Author: NewseDay

  • गोंड से मधुबनी और भील से पिथौरा तक, ‘लोकधारा’ में एक मंच पर आएंगी देश की पारंपरिक कला शैलियां

    गोंड से मधुबनी और भील से पिथौरा तक, ‘लोकधारा’ में एक मंच पर आएंगी देश की पारंपरिक कला शैलियां

    राम-रामायण, लोकधारा और गंगा के रंगों से सजेगा यूपी, तीन प्रमुख कला शिविरों में जुटेंगे देशभर के कलाकार

    अयोध्या में राम-रामायण से लेकर काशी में गंगा और लखनऊ में लोकधारा तक, यूपी में होंगे तीन बड़े कला आयोजन

    गोंड से मधुबनी और भील से पिथौरा तक, ‘लोकधारा’ में एक मंच पर आएंगी देश की पारंपरिक कला शैलियां

    काशी की गंगा बनेगी कलाकारों की प्रेरणा, ‘काशी फ्लो’ में कला के जरिए दिखेगी जीवंत विरासत

    लखनऊ,
     योगी सरकार उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और जीवंत परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ देशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने की विशेष तैयारी कर रही है। इसके लिए अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी में तीन प्रमुख कला कार्यशालाओं और शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में राम और रामायण की सांस्कृतिक परंपरा, लोक एवं पारंपरिक चित्रकला तथा काशी व गंगा की आध्यात्मिक-सांस्कृतिक विरासत को कला के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ललित कला अकादमी और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से होने वाले इन आयोजनों में वरिष्ठ कलाकारों के साथ युवा कलाकारों और कला विद्यार्थियों को भी सीखने/संवाद करने का अवसर मिलेगा।

    अयोध्या में 22 से 26 अक्टूबर तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से राम की पैड़ी/गुप्तार घाट पर ‘राम, रामायण और अयोध्या’ राष्ट्रीय कार्यशाला एवं व्याख्यान श्रृंखला होगी, जिसमें 25 कलाकारों और 10 विशेषज्ञों की भागीदारी होगी। कार्यक्रम के माध्यम से राम, रामायण और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे कलाकारों और विशेषज्ञों के साथ नई पीढ़ी भी अयोध्या की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा को समझ सके।

    लखनऊ में 18 से 22 नवंबर तक राज्य ललित कला अकादमी की ओर से ‘लोकधारा’ लोक एवं पारंपरिक कला शिविर आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश की लोक और पारंपरिक कला को जीवंत मंच देना है, जहां प्रसिद्ध कलाकार, युवा विद्यार्थी और कला प्रेमी साथ आकर पारंपरिक कलाओं को समझें, उनका अभ्यास करें और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में काम करें। शिविर में पद्मसम्मानित कलाकारों, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकारों और पारंपरिक कला के वरिष्ठ कलाकारों के साथ करीब 35 से 40 लोक एवं पारंपरिक कला साधकों की भागीदारी होगी। लखनऊ और आसपास के संस्थानों के 25 चयनित वरिष्ठ कला विद्यार्थी भी इसमें शामिल होंगे। 

    ‘लोकधारा’ में लाइव कला निर्माण और प्रदर्शन, वरिष्ठ कलाकारों के साथ सीधा संवाद, तकनीक सीखने, अभ्यास और मार्गदर्शन पर विशेष जोर रहेगा। प्रस्तावित प्रतिभागियों में गोंड, भील, गोदना, पिथौरा, राजस्थानी, कोहबर और मधुबनी जैसी विभिन्न लोक एवं पारंपरिक कला शैलियों से जुड़े कलाकार शामिल हैं। पद्मदुर्गाबाई, पद्मभूरीबाई, पद्मशिवम पासवान, पद्मपरेश रावुआ, पद्ममहावीर स्वामी व पद्मश्याम शर्मा जैसे वरिष्ठ कलाकारों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों के कलाकारों और उत्तर प्रदेश के युवा कलाकारों की भागीदारी होगी। इस शिविर का फोकस परंपरा को केवल प्रदर्शित करने के बजाय उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने और समकालीन संदर्भ में उसकी प्रासंगिकता समझाने पर रहेगा।

