Author: NewseDay

  • राधा अष्टमी के उपलक्ष्य में किया मादा चीता का नामकरण राधा

    राधा अष्टमी के उपलक्ष्य में किया मादा चीता का नामकरण राधा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को नीमच-मंदसौर जिले के गांधी सागर वन्य अभयारण्य में मादा चीता राधा को छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा राधा अष्टमी के उपलक्ष्य में मादा चीता का नामकरण राधा किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रारंभ हुआ चीता प्रोजेक्ट सफलता के नये मानदण्ड स्थापित कर रहा है। वहीं मध्यप्रदेश में विलुप्त हो चुके वन जीवों को पुर्नस्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। गत वर्ष छोड़े गये चीतें पूरी तरह स्वस्थ है।

    गांधी सागर अभयारण्य में एक और चीते का छोड़ जाना मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मादा चीता राधा के गांधी सागर पहुंचने के बाद यहां चीतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। अभयारण्य में पहले से दो नर चीते प्रभास और पावक तथा एक मादा चीता धीरा मौजूद हैं। अब गांधी सागर में दो नर और दो मादा चीते हो गए हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है, प्रदेश में चीतों की बढ़ती हुई संख्या इसका प्रमाण है। हमारा सौभाग्य है मध्यप्रदेश वन्यजीवों की विविधता से भरपूर है। हमारा प्रदेश चीता स्टेट के साथ टाइगर स्टेट, घड़ियाल स्टेट और गिद्ध स्टेट के रूप में भी जाना जाने लगा है। असम से जंगली भैंसे भी लाएं गए हैं और प्रदेश में गजराज की संख्या भी लगभग 100 हो गई है। गांधी सागर अभयारण्य में छोड़े गए चीतों से वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय नागरिकों के लिये रोजगार एवं आजीविका के लिये नये अवसर सृजित होंगे।

    गांधी सागर अभयारण्य में चीता संरक्षण का दायरा और बढ़ाया गया है, मादा चीता राधा को गांधी सागर में बसाया जाना मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता को कूनो से आगे विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गांधी सागर को चीतों के लिए दूसरे प्रमुख आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां चीतों के स्वास्थ्य, व्यवहार और नये वातावरण में उनके अनुकूलन की लगातार निगरानी वन विभाग की टीम द्वारा की जाएगी। नई मादा चीता के आने से गांधी सागर में चीतों के संरक्षण और भविष्य में चीता प्रजनन की संभावनाओं को और भी तेजी से बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग द्वारा प्रकाशित "सेकंड होम ऑफ "चीता गांधी सागर वाइल्डलाइफ सेंचुरी" बुकलेट का भी विमोचन किया।

    चीता पुनर्स्थापना के चार वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित इस कार्यक्रम में गरोठ विधायक  चन्दर सिंह सिसोदिया, मनासा विधायक  अनिरुद्ध माधव मारू और मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव डॉ. समिता राजौरा भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश का चीता प्रोजेक्ट एशिया का पहला प्रोजेक्ट है। एशिया से चीते गायब हो गए थे, प्रधानमंत्री  मोदी के आशीर्वाद से राज्य सरकार ने संकल्प लिया और चीतों के पुनर्वास का अभियान शुरू किया। प्रदेश में चीतों की संख्या अब लगातार बढ़ती जा रही है। जहां सैकड़ों साल पहले चीतें विलुप्त हो गए थे, वहीं अब वे स्थानीय वातावरण में खेलते-कूदते दिखाई दे रहे हैं। यह वन्य जीवों के प्रति जीयों और जीने दो के सिद्धांत के आधार पर प्राप्त उपलब्धि का प्रतीक है। हमारे जंगल आबाद हो रहे हैं यह हम सब के लिए सौभाग्य का विषय है।

     

  • पंजाब में भाजपा की नशा मुक्ति यात्रा, अर्जुन राम मेघवाल बोले- युवाओं को नशे के दलदल से निकालना लक्ष्य

    पंजाब में भाजपा की नशा मुक्ति यात्रा, अर्जुन राम मेघवाल बोले- युवाओं को नशे के दलदल से निकालना लक्ष्य

    फाजिल्का.

