Author: NewseDay

  • गृह, परिवहन और पर्यटन विभाग में बदलाव, छत्तीसगढ़ में 22 अधिकारियों के तबादला आदेश जारी

    गृह, परिवहन और पर्यटन विभाग में बदलाव, छत्तीसगढ़ में 22 अधिकारियों के तबादला आदेश जारी

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रशासनिक कार्यकुशलता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सचिवालय सेवा के अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला किया है।

    सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव मनराखन भूआर्य द्वारा जारी आदेश के तहत सचिवालय सेवा के कुल 22 सहायक सचिवालय सहायक अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से नए विभागों में पदस्थ किया गया है।

    गृह और वित्त विभागों में पदस्थापना

    जारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकार ने सामान्य प्रशासन विभाग, पर्यटन विभाग, गह विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, वित्त विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग आदि में नए अधिकारियों की तैनाती की है।

    ममता साहू की जेल विभाग में पदस्थापना

    सौरव मंडल को गृह विभाग से सामान्य प्रशासन विभाग, ममता साहू को सामान्य प्रशासन विभाग से जेल विभाग और अभिषेक देवांगन को सामान्य प्रशासन से जेल विभाग में पदस्थापना मिली है।

    चन्द्रनारायण की गृह विभाग में पदस्थापना

    इसके अलावा संगीता देवी को सामान्य शासन विभाग से वित्त विभाग, चन्द्रनारायण को नगरीय प्रशासन विभाग से गृह विभाग और धनेश्वर पटेल को मुख्यमंत्री सचिवालय से चिकित्सा शिक्षा विभाग में तैनाती मिली है।

     

  • चाकू लेकर पहुंची महिला पर आरोप, सांसद डोला सेन ने की शिकायत

    चाकू लेकर पहुंची महिला पर आरोप, सांसद डोला सेन ने की शिकायत

    कोलकाता  
    ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर एक महिला पर चाकू लेकर हमला करने की कोशिश का आरोप लगा है। तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। सांसद डोला सेन ने महिला के नशे में होने का दावा किया है। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। महिला वहां क्यों पहुंची थी? क्या पुलिस जांच में हमले की कोशिश और उसके इरादे की पुष्टि होगी?
     
    पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट ने आरोप लगाया है कि कोलकाता के कालीघाट स्थित उनके आवास के बाहर एक महिला ने उन पर चाकू से हमला करने की कोशिश की। टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक हमला करने वाली महिला ने खुद को ममता बनर्जी की भतीजी होने का दावा किया।  बताया गया कि ममता बनर्जी दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन करने के लिए घर से निकल रही थीं, तभी महिला उनकी ओर दौड़ी। पार्टी कार्यकर्ताओं ने महिला को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद ममता बनर्जी के सहयोगियों ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

    महिला ने ममता बनर्जी के पास पहुंचने के लिए क्या किया?
    तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट के आरोपों के मुताबिक, महिला कालीघाट स्थित आवास के बाहर पहुंची थी। आरोप है कि उसने ममता बनर्जी की साड़ी खींची और उसके पास से चाकू भी मिला। स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, घटना शाम करीब छह बजे हुई। महिला ने ममता बनर्जी को ‘पिशी’ यानी बुआ कहकर संबोधित किया और उनकी ओर दौड़ पड़ी। आरोप है कि उसने ममता बनर्जी की तरफ झपटने की कोशिश की। इसके बाद वह सड़क पर लेट गई और गाली-गलौज करने लगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि महिला ने वास्तव में चाकू से हमला किया या किसी को चोट पहुंची।

    कार्यकर्ताओं ने महिला को कैसे पकड़ा?
    आरोप है कि ममता बनर्जी के साथ मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने महिला को पकड़ लिया। उसे जमीन पर दबाकर रोका गया और पूछताछ के बाद कालीघाट पुलिस को सौंप दिया गया। बताया गया कि पकड़े जाने के दौरान भी महिला विरोध कर रही थी। पार्टी के लोगों का दावा है कि महिला ने खुद को ममता बनर्जी की भतीजी बताकर भीड़ में घुसने की कोशिश की थी। हालांकि, उसकी पहचान और ममता बनर्जी से उसके किसी संबंध की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। पुलिस की ओर से इस मामले में आगे की कार्रवाई का विवरण भी नहीं दिया गया है।

