Author: NewseDay

  • मेहनत के साथ तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का सपना हुआ पूरा, योग्यता के आधार पर हुआ चयन

    मेहनत के साथ तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का सपना हुआ पूरा, योग्यता के आधार पर हुआ चयन

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिल उठे। उन्होंने एक स्वर में कहा कि मेहनत और योग्यता के आधार पर नौकरी मिलने से उनका वर्षों का सपना पूरा हुआ है। चयनित अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बताते हुए योगी सरकार की सराहना की।

    मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को मिली सफलता
    लखनऊ निवासी संजीव वर्मा का चयन उपनिरीक्षक (गोपनीय) के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि परीक्षा 2 नवंबर 2025 को हुई थी और मार्च 2026 में परिणाम आया। संजीव ने कहा कि पूरी नियुक्ति निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से हुई है। मेहनत करने वालों को सफलता मिली है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। लखीमपुर खीरी निवासी रजत गुप्ता ने बताया कि उनका चयन भी उपनिरीक्षक (गोपनीय) के पद पर हुआ है। यूपी पुलिस में यह उनका दूसरा चयन है। वर्ष 2020 में वह आरक्षी पद पर चयनित हुए थे। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में भर्तियां निष्पक्ष हो रही हैं। लिखित परीक्षा, टाइपिंग और मेडिकल की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता रही।

    केवल फॉर्म भरने में खर्च किया था पैसा
    वहीं, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक पद पर चयनित अंजू भारती ने कहा कि उनका चयन बिना किसी पक्षपात, लेनदेन और सिफारिश के हुआ है। उन्हें केवल फॉर्म भरने में पैसा खर्च किया था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में बिना सिफारिश नौकरी मिलना संभव हो रहा है। इसी पद पर चयनित आदर्श कुमार जैन ने भी भर्ती को निष्पक्ष और पारदर्शी बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया। पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) पद पर चयनित दर्शना बाजपेयी ने कहा कि भर्ती में कहीं भी सिफारिश या लेनदेन की जरूरत नहीं पड़ी। उन्हें केवल योग्यता के आधार पर नियुक्ति मिली है। दर्शना बाजपेयी ने बताया कि तीन साल की तैयारी के बाद मिली सफलता उनके और परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलने की उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी।

    मुख्यमंत्री योगी के हाथों नियुक्ति पत्र पाने की है खुशी
    पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पद पर चयनित धीरेंद्र सिंह ने बताया कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। 5 साल से तैयारी कर रहे थे, अब जाकर सफलता मिली है। आज बहुत खुशी का दिन है, मुख्यमंत्री जी के हाथों नियुक्ति पत्र मिला है। सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि सहायक उप निरीक्षक (लिपिक) के पद पर उनका चयन हुआ है। पूरी भर्ती निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराई गई है। 2021 से लगातार तैयारी कर रहे थे, आज नियुक्ति पत्र पाकर बहुत अच्छा लग रहा है।

  • अखिलेश ने आंबेडकर और दलितों को मिटाया, योगी जी ने दिया सम्मान: एमएलसी

    अखिलेश ने आंबेडकर और दलितों को मिटाया, योगी जी ने दिया सम्मान: एमएलसी

    लखनऊ
    विधान परिषद सदस्य व उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव की सपा सरकार के कार्यकाल को सबसे घटिया बताया, कहा-इसमें खूब दलित उत्पीड़न हुए। इनके कार्यकाल में दो लाख दलित अधिकारी रिवर्ट कर दिए गए थे। इन्होंने नई राजस्व संहिता बनाकर दलितों को जमीन आवंटन में मिलने वाली प्राथमिकता को समाप्त कर दिया और इनके सजातीय बंधुओं ने दलितों की जमीनों पर कब्जा कर लिया।

    डॉ. निर्मल ने आरोप लगाया कि सपा शासन में डॉ. आंबेडकर की मूर्तियों को तोड़ा गया। लखनऊ में इनके कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रतिमा की गर्दन उड़ा दी थी। गाजियाबाद में हज हाउस के उद्घाटन में इनके चहेते मंत्री आजम खान ने डॉ. आंबेडकर को भूमाफिया कहा और रामपुर तारामंडल से डॉ. आंबेडकर का नाम मिटा दिया।

