Author: NewseDay

  • मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना समेत प्रशिक्षण केंद्रों के अभ्यर्थियों को मिल रहा नि:शुल्क अवसर

    मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना समेत प्रशिक्षण केंद्रों के अभ्यर्थियों को मिल रहा नि:शुल्क अवसर

    यूपीपीएससी-2025 मेंस के सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू की तैयारी का मॉक मंच, योगी सरकार ने बढ़ाया आत्मविश्वास

    उपाम के आईएएस-पीसीएस अधिकारियों ने लिया मॉक इंटरव्यू, परखी अभ्यर्थियों की तैयारी

    विशेषज्ञों ने बताईं इंटरव्यू की बारीकियां, व्यक्तित्व प्रस्तुति और आत्मविश्वास पर दिया जोर

    मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना समेत प्रशिक्षण केंद्रों के अभ्यर्थियों को मिल रहा नि:शुल्क अवसर

    लखनऊ, 
     उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की यूपीपीसीएस- 2025 मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अब इंटरव्यू की चुनौती के लिए तैयार करने पर योगी सरकार का विशेष फोकस है। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग की ओर से गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में विशेष नि:शुल्क मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपाम (उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी) से जुड़े आईएएस-पीसीएस अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों का मॉक इंटरव्यू लेकर उनकी तैयारियों को परखा।

    मॉक इंटरव्यू के दौरान विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछकर उनकी विषयगत समझ, जवाब देने की क्षमता, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व प्रस्तुति का आकलन किया। अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार के माहौल का अनुभव देने के साथ ही इंटरव्यू की बारीकियों से भी अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने उन्हें सवालों का जवाब देते समय संतुलित और स्पष्ट दृष्टिकोण रखने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा अपने व्यक्तित्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के सुझाव दिए।

    कमियों को पहचानने और सुधारने का मिला अवसर

    मॉक इंटरव्यू का उद्देश्य केवल सवाल-जवाब तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अभ्यर्थियों को उनकी तैयारी की वास्तविक स्थिति से परिचित कराना भी रहा। विशेषज्ञों ने बातचीत के दौरान अभ्यर्थियों की कमजोरियों और सुधार की संभावनाओं पर मार्गदर्शन दिया। इससे अभ्यर्थियों को आगामी वास्तविक इंटरव्यू से पहले अपनी कमियों को पहचानने और उनमें सुधार करने का अवसर मिला।

    सभी वर्गों के सफल अभ्यर्थियों के लिए खुला रहा अवसर

    समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि नि:शुल्क मॉक इंटरव्यू में विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों और योजनाओं से जुड़े अभ्यर्थियों को अवसर दिया गया। इसमें छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन और परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों से प्रशिक्षण लेने वाले अभ्यर्थियों के साथ मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अभ्यर्थियों ने भी हिस्सा लिया। इसके अलावा यूपीपीसीएस- 2025 मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थी मॉक इंटरव्यू में शामिल हुए।

  • मानसून की विदाई के साथ बढ़ी गर्मी, गुरुग्राम में 38.2°C; 25 सितंबर से बूंदाबांदी के आसार

    मानसून की विदाई के साथ बढ़ी गर्मी, गुरुग्राम में 38.2°C; 25 सितंबर से बूंदाबांदी के आसार

    हिसार
    औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा के साथ हरियाणा से मानसून की बुधवार को विदाई हो गई। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के नजदीक जिला यमुनानगर को छोड़कर लगभग पूरे प्रदेश से मानसून लौट चुका है।

    यमुनानगर में सुबह के समय कोहरा भी छाया रहा। इस मानसून में हरियाणा में 317.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। प्रदेश में सामान्य वर्षा का आंकड़ा 413 मिलीमीटर है। यानि प्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई। पलवल को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही। कमजोर मानसून का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ सकता है

