Author: NewseDay

  • वीर भारत संग्रहालय, सर्प उद्यान, महाकाल महालोक सहित सिंहस्थ कार्यों की दी जानकारी

    वीर भारत संग्रहालय, सर्प उद्यान, महाकाल महालोक सहित सिंहस्थ कार्यों की दी जानकारी

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को देवास रोड स्थित वीवीआईपी गेस्ट हाउस में बिहार से उज्जैन आए 16 सदस्यीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दल से संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा इन्फ्लुएंसरों से उज्जैन की प्राचीन ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों पर संवाद करते हुए उनसे सवाल भी किए तथा विभिन्न महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्यों और स्थलों की जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्फ्लुएंसर दल को उज्जैन में निर्माणाधीन वीर भारत संग्रहालय, सर्प उद्यान, महाकाल महालोक सहित सिंहस्थ 2028 के लिए चल रहे निर्माण कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वीर भारत संग्रहालय में प्राचीन काल से लेकर आधुनिक भारत तक के महान नायकों की गौरवगाथाओं को एक साथ देखने और समझने का अवसर मिलेगा। संग्रहालय में भारत की समृद्ध ऐतिहासिक परंपरा, वैदिक काल, रामायण एवं महाभारत युग, विक्रमादित्य काल से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक की महत्वपूर्ण घटनाओं और राष्ट्रनायकों के योगदान को एक समग्र रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इससे नई पीढ़ी को भारत के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्र निर्माण में महान व्यक्तित्वों के योगदान को जानने का अवसर मिलेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्फ्लुएंसर दल को उज्जैन में निर्माणाधीन सर्प उद्यान (स्नेक पार्क) की जानकारी देते हुए बताया कि उज्जैन को 'सर्प मित्र नगरी के रूप में विकसित करने का दृष्टिकोण रखा गया है। सर्प उद्यान केवल पर्यटन का केंद्र नहीं होगा, बल्कि सांपों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक महत्व तथा पर्यावरणीय संतुलन में उनकी भूमिका के प्रति लोगों में जागरूकता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण के लिए प्रत्येक जीव की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है। सर्पों के प्रति समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए उनके संरक्षण और पर्यावरण में उनके योगदान की जानकारी आमजन तक पहुंचाना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिहार से आए युवा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को उज्जैन की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्ता के साथ-साथ  महाकाल महालोक के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने उज्जैन की प्राचीन परंपराओं, धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत तथा भगवान महाकाल की नगरी के रूप में इसकी विशिष्ट पहचान से अवगत कराया।

    बिहार से आए 16 सदस्यीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दल द्वारा उज्जैन प्रवास के दौरान आगामी सिंहस्थ महापर्व-2028 की तैयारियों के अंतर्गत शहर में किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी भी ली जाएगी। दल द्वारा उज्जैन के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर शहर में चल रहे विकास कार्यों, सिंहस्थ की तैयारियों और उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने का अवसर प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ संवाद के दौरान युवा इन्फ्लुएंसरों ने उज्जैन की ऐतिहासिकता, धार्मिक महत्व, पर्यटन विकास तथा आगामी सिंहस्थ महापर्व से जुड़ी विभिन्न जानकारियों में रुचि दिखाई।

  • सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में तेजी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पैदल भ्रमण कर विकास कार्यों का किया निरीक्षण

    सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में तेजी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पैदल भ्रमण कर विकास कार्यों का किया निरीक्षण