    एमएलसी ने कहा कि सपा स्थापना काल से ही दलित विरोधी रही है, इसीलिए इन्होंने सार्वजनिक रूप से दलितों के प्रोन्नति में आरक्षण का विरोध किया और लोकसभा में आरक्षण का बिल फाड़ डाला। अपनी सरकार में इन्होंने ठेकेदारी और आउटसोर्स में दलितों का आरक्षण समाप्त कर दिया।

    डॉ. निर्मल ने सपा और भाजपा सरकार की तुलना की। कहा कि अखिलेश यादव ने आंबेडकर और दलितों को मिटाया तो योगी जी ने उन्हें इन्हें सम्मान दिलाया और दलितों का सशक्तिकरण किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव द्वारा समाप्त किए गए  संत रविदास नगर भदोही की बहाली की। कन्नौज मेडिकल कालेज का नाम पुनः डॉ. आंबेडकर के नाम से बहाल किया। उनकी प्रतिमाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए 403 करोड़ रुपये का बजट अवमुक्त किया।  योगी जी ने दलितों की मांग पर ऐशबाग में डॉ. आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना भी की ।

  • बलूचिस्तान में मुठभेड़ के बाद 5 उग्रवादी मारे गए, हथियारों के साथ 6 ट्रक और 3 बस बरामद

    बलूचिस्तान में मुठभेड़ के बाद 5 उग्रवादी मारे गए, हथियारों के साथ 6 ट्रक और 3 बस बरामद

    क्वेटा
    बलूचिस्तान में लगातार हालात बिगड़ रहे हैं। स्थानीय लड़ाकों से संघर्ष कर रही पाकिस्तानी सेना ने एक अभियान के दौरान 5 उग्रवादियों को मार गिराया है। पाकिस्तान सेना के मुताबिक, यह उग्रवादी करीब 23 लोगों को बंधक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा बलों ने फुर्ती दिखाते हुए इनकी चाल को नाकाम कर दिया। पाकिस्तान सेना ने एक बयान में कहा कि आतंकवादियों ने फिरौती के लिए अपहरण, जबरन वसूली और गाड़ियां छीनने के मकसद से एक चेक पोस्ट बनाया था।

    पाकिस्तानी सेना के मुताबिक यह घटना 18 सितंबर को रात में उस वक्त हुई जब उग्रवादियों ने कलात के पास चमन-कराची एन-25 राजमार्ग पर लोगों की शांतिपूर्ण आवाजाही में बाधा डालने की कोशिश की। इसके बाद सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में करीब 5 उग्रवादी मारे गए। इसके साथ ही उनके द्वारा अगवा किए गए 23 लोगों को भी छुड़ा लिया गया।

    बलूचिस्तान से 23 लोगों को रिहा कराया गया- पाकिस्तान सेना
    पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा, ''सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की और जबरदस्त गोलीबारी के बाद सशस्त्र बलों की प्रभावी जवाबी कार्रवाई में पांच उग्रवादी मारे गए।'' उग्रवादियों के ठिकाने से छह ट्रक, तीन बस और दो कार सहित भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक भी बरामद किए गए।

    आतंक विरोधी अभियान लगातार जारी- पाकिस्तान सेना
    आईएसपीआर ने कहा कि इलाके में बचे हुए किसी भी उग्रवादी को खत्म करने और स्थानीय आबादी तथा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी है। बता दें, पाकिस्तान आतंकवाद-विरोधी अभियान चला रहा है। बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा समेत कई इलाकों में पाकिस्तानी सेना पूरी तरह से घिरी हुई है। लगातार होते संघर्ष के बीच बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सेना के जवान भी मारे जा रहे हैं।

    बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहे लड़ाके लगातार पाकिस्तानी सेना के लिए चुनौतियां बढ़ा रहे हैं, जिसके कारण पाकिस्तानी सेना ने ने आतंकवाद-विरोधी अभियानों को तेज कर दिया है। हालांकि, इस अभियान के बीच पाकिस्तानी सेना लगातार वहां के आम नागरिकों के ऊपर भी अत्याचार करती हुई नजर आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आजादी के बाद से लेकर अभी तक पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान क्षेत्र में लाखों लोगों को मौत के घाट उतार दिया है।

  • एक हफ्ते में दूसरी बार मिसाइल लॉन्च, उत्तर कोरिया की कार्रवाई पर दक्षिण कोरिया ने जताई आपत्ति

    एक हफ्ते में दूसरी बार मिसाइल लॉन्च, उत्तर कोरिया की कार्रवाई पर दक्षिण कोरिया ने जताई आपत्ति

    प्योंगयांग
    उत्तर कोरिया ने रविवार को कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्व में समुद्र की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी. जापान के रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी. दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया ने एक अननोन प्रोजेक्टाइल दागा. जापान की सरकारी मीडिया एजेंसी NHK के मुताबिक, यह जापान के स्पेशल इकोनॉमिक जोन के बाहर जाकर गिरा.

