Author: NewseDay

  • बुजुर्ग को पेंशन का बकाया न देना पड़ा भारी, हाईकोर्ट ने DEO समेत बैंकर्स पर की कार्रवाई

    बुजुर्ग को पेंशन का बकाया न देना पड़ा भारी, हाईकोर्ट ने DEO समेत बैंकर्स पर की कार्रवाई

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा कोर्ट में एक अनोखा मामला सामने आया है. जगदीश राज अरोड़ा नाम के व्यक्ति ने अपनी दिवंगत पत्नी सुदर्शन कुमारी की पेंशन के बकाया भुगतान के लिए वर्ष 2023 में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. सुदर्शन कुमारी गुरदासपुर-द्वितीय में ब्लाक प्राथमिक शिक्षा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं.
    याचिकाकर्ता के मुताबिक उनकी पत्नी की पेंशन का बकाया करीब वर्ष 2007 से लंबित है. करीब डेढ़ दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ. इस दौरान अरोड़ा सरकारी कार्यालयों और बैंक के चक्कर लगाते रहे. मामले में संबंधित विभाग और बैंक एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे, लेकिन बकाया राशि का समाधान नहीं हो सका.

    विभाग और बैंक देते रहे अलग-अलग दलील
    सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने यह स्पष्ट हुआ कि याचिकाकर्ता के पेंशन बकाये के अधिकार को लेकर कोई विवाद नहीं है. गुरदासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से बताया गया कि अकाउंटेंट जनरल, पंजाब के कार्यालय ने 24 सितंबर 2012 को जिला कोषाधिकारी को पत्र भेजा था. विभाग के अनुसार बैंक ऑफ इंडिया ने इस निर्देश को लागू नहीं किया. दूसरी ओर बैंक की ओर से दलील दी गई कि जिला कोषाधिकारी की ओर से आवश्यक अनुपालन नहीं किए जाने के कारण बकाया पेंशन जारी नहीं हो सकी. इस तरह भुगतान की जिम्मेदारी को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप चलता रहा.

    हाई कोर्ट ने अधिकारियों के वेतन पर लगाई रोक
    मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति कुलदीप तिवारी ने सख्त टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि 80 वर्षीय याचिकाकर्ता अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में हैं और इसके बावजूद उन्हें अपने जायज हक के लिए लंबे समय तक भटकना पड़ा. कोर्ट ने पंजाब के स्कूल शिक्षा विभाग और वित्त विभाग के सचिवों को निर्देश दिया कि गुरदासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी और जिला कोषाधिकारी अदालत की पूर्व अनुमति के बिना अपना वेतन नहीं निकाल सकेंगे. इसके साथ ही बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक को भी निर्देश दिया गया कि संबंधित वरिष्ठ प्रबंधक और शाखा प्रबंधक कोर्ट की अनुमति के बिना अपना वेतन नहीं निकाल सकेंगे. हाई कोर्ट ने यह कदम तब तक प्रभावी रखने का निर्देश दिया है, जब तक पेंशन के बकाये से जुड़ा मामला प्रभावी तरीके से हल नहीं हो जाता.

  • रायगढ़ चक्रधर समारोह में आज अमित साना की प्रस्तुति, दर्शकों को मिलेगा खास संगीत का अनुभव

    रायगढ़ चक्रधर समारोह में आज अमित साना की प्रस्तुति, दर्शकों को मिलेगा खास संगीत का अनुभव

    रायपुर.

    रायगढ़ में आज 41वें चक्रधर समारोह की सांस्कृतिक संध्या सजेगी, जिसमें कथक, शास्त्रीय नृत्य और ओडिशा की पारंपरिक गोटीपुआ नृत्य शैली की प्रस्तुतियां होंगी.

    शाम 4.45 बजे से शुरू होने वाले कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों के साथ इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के 10 सदस्यीय दल और पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ के निर्देशन में कथक की विशेष प्रस्तुति होगी. वहीं रात 9 बजे से इंडियन आइडल फेम अमित साना अपने 10 सदस्यीय संगीत दल के साथ सुरों की महफिल सजाएंगे, जिसके साथ 20 सितंबर की सांस्कृतिक संध्या का समापन होगा.