    पंजाब को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाई जा रही मुहिम के तहत आज तीसरी 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का भव्य आगाज फाजिल्का से हुआ।

    इस सामाजिक जागरूकता यात्रा के शुभारंभ के लिए विशेष रूप से पहुंचे केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयघोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा किसी प्रकार का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि समाज सुधार से जुड़ा एक बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण अभियान है। मुख्य कार्यक्रम से पूर्व केंद्रीय मंत्री आसफवाला स्थित ऐतिहासिक 1971 युद्ध स्मारक पहुंचे।

    वहां उन्होंने देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और नमन किया। इसके बाद उन्होंने वार मेमोरियल में दर्ज 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीर जवानों के अदम्य साहस, वीरता और शहादत की अमर गाथा के बारे में विस्तृत जानकारी ली।

  • यूपी नीट यूजी-2026: दूसरे चरण की काउंसलिंग का संशोधित कार्यक्रम जारी, 21 सितंबर से च्वाइस फिलिंग

    यूपी नीट यूजी-2026: दूसरे चरण की काउंसलिंग का संशोधित कार्यक्रम जारी, 21 सितंबर से च्वाइस फिलिंग

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और मेडिकल शिक्षा में प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित करने की दिशा में यूपी नीट यूजी-2026 की दूसरे चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्य के राजकीय एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों तथा चिकित्सा विश्वविद्यालयों में संचालित एमबीबीएस/बीडीएस पाठ्यक्रम की स्टेट कोटे की सीटों पर प्रवेश के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार आगे बढ़ेगी। आधिकारिक यूपी नीट पोर्टल पर भी दूसरे चरण की काउंसलिंग से संबंधित अधिसूचना उपलब्ध है। 

    संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दूसरे चरण की मेरिट सूची 21 सितंबर, 2026 को जारी होगी। इसके बाद अभ्यर्थी 21 सितंबर को अपराह्न 2 बजे से 24 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे तक ऑनलाइन च्वाइस फिलिंग कर सकेंगे। सीट आवंटन परिणाम 25 सितंबर को जारी किया जाएगा। सीट आवंटित होने वाले अभ्यर्थी 26 सितंबर से 1 अक्टूबर, 2026 तक आवंटन पत्र डाउनलोड कर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। महानिदेशालय ने स्पष्ट किया है कि दूसरे चरण में सीटों का आवंटन दूसरे चरण की मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। काउंसलिंग के लिए पहले से निर्धारित नियम एवं शर्तें लागू रहेंगी।

    पहले चरण में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को राहत

    शासन के दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि प्रथम चरण की काउंसलिंग के माध्यम से सरकारी एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों/चिकित्सा विश्वविद्यालयों में जिन अभ्यर्थियों ने प्रवेश ले लिया है, उनका प्रवेश यथावत रहेगा। इससे प्रथम चरण में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 4 राजकीय मेडिकल कॉलेजों में विशेष आरक्षण व्यवस्था से संबंधित मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरणों को ध्यान में रखते हुए संबंधित निर्णयों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों से नीट यूजी-2026 काउंसलिंग से जुड़ी अद्यतन जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट upneet.gov.in और dgme.up.gov.in को नियमित रूप से देखने की अपील की है।

    योगी सरकार में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को मिला व्यापक आधार

    योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे और मेडिकल कॉलेजों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। वर्तमान यूपी नीट यूजी-2026 काउंसलिंग पोर्टल पर प्रदेश के अनेक राजकीय एवं निजी मेडिकल संस्थान सूचीबद्ध हैं। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य न्यायालयीन निर्देशों, शासन के निर्णयों और निर्धारित आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप काउंसलिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। 

    हेल्पलाइन से मिलेगी जानकारी
    हेल्पलाइन: 8189011696, 8189011697, 8189011698, 8189011699, 8189011700
    समय: प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक।

  • सम्राट चौधरी ने गिनाईं बिहार की विकास योजनाएं, शिक्षा से संस्कृति तक का विजन किया साझा

    सम्राट चौधरी ने गिनाईं बिहार की विकास योजनाएं, शिक्षा से संस्कृति तक का विजन किया साझा

    पटना
    राजधानी के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार की परिकल्पना की है। बिहार को आगे बढ़ाने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है।

    समारोह में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, मंत्री शीला मंडल समेत अन्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने लव-कुश समाज की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख क‍िया।

    लव-कुश की कथा का दिया उदाहरण
    मुख्यमंत्री ने लव-कुश की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि जब माता सीता के त्याग को लेकर स्थिति बनी, तब लव-कुश ने अपनी मां के सम्मान के लिए भगवान श्रीराम के समक्ष भी खड़े होने का साहस दिखाया।

    जब माता सीता को लगा कि पिता और पुत्र के बीच युद्ध नहीं होना चाहिए तो उन्होंने स्वयं हस्तक्षेप कर युद्ध रोक दिया।उन्होंने कहा कि हम उस परंपरा के वंशज हैं, जहां मर्यादा की स्थापना के लिए भगवान श्रीराम ने 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया।