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को सिंहस्थ महापर्व के लिए उज्जैन शहर में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का पैदल भ्रमण कर निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीलगंगा से केटीएम गैल इंडिया चौराहा तक मार्ग चौड़ीकरण कार्य तथा शांतिनगर से इंदौर रोड तक किए जा रहे नवीन मार्ग निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर सिंहस्थ की दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मार्ग में स्थानीय रहवासियों से संवाद किया। स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से हाथ मिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया और स्थानीय नागरिकों द्वारा शहर के विकास के लिए किए जा रहे सहयोग की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल मंदिर जाने का मुख्य मार्ग सिंधी कॉलोनी चौराहे से नानाखेड़ा बस स्टैंड तक है। नानाखेड़ा बस स्टैंड से आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध रहेगा। यह शहर के मध्य से गुजरने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जो पुराने शहर को नए शहर से एलिवेटेड ब्रिज के माध्यम से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि मार्ग के चौड़ीकरण के लिए उज्जैन के नागरिकों ने स्वेच्छा से अपने मकानों को पीछे करने में सहयोग किया है। यह उज्जैन की गौरवशाली विरासत और यहां के नागरिकों की विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देवस्थलों को लेकर भी नागरिकों ने सहजता से अपने मंदिरों को पीछे किया है। स्थानीय रहवासियों ने चौड़ीकरण कार्य के लिए अपने मकान, जमीन और दुकानें उपलब्ध कराकर सरकार के विकास कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर विकास कार्यों के लिए मकान और दुकानें प्रभावित हो रही हैं, वहां भी स्थानीय रहवासी फूलों से स्वागत कर रहे हैं। यह उज्जैन के नागरिकों के बड़े मन और विकास के प्रति उनकी सकारात्मक भावना को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। उनकी सुविधाओं और व्यवस्थाओं की चिंता करना केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी है। उज्जैन के सभी समाजों के नागरिक शहर के विकास और सिंहस्थ की तैयारियों में सहयोग कर रहे है। उन्होंने कहा कि जिस भाव और समर्पण के साथ नागरिक चौड़ीकरण एवं अन्य विकास कार्यों में सहयोग कर रहे है, वह सराहनीय है, उसके लिए सभी नागरिकों को बधाई । सरकार भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ ठोस निर्णय लेते हुए उज्जैन में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य सुनिश्चित करेगी। इन विकास कार्यों के माध्यम से उज्जैन के साथ ही प्रदेश और देश की छवि को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान राज्यसभा सांसद बालयोगी श्री उमेशनाथ महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, नगर अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

    धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हो रहा उज्जैन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकाल की नगरी उज्जैन में प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं की संख्या मंर निरंतर वृद्धि हो रही है। पहले जहां लगभग 60 से 70 लाख श्रद्धालु उज्जैन आते थे, वहीं पिछले वर्ष लगभग 8 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या 12 करोड़ से अधिक होने की दिशा में बढ़ रही है। अन्य राज्यों से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या है। उन्होंने कहा कि उज्जैन और इंदौर का क्षेत्र तेजी से धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। धार्मिक पर्यटन के विस्तार से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में भी व्यापक परिवर्तन हो रहा है। आर्थिक विकास की दृष्टि से भी नए अवसर और संभावनाएं सामने आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बढ़ती श्रद्धालु संख्या और सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित कर रही है। सड़क, यातायात, आवागमन और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए व्यापक स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे है, ताकि श्रद्धालुओं और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सके।

     

  • 300 करोड़ की हेरोइन तस्करी का खुलासा, फरीदकोट में 4 गिरफ्तार; 3 पिस्टल भी मिलीं

    300 करोड़ की हेरोइन तस्करी का खुलासा, फरीदकोट में 4 गिरफ्तार; 3 पिस्टल भी मिलीं

    फरीदकोट.

    नशा विरोधी अभियान के तहत फरीदकोट पुलिस की सीआईए टीम को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक संदिग्ध होंडा सिटी कार को रोककर उसकी तलाशी ली तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। कार से 47 किलो 332 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन, तीन विदेशी .30 बोर पिस्टल, मैगजीन और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। जिसकी इंटरनेशनल वेल्यू 315 करोड़ है।

    पुलिस ने मौके से ही कार सवार चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, सीआईए स्टाफ की टीम ने सादिक-दीप सिंह वाला मार्ग पर स्थित गांव काउंनी के पास एक गुप्त सूचना और सुरक्षा जांच के सिलसिले में विशेष नाकेबंदी की हुई थी। इसी दौरान दीप सिंह वाला की दिशा से आ रही एक संदिग्ध होंडा सिटी कार को पुलिस कर्मचारियों ने रुकने का इशारा किया। पुलिस टीम को अचानक सामने देखकर कार सवार युवकों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने तुरंत वाहन को पीछे मोड़कर मौके से तेजी से भागने का प्रयास किया। हालांकि, हड़बड़ाहट में अचानक कार बंद हो गई, जिसका फायदा उठाकर मुस्तैद पुलिस टीम ने चारों युवकों को चारों तरफ से घेरकर मौके पर ही धर दबोचा।