    आज भव्य पारणा महोत्सव
    रायपुर. विमलनाथ जैन मंदिर ट्रस्ट एवं अद्भुत चातुर्मास समिति द्वारा गुरुवर्या साध्वी सिद्धांत ज्योतिश्री एवं साध्वीवृंदों की निश्रा में चल रहे चातुर्मास महोत्सव के अंतर्गत 20 सितंबर को गुरुवर्याश्री के 89वें वर्धमान ओली तप का भव्य पारणा महोत्सव आयोजित किया जाएगा. प्रातः 8 बजे पारणा कार्यक्रम प्रारंभ होगा तथा प्रातः 9:30 बजे से 108 जोड़ों द्वारा 20 स्थानक की भव्य पूजा होगी. रायपुर में पहली बार इतनी भव्य 20 स्थानक पूजा बिना किसी नकराना (शुल्क) के आयोजित की जा रही है. श्रद्धालुओं को केवल पूजा के वस्त्रों में आना होगा, शेष समस्त व्यवस्था ट्रस्ट एवं समिति द्वारा की जा रही है. इस पुनीत प्रसंग पर सुबह 8 बजे हीरसूरी भवन, अरिहंत हाईट से राजेश सिंघी भवन तक शोभायात्रा निकाली जाएगी.

  • मिनी ट्रक की टक्कर से ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, मंदसौर में महिला-बच्ची की मौत

    मिनी ट्रक की टक्कर से ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, मंदसौर में महिला-बच्ची की मौत

    मंदसौर.

    महू-नीमच राजमार्ग पर ग्राम लखमाखेड़ी के पास तेज गति से चला रहे मिनी ट्रक चालक ने मजदूरों से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मार दी। ट्रॉली पलटने से एक मासूम सहित दो की मौत हो गई। वही 17 लोग घायल हुए है। सभी का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। सभी मजदूर रेलवे ठेकेदार के यहां काम करते हैं और रात में मंदसौर से उज्जैन जा रहे थे।

    मिली जानकारी के अनुसार शनिवार-रविवार की दरमियानी रात लगभग 2:30 बजे महू-नीमच राजमार्ग पर दलौदा तहसील के ग्राम लखमाखेड़ी के यहां ट्रैक्टर ट्राली को मिनी ट्रक के चालक ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर से ट्राली पलट गई। ट्राली में लगभग 20 लोग सवार थे इनमें मजदूरों के साथ उनके बच्चे भी थे। एक बालिका व महिला की मौके पर ही मौत हो गई। बाद में 17 घायलों को जिला अस्पताल लाया गया।

    रावटी क्षेत्र से आए थे मजदूरी करने
    सभी मजदूर रतलाम जिले के रावटी क्षेत्र के रहने वाले हैं। यह रेलवे के ठेकेदार के साथ काम करते हैं औरमजदूरी के लिए मंदसौर आए थे। यहां से रात को उज्जैन जा रहे थे। तभी लखमाखेड़ी फंटे पर ट्रक ने ट्राली को पीछे से टक्कर मार दी।

    इन दोनों की हुई मौत
        45 वर्षीय बसंती पत्नी घेरु निवासी किलसिया रावी
        6 वर्षीय प्रियंका पुत्री नेमचंद निवासी मोटूगा

    यह सभी हुए घायल
        18 वर्षीय कल्पना पुत्री विनोद निवासी रानीसिंह रावटी
        22 वर्षीय सविता पत्नी राहुल निवासी रावटी
        23 वर्षीय राहुल पुत्र संजय
        14 वर्षीय नीरु पुत्र तेरसिंह
        15 वर्षीय सुरपाल पुत्र तेरसिंह
        8 वर्षीय सदेव पुत्र अब्बुलाल
        18 वर्षीय चंचल पुत्र संजय
        28वर्षीय सोनु पत्नी अब्बुलाल
        4 वर्षीय कुशाल पुत्र राहुल
        23 वर्षीय लीला पत्नी राहुल
        5 वर्षीय आशा पुत्री राहुल
        18 वर्षीय गोपाल पुत्र नानालाल
        19 वर्षीय मनीष पुत्र संजय
        10 वर्षीय पुजा पुत्री नेमचंद
        7 वर्षीय करण पुत्र नेमचंद
        30 वर्षीय पप्पूडीबाई पत्नी नेमचंद
        35 वर्षीय शंकर पुत्र गमिया निवासी मोरटुका (ट्रैक्टर चालक)

