वित्तीय समावेशन, आजीविका और छोटे उद्यमों को बढ़ावा दिया जाता है। 

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महिला स्वसहायता समूहों की सदस्यों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ के संकल्प को प्रमुखता दी गई है। इस पहल का उद्देश्य स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को टिकाऊ तरीके से कम से कम एक लाख रुपये की वार्षिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है। इसके लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बैंक ऋण, उद्यमिता और आजीविका गतिविधियों के विस्तार जैसी व्यवस्थाओं को जोड़ा गया है। केन्द्र सरकार के अनुसार जुलाई 2026 तक देशभर में 10.08 करोड़ ग्रामीण परिवार लगभग 92 लाख स्वसहायता समूहों से जुड़े थे और 3.46 करोड़ से अधिक स्वसहायता समूह सदस्यों को ‘लखपति दीदी’ के रूप में सक्षम बनाया जा चुका था। 

    छत्तीसगढ़ में लाखों महिलाओं को स्वसहायता समूहों से मिला मंच

    केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 2.79 लाख स्वसहायता समूह सक्रिय हैं और लगभग 29.78 लाख महिलाएं इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रही हैं। 

    स्वसहायता समूहों को मिलने वाले रिवॉल्विंग फंड (आरएफ), कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) तथा बैंक लिंकेज जैसी व्यवस्थाएं महिलाओं को अपनी आजीविका गतिविधियों को शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय आधार उपलब्ध कराने में मदद करती हैं। केन्द्र सरकार के अनुसार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आरएफ और सीआईएफ के माध्यम से स्वसहायता समूहों को पूंजी उपलब्ध कराने का प्रावधान है। 

    सीता मरावी की कहानी में भी समूह से मिली वित्तीय सहायता का उपयोग किराना दुकान और मुर्गी व्यवसाय शुरू करने में किया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्वसहायता समूह केवल महिलाओं को संगठित करने का माध्यम नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का आधार भी बन रहे हैं।

    किराना दुकान से मुर्गी व्यवसाय तक, बढ़े आय के अवसर

    सीता मरावी ने एक ही व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय अपनी आय के अलग-अलग स्रोत विकसित किए। किराना दुकान ने उन्हें गांव में ही नियमित व्यवसाय का अवसर दिया, जबकि मुर्गी पालन ने उनकी आय में एक और स्रोत जोड़ा। दोनों गतिविधियों को उन्होंने निरंतर मेहनत और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ाया।

    सीता मरावी बताती हैं कि महिला स्वसहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। समूह से मिले आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन से उन्हें स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिला। आज वह अपने पैरों पर खड़ी हैं और गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।

    महतारी वंदन योजना से मिला अतिरिक्त आर्थिक संबल

    श्रीमती सीता मरावी को महतारी वंदन योजना के तहत 31वीं किस्त की राशि भी प्राप्त हो चुकी है। नियमित आर्थिक सहायता से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में उन्हें सहयोग मिल रहा है। स्वसहायता समूह से मिली सहायता, विभिन्न आजीविका गतिविधियों और स्वयं की मेहनत के साथ उन्होंने आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अपनी अलग पहचान बनाई है। अपनी जिंदगी में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए श्रीमती सीता मरावी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है।

    सेवा संकल्प अभियान में सामने आई आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी

    सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई श्रीमती सीता मरावी की कहानी बताती है कि जब ग्रामीण महिलाओं को संगठन, वित्तीय सहयोग, मार्गदर्शन और आजीविका के अवसर मिलते हैं, तो वे अपनी मेहनत और हुनर के बल पर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं।

    सीता मरावी की यात्रा स्वसहायता समूह से शुरू होकर स्वरोजगार और लखपति दीदी बनने तक पहुंची है। केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प और राज्य में संचालित बिहान की गतिविधियों के माध्यम से तैयार हो रहा यह वातावरण ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर दे रहा है। देशभर में स्वसहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय समावेशन और उद्यमिता से जोड़ने पर केन्द्र सरकार लगातार जोर दे रही है। 

    सीता मरावी अब केवल अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने वाली महिला नहीं, बल्कि अपने गांव में यह संदेश देने वाली प्रेरक महिला हैं कि अवसर और सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी अपने हुनर को व्यवसाय में बदलकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख सकती हैं।

