Author: NewseDay

  • महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव एवं गुण्डाधूर सम्मान के लिए आवेदन 30 सितम्बर तक

    महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव एवं गुण्डाधूर सम्मान के लिए आवेदन 30 सितम्बर तक

    महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव एवं गुण्डाधूर सम्मान के लिए आवेदन 30 सितम्बर तक

    उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मान स्वरूप मिलेंगे 1 लाख नगद

    रायपुर.
    राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रदान किए जाने वाले महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान एवं गुण्डाधूर सम्मान के लिए खिलाड़ियों से अनुशंसाएं आमंत्रित की गई हैं। इच्छुक पात्र खिलाड़ी निर्धारित प्रारूप में 30 सितम्बर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल खेल एवं युवा कल्याण विभाग की वेबसाइट http//sportsyw.cg.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किए गए आवेदन ही मान्य होंगे। निर्धारित प्रारूप एवं नियमों की जानकारी खेल विभाग के जिला स्तरीय कार्यालयों से भी प्राप्त की जा सकती है।
          
    महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान विशेष रूप से तीरंदाजी खेल के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को दिया जाएगा। यह सम्मान वर्ष 2025-26 में तीरंदाजी की राष्ट्रीय चैंपियनशिप (सीनियर वर्ग) अथवा राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक प्राप्त करने वाले अथवा अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के लिए है। सम्मान के अंतर्गत 1 लाख रुपए नगद, अलंकरण फलक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। पुरुष एवं महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर सम्मिलित रूप से विचार किया जाएगा।
          
    इसी प्रकार गुण्डाधूर सम्मान राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों या एक दल को प्रदान किया जाएगा। इसके अंतर्गत ऐसे खिलाड़ी पात्र होंगे, जिन्होंने वर्ष 2025-26 में ऐसे खेलों में, जिन्हें भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर के खेल अलंकरण के लिए विचार क्षेत्र में लिया जाता है, सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय चौंपियनशिप या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक प्राप्त किया हो, या अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो। सम्मान के अंतर्गत 1 लाख रुपए नगद, अलंकरण फलक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

  • UP Trade Show में अमरोहा की खास पहचान, GI टैग ढोलक समेत टेक्सटाइल-वुडन क्राफ्ट की धूम

    UP Trade Show में अमरोहा की खास पहचान, GI टैग ढोलक समेत टेक्सटाइल-वुडन क्राफ्ट की धूम

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो
    ग्रेटर नोएडा में गूंजेगी अमरोहा की ढोलक की थाप, 6 प्रमुख इकाइयों को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच

    जीआई टैग वाद्य यंत्रों से लेकर टेक्सटाइल और वुडन क्राफ्ट का दिखेगा जलवा; 6 अलग-अलग हॉल में सजेंगे जिले के उत्पाद

    रूस, सिंगापुर, जापान सहित कई देश बने पार्टनर; 25 से 29 सितंबर तक सजेगा महामंच, वैश्विक बाजार में दस्तक देंगे स्थानीय हुनरमंद

    अमरोहा,
     ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2026) के चौथे संस्करण में जनपद अमरोहा के पारंपरिक शिल्प, हथकरघा और स्थानीय स्वाद का डंका बजेगा। प्रदेश सरकार व इंडिया एक्सपोज़िशन मार्ट लिमिटेड (आईईएमएल) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहे इस विशाल व्यापार मेले में अमरोहा से कुल 6 प्रमुख इकाइयों और उद्यमियों का चयन किया गया है। इस आयोजन में रूस, सिंगापुर, वियतनाम, ऑस्ट्रिया और जापान पार्टनर कंट्री (Partner Country) के रूप में भाग ले रहे हैं। जिले के विश्वविख्यात जीआई टैग प्राप्त वाद्य यंत्रों (ढोलक आदि) के साथ-साथ 'एक जिला एक व्यंजन' (ओडीओसी) के तहत मशहूर सेव, वुडन हैंडीक्राफ्ट, कंबल और हैंडलूम उत्पाद वैश्विक खरीदारों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे। 1.5 लाख बी2बी बायर्स और 4.5 लाख से अधिक बी2सी आगंतुकों के बीच आयोजित हो रहे इस महामंच से अमरोहा के कुटीर उद्योगों को सीधे निर्यात आर्डर और वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ने का बड़ा आधार मिलेगा।

    ओडीओपी व जीआई टैग: हॉल नंबर 11 में गूंजेगी ढोलक की थाप
    अमरोहा की ऐतिहासिक पहचान उसके पारंपरिक संगीत वाद्य यंत्रों से है, जो जिले का मुख्य उत्पाद होने के साथ-साथ भौगोलिक संकेतक (जीआई टैग) से भी प्रमाणित है। ट्रेड शो के हॉल नंबर 11 में जीआई टैग श्रेणी के तहत 'मै० आर्टीजन वेलफेयर सोसाइटी' का स्टाल लगाया जा रहा है। यहां आम और शीशम की लकड़ी से तैयार हस्तनिर्मित ढोलक की पूरी रेंज सजेगी। 75 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों और विदेशी आयातकों के सामने जिले के इस पुश्तैनी हुनर को पेश करने से स्थानीय संगीत वाद्य निर्माताओं को सीधे अंतरराष्ट्रीय एक्सपोर्ट ऑर्डर मिलने की राह खुलेगी।

    ओडीओसी: हॉल नंबर 16 में जायके के दीवानों को लुभाएगा अमरोहा का मशहूर 'सेव'
    खानपान की स्थानीय विरासत को प्रमोट करने के लिए प्रदेश सरकार की 'एक जिला एक व्यंजन' (ओडीओसी) योजना के अंतर्गत अमरोहा के मशहूर नमकीन सेव को अंतरराष्ट्रीय मंच मिला है। इसके तहत हॉल नंबर 16 में जिले के प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान 'मै० फैमस स्वीट्स सेन्टर' (प्रोपराइटर: सारो फैजल) का स्टॉल सजेगा। बेसन और खास मसालों के मेल से बनने वाले अमरोहा के कुरकुरे व पारंपरिक सेव का स्वाद देश-विदेश के आगंतुकों को परोसा जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले पैकेज्ड नमकीन उत्पाद को बड़े रिटेल आउटलेट्स और ई-कॉमर्स नेटवर्क तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।

