Author: NewseDay

  • झीरम घाटी केस में नया मोड़, 10 दोषियों ने हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका

    झीरम घाटी केस में नया मोड़, 10 दोषियों ने हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका

    जगदलपुर.

    झीरम घाटी हत्याकांड में एनआईए कोर्ट ने 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ बचाव पक्ष के वकील अरविंद चौधरी ने दोषियों के परिजनों से चर्चा के बाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है।

    अब बचाव पक्ष को हाईकोर्ट की ओर से आगे की प्रक्रिया के लिए नोटिस का इंतजार है। दरअसल, किसी निचली अदालत के फैसले से असहमति होने पर संबंधित पक्ष ऊपरी अदालत में अपील कर सकता है। इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत अब झीरम मामले का फैसला हाईकोर्ट के सामने चुनौती रूप में पहुंचा है।

    हाईकोर्ट पहले अपील की प्रक्रिया पर विचार करेगा और इसके बाद संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुना जा सकता है। यानी फिलहाल मामला अपील दाखिल होने के चरण में है, अभी हाईकोर्ट ने इस अपील पर अंतिम फैसला नहीं दिया है। अब हाईकोर्ट के नोटिस का इंतज़ार है।

  • मुख्यमंत्री ने कहा – सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के संस्कार देकर जिम्मेदार नागरिक तैयार कर रही राष्ट्रीय सेवा योजना

    मुख्यमंत्री ने कहा – सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के संस्कार देकर जिम्मेदार नागरिक तैयार कर रही राष्ट्रीय सेवा योजना

    युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मुख्यमंत्री ने कहा – सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के संस्कार देकर जिम्मेदार नागरिक तैयार कर रही राष्ट्रीय सेवा योजना

    सेवा संकल्प अभियान में बड़ी भूमिका निभाएं एनएसएस स्वयंसेवक : स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और नशामुक्ति के लिए समाज को करें प्रेरित

    युवाओं के लिए शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, स्टार्टअप, एआई और खेल के क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अवसर

    मुख्यमंत्री एआई मिशन के माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को दिया जाएगा एआई प्रशिक्षण, मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान

    वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य, युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें : मुख्यमंत्री साय

    नई औद्योगिक विकास नीति में स्थानीय युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता, डेढ़ वर्षों में मिले 8.25 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव

    प्रदेश में तैयार हो रहे नालंदा परिसर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को मिलेगा बेहतर वातावरण

    मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनएसएस स्वयंसेवकों को किया सम्मानित

    रायपुर 
    युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार की क्षमता और सेवा भावना को सही दिशा देकर समाज और राष्ट्र में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस पर सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा किया गया।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना आज देश के लाखों युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला व्यापक अभियान बन चुकी है। एनएसएस से जुड़ने वाला युवा केवल गतिविधियों में भाग नहीं लेता, बल्कि समाज और अपने आसपास की परिस्थितियों को अधिक संवेदनशीलता से समझना सीखता है। लोगों की समस्याओं को समझना, जिम्मेदारी लेना, टीम के साथ कार्य करना और समाधान के लिए स्वयं आगे आना – ये ऐसे संस्कार हैं, जो युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्षम बनाते हैं।

    उन्होंने कहा कि सेवा के किसी कार्य को छोटा नहीं समझना चाहिए। कई बार एक युवा द्वारा किया गया छोटा-सा प्रयास भी पूरे समाज को प्रेरित कर सकता है। किसी गांव में स्वच्छता के लिए पहल करना, जरूरतमंद के लिए रक्तदान करना, पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना अथवा किसी व्यक्ति को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना – ऐसे प्रयास समाज में बड़े परिवर्तन की नींव बनते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में और अधिक सक्रिय भागीदार बनाने के उद्देश्य से ‘मेरा युवा भारत’ जैसा व्यापक मंच तैयार किया गया है। इसके माध्यम से युवाओं को नेतृत्व, कौशल विकास और अनुभव आधारित सीख के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वयं अपने विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक रहे हैं। यह इस बात का उदाहरण है कि एनएसएस से मिले सेवा और नेतृत्व के संस्कार जीवन में कितनी दूर तक साथ चलते हैं।

    सेवा संकल्प अभियान में बड़ी भूमिका निभाएं युवा

    मुख्यमंत्री साय ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि एनएसएस और सेवा संकल्प अभियान की मूल भावना एक ही है – सेवा के लिए स्वयं आगे आना और समाज को भी सेवा कार्यों से जोड़ना।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उनके जन्मदिन 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में एक माह का सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। एनएसएस के युवा स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे विषयों को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपने महाविद्यालय और विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ गांवों, बस्तियों और शहरों में भी लोगों को इन अभियानों से जोड़ने का आग्रह किया।

    उन्होंने कहा कि युवाओं में समाज को प्रेरित करने की अपार क्षमता है। जब युवा किसी अच्छे उद्देश्य के लिए आगे आते हैं तो उनके साथ परिवार, समाज और समुदाय भी जुड़ता है। इसलिए एनएसएस स्वयंसेवकों की एक छोटी पहल भी व्यापक और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है।

    युवाओं का भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा सामर्थ्य यहां के युवा हैं। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, उद्यमिता, खेल और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अवसरों का लगातार विस्तार कर रही है।

    उन्होंने कहा कि युवाओं के मन में भर्ती परीक्षाओं के प्रति भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता रही है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। भर्ती परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर योग्य युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग में लगभग 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक के पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। बिजली कंपनियों में भी 1 हजार 235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है, जिससे इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा सहित अलग-अलग योग्यताओं वाले युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 430 लैब अटेंडेंट को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है और वर्षाकाल के बाद रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।

    नई औद्योगिक नीति से युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में निवेश के साथ-साथ रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि विगत डेढ़ वर्षों में प्रदेश को 8 लाख 25 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और अनेक परियोजनाओं में धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है।

