Author: NewseDay

  • DU छात्रसंघ चुनाव में छत्तीसगढ़ का दबदबा, पीयूष जायसवाल ने 674 वोटों से मारी बाजी

    DU छात्रसंघ चुनाव में छत्तीसगढ़ का दबदबा, पीयूष जायसवाल ने 674 वोटों से मारी बाजी

    गरियाबंद.

    दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित शहीद भगत सिंह संध्या कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव 2026 में स्वतंत्र प्रत्याशी छत्तीसगढ़ के पीयूष जायसवाल ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है।

    बेमेतरा के रहने वाले और देश के सबसे कम उम्र के मशहूर छात्र वैज्ञानिक व शोधकर्ता पीयूष जायसवाल ने किसी भी बड़े राजनैतिक दल का दामन थामे बिना, पूरी तरह स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर जॉइंट सेक्रेटरी (संयुक्त सचिव) पद पर एकतरफा चुनाव जीता है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों को रिकॉर्डतोड़ 674 वोटों से हराकर विजय का परचम लहराया। दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास में यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ के किसी छात्र ने बिना किसी पार्टी बैनर के सिर्फ अपने दम पर अपनी प्रेरक भाषण शैली और दमदार नेतृत्व के भरोसे इतनी बड़ी जीत दर्ज की हो।

    देवभोग गरियाबंद से शुरू हुआ था दुनिया को चौंकाने वाला सफर
    पीयूष जायसवाल (सुपुत्र: प्यारे लाल जायसवाल, प्राचार्य – डीएवी बेमेतरा) की यह अद्भुत प्रतिभा नई नहीं है, बल्कि इसकी नींव छत्तीसगढ़ में ही पड़ चुकी थी। पीयूष जब छत्तीसगढ़ के डीएवी देवभोग गरियाबंद में कक्षा 4थी से 7वीं तक की पढ़ाई कर रहे थे, तभी मात्र 12 वर्ष की कम में (कक्षा 7वीं के दौरान) उन्होंने एक नया कीर्तिमान रच दिया था। वे इतनी छोटी सी उम्र में ही लेखक, कवि, वैज्ञानिक और शोधकर्ता बनकर पूरी दुनिया को चौंका चुके थे। उन्होंने ब्रह्मांड के रहस्यों पर अपनी प्रसिद्ध पुस्तक और गति के नियमों पर महत्वपूर्ण शोध पत्र लिखकर बचपन में ही देशभर में नाम रौशन कर दिया था।

    ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न’ से सम्मानित
    मुख्य शासकीय एवं राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय सम्मानों से सुसज्जित प्रोफाइल पीयूष जायसवाल को उनकी असाधारण प्रतिभा के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर ढेरों सम्मान मिल चुके हैं। इसी वर्ष 12 जनवरी 2026 को युवा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीयूष को ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न’ पुरस्कार और ₹2,50,000/- (ढाई लाख रुपये) की प्रोत्साहन राशि से विशेष रूप से सम्मानित किया था। भौतिकी और खगोल विज्ञान की इतनी जटिल गणनाओं को इतनी कम उम्र में हल करने के कारण इन्होंने महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के पुराने कीर्तिमानों को चुनौती दी।

    गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज
    सबसे कम उम्र में विज्ञान अनुसंधान के लिए इनका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। इसके अलावा उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) अवार्ड, युवा वैज्ञानिक पुरस्कार चेन्नई दिल्ली में, बाल श्रेष्ठ पुरस्कार दिल्ली और समाज की ओर से कलचुरी गौरव रत्न पुरुकार दिल्ली सहित 75 से अधिक, अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय व प्रांतीय सम्मान मिल चुके हैं।

    भाषण शैली और अद्भुत नेतृत्व के भरोसे जीते
    चुनाव प्रचार के दौरान पीयूष जायसवाल के पास न तो कोई बड़ा राजनैतिक सहयोग था और न ही कोई बड़ी पार्टी का नाम। उन्होंने केवल अपनी अद्भुत बुद्धिमत्ता, बेबाक भाषण शैली और छात्र कल्याण के विजन को आगे रखा। जब पीयूष कॉलेज परिसर में भाषण देते थे, तो दिल्ली के स्थानीय छात्रों से लेकर अन्य राज्यों के छात्र उनकी वैज्ञानिक सोच और नेतृत्व क्षमता के मुरीद हो जाते थे। परिणाम यह रहा कि छात्रों ने पार्टियों की राजनीति से ऊपर उठकर पीयूष को एकतरफा वोट देकर जिताया।इस खबर से पूरे छत्तीसगढ़ में जश्न का माहौल है, लोग पीयूष जायसवाल को बधाई व शुभकामनाएं दे रहे।

  • PM मोदी ने 51 हजार युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले- सफलता के पीछे परिवार की भी तपस्या

    PM मोदी ने 51 हजार युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले- सफलता के पीछे परिवार की भी तपस्या

    नईदिल्ली 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक नवनियुक्त युवाओं को सरकारी सेवाओं के नियुक्ति पत्र वितरित किए. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि वे ऐसे समय में भारत सरकार से जुड़ रहे हैं, जब देश 2047 तक विकसित भारत बनाने के बड़े लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि युवाओं को सरकारी सेवा में रहते हुए ऐसे फैसले लेने चाहिए, जो विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के अभियान को मजबूत करें. उन्होंने नियुक्ति पाने वाले युवाओं से कहा कि इस उपलब्धि के पीछे उनकी मेहनत के साथ-साथ माता-पिता और परिवार के सदस्यों की भी तपस्या और योगदान है। 

    पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय युवाओं की प्रतिभा और कौशल ने पूरी दुनिया का भरोसा जीता है. दुनिया को भारत के इनोवेटर्स, उद्यमियों और युवा शक्ति से काफी उम्मीदें हैं. उन्होंने हाल में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि भारत का प्रयास है कि ब्रिक्स सहयोग केवल सरकारों तक सीमित न रहे, बल्कि उद्यमी, किसान, महिलाएं और युवा भी इसके सक्रिय भागीदार बनें. इसी सोच के तहत ब्रिक्स कनेक्ट और ब्रिक्स एमएसएमई कोऑपरेशन पोर्टल जैसी पहल की गई है। 

    40 देशों के साथ FTA
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं. उनके मुताबिक, इन समझौतों से भारतीय उद्यमियों के लिए नई साझेदारियों और बाजारों के रास्ते खुल रहे हैं तथा युवाओं के लिए करियर के नए अवसर पैदा हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने पर लगातार जोर दे रही है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्किल इंडिया मिशन और अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा देने की पहल इसी दिशा में हैं. प्रधानमंत्री ने पीएम सेतु योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश से एक हजार सरकारी आईटीआई को आधुनिक बनाया जा रहा है और इसमें उद्योग जगत की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। 

    तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम
    पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है और करीब आधे मान्यता प्राप्त स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों में हैं. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत करीब एक लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इसके जरिए करीब दो करोड़ युवाओं को पहली बार कार्यबल का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा. पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को 15 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन देने और नए रोजगार पैदा करने वाले नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहित करने की व्यवस्था का उन्होंने जिक्र किया। 

    जीडीपी और निवेश में वृद्धि
    प्रधानमंत्री ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है और निवेश में करीब 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि के पीछे पिछले वर्षों में किए गए सुधारों का बड़ा योगदान है. नवनियुक्त सरकारी कर्मचारियों से उन्होंने सुधारों की गति को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया. पीएम मोदी ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों का हर फैसला और फाइल पर किया गया हस्ताक्षर युवाओं की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने वाला होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र का उद्देश्य युवाओं के रास्ते की बाधाएं हटाना, उनके विचारों को अवसर देना और नवाचार के जरिए निवेश तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करना होना चाहिए। 

    स्किल को लगातार बेहतर बनाने की सलाह
    प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से अपनी स्किल लगातार बेहतर करने और नई तकनीक तथा प्रणालियों को समझने की अपील की. उन्होंने मिशन कर्मयोगी का जिक्र करते हुए कहा कि आईगॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म से 1.70 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारी जुड़ चुके हैं और नए कर्मचारियों के लिए कर्मयोगी प्रारंभ को विशेष रूप से तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार की असली ताकत देश के नागरिकों का विश्वास है. किसी भी मंत्रालय या विभाग में काम करने वाला कर्मचारी किसी न किसी रूप में आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करता है. किसी बुजुर्ग की पेंशन, विद्यार्थी की छात्रवृत्ति या किसान को मिलने वाली सुविधा में सरकारी कर्मचारी की जिम्मेदारी जुड़ी होती है. प्रधानमंत्री ने युवाओं से इसी जिम्मेदारी को समझते हुए देशसेवा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। 

  • नवा रायपुर में 100 एकड़ में विकसित हो रही 5 हजार बिस्तरों की मेडिसिटी, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का बनेगी प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री साय

    नवा रायपुर में 100 एकड़ में विकसित हो रही 5 हजार बिस्तरों की मेडिसिटी, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का बनेगी प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री साय

    कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान और सुलभ उपचार के लिए सरकार, चिकित्सा जगत और समाज को मिलकर करने होंगे प्रयास : मुख्यमंत्री साय

    कैंसर के खिलाफ लड़ाई में मरीज को यह भरोसा दिलाना जरूरी कि वह अकेला नहीं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    नवा रायपुर में 100 एकड़ में विकसित हो रही 5 हजार बिस्तरों की मेडिसिटी, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का बनेगी प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री ने चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 का किया शुभारंभ

    ‘Restoring Balance to Cancer Care’ थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में 200 से अधिक राष्ट्रीय और 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ हो रहे शामिल

    आयुष्मान भारत से 5 लाख और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से 25 लाख रुपए तक मिल रही उपचार सहायता

    मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान में लगभग 34 लाख लोगों की स्क्रीनिंग, करीब 40 हजार लोगों को बीमारी की पहचान के बाद उपचार से जोड़ा गया

    कैंसर मरीजों का तैयार होगा व्यवस्थित डेटाबेस, सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए मिशन मोड में आगे बढ़ेगा एचपीवी टीकाकरण : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

    रायपुर 
     कैंसर के विरुद्ध लड़ाई केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है। मरीज को आधुनिक और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने के साथ उसका मनोबल बनाए रखना तथा उसे यह विश्वास दिलाना भी उतना ही आवश्यक है कि इस कठिन लड़ाई में वह अकेला नहीं है। चिकित्सकों का संवेदनशील व्यवहार और परिवार एवं समाज का भावनात्मक सहयोग मरीज के भीतर बीमारी से लड़ने का हौसला बढ़ाता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मेफेयर में बालको मेडिकल सेंटर द्वारा आयोजित चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 के शुभारंभ अवसर पर संबोधित करते हुए यह बात कही। 

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कैंसर आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। कैंसर का नाम सुनते ही मरीज के साथ पूरा परिवार चिंता और अनिश्चितता से घिर जाता है। बीमारी का प्रभाव केवल मरीज के शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी मानसिक, पारिवारिक और आर्थिक परिस्थितियों पर भी पड़ता है। इसलिए कैंसर के उपचार में समग्र दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।

    उन्होंने कहा कि चिकित्सक जब आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ मरीज से जुड़ते हैं तो वे केवल बीमारी का उपचार नहीं करते, बल्कि मरीज और उसके परिवार के लिए विश्वास और हौसले का आधार भी बनते हैं। चिकित्सा विज्ञान में हो रही प्रगति के साथ मानवीय संवेदना का यह पक्ष कैंसर के विरुद्ध लड़ाई को और मजबूत बनाता है।

