Author: NewseDay

  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर CM साय ने किया नमन

    पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर CM साय ने किया नमन

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें किया नमन

    अंत्योदय के संकल्प के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एकात्म मानववाद के प्रणेता और प्रखर राष्ट्रचिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

                मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अपने विचारों और सिद्धांतों के माध्यम से राष्ट्र के समग्र विकास की ऐसी दृष्टि प्रस्तुत की, जिसके केंद्र में समाज का अंतिम व्यक्ति है। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि विकास की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उनका ‘अंत्योदय’ का सिद्धांत गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की प्रेरणा देता है।

                  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को ‘अंत्योदय दिवस’ के रूप में मनाना उनके विचारों के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के संकल्प को अभिव्यक्त करता है। एकात्म मानववाद और अंत्योदय का उनका दर्शन आज भी राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण की दिशा में प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार, आदर्श और राष्ट्रसेवा का भाव सदैव देश और समाज को प्रेरित करता रहेगा।

  • एक साल में 85 हजार युवाओं को रोजगार, CM यादव ने दिए नियुक्ति पत्र

    एक साल में 85 हजार युवाओं को रोजगार, CM यादव ने दिए नियुक्ति पत्र

    मध्यप्रदेश सरकार ने विगत एक वर्ष में उपलब्ध कराये है 85 हजार युवाओं को रोजगार और सेवा के अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनि निरीक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनिज के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। प्रदेश की धरती से हीरा भी निकलता है। कोयले के मामले में भी प्रदेश समृद्ध हैं। खनिज महत्वपूर्ण विभाग है जिसमें पारदर्शिता और दक्षता के साथ कार्य करने वाले प्रदेश की आर्थिक समृद्धि में भी सहायक होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास में नवनियुक्त 62 खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्य सरकार ने बीते एक वर्ष में 85 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया है। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर भी उपस्थित थी।  

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रत्नगर्भा, वसुंधरा से जुड़कर नवनियुक्त खनि निरीक्षकों का भाग्योदय हो रहा है। आज का दिन इन युवाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, साथ ही उनके जीवन में नया प्रकाश लाने वाला दिन भी है। नवनियुक्त खनि निरीक्षक शासन से जुड़कर सिर्फ नौकरी ही प्राप्त नहीं कर रहे बल्कि सेवा का एक नया अवसर प्राप्त कर अपनी नई पहचान भी प्रारंभ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवनियुक्त खनि निरीक्षक आज जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसमें उनके माता-पिता और परिजन का आशीर्वाद एवं सहयोग भी शामिल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राष्ट्र आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश भी प्रगति के मार्ग पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी युवाओं को शासकीय सेवा में आने पर कर्मचारी नहीं बल्कि कर्मयोगी मानते हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र के साथ ही विश्वास पत्र भी सौंपा है। सुशासन और लोक कल्याण के उद्देश्य से कार्य करते हुए ये युवा निश्चित ही सभी के लिए गर्व का कारण बनेंगे।  

    खनिज आय में वृद्धि

    प्रमुख सचिव खनिज साधन विवेक पोरवाल ने कहा कि प्रदेश में खनिजों से होने वाली आय आठ-नौ हजार करोड़ से बढ़कर 12 हजार करोड़ रुपए हो गई है। वित्त वर्ष 2026-27 में 72 खनि निरीक्षकों की नियुक्ति की पहल की गई। नवनियुक्त खनि निरीक्षक प्रदेश के खनिज राजस्व को बढ़ाने का कार्य करेंगे। प्रमुख सचिव पोरवाल ने बताया कि भारत सरकार ने नीलामी के माध्यम से 33 कोयला खनन ब्लॉक आवंटित किए, जिसमें से 8 ब्लॉक में कोयला का उत्पादन शुरू हो गया हैं। छह अन्य कोयला खनन ब्लॉक में उत्पादन प्रारंभ करने के लिए माइन डेवलपमेंट का कार्य प्रारंभ किया गया है। छतरपुर जिले में 2 नए क्षेत्रों में हीरे की खोज के लिए अन्वेषण कार्य चल रहा है।

