Author: NewseDay

  • कहा- सपा सरकार में सबसे ज्यादा तोड़ी गईं बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं

    कहा- सपा सरकार में सबसे ज्यादा तोड़ी गईं बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं

    लखनऊ
    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने रविवार को समाजवादी पार्टी के पीडीए नारे को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पीडीए को पूरी तरह ढकोसला बताते हुए कहा कि अखिलेश इसका मतलब अपनी सुविधा के अनुसार बदलते रहते हैं। कभी पीडीए को पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक बताते हैं तो कभी पी से पंडित, डी से दलित और ए से अहीर कहते हैं। कभी ए से अल्पसंख्यक, आधी आबादी तो कभी अगड़ा बता देते हैं।
     
    राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव दलितों से नफरत करते हैं और दलित महापुरुषों की प्रतिमा देखकर उनकी चिढ़ और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 की सपा सरकार के दौरान बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं सबसे ज्यादा तोड़ी गईं। जौनपुर, मऊ, सीतापुर और आजमगढ़ समेत कई जिलों में ऐसी घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि आंकड़े उठाकर देख लिए जाएं तो अखिलेश सरकार के दौरान दलितों पर अत्याचार कई गुना बढ़ा था।
     
    आगरा में दलित ग्राम प्रधान की हत्या का किया जिक्र
    ओम प्रकाश राजभर ने आगरा की एक घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार में एक दलित ग्राम प्रधान को सपाइयों ने पीट-पीटकर मार डाला था। ग्राम प्रधान का कसूर केवल इतना था कि उन्होंने सपा को वोट नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय बाबा साहब की प्रतिमाएं तोड़ने से लेकर दलितों पर अत्याचार तक के मामले लगातार सामने आए।
     
    राजभर ने कहा कि आज भी यूपी में दलितों पर अत्याचार के मामले में यादव और मुस्लिम यानी सपा के वोटर ही सबसे आगे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और उनके सैफई के कुनबे की बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर क्या सोच है, यह किसी से छिपी नहीं है।
     
    गेस्ट हाउस कांड को लेकर सपा को घेरा
    राजभर ने दो जून 1995 के गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय सपाई गुंडे मायावती की हत्या करना चाहते थे। संयोग से वहां भाजपा के नेता पहुंच गए। भाजपा के लोग नहीं होते तो शायद मायावती की हत्या कर दी जाती। किसी तरह उनकी जान बची थी।
     
    उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आज दलित सम्मान की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके शासनकाल में दलित बेटियों के साथ जितना जुर्म हुआ, उसे कौन नहीं जानता। अब वक्त बदल चुका है। योगी सरकार में दलित महापुरुषों को सम्मान मिल रहा है और दलित नायकों को नई पहचान दी जा रही है।

     नीला गमछा अखिलेश के गले की फांस: राजभर
    अखिलेश यादव के नीले गमछे पर तंज कसते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि वह बाबा साहब डॉ. आंबेडकर को आगे करके वोट लेने की सोच रहे हैं, लेकिन यही नीला गमछा उनके गले की फांस है। सिर पर लाल टोपी और गले में नीला गमछा दो जून 1995 की घटना की याद दिलाता है कि गेस्ट हाउस कांड में सपा ने मायावती के साथ क्या किया था।
     
    राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया। दलित महापुरुषों और बाबा साहब के नाम पर बने पार्कों और जिलों को खत्म करने का काम किया। दलितों के उत्थान और विकास के लिए महापुरुषों के नाम से बनी योजनाओं को भी खत्म किया गया।
     
    महापुरुषों से जुड़े पार्कों के लिए 500 करोड़
    ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि योगी सरकार में सभी महापुरुषों का सम्मान सुरक्षित है। दलित महापुरुषों को सम्मान देने के साथ दलित नायकों को नई पहचान मिल रही है। महापुरुषों के नाम पर बने पार्कों में पुरानी हो चुकी प्रतिमाओं को बदलने, बाउंड्री कराने और सौंदर्यीकरण के अन्य कार्यों के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये दिए हैं और सभी जगह काम शुरू हो गया है।
     
    उन्होंने कहा कि महापुरुषों को लेकर आज की सरकार जिस सोच के साथ काम कर रही है, ऐसी सोच सत्ता में रहते हुए अखिलेश यादव के मन में पैदा हुई होती तो शायद कुछ कदम आगे बढ़े होते। राजभर ने कहा कि अखिलेश जिस सोच को लेकर चल रहे हैं, उस पर 2027 में एक बार फिर पानी फिर जाएगा।