  • बैंक कॉलोनी में अनुमति के विपरीत निर्माण करने पर 18 दुकानों पर निगम का चला बुल्डोजर  

    बैंक कॉलोनी में अनुमति के विपरीत निर्माण करने पर 18 दुकानों पर निगम का चला बुल्डोजर  

    ग्वालियर
    भवन अधिकारी यशवंत मैकले ने बताया कि नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी के निर्देशानुसार सिटी प्लानर सुरेश अहिरवार के निर्देशन में अवैध रूप से किए गए निर्माण कार्यों को हटाने की कार्यवाही निरंतर की जा रही हैं। जिसके तहत आज वार्ड क्रमांक 21 न्यू बैंक कॉलोनी में मोहन वादिल एवं ऋषभ जैन द्वारा नगर निगम से प्राप्त अनुमति, खिलाफ पार्किंग के स्थान पर 18 दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। जिसके लिए निगम द्वारा अवैध निर्माण हटाने हेतु निगम द्वारा विधिवत नोटिस दिए गए थे। किन्तु भवन स्वामी द्वारा अनुमति निर्माण नही हटाया गया। जिस पर निगम द्वारा कार्यवाही करते हुए अनुमति के विपरीत बनाई गई 18 दुकानों को हटाया गया।
    इसके साथ ही पूर्व विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत माधव प्लाजा के सामने थौराट की गोठ में रोड़ पर बनी दीवाल की तुड़ाई कर गेट फावड़ा जप्त कर कार्यवाही की गई। इसके पश्चात मुरार बारादरी से सदर बाजार अग्रसेन चौराहा गणेश मंदिर गर्म सड़क गर्ल्स कॉलेज तक यातायात में अवरुद्ध हाथ ठेले फुटपाथियों दुकानदारों के सामान को हटवाया और जप्त सामान को मदाखलत कार्यालय पर जमा किया। कार्यवाही के दौरान मदाखलत अधिकारी शैलेन्द्र चौहान, जोनल ऑफिसर सौरव चौधरी, मदाखलत निरीक्षक सुघर सिंह सिसोदिया सहित मदाखलत अमला मौजूद रहा।

     

  • 2027 वर्ल्ड कप से पहले रोहित शर्मा की अगली परीक्षा, युवा ओपनर्स से होगी टक्कर

    2027 वर्ल्ड कप से पहले रोहित शर्मा की अगली परीक्षा, युवा ओपनर्स से होगी टक्कर

    नई दिल्ली
    वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज के लिए जब टीम इंडिया का ऐलान हुआ, तो रोहित शर्मा का नाम फिर स्क्वॉड में था. उनके साथ यशस्वी जायसवाल और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे विकल्प भी मौजूद हैं. यानी यह चयन किसी एक खिलाड़ी के लिए रास्ता रोकने का फैसला नहीं, बल्कि 2027 की टीम को आकार देने की प्रक्रिया का हिस्सा है.

    लेकिन इस कहानी का असली ट्विस्ट स्क्वॉड में रोहित का नाम नहीं है. असली कहानी है कि दो महीने में रोहित शर्मा को लेकर सवाल से जवाब तक का सफर कैसे बदल गया.

    कप्तानी गई, तो हर रन का हिसाब शुरू हुआ
    शुभमन गिल को वनडे कप्तानी सौंपे जाने के बाद रोहित की भूमिका पूरी तरह बदल गई. अब टीम उनके इर्द-गिर्द नहीं बन रही थी. वह सिर्फ एक बल्लेबाज थे और बाकी खिलाड़ियों की तरह उनकी जगह भी प्रदर्शन से तय होनी थी.

    यह बदलाव इसलिए भी बड़ा था क्योंकि रोहित अब भारत के लिए सिर्फ ODI क्रिकेट खेल रहे हैं. टेस्ट और T20 इंटरनेशनल से उनके संन्यास के बाद उनके पास फॉर्म साबित करने के मौके भी सीमित हैं. ऐसे में एक खराब सीरीज सिर्फ खराब सीरीज नहीं रहती, वह चयन की बहस का हिस्सा बन जाती है.