    डोला सेन ने महिला को लेकर क्या दावा किया?
    तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद डोला सेन ने कथित तौर पर दावा किया कि महिला नशे के प्रभाव में थी और उसके हाथ में चाकू था। उनके मुताबिक, महिला ने ममता बनर्जी की भतीजी होने का दावा करके लोगों के बीच पहुंचने की कोशिश की। घटना के बाद ममता बनर्जी के सहयोगियों ने सवाल उठाया कि पूर्व मुख्यमंत्री के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था में ऐसी स्थिति कैसे बनी। हालांकि, महिला के नशे में होने और उसके इरादे को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

    क्या घटना के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी?
    महिला को कालीघाट पुलिस के हवाले किए जाने की जानकारी सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट ने घटना को उनकी सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। पार्टी की ओर से शिकायत दर्ज कराए जाने और पुलिस से कार्रवाई की उम्मीद जताई गई है। वहीं, अमित शाह की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक सवाल उठाए गए हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी में उनके या भाजपा के इस घटना से जुड़े होने का कोई प्रमाण नहीं दिया गया है। फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि पुलिस जांच में महिला की पहचान, उसके पास चाकू होने और घटना के पीछे की वजह को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।

  • NHAI ने बदले प्रोजेक्ट के नियम, 500 करोड़ के ठेकों में अब क्या होगा नया?

    NHAI ने बदले प्रोजेक्ट के नियम, 500 करोड़ के ठेकों में अब क्या होगा नया?

    नई दिल्ली

    नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट में निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने उनका डिजिटल रिकार्ड भी तैयार करने का निर्णय किया है।

    अब से 500 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं का निर्माण शुरू होने से लेकर महत्वपूर्ण पड़ावों, चुनौतियों व उसके समाधान, मशीनों व उपकरणों के उपयोग सहित परियोजना पूरी होने तक की वीडियो रिकार्डिंग ठेकेदार फर्म को करानी होगी। इस संबंध में एनएचएआई की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
    ठेकेदार फर्मों को वीडियो एजेंसी नियुक्त करनी होगी

    एनएचएआई ने कहा है कि ठेकेदार फर्मों को प्रोजेक्ट निर्माण अवधि के लिए पेशेवर वीडियो निर्माण एजेंसी की नियुक्ति भी करनी होगी। प्रोजेक्ट के निर्माण के दौरान पेशेवर एजेंसी द्वारा महत्वपूर्ण निर्माण गतिविधियों, इंजीनियरिंग के मुख्य पड़ावों, उपलब्धियों, चुनौतियों और विकास को सम्मिलित करते हुए वीडियो डाक्यूमेंट्री तैयार करनी होगी।

    दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि डाक्यूमेंट्री में निर्माण का प्रारंभ, कार्यस्थल की तैयारी, सर्वेक्षण, जांच, गतिशीलता, पाइल फाउंडेशन, सब-स्ट्रक्चर वर्क, पुलों, वायडक्ट्स, फ्लाईओवर आदि का निर्माण, गर्डर्स, पेवमेंट और सड़क निर्माण, महत्वपूर्ण निर्माण चुनौतियां, बाधाएं, समाधान, सुरक्षा, गुणवत्ता नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण उपायों के साथ ही परियोजना के लाभ और उद्देश्यों का वर्णन भी करना होगा।

    हाइवे निर्माण की होगी वीडियोग्राफी

    प्राधिकरण ने कहा है कि यह वीडियोग्राफी इस तरह स्पष्ट होनी चाहिए कि जब भी आवश्यक हो, निर्माण प्रक्रिया के किसी भी चरण को बाद में देखा जा सके। यह परियोजना की डाक्यूमेंट्री लगभग 15 से 20 मिनट की होगी।

    डाक्यूमेंट्री का यह संग्रह एनएचएआई अपनी लाइब्रेरी में सुरक्षित रखेगा। प्राधिकरण का मानना है कि यह परियोजनाओं के डिजिटल संकलन के साथ ही गुणवत्ता पर निगरानी में भी सहायक साबित हो सकता है।