    पांच दिवसीय ‘लोकधारा’ में 18 नवंबर को उद्घाटन और स्टूडियो की शुरुआत के साथ कलाकारों का परिचय और कला निर्माण शुरू होगा। 19 नवंबर को वरिष्ठ कलाकारों का लाइव प्रदर्शन और तकनीकी संवाद, 20 नवंबर को मास्टरक्लास, रचनात्मक अभ्यास और मार्गदर्शन, 21 नवंबर को पारंपरिक तकनीकों पर प्रदर्शन, सवाल-जवाब और व्यावहारिक सीख का आयोजन होगा। 22 नवंबर को अंतिम कला प्रदर्शन, प्रदर्शनी की झलक और समापन होगा। इस आयोजन के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग, एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ, गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज, टेक्नो इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज और वामसी इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स एंड डिजाइन समेत कई संस्थानों का सहयोग होगा। 

    वाराणसी में गंगा तट पर दिसंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में चार दिवसीय ‘काशी फ्लो’ अंतरराष्ट्रीय कला शिविर एवं प्रदर्शनी होगी, जिसे गंगा महासभा और राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत, गंगा, काशी और यहां की जीवंत परंपराओं को कला के माध्यम से अभिव्यक्त और दस्तावेज तैयार करना है। आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से कलाकारों की भागीदारी होगी, जिनमें वाराणसी, वृंदावन, देहरादून, मथुरा, दिल्ली, जयपुर, भोपाल, ओडिशा, लखीमपुर, सिरसा, मऊ, मेरठ और अन्य स्थानों के कलाकार शामिल हैं। 

    ‘काशी फ्लो’ के जरिए देश और विदेश के कलाकारों को उत्तर प्रदेश की विरासत, उसके संरक्षण और सांस्कृतिक समृद्धि को कला की भाषा में समझने और प्रस्तुत करने का अवसर देने की परिकल्पना की गई है। आयोजन में कला, आध्यात्मिकता, विरासत, लोगों और गंगा के बीच संबंध को केंद्र में रखा जाएगा। इसके जरिए अयोध्या के राम मंदिर और राम परंपरा, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज की कुंभ परंपरा जैसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ी विरासत को रचनात्मक अभिव्यक्ति देने का प्रयास होगा। कार्यक्रम को भविष्य के लिए रचनात्मक संवाद और जीवंत विरासत के संरक्षण का मंच बनाने की परिकल्पना है।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश की कला और संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य विरासत है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि इस विरासत को संग्रहालयों और अभिलेखों तक सीमित रखने के बजाय उसे कलाकारों, विद्यार्थियों और आम लोगों के जीवन से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया अयोध्या में राम और रामायण की सांस्कृतिक परंपरा, लखनऊ में लोक एवं पारंपरिक कलाओं और वाराणसी में गंगा तथा काशी की आध्यात्मिक विरासत को केंद्र में रखकर आयोजित होने वाले ये कला शिविर इसी सोच का हिस्सा हैं। हमारा लक्ष्य वरिष्ठ और प्रसिद्ध कलाकारों के अनुभव को युवा प्रतिभाओं तक पहुंचाना, पारंपरिक कला विधाओं को समकालीन संदर्भ में आगे बढ़ाना और उत्तर प्रदेश की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने नई रचनात्मक भाषा में प्रस्तुत करना है। 

    अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग) अमृत अभिजात ने बताया कि इन तीनों आयोजनों का व्यापक उद्देश्य परंपरा, रचनात्मकता और नई पीढ़ी के बीच निरंतर संवाद तैयार करना है। ‘लोकधारा’ से जहां पारंपरिक कला में नए कलाकारों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, वरिष्ठ कलाकारों से सीधा सीखने और नई कलाकृतियां तैयार करने का अवसर मिलेगा, वहीं कला तकनीकों और प्रक्रियाओं का दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा। कलाकारों, शिक्षण संस्थानों और समुदाय के बीच मजबूत सहयोग विकसित करने के साथ इसे भविष्य में वार्षिक आयोजन के रूप में आगे बढ़ाने की संभावना भी रखी गई है। इसी तरह अयोध्या और वाराणसी के आयोजन कला के माध्यम से प्रदेश की जीवंत विरासत को नई पीढ़ी और व्यापक कला समुदाय तक पहुंचाने की दिशा में काम करेंगे। इन पहलों के जरिए उत्तर प्रदेश में कला, विरासत, सीख और रचनात्मकता को जोड़ते हुए ‘हमारी संस्कृति, हमारी ताकत’ की भावना को नई दिशा देने की कोशिश की जाएगी।

  • ‘ठेकेदार सक्षम युवा योजना’ में 8 हजार युवाओं को प्रशिक्षण, 25 लाख तक के काम का मौका