    समय पर पहचान से बढ़ती हैं प्रभावी उपचार की संभावनाएं

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कैंसर से लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक बीमारी की समय पर पहचान है। शुरुआती अवस्था में कैंसर की पहचान होने पर प्रभावी उपचार की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की समय पर स्क्रीनिंग और रोकथाम को प्राथमिकता दी है।

    मुख्यमंत्री साय ने कॉन्क्लेव में उपस्थित विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे ऐसी आधुनिक तकनीकों, अनुसंधानों और प्रभावी उपायों पर विचार करें, जिनसे कैंसर की जल्द पहचान हो सके और उपचार को अधिक सस्ता, सुलभ तथा आम लोगों की पहुंच में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कॉन्क्लेव चिकित्सा जगत के अनुभव, शोध और नवाचार को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच हैं। यहां होने वाला विचार-विमर्श भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों और उपचार पद्धतियों को नई दिशा देने में सहायक होगा।

    प्रदेश में लगातार मजबूत हो रही स्वास्थ्य अधोसंरचना

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। आज शासकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर इनकी संख्या 15 हो गई है। इसके साथ ही पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि इन चिकित्सा संस्थानों में कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक विशेषज्ञता, आधुनिक उपकरण और अधोसंरचना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के लोगों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूर न जाना पड़े और उन्हें अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो।

    आर्थिक कठिनाई उपचार में न बने बाधा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर बीमारी के समय उपचार के खर्च की चिंता परिवार की परेशानी को और बढ़ा देती है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक कठिनाई किसी जरूरतमंद व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने। आयुष्मान भारत योजना ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान की है। पात्र परिवारों को योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए तक उपचार की सुविधा मिल रही है।

    उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को 25 लाख रुपए तक की उपचार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य यही है कि बीमारी के कठिन समय में परिवार को आर्थिक चिंता के बजाय मरीज के स्वास्थ्य और उपचार पर ध्यान देने का संबल मिले।

    बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत लगभग 34 लाख लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई है। इनमें करीब 40 हजार लोगों में विभिन्न बीमारियों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ा गया है।

    उन्होंने कहा कि व्यापक स्क्रीनिंग का उद्देश्य बीमारी की शुरुआती अवस्था में ही पहचान करना और मरीज को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। सरगुजा सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की पहचान और उपचार के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

    नवा रायपुर में आकार ले रही 5 हजार बिस्तरों की मेडिसिटी

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में नवा रायपुर में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में 5 हजार बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी विकसित की जा रही है। यह परियोजना प्रदेश में विशेषज्ञ और सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

    उन्होंने कहा कि मेडिसिटी के विकसित होने से प्रदेशवासियों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।

    स्वस्थ नागरिक विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं। छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ तभी प्रभावी योगदान दे सकेगा, जब प्रदेश का प्रत्येक नागरिक स्वस्थ और सशक्त होगा।

    उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति में चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समाज डॉक्टरों को अत्यंत सम्मान की दृष्टि से देखता है, क्योंकि वे कठिन परिस्थितियों में लोगों का जीवन बचाने और उन्हें स्वस्थ जीवन देने का कार्य करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चौथा बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव कैंसर की रोकथाम, समय पर स्क्रीनिंग, शोध और आधुनिक उपचार के क्षेत्र में उपयोगी निष्कर्षों तथा नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा। यहां देश-दुनिया के विशेषज्ञों द्वारा साझा किए जा रहे अनुभव और नवाचार छत्तीसगढ़ में कैंसर के विरुद्ध सामूहिक प्रयासों को नई दिशा और मजबूती देंगे।

    कैंसर मरीजों का तैयार होगा व्यवस्थित डेटाबेस : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चौथा छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। देश-दुनिया के कैंसर विशेषज्ञों का एक मंच पर आकर रोकथाम, स्क्रीनिंग, अनुसंधान और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर अपने अनुभव साझा करना प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने में सहायक होगा।

    उन्होंने कहा कि बालको मेडिकल सेंटर द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्रदेश में 500 से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से लोगों में कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर जांच के लिए प्रेरित करने का कार्य किया गया है।

    स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार कैंसर की समय पर पहचान के लिए स्क्रीनिंग का दायरा लगातार बढ़ा रही है। प्रदेश में कैंसर को नोटिफाई करने का निर्णय लिया गया है। इससे कैंसर मरीजों का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जा सकेगा और उनके उपचार तथा स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों का बेहतर ढंग से संधारण संभव होगा।

    उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण को भी मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि स्क्रीनिंग और रोकथाम के उपायों के माध्यम से बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में हो तथा मरीज को समय पर आवश्यक उपचार मिल सके।

    ‘Restoring Balance to Cancer Care’ थीम पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ, शोधकर्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग, उपचार, अनुसंधान और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर मंथन कर रहे हैं। कॉन्क्लेव में 200 से अधिक राष्ट्रीय और 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इस वर्ष स्त्री रोग संबंधी कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर पर विशेष रूप से चर्चा की जा रही है।

    कैंसर की जांच और उपचार की नवीन तकनीकों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

    कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैंसर जागरूकता, प्रारंभिक पहचान, स्क्रीनिंग तथा जांच एवं उपचार की नवीनतम तकनीकों से संबंधित विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन परियोजना का शुभारंभ भी किया।

    मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रतिनिधियों से आधुनिक तकनीकों की कार्यप्रणाली, कैंसर की समय रहते पहचान में उनकी उपयोगिता तथा उपचार के क्षेत्र में हो रहे नए अनुसंधानों और नवाचारों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने विशेषज्ञों से कैंसर की जांच और उपचार में उभरती नई संभावनाओं पर भी चर्चा की।

    मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से यह जानकारी ली कि आधुनिक तकनीक और नवाचारों की सहायता से कैंसर की प्रारंभिक पहचान को किस प्रकार अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है और इन सुविधाओं को प्रदेश के आम नागरिकों, विशेषकर दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक किस प्रकार अधिक सुलभता से पहुंचाया जा सकता है।

    इस अवसर पर बालको मेडिकल सेंटर की डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही, पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति मेडिकल कॉलेज रायपुर के डीन डॉ. विवेक चौधरी, ई-कैंसर की प्रतिनिधि डॉ. सुज़ाना स्टेनवे, वाइस एडमिरल आरती सरीन सहित देश-विदेश से आए विशेषज्ञ चिकित्सक, शोधकर्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • ‘आशीर्वाद का दीया’ में जनभागीदारी की सराहना, सेवा संकल्प अभियान को लेकर समीक्षा बैठक

    ‘आशीर्वाद का दीया’ में जनभागीदारी की सराहना, सेवा संकल्प अभियान को लेकर समीक्षा बैठक

    रायपुर : सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने की समीक्षा

    आशीर्वाद का दीया’ में जनभागीदारी की सराहना, सभी गतिविधियों में अधिक से अधिक सहभागिता पर दिया जोर

    रायपुर

    प्रदेश के श्रम, उद्योग और व्यापार, वाणिज्यिक कर मंत्री एवं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने विश्राम भवन खैरागढ़ में बैठक लेकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अभियान की आगामी गतिविधियों और तिथिवार कार्ययोजना पर चर्चा की। प्रभारी मंत्री देवांगन ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस एक माह के अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ प्रभावी स्वरूप दिया जाए। इसके लिए शासन-प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों का परस्पर समन्वित सहयोग आवश्यक है।

    प्रभारी मंत्री देवांगन ने अभियान के शुभारंभ अवसर पर 17 सितंबर को आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों की सहभागिता से बड़ी संख्या में दीप प्रज्वलित किया जाना जनभागीदारी की भावना को दर्शाता है। उन्होंने इस आयोजन की सफलता के लिए जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और जिलावासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व और समर्पण की यात्रा के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से सेवा, समर्पण और विकास की भावना को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, जिला पंचायत सदस्य दिनेश साहू, वरिष्ठ नागरिक विशेषर साहू, नवनीत जैन, शशांक ताम्रकार सहित कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, पुलिस अधीक्षक लक्ष्य विनोद शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल के अलावा जिले के जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

    ’निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार कार्यक्रम कराने के निर्देश’

    प्रभारी मंत्री देवांगन ने कहा कि अभियान के तहत निर्धारित तिथिवार कार्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से आयोजित किया जाए। सभी विभाग अपने दायित्वों का आपसी समन्वय के साथ निर्वहन करें, ताकि अभियान की गतिविधियां जिले के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें। उन्होंने कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की अधिक से अधिक संख्या में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर देते हुए कहा कि व्यापक जनसहभागिता से ही अभियान की गतिविधियों को प्रभावी बनाया जा सकता है। सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए निर्धारित कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से संपन्न कराएं तथा अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने का हरसंभव प्रयास करें।

    ’‘आशीर्वाद का दीया’ बना सामूहिक सहभागिता का संदेश’

    सेवा संकल्प अभियान के पहले दिन 17 सितंबर को आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में जिलेभर में बड़ी संख्या में दीप प्रज्वलित किए गए। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के नागरिकों ने उत्साह के साथ इसमें भागीदारी निभाई। दीप प्रज्वलन के माध्यम से सेवा, समर्पण और विकसित भारत के सामूहिक संकल्प को अभिव्यक्त किया गया। प्रभारी मंत्री ने इस व्यापक सहभागिता को अभियान की आगामी गतिविधियों के लिए उत्साहवर्धक बताते हुए जिलेवासियों से पूरे अभियान के दौरान इसी तरह आगे की गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी बनाए रखने का आह्वान किया।

  • अब घायल गोवंश को नहीं करना पड़ेगा इंतजार, हर जिले में बनेगा रेस्क्यू सिस्टम

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    गोवंश को तत्काल मिलेगा उपचार, हर जिले में बनेगा इमरजेंसी रेस्क्यू सिस्टम

    पंचगव्य से चिकित्सा पर शोध को बढ़ावा देगी योगी सरकार

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    महिला स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ, कृषकों एवं गोपालकों को गो-आधारित उत्पादों एवं ग्रामीण उद्यमिता से जोड़ा जाएगा

    लम्पी और खुरपका-मुंहपका से बचाव के लिए समयबद्ध टीकाकरण और त्वरित उपचार के निर्देश

    लखनऊ
     हादसों में घायल होने वाले गोवंश को अब तत्काल उपचार मिल सकेगा। इसके साथ ही योगी सरकार प्रदेश के हर जिले में गोवंश के लिए आपातकालीन बचाव एवं त्वरित उपचार की व्यवस्था विकसित करने जा रही है। वहीं, पंचगव्य आधारित चिकित्सा की संभावनाओं पर वैज्ञानिक शोध को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान, मथुरा और राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, लखनऊ में इस दिशा में शोध एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। 
    इसके अलावा गो-संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की भी तैयारी है। महिला स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ, किसानों और गोपालकों को गोबर एवं गोमूत्र आधारित उत्पादों के निर्माण, पैकेजिंग, मूल्यवर्धन और विपणन से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सरकारी आवास पर भेंट के दौरान गो सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों की इन विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

    इस दौरान आयोग के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में गोवंश संरक्षण, गोशालाओं के बेहतर प्रबंधन, गोवंश के स्वास्थ्य और इस दिशा में भविष्य की कार्ययोजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श किया।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवंश और गोशालाओं के नियमित व प्रभावी निरीक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल कमियां चिह्नित करने तक सीमित न रहे, बल्कि, उनका समयबद्ध ढंग से समाधान भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गोशालाओं में गोवंश के भरण-पोषण, साफ-सफाई, हरे चारे व भूसे की उपलब्धता, पेयजल और आश्रय की व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही बीमार और कमजोर गोवंश की विशेष देखभाल सुनिश्चित करने को कहा।