  • स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर की प्रतिष्ठित सूची में IIT पटना के 10 प्रोफेसर, शोध कार्यों को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

    स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर की प्रतिष्ठित सूची में IIT पटना के 10 प्रोफेसर, शोध कार्यों को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

     पटना
    भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) पटना के 10 संकाय सदस्यों ने वैश्विक स्तर पर संस्थान का मान बढ़ाया है। वर्ष 2026 के लिए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर द्वारा संकलित दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित सूची में इन्हें जगह मिली है।

    यह उपलब्धि संस्थान में हो रहे शोध कार्यों और वैज्ञानिकों के अकादमिक योगदान को वैश्विक पहचान मिलने के रूप में देखी जा रही है।

    शोध के प्रभाव और उद्धरण के आधार पर चयन
    यह वैश्विक डेटाबेस एल्सेवियर की ओर से उपलब्ध कराए गए स्कोपस डेटा का उपयोग कर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया जाता है।

    इसमें दुनिया भर के शोधकर्ताओं के वैज्ञानिक योगदान और उनके शोध के प्रभाव का आकलन किया जाता है। वैज्ञानिकों को 22 प्रमुख वैज्ञानिक क्षेत्रों और 174 उप-क्षेत्रों में वर्गीकृत किया जाता है।

    चयन के लिए समग्र उद्धरण सूचकांक का उपयोग किया जाता है, जो शोध प्रकाशनों की पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है।

    पूर्व निदेशक समेत भौतिकी विभाग के शिक्षाविद शामिल
    सूची में आइआइटी पटना के पूर्व निदेशक प्रो. टीएन सिंह, प्रशासन के डीन और भौतिकी विभाग के प्रो. अवधेंद्र कुमार ठाकुर तथा भौतिकी विभाग के प्रमुख प्रो. नवीन कुमार निश्चल शामिल हैं। इन शिक्षाविदों के शोध योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से संस्थान की अकादमिक प्रतिष्ठा को बढ़ावा मिला है।

    इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के शोधकर्ताओं को भी सम्मान
    मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुरजीत कुमार पाल, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान (एचएसएस) विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ऋचा चौधरी और गणित विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रतिभामाय दास को भी सूची में शामिल किया गया है। कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्रीपर्णा साहा ने भी इस सूची में जगह बनाई है।

    इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विशेषज्ञ भी शामिल
    मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रमुख डॉ. अनिर्बान भट्टाचार्य, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रमुख डॉ. महेशकुमार एच. कोलेकर और इसी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रंजन कुमार बेहरा भी सूची में शामिल हैं। अलग-अलग विषयों के इन शिक्षाविदों की मौजूदगी संस्थान में विविध क्षेत्रों में हो रहे शोध कार्यों को रेखांकित करती है।

    वैश्विक पहचान से संस्थान की शोध प्रतिष्ठा को बढ़ावा
    स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की सूची में शामिल होना शोधकर्ताओं के वैज्ञानिक प्रकाशनों और उनके प्रभाव की अंतरराष्ट्रीय पहचान से जुड़ा है।

    आइआइटी पटना के 10 संकाय सदस्यों का चयन संस्थान के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। इससे विज्ञान, तकनीक और अंतरविषयक शोध के विभिन्न क्षेत्रों में संस्थान की उपस्थिति भी सामने आती है।

     

  • सागर में बनेगा भव्य परशुराम चौराहा, चारों ओर लगेंगे फरसा, धनुष और शिलालेख

    सागर में बनेगा भव्य परशुराम चौराहा, चारों ओर लगेंगे फरसा, धनुष और शिलालेख

     सागर

     शहर का प्रमुख सिविल लाइन चौराहा अब परशुराम चौराहा के नाम से जाना जाएगा। महापौर संगीता सुशील तिवारी के प्रयासों से ब्राह्मण समाज की कई दशकों पुरानी मांग पूरी हुई है। चौराहे पर परशुराम स्तंभ का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

    महापौर ने मौके पर पहुंचकर स्तंभ का निरीक्षण किया। चौराहे के चारों ओर फरसा, धनुष और शिलालेख लगाए जाएंगे। वहीं, अटल पार्क में भगवान परशुराम की 35 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण कार्य जारी है।
    समाज की मांग पर एमआइसी में रखा गया था प्रस्ताव