    हैंडलूम, वुडन क्राफ्ट और वूलन सेक्टर के इन हॉलों में सजेंगे स्टॉल
    हस्तशिल्प और वस्त्र उद्योग में अमरोहा के चार प्रमुख उत्पादक अलग-अलग हॉल में अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। ओडीओपी योजनांतर्गत टेक्सटाइल सेक्टर के तहत हॉल नंबर 09 में उद्यमी गुलफाम अहमद अपनी उच्च गुणवत्ता वाली कॉटन बेडशीट, दरी और चादरें प्रदर्शित करेंगे। वहीं एमएसएमई श्रेणी के तहत हॉल नंबर 10 में 'मै० अनीस हैण्डलूम एण्ड रेडीमेड गारमेन्टस' (प्रोपराइटर: अनीस अहमद) के स्टॉल पर बेडशीट व दरी हैंडलूम प्रोडक्ट्स के अलावा रेडीमेड गारमेंट्स प्रदर्शित किए जाएंगे। नक्काशीदार काष्ठ कला को बढ़ावा देने के लिए हॉल नंबर 14 में 'मै० एम०जी०ए० डिजाईन' द्वारा वुडेन हैंडीक्राफ्ट उत्पाद सजाए जाएंगे। आगामी शीत ऋतु को देखते हुए हॉल नंबर 15 में 'मै० प्रकाश वुलेन' द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले कंबलों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

    अमरोहा के कारोबार को सीधे मिलेंगे ये बड़े फायदे
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो अमरोहा की अर्थव्यवस्था के लिए बहुआयामी फायदे लेकर आ रहा है। 1,10,000 वर्ग मीटर में फैले इस महामंच पर जिले के उद्यमियों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे कॉर्पोरेट घरानों, एक्सपोर्टर्स और विदेशी बायर्स से बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मीटिंग्स का मौका मिलेगा। इससे न केवल वाद्य यंत्रों और काष्ठ कला के छोटे कारीगरों को सालभर के थोक काम मिलेंगे, बल्कि हथकरघा और नमकीन उद्योग में स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा 'यूपी निर्यात संवर्धन नीति 2025-30' और 'मार्केटिंग डेवलपमेंट असिस्टेंस स्कीम' (एमडीएएस) के जरिए जिले के उत्पादों को वैश्विक ब्रांडिंग का सीधा संबल मिलेगा।

    वैश्विक निर्यात से जुड़ेंगे अमरोहा के छोटे उद्यमी: उपायुक्त उद्योग
    जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, अमरोहा के उपायुक्त उद्योग अनूप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जनपद के पारंपरिक दस्तकारों और नए उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार का द्वार खोलने वाला साबित होगा। उन्होंने जनपद के युवाओं, विद्यार्थियों, नवोन्मेषकों और भावी उद्यमियों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में आकर नए संपर्कों और नए बाजार को समझें तथा अपनी प्रतिभा व क्षमता के अनुरूप नए अवसर तलाशें। उन्होंने बताया कि आयोजन से संबंधित अधिकृत जानकारी, पंजीकरण व प्रचार सामग्री आधिकारिक वेबसाइट upinternationaltradeshow.com पर उपलब्ध है।

  • रानी कमलापति स्टेशन से 27 सितंबर को रवाना होगा छात्र दल, अहमदाबाद में देखेंगे विज्ञान-शिक्षा के केंद्र

    रानी कमलापति स्टेशन से 27 सितंबर को रवाना होगा छात्र दल, अहमदाबाद में देखेंगे विज्ञान-शिक्षा के केंद्र

    मध्यप्रदेश के विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण पर जाएंगे अहमदाबाद

    विज्ञान केंद्र, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का करेंगे भ्रमण
    मंत्री सिंह 27 सितंबर को भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से 630 सदस्यीय दल को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना

    भोपाल

    प्रदेश के विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने तथा उनके ज्ञान और अनुभवों का विस्तार करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों को तीन दिवसीय अहमदाबाद का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। 27 सितंबर को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन भोपाल से 630 सदस्यीय दल रवाना होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस दल में प्रदेश के लगभग 520 विद्यार्थी, 104 शिक्षक और विभाग के 6 नियंत्रण अधिकारी शामिल होंगे। भ्रमण के दौरान विद्यार्थी विज्ञान केंद्र, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का अवलोकन करेंगे। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ज्ञान और नए अनुभवों से जोड़ने में सहायक होगा।

    उल्लेखनीय है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों के लिए गणित एवं विज्ञान विषयों में ओलंपियाड परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें प्रदेश के लगभग 65 हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की थी। अब ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक्सपोजर विजिट का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

    भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को अहमदाबाद के प्रमुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों, विज्ञान केंद्र तथा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की विविध उपलब्धियों, वैज्ञानिक गतिविधियों और शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना तथा उनके ज्ञान और अनुभवों को समृद्ध करना है। स्कूल शिक्षा विभाग की यह पहल विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष के अध्ययन से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से सीखने, नई संभावनाओं को समझने तथा अपने शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने का अवसर प्रदान करेगी।

    प्रदेश के विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने तथा उनके ज्ञान और अनुभवों का विस्तार करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों को तीन दिवसीय अहमदाबाद का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। 27 सितंबर को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन भोपाल से 630 सदस्यीय दल रवाना होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस दल में प्रदेश के लगभग 520 विद्यार्थी, 104 शिक्षक और विभाग के 6 नियंत्रण अधिकारी शामिल होंगे। भ्रमण के दौरान विद्यार्थी विज्ञान केंद्र, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का अवलोकन करेंगे। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ज्ञान और नए अनुभवों से जोड़ने में सहायक होगा।

    उल्लेखनीय है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों के लिए गणित एवं विज्ञान विषयों में ओलंपियाड परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें प्रदेश के लगभग 65 हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की थी। अब ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक्सपोजर विजिट का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

    भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को अहमदाबाद के प्रमुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों, विज्ञान केंद्र तथा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की विविध उपलब्धियों, वैज्ञानिक गतिविधियों और शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना तथा उनके ज्ञान और अनुभवों को समृद्ध करना है। स्कूल शिक्षा विभाग की यह पहल विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष के अध्ययन से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से सीखने, नई संभावनाओं को समझने तथा अपने शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने का अवसर प्रदान करेगी।

