Author: NewseDay

  • AI की गलत रिपोर्ट से बढ़ा चीन-अमेरिका तनाव, हमले की तैयारी तक पहुंचा मामला

    AI की गलत रिपोर्ट से बढ़ा चीन-अमेरिका तनाव, हमले की तैयारी तक पहुंचा मामला

    बीजिंग 
    आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का इस्तेमाल कई सेक्टर में हो रहा है, जिसमें सेना का भी नाम शामिल है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि AI की एक गलती की वजह से अमेरिका और चीन के बीच युद्ध छिड़ सकता था. दरअसल, ईरान और अमेरिका युद्ध के बीच एक खुफिया रिपोर्ट तेजी से सर्कुलेट हुई थी। 

    सीएनएन की रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया है कि ईरान युद्ध के दौरान मध्य पूर्व में मौजूद एक चीनी जहाज परमाणु हथियार प्रोग्राम से संबंधित सामान लेकर जा रहा है, जो जानकारी गलत थी।  

    रिपोर्ट में बताया है कि अमेरिकी सेना ने चीनी जहाज को रोकने की योजना बनाई थी. साथ ही हथियारबंद जवान जहाज पर चढ़ने की तैयारी में थे और अमेरिका सेना का विमान भी हवा में था। 

    AI की मदद से रिपोर्ट तैयार की थी 
    एक्शन लेने से पहले अमेरिकी अधिकारियों ने रिपोर्ट की गहराई से जांच की, जिसके बाद पता चला कि यह रिपोर्ट स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड के एक विश्लेषक ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की मदद से तैयार की थी। 

    AI ने गलत सामान की पहचान कर ली थी 
    AI ने जहाज में मौजूद सामान की गलत पहचान कर ली थी, जिसके बाद कार्रवाई को तुरंत रोका गया. हालांकि रिपोर्ट्स में यह नहीं बताया है कि वास्तव में जहाज के अंदर क्या सामान था। 

    फिर पता चला कि वह रिपोर्ट पूरी तरह से गलत थी. अगर अमेरिकी चीनी जहाज के खिलाफ एक्शन लेता तो दोनों देशों के बीच सैन्य युद्ध में तब्दील हो सकता था। 

    यह घटना युद्ध के दौरान टारगेट तय करने में नए जोखिम सामने ला सकती है. अमेरिका द्वारा चीनी जहाज के सामान को पहचाने में भी यह गलती सामने आई है. एक्सपर्ट भी सलाह दे चुके हैं कि AI पर पूरी तरह से निर्भरता सही नहीं है। 

    एक्सपर्ट लंबे समय से सलाह दे रहे हैं कि अगर कोई देश गलत या खराब डेटा पर AI की मदद से निर्भर होते हैं तो वह कई गंभीर फैसलों में गलत सलाह दे सकता है। 

    अमेरकी सेना में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा 
    रिपोर्ट में बताया है कि अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी अपने काम में AI का काफी इस्तेमाल कर रहे हैं. साथ ही सेना द्वारा जुटाई गई जानकारी को एनालाइज करने के लिए भी AI का इस्तेमाल किया जा रहा है. हमले का लक्ष्य चुनने से लेकर बजट, लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे कामों में भी AI का इस्तेमाल बढ़ा है। 

    चैटबॉट ने खुफिया जानकारी को गलत तरीके से जोड़ा है 
    इस मामले में एक्सपर्ट ने हवाई स्थित US स्पेशल ऑपरेशन कमांड पेसिफिक से मिली जहाज की मैनफेस्ट संबंधी खुफिया जानकारी को लेकर चैटबॉट से सवाल किया है. हालांकि चैटबॉट को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है. यूएस स्पेशल ऑपरेशन कमांड पेसेफिक और पेंटागन ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया है। 

    अमेरिका AI पर निर्भरता क्यों बढ़ा रही है?  
    अमेरिका सेना AI को इसलिए तेजी से फॉलो कर रही हैं ताकि युद्ध के मैदान में वे तेजी से फैसले ले सकें. अमेरिका सेना का मानना है कि युद्ध के मैदान में टारगेट करने में और सैन्य संसाधन आदि को कहां भेजना है, जैसे फैसलों में मदद कर सकता है। 

    AI हैलुसिनेशन बड़ा खतरा 
    AI की वजह से इंसान गलत और भ्रामक फैसले तक पहुंच सकते हैं. चीन के जहाज वाली घटना सबसे ताजा उदाहरण है. AI पर निर्भरता कई लोगों के लिए जानलेवा तक साबित हो सकती है। 

  • INDIA गठबंधन में बढ़ी हलचल, क्या ममता बनर्जी कांग्रेस से अलग बनाएंगी नया गठबंधन?