  • भारत का धमाका! शेफाली का शतक, बांग्लादेश 81 पर ढेर; अब फाइनल में श्रीलंका से होगी टक्कर

    भारत का धमाका! शेफाली का शतक, बांग्लादेश 81 पर ढेर; अब फाइनल में श्रीलंका से होगी टक्कर

    आइची-नागोया
     भारत ने एशियन गेम्स 2026 में महिला क्रिकेट स्पर्धा के फाइनल में धमाकेदार एंट्री मारी है। भारत ने रविवार को दूसरा सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 114 रनों से रौंदा। भारत ने 196 रनों का टारगेट दिया था। बांग्लादेश की लक्ष्य का पीछा करते हुए हालत खस्ता रही। बांग्लादेश की टीम 15.4 ओवर में महज 81 रनों पर ढेर हो गई। नंदनी शर्मा ने जुएरिया फिरदौस (0) और क्रांति गौड़ ने सोभना मोस्टरी (4) का शिकार किया। कप्तान निगार सुल्ताना ने 9 और शोरना अख्तर पांच रन बटोरे। दिलारा अख्तर 27 रन बनाकर लौटीं। नाहिदा अख्तर ने चार, शर्मिन अख्तर ने 10 रन जोड़े जबकि राबेया खान का खाता नहीं खुला।

    इससे पहले, भारत ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट पर 195 रन जुटाए। शेफाली वर्मा 49 गेंदों में 100 रन बनाकर नाबाद रहीं। उन्होंने तीन चौके और 9 छक्के लगाए। यह उनका T20I में पहला शतक है। भारती फुलमाली ने 5 गेंदों में नाबाद 9 रन बनाए। टॉस जीतने के बाद भारत की शुरुआत अच्छी रही। भारत का पावरप्ले में स्कोर 72/1 रहा। स्मृति मंधाना छठे ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हुईं। उन्हें नाहिदा अख्तर ने आउट किया। मंधाना ने 19 गेंदों में पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से 37 रन जुटाए।मंधाना (4788) महिला टी20 इंटरेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली प्लेयर बन गई हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड की पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर सूजी बेट्स (4758) का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। गुनालन कमलिनी 3 रन ही जुटा सकीं। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 33 गेंदों में छह चौकों के जरिए 40 रनों का योगदान दिया। उन्होंने शेफाली के साथ तीसरे विकेट के लिए 94 रनों की पार्टनरशिप की। ऋचा घोष ने 4 गेंदों में दो रन बनाए।
    बांग्लादेश 81/10 (15.4 ओवर)
    भारत 195/4 (20 ओवर)

    भारत की प्लेइंग XI: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, भारती फुलमाली, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), गुनालन कमलिनी, दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़।

    बांग्लादेश की प्लेइंग XI: दिलारा अख्तर, जुएरिया फिरदौस, सोभना मोस्टरी, निगार सुल्ताना (विकेटकीपर/कप्तान), शोरना अख्तर, शर्मिन अख्तर, शंजीदा अख्तर मेघला, राबेया खान, नाहिदा अख्तर, मारूफा अख्तर, सुल्ताना खातून।

    भारत की यही तेवर बरकरार रखने पर नजर
    हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम रविवार को सेमीफाइनल में भी अपने आक्रामक तेवर बरकरार रखने चाहेगी। भारत शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में मेजबान जापान को आठ विकेट से रौंदकर अंतिम चार में पहुंचा था।। भारत एशियन गेम्स महिला क्रिकेट का मौजूदा चैंपियन है। बांग्लादेश का चीन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच गीले मैदान के कारण रद्द गया था, जिसके बाद उसने अपनी बेहतर आईसीसी रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में एंट्री मारी। भारत अगर सेमीफाइनल जीता तो फाइनल में श्रीलंका से भिड़ेगा। श्रीलंका ने इस मैदान पर आयोजित पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया।