  • रुचि ने कहा- माता-पिता ने देखा था सपना, स्वाति बोलीं- मेहनत को सही माहौल मिले तो सपने होते हैं पूरे

    रुचि ने कहा- माता-पिता ने देखा था सपना, स्वाति बोलीं- मेहनत को सही माहौल मिले तो सपने होते हैं पूरे

    लखनऊ
     किसी के माता-पिता ने खाकी पहनने का सपना देखा था तो कोई वर्षों से खुद इस दिन का इंतजार कर रहा था। रविवार को नियुक्ति पत्र हाथ में आया तो नवचयनित अभ्यर्थियों की खुशी छलक पड़ी। अभ्यर्थियों ने कहा कि भर्ती में न सिफारिश की जरूरत पड़ी और न किसी तरह का लेनदेन करना पड़ा। मेहनत और काबिलियत के बूते उन्हें यूपी पुलिस का हिस्सा बनने का मौका मिला।
     
    सहायक उपनिरीक्षक के पद पर चयनित लखनऊ की दर्शना बाजपेई ने कहा कि उन्हें अपनी पढ़ाई पर पूरा भरोसा था। भर्ती प्रक्रिया में कहीं भी लेनदेन या किसी की सहायता लेने की जरूरत नहीं पड़ी। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रही। अब वह पूरी ऊर्जा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में भर्ती व्यवस्था पर प्रसन्नता जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
     
    खाकी पहनने का सपना हुआ साकार
    लखनऊ के संजीव वर्मा ने कहा कि खाकी पहनना उनका सपना था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में यह सपना पूरा हुआ। बिना भेदभाव और रिश्वत के काबिलियत के आधार पर उनका चयन हुआ है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती से प्रदेश के युवाओं को अपनी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी पाने का अवसर मिलेगा और भ्रष्टाचार व रिश्वत से मुक्त होकर काम करने का प्रोत्साहन मिलेगा।
     
    माता-पिता ने देखा था सपना
    उपनिरीक्षक गोपनीय के पद पर चयनित लखनऊ की रुचि यादव ने कहा कि उनके माता-पिता ने यह सपना देखा था, जिसे पूरा होने का सौभाग्य मिला है। यहां तक पहुंचाने में माता-पिता, भाई-बहन, शिक्षकों और मित्रों का सहयोग रहा। उन्होंने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री योगी और पुलिस भर्ती बोर्ड के अधिकारियों का धन्यवाद किया।
     
    मेहनत को सही माहौल मिले तो पूरे होते हैं सपने
    सहायक उपनिरीक्षक लिपिक के पद पर चयनित लखनऊ की स्वाति भट्ट ने कहा कि नियुक्ति पत्र हाथ में लेकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। जब मेहनत को निष्पक्ष और सही वातावरण मिलता है, तभी सपने पूरे होते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने और अपने परिवार की ओर से धन्यवाद और शुभकामनाएं दीं।
     
    इन अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र
    मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में अमेठी के अमित सिंह, बाराबंकी की रिया मौर्या, कानपुर शहर की नीलम निषाद, लखनऊ की दर्शना बाजपेई, वाराणसी के विशाल कुमार गौड़, कानपुर देहात के आलोक कुमार पाल, झांसी के अनुराग खटीक, मैनपुरी के मोहम्मद आमिर, जालौन के सिद्धार्थ सक्सेना, झांसी के आदर्श कुमार जैन, लखीमपुर खीरी के रजत गुप्ता, उन्नाव की अंजू भारती, रायबरेली के अभिषेक सिंह चौहान, महराजगंज के सागर चौरसिया, मेरठ के मनीष यादव, प्रतापगढ़ के विकास कुमार पटेल, बांदा के धीरेन्द्र सिंह और लखनऊ के संजीव वर्मा, सिद्धार्थ श्रीवास्तव व हिमांशु शुक्ला को नियुक्ति पत्र सौंपे।

  • CNG-PNG को लेकर राजस्थान सरकार का बड़ा प्लान, 17 क्षेत्रों में गैस नेटवर्क विस्तार पर जोर

    CNG-PNG को लेकर राजस्थान सरकार का बड़ा प्लान, 17 क्षेत्रों में गैस नेटवर्क विस्तार पर जोर

