Author: NewseDay

  • कतर से हमास तक पहुंच रहा था पैसा? नई रिपोर्ट के दावे से नेतन्याहू सरकार घिरी, जांच की मांग

    कतर से हमास तक पहुंच रहा था पैसा? नई रिपोर्ट के दावे से नेतन्याहू सरकार घिरी, जांच की मांग

    यरूशलेम
    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर कतर और हमास से जुड़े फंडिंग के एक मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं. दरअसल, एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 7 अक्टूबर 2023 के हमले से पहले इजरायली खुफिया एजेंसियों ने नेतन्याहू को कतर से हमास के सैन्य संगठन तक पहुंच रहे पैसों को लेकर कई बार चेतावनी दी थी.

    इस रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया आकलन में यह रकम हमास के सैन्य संगठन के कुल बजट की करीब आधी तक बताई गई थी. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं ने नेतन्याहू पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि अगर सुरक्षा एजेंसियों की ओर से ऐसी जानकारी दी गई थी, तो इस मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए.

    इजरायली खुफिया एजेंसियों ने दी थी वार्निंग
    इजरायली न्यूजपेपर येदिओथ अहरोनोथ (Yedioth Ahronoth) की एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेतन्याहू को कतर से हमास के सैन्य संगठन तक पहुंच रहे पैसों की जानकारी कई बार दी गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली खुफिया एजेंसियों ने आकलन किया था कि यह पैसा हमास के सैन्य संगठन के बजट का बड़ा हिस्सा था.

    रिपोर्ट में मिस्र की ओर से दी गई चेतावनी का भी जिक्र है. दावा किया गया है कि मिस्र ने भी नेतन्याहू को बताया था कि कतर से आने वाली रकम हमास के सैन्य संगठन तक पहुंच रही है. इसके अलावा इजरायली खुफिया एजेंसियों को एक अलग और गुप्त रास्ते की जानकारी मिली थी. इसके जरिए कतर से जुड़ी रकम सीधे हमास की सशस्त्र इकाइयों तक पहुंचाई जा रही थी.

    इस बीच नेतन्याहू के कार्यालय ने इन दावों को खारिज किया है. कार्यालय ने जांच रिपोर्ट को पुराने झूठ का संग्रह बताया है. उसका कहना है कि इन दावों को पहले भी गलत साबित किया जा चुका है. नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा है कि इजरायल के सुरक्षा प्रमुखों ने कतर की आर्थिक मदद का समर्थन किया था. यह मदद मानवीय जरूरतों के लिए थी. इसका उद्देश्य गाजा में शांति और स्थिरता बनाए रखने में मदद करना था.

    कतर ने भी आरोपों को बताया गलत
    कतर ने भी रिपोर्ट में किए गए दावों को पूरी तरह खारिज किया है. कतर के अंतरराष्ट्रीय मीडिया कार्यालय ने कहा कि उसने कभी हमास को पैसा नहीं दिया. उसके मुताबिक, कतर की मदद इजरायल और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ तय व्यवस्था के तहत फिलिस्तीनी नागरिकों तक पहुंचाई गई.

    कतर ने कहा कि अगर किसी दूसरे तरीके से कोई पैसा हमास तक पहुंचा भी है, तो उसका कतर से कोई संबंध नहीं है. कतर ने इजरायल के राजनीतिक नेताओं पर भी निशाना साधा. उसने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले गल्फ देश को बलि का बकरा बनाने की कोशिश की जा रही है.

    रिपोर्ट के सामने आने के बाद नेतन्याहू की सरकार पर विपक्ष का दबाव बढ़ा है. याशर पार्टी के प्रमुख गादी आइजेनकोट ने कहा कि इन खुलासों से 7 अक्टूबर के हमले से जुड़ी घटनाओं की जांच की जरूरत और बढ़ गई है. उन्होंने 7 अक्टूबर की सुरक्षा विफलताओं की जांच के लिए एक राज्य जांच आयोग बनाने की मांग की. इस हमले से पहले इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया सूचनाओं को लेकर पहले भी कई सवाल उठ चुके हैं.

    नई रिपोर्ट ने अब कतर से आने वाली रकम और उसके हमास तक पहुंचने के दावों को लेकर एक और बहस छेड़ दी है. हालांकि, नेतन्याहू का कार्यालय और कतर दोनों इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं.
     