    INDIA गठबंधन में बढ़ी हलचल, क्या ममता बनर्जी कांग्रेस से अलग बनाएंगी नया गठबंधन?

    नई दिल्ली

    2029 लोकसभा चुनाव से पहले भारत की राजनीति में बड़ी हलचल होने के आसार हैं। इसके संकेत हाल ही में हुईं कुछ बैठकों से मिल रहे हैं। DMK यानी द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम सांसद कनिमोई ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की है। खबरें हैं कि बगैर कांग्रेस के और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एक क्षेत्रीय दलों का गठबंधन तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि, इसे लेकर औपचारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है।

    कनिमोई और बनर्जी ने गुरुवार को कोलकाता में मुलाकात की। हालांकि, कालीघाट स्थित पूर्व सीएम के आवास पर हुई बैठक में किन मुद्दों पर बात की गई, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है। इससे पहले डीएमके नेता शिवसेना यूबीटी चीफ उद्धव ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एसपी से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले से मिली थीं। कहा जा रहा है कि वह जल्द ही आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मिल सकती हैं।

    तीसरे मोर्चे की तैयारी
     डीएमके के एक नेता ने कहा, 'हम बगैर कांग्रेस के एक तीसरे मोर्चे की संभावनाएं तलाश रहे हैं।' इधर, अखबार से बातचीत में एक टीएमसी सांसद ने कहा, 'ममता बनर्जी के DMK प्रमुख एमके स्टालिन के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। वह गैर NDA पार्टियों के साथ भी अच्छे रिश्ते बनाए रखती हैं और INDIA ब्लॉक के उन सदस्यों के करीब हैं जो कांग्रेस समर्थक नहीं हैं। आज की बातचीत सिर्फ उनके और कनिमोई के बीच हुई। इसके अलावा कुछ भी कहना सिर्फ अटकलें लगाना होगा।'

    DMK तो है क्या ममता बनर्जी भी कांग्रेस से नाराज?
    तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय तक कांग्रेस और डीएमके एक साथ रहे। विधानसभा और लोकसभा चुनाव साथ लड़े, लेकिन 2026 चुनाव के बाद स्थिति बदल गई। कांग्रेस राज्य के सबसे बड़े दल तमिलागा वेत्री कझगम से जा मिली और पुराने साथी डीएमके के छोड़ दिया। नतीजा यह हुआ कि डीएमके ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और INDIA गठबंधन से भी दूरी बना ली।

    वहीं, ममता बनर्जी की नाराजगी की एक वजह सीट शेयरिंग हो सकती है। खबरें थीं कि पश्चिम बंगाल की दो सीटों पर होने वाले आगामी उपचुनाव को लेकर ममता ने कांग्रेस से मदद मांगी थी, जिसे कांग्रेस ने ठुकरा दिया। हालांकि, टीएमसी नेता इससे इनकार कर रहे हैं। जबकि, कांग्रेस खुलकर इसे स्वीकार कर रही है। खबरें थीं कि पूर्व सीएम ने कांग्रेस से रेजिनगर सीट पर समर्थन मांगा था और नंदीग्राम सीट छोड़ने की पेशकश की थी।

    कांग्रेस के पूर्व में प्रदेश अध्यक्ष रहे प्रदीप भट्टाचार्य ने पीटीआई को बताया था, 'प्रस्ताव यह था कि तृणमूल कांग्रेस रेजीनगर से चुनाव लड़ेगी और नंदीग्राम सीट कांग्रेस के लिए छोड़ देगी। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने इस पर समय मांगा और बाद में प्रदेश के नेताओं से इस प्रस्ताव पर चर्चा की।' उन्होंने कहा, 'प्रदेश नेतृत्व का मानना था कि गठबंधन के लिए यह सही समय नहीं है। उचित समय आने पर इस पर विचार किया जा सकता है, लेकिन अभी नहीं। यह सही फैसला है।'

    कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुमन रॉय चौधरी ने कहा, 'जब तृणमूल सत्ता में थी, तब उसने ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया था, जब भाजपा के खिलाफ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावना थी। अब जब वह अकेली और पराजित है, तो ऐसा लगता है कि उसे कांग्रेस के महत्व का एहसास हुआ है।'

    गठबंधन की पहले भी हुईं हैं कोशिशें
    साल 2013 में ममता बनर्जी ने कोशिशें की थीं कि बगैर कांग्रेस और भाजपा के गठबंधन तैयार किया जा सके। इसके बाद 2018 में तेलंगाना के तत्कालीन मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव भी अलग-अलग राज्यों का दौरा करते नजर आए। 2024 से पहले केजरीवाल भी गठबंधन को कोशिश कर रहे थे।