    जयपुर
     राजस्थान में सीएनजी सुविधा के विस्तार को लेकर सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। चालू वित्तीय वर्ष में दिसंबर तक प्रदेश में 60 नए सीएनजी स्टेशन शुरू किए जाएंगे। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं के साथ बैठक में इस लक्ष्य को तय समय में पूरा करने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक गैस के नेटवर्क का विस्तार कर अधिक से अधिक परिवारों के साथ औद्योगिक और व्यावसायिक संस्थानों को भी पाइप्ड नेचुरल गैस से जोड़ा जाना है।

    मुख्य सचिव ने कहा कि सीजीडी संस्थाएं उन क्षेत्रों में प्राथमिकता से डोमेस्टिक पाइप्ड नेचुरल गैस (डीपीएनजी) कनेक्शन उपलब्ध कराएं, जहां इसके लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित हो चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य 30 सितम्बर तक 40 हजार नए परिवारों को डीपीएनजी सुविधा से जोड़ना है। उन्होंने एलपीजी से डीपीएनजी में शिफ्टिंग के लिए सीजीडी संस्थाओं और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।

    राजस्थान में सीएनजी नेटवर्क को तेजी से विस्तार देने की तैयारी है। मुख्य सचिव ने चालू वित्तीय वर्ष में 60 नए सीएनजी स्टेशन शुरू करने का लक्ष्य दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सीजीडी संस्थाओं को समयबद्ध कार्ययोजना बनानी होगी। सरकार का उद्देश्य सीएनजी की उपलब्धता बढ़ाकर प्रदेश में प्राकृतिक गैस आधारित परिवहन सुविधाओं का विस्तार करना है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक 23 नए सीएनजी स्टेशन शुरू किए जा चुके हैं।

    40 हजार परिवारों को डीपीएनजी से जोड़ने का लक्ष्य
    सरकार के विशेष फोकस के चलते 30 सितम्बर तक 40 हजार नए परिवारों को डीपीएनजी सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार तीन माह में ही 30 हजार से अधिक नए परिवार डीपीएनजी सेवाओं से जुड़ चुके हैं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आधारभूत सुविधायुक्त क्षेत्रों में कनेक्शन देने को प्राथमिकता दी जाए। जिला स्तर पर जिला रसद अधिकारियों को सीजीडी संस्थाओं के साथ समन्वय करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    औद्योगिक और व्यावसायिक कनेक्शन भी बढ़ेंगे
    प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार का फोकस केवल घरेलू कनेक्शनों तक सीमित नहीं है। औद्योगिक और व्यावसायिक संस्थानों को भी पीएनजी नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। राजस्थान स्टेट गैस के प्रबंध निदेशक विनय पाटनी के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 99 नए औद्योगिक और 314 व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इससे उद्योगों और कारोबारियों को पाइप्ड गैस सुविधा का लाभ मिलेगा।

    13 सीजीडी संस्थाएं 17 क्षेत्रों में कर रहीं काम
    राज्य में 13 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन संस्थाएं 17 जियोग्राफिकल क्षेत्रों में गैस नेटवर्क विकसित कर रही हैं। इन क्षेत्रों में डीपीएनजी, औद्योगिक एवं व्यावसायिक पीएनजी के साथ सीएनजी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मुख्य सचिव ने राजकीय आवासों को भी डीपीएनजी से जोड़ने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक परिवारों को प्राकृतिक गैस से जोड़ने के साथ हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है।

    घरेलू, औद्योगिक और व्यावसायिक गैस नेटवर्क को गति देने पर जोर
    विशिष्ट सचिव माइंस नम्रता वृष्णि ने बताया कि विभागीय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग और सीजीडी संस्थाओं को आवश्यक सहयोग दिए जाने से डीपीएनजी कनेक्शनों में तेजी आई है। निदेशक पेट्रोलियम अवधेश सिंह ने भी बैठक में प्रगति की जानकारी दी। सरकार अब सीएनजी स्टेशनों के विस्तार के साथ घरेलू, औद्योगिक और व्यावसायिक गैस नेटवर्क को गति देने पर जोर दे रही है।

  • बैंक डकैती की कोशिश में बड़ा खुलासा, अमृतसर में 3 लुटेरे गिरफ्तार; 3 की तलाश जारी

    बैंक डकैती की कोशिश में बड़ा खुलासा, अमृतसर में 3 लुटेरे गिरफ्तार; 3 की तलाश जारी

    अमृतसर.