    कार में गट्टे से निकले 42 पैकेट
    इसके बाद जब पुलिस ने गाड़ी की गहनता से तलाशी ली तो कार के अंदर रखे एक बोरे (गट्टे) से 42 अलग-अलग पैकेट बरामद हुए। जांच करने पर उनमें कुल 47 किलो 332 ग्राम हेरोइन पाई गई। इसके अलावा जब पुलिस अधिकारियों ने कार के डैशबोर्ड को खंगाला तो उसमें रखे एक लिफाफे से तीन अत्याधुनिक विदेशी .30 बोर पिस्टल, उनकी मैगजीन और 15 जिंदा कारतूस मिले।

    पुलिस ने मामला किया दर्ज
    पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुरुहरसहाय क्षेत्र के गांव गूदड़ पंजगराई निवासी मंगल सिंह तथा जलालाबाद के गांव लमोचड़ खुर्द निवासी अंकुश, सचिन उर्फ संजू और अनमोल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने थाना सादिक में सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे और हथियारों की यह इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। पुलिस इस गिरोह के बैकवर्ड और फॉरवर्ड नेटवर्क को खंगालने में जुटी है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।

  • मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी से की सौजन्य भेंट

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से की सौजन्य भेंट

    रायपुर 

     मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज ओडिशा प्रवास के दौरान भुवनेश्वर में ओडिशा के मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री  माझी ने  साय का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच छत्तीसगढ़ और ओडिशा के आपसी सहयोग, विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा पड़ोसी राज्य होने के साथ ही सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच भी आत्मीय संबंध हैं। विकास और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से नागरिकों को लाभ मिलने के साथ ही पूरे क्षेत्र की प्रगति को भी नई गति मिलेगी।

  • भगवान  शीतलनाथ स्वामी के दर्शन-पूजन कर नवीन उपाश्रय भवन निर्माण के लिए किया भूमि-पूजन

    भगवान शीतलनाथ स्वामी के दर्शन-पूजन कर नवीन उपाश्रय भवन निर्माण के लिए किया भूमि-पूजन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे हाथ में न तो जन्म लेना है और न ही शरीर छोडऩा।अपने जीवन में जिन्होंने त्याग का मार्ग प्रशस्त किया, वे महावीर है। हम जीवन में जो भी कार्य करते है, वह सब ईश्वर की इच्छा से होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में समाज भी आवश्यक है और व्यवस्था भी आवश्यक है। जीवन चक्र में रिश्ते-नातों की भी एक निर्धारित अवधि होती है। हमें जो समय मिला है, उसमें सभी को सत्कर्म करते हुए संसार में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना चाहिए , जो भी अच्छा कार्य करना है, वह इसी जीवन में करना है। सभी जीव एक साथ आनंदपूर्वक रहें और प्रत्येक प्राणी के प्रति दया एवं करुणा का भाव रखें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को अपने उज्जैन में माधवनगर क्षेत्र में कंट्रोल रूम के सामने स्थित  जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक तपागच्छ संघ एवं उपाश्रय ट्रस्ट के नवीन उपाश्रय भवन के भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान महावीर के विचार मानव जीवन को त्याग, संयम, अहिंसा और करुणा का मार्ग दिखाते है। समाज में परस्पर प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना को मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी समाजजनों को देव आश्रय एवं उपाश्रय भवन के निर्माण के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्वेताम्बर जैन समाज के सदस्य उपस्थित रहे। समाजजनों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। ट्रस्ट के अध्यक्ष  संजय नाहर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत कर उन्हें प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  जैन श्वेताम्बर मंदिर में भगवान  शीतलनाथ स्वामी के दर्शन एवं विधिवत पूजन-अर्चन किया। इसके पश्चात उन्होंने उपस्थित समाजजनों के साथ नवीन उपाश्रय भवन के निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर समाजजनों ने नवीन भवन के निर्माण एवं उससे जुड़ी योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दी। नवीन उपाश्रय भवन में ‘तीन धाम, एक मुकाम’ की अवधारणा के अंतर्गत मणिभद्र भगवान के मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही ई-लायब्रेरी भवन का भी निर्माण प्रस्तावित है। नवीन उपाश्रय भवन के माध्यम से धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए समाजजनों को सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा। भूमि-पूजन कार्यक्रम मे राज्यसभा सांसद बालयोगी  उमेशनाथ जी महाराज, विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति मती कलावती यादव, मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष  ओम जैन, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष  जगदीश अग्रवाल, नगर अध्यक्ष  संजय अग्रवाल सहित श्वेताम्बर जैन समाज के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

     

  • रांची स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, टिकट काउंटर से CCTV तक मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

