Author: NewseDay

  • राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से बच्चों को मिलेगा नया जीवन, सरगुजा में 48 मरीज निःशुल्क उपचार एवं सर्जरी के लिए चिन्हांकित

    राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से बच्चों को मिलेगा नया जीवन, सरगुजा में 48 मरीज निःशुल्क उपचार एवं सर्जरी के लिए चिन्हांकित

    रायपुर

    बर्न, कटे-फटे होंठ, तालू और क्लब फुट से पीडि़त बच्चों एवं मरीजों का रायपुर के कालड़ा हॉस्पिटल में होगा निःशुल्क उपचार

    छत्तीसगढ़ में बच्चों को स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य प्रदान करने की दिशा में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में आयोजित विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं सर्जरी चिन्हांकन शिविर में जन्मजात विकारों एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से पीडि़त 48 बच्चों एवं मरीजों को निःशुल्क उपचार और आवश्यक सर्जरी के लिए चिन्हांकित किया गया है। इन मरीजों को रायपुर स्थित कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। मरीजों को रायपुर तक पहुंचाने के लिए आवश्यक परिवहन व्यवस्था भी की जाएगी।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरुता के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके/चिरायु) के अंतर्गत जिला मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित 100 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। स्वास्थ्य विभाग सरगुजा और कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल रायपुर के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस शिविर में विकासखंड स्तर पर चिरायु दलों द्वारा पहले से चिन्हांकित बच्चों एवं मरीजों का विशेषज्ञ चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर का उद्देश्य जन्मजात विकारों और अन्य जटिल स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे जरूरतमंद बच्चों एवं मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से जोड़ना तथा उन्हें निःशुल्क उपचार एवं सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराना है।

    बर्न के 8, कटे-फटे होंठ के 18, तालू के 12 और क्लब फुट के 10 मरीज चिन्हांकित

    शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कुल 48 मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार एवं सर्जरी के लिए चिन्हांकित किया गया। इनमें बर्न से संबंधित समस्याओं के 8 मरीज, जन्मजात कटे-फटे होंठ के 18, कटे-फटे तालू के 12 तथा क्लब फुट के 10 मरीज शामिल हैं। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद इन मरीजों को रायपुर स्थित कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल में आवश्यक उपचार एवं सर्जरी उपलब्ध कराने के संबंध में सहमति प्राप्त की गई। अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक एवं प्लास्टिक सर्जन डॉ. दीपक ठाकुर ने मरीजों की जांच कर उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के अनुरूप आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया।

    जन्मजात कटे-फटे होंठ और तालू जैसी समस्याओं के कारण बच्चों को भोजन करने, बोलने तथा सामान्य जीवन की गतिविधियों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं क्लब फुट जैसी जन्मजात समस्या से बच्चों के चलने-फिरने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप और आवश्यक सर्जरी से ऐसी समस्याओं में सुधार संभव है। शिविर के माध्यम से चिन्हांकित मरीजों को विशेषज्ञ उपचार से जोड़ने की पहल उनके बेहतर स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    दूरस्थ अंचलों के बच्चों तक पहुंच रही विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा

    मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अविनाश मेश्राम ने कहा कि ऐसे विशेष स्वास्थ्य शिविर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद बच्चों एवं मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.सी. आर्या ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों में जन्मजात विकारों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराना आवश्यक है। सिविल सर्जन डॉ. जे.के. रेलवानी ने जरूरतमंद मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा एवं सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

    कालड़ा हॉस्पिटल के विशेषज्ञ प्लास्टिक सर्जन डॉ. दीपक ठाकुर ने बताया कि बर्न, कटे-फटे होंठ, तालू और क्लब फुट जैसी समस्याओं का समय पर उपचार मरीजों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उचित चिकित्सकीय देखभाल और आवश्यक सर्जरी से मरीजों की शारीरिक कार्यक्षमता एवं जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलती है।

