Author: NewseDay

  • बांसवाड़ा से शुरू हुआ प्यार, रतलाम में हत्या पर खत्म; छात्रा का हत्यारोपी गिरफ्तार

    बांसवाड़ा से शुरू हुआ प्यार, रतलाम में हत्या पर खत्म; छात्रा का हत्यारोपी गिरफ्तार

    रतलाम

     राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के घाटोल से शुरू हुई प्रेम कहानी का रतलाम में खौफनाक अंत हो गया। 20 वर्षीय प्रथम वर्ष की छात्रा सुनहरी पुत्री नारायण भगोरा की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके प्रेमी 20 वर्षीय विकास पुत्र प्रतिपाल यादव को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है।

    सुनहरी 9 अक्टूबर को घर से लापता हुई थी। अगले दिन रतलाम में रेलवे ट्रैक किनारे नाले में उसका शव मिला। विकास उसे प्रयागराज ले जाने की बात कहकर स्टेशन क्षेत्र में ले गया और विवाद के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी। शव नाले में छोड़कर वह प्रयागराज भाग गया।

    बांसवाड़ा से रतलाम तक की घटना और शिनाख्त

    सुनहरी बांसवाड़ा जिले के घाटोल थाना क्षेत्र के बडलिया की रहने वाली थी। विकास भी उसी गांव का निवासी है। वह मूल रूप से प्रयागराज के पास बिजलपुर गांव का रहने वाला है और बांसवाड़ा में परिवार के साथ रहकर मावे की दुकान पर मिठाई बनाने का काम करता था।

    सुनहरी के लापता होने पर स्वजन ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी और विकास पर उसे साथ ले जाने का संदेह जताया था। 10 अक्टूबर को सुबह 11 से 12 बजे के बीच रतलाम जीआरपी को प्लेटफार्म नंबर-4 से आगे बकरा पुल के पास रेलवे ट्रैक किनारे नाले में शव मिलने की सूचना मिली।

    जीआरपी ने शव को मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी में रखवाया। पहचान के लिए तस्वीर आसपास के थानों और जिलों की पुलिस को भेजी गई। बांसवाड़ा पुलिस तक तस्वीर पहुंचने के बाद 12 अक्टूबर को सुनहरी की पहचान हुई। मंगलवार को उसके स्वजन तीन वाहनों से रतलाम पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया।
    होटल में चार घंटे रुके, फिर स्टेशन की ओर ले गया

    बांसवाड़ा पुलिस विकास की तलाश में प्रयागराज पहुंची। वह गांव में नहीं मिला तो स्वजन से संपर्क किया। परिवार में किसी की मृत्यु के बाद आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए विकास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

    मंगलवार को डीएसपी देवेंद्र सिंह टीम के साथ उसे रतलाम लाए और एसपी अमित कुमार को सूचना दी। एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल, राजस्थान पुलिस और जीआरपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। तलाशी में शव मिलने की जगह से स्टेशन की ओर करीब 100 मीटर दूर कॉलेज बैग मिला। उसमें किताबें, कापियां और कॉलेज की यूनिफॉर्म थी। राजस्थान पुलिस ने बैग जब्त कर लिया।

    शारीरिक संबंध, विवाद और हत्या का खुलासा

    टीम विकास को स्टेशन रोड की मनोहर गली स्थित होटल जय महाकाली ले गई। रजिस्टर के अनुसार वह 9 अक्टूबर की शाम सुनहरी के साथ कमरा नंबर-2 में रुका था। दोनों करीब चार घंटे बाद वहां से निकले। डीएसपी देवेंद्र सिंह ने बताया कि विकास ने पूछताछ में होटल में युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाने और रेलवे ट्रैक किनारे विवाद के बाद गला घोंटकर हत्या करने की बात बताई।

    जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार ने बताया कि विकास युवती को स्टेशन के बाहर से दूसरे रास्ते बकरा पुल की ओर ले गया, ताकि दोनों सीसीटीवी कैमरों में कैद न हों। होटल और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटा रहे हैं। आरोपित के किसी दूसरी युवती से संबंध होने की जानकारी भी सामने आई है। हत्या की वजह और घटनाक्रम की पुष्टि के लिए जांच जारी है।

     