    दूसरी तरफ तापमान में कमी न आने से बिजली की खपत भी बढ़ी हुई है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि राजस्थान में बने प्रति चक्रवातीय परिसंचरण के कारण हरियाणा-एनसीआर में पश्चिमी गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं।

    इससे वातावरण में नमी कम हुई है और दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। बुधवार को तकरीबन सभी जिलों में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

    गुरुग्राम में 38 डिग्री तापमान
    सबसे अधिकतम तापमान गुरुग्राम का 38.2 डिग्री रहा। 37.4 डिग्री सेल्सियस के साथ फरीदाबाद दूसरे नंबर पर रहा। सभी जिलों का न्यूनतम तापमान 20 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। 25 सितंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा के उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।

    28 से 30 सितंबर के दौरान भी पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी की मौसम प्रणाली के प्रभाव से उत्तरी व पूर्वी जिलों में मौसम में बदलाव और हल्की वर्षा की संभावना है। मानसून की वापसी के लिए लगातार वर्षा का न होना, निचले वायुमंडल में प्रतिचक्रवात का बनना और हवा में नमी की कमी प्रमुख संकेत माने जाते हैं।

    दस साल बाद ऐसा मानसून
    दस साल पहले भी मानसून कुछ ऐसा बीता था। 2016 में सामान्य से 58 प्रतिशत कम वर्षा हुई थी। हालांकि 2015 का मानसून उससे भी कमजोर रहा था। उस वक्त सामान्य से 126 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। तब महज 287.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।

     

  • ‘सपा गुंडे-माफियाओं को पालने-पोषने वाली पार्टी, स्वार्थ के लिए चाहिए सत्ता’: ब्रजेश पाठक

    ‘सपा गुंडे-माफियाओं को पालने-पोषने वाली पार्टी, स्वार्थ के लिए चाहिए सत्ता’: ब्रजेश पाठक

    अखिलेश यादव कुछ भी कर लें, सफल नहीं होंगे- ब्रजेश पाठक

    ‘सपा पूरी तरह डिरेल हो चुकी है, अब दाल गलने वाली नहीं’: अखिलेश पर बरसे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

    ‘सपा गुंडे-माफियाओं को पालने-पोषने वाली पार्टी, स्वार्थ के लिए चाहिए सत्ता’: ब्रजेश पाठक

    लखनऊ, 
     उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कितनी भी कोशिश कर लें, वह सफल नहीं होंगे। पाठक ने सपा को लेकर कहा कि पार्टी पूरी तरह डिरेल हो चुकी है और उत्तर प्रदेश की जनता उसके राजनीतिक तौर-तरीकों को समझती है।
     
    ‘अखिलेश यादव कितनी भी कोशिश कर लें, सफल नहीं होंगे’

    ब्रजेश पाठक ने कहा कि यूपी की जनता जानती है कि ये लोग गुंडे, बदमाश और माफियाओं को पालने-पोषने वाले लोग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा को सत्ता केवल अपने स्वार्थ के लिए चाहिए।

    ‘अब सपा की दाल गलने वाली नहीं है’
    डिप्टी सीएम ने प्रदेश में भाजपा सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए कहा, “आज यूपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास की राह पर चल रहा है। उत्तर प्रदेश विकसित प्रदेश की तरफ बढ़ रहा है। अब सपा की दाल गलने वाली नहीं है।”

    सपा पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप
    ब्रजेश पाठक ने सपा पर जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा के लोग जाति-धर्म के नाम पर मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करते रहे हैं, जबकि भाजपा सर्वसमाज की बात करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा “सबका साथ, सबका विकास, सबके विश्वास” के आधार पर जन-जन को जोड़ती है।

  • बच्चों का पढ़ाई में लगेगा मन! वास्तु के अनुसार स्टडी रूम में रखें ये खास बातें

    बच्चों का पढ़ाई में लगेगा मन! वास्तु के अनुसार स्टडी रूम में रखें ये खास बातें

    बच्चे का मन पढ़ाई में लगे और उसकी एकाग्रता बनी रहे, इसके लिए घर में पढ़ाई का सही वातावरण होना बेहद जरूरी है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, स्टडी रूम में रखी चीजें और पढ़ाई करते समय बैठने की दिशा मानसिक क्षमता, याददाश्त और पढ़ाई के परिणामों को प्रभावित कर सकती है. कड़ी मेहनत के बावजूद अगर बच्चों को सही परिणाम नहीं मिलते हैं, तो इसका एक कारण पढ़ाई के कमरे का वास्तु दोष भी हो सकता है.