  • कक्षा छह से 12 तक की सभी छात्राओं को मिलेगी सुविधा, माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता की राज्य नीति बनाने की तैयारी

    कक्षा छह से 12 तक की सभी छात्राओं को मिलेगी सुविधा, माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता की राज्य नीति बनाने की तैयारी

    लखनऊ। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कक्षा छह से 12 तक पढ़ने वाली सभी छात्राओं को अब निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। योगी सरकार इसका दायरा केवल सरकारी विद्यालयों तक सीमित नहीं रखेगी। सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ स्कूल छोड़ चुकी और स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों तक निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन पहुंचाने की व्यवस्था तैयार की जाएगी।  इसके साथ ही प्रदेश में पहली बार माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं को एकीकृत करते हुए राज्य स्तरीय नीति विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

    किशोरियों के माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी सेवाओं को और प्रभावी बनाने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए गठित राज्य स्तरीय माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति की एनेक्सी भवन में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित कुमार घोष की अध्यक्षता में हुई बैठक में किशोरियों तक स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने पर मंथन किया गया।

    छठी से 12वीं तक की सभी छात्राओं को मुफ्त नैपकिन
    सरकारी विद्यालयों में कक्षा छह से 12 तक पढ़ने वाली सभी छात्राओं को निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन दिए जाएंगे। सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों की छात्राओं को भी इसका लाभ देने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके साथ स्कूल नहीं जाने वाली या पढ़ाई बीच में छोड़ चुकी किशोरियों तक भी निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन पहुंचाने की व्यवस्था होगी।
    माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सेवाओं का दायरा बढ़ाकर प्रत्येक किशोरी तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। इसमें विशेष रूप से स्कूल से बाहर की किशोरियों और वंचित समूहों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

    पढ़ाई का हिस्सा बनाएंगे, डिजिटल माध्यमों का होगा इस्तेमाल
    विद्यालयों में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन के साथ किशोरावस्था से जुड़ी शिक्षा और जागरूकता सत्रों को नियमित शैक्षिक गतिविधियों का हिस्सा बनाया जाएगा। किशोरियों को माहवारी शुरू होने से पहले ही इसके बारे में जरूरी जानकारी देने और मानसिक रूप से तैयार करने के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। सुरक्षित और स्वच्छ माहवारी व्यवहार को बढ़ावा देने के साथ इससे जुड़े मिथकों, भ्रांतियों और सामाजिक झिझक को दूर करने पर भी जोर रहेगा। इसके लिए डिजिटल और सामाजिक माध्यमों सहित संचार के दूसरे साधनों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

    प्रदेश की अपनी माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता नीति
    प्रदेश में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी अलग-अलग योजनाओं और पहलों को एक छतरी के नीचे लाने की तैयारी भी है। इसके लिए राज्य माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता नीति विकसित करने पर काम किया जाएगा। इसके जरिये सेवाओं को समग्र और संस्थागत स्वरूप देने के साथ विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने विद्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही किशोरियों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करने के निर्देश दिए, जहां उन्हें स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं सुरक्षित एवं सहज तरीके से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा, ताकि किशोरियों तक जरूरी सुविधाएं समय पर पहुंच सकें।

  • डिजिटल सेवाओं से बदली तस्वीर, क्रेडिट बैंक और डिजीलॉकर बने ‘सेवा का संकल्प’ की ताकत

    डिजिटल सेवाओं से बदली तस्वीर, क्रेडिट बैंक और डिजीलॉकर बने ‘सेवा का संकल्प’ की ताकत

    विशेष लेख

    सेवा_संकल्प_अभियान

    डिजिटल पंख: क्रेडिट बैंक और डिजीलॉकर से गढ़ी 'कहानी बदलाव की', पूरा हुआ 'सेवा का संकल्प'

     रायपुर

    ​राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अंतर्गत केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय से शुरू हुई 'एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट' (ABC) और डिजीलॉकर एकीकरण योजना ने राज्य में शिक्षा का परिदृश्य पूरी तरह बदल दिया है। सत्र 2023-24 से लागू हुई यह व्यवस्था वर्ष 2026 में पूरी तरह परिपक्व हो चुकी है, जिससे राज्य के 6.5 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य सुरक्षित और सुगम हो गया है।
    ​यह पहल छत्तीसगढ़ में सुदूर वनांचल से लेकर शहरी क्षेत्रों तक सुशासन और 'सेवा आपके द्वार' की अवधारणा को चरितार्थ कर रही है।