  • पुणे के निकट दक्षणा वैली में मिलेगी तैयारी की सुविधा

    पुणे के निकट दक्षणा वैली में मिलेगी तैयारी की सुविधा

    सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का सुनहरा अवसर, दक्षणा फाउंडेशन देगा साथ

    कक्षा 10 के अंकों और पारिवारिक आय के आधार पर होगा चयन, पात्र विद्यार्थी ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन

    लखनऊ
    आर्थिक अभाव मेधावी विद्यार्थियों के इंजीनियर और डॉक्टर बनने के सपनों की राह में बाधा नहीं बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के अवसरों को अधिक सुलभ बनाने और वंचित वर्गों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में कक्षा 12 विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को जेईई और नीट जैसी प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का विशेष अवसर मिल रहा है। दक्षणा फाउंडेशन की संयुक्त दक्षणा चयन परीक्षा (जेडीएसटी-2027) के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को एक वर्ष तक निःशुल्क कोचिंग, आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

    यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन मेधावी विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो प्रतिभा और मेहनत के बावजूद महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते। निःशुल्क तैयारी की सुविधा मिलने से उन्हें इंजीनियरिंग और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। प्रदेश सरकार की शिक्षा संबंधी पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनके भविष्य को मजबूत बनाना है।

    पुणे के निकट दक्षणा वैली में मिलेगी तैयारी की सुविधा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जेडीएसटी-2027 के तहत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी करने के बाद पुणे के निकट स्थित दक्षणा वैली परिसर में एक वर्ष तक जेईई अथवा नीट की तैयारी कराई जाएगी। इस दौरान कोचिंग के साथ रहने और भोजन की सुविधा भी निःशुल्क मिलेगी। इससे विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आर्थिक बोझ कम होगा और छात्र अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

    अंकों और आय के निर्धारित मानकों पर मिलेगा अवसर
    समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2026-27 में कक्षा 12 विज्ञान वर्ग में पढ़ने वाले और मई 2027 तक बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी निर्धारित पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। इंजीनियरिंग वर्ग में सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए कक्षा 10 के गणित एवं विज्ञान विषयों में 85 प्रतिशत और छात्राओं के लिए 80 प्रतिशत कटऑफ निर्धारित है। अन्य श्रेणियों के लिए अलग मानक लागू होंगे। मेडिकल वर्ग में सामान्य श्रेणी के लिए 80 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 75 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 65 प्रतिशत कटऑफ तय है। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भी अलग कटऑफ का प्रावधान है।

    पारिवारिक आय की शर्तों के तहत छात्रों के परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम और छात्राओं के परिवार की वार्षिक आय पांच लाख रुपये से कम होनी चाहिए। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले विद्यार्थी इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

    प्रधानाचार्यों को पात्र विद्यार्थियों को जागरूक करने के निर्देश
    समाज कल्याण विभाग ने सर्वोदय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे कक्षा 12 विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को इस योजना की जानकारी दें और पात्र विद्यार्थियों को आवेदन के लिए प्रेरित करें। इससे योग्य विद्यार्थियों तक अवसर की जानकारी पहुंचाने और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।जेडीएसटी-2027 के लिए आवेदन दक्षणा फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट https://apply.scholarship.dakshana.org पर किया जा सकता है।

  • झारखंड में पेंशन पर सियासत तेज, भाजपा नेता ने पूछा- बुजुर्गों और दिव्यांगों का क्या कसूर?

    झारखंड में पेंशन पर सियासत तेज, भाजपा नेता ने पूछा- बुजुर्गों और दिव्यांगों का क्या कसूर?

    धनबाद
     दुर्गा पूजा से पहले झारखंड की मंइयां सम्मान योजना के लाभुकों के खातों में सितंबर महीने की राशि का भुगतान कर दिया गया है।

    वहीं, राज्य में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लाभुकों को करीब छह महीने से भुगतान का इंतजार है। इससे हजारों जरूरतमंद परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।

    धनबाद, बोकारो और रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में पेंशन भुगतान लंबित रहने से लाभुक परेशान हैं।

    वृद्धावस्था पेंशन पर निर्भर बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए यह राशि रोजमर्रा की जरूरतों, दवा और जरूरी खर्चों का सहारा होती है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

    एक ओर मइयां सम्मान योजना की सितंबर महीने की राशि दुर्गा पूजा से पहले मिलने से महिला लाभुकों को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभुक अब भी बकाया राशि मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