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इससे एक दिन पहले उत्तर कोरिया ने प्योंगयांग के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी संगठन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. यह बयान सरकारी मीडिया पर पढ़कर सुनाया गया. पिछले सप्ताह उत्तर कोरिया ने अमेरिका की अगुवाई में हुए नौसैनिक अभ्यास की भी निंदा की थी. इस अभ्यास में दक्षिण कोरिया और जापान शामिल थे और यह 29 अगस्त से 10 सितंबर तक गुआम के पास चला था.

    उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने शुक्रवार को अमेरिका की अगुवाई वाले सैन्य अभ्यासों को कोरियाई प्रायद्वीप में लगातार बिगड़ते तनाव के लिए जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा था कि देश अपने परमाणु हथियारों को मजबूत करने की दिशा में अपनी नीति में कोई बदलाव नहीं करेगा.

    सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई
    उत्तर कोरिया के मिसाइल लॉन्च की खबरों के बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने रविवार को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) की बैठक बुलाई. रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने वॉनसान इलाके से पूर्वी सागर की ओर कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं.

    दक्षिण कोरिया ने इस लॉन्च की निंदा की. यह करीब एक सप्ताह में उत्तर कोरिया का दूसरा मिसाइल परीक्षण था. इससे पहले 12 सितंबर को भी परीक्षण किया गया था. NSC ने प्योंगयांग से तुरंत मिसाइल गतिविधियां रोकने की अपील की और कहा कि यह परीक्षण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सीधा उल्लंघन है.

  • PM मोदी की मां पर टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी घिरे, BJP नेताओं ने जताया विरोध

    PM मोदी की मां पर टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी घिरे, BJP नेताओं ने जताया विरोध

    इंदौर/नई दिल्ली.

    शनिवार को इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में एक कॉमेडियन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल करने को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच जुबानी जंग हुई. छात्रों पर केंद्रित इस कार्यक्रम में स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि मंच पर आए और मोदी के हाव-भाव और विदेशी नेताओं से बात करने के उनके अंदाज की नकल की.

    इस प्रस्तुति में मोदी की विदेश नीति, उनकी मां और बच्चों के साथ प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सिक्के के एक ट्रिक का ज़िक्र किया गया. मणि ने मोदी के विदेशी नेताओं के साथ बातचीत की नकल करते हुए बार-बार “my friend” का इस्तेमाल किया. उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना कहा, “My friend, how are you?” लोकसभा में विपक्ष के नेता ने जवाब दिया, “I am fine, how are you Modi ji?” मणि ने जवाब दिया, “Great harassment” और मोदी के हाव-भाव को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हुए “my friend” का इस्तेमाल जारी रखा. इस प्रस्तुति में गलगोटियास यूनिवर्सिटी और इंडिया ग्लोबल AI समिट में यूनिवर्सिटी द्वारा दिखाई गई चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट को लेकर हुए विवाद का भी ज़िक्र किया गया.
    इसके बाद गांधी ने कहा, “Very nice to meet you,” और मणि से कहा कि “tell me more”. इसके बाद कॉमेडियन ने प्रधानमंत्री की मां का ज़िक्र करते हुए हंसते हुए और मोदी की नकल करते हुए कहा, “मां को कुर्सी दो, मां.” इसके बाद उन्होंने कहा, “Setting, my friend.”

    मणि ने बच्चों के साथ बातचीत के दौरान मोदी द्वारा किए गए सिक्के के एक ट्रिक की भी नकल की. उन्होंने सिक्का अपने माथे पर रखा, जिस पर दर्शकों ने जोरदार तालियां और आवाज़ें लगाईं. कांग्रेस ने इस बातचीत के वीडियो क्लिप एक्स पर बड़े पैमाने पर शेयर किए. इसके आधिकारिक हैंडल ने एक वीडियो को “Narendra Modi ki Foreign Policy” कैप्शन के साथ पोस्ट किया, जबकि दूसरे पर लिखा था, “My friend!! Great Harassment!!” कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने भी वीडियो शेयर किया और लिखा: “इंदौर में हंसने वाला स्मार्ट व्यक्ति आया, माथे पर सिक्का चिपकाया और ‘great harassment’ का शानदार शो किया.” इसके बाद BJP ने गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा,