    ऑस्ट्रेलिया में रोहित ने पहले 73 और फिर नाबाद 121 रन बनाकर दिखाया कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है. लेकिन इसके बाद की 11 पारियों में उनके बल्ले से 57, 14, 75, 26, 24, 11, 16, 48, 79, 11 और 26 रन निकले.

    इनमें 75 और 79 जैसी पारियां थीं, लेकिन वह एक बड़ी, निर्णायक पारी गायब थी जो बाकी सारी चर्चाओं पर भारी पड़ सके.

    फिर इंग्लैंड सीरीज आई. बर्मिंघम में 11 रन और कार्डिफ में 47 गेंदों पर 26 रन. सवाल और तेज हो गए. क्या 2027 तक रोहित को लेकर सोचना भी चाहिए? क्या युवा ओपनरों को आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है?
    138 रन ने बदल दिया सवाल
    इंग्लैंड ने 387 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को ऐसी पारी की जरूरत थी जो मैच को वापस उसकी मुट्ठी में ला सके.

    रोहित ने वही किया…
    उन्होंने सिर्फ 110 गेंदों पर 138 रन ठोक दिए. 17 चौके और 5 छक्के. भारत मैच तो 27 रन से हार गया, लेकिन रोहित ने उस दिन एक अलग मैच जीत लिया- अपने भविष्य को लेकर चल रही बहस का.

    यह पारी इसलिए महत्वपूर्ण नहीं थी कि रोहित ने एक और शतक पूरा कर लिया. इसकी अहमियत इसलिए थी क्योंकि यह पारी उस वक्त आई जब उनके भविष्य पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे थे.

    एक 39 साल के बल्लेबाज ने दिखाया कि उम्र और हालिया फॉर्म के आंकड़ों के बावजूद उनके बल्ले में अभी भी ऐसी ODI पारी निकालने की क्षमता है जो मैच की दिशा बदल सकती है.

    यही वह बिंदु था जहां सवाल बदल गया.पहले सवाल था- रोहित को और कितना खिलाया जाए? अब सवाल है- अगर रोहित इसी तरह की पारियां देते रहे तो उन्हें बाहर कैसे रखा जाए?

    2027 की रेस अभी खुली है
    इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि रोहित का 2027 वर्ल्ड कप टिकट पक्का हो गया है. ऐसा मानना जल्दबाजी होगी.

    भारत के पास ओपनिंग के लिए कई विकल्प हैं. यशस्वी जायसवाल लंबे समय की योजना का हिस्सा हो सकते हैं. ऋतुराज गायकवाड़ भी ODI टीम में मौजूद हैं. शुभमन गिल पहले ही कप्तान और टीम के केंद्रीय बल्लेबाज बन चुके हैं. BCCI ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI स्क्वॉड में इन विकल्पों को साथ रखा है.

    यानी रोहित को किसी विशेषाधिकार के आधार पर जगह नहीं मिलनी है. उन्हें रन बनाने होंगे, फिट रहना होगा और अपनी जगह को लगातार सही साबित करना होगा. लेकिन लॉर्ड्स की 138 ने इतना जरूर किया कि रोहित के लिए दरवाजा फिर से खुला हुआ दिखाई देने लगा.

    असली परीक्षा अब शुरू होगी
    वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी और तीनों मुकाबले भारत में खेले जाएंगे. इसके बाद नवंबर में न्यूजीलैंड, दिसंबर में श्रीलंका और जनवरी 2027 में जिम्बाब्वे के खिलाफ ODI सीरीज भी निर्धारित है. इसका मतलब है कि 2027 वर्ल्ड कप से पहले भारत के पास अपने ODI संयोजन को परखने के लिए कई मौके हैं. रोहित के लिए भी यही असली परीक्षा है.

    एक बड़ी पारी ने बहस बदली है, खत्म नहीं की. लॉर्ड्स की 138 ने उन्हें 2027 की टीम में जगह नहीं दिलाई, लेकिन उसने चयनकर्ताओं के लिए एक बात जरूर मुश्किल कर दी- रोहित शर्मा को अभी से भविष्य की तस्वीर से बाहर मान लेना.