    चिरायु कार्यक्रम से जन्मजात विकारों की शीघ्र पहचान और उपचार पर विशेष जोर

    राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों में जन्मजात विकारों, बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों और विकासात्मक समस्याओं की शीघ्र पहचान कर उन्हें आवश्यक चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा जाता है। चिरायु दलों के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच तथा जरूरत के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों में उपचार की व्यवस्था की जाती है। अम्बिकापुर में आयोजित शिविर इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिससे 48 जरूरतमंद मरीजों को विशेषज्ञ उपचार एवं आवश्यक सर्जरी का अवसर मिलेगा।

    शिविर में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अविनाश मेश्राम, संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.सी. आर्या, सिविल सर्जन डॉ. जे.के. रेलवानी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विमलचंद पैकरा, प्रोफेसर डॉ. अविनाशी कुजूर, डॉ. अभिजीत दीवान, नोडल नर्सिंग डॉ. पी.के. सिन्हा, नोडल आरबीएसके डॉ. के.पी. विश्वकर्मा, डॉ. कांत चौहान, डॉ. दीपक गुप्ता,  

     

     

  • गांजा, ट्रक एवं मोबाइल फोन सहित लगभग 1 करोड़ 13 लाख रूपए की संपत्ति जब्त

    गांजा, ट्रक एवं मोबाइल फोन सहित लगभग 1 करोड़ 13 लाख रूपए की संपत्ति जब्त

    भोपाल
    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शहडोल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 735 किलो 440 ग्राम गांजा, ट्रक एवं मोबाइल फोन सहित लगभग 1 करोड़ 13 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। यह कार्यवाही पुलिस अधीक्षक डॉ संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में थाना जयसिंहनगर पुलिस द्वारा की गई।

    13 अक्टूबर को रात्रि गश्त के दौरान थाना जयसिंहनगर पुलिस ने एक संदिग्ध ट्रक को रोककर चालक एवं खलासी से पूछताछ की। संदेह के आधार पर वाहन की विधिवत तलाशी लेने पर ट्रक में रखी 18 बोरियों एवं 81 पैकेटों से कुल 735 किलो 440 ग्राम गांजा प्राप्‍त हुआ, जिसे विधिवत जब्त किया गया। साथ ही ट्रक और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस ने ट्रक चालक एवं खलासी को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश एवं झारखंड के निवासी हैं। मामले में थाना जयसिंहनगर में एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध बिक्री के विरुद्ध सतत निगरानी रखते हुए प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

     

  • भाजपा में शामिल होंगे तीन विधायक, कल बड़ा सियासी घटनाक्रम

    भाजपा में शामिल होंगे तीन विधायक, कल बड़ा सियासी घटनाक्रम

    अमेठी
    अमेठी के गौरीगंज के सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह के भाजपा में शामिल होने से जिले के राजनीतिक समीकरण में खासा बदलाव आएगा। उनके साथ गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह और कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी भी भाजपा में शामिल होंगे। कार्यक्रम के लिए गौरीगंज-जगदीशपुर मार्ग स्थित विधायक के आवास मंगलम के बगल में तैयारियां की गई हैं। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इसे अमेठी की राजनीति में अहम माना जा रहा है।

    कार्यक्रम में भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री और पूर्व सांसद स्मृति इरानी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय मंत्री भोला सिंह, पूजा पाल और प्रभारी मंत्री प्रतिभा शुक्ला समेत गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र के 500 से अधिक ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।

    कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। राकेश प्रताप सिंह सपा के टिकट पर लगातार तीन बार गौरीगंज से विधायक चुने गए हैं। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद वह चर्चा में आए थे। उनके भाजपा में शामिल होने से जिले में सपा और भाजपा के राजनीतिक समीकरणों पर गहरा असर पड़ेगा।
    सुरक्षा और यातायात के लिए पुलिस बल तैनात
    कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के चाकचौबंद इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक सरवण टी के निर्देश पर पुलिस के साथ पीएसी की तैनाती की गई है। थाना प्रभारियों के साथ 50 उपनिरीक्षक, 200 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल ड्यूटी पर लगाए गए हैं। किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए आयोजन स्थल की लगातार निगरानी रहेगी।