    स्टडी टेबल को कमरे की किस दिशा में रखना चाहिए?
    वास्तु शास्त्र के अनुसार, स्टडी टेबल को दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है. उत्तर-पूर्व दिशा को ज्ञान और एकाग्रता से जुड़ी दिशा माना जाता है, जबकि दक्षिण-पश्चिम दिशा को स्थिरता से संबंधित माना जाता है.

    पढ़ाई करते समय किस दिशा में मुंह होना चाहिए?
    वास्तु शास्त्र के अनुसार, स्टडी टेबल को कमरे में ऐसी स्थिति में रखना चाहिए, ताकि पढ़ते समय बच्चे का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर हो. उत्तर दिशा को बुध ग्रह से संबंधित माना जाता है. बुध को ज्ञान, बुद्धि और वाणी का कारक माना जाता है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके पढ़ने से एकाग्रता बनाए रखने और पढ़ाई में मन लगाने में मदद मिल सकती है.

    कुर्सी और बैठने की व्यवस्था कैसी होनी चाहिए?
        कुर्सी के पीछे हो ठोस दीवार: पढ़ाई करते समय बच्चे की कुर्सी के पीछे खिड़की या दरवाजा नहीं होना चाहिए. वास्तु के अनुसार, कुर्सी के पीछे ठोस दीवार होने से स्थिरता और आत्मविश्वास का वातावरण बना रहता है.
        टेबल को दीवार से सटाकर न रखें: वास्तु मान्यताओं के अनुसार, स्टडी टेबल और दीवार के बीच थोड़ी जगह रखना बेहतर माना जाता है. इससे कमरे में खुलापन बना रहता है और पढ़ाई के लिए आरामदायक माहौल बनता है.

    कमरे का रंग
    स्टडी रूम में हल्के रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए. आप कमरे में हरा, हल्का नीला, क्रीम या हल्का पीला रंग करवा सकते हैं. वास्तु के अनुसार, इन रंगों को शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इन रंगों से कमरे में शांत और सकारात्मक वातावरण बना रहता है.

    टेबल पर सामान
    स्टडी टेबल पर केवल जरूरी किताबें और पढ़ाई से जुड़ी चीजें रखें. टेबल पर अनावश्यक सामान जमा न करें और इसे हमेशा साफ व व्यवस्थित रखें. इससे पढ़ाई के दौरान ध्यान भटकने की संभावना कम हो सकती है.

  • चंडीगढ़ की वोटर लिस्ट में बड़ी कमी, 1,99,596 मतदाता घटने पर उठे सवाल

    चंडीगढ़ की वोटर लिस्ट में बड़ी कमी, 1,99,596 मतदाता घटने पर उठे सवाल

    चंडीगढ़.

    विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद 1,99,596 मतदाताओं की संख्या कम होना अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। लोकसभा सांसद मनीष तिवारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) प्रेरणा पुरी को पत्र लिखकर एसआईआर पर सवाल उठाए हैं।

    साथ हीवार्डवार और मतदातावार पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है। तिवारी ने अपने पत्र में कहा है कि एक जून 2024 से 22 सितंबर 2026 तक चंडीगढ़ की मतदाता सूची में 1,99,596 मतदाताओं की कमी आई है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में नाम कम होने के बावजूद अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन मतदाताओं के नाम किस कारण से हटाए गए हैं।