    क्रिकेट में महान खिलाड़ियों की सबसे बड़ी ताकत कई बार सिर्फ उनके आंकड़े नहीं होते. वह क्षमता होती है कि जब दुनिया आपको कहानी का पुराना किरदार मानने लगे, तब आप एक ऐसी पारी खेल दें जिससे पूरी कहानी फिर लिखनी पड़े.

     

  • UP में सरकारी नौकरी का मौका, नागरिक सुरक्षा विभाग के 191 पदों पर होगी भर्ती

    UP में सरकारी नौकरी का मौका, नागरिक सुरक्षा विभाग के 191 पदों पर होगी भर्ती

    योगी सरकार नागरिक सुरक्षा विभाग के 191 पदों पर जल्द करेगी भर्ती

    – सबसे अधिक सहायक उप नियंत्रक के 104 पदों पर होगी भर्ती 
     
    – सहायक उप नियंत्रक, भंडार अधीक्षक-द्वितीय और स्टोरमैन के कुल 6 पदों पर होगी भर्ती

    सीएम योगी ने एक लाख नौकरियां उपलब्ध कराने का किया है ऐलान 

    लखनऊ
    योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिन पहले ही एक कार्यक्रम में 19 सितंबर से एक लाख नई नौकरी देने का ऐलान किया था। इसी क्रम में नागरिक सुरक्षा विभाग में छह अलग-अलग पदों पर कुल 191 रिक्तियों पर भर्ती की शुरू कर दी गयी है। इसमें सबसे अधिक सहायक उप नियंत्रक (सा.वे.) के 104 पद शामिल हैं। इसके अलावा भंडार अधीक्षक-द्वितीय, स्टोरमैन, आशुलिपिक, कनिष्ठ सहायक और डिस्पैच राइडर के पद भी शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री ने एक लाख युवाओं को नौकरी उपलब्ध कराने का किया है ऐलान
    योगी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के युवाओं को साढ़े नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए हैं। वहीं प्रदेश के युवाओं को अगले छह माह में एक लाख नई नौकरी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों को निर्देश दिये हैं। इसमें सबसे अधिक 77 हजार भर्तियां अकेले यूपी पुलिस और होमगार्ड विभाग में की जाएंगी। ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर नागरिक सुरक्षा विभाग में 191 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग में अलग-अलग जिम्मेदारियों वाले पदों पर नियुक्तियां होने से विभागीय कामकाज को भी मानव संसाधन का सहयोग मिलेगा। विभाग में सहायक उप नियंत्रक के 104, भंडार अधीक्षक-द्वितीय के 6, स्टोरमैन के 33, आशुलिपिक के 9, कनिष्ठ सहायक के 25 और डिस्पैच राइडर के 14 खाली पदों पर भर्ती की जाएगी।

    इनमें सहायक उप नियंत्रक के 104 पदों पर होगी भर्ती 
    नागरिक सुरक्षा विभाग की 191 रिक्तियों में अकेले 104 पद
    सहायक उप नियंत्रक के हैं। विभाग की ओर से जल्द ही इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा विभाग आपात परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा और सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करता है। ऐसे में विभाग में रिक्त पदों को भरने से उसके प्रशासनिक और मैदानी कार्यों के संचालन में अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध होगा। सहायक उप नियंत्रक के पद विभागीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़े हैं। वहीं भंडार अधीक्षक और स्टोरमैन के पद विभाग की सामग्री एवं भंडार व्यवस्था से संबंधित हैं। आशुलिपिक और कनिष्ठ सहायक कार्यालयी कार्यों के संचालन में सहयोग करेंगे जबकि डिस्पैच राइडर से जुड़े पद विभागीय दस्तावेजों और अन्य आवश्यक सामग्री के आवागमन जैसे कार्यों के लिए उपयोगी होंगे।

  • अंजलि अरोड़ा की ‘श्री रामायण कथा’ का ट्रेलर रिलीज, सीता के किरदार में नजर आईं एक्ट्रेस

    अंजलि अरोड़ा की ‘श्री रामायण कथा’ का ट्रेलर रिलीज, सीता के किरदार में नजर आईं एक्ट्रेस