  • उप मुख्यमंत्री ने 40 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की, कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट और एआई सुविधाओं के विस्तार की पहल

    उप मुख्यमंत्री ने 40 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की, कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट और एआई सुविधाओं के विस्तार की पहल

    रायपुर 

    उप मुख्यमंत्री ने 40 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की, कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट और एआई सुविधाओं के विस्तार की पहल

     कबीरधाम जिले के बोड़ला में प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार और उच्च शिक्षा के लिए अधोसंरचना विकास को गति देते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज 60 लाख रुपए के दो विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके तहत एसडीएम कार्यालय बोड़ला में 30 लाख रुपए की लागत से सभा कक्ष सह सामुदायिक शौचालय तथा शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय में 30 लाख रुपए की लागत से अतिरिक्त कक्ष का निर्माण किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने 40 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की। इसमें कॉलेज में बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए 15 लाख रुपये, बालिका शौचालय निर्माण के लिए 4.60 लाख रुपए, ग्राम भीरा में मंगल भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए तथा सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख 40 हजार रुपए शामिल हैं। इसके साथ ही कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट सुविधा और एआई आधारित तकनीक उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी।

    उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल तकनीक और नवाचार के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग ज्ञान बढ़ाने, क्षमताओं के विकास और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी तकनीक के स्वामी बनें, तकनीक उनका स्वामी न बने। चौटजीपीटी, जेमिनाई, ग्रोक और परप्लेक्सिटी जैसे एआई टूल्स का उपयोग पढ़ाई और रचनात्मक कार्यों को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। साथ ही विद्यार्थियों को अपने संस्कारों और मूल्यों को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विधानसभा क्षेत्र के 85 स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इनमें 50 स्थानों पर स्मार्ट बोर्ड लगाए जा चुके हैं तथा शेष 35 स्थानों पर भी लगाए जाएंगे। छात्रावासों और महाविद्यालयों में भी डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से विज्ञान, गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान जैसे विषयों की जटिल अवधारणाओं को वीडियो और डिजिटल सामग्री से सरलता से समझाया जा सकेगा।

    उप मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों की काउंसलिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत एनडीए, सीजीपीएससी, यूपीएससी, कर्मचारी चयन आयोग और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को उनके लक्ष्य के अनुरूप मार्गदर्शन मिल सके। उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीक सीखने और उसका विवेकपूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, नवाचार और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास एवं अभ्यास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष  बालका रामकिंकर वर्मा, नगर पंचायत बोड़ला अध्यक्ष  विजय पाटिल,  बरसाती लाल वर्मा,  छोटूराम चंद्रवंशी,  मोहन धुर्वे, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष  नंद वास, जिला पंचायत सदस्य मती ललिता रूपसिंग धुर्वे,  कांशीराम उईके, सरपंच  रेशमा बाई सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • मजबूती अर्थव्यवस्था को दर्शाते हैं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के आंकड़े : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मजबूती अर्थव्यवस्था को दर्शाते हैं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के आंकड़े : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विकास यात्रा वैश्विक स्तर पर मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के नवीनतम वर्ल्ड इकनामिक आउटलुक ग्रोथ प्रोजेक्शन्स के अनुसार, भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्ष 2026 और 2027 में 7.0 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। यह हमारी सशक्त अर्थव्यवस्था और क्षमता का प्रमाण है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारतीय अर्थव्यवस्था द्वारा अर्जित अर्थव्यवस्था की मजबूती, संवर्धित क्षमताओं और विस्तारित होती संभावनाओं को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में प्राप्त यह उपलब्धि हर्ष और गर्व का विषय है। इसके साथ ही यह उपलब्धि प्रधानमंत्री  मोदी के सक्षम नेतृत्व का भी प्रमाण है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश में आर्थिक सुधारों, बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश को बढ़ावा देने से विकास के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में भारत निरंतर प्रयत्नशील और गतिशील है।