  • स्कूलों के बाहर जंक फूड पर सख्ती की तैयारी, किराना दुकानों से बड़ी कंपनियों तक पड़ेगा असर

    स्कूलों के बाहर जंक फूड पर सख्ती की तैयारी, किराना दुकानों से बड़ी कंपनियों तक पड़ेगा असर

    नई दिल्ली

    देश भर में बच्चों के भीतर तेजी से बढ़ रहे मोटापे और अनहेल्दी खाने-पीने की आदतों पर लगाम कसने के लिए भारत सरकार एक बड़ा और कड़ा कदम उठाने जा रही है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) देश के 15 लाख से ज्यादा स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में फैट, नमक और चीनी की ज्यादा मात्रा वाले खाने के आइटम की बिक्री और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। इससे जुड़े नियम और कानूनों को अंतिम रूप दिया जाने वाला है।

    इस नए नियम का सीधा असर स्कूलों के आसपास चलने वाली छोटी किराना दुकानों, रेस्टोरेंट, ठेले-खोमचे वालों से लेकर पेप्सिको, कोका-कोला, नेस्ले और मोंडेलेज जैसी दिग्गज मल्टी नेशनल कंपनियों के कारोबार पर पड़ेगा।

    क्या-क्या नहीं बिकेगा स्कूलों के पास?
    प्रस्तावित नियमों के तहत, जिस भी फूड आइटम में तय सीमा से ज्यादा फैट, नमक या शुगर पाई जाएगी, उसकी बिक्री 50 मीटर के दायरे में बैन रहेगी।

    इसमें फास्ट फूड और जंक फूड जैसे- पिज्जा, बर्गर, नूडल्स और समोसे-कचौड़ी। पैक्ड स्नैक्स जैसे- नमकीन, पोटैटो चिप्स (जैसे अंकल चिप्स, लेज)। और सॉफ्ट ड्रिंक्स और कैंडीज जैसे- कोला, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, चॉकलेट और ज्यादा चीनी वाली मिठाइयों को शामिल किया जाएगा।

    FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रजित पुन्हानी ने इस पहल के बारे में कहा, "हमारा मकसद बच्चों को छोटी उम्र से ही खराब खाने की आदतों से दूर करना है। हमें उनमें सही खान-पान की आदतें विकसित करनी होंगी। इससे दुकानदारों का कारोबार बड़े पैमाने पर प्रभावित नहीं होगा, क्योंकि वे बिना HFSS वाले सेहतमंद खाद्य पदार्थ बेच सकते हैं।"

    FSSAI ने हाल ही में फैट, साल्ट और शुगर की सीमाओं के लिए एक ड्राफ्ट जारी किया है, जिस पर 6 अक्टूबर 2026 तक जनता और हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं।

    भारत में बच्चों में मोटापे का खौफनाक आंकड़ा
    'वर्ल्ड ओबेसिटी फेडरेशन' के आंकड़ों के मुताबिक, 2015 में भारत में 5 से 19 साल की उम्र के करीब 2.8 करोड़ बच्चे ओवरवेट या मोटापे के शिकार थे। फिर 2025-26 में यह आंकड़ा लगभग 50% बढ़कर 4.1 करोड़ के पार पहुंच गया।

    आने वाले सालों में अगर यही रफ्तार रही, तो 2040 तक देश में मोटापे से ग्रस्त बच्चों की संख्या 5.6 करोड़ हो जाएगी।

    टिफिन में घर का दाल-चावल ले जाने के बजाय रास्ते में मिलने वाले 10 रुपए के चिप्स या 49 रुपए वाले सस्ते पिज्जा की तरफ बच्चों का बढ़ता रुझान इस स्वास्थ्य संकट की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।

    महाराष्ट्र में शुरू हुई सख्त कार्रवाई
    जहां केंद्र सरकार पूरे देश के लिए नियम तय कर रही है, वहीं महाराष्ट्र सरकार ने पहले से ही सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है।

    महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बताया कि राज्य में किसी भी दुकान को स्कूल के 50 मीटर के दायरे में ऐसे उत्पाद रखने तक की अनुमति नहीं दी जा रही है। राज्य के आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य निरीक्षकों ने अब तक 133 दुकानों में उल्लंघन पाया है और 51 दुकानों को अपना कारोबार बंद करने का आदेश जारी किया है।

    दुकानदारों और कंपनियों में हड़कंप
    FSSAI के इस कदम से किराना दुकानदारों और खाद्य उद्योग से जुड़े संगठनों में चिंता की लहर है:

    ओडिशा के भुवनेश्वर समेत कई शहरों के दुकानदारों का कहना है कि स्कूलों के आसपास बिक्री बंद होने से उनकी रोजाना की कमाई में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।

    'कॉन्फेडेरेशन ऑफ इंडियन फूड ट्रेड एंड इंडस्ट्री' का तर्क है कि भारत में कई स्कूल बेहद व्यस्त बाजारों के बीच स्थित हैं। ऐसे में 50 मीटर के दायरे को पूरी तरह लागू करना व्यावहारिक रूप से कठिन होगा और इससे लोगों की आजीविका पर असर पड़ेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि चिली और मेक्सिको जैसे देशों की तर्ज पर भारत का यह कानून बड़ी एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों को मजबूर करेगा कि वे अपने स्नैक्स और ड्रिंक्स में नमक, फैट और चीनी की मात्रा कम करें।

  • MP में शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा, आज होगा भव्य शुभारंभ

    MP में शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा, आज होगा भव्य शुभारंभ

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी आज 25 सितंबर को बीएचईएल दशहरा मैदान भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत सावर्जनिक यात्री बसों के संचालन का शुभारंभ करेंगे।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत शुरू होने वाली इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके अंतर्गत सड़कों पर दौड़ने वाली बसों का स्टेयरिंग एडवांस तकनीक से प्रशिक्षित ड्राइवरों के हाथों में होगा। इसके लिए बस चालकों को इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों की तकनीक, संचालन और सुरक्षा मानकों से परिचित कराने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे नई तकनीक वाली बसों का सुरक्षित और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

