Author: NewseDay

  • स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों ने

    स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों ने

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टर के स्टाइपेंड में वृद्धि किए जाने के निर्णय के लिए आज मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों की ओर से उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  राजेंद्र शुक्ल का आभार व्यक्त किया।इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधि डॉ. साकेत रायपुरिया एवं करण पटेल ने अपने डीन एवं सुपरिटेंडेंट सर के साथ उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के रीवा निवास पर पहुंचकर उनका धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।

    इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को गंभीरता से लेते हुए सरकार द्वारा सकारात्मक पहल किए जाने से प्रदेश के हजारों इंटर्न डॉक्टर को राहत मिली है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए सभी इंटर्न डॉक्टरों ने उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

    इस अवसर पर इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि सरकार द्वारा चिकित्सा विद्यार्थियों एवं युवा चिकित्सकों की समस्याओं को समझते हुए किए गए इस निर्णय से उनका मनोबल बढ़ा है। उन्होंने भविष्य में भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर इसी प्रकार के सहयोग एवं सकारात्मक संवाद की अपेक्षा व्यक्त की।

     

  • समग्र शिक्षा से निखरेगा विद्यार्थियों का व्यक्तित्व, सर्वांगीण विकास ही शिक्षा का ध्येय : मंत्री परमार

    समग्र शिक्षा से निखरेगा विद्यार्थियों का व्यक्तित्व, सर्वांगीण विकास ही शिक्षा का ध्येय : मंत्री परमार

    भोपाल 

    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को समझकर उसके व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है। जिस प्रकार परिवार में बच्चों के स्वभाव, रुचि, आदतों और व्यवहार को समझकर उनके साथ व्यवहार किया जाता है, उसी प्रकार प्राध्यापकों को भी विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता और आवश्यकताओं को समझते हुए शिक्षण करना चाहिए। विद्यार्थी को समग्रता से समझे बिना शिक्षा अपने व्यापक उद्देश्य को प्राप्त नहीं कर सकती। मंत्री  परमार रविवार को भोपाल स्थित राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (NITTTR) के सभागृह में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित “अनुभवात्मक अध्यापक विकास कार्यक्रम (पश्चिम क्षेत्र, भोपाल केंद्र)” के क्षेत्रीय प्रशिक्षण-सह-अभिमुखीकरण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

    मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लिए सामूहिक शक्ति और संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव के आधार पर शिक्षण-पद्धतियों का निरंतर विकास समय की आवश्यकता है। प्राध्यापक केवल विषय का ज्ञान प्रदान करने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यवहार, संवेदना, कौशल और जीवन-मूल्यों के विकास में सहभागी बनें। अनुभवात्मक शिक्षण विद्यार्थियों को ज्ञान को जीवन से जोड़ने और उसे व्यवहार में उतारने की क्षमता प्रदान करता है।

    मंत्री  परमार ने कहा कि “अनुभव से सीखना, विद्यार्थी को समझना और शिक्षा को जीवन से जोड़ना – यही ऐसी शिक्षा का आधार है, जो विद्यार्थी के ज्ञान के साथ उसके व्यवहार, संवेदना, कौशल और व्यक्तित्व का भी विकास करती है।” शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सीखने की जिज्ञासा, जीवन-मूल्यों और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है।

    भारतीय भाषाओं का ज्ञान बढ़ाएगा भाषाई अपनत्व और राष्ट्रीय एकात्मता

    मंत्री  परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश में अहिंदी भारतीय भाषाओं को क्रेडिट के साथ विद्यार्थियों को पढ़ाने की कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं की विविधता से परिचित कराने के साथ भाषाई एकात्मता को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि भाषाएँ केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि एक-दूसरे की संस्कृति, भावनाओं और समाज को समझने का सेतु भी हैं।

    मंत्री  परमार ने कहा कि जब मध्यप्रदेश का विद्यार्थी देश की अन्य भारतीय भाषाओं को सीखेगा और आगे शिक्षा, रोजगार या अन्य अवसरों के लिए किसी दूसरे प्रदेश में जाएगा, तो वहां की भाषा के कुछ शब्दों और अभिव्यक्तियों के माध्यम से संवाद में सहजता और अपनत्व का अनुभव होगा। यह अपनत्व केवल व्यक्तिगत संबंधों को मजबूत नहीं करेगा, बल्कि विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों और समाजों के बीच परस्पर समझ, आत्मीयता और राष्ट्रीय एकात्मता को भी सशक्त करेगा।