    लगता है इंडस्ट्री में रामायण पर फिल्म बनाने की होड़ मची है. हर फिल्ममेकर में राम-सीता की कहानी बताने की चुल दिख रही है. नितेश तिवारी की रामायण को लेकर बने बज के बीच एक और रामायण आ रही है. नाम है- महाकाव्य श्री रामायण कथा. इसका 2 मिनट 43 सेकंड का ट्रेलर रिलीज हुआ है. इसमें 'कच्चा बादाम गर्ल' अंजलि अरोड़ा माता सीता के रोल में हैं. रावण बने हैं रजनीश दुग्गल, राम का किरदार एक्टर देव शर्मा प्ले कर रहे हैं.

    लेकिन जिसका डर था वही हुआ. ट्रेलर देखने के बाद आपको लगेगा ये क्या ही देख लिया. मेकर्स से ये सवाल करने का मन करेगा कि इसे बनाने की क्या जरूरत थी? ये ट्रेलर रामायण को लेकर आपके इमोशंस के साथ खिलवाड़ करता है. 4000 करोड़ में बनी नितेश तिवारी की रामायण को तो लोग अभी तक अपना नहीं पाए हैं. तो सोचिए ऐसे हालातों में इस फिल्म को कैसे कोई अपनाएगा? ट्रेलर में जिस तरह लीड एक्टर्स डायलॉग बोलते हुए फंबल कर रहे हैं. ठीक वैसे ही इस फिल्म का भविष्य भी लड़खड़ाता हुआ नजर आता है.

    कैसा है अंजलि अरोड़ा की फिल्म का ट्रेलर?
    ट्रेलर सीता हरण के सीन से शुरू होता है. जहां रावण साधु का भेष बनाकर सीता का अपहरण करने आता है. रावण के अहंकार, सीता का वियोग, राम की सीता के लिए तड़प और हनुमान की भक्ति की झलक दिखाई गई है. लंका से सीता को वापस लाने के लिए राम हनुमान और वानरों की सेना तैयार करते हैं. राम और रावण के बीच युद्ध के सीन्स की झलक भी ट्रेलर में दिखी है. पूरे 2 मिनट 43 सेकंड के वीडियो में मेकर्स ने सीता हरण के बाद की पूरी कहानी की झलक दिखा दी है.

    फिर पीछे पड़े ट्रोल्स
    'महाकाव्य श्री रामायण कथा' को टीजर रिलीज के बाद काफी सारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. वही हाल इस बार भी दिखा है. यूजर्स ने फिल्म की कास्टिंग के मजे लिए हैं. एक शख्स ने लिखा- रावण के रोल में राम को क्यों कास्ट किया है. कईयों को आदिपुरुष याद आ गई है. एक शख्स ने कहा- भगवान से डरो. यूजर्स ने अंजलि अरोड़ा की बेकार एक्टिंग का मजाक उड़ाया है. किसी ने कहा- अंजलि को एक्टिंग में नहीं आना चाहिए था. लोग बोल्ड गर्ल अंजलि का माता सीता के रोल में देखकर भी आहत हो रहे हैं.

    इस ट्रेलर का रिव्यू करें तो ना इसकी कास्टिंग दमदार है, ना ही म्यूजिक और एक्टिंग. वीएफएक्स को लेकर भी फिल्म मात खाती है. कोई ऐसा असरदार डायलॉग भी नहीं है, जो दिमाग में बस जाए. सीता बनीं अंजलि अरोड़ा को डायलॉग बोलने में मशक्कत करनी पड़ रही है. पूरे ट्रेलर में उनके चेहरे पर बस एक ही एक्सप्रेशन हैं. ये ट्रेलर देखकर यही पूछने का मन कर रहा है कि आखिर इस मूवी को बनाया क्यों जा रहा है. जब ट्रेलर देखकर ही बज नहीं बना है, तो फिल्म क्या ही कमाल करेगी.

    अभिषेक सिंह के निर्देशन में बनी मूवी सिनेमाघरों में इसी महीने 25 तारीख को आएगी. इसे दो भाषाओं हिंदी और छत्तीसगढ़ी में रिलीज किया जाएगा.

    आपको कैसा लगा ये ट्रेलर?