    ​डिजिटल लॉकर: सुरक्षा और स्वतंत्रता का आधार

    ​        नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (NAD) से जुड़े विश्वविद्यालयों के माध्यम से अब डिग्रियां और अंकसूचियां सीधे डिजीलॉकर में सुरक्षित हो रही हैं, जिससे प्रमाणपत्रों के गुम या खराब होने का जोखिम खत्म हो चुका है। डिजिटल दस्तावेज कानूनी रूप से मूल हार्ड कॉपी के समान मान्य हैं। इससे युवाओं को अब नौकरियों या प्रवेश के लिए यूनिवर्सिटी के चक्कर नहीं काटने पड़ते।

    ​विद्यार्थियों के जीवन में 'कहानी बदलाव की'

            यह योजना विद्यार्थियों को "मल्टीपल एंट्री एंड एग्जिट" की स्वतंत्रता देती है। यदि बस्तर का कोई छात्र पारिवारिक परिस्थितियों के कारण दो वर्ष की पढ़ाई के बाद कॉलेज छोड़ता है, तो उसके कमाए हुए क्रेडिट उसकी ABC ID में सुरक्षित रहते हैं। कुछ वर्षों बाद वह रायपुर, बिलासपुर या देश के किसी भी विश्वविद्यालय में सीधे तीसरे वर्ष में दाखिला लेकर अपनी शिक्षा पूरी कर सकता है। पहले जहाँ पढ़ाई छूटने पर मेहनत 'जीरो' मानी जाती थी, वहीं अब क्रेडिट बैंक युवाओं के सपनों को टूटने से बचा रहा है।

    ​शत-प्रतिशत केंद्रीय सहयोग से व्यापक विस्तार

            इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई शत-प्रतिशत तकनीकी व वित्तीय सहायता से यह पूरी डिजिटल अवसंरचना राज्य को निःशुल्क प्राप्त हुई है।        ​पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (रायपुर), अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (बिलासपुर) और शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय (बस्तर) सहित राज्य के सभी 33 जिलों के शासकीय व निजी महाविद्यालय इस अभियान से जुड़ चुके हैं। सुकमा और बीजापुर से लेकर सरगुजा तक के छात्रों को देशव्यापी स्तर पर क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा देकर इस व्यवस्था ने डिजिटल फासले को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।

      विष्णु प्रसाद वर्मा
    सहायक संचालक

  • उप मुख्यमंत्री ने सड़कों व पुलों की स्थिति की ली जानकारी, सभी मुख्य अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं की ली बैठक

    उप मुख्यमंत्री ने सड़कों व पुलों की स्थिति की ली जानकारी, सभी मुख्य अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं की ली बैठक

    रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं, मंडलों के अधीक्षण अभियंताओं और संभागों के कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर प्रदेशभर में सड़कों और पुलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बारिश में सड़कों की खराब स्थिति पर गहरी नाराजगी जताते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों सहित सभी क्षतिग्रस्त सड़कों व पुलों की मरम्मत 15 अक्टूबर तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त ऐसे सभी नए कार्यों जिनकी निविदा की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, उनके निर्माण 15 अक्टूबर से युद्धस्तर पर प्रारंभ करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल और प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी बैठक में मौजूद थे। सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक में जुड़े।

    उप मुख्यमंत्री साव ने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय 'निर्माण भवन' में आयोजित बैठक में सड़कों की मरम्मत की पुख्ता कार्ययोजना तैयार कर बरसात के बाद तत्काल क्षतिग्रस्त सड़कों को सुधारने के निर्देश दिए। सभी संभागों को मांग के अनुसार मरम्मत और संधारण के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। उन्होंने इसके लिए तत्काल निविदा कर एजेंसी तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यपालन अभियंताओं को अगले दो-तीन दिनों में अपने कार्यक्षेत्र का भ्रमण कर सड़कों और पुलों की स्थिति जांचने को कहा। उन्होंने सड़कों, पुलों और डिवाइडर्स की मरम्मत के साथ ही उनकी साफ-सफाई एवं रंगाई-पुताई भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यपालन अभियंताओं को सप्ताह में दो-तीन दिन फील्ड में रहने को कहा।

