Author: NewseDay

  • पटना के चिड़ियाघर में फिर दौड़ेगी टॉय ट्रेन, ट्रैक का सर्वे पूरा; जल्द शुरू होगा पटरी बिछाने का काम

    पटना के चिड़ियाघर में फिर दौड़ेगी टॉय ट्रेन, ट्रैक का सर्वे पूरा; जल्द शुरू होगा पटरी बिछाने का काम

     पटना
     शहरवासी एक बार फिर से टॉय ट्रेन का रोमांच ले सकेंगे। पटना जू में करीब 11 साल बाद टॉय ट्रेन चलाने की तैयारी है। रेलवे ने इसके लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया है। पटरी बिछाने के लिए रास्ते की मार्किंग भी कर दी गई है। ट्रैक के रास्ते में आने वाली झाड़ियों की सफाई हो चुकी है, जबकि पुरानी रेलवे पटरी को उखाड़ लिया गया है। टॉय ट्रेन को समस्तीपुर के कारखाने में तैयार किया जाएगा। जनवरी 2027 से इसे चलाने की तैयारी है।

    टॉय ट्रेन की वजह से पटना चिड़ियाघर में पेड़ों को नुकसान नहीं पहुंचे इसके लिए जू प्रबंधन ने पटरी बिछाने से पहले दोबारा सर्वे कराया है। नए सिरे से सर्वे कर ट्रैक का रास्ता तय किया गया। एक सप्ताह में पटरी का काम शुरू हो जाएगा। अब पेड़ों के बगल से पटरी गुजरेगी। इस तरह पर्यटकों को ट्रेन की सैर कराने के साथ जू की हरियाली को भी सुरक्षित रखने की तैयारी है। इससे कुसुम समेत अन्य पेड़ यथावत रहेंगे।

    चार जगहों पर मोड़ बनाने में आ रही थी परेशानी
    रेल ट्रैक तैयार करने में एक बड़ी तकनीकी चुनौती ट्रेन को मोड़ने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना था। इसके लिए करीब 60 डिग्री का मोड़ जरूरी था। जू में चार जगहों पर इस तरह के मोड़ बनाने में परेशानी आ रही थी। दोबारा सर्वे के दौरान इन स्थानों की समस्या का समाधान किया गया। इसके बाद ट्रैक के रास्ते को चिह्नित करने का काम पूरा कर लिया गया। अब पटरी किन-किन जगहों से गुजरेगी, इसकी मार्किंग कर दी गई है।

    2015 में बंद हो गई थी ट्रेन
    पटना जू साल 2015 तक टॉय ट्रेन चला करती थी। हालांकि, बार-बार ट्रेन के पटरी से उतरने की घटनाओं के कारण इसे बंद करना पड़ा था। अब नए सिरे से ट्रैक को बिछाकर टॉय ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही है।

    वंदे भारत की तरह दिखेगी 4 डिब्बों वाली टॉय ट्रेन
    पटना जू में चलने वाली नई टॉय ट्रेन को समस्तीपुर स्थित रेल कारखाना में बनाया जाएगा। इसके डिजाइन का जिम्मा भी इसी कारखाने को दिया गया है। टॉय ट्रेन को ऐसा लुक दिया जाएगा कि यह वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी दिखे। ट्रेन में इंजन और चार डिब्बे होंगे। ट्रेन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पुराने ट्रैक को उखाड़ने के बाद उसके कुछ हिस्सों को वापस काम में लिया जाएगा।

  • ई-वेस्ट के जिम्मेदार प्रबंधन, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण के प्रति विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक

    ई-वेस्ट के जिम्मेदार प्रबंधन, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण के प्रति विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक

    योगी सरकार में पर्यावरण संरक्षण की पाठशाला बनेंगे विद्यालय, प्रार्थना सभा में होगी ई-वेस्ट पर प्रश्नोत्तरी और गतिविधियां

    डीआईओएस और बीएसए सुनिश्चित करेंगे अभियान का संचालन, पोर्टल पर अपलोड होगा गतिविधियों का विवरण

    लखनऊ
    पुराने मोबाइल, कंप्यूटर और अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सही प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा के साथ पर्यावरणीय चेतना और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को बढ़ावा देने के प्रयासों के क्रम में 28 अक्टूबर को प्रदेश के विद्यालयों में ई-वेस्ट प्रबंधन का विशेष अभियान-6 आयोजित किया जा रहा है।

    अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित संग्रहण, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण और अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से निस्तारण के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रार्थना सभा में प्रश्नोत्तरी और जागरूकता गतिविधियों के साथ विद्यालयों में एकत्रित ई-वेस्ट को अधिकृत रिसाइक्लर अथवा रिफर्बिशर तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को अभियान के प्रभावी संचालन तथा गतिविधियों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

    इस पहल के माध्यम से विद्यालयों में पर्यावरणीय जागरूकता को मजबूत करने, विद्यार्थियों में संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की समझ विकसित करने और ई-वेस्ट के जिम्मेदार प्रबंधन को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

    प्रार्थना सभा से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
    28 अक्टूबर को विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान ई-वेस्ट प्रबंधन पर विशेष जागरूकता गतिविधियां और प्रश्नोत्तरी आयोजित की जाएंगी। पोस्टर, बैनर तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार सामग्री के माध्यम से विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के पर्यावरण एवं स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों, सुरक्षित संग्रहण और जिम्मेदार निस्तारण की जानकारी दी जाएगी। उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को विद्यार्थियों के दैनिक व्यवहार से जोड़ना है।

    सुरक्षित तरीके से होगा ई-वेस्ट का प्रबंधन
    अभियान के अंतर्गत पुराने मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे में फेंकने या खुले में जलाने के बजाय अधिकृत माध्यमों से निस्तारित करने के प्रति जागरूक किया जाएगा। विद्यालयों में ई-वेस्ट संग्रहण के दौरान विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खोलने या तोड़ने से दूर रखने और एकत्रित ई-वेस्ट को अधिकृत रिसाइक्लर अथवा रिफर्बिशर तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। इससे संग्रहण से निस्तारण तक की प्रक्रिया को व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।

    अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी अहम
    अभियान के प्रभावी संचालन के लिए डीआईओएस और बीएसए को अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में निर्धारित गतिविधियां सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारी विद्यार्थियों की सहभागिता, ई-वेस्ट संग्रहण तथा अधिकृत एजेंसियों को हस्तांतरण की व्यवस्था पर ध्यान देंगे। अभियान से जुड़ी गतिविधियों का विवरण निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराना और ऑनलाइन रिपोर्टिंग सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण रहेगा।

    संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने कहा- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालयों में ई-वेस्ट प्रबंधन का यह अभियान विद्यार्थियों में स्वच्छता, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता के संस्कार विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    श्रीमती मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा ने कहा- विद्यालयों में ई-वेस्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निर्धारित गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता, सुरक्षित संग्रहण और अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से निस्तारण पर जोर देते हुए अभियान की नियमित निगरानी एवं निर्धारित पोर्टल पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी।

     

  • बीजापुर की तीरंदाज सरिता तेलम का सम्मान, मुख्यमंत्री साय ने थपथपाई पीठ

    बीजापुर की तीरंदाज सरिता तेलम का सम्मान, मुख्यमंत्री साय ने थपथपाई पीठ

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके से निकलकर युवां अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर अलग पहचान बना रहें हैं। इन्हीं में से एक है बीजापुर की सरिता तेलम, जिन्होंने तीरंदाजी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी एक अलग पहचान बना ली है।

    सरिता की मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक मीडिया हाउस की ओर से आयोजित GenNext संवाद Youth Award में उनको सम्मानित किया।

    संघर्ष और समर्पण से बनाई पहचान
    आदिवासी अंचल से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना उनकी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। सरिता ने राष्ट्रीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता सहित कई स्पर्धाओं में सफलताएं हासिल की है। तीरंदाजी के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियां न केवल बीजापुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय हैं। उनका संघर्ष और खेल के प्रति प्रतिबद्धता खासकर युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

    बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
    उनकी सफलता ने क्षेत्र की प्रतिभाओं और बेटियों में आगे बढ़ने की उम्मीद और आत्मविश्वास को मजबूत किया है। उनकी उपलब्धियां यह संदेश देती हैं कि मेहनत, लगन और समर्पण के साथ विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

    CM साय ने संवाद में किया सम्मानित
    राजधानी रायपुर में संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीरंदाजी के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और उल्लेखनीय उपलब्धियों को देखते हुए सरिता तेलम को सम्मानित किया।

  • मध्यप्रदेश की लाडली बहनों के लिए खुशखबरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव 14 अक्टूबर को खातों में अंतरित करेंगे राशि