  • रेलवे में 4029 पदों पर भर्ती, JE समेत इन पदों के लिए CBT-1 परीक्षा 27 अक्टूबर से

    रेलवे में 4029 पदों पर भर्ती, JE समेत इन पदों के लिए CBT-1 परीक्षा 27 अक्टूबर से

     लखनऊ
    रेलवे में जूनियर इंजीनियर, डिपो मेटेरियल सुपरिटेंडेंट और केमिकल व मेटलर्जिकल असिस्टेंट के पदों पर भर्ती के लिए प्रथम चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी- 1) देश के विभिन्न रेलवे भर्ती बोर्ड के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर अगले माह आयोजित होगी। यह परीक्षा 27-28 और 30 अक्टूबर को होगी।

    रेल मंत्रालय ने केंद्रीयकृत रोजगार नोटिस (सीईएन) 04/2026 के तहत जूनियर इंजीनियर, डीएमएस और सीएमए के पदों पर भर्ती के लिए पहले कुल 3993 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था।

    हालांकि, बाद में पदों की संख्या बढ़कर 4029 हो गई। रेल मंत्रालय के रेलवे भर्ती बोर्ड्स के अध्यक्ष की ओर से बुधवार को पहले चरण की सीबीटी का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया।

    परीक्षा की तारीख से लगभग 10 दिन पहले आरआरबी की क्षेत्रीय वेबसाइटों पर परीक्षा केंद्र वाले शहर और तिथि सूचना लिंक सक्रिय हो जाएगा। ई काल लेटर परीक्षा तिथि से लगभग चार दिन पहले डाउनलोड किया जा सकेगा। एससी/एटी आवेदक को यात्रा स्लिप और सभी आवेदकों को परीक्षा केंद्रों की जानकारी परीक्षा 10 दिन पहले ही जारी कर दी जाएगी।

    परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी की आधार लिंक बायोमीट्रिक करायी जाएगी। अभ्यर्थियों को अपना मूल आधार कार्ड या ई-वैरिफाई किए गए आधार के प्रिंट को साथ लाना होगा। इसके बारे में जानकारी आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in से आनलाइन चेक किया जा सकता है।

     

  • श्रीनिवास तिवारी की कार्यशैली को CM यादव ने किया याद, बोले- उनके प्रसंग आज भी प्रेरणा देते हैं

    श्रीनिवास तिवारी की कार्यशैली को CM यादव ने किया याद, बोले- उनके प्रसंग आज भी प्रेरणा देते हैं

    श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी के विधानसभा संचालन संबंधी अनेक प्रसंग आज भी प्रेरणादायी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की जयंती पर किया नमन
    विधानसभा के सेन्ट्रल हॉल में की पुष्पांजलि अर्पित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. श्रीनिवास तिवारी की जयंती पर मध्यप्रदेश विधानसभा के सेन्ट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय श्रीनिवास तिवारी का स्मरण करते हुए कहा कि श्री तिवारी ने विद्यार्थी जीवन में स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। सन् 1952 में वे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में विंध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। मध्यप्रदेश राज्य की राजनीति में उनका लंबा कार्यकाल रहा। श्री तिवारी 1993 से 2003 तक मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री श्री अर्जुन सिंह मंत्रिमण्डल में भी उन्होंने मंत्री पद के दायित्व का निर्वाहन किया। श्री तिवारी 'सफेद शेर' के नाम से प्रसिद्ध रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सर्वोच्च स्थान विधानसभा का है। श्री तिवारी ने अपनी प्रशासनिक दक्षता, लोकतांत्रिक परम्पराओं और विधायिनी प्रक्रियाओं के ज्ञान के आधार पर विधानसभा के मान-सम्मान का विशेष ध्यान रखा। विधानसभा संचालन से संबंधित उनके अनेक प्रसंग आज भी प्रेरणादायी है। ऐसे नेता का स्मरण कर हम सब गौरवान्वित हैं। इस अवसर पर विधायक श्री भगवानदास सबनानी, पूर्व मंत्री श्री पीसी शर्मा, श्रद्धेय श्री तिवारी के परिजन, जनप्रतिनिधि तथा विधानसभा के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

     