    पन्ना जिले के अंतर्गत एक हीरा ब्लॉक आवंटित किया गया है। स्वर्ण अयस्क की प्रोसेसिंग के लिए सिंगरौली में ग्रीनफील्ड गोल्ड कंसंट्रेट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। सिंगरौली और कटनी में 6 स्वर्ण ब्लॉक नीलाम किए गए हैं। भारत सरकार ने खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मध्यप्रदेश को सम्मानित किया है। नीलामी प्रक्रिया और खनन क्षेत्र में सुधारों के लिए मध्यप्रदेश ने अग्रणी राज्य की पहचान बनाई है।

    नवनियुक्त खनि निरीक्षक बोले-"हमारे लिए आज होली और दीपावली दोनों की खुशी है"

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनियुक्त खनि निरीक्षकों में से 5 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया और नवनियुक्त खनि निरीक्षकों के साथ छायाचित्र खिंचवाया। कार्यक्रम में नवनियुक्त खनि निरीक्षकों ने कहा कि आज उनके लिए होली और दीपावली जैसा खुशी का दिन है। वे अपने दायित्व को पूरी लगन से पूरा करेंगे।      

  • राजस्व समीक्षा बैठक में CM यादव का फोकस, आय बढ़ाने के दिए निर्देश

    राजस्व समीक्षा बैठक में CM यादव का फोकस, आय बढ़ाने के दिए निर्देश

    विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं विभागों के आय वृद्धि के प्रयास

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की राजस्व प्राप्ति की समीक्षा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के विकास के लिए आय अर्जित करने वाले सहयोगी विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विभागों ने राजस्व में वृद्धि के लिए आवश्यक प्रयास किए हैं, जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा वित्त वर्ष के अंतर्गत अर्जित राजस्व आय की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न मदों में अर्जित आय की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने राजस्व प्राप्ति के लिये निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न विभागों द्वारा आय वृद्धि के लिए किए गए प्रयासों, नवाचारों और अर्जित उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वित्त वर्ष के अंत तक शत्-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि अनेक विभागों द्वारा वित्त वर्ष में निर्धारित राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सतत् प्रयास किए जा रहे हैं।

    इन क्षेत्रों में अग्रणी है मध्यप्रदेश

    बैठक में बताया गया कि वाणिज्य कर, खनिज, आबकारी, परिवहन, वन, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में प्रदेश कर संग्रहण में अग्रणी है। विभागों ने आय के निर्धारित वार्षिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वित्त वर्ष के प्रारंभिक पांच महीनों में महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। आयकर फाइल रिटर्न करने के क्षेत्र में देश में, मध्यप्रदेश कभी 14 वें क्रम पर था। इस कार्य में प्रदेश अब पांचवें स्थान पर आ गया है। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • रंगोली में सेवा, स्वच्छता और नारी सशक्तिकरण का संदेश

    रंगोली में सेवा, स्वच्छता और नारी सशक्तिकरण का संदेश

    ‘सेवा के रंग’ से जन-जन तक पहुंचा रहे विकसित भारत का संकल्प : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

    'सेवा, स्वच्छता और नारी सशक्तिकरण के संदेशों को रंगोली में उकेर रहीं बेटियां'

    पौने दो क्विंटल सामग्री से बनी 'विकसित लोरमी, विकसित भारत' की भव्य रंगोली, आठ स्कूलों की बेटियों ने भी दिखाया हुनर

    ‘सेवा के रंग’ में दिखी विकसित भारत की झलक, जल संरक्षण से नारी सशक्तिकरण का दिया संदेश

    रायपुर. 
     उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज लोरमी के मानस मंच में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित विकासखंड स्तरीय ‘सेवा का रंग’ रंगोली का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कलाकारों और विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई आकर्षक रंगोलियों की सराहना की।

    साव ने छात्राओं से चर्चा कर उनकी बनाई रंगोलियों के विषय, उद्देश्य और संदेश की विस्तार से जानकारी ली। छात्राओं ने उन्हें बताया कि उन्होंने जल संरक्षण, विकसित भारत, नारी सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया और स्वच्छ भारत जैसे विषयों को रंगोली के माध्यम से प्रस्तुत किया है। उप मुख्यमंत्री ने छात्राओं की रचनात्मकता और उत्साह की प्रशंसा की।

    उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि रंगोली के माध्यम से सेवा के भाव और विकसित भारत की कल्पना को सुंदर तरीके से अभिव्यक्त किया गया है। कोटा के रंगोली कलाकार रवि पैकरा ने करीब पौने दो क्विंटल सामग्री से विकसित भारत की भव्य रंगोली तैयार की है। यह रंगोली विकसित भारत के संकल्प को आकर्षक रूप में प्रस्तुत करती है।

    कार्यक्रम में आठ विद्यालयों की बेटियों ने अलग-अलग विषयों पर रंगोलियां बनाईं। जल संरक्षण से लेकर डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत और नारी सशक्तीकरण तक सेवा के विभिन्न रंगों को रंगोली के माध्यम से जीवंत किया गया। 

    साव ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य विकसित भारत की कल्पना को जन-जन तक पहुंचाना है। हर व्यक्ति विकसित भारत क्या है और इसके निर्माण में उसकी भूमिका क्या है, इससे जुड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा भाव और जनकल्याण के संदेश को भी जन-जन तक पहुंचाना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

  • NSS दिवस पर किले में श्रमदान, धरोहर संरक्षण का दिया संदेश

    NSS दिवस पर किले में श्रमदान, धरोहर संरक्षण का दिया संदेश

    ग्वालियर किले पर राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस पर चलाया स्वच्छता अभियान

     माधव महाविद्यालय के स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर दिया स्वच्छता एवं धरोहर संरक्षण का संदेश

    ग्वालियर
    राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) दिवस के अवसर पर माधव महाविद्यालय, ग्वालियर के तत्वावधान में ऐतिहासिक ग्वालियर किले स्थित मानसिंह पैलेस परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहरों की स्वच्छता एवं संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ ही युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा की भावना को प्रोत्साहित करना था।

    इस अवसर पर बड़ी संख्या में NSS स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए किले के विभिन्न क्षेत्रों में श्रमदान किया। स्वयंसेवकों ने परिसर में स्वच्छता कार्य करते हुए पर्यटकों एवं आम नागरिकों को ऐतिहासिक स्थलों को स्वच्छ रखने और उनकी गरिमा बनाए रखने का संदेश दिया।

    कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिव कुमार शर्मा, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय कुमार पांडे तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सरिता दीक्षित विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दीपक शिंदे तथा पूर्व NSS स्वयंसेवक अनिरुद्ध शर्मा दिलीप चौहान और *गरिमा झा ने भी कार्यक्रम में सहभागिता कर स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया।

    कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने कहा कि NSS युवाओं को सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। हमारी ऐतिहासिक धरोहरें केवल अतीत की पहचान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं। इनके संरक्षण में स्वच्छता की महत्वपूर्ण भूमिका है।

    स्वच्छता अभियान के माध्यम से स्वयंसेवकों ने यह संदेश दिया कि ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। अभियान ने किले की स्वच्छता में योगदान देने के साथ-साथ पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के बीच भी स्वच्छता एवं धरोहर संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचाया।

    कार्यक्रम के अंत में NSS स्वयंसेवकों ने ऐतिहासिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा समाज में स्वच्छता और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

  • ‘अपनी बस’ के लिए तैयार MP, CM ने रात में व्यवस्थाओं का लिया जायजा

    ‘अपनी बस’ के लिए तैयार MP, CM ने रात में व्यवस्थाओं का लिया जायजा

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार की शाम गोविंदपुरा, बीएचईएल क्षेत्र में स्थित दशहरा मैदान पहुंचकर शुक्रवार को होने वाली "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा'' के शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारी का जायजा लिया। प्रदेश में शहरों-गांवों में डायरेक्ट बस कनेक्टिविटी की शुरुआत के शुभारंभ का कार्यक्रम भव्य रूप में होगा। इस कार्यक्रम की तैयारियां पूर्ण हो गई हैं।भोपाल, इंदौर समेत 7 शहरों में कुल 351 बसें चलेंगी। परिवहन विभाग ने इंटरसिटी सेवा के लिए 2 रुपए प्रति किलोमीटर किराया तय किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बसों को हरी झंडी दिखाकर प्रदेशवासियों को सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर नई बसों की विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की और बसों में बैठकर भी आधुनिक तकनीक और यात्रियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लिया। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम से जुड़ी आवश्यक जानकारियों से अवगत करवाया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी शुक्रवार को भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बसों को हरी झंडी दिखाएंगे।