    मंत्री  परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती से देशभर में भाषाई एकात्मता का संदेश गुंजायमान होना चाहिए। भारतीय भाषाएँ समाज और राष्ट्र को जोड़ने का कार्य करती हैं, तोड़ने का नहीं। अलग-अलग भाषाओं को जानना भारत की विविधता को समझने और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत करने का माध्यम है।

    पंचकोशात्मक विकास और पंचपदी शिक्षण पद्धति पर प्रशिक्षण

    कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE), नई दिल्ली, अंतर-विश्वविद्यालय शिक्षक शिक्षा केंद्र (IUCTE), बीएचयू, वाराणसी तथा राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (NITTTR), भोपाल सह-संयोजक हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य पंचकोशात्मक विकास एवं पंचपदी शिक्षण पद्धति के माध्यम से प्राध्यापकों को अनुभव-आधारित एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण के लिए उन्मुख करना है।

    कार्यक्रम के प्रथम चरण में 20 सितंबर को चार सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों का अभिमुखीकरण किया जा रहा है। इसके पश्चात 21 से 24 सितंबर तक देशभर से आए प्रतिभागी मध्यप्रदेश में विद्या भारती द्वारा संचालित 31 विद्यालयों में रहकर पंचकोशात्मक शिक्षा एवं पंचपदी शिक्षण पद्धति का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण और अनुभव प्राप्त करेंगे।

    देशभर से आए शिक्षक-शिक्षाविद हुए शामिल

    कार्यक्रम में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय संगठन मंत्री के.एन. रघुनंदन, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिरंजन अकेला, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय संगठन मंत्री गोविंद महंत, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कान्हेरे एवं राष्ट्रीय महामंत्री देशराज शर्मा, NITTTR भोपाल के निदेशक प्रो. चंद्र चारु त्रिपाठी, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की दक्षिण क्षेत्रीय समिति की अध्यक्ष प्रो. मीना राजीव चंदावरकर एवं अंतर-विश्वविद्यालय शिक्षक शिक्षा केंद्र (IUCTE), वाराणसी से डॉ. राजा पाठक सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षक-शिक्षाविद एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षक-प्रशिक्षक उपस्थित थे।

     

  • Maharashtra Scooters के शेयरधारकों को ₹160 डिविडेंड का तोहफा, 21 सितंबर को एक्स-डिविडेंड डेट

    Maharashtra Scooters के शेयरधारकों को ₹160 डिविडेंड का तोहफा, 21 सितंबर को एक्स-डिविडेंड डेट

     नई  दिल्ली
    मोटा डिविडेंड की चाहत रखने वाले निवेशकों के लिए गुड न्यूज है। महाराष्ट्र स्कूटर लिमिटेड की तरफ से एक शेयर पर निवेशकों को 160 रुपये का डिविडेंड दिया जा रहा है। इस डिविडेंड के लिए तय रिकॉर्ड डेट भी इसी हफ्ते है। बता दें, शेयर बाजार में कंपनी इस साल दूसरी बार एक्स-डिविडेंड ट्रेड कर रही है।

    किस दिन है रिकॉर्ड डेट
    महाराष्ट्र स्कूटर्स लिमिटेड की तरफ से दी जानकारी के अनुसार शेयर बाजार में कंपनी की तरफ से हर एक शेयर पर 160 रुपये का डिविडेंड दिया जाएगा। इस डिविडेंड के लिए कंपनी ने कल यानी 21 सितंबर को रिकॉर्ड डेट घोषित किया है। यानी कल शेयर बाजार में कंपनी के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे।

    कंपनी के शेयर इसी साल जून के महीने में एक्स-डिविडेंड ट्रेड किए थे। तब कंपनी ने एक शेयर पर 60 रुपये का डिविडेंड दिया था।

    क्या कल शेयर खरीदने पर होगा डिविडेंड का फायदा?
    नहीं, डिविडेंड हो या फिर बोनस शेयर या स्टॉक स्प्लिट इस तरह के सभी मामलों में रिकॉर्ड डेट से एक कारोबारी दिन पहले ही शेयरों को खरीदना होता है। रिकॉर्ड डेट पर खरीदने पर इसका फायदा नहीं मिलता है।