  • अगरकर के बाद किसे मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी? BCCI के चीफ सेलेक्टर पद के लिए 2 दावेदार आगे

    अगरकर के बाद किसे मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी? BCCI के चीफ सेलेक्टर पद के लिए 2 दावेदार आगे

    नई दिल्ली
     बीसीसीआई ने मेंस की नेशनल सेलेक्शन कमिटी के नए अध्यक्ष की तलाश शुरू कर दी है. मौजूदा मुख्य चयनकर्ता और पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज अजीत आगरकर का अनुबंध 4 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है और. उनके कार्यकाल को बढ़ाने की संभावना बेहद कम है. अगरकर को जुलाई 2023 में इस पद पर नियुक्त किया गया था. माना जा रहा था कि उन्हें 2027 के वनडे विश्व कप तक पद पर बनाए रखा जा सकता है, लेकिन हालिया घटनाओं और बोर्ड के साथ मतभेदों के बाद इस निर्णय में बदलाव आया है। 
    मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस प्रशासनिक उथल-पुथल के बीच नए अध्यक्ष के रूप में दो प्रमुख नाम सामने आ रहे हैं. बीसीसीआई पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल (Parthiv Patel) और पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा (Pragyan Ojha) के नाम पर गंभीरता से विचार कर रहा है. प्रज्ञान ओझा फिलहाल मौजूदा चयन पैनल के सदस्य भी हैं। 

    रोहित शर्मा की कप्तानी और चयनकर्ताओं का फैसला
    विवाद का मुख्य कारण भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के भविष्य को लेकर बना गतिरोध है. रिपोर्टों के अनुसार, चयन समिति ने रोहित शर्मा से स्पष्ट कह दिया था कि वे भविष्य की योजनाओं में उन्हें शामिल नहीं देख रहे हैं. समिति का मुख्य लक्ष्य आगामी वनडे विश्व कप के लिए युवा खिलाड़ियों को लगातार अवसर देकर एक नई टीम तैयार करना है. हालांकि, चयनकर्ताओं ने टेस्ट और T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके रोहित शर्मा पर छोड़ दिया था कि वे अपने वनडे करियर का अंतिम फैसला खुद लें। 

    बीसीसीआई और चयन समिति में तनातनी
    चयनकर्ताओं के इस रुख से क्रिकेट जगत में हड़कंप मच गया, जिसके बाद बीसीसीआई के सचिव देवाजीत सैकिया (Devajit Saikia) को सार्वजनिक रूप से सफाई देनी पड़ी. सैकिया ने स्पष्ट किया कि बोर्ड की रोहित शर्मा को संन्यास के लिए मजबूर करने की कोई योजना नहीं है और जब तक वे चयन मानदंडों में फिट बैठते हैं, उन्हें टीम में चुना जाएगा. बोर्ड सचिव के इस बयान ने चयनकर्ताओं को असहज स्थिति में डाल दिया. सूत्रों के मुताबिक, चयन समिति ने रोहित शर्मा से बात करने से पहले ही बोर्ड को अपने फैसले से अवगत करा दिया था. इस तरह बोर्ड के रुख में आए अचानक बदलाव और सार्वजनिक बयानबाजी से अजीत आगरकर नाराज बताए जा रहे हैं. इसी खींचतान के बीच, आगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे और T20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान भी किया। 

    जीत से भरा रहा अजीत अगरकर का कार्यकाल
    अजीत अगरकर का कार्यकाल परिणाम और सफलताओं के लिहाज से बेहद शानदार माना जाएगा. जुलाई 2023 में पद संभालने के बाद से उनके नेतृत्व में चयन समिति ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए, जिसका असर मैदान पर दिखा. अगरकर के दौर में भारतीय टीम ने लंबे समय से चले आ रहे आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को समाप्त किया. भारत ने वर्ष 2024 में शानदार प्रदर्शन करते हुए T20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया. इसके बाद 2025 में टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की. भारतीय क्रिकेट टीम का यह विजयी अभियान यहीं नहीं रुका. टीम ने 2026 के T20 विश्व कप में भी अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करते हुए एक बार फिर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया. लगातार तीन बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स में मिली यह जीत अगरकर के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।