    सेवा शुरू होने से पहले गुरुवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीएचईएल दशहरा मैदान पहुंचकर कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने मंच, सभा स्थल और अन्य व्यवस्थाएं देखीं। इसके बाद बसों का निरीक्षण भी किया और ड्राइवरों से बातचीत की। इस दौरान परिवहन सचिव मनीष सिंह मौजूद रहे।

    सीएम बोले- बेहतर सुविधा मिलेगी

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 21 साल बाद प्रदेश में लोक परिवहन बस सेवा फिर शुरू होना ऐतिहासिक निर्णय है। आधुनिक ई-बसों और सुविधायुक्त बसों का नेटवर्क चरणबद्ध तरीके से नगरों और जिलों तक पहुंचाया जाएगा। इसके तहत बस स्टॉप, बस स्टैंड, इलेक्ट्रॉनिक सुविधाओं और बेहतर कंट्रोलिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए तैयार किए गए मंच, सभा स्थल सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन सहित संबंधित विभागों के  उपस्थित थे।

    7 शहरों की 351 बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के 7 शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल हैं। शुरुआती चरण में इंदौर में 145 बसें जिसमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी, भोपाल में 106 बसें जिसमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें जिसमें 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी, रीवा में 18 इंटरसिटी बसें, देवास में 10 इंटरसिटी बसें, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। 

    एक विभाग के अंडर में आएंगी बसें
    सुगम परिवहन सेवा के तहत अलग-अलग बस एजेंसियों की सेवाओं को एक व्यवस्था के तहत लाया जाएगा। भोपाल में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के साथ पीएम बस सेवा का संचालन किया जा रहा है। इसी तरह इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन समेत अन्य शहरों में भी बस सेवाएं एक विभाग के अंडर में होंगी।

    बसों को एकरूपता देने के लिए एक ही रंग में पेंट या स्टीकर लगाने का काम किया गया है। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े फोटो और वीडियो सामने आने के बाद अधिकारियों ने बताया कि संबंधित बस एजेंसियों ने ही यह काम किया है।

    इलेक्ट्रिक बसें भी चलेंगी

    सुगम परिवहन सेवा में ईजी मायट्रिप की सहायक कंपनी ईएमटीईवी/ईजी ग्रीनमोबिलिटी की बसें भी शामिल हैं। कंपनी की 12 मीटर इलेक्ट्रिक सीटर बस को लंबी दूरी के सार्वजनिक परिवहन के लिए तैयार किया गया है।

    बस में प्रीमियम और एर्गोनॉमिक सीटिंग, व्यक्तिगत एयर वेंट और यात्रियों के लिए पर्याप्त बैठने की जगह दी गई है। प्रवेश और आवागमन को भी सुविधाजनक बनाने की व्यवस्था की गई है।

    पहले चरण में 7 शहरों में 351 बसों से शुभारंभ
    योजना के पहले चरण में 7 शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को एक साथ रवाना किया जाएगा। इसमें इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल हैं। 

    शुरुआती चरण में इंदौर में 145 बसें चलेंगी। इनमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी रूट पर दौड़ेगी। भोपाल से 106 बसें (23 इंटरसिटी-83 इंट्रासिटी), जबलपुर के लिए 67 बसें (14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी), रीवा में 18 इंटरसिटी बसें, देवास में 10 इंटरसिटी बसें, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसें दौड़ेंगी।