    मध्यप्रदेश की लाडली बहनों के लिए खुशखबरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव 14 अक्टूबर को खातों में अंतरित करेंगे राशि

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे नवरात्रि में लाडली बहनों को देंगे 41 वीं किश्त की सौगात

    1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में अंतरित होगी राशि
    14 अक्टूबर को उमरिया के गुरुवाही से सिंगल क्लिक से होगी जारी राशि
    144 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन

    उमरिया

    नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रदेश की लाड़ली बहनों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 41 वीं किश्त की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री 14 अक्टूबर को उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत गुरुवाही ग्राम में आयोजित लाड़ली बहना योजना सम्मेलन में सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की किश्त की राशि अंतरित करेंगे। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,500 रुपये के मान से आर्थिक सहायता राशि अंतरित की जायेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी करेंगे। नवरात्रि के दौरान महिलाओं को मिलने वाली यह राशि महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सम्मान के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी।

    महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को मजबूत कर रही योजना

    मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में निरंतर सुधार करना तथा परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका को सशक्त करना है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ परिवार की आर्थिक गतिविधियों में भी अधिक प्रभावी भागीदारी निभा सकें।

    योजना के अंतर्गत पात्र सामान्य लाभार्थी महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करने वाली पंजीकृत पात्र महिलाओं को योजना के प्रावधानों के अनुसार प्रतिमाह 900 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। सहायता राशि आधार से जुड़े डीबीटी सक्रिय बैंक खातों में सीधे अंतरित की जाती है, जिससे भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और सुविधाजनक बनी रहती है।

    जून 2023 से अब तक 40 किस्तों का नियमित अंतरण

    योजना के अंतर्गत जून 2023 में लगभग 1.25 करोड़ लाभार्थी महिलाओं को पहली मासिक आर्थिक सहायता राशि अंतरित की गई थी। सितंबर 2026 तक नियमित रूप से 40 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। अब 14 अक्टूबर बुधवार को 41वीं किस्त जारी की जाएगी। इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, अगस्त 2024, अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में लाभार्थी महिलाओं को चार बार 250-250 रुपये की विशेष आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है।

    योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना में 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

    136 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव उमरिया जिले के गुरुवाही में आयोजित लाड़ली बहना योजना सम्मेलन में कुल 14,415.93 लाख रुपये की लागत के 136 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। इनमें 8,731.55 लाख रुपये की लागत के 68 कार्यों का लोकार्पण और 5,684.41 लाख रुपये की लागत के 68 कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है। इन विकास कार्यों में बांधवगढ़ और मानपुर विधानसभा क्षेत्रों के कार्य भी शामिल हैं। बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 5,906.99 लाख रुपये की लागत के 18 कार्यों का लोकार्पण तथा 3,225.22 लाख रुपये की लागत के 46 कार्यों का भूमि-पूजन किया जाएगा। मानपुर विधानसभा क्षेत्र में 2,824.56 लाख रुपये की लागत के 50 कार्यों का लोकार्पण तथा 2,459.16 लाख रुपये की लागत के 22 कार्यों का भूमि-पूजन होगा।

     

  • जेल से बाहर आते ही शक्ति प्रदर्शन, 8 किमी तक वाहनों की रफ्तार पर लगा ब्रेक

    जेल से बाहर आते ही शक्ति प्रदर्शन, 8 किमी तक वाहनों की रफ्तार पर लगा ब्रेक

     भोपाल

    कोहेफिजा के करबला इलाके में गोलीबारी के मामले में जेल पहुंचे बदमाश शाहिद इटारसी उर्फ शाहिद अंसारी की सोमवार रात जमानत पर रिहाई हुई तो उसके समर्थकों ने स्वागत के नाम पर सड़क पर शक्ति प्रदर्शन किया। उसे लेने 100 से ज्यादा समर्थक कारों और बाइकों से केंद्रीय जेल पहुंचे। इसके बाद लालघाटी से वीआइपी रोड तक काफिला निकाला गया। करीब आठ किलोमीटर के रास्ते पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई।

    कार की छत से हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन

    रात करीब 10 बजे यातायात प्रभावित होने से आम वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शाहिद कार में सवार होकर निकला और कार की छत से हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन करता रहा। पीछे कारों और बाइकों का हुजूम चलता रहा।
     

  • बांसवाड़ा से शुरू हुआ प्यार, रतलाम में हत्या पर खत्म; छात्रा का हत्यारोपी गिरफ्तार