    पैनिक बटन और जीपीएस से बढ़ेगी सुरक्षा
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में यात्रियों की सुरक्षा और बसों की निगरानी के लिए तकनीक का उपयोग किया जाएगा। बसों में पैनिक बटन और जीपीएस की सुविधा रहेगी। जीपीएस के माध्यम से बसों की लाइव लोकेशन की निगरानी की जा सकेगी। पैनिक बटन आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में काम करेगा।

    दो तरह की सेवा होंगी शुरू
    कार्यक्रम के दौरान 351 बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसे दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें 120 इंटरसिटी बसें हैं। ये बसें दो या दो से अधिक शहरों के बीच आवागमन को सुगम और तीव्र बनाएंगी। 231 इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और सस्ती यात्रा सुविधा प्रदान करेंगी।

    7 शहरों की 351 बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रथम चरण में प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें इदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल है। इंदौर में 145 बस, जिसमें 50 इंटरसिटी, 95 इंट्रासिटी, भोपाल के लिए 106 बसें, जिसमें 23 इंटरसिटी, 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें, जिसमें 14 इंटरसिटी, 53 इंट्रासिटी। रीवा की 18 इंटरसिटी बस, देवास की 10 इंटरसिटी बस, कटनी की 3 और भिंड की 2 इंटरसिटी बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

    लगभग 15,000 सार्वजनिक बसें की जाएंगी संचालित
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत वर्ष 2031 तक 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती दी जाएगी। प्रदेशभर में लगभग 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्रदान होगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प किया जाएगा।

    इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रदेश में इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इससे शहरों के बीच आवागमन के साथ ही शहरों के भीतर सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं बढ़ेंगी। सेवा का उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सुगम, सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इंटरसिटी बसें दो या दो से अधिक शहरों को जोड़ेंगी, जबकि इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर चलेंगी।
    साल-दर-साल बढ़ेगी बसों की संख्या, वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य

    राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में सार्वजनिक परिवहन सेवा का विस्तार करते हुए बसों की संख्या 15 हजार तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा चरणबद्ध कार्य योजना भी तैयार की गई है। इसके अनुसार प्रतिवर्ष 2500 से तीन हजार नई बसें जोड़ी जाएंगी। सार्वजनिक परिवहन के दायरे का विस्तार होने के साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में यात्रियों के लिए आवागमन के अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।

    चालकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर जल्द होंगे तैयार
    प्रदेश में वाहन चालकों को आधुनिक बसों की सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए इंदौर और छिंदवाड़ा में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में 5 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर भी जल्द तैयार हो जाएंगे। ये सेंटर भोपाल, बैतूल, छतरपुर, उज्जैन और ग्वालियर में स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा जिला स्तर पर 22 ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर भी जल्द तैयार किए जाएंगे। इन प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से वाहन चालकों को आधुनिक तकनीक, सुरक्षा मानकों तथा इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों के संचालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

     

    इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर
    प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा।

    इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम से की जाएगी निगरानी
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत संचालित बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन सेंटरों के माध्यम से बसों के संचालन, लोकेशन, समयबद्धता एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

    निजी ऑपरेटरों की भी बढ़ेगी भागीदारी
    जन-निजी भागीदारी को गति देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएगी। इस मॉडल से निजी बस ऑपरेटरों को राजस्व रिसाव रोकने, नॉन-फेयर रेवेन्यू (जैसे विज्ञापन व कार्गो सेवाएं) बढ़ाने और आधुनिक डिपो व टर्मिनलों के उपयोग की सुविधाएं मिलेंगी साथ ही प्रशासन का पूर्ण सहयोग भी मिलेगा।

    परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
    प्रदेश में सुगम यात्री परिवहन सेवा शुरू होने से परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यात्री परिवहन के विस्तार से प्रदेश में बस संचालन, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

     

  • ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में हटाने का प्रस्ताव लाने की तैयारी, विपक्षी दल हुए लामबंद

    ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में हटाने का प्रस्ताव लाने की तैयारी, विपक्षी दल हुए लामबंद

    नई दिल्ली

    मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष लामबंद हो गया है। विपक्षी दल सीईसी के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में महाभियोग लाने जा रहा है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों से संपर्क किया है और अगले दो हफ्तों में नोटिस को जमा भी कर दिया जाएगा। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी एएनआई ने दी है।

    दरअसल, ज्ञानेश कुमार लंबे समय से विवादों में हैं। देशभर में एसआईआर प्रक्रिया पर पहले ही विपक्षी दल सवाल उठा चुके हैं, जबकि बीते दिन इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। रिपोर्ट में बताया गया था कि तीन सदस्यों वाले चुनाव आयोग में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) से जुड़े मुद्दों पर तीन में से दो निर्वाचन आयुक्तों -सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी- ने बार-बार सवाल उठाए थे। हालांकि, इस पर चुनाव आयोग ने कहा कि विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग मत होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है तथा उसके सभी फैसले स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप हैं।

    ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इससे पहले भी विपक्षी दलों ने महाभियोग लाने की कोशिश की थी। 24 अप्रैल को राज्यसभा में 73 विपक्षी सांसदों ने कथित साबित गलत व्यवहार के आधार पर उन्हें पद से हटाने की मांग करते हुए एक नोटिस दिया था। कांग्रेस ने उस समय कहा था कि नोटिस में नौ खास आरोप थे। कांग्रेस सूत्रों और विपक्षी नेताओं के अनुसार, वह नोटिस अभी भी पेंडिंग है। हालांकि, अब सूत्रों का कहना है कि विपक्ष नया नोटिस लाने जा रहा है, जिसमें नए दावे किए जाएंगे।

    एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराईं। इनमें एसआईआर, नए मतदाताओं को जोड़ने, मतदाता सूची से नाम हटाने और वोटर डेटाबेस के केंद्रीकरण जैसे मुद्दे शामिल थे। रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्ष ने इसे चुनाव आयोग के भीतर गंभीर मतभेद का संकेत बताया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लिया।

    कांग्रेस, टीएमसी समेत तमाम दलों ने ज्ञानेश कुमार को तुरंत इस्तीफा देने के लिए कहा। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को हटाने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की। टीएमसी ने उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव आगे बढ़ाने की मांग की, जबकि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की। CPI(M) ने भी ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR रोकने की मांग की है। इसके अलावा, डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने भी उनके तत्काल हटाए जाने और SIR पर रोक लगाने की मांग की।