     

  • क्रिकेट के किंग कोहली का नया अंदाज, डेब्यू पोस्ट हुआ वायरल

    क्रिकेट के किंग कोहली का नया अंदाज, डेब्यू पोस्ट हुआ वायरल

     नई दिल्ली
    भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने खेल के मैदान से दूर अब पेशेवर नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर अपनी नई शुरुआत की है। इस मंच के जरिए उन्होंने भारतीय खेल क्षेत्र के लिए अपने विजन को साझा किया और एगिलाटास स्पोर्ट्स में अपने निवेश का जिक्र किया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ एक पेशेवर खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बताने के अलावा, लिंक्डइन प्रोफाइल में खुद को बिजनेसमैन बताया है। कोहली ने प्रोफाइल में खुद को एगिलाटास का निवेशक और वन8वर्ल्ड का सह-संस्थापक बताया है।

    कोहली के पोस्ट से उत्साहित हुए यूजर्स
    लिंक्डइन पर कोहली के पहले पोस्ट को फैंस का जबरदस्त प्यार मिला है, जिसे महज कुछ घंटे के भीतर हजारों लाइक्स, सैकड़ों कमेंट्स और रीपोस्ट मिल चुके हैं। इस स्टार बल्लेबाज ने भारतीय खेलों के भविष्य के लिए अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए एक ऐसा व्यवसाय स्थापित करने की अपनी महत्वाकांक्षा पर जोर दिया, जो पेशेवर क्रिकेटर के रूप में उनके संन्यास के बाद भी लगातार आगे बढ़ता रहे।

    खेल प्रतिभाओं को विकसित करने पर की बात
    कोहली ने भारत में विश्व स्तर की खेल प्रतिभाओं को विकसित करने और वैश्विक पहुंच वाले घरेलू ब्रांड तैयार करने की अपार संभावनाओं पर भी बात की। बिजनेस में आना उनके एक बड़े प्लान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विनिर्माण, उपभोक्ता ब्रांड और वितरण को शामिल करते हुए एक एकीकृत खेल व्यवसाय का निर्माण करना है। लिंक्डइन पर साझा किए गए अपने पहले पोस्ट में विराट कोहली ने लिखा, मैं हमेशा से एक ऐसा भारत देखना चाहता था जहां हर खेल को फॉलो किया जाए, उसका जश्न मनाया जाए और उसे खेला जाए। आज, वह विजन पहले से कहीं अधिक करीब महसूस होता है। एक नई पीढ़ी यह साबित कर रही है कि भारत विश्व स्तर के एथलीट तैयार कर सकता है और वैश्विक मंच के लिए ब्रांड बना सकता है।

    उन्होंने लिखा, भारत से एक एंड-टू-एंड स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म बनाने का विजन, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, कंज्यूमर ब्रांड और स्पोर्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन शामिल हैं। यह इस विश्वास पर आधारित है कि भारत केवल वैश्विक खेल में भाग नहीं ले सकता, बल्कि उसके भविष्य को आकार देने में मदद कर सकता है। यही वजह है कि मैं एक निवेशक के रूप में जुड़ा हूं। विजन बिल्कुल स्पष्ट है। अब कुछ ऐसा बनाने का समय आ गया है जो हम सभी से आगे भी चलता रहे। हम इसी सफर पर हैं।

    शानदार फॉर्म में चल रहे हैं कोहली
    खेल के मैदान पर भी विराट कोहली यह लगातार साबित कर रहे हैं कि वह एक ऐसी ताकत हैं जिनका मुकाबला करना आसान नहीं है। उन्होंने अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में अपनी जगह पक्की करने के लिए अपना दावा मजबूत करना जारी रखा है। कोहली हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलते नजर आए थे।