    बांसवाड़ा से शुरू हुआ प्यार, रतलाम में हत्या पर खत्म; छात्रा का हत्यारोपी गिरफ्तार

    रतलाम

     राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के घाटोल से शुरू हुई प्रेम कहानी का रतलाम में खौफनाक अंत हो गया। 20 वर्षीय प्रथम वर्ष की छात्रा सुनहरी पुत्री नारायण भगोरा की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके प्रेमी 20 वर्षीय विकास पुत्र प्रतिपाल यादव को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है।

    सुनहरी 9 अक्टूबर को घर से लापता हुई थी। अगले दिन रतलाम में रेलवे ट्रैक किनारे नाले में उसका शव मिला। विकास उसे प्रयागराज ले जाने की बात कहकर स्टेशन क्षेत्र में ले गया और विवाद के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी। शव नाले में छोड़कर वह प्रयागराज भाग गया।

    बांसवाड़ा से रतलाम तक की घटना और शिनाख्त

    सुनहरी बांसवाड़ा जिले के घाटोल थाना क्षेत्र के बडलिया की रहने वाली थी। विकास भी उसी गांव का निवासी है। वह मूल रूप से प्रयागराज के पास बिजलपुर गांव का रहने वाला है और बांसवाड़ा में परिवार के साथ रहकर मावे की दुकान पर मिठाई बनाने का काम करता था।

    सुनहरी के लापता होने पर स्वजन ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी और विकास पर उसे साथ ले जाने का संदेह जताया था। 10 अक्टूबर को सुबह 11 से 12 बजे के बीच रतलाम जीआरपी को प्लेटफार्म नंबर-4 से आगे बकरा पुल के पास रेलवे ट्रैक किनारे नाले में शव मिलने की सूचना मिली।

    जीआरपी ने शव को मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी में रखवाया। पहचान के लिए तस्वीर आसपास के थानों और जिलों की पुलिस को भेजी गई। बांसवाड़ा पुलिस तक तस्वीर पहुंचने के बाद 12 अक्टूबर को सुनहरी की पहचान हुई। मंगलवार को उसके स्वजन तीन वाहनों से रतलाम पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया।
    होटल में चार घंटे रुके, फिर स्टेशन की ओर ले गया

    बांसवाड़ा पुलिस विकास की तलाश में प्रयागराज पहुंची। वह गांव में नहीं मिला तो स्वजन से संपर्क किया। परिवार में किसी की मृत्यु के बाद आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए विकास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

    मंगलवार को डीएसपी देवेंद्र सिंह टीम के साथ उसे रतलाम लाए और एसपी अमित कुमार को सूचना दी। एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल, राजस्थान पुलिस और जीआरपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। तलाशी में शव मिलने की जगह से स्टेशन की ओर करीब 100 मीटर दूर कॉलेज बैग मिला। उसमें किताबें, कापियां और कॉलेज की यूनिफॉर्म थी। राजस्थान पुलिस ने बैग जब्त कर लिया।

    शारीरिक संबंध, विवाद और हत्या का खुलासा

    टीम विकास को स्टेशन रोड की मनोहर गली स्थित होटल जय महाकाली ले गई। रजिस्टर के अनुसार वह 9 अक्टूबर की शाम सुनहरी के साथ कमरा नंबर-2 में रुका था। दोनों करीब चार घंटे बाद वहां से निकले। डीएसपी देवेंद्र सिंह ने बताया कि विकास ने पूछताछ में होटल में युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाने और रेलवे ट्रैक किनारे विवाद के बाद गला घोंटकर हत्या करने की बात बताई।

    जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार ने बताया कि विकास युवती को स्टेशन के बाहर से दूसरे रास्ते बकरा पुल की ओर ले गया, ताकि दोनों सीसीटीवी कैमरों में कैद न हों। होटल और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटा रहे हैं। आरोपित के किसी दूसरी युवती से संबंध होने की जानकारी भी सामने आई है। हत्या की वजह और घटनाक्रम की पुष्टि के लिए जांच जारी है।

     

  • पुणे के निकट दक्षणा वैली में मिलेगी तैयारी की सुविधा

    पुणे के निकट दक्षणा वैली में मिलेगी तैयारी की सुविधा

    सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का सुनहरा अवसर, दक्षणा फाउंडेशन देगा साथ

    कक्षा 10 के अंकों और पारिवारिक आय के आधार पर होगा चयन, पात्र विद्यार्थी ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन

    लखनऊ
    आर्थिक अभाव मेधावी विद्यार्थियों के इंजीनियर और डॉक्टर बनने के सपनों की राह में बाधा नहीं बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के अवसरों को अधिक सुलभ बनाने और वंचित वर्गों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में कक्षा 12 विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को जेईई और नीट जैसी प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का विशेष अवसर मिल रहा है। दक्षणा फाउंडेशन की संयुक्त दक्षणा चयन परीक्षा (जेडीएसटी-2027) के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को एक वर्ष तक निःशुल्क कोचिंग, आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

    यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन मेधावी विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो प्रतिभा और मेहनत के बावजूद महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते। निःशुल्क तैयारी की सुविधा मिलने से उन्हें इंजीनियरिंग और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। प्रदेश सरकार की शिक्षा संबंधी पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनके भविष्य को मजबूत बनाना है।

    पुणे के निकट दक्षणा वैली में मिलेगी तैयारी की सुविधा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जेडीएसटी-2027 के तहत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी करने के बाद पुणे के निकट स्थित दक्षणा वैली परिसर में एक वर्ष तक जेईई अथवा नीट की तैयारी कराई जाएगी। इस दौरान कोचिंग के साथ रहने और भोजन की सुविधा भी निःशुल्क मिलेगी। इससे विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आर्थिक बोझ कम होगा और छात्र अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

    अंकों और आय के निर्धारित मानकों पर मिलेगा अवसर
    समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2026-27 में कक्षा 12 विज्ञान वर्ग में पढ़ने वाले और मई 2027 तक बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी निर्धारित पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। इंजीनियरिंग वर्ग में सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए कक्षा 10 के गणित एवं विज्ञान विषयों में 85 प्रतिशत और छात्राओं के लिए 80 प्रतिशत कटऑफ निर्धारित है। अन्य श्रेणियों के लिए अलग मानक लागू होंगे। मेडिकल वर्ग में सामान्य श्रेणी के लिए 80 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 75 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 65 प्रतिशत कटऑफ तय है। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भी अलग कटऑफ का प्रावधान है।

    पारिवारिक आय की शर्तों के तहत छात्रों के परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम और छात्राओं के परिवार की वार्षिक आय पांच लाख रुपये से कम होनी चाहिए। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले विद्यार्थी इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

    प्रधानाचार्यों को पात्र विद्यार्थियों को जागरूक करने के निर्देश
    समाज कल्याण विभाग ने सर्वोदय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे कक्षा 12 विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को इस योजना की जानकारी दें और पात्र विद्यार्थियों को आवेदन के लिए प्रेरित करें। इससे योग्य विद्यार्थियों तक अवसर की जानकारी पहुंचाने और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।जेडीएसटी-2027 के लिए आवेदन दक्षणा फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट https://apply.scholarship.dakshana.org पर किया जा सकता है।

  • झारखंड में पेंशन पर सियासत तेज, भाजपा नेता ने पूछा- बुजुर्गों और दिव्यांगों का क्या कसूर?

    झारखंड में पेंशन पर सियासत तेज, भाजपा नेता ने पूछा- बुजुर्गों और दिव्यांगों का क्या कसूर?

    धनबाद
     दुर्गा पूजा से पहले झारखंड की मंइयां सम्मान योजना के लाभुकों के खातों में सितंबर महीने की राशि का भुगतान कर दिया गया है।

    वहीं, राज्य में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लाभुकों को करीब छह महीने से भुगतान का इंतजार है। इससे हजारों जरूरतमंद परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।

    धनबाद, बोकारो और रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में पेंशन भुगतान लंबित रहने से लाभुक परेशान हैं।

    वृद्धावस्था पेंशन पर निर्भर बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए यह राशि रोजमर्रा की जरूरतों, दवा और जरूरी खर्चों का सहारा होती है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

    एक ओर मइयां सम्मान योजना की सितंबर महीने की राशि दुर्गा पूजा से पहले मिलने से महिला लाभुकों को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभुक अब भी बकाया राशि मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

    लाभुकों को इंतजार है कि सरकार लंबित पेंशन का भुगतान जल्द सुनिश्चित करेगी। दुर्गा पूजा के माैके पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभुकों को सरकार से उम्मीद है कि उनपर ध्यान दिया जाएगा।

    हालांकि, बाद, बोकारो और रांची सहित पूरे राज्य में पेंशन भुगतान की वास्तविक लंबित अवधि, प्रभावित लाभुकों की संख्या और राशि जारी होने की संभावित तारीख की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

    भाजपा नेता रमेश राही ने दुर्गा पूजा से पहले सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभुकों के खाते में पेंशन की राशि भेजने की मांग की है। उन्होंने कहा है-दिव्यांग, विधवा और वृद्धजन को पेंशन की ज्यादा जरूरत है।

    उन्होंने कहा है-मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना का भुगतान अच्छी बात है लेकिन दिव्यांग, विधवा और वृद्धजनों का क्या कसूर है?