    खासकर मोदी की दिवंगत मां के जिक्र को लेकर. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा: “माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दिवंगत मां के बारे में आपत्तिजनक शब्द बोले जाना और राहुल गांधी का उस पर हंसना बेहद शर्मनाक और दुखद है.” उन्होंने कहा, “मां राजनीति का विषय नहीं है. किसी मां का अपमान किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता.” धामी ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री जी की दिवंगत मां के बारे में की गई अभद्र टिप्पणियों पर हंसना आपकी अपनी राजनीतिक संस्कृति को उजागर करता है. राहुल गांधी जी, राजनीतिक विरोध में शालीनता की सभी सीमाएं पार करना न तो लोकतंत्र है, न सेवा है और न संस्कृति. देश की मातृशक्ति सब कुछ देख रही है. ऐसी संवेदनहीनता और मजाक किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता.”

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका “गैर-जिम्मेदार रवैया बेहद शर्मनाक, निंदनीय और अनुचित है”. यादव ने कहा, “हमारे देश की संस्कृति और माताओं के सम्मान का अपमान करके उन्होंने युवाओं के भविष्य को गलत दिशा में ले जाने को बढ़ावा दिया है.” CM ने कहा कि प्रधानमंत्री की मां का “अपमान” देश की सभी माताओं का “अपमान” है और उन्होंने गांधी से माफी मांगने की मांग की. यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की सार्वजनिक छवि का इस्तेमाल व्यंग्य के लिए किया है. अगस्त में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में गांधी ने मोदी की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए पार्टी नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया था. दीक्षित ने मज़ाक करते हुए कहा था, “आप मुझे गले लगाते समय यह तो नहीं सोच रहे थे कि मैं मेलोनी हूं?” गांधी ने जवाब दिया था, “मैं अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचा हूं.” BJP ने इस बातचीत की आलोचना की थी.

    दोनों पार्टियों के बीच सोशल मीडिया पर भी व्यापक लड़ाई चल रही है, जिसमें AI से बनाई गई तस्वीरों को लेकर विवाद भी शामिल है. इस महीने की शुरुआत में कांग्रेस की केरल इकाई ने BJP नेताओं को निशाना बनाते हुए AI से बनाई गई तस्वीरें शेयर की थीं. इनमें एक तस्वीर में अमित शाह जैसे दिखने वाले व्यक्ति को Maruti Omni में बैठे हुए दिखाया गया था और दूसरी में मोदी को रेलवे स्टेशन पर दिखाया गया था. इसके बाद गुजरात, केरल और तेलंगाना की BJP इकाइयों ने सोनिया गांधी को निशाना बनाते हुए AI से बनाई गई कई तस्वीरें शेयर कीं. तेलंगाना BJP की एक पोस्ट में एक महिला को बार में दिखाया गया था और कैप्शन था, “Lusiana, Italy. Circa-1970s”, जिसमें सोनिया गांधी के जन्मस्थान का जिक्र किया गया था. इसके बाद कांग्रेस ने कहा है कि वह कुछ पोस्ट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है.

  • तिब्बत से दलाई लामा तक, क्यों बिगड़े भारत-चीन के रिश्ते? पूर्व IFS ने बताई पूरी कहानी

    तिब्बत से दलाई लामा तक, क्यों बिगड़े भारत-चीन के रिश्ते? पूर्व IFS ने बताई पूरी कहानी

    नई दिल्ली
     एक दौर था जब 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' के नारे दिए जाते थे। आज के समय में परिस्थिति बिल्कुल बदल चुकी है। दोनों ही देशों के संबंध काफी खराब हो चुके हैं। आखिर ऐसी क्या वजह रही जिसके कारण दोनों देशों के रिश्ते ऐसे हो गए कि सात वर्षों के बाद चीन के राष्ट्रपति अपने पड़ोसी देश की यात्रा पर आए। ऐसा कहा जाता है कि दोनों देशों के संबंधों में खटास की शुरुआत दलाई लामा की वजह से होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि दलाई लामा (Dalai Lama) ने दुनिभर के मंचों से तिब्बत की आवाज बुलंद की है। यह बात चीन को रास नहीं आती है।