    रांची स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, टिकट काउंटर से CCTV तक मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

    रांची
     रांची रेलवे स्टेशन की उत्तर दिशा (नार्थ साइड) में यात्रियों की सुगम आवाजाही और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए बड़े एवं आधुनिक पैसेंजर होल्डिंग एरिया का निर्माण किया जा रहा है।

    1920 वर्गमीटर क्षेत्र में बनने वाले इस होल्डिंग एरिया में एक साथ करीब 2400 से 2500 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। खासकर त्योहारों और विशेष अवसरों पर यात्रियों की बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी।

    तीन जोन में व्यवस्थित होगा होल्डिंग एरिया
    होल्डिंग एरिया को यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए तीन प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है। इसमें प्री-टिकटिंग जोन, टिकटिंग जोन और पोस्ट-टिकटिंग जोन होंगे। इससे यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी। परिसर में यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त सीटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।

    टिकट काउंटर के साथ एटीवीएम की सुविधा
    यात्रियों की सुविधा के लिए होल्डिंग एरिया में पर्याप्त संख्या में टिकट काउंटर बनाए जाएंगे। इसके साथ ही स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) भी लगाई जाएगी। इससे यात्री स्वयं टिकट ले सकेंगे और टिकट काउंटर पर लगने वाली कतार और प्रतीक्षा समय को कम करने में मदद मिलेगी।

    शौचालय और पेयजल की भी व्यवस्था
    होल्डिंग एरिया में यात्रियों के लिए आधुनिक शौचालय और मूत्रालय की सुविधा होगी। इसके अलावा पेयजल के लिए वाटर बूथ भी बनाए जाएंगे। इससे ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों को स्टेशन के प्लेटफार्म पर जाने से पहले ही जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

    अलग प्रवेश और निकास द्वार, 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी
    यात्रियों की सुगम आवाजाही और भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए होल्डिंग एरिया में अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था होगी। पूरा परिसर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा। इससे यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखने के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहतर रखने में मदद मिलेगी।

    त्योहारों में स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन में मिलेगी मदद
    रांची स्टेशन पर त्योहारों और विशेष अवसरों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के दौरान प्लेटफार्म और स्टेशन परिसर में भीड़ का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे समय में होल्डिंग एरिया यात्रियों को एक जगह व्यवस्थित रूप से ठहराने में मदद करेगा। पर्याप्त बैठने की व्यवस्था होने से यात्रियों को ट्रेन के इंतजार के दौरान सुविधा मिलेगी। वहीं, अलग प्रवेश-निकास और तीन अलग जोन होने से यात्रियों की आवाजाही को भी व्यवस्थित रखा जा सकेगा।

    रांची रेलवे स्टेशन की उत्तर दिशा में पैसेंजर होल्डिंग एरिया का निर्माण यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इसमें करीब 2400 से 2500 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। टिकटिंग, बैठने, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
    -श्रेया सिंह, सीनियर डीसीएम, रांची रेल मंडल

    इंटर डिपार्टमेंटल स्पोर्ट्स मीट-2026 रेलवे कर्मचारियों ने दिखाया जौहर
    अब तक अलग-अलग विभागों में रेल परिचालन और यात्रियों की सेवा में जुटे रांची रेल मंडल के कर्मचारी शुक्रवार को खेल के मैदान में एक साथ नजर आए। मौका था पहली बार आयोजित किए जा रहे इंटर डिपार्टमेंटल स्पोर्ट्स मीट-2026 का।

    दक्षिण पूर्व रेलवे खेल संघ (सेरसा), रांची की ओर से आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ शुक्रवार को हटिया स्थित हाकी स्टेडियम में हुआ। मंडल रेल प्रबंधक सह अध्यक्ष/सेरसा, रांची करुणा निधि सिंह और सर्वो, रांची की अध्यक्षा निधि सिंह ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।

    उद्घाटन के अवसर पर एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। पुरुष एवं महिला कर्मचारियों के लिए 100 मीटर दौड़ तथा पुरुष कर्मचारियों के लिए 400 मीटर रिले दौड़ हुई। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक सह अध्यक्ष/सेरसा करुणा निधि सिंह ने खिलाड़ियों और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

    पहली बार आयोजित इस इंटर डिपार्टमेंटल स्पोर्ट्स मीट के माध्यम से रांची रेल मंडल के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। आयोजन से कर्मचारियों के बीच आपसी समन्वय, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलने के साथ खेल गतिविधियों के प्रति उत्साह भी बढ़ेगा।