    मुख्यमंत्री ने लम्पी और खुरपका-मुंहपका से बचाव के लिए समयबद्ध टीकाकरण और त्वरित उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई को कहा। इसके अलावा गोशालाओं का निरीक्षण अधिक परिणाममुखी बनाने और वैज्ञानिक प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा हुई। नर, मादा, बीमार और युवा गोवंश की जरूरत के अनुसार अलग-अलग देखभाल सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

    स्थानीय किसानों के जरिए चारा उत्पादन बढ़ाने पर जोर

    आयोग ने गोवंश संरक्षण में किसानों और गोपालकों की भागीदारी बढ़ाने, मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत 10 गोवंश रखने वाले लाभार्थियों को प्राथमिकता पर कैटल शेड, बायोगैस संयंत्र और यूरिन टैंक जैसी सुविधाओं से जोड़ने का सुझाव दिया। इसके साथ ही वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता, गोचर व चारागाह विकास और स्थानीय किसानों के जरिए चारा उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया। आयोग ने गोबर-गोमूत्र से जैविक खाद, जीवामृत, बीजामृत, प्राकृतिक कीट नियंत्रक और बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों-गोपालकों की आय और रोजगार बढ़ाने का सुझाव दिया।
    इस दौरान उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, उपाध्यक्ष अतुल सिंह व महेश शुक्ल तथा सदस्य राजेश सिंह सेंगर, रमाकांत उपाध्याय और दीपक गोयल आदि उपस्थित थे।

  • ‘कार्यकर्ता धूप में दरी बिछाएं, नेता एसी में हाथ हिलाएं’… संजय निषाद ने सपा को घेरा

    ‘कार्यकर्ता धूप में दरी बिछाएं, नेता एसी में हाथ हिलाएं’… संजय निषाद ने सपा को घेरा

    ‘मुंह से PDA, दिल में लग्जरी रथ’… संजय निषाद ने अखिलेश यादव पर साधा सीधा निशाना

    ‘गरीबों के वोट पर पलने वाले नेता गरीबों को भूल गए’… संजय निषाद का अखिलेश पर तीखा हमला

    ‘कार्यकर्ता धूप में दरी बिछाएं, नेता एसी में हाथ हिलाएं’… संजय निषाद ने सपा को घेरा

    अखिलेश की साइकिल से लग्जरी गाड़ियों तक पर संजय निषाद का वार, बोले- उनकी कथनी और करनी में अंतर’

    ‘कथनी और करनी में अंतर तो जनता दूर होगी’… अखिलेश यादव पर संजय निषाद का सीधा वार

    लखनऊ
     कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की PDA राजनीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश विचारधारा से चलता है और राजनीति की शुरुआत इस सोच के साथ हुई थी कि गरीब आदमी भी राजा बने, लेकिन दुर्भाग्य से गरीबों के वोट और गरीबों के नोट पर पलने वाले नेता अब गरीबों को ही भूल गए हैं।

    संजय निषाद ने सपा की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछड़ों के नाम पर राजनीति करने वालों ने 27 प्रतिशत आरक्षण पर अकेले कब्जा कर लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ‘अदर मैन’ कहां चले गए।

    ‘कार्यकर्ता धूप में खड़े, नेता एसी में बैठकर हाथ हिलाएं’

    संजय निषाद ने सपा की राजनीति में कार्यकर्ताओं की भूमिका और नेतृत्व के तौर-तरीकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी भी काम को कार्यकर्ता ही करता है। कार्यकर्ता समर्पित और संकल्पित होकर काम करता है।

    लेकिन आज स्थिति यह है कि कार्यकर्ता धूप में खड़े रहें, दरी बिछाएं और नेता एसी में बैठकर हाथ हिलाएं। संजय निषाद ने कहा कि नारा दिया गया था- ‘हर बिरादरी जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’, लेकिन कुछ लोग सब पर भारी हो गए और बाकी बेचारे रह गए।

    ‘गरीबों के बीच की यात्रा होनी चाहिए’

    PDA यात्रा और अखिलेश यादव की 20 करोड़ ती लग्जरी गाड़ी पर निशाना साधते हुए संजय निषाद ने कहा कि यात्रा निकालना हर आदमी का हक है, लेकिन यह भी तय होना चाहिए कि यात्रा किसकी होनी चाहिए और कैसे निकलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर यात्रा गरीबों के पास जा रही है तो उसे गरीब की गली में भी जाना चाहिए। उनके मुताबिक जब तक नेता गरीब की गली और गांव में नहीं रहेगा, तब तक गरीबों के बीच की वास्तविकता को नहीं समझ सकता।

    उन्होंने साफ कहा कि यात्रा गरीबों और गांव के बीच की होनी चाहिए, केवल सड़क पर निकलने वाली यात्रा नहीं।

    ‘मुंह से PDA, दिल में लग्जरी रथ’

    संजय निषाद ने अखिलेश यादव की राजनीति में लग्जरी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जनता अब सब तय करेगी और जनता ने ही ऐसे लोगों को सत्ता से बाहर किया है। उनके मुताबिक जब राजनीति की बात गरीबों और पिछड़ों के नाम पर हो, लेकिन जीवनशैली और राजनीतिक तौर-तरीकों में लग्जरी दिखाई दे, तो जनता इस अंतर को पहचानती है।

    ‘साइकिल की बात करने वाले अब बड़ी-बड़ी गाड़ियों में’