    सिविल लाइन चौराहे का नाम भगवान परशुराम के नाम पर रखने की मांग ब्राह्मण समाज लंबे समय से कर रहा था। इसी क्रम में दिनकर तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंस्था के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने महापौर संगीता सुशील तिवारी को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन के माध्यम से चौराहे का नाम बदलकर परशुराम चौराहा करने की मांग रखी गई थी।

     

  • ‘जनता समझ चुकी है कांग्रेस की रणनीति’, राहुल पर बरसे शाह

    ‘जनता समझ चुकी है कांग्रेस की रणनीति’, राहुल पर बरसे शाह

     अहमदाबाद  
    गुजरात के निकाय चुनाव में भाजपा की जीत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गुजरात में 41 साल बाद भी जीत हासिल नहीं कर पाई है। शाह ने राहुल गांधी से आत्मनिरीक्षण करने को कहा और सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस की लगातार चुनावी हार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का परिणाम बताया जाएगा। उन्होंने गुजरात से लेकर राजस्थान और त्रिपुरा तक के चुनावी नतीजों का जिक्र करते हुए भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत का दावा किया।

    अमित शाह ने गुजरात चुनाव के नतीजों पर क्या कहा?
    शाह ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने 32 सीटों पर चुनाव लड़ा और सभी 32 सीटों पर उसकी जमानत जब्त हो गई। उन्होंने दावा किया कि गुजरात के मतदाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मजबूती से खड़े हैं। शाह के मुताबिक, गांधीनगर नगरपालिका में भाजपा के वोट प्रतिशत में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गुजरात में आखिरी बार 1985 में जीती थी और अब 41 साल बाद भी यहां जीत नहीं पाई है। शाह ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या इस हार को भी एसआईआर का परिणाम बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की जीत को एसआईआर से जोड़कर खारिज करने के बजाय कांग्रेस को अपनी हार के कारणों पर विचार करना चाहिए।

    क्या दूसरे राज्यों के चुनावों का भी अमित शाह ने किया जिक्र?
    शाह ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुचेरी में हुए उपचुनावों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस को इनमें एक भी सीट नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि असम के नौगांव में भाजपा ने कांग्रेस से सीट छीन ली। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में भाजपा उम्मीदवार की जीत और रेजीनगर में तृणमूल कांग्रेस से सीट जीतने का भी उन्होंने जिक्र किया। पुदुचेरी में एनडीए के साथ एआईएनआरसी के उम्मीदवार की जीत का हवाला देते हुए शाह ने कहा कि चुनावी नतीजे कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का संकेत हैं। ये आंकड़े और चुनावी उदाहरण शाह ने अपने बयान में कांग्रेस की स्थिति पर सवाल उठाने के लिए दिए।

    राजस्थान और त्रिपुरा में भाजपा की जीत को लेकर क्या बोले शाह?
    अमित शाह ने राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने नगर निगम की 90 फीसदी, नगर परिषद की 66 फीसदी और नगर पालिकाओं की 65 फीसदी सीटों पर जीत हासिल की। त्रिपुरा के ग्राम समिति चुनावों का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि कुल 4,600 सीटों में से एनडीए को 4,000 सीटों पर जीत मिली। उन्होंने खास तौर पर कहा कि त्रिपुरा में ये चुनाव बैलेट बॉक्स से हुए थे। शाह ने उन लोगों पर निशाना साधा जो चुनावी हार के लिए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में कांग्रेस 30 साल से नहीं जीती है, जबकि बंगाल में 56 साल से उसे जीत नहीं मिली है।

    राहुल गांधी और कांग्रेस को लेकर अमित शाह ने क्या आरोप लगाए?
    शाह ने कहा कि राहुल गांधी के कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद से भाजपा लगातार चुनाव जीत रही है। उन्होंने राहुल गांधी के विपक्षी दलों को एकजुट करने के प्रयासों पर भी सवाल उठाया। शाह ने कहा कि 14 पार्टियों के कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करने और आठ हजार लोगों की भीड़ जुटाने से कोई देश की आवाज नहीं बन जाता। उनके मुताबिक, जनता की आवाज गांवों, खेतों, जंगलों और दूर-दराज के इलाकों में है। उन्होंने उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी जनता ने कांग्रेस को हराया है।