    3-पीपीपी मॉडल.. ट्रेनिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर और मॉडर्न सुविधाएं
    बसों का संचालन पप्बिलक- प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉड
    ल पर होगा। इसके लिए अलग- अलग एजेंसियों से 3 सेवाओं और सुविधाओं के विकास के लिए अनुबंध किए हैं। पहला- निजी ऑपरेटरों से अनुबंध किया। दूसरा, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के लिए अनुबंध किया है। इसके तहत बसों की लाइव लोकेशन, स्पीड, ड्राइविंग ट्रेनिंग आदि शामिल है। तीसरे मॉडल में इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए अनुबंध है। इसके तहत बस टर्मिनल, डिपो, बस स्टॉप और सड़क किनारे सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएंगी।

    सरकार की त्रिस्तरीय निगरानी
    बसों के सुगम संचालन के लिए सरकार ने राज्य स्तरीय मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी बनाई है। यह रणनीति और नीति तय करेगी। निगरानी करेगी। इसके अधीन 7 क्षेत्रीय कंपनियां इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, उज्जैन और सागर में बनाई गई हैं। इसके साथ ही कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समिति भी बनाई है। यह जमीनी निगरानी करेगी। मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा के तहत हर साल बढ़ाई जाएंगी 2,500 से 3,000 बसें।

    ऐसी सुविधाएं-सुरक्षा
    इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम से बसों का संचालन, लोकेशन, टाइमिंग की रियल टाइम निगरानी होगी।
    मप्र यात्री परिवहन इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एवं 7 सहायक कंपनियों में कमांड-कंट्रोल सेंटर बनाए हैं।
    यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर बस में सीसीटीवी कैमरे।
    इमरजेंसी में तुरंत सहायता देने के लिए पैनिक बटन।
    व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस से बस की लाइव लोकेशन।
    यात्रियों को बस संचालन एवं यात्रा से जुड़ी जानकारी देने पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम।

  • 2029 तक नशामुक्त यूपी का लक्ष्य, डीजीपी ने बताई

    2029 तक नशामुक्त यूपी का लक्ष्य, डीजीपी ने बताई

    नशे के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, लगातार तेज हुई कार्रवाई

    उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य: डीजीपी

    नशे के सौदागरों पर दोहरी मार, तस्करों का निरुद्धीकरण और अवैध संपत्ति जब्ती तेज

    2026 में उत्तर प्रदेश में 78.5 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की गई

    लखनऊ, 
     योगी सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का असर उत्तर प्रदेश में लगातार दिखाई दे रहा है। यूपी पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के साथ उनकी अवैध संपत्तियों पर भी शिकंजा कसा है। मादक पदार्थों के तस्करों के विरुद्ध निरुद्धीकरण की कार्रवाई में तेजी आई है। वर्ष 2026 में 23 सितंबर तक प्रदेश में 71 तस्करों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

    यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य केवल तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को तोड़ना और नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्ति को जब्त करना भी है। उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में कार्रवाई तेज की जा रही है।

    अवैध संपत्ति जब्ती में भी बड़ी कार्रवाई
    नशे के कारोबार से कमाई गई अवैध संपत्ति को जब्त कर तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने पर भी जोर दिया गया। वर्ष 2025 में 29 मामलों में करीब 11 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हुई। वहीं वर्ष 2026 में 23 सितंबर तक 88 मामलों में करीब 78.5 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई। 

    लगातार कार्रवाई से दिखा योगी सरकार का सख्त रुख
    योगी सरकार में पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2024 में प्रदेश में सात तस्करों के खिलाफ कार्रवाई हुई, जिसमें एएनटीएफ की पांच कार्रवाई शामिल थीं। वर्ष 2025 में प्रदेश में 19 और वर्ष 2026 में 71 तस्करों के खिलाफ निरुद्धीकरण की कार्रवाई की गई। इनमें वर्ष 2026 में एएनटीएफ ने 33 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की। प्रदेश में अवैध संपत्ति जब्ती के मामले में भी कार्रवाई लगातार बढ़ी है। वर्ष 2024 में एएनटीएफ ने चार मामलों में करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। वर्ष 2025 में 29 मामलों में करीब 11 करोड़ रुपये और वर्ष 2026 में 50 मामलों में करीब 10 करोड़ रुपये की कार्रवाई एएनटीएफ ने की। पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के आंकड़ों में वर्ष 2026 में कुल जब्ती करीब 78.5 करोड़ रुपये हुई।