    10 महीने में 14 बार दर्ज हुई आपत्ति
    द इंडियन एक्सप्रेस की जांच के मुताबिक, तीन सदस्यीय चुनाव आयोग के भीतर पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की गई। ये आपत्तियां चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने दर्ज की थीं। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने कुछ फैसलों और आदेशों को अपनी जानकारी या मंजूरी के बिना लिए जाने पर सवाल उठाए थे। एक दिन में चार बार तक आपत्ति दर्ज किए जाने की बात भी सामने आई।

    इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाताओं के नाम हटाने और जोड़ने, फॉर्म 6 में बदलाव और चुनावी डेटा के डिजिटल सिस्टम तक पहुंच से जुड़े मुद्दे शामिल थे। दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ कदमों को ‘अनधिकृत’ और ‘अवैध’ बताया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि चुनावी डेटाबेस को दिल्ली में केंद्रीकृत किए जाने को लेकर सवाल उठाए गए थे।

    चुनाव आयोग ने कहा- सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए
    द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग ने अपने जवाब में कहा कि आयोग के भीतर अलग-अलग विचार होना निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने 14 नोट्स के अस्तित्व, तारीख और सामग्री को खारिज नहीं किया, लेकिन इन्हें ‘सुझाव’ बताया। आयोग के अनुसार, पिछले एक साल में लिए गए सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं।

    महुआ मोइत्रा ने पुलिस में दी शिकायत
    इसी विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने गुरुवार को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दी। ANI से बात करते हुए मोइत्रा ने उन पर प्रक्रिया के उल्लंघन, एकतरफा फैसले लेने और मतदाता सूची में कथित हेरफेर के आरोप लगाए।

    मोइत्रा ने चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले चीफ इलेक्शन कमिश्नर एंड अदर इलेक्शन कमिश्नर्स (अपॉइंटमेंट, कंडीशंस ऑफ सर्विस एंड टर्म ऑफ ऑफिस) एक्ट, 2023 की धारा 16 का भी हवाला दिया। उनका तर्क था कि यदि चुनाव आयोग सामूहिक रूप से काम करता है तो ही यह सुरक्षा लागू हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि द इंडियन एक्सप्रेस की जांच में सामने आई 14 आपत्तियों से पता चलता है कि कई फैसलों में बाकी दो चुनाव आयुक्तों की सहमति नहीं थी। ये मोइत्रा के आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से साबित तथ्य के रूप में नहीं रखा जा सकता।

  • पितरों के लिए खास रहेगा श्राद्ध पक्ष, 60 साल बाद शनिचरी अमावस्या और गजछाया का संयोग

    पितरों के लिए खास रहेगा श्राद्ध पक्ष, 60 साल बाद शनिचरी अमावस्या और गजछाया का संयोग

    उज्जैन 

     हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है। पितृपक्ष पितरों की आत्मा की मुक्ति और शांति के लिए भाद्र मास में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से आरम्भ होकर आश्विन मास में कृष्ण पक्ष की अमावस्या तक चलता है।  इस साल श्राद्ध पक्ष की शुरुआत 26 सितंबर (शनिवार) को पूर्णिमा श्राद्ध से हो रही है और इसका समापन 10 अक्टूबर  (शनिवार) को सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा।  इस बार पितृपक्ष का समय बहुत ही खास माना जा रहा है क्योंकि इस दौरान बहुत ही दुर्लभ संयोग का निर्माण होने जा रहा है।

     16 दिन का रहेगा  श्राद्ध पक्ष

    इस बार श्राद्ध पक्ष 16 दिन का रहेगा, हालांकि एक दिन दो तिथियां के कारण श्राद्ध निर्धारित कालखंड में किए जाएंगे। ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि  ग्रह गोचर और परिभ्रमण की स्थिति के आधार पर इस बार श्राद्ध पक्ष विशेष ग्रहयोग में आ रहा है। 1966 के बाद 2026 में ग्रहयोग की पुनरावृत्ति हो रही है। शनि ग्रह को ज्योतिषीय मान्यता में पितरों का समकारक माना है। इस बार पितृपक्ष की शुरुआत पूर्णिमा तिथि पर शनिवार से और समापन सर्वपितृ अमावस्या तिथि पर भी शनिवार को हो रहा है। इसके साथ बुधादित्य योग और त्रिएकादश के योग बनने की स्थिति बताई गई है।

    26 सितंबर से श्राद्ध पक्ष की शुरुआत होगी। उज्जैन में सिद्धवट, रामघाट और शिप्रा नदी के अन्य घाटों पर देशभर से श्रद्धालु पितरों के तर्पण और पिंडदान के लिए पहुंचेंगे।ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार करीब 60 साल बाद विशेष ग्रह संयोग बन रहा है। उनका कहना है कि 1966 के बाद 2026 में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु और शनि की विशेष स्थिति की पुनरावृत्ति हो रही है। इसी के चलते इस बार का 16 दिन का श्राद्ध पक्ष धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है।

    ज्योतिषाचार्य  के अनुसार महालय श्राद्ध की शुरुआत भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा यानी 26 सितंबर से होगी और आश्विन कृष्ण अमावस्या, 10 अक्टूबर तक चलेगी।

    इस बार श्राद्ध पक्ष की शुरुआत शनिवार से होगी और समापन भी शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या पर होगा। इस दौरान बुधादित्य योग के साथ केंद्र-त्रिकोण और एकादश से जुड़े योग बनने की बात भी ज्योतिषीय गणना में कही गई है।

    सर्वपितृ अमावस्या पर शनिश्चरी अमावस्या और गजछाया योग
    10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या होगी। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इसी दिन शनिश्चरी अमावस्या और गजछाया योग का संयोग भी बन रहा है। इसे पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और अन्य धार्मिक कर्मों के लिए विशेष माना जा रहा है।

    ज्योतिषाचार्य के अनुसार सूर्य का कन्या राशि में गोचर पितृ कर्म के लिए विशेष माना जाता है। इसके साथ बुधादित्य योग और अन्य शुभ योग बनने से इस अवधि में किए जाने वाले तर्पण, श्राद्ध, पार्वण श्राद्ध, एकोद्दिष्ट श्राद्ध और तीर्थ श्राद्ध आदि को विशेष फलदायी माना गया है।