  • रामभक्ति में रंगे रूसी कलाकार, रामलीला के जरिए दिखेगी रूस और भारतीय संस्कृतियों का मेल

    रामभक्ति में रंगे रूसी कलाकार, रामलीला के जरिए दिखेगी रूस और भारतीय संस्कृतियों का मेल

    सीएम योगी ने बढ़ाया अयोध्या के दीपोत्सव और रामलीला का वैभव, विदेशी कलाकार भी ले रहे प्रेरणा

    सीएम योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंची अयोध्या में मंचित रामलीला

    2017 के बाद कई अवसरों पर रूस से अयोध्या आकर रामलीला का मंचन कर चुके हैं अंतरराष्ट्रीय कलाकार

    लखनऊ
    भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी और दीपोत्सव का उल्लास अब सरयू के तट तक सीमित नहीं है। रामकथा की गूंज रूस की राजधानी मास्को में भी सुनाई देने की तैयारी है। अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारियों के बीच मास्को में भी रामलीला के मंचन की तैयारी शुरू हो गई है। रूस के 16 कलाकार रामायण के पात्रों को मंच पर जीवंत करने के लिए जुट गए हैं। इस आयोजन की खास बात यह है कि रामायण के पात्रों की वेशभूषा के लिए दिल्ली के चांदनी चौक से वस्त्र खरीदकर रूस ले जाए गए हैं। भारतीय परंपरा, रामकथा और रूसी कलाकारों की भागीदारी का यह मेल अयोध्या के सांस्कृतिक वैभव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बढ़ा रहा है।

    उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या के दीपोत्सव और रामलीला से जुड़े आयोजनों को लेकर दुनिया भर में चर्चा होती रही है। मास्को में आयोजित होने वाली रामलीला के निर्माता एवं निर्देशक डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद रामलीला का वैभव अंतरराष्ट्रीय मंच पर बहुत बढ़ा है। रूसी कलाकारों की रामलीला के मंचन से भारत और रूस के संबंधों को मजबूती मिलती है। इस दृष्टि से मास्को में होने वाली रामलीला केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि दो देशों के बीच परंपराओं और कलात्मक अभिव्यक्ति के आदान-प्रदान का अवसर भी है।

    2018 में अयोध्या से शुरू हुआ सफर
    रूसी कलाकारों और अयोध्या के बीच रामलीला के माध्यम से सांस्कृतिक जुड़ाव की एक महत्वपूर्ण कड़ी नवंबर 2018 में जुड़ी। उस समय अयोध्या में रूस की ‘दिशा रामलीला’ की पहली प्रस्तुति हुई। यह आयोजन रूसी कलाकारों के रामायण से जुड़े मंचन और अयोध्या के सांस्कृतिक वातावरण के बीच संपर्क का अहम पड़ाव बना। भगवान श्रीराम की कथा को दूसरे देश के कलाकारों द्वारा मंच पर प्रस्तुत किया जाना इस सांस्कृतिक यात्रा की विशिष्टता रही।

    इसके बाद जनवरी 2019 में ‘दिशा रामलीला’ को प्रयागराज कुंभ मेले के मंच पर प्रस्तुत किया गया। कुंभ जैसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में रूसी कलाकारों की भागीदारी ने इस यात्रा को एक और महत्वपूर्ण आयाम दिया। रामलीला के माध्यम से भारतीय धार्मिक परंपराओं और रंगमंचीय अभिव्यक्ति के बीच संवाद का अवसर बना।

    दीपोत्सव से जुड़ता गया रूसी कलाकारों का रिश्ता
    अयोध्या में दीपोत्सव समारोहों के साथ ‘दिशा रामलीला’ की प्रस्तुतियों का सिलसिला भी जुड़ा रहा। दीपोत्सव भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी जो लेकर आयोजित होने वाला प्रमुख उत्सव है। इस अवसर पर रूसी कलाकारों की भागीदारी ने भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने का अवसर दिया।