    तीन स्तर पर मांगी जानकारी
    सांसद ने सीईओ से एक जून 2024 से अब तक हटाए गए अथवा अंतिम सूची में शामिल नहीं किए गए सभी मतदाताओं की वार्डवार पूरी जानकारी मांगी है। इसमें मतदाता का नाम, वार्ड और बूथ नंबर, ईपीआइसी नंबर, नाम हटाए जाने की तारीख और दर्ज कारण शामिल करने को कहा गया है।

    एसआईआर के बाद 1.99 लाख मतदाता घटे
    विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मंगलवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के साथ ही इसे लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर मतदाता संख्या में आई कमी पर सवाल उठाए हैं। तिवारी के अनुसार, 1 जून 2024 से 22 सितंबर 2026 के बीच चंडीगढ़ में मतदाताओं की संख्या 1,99,596 घट गई, जो कुल मतदाताओं का 30.26 प्रतिशत है। उन्होंने इतनी बड़ी कमी के कारण सार्वजनिक करने की मांग की है।

    डुप्लीकेट और स्थानांतरित मतदाताओं का ब्योरा मांगा
    तिवारी ने कहा कि हटाए गए नामों में कितने डुप्लीकेट, कितने स्थानांतरित और कितने अन्य कारणों से सूची से बाहर हुए, यह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग से श्रेणीवार जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि यदि हटाए गए मतदाता डुप्लीकेट थे तो अब किस स्थान पर पंजीकृत हैं। वहीं, यदि कोई फर्जी या घोस्ट वोटर था तो उसके नाम भी सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

    दस्तावेज नहीं होने पर नाम हटने का सवाल
    तिवारी ने यह भी पूछा कि कहीं निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण गरीब या अन्य मतदाताओं के नाम तो नहीं हटे। उन्होंने कहा कि हटाए गए मतदाताओं के नाम, पते और नाम हटाने के कारण सार्वजनिक होने से स्थिति स्पष्ट होगी। एसआईआर का उद्देश्य मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अपात्र प्रविष्टियों की पहचान कर मतदाता सूची को अद्यतन करना है। 

  • ‘सेवा मेरा योगदान’: बिहान की दीदियों का कचरे से कंचन बनाने का मंत्र

    ‘सेवा मेरा योगदान’: बिहान की दीदियों का कचरे से कंचन बनाने का मंत्र

    ‘सेवा मेरा योगदान’: बिहान की दीदियों का कचरे से कंचन बनाने का मंत्र

    स्वच्छता क्रांति की मिसाल बना सारंगढ़ का कोतरी गाँव

    ​रायपुर

            स्वच्छ और स्वस्थ गाँव का सपना अब सिर्फ कागज़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि ज़मीन पर एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘स्वच्छता ही सेवा’ पहल के तहत सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत कोतरी ने पूरे राज्य के सामने ग्रामीण स्वच्छता प्रबंधन का एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। यहाँ कचरे को समस्या नहीं, बल्कि उचित निपटान और कम्पोस्टिंग के ज़रिए संसाधन में बदला जा रहा है।

    ​नुक्कड़ नाटक से जगाई स्वच्छता की अलख

          ग्राम पंचायत कोतरी के व्यावसायिक परिसर में आयोजित ‘सेवा, मेरा योगदान’ कार्यक्रम का सबसे आकर्षण केंद्र बिहान समूह की दीदियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। अपनी सहज कला से दीदियों ने ग्रामीणों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने, रीसाइक्लिंग और कचरे से खाद (कम्पोस्ट) बनाने की कला सिखाई। दीदियों का संदेश सीधा था—स्वच्छता केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का संस्कार है।

    ​वैज्ञानिक उपचार से पर्यावरण का जतन: एफएसटीपी प्लांट

           कोतरी गाँव की इस सफलता की रीढ़ यहाँ संचालित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) है। जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा ग्रामीणों को बताया गया कि कैसे सेप्टिक टैंकों के अपशिष्ट को विशेष वाहनों से एकत्र कर इस प्लांट में लाया जाता है, जहाँ वैज्ञानिक तकनीक से इसका सुरक्षित और हानिरहित उपचार होता है। इस प्रक्रिया से निकलने वाले अपशिष्ट का पुनर्चक्रण कर पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिल रही है।