    ‘ठेकेदार सक्षम युवा योजना’ में 8 हजार युवाओं को प्रशिक्षण, 25 लाख तक के काम का मौका

     चंडीगढ़
     हरियाणा में इंजीनियरिंग की डिग्री या डिप्लोमा करने वाले युवा अब सरकारी विभागों में ठेकेदार बन सकेंगे। कांट्रेक्टर सक्षम युवा योजना के तहत इस साल आठ हजार युवाओं को सरकार के स्तर पर तीन महीने का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
    ट्रेनिंग और मूल्यांकन पूरा करने वाले युवाओं काे हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।

    पंजीकृत युवा ठेकेदारों को 25 लाख रुपये तक के विकास कार्यों के ठेके दिए जाएंगे। एक साल के लिए तीन लाख रुपये का ब्याज मुक्त बैंक ऋण मिलेगा। विशेष बात यह कि तीन महीने की ट्रेनिंग में सिर्फ कक्षा में पढ़ाई नहीं होगी।

    युवाओं को सरकारी विकास कार्यों की प्रक्रिया और ठेकेदारी से जुड़े तकनीकी व व्यावहारिक पहलुओं के साथ मौके पर काम का अनुभव भी दिया जाएगा। श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद तृतीय पक्ष मूल्यांकन होगा और सफल अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

    निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले युवा पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों और अन्य सरकारी विभागों के विकास कार्यों में ठेकेदार के रूप में भाग ले सकेंगे। ठेकेदारी शुरू करने के लिए फर्म और जरूरी दस्तावेज तैयार करने होंगे।

    51.50 करोड़ रुपये का प्रविधान
    पैन, टैन, जीएसटी और टिन सहित संबंधित औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी होगा। ठेकेदार सक्षम युवा योजना के लिए 51.50 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।

    ठेकेदार सक्षम युवा योजना की नींव फरवरी 2024 में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार के समय रखी गई थी। उस समय 10 हजार इंजीनियरिंग डिग्री और डिप्लोमा धारकों को प्रशिक्षण देकर ठेकेदारी से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया था।

    मकसद पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के विकास कार्यों में इंजीनियरिंग योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए ठेकेदारी के अवसर तैयार करना था।

    इसके बाद अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर योजना को औपचारिक रूप से लांच किया। जनवरी 2025 में सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर पात्रता और संचालन की शर्तें तय कीं। अब 2026-27 में योजना के तहत युवाओं से आनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।

    यह होंगे पात्र
    हरियाणा निवासी 18 से 40 वर्ष की आयु के बेरोजगार बीई-बीटेक और इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक युवा योजना में आवेदन कर सकेंगे। परिवार पहचान पत्र जरूरी होगा। सीईटी की मेरिट सूची में नाम होना चाहिए।

     

  • दोमुहानी के पास दर्दनाक हादसा, कार के उड़े परखच्चे; मंत्री की बेटी समेत 4 की मौत

    दोमुहानी के पास दर्दनाक हादसा, कार के उड़े परखच्चे; मंत्री की बेटी समेत 4 की मौत

    जमशेदपुर
    सोनारी मरीन ड्राइव स्थित दोमुहानी के समीप गुरुवार की अलसुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री युविका सिंह समेत चार युवाओं की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गयी. हादसा इतना भीषण था कि तेज रफ्तार कार सड़क पर खड़ी ट्रक में जा घुसी, जिससे कार के परखच्चे उड़ गये.

    तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
    जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार तड़के की है. कार ( जेएच05 डीएस 6450) अत्यधिक तेज गति में मरीन ड्राइव से गुजर रही थी. दोमुहानी के पास सड़क किनारे खड़ी एक ट्रक (जेएच02टी 3971) को कार चालक देख नहीं सका और बेकाबू वाहन सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा टकराया. टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गयी और सोए हुए लोगों की नींद खुल गयी.

    घटनास्थल पर ही तोड़ा दम
    टक्कर के बाद स्थानीय लोग राहत और बचाव के लिए दौड़े, लेकिन कार के अंदर सवार चारों युवकों की स्थिति अत्यंत नाजुक थी. हादसे में मंत्री की पुत्री युविका सिंह के अलावा नमन गुप्ता, सार्थक अग्रवाल और वंशिका खंडेलवाल की मौके पर ही मौत हो चुकी थी.