     

  • आजादी के बाद पहली बार ग्राम चांगेर में पहुंची विकास की रोशनी

    आजादी के बाद पहली बार ग्राम चांगेर में पहुंची विकास की रोशनी

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के नारायणपुर ज़िले के अबूझमाड़ क्षेत्र के कई दूरदराज और नक्सल-प्रभावित गांवों में दशकों के अंधेरे के बाद पहली बार बिजली पहुंचाई गई है। छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुरूप दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कर ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कोण्डागांव जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित अति दुर्गम ग्राम चांगेर में आजादी लगभग 8 दशकों में पहली बार बिजली पहुंची है। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से कराए गए विद्युतीकरण कार्य के फलस्वरूप गांव के सभी 23 घर अब रोशनी से जगमगा उठे हैं।

    अंधेरे से उजाले तक का सफरनामा

    प्रशासनिक और भौगोलिक कारणों से जिन क्षेत्रों में आठ दशकों तक बिजली नहीं पहुँच पाई थी, वहाँ सरकारी प्रयासों और विभिन्न ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के जरिए रोशनी पहुँची है। ग्राम चांगेर के ग्रामीण वर्षों से बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित थे। शाम ढलते ही गांव में अंधेरा छा जाता था। बच्चों को पढ़ाई के लिए लालटेन का सहारा लेना पड़ता था, वहीं रात के समय आवागमन में भी ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बिजली के अभाव में दैनिक जीवन के अनेक कार्य प्रभावित होते थे। ऐसे में गांव में विद्युतीकरण होना ग्रामीणों के लिए लंबे इंतजार के बाद पूरी हुई एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

    ग्राम चांगेर के सभी 23 घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए

    ग्राम चांगेर तक विकास की रोशनी पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से 25.21 लाख रुपये की लागत से विद्युतीकरण कार्य कराया गया। इसके तहत गांव के सभी 23 घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। इस पहल से ग्रामीणों को बुनियादी सुविधा मिलने के साथ ही उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की नई संभावनाएं भी बनी हैं।  लंबे समय से अंधेरे में जीवन गुजार रहे कई गाँवों और मजरों में पहली बार बिजली के बल्ब और स्म्क् की रोशनी पहुँची है। बिजली आने से ग्रामीणों और बच्चों को अंधेरे से राहत मिली है तथा रात के समय कामकाज और पढ़ाई में आसानी हुई है।

    आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

    ग्राम चांगेर में बिजली पहुंचने से बच्चों को अब शाम के समय बेहतर रोशनी में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, ग्रामीणों को घरेलू कार्यों में सुविधा और रात के समय आवागमन में सहूलियत मिलेगी। बिजली की उपलब्धता से शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। यह सुविधा ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    सुरक्षित जीवन और बेहतर भविष्य की दिशा में एक नई शुरुआत

    ग्राम चांगेर में पहली बार बिजली पहुंचने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामवासियों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों के लिए यह केवल बिजली कनेक्शन मिलने की उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्षों से प्रतीक्षित सुविधा, सुरक्षित जीवन और बेहतर भविष्य की दिशा में एक नई शुरुआत है।

    विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा दूरस्थ चांगेर

    माओवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा की स्थिति में सुधार के साथ विकास कार्यों को गति मिल रही है। जिला प्रशासन द्वारा दूरस्थ एवं दुर्गम गांवों तक सड़क, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ग्राम चांगेर में विद्युतीकरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो अंतिम छोर पर बसे परिवारों तक विकास का लाभ पहुंचाने और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के संकल्प को दर्शाती है।