    उन्होंने कहा कि उद्योग नीति तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि प्रदेश में आने वाले निवेश का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिले। स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। एक हजार स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है। इससे आने वाले वर्षों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

    प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को मिल रहा बेहतर वातावरण

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन और वातावरण उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय युवाओं के लिए दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 200 सीट की गई है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार हॉस्टल के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अध्ययन वातावरण, पुस्तकें और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नालंदा परिसरों का निर्माण किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि आर्थिक या भौगोलिक परिस्थितियां किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के रास्ते में बाधा न बनें।

    नौकरी मांगने वाले ही नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बदलते समय में रोजगार को लेकर हमारी सोच भी व्यापक होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ के युवा केवल नौकरी पाने वाले न रहें, बल्कि अपने नवाचार, प्रतिभा और उद्यमशीलता के माध्यम से दूसरों को रोजगार देने वाले भी बनें। राज्य सरकार इसके लिए स्टार्टअप और उद्यमिता का अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है।

    उन्होंने कहा कि नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के अंतर्गत वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता, कौशल और नई तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा अपने विचारों को उद्यम में बदलें और छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था के निर्माण में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं।

    एआई सहित भविष्य की तकनीकों में आगे बढ़ेंगे छत्तीसगढ़ के युवा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों की ओर बढ़ रही है। आने वाले समय में शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन सहित लगभग हर क्षेत्र में इन तकनीकों की भूमिका बढ़ेगी। इसलिए छत्तीसगढ़ के युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।

    उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत प्रदेश के छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। इससे विद्यार्थियों को नई तकनीक की समझ के साथ भविष्य के रोजगार और उद्यमिता के अवसरों के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।

    खिलाड़ियों की प्रतिभा को भी मिल रहा सम्मान

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के साथ खेल के क्षेत्र में भी प्रतिभाशाली युवाओं के लिए अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। प्रदेश के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय नौकरी का रास्ता साफ किया गया है। सरकार चाहती है कि मैदान में कड़ी मेहनत कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के अनुरूप सम्मान और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।

    विकसित भारत की यात्रा में युवा निभाएंगे निर्णायक भूमिका

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। विकसित भारत का यह लक्ष्य केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से युवाओं का साझा संकल्प है।

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। छत्तीसगढ़ के युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, परिश्रम, नवाचार और सेवा भावना इस यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति है। आज एनएसएस के माध्यम से सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का जो संस्कार युवा अपने भीतर विकसित कर रहे हैं, वही आने वाले समय में उन्हें राष्ट्र निर्माण का सक्षम नेतृत्व प्रदान करेगा।

    एनएसएस युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का सशक्त मंच : उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा

    उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है और शिक्षा को रोजगार तथा कौशल से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि किसी राज्य की वास्तविक शक्ति केवल उसकी भौतिक संपदा में नहीं, बल्कि उसके युवाओं की चेतना, ऊर्जा और समाज के प्रति संवेदनशीलता में निहित होती है। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को अपनी ऊर्जा को सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में लगाने का अवसर प्रदान करती है। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित होता है तथा वे राष्ट्रभक्त एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में आगे बढ़ते हैं।

    समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित कर उनके सेवा कार्यों की सराहना की।

    इस अवसर पर उच्च शिक्षा सचिव अविनाश चम्पावत, आयुक्त श्रीमती रीता यादव सहित राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े अधिकारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रतिनिधि, कार्यक्रम अधिकारी तथा बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित थे।

  • खर्राघाट में विकास कार्यों का भूमिपूजन, ओपी चौधरी ने केलो नदी में डुबकी लगाकर किया नमन

    खर्राघाट में विकास कार्यों का भूमिपूजन, ओपी चौधरी ने केलो नदी में डुबकी लगाकर किया नमन

    सेवा संकल्प अभियान : खर्राघाट में 29.99 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने स्वच्छता अभियान में किया श्रमदान, केलो नदी में डुबकी लगाकर किया नमन

    केलो तट के स्थायी विकास की बड़ी पहल, 8.50 एकड़ में बनेगा ऑक्सीजोन

    शनि मंदिर से खर्राघाट तक 2 किलोमीटर क्षेत्र का होगा कायाकल्प, पाथवे, घाट, हरित क्षेत्र और स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी विकसित

    रायपुर, 
     सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत रायगढ़ में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और शहरी अधोसंरचना विकास को एक साथ जोड़ते हुए केलो नदी तट के स्थायी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने गुरुवार को खर्राघाट में 29.99 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों के साथ स्वच्छता अभियान में स्वयं श्रमदान कर जनभागीदारी का संदेश दिया। परियोजना के तहत शनि मंदिर से खर्राघाट तक करीब 2 किलोमीटर क्षेत्र का विकास करने के साथ खर्राघाट में लगभग 8.50 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सीजोन विकसित किया जाएगा।

    सेवा मेरा योगदान के तहत खर्राघाट और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया गया। वित्त मंत्री चौधरी ने स्वयं श्रमदान करते हुए कहा कि स्वच्छता किसी एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की निरंतर जिम्मेदारी है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से केलो नदी, घाटों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया।

    इस दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने केलो नदी में डुबकी लगाकर नदी को नमन किया। उन्होंने कहा कि केलो नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि रायगढ़ की पहचान, आस्था और संस्कृति से जुड़ी हुई है। इसी भावना के साथ नदी और इसके तटों को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए स्थायी विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