    ​सामूहिक संकल्प और सम्मान

           कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता वॉलिंटियर बसंत भारती को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वच्छता किट प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने अपने गाँव को हमेशा स्वच्छ रखने का सामूहिक संकल्प लिया। कोतरी गाँव में कचरा पृथक्करण, वैज्ञानिक उपचार और बिहान की दीदियों का जन-जागरूकता मॉडल यह साबित करता है कि जब समाज का हर वर्ग ‘सेवा मेरा योगदान’ के भाव से जुड़ता है, तो गाँव न सिर्फ स्वच्छ बनता है, बल्कि विकास की नई ऊँचाइयों को छूता है।

  • WTC पॉइंट्स टेबल में चौथे नंबर पर बांग्लादेश, फाइनल की रेस में 47 अंक जरूरी

    WTC पॉइंट्स टेबल में चौथे नंबर पर बांग्लादेश, फाइनल की रेस में 47 अंक जरूरी

    नई दिल्ली
     विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंकतालिका में चौथे नंबर पर मौजूद बांग्लादेश की निगाहें फाइनल मैच में जगह बनाने पर हैं। ऐसा करने के लिए बांग्लादेश को अगले साल की शुरुआत तक टॉप 2 टीमों में जगह बनानी होगी। बांग्लादेश के स्पिन बॉलिंग कोच मुश्ताक अहमद का कहना है कि उनकी टीम फाइनल में जगह बना सकती है और विपक्षी टीमों के सामने मुश्किल चुनौती पेश करने का माद्दा रखती है।

    बांग्लादेश ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है। इस टीम ने ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में घुसकर मात दी थी। हालांकि, अगले ही मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पलटवार करते हुए बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन बांग्लादेश की टीम टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की दौड़ में बनी हुई है।

    बांग्लादेश के लिए क्या हैं समीकरण?
    विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2027 का फाइनल मैच खेलने के लिए बांग्लादेश को अपने बचे हुए 6 मुकाबलों में 47 अंक हासिल करने होंगे। एक मैच जीतने पर 12 अंक मिलते हैं। ऐसे में उन्हें घरेलू जमीन पर होनी वाली दोनों सीरीज जीतनी होगी। ये सीरीज इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के साथ हैं। बांग्लादेश की टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ स्पिन पिच बनाकर दो मैच जीत सकती है, लेकिन इंग्लैंड को दोनों मुकाबलों में हराना आसान नहीं होगा। जगह पक्की करने के लिए बांग्लादेश को अपने बाकी दो मुकाबलों में से एक में जीत हासिल करनी पड़ेगी।

    कोच ने भरा दम
    बांग्लादेश टीम के स्पिन-बॉलिंग कोच मुश्ताक ने टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल खेलने को लेकर कहा, हम अभी बहुत अच्छी स्थिति में हैं। अगर हम अच्छा क्रिकेट खेलते हैं और भरोसा बनाए रखते हैं, तो हम आगे बढ़ सकते हैं। इंटरनेशनल लेवल पर मैच तभी जीते जा सकते हैं, जब आपको हारने की चिंता न हो। कोच के तौर पर हमें यही सोच बदलनी होगी। इसका क्रेडिट सभी खिलाड़ियों, सिलेक्टर्स और स्टेकहोल्डर्स को जाता है, क्योंकि वे एक ही पेज पर हैं और मानते हैं कि अब हम किसी भी टीम को चुनौती दे सकते हैं।'