    दस सितंबर की दोपहर जंडियाली गुरु में यूनियन बैंक में हथियारों के बल लूट करने पहुंचे तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों के कब्जे से तेजधार हथियार बरामद किए गए हैं।

    घटना वाले दिन बैंक के गार्ड की होशियारी और दिलेरी के कारण लूट नहीं हो पाई थी। गार्ड के कारण ही लुटेरे वहां से फरार हुए थे। सीसीटीवी कैमरा ट्रेल के आधार पर की गई जांच के बाद पुलिस ने सभी तीन आरोपितों को रविवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया है। पता चला है कि इस गिरोह के तीन और भी सदस्य अभी तक फरार चल रहे है।

    बता दें 11 सितंबर की दोपहर उक्त आरोपितों ने हथियारों के बल पर यूनियन बैंक जंडियाला गुरु शाखा में लूट की वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया था। पता चला है कि लुटेरों को पूरी जानकारी थी कि 10 सिंतबर की सुबह बैंक में पंद्रह लाख रुपये से ज्यादा का कैश पहुंच चुका है।

  • इंदौर में T20 मुकाबले का टिकट काउंटडाउन शुरू, 22 सितंबर से बिक्री; छात्रों-दिव्यांगों के लिए कोटा

    इंदौर में T20 मुकाबले का टिकट काउंटडाउन शुरू, 22 सितंबर से बिक्री; छात्रों-दिव्यांगों के लिए कोटा

    इंदौर.

    इंदौर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को होने वाले इंडिया-वेस्टइंडीज टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले के लिए छात्रों और दिव्यांग खेल प्रेमियों के लिए टिकट की दरें तय कर दी गई हैं।

    मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) ने टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। सबसे अच्छी बात यह है कि बुकिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद टिकट कूरियर के जरिए सीधे आपके घर पहुंच जाएगा।

    22 सितंबर से शुरू होगी ऑनलाइन बुकिंग
    छात्रों और दिव्यांगों के लिए स्पेशल कोटे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग 22 सितंबर को दोपहर 12 बजे से शुरू हो जाएगी। यह बुकिंग विंडो 23 सितंबर को दोपहर 12 बजे तक, या फिर कोटे के टिकट खत्म होने तक चालू रहेगी। टिकट खरीदने का माध्यम पूरी तरह से ऑनलाइन रखा गया है।

    जानिए क्या हैं टिकट के दाम
    छात्रों के लिए ईस्ट स्टैंड (लोअर) का टिकट 950 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि इसी स्टैंड के सेकंड फ्लोर के टिकट की कीमत 1200 रुपये तय की गई है। वहीं, दिव्यांग दर्शकों को नॉर्थ-वेस्ट गैलरी का टिकट 400 रुपये में मिलेगा। इन दोनों ही खास श्रेणियों (छात्र और दिव्यांग) में एक व्यक्ति केवल एक ही टिकट बुक कर पाएगा।

    स्टूडेंट्स के लिए कड़े नियम और जरूरी दस्तावेज
    एमपीसीए ने स्पष्ट किया है कि छात्र कोटे का लाभ केवल स्कूल, कॉलेज या यूनिवर्सिटी में नियमित (रेगुलर) रूप से पढ़ाई करने वाले छात्रों को ही दिया जाएगा। अगर आप किसी कोचिंग या प्राइवेट एकेडमी के छात्र हैं, तो आपको यह सुविधा नहीं मिलेगी। बुकिंग के वक्त अपनी पहचान साबित करने के लिए छात्रों को चालू सत्र का आईडी कार्ड, बीते साल की मार्कशीट या फिर इस साल का हाफ-ईयरली (मिड-टर्म) रिजल्ट अपलोड करना अनिवार्य होगा।

    दिव्यांग दर्शकों के लिए दिशा-निर्देश
    दिव्यांग दर्शकों को टिकट बुक करते समय सिविल सर्जन या किसी सक्षम सरकारी अधिकारी द्वारा जारी किया गया वैध प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा। जिन लोगों को व्हीलचेयर की जरूरत है, उन्हें फॉर्म भरते समय व्हीलचेयर टिकट का विकल्प चुनना होगा, लेकिन मैच वाले दिन स्टेडियम में व्हीलचेयर उन्हें अपनी ही लानी होगी।