  • भारत-बांग्लादेश सेमीफाइनल में शेफाली का शतक, मंधाना ने भी रचा इतिहास; फाइनल पर नजर

    भारत-बांग्लादेश सेमीफाइनल में शेफाली का शतक, मंधाना ने भी रचा इतिहास; फाइनल पर नजर

    नई दिल्ली
     एशियन गेम्स 2026 में महिला क्रिकेट स्पर्धा का दूसरा सेमीफाइनल भारत और बांग्लादेश के बीच खेला जा रहा है। दोनों टीमें कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में आमने-सामने हैं।भारत ने 196 रनों का टारगेट दिया है। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट पर 195 रन जुटाए। शेफाली वर्मा 49 गेंदों में 100 रन बनाकर नाबाद रहीं। उन्होंने तीन चौके और 9 छक्के लगाए। यह उनका T20I में पहला शतक है। भारती फुलमाली ने 5 गेंदों में नाबाद 9 रन बनाए। टॉस जीतने के बाद भारत की शुरुआत अच्छी रही। भारत का पावरप्ले में स्कोर 72/1 रहा। स्मृति मंधाना छठे ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हुईं। उन्हें नाहिदा अख्तर ने आउट किया। मंधाना ने 19 गेंदों में पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से 37 रन जुटाए।मंधाना (4788) महिला टी20 इंटरेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली प्लेयर बन गई हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड की पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर सूजी बेट्स (4758) का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। गुनालन कमलिनी 3 रन ही जुटा सकीं। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 33 गेंदों में छह चौकों के जरिए 40 रनों का योगदान दिया। उन्होंने शेफाली के साथ तीसरे विकेट के लिए 94 रनों की पार्टनरशिप की। ऋचा घोष ने 4 गेंदों में दो रन बनाए।

    भारत 195/4 (20 ओवर)*
    भारत की प्लेइंग XI: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, भारती फुलमाली, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), गुनालन कमलिनी, दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़।

    बांग्लादेश की प्लेइंग XI: दिलारा अख्तर, जुएरिया फिरदौस, सोभना मोस्टरी, निगार सुल्ताना (विकेटकीपर/कप्तान), शोरना अख्तर, शर्मिन अख्तर, शंजीदा अख्तर मेघला, राबेया खान, नाहिदा अख्तर, मारूफा अख्तर, सुल्ताना खातून।

    भारत की यही तेवर बरकरार रखने पर नजर
    हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम रविवार को सेमीफाइनल में भी अपने आक्रामक तेवर बरकरार रखने चाहेगी। भारत शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में मेजबान जापान को आठ विकेट से रौंदकर अंतिम चार में पहुंचा था।। भारत एशियन गेम्स महिला क्रिकेट का मौजूदा चैंपियन है। बांग्लादेश का चीन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच गीले मैदान के कारण रद्द गया था, जिसके बाद उसने अपनी बेहतर आईसीसी रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में एंट्री मारी। भारत अगर सेमीफाइनल जीता तो फाइनल में श्रीलंका से भिड़ेगा। श्रीलंका ने इस मैदान पर आयोजित पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया।

    भारत ने पिछले एशियन गेम्स में भी रौंदा
    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की साल 2023 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में भी बंगलादेश से टक्कर हुई थी। भारत ने तब बांग्लादेश को आठ विकेट से धूल चटाई थी। भारत ने टी20 क्रिकेट में बांग्लादेश के खिलाफ लगातार नौ मैच जीते हैं। यह सिलिसिला हांगझोऊ 2023 में सेमीफाइनल जीत के साथ शुरू हुआ था। भारत ने पिछले हफ्ते महिला एशिया कप में बांग्लादेश को 40 रनों से शिकस्त दी थी। सेमीफाइनल में भारत को एक बार फिर युवा स्पिनर श्री चरणी से सानदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में जापान के खिलाफ टर्न और उछाल वाली पिच का भरपूर फायदा उठाते हुए 10 रन देकर चार विकेट चटकाए थे।

    मंधाना इतिहास रचने की दहलीज पर
    भारत की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना इतिहास रचने की दहलीज पर हैं। उन्हें महिला टी20 क्रिकेट में तिहास सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी के लिए सिर्फ 9 रन चाहिए। फिलहाल न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स उनसे आगे हैं। वहीं, बांग्लादेश टीम भारत पर दबाव बनाने के लिए अपने स्पिनरों पर निर्भर रहेगी। बांग्लादेश को अगर भारत के बल्लेबाजों पर दबाव बनाना है तो नाहिदा अख्तर और रबिया खान जैसी गेंदबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। वे पिच से मिलने वाली किसी भी मदद का फायदा उठाने और भारत के आक्रामक शीर्ष क्रम को नियंत्रण में रखने की कोशिश करेंगी।

    भारतीय टीम: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), राधा यादव, नंदनी शर्मा, जी कमलिनी (विकेटकीपर), श्रेयांका पाटिल, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, भारती फुलमाली।

    बांग्लादेश टीम: निगार सुल्ताना (कप्तान), नाहिदा अख्तर (उपकप्तान), दिलारा अख्तर, शर्मिन अख्तर, शोर्ना अख्तर, सुल्ताना खातून, फाहिमा खातून, फरिहा त्रिस्ना, जुएरिया फिरदौस, मारुफा अख्तर, सोभना मोस्टोरी, रबिया खान, रितु मोनी, संजीदा अख्तर मेघला, सरमिन सुल्ताना।