    यूट्यूबर शुभांकर मिश्रा के साथ एक पॉडकास्ट के दौरान भारत के पूर्व डिप्लोमैट रिटायर आईएफएस ऑफिसर अशोक सज्जनहार ने इस मुद्दे को विस्तार से समझाया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या तिब्बत के कारण से भारत और चीन के संबंध बिगड़े हैं तो उन्होंने विस्तार से जवाब दिया है। उन्होंने कहा, भारत-चीन के रिश्ते पहले ऐसे नहीं थे। तिब्बत कभी भी चीन का हिस्सा नहीं था। 1954 में एक समझौते के तहत चीन ने इसे हथिया लिया। आज भी वह अरुणाचल प्रदेश के एक बड़े हिस्से को तिब्बत का बताकर उसपर अपना अधिकार जमाने की कोशिश करता है।

    इसके पीछे के कारणों के समझाते हुए उन्होंने कहा कि जब-जब चीन की आर्थिक स्थिति मजबूत होती जाती है, तब-तब वह अपनी विस्तारवाद की नीति को बढ़ावा देता है। आज के समय में चीन की जीडीपी भारत की तुलना में पांच गुना अधिक है।

    असुरक्षित महसूस करता है चीन
    अशोक सज्जनहार कहते हैं कि- दोनों देशों के बीच तिब्बत एक मसला है। भारत ने दलाई लामा को पनाह दी हुई है। चीन दलाई लामा को अलगाववादी नेता मानता है। चीन का मानना है कि दलाई लामा तिब्बत को चीन से अलग करना चाहते हैं। जबकि दलाई लामा ने साफ शब्दों में कहा है कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं है। दलाई लामा बस चाहते हैं कि उनकी सभ्यता, संस्कृति और भाषा को संरक्षित किया जाए जो कि ऐसा हो नहीं हो रहा है। चीन तिब्बत की पहचान को ही खत्म करना चाहता है चीन। दलाई लामा इसका विरोध कर रहे हैं। चीन खुद को लेकर बहुत असुरक्षित महसूस करता है। इसलिए वह विस्तारवाद की नीति अपनाए हुए है।

    जिनपिंग और मोदी में क्या हुई बात?
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि यह समय की मांग थी और तीनों ही देशों को इसकी जरूरत थी। जब उनसे पूछा गया कि जब बड़े कार्यक्रमों में दुनिया के दिग्गज नेताओं की मुलाकात होती है तो कैसा माहौल होता है। उन्होंने समझाते हुए कहा- जब कार्यक्रम की शुरुआत होती है तो होस्ट ओपनिग स्टेटमेंट देता है। इसके बाद आगंतुकों को बुलाया जाता है। मुद्दों पर निर्भर करता है कि आखिर माहौल कैसा होता है। सामान्य रूप से तो दोनों देशों के मंत्रियों और अधिकारियों के स्तर पर आपसी सहमति बन जाती है। अगर उनसे कुछ मुद्दों का समाधान नहीं हो पाता है तो दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष उसपर बात करते हैं और समाधान निकालने की कोशिश करते हैं। उसमें सियासी पहलुओं पर भी ध्यान देना पड़ता है

    उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि अगर ट्रंप जैसे नेताओं के साथ बैठक होती हैं तो उस दौरान कुछ भी हो सकता है। सामान्यत: बैठक काफी शांति माहौल में होती है। मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की जाती है।

    डिनर में क्यों नहीं आए जिनपिंग?
    शी जिनपिंग की यात्रा पर उन्होंने कहा कि डिनर में नहीं आना सामान्य बात है। वह थके हुए थे। वह उसी दिन आए और सीधे ही भारत मंडपम गए। उन्हें आराम का मौका नहीं मिला। दिनभर मीटिंग चलती रही। मैसेजिंग देने की बात होती तो चीन की तरफ से कुछ न कुछ कहा जाता। अगर ऐसा होता तो वह भारत की यात्रा पर ही नहीं आते।

  • खालसा पंथ से SGPC सदस्य और अतिरिक्त हेड ग्रंथी निष्कासित, आजीवन सेवा करने पर प्रतिबंध

    खालसा पंथ से SGPC सदस्य और अतिरिक्त हेड ग्रंथी निष्कासित, आजीवन सेवा करने पर प्रतिबंध

    अमृतसर.