    एसआईआर और घुसपैठियों के मुद्दे पर क्या बोले शाह?
    अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर के बहाने घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता कांग्रेस की इस राजनीति को समझ चुकी है। शाह ने कहा कि कांग्रेस को अपनी रणनीति पर विचार करना चाहिए और 2029 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के लिए तैयार रहना चाहिए। 

  • संबंधित अधिकारियों को फोन कर दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

    संबंधित अधिकारियों को फोन कर दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

    लखनऊ
    आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी प्रतिबद्धता के साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को लखनऊ स्थित अपने आवास पर आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों ने अपनी शिकायतें एवं परेशानियां उनके समक्ष रखीं। उपमुख्यमंत्री ने प्रत्येक फरियादी से संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुना और उनके शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    जनता दर्शन में उपचार एवं आर्थिक सहायता, पुलिस कार्रवाई, राजस्व संबंधी मामलों, भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से सामने आईं। उपमुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी फरियादियों की बात सुनी और संबंधित प्रकरणों की जानकारी प्राप्त की। कई मामलों में उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर शिकायतों की स्थिति जानी तथा नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।

    उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • कवर्धा में वन विकास निगम ने मैदानी अमले को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

    कवर्धा में वन विकास निगम ने मैदानी अमले को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा काष्ठ निष्कासन में गुणवत्ता बढ़ाने, वन संरक्षण और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कवर्धा के सिंगपुर बीट में एक दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में मैदानी अमले को वृक्षों के वैज्ञानिक पातन (वृक्ष कटाई ) और लगुण (लट्ठे तैयार करने) की उन्नत तकनीकों का जंगल में प्रत्यक्ष प्रदर्शन कर प्रशिक्षण दिया गया।

    कार्यशाला में बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण काष्ठ तैयार करने और निगम का राजस्व बढ़ाने के लिए निर्धारित लॉगिंग प्लान का शत-प्रतिशत पालन करने पर जोर दिया गया। मैदानी अमले को काष्ठ की लंबाई और निर्धारित श्रेणी के अनुसार कटाई एवं छंटाई करने की तकनीकी जानकारी दी गई, ताकि उपलब्ध काष्ठ का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। प्रशिक्षण के दौरान वृक्षों की कटाई में श्रमिकों की सुरक्षा के साथ आसपास के छोटे पौधों और प्राकृतिक पुनरुत्पादन को नुकसान से बचाने के उपाय बताए गए। 

     छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री अमरनाथ प्रसाद के निर्देशन में यह कार्यशाला आयोजित हुई। क्षेत्रीय महाप्रबंधक श्री राम अवतार दुबे, मंडल प्रबंधक श्री राम कुमार सिदार सहित अन्य अधिकारी, कूप प्रभारी और मैदानी श्रमिक शामिल हुए।

  • कटनी में सरपंच की दबंगई! ग्रामीण को चप्पलों से पीटा, गाली-गलौज का वीडियो वायरल

    कटनी में सरपंच की दबंगई! ग्रामीण को चप्पलों से पीटा, गाली-गलौज का वीडियो वायरल

    कटनी

    जिले के बहोरीबंद की सिहुड़ी ग्राम पंचायत में मंगल भवन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर विरोध करना एक ग्रामीण को भारी पड़ गया। आरोप है कि विवाद के दौरान सरपंच ने ग्रामीण के साथ गाली-गलौज की और चप्पलों से उसकी पिटाई कर दी।
    वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि गांव में मंगल भवन का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर एक ग्रामीण ने आपत्ति जताई और कथित तौर पर काम को घटिया बताते हुए इसका विरोध किया।

     

  • झारखंड की प्रियंका की प्रेरक कहानी, खुद आत्मनिर्भर बनीं और 100 से अधिक महिलाओं को दिखाई नई राह

    झारखंड की प्रियंका की प्रेरक कहानी, खुद आत्मनिर्भर बनीं और 100 से अधिक महिलाओं को दिखाई नई राह