  • PM सूर्यघर योजना से मालवा-निमाड़ को बड़ी राहत, 78 हजार तक सब्सिडी और 505 करोड़ वितरित

    PM सूर्यघर योजना से मालवा-निमाड़ को बड़ी राहत, 78 हजार तक सब्सिडी और 505 करोड़ वितरित

    पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से पश्चिम मप्र में अब तक 74 हजार उपभोक्ता लाभान्वित

    केंद्र शासन की ओर से प्रति उपभोक्ता 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी
    अब तक मालवा निमाड़ में 505 करोड़ रूपए सब्सिडी वितरित

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी प्रधानमंत्री सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। अब तक 74 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए हैं। पात्र उपभोक्ता को 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। इन उपभोक्ताओं को प्रतिमाह तीन सौ यूनिट बिजली प्राप्त हो रही है। यह एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए काफी है। पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना में अब तक करीब 505 करोड़ रूपए की सब्सिडी राशि उपभोक्ताओं के बैंक खातों में केंद्र नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के माध्यम से जमा हो चुकी हैं। सब्सिडी आने का क्रम सतत जारी है।

    कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश पर सौर ऊर्जा प्रकरण तेजी से मंजूर किए जा रहे हैं। इसी वजह से मालवा निमाड़ में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लागू होने के बाद रूफ टॉप सोलर संयंत्रों की संख्या पांच गुना से ज्यादा हो चुकी है। वर्तमान में सौर ऊर्जा अपनाने वालों की कुल संख्या 91 हजार के पार एवं ऊर्जा उत्पादन क्षमता 525 मेगावाट से अधिक हो चुकी हैं, इसमें से 74 हजार से ज्यादा लाभान्वित उपभोक्ता पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़े हैं। मालवा निमाड़ में अपने परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने वालों की कुल संख्या जल्दी ही एक लाख पहुंचने की उम्मीद है।

    पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना में सबसे ज्यादा 29 हजार उपभोक्ता इंदौर शहर के जुड़े हैं, जबकि इंदौर जिले के कुल 33 हजार उपभोक्ता पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़े चुके हैं। सभी योजनाओं को मिलाकर इंदौर जिले में कुल 41 हजार परिसरों में सौर ऊर्जा उत्पादन हो रहा है। यह मप्र के सभी जिलों की तुलना में काफी ज्य़ादा हैं।

    पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरों पर सोलर पैनल्स लगाने के लिए एक किलो वाट के संयंत्र पर 30 हजार, दूसरे किलो वाट पर 30 हजार, तीसरे किलो वाट संयंत्र पर 18 हजार , इस तरह तीन किलो वाट के सोलर संयंत्र स्थापित करने पर अधिकतम 78 हजार रूपए की सब्सिडी केंद्र शासन के माध्यम से उपभोक्ता को सीधे डीबीटी से प्राप्त होती हैं।

    इंदौर के बाद सौर ऊर्जा के संबंध में कंपनी स्तर पर दूसरा स्थान उज्जैन जिले के 8400 परिसरों का हैं। इसके बाद तीसरा स्थान रतलाम जिले का 7800 व चौथा स्थान मंदसौर जिले का 5500, पांचवां स्थान देवास जिला 5000 स्थानों पर सोलर पैनल्स वाला जिला है।

    विशेष प्रकोष्ठ कार्यरत

    कंपनी स्तर पर सौर ऊर्जा प्रकरणों के जल्दी से मंजूरी एवं सब्सिडी समय पर दिलाने के लिए प्रकोष्ठ कार्यरत है, इसमें अतिरिक्त मुख्य अभियंता स्तर के प्रभारी कार्यरत हैं। साथ ही प्रत्येक जिले में अधीक्षण यंत्री पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना समेत सौर ऊर्जा से जुड़ी समस्त य़ोजनाओं के क्रिय़ान्वयन की सतत समीक्षा करते हैं।

     

  • सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, बिहार में 10 हजार उद्योग होंगे स्थापित; स्टार्टअप और इनोवेशन पर जोर

    सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, बिहार में 10 हजार उद्योग होंगे स्थापित; स्टार्टअप और इनोवेशन पर जोर

    पटना
    बिहार में 5 साल में दस हजार उद्योग स्थापित होंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक माहौल तैयार हो चुका है और अब तक करीब एक हजार उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। अगले पांच वर्षों में 10 हजार उद्योगों को बिहार की धरती पर स्थापित करने का लक्ष्य है। सीएम ने शनिवार को तारामंडल में सेवा संकल्प अभियान के तहत राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज कार्यक्रमका शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नेशनल इनोवेशन चैलेंज पोर्टल का लोकार्पण किया। साथ ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी कार रैली के तहत 25 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    उन्होंने कहा कि बिहार के बाहर यहां के 12 लाख लोग मजदूरी करने के लिये जा रहे हैं। हमलोगों का लक्ष्य है कि बिहार के बाहर कोई मजदूरी करने न जाय, इसके लिये उद्योगों और उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। हमारे युवा उद्यमी नये स्टार्टअप के साथ बिहार की दिशा बदल सकते हैं। राज्य सरकार उनके प्रयासों को हरसंभव सहयोग देगी। बिहार टेक पोर्टल फॉर इनोवेशन इन आईटी सेक्टर के माध्यम से आईटी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण विकास का महत्वपूर्ण आधार है।