    भारत ने पिछले एशियन गेम्स में भी रौंदा
    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की साल 2023 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में भी बंगलादेश से टक्कर हुई थी। भारत ने तब बांग्लादेश को आठ विकेट से धूल चटाई थी। भारत ने टी20 क्रिकेट में बांग्लादेश के खिलाफ लगातार नौ मैच जीते हैं। यह सिलिसिला हांगझोऊ 2023 में सेमीफाइनल जीत के साथ शुरू हुआ था। भारत ने पिछले हफ्ते महिला एशिया कप में बांग्लादेश को 40 रनों से शिकस्त दी थी। सेमीफाइनल में भारत को एक बार फिर युवा स्पिनर श्री चरणी से सानदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में जापान के खिलाफ टर्न और उछाल वाली पिच का भरपूर फायदा उठाते हुए 10 रन देकर चार विकेट चटकाए थे।

    भारतीय टीम: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), राधा यादव, नंदनी शर्मा, जी कमलिनी (विकेटकीपर), श्रेयांका पाटिल, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, भारती फुलमाली।

    बांग्लादेश टीम: निगार सुल्ताना (कप्तान), नाहिदा अख्तर (उपकप्तान), दिलारा अख्तर, शर्मिन अख्तर, शोर्ना अख्तर, सुल्ताना खातून, फाहिमा खातून, फरिहा त्रिस्ना, जुएरिया फिरदौस, मारुफा अख्तर, सोभना मोस्टोरी, रबिया खान, रितु मोनी, संजीदा अख्तर मेघला, सरमिन सुल्ताना।

  • बज्जिका से भोजपुरी तक, भाषाई विविधता पर बोले सम्राट चौधरी; नालंदा के गौरवशाली इतिहास का किया जिक्र

    बज्जिका से भोजपुरी तक, भाषाई विविधता पर बोले सम्राट चौधरी; नालंदा के गौरवशाली इतिहास का किया जिक्र

    पटना
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को ऊर्जा आडिटोरियम में 9वें माटी-पूर्वांचल महोत्सव में शामिल हुए।

    माटी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पूर्वांचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला, साहित्य, शिक्षा और सामाजिक योगदान को रेखांकित किया।

    सीएम ने कहा कि प्रदेश में बज्जिका, मगही, मैथिली, भोजपुरी और अंगिका जैसी भाषाएं बोली जाती हैं, जो राज्य की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती हैं।

    दोनों राज्‍यों की साझा संस्‍कृत‍ि से विकस‍ित भारत में दे रही योगदान
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पूर्वांचल को बिहार और उत्तर प्रदेश, दोनों के संदर्भ में देखते हैं। दोनों राज्यों की साझा सांस्कृतिक विरासत और मानवीय संसाधन देश को विकसित भारत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली लोक गायिका पद्मश्री से अलंकृत मालिनी अवस्थी, पूर्व क्रिकेटर सैयद सबा करीम, श्वेता सिंह, बैंक आफ बड़ौदा के एमडी ब्रजेश कुमार सिंह, पटना उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह, चिकित्सक डा. राजीव रंजन, शशांक कुमार तथा फुटबाल खिलाड़ी मधु कुमारी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि माटी महोत्सव के माध्यम से बिहार के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य किया जाना चाहिए।

    हमें अपनी माटी का फर्ज निभाना है और अपनी माटी का ऋण लौटाना है। महोत्सव में पूर्वांचल का खान-पान, लोकगीत-संगीत, मिलना-मिलाना, परिचर्चा और ''माटी सम्मान'' जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता को सामने लाता है।

    मौके पर कला एवं संस्कृति मंत्री डा. प्रमोद कुमार, सांसद व माटी संस्था के संरक्षक जगदम्बिका पाल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, माटी संस्था के संयोजक आसिफ आजमी, दानिश इकबाल आदि मौजूद रहे। मालिनी अवस्थी ने लोक गीतों से शाम को यादगार बना दी।