  • भारत दौरे पर आ सकते हैं बालेन शाह, दिल्ली में व्यापार-निवेश और रोजगार पर होगी चर्चा

    भारत दौरे पर आ सकते हैं बालेन शाह, दिल्ली में व्यापार-निवेश और रोजगार पर होगी चर्चा

    नई दिल्ली
    नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के भारत दौरे को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। माना जा रहा कि इस साल के आखिर तक बालेन शाह दिल्ली की अपनी पहली यात्रा कर सकते हैं। इस दौरान आपसी रिश्तों को और मजबूती देने के साथ साझेदारी के नए रास्ते खुलेंगे। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने भारत दौरे पर ये बात कही है। दिल्ली दौरे पर उन्होंने भारत और नेपाल के बीच इंडस्ट्री-टू-इंडस्ट्री सहयोग और बालेन शाह सरकार के रोजगार सृजन और उद्योग पर फोकस के बारे में भी बात की।

    बालेन शाह इसी साल आ सकते हैं भारत
    पिछले साल नेपाल में बड़े पैमाने पर हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के बाद पिछली सरकार गिर गई थी। इसके बाद 2026 की शुरुआत में संसदीय चुनाव जीतकर बालेन शाह नेपाल के प्रधानमंत्री बने। उन्होंने पहले ऐलान किया था कि वे प्रधानमंत्री के तौर पर विदेश यात्रा 2027 से ही शुरू करेंगे। हालांकि, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने हमारे सहयोगी अखबार ईटी को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण के बाद बालेन शाह नवंबर में नई दिल्ली आ सकते हैं।

    नेपाल के वित्त मंत्री ने दिल्ली दौरे पर दी जानकारी
    नेपाल के वित्त मंत्री के तौर पर अपनी पहली भारत यात्रा पर आए स्वर्णिम वागले ने प्रधानमंत्री बालेन शाह के कार्यक्रम को लेकर अहम अपडेट दिया। स्वर्णिम वागले, दिल्ली स्थित RIS में विशेषज्ञों और थिंक-टैंक के सदस्यों के एक चुनिंदा समूह से बात कर रहे थे। मंत्री ने भारत और नेपाल के बीच इंडस्ट्री-टू-इंडस्ट्री सहयोग और शाह सरकार के रोजगार सृजन और उद्योग पर फोकस के बारे में भी बात की। खास बात यह है कि भारत से नेपाल में निजी निवेश की पिछली लहर लगभग 25 साल पहले आई थी। काठमांडू अब निवेश का एक नया दौर चाहता है।

    द्विपक्षीय व्यापार और ट्रांजिट संधि पर फोकस
    नेपाल द्विपक्षीय व्यापार और ट्रांजिट संधि को आधुनिक बनाने का भी इच्छुक है। ट्रांजिट संधि में 1 जून, 2023 को सात साल की अवधि के लिए संशोधन किया गया था। इसके बाद पिछले नवंबर में रेल-आधारित माल ढुलाई और बल्क कार्गो कनेक्टिविटी का विस्तार करने के लिए एक अतिरिक्त लेटर ऑफ एक्सचेंज पर सहमति बनी थी। वागले ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उनकी बैठकों में अगस्त में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद नेपाल में पुनर्निर्माण कार्यों और भारत से संभावित मदद पर भी फोकस किया गया।

    वागले के भारत दौरे पर क्या कह रहे एक्सपर्ट
    नेपाल मामलों के जानकारों का कहना है कि वागले ने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए भारत को इसलिए चुना क्योंकि दोनों देशों के बीच करीबी द्विपक्षीय संबंध हैं। हाल ही में आई आपदा के बाद बचाव और राहत कार्यों में नई दिल्ली ने तेजी से मदद की थी। इससे पहले पिछले कुछ महीनों में नेपाल के विदेश मंत्री और सत्तारूढ़ पार्टी के अध्यक्ष ने भारत का दौरा किया था। इस बीच, भारत ने शनिवार को हिमालयी देश को आपदा से उबरने के प्रयासों में मदद के लिए 11 टन और राहत सामग्री भेजी।

  • सरकारी कामकाज में पंजाबी को बढ़ावा, पंजाब के 2 पुराने कानून अब पंजाबी भाषा में

    सरकारी कामकाज में पंजाबी को बढ़ावा, पंजाब के 2 पुराने कानून अब पंजाबी भाषा में

    चंडीगढ़.