    हमलोगों ने एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। युवा ऊर्जा, तकनीकी क्षमता और उद्यमशीलता को जोड़कर राज्य को तेज विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मंत्री नंद किशोर राम, सांसद डॉ. संजय जायसवाल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज की प्रदेश संयोजक डॉ. अमृता भूषण राठौर की उपस्थिति रही।

    युवा शक्ति के दम पर बिहार को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की विकास यात्रा में सेवा, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य की युवा शक्ति और बड़ी आबादी को चुनौती नहीं, बल्कि विकास की ताकत बनाकर बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। वर्ष 2047 में विकसित भारत के संकल्प को हम सभी को मिलकर पूरा करना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवाकाल के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई और शुभकामनायें देता हूं। उनकी कल्पना और नवाचार के प्रति उनकी दृष्टि हम सभी को प्रेरित करता है। हमलोगों की सरकार इन्हीं उद्देश्यों के साथ आगे बढ़ रही है।

  • पाकिस्तान के लिए नया संकट! हूतियों ने तुर्किए के साथ सीधे हमले की चेतावनी दी

    पाकिस्तान के लिए नया संकट! हूतियों ने तुर्किए के साथ सीधे हमले की चेतावनी दी

    नई दिल्ली  
    मक्का समझौता करने के बाद पाकिस्तान की मुसीबतें और भी बढ़ गई हैं। पहली बात तो सऊदी अरब के खिलाफ हूतियों के अटैक पर निष्क्रियता की वजह से उसकी दुनियाभर में आलोचना हो रही है। दूसरी ओर हूती विद्रोहियों ने पाकिस्तान को भी हमले की धमकी दे दी है।अमेरिका के पूर्व सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल एचआर मैकमास्टर ने कहा कि मक्का पैक्ट के पीछे भी पाकिस्तान के इरादे साफ नहीं हैं। आपको बता दें कि 7 अगस्त को ही सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए ने एक सझौते पर साइन किए थे। इस समझौते के मुताबिक अगर इन तीनों में से किसी एक देश पर भी हमला होता है तो तीनों देशों पर हमला माना जाएगा और तीनों प्रतिक्रिया देंगे। तुर्किए ने तो यहां तक कहा था कि यह नाटो की तर्ज पर बनाया गया है. इसलिए इसे इस्लामिक नाटो कहा जा सकता है।

    हूतियों ने पाकिस्तान को दी धमकी
    सऊदी अरब में तुर्की और पाकिस्तान की सेना की तैनाती को लेकर हूती विद्रोहियों ने दोनों देशों को हमले की धमकी दी है। हूती नेता अल बुखैती ने कहा कि अगर इस्लामाबाद और अंकारा सामने आते हैं तो उनपर भी सीधा हमला होगा। हूती नेता ने कहा कि यमन अब भी रक्षात्मक रुख अपना रहा है। लेकिन अगर पाकिस्तान और तुर्की भी उतरते हैं तो उनके लिए ठक नहीं होगा। उन्होने कहा कि यमन किसी भी विदेशी ताकत का दखल स्वीकार नहीं करेगा।

    पाकिस्तान ने ईरान और अमरेका के बीच युद्धविराम पर समझौता करवाने और क्रेडिट लूटने की पूरी कोशिश की थी लेकिन उसका कोई भी प्रयास सफल नहीं हो पाया। इसके बाद पाकिस्तान की शांतिदूत की छवि बनाने वाली कोशिश फेल हो गई। मक्का समझौता करके उसने एक बार फिर अपनी विदेश नीति दिखाने की कोशिश की लेकिन यह भी फेल ही होता नजर आ रहा है।

    हूतियों ने खोल दिया नया मोर्चा
    सऊदी अरब ने शनिवार को पुष्टि की कि यमन के हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइल से उसकी राजधानी रियाद को निशाना बनाने की कोशिश की। ईरान समर्थित विद्रोहियों के साथ संघर्ष तेज होने के बाद रियाद को निशाना बनाने की यह पहली कोशिश है। हूती विद्रोहियों ने ईरान युद्ध में एक नया मोर्चा खोल दिया है।

    हूती विद्रोहियों से लड़ रहे सऊदी अरब नीत गठबंधन ने तड़के की गई इस कोशिश के काफी देर बाद बयान जारी कर कहा कि मिसाइल को बीच में ही रोक दिया गया। रियाद के कुछ निवासियों ने विस्फोट की आवाज सुनी। बाद में कुछ लोगों ने हवाई अड्डे के पास धुएं का गुबार देखा। किसी के हताहत होने या किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