    लव-कुश समाज 1994 में भी एकजुट था और 2026 में भी एक है। समाज किसी के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य न्याय के साथ आगे बढ़ना और गौरवशाली इतिहास को कायम रखना है।

    2005 के बाद बिहार में बदली विकास की दिशा
    सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को विकास का रास्ता दिखाया। उनके अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में बदलाव आया है।

    अपने राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 1999 में पहली बार सरकार में आने के समय बिहार के बजट की स्थिति को उन्होंने करीब से देखा था।

    तब राज्य का बजट करीब छह हजार करोड़ रुपये था, जिसमें लगभग दो हजार करोड़ रुपये रायल्टी के रूप में चले जाते थे।

    उन्होंने बिहार-झारखंड विभाजन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय बिहार के बंटवारे को लेकर सभी की आंखों में आंसू थे।

    उन्होंने दावा किया कि बिहार की आय का बड़ा हिस्सा झारखंड क्षेत्र से आता था। 2005 के बाद स्थिति बदली और वर्ष 2024 में बिहार का बजट 3.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

    शिक्षा में बदलाव का किया उल्लेख
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एक साथ 211 डिग्री कालेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई। मॉडल स्कूल बनाए गए, जिनमें करीब साढ़े तीन लाख बच्चे पढ़ रहे हैं।

    अब स्‍कूल से ही मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के तरीके में भी बदलाव आया है।

    पहले सुबह चार बजे उठकर पढ़ने की बात कही जाती थी, लेकिन अब बच्चे रात में पढ़ना चाहते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए 75 हजार शिक्षकों को एप से जोड़ा गया।

    उन्होंने दावा किया कि रात एक बजे भी एक साथ करीब 1.42 लाख बच्चों को शिक्षकों की सुविधा उपलब्ध कराने में सफलता मिली है।

    बिहार की विरासत को दुनिया तक पहुंचाने पर जोर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने पर भी काम हो रहा है। उन्होंने सम्राट अशोक का उल्लेख करते हुए कहा कि पाटलिपुत्र की धरती से उन्होंने दुनिया को संदेश दिया। बाद में भगवान बुद्ध की शरण में जाने के बाद बौद्ध धर्म के प्रसार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    उन्होंने कहा कि बिहार की संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करते हुए आगे बढ़ाना है। इसी क्रम में लव-कुश से जुड़ी मान्यताओं वाले स्थलों के विकास की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

    60 करोड़ से बनेगा लव-कुश पार्क
    सम्राट चौधरी ने कहा कि वाल्मीकिनगर से जुड़ी लव-कुश की विरासत को विकसित करने के लिए नीतीश कुमार की सहमति से 60 करोड़ रुपये की लागत से भव्य लव-कुश पार्क बनाने का काम शुरू किया गया है।

    उन्होंने कहा कि माता सीता की जन्मभूमि से जुड़ी विरासत को भी विकसित किया जा रहा है। उनके अनुसार अमित शाह और नीतीश कुमार ने 2025 में करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत से भव्य सीता मंदिर का शिलान्यास किया। उन्होंने दावा किया कि 31 दिसंबर 2028 से पहले सीता मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा।

    एकता को बताया विकास की ताकत
    मुख्यमंत्री ने गठबंधन की राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि साथ रहने का अलग प्रभाव होता है। उन्होंने कहा कि 2010 में साथ रहने पर 206 सीटें मिली थीं, जबकि 2020 में अलग होने पर यह संख्या 127 रह गई। इसके बाद 2025 में यह आंकड़ा 200 के पार पहुंचा।

    उन्होंने कहा कि बिहार की समृद्धि के लिए सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास किया जाएगा। पांचों उंगलियां बराबर नहीं होतीं, लेकिन मिलकर मुट्ठी बनाती हैं तो वह एकता का प्रतीक बन जाती है। इसी तरह सभी को मिलकर बिहार के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने बिहार के मुखिया के रूप में आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य की समृद्धि और विकास के लिए सरकार लगातार काम करती रहेगी।

  • आरक्षण की चोरी करने वाले आज ज्ञान दे रहे हैं, अंबेडकर को अपमानित करने वाले आज सम्मान की बात करते हैं: अनिल राजभर

    आरक्षण की चोरी करने वाले आज ज्ञान दे रहे हैं, अंबेडकर को अपमानित करने वाले आज सम्मान की बात करते हैं: अनिल राजभर