    पंजाब में सरकारी कामकाज और कानूनी प्रक्रियाओं में पंजाबी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डिपार्टमेंट ऑफ लीगल एंड लेजिस्लेटिव अफेयर्स ने पंजाब होम गार्ड्स एक्ट, 1947 और पंजाब लोकल अथॉरिटीज (एडेड स्कूल्स) एक्ट, 1959 के पंजाबी पाठ को आधिकारिक कानूनी मान्यता दे दी है।

    दोनों कानूनों के अधिकृत पंजाबी पाठ को सरकारी गजट में प्रकाशित किया गया है। इससे इन कानूनों को समझने और इनके आधार पर विभागीय कार्यवाही करने में पंजाबी का इस्तेमाल आसान होगा। करीब आठ दशक पुराने होम गार्ड्स कानून और छह दशक से अधिक पुराने एडेड स्कूल्स कानून का अब तक अधिकृत पंजाबी पाठ उपलब्ध नहीं था। कानूनों के प्रामाणिक संदर्भ के लिए अंग्रेजी पाठ पर ही निर्भरता रहती थी। इससे विशेष रूप से उन कर्मचारियों, शिक्षकों और अन्य लोगों के लिए परेशानी होती थी, जिन्हें सरकारी या कानूनी प्रक्रिया में अंग्रेजी की जटिल शब्दावली का सामना करना पड़ता था।

    गजट में प्रकाशन के बाद मिला कानूनी दर्जा
    पंजाब ऑफिशियल लैंग्वेज एक्ट, 1967 की धारा 6-ए के तहत इन दोनों कानूनों के पंजाबी अनुवाद को गजट में प्रकाशित किया गया है। इसके बाद यह केवल समझने के लिए तैयार किया गया सामान्य अनुवाद नहीं रहेगा, बल्कि अधिकृत कानूनी पाठ के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। विभागों और संबंधित संस्थानों में कानून की धाराओं को पंजाबी में समझने के लिए इसका आधिकारिक रूप से सहारा लिया जा सकेगा।

    कानून की मूल व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं
    सरकार के इस कदम से दोनों कानूनों की मूल कानूनी व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। कानून में निर्धारित अधिकार, दायित्व, प्रावधान या अन्य वैधानिक व्यवस्थाएं पहले की तरह ही लागू रहेंगी। बदलाव मुख्य रूप से कानून के अधिकृत पंजाबी पाठ को उपलब्ध कराने से जुड़ा है।

  • Bihar Startup Scheme: बेटियों के नए बिजनेस आइडिया को मिलेगा पैसा, जल्द लागू होगी ‘बेटी स्टार्टअप चैलेंज’

    Bihar Startup Scheme: बेटियों के नए बिजनेस आइडिया को मिलेगा पैसा, जल्द लागू होगी ‘बेटी स्टार्टअप चैलेंज’

    पटना
    राज्य सरकार पहली बार बेटियों के लिए नए आइडिया के आधार पर स्टार्टअप स्कीम (Startup Scheme) लांच करने की तैयारी में है।

    इसकी जवाबदेही उच्च शिक्षा विभाग को दी गई है और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर विभाग ने बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना का प्रस्ताव तैयार किया है।

    प्रस्ताव में नए और इनोवेटिव बिजनेस आइडिया के आधार पर सरकार की ओर से 50 हजार रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान किया गया है।
    वित्त विभाग की सहमति के बाद राज्य मंत्रिमंडल से ली जाएगी स्वीकृति

    भविष्य में अनुदान में बढ़ोतरी को भी प्रस्ताव है। प्रस्तावित योजना पर वित्त विभाग से सहमति लेने के बाद उसे राज्य मंत्रिमंडल के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

    इसके बाद चालू वित्तीय वर्ष में ही इस नई योजना को लागू किया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन के मौके पर बेटियों को उद्यमी बनाने के लिए नई पहल करते हुए बेटी स्टार्टअप योजना शुरू करने की घोषणा की थी।

    उच्च शिक्षा विभाग के एक बजट अधिकारी ने बताया कि बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना का प्रारुप तैयार है। इसे
    बिल्कुल नए और इनोवेटिव बिजनेस आइडिया को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
    इसकी पात्रता/योग्यता भी निर्धारित की गई है। आवेदक बिहार की स्थायी निवासी होनी चाहिए। उसकी आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए।