    खर्राघाट बनेगा हरियाली, स्वास्थ्य और मनोरंजन का नया केंद्र

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि खर्राघाट का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा। इसे ऐसा सुव्यवस्थित सार्वजनिक क्षेत्र बनाया जाएगा, जहां नागरिकों को प्रकृति के बीच बेहतर वातावरण के साथ स्वास्थ्य और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाएं भी मिल सकें। यहां ऑक्सीजोन, सुव्यवस्थित घाट, पैदल पथ, व्यायाम की सुविधाएं तथा मॉर्निंग और नाइट वॉक के लिए बेहतर स्थान विकसित किए जाएंगे। परिवारों के साथ समय बिताने के लिए भी सुविधाजनक सार्वजनिक क्षेत्र तैयार होगा।

    उन्होंने बताया कि खर्राघाट से शनि मंदिर की दिशा में आगे मरीन ड्राइव विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में केलो नदी तट का सुव्यवस्थित और चरणबद्ध विकास हो सकेगा।

    शनि मंदिर से खर्राघाट तक 2 किलोमीटर क्षेत्र का होगा कायाकल्प

    परियोजना के अंतर्गत शनि मंदिर से खर्राघाट पुल तक करीब 2 किलोमीटर सड़क का सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा। सड़क के साथ नाली निर्माण, पैदल पथ और नदी तट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। पचरी घाट का नवीनीकरण एवं सुधार होगा तथा घाट को पाथवे से जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग विकसित किया जाएगा। शनि मंदिर के पास तिराहे का चौड़ीकरण कर यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा।

    खर्राघाट में करीब 8.50 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सीजोन विकसित होगा। यहां सघन पौधरोपण के साथ पार्किंग, पाथवे, घाट तथा व्यायाम और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। ऑक्सीजोन और घाट के बीच सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा पुल के नीचे अंडरपास यानी बॉक्स कल्वर्ट भी बनाया जाएगा।

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार को भी प्राथमिकता दी जा रही है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में गार्डन और ऑक्सीजोन विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आने वाले पांच वर्षों में रायगढ़ में 10 से अधिक ऑक्सीजोन विकसित करने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि खर्राघाट का ऑक्सीजोन इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

    29.99 करोड़ की स्वीकृति, दो वर्ष में पूरा होगा कार्य

    परियोजना के लिए सीएसआर मद से 29.99 करोड़ रुपये की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्य की अनुबंधित राशि 26.39 करोड़ रुपये है। इसका कार्यादेश 24 जून 2026 को जारी किया गया है और कार्य को दो वर्ष की अवधि में पूरा किया जाना है। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रयास होगा कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरा कर नागरिकों को समर्पित किया जाए।

    लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वच्छता और विकास को जनभागीदारी से जोड़ा जा रहा है। खर्राघाट में श्रमदान के साथ स्थायी विकास कार्यों की शुरुआत इसका उदाहरण है। केलो नदी और इसके घाट रायगढ़ की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके विकास से शहरवासियों को बेहतर सार्वजनिक स्थान और सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने रायगढ़ में हरित क्षेत्र बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के बीच पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। ऑक्सीजोन और अन्य हरित क्षेत्रों के विकास से नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।

    नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि खर्राघाट रायगढ़ के प्रमुख नदी तटों में शामिल है। यहां स्वच्छता अभियान के साथ स्थायी विकास कार्यों की शुरुआत शहर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। परियोजना पूरी होने पर नागरिकों को बेहतर घाट, हरित क्षेत्र, पैदल भ्रमण तथा स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के लिए नई सुविधाएं मिलेंगी।

    ‘लोकल फॉर वोकल’ प्रदर्शनी का किया अवलोकन

    कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘लोकल फॉर वोकल’ प्रदर्शनी भी लगाई गई। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों और गतिविधियों की जानकारी ली तथा विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया।

    इस अवसर पर सभापति डिग्रीलाल साहू, सुभाष पाण्डेय, मनीष कंकरवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन एवं नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वह BJP सरकार ने बनाई है’- PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का तीखा प्रहार

    ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वह BJP सरकार ने बनाई है’- PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का तीखा प्रहार

    ‘सत्ता में रहते नहीं की लोधी समाज की चिंता, आज वोट के लिए पी रहे हैं चाय’: अखिलेश पर बरसे मंत्री संदीप सिंह

    ‘तुष्टीकरण के चलते अखिलेश नहीं देते ‘बाबू जी’ को श्रद्धांजलि’: संदीप सिंह

    ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वह BJP सरकार ने बनाई है’- PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का तीखा प्रहार

    PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का पलटवार, लोधी समाज और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश को घेरा

    लखनऊ, 
     समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रथ यात्रा को लेकर योगी सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने निशाना साधा है। उन्होंने यूपी की सड़कों, लोधी समाज के प्रति अखिलेश यादव का झुकाव और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा प्रमुख पर कई सवाल उठाए।

    मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव जिन सड़कों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, उन्हीं सड़कों से उनके आलीशान रथ की यात्रा हो रही है और ये सड़कें भाजपा सरकार ने बनवाई हैं।

    ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वो BJP सरकार ने बनाई है’
    संदीप सिंह ने कहा, “अखिलेश यादव अक्सर सवाल उठाते रहे कि यूपी की सड़कों की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। लेकिन जिस सड़क से अखिलेश यादव अपने आलीशान रथ से जाएंगे, वो सड़कें यूपी की भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई है और पूरी तरह से गड्ढामुक्त हैं।”

    बता दें कि अखिलेश यादव अपनी PDA रथ यात्रा रायबरेली से शुरू कर रहे हैं। इस दौरान वो सपा विधायक राहुल लोधी के घर चाय पीने जाएंगे। इसे सपा द्वारा लोधी समाज को अपने पक्ष में जोड़ने के तौर पर देखा जा रहा है। जिसको लेकर मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव ने आज लोधी समाज के व्यक्ति के यहां जाने का फैसला किया है।

    उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह से बताता है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव वोट लेने के लिए पिछड़े वर्ग को, लोधी समाज को खासकर चुनाव के समय साधने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। चुनाव के वक्त अखिलेश यादव और उनके लोग लोधी समाज को लुभाने का प्रयास करते हैं।”

    ‘'बाबू जी'’ के निधन पर अखिलेश यादव श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचे’
    मंत्री संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि आज अखिलेश यादव को लोधी समाज की चिंता है लेकिन हमारे बाबू जी(पूर्व सीएम कल्याण सिंह) का जब देहांत हुआ तो अखिलेश यादव बाबू जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने और अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हुए थे । उन्होंने बाबू जी की पुण्यतिथि पर भी उन्हें कभी याद नहीं किया।”

    संदीप सिंह ने कहा, “अखिलेश यादव अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए, तुष्टीकरण की राजनीति करने के लिए बाबू जी को श्रद्धांजलि तक नहीं देते। ऐसा करते तो शायद उनका वोट बैंक नाराज हो जाता। लेकिन आज सिर्फ एक कप चाय पीकर वो लोधी समाज को अपनी तरफ आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।”

    मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि जब अखिलेश यादव सत्ता में होते हैं तब उन्हें लोधी समाज की चिंता नहीं होती। तब इन्हें लोधी समाज याद नहीं आता। उन्होंने कहा कि लोधी समाज हमेशा भाजपा से जुड़ा रहा है। सपा के झांसे में नहीं आने वाला।

    ‘चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी दलों को पिछड़े वर्ग की याद आती है’
    संदीप सिंह ने कहा, “आज फिर से चुनाव नजदीक है तो विपक्षी दलों को पिछड़े वर्ग की याद आ रही है। दशकों तक सपा-कांग्रेस ने यही किया है। पूरे प्रदेश में जाति का जहर घोला है।”

    उन्होंने आरोप लगाया, “अखिलेश यादव ने अपने बड़बोले नेताओं से महिलाओं को, दलितों को, पिछड़े वर्ग के नेताओं को, महापुरुषों को गाली दिलवाने का काम किया है। उनके साथ सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि वे समय-समय पर पीसी के जरिए समाज में जहर घोलने का काम करते हैं।”

    संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि पिछड़ों को अधिकार दिलाने की बात जब आती है तो अखिलेश यादव उस समय कहीं और नजर आते हैं। सत्ता में रहते अखिलेश यादव पिछड़े वर्ग के साथ नहीं खड़े होते।

    अपराध के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा
    संदीप सिंह ने कहा, “आज देश की जनता जागरूक है, जातिवाद के जहर से खुद को मुक्त करना चाहती है तो अखिलेश यादव फिर से लोगों को भ्रमित करने निकले हैं।”

    यूपी में अपराध को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर भी संदीप सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “सपा प्रमुख के मुताबिक यूपी में अपराध चरम सीमा पर पहुंच गया है। लेकिन 2017 से पहले यूपी के हालात को भूल गए हैं। आज यूपी में सबसे ज्यादा अपराध कौन कर रहा है इसे वे खुद देख लें।”

    उन्होंने कहा, “आज अपराधी अपने असली ठिकाने पर पहुंचाए जा रहे हैं। आज अपराधियों पर एक्शन होता है तो अखिलेश यादव उसे शहीद बता देते हैं। योगी सरकार में कोई भी अपराधी सुरक्षित नहीं है। उसे उनके ठिकाने तक पहुंचाया जा रहा है।”

  • नई जेलों के निर्माण से बदली तस्वीर, 2017 के मुकाबले बढ़ी बंदी क्षमता

    नई जेलों के निर्माण से बदली तस्वीर, 2017 के मुकाबले बढ़ी बंदी क्षमता

    योगी सरकार ने नई जेलों के निर्माण और क्षमता विस्तार से ओवरक्राउडिंग पर लगाया ब्रेक 
     
    – 2017 के मुकाबले 2026 में बंदी क्षमता बढ़ी, ओवरक्राउडिंग दर घटकर 1.03 पर पहुंची 

    – प्रदेश को मिलेंगी छह और नई जिला जेलें, कानपुर नगर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर समेत छह जिलों में 7,732 अतिरिक्त बंदियों की क्षमता होगी विकसित
     
    – निर्माणाधीन जेल परियोजनाओं को मिली रफ्तार, अमेठी और महोबा की जेलें अंतिम चरण में, हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर व हापुड़ में तेजी से चल रहा निर्माण कार्य 

    – संभल, शामली और बलिया में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज, नई जेलों की स्थापना के लिए कई जिलों में भूमि क्रय और पंजीकरण की कार्रवाई प्रगति पर 

    लखनऊ, 
    योगी सरकार प्रदेश की जेल व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और मानवीय बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। बढ़ती बंदी संख्या और जेलों में ओवरक्राउडिंग की समस्या को दूर करने के लिए योगी सरकार ने एक ओर नई जेलों के निर्माण को गति दी है, जिससे जेलों में ओवरक्राउडिंग दर में कमी दर्ज की गई। 