    लखनऊ

    समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरक्षण, दलित समाज और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को लेकर भाजपा सरकार पर लगे आरोपों का उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने तीखा जवाब दिया है। एएनआई से बातचीत में राजभर ने कहा कि सपा के मुखिया प्रदेश की राजधानी में बैठकर प्रतिदिन प्रदेश और सम्मानित जनता को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। उनके पास जनता के बीच जाने का समय नहीं है, जनता के बीच जाएंगे भी नहीं।

    राजभर ने कहा कि आज सपा आरक्षण की बात कर रही है, जबकि उनकी चार सरकारों में पिछड़ों और दलितों के आरक्षण की जितनी डकैती हुई, उतनी शायद ही कभी हुई हो। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण की चोरी करने वाले आज आरक्षण पर ज्ञान दे रहे हैं। सपा ने सारे पिछड़ों और अति पिछड़ों का आरक्षण चुराया। जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, तब-तब आरक्षण की मलाई एक जाति विशेष के लोगों को दी गई। पूरी मलाई खाकर आज ये आरक्षण और बाबा साहब की बात कर रहे हैं।

    आजम खान पर अनिल राजभर का हमला 

    उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 का दौर याद करना चाहिए। यह साजिश है। समाजवादी पार्टी गुंडों को आगे करके समाज में वैमनस्यता पैदा करने की कोशिश कर रही है। राजभर ने कहा कि अब इसकी भी जांच होगी कि समाजवादी पार्टी के किस गुंडे ने कहां मूर्ति खंडित की। उन्होंने सपा से अपने गिरेबान में झांकने को कहा और आरोप लगाया कि 2012 से 2017 के बीच सपा के संरक्षण में बाबा साहब की मूर्तियों को खंडित करने का काम हुआ।

    दोहरे चरित्र के लोग हैं सपाई

    मंत्री ने सवाल किया कि बाबा साहब को भूमाफिया किसने बताया? उन्होंने कहा कि सपा के तत्कालीन मंत्री आजम खान ने बाबा साहब को प्रदेश का सबसे बड़ा भूमाफिया बताया था। जहां बाबा साहब की मूर्तियां लगी हैं और उनके नाम के पार्क बने हैं, वहां यह कहा गया मानो दलित समाज ने उन पर कब्जा कर लिया हो और बाबा साहब सबसे बड़े भूमाफिया हों। राजभर ने कहा कि आज इन्हीं लोगों को बाबा साहब और दलित समाज याद आ रहे हैं। ये दोहरे चरित्र के लोग हैं। आरक्षण की चोरी करने वाले आज आरक्षण पर ज्ञान दे रहे हैं और बाबा साहब को अपमानित करने वाले आज उनके सम्मान की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा और उसके नेता जनता को कितना नासमझ समझते हैं, यह उनके बयानों और प्रेस कॉन्फ्रेंस से निकलकर आता है।

    प्रतिदिन बदल रहे पीडीए का परिभाषा

    राजभर ने कहा कि चिंता न करें, समाज गुमराह होने वाला नहीं है। प्रदेश उनके असली चेहरे को अच्छी तरह जानता है। पीडीए में दलित का ‘डी’ है, कल क्या कहेंगे पता नहीं। अखिलेश पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इतना कन्फ्यूज नेता तो हम लोगों ने देखा ही नहीं। प्रतिदिन पीडीए की परिभाषा बदल रहे हैं। जनता सब कुछ देख और समझ रही है। समाजवादी पार्टी की दाल नहीं गलने वाली, निश्चिंत रहें।

  • नारायणपुर में शिक्षा से बदल रही तस्वीर, श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिल रहा बेहतर भविष्य का अवसर

    नारायणपुर में शिक्षा से बदल रही तस्वीर, श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिल रहा बेहतर भविष्य का अवसर

    ​रायपुर

     छत्तीसगढ़ सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना नारायणपुर जिले के श्रमिक परिवारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की एक नई और मजबूत राह तैयार कर रही है। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के कारण जिन प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना श्रमिक परिवारों के लिए केवल एक अधूरा सपना हुआ करता था, आज इस योजना की बदौलत उन्हीं संस्थानों के दरवाजे उनके मेधावी बच्चों के लिए पूरी तरह खुल गए हैं। जिले के पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा प्रदान कर यह योजना उनके सपनों को पंख लगा रही है।     

    ​जिले के ग्राम खरगांव में राजमिस्त्री का कार्य करने वाले रामधर दुग्गा के पुत्र साहिल दुग्गा का चयन जब राज्य के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार 'राजकुमार कॉलेज, रायपुर' में हुआ, तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रामधर भावुक होकर कहते हैं कि एक श्रमिक परिवार के लिए ऐसे बड़े विद्यालय में बच्चे को पढ़ाने की कल्पना करना भी आसान नहीं होता, लेकिन सरकार की इस पहल ने उनके बेटे की राह बेहद आसान कर दी है। 