    एमजीएम में पसरा मातम
    घटना की सूचना मिलते ही सोनारी थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त कार से शवों को बाहर निकाला और एमजीएम भेजा. पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और ट्रक को जब्त कर लिया है. उल्लेखनीय है कि ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का आवास कदमा स्थित दिंदली एनक्लेव में है. घटना की खबर फैलते ही मंत्री के परिजनों के अलावा अन्य मृतकों के रोते-बिलखते परिजन टीएमएच और घटनास्थल पर पहुंचने लगे.

    अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया. शहर के कई गणमान्य लोग भी सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे और शोक-संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया. सड़क पर खड़े वाहनों पर उठे सवाल सोनारी पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. शुरुआती जांच में हादसे का कारण कार की तेज रफ्तार और मरीन ड्राइव पर अवैध रूप से खड़े ट्रक को माना जा रहा है. स्थानीय निवासियों ने मरीन ड्राइव पर बिना इंडिकेटर और रिफ्लेक्टर के खड़े रहने वाले भारी वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

  • सुनील पाल का सलमान खान पर हमला, बोले- पहले ‘बिग बॉस’ बंद करिए, ये ‘गटर शो’ है

    सुनील पाल का सलमान खान पर हमला, बोले- पहले ‘बिग बॉस’ बंद करिए, ये ‘गटर शो’ है

    कॉमेडियन सुनील पाल अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. अब उन्होंने सलमान खान और उनके होस्ट किए जाने वाले रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ पर तीखा हमला बोला है. सुनील पाल ने शो के कंटेंट और इसमें शामिल होने वाले कंटेस्टेंट्स पर सवाल उठाते हुए इसे ‘गटर शो’ तक कह दिया. उन्होंने सलमान खान से कहा कि अगर वो लोगों को सलाह दे रहे हैं, तो पहले उन्हें अपने शो के कंटेंट पर ध्यान देना चाहिए.

    सलमान पर साधा निशाना
    मीडिया से बातचीत के दौरान सुनील पाल ने सलमान खान की हालिया टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी. सलमान ने ‘बिग बॉस 20’ के वीकेंड का वार एपिसोड में सेलिब्रिटीज को सोशल मीडिया पर ट्रोल किए जाने और बॉडी शेमिंग का मुद्दा उठाया था. उन्होंने ट्रोल्स को फटकार लगाते हुए कहा था कि किसी के लुक या काम को लेकर अपमानजनक बातें नहीं करनी चाहिए.

    सलमान की इस बात पर सुनील पाल ने कहा कि सलमान खान को स्टार दर्शकों और देश की जनता ने बनाया है. उनके मुताबिक, लोगों ने सलमान की फिल्में देखीं और उन्हें लगातार प्यार दिया, तभी वह आज इतने बड़े स्टार हैं. सुनील ने सलमान के साथ शाहरुख खान और दूसरे बड़े सितारों को भी नसीहत देते हुए कहा कि अब उन्हें बदलते समय और दर्शकों की पसंद को समझना चाहिए.

    ‘बिग बॉस पहले बंद करिए’
    सुनील पाल ने कहा कि भाईजान, पहले ‘बिग बॉस’ को बंद करिए. उन्होंने शो को ‘गटर शो’ बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें छपरी लोगों को स्टार बना दिया जाता है, जिनका व्यवहार और विवाद समाज के लिए सही उदाहरण नहीं हैं. कॉमेडियन ने ये भी कहा कि शो से जुड़े हर व्यक्ति को आलोचना के लिए तैयार रहना चाहिए. उनके अनुसार, ‘बिग बॉस’ में आने वाले कुछ कंटेस्टेंट्स अपने विवादों और आपत्तिजनक व्यवहार के लिए चर्चा में रहते हैं, लेकिन शो उन्हें बड़े मंच पर पहुंचा देता है.

    सुनील पाल ने कहा कि शो में शामिल कुछ लोग समाज के लिए गलत उदाहरण हैं, फिर भी उन्हें लोकप्रियता और स्टारडम मिल जाता है. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि सलमान खान अलग-अलग मुद्दों पर अपनी सुविधानुसार रुख बदलते हैं.

    यह पहली बार नहीं है जब सुनील पाल ने किसी रियलिटी शो या मनोरंजन जगत की बड़ी हस्ती पर टिप्पणी की हो. इससे पहले वह ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में कुछ कॉमेडियंस को बुलाए जाने पर भी सवाल उठा चुके हैं. उन्होंने आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर शो के मेकर्स और अमिताभ बच्चन पर निशाना साधा था.