    रामकथा बनेगी सांस्कृतिक संवाद का माध्यम
    रामलीला की विशेषता यह है कि इसकी कथा भारतीय समाज और परंपरा में गहरे रूप से जुड़ी हुई है, लेकिन इसके मंचन की संभावनाएं भौगोलिक सीमाओं तक बंधी नहीं हैं। जब दूसरे देश के कलाकार रामायण के पात्रों को मंच पर प्रस्तुत करते हैं, तो उन्हें भारतीय साहित्य, परंपरा और रंगमंच की अभिव्यक्ति से जुड़ने का अवसर मिलता है। मास्को में 16 रूसी कलाकारों की टीम की तैयारी इसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान की एक कड़ी है।
    डॉ. रामेश्वर सिंह के अनुसार इस तरह के मंचन दोनों देशों के संबंधों को मजबूती देते हैं। श्रीराम की कथा से जुड़े इस आयोजन में अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान और रूसी कलाकारों की भागीदारी एक साथ दिखाई देती है। इस तरह रामलीला का मंचन केवल कथा की प्रस्तुति नहीं, बल्कि अलग-अलग संस्कृतियों के बीच संवाद का माध्यम भी बन रहा है।

    दिशा रामलीला महान रंगकर्मी गेन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव की विरासत को भी आगे बढ़ाती है, जिन्हें स्नेहपूर्वक “रूसी राम” कहा जाता था। रूसी दर्शकों के बीच रामलीला को लोकप्रिय बनाने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है।

    रामलीला के किरदार
    1) राम – अलेक्सी
    2) सीता  – दाशा
    3) लक्ष्मण – ओलेग
    4) हनुमान -दमित्री
    5) भरत -एवजेनी
    6) रावण – सर्गेई
    7) दशरथ – आरतियों
    8) कौशल्या – रति
    9) सुमित्रा- नतातालया
    10) कैकेई – इरीना
    11) जनक- वसीली
    12) सोने का हिरान – रीता
    13) मिशा
    14) नादेजदा
    15) राक्षस सेना
    16) वानर सेना ।

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    जयपुर
    पशुपालन, गोपालन एवं मत्स्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीतारामजी भाले ने मंगलवार को राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेल्पलाइन पर प्राप्त परिवादों, उनके निस्तारण की प्रगति तथा विभागीय कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को लंबित परिवादों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण करने तथा परिवादियों को अधिकतम राहत उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

    भाले ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद में परिवाद दर्ज करवाता है। कई बार परिवाद दर्ज करवाना उसके लिए अंतिम विकल्प होता है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रत्येक परिवाद को गंभीरता से लेते हुए उसका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अन्य विभागों अथवा अधिकारियों के स्तर पर कार्रवाई अपेक्षित होने पर संबंधित परिवादों को बिना विलंब उचित स्तर पर प्रेषित किया जाए, ताकि उनके निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो।

    निरीक्षण के दौरान भाले ने चूरू जिले के भूराराम के दुग्ध वाहन के लंबित भुगतान तथा पाली जिले के गुलाबचंद की अनुदान राशि के लंबित भुगतान की समस्या को सुना एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में उन्होंने डीग जिले के आबिद से मत्स्य पालन प्रशिक्षण की समस्या की जानकारी ली तथा उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के लिए आश्वस्त किया। वहीं, बाड़मेर जिले के महिपाल एवं मोतीलाल से गोवंश के लिए चारा-पानी की व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की जानकारी लेते हुए इनके समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान भाले ने राजस्थान संपर्क एआई की कार्यप्रणाली एवं उसके उपयोग की विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि संपर्क एआई के प्रभावी उपयोग के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि परिवादों के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक सुगम एवं तेज बनाया जा सके।

    1962 हेल्पलाइन से घर पर उपलब्ध हो रही पशु चिकित्सा सेवा
    इस अवसर पर उन्होंने परिवादियों को 1962 हेल्पलाइन के विषय में जागरूक करते हुए कहा कि बीमार एवं जरूरतमंद पशुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना विभाग की प्राथमिकता है। पशुपालक हेल्पलाइन नंबर 1962 पर कॉल करके मोबाइल वेटरनरी वैन की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इस सेवा के माध्यम से पशुपालकों के घर पर ही पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाकर बीमार पशुओं को समय पर उपचार एवं राहत प्रदान की जा रही है।