    लाभुकों को इंतजार है कि सरकार लंबित पेंशन का भुगतान जल्द सुनिश्चित करेगी। दुर्गा पूजा के माैके पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभुकों को सरकार से उम्मीद है कि उनपर ध्यान दिया जाएगा।

    हालांकि, बाद, बोकारो और रांची सहित पूरे राज्य में पेंशन भुगतान की वास्तविक लंबित अवधि, प्रभावित लाभुकों की संख्या और राशि जारी होने की संभावित तारीख की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

    भाजपा नेता रमेश राही ने दुर्गा पूजा से पहले सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभुकों के खाते में पेंशन की राशि भेजने की मांग की है। उन्होंने कहा है-दिव्यांग, विधवा और वृद्धजन को पेंशन की ज्यादा जरूरत है।

    उन्होंने कहा है-मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना का भुगतान अच्छी बात है लेकिन दिव्यांग, विधवा और वृद्धजनों का क्या कसूर है?

  • रामभक्ति में रंगे रूसी कलाकार, रामलीला के जरिए दिखेगी रूस और भारतीय संस्कृतियों का मेल

    रामभक्ति में रंगे रूसी कलाकार, रामलीला के जरिए दिखेगी रूस और भारतीय संस्कृतियों का मेल

    सीएम योगी ने बढ़ाया अयोध्या के दीपोत्सव और रामलीला का वैभव, विदेशी कलाकार भी ले रहे प्रेरणा

    सीएम योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंची अयोध्या में मंचित रामलीला

    2017 के बाद कई अवसरों पर रूस से अयोध्या आकर रामलीला का मंचन कर चुके हैं अंतरराष्ट्रीय कलाकार

    लखनऊ
    भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी और दीपोत्सव का उल्लास अब सरयू के तट तक सीमित नहीं है। रामकथा की गूंज रूस की राजधानी मास्को में भी सुनाई देने की तैयारी है। अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारियों के बीच मास्को में भी रामलीला के मंचन की तैयारी शुरू हो गई है। रूस के 16 कलाकार रामायण के पात्रों को मंच पर जीवंत करने के लिए जुट गए हैं। इस आयोजन की खास बात यह है कि रामायण के पात्रों की वेशभूषा के लिए दिल्ली के चांदनी चौक से वस्त्र खरीदकर रूस ले जाए गए हैं। भारतीय परंपरा, रामकथा और रूसी कलाकारों की भागीदारी का यह मेल अयोध्या के सांस्कृतिक वैभव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बढ़ा रहा है।

    उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या के दीपोत्सव और रामलीला से जुड़े आयोजनों को लेकर दुनिया भर में चर्चा होती रही है। मास्को में आयोजित होने वाली रामलीला के निर्माता एवं निर्देशक डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद रामलीला का वैभव अंतरराष्ट्रीय मंच पर बहुत बढ़ा है। रूसी कलाकारों की रामलीला के मंचन से भारत और रूस के संबंधों को मजबूती मिलती है। इस दृष्टि से मास्को में होने वाली रामलीला केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि दो देशों के बीच परंपराओं और कलात्मक अभिव्यक्ति के आदान-प्रदान का अवसर भी है।

    2018 में अयोध्या से शुरू हुआ सफर
    रूसी कलाकारों और अयोध्या के बीच रामलीला के माध्यम से सांस्कृतिक जुड़ाव की एक महत्वपूर्ण कड़ी नवंबर 2018 में जुड़ी। उस समय अयोध्या में रूस की ‘दिशा रामलीला’ की पहली प्रस्तुति हुई। यह आयोजन रूसी कलाकारों के रामायण से जुड़े मंचन और अयोध्या के सांस्कृतिक वातावरण के बीच संपर्क का अहम पड़ाव बना। भगवान श्रीराम की कथा को दूसरे देश के कलाकारों द्वारा मंच पर प्रस्तुत किया जाना इस सांस्कृतिक यात्रा की विशिष्टता रही।

    इसके बाद जनवरी 2019 में ‘दिशा रामलीला’ को प्रयागराज कुंभ मेले के मंच पर प्रस्तुत किया गया। कुंभ जैसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में रूसी कलाकारों की भागीदारी ने इस यात्रा को एक और महत्वपूर्ण आयाम दिया। रामलीला के माध्यम से भारतीय धार्मिक परंपराओं और रंगमंचीय अभिव्यक्ति के बीच संवाद का अवसर बना।