     ​इसी तरह नारायणपुर के जगदीश मंदिर वार्ड की रहने वाली डिगेश्वरी जैन, जो स्वयं रेजा-कुली का कठिन काम करती हैं, अपनी पुत्री तेजल जैन के इस बड़े अवसर को लेकर बेहद उत्साहित हैं। तेजल का चयन 'दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), राजनांदगांव' में निःशुल्क अध्ययन के लिए हुआ है। वहीं ओरछा तहसील के सुदूर ग्राम कुतुल की रेजा-कुली गणेशिया उसेंडी की बेटी दिप्ती उसेंडी और ग्राम बाकुलवाही के दयाल सिंह पात्र की पुत्री पूर्वी पात्र का चयन 'संस्कार द गुरुकुल, बस्तर' में हुआ है। ग्राम बोरण्ड निवासी बेनु राम राना के पुत्र हिमांशु राना को भी 'कृष्णा एजुकेशन सोसायटी, भिलाई' में रहकर पढ़ने का बेहतरीन मौका मिला है।

    यह योजना केवल निःशुल्क शिक्षा का जरिया मात्र नहीं है, बल्कि दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों के भीतर आत्मविश्वास का नया संचार कर उनके करियर को संवारने की एक मजबूत नींव साबित हो रही है। एक समृद्ध और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण पाकर बच्चे न केवल अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे, बल्कि भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए भी तैयार हो सकेंगे। इस सुखद बदलाव से गदगद हितग्राही परिवारों ने श्रम विभाग के प्रति आभार जताते हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन का सहृदय धन्यवाद व्यक्त किया है, जिनकी दूरगामी सोच से आज गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य संवर रहा है।

  • स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों ने

    स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों ने

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टर के स्टाइपेंड में वृद्धि किए जाने के निर्णय के लिए आज मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों की ओर से उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  राजेंद्र शुक्ल का आभार व्यक्त किया।इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधि डॉ. साकेत रायपुरिया एवं करण पटेल ने अपने डीन एवं सुपरिटेंडेंट सर के साथ उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के रीवा निवास पर पहुंचकर उनका धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।

    इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को गंभीरता से लेते हुए सरकार द्वारा सकारात्मक पहल किए जाने से प्रदेश के हजारों इंटर्न डॉक्टर को राहत मिली है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए सभी इंटर्न डॉक्टरों ने उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

    इस अवसर पर इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि सरकार द्वारा चिकित्सा विद्यार्थियों एवं युवा चिकित्सकों की समस्याओं को समझते हुए किए गए इस निर्णय से उनका मनोबल बढ़ा है। उन्होंने भविष्य में भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर इसी प्रकार के सहयोग एवं सकारात्मक संवाद की अपेक्षा व्यक्त की।

     

  • समग्र शिक्षा से निखरेगा विद्यार्थियों का व्यक्तित्व, सर्वांगीण विकास ही शिक्षा का ध्येय : मंत्री परमार

    समग्र शिक्षा से निखरेगा विद्यार्थियों का व्यक्तित्व, सर्वांगीण विकास ही शिक्षा का ध्येय : मंत्री परमार

    भोपाल 

    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को समझकर उसके व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है। जिस प्रकार परिवार में बच्चों के स्वभाव, रुचि, आदतों और व्यवहार को समझकर उनके साथ व्यवहार किया जाता है, उसी प्रकार प्राध्यापकों को भी विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता और आवश्यकताओं को समझते हुए शिक्षण करना चाहिए। विद्यार्थी को समग्रता से समझे बिना शिक्षा अपने व्यापक उद्देश्य को प्राप्त नहीं कर सकती। मंत्री  परमार रविवार को भोपाल स्थित राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (NITTTR) के सभागृह में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित “अनुभवात्मक अध्यापक विकास कार्यक्रम (पश्चिम क्षेत्र, भोपाल केंद्र)” के क्षेत्रीय प्रशिक्षण-सह-अभिमुखीकरण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

    मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लिए सामूहिक शक्ति और संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव के आधार पर शिक्षण-पद्धतियों का निरंतर विकास समय की आवश्यकता है। प्राध्यापक केवल विषय का ज्ञान प्रदान करने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यवहार, संवेदना, कौशल और जीवन-मूल्यों के विकास में सहभागी बनें। अनुभवात्मक शिक्षण विद्यार्थियों को ज्ञान को जीवन से जोड़ने और उसे व्यवहार में उतारने की क्षमता प्रदान करता है।