    पिछले साढ़े नौ वर्षों में जेलों में ओवरक्राउडिंग दर घटकर 1.03 हुई
    वर्तमान में प्रदेश में कुल 77 कारागार संचालित हैं, जिनमें 7 केंद्रीय कारागार, 2 महिला केंद्रीय कारागार, 64 जिला कारागार, 1 विशेष कारागार, 2 उप कारागार तथा 1 किशोर सदन शामिल है। योगी सरकार के पिछले साढ़े नौ वर्षों में जेल अवसंरचना के विस्तार का ही परिणाम है कि प्रदेश की जेल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में प्रदेश की 70 जेलों की कुल बंदी क्षमता 58,400 थी, जबकि वर्ष 2026 तक यह बढ़कर 77,673 हो गई है। इस अवधि में जेलों में ओवरक्राउडिंग दर भी काफी कम हुई है। वर्ष 2017 में जहां ओवरक्राउडिंग दर 1.77 थी, वह वर्ष 2026 में घटकर 1.03 रह गई है। यह कमी योगी सरकार द्वारा जेलों के विस्तार, नई जेलों के निर्माण और अतिरिक्त क्षमता सृजन के लिए किए गए प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है। योगी सरकार ने वर्ष 2017 के बाद से अब तक सात नई जेलों का संचालन शुरू किया है। इनमें चित्रकूट, अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर, इटावा केंद्रीय कारागार, प्रयागराज, श्रावस्ती तथा पुरानी जिला कारागार बरेली शामिल हैं। इन नई जेलों से कुल 10,495 बंदियों की अतिरिक्त क्षमता विकसित हुई है, जिससे विभिन्न जनपदों की जेलों पर दबाव कम हुआ है।

    योगी सरकार बनाने जा रही 6 और नई जेल
    योगी सरकार छह नई जिला जेलों के निर्माण की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। इनमें कानपुर नगर (2030 क्षमता), औरैया (1056), शाहजहांपुर (1520), ज्ञानपुर-भदोही (574), मुरादाबाद (2000) तथा ललितपुर (552) शामिल हैं। इन छह नई जेलों के निर्माण से प्रदेश में 7,732 अतिरिक्त बंदियों की क्षमता उपलब्ध होगी। इन परियोजनाओं के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके अलावा प्रदेश में नई निर्माणाधीन जेल परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य चल रहा है। अमेठी और महोबा में बन रही नई जिला जेलों का निर्माण लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अमेठी जेल का कार्य 98 प्रतिशत से अधिक तथा महोबा जेल का कार्य 93 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। इनके अतिरिक्त हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर और हापुड़ में भी नई जेलों का निर्माण तेजी से जारी है। इन छह निर्माणाधीन जेलों की कुल क्षमता 6,156 बंदियों की होगी। योगी सरकार का लक्ष्य है कि अधिकांश परियोजनाएं वर्ष 2026 तक पूर्ण कर ली जाएं।

    संभल, बलिया और शामली में जेल के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज
    जेल अवसंरचना के विस्तार के साथ-साथ सरकार उन जिलों में भी नई जेलों की स्थापना की तैयारी कर रही है, जहां भूमि क्रय एवं पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। संभल, शामली, बलिया, सहारनपुर, अमरोहा और चंदौली में प्रस्तावित जेलों के लिए भूमि अधिग्रहण और पंजीकरण की कार्रवाई प्रगति पर है। इनमें से कई परियोजनाओं के लिए शासन स्तर पर करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। मालूम हो कि जेलों में अत्यधिक भीड़ सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पुनर्वास संबंधी गतिविधियों को प्रभावित करती है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने जेलों की क्षमता बढ़ाने को प्राथमिकता दी है। नई जेलों के निर्माण से न केवल बंदियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि जेल प्रशासन को भी सुरक्षा व्यवस्था और सुधारात्मक कार्यक्रमों के संचालन में सुविधा होगी। योगी सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक बंदी को निर्धारित मानकों के अनुरूप रहने की सुविधा मिले तथा जेलों में भीड़भाड़ के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं को न्यूनतम किया जा सके। इसके लिए नई जेलों का निर्माण, पुराने कारागारों का उन्नयन, अतिरिक्त बैरकों का निर्माण और आधुनिक सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

  • मुख्यमंत्री योगी बोले- अनियोजित विकास में जमीन किसी दबंग या गुंडे को बिकने पर खड़ी होती थी समस्या, अब नियोजित विकास पर जोर

    मुख्यमंत्री योगी बोले- अनियोजित विकास में जमीन किसी दबंग या गुंडे को बिकने पर खड़ी होती थी समस्या, अब नियोजित विकास पर जोर

     लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि लखनऊ अब श्रद्धेय अटल जी के सपनों का लखनऊ बनकर विकास की नई बुलंदियों को छू रहा है। पिछली सरकारों की तरह अब लखनऊ में कट्टा और बम नहीं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। एयरपोर्ट और मेट्रो का विस्तार हो रहा है तथा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर लखनऊ को नई पहचान दे रहा है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने ₹12 हजार करोड़ से 10,680 एकड़ में विकसित होने वाली लखनऊ विकास प्राधिकरण की वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजनाओं का भूमिपूजन करने के साथ भूखंडों के पंजीकरण का शुभारंभ किया। उन्होंने ₹2,166 करोड़ से प्रस्तावित पांच बहुमंजिला अपार्टमेंट का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री योगी ने विधि-विधान से भूमिपूजन और पौधरोपण किया। इसके बाद योजनाओं का लेआउट देखकर अधिकारियों को सुझाव दिए।
     
    अनियोजित विकास में दबंगों से भी खड़ी होती थी समस्या
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अनियोजित विकास के परिणाम गलत होते हैं। लोग जहां-तहां जमीन खरीद लेते थे, लेकिन वहां सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं होती थी। जलभराव से लोगों को नारकीय जीवन व्यतीत करना पड़ता था। जमीन किसी दबंग या गुंडे को बेच दिए जाने पर नई समस्या खड़ी हो जाती थी। इसलिए बढ़ती आबादी के लिए नियोजित शहरी विकास आवश्यक है। गत वर्ष 785 एकड़ में अनंत नगर आवासीय परियोजना को 23 वर्ष बाद आगे बढ़ाया गया और अब दो बड़ी आवासीय परियोजनाएं शुरू हो रही हैं।
     