    कार्यक्रम में सर्वो, रांची की उपाध्यक्षा अजीता रानी, अपर मंडल रेल प्रबंधक हेमराज मीना, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजू तिर्की, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी सह मंडल क्रीड़ा अधिकारी राजा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सह मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्रेया सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

  • पट्टिनापक्कम सचिवालय पर सियासी घमासान, मंत्री आधव अर्जुन बोले- DPR के बाद होगा अंतिम फैसला

    पट्टिनापक्कम सचिवालय पर सियासी घमासान, मंत्री आधव अर्जुन बोले- DPR के बाद होगा अंतिम फैसला

    चेन्नई
    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी सरकार एक मुश्किल में फंस गई है। सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई के पट्टिनापक्कम में नए सचिवालय और विधानसभा कॉम्प्लेक्स बनाने का फैसला लिया था। लेकिन अब सत्ता में समर्थन देने वाली पार्टियों और विपक्ष के विरोध के बीच सरकार इस फैसले से पीछे हटती हुई नजर आ रही है। बढ़ते विवाद के बीच तमिलनाडु सरकार में मंत्री आधव अर्जुन ने इस मुद्दे पर सरकार का स्टैंड साफ करते हुए कहा कि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

    थलपति विजय सरकार में नंबर दो माने जाने वाले आधव अर्जुन ने राजनीतिक पार्टियों के ऊपर इस पर बिना मतलब राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। अभी तक इस मामले में केवल एक आदेश जारी किया गया था। मुख्यमंत्री विजय इस प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले प्रोजेक्ट की डीपीआर रिपोर्ट की जांच करेंगे। इसके बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।

    अभी इस पट्टिनापक्कम के बारे में कोई फैसला नहीं- आधव अर्जुन
    आधव अर्जुन ने कहा, "हमने पट्टिनापक्कम सचिवालय के बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। वे इस मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं। हमने सिर्फ एक सरकारी आदेश जारी किया है, और DPR तैयार होने के बाद, हमारे मुख्यमंत्री तय करेंगे कि सचिवालय बनाना है या नहीं।"

    इस मामले से प्रभावित होने वाले मछुआरों को संबोधित करते हुए आधव अर्जुन ने भरोसा दिलाया कि किसी को भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी और उनके हितों का भी ख्याल रखा जाएगा। आधव ने कहा, "प्यारे मछुआरों हमारे मुख्यमंत्री ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। अभी तो बस यह देखा जा रहा है कि लोगों को कोई आपत्ति तो नहीं है। राजनीतिक दल तुरंत इस पर राजनीति कर रहे हैं।"

    सरकार को बाहर से समर्थन देने वाली सीपीआई एम ने किया था विरोध
    थलपति विजय की गठबंधन सरकार को बाहर से समर्थन देने वाली वामपंथी पार्टी सीपीआई एम ने भी इस मामले पर सरकार को समर्थन वापस लेने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि सरकार इस जगह पर नया सचिवालय बनाने के फैसले को वापस ले लेना चाहिए। सीपीआई एम के राज्य सचिव पी. षणमुगम ने कहा कि तमिलनाडु सरकार को कोई भी फैसला लेने के लिए लोकतांत्रिक तरीका अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर विजय की पार्टी इस फैसले पर फिर से विचार नहीं करती है, तो वह सरकार को समर्थन देने के फैसले पर फिर से विचार करेंगे।

    क्या है पट्टिनापक्कम में प्रस्तावित सचिवालय बनाने में परेशानी?
    थलपति विजय ने सरकार में आने के बाद से नए सचिवालय और विधानसभा कॉम्प्लेक्स के लिए काम करना शुरू किया था। इसके लिए तमिलनाडु सरकार ने 25.55 एकड़ जमीन को चिह्नित किया था। बता दें, यह जमीन विजय के घर के पास ही है। हालांकि, जल्दी ही इस फैसले का विरोध होना शुरू हो गया। 1,200 करोड़ के इस मेगा प्रोजेक्ट का जल्दी ही मछुआरों और पर्यावरण प्रेमियों ने विरोध करना शुरू कर दिया। इस जगह पर रहने वाले मछुआरों ने चेतावनी दी कि अगर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाता है, तो वह बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि करीब 1500 से ज्यादा मछुआरा परिवार इस जगह का उपयोग अपने जाल सुखाने और नावों को खड़ा करने के लिए करते हैं। ऐसे में अगर यहां पर कोई निर्माण कार्य होता है, तो उन सभी की आजीविका पर भी असर पड़ेगा। इसके अलावा उनके लिए समुद्र में जाने का रास्ता भी बंद हो सकता है।