    भारत की आज़ादी के 78 वर्षों बाद कोण्डागांव ज़िले के पूर्व में नक्सल-प्रभावित  ग्राम चांगेर में दशकों के अंधेरे के बाद पहली बार बिजली पहुंचाई गई है। ग्रामीण झूम उठे और उनके चेहरों खुशी की लहर दिख रही है। सरकार ने सुदूर ग्रामीणों तक विकास कार्य पहुंचाने का काम किया है। मोदी सरकार का संकल्प स्पष्ट है कि विकास की रोशनी देश के अंतिम छोर तक पहुँचे, और कोई भी गांव अंधेरे में न रहे, उनकी इसी संकल्प को छत्तीसगढ़ की श्री विष्णु देव की सरकार साकार कर रही है।

  • आईएमएफ ने वर्ष 2026 और 2027 में भारत की आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत रहने का जताया अनुमान

    आईएमएफ ने वर्ष 2026 और 2027 में भारत की आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत रहने का जताया अनुमान

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर जारी अनुमान पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में नया भारत वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद आर्थिक प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आईएमएफ द्वारा वर्ष 2026 और 2027 में भारत की आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि वर्ष 2026 में वैश्विक विकास दर मात्र 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह अंतर भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती, निरंतरता और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की क्षमता को रेखांकित करता है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में किए गए व्यापक आर्थिक सुधारों, अधोसंरचना में ऐतिहासिक निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार, विनिर्माण को प्रोत्साहन और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण ने देश की विकास यात्रा को नई गति प्रदान की है। भारत आज न केवल दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत की यह तेज आर्थिक प्रगति ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में देश के मजबूत कदमों का परिचायक है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण की यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ भी अपनी पूरी सामर्थ्य के साथ सहभागी है। राज्य सरकार ‘विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़’ के ध्येय के अनुरूप निवेश, उद्योग, अधोसंरचना, रोजगार और नवाचार को गति देते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

  • वैशाली में मातम में बदली खुशियां, नदी में डूबी बच्चों से भरी नाव; 8 की गई जान

    वैशाली में मातम में बदली खुशियां, नदी में डूबी बच्चों से भरी नाव; 8 की गई जान

    वैशाली

    जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। रामपुर श्यामचंद पंचायत में भोज खाने जा रहे लोगों से भरी एक नाव नदी में डूब गई।

    इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई है, जबकि स्थानीय निवासियों की मदद से कई अन्य लोगों को पानी से बाहर निकाला गया।

    कैसे हुआ हादसा?

    जानकारी के अनुसार, लगभग आधा दर्जन से अधिक लोग एक नाव पर सवार होकर भोज खाने के लिए जा रहे थे। यात्रा के दौरान अचानक नाव अनियंत्रित होकर पानी में डूब गई।
    अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

    घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत-बचाव कार्य शुरू किया और कई लोगों को बाहर निकाला। हादसे के शिकार लोगों को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, राघोपुर फतेहपुर ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद 8 लोगों को मृत घोषित कर दिया।

    10 से 15 साल थी मृतकों की उम्र

    बताया जा रहा है कि इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी बच्चों की उम्र लगभग 10 से 15 वर्ष के बीच थी। मौतों की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

     

  • बिजली गुल होने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, इंदौर-भोपाल हाईवे पर 2 किमी तक जाम

    बिजली गुल होने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, इंदौर-भोपाल हाईवे पर 2 किमी तक जाम

     सीहोर

     बिजली कटौती से परेशान कोठरी के ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार रात फूट पड़ा। रात करीब 8.30 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इंदौर-भोपाल स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। अचानक हुए प्रदर्शन के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब दो-दो किलोमीटर तक जाम के हालात बन गए।
    लगातार 8 से 10 घंटे कटौती से भड़के ग्रामीण

    ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार 8 से 10 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है। इन दिनों त्योहारों का समय चल रहा है, इसके बावजूद लोगों को रात-रात भर बिजली नहीं मिल रही है। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं होने से नाराज ग्रामीण सड़क पर उतर आए और हाईवे पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।