    श्री अकाल तख्त साहिब ने गंभीर आरोपों और सिख मर्यादा से जुड़े मामलों में रविवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सदस्य अमरजीत सिंह और अतिरिक्त हेड ग्रंथी मलकित सिंह के खिलाफ फैसला सुनाया।

    पांच सिंह साहिबान की बैठक में दोनों को खालसा पंथ से निष्कासित कर दिया गया। साथ ही, किसी भी सिख संस्था में जीवनभर सेवा करने पर रोक लगा दी गई है। यह मामला एक महिला की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ा बताया गया है। अकाल तख्त साहिब ने दोनों मामलों पर विचार करने के बाद प्रस्ताव पारित किए।श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में रविवार को कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह की अगुवाई में पांच सिंह साहिबान की बैठक हुई। इसमें सिख मर्यादा और गुरुद्वारा प्रबंध से संबंधित विभिन्न मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के बाद चार प्रस्ताव पारित किए गए।

    अमरजीत सिंह के मामले में फैसला
    पहले प्रस्ताव में अमरजीत सिंह के मामले पर निर्णय सुनाया गया। बैठक में कहा गया कि उनके खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों से सिख संगत की भावनाएं आहत हुई हैं और सिख संस्थाओं की छवि को नुकसान पहुंचा है। अकाल तख्त साहिब ने उन्हें खालसा पंथ से निष्कासित करते हुए कहा कि जब तक वह खुद को निर्दोष साबित कर अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश नहीं होते, तब तक संगत उनसे किसी प्रकार का संबंध न रखे। इसके अलावा, सिख संस्थाओं में काम करने पर भी आजीवन रोक लगाई है।

    मलकित सिंह पर भी कार्रवाई
    दूसरे प्रस्ताव में मलकित सिंह के मामले पर फैसला लिया गया। बैठक में कहा गया कि जिम्मेदार पदों पर रहने वाले व्यक्तियों का आचरण गुरु की शिक्षाओं और सिख मर्यादा के अनुरूप होना चाहिए। उनके खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों और मामले से सिख पंथ की बदनामी होने का हवाला देते हुए उन्हें भी खालसा पंथ से निष्कासित कर दिया गया। उन पर सिख संस्थाओं में जीवनभर सेवा करने की रोक लगाई गई है। उल्लेखनीय है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पहले ही मलकित को निलंबित कर चुकी है।

    दिल्ली की गुरुद्वारा कमेटी को चेतावनी
    तीसरे प्रस्ताव में नई दिल्ली के सुभाष नगर स्थित श्री गुरु सिंह सभा की प्रबंधक कमेटी को अकाल तख्त साहिब के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए गए। कमेटी के प्रधान भूपिंदर सिंह और सदस्यों को चेतावनी दी गई कि आदेशों की अवहेलना जारी रहने पर पंथक मर्यादा के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    मुंबई गुरुद्वारा प्रबंध विवाद पर हिदायत
    चौथे प्रस्ताव में मुंबई के मीरा रोड ईस्ट स्थित श्री गुरु नानक दरबार गुरुद्वारा साहिब के प्रबंध से जुड़े विवाद पर विचार किया गया। अकाल तख्त साहिब ने कमेटी के प्रधान दलवीर सिंह और जनरल सचिव दविंदर सिंह को आदेशों का पालन करने की हिदायत दी। आदेशों का पालन नहीं होने पर अगली पंथक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

  • योगी सरकार का मिशन रोजगार तेज, 9.5 लाख युवाओं को नौकरी देने का दावा; अब 1 लाख भर्तियों का लक्ष्य

    योगी सरकार का मिशन रोजगार तेज, 9.5 लाख युवाओं को नौकरी देने का दावा; अब 1 लाख भर्तियों का लक्ष्य

    लखनऊ
    यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज 912 युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटें। रविवार को कार्यक्रम राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित किया गया। सीएम योगी ने पुलिस विभाग के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। इन अभ्यर्थियों को यूपी पुलिस में नौकरी मिली है। इस कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना समेत अन्य मौजूद रहे। चयनित अभ्यर्थियों में पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पद शामिल हैं। नियुक्ति पत्र पाने वाले चयनित युवा यूपी पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देंगे।