    साव ने निविदा की प्रक्रिया पूर्ण हो चुके सभी कार्यों को आगामी 15 अक्टूबर से पूरी गति से शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी हो। उन्होंने कार्यस्थलों पर सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए यात्रियों की सहूलियत के लिए डायवर्टेड मार्ग उपलब्ध कराने और समुचित साइनेज लगाने को कहा। उन्होंने परफॉर्मेन्स गारंटी की सड़कों की मरम्मत और संधारण के कार्य संबंधित ठेकेदारों के माध्यम से तत्परता से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए अच्छे कार्यों से विभाग की सकारात्मक छवि गढ़ने पर जोर दिया।     

    उप मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प अभियान के दौरान स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत विभाग के सभी कार्यालयों में स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालयों को गंदगी, कबाड़ और कूड़े-करकट से मुक्त करने के साथ ही पूरे परिसर को साफ-सुथरा रखने को कहा। उन्होंने कार्यालयीन भवनों का अच्छा रखरखाव भी करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक शशांक पाण्डेय, मुख्य अभियंतागण सर्वएस.के. कोरी, ज्ञानेश्वर कश्यप, पी.एम. कश्यप, एन.के. जयंत, आर.के. रात्रे, समय लाल, के.पी. संत, टी.आर. कुंजाम, जी.एस. मंडावी और एस.के. कोर्राम भी बैठक में उपस्थित थे।

  • लंपी वायरस से निपटने की तैयारी तेज, योगी सरकार ने 25 जिलों में उतारीं 606 टीमें

    लंपी वायरस से निपटने की तैयारी तेज, योगी सरकार ने 25 जिलों में उतारीं 606 टीमें

    योगी सरकार ने लंपी वायरस की रोकथाम के लिए 25 जनपदों में 606 टीमें कीं तैनात

    लंपी स्किन डिजीज से अब तक 9,003 पशु प्रभावित, 16.08 लाख से अधिक पशुओं का हुआ टीकाकरण

    पशुओं में लंपी स्किन डिजीज को लेकर गांव-गांव जाकर किसानों को किया जा रहा है जागरूक

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पशुधन को लंपी स्किन डिजीज से सुरक्षित रखने के लिए विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर रोकथाम एवं नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश के 25 जनपदों में 606 टीमें तैनात कर प्रभावित एवं संभावित क्षेत्रों में निगरानी, उपचार और टीकाकरण का कार्य तेज किया गया है।
        इस दौरान पशुधन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि प्रभावित जनपदों में विशेष सतर्कता एवं प्रभावी नियंत्रण उपाय सुनिश्चित किया जा रहा है। बीमारी की रोकथाम के लिए रिंग वैक्सीनेशन, संक्रमित पशुओं को अलग रखना, वेक्टर कंट्रोल, कीटाणुशोधन तथा साफ-सफाई जैसे प्रभावी उपाय प्राथमिकता दी जाए। टीकाकरण अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करते हुए इसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि पशु चिकित्सक निर्धारित समय पर चिकित्सालयों में उपस्थित रहें तथा गांवों में शिविर लगाकर टीकाकरण अभियान को गति दें। पशु सखी, पैरावेट एवं मैत्री को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर टीकाकरण की शत-प्रतिशत सुनिश्चितता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

      उन्होंने जनप्रतिनिधियों, गोपालकों एवं गोशाला संचालकों के साथ जनजागरूकता बैठकें आयोजित करने तथा बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक गो आश्रय स्थल में हरे चारे की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया। विभागीय अभियान के तहत अब तक प्रदेश में 16,08,548 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं, लंपी स्किन डिजीज के संक्रमण से अब तक 9,003 पशु प्रभावित होने की सूचना है। प्रभावित पशुओं की पहचान के साथ ही उनके उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

     प्रभावित जनपदों में लगातार रखी जा रही है निगरानी
    लंपी वायरस की रोकथाम के लिए तैनात 606 टीमें गांव-गांव जाकर पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही हैं। टीमों द्वारा पशुपालकों को बीमारी के लक्षण, बचाव के उपाय और संक्रमित पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखने के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। संदिग्ध मामलों की जानकारी मिलने पर तत्काल पशु चिकित्सा टीमों को सक्रिय किया जा रहा है।

    टीकाकरण पर दिया जा रहा विशेष जोर
    लंपी स्किन डिजीज के नियंत्रण में टीकाकरण को महत्वपूर्ण उपाय मानते हुए विभाग द्वारा प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 16 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। साथ ही पशुपालकों से अपील की जा रही है कि वे अपने पशुओं का समय से टीकाकरण कराएं और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम पशु चिकित्सालय अथवा विभागीय टीम को सूचना दें।