    वरुण विहार में छह लाख, नैमिष नगर में चार लाख की आबादी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वरुण विहार 6,500 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में विकसित होगा, जहां छह लाख से अधिक लोगों के लिए आवासीय सुविधा होगी। नैमिष नगर 4,100 एकड़ में विकसित होगा और चार लाख से अधिक लोग इसका लाभ ले सकेंगे। नैमिषारण्य भारत की विरासत का प्रतीक है। शौनक ऋषि के नेतृत्व में 88 हजार ऋषियों ने वहां भारत की ज्ञान विरासत को संरक्षित किया था। इसी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की स्मृति को जीवंत रखने के लिए नैमिष नगर विकसित किया जा रहा है।
     
    एससीआर से जुड़ेगा छह जिलों का विकास
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ को केवल महानगर और जनपद तक सीमित न रखकर स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में व्यवस्थित विकास किया जा रहा है। लखनऊ के साथ उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी और रायबरेली के क्षेत्रीय विकास की योजना बनाई जा रही है। विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, पब्लिक मोबिलिटी, शिक्षा, पर्यटन और बेहतर कनेक्टिविटी पर काम होगा।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ शिक्षा, हेल्थ केयर, आधुनिक तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग के हब के रूप में आगे बढ़ा है। टाटा की ऑटोमोबाइल फैक्ट्री, अशोक लीलैंड का इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, किसान पथ, ग्रीन कॉरिडोर और आईटी सिटी इसे नई पहचान दे रहे हैं।
     
    किसानों के मुआवजे में नहीं होने देंगे दलाली
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि परियोजनाओं में जिन किसानों की जमीन आ रही है, उन्हें अच्छा मुआवजा मिलेगा। कोई दलाली नहीं होने दी जाएगी। एलडीए और किसान के बीच कोई मध्यस्थ नहीं होगा। सीधे बातचीत होगी और मुआवजा जमीन मालिक के खाते में जाएगा।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि दोना गांव के मुनेश्वर सिंह को ₹3.13 करोड़, रेवरी की रमदेई को ₹2.05 करोड़, कमलेश कुमार को ₹2.80 करोड़ और अब्बास नगर की सुषमा सिंह को ₹2.90 करोड़ मुआवजा मिला। नमरा फातिमा ने मुआवजे से दूसरी जगह जमीन खरीदी और शेष धन से मेडिकल की पढ़ाई की तैयारी करने की बात कही। ओम प्रकाश अवस्थी ने ₹1.96 करोड़ के मुआवजे से डेढ़ बीघा के बदले 16 बीघा जमीन खरीदी और शेष राशि एफडी कर दी।
     
    पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा वरुण विहार
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ से नैमिषारण्य तक फोरलेन कनेक्टिविटी होने जा रही है। आने वाले समय में लखनऊ और नैमिषारण्य के बीच दूरी नहीं रह जाएगी। वरुण विहार के बीच से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी दी जाएगी।
     
    हर आय वर्ग के लिए आवास
    आवासीय योजनाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना, अफोर्डेबल हाउसिंग, ग्रुप हाउसिंग और भूखंडों के साथ विभिन्न आय वर्ग के लिए विकल्प होंगे। शारदा नगर विस्तार और अनंत नगर में बागेश्वरी व अदिति अपार्टमेंट में एक और दो बीएचके आवास बनाए जा रहे हैं। लेक व्यू, पार्क व्यू और ऐशबाग स्क्वायर में तीन बीएचके और तीन बीएचके प्लस स्टडी के विकल्प हैं। इन परियोजनाओं में पारदर्शी लॉटरी से अब तक 1,100 से अधिक आवेदकों को भवन आवंटित किए जा चुके हैं।
     
    विधायकों ने गिनाए विकास कार्य
    सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उनके विधानसभा क्षेत्र में 5,700 कार्य और ₹48 हजार करोड़ के कार्य धरातल पर उतर रहे हैं। बख्शी का तालाब विधायक योगेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में एलडीए को किनारे कर सपा पोषित गुंडों और माफिया को प्रॉपर्टी डीलिंग में बढ़ावा दिया गया। अब नैमिष नगर में सड़क, बिजली, पानी और चिकित्सा सुविधाओं के साथ सुरक्षित आवास मिलेगा और लोगों को आवास के लिए माफियाओं व गुंडों के पास नहीं जाना पड़ेगा।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद संजय सेठ, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र कुमार सिंह, विधायक डॉ. नीरज बोरा और विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव समेत अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • अवैध भवनों को नियमित कराने निकले थे आवेदक, पोर्टल बंद होने से दफ्तरों के चक्कर

    अवैध भवनों को नियमित कराने निकले थे आवेदक, पोर्टल बंद होने से दफ्तरों के चक्कर

    रांची
    राज्य में अवैध भवनों को नियमित करने के लिए शुरू की गई भवन नियमितीकरण योजना राजधानी में आवेदकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। योजना के तहत आवेदन तो ले लिए गए, लेकिन प्रक्रिया आगे बढ़ाने वाला आनलाइन पोर्टल करीब तीन माह से बंद है। इसके कारण राज्यभर से प्राप्त 4500 से अधिक आवेदन अलग अलग नगर निकायों में लंबित हैं।

    आवेदक लगातार नगर निकायों और संबंधित कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें पोर्टल शुरू होने का इंतजार करने को कहा जा रहा है। भवन नियमितीकरण योजना के तहत राज्य सरकार ने अवैध अथवा नियमों के विपरीत बने भवनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियमित करने का अवसर दिया है।

    इसके लिए लोगों से आवेदन भी लिए गए। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित भवन के दस्तावेज और नक्शे की जांच, आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने और नियमितीकरण की कार्रवाई आनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जानी है। पोर्टल बंद होने से पूरी प्रक्रिया ही ठप पड़ गई है।

    रांची नगर निगम में 1642, आरआरडीए में 539 आवेदन फंसे
    योजना के तहत रांची नगर निगम में 1642 आवेदन जमा हुए हैं। वहीं रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) में भी 539 लोगों ने आवेदन किया है। इसके अलावा राज्य के अन्य नगर निकायों में भी बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। आवेदकों को उम्मीद थी कि आवेदन के बाद जल्द ही उनके भवन के नक्शे की जांच और नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, लेकिन पोर्टल बंद होने से उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।