  • मेहनत के साथ तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का सपना हुआ पूरा, योग्यता के आधार पर हुआ चयन

    मेहनत के साथ तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का सपना हुआ पूरा, योग्यता के आधार पर हुआ चयन

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिल उठे। उन्होंने एक स्वर में कहा कि मेहनत और योग्यता के आधार पर नौकरी मिलने से उनका वर्षों का सपना पूरा हुआ है। चयनित अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बताते हुए योगी सरकार की सराहना की।

    मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को मिली सफलता
    लखनऊ निवासी संजीव वर्मा का चयन उपनिरीक्षक (गोपनीय) के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि परीक्षा 2 नवंबर 2025 को हुई थी और मार्च 2026 में परिणाम आया। संजीव ने कहा कि पूरी नियुक्ति निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से हुई है। मेहनत करने वालों को सफलता मिली है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। लखीमपुर खीरी निवासी रजत गुप्ता ने बताया कि उनका चयन भी उपनिरीक्षक (गोपनीय) के पद पर हुआ है। यूपी पुलिस में यह उनका दूसरा चयन है। वर्ष 2020 में वह आरक्षी पद पर चयनित हुए थे। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में भर्तियां निष्पक्ष हो रही हैं। लिखित परीक्षा, टाइपिंग और मेडिकल की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता रही।

    केवल फॉर्म भरने में खर्च किया था पैसा
    वहीं, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक पद पर चयनित अंजू भारती ने कहा कि उनका चयन बिना किसी पक्षपात, लेनदेन और सिफारिश के हुआ है। उन्हें केवल फॉर्म भरने में पैसा खर्च किया था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में बिना सिफारिश नौकरी मिलना संभव हो रहा है। इसी पद पर चयनित आदर्श कुमार जैन ने भी भर्ती को निष्पक्ष और पारदर्शी बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया। पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) पद पर चयनित दर्शना बाजपेयी ने कहा कि भर्ती में कहीं भी सिफारिश या लेनदेन की जरूरत नहीं पड़ी। उन्हें केवल योग्यता के आधार पर नियुक्ति मिली है। दर्शना बाजपेयी ने बताया कि तीन साल की तैयारी के बाद मिली सफलता उनके और परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलने की उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी।

    मुख्यमंत्री योगी के हाथों नियुक्ति पत्र पाने की है खुशी
    पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पद पर चयनित धीरेंद्र सिंह ने बताया कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। 5 साल से तैयारी कर रहे थे, अब जाकर सफलता मिली है। आज बहुत खुशी का दिन है, मुख्यमंत्री जी के हाथों नियुक्ति पत्र मिला है। सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि सहायक उप निरीक्षक (लिपिक) के पद पर उनका चयन हुआ है। पूरी भर्ती निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराई गई है। 2021 से लगातार तैयारी कर रहे थे, आज नियुक्ति पत्र पाकर बहुत अच्छा लग रहा है।

  • अखिलेश ने आंबेडकर और दलितों को मिटाया, योगी जी ने दिया सम्मान: एमएलसी

    अखिलेश ने आंबेडकर और दलितों को मिटाया, योगी जी ने दिया सम्मान: एमएलसी

    लखनऊ
    विधान परिषद सदस्य व उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव की सपा सरकार के कार्यकाल को सबसे घटिया बताया, कहा-इसमें खूब दलित उत्पीड़न हुए। इनके कार्यकाल में दो लाख दलित अधिकारी रिवर्ट कर दिए गए थे। इन्होंने नई राजस्व संहिता बनाकर दलितों को जमीन आवंटन में मिलने वाली प्राथमिकता को समाप्त कर दिया और इनके सजातीय बंधुओं ने दलितों की जमीनों पर कब्जा कर लिया।

    डॉ. निर्मल ने आरोप लगाया कि सपा शासन में डॉ. आंबेडकर की मूर्तियों को तोड़ा गया। लखनऊ में इनके कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रतिमा की गर्दन उड़ा दी थी। गाजियाबाद में हज हाउस के उद्घाटन में इनके चहेते मंत्री आजम खान ने डॉ. आंबेडकर को भूमाफिया कहा और रामपुर तारामंडल से डॉ. आंबेडकर का नाम मिटा दिया।