    पशुपालकों को किया जा रहा जागरूक
    विभाग की ओर से पशुपालकों को स्वच्छता बनाए रखने, पशुओं के आसपास मच्छर-मक्खी जैसे वाहक कीटों की रोकथाम करने तथा संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की सलाह दी जा रही है। पशुओं में शरीर पर गांठें, बुखार, त्वचा पर घाव या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच कराने पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि समय रहते संक्रमण की पहचान, प्रभावी निगरानी, टीकाकरण और उपचार के माध्यम से लंपी स्किन डिजीज के प्रसार को नियंत्रित किया जाए, जिससे पशुधन की सुरक्षा के साथ पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान को भी कम किया जा सके।

  • सपा नेताओं की बयानबाजी पर राजभर का पलटवार, बोले- जनता का गुस्सा दिन दूना, रात चौगुना बढ़ेगा

    सपा नेताओं की बयानबाजी पर राजभर का पलटवार, बोले- जनता का गुस्सा दिन दूना, रात चौगुना बढ़ेगा

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव और सपा नेताओं पर तीखा हमला बोला है। ओपी राजभर ने कहा कि सपा के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक यह मान चुके हैं कि 2027 में उनकी सरकार नहीं बनने जा रही है। इसी वजह से वे अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। इसका खामियाजा समाजवादी पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जनता का गुस्सा सपा के खिलाफ दिन दूना, रात चौगुना बढ़ता दिखाई देगा।

    पुलिस को चूड़ी पहनने की बात कहना तानाशाही: राजभर
    कैबिनेट मंत्री ने रायबरेली में सपा जिलाध्यक्ष और पुलिस के बीच हुए विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष ने जिस तरह पुलिस को चूड़ी पहनने की बात कही, वह अनुचित है। समाजवादी पार्टी के नेता अभी सत्ता में नहीं हैं, इसके बावजूद उनका रवैया तानाशाहीपूर्ण है। इस तरह की बयानबाजी से उनकी मानसिकता का पता चलता है और प्रदेश में सपा के लोग गांवों, सड़कों और चौराहों पर अभी से बांह फटकार रहे हैं कि सरकार आने पर वे सबको सबक सिखाएंगे।

    संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का लगाया आरोप
    ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव किसी भी संवैधानिक संस्था को नहीं मानते हैं। वह चुनाव आयोग और एएसआईआर जैसी प्रक्रियाओं पर लगातार सवाल उठाते हैं। अखिलेश यादव इस बात से परेशान हैं कि किसान खुशहाल क्यों हो रहे हैं। समाजवादी पार्टी चाहती है कि लोग बदहाली में रहें, ताकि वह इसका राजनीतिक लाभ उठा सके। 

    जातिवाद फैलाने का लगाया आरोप
    ओपी राजभर ने सपा नेताओं पर जातिवाद का जहर फैलाने का आरोप लगाते हुए पार्टी प्रवक्ता राजकुमार भाटी समेत अन्य नेताओं की कथित टिप्पणियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, जाट, गुर्जर और राजपूत समाज को लेकर अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा नेताओं की ओर से सवर्णों को प्रदेश से खदेड़ने जैसी बातें भी कही जा रही हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले पीडीए को पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक बताती थी, फिर इसमें आधी आबादी, अगड़ा, पंडित और अहिर जैसे अर्थ जोड़ने लगी। राजभर ने आरोप लगाया कि पार्टी का नेतृत्व और उसके नेता अपनी राजनीतिक दिशा तय नहीं कर पा रहे हैं। 

    ओपी राजभर ने साधा निशाना
    ओपी राजभर ने कहा कि सपा नेताओं की बयानबाजी और धमकी भरे रवैये से जनता में नाराजगी बढ़ रही है, जिसका असर 2027 के चुनाव में दिखाई देगा। निषाद समाज और भगवान राम को लेकर कथित टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि समाज के लोग अपने सांसद का सम्मान करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनकी धार्मिक आस्था के खिलाफ टिप्पणी बर्दाश्त करेंगे। गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे लोगों ने सांसद से कहा कि वे उनकी इज्जत करते हैं, लेकिन धर्म के खिलाफ इस तरह की अनर्गल बयानबाजी नहीं करें।

  • जिला अस्पताल में सस्ते दाम पर कैंसर और हार्ट की दवाएं उपलब्ध होंगी

    जिला अस्पताल में सस्ते दाम पर कैंसर और हार्ट की दवाएं उपलब्ध होंगी

    यमुना नगर.