    मंत्री  परमार ने कहा कि “अनुभव से सीखना, विद्यार्थी को समझना और शिक्षा को जीवन से जोड़ना – यही ऐसी शिक्षा का आधार है, जो विद्यार्थी के ज्ञान के साथ उसके व्यवहार, संवेदना, कौशल और व्यक्तित्व का भी विकास करती है।” शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सीखने की जिज्ञासा, जीवन-मूल्यों और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है।

    भारतीय भाषाओं का ज्ञान बढ़ाएगा भाषाई अपनत्व और राष्ट्रीय एकात्मता

    मंत्री  परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश में अहिंदी भारतीय भाषाओं को क्रेडिट के साथ विद्यार्थियों को पढ़ाने की कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं की विविधता से परिचित कराने के साथ भाषाई एकात्मता को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि भाषाएँ केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि एक-दूसरे की संस्कृति, भावनाओं और समाज को समझने का सेतु भी हैं।

    मंत्री  परमार ने कहा कि जब मध्यप्रदेश का विद्यार्थी देश की अन्य भारतीय भाषाओं को सीखेगा और आगे शिक्षा, रोजगार या अन्य अवसरों के लिए किसी दूसरे प्रदेश में जाएगा, तो वहां की भाषा के कुछ शब्दों और अभिव्यक्तियों के माध्यम से संवाद में सहजता और अपनत्व का अनुभव होगा। यह अपनत्व केवल व्यक्तिगत संबंधों को मजबूत नहीं करेगा, बल्कि विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों और समाजों के बीच परस्पर समझ, आत्मीयता और राष्ट्रीय एकात्मता को भी सशक्त करेगा।

    मंत्री  परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती से देशभर में भाषाई एकात्मता का संदेश गुंजायमान होना चाहिए। भारतीय भाषाएँ समाज और राष्ट्र को जोड़ने का कार्य करती हैं, तोड़ने का नहीं। अलग-अलग भाषाओं को जानना भारत की विविधता को समझने और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत करने का माध्यम है।

    पंचकोशात्मक विकास और पंचपदी शिक्षण पद्धति पर प्रशिक्षण

    कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE), नई दिल्ली, अंतर-विश्वविद्यालय शिक्षक शिक्षा केंद्र (IUCTE), बीएचयू, वाराणसी तथा राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (NITTTR), भोपाल सह-संयोजक हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य पंचकोशात्मक विकास एवं पंचपदी शिक्षण पद्धति के माध्यम से प्राध्यापकों को अनुभव-आधारित एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण के लिए उन्मुख करना है।

    कार्यक्रम के प्रथम चरण में 20 सितंबर को चार सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों का अभिमुखीकरण किया जा रहा है। इसके पश्चात 21 से 24 सितंबर तक देशभर से आए प्रतिभागी मध्यप्रदेश में विद्या भारती द्वारा संचालित 31 विद्यालयों में रहकर पंचकोशात्मक शिक्षा एवं पंचपदी शिक्षण पद्धति का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण और अनुभव प्राप्त करेंगे।

    देशभर से आए शिक्षक-शिक्षाविद हुए शामिल

    कार्यक्रम में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय संगठन मंत्री के.एन. रघुनंदन, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिरंजन अकेला, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय संगठन मंत्री गोविंद महंत, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कान्हेरे एवं राष्ट्रीय महामंत्री देशराज शर्मा, NITTTR भोपाल के निदेशक प्रो. चंद्र चारु त्रिपाठी, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की दक्षिण क्षेत्रीय समिति की अध्यक्ष प्रो. मीना राजीव चंदावरकर एवं अंतर-विश्वविद्यालय शिक्षक शिक्षा केंद्र (IUCTE), वाराणसी से डॉ. राजा पाठक सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षक-शिक्षाविद एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षक-प्रशिक्षक उपस्थित थे।

     

  • Maharashtra Scooters के शेयरधारकों को ₹160 डिविडेंड का तोहफा, 21 सितंबर को एक्स-डिविडेंड डेट

    Maharashtra Scooters के शेयरधारकों को ₹160 डिविडेंड का तोहफा, 21 सितंबर को एक्स-डिविडेंड डेट

     नई  दिल्ली
    मोटा डिविडेंड की चाहत रखने वाले निवेशकों के लिए गुड न्यूज है। महाराष्ट्र स्कूटर लिमिटेड की तरफ से एक शेयर पर निवेशकों को 160 रुपये का डिविडेंड दिया जा रहा है। इस डिविडेंड के लिए तय रिकॉर्ड डेट भी इसी हफ्ते है। बता दें, शेयर बाजार में कंपनी इस साल दूसरी बार एक्स-डिविडेंड ट्रेड कर रही है।