    व्‍यावहारिक आइड‍िया को प्राथम‍िकता
    नई योजना के तहत मुख्य रूप से उन आइडियाज को प्राथमिकता दी जाएगी जो व्यावहारिक हों और बाजार में रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकें।

    नई योजना का क्रियान्वयन उच्च शिक्षा विभाग और उद्योग विभाग मिलकर करेगा। महत्वपूर्ण बात यह कि राज्य में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की जाने वाली स्टार्टअप की यह पहली योजना होगी।

    इतना ही नहीं, राज्य में केवल बालिकाओं के लिए भी स्टार्टअप की यह पहली योजना होगी। इससे बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने को बढ़ावा मिलेगा।

    साथ ही, यह पहल बेटियों को केवल रोजगार तलाशने वाली नहीं, बल्कि नवाचार, आत्मविश्वास और आर्थिक स्वावलंबन के माध्यम से प्रदेश के विकास में नई भूमिका निभाएंगी।

    स्टार्टअप के लिए आए प्रोजेक्ट का मूल्यांकन करेगी कमेटी
    योजना का मानदंड कुछ इस तरह तैयार किया गया है जिसमें स्टार्टअप के लिए बिल्कुल नया आइडिया और नवाचार संबंधी प्रस्ताव को चयन में प्राथमिकता मिलेगी।

    इस प्रकार स्टार्टअप शुरू करने की इच्छुक बेटियों के लिए संबंधित अपना प्रस्ताव तैयार करने में चैलेंज भी होगा। इसमें चुनौती यह होगी कि उनके स्टार्टअप का प्रस्ताव वास्तविक जिंदगी से जुड़ा हो।

    क्योंकि, योजना का उद्देश्य बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें केवल नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला (उद्यमी) बनाना भी है।

    बेटियों द्वारा जमा किए जाने वाले स्टार्टअप प्रोजेक्ट प्रस्ताव का मूल्यांकन के लिए कमेटी होगी। इसमें उच्च शिक्षा विभाग को उद्योग विभाग का सहयोग होगा

  • सीमावर्ती और जनजातीय गांवों में नेटवर्क विस्तार तेज, राजस्थान को मिल सकती है ₹150 करोड़ की प्रोत्साहन राशि

    सीमावर्ती और जनजातीय गांवों में नेटवर्क विस्तार तेज, राजस्थान को मिल सकती है ₹150 करोड़ की प्रोत्साहन राशि

    जयपुर
     राजस्थान के दूरदराज, जनजातीय और अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों तक हाई-स्पीड डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में 18वीं स्टेट ब्रॉडबैंड कमेटी की बैठक हुई। इसमें डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार, राइट ऑफ वे नियम-2024 के क्रियान्वयन, 4जी सेचुरेशन परियोजना और केंद्र की पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना के तहत किए जा रहे सुधारों की समीक्षा की गई।

    मुख्य सचिव ने कहा कि सीमांत, जनजातीय और दूरदराज क्षेत्रों में निर्बाध इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कनेक्टिविटी के अभाव में आमजन सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को लंबित कार्यों का मिशन मोड में निस्तारण करने के निर्देश दिए।

    आरओडब्ल्यू नियमों का समयबद्ध क्रियान्वयन
    मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 1 जनवरी 2025 से प्रभावी नए राइट ऑफ वे नियम-2024 को सभी नगरीय निकायों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा 30 सितम्बर तक अनिवार्य रूप से अंगीकृत किया जाए। उन्होंने ऑफलाइन आवेदन व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर सभी प्रक्रियाएं राज्य आरओडब्ल्यू पोर्टल के माध्यम से संचालित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि सात प्रमुख विभाग पहले ही राज्य आरओडब्ल्यू पोर्टल से जुड़ चुके हैं।

    150 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का लक्ष्य
    बैठक में बताया गया कि 31 मार्च 2026 तक के सभी लंबित आरओडब्ल्यू आवेदनों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया जा चुका है। वर्तमान में आरओडब्ल्यू अनुमतियों के निस्तारण का औसत समय करीब 32 दिन है। मुख्य सचिव ने इसे 45 दिन से कम बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संशोधित भारतनेट परियोजना एडेंडम, कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म और समेकित बिलिंग व्यवस्था से जुड़ी शेष औपचारिकताएं समय पर पूरी करने को कहा, ताकि राज्य को विशेष सहायता योजना के तहत 150 करोड़ रुपए की पूरी प्रोत्साहन राशि मिल सके।