    कुख्यात तस्करों के नेटवर्क पर सीधा प्रहार
    पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत गुरुमेल सिंह, भोला प्रसाद, संजीव राणा, विभोर राणा, शेरमणि पटेल और परमानंद उर्फ पप्पू जैसे कुख्यात मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ निरुद्धीकरण (गिरफ्तारी) की कार्रवाई की गई है।

    बॉक्स
    नशे के कारोबार की जड़ पर वार
    डीजीपी ने कहा कि हमारी कार्रवाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(ई) और 68(एफ) के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति को पहले अस्थायी रूप से फ्रीज और जांच व सुनवाई के बाद स्थायी रूप से जब्त किया जा रहा है। इसके जरिए तस्करों को आर्थिक रूप से कमजोर भी किया जा रहा है।

  • मेरठ में किसानों की खेती पर मंथन, गन्ने से बासमती तक चर्चा

    मेरठ में किसानों की खेती पर मंथन, गन्ने से बासमती तक चर्चा

    गन्ने से बासमती तक, खेती की चुनौतियों पर मेरठ में हुआ मंथन

    -किसान कारवां 2.0 के दूसरे पड़ाव में कृषिवीरों को किया गया सम्मानित

    -खेती किसानी की क्विज में 15 किसानों ने जीते एक-एक हजार रुपये

    मेरठ
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों से खेती की मौजूदा चुनौतियों, तकनीक और बाजार से जुड़े मुद्दों पर सीधे संवाद के लिए शुरू किया गया किसान कारवां 2.0 गुरुवार को मेरठ पहुंचा। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित क्षेत्रीय किसान महासभा में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। किसान तक और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से हुए आयोजन में गन्ना, बासमती, फसल सुरक्षा, प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीक जैसे विषयों पर विशेषज्ञों और किसानों ने विचार साझा किए।कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 10 बजे हुई। कृषि से जुड़े संदेशों को मनोरंजन के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने के लिए जादूगर सलमान ने कृषि विषयों पर आधारित प्रस्तुति दी। जादू के जरिए खेती से जुड़े संदेशों को रोचक अंदाज में पेश किया गया।

    बासमती को बाजार और निर्यात से जोड़ने पर जोर
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बासमती धान की खेती की विशेष पहचान को देखते हुए ‘बासमती के बादशाह-खुशबू से बाजार तक’ विषय पर पैनल चर्चा हुई। किसान तक के संपादक ओमप्रकाश ने इसका संचालन किया। बीईडीएफ के निदेशक डॉ. रितेश शर्मा, प्रगतिशील किसान प्रीतम सिंह और विनोद सैनी ने चर्चा में हिस्सा लिया। डॉ. रितेश शर्मा ने बेहतर बाजार, मजबूत सप्लाई चेन और किसानों को सीधे निर्यात से जोड़ने की संभावनाओं पर जानकारी दी। हापुड़ को बासमती निर्यात और बेहतर मार्केट एक्सेस के संभावित मॉडल हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

    गन्ना भुगतान से फसल रोग तक उठे सवाल
    पश्चिमी यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था में गन्ने की भूमिका को देखते हुए ‘गन्ने का गढ़—मिठास के साथ चुनौतियों का हल’ विषय पर अलग सत्र हुआ। किसान तक के वरिष्ठ संवाददाता जेपी सिंह के संचालन में हुए पैनल में गुड़ उत्पादक किसान केपी सिंह, किसान नेता धर्मेंद्र मलिक, प्रगतिशील गन्ना किसान ओमकार त्यागी और आईसीआर-आईआईएसआर के कृषि वैज्ञानिक रघुवीर सिंह शामिल हुए।
    चर्चा में गन्ना भुगतान व्यवस्था में सुधार, रेड रॉट जैसी बीमारियों से बचाव, रोग प्रतिरोधी नई किस्मों को किसानों तक पहुंचाने और मशीनों से गन्ने की सूखी पत्तियों के बेहतर प्रबंधन के उपायों पर मंथन किया गया। खेती में बढ़ते जोखिम के बीच ‘खेती की सुरक्षा—बीमा, तकनीक और कुदरत का साथ’ विषय पर भी विशेषज्ञों ने चर्चा की। किसान तक की उप संपादक हिमानी दीवान ने सत्र का संचालन किया। इसमें जैविक किसान अनु त्यागी, हेड-पोटैटो सेंटर मोडीपुरम के डॉ. आर.के. सिंह, केवीके शामली के डॉ. संदीप चौधरी और कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही शामिल रहे। फसल बीमा की पहुंच बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा सोलर पंप, ड्रोन और नैनो यूरिया जैसी तकनीकों को किसानों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर विचार हुआ।