    नालंदा का रहा गौरवशाली इतिहास
    सीएम ने कहा कि बिहार की धरती ने देश और दुनिया को अनेक महान व्यक्तित्व दिए हैं। श्री गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मभूमि, भगवान महावीर की कर्मभूमि और भगवान बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति से जुड़ी यह धरती अपनी समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा के लिए जानी जाती है।

    मोहनदास करमचंद गांधी की महात्मा की उपाधि भी बिहार की धरती से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि नालंदा जाकर देखें तो हजारों वर्ष पूर्व बिहार की शिक्षा और ज्ञान की समृद्ध परंपरा का प्रमाण मिलता है।

    नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया के प्रमुख प्रमुख शिक्षा केंद्रों में शामिल था। बिहार की संस्कृति और ज्ञान परंपरा कितनी व्यवस्थित और समृद्ध रही है, इसका अंदाजा नालंदा के गौरवशाली इतिहास से लगाया जा सकता है।

     

  • भारत-पाक समुद्री तनाव फिर बढ़ा, नौसैनिक जहाजों की टक्कर के बाद 1991 समझौते का मुद्दा उठा

    भारत-पाक समुद्री तनाव फिर बढ़ा, नौसैनिक जहाजों की टक्कर के बाद 1991 समझौते का मुद्दा उठा

     नई दिल्ली
    उत्तरी अरब सागर में भारतीय नौसेना के विध्वंसक पोत INS कोलकाता और पाकिस्तानी नौसेना के गश्ती जहाज PNS हुनैन के बीच हुई टक्कर ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच समुद्री सीमा और कूटनीतिक तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है। भारत के अनुसार, 15 सितंबर को यह हादसा उस समय हुआ जब पाकिस्तानी जहाज ने तेज रफ्तार में आकर बेहद गैर पेशेवर तरीके से खतरनाक ओवरटेकिंग की कोशिश की। भारत ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में पाकिस्तान के कार्यवाहक राजदूत को तलब किया और 1991 के द्विपक्षीय समझौते के उल्लंघन पर विरोध दर्ज कराया।

    भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, PNS हुनैन का यह कदम 1991 के भारत-पाकिस्तान समझौते के धारा 10 का स्पष्ट उल्लंघन था। इस समझौते के तहत दोनों देशों के युद्धपोतों को एक-दूसरे से कम से कम 3 नॉटिकल मील (लगभग 5.5 किमी) की दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। टक्कर के बावजूद भारतीय नौसेना के 7400 टन वजनी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर INS कोलकाता को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा और वह समुद्र में अपनी तैनाती पर बना हुआ है। वहीं, लगभग 2,600 टन वजनी पाकिस्तानी गश्ती पोत PNS हुनैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर अपने बंदरगाह लौटने पर मजबूर हो गया।

    पाकिस्तान ने इस घटना पर भारत पर उसके नौसैनिक अभ्यास में बाधा डालने का आरोप लगाया। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए टालमटोल वाला रवैया बताया।

    क्या है भारत-पाकिस्तान समुद्री विवाद का मूल कारण?
    समुद्र में दोनों देशों के बीच अक्सर पैदा होने वाले तनाव के पीछे मुख्य रूप से चार बड़े कारण हैं। गुजरात और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच 96 किमी लंबी सर क्रीक दलदली सीमा रेखा को लेकर दशकों पुराना विवाद है। सीमा का सही सीमांकन न होने के कारण दोनों देशों के बीच अरब सागर में एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) का दायरा तय नहीं हो पाया है, जहां तेल, प्राकृतिक गैस और विशाल मत्स्य संसाधन मौजूद हैं।

    स्पष्ट समुद्री सीमा न होने के कारण दोनों देशों के मछुआरे अक्सर एक-दूसरे के जलक्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं। इसके चलते तटरक्षक बल नियमित रूप से मछुआरों को गिरफ्तार करते हैं और उनकी नौकाएं जब्त कर लेते हैं। 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद भारत ने अपनी समुद्री सीमाओं पर निगरानी बेहद सख्त कर दी है।