    सिद्धवट, रामघाट और गया कोठा पर होंगे पितृ कर्म
    उज्जैन में श्राद्ध पक्ष के दौरान सिद्धवट, रामघाट और गया कोठा प्रमुख पितृ तीर्थ रहेंगे। स्कंद पुराण के अवंती खंड में इन स्थानों का पितृ कर्म के संदर्भ में उल्लेख बताया जाता है।

    इसी मान्यता के चलते श्राद्ध पक्ष में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु यहां तर्पण, पिंडदान और अन्य कर्मकांड के लिए पहुंचते हैं।

    रामघाट और सिद्धवट का धार्मिक महत्व
    प्राचीन धार्मिक नगरी उज्जैन में देशभर से श्रद्धालु सालभर अपने पितरों के तर्पण के लिए शिप्रा नदी के किनारे स्थित रामघाट और सिद्धवट घाट पहुंचते हैं। यहां विधि-विधान से पूजन, तर्पण, पिंडदान और हवन किया जाता है।

    सिद्धवट घाट पर स्थित प्राचीन वटवृक्ष को माता पार्वती द्वारा स्थापित माना जाता है। स्कंद पुराण में इस स्थान को ‘प्रेत शिला तीर्थ’ कहा गया है। मान्यता है कि यहां तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।

    इसी तरह मोक्षदायिनी और उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी के तट पर स्थित रामघाट पर आम दिनों के साथ विशेष अवसरों पर भी हजारों श्रद्धालु अपने पूर्वजों के निमित्त पिंडदान और हवन करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां कर्मकांड करने से पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है।

    मुंडन संस्कार से होता हैश्राद्ध कर्म
    पितृपक्ष में हर साल बड़ी संख्या में लोग देश के कोने कोने से पिंण्ड दान के लिए संगम आते हैं। पितृ मुक्ति का प्रथम एवं मुख्य द्वार कहे जाने के कारण संगमनगरी में पिंडदान और श्राद्ध कर्म का विशेष महत्व है।  धर्म शास्त्रों में भगवान विष्णु को मोक्ष के देवता माना जाता है। प्रयाग में भगवान विष्णु बारह भिन्न रूपों में विराजमान हैं। मान्यता है कि त्रिवेणी में भगवान विष्णु बाल मुकुंद स्वरूप में वास करते हैं। प्रयाग को पितृ मुक्ति का पहला और मुख्य द्वार माना जाता है। काशी को मध्य और गया को अंतिम द्वार कहा जाता है। प्रयाग में श्राद्ध कर्म का आरंभ मुंडन संस्कार से होता है।

    तिथि क्षय के बावजूद 16 श्राद्ध
    इस बार कुछ पंचांगों में पंचमी और अष्टमी तिथि के क्षय का उल्लेख किया गया है। इसके बावजूद श्राद्ध की संख्या 16 ही रहेगी। ज्योतिषाचार्य के अनुसार धर्मशास्त्रीय परंपरा में एक दिन में समय के अंतर के अनुसार दो तिथियों के श्राद्ध किए जाने का प्रावधान माना जाता है।

    परंपरा के अनुसार अंतर संभव
    हालांकि परिवार, गोत्र और शाखा की परंपरा के अनुसार इसमें अंतर हो सकता है। पंचमी और अष्टमी के श्राद्ध को लेकर भी पंचांगों में समय का स्पष्टीकरण दिया गया है।

    ज्योतिषाचार्य के अनुसार पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और अन्य कर्म परिवार की परंपरा एवं संबंधित तिथि के अनुसार विधि-विधान से किए जाते हैं।

    इस बार उज्जैन के सिद्धवट, रामघाट और गया कोठा पर श्राद्ध पक्ष के दौरान विशेष भीड़ रहने की संभावना है।

    किस दिन कौन-सा श्राद्ध

    26 सितंबरःपूर्णिमा श्राद्ध
    27 सितंबरःप्रतिपदा श्राद्ध
    28 सितंबरःद्वितीया श्राद्ध
    29 सितंबर :तृतीया, भरणी श्राद्ध
    30 सितंबरःचतुर्थी श्राद्ध,मध्यान्ह के बाद पंचमी
    01 अक्टूबरः पंचमी श्राद्ध, दोपहर 12.30 बजे के बाद षष्ठी
    02 अक्टूबरःसप्तमी श्राद्ध
    03 अक्टूबरःअष्टमी श्राद्ध
    04 अक्टूबरःनवमी श्राद्ध
    05 अक्टूबरःदशमी श्राद्ध
    06 अक्टूबरःएकादशी श्राद्ध
    07 अक्टूबरःद्वादशी श्राद्ध
    08 अक्टूबरःत्रयोदशी श्राद्ध
    09 अक्टूबरःचतुर्दशी श्राद्ध
    10 अक्टूबरःसर्वपितृ अमावस्या

     

  • सर्दी होगी कम, 2027 की गर्मी भी बढ़ा सकती है चिंता; अल-नीनो का असर

    सर्दी होगी कम, 2027 की गर्मी भी बढ़ा सकती है चिंता; अल-नीनो का असर

     नई दिल्ली
    ठंड का मौसम आने वाला है, लेकिन इस बार सर्दी कुछ कम पड़ सकती है. इसकी एक बड़ी वजह तेजी से मजबूत हो रहा अल-नीनो है. मौसम एजेंसियों के मुताबिक, प्रशांत महासागर के बीच और पूर्वी हिस्से में समुद्र का पानी सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा गर्म हो चुका है. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर अल-नीनो और मजबूत हुआ तो 2026-27 की सर्दी कई जगह सामान्य से ज्यादा गर्म रह सकती है. इसका असर 2027 की गर्मी पर भी पड़ सकता है। 

    अल-नीनो में प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है. इससे दुनिया के कई हिस्सों के मौसम में बदलाव आता है. भारत में इसका असर बारिश, मॉनसून और तापमान पर पड़ सकता है. इस बार चिंता इसलिए ज्यादा है क्योंकि अल-नीनो ऐसे समय मजबूत हो रहा है, जब क्लाइमेट चेंज के कारण दुनिया का तापमान पहले ही बढ़ा हुआ है। 