    बयान में यह भी कहा गया कि हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के बंदरगाह शहर यनबू में असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कोशिश की। सऊदी अरब की एक प्रमुख पाइपलाइन यहीं समाप्त होती है। इसके अलावा ताइफ, बैश और फरसान में भी हमले के प्रयास किए गए लेकिन उन्हें नाकाम कर दिया गया। गठबंधन ने इस बारे में और जानकारी नहीं दी। हूती विद्रोहियों ने इससे पहले बिना कोई सबूत दिए दावा किया था कि उन्होंने रियाद में ''संवेदनशील ठिकानों'' और यनबू में सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको के प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जिससे ''भीषण आग'' लग गई।

  • 818 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र, योगी बोले- ‘वह गिनते जाएं, हम नियुक्ति पत्र बांटते जाएंगे’

    818 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र, योगी बोले- ‘वह गिनते जाएं, हम नियुक्ति पत्र बांटते जाएंगे’

     लखनऊ
    आगामी छह माह में एक लाख से अधिक सरकारी नौकरियों के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए प्रदेश सरकार ने नियुक्तियों का सिलसिला शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को शनिवार को नियुक्ति पत्र बांटते हुए सपा पर प्रहार किया। यह कहते हुए कि ‘वह गिनते जाएं, हम नियुक्ति पत्र बांटते जाएंगे। हम छह महीने में एक लाख से अधिक नौजवानों को नियुक्ति देंगे।’

    बताया कि रविवार को भी करीब एक हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलेंगे। अगले छह माह में पुलिस, होमगार्ड और विभिन्न भर्ती आयोगों की चयन प्रक्रियाएं पूरी होने के साथ नियुक्तियां जारी रहेंगी। लोकभवन में आयोजित समारोह में नियुक्ति पत्र पाने वालों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के 357 एक्सरे टेक्नीशियन, आयुष विभाग के 404, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के 48 अनुदेशक और उद्योग निदेशालय के नौ सहायक सांख्यिकीय अधिकारी शामिल थे।

    मिशन रोजगार के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस में 36 हजार से अधिक और होमगार्ड में 41-42 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इन भर्तियों में मेडिकल और शारीरिक दक्षता परीक्षण की प्रक्रिया जारी है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से अगले छह माह में 25 से 30 हजार, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से 20 से 25 हजार और लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के बाद 15-16 हजार युवाओं को नियुक्ति मिलने की उम्मीद है।

    शिक्षा सेवा चयन आयोग के परिणाम तीन-चार माह में आने की संभावना है। इनमें से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अभी परीक्षा, परिणाम या चयन की प्रक्रिया में हैं। प्रक्रिया पूरी होते ही उन्हें नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। प्रदेश में अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।

    विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति पत्र वितरण तक पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने ग्रुप-3 और ग्रुप-4 की भर्तियों में साक्षात्कार समाप्त किए जाने का भी उल्लेख किया। 2017 से पहले की सरकारों पर भर्ती प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि कभी विज्ञापन जारी होते ही वसूली का तंत्र सक्रिय हो जाता था और ऐसे लोगों को भी नियुक्ति पत्र मिल जाते थे, जिन्होंने आवेदन तक नहीं किया था।

    आवेदन करने वाले अभ्यर्थी देखते रह जाते थे। आज वही लोग उपदेश दे रहे हैं, लेकिन 2027 के बाद वे उपदेश देने की स्थिति में भी नहीं रहेंगे। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में एक अयोग्य व्यक्ति को अध्यक्ष बनाए जाने का भी आरोप लगाया। कहा कि भर्ती व्यवस्था के खिलाफ युवाओं को न्यायालय और सड़क तक संघर्ष करना पड़ा।

    2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। ये स्टार्टअप हजारों करोड़ रुपये का कारोबार कर रहे हैं। 25 से 29 सितंबर तक गौतमबुद्धनगर में होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का भी उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें 650 विदेशी खरीदार और 2500 से अधिक प्रदर्शक शामिल होंगे।

    कार्यक्रम में आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। नियुक्ति पत्र पाने वाले कुछ अभ्यर्थियों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि निष्पक्ष व पारदर्शी भर्ती से सरकारी नौकरी का सपना पूरा हुआ।

    मिशन एक लाख का हिसाब घोषित लक्ष्य
    छह माह में एक लाख से अधिक नियुक्तियां शनिवार को नियुक्ति पत्र वितरण, 818 रविवार को मिलने वाले नियुक्ति पत्र, करीब 1,000 अलग से भर्ती प्रक्रिया में बताए गए पद, पुलिस 36 हजार, होमगार्ड 41-42 हजार यूपीएसएसएससी से संभावित अवसर, 25-30 हजार शिक्षा चयन आयोग के जरिये संभावित भर्तियां, 20-25 हजार यूपीपीएससी के माध्यम से संभावित नियुक्तियां, 15-16 हजार सरकार के अनुसार 2017 के बाद अब तक कुल सरकारी नियुक्तियां, 9.50 लाख