    समुद्री हादसों और सैन्य झड़पों को रोकने के लिए 1991 में बनाए गए सुरक्षा नियमों का उल्लंघन ऐसी घटनाओं का कारण बनता है। 3 नॉटिकल मील की दूरी का नियम न मानने से कई बार गंभीर दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। भारतीय नौसेना अपने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों और समुद्री सुरक्षा को बनाए रखने के लिए उत्तर-पश्चिमी अरब सागर में निरंतर गश्त करती है। दूसरी ओर पाकिस्तान अपनी तटरेखा और ग्वादर बंदरगाह जैसे रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा के नाम पर ऐसी आक्रामक पैंतरेबाजी करता रहता है।

  • Bank Holiday 21 September: शंकरदेव जन्मोत्सव और नारायण गुरु समाधि दिवस पर बंद रहेंगे बैंक

    Bank Holiday 21 September: शंकरदेव जन्मोत्सव और नारायण गुरु समाधि दिवस पर बंद रहेंगे बैंक

    नई दिल्ली
    कल सोमवार को बैंक बंद रहने वाले हैं। अगर आप कल 21 सितंबर को बैंक ब्रांच जाकरअपना काम निपटाने का प्लान कर रहे हैं तो पहले जान लीजिए कि आपके राज्य में बैंक खुले हैं या नहीं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के कैलेंडर के मुताबिक कल सोमवार को बैंक कुछ राज्यों में बंद रहने वाले हैं। यहां जानिये कल किन राज्यों में और क्यों बैंक बंद रहने वाले हैं।

    कल सोमवार 21 सितंबर को क्यों बंद रहेंगे बैंक?
    कल सोमवार 21 सितंबर को बैंक असम और केरल में बंद रहेंगे। असम में बैंक श्रीमंत शंकरदेव जन्मोत्सव और केरल में बैंक श्री नारायण गुरु समाधि दिवस के कारण बैंक नहीं खुलेंगे। यहां सभी सरकारी और प्राइवेट सेक्टर बैंक जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा, एक्सिस, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई जैसे तमाम बैंक बंद रहेंगे। असम और केरल के अलावा बैंक देश के बाकी सभी राज्यों में खुले रहेंगे।

    श्रीमंत शंकरदेव का जन्मोत्सव
    श्रीमंत शंकरदेव जन्मोत्सव मुख्य रूप से असम में मनाया जाता है। यह महान संत, कवि, समाज सुधारक और वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव की जयंती है। माना जाता है कि उनका जन्म 1449 में असम में हुआ था। उन्होंने असम में एकशरण नामधर्म यानी भक्ति परंपरा को आगे बढ़ाया और समाज को धार्मिक-सामाजिक एकता का संदेश दिया। असम में शंकरदेव जन्मोत्सव 21 सितंबर को मनाया जाएगा।

    श्री नारायण गुरु समाधि
    श्री नारायण गुरु समाधि दिवस मुख्य रूप से केरल के वर्कला स्थित शिवगिरी मठ में मनाया जाता है। श्री नारायण गुरु एक आध्यात्मिक गुरु और समाज सुधारक थे, जिन्होंने जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज उठाई। उनका प्रसिद्ध संदेश था। एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर, मनुष्य के लिए। शिवगिरी में उन्होंने समाधि प्राप्त की थी। इसी घटना की याद में समाधि दिवस मनाया जाता है।

    देश के बाकी राज्यों में खुली रहेंगी बैंक ब्रांच?
    दिल्ली, यूपी, बिहार, महाराष्ट्र,कर्नाटक,ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, मध्यप्रदेश, तेलांगना जैसे तमाम राज्यों में बैंक खुले रहेंगे। बैंक सिर्फ मेघालय में बंद रहेंगे। बाकि सभी राज्यों में बैंक खुले रहेंगे।

    सितंबर में कब-कब बंद रहेंगे बैंक?
    20 सितंबर – रविवार
    21 सितंबर – श्रीमंत शंकरदेव जन्मोत्सव और श्री नारायण गुरु समाधि के कारण भुवनेश्वर और तिरुवनंतपुरम में बैंक बंद रहेंगे।