    दीपोत्सव से जुड़ता गया रूसी कलाकारों का रिश्ता
    अयोध्या में दीपोत्सव समारोहों के साथ ‘दिशा रामलीला’ की प्रस्तुतियों का सिलसिला भी जुड़ा रहा। दीपोत्सव भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी जो लेकर आयोजित होने वाला प्रमुख उत्सव है। इस अवसर पर रूसी कलाकारों की भागीदारी ने भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने का अवसर दिया।

    रामकथा बनेगी सांस्कृतिक संवाद का माध्यम
    रामलीला की विशेषता यह है कि इसकी कथा भारतीय समाज और परंपरा में गहरे रूप से जुड़ी हुई है, लेकिन इसके मंचन की संभावनाएं भौगोलिक सीमाओं तक बंधी नहीं हैं। जब दूसरे देश के कलाकार रामायण के पात्रों को मंच पर प्रस्तुत करते हैं, तो उन्हें भारतीय साहित्य, परंपरा और रंगमंच की अभिव्यक्ति से जुड़ने का अवसर मिलता है। मास्को में 16 रूसी कलाकारों की टीम की तैयारी इसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान की एक कड़ी है।
    डॉ. रामेश्वर सिंह के अनुसार इस तरह के मंचन दोनों देशों के संबंधों को मजबूती देते हैं। श्रीराम की कथा से जुड़े इस आयोजन में अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान और रूसी कलाकारों की भागीदारी एक साथ दिखाई देती है। इस तरह रामलीला का मंचन केवल कथा की प्रस्तुति नहीं, बल्कि अलग-अलग संस्कृतियों के बीच संवाद का माध्यम भी बन रहा है।

    दिशा रामलीला महान रंगकर्मी गेन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव की विरासत को भी आगे बढ़ाती है, जिन्हें स्नेहपूर्वक “रूसी राम” कहा जाता था। रूसी दर्शकों के बीच रामलीला को लोकप्रिय बनाने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है।

    रामलीला के किरदार
    1) राम – अलेक्सी
    2) सीता  – दाशा
    3) लक्ष्मण – ओलेग
    4) हनुमान -दमित्री
    5) भरत -एवजेनी
    6) रावण – सर्गेई
    7) दशरथ – आरतियों
    8) कौशल्या – रति
    9) सुमित्रा- नतातालया
    10) कैकेई – इरीना
    11) जनक- वसीली
    12) सोने का हिरान – रीता
    13) मिशा
    14) नादेजदा
    15) राक्षस सेना
    16) वानर सेना ।

  • राजस्थान संपर्क AI से तेज होगा शिकायतों का समाधान, अधिकारियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

    राजस्थान संपर्क AI से तेज होगा शिकायतों का समाधान, अधिकारियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

    जयपुर
    पशुपालन, गोपालन एवं मत्स्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीतारामजी भाले ने मंगलवार को राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेल्पलाइन पर प्राप्त परिवादों, उनके निस्तारण की प्रगति तथा विभागीय कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को लंबित परिवादों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण करने तथा परिवादियों को अधिकतम राहत उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

    भाले ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद में परिवाद दर्ज करवाता है। कई बार परिवाद दर्ज करवाना उसके लिए अंतिम विकल्प होता है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रत्येक परिवाद को गंभीरता से लेते हुए उसका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अन्य विभागों अथवा अधिकारियों के स्तर पर कार्रवाई अपेक्षित होने पर संबंधित परिवादों को बिना विलंब उचित स्तर पर प्रेषित किया जाए, ताकि उनके निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो।

    निरीक्षण के दौरान भाले ने चूरू जिले के भूराराम के दुग्ध वाहन के लंबित भुगतान तथा पाली जिले के गुलाबचंद की अनुदान राशि के लंबित भुगतान की समस्या को सुना एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में उन्होंने डीग जिले के आबिद से मत्स्य पालन प्रशिक्षण की समस्या की जानकारी ली तथा उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के लिए आश्वस्त किया। वहीं, बाड़मेर जिले के महिपाल एवं मोतीलाल से गोवंश के लिए चारा-पानी की व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की जानकारी लेते हुए इनके समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान भाले ने राजस्थान संपर्क एआई की कार्यप्रणाली एवं उसके उपयोग की विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि संपर्क एआई के प्रभावी उपयोग के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि परिवादों के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक सुगम एवं तेज बनाया जा सके।