    क्विज में 15 किसानों को मिला नकद पुरस्कार
    किसान महासभा में किसानों की भागीदारी बढ़ाने के लिए खेती-किसानी पर आधारित क्विज भी कराई गई। किसानों ने क्यूआर कोड स्कैन कर इसमें हिस्सा लिया। तीन क्विज में प्रत्येक से पांच विजेताओं का चयन हुआ। इस तरह कुल 15 किसानों को एक-एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।

    पश्चिमी यूपी के 10 किसान बने ‘कृषिवीर’

    किसान कारवां 2.0 के तहत प्रदेश के नौ कृषि जलवायु क्षेत्रों में क्षेत्रीय किसान महासभाओं का आयोजन किया जा रहा है। मेरठ में आयोजित महासभा में पश्चिमी क्षेत्र के विभिन्न जिलों से चयनित 10 किसानों को ‘कृषिवीर’ सम्मान दिया गया। सम्मानित किसानों में मंजू कश्यप, ओमवीर सिंह, प्रीतम सिंह, विनोद सैनी, नीलम त्यागी, नीरजा शर्मा, श्याम सिंह, ठाकुर धर्मपाल, जुनैद फरीदी अली और विनोद पवार शामिल रहे। सभी को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान की गई। इस दौरान किसानों की समस्याओं और जमीनी जरूरतों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने के लिए 20 सदस्यीय किसान परिषद का गठन भी किया गया। इसमें कृषि अधिकारियों और कृषि वैज्ञानिकों के साथ प्रगतिशील किसानों को शामिल किया गया है।

    मेरठ में हुए किसान कारवां 2.0 के दूसरे पड़ाव में पश्चिमी यूपी की खेती की चुनौतियों के साथ किसानों की सफलता, नई कृषि तकनीक और बेहतर बाजार से जुड़ने के अवसरों पर चर्चा हुई। गन्ना और बासमती की पारंपरिक ताकत को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ना आयोजन का प्रमुख केंद्र रहा।

  • IRDAI के नए प्रस्ताव का असर, Policybazaar समेत बीमा शेयरों में गिरावट

    IRDAI के नए प्रस्ताव का असर, Policybazaar समेत बीमा शेयरों में गिरावट

    मुंबई 
    शेयर बाजार में गुरुवार को भारी तबाही देखने को मिली थी. खासकर बीमा कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्‍यादा तबाही दिखी, जहां PB Fintech के शेयरों में 36 फीसदी तक की गिरावट आई. इसके बाद Turtlemint के शेयर करीब 20 फीसदी तक गिर गए. साथ ही HDFC Life और ICICI Prudential Life जैसे शेयरों में भी तेज गिरावट देखने को मिली. आज भी इन शेयरों में गिरावट देखी जा रही है। 

    इन सभी शेयरों में गिरावट की एक खास वजह, IRDAI का एक प्रस्‍ताव था. इसमें कुछ ऐसी बातों का जिक्र किया गया है, जिससे इन कंपनियों का रेवेन्‍यू घट जाएगा. साथ ही प्रॉफिट और मार्जिन पर भी तगड़ा असर होने की उम्‍मीद जताई गई है. इसी कारण, इन कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई, लेकिन अब सवाल ये है कि आखिर इस प्रस्‍ताव में ऐसा क्‍या है, जिस कारण किसी कंपनी का शेयर 36 फीसदी तक टूट सकता है? आइए जानते हैं पूरी डिटेल… 