    विश्व टेस्ट चैंपियनशिप प्वाइंट्स टेबल
    टीम                 मैच     जीत     हार     ड्रॉ     अंक     अंक प्रतिशत
    ऑस्ट्रेलिया         10     8         2     0     96         80
    दक्षिण अफ्रीका     4     3        1     0     36          75
    न्यूजीलैंड               6     4     1     1     52          72.22
    बांग्लादेश              6     3      2     1     40          55.56
    भारत                  11     5      4     2     68         51.52
    इंग्लैंड                  16     7      8     1     74        38.54
    श्रीलंका               6       1         2     3     24        33.33
    वेस्ट इंडीज           12     2       8     2     30        20.83
    पाकिस्तान           9     2        7     0     5            4.63

  • सेवा संकल्प अभियान में बाल अधिकारों पर जागरूकता, युवाओं को बताई 1098 हेल्पलाइन

    सेवा संकल्प अभियान में बाल अधिकारों पर जागरूकता, युवाओं को बताई 1098 हेल्पलाइन

    धमतरी में 'सेवा संकल्प अभियान'

     नगरी महाविद्यालय के युवाओं को दी गई बाल अधिकारों, साइबर सुरक्षा व '1098' हेल्पलाइन की जानकारी

    ​रायपुर

           ​सेवा संकल्प अभियान के तहत शासकीय सुखराम नागे महाविद्यालय, नगरी में बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन के संयुक्त तत्वावधान में जिला प्रशासन के निर्देश पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
           ​कार्यक्रम में परियोजना समन्वयक ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और उनसे संबंधित कानूनों की सरल एवं व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को साइबर अपराध, बाल शोषण, लैंगिक हिंसा, बाल श्रम, बाल विवाह और मानव तस्करी जैसे गंभीर विषयों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। डिजिटल सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने सलाह दी कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दूरी बनाएं और अपनी व्यक्तिगत जानकारी या दस्तावेज किसी के साथ साझा न करें।
            ​इसके साथ ही विद्यार्थियों को बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए बने प्रमुख कानूनों, जैसे पॉक्सो (POCSO) एक्ट 2012, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के मुख्य प्रावधानों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में 24 घंटे संचालित निःशुल्क आपातकालीन चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सेवा 112 की भूमिका को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार के शोषण या हिंसा को देखकर चुप न रहें, बल्कि तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
            ​इस अवसर पर नशे के दुष्प्रभावों और शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर, जिला महिला संरक्षण अधिकारी,मिशन शक्ति समन्वयक,महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

  • अजय जामवाल और पवन साय हटाए गए, कर्मवीर बने CG के नए संगठन महामंत्री

    अजय जामवाल और पवन साय हटाए गए, कर्मवीर बने CG के नए संगठन महामंत्री

    रायपुर.

    भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को राष्ट्रीय सह महामंत्री और प्रदेश महामंत्री की नियुक्ति की है. शिवप्रकाश को आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गोवा के साथ छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) और कर्मवारी को छत्तीसगढ़ प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया है.

    इसके साथ ही पार्टी ने छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी संभाल रहे राष्ट्रीय सह महामंत्री अजय जामवाल को महाराष्ट्र का प्रदेश महामंत्री (संगठन) और छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय संगठन महामंत्री पवन साय को झारखंड की जिम्मेदारी सौंपी है. इनके अलावा मधुकर को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना, पवन राणा को दिल्ली एवं हरियाणा तथा चंद्रशेखर को मध्य प्रदेश का प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया है. सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी.

    कर्मवीर का अब तक का सफर
    बात करें प्रदेश महामंत्री नियुक्त कर्मवीर मूलतः उत्तर प्रदेश के मथुरा जिला के रहने वाले ने 1993 से संघ के प्रचारक जीवन का प्रारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म स्थली से किया था. तहसील प्रचारक, नगर प्रचारक रहे. इसके साथ उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सिकरी (आगरा) व अलीगढ़ महानगर प्रचारक एवं मथुरा जिला के जिला प्रचारक रहे. इसके बाद उत्तर प्रदेश के एटा, अलीगढ़ व बरेली विभाग के विभाग प्रचारक रहे. 2015 में मेरठ प्रांत (पश्चिम उत्तर प्रदेश) के सह प्रांत प्रचारक बने. 2019 में ब्रज प्रांत के सह प्रांत प्रचारक के रूप में कार्य किया. 2020 से भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश के प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) के रूप में कार्य किया. अगस्त 2022 से झारखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री (संगठन) के रूप में कार्य कर रहे थे.