    1962 हेल्पलाइन से घर पर उपलब्ध हो रही पशु चिकित्सा सेवा
    इस अवसर पर उन्होंने परिवादियों को 1962 हेल्पलाइन के विषय में जागरूक करते हुए कहा कि बीमार एवं जरूरतमंद पशुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना विभाग की प्राथमिकता है। पशुपालक हेल्पलाइन नंबर 1962 पर कॉल करके मोबाइल वेटरनरी वैन की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इस सेवा के माध्यम से पशुपालकों के घर पर ही पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाकर बीमार पशुओं को समय पर उपचार एवं राहत प्रदान की जा रही है।

  • छत्तीसगढ़ में बस किराया बढ़ाने का फैसला, नई दरें लागू; इन यात्रियों को राहत

    छत्तीसगढ़ में बस किराया बढ़ाने का फैसला, नई दरें लागू; इन यात्रियों को राहत

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में अंतरशहरी यात्री बसों के किराये की नई दरें निर्धारित कर दी गई हैं। राज्य सरकार के परिवहन विभाग ने आठ अक्टूबर 2026 को अधिसूचना जारी कर साधारण, डीलक्स, रात्रिकालीन, शयनयान और वातानुकूलित बस सेवाओं के लिए किराये की दरें तय की हैं। नई दरें राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी होंगी। यह व्यवस्था नगर सेवाओं से अलग बसों पर लागू होगी। सरकार ने इसके साथ ही दिव्यांगों, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों सहित कुछ श्रेणियों के यात्रियों को किराये में पूरी छूट देने का प्रविधान भी किया है।
    साधारण बस में पांच किमी का किराया 10 रुपये

    नई दरों के अनुसार साधारण बस में पहले पांच किलोमीटर की यात्रा के लिए प्रति यात्री 10 रुपये देने होंगे। इसके बाद प्रत्येक किलोमीटर या उसके हिस्से के लिए 1.75 रुपये प्रति यात्री किराया निर्धारित किया गया है। साधारण रात्रिकालीन बस सेवा में सामान्य साधारण बस के किराये से 10 प्रतिशत अधिक राशि देनी होगी।

    डीलक्स बस में पहले पांच किलोमीटर के लिए प्रति यात्री 12 रुपये और इसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए 2.20 रुपये किराया लगेगा। डीलक्स रात्रिकालीन बस सेवा के लिए भी यही दर निर्धारित की गई है।
    शयनयान और अर्धशयनयान बसों की अलग दरें

    गैर-वातानुकूलित डीलक्स शयनयान और अर्धशयनयान बसों में पहले पांच किलोमीटर के लिए प्रति यात्री 12 रुपये किराया तय किया गया है। इसके बाद प्रति किलोमीटर 2.20 रुपये देने होंगे। वातानुकूलित डीलक्स शयनयान और अर्धशयनयान बसों में पहले पांच किलोमीटर के लिए 12 रुपये तथा इसके बाद प्रति किलोमीटर 3.20 रुपये किराया निर्धारित किया गया है।

    वोल्वो, स्कैनिया और मर्सिडीज जैसी अति विलासितापूर्ण वातानुकूलित बसों में पहले पांच किलोमीटर के लिए प्रति यात्री 12 रुपये और इसके बाद प्रति किलोमीटर 3.30 रुपये देने होंगे। वातानुकूलित अर्धशयनयान में सीट के लिए प्रति किलोमीटर तीन रुपये तथा शयनयान की बर्थ के लिए 3.30 रुपये की दर निर्धारित की गई है।
    इन यात्रियों को किराये में पूरी छूट

    सरकार ने कुछ श्रेणियों के यात्रियों को बस किराये में 100 प्रतिशत छूट देने का प्रविधान किया है। इसमें दृष्टिबाधित व्यक्ति, बौद्धिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक और एचआइवी से पीड़ित व्यक्ति शामिल हैं। इन यात्रियों के साथ यात्रा करने वाले एक सहायक को भी किराये में पूरी छूट मिलेगी।

    दोनों पैरों से दिव्यांग यात्रियों को पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग या शासकीय अस्पताल के अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। एचआइवी से पीड़ित यात्रियों के लिए संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों, राज्य एड्स नियंत्रण समिति, एआरटी केंद्र या कैंसर अस्पताल द्वारा जारी फोटोयुक्त प्रमाणपत्र मान्य होगा।
    नक्सल प्रभावित व्यक्ति को 50 प्रतिशत छूट