    दफ्तरों का चक्कर, अधिकारी भी पोर्टल शुरू होने के इंतजार में
    आवेदक नियमितीकरण की स्थिति जानने के लिए नगर निगम और आरआरडीए कार्यालय पहुंच रहे हैं। वहां उन्हें फिलहाल पोर्टल बंद होने की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, पोर्टल शुरू होने के बाद ही लंबित आवेदनों की जांच और आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।

    इस स्थिति में सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिन्होंने नियमितीकरण की उम्मीद में आवेदन और निर्धारित शुल्क जमा कर दिया है। उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि उनका आवेदन कब जांच के लिए खुलेगा और कब तक भवन को नियमित करने की प्रक्रिया पूरी होगी।

    पोर्टल पर अटकी पूरी प्रक्रिया
    भवन नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह आनलाइन पोर्टल से जुड़ी है। आवेदन के बाद दस्तावेजों की जांच, अधिकारियों द्वारा उसका निस्तारण और नक्शे को नियमित करने की कार्रवाई पोर्टल के माध्यम से ही होनी है। ऐसे में पोर्टल बंद रहने से आवेदन जमा होने के बावजूद फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।

    सरकार ने अवैध भवन नियमित करने का दिया था मौका, अब आवेदक कर रहे इंतजार
    राज्य सरकार की इस योजना का उद्देश्य अवैध भवनों को निर्धारित नियमों के तहत नियमित करना था। योजना शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इसका लाभ लेने के लिए आवेदन किया। लेकिन आवेदन जमा होने के बाद पोर्टल लंबे समय तक बंद रहने से पूरी योजना की गति प्रभावित हो गई है।

     

  • शाहरुख से भी ज्यादा अमीर हैं ‘रामायण’ के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा

    शाहरुख से भी ज्यादा अमीर हैं ‘रामायण’ के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा

    बॉलीवुड के सबसे अमीर सितारों में कौन-कौन शुमार है, इसका खुलासा हो गया है. हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 रिलीज हुई है. इसमें किंग शाहरुख खान ने बाजी मारी है. वो सबसे अमीर बॉलीवुड स्टार हैं. उनकी नेटवर्थ 10,000 करोड़ रुपये है. 2025 में उनकी दौलत 12,490 करोड़ थी. पिछले साल की तुलना में बादशाह की कमाई में 2,490 करोड़ रुपये की गिरावट आई है. लेकिन क्या आप जानते हैं किंग खान से ज्यादा नेटवर्थ रामायण के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा की है. वो 16,000 करोड़ के मालिक हैं.

    किससे अमीरी में पिछड़े शाहरुख?
    इस लिस्ट के मुताबिक, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा के पिता नरेश मल्होत्रा 16,000 करोड़ रुपये की कमाई के साथ लिस्ट में शामिल हैं. नरेश मल्होत्रा पेशे से फिल्म प्रोड्यूसर हैं. उन्होंने मूवी 'दुनिया मेरी जेब में', 'शहंशाह', 'सहरी बाघा' जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस किया था. वो विजुअल इफेक्ट्स कंपनी प्राइम फोकस से जुडे़ हुए हैं. नमित के दादा दी एम. एन. मल्होत्रा फेमस सिनेमैटोग्राफर थे. हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 के मुताबिक, मल्होत्रा परिवार की संपत्ति में 279 फीसदी का बड़ा इजाफा हुआ है. मल्होत्रा परिवार की कुल संपत्ति करीब 16,000 करोड़ रुपये हो गई है. नमित का परिवार हुरुन लिस्ट में 232वें नंबर पर है. नमित घर से सबसे बड़े बेटे हैं. वो प्रोड्यूसर होने के अलावा विजुअल इफेक्ट्स के बिजनेस से भी जुड़े हुए हैं.

    कैसे शुरू हुई नमित की जर्नी?
    नमित फिल्मी फैमिली से आते हैं. इसलिए वो बचपन से सिनेमा की दुनिया के आसपास पले बढ़े हैं. उन्होंने एक्टिंग-डायेक्शन के बजाय टक्निकल और विजुअल इफेक्ट्स के फील्ड को चुना. महज 19 साल की उम्र में उन्होंने पिता के गैराज में एक छोटा सा वीडियो वर्कशॉप शुरू किया था. अपने स्टार्टअप को बाद में उन्होंने पिता नरेश मल्होत्रा के प्रोडक्शन बैनर 'वीडियो वर्क्स' के साथ मर्ज किया. दोनों कंपनियों के मर्जर के बाद इसका नाम प्राइम फोकस रखा गया. नमित ने प्राइम फोकस को ग्लोबल लेवल पर प्रमोट किया.

    उनकी कपनी का कोराबार लंदन, न्यूयॉर्क, लॉस एंजिल्स और वैंकूवर जैसे बड़े शहरों में फैला. कुछ वक्त बाद प्राइम फोकस का विलय ब्रिटेन की विजुअल इफेक्ट्स कंपनी डबल नेगेटिव (DNEG) के साथ हुआ. DNEG ने हॉलीवुड की बड़ी फिल्मों के विजुअल इफेक्ट्स पर काम किया है. इनमें इंसेप्शन, ड्यून, इंटरस्टेलर जैसी मूवीज शामिल हैं. फिलहाल नमित मल्होत्रा DNEG के चेयरमैन और सीआईओ हैं.

    नमित बॉलीवुड की सबसे बड़ी फिल्म रामायण के प्रोड्यूसर हैं. इसके विजुअल इफेक्ट्स पर उनकी कंपनी ने काम किया है. रणबीर कपूर की फिल्म 2 पार्ट्स में बनेगी. इसका पहला पार्ट इसी साल दिवाली पर रिलीज होगा.