    4जी सेचुरेशन परियोजना की समीक्षा के दौरान उदयपुर, बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर में मोबाइल टावरों के लिए लंबित राजस्व भूमि आवंटन को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने जिला कलेक्टरों को व्यक्तिगत रुचि लेकर मामलों का निस्तारण करने को कहा। बाड़मेर और श्रीगंगानगर सहित सीमावर्ती जिलों के अनकवर्ड गांवों को प्राथमिकता से नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दिया गया।

    दूरसंचार कंपनियों की समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा
    बैठक में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने स्थानीय निकायों द्वारा अस्वीकृत आवेदनों की प्रोसेसिंग फीस लौटाने पर विचार करने, स्मार्ट मीटरिंग और समूह बिलिंग को आसान बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मोबाइल टावर स्थापना पर बिना विधिक सुनवाई या आधारहीन शिकायतों के आधार पर एकतरफा रोक नहीं लगाई जाए। ऐसे मामलों का निस्तारण आरओडब्ल्यू नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला कलेक्टर स्तर पर किया जाए। स्मार्ट सिटी डक्ट और नगरपालिका क्षेत्रों में केबल बिछाने के शुल्कों को व्यावहारिक और मानकीकृत रखने पर भी जोर दिया गया।

  • PM मोदी की दिवंगत मां को लेकर टिप्पणी का विवाद, राहुल गांधी पर BJP नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप

    PM मोदी की दिवंगत मां को लेकर टिप्पणी का विवाद, राहुल गांधी पर BJP नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप

    नई दिल्ली
     इंदौर में विपक्षी पार्टी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणियों को लेकर बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की है।

    राहुल गांधी ने स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि के साथ मंच पर कुछ बातें कहीं और इशारे किए, जिनसे साफ पता चलता था कि वे प्रधानमंत्री मोदी का मजाक उड़ा रहे थे। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने आज सुबह एक वीडियो बयान में कहा कि राहुल गांधी ने एक मां का मजाक उड़ाकर महिलाओं का अपमान किया है।

    'असभ्य संस्कृति को बढ़ावा दे रहे राहुल गांधी'
    केशवन ने कहा, "कोई भी सभ्य और सही सोच वाला व्यक्ति ऐसी अभद्र और घटिया हरकतों को मजेदार नहीं मानेगा लेकिन राहुल गांधी को उस मंच पर जोर-जोर से हंसते हुए देखा गया जिसे वे उनके साथ साझा कर रहे थे। राहुल गांधी द्वारा ऐसी असभ्य संस्कृति को बढ़ावा देने की वजह से ही वे और कांग्रेस युवाओं से जुड़ने में नाकाम रहे हैं।"

    'दिल्ली यूनिवर्सिटी से भी खदेड़ दिया गया'
    उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अपने नेता शशि थरूर ने भी इस मोर्चे पर पार्टी की नाकामी को माना है। दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "राहुल गांधी की कड़वी नफरत वाली राजनीति ही वह वजह है जिसकी वजह से कांग्रेस पार्टी और उसके छात्र संगठन एनएसयूआई को दिल्ली यूनिवर्सिटी से खदेड़ दिया गया।"

    'बुजुर्गों का बेशर्मी से अपमान किया गया'
    बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, "एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बुज़ुर्ग व्यक्ति के लिए कुर्सी का इंतजाम करके संवेदनशीलता दिखाई, वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी को कल तब मजा करते हुए देखा गया जब ऐसे ही बुज़ुर्गों का बेशर्मी से अपमान किया जा रहा था। राहुल गांधी, जो मसखरों और ऐसे भद्दे सर्कस शो का समर्थन करते हैं, उन्हें एक राजनीतिक नेता के तौर पर गंभीरता से नहीं लिया जा सकता।"

    केंद्रीय मंत्रियों ने क्या कहा?
    केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी नैतिक दिवालियापन के सबसे निचले स्तर पर गिर गए हैं। छात्रों के साथ बातचीत का इस्तेमाल करके पीएम मोदी जी की दिवंगत मां का मजाक उड़ाना और उनका अपमान करना, बुनियादी मानवीय संवेदना और राजनीतिक संस्कृति की चौंकाने वाली कमी को दर्शाता है।"

    केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा, "कांग्रेस अब कॉमेडियन्स और जोकरों की पार्टी बनकर रह गई है। वे हमेशा के लिए बाहर हो गए हैं