    अखिलेश यादव की साइकिल वाली राजनीति पर भी संजय निषाद ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ साइकिल की बात होती है, दूसरी तरफ बड़ी-बड़ी गाड़ियां चलती हैं। संजय निषाद ने इसे कथनी और करनी के अंतर से जोड़ते हुए कहा कि जब कथनी और करनी में अंतर होता है तो जनता निश्चित रूप से दूर होती है।

    ‘गरीबों के लिए आई थी राजनीति, लग्जरी के लिए नहीं’

    संजय निषाद ने कहा कि देश में राजनीति गरीब, भूमिहीन, आवासहीन और उजड़े लोगों के लिए शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि देश के लिए लड़ने वाले, उजड़ने वाले और गरीब होने वाले लोगों के लिए राजनीति आई थी। उनका कहना था कि लोकसभा और लोकतंत्र गरीबों के लिए आए थे, लग्जरी के लिए नहीं।

  • 2027 में सपा नील बटा सन्नाटा होगी… अखिलेश यादव पर बीजेपी प्रवक्ता का सख्त हमला

    2027 में सपा नील बटा सन्नाटा होगी… अखिलेश यादव पर बीजेपी प्रवक्ता का सख्त हमला

    लखनऊ। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने संत कबीर नगर में गणेशोत्सव के दौरान मूर्ति विसर्जन की घटना से लेकर रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज विवाद, किसान कल्याण और संवैधानिक संस्थाओं के मुद्दे पर सपा पर तीखा हमला बोला।

    संत कबीर नगर की घटना पर सपा सांसद को घेरा
    संत कबीर नगर में गणेशोत्सव की मूर्ति विसर्जन की घटना को लेकर दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहे लोगों के बीच सपा सांसद ने अपने सांसद होने का रुतबा दिखाते हुए समाजवादी पार्टी के चिर-परिचित गुंडई अंदाज में निषाद समाज और सनातन पर टिप्पणी की, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

    बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि सपा सांसद के बयान को लेकर वहां के लोगों में काफी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज सनातन को मानता है, विघ्नहर्ता भगवान गणेश और भगवान राम को मानता है। अगर कोई सनातन पर टिप्पणी करेगा तो निश्चित तौर पर समाज उसकी प्रतिक्रिया देने को तैयार है। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण सपा सांसद को वहां से भागना पड़ा।

    रस्सी जल गई, लेकिन अकड़ नहीं गई
    रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज में सपा-ABVP विवाद को लेकर भी दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी 2017 से लगातार हार का स्वाद चख रही है, लेकिन ‘रस्सी जल गई, फिर भी अकड़ नहीं गई। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े माफिया मिट्टी में मिल गए, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की अकड़ अभी भी बरकरार है। इसका परिणाम रायबरेली में देखने को मिला, जहां सपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं की ओर से यह तक कहा गया कि नाम लिखकर रखेंगे और कहीं भी रहेंगे, देख लेंगे।

    ‘अखिलेश मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखना बंद करें’
    दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने’ देखना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता 2017 से उन्हें लगातार देख रही है और 2027 में जब ईवीएम उनके सामने होगी तो जनता बटन दबाकर अपना फैसला सुना देगी। बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी ‘नील बटा सन्नाटा’ होकर रह जाएगी और हकीकत में उसका कहीं अस्तित्व नहीं रहेगा।

    किसान कल्याण को लेकर भी सपा पर हमला
    किसान कल्याण के मुद्दे पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय से बिजली, सिंचाई की मुफ्त व्यवस्था, खाद और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही किसानों को समय से एमएसपी और गन्ना किसानों को समय से भुगतान किया जा रहा है। बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी की सरकार में किसानों को सालों-साल भुगतान नहीं मिलता था, बल्कि गुंडई और वसूली होती थी।

    उन्होंने कहा कि आज योगी आदित्यनाथ की सरकार में गन्ना किसानों का भुगतान 15 दिन में हो रहा है। उनके मुताबिक केंद्र में नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार ने यह करके दिखाया है और किसानों की आय दोगुनी करने का जो वादा किया गया था, उसे पूरा किया गया है।

    संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं
    संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विपक्ष के दृष्टिकोण पर भी दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और ‘इंडी’ अलायंस लाल-काली किताबें लेकर घूमते हैं और संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन जब अवसर आता है तो संविधान को तार-तार करने का काम करते हैं। उन्होंने राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें न भारत के संविधान पर भरोसा है, न राष्ट्रगीत पर और न ही किसी संवैधानिक संस्था पर। यहां तक कि उन्हें चुनाव आयोग पर भी भरोसा नहीं है। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब जनता का चुनावी फैसला इनके पक्ष में होता है तो सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन जब फैसला इनके खिलाफ आता है तो सब गड़बड़ बताया जाता है।

    AI वीडियो बनाकर भी सनातन को बदनाम नहीं कर पाएंगे
    दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया और AI वीडियो को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चाहे जितनी कोशिश कर लें, X पर जितनी पोस्ट कर लें, प्रेस बुलाकर कितनी भी बातें कर लें या अपने कार्यालय में बैठकर सनातन को बदनाम करने के लिए कितने भी AI वीडियो बनवा लें, जनता सब देख रही है। उन्होंने कहा कि जब जनता को 2017 से पहले का उत्तर प्रदेश और समाजवादी पार्टी का कुशासन याद आता है तो वह सिहर उठती है।

  • CM योगी के हाथों 21 युवाओं को नियुक्ति पत्र, रोजगार मिलने पर चेहरे पर छाई खुशी

    CM योगी के हाथों 21 युवाओं को नियुक्ति पत्र, रोजगार मिलने पर चेहरे पर छाई खुशी

    मुख्यमंत्री योगी के हाथों 21 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र 

    आयुष विभाग के 11, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 8 तथा सूक्ष्म, लघु-मध्यम उद्यम विभाग में चयनित दो युवाओं को मंच पर दिया गया नियुक्ति पत्र