    किस दिन है रिकॉर्ड डेट
    महाराष्ट्र स्कूटर्स लिमिटेड की तरफ से दी जानकारी के अनुसार शेयर बाजार में कंपनी की तरफ से हर एक शेयर पर 160 रुपये का डिविडेंड दिया जाएगा। इस डिविडेंड के लिए कंपनी ने कल यानी 21 सितंबर को रिकॉर्ड डेट घोषित किया है। यानी कल शेयर बाजार में कंपनी के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे।

    कंपनी के शेयर इसी साल जून के महीने में एक्स-डिविडेंड ट्रेड किए थे। तब कंपनी ने एक शेयर पर 60 रुपये का डिविडेंड दिया था।

    क्या कल शेयर खरीदने पर होगा डिविडेंड का फायदा?
    नहीं, डिविडेंड हो या फिर बोनस शेयर या स्टॉक स्प्लिट इस तरह के सभी मामलों में रिकॉर्ड डेट से एक कारोबारी दिन पहले ही शेयरों को खरीदना होता है। रिकॉर्ड डेट पर खरीदने पर इसका फायदा नहीं मिलता है।

    शेयरों का प्रदर्शन कैसा है?
    शुक्रवार को इस डिविडेंड देने जा रही कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली थी। कंपनी के शेयर 4 प्रतिशत की उछाल के साथ बंद हुए थे। मार्केट क्लोजिंग के वक्त महाराष्ट्र स्कूटर्स लिमिटेड के शेयरों का दाम बीएसई में 13788.75 रुपये के स्तर पर था। पिछले एक महीने में स्टॉक का दाम 3.86 प्रतिशत बढ़ा है। एक साल में स्टॉक की कीमतों में 22 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। इस दौरान सेंसेक्स इंडेक्स में 10.50 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। यानी स्टॉक का दाम इंडेक्स से भी नीचे गिरा है। बता दें, कंपनी के शेयरों का 52 वीक हाई 18400 रुपये और 52 वीक लो लेवल 10921 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 15701 करोड़ रुपये का है।

    भले ही निवेशकों के लिए यह साल कठिन रहा हो लेकिन इसके बाद भी दो साल में पोजीशनल निवेशकों को 15 प्रतिशत का फायदा हुआ है। 3 साल में स्टॉक की कीमतों में 81 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली है। बता दें, 5 साल में इस कंपनी ने शेयर बाजार में 209 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।

  • झूठ की गूंज में कांग्रेस के युवराज का आचरण नारी शक्ति का अपमान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    झूठ की गूंज में कांग्रेस के युवराज का आचरण नारी शक्ति का अपमान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

     ग्रेटर नोएडा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर निशाना साधा। राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्हें ‘कांग्रेस का युवराज’ बताते हुए कहा कि अपने झूठ की गूंज में उन्होंने जिस प्रकार का आचरण किया, वह पूरी नारी शक्ति का अपमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को ऐसे लोगों से उम्मीद करना छोड़ देना चाहिए। ये पथभ्रष्ट और मार्ग से भटके हुए लोग हैं, जिनका लक्ष्य समाज में भ्रम पैदा कर अव्यवस्था और अराजकता फैलाना है।
     
    ग्रेटर नोएडा में दो दिवसीय ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के वक्तव्य को दुर्भाग्यपूर्ण और डरावना बताया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति से पद की गरिमा के अनुरूप आचरण की अपेक्षा होती है। काश वह भारत की समदृष्टि को समझ पाते तो भारत, भारतीयता और हिंदू दृष्टि को नहीं कोसते। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण, युवाओं को रोजगार, स्टार्टअप और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि बीमारू कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस स्टेट और देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है।
     
    नारी सशक्तीकरण भाषण से नहीं, काम से होगा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी गरिमा की रक्षा और महिला सशक्तीकरण केवल भाषणों से नहीं होगा। सरकार ने योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता दी है। देश में तीन करोड़ परिवारों को घरौनी के माध्यम से मकान का मालिकाना अधिकार दिया गया, जिसमें पहला अधिकार महिलाओं का है। 12 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और 12 करोड़ घरों में शौचालय की सुविधा दी गई। यूपी में 54 हजार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी गांवों में बैंकिंग सेवाएं दे रही हैं।
     
    उन्होंने झांसी के बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर का उदाहरण देते हुए कहा कि 2019 में पांच महिलाओं से शुरू समूह से आज 62 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। इसका टर्नओवर 115 करोड़ रुपये है और प्रत्येक महिला आठ से 10 हजार रुपये महीने कमा रही है। आगरा, काशी, गोरखपुर और लखनऊ में भी मिल्क प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। इनसे करीब चार लाख महिलाएं जुड़ी हैं।
     