    इस दौरान सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में निराशा थी। हर जगह भाई-भतीजावाद हावी था। भर्ती में बिना शामिल हुए भी नौकरी मिल जाती थी। 2017 के बाद हमारी सरकार ने इसमें बदलाव किया। ग्रुप सी और डी पर हमने साक्षात्कार की व्यवस्था खत्म कर दी। पहले साक्षात्कार में खेल कर दिया जाता था। हमने इस चरण को ही खत्म कर दिया। सारे पद पहले जैसे ही हैं, सिर्फ काम करने का तरीका बदला है। पहले हर दूसरे दिन दंगे होते थे। महीनो-महीनो कर्फ्यू रहता था। मुजफ्फरनगर में तो छह महीने दंगे होते रहे। कोसीकलां से शुरू होता था दंगा। माफिया का काफिला आने पर ज्यूडिशरी के अधिकारियों का भी काफिला रोक दिया जाता था। पहले माफिया निकलता था। आज भला कोई असलहा लहरा सकता है, आज कोई त्योहारों के पहले दंगा कर सकता है।

    सीएम योगी ने महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि 66 करोड़ श्रद्धालु आए। लोग उनसे बोलते थे कुछ तो गलत बोलिए, वो लोग कहते थे खाक कुछ बोले, इतनी अच्छी व्यवस्था है। 2017 से पहले जिनके पास क्षमता थी, वो यूपी से बाहर बेटियों को रखते थे। जिनके पास क्षमता नहीं होती थी, वो घर में ही रखते थे। आज कोई शोहदा बेटी को छेड़ नहीं सकता। उसको अंजाम पता है। यदि वह ऐसी हरकत करता है तो वह अपने डेथ सेंटेंस पर खुद साइन कर रहा है। आज यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा होती है। लोग कहते हैं कि अब दंगा नहीं होता है। सीएम ने सपा पर तंज कसा कि आज हम दंगों की मॉक ड्रिल कराते हैं, ताकि लोग भूल न जाएं।

    सीएम योगी ने अंत में ये भी कहा कि यूपी सरकार अगले छह महीने में एक लाख नौकरियां देगी। सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी उन राज्यों में शामिल है जो कह सकता है कि वह रेवेन्यू सरप्लस है। हमने 9.5 साल में 9.5 लाख युवाओं को नौकरी दी है। आज यूपी के नागरिकों के सामने पहचान का संकट नहीं है।

  • सऊदी अरब पर मिसाइल हमले के बीच ट्रंप अचानक वॉशिंगटन लौटे, अमेरिका ने जारी की यात्रा चेतावनी

    सऊदी अरब पर मिसाइल हमले के बीच ट्रंप अचानक वॉशिंगटन लौटे, अमेरिका ने जारी की यात्रा चेतावनी

     वॉशिंगटन
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपना वीकेंड ट्रिप एक दिन पहले ही बीच में ही रद कर दिया और शनिवार शाम को अचानक वॉशिंगटन डीसी लौट आए।

    व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक वीडियो में उन्हें मरीन वन से उतरते हुए देखा गया। हालांकि, उनके अचानक लौटने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है, क्योंकि उनका कैंप डेविड में रविवार तक रुकने का कार्यक्रम था।

    समझिए क्यों मचा है हड़कंप?
    बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप की यह वापसी ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी विदेश विभाग ने शनिवार को पश्चिम एशिया को लेकर एक नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। विभाग ने वहां मौजूद अमेरिकी नागरिकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और संभावित यात्रा बाधाओं के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।

    सऊदी अरब पर मिसाइल हमला
    दूसरी तरफ शनिवार को ही सऊदी अरब ने इस बात की पुष्टि की कि यमन के हूती विद्रोही गुट ने उसकी राजधानी रियाद को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाने की कोशिश की थी।

    हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी राजधानी रियाद और यानबू में स्थित तेल कंपनी अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाने के लिए कई मिसाइलों और ड्रोन्स का इस्तेमाल किया। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के साथ चल रहे संघर्ष के बीच रियाद को निशाना बनाने की यह हालिया घटना है।

    यात्रियों के लिए जारी की चेतावनी
    इसके अलावा विदेश विभाग की चेतावनी में कहा गया है कि यह सैन्य संघर्ष तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए अमेरिकी नागरिकों को पश्चिम एशिया की यात्रा पर जाने से बचना चाहिए। साथ ही, जो लोग पहले से वहां हैं, उन्हें एयरपोर्ट और उड़ानों से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

     

  • शहद से कमाई और निर्यात बढ़ाने की तैयारी, राजस्थान के 25 जिलों में फैला मधुमक्खी पालन का कारोबार

    शहद से कमाई और निर्यात बढ़ाने की तैयारी, राजस्थान के 25 जिलों में फैला मधुमक्खी पालन का कारोबार