     गोड्डा
     सदर प्रखंड के बरियाठा गांव की प्रियंका कुमारी ग्रामीण युवक-युवतियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं। विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए उन्होंने बकरी पालन और दुकानदारी को रोजगार का माध्यम बनाया।

    अपनी मेहनत से आत्मनिर्भर बनने के बाद उन्होंने अन्य लोगों को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उनकी पहल से अब 100 से अधिक महिला, युवक और युवतियां विभिन्न रोजगार से जुड़कर आर्थिक समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।

    प्रियंका बताती हैं कि लगातार कम बारिश के कारण फसल बर्बाद होने से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी। घर में कमाने वाला कोई नहीं था। करीब पांच वर्ष पहले उनकी मुलाकात आरसेटी के अशोक कुमार से हुई।

    उन्होंने प्रियंका को संस्थान में ले जाकर बकरी पालन और शॉपकीपिंग का प्रशिक्षण दिलाया। इसके बाद आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई। प्रियंका ने बकरी पालन से रोजगार की शुरुआत की। शुरुआती दौर में कठिनाइयां आईं, लेकिन एक वर्ष बाद आमदनी होने लगी।

    इसके बाद वह जेएसएलपीएस के महिला समूह से जुड़ीं। समूह में छोटी-छोटी बचत के माध्यम से कम ब्याज पर ऋण मिला, जिससे उन्होंने घर पर ही जनरल स्टोर खोल लिया। इससे उनकी आमदनी बढ़ी और परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ।

    उनके पति हरि किशन ने भी इस काम में सहयोग किया। आज प्रियंका अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में सक्षम हैं।

    प्रियंका ने समूह की अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उनकी पहल पर कई महिलाएं सिलाई-कटाई, वर्मी कंपोस्ट निर्माण, मशरूम उत्पादन, गोपालन और बकरी पालन जैसे रोजगार से जुड़ी हैं। धीरे-धीरे यह मुहिम दूसरे गांवों तक पहुंच रही है।

    ठाकुरगंगटी प्रखंड के रुंजी गांव की रूबी कुमारी ने भी प्रियंका से प्रेरित होकर दुकानदारी शुरू की। वह घरेलू जिम्मेदारियों के साथ दुकान चलाकर आमदनी कर रही हैं।

    वहीं, सैदापुर की पूजा कुमारी सहित अन्य युवक-युवतियों ने सिलाई-कटाई को रोजगार का जरिया बनाया है। प्रशिक्षण और छोटे ऋण की मदद से ये लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

    गोड्डा स्थित आरसेटी की ओर से युवक-युवतियों को स्वरोजगार के लिए लगातार प्रशिक्षण दिया जाता है। संस्थान में सिलाई-कटाई, शॉपकीपिंग, वर्मी कंपोस्ट निर्माण, सेरिकल्चर, बकरी पालन और गोपालन सहित विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है।

    प्रत्येक वर्ष 300 से अधिक प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने के साथ बैंक के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है।आरसेटी के निदेशक नीरज आजाद के अनुसार, संस्थान की पहल से जिले के युवक-युवतियां प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार अपना रहे हैं और अपने भविष्य को बेहतर बना रहे हैं।

    प्रियंका की पहल से बदली जिंदगी
    बरियाठा गांव की प्रियंका कुमारी ने बकरी पालन और जनरल स्टोर से स्वरोजगार की शुरुआत की। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार को इससे सहारा मिला। बाद में उन्होंने दूसरी महिलाओं को भी रोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया।

    आज 100 से अधिक युवक-युवतियां विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।

    गोड्डा स्थित आरसेटी की ओर से प्रत्येक वर्ष 300 से अधिक युवक-युवतियों को विभिन्न रोजगारपरक विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें बकरी पालन, सिलाई-कटाई, शॉपकीपिंग, वर्मी कंपोस्ट निर्माण और गोपालन जैसे प्रशिक्षण शामिल हैं। संस्थान के माध्यम से बैंक से आर्थिक सहायता दिलाने का भी प्रावधान है। – नीरज आजाद, निदेशक, आरसेटी, गोड्डा