  • उदयपुर से सूरत का सफर होगा आसान, वंदे भारत का 3 अक्टूबर से नियमित संचालन

    उदयपुर से सूरत का सफर होगा आसान, वंदे भारत का 3 अक्टूबर से नियमित संचालन

     उदयपुर
     मेवाड़ को सूरत से बेहतर रेल कनेक्टिविटी देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उदयपुर-असरवा वंदे भारत एक्सप्रेस का सूरत तक विस्तार अब 3 अक्टूबर से नियमित रूप से होगा। ट्रेन के सूरत तक विस्तार के निरस्त होने की आशंका के बाद नए प्रयास किए गए, जिसके बाद रेल मंत्रालय ने 3 अक्टूबर से इसके नियमित संचालन की घोषणा की है। यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी।

    सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने बताया कि 2 अक्टूबर को शाम 5.30 बजे वंदे भारत ट्रेन उदयपुर पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन का ठहराव उदयपुर में ही रहेगा। 3 अक्टूबर को ट्रेन पूर्व घोषित समय-सारणी के अनुसार उदयपुर से सूरत के लिए रवाना होगी। ट्रेन के उदयपुर पहुंचने पर भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सांसद ने ट्रेन के सूरत तक विस्तार की घोषणा के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।

    रात 11 बजे सूरत पहुंचेगी ट्रेन
    समय-सारणी के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस उदयपुर से दोपहर 3.35 बजे रवाना होगी। इसके बाद ट्रेन शाम 4.03 बजे जावर, 4.50 बजे डूंगरपुर, 5.27 बजे शामलाजी रोड, 6.18 बजे हिम्मतनगर और शाम 7.25 बजे असरवा पहुंचेगी। यहां से ट्रेन मणिनगर रात 8.58 बजे, आणंद 9.50 बजे और भरूच 10.22 बजे पहुंचेगी। इसके बाद रात 11 बजे ट्रेन सूरत पहुंचेगी।

    वापसी में ट्रेन सूरत से सुबह 6.10 बजे रवाना होगी और दोपहर 1.40 बजे उदयपुर पहुंचेगी। इस तरह मेवाड़ से सूरत के बीच यात्रियों को सीधी वंदे भारत रेल सेवा उपलब्ध होगी।

    सूरत और दक्षिण भारत जाना होगा आसान
    वंदे भारत के सूरत तक विस्तार से व्यापार और रोजगार के सिलसिले में सूरत व दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। वर्तमान में कई यात्रियों को उदयपुर से बस के जरिए सूरत पहुंचने के बाद आगे की रेल यात्रा करनी पड़ती है। बस और ट्रेन की समय-सारणी में सामंजस्य नहीं होने के साथ ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची के कारण भी यात्रियों को परेशानी होती है।

    अब उदयपुर से सूरत तक सीधी वंदे भारत सेवा मिलने से यात्रियों को कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। सूरत पहुंचने के बाद दक्षिण भारत की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी आगे की रेल यात्रा करना आसान होगा। इससे मेवाड़ क्षेत्र के यात्रियों को व्यापार, रोजगार और अन्य जरूरी यात्राओं के लिए बेहतर रेल सुविधा मिलने की उम्मीद है।

     

  • गिरमा नदी पर पुल निर्माण पूरा, बोकी-आरा मार्ग से 8 गांवों को मिलेगी बड़ी सुविधा

    गिरमा नदी पर पुल निर्माण पूरा, बोकी-आरा मार्ग से 8 गांवों को मिलेगी बड़ी सुविधा

    बोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में पुल निर्माण पूर्ण, 8 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

    4.41 करोड़ की लागत से 100 मीटर लंबे पुल का निर्माण हुआ पूरा

    रायपुर.
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सड़क, पुल-पुलिया सहित अधोसंरचना विकास के कार्यों को गति मिल रही है। पहाड़ी एवं पठारी भौगोलिक क्षेत्र वाले जशपुर जिले में नदी-नालों पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ ही लोगों को वर्षभर आवागमन की सुविधा मिल रही है। इसी क्रम में बोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। करीब 100 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण पर 4 करोड़ 41 लाख 33 हजार रुपये की लागत आई है। पुल के शुरू होने से क्षेत्र के 8 गांवों के 5 हजार से अधिक ग्रामीणों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिलेगी।

    बारिश में आवागमन की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान

    गिरमा नदी पर उच्च स्तरीय पुल नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर बोकी-आरा मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो जाता था। तेज बारिश के दौरान पानी का बहाव बढ़ने से ग्रामीणों को नदी पार करने और मुख्य मार्ग तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इससे विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों, व्यापारियों और आम नागरिकों को परेशानी होती थी। अब पुल का निर्माण पूरा होने से बारिश के दौरान भी आवागमन सुगम और सुरक्षित रहेगा तथा लंबे समय से चली आ रही संपर्क बाधित होने की समस्या से ग्रामीणों को राहत मिलेगी।