    जयपुर
    राजस्थान में शहद अब सिर्फ मिठास नहीं, रोजगार और निर्यात का जरिया भी बन रहा है। देश-दुनिया में बढ़ती मांग के बीच राजस्थान में मधुमक्खी पालन तेजी से विस्तार ले रहा है। इसी संभावना को देखते हुए सरकार भरतपुर और टोंक में 17.5 करोड़ रुपए की लागत से मधुमक्खी एक्सीलेंस सेंटर तैयार कर रही है। यहां युवाओं को प्रशिक्षण, कॉलोनी व बॉक्स निर्माण, शहद की एक्सपोर्ट क्वालिटी तैयार करने और गुणवत्ता जांच जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। राजस्थान में 2.52 लाख से ज्यादा मधुमक्खी कॉलोनियां पंजीकृत हैं। देशभर में 16 हजार 788 पालक और संस्थाएं पंजीकृत हैं, जबकि कॉलोनियों की संख्या 24,92,101 है। ऐसे में मधुमक्खी पालन का दायरा अब छत्ते और शहद के उत्पादन से आगे बढ़ रहा है।

    युवाओं को आवासीय प्रशिक्षण भी
    दोनों एक्सीलेंस सेंटर में पालन से जुड़ी तकनीकी जानकारी के साथ कॉलोनी और बॉक्स तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इच्छुक युवाओं के लिए आवासीय प्रशिक्षण की सुविधा भी होगी। तैयार शहद की प्रोसेसिंग और गुणवत्ता जांच की व्यवस्था भी यहीं होगी, ताकि उत्पाद घरेलू के साथ विदेशी बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके। अक्टूबर-नवंबर में कॉलोनी तैयार करने के अनुकूल मौसम को देखते हुए उद्यान विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग 5 हजार कॉलोनी बॉक्स के साथ किट भी वितरित करेगा।

    बढ़ता बाजार, राजस्थान के लिए अवसर
    देश में शहद उत्पादन 2014-15 के 80,530 मीट्रिक टन से बढ़कर 2025-26 में 1,51,690 मीट्रिक टन हो गया। इसी अवधि में निर्यात 29,600 मीट्रिक टन से बढ़कर 1,14,570.19 मीट्रिक टन पहुंच गया। भारत प्राकृतिक शहद के निर्यात में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है। राजस्थान में शुरुआत भरतपुर, कोटा और श्रीगंगानगर तक सीमित थी, लेकिन अब 25 जिलों में मधुमक्खी पालन हो रहा है। सरसों में फूल आने के समय मधुमक्खियां छोड़ने से उत्पादन 25 प्रतिशत तक बढ़ता है।

    एक नजर में राजस्थान
    पंजीकृत मधुमक्खी पालक/संस्थाएं – 1197
    पंजीकृत मधुमक्खी कॉलोनियां – 2,52,179
    देश में हिस्सेदारी – करीब 10 फीसदी
    स्वीकृत परियोजनाएं – 584

    राज्य के टॉप जिले
    जिला – कॉलोनियों की संख्या
    भरतपुर – 1,22,600
    अलवर – 35,740
    हनुमानगढ़ – 25,547
    गंगानगर – 11,577

    जहां फूल, वहीं मधुमक्खियों का डेरा
    मधुमक्खियां मौसम के साथ ठिकाना बदलती हैं। राजस्थान में पालक सालभर फूलों की उपलब्धता के अनुसार कॉलोनियां एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं। नवंबर से जनवरी तक सरसों के खेत इनका प्रमुख ठिकाना रहते हैं। फरवरी-मार्च में धनिया और जंगली बबूल के फूलों के बीच पहुंचती हैं। अप्रेल-मई में रंजका और बरसीम के खेतों में इनका डेरा रहता है। 15 मई से जून तक फर्रुखाबाद और कन्रोज क्षेत्रों में मक्का-बाजरा के फूलों के बीच कॉलोनियां पहुंचती हैं। जुलाई से सितंबर तक भरतपुर-करौली के आसपास तिल और बाजरा के फूलों पर मधुमक्खियां मंडराती हैं। अक्टूबर में इनका कारवां ग्वालियर-शिवपुरी क्षेत्र में अजवाइन के खेतों तक पहुंच जाता है। कुछ पालक उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक कॉलोनियां लेकर जाते हैं। अभी भी राज्य की मधुमक्खियां भ्रमण पर हैं।