    22 सितंबर – करमा पूजा के कारण रांची में बैंक बंद रहने वाले हैं।

    23 सितंबर – महाराजा हरि सिंह जी के जन्मदिन के कारण जम्मू और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे।

    25 सितंबर – इंद्रजात्रा के कारण गंगटोक में बैंक बंद रहने वाले हैं।

    26 सितंबर – चौथे शनिवार के कारण बैंक बंद रहेंगे।

    27 सितंबर – रविवार

  • पीडीए पूरी तरह ढकोसला, दलित महापुरुषों से चिढ़ते हैं अखिलेशः ओमप्रकाश राजभर

    पीडीए पूरी तरह ढकोसला, दलित महापुरुषों से चिढ़ते हैं अखिलेशः ओमप्रकाश राजभर

    लखनऊ
     समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के पीडीए के नारे को लेकर उन पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने तीखा हमला बोला है। सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि अखिलेश यादव का पीडीए पूरी तरह से ढकोसला है। अखिलेश कभी पीडीए को पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक बताते हैं। कभी पी से पंडित, डी से दलित और ए से अहीर कहते हैं। कभी ए से अल्पसंख्यक तो कभी आधी आबादी और कभी अगड़ा बता देते हैं।

    ‘अखिलेश दलितों से नफरत करते हैं, दलित महापुरुषों से बढ़ जाती है चिढ़’
    ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव दलितों से नफरत करते हैं और दलितों के जो महापुरुष हैं, उनकी प्रतिमा देख कर वह बहुत ज्यादा चिढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि 2012 में अखिलेश यादव सरकार बनाए और 2017 तक देखा जाए तो समाजवादी पार्टी के गुंडों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की असंख्य मूर्तियां तोड़ डालीं। राजभर ने कहा कि डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा सबसे ज्यादा समाजवादी पार्टी की सरकार में तोड़ी गईं। चाहे जौनपुर का मामला हो, मऊ का हो, सीतापुर हो या आजमगढ़… ऐसे तमाम जिले हैं जहां बाबा साहब की प्रतिमा तोड़ी गईं।

    ‘आगरा का मामला कौन भूल सकता है? दलित ग्राम प्रधान को पीट-पीटकर मार डाला’
    ओमप्रकाश राजभर ने आगरा के एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सपा सरकार में दलित ग्राम प्रधान को सपाइयों ने पीट-पीटकर मार डाला था। ग्राम प्रधान का कसूर यह था कि उन्होंने सपा को वोट नहीं दिया था। इसके लिए उनकी हत्या कर दी गई। राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग आंबेडकर जी के संबंध में अगर आंकड़े उठाकर देखेंगे तो अखिलेश राज में दलितों के ऊपर अत्याचार कई गुना बढ़ा था। बाबा साहब की प्रतिमा तोड़ने का रिकॉर्ड भी समाजवादी पार्टी की सरकार में ही सबसे ज्यादा रहा।

    ‘सपा के वोटर ही दलित अत्याचार में सबसे आगे’
    ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आज भी यूपी में दलित अत्याचार के मामले में यादव और मुस्लिम यानी सपा के वोटर ही सबसे आगे हैं। खुद अखिलेश यादव और उनका सैफई का कुनबा बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए क्या विचार रखता है, यह किसी से छिपा नहीं है। लखनऊ के गेस्ट हाउस कांड में सपाई गुंडे मायावती की हत्या करना चाहते थे। संयोग से वहां बीजेपी के नेता पहुंच गए। बीजेपी के लोग नहीं होते तो शायद मायावती की हत्या कर दी जाती। किसी तरह से उनकी जान बची थी।

    ‘अखिलेश राज में दलित बेटियों पर जितना जुर्म हुआ, वो कौन नहीं जानता’
    ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव दलित सम्मान की बात करते हैं, लेकिन उनके राज में दलित बेटियों के साथ जितना जुर्म हुआ वो कौन नहीं जानता है। उन्होंने कहा कि आज वक्त बदल गया है। योगी राज में दलित महापुरुषों को सम्मान मिल रहा है और दलित नायकों को नई पहचान मिल रही है। महापुरुषों के नाम पर बने पार्क में अगर प्रतिमा पुरानी हो गई है तो उसे बदलने, बाउंड्री कराने और सौंदर्यीकरण के अन्य काम के लिए सरकार ने अभी 500 करोड़ रुपये दिए हैं और सभी जगह काम चालू हो गया है।