    छत्तीसगढ़ के निवासी नक्सल प्रभावित व्यक्ति को राज्य के भीतर यात्री बस से सफर करने पर 50 प्रतिशत किराये की छूट मिलेगी। इसके लिए संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर कलेक्टर द्वारा जारी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
    आधे रुपये पर अगली पूर्ण राशि

    नई दरों के तहत किराये की गणना में 50 पैसे या इससे अधिक की राशि होने पर उसे अगले पूर्ण रुपये में बदला जाएगा। 50 पैसे से कम की राशि को छोड़ दिया जाएगा। रात्रिकालीन बस सेवा की श्रेणी में ऐसी बसें शामिल होंगी, जो सामान्यतः सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच चलती हैं और जिनकी एक तरफ की यात्रा 200 किलोमीटर से अधिक होती है।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि बस के पंजीयन प्रमाणपत्र और परमिट में सेवा की श्रेणी का उल्लेख होना चाहिए। निर्धारित छूट की शर्तों का उल्लंघन करने पर परमिटधारक और परिचालक के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।

     

  • गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने पर किसानों में खुशी, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा को गन्ना भेंटकर किया अभिनंदन

    गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने पर किसानों में खुशी, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा को गन्ना भेंटकर किया अभिनंदन

    रायपुर

    गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने पर कबीरधाम जिले के गन्ना उत्पादक किसानों में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर आज बोड़ला सर्किट हाउस में भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों एवं क्षेत्र के किसानों ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। किसानों ने उन्हें गन्ना भेंटकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और गन्ना उत्पादकों के हित में लिए गए निर्णय के लिए बधाई देते हुए 

    किसानों ने कहा कि गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने से जिले के गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। इससे खेती की लागत निकालने में मदद मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गन्ने का बेहतर मूल्य मिलने से किसानों का उत्साह बढ़ेगा तथा गन्ने की खेती को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

    इस अवसर पर किसानों ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की मेहनत और उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह निर्णय गन्ना उत्पादक किसानों के लिए राहत और उत्साह का विषय है।

    किसानों ने गन्ना भेंटकर किया आत्मीय अभिनंदन

    बोड़ला सर्किट हाउस में आयोजित स्वागत के दौरान भारतीय किसान संघ कवर्धा के जिला उपाध्यक्ष श्री दिनेश चंद्रवंशी, बोड़ला ब्लॉक अध्यक्ष श्री पंकज वर्मा सहित किसान श्री विनोद वर्मा, श्री महेश वर्मा, श्री टीकाराम साहू, श्री तुलश धुर्वे, श्री प्रदुम्न वर्मा एवं श्री रामफल वर्मा ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का गन्ना भेंटकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। सभी ने गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और किसानों के हितों के प्रति संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया।

  • ज्ञान भारतम मिशन से विरासत संरक्षण के साथ खुलेंगे शोध के नए रास्तेः जयवीर सिंह

    ज्ञान भारतम मिशन से विरासत संरक्षण के साथ खुलेंगे शोध के नए रास्तेः जयवीर सिंह

    ज्ञान भारतम मिशन के तहत यूपी की हजारों पांडुलिपियां हो रहीं डिजिटल, 15 हजार से ज्यादा पांडुलिपियों की स्कैनिंग पूरी

    सदियों पुरानी साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल रूप में सुरक्षित करने में योगी सरकार की है विशेष रुचि

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की सदियों पुरानी साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल रूप में सुरक्षित करने का काम तेजी से बढ़ रहा है। ज्ञान भारतम मिशन के तहत प्रदेश के छह प्रमुख संस्थानों में हजारों दुर्लभ पांडुलिपियों को स्कैन कर डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। सितंबर 2026 तक गीता प्रेस गोरखपुर, नागरी प्रचारिणी सभा, हिंदी साहित्य सम्मेलन, राजकीय पांडुलिपि पुस्तकालय, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और वृंदावन शोध संस्थान मथुरा में कुल 15,890 पांडुलिपियों से जुड़े 7,56,392 पन्नों को स्कैन किया जा चुका है। इनमें से 14,594 पांडुलिपियों का मेटाडाटा तैयार हुआ है, जबकि 14,208 रिकॉर्ड अपलोड किए जा चुके हैं।