    शेयरों का प्रदर्शन कैसा है?
    शुक्रवार को इस डिविडेंड देने जा रही कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली थी। कंपनी के शेयर 4 प्रतिशत की उछाल के साथ बंद हुए थे। मार्केट क्लोजिंग के वक्त महाराष्ट्र स्कूटर्स लिमिटेड के शेयरों का दाम बीएसई में 13788.75 रुपये के स्तर पर था। पिछले एक महीने में स्टॉक का दाम 3.86 प्रतिशत बढ़ा है। एक साल में स्टॉक की कीमतों में 22 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। इस दौरान सेंसेक्स इंडेक्स में 10.50 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। यानी स्टॉक का दाम इंडेक्स से भी नीचे गिरा है। बता दें, कंपनी के शेयरों का 52 वीक हाई 18400 रुपये और 52 वीक लो लेवल 10921 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 15701 करोड़ रुपये का है।

    भले ही निवेशकों के लिए यह साल कठिन रहा हो लेकिन इसके बाद भी दो साल में पोजीशनल निवेशकों को 15 प्रतिशत का फायदा हुआ है। 3 साल में स्टॉक की कीमतों में 81 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली है। बता दें, 5 साल में इस कंपनी ने शेयर बाजार में 209 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।

  • झूठ की गूंज में कांग्रेस के युवराज का आचरण नारी शक्ति का अपमान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    झूठ की गूंज में कांग्रेस के युवराज का आचरण नारी शक्ति का अपमान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

     ग्रेटर नोएडा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर निशाना साधा। राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्हें ‘कांग्रेस का युवराज’ बताते हुए कहा कि अपने झूठ की गूंज में उन्होंने जिस प्रकार का आचरण किया, वह पूरी नारी शक्ति का अपमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को ऐसे लोगों से उम्मीद करना छोड़ देना चाहिए। ये पथभ्रष्ट और मार्ग से भटके हुए लोग हैं, जिनका लक्ष्य समाज में भ्रम पैदा कर अव्यवस्था और अराजकता फैलाना है।
     
    ग्रेटर नोएडा में दो दिवसीय ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के वक्तव्य को दुर्भाग्यपूर्ण और डरावना बताया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति से पद की गरिमा के अनुरूप आचरण की अपेक्षा होती है। काश वह भारत की समदृष्टि को समझ पाते तो भारत, भारतीयता और हिंदू दृष्टि को नहीं कोसते। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण, युवाओं को रोजगार, स्टार्टअप और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि बीमारू कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस स्टेट और देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है।
     
    नारी सशक्तीकरण भाषण से नहीं, काम से होगा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी गरिमा की रक्षा और महिला सशक्तीकरण केवल भाषणों से नहीं होगा। सरकार ने योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता दी है। देश में तीन करोड़ परिवारों को घरौनी के माध्यम से मकान का मालिकाना अधिकार दिया गया, जिसमें पहला अधिकार महिलाओं का है। 12 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और 12 करोड़ घरों में शौचालय की सुविधा दी गई। यूपी में 54 हजार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी गांवों में बैंकिंग सेवाएं दे रही हैं।
     
    उन्होंने झांसी के बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर का उदाहरण देते हुए कहा कि 2019 में पांच महिलाओं से शुरू समूह से आज 62 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। इसका टर्नओवर 115 करोड़ रुपये है और प्रत्येक महिला आठ से 10 हजार रुपये महीने कमा रही है। आगरा, काशी, गोरखपुर और लखनऊ में भी मिल्क प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। इनसे करीब चार लाख महिलाएं जुड़ी हैं।
     
    महिला पुलिस 10 हजार से बढ़कर 44 हजार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में यूपी पुलिस में केवल 10 हजार महिलाएं थीं, जिनकी संख्या अब 44 हजार हो गई है। अगले तीन-चार महीने में यह आंकड़ा 50 हजार के पार होगा। प्रदेश में महिला वर्कफोर्स की भागीदारी भी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36-37 प्रतिशत हो गई है। डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप की नई योजना के तहत आठ हजार न्याय पंचायतों में से चार हजार में महिला उद्यमियों को जोड़कर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
     