  • चिराग पासवान का नया सियासी प्लान! यूपी-पंजाब में चुनाव लड़ने की तैयारी, 24 सितंबर से युवा अभियान

    चिराग पासवान का नया सियासी प्लान! यूपी-पंजाब में चुनाव लड़ने की तैयारी, 24 सितंबर से युवा अभियान

    पटना
    बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बना चुके केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी 'लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)' अब उत्तर प्रदेश और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों में ताल ठोकने की तैयारी कर रही है। LJP(R) को उम्मीद है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के तहत उन्हें इन दोनों राज्यों में चुनाव लड़ने के लिए सम्मानजनक सीटें मिलेंगी।

    पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान बीते कुछ समय से लगातार यूपी और पंजाब के दौरों पर हैं। हाल ही में 17 सितंबर को चिराग पासवान ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के साथ वाराणसी में एक भव्य बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर गुजरात के वडनगर के लिए रवाना किया था।

    'गैर-जाटव' और पंजाब के दलित वोट बैंक पर निशाना
    उत्तर प्रदेश और पंजाब, दोनों ही राज्यों में दलित आबादी चुनावी नतीजों को तय करने में अहम भूमिका निभाती है।

    उत्तर प्रदेश का गणित: LJP(R) की नजर यूपी के गैर-जाटव दलित मतदाताओं पर है, जो पारंपरिक रूप से बीएसपी (BSP) के खिसकते जनाधार के बाद नए विकल्प की तलाश में हैं।

    पंजाब का समीकरण: पंजाब में करीब 32 प्रतिशत दलित आबादी है। चिराग पासवान की युवा और दलित नेता के रूप में बनी छवि को एनडीए वहां भुनाना चाहता है।

    एलजेपी(आर) के राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र कुमार मुन्ना ने कहा, "गठबंधन पर अंतिम फैसला हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ही लेंगे। लेकिन अगर एनडीए में सीटों का बंटवारा होता है, तो हम अपने उम्मीदवारों के साथ-साथ पूरे गठबंधन की जीत के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे। यूपी और पंजाब के दलित समाज को चिराग पासवान के रूप में एक विश्वसनीय चेहरे से काफी उम्मीदें हैं।"

    24 सितंबर से पटना से शुरू होगा 'युवा बोले तो' अभियान
    यूपी और पंजाब में जमीन मजबूत करने से पहले चिराग पासवान अपने गृह राज्य बिहार से युवाओं को जोड़ने के लिए एक नया जनसंपर्क अभियान- 'युवा बोले तो' शुरू करने जा रहे हैं।

    24 सितंबर से पटना में इस विशेष युवा संवाद कार्यक्रम का आगाज होगा
    इसके जरिए चिराग पासवान सीधे युवाओं से संवाद करेंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे और उनके रोजगार और करियर से जुड़े मुद्दों के हल तलाशने की कोशिश करेंगे।

    28 साल बाद तृणमूल कांग्रेस का सिंबल फ्रीज होने और क्षेत्रीय राजनीति के बदलते दौर के बीच, चिराग पासवान का हिंदी भाषी राज्यों में अपनी पार्टी का विस्तार करने का यह दांव एनडीए के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है, यह देखने वाली बात होगी।

  • कल्याण-लातूर एक्सप्रेसवे से बदलेगा सफर का अंदाज, 8 KM टनल से 5 घंटे में पूरा होगा रूट

    कल्याण-लातूर एक्सप्रेसवे से बदलेगा सफर का अंदाज, 8 KM टनल से 5 घंटे में पूरा होगा रूट

    लातूर
     देश के बड़े शहरों को एक-दूसरे से जोड़ने के साथ ही सरकार अन्य छोटे शहरों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दे रही है. इस कड़ी में अगला नाम है कल्याण से लातूर तक जाने वाले एक्सप्रेसवे (Kalyan-Latur Expressway)का. महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट ने इस ई-वे को मंजूरी दे दी है. यह ई-वे करीब 450 किलोमीटर लंबा होगा और इसके तैयार होने के बाद दोनों शहरों के बीच सफर में लगने वाला समय 11 घंटे से घटकर महज 5 घंटे का रह जाएगा। 

    यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बन रही बदलापुर टनल के उत्तर से ही शुरू होगा और महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा के पास लातूर में निकलेगा. इसकी कुल लंबाई 450 किलोमीटर के आसपास है, जिससे महज 4.5 से 5 घंटे के सफर में पूरा किया जा सकेगा. अभी इस दूरी को तय करने में करीब 11 घंटे का समय लग जाता है. आगे चलकर यह एक्सप्रेसवे मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र से भी सीधे तौर पर जुड़ जाएगा, जो नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के पास रहेगा। 