    लखनऊ
     योगी सरकार की ओर से शनिवार को प्रदेश भर में 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग व उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग में अनुदेशक, सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में सहायक सांख्यिकीय अधिकारी, आयुष विभाग में प्रोफेसर, रीडर, लेक्चरर व फार्मासिस्ट तथा चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर चयनित युवाओं को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिला। 

    इनमें से 21 युवाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर नियुक्ति पत्र वितरित किये। 

    आयुष विभाग 
    1-    डॉ. सुधीर चौहान- प्रोफेसर, होम्योपैथी 
    2-    आराधना चौधरी- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी 
    3-    रोशनी- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी
    4-    प्रिंसी गुप्ता- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी
    5-    साक्षी सिंह- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी
    6-    पल्लवी देवी- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी
    7-    आकाश शुक्ला- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी 
    8-    डॉ. हिमानी- रीडर- आयुर्वेद
    9-    रोमा आनंद- रीडर- आयुर्वेद
    10-    साफिया बानो-प्रवक्ता-यूनानी
    11-    डॉ. मोहम्मद कासिफ- प्रवक्ता-यूनानी

    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग 
    12-    प्रिंस सिंह- एक्सरे टेक्नीशियन 
    13-    पंकज कुमार वर्मा- एक्सरे टेक्नीशियन
    14-    शिवानंद शुक्ल- एक्सरे टेक्नीशियन
    15-    मो. अफरोज- एक्सरे टेक्नीशियन
    16-    ट्विंकल पटेल- एक्सरे टेक्नीशियन
    17-    सरिता सोनी- एक्सरे टेक्नीशियन
    18-    सविता देवी- एक्सरे टेक्नीशियन
    19-    अनुराग गौतम- एक्सरे टेक्नीशियन

    सूक्ष्म, लघु-मध्यम उद्यम विभाग 
    20-    तृप्ति श्रीवास्तव- सहायक सांख्यिकी अधिकारी 
    21-    ललित कुमार वर्मा- सहायक सांख्यिकी अधिकारी ।

  • मुख्यमंत्री साय बोले – मिशन अमृत 2.0 से शहरों में बढ़ेगी हरियाली, नागरिकों को मिलेंगे बेहतर और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थल

    मुख्यमंत्री साय बोले – मिशन अमृत 2.0 से शहरों में बढ़ेगी हरियाली, नागरिकों को मिलेंगे बेहतर और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थल

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और नागरिक सुविधाओं से परिपूर्ण बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत अहिवारा, मुंगेली और कांकेर नगर पालिका क्षेत्रों में आधुनिक उद्यान विकसित किए जाएंगे। तीनों उद्यानों के निर्माण के लिए कुल 7 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को बेहतर और सुविधायुक्त जीवन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। शहरों में ऐसे सार्वजनिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जहां हरियाली और स्वच्छ वातावरण के साथ बच्चों को खेलने, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों को व्यायाम, पैदल भ्रमण और विश्राम की बेहतर सुविधाएं मिल सकें। नए उद्यानों का विकास इसी सोच को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के निर्देशन में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत इन उद्यानों का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में विकसित होने वाले इन उद्यानों में कुल 8,732 पौधे लगाए जाएंगे। व्यापक पौधरोपण के साथ ही नागरिकों की अलग-अलग आयु वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    उद्यानों में बच्चों के लिए प्ले-एरिया एवं खेल उपकरण, युवाओं और अन्य नागरिकों के लिए ओपन जिम, पैदल भ्रमण के लिए पाथवे, बैठने एवं विश्राम के लिए स्थान, प्रकाश व्यवस्था, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को ध्यान में रखते हुए वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी की जाएगी।

    निर्माण के बाद उद्यानों के बेहतर रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद पांच वर्षों तक इन परिसरों का संचालन एवं संधारण चयनित निर्माण एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इससे उद्यानों में विकसित हरियाली, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित होगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहरों में अधोसंरचना के विस्तार के साथ पर्यावरण और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता का ध्यान रखना भी आवश्यक है। मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से विकसित किए जा रहे ये उद्यान केवल हरित क्षेत्र नहीं होंगे, बल्कि बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होंगे।

    उन्होंने कहा कि व्यापक पौधरोपण से इन परिसरों का हरित स्वरूप समृद्ध होगा। साथ ही ओपन जिम, पाथवे, खेल एवं विश्राम की सुविधाएं लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करेंगी। वर्षा जल संचयन जैसी व्यवस्थाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संवर्धन के प्रयासों को भी मजबूती देंगी।

    हरित और सुविधायुक्त शहरों के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही सरकार : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
    उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और सुविधायुक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत इन परियोजनाओं से शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ने के साथ नागरिकों को मनोरंजन, व्यायाम और विश्राम के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।

    उन्होंने कहा कि सरकार का विशेष जोर इस बात पर है कि निर्माण कार्य केवल अधोसंरचना तैयार करने तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लंबे समय तक बेहतर रख-रखाव भी सुनिश्चित हो। इसी उद्देश्य से इन उद्यानों के निर्माण के बाद पांच वर्षों तक चयनित एजेंसी द्वारा संचालन एवं संधारण की व्यवस्था की गई है। इससे विकसित सुविधाओं का लाभ नागरिकों को लंबे समय तक मिल सकेगा।

    अहिवारा में 2.07 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होगा उद्यान
    अहिवारा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-01 स्थित शीतला मंदिर क्षेत्र में 0.52 एकड़ भूमि पर आधुनिक उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ 7 लाख 48 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

    उद्यान परिसर में करीब 2,115 पौधे लगाए जाएंगे। यहां सोलर लाइट की व्यवस्था के साथ बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, युवाओं एवं अन्य नागरिकों के लिए ओपन जिम, बैठने एवं विश्राम के लिए स्थान तथा सुगम आवागमन के लिए पाथवे तैयार किया जाएगा। टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो के निर्माण के साथ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।