  • समाजवादी पार्टी के मंच से धकिया दिए जाते हैं पिछड़ा समाज के नेता: अखिलेश पर बरसे संजय निषाद

    समाजवादी पार्टी के मंच से धकिया दिए जाते हैं पिछड़ा समाज के नेता: अखिलेश पर बरसे संजय निषाद

    अखिलेश मल्लाह समाज के बेटे को विधान परिषद का नेता बनाते तो वह निषाद समाज की आवाज उठाता: मंत्री संजय निषाद

    अखिलेश यादव को M से केवल एक वर्ग दिखता है, मल्लाह नहीं दिखता: संजय निषाद

    समाजवादी पार्टी के मंच से धकिया दिए जाते हैं पिछड़ा समाज के नेता: अखिलेश पर बरसे संजय निषाद

    सपा को सहयोगी के रूप में केवल दल दिखते हैं, लेकिन उनके दिल में जगह नहीं: संजय निषाद

     लखनऊ
     उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने सपा प्रमख अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर तीखा निशाना साधा है। संजय निषाद ने कहा है कि सपा का पीडीए फॉर्मूला एक ढकोसला है। सपा अपने परंपरागत मुस्लिम-यादव (M-Y) समीकरण में से केवल M को फायदा पहुंचा रही है। दरअसल एक दिन पहले ही समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद में अपना नेता मोहम्मद जासमीर अंसारी को बनाया है।

    निषाद ने सपा पर पिछड़ा समाज के अपमान का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा के मंच से निषाद समाज और राजभर समाज के नेता धकिया दिए जाते हैं। किसी अन्य जाति के नेताओं का फोटो, पोस्टर और विजन नहीं दिखता है। महाभारत में अर्जुन के रथ में सभी घोड़ों को बराबर जगह दी गई थी, तब ही जाकर अर्जुन को जीत मिल पाई थी। अखिलेश यादव को तो केवल M दिखाई देते हैं, मल्लाह नहीं दिखाई देते हैं। अगर मल्लाह के बेटे को विधान परिषद का नेता बनाया होता तो वह निषाद समाज के लोगों की आवाज उठाता। 

    ‘जो पीड़ित है, वही पीडीए है’ फॉर्मूले पर भड़के संजय  
    अखिलेश यादव ने नारा दिया है कि जो पीड़ित है, वही पीडीए है। इस पर संजय निषाद ने कहा कि पीड़ित, दुखी, अपमानित सभी लोग एनडीए के साथ हैं। समाजवादी पार्टी केवल पीडीए समाज को ठगना चाहती है। निषाद ने कहा कि 07 जून 2015 को रेल आंदोलन हुआ था उसमें निषादों पर गोली सपा सरकार ने चलवाई थी। रेलवे की भूमि केंद्र सरकार से संबंधित थी, उसमें राज्य सरकार को गोली चलवानी ही नहीं चाहिए थी। लेकिन निषादों पर गोली चली, मेरा भाई मारा गया। निषादों पर बहुत अत्याचार हुआ। 

    निषाद-कश्यप एकता मंच का किया जिक्र
    संजय निषाद ने कहा कि मनोहर लाल निषाद और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने निषाद-कश्यप एकता मंच बनाया था। मनोहर जी के बेटे राम कुमार जी हैं। कहां हैं, कोई पता ही नहीं चलता है। कहीं नेपथ्य में चले गए। सपा को केवल दल दिखते हैं लेकिन उनके दिल में जगह नहीं है। समाजवादी पार्टी में पिछड़ा समाज केवल दरी बिछाने के लिए है।