    9.5 लाख सरकारी नौकरियां, सवा तीन करोड़ को एमएसएमई में काम
    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में सबसे बड़ी युवा शक्ति उत्तर प्रदेश के पास है और प्रदेश में 56 प्रतिशत युवा हैं। पिछले साढ़े नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में सवा तीन करोड़ युवा काम कर रहे हैं। बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के कारण प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इनमें 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतरा और इससे 65 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी मिली।
     
    अब यूपी को कोई बीमारू राज्य नहीं कहता
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट तीन गुना हुआ है। नौ-दस वर्ष पहले बीमारू कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश आज रेवेन्यू सरप्लस स्टेट और भारत का ग्रोथ इंजन है। अब प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है। यह बदलाव विरासत के सम्मान और अपराध व भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति से आया है।
     
    विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग पहले यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा करते थे, वे फिर दंगा, कर्फ्यू, समाज को बांटने, भेदभाव, अव्यवस्था और अराजकता का दौर लाना चाहते हैं।
     
    120 से कम थे स्टार्टअप, अब 24 हजार से अधिक
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले यूपी में 120 से भी कम स्टार्टअप थे, जबकि आज इनकी संख्या 24 हजार से अधिक है। इनमें करीब आधे महिलाओं द्वारा संचालित हैं। उन्होंने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर का उल्लेख करते हुए युवाओं से राष्ट्रीय नायकों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम है। देश सुरक्षित है तो धर्म, उपासना पद्धति, जाति, परिवार और व्यक्ति भी सुरक्षित हैं। नारी और युवा शक्ति का स्वावलंबन ही उत्तर प्रदेश और भारत के स्वावलंबन का आधार बनेगा।
     
    भूतकाल जानेंगे तभी भविष्य के सपने गढ़ेंगे
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने महर्षि अरविंद का उल्लेख करते हुए कहा कि जो समाज अपने भूतकाल के गौरव, वर्तमान की पीड़ा और भविष्य के सपनों को समझता है, वही उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ता है। आचार्य धर्मपाल की पुस्तक ‘द ब्यूटीफुल ट्री’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने देश, संस्कृति और उपलब्धियों को जानकर भविष्य के सपने गढ़ने चाहिए।
     
    2020 में शुरू हुई प्रेरणा विमर्श की यात्रा
    संसद टीवी के संपादक श्याम किशोर ने कहा कि कृपा शंकर के मार्गदर्शन में 2020 में प्रेरणा विमर्श की यात्रा शुरू हुई। इसके तहत स्मारिका, पुस्तकें और ‘केशव संवाद’ प्रकाशित होते हैं। विषय आधारित प्रदर्शनी भी इसका प्रमुख हिस्सा है। समाज और राष्ट्रहित में सकारात्मक पत्रकारिता करने वाली एक महिला को हर वर्ष सम्मानित किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रेरणा विमर्श-2026 का विषय ‘उत्कर्ष नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ है।
     
    दीप प्रज्ज्वलन से हुआ समापन समारोह का शुभारंभ
    मुख्यमंत्री योगी ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में ‘केशव संवाद’ और ‘प्रेरणा विचार’ की वैचारिक यात्रा पर वीडियो दिखाया गया और मुख्यमंत्री को दोनों पत्रिकाओं की प्रतियां सौंपी गईं। एक अन्य वीडियो में प्रदेश की नारी और युवा शक्ति की बदलती तस्वीर प्रस्तुत की गई।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, प्रेरणा विमर्श के कार्यकारी अध्यक्ष वीके गुप्ता, अध्यक्ष अनिल त्यागी, डॉ. मनमोहन सिंह सिसोदिया, प्रेरणा शोध संस्थान की अध्यक्ष प्रीति दादू, सचिव मोनिका चौहान, गौतम बुद्ध नगर के जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवक मौजूद रहे।

  • ‘यूपी का स्वाद’ से ‘यूपी की खाऊ गली’ तक, एक ही परिसर में मिलेगा प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद

    ‘यूपी का स्वाद’ से ‘यूपी की खाऊ गली’ तक, एक ही परिसर में मिलेगा प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद

    लखनऊ/ग्रेटर नोएडा
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में प्रदेश की औद्योगिक, कारोबारी और उद्यमशील ताकत के साथ ही उत्तर प्रदेश की समृद्ध खानपान परंपरा भी देश-दुनिया के सामने दिखाई देगी। ट्रेड शो के फूड कोर्ट में प्रदेश के अलग-अलग जनपदों और क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों को एक ही स्थान पर प्रस्तुत किया जाएगा। इसके माध्यम से आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों के विशिष्ट स्वाद का अनुभव एक ही परिसर में मिलेगा।

    ‘यूपी का स्वाद’ में दिखेगी प्रदेश की खानपान विरासत
    फूड कोर्ट में ‘यूपी का स्वाद’ के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध व्यंजनों को स्थान दिया गया है। यहां मोदीनगर की जैन शिकंजी, खुर्जा की खुरचन, मुरादाबाद की मुरादाबादी दाल और बिस्कुट रोटी, नोएडा की गुर्जरी थाली, लखनऊ के गलौटी कबाब, टुंडे कबाब और लखनवी बिरयानी तथा वाराणसी का बनारसी पान, टमाटर चाट और कुल्हड़ चाय उपलब्ध रहेगी। इसी क्रम में कानपुर की दही-जलेबी और समोसा चाट, आगरा का पेठा और बेढ़ई संग आलू सब्जी और दालमोट, मथुरा का पेड़ा, प्रयागराज की तहरी, लस्सी और चाट, गोरखपुर का ठेकुआ, बलिया की लिट्टी-चोखा, झांसी का पोहा और बालूशाही, बरेली की आलू टिक्की और सींक कबाब, मेरठ की रेवड़ी और गजक, अयोध्या की गुझिया तथा देसी घी की मिठाइयां, इटावा के मठा के आलू, मुजफ्फरनगर की गजक और गन्ने से जुड़े उत्पाद तथा बरेली की आलू टिक्की और सींक कबाब जैसे स्थानीय स्वाद भी आकर्षण का केंद्र होंगे।

    यूपी की खाऊ गली’ में दिखेगा क्षेत्रीय स्वाद
    ट्रेड शो में ‘यूपी की खाऊ गली’ भी विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। इसमें बनारस का स्वाद, कानपुर का स्वाद, इलाहाबाद का स्वाद, अवध के व्यंजन, जौनपुर का स्वाद, लखीमपुर का स्वाद, अलीगढ़ का स्वाद, आगरा का स्वाद, मुरादाबाद का स्वाद, खुर्जा का स्वाद, नोएडा का स्वाद, बरेली का स्वाद, गाजियाबाद का स्वाद, बलिया का स्वाद, गोरखपुर का स्वाद और गाजीपुर का स्वाद सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के खानपान को प्रस्तुत किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की विशिष्ट खानपान परंपराओं को एक बड़े मंच पर प्रदर्शित करने के साथ ही स्थानीय उत्पादों और उनसे जुड़े कारोबार को भी व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया गया है।

    ग्रामीण आजीविका से जुड़े उत्पादों को भी मिलेगा मंच
    फूड कोर्ट में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का विशेष फूड स्टॉल भी होगा। यहां ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार किए जाने वाले व्यंजनों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर आजीविका से जुड़े समूहों को अपने उत्पादों को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही फूड कोर्ट में विभिन्न लोकप्रिय खाद्य प्रतिष्ठानों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इनमें डोमिनोज, वॉव मोमोज, सबवे, वॉव चाइना, केवेंटर, चायोस, टैको बेल, केएफसी, बीकानेरवाला, कोक, बर्गर किंग, सीजन्स कैफे, डोसा किचन, बिटवीन द ब्रेड, बरिस्ता कॉफी, फैट रोल और फ्रूट जूस बार शामिल हैं।

    उद्योग और निवेश के साथ दिखेगी यूपी की सांस्कृतिक पहचान
    योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को निवेश, उद्योग और निर्यात के साथ-साथ अपनी स्थानीय पहचान को बड़े बाजार से जोड़ने की दिशा में भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो इसी व्यापक प्रयास का महत्वपूर्ण मंच है, जहां प्रदेश की औद्योगिक क्षमता के साथ स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, खानपान और उद्यमिता को भी प्रदर्शित किया जाता है। फूड कोर्ट में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के व्यंजनों को एक साथ प्रस्तुत किए जाने से उत्तर प्रदेश की विविधता में एकता और समृद्ध खानपान परंपरा भी सामने आएगी। देश-विदेश से आने वाले खरीदारों, निवेशकों, उद्यमियों और आगंतुकों के लिए यह प्रदेश की आर्थिक क्षमता के साथ उसकी सांस्कृतिक और स्थानीय पहचान से परिचित होने का अवसर भी बनेगा।