    8 किलोमीटर की टनल भी बनेगी
    इस एक्सप्रेसवे के रास्ते में 8 किलोमीटर लंबी एक टनल भी बनाई जाएगी, जो मलशेज घाट के पास होगी. यह टनल बिलकुल वैसी ही होगी जैसी इगतपुरी के पास बन रही ट्विन टनल है. यह ट्विन टनल समृद्धि एक्सप्रेसवे पर बनाई गई है. इस ई-वे पर कुल मिलाकर 17 इंटरचेंज बनाए जाएंगे. इस ई-वे को तैयार करने पर 22 से 25 हजार करोड़ का खर्चा आएगा. इस ई-वे की सबसे खास बात इसकी लंबाई नहीं, बल्कि इसका दुर्गम रास्ता है। 

    क्यों जरूरी है 8 किलोमीटर की सड़क
    मलशेज घाट पर बनने वाली 8 किलोमीटर लंबी टनल काफी मायने रखती है. इस टनल से गुजरने के लिए फ्लैट हाईवे जैसा रास्ता नहीं होगा, बल्कि इसमें तीखे मोड़ और स्लोप हैं जिस पर ट्रैफिक को काफी धीमे-धीमे गुजरना होगा. यही वजह है कि ई-वे पर सबसे जरूरी सेक्शन यह टनल ही है. यह ई-वे दो और एक्सप्रेसवे के साथ कनेक्टिविटी मजबूत करेगा, जिसकी वजह से इसकी अहमियत काफी बढ़ जाती है. इसके अलावा प्रोजेक्ट को विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर के साथ भी जोड़ा जाएगा. इससे बाद में नवी मुंबई एयरपोर्ट और अटल सेतु तक जाना भी आसान हो जाएगा. यह रास्ता मराठवाड़ा में बन रहे सूरत-चेन्नई इकनॉमिक कॉरिडोर को भी जोड़ेगा। 

     

  • आर्टिकल 370 हटने के बाद कश्मीर में लोकल आतंकी भर्ती में कमी, आंकड़ों से सामने आया बदलाव

    आर्टिकल 370 हटने के बाद कश्मीर में लोकल आतंकी भर्ती में कमी, आंकड़ों से सामने आया बदलाव

    श्रीनगर 

    जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर काफी लगाम लगी है। आंकड़े भी इसके गवाही दे रहे हैं। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 2021 से लेकर अब तक घाटी में आतंकवादी नेटवर्क में स्थानीय लोगों की भर्ती काफी कम हुई है। यह संख्या 2021 में जहां 146 थी, वही अब घटकर 2025 में सिर्फ एक रह गई। मंत्रालय ने यह भी बताया कि 2025 में घुसपैठ की सिर्फ छह कोशिशें हुईं, जो पिछले पांच सालों में सबसे कम हैं।

    रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में 146 स्थानीय युवा आतंकवादी संगठनों में शामिल हुए। इसके बाद 2022 में 121, 2023 में 19, 2024 में चार और 2025 में सिर्फ एक युवा शामिल हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थानीय युवाओं ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है और वे सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों का लाभ उठा रहे हैं।

    अनुच्छेद 370 हटने से पस्त हुआ पाकिस्तान
    आपको बता दें कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा हालात में काफी सुधार हुआ है। इस इलाके में आतंकवाद से जुड़ी हिंसा और आतंकवादियों की भर्ती में भारी कमी आई है। मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर हालात काफी शांत हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में घुसपैठ की छह कोशिशों को नाकाम किया गया, जिनमें 12 आतंकवादी मारे गए।

    रिपोर्ट में कहा गया है, "2021 में घुसपैठ की 8 कोशिशें नाकाम की गईं और 12 आतंकवादी मारे गए। वहीं, 2022 में घुसपैठ की 12 कोशिशें नाकाम और 18 आतंकवादी मारे गए, 2023 में घुसपैठ की 18 कोशिशें नाकाम और 36 आतंकवादी मारे गए, 2024 में घुसपैठ की 10 कोशिशें नाकाम और 19 आतंकवादी मारे गए।"

    अब जम्मू से घुसपैठ की फिराक में आतंकी
    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भले ही नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिशें कम हुई हैं, लेकिन आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिशें अब जम्मू इलाके में अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर ज्यादा हो रही हैं। नशीले पदार्थों की तस्करी की कोशिशें भी की जा रही हैं।

    मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि घुसपैठ की कोशिशों में कमी के बावजूद 2025 में सीजफायर उल्लंघन में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में LoC पर सीजफायर उल्लंघन की दो घटनाएं हुईं। वहीं, 2025 में कम से कम 163 बार सीजफायर का उल्लंघन हुआ। उनमें से 124 घटनाएं ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुईं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2025 में केंद्र शासित प्रदेश में पत्थरबाजी की कोई घटना नहीं हुई।