    8 गांवों के 5100 से अधिक ग्रामीणों को सीधा लाभ

    गिरमा नदी पर पुल बनने से बोकी, बालाछपर, कोरमकेरा, बिरोपानी, रनपुर, सालेकेरा, नारायणपुर और झिलमिली सहित 8 गांवों के 5100 से अधिक ग्रामीण सीधे लाभान्वित होंगे। इन गांवों के लोगों को मुख्य मार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। स्कूल, बाजार, अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। किसानों एवं व्यापारियों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ ही समय और परिवहन लागत की बचत होगी। बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

    रामरेखा धाम की ओर आवागमन होगा सुगम

    बोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में पुल बनने से झारखंड के प्रसिद्ध रामरेखा धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी आवागमन सुगम होगा। रामरेखा धाम झारखंड के सिमडेगा क्षेत्र में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने से धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आवागमन आसान होगी।

    उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण को मिल रही गति

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में नदी-नालों पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। जिले में 22 उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें से 2 पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि अन्य पुलों का निर्माण विभिन्न चरणों में प्रगतिरत है। पुल का निर्माण पूर्ण होने पर क्षेत्रवासियों एवं ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से आवागमन जोखिमपूर्ण हो जाता था और कई बार संपर्क भी बाधित हो जाता था। अब पुल के निर्माण से वर्षभर आवागमन की सुविधा मिलेगी, जिससे समय की बचत के साथ लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

  • बर्खास्त AIG राजजीत पर गंभीर आरोप, बेटी के दाखिले के लिए बनवाया डेथ सर्टिफिकेट

    बर्खास्त AIG राजजीत पर गंभीर आरोप, बेटी के दाखिले के लिए बनवाया डेथ सर्टिफिकेट

    चंडीगढ.

    ड्रग्स मामले में पंजाब सरकार द्वारा बर्खास्त किए गए पीपीएस अधिकारी राजजीत सिंह हुंदल का विवादों से लंबे समय से नाता रहा है। राजजीत ने तो अपना डेथ सर्टिफिकेट (मृत्यु प्रमाण पत्र) भी बनवाया था।

    राजजीत अपनी सैटिंग के दम पर हमेशा ही महत्वपूर्ण पदों पर रहा और बर्खास्तगी से पहले तक एनआरआइ विंग का एआइजी हेडक्वार्टर के पद पर तैनात था। राजनीतिक पहुंच के कारण राजजीत पर कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन एसआइटी की रिपोर्ट खुलने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बर्खास्त कर दिया था।

    राजजीत सिंह सबसे पहले 2013 में विवादों में आया था। जब उसने अपनी बेटी का मेडिकल कालेज में एमबीबीएस में दाखिला करवाने के लिए खुद का ही मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया था।

  • रांची के स्कूल में चौंकाने वाला मामला, 4-5 साल से तंबाकू खा रहे बच्चों के मुंह में मिले खतरनाक लक्षण

    रांची के स्कूल में चौंकाने वाला मामला, 4-5 साल से तंबाकू खा रहे बच्चों के मुंह में मिले खतरनाक लक्षण

     रांची
    राजधानी के जगन्नाथपुर स्थित राजकीयकृत उच्च विद्यालय में बच्चों के बीच तंबाकू सेवन के खतरनाक असर का मामला सामने आया है। स्कूल में आयोजित दंत एवं मुख स्वास्थ्य जांच शिविर में करीब 200 छात्र-छात्राओं की जांच की गई। जांच के दौरान 10 से अधिक बच्चों के गाल और मसूड़ों के अंदर सफेद धब्बे पाए गए।

    चिकित्सकों ने बताया कि ये सारे बच्चे वर्षों से तंबाकू सेवन कर रहे हैं जिससे ल्यूकोप्लाकिया जैसे कैंसर-पूर्व बदलाव के लक्षण मिले हैं। संबंधित बच्चों को आगे की विस्तृत जांच और चिकित्सकीय परामर्श के लिए रिम्स डेंटल इंस्टीट्यूट बुलाया गया है। शिविर का आयोजन रिम्स के दंत चिकित्सा संस्थान और इंडियन एकेडमी आफ ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलाजी के द्वारा किया गया।