    छह संस्थानों में चल रहा डिजिटल संरक्षण का काम
    संस्कृति-पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'ज्ञान भारतम मिशन के तहत इन संस्थानों में अलग-अलग स्तर पर पांडुलिपियों की पहचान, स्कैनिंग, मेटाडाटा तैयार करने और डिजिटल अपलोड किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल पुराने दस्तावेजों को स्कैन करना नहीं, बल्कि उनमें मौजूद ज्ञान व ऐतिहासिक सामग्री को लंबे समय तक सुरक्षित रखना और भविष्य में शोध तथा अध्ययन के लिए डिजिटल रूप में उपलब्ध कराना है।'

    वृंदावन शोध संस्थान में सबसे अधिक पन्नों की स्कैनिंग
    मथुरा के वृंदावन शोध संस्थान में 3,161 पांडुलिपियों से जुड़े 1,93,256 पन्नों को स्कैन किया जा चुका है। यहां 2,998 का मेटाडाटा तैयार हुआ और 2,846 रिकॉर्ड अपलोड किए गए हैं। हिंदी साहित्य सम्मेलन में 2,400 पांडुलिपियों के 1,26,878 पन्नों की स्कैनिंग हुई है। यहां 2,090 मेटाडाटा तैयार किए गए और 2,023 रिकॉर्ड अपलोड किए जा चुके हैं। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में 1,192 पांडुलिपियों के 90,300 पन्नों को डिजिटल रूप में स्कैन किया गया है। यहां 759 मेटाडाटा तैयार करने के साथ 759 रिकॉर्ड अपलोड किए जा चुके हैं। वहीं राजकीय पांडुलिपि पुस्तकालय में 1,623 पांडुलिपियों से जुड़े 1,52,519 पन्नों की स्कैनिंग हुई है। यहां 1,472 मेटाडाटा तैयार किए गए और 1,410 रिकॉर्ड अपलोड हुए हैं।

    नागरी प्रचारिणी सभा में 6,720 पांडुलिपियों से जुड़े 61,175 पन्नों को स्कैन किया गया है। यहां 6,680 मेटाडाटा तैयार किए जा चुके हैं और 6,600 रिकॉर्ड डिजिटल रूप से अपलोड हुए हैं। वहीं गीता प्रेस गोरखपुर में 794 पांडुलिपियों के 1,32,264 पन्नों की स्कैनिंग की गई है। यहां 595 मेटाडाटा तैयार हुए और 570 रिकॉर्ड अपलोड किए गए हैं।

    'पांडुलिपियों के डिजिटल संरक्षण से शोध होगा आसान'
    मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'पांडुलिपियों का डिजिटल संरक्षण होने से पुरानी और दुर्लभ सामग्री को समय के साथ खराब होने से बचाने में मदद मिलेगी। साथ ही इनका व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और साहित्य एवं इतिहास से जुड़े लोगों के लिए इन सामग्रियों तक पहुंच आसान हो सकेगी। मेटाडाटा तैयार करने से प्रत्येक पांडुलिपि की पहचान और उससे जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित तरीके से दर्ज किया जा रहा है।'

    पांडुलिपियों के जरिये ज्ञान की विरासत सहेजने की पहल
    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'ज्ञान भारतम मिशन के तहत चल रहा यह अभियान उत्तर प्रदेश की साहित्यिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और ज्ञान परंपरा से जुड़ी पुरानी सामग्री को नई तकनीक के जरिए सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गीता प्रेस से लेकर नागरी प्रचारिणी सभा, हिंदी साहित्य सम्मेलन, संस्कृत विश्वविद्यालय और वृंदावन शोध संस्थान जैसे संस्थानों में मौजूद सामग्री का डिजिटल रूपांतरण आने वाली पीढ़ियों के लिए विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ शोध और अध्ययन के नए रास्ते भी खोलेगा।'

  • खाद के साथ जबरन सामान बेचा तो होगी कार्रवाई, जैसलमेर में डिजिटल ऐप से होगी स्टॉक की जांच

    खाद के साथ जबरन सामान बेचा तो होगी कार्रवाई, जैसलमेर में डिजिटल ऐप से होगी स्टॉक की जांच

     