    सर्दी में तापमान कितना बढ़ सकता है?
    अल-नीनो का मतलब यह नहीं है कि हर शहर का तापमान एक तय संख्या से बढ़ेगा. तापमान पर कई दूसरी चीजों का भी असर होता है. इसे आसान उदाहरण से समझिए. अगर दिल्ली में सर्दियों में किसी समय सामान्य तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहता है और मौसम 2 डिग्री ज्यादा गर्म रहता है, तो तापमान करीब 12 डिग्री हो सकता है। 

    इसी तरह जहां तापमान -3 डिग्री रहता है, वहां यह -1 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है. लेकिन ये सिर्फ उदाहरण हैं. अभी यह कहना मुश्किल है कि दिल्ली, चूरू, पटना, श्रीनगर या लद्दाख में तापमान कितने डिग्री तक बढ़ेगा. ठंडी हवाएं, बादल और दूसरे मौसम सिस्टम भी तापमान को प्रभावित करते हैं। 

    दिल्ली, चूरू और पटना में क्या असर होगा?
    दिल्ली और पटना जैसे मैदानी इलाकों में अगर तापमान सामान्य से ऊपर रहा तो ठंड कम महसूस हो सकती है. खासकर रात का तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है. राजस्थान के चूरू जैसे इलाकों में भी कुछ रातें सामान्य से कम ठंडी हो सकती हैं, जहां सर्दियों में तापमान काफी नीचे चला जाता है। 

    श्रीनगर और लद्दाख में क्या होगा?
    श्रीनगर और लद्दाख जैसे ठंडे इलाकों में भी तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है. हालांकि वहां कितना बदलाव होगा, यह अभी साफ नहीं है. लद्दाख में ऊंचाई और जगह के हिसाब से तापमान काफी बदलता है. इसलिए अभी वहां किसी एक तय तापमान का अनुमान लगाना सही नहीं होगा। 

    2027 की गर्मी ज्यादा परेशान कर सकती है
    अल-नीनो का असर सिर्फ सर्दी तक नहीं रहेगा. वैज्ञानिकों के मुताबिक मार्च से मई 2027 के बीच गर्मी ज्यादा तेज हो सकती है. मजबूत अल-नीनो से भारत में मॉनसून कमजोर हो सकता है और बारिश भी कम या असमान हो सकती है. इससे पानी की कमी और फसलों पर असर का खतरा बढ़ सकता है. ज्यादा तापमान के कारण लू भी ज्यादा परेशान कर सकती है। 

    अभी अल-नीनो के और मजबूत होने की संभावना है. इसका सबसे ज्यादा असर अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच दिख सकता है. इसके बाद 2027 में यह धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है. हालांकि इसका भारत के मौसम पर कितना असर होगा, यह आने वाले महीनों में साफ होगा। 

    क्या रिकॉर्ड बढ़ाएगा खतरा?

    प्रशांत महासागर के निनो 3.4 इलाके में तापमान मापा जाता है और अल-नीनो की तीव्रता का आकलन किया जाता है। 3.05 डिग्री सेल्सियस तापमान आधुनिक रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा है। यह 1982, 1997 और 2015 जैसी मजबूत घटनाओं से आगे जा चुकी है। कुछ आंकड़ों में इसकी 1877 की ऐतिहासिक घटना से भी तुलना हो रही है। इस दौरान बड़े पैमाने पर सूखा और अकाल पड़ा था। मॉडल के मुताबिक, मासिक औसत और भी ऊपर पहुंच सकता है। कुछ अनुमानों में 4 डिग्री के करीब पहुंचने की संभावना जताई गई है, लेकिन यह अभी निश्चित नहीं है। 

    यह रिकाॅर्ड इसलिए अहम है, क्योंकि अल-नीनो जलवायु परिवर्तन के साथ मिलकर प्रभाव को बढ़ा सकता है। गर्म हो रही दुनिया में समुद्र का तापमान पहले से बढ़ा हुआ है। इसके कारण नई घटनाओं की तीव्रता बढ़ सकती है। वैज्ञानिक हर दिन डेटा पर नजर रख रह हैं,  क्योंकि हर दिन डेटा में उतार-चढ़ाव होता है। 

    क्या होगा दुनिया पर प्रभाव?
    दुनिया में अल-नीनो का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में अलग होता है। अमेरिका में इस सर्दी में सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ सकता है। उत्तरी इलाके में सामान्य से ज्यादा गर्मी, पश्चिमी-मध्य हिस्सों में ज्यादा बर्फबारी हो सकती है।दक्षिण अमेरिका में पेरू और चिली में भारी बारिश और बाढ़ की घटनाएं पहले से देखी जा रही है। मध्य अमेरिका और कैरेबियन में सूखा पड़ने की संभावना है। 

    भारत पर क्या होगा असर?
    एशिया में भारत समेत कई देशों में मॉनसून कमजोर हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया में सूखा पड़ सकता है। अफ्रीका के कुछ इलाकों में भी बारिश के पैटर्न में बदलाव हो सकता है। कुल मिलाकर बाढ़, सूखा, गर्मी की लहरें और तूफान जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। 

  • 25 सितंबर Horoscope: महादेव की कृपा से होगा लाभ, जानें 12 राशियों का राशिफल

    25 सितंबर Horoscope: महादेव की कृपा से होगा लाभ, जानें 12 राशियों का राशिफल

    मेष राशि- कुछ गलतफहमियों का सामना भी करना पड़ सकता है। आपको आज अपने बारे में और अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बहुत कुछ सीखने में मदद करेगा। मेडिटेशन करें ताकि आप खुश और संतुष्ट रह सकें।

    वृषभ राशि- अपने पार्टनर को बेहतर तरीके से जानने के लिए साथ में कुछ अच्छा समय बिताना बेहतर होगा। अगर आप अपने रिश्ते को लेकर बहुत गंभीर हैं तो शादी के बारे में सोचने का यह समय शुभ है।

    मिथुन राशि- अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रॉपर्टी से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। आज का दिन बेहतरीन साबित हो सकता है। बचत करने की कोशिश करें क्योंकि यह आपके वर्तमान कमाई के स्तर को बनाए रखने में मदद करेगा।

    कर्क राशि– बेवजह की यात्रा से बचें। आज का दिन आपके लिए सकारात्मक रहने वाला है। आपकी आय में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी साथ ही पार्टनर के साथ वैकेशन पर भी जाने की संभावना है।