    एमएलसी ने कहा कि सपा स्थापना काल से ही दलित विरोधी रही है, इसीलिए इन्होंने सार्वजनिक रूप से दलितों के प्रोन्नति में आरक्षण का विरोध किया और लोकसभा में आरक्षण का बिल फाड़ डाला। अपनी सरकार में इन्होंने ठेकेदारी और आउटसोर्स में दलितों का आरक्षण समाप्त कर दिया।

    डॉ. निर्मल ने सपा और भाजपा सरकार की तुलना की। कहा कि अखिलेश यादव ने आंबेडकर और दलितों को मिटाया तो योगी जी ने उन्हें इन्हें सम्मान दिलाया और दलितों का सशक्तिकरण किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव द्वारा समाप्त किए गए  संत रविदास नगर भदोही की बहाली की। कन्नौज मेडिकल कालेज का नाम पुनः डॉ. आंबेडकर के नाम से बहाल किया। उनकी प्रतिमाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए 403 करोड़ रुपये का बजट अवमुक्त किया।  योगी जी ने दलितों की मांग पर ऐशबाग में डॉ. आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना भी की ।

  • बलूचिस्तान में मुठभेड़ के बाद 5 उग्रवादी मारे गए, हथियारों के साथ 6 ट्रक और 3 बस बरामद

    बलूचिस्तान में मुठभेड़ के बाद 5 उग्रवादी मारे गए, हथियारों के साथ 6 ट्रक और 3 बस बरामद

    क्वेटा
    बलूचिस्तान में लगातार हालात बिगड़ रहे हैं। स्थानीय लड़ाकों से संघर्ष कर रही पाकिस्तानी सेना ने एक अभियान के दौरान 5 उग्रवादियों को मार गिराया है। पाकिस्तान सेना के मुताबिक, यह उग्रवादी करीब 23 लोगों को बंधक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा बलों ने फुर्ती दिखाते हुए इनकी चाल को नाकाम कर दिया। पाकिस्तान सेना ने एक बयान में कहा कि आतंकवादियों ने फिरौती के लिए अपहरण, जबरन वसूली और गाड़ियां छीनने के मकसद से एक चेक पोस्ट बनाया था।

    पाकिस्तानी सेना के मुताबिक यह घटना 18 सितंबर को रात में उस वक्त हुई जब उग्रवादियों ने कलात के पास चमन-कराची एन-25 राजमार्ग पर लोगों की शांतिपूर्ण आवाजाही में बाधा डालने की कोशिश की। इसके बाद सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में करीब 5 उग्रवादी मारे गए। इसके साथ ही उनके द्वारा अगवा किए गए 23 लोगों को भी छुड़ा लिया गया।

    बलूचिस्तान से 23 लोगों को रिहा कराया गया- पाकिस्तान सेना
    पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा, ''सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की और जबरदस्त गोलीबारी के बाद सशस्त्र बलों की प्रभावी जवाबी कार्रवाई में पांच उग्रवादी मारे गए।'' उग्रवादियों के ठिकाने से छह ट्रक, तीन बस और दो कार सहित भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक भी बरामद किए गए।

    आतंक विरोधी अभियान लगातार जारी- पाकिस्तान सेना
    आईएसपीआर ने कहा कि इलाके में बचे हुए किसी भी उग्रवादी को खत्म करने और स्थानीय आबादी तथा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी है। बता दें, पाकिस्तान आतंकवाद-विरोधी अभियान चला रहा है। बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा समेत कई इलाकों में पाकिस्तानी सेना पूरी तरह से घिरी हुई है। लगातार होते संघर्ष के बीच बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सेना के जवान भी मारे जा रहे हैं।

    बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहे लड़ाके लगातार पाकिस्तानी सेना के लिए चुनौतियां बढ़ा रहे हैं, जिसके कारण पाकिस्तानी सेना ने ने आतंकवाद-विरोधी अभियानों को तेज कर दिया है। हालांकि, इस अभियान के बीच पाकिस्तानी सेना लगातार वहां के आम नागरिकों के ऊपर भी अत्याचार करती हुई नजर आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आजादी के बाद से लेकर अभी तक पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान क्षेत्र में लाखों लोगों को मौत के घाट उतार दिया है।