    मरीजों को सस्ती व सुलभ दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में खोली जा रही अमृत (अफोर्डेबल मेडिसिन एंड रिलाइबल इंप्लांटस फार ट्रीटमेंट) फार्मेसी का स्टोर तैयार हो गया है। इसके साथ ही वीटा का बूथ भी खुलेगा। दोनों एक जगह होने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी।

    अस्पताल में दाखिल तीमारदारों को वीटा बूथ से दूध व चाय की सुविधा मिलेगी। वहीं दवाइयों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, अगले सप्ताह यह दोनों शुरू हो जाएंगे। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल परिसर जन औषधि केंद्र भी चल रहा है, यहां पर दवाइयों से लेकर स्टाफ तक की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के फार्मेसिस्ट देखते हैं। यदि अस्पताल में कोई दवाई उपलब्ध नहीं है तो मरीज यहां जन औषधि केंद्र से जेनरिक दवाइयां सस्ती कीमत पर ले सकता है। कई बार जन औषधि केंद्र पर भी दवाई नहीं मिल पाती ऐसे में मरीज को बाहर स्टोर से ही दवाई लेनी पड़ती है।

    सस्ते दामों में मिलेंगी महंगी दवाइयां
    अमृत फार्मेसी केंद्र में मरीजों के लिए दवाइयां और इम्प्लांट्स बाजार मूल्य की तुलना में कम कीमत पर मिलेगी। इस केंद्र पर कैंसर से लेकर हृदय रोग सहित गंभीर बीमारियों की दवाइयां भी उपलब्ध रहेगी। अच्छी बात ये है कि बाहर के मरीज भी यहां आकर दवाई ले सकेंगे।

  • पंजाब में जमीन विवाद का मामला, स्पेशल DGP की भाभी और भतीजे पर केस दर्ज

    पंजाब में जमीन विवाद का मामला, स्पेशल DGP की भाभी और भतीजे पर केस दर्ज

    चंडीगढ़.

    पंजाब के स्पेशल डीजीपी रैंक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की भाभी अमरीन राय और भतीजा आकाशदीप अब अपराध की दुनिया में कदम रख चुके हैं। अमरीन राय को चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया तो आकाशदीप की मोहाली में पांच करोड़ रंगदारी के लिए कारोबारी के घर फायरिंग केस में गिरफ्तारी हुई है।

    एक रसूखदार परिवार की बहू और उसके बेटे को अपराध की दुनिया में पहुंचाने के पीछे का कारण जमीन की लड़ाई और गैंगस्टर्स से कनेक्शन सामने आया है। अमरीन ने जमीन विवाद की वजह से चिन्नी की हत्या के लिए गैंगस्टर लक्की पटियाल को सुपारी दी थी। यहां तक कि वह अपने ससुर त्रिलोक सिंह राय को भी मरवाना चाहती थी। ससुर की हत्या के लिए भी सुपारी देने की कोशिश की थी। पुलिस को दिए अमरीन के कबूलनामे और चिन्नी की हत्या करने वाले शूटर राजन उर्फ पीयूष पहलवान के बयान में भी इसका जिक्र है। शूटर राजन ने पुलिस को बताया कि अमरीन ने लक्की पटियाल से कहा था कि या तो चिन्नी को मरवा दे या फिर उसके ससुर को। अमरीन का अपने ससुर के साथ जमीन-जायदाद को लेकर विवाद चल रहा था। अमरीन ने भी पुलिस को बताया कि उसके ससुर कहते थे कि प्राॅपर्टी उन्होंने बनाई है और जब तक जिंदा हैं, किसी को नहीं देंगे। वर्ष 2024 में ससुर ने जीरकपुर में रमाडा होटल के पास डेढ़ एकड़ जमीन 34-35 करोड़ रुपये में बेची थी।

    दोनों बेटों को नौ-नौ करोड़ रुपये दिए गए। अमरीन ने अपने पति के हिस्से के नौ करोड़ रुपये से मुल्लांपुर में साढ़े आठ एकड़ जमीन खरीदी गई थी। उसको यह जमीन चिन्नी ने दिलवाई थी। बाद में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर दोनों में विवाद हो गया। उसे इतना पता लग चुका था कि चिन्नी ने उसे मुल्लांपुर वाली जमीन मार्केट रेट से कहीं महंगे दाम पर बेची थी। चिन्नी ने उसके साथ पहले ही बड़ा धोखा कर दिया था। उधर, चिन्नी ने अमरीन के ससुर त्रिलोक सिंह से संपर्क किया और उन्हें बातों में फंसा लिया। अमरीन के ससुर ने उस पर यह जमीन वापस चिन्नी को ही बेचने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। अब अमरीन को डर था कि यह जमीन उसके हाथ से निकल जाएगी। अमरीन ने चिन्नी और अपने ससुर दोनों को रास्ते से हटाने के लिए गैंगस्टर लक्की पटियाल से संपर्क किया। हर्षप्रीत सिंह उर्फ हर्ष सोहाणा ने इंटरनेट मीडिया के जरिए राजन उर्फ पीयूष पहलवान से बात की। उसी ने डब्बा काॅल के जरिए स्पीकर ऑन कर लक्की पटियाल की अमरीन से बात करवाई। इस तरह राजन ने लक्की और अमरीन के बीच हुई बातचीत सुन ली थी। 18 मार्च को लक्की पटियाल ने राजन और नवांशहर निवासी प्रीतम शाह को भेजकर सेक्टर-9 की जिम के बाहर चिन्नी की हत्या करवा दी। वारदात के अगले दिन पंजाब पुलिस ने दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया था।