    रिम्स डेंटल कालेज के ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलजी विभाग की एडिशनल प्रोफेसर डॉ. शांताला के नेतृत्व में चार इंटर्न डाक्टरों की टीम ने विद्यार्थियों की जांच की। टीम में अनामिका कुमारी, आंचल कच्छप, अक्षिता कुमारी और सेजल खंडेलवाल शामिल थीं।
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    सफेद धब्बे दिखे तो न करें नजरअंदाज
    डॉ. शांताला ने बताया कि कुछ बच्चों के गाल और मसूड़ों में सफेद रंग के धब्बे मिले। जांच में इन बच्चों में तंबाकू सेवन की जानकारी भी सामने आई। ऐसे सफेद धब्बों को चिकित्सकीय रूप से ल्यूकोप्लाकिया कहा जा सकता है।

    अधिकतर स्थितियों में यह कैंसर से पहले होने वाला बदलाव का बड़ा रूप है, जो इतने छोटे बच्चों में पाया जाना आश्चर्य करने वाला है। लेकिन प्रारंभिक चरण में यह जानकारी मिली है, जिसका उपचार शत प्रतिशत संभव है। इसलिए अब इनकी आगे के इलाज को लेकर तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि समय रहते इसकी जांच हुई जिससे यह तथ्य सामने आया है।

    उन्होंने बताया कि यदि शुरुआती स्तर पर ही तंबाकू का सेवन पूरी तरह बंद कर दिया जाए और चिकित्सकीय सलाह ली जाए तो आगे होने वाले नुकसान को रोकने में मदद मिल सकती है। संबंधित बच्चों को रिम्स डेंटल इंस्टीट्यूट में आगे की जांच के लिए बुलाया गया है।

    बच्चों को बताया तंबाकू से होने वाला नुकसान
    जांच के बाद स्कूल के सभी बच्चों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इसमें बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और खैनी समेत तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई। डाक्टरों ने बताया कि तंबाकू का सेवन मुंह की अंदरूनी सतह को प्रभावित कर सकता है और लंबे समय तक सेवन से गंभीर मुख रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

    विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने, संतुलित आहार लेने और नियमित रूप से दांतों एवं मुंह की सफाई करने की सलाह दी गई। बच्चों में तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता पैदा करना और उन्हें शुरुआती उम्र से ही तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।

    बच्चों ने खुल कर कहा वे तंबाकू का सेवन करते हैं
    स्कूल के इन छोटे बच्चों ने बिना संकोच के तंबाकू का सेवन करने की बात स्वीकारी। इनकी मासूमियत इतनी थी कि इन्हें यह तक पता नहीं है कि तंबाकू के नुकसान क्या है, जबकि वे इसे हर दिन आम खाने की चीजों में शामिल किए हुए हैं।

    डॉक्टरों ने बताया कि ये बच्चे पिछले चार-पांच वर्षों से तंबाकू का सेवन करते आ रहे हैं जिससे इन्हें परेशानी हुई है। स्कूल प्रबंधन की ओर से इन बच्चों की जांच कराने का आग्रह किया गया था, जिसमें इन बच्चों के गलत खानपान और मुंह से बदबू आने की शिकायत मिली थी।

    महत्वपूर्ण बिंदु :
        मुंह में सफेद या लाल धब्बा, घाव या जलन दो सप्ताह से अधिक रहे तो दंत चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
        बच्चों और किशोरों में तंबाकू की शुरुआत रोक भविष्य में मुंह के कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।
        नियमित दंत एवं मुख जांच से मुंह में होने वाले असामान्य बदलावों की शुरुआती पहचान संभव है।

        बच्चों में इस तरह से कैंसर के लक्षण मिलना चिंताजनक है, बच्चे ही देश का भविष्य हैं। लेकिन यह प्रारंभिक जांच में संकेत मिले है जिसका पूर्ण रूप से इलाज संभव है। सरकार सभी स्कूलों व कालेजों में विशेषज्ञ टीमों द्वारा कैंसर स्क्रीनिंग कैंप लगायेगी और तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थ के नुकसान को गंभीरता से बताएगी। अगर कोई भी कैंसर से पीड़ित पाया जाता है तो सरकार की ओर से पूरा इलाज निश्शुल्क किया जाएगा।