    स्थानीय स्वाद को वैश्विक मंच से जोड़ने की पहल
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में उद्योग, निवेश और कारोबार के साथ प्रदेश के स्थानीय स्वाद को शामिल करना ‘स्थानीय से वैश्विक’ की अवधारणा को विस्तार देता है। एक ही परिसर में पूर्वांचल, अवध, बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्वादों की मौजूदगी प्रदेश की खानपान विविधता को रेखांकित करेगी। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में जहां उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और कारोबारी क्षमता दुनिया के सामने प्रस्तुत होगी, वहीं ‘यूपी का स्वाद’ और ‘यूपी की खाऊ गली’ के माध्यम से प्रदेश की मिट्टी से जुड़े स्वाद और परंपराओं की खुशबू भी देश-दुनिया तक पहुंचेगी।

  • TMC में चुनावी साजिश के दावे से मचा घमासान, ऋतब्रत ने कहा- मेरे पास 14 नामों की सूची

    TMC में चुनावी साजिश के दावे से मचा घमासान, ऋतब्रत ने कहा- मेरे पास 14 नामों की सूची

    कोलकाता
     विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत तृणमूल कांग्रेस के 14 उम्मीदवारों को हराने की योजना पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर उनके कार्यालय कैमक स्ट्रीट से बनाई गई थी।

    एक समाचार पत्र को दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस संबंध में पर्याप्त साक्ष्य हैं और जरूरत पड़ने पर इसे अदालत में पेश किया जा सकता है। यह दावा हालिया मीडिया रिपोर्ट में भी प्रकाशित हुआ है।

    'ममता को हराकर संगठन पर कंट्रोल चाहते थे अभिषेक'
    ऋतब्रत का दावा है कि इसके तहत संबंधित क्षेत्रों में पार्टी एजेंटों को रोकने और महत्वपूर्ण कार्यकर्ताओं को निष्क्रिय करने जैसे कदम उठाए गए। ऋतब्रत के मुताबिक, उद्देश्य ममता बनर्जी को चुनाव में हराकर संगठन और सरकार पर नियंत्रण हासिल करना था।

    उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास कथित योजना में शामिल सभी 14 नामों की सूची है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में उन्होंने पूरी सूची सार्वजनिक नहीं की है। अभिषेक बनर्जी की ओर से इस विशेष दावे पर तत्काल प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।

    भवानीपुर में ममता की हार का भी जिक्र
    2026 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी भवानीपुर में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से हार गई थीं। चुनाव परिणाम के बाद ममता की ओर से मतदान प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगाए गए थे, जिनमें पार्टी एजेंटों को मतदान केंद्रों में प्रवेश नहीं देने का आरोप भी शामिल था।

    ऋतब्रत के मौजूदा दावे के बाद इन आरोपों और उनके बताए कथित घटनाक्रम के बीच संबंध को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच सीधे संबंध की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

  • सेवा संकल्प अभियान : पंजीयन शुल्क में मिली राहत बनी बेटी के भविष्य की बचत

    सेवा संकल्प अभियान : पंजीयन शुल्क में मिली राहत बनी बेटी के भविष्य की बचत

    रायपुर

    एक महिला के लिए अपने नाम संपत्ति होना आर्थिक सुरक्षा का आधार बना और पंजीयन शुल्क में मिली बचत ने उसकी बेटी के भविष्य के लिए एक नई उम्मीद जोड़ दी। बलौदाबाजार की मती पायल भट्टर के लिए संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान मिली 50 प्रतिशत की पंजीयन शुल्क छूट महज आर्थिक राहत नहीं रही, बल्कि यह उनकी बेटी के भविष्य के लिए बचत का अवसर बन गई। पंजीयन शुल्क में छूट से बचे 1 लाख 32 हजार रुपये उन्होंने अपनी बेटी के बचत खाते में जमा कर दिए हैं।

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजनाओं एवं नागरिक सुविधाओं के जमीनी प्रभाव को जाना जा रहा है। इसी संवाद के दौरान मती पायल भट्टर ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पंजीयन शुल्क में मिली राहत से संपत्ति खरीदने का खर्च कम हुआ और बची राशि को उन्होंने बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया।