    कहां से होती है शाहरुख की कमाई?
    किंग खान एक्टर होने के साथ बिजनेमैन भी हैं. वो फिल्मों के अलावा ब्रैंड प्रमोशन, एंडोर्समेंट्स, बिजनेस से पैसा कमाते हैं. उनका खुद का प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज एंटरटेनमेंट है. वो आईपीएल की टीम नाइट राइडर्स स्पोर्ट्स से जुड़े हुए हैं. इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर अमिताभ बच्चन (4,000 करोड़ रुपये) तीसरे पर सलमान खान (3,000 करोड़ रुपये) और चौथे नंबर पर ऋतिक रोशन (2,500 करोड़ रुपये) हैं.

  • मानवता का महापर्व – विशाल रक्तदान शिविर – संत निरंकारी सत्संग भवन, बैरागढ़ में शनिवार को

    मानवता का महापर्व – विशाल रक्तदान शिविर – संत निरंकारी सत्संग भवन, बैरागढ़ में शनिवार को

    मानवता का महापर्व – विशाल रक्तदान शिविर – संत निरंकारी सत्संग भवन, बैरागढ़ में शनिवार को

    भोपाल 

    सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वाद से संत निरंकारी चेरीटेबल फाउण्डेशन के तहत 26 सितम्बर शनिवार को प्रातः 9 बजे से सांय 5:00 बजे तक मानवता का महापर्व – विशाल रक्तदान शिविर संत निरंकारी सत्संग भवन, स्काईलैंड गार्डन के पास, बैरागढ़ में शासकीय हमीदिया ब्लड बैंक के सहयोग से आयोजित किया गया है। 

    शनिवार को आयोजित होने वाले इस मानवता के महापर्व के लिए ब्रांच संयोजक श्री महेश वीधानी द्वारा सभी से आग्रह किया गया है कि इस मानवता के परोपकार वाली सेवा में सहभागी बनकर स्वयं तो रक्तदान करें एवं दूसरों को भी रक्तदान करने के लिए प्रेरित करें, क्योकि आपके द्वारा दिया गया एक यूनिट रक्त किसी पीड़ित की जान बचा सकता है और जो रक्तदान करता है, निश्चित रूप से उनकी पीढ़ियां सुखों की भागी बनती है।

    संयोजक श्री वीधानी ने बताया कि इस  दुनिया में ऐसी कोई फैक्ट्री नहीं है जिसमें रक्त निर्मित होता हो, यह सौगात केवल और केवल मानव शरीर को ही प्राप्त है और यह सही अवसर है कि हम रक्तदान करके किसी को जीवन दान दे सकते है ‌। सतगुरु द्वारा दिये गये संदेश मानवता की सेवा में प्रतिपल समर्पित हों हमारा जीवन, ऐसी ही भावना से युक्त जीवन हम सभी ने जीना है। "रक्त नाड़ियों में बहे- नालियों में नहीं"  को चरितार्थ करना है।

    उल्लेखनीय है कि संत निरंकारी मिशन बैरागढ़ ब्रांच द्वारा वर्ष 2012 से निरंतर प्रतिवर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।  वर्ष 2023 में मिशन की बैरागढ़ ब्रांच द्वारा 601 यूनिट, वर्ष 2024 में 485 यूनिट  और वर्ष 2025 में 505 यूनिट का रक्तदान किया गया था।

    शनिवार को आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर की सुंदर व्यवस्थाएं संचालक अशोक नाथानी, संचालिका निशा टेकवानी, शिक्षक विजय कृपलानी, शिक्षिका सुषमा ग्वालानी, सहायक शिक्षक विजय नाथानी सहित सेवादल के भाई-बहनों द्वारा की जाएगी।
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  • बिहार के मॉडल स्कूलों का 30 सितंबर को निरीक्षण, पढ़ाई से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक होगी जांच

    बिहार के मॉडल स्कूलों का 30 सितंबर को निरीक्षण, पढ़ाई से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक होगी जांच

    पटना
    राज्य में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में संचालित 700 मॉडल स्कूलों के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी विद्यालय को गोद लेकर उसकी शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत संरचना और शिक्षण व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इस संबंध में शिक्षा सचिव राजीव रौशन ने सभी जिलों को निर्देश दिया।

    उन्होंने बुधवार को वर्चुवल मीटिंग में मॉडल स्कूलों की आधारभूत संरचना, शैक्षणिक गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में सभी जिला शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

    कोचिंग और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की समीक्षा
    उन्होंने बताया कि 30 सितंबर को अधिकारियों की टीम मॉडल स्कूलों का निरीक्षण करेगी। अधिकारी स्कूलों की आधारभूत संरचना, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित कोचिंग और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।

    निरीक्षण से संबंधित फोटो एवं वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर प्रसारित किए जाएंगे। निरीक्षण के लिए अधिकारियों की जिलावार सूची तैयार की गइ है।

    हर मंगलवार को विषयवार टेस्ट
    प्रगति जांच के लिए हर मंगलवार को विषयवार टेस्ट, एक माह में चार सचिव ने कहा कि मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों के नियमित मूल्यांकन के लिए हर मंगलवार को विषयवार टेस्ट आयोजित किया जाएगा। हर कक्षा के बोर्ड पर प्रश्न लिखे जाएंगे। इसके लिए अलग से प्रश्नपत्र जारी नहीं किया जाएगा।

    एक माह में चार विषयों का टेस्ट लिया जाएगा। शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर विद्यार्थियों को फीडबैक देंगे, ताकि उनकी प्रगति का पता चल सके और आवश्यक सुधार किया जा सके। मंगलवार को अवकाश होने पर बुधवार को टेस्ट आयोजित किया जाएगा।