    मुंगेली में 3.52 करोड़ रुपए से 3.08 एकड़ में विकसित होगा हरित परिसर
    मुंगेली नगर पालिका के पेंड्राकांपा स्थित महाराणा प्रताप वार्ड में 3.08 एकड़ क्षेत्र में उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 3 करोड़ 52 लाख 32 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। तीनों परियोजनाओं में क्षेत्रफल की दृष्टि से यह सबसे बड़ा उद्यान होगा। यहां लगभग 4,453 पौधों का रोपण किया जाएगा। बच्चों के लिए प्ले-एरिया एवं खेल उपकरण, नागरिकों के लिए ओपन जिम और बैठने की सुविधा तथा पैदल भ्रमण के लिए पाथवे विकसित किए जाएंगे। टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के साथ जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर भी बनाया जाएगा।

    कांकेर में 1.69 करोड़ रुपए से बनेगा आधुनिक उद्यान
    कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-09 श्रीराम नगर में 0.72 एकड़ भूमि पर उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए 1 करोड़ 69 लाख 44 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। यहां करीब 2,164 पौधे लगाए जाएंगे। नागरिकों के बैठने एवं विश्राम के लिए निर्धारित स्थान, बच्चों के लिए प्ले-इक्वीपमेंट, स्वास्थ्य और व्यायाम के लिए ओपन जिम तथा पैदल भ्रमण के लिए पाथवे तैयार किया जाएगा। उद्यान में सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो की सुविधा के साथ वर्षा जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा।

    गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयसीमा  में पूरे किए जाएंगे कार्य
    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों में हरित अधोसंरचना को मजबूत करने और नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक स्थल विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में प्रस्तावित उद्यान इसी दिशा में विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि स्थानीय नागरिकों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

  • पंचगव्य चिकित्सा पर शोध को बढ़ावा, गोवंश के लिए हर जिले में होगी आपातकालीन सुविधा

    पंचगव्य चिकित्सा पर शोध को बढ़ावा, गोवंश के लिए हर जिले में होगी आपातकालीन सुविधा

    गोवंश को तत्काल मिलेगा उपचार, हर जिले में बनेगा इमरजेंसी रेस्क्यू सिस्टम

    पंचगव्य से चिकित्सा पर शोध को बढ़ावा देगी योगी सरकार

    पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विवि एवं गो-अनुसंधान संस्थान, मथुरा तथा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, लखनऊ में शोध को प्रोत्साहित करने के निर्देश

    महिला स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ, कृषकों एवं गोपालकों को गो-आधारित उत्पादों एवं ग्रामीण उद्यमिता से जोड़ा जाएगा

    लम्पी और खुरपका-मुंहपका से बचाव के लिए समयबद्ध टीकाकरण और त्वरित उपचार के निर्देश

    लखनऊ
    हादसों में घायल होने वाले गोवंश को अब तत्काल उपचार मिल सकेगा। इसके साथ ही योगी सरकार प्रदेश के हर जिले में गोवंश के लिए आपातकालीन बचाव एवं त्वरित उपचार की व्यवस्था विकसित करने जा रही है। वहीं, पंचगव्य आधारित चिकित्सा की संभावनाओं पर वैज्ञानिक शोध को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान, मथुरा और राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, लखनऊ में इस दिशा में शोध एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। 
    इसके अलावा गो-संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की भी तैयारी है। महिला स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ, किसानों और गोपालकों को गोबर एवं गोमूत्र आधारित उत्पादों के निर्माण, पैकेजिंग, मूल्यवर्धन और विपणन से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सरकारी आवास पर भेंट के दौरान गो सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों की इन विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

    इस दौरान आयोग के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में गोवंश संरक्षण, गोशालाओं के बेहतर प्रबंधन, गोवंश के स्वास्थ्य और इस दिशा में भविष्य की कार्ययोजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श किया।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवंश और गोशालाओं के नियमित व प्रभावी निरीक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल कमियां चिह्नित करने तक सीमित न रहे, बल्कि, उनका समयबद्ध ढंग से समाधान भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गोशालाओं में गोवंश के भरण-पोषण, साफ-सफाई, हरे चारे व भूसे की उपलब्धता, पेयजल और आश्रय की व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही बीमार और कमजोर गोवंश की विशेष देखभाल सुनिश्चित करने को कहा।

    मुख्यमंत्री ने लम्पी और खुरपका-मुंहपका से बचाव के लिए समयबद्ध टीकाकरण और त्वरित उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई को कहा। इसके अलावा गोशालाओं का निरीक्षण अधिक परिणाममुखी बनाने और वैज्ञानिक प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा हुई। नर, मादा, बीमार और युवा गोवंश की जरूरत के अनुसार अलग-अलग देखभाल सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

    स्थानीय किसानों के जरिए चारा उत्पादन बढ़ाने पर जोर

    आयोग ने गोवंश संरक्षण में किसानों और गोपालकों की भागीदारी बढ़ाने, मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत 10 गोवंश रखने वाले लाभार्थियों को प्राथमिकता पर कैटल शेड, बायोगैस संयंत्र और यूरिन टैंक जैसी सुविधाओं से जोड़ने का सुझाव दिया। इसके साथ ही वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता, गोचर व चारागाह विकास और स्थानीय किसानों के जरिए चारा उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया। आयोग ने गोबर-गोमूत्र से जैविक खाद, जीवामृत, बीजामृत, प्राकृतिक कीट नियंत्रक और बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों-गोपालकों की आय और रोजगार बढ़ाने का सुझाव दिया।
    इस दौरान उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, उपाध्यक्ष अतुल सिंह व महेश शुक्ल तथा सदस्य राजेश सिंह सेंगर, रमाकांत उपाध्याय और दीपक गोयल आदि उपस्थित थे।