    ‘नीला गमछा अखिलेश के लिए गले का फांस, लाल टोपी दिमाग पर’
    ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के नीले गमछे पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव सोच रहे हैं कि बाबा साहब डॉ. आंबेडकर को आगे करके वोट ले लेंगे, लेकिन उनके गले का नीला गमछा ही उनके गले का फांस है। सिर पर लाल टोपी और गले में नीला गमछा 2 जून 1995 की घटना याद दिलाता है कि आपने मायावती के साथ गेस्ट हाउस कांड में सपा ने क्या किया था।

    ‘आरक्षण में प्रमोशन का आरक्षण खत्म किया, महापुरुषों के नाम के पार्क और जिले खत्म किए’
    राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने आरक्षण में प्रमोशन का आरक्षण खत्म किया। दलित महापुरुषों बाबा साहब सहित अन्य के नाम से बने पार्क और जिले खत्म करने का काम अखिलेश यादव ने किया। दलितों के उत्थान और विकास के लिए महापुरुषों के नाम से बनी योजनाओं को भी खत्म करने का काम अखिलेश यादव ने किया।

    ‘आज योगी सरकार में सभी महापुरुषों का सम्मान सुरक्षित’
    ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आज सभी महापुरुषों का सम्मान योगी जी की सरकार में सुरक्षित है। कहीं कोई घटना नहीं हो पा रही है। महापुरुषों को लेकर आज की सरकार जो काम कर रही है, अगर ऐसी सोच सत्ता में रहते हुए अखिलेश जी के मन में पैदा हुई होती तो शायद कुछ कदम आगे बढ़ते। इसलिए जिस सोच को लेकर अखिलेश यादव चल रहे हैं, उस पर 2027 में एक बार फिर पानी फिर जाएगा।

  • हायर सेकंडरी विद्यालय बिलासपुर एवं हर्रवाह में सेवा संकल्प अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित

    हायर सेकंडरी विद्यालय बिलासपुर एवं हर्रवाह में सेवा संकल्प अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित

    उमरिया
     जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत शासकीय हायर सेकंडरी विद्यालय हर्रवाह एवं बिलासपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई।

    प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए भाषण एवं चित्रकला के माध्यम से अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का सुंदर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

    वहीं, शासकीय हायर सेकंडरी विद्यालय बिलासपुर में मुख्यमंत्री जी के द्वारा आयोजित स्कूटी वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी छात्र-छात्राओं एवं उपस्थितजनों द्वारा देखा गया।

    कार्यक्रम में भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष रवि शंकर सोनी, दोनों विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

     

  • इंद्रेश महाराज बोले- नशे से दूर रहें युवा, ‘Gen Z Against Drugs’ अभियान को दिया समर्थन

    इंद्रेश महाराज बोले- नशे से दूर रहें युवा, ‘Gen Z Against Drugs’ अभियान को दिया समर्थन

    चंडीगढ़.

    प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य इंद्रेश उपाध्याय महाराज जी ने वीडियो संदेश के माध्यम से नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘Gen Z Against Drugs’ अभियान का समर्थन किया है।

    उन्होंने चंडीगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के युवाओं और नागरिकों से अपील की कि वे आज सेक्टर-17 प्लाजा, चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लें। अपने संदेश में पूज्य महाराज जी ने कहा कि युवा शक्ति ही देश का वर्तमान और भविष्य है। युवाओं को नशे जैसी बुराई से बचाना केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक कर्तव्य है।

    उन्होंने कहा कि जब युवा जागरूक और एकजुट होंगे, तभी नशे के खिलाफ चल रही इस लड़ाई को निर्णायक बनाया जा सकेगा। उन्होंने अभिभावकों, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और शिक्षण संस्थानों से भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।