    महिला पुलिस 10 हजार से बढ़कर 44 हजार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में यूपी पुलिस में केवल 10 हजार महिलाएं थीं, जिनकी संख्या अब 44 हजार हो गई है। अगले तीन-चार महीने में यह आंकड़ा 50 हजार के पार होगा। प्रदेश में महिला वर्कफोर्स की भागीदारी भी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36-37 प्रतिशत हो गई है। डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप की नई योजना के तहत आठ हजार न्याय पंचायतों में से चार हजार में महिला उद्यमियों को जोड़कर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
     
    9.5 लाख सरकारी नौकरियां, सवा तीन करोड़ को एमएसएमई में काम
    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में सबसे बड़ी युवा शक्ति उत्तर प्रदेश के पास है और प्रदेश में 56 प्रतिशत युवा हैं। पिछले साढ़े नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में सवा तीन करोड़ युवा काम कर रहे हैं। बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के कारण प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इनमें 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतरा और इससे 65 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी मिली।
     
    अब यूपी को कोई बीमारू राज्य नहीं कहता
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट तीन गुना हुआ है। नौ-दस वर्ष पहले बीमारू कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश आज रेवेन्यू सरप्लस स्टेट और भारत का ग्रोथ इंजन है। अब प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है। यह बदलाव विरासत के सम्मान और अपराध व भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति से आया है।
     
    विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग पहले यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा करते थे, वे फिर दंगा, कर्फ्यू, समाज को बांटने, भेदभाव, अव्यवस्था और अराजकता का दौर लाना चाहते हैं।
     
    120 से कम थे स्टार्टअप, अब 24 हजार से अधिक
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले यूपी में 120 से भी कम स्टार्टअप थे, जबकि आज इनकी संख्या 24 हजार से अधिक है। इनमें करीब आधे महिलाओं द्वारा संचालित हैं। उन्होंने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर का उल्लेख करते हुए युवाओं से राष्ट्रीय नायकों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम है। देश सुरक्षित है तो धर्म, उपासना पद्धति, जाति, परिवार और व्यक्ति भी सुरक्षित हैं। नारी और युवा शक्ति का स्वावलंबन ही उत्तर प्रदेश और भारत के स्वावलंबन का आधार बनेगा।
     
    भूतकाल जानेंगे तभी भविष्य के सपने गढ़ेंगे
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने महर्षि अरविंद का उल्लेख करते हुए कहा कि जो समाज अपने भूतकाल के गौरव, वर्तमान की पीड़ा और भविष्य के सपनों को समझता है, वही उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ता है। आचार्य धर्मपाल की पुस्तक ‘द ब्यूटीफुल ट्री’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने देश, संस्कृति और उपलब्धियों को जानकर भविष्य के सपने गढ़ने चाहिए।
     
    2020 में शुरू हुई प्रेरणा विमर्श की यात्रा
    संसद टीवी के संपादक श्याम किशोर ने कहा कि कृपा शंकर के मार्गदर्शन में 2020 में प्रेरणा विमर्श की यात्रा शुरू हुई। इसके तहत स्मारिका, पुस्तकें और ‘केशव संवाद’ प्रकाशित होते हैं। विषय आधारित प्रदर्शनी भी इसका प्रमुख हिस्सा है। समाज और राष्ट्रहित में सकारात्मक पत्रकारिता करने वाली एक महिला को हर वर्ष सम्मानित किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रेरणा विमर्श-2026 का विषय ‘उत्कर्ष नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ है।
     
    दीप प्रज्ज्वलन से हुआ समापन समारोह का शुभारंभ
    मुख्यमंत्री योगी ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में ‘केशव संवाद’ और ‘प्रेरणा विचार’ की वैचारिक यात्रा पर वीडियो दिखाया गया और मुख्यमंत्री को दोनों पत्रिकाओं की प्रतियां सौंपी गईं। एक अन्य वीडियो में प्रदेश की नारी और युवा शक्ति की बदलती तस्वीर प्रस्तुत की गई।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, प्रेरणा विमर्श के कार्यकारी अध्यक्ष वीके गुप्ता, अध्यक्ष अनिल त्यागी, डॉ. मनमोहन सिंह सिसोदिया, प्रेरणा शोध संस्थान की अध्यक्ष प्रीति दादू, सचिव मोनिका चौहान, गौतम बुद्ध नगर के जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवक मौजूद रहे।