    रजिस्ट्री में मिली राहत, बेटी के भविष्य के लिए बनी पूंजी

    मती पायल भट्टर ने बताया कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर मिलने वाली शुल्क छूट से उन्हें 1 लाख 32 हजार रुपये की बचत हुई। उन्होंने इस राशि को खर्च करने के बजाय अपनी बेटी के बचत खाते में जमा करने का निर्णय लिया, ताकि भविष्य में शिक्षा, जरूरत या किसी महत्वपूर्ण अवसर पर यह राशि उसके काम आ सके।

    उनके लिए यह केवल रजिस्ट्री के खर्च में हुई बचत नहीं, बल्कि बेटी के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने की एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण शुरुआत है। पायल भट्टर का अनुभव यह बताता है कि शासन की किसी नीति का लाभ जब परिवार की जरूरत और भविष्य की योजना से जुड़ता है, तो उसका प्रभाव कागजों और आंकड़ों से आगे बढ़कर सीधे परिवार के जीवन में दिखाई देता है।

    महिला के नाम संपत्ति, परिवार के भविष्य को भी मजबूती

    मती भट्टर ने महिलाओं के नाम संपत्ति को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीयन शुल्क में दी जा रही रियायत को परिवारों के लिए आर्थिक राहत देने वाला निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि अपने नाम संपत्ति होने से महिलाओं में आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना मजबूत होती है। पंजीयन शुल्क में बची राशि को बेटी के नाम सुरक्षित करना उनके लिए इस निर्णय का एक अतिरिक्त लाभ बन गया। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री  ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।

    महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत पंजीयन शुल्क की छूट

    राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के पक्ष में अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत दी जा रही है। इसके तहत पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है। इस पहल का उद्देश्य संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ उन्हें प्रत्यक्ष आर्थिक राहत उपलब्ध कराना है।

    सेवा संकल्प अभियान : नीति से लाभ तक, हितग्राहियों से सीधा संवाद

    प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप, वित्त एवं पंजीयन मंत्री  ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा सेवाओं को अधिक सरल, सुगम और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर यह जाना जा रहा है कि शासन की सुविधाओं और सुधारों का लाभ नागरिकों तक किस रूप में पहुंच रहा है। मती पायल भट्टर की कहानी इसी जमीनी बदलाव की एक मिसाल है, जहां पंजीयन शुल्क में मिली राहत ने संपत्ति स्वामित्व के साथ उनकी बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा की एक नई शुरुआत की है।

    पंजीयन शुल्क में मिली 1.32 लाख रुपये की बचत अब केवल एक आंकड़ा नहीं है। यह एक मां की अपनी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने की सोच, परिवार की आर्थिक योजना और शासन की नागरिक-केंद्रित पहल के प्रत्यक्ष प्रभाव की कहानी बन गई है।

  • CG Bus Strike: किराया बढ़ाने की मांग पर कल बसों का चक्का जाम, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

    CG Bus Strike: किराया बढ़ाने की मांग पर कल बसों का चक्का जाम, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

    राजनांदगांव.

    बस ऑपरेटरों ने 21 सितंबर से हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। ऐसे में यात्रियों की परेशानियां बढ़ सकती है हड़ताल के दौरान बसों के पहिए थमने से जिले के भीतर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।

    रोजाना बसों से सफर करने वाले यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्र से शहर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिले में भी बस आपरेटर संघ द्वारा शासन-प्रशासन पर दबाव बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बस किराया बढ़ाने की मांग को लेकर जिले के बस ऑपरेटरों ने शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी है। ऑपरेटरों का कहना है कि मौजूदा किराए में बसों का संचालन करना मुश्किल हो रहा है।

    डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, परमिट, टैक्स, कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि लंबे समय से यात्री किराए में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। राजनांदगांव जिला मुख्यालय के दो बस स्टैंड से विभिन्न क्षेत्रों में 300 से अधिक वर्षों का संचालन होता है। बस ऑपरेटरों ने शासन से यात्री किराए में बढ़ोतरी करने की मांग की है। उनका कहना है कि बढ़ती परिचालन लागत के बीच वर्तमान किराया व्यवस्था में बस संचालन आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। मांग पर जल्द निर्णय नहीं होने की स्थिति में बस संचालकों ने आंदोलन का ऐलान किया है। लंबे समय से किराया बढ़ाने जाने की तैयारी की जा रही है।