    सिंंह राशि- आपका पार्टनर आपके लिए सरप्राइज डेट प्लान कर सकता है। वहीं, आपको स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। प्रॉपर्टी के मसलों में ध्यान दें, हानि हो सकती है। छात्रों के लिए भी ये दिन अच्छा रहने वाला है।

    कन्या राशि- दिन नयी प्रॉपर्टी खरीदने के आसार नजर आ रहे हैं। छात्रों को मन लगाकर पढ़ाई करने की सलाह दी जाती है। जहां पारिवारिक बंधन मजबूत होंगे वहीं, जीवनसाथी की तलाश में आपको निराशा झेलनी पड़ सकती है।

    तुला राशि- किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले सलाह जरूर लें। आज लव लाइफ में टेंशन का माहौल बन सकता है। आपको करियर में सफलता मिलेगी। साथ ही आपकी आर्थिक स्थिति भी बेहतर रहेगी।

    वृश्चिक राशि- दिन उतार-चढ़ाव वाला हो सकता है। कॉम्पीटीशन की कमी के चलते आपकी प्रोडक्टिविटी पर भी असर पड़ सकता है। आय में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं।

    धनु राशि- आपको अपने पार्टनर के साथ क्वॉलिटी टाइम बिताने का मौका मिलेगा। आज का दिन उतार- चढ़ाव भरा रहने वाला है। करियर में आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

    मकर राशि– अपनी फैमिली मेंबर्स के साथ वक्त बिताएं। आर्थिक स्थिति कमजोर पड़ सकती है। इसलिए सूझ- बूझ के साथ ही निर्णय लें। आपके लिए समय रोमांस से भरपूर रहने वाला है। अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

    कुंभ राशि- प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करना आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। आपको खुद पर ध्यान देना चाहिए। सहपाठियों के साथ मेल-जोल बढ़ाना आपकी प्रोफेशनल लाइफ के लिए बेहतर साबित हो सकता है।

    मीन राशि- सोच-समझकर फाइनेंशियल डिसीजन लेना आपके लिए बेहतर रहेगा। अपने प्रेम-संबंधों को मजबूत बनाने के लिए पार्टनर से खुलकर बात-चीत करें और उन्हें समय दें। स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए हेल्दी डाइट लें।

  • जिलाधिकारी व पुलिस आयुक्त ने एक्सपो मार्ट के सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ की संयुक्त समीक्षा बैठक

    जिलाधिकारी व पुलिस आयुक्त ने एक्सपो मार्ट के सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ की संयुक्त समीक्षा बैठक

    ग्रेटर नोएडा

    ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 को सकुशल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

    इसी क्रम में जिलाधिकारी मेधा रूपम ने गुरुवार को कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण करते हुए विभिन्न व्यवस्थाओं एवं तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अब तक की गई तैयारियों की जानकारी प्राप्त की तथा शेष व्यवस्थाओं को समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। स्थलीय निरीक्षण के उपरांत एक्सपो मार्ट ग्रेटर नोएडा के सभागार में पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था से लेकर यातायात, पार्किंग, अग्नि सुरक्षा, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल तथा वीवीआईपी आगमन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विभागवार चर्चा की गई।

    पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयोजन की महत्ता एवं वीवीआईपी आगमन को दृष्टिगत रखते हुए कार्यक्रम स्थल एवं उसके आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। प्रवेश एवं निकास द्वारों पर प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने वीवीआईपी मूवमेंट एवं यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वीवीआईपी आवागमन के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। निर्धारित मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए तथा आवश्यकता के अनुरूप बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन एवं पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

    पुलिस आयुक्त ने पार्किंग व्यवस्था एवं कार्यक्रम स्थल तक आगंतुकों के सुगम आवागमन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहनों का व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्थान पर अनावश्यक जाम अथवा अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न होने पाए। आयोजन स्थल के प्रवेश एवं निकास मार्गों सहित महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस एवं यातायात कर्मियों की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सुरक्षा से संबंधित सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सुरक्षा व्यवस्था की निरंतर निगरानी करने तथा किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं तैयार रहने के निर्देश दिए।

    जिलाधिकारी ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों की तैयारियों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि उन्हें सौंपे गए दायित्वों का समयबद्ध, गंभीरतापूर्वक एवं आपसी समन्वय के साथ निर्वहन सुनिश्चित किया जाए। आयोजन से संबंधित किसी भी व्यवस्था में शिथिलता न बरती जाए तथा सभी तैयारियां निर्धारित समय के भीतर पूर्ण कर ली जाएं।

    जिलाधिकारी ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल पर सभी आवश्यक अग्निशमन उपकरणों एवं व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित करने तथा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आयोजन के दौरान उपलब्ध कराए जाने वाले खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकतानुसार खाद्य पदार्थों की जांच सुनिश्चित की जाए।

    जिलाधिकारी ने विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही आवश्यक वैकल्पिक एवं बैकअप व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए, ताकि आयोजन के दौरान विद्युत आपूर्ति से संबंधित किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।

    जिलाधिकारी ने हेलीपैड एवं वीवीआईपी आगमन से संबंधित प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने तथा संबंधित व्यवस्थाओं का पुनः परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने इसके साथ ही स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था, एंबुलेंस की उपलब्धता, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था तथा आगंतुकों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि आयोजन के दौरान अधिकारी एवं कर्मचारी अपने निर्धारित स्थानों पर उपस्थित रहते हुए व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करें।

    जिलाधिकारी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में उद्यमियों, खरीदारों, निवेशकों, प्रतिनिधियों एवं आगंतुकों की सहभागिता होगी। ऐसे में प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हुए बेहतर आपसी समन्वय स्थापित करे तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि आगंतुकों एवं अतिथियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़ी व्यवस्थाओं का अंतिम स्तर पर पुनः निरीक्षण एवं परीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है तो उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। सभी अधिकारी आयोजन के दौरान पूरी सतर्कता के साथ अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके।

     इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, एडिशनल सीपी राजीव नारायण मिश्रा, एसीईओ यमुना विकास प्राधिकरण शैलेन्द्र भाटिया, अपर जिलाधिकारी अजीत कुमार सिंह, संजय कुमार पांडेय, अरुण कुमार सिंह, प्रियंका एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।