    आकाशदीप लाॅरेंस गैंग के शूटर मॉड्यूल में पकड़ा गया
    अमरीन राय जेल में बंद है और अब उनका बेटा आकाशदीप भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह लाॅरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर मॉड्यूल में पकड़ा गया है। उसने अपने तीन साथियों सहित मोहाली में पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के बाद कारोबारी के घर फायरिंग की। पुलिस ने उनके कब्जे से पांच पिस्तौल और 12 कारतूस बरामद किए हैं। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने चिन्नी हत्याकांड और मोहाली में सक्रिय लाॅरेंस गैंग के रंगदारी नेटवर्क के बीच संभावित कनेक्शन की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस मॉड्यूल की सबसे अहम कड़ी चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल तक पहुंची है। पुलिस के मुताबिक, लाॅरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बलौंगी निवासी रविंदर सिंह उर्फ काली जेल में बंद होने के बावजूद इस नेटवर्क के लगातार संपर्क में था। पुलिस का दावा है कि काली जेल में बैठकर पूरे गैंग को ऑपरेट करता था। मोहाली पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है। इसके बाद उससे नेटवर्क के संचालन, शूटरों को निर्देश देने और जेल से बाहर बैठे सदस्यों के साथ संपर्क के बारे में पूछताछ की जाएगी।

    विदेश में बैठे कुलवीर सिद्धू से कनेक्शन
    जांच में विदेश में बैठे कुलवीर सिंह सिद्धू का नाम भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित कुलवीर सिंह सिद्धू के संपर्क में थे। उससे पहले भी गंभीर आपराधिक मामलों में कुलवीर सिद्धू का नाम सामने आने की बात कही जाती रही है।

  • सेवा संकल्प अभियान में रानीझाप एनीकट बना स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश केंद्र

    सेवा संकल्प अभियान में रानीझाप एनीकट बना स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश केंद्र

    रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गौरेला पेन्ड्रा जिले में स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में आज रानीझाप एनीकट में स्वच्छता एवं जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं पंचायत विभाग के संयुक्त सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा नागरिकों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने का संदेश दिया गया।

    स्वच्छ और सुरक्षित जल स्रोतों के लिए चलाया स्वच्छता अभियान
    कार्यक्रम के दौरान रानीझाप एनीकट परिसर में विशेष स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गईं। अधिकारियों, कर्मचारियों और सहभागियों ने जल स्रोत के आसपास साफ-सफाई करते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान लोगों को समझाया गया कि जल स्रोतों की स्वच्छता केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज के सामूहिक प्रयास से ही इन्हें स्वच्छ और सुरक्षित रखा जा सकता है।

    जल संरक्षण के प्रति किया गया जागरूक
    कार्यक्रम में जल के महत्व और भविष्य के लिए इसके संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष रूप से जोर दिया गया। सहभागियों को जल संरक्षण के विभिन्न उपायों की जानकारी देते हुए जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही जल स्रोतों में कचरा नहीं डालने, उन्हें प्रदूषण से बचाने तथा आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया गया।

    जल स्रोतों की सुरक्षा में जनभागीदारी पर जोर
    सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जल संरक्षण और स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि जल स्रोत आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण प्राकृतिक संपदा हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। छोटे-छोटे प्रयासों और सामूहिक सहभागिता से जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखा जा सकता है।

    स्वच्छता से संरक्षण तक, सामूहिक प्रयास का संदेश
    रानीझाप एनीकट में आयोजित कार्यक्रम ने स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। स्वच्छ जल स्रोत न केवल पेयजल और दैनिक जरूरतों के लिए आवश्यक हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय जीवन-व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इसी उद्देश्य से सहभागियों ने जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छता को निरंतर बनाए रखने का संकल्प लिया।

    कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा अन्य सहयोगी उपस्थित रहे। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को अपने आसपास के जल स्रोतों की स्वच्छता और सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।