  • भगवान लिंगराज की पावन भूमि पर आकर होती है अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति : मुख्यमंत्री  साय

    भगवान लिंगराज की पावन भूमि पर आकर होती है अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति : मुख्यमंत्री साय

    रायपुर

     मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज भुवनेश्वर प्रवास के दौरान प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से भगवान लिंगराज की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान लिंगराज के दर्शन और उनकी पावन भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मंदिर परिसर की दिव्यता और आध्यात्मिक वातावरण मन को असीम शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। उन्होंने भगवान लिंगराज से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

    मुख्यमंत्री  साय ने लिंगराज मंदिर की भव्य स्थापत्य कला का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्राचीन मंदिर केवल आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और अद्भुत शिल्प परंपरा के जीवंत प्रतीक भी हैं। लिंगराज मंदिर की भव्यता और उत्कृष्ट वास्तुकला हमारी सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत का सुंदर दर्शन कराती है।

    उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ भौगोलिक रूप से पड़ोसी होने के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों की लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत में अनेक समानताएं देखने को मिलती हैं। ऐसी यात्राएं हमारी साझा सांस्कृतिक चेतना और आत्मीय संबंधों को और प्रगाढ़ करती हैं।

  • उपद्रव मामले में बालाघाट पुलिस का एक्शन, पूर्व सांसद समेत 63 लोगों पर FIR

    उपद्रव मामले में बालाघाट पुलिस का एक्शन, पूर्व सांसद समेत 63 लोगों पर FIR

    बालाघाट.

    पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे समेत 63 लोगों को नामजद किया है। बालाघाट के किरनापुर थाने में 15 सितंबर को हुए पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे समेत 63 लोगों को नामजद किया है।

    एफआईआर में 100 से 200 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में 24 आरोपियों की गिरफ्तारी की है।

    थाने में घुसने और पथराव का आरोप
    एफआईआर के मुताबिक, 15 सितंबर को मरार माली समाज की रैली किरनापुर थाने के सामने पहुंची थी। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस का आरोप है कि भीड़ उत्तेजित हो गई और थाने के गेट को धकेलते हुए अंदर घुसने का प्रयास किया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग थाने के भीतर पहुंच गए और पुलिस को रोकने पर ईंट-पत्थर, डंडे और रॉड से पथराव किया गया। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए और थाने के भवन को भी नुकसान पहुंचा। मरार माली समाज अध्यक्ष रमेश पंचे पर भी एफआईआर दर्ज की गई है।

    हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में केस
    आरक्षक रवि जाटव की शिकायत पर पुलिस ने गैरकानूनी सभा, दंगा, लोकसेवक पर हमला, मारपीट और हत्या के प्रयास समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। एससी-एसटी एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। एफआईआर में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे, मरार माली समाज अध्यक्ष रमेश पंचे और सरपंच प्रकाश बाहे समेत 63 लोगों के नाम शामिल हैं।

    सीसीटीवी से हुई आरोपियों की पहचान
    पुलिस ने घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से आरोपियों की पहचान की। पुलिस के मुताबिक, अब तक 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से सात आरोपियों को 20 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

    महिला से कथित मारपीट के विरोध में हुआ था प्रदर्शन
    15 सितंबर को टिमकीटोला निवासी महिला के साथ थाने में कथित मारपीट के विरोध में मरार माली समाज ने आंदोलन किया था। पुलिस के अनुसार, इसमें करीब 5 हजार लोग शामिल हुए थे। रैली के दौरान थाने पर पथराव और तोड़फोड़ की घटना हुई थी।

    शराब और पैसे बांटने के पुलिस के दावे की भी जांच
    पुलिस ने घटना के बाद दावा किया था कि उपद्रव में शामिल लोगों को थाने में मुफ्त शराब बांटी गई और पैसे दिए गए थे। यह पुलिस का दावा है और मामले की जांच के दौरान इसकी भी पड़ताल की जा रही है। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने घटना के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में 1975 के बालाघाट थाना कांड का जिक्र किया था, जिसमें उनका नाम भी आया था। अब किरनापुर थाना मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।