    -डॉ. इरफान अंसारी, स्वास्थ्य मंत्री।
        जब स्कूल जाने की उम्र में बच्चों के मुंह में कैंसर-पूर्व बदलाव दिखने लगें, तो यह सिर्फ बच्चों की गलती नहीं, बल्कि परिवार, स्कूल और समाज के लिए भी गंभीर चेतावनी है। ये बच्चे घर या आसपास बड़ों को तंबाकू का सेवन करते देख सिखते हैं। गुटखा, पान मसाला आदि की आसानी से उपलब्धता भी एक बड़ी चुनौती है। साथ ही इन्हें तंबाकू के नुकसान की जानकारी का अभाव है।

    -प्रो. डॉ. प्रशांत गुप्ता, एचओडी, ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलाजी विभाग, रिम्स डेंटल कॉलेज।

  • छात्र हितों की रक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    छात्र हितों की रक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि राज्य शासन के लिए छात्र हित सर्वोपरि है। इसी भावना के साथ शासन ने नर्सिंग विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए माननीय उच्च न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखा है। विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके भविष्य की राह में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए राज्य शासन संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

     उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा बी.एससी. नर्सिंग के 15 हजार से अधिक विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। साथ ही लगभग 28 हजार विद्यार्थियों की आगामी परीक्षा भी शीघ्र आयोजित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि छात्र हितों की रक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन सदैव प्रतिबद्ध है। 

      उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा बी.एससी. नर्सिंग द्वितीय वर्ष परीक्षा – मार्च 2026, बी.एससी. नर्सिंग तृतीय वर्ष परीक्षा – जनवरी 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं।

  • राजस्थान में शराब तस्करी पर शिकंजा, 31 वाहन जब्त; लाखों लीटर वॉश नष्ट

    राजस्थान में शराब तस्करी पर शिकंजा, 31 वाहन जब्त; लाखों लीटर वॉश नष्ट

    जयपुर
    आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशानुसार प्रदेश में अवैध मदिरा निर्माण, भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय पर रोकथाम के लिए चल रहे विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत नाकाबंदी, गश्त, रेड की प्रभावी कार्यवाही जारी है। प्रदेश में वाॅश, हथकड़ मदिरा सहित अन्य राज्य की मदिरा पर भी कार्रवाई की जा रही है अब तक 2 लाख 67 हजार 266 लीटर वाॅश नष्ट किया गया है।

    309 गिरफ्तार, 31 वाहन सीज
    आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत 23 सितंबर 2026 तक विभिन्न कार्रवाई के तहत 817 अभियोग दर्ज किए गए है। प्रदेश में देशी मदिरा 5 लाख 72 हजार 310 रूपए लागत की 2102 लीटर, भारत निर्मित विदेशी मदिरा एक करोड़ 1 लाख 27 हजार 990 रूपए की 10126 लीटर, बीयर एक लाख 41 हजार 608 रूपए की 674 लीटर, हथकड़ शराब 7403 लीटर एवं स्प्रिट 350 लीटर जब्त किया गया है। इसी क्रम में वाॅश 2 लाख 67 हजार 266 लीटर नष्ट किया गया। प्रदेश में अभियान के तहत एक बड़ा वाहन, 7 चार पहिया वाहन, 23 दुपहिया वाहन सहित 31 वाहन जब्त किए है साथ ही अवैध मदिरा से संबंधित 309 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।

    नाकाबंदी, दबिश – अवैध मदिरा जब्त
    प्रदेश में आबकारी निरोधक दलों की कार्रवाई के तहत पाली में आबकारी टीम ने अनुज्ञाधारियों की शिकायत पर संबंधित क्षेत्रों में अवैध मदिरा कारोबारियों पर दबिश देते हुए बड़ी मात्रा में अंग्रेजी मदिरा, देशी मदिरा एवं बीयर जब्त करते हुए नियमानुसार अभियोग दर्ज किए। श्रीगंगानगर के रायसिंह नगर में दबिश देकर 4 हजार लीटर वाॅश नष्ट किया। इसी क्रम में सूरतगढ़ में दबिश देकर 20 लीटर अवैध मदिरा जब्त की गई। हनुमानगढ़ में आबकारी टीम ने दबिश कार्रवाई में 500 लीटर वाॅश सहित 2 भट्टियां नष्ट करते हुए 8 लीटर हथकड़ मदिरा, 53 देशी मदिरा के पव्वे, 10 बीयर बोतल जब्त की। मौके से 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।

    इसी प्रकार प्रदेश के समस्त जिलों में भी विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत नाकाबंदी, दबिश व सघन गश्त की जा रही है। समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, आबकारी उपायुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक एवं आबकारी निरोधक दल द्वारा अवैध मदिरा के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्यवाही की जा रही है।