  • H-1B वीजा पर नया अपडेट, भारतीय प्रोफेशनल्स पर फीस बढ़ने का असर; जानें पूरा मामला

    H-1B वीजा पर नया अपडेट, भारतीय प्रोफेशनल्स पर फीस बढ़ने का असर; जानें पूरा मामला

    नई दिल्ली

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ऐसे फैसले ले रहे हैं जिससे पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है। वहीं भारत पर भी उनके फैसलों का सीधा असर पड़ रहा है। 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाले कानून को मंजूरी देने के अलावा ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा पर लगने वाले शुल्क को एक साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा के लिए 1 लाख डॉलर का शुल्क लगाया है। अमेरिका की कोर्ट में उनके इस फैसले के खिलाफ केस भी चल रहा है।

    ट्रंप प्रशासन का पहले का आदेश सितंबर 2026 तक ही लागू था। बता दें कि एच-1बी वीजा के जरिए अमेरिकी कंपनियां दुनियाभर के कुशल लोगों को हायकर करती हैं। आईटी सेक्टर में भी बड़ी संख्या में लोगों को अमेरिका में नौकरियां मिलती हैं। इनमें भारतीयों की संख्या काफी ज्यादा है। वाइट हाउस का कहना है कि ये कंपनियां विदेश से लोगों को सस्ते में हायर करती हैं और अमेरिकियों के लिए रोजगार का संकट पैदा हो जाता है। ऐसे में दोनों तरफ से कंपनियां ही शोषण कर रही हैं।

    जानकारी के मुताबिक 21 सितंबर 2025 को यह फैसला लागू होने के बाद से 700 से ज्यादा लोगों ने फीस चुकाई है। वहीं अब डिपार्टमेंट ऑफ होम सिक्योरिटी ने एच-1बी के लिए चयन प्रक्रिया में भी परिवर्तन करने का ऐालान कर दिया है। बताया गया है कि अमेरिकी कंपनियों ने एच-1बी रजिस्ट्रेशन को 24946 से घटाकर 2055 कर दिया है। इसमें 92 फीसदी की कमी देखी गई है।

    भारतीयों के लिए क्यों टेंशन की बात
    भारत के बड़ी संख्या में प्रेफेशनल एच-1बी वीजा के जरिए अमेरिका में काम करने जाते हैं। यूएससीआईएस के डेटा के मुताबिक 2024 ममें अमेरिका में 71 फीसदी एच-1बी वीजा वाले लोग भारतीय थे। वहीं चीन के 12 फीसदी लोग ही थे। भारतीय लोगों के लिए अमेरिका में काम करने का मौका एच-1बी वीजा के जरिए ही मिलता है। हालांकि अब 1 लाख डॉलर चुकाना आसान नहीं है।

    2025 में एक लाख अमेरिकी डॉलर का शुल्क लगाने के फैसले को अदालत में चुनौती दी गई है और यह मामला दो अलग-अलग संघीय अदालतों में विचाराधीन है। शुल्क बढ़ाने संबंधी 2025 के इस आदेश की अवधि इस महीने समाप्त होने वाली थी। यह आदेश उन विदेशी नागरिकों को दिए गए वीजा पर लागू नहीं है जो पहले से छात्र वीजा पर अमेरिका में रह रहे हैं और नए एच-1बी वीजा पाने वालों में जिनकी बड़ी हिस्सेदारी है। यह मौजूदा वीजा के नवीनीकरण पर भी लागू नहीं था।

    राष्ट्रपति ने एक अलग घोषणा भी जारी की है, जिसमें विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के जरिये एच-1बी वीजा आवेदनों की जांच और कड़ी करने का प्रावधान है। आदेश में विदेश मंत्री, श्रम मंत्री और गृह सुरक्षा मंत्री को निर्देश दिया गया है कि एच-1बी वीजा आवेदनों पर विचार करते समय वे यह भी देखें कि क्या आवेदनकर्ता नियोक्ता ने समान पदों पर कार्यरत अमेरिकी कर्मचारियों की हाल में छंटनी की है या वह ऐसा करने की योजना बना रहा है।

    ट्रंप ने कार्यकारी आदेश में कहा कि एच-1बी गैर प्रवासी वीजा कार्यक्रम की शुरुआत अत्यधिक विशिष्ट कौशल वाले विदेशी अस्थायी कर्मचारियों की पहचान करने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की जरूरतों को रणनीतिक रूप से पूरा करने के लिए की गई थी। ट्रंप ने कहा, ''इसके बजाय कुछ नियोक्ताओं, तीसरे पक्ष के जरिये कर्मचारियों की नियुक्ति करने वाले समूहों और आउटसोर्सिंग कंपनियों ने अमेरिकी कुशल श्रमिकों को कम वेतन देने और उन्हें नौकरियों से निकालने के लिए इस कार्यक्रम का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया है।''