    जैसलमेर
     रबी सीजन की बुवाई से पहले किसानों को रासायनिक उर्वरकों की किल्लत से बचाने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने जिले में निगरानी बढ़ा दी है। अगले सात दिनों में जिले की सभी उर्वरक, बीज और कीटनाशक विक्रय दुकानों का निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान मौके पर उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन कर विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। विभाग के अनुसार जिले की निजी दुकानों और सहकारी समितियों के पास यूरिया के 1,27,437 बैग, डीएपी के 38,530 बैग, एनपीके के 12,653 बैग तथा सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) के 14,522 बैग उपलब्ध हैं। विभाग का उद्देश्य रबी बुवाई के दौरान किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराना है।

    लाइसेंस नंबर डालते ही खुलेगी विक्रेता की प्रोफाइल
    डिजिटल निरीक्षण प्रक्रिया में जांच अधिकारी मौके पर पहुंचकर विक्रेता का लाइसेंस नंबर ऐप में दर्ज करेंगे। इससे संबंधित डीलर की प्रोफाइल सामने आएगी। इसके बाद दुकान में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एसएसपी और अन्य कृषि आदानों के स्टॉक की गिनती कर विवरण ऐप पर अपलोड किया जाएगा। इससे निरीक्षण रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज होगी और उच्चाधिकारी उपलब्ध रिकॉर्ड की निगरानी कर सकेंगे।

    बिल, स्टॉक रजिस्टर और मूल्य सूची रखनी होगी अपडेट
    कृषि विभाग ने सभी खाद-बीज विक्रेताओं को खरीद-बिक्री के बिल, स्टॉक रजिस्टर और मूल्य सूची अद्यतन रखने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को संबंधित दस्तावेज दिखाना अनिवार्य होगा। अभियान के जरिए खाद की कालाबाजारी, निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूलने और खाद के साथ अनावश्यक उत्पाद खरीदने के लिए किसानों पर दबाव डालने जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने और जांच में सहयोग नहीं करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कानूनी एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    गड़बड़ियों को रोकने की कवायद
    औचक जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य ब्लैक मार्केटिंग पर लगाम लगाना, कृषकों को सरकार की ओर से निर्धारित उचित मूल्यों पर ही खाद उपलब्ध कराना और खाद के साथ जबरन अन्य गैर-जरूरी उत्पाद थमाने (टैगिंग) जैसी गड़बड़ियों को प्रभावी ढंग से रोकना है
    – महावीर प्रसाद छींपा, संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद जैसलमेर

     

  • एमपी के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी खबर, महंगाई भत्ता बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार

    एमपी के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी खबर, महंगाई भत्ता बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार

     भोपाल

    प्रदेश में साढ़े चार लाख पेंशनरों की महंगाई राहत दस माह से नहीं बढ़ाई गई है। अभी भी इन्हें एक जनवरी 2026 से सातवें वेतनमान में 58 और छठे वेतनमान में 257 की दर से महंगाई राहत मिल रही है।

    जबकि, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को एक जनवरी 2026 से ही भारत सरकार द्वारा निर्धारित 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता व राहत दी जा रही है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को पत्र लिखकर एक जनवरी 2026 से ही महंगाई राहत बढ़ाकर देने की मांग की है।

    कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ भेदभाव का आरोप

    पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी, प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने सामान्य प्रशासन विभाग के 26 मई 2026 के परिपत्र का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।

    जब अखिल भारतीय सेवा के सदस्यों को एक जनवरी 2026 से बढ़ी दरों पर 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है तो इसके लाभ से प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को वंचित क्यों रखा गया है।

    दस माह से पेंशनर महंगाई राहत में वृद्धि की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारी सीमित पेंशन पर निर्भर रहते हैं और उन्हें बढ़ती कीमतों के साथ चिकित्सा खर्च तथा दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    शीघ्र मांग न मानने पर आंदोलन की चेतावनी

    एसोसिएशन की भोपाल इकाई के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने महंगाई राहत में शीघ्र वृद्धि के आदेश जारी करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है तो हम आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने को विवश होंगे।

    सूत्रों का कहना है कि सरकार दीपावली के आसपास महंगाई भत्ता और राहत बढ़ाने की घोषणा कर सकती है। इसे लेकर वित्त विभाग तैयारी कर चुका है और वरिष्ठ स्तर से हरी झंडी की प्रतीक्षा है।