    पॉलिसी पेपर में ऐसा क्‍या है?  
    1. कमीशन पर लिमिट लगाने की तैयारी 

    IRDAI ने लाइफ, हेल्‍थ और मोटर बीमा में प्रोडक्‍ट्स और ड‍िस्‍ट्रीब्‍यूशन चैनल के हिसाब से कमीशन लिमिट दोबारा लागू करने का प्रस्ताव दिया है. साल 2023 में कमीशन पर मौजूद सेगमेंट वाली लिमिट हटाई गई थी।  

    2. हेल्‍थ और टर्म इंश्‍योरेंस में कमीशन
    एक्‍सपर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित ढांचे में हेल्‍थ और टर्म इंश्‍योरेंस के नए बिजनेस पर कमीशन काफी कम हो सकता है. कुछ मामलों में अनुमानित कटौती करीब एक-तिहाई से दो-तिहाई तक की जा सकती है। 

    3. लाइफ इंश्‍योरेंस में कमीशन 
    अभी कमीशन का बड़ा हिस्‍सा पॉलिसी बेचने के समय या शुरुआती अवधि में मिल सकता है. प्रस्‍ताव में कहा गया है कि इस पॉलिसी टर्म के दौरान ज्‍यादा फैलाना चाहिए. इससे असर होगा कि डिस्‍ट्रीब्‍यूशन की शुरुआती कमाई प्रभावित होगी और कंपनियों का रेवेन्‍यू घट सकता है। 

    4. बीमा कंपनियों के खर्च की सीमा घटाने का प्रस्ताव
    IRDAI ने एक्‍सपेंसेस ऑफ मैनेजमेंट (EoM) को भी राश्‍नलाइज करने का प्रस्ताव रखा है. जनरल इंश्‍योरेंस के लिए EoM सीमा को पांच साल में GWP के 30% से डोमेस्टिक GDPI के 20% तक लाने का प्रस्ताव बताया गया है. इससे कंपनियों की कमाई पर तगड़ा असर हो सकता है। 

    5. लोन के साथ जबरन बीमा बेचने पर रोक 
    बैंकों और एनबीएफसी को लोन के साथ इंश्‍योरेंस को अनिवार्य करने से रोकने का प्रस्‍ताव दिया गया है. इससे उन बैंकों की इंश्‍योरेंस डिस्‍ट्रीब्‍यूशन फीस इनकम पर भी असर पड़ने की आशंका बाजार में बनी है। 

    6. डॉर्क पैटर्न पर रोक 
    कंपनियों को ऐसी डिजान या प्रॉसेस से रोकना है, जिसमें कस्‍टमर्स को किसी खास विकल्प की ओर भ्रमित या मजबत किया जा रहा है. जैसे प्रोडक्‍ट की कीमत या बाकी फीचर्स की जानकारी से पहले ही कस्‍टमर्स से पूरी डिटेल मांगना है। 

    सीधे शब्‍दों में कहें तो IRDAI का प्रस्ताव कहता है कि इंश्‍योरेंस बेचने पर कंपनियों या डिस्‍ट्रीब्‍यूटर्स कितना कमीशन ले सकेंगे, खर्च कितना कर सकेंगे और कस्‍टमर्स को पॉलिसी कैसे बेच सकेंगे, इन सभी पर ज्‍यादा कंट्रोल होगा. बाजार को डर है कि इन कमीशन बेस्‍ड कमाई से कंपनियों की अर्निग पर बड़ा झका लग सकता है। 

    सरकार क्‍यों लेकर आई ये प्रस्‍ताव? 

        इंश्योरेंस की बिक्री में मिस-सेलिंग कम करना
        इंश्योरेंस की लागत कम करना
        ग्राहक को पता चले कि उसका पैसा किसे और क्यों जा रहा है
        बैंक से लोन लेते समय जबरन Insurance बेचने की शिकायतें रोकना

    3 जुलाई को आई थी ये रिपोर्ट 
    जुलाई में ही ये प्रस्‍ताव पब्लिक हो गया था. रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया था कि IRDAI commission व्यवस्था में बड़ा बदलाव तैयार कर रहा है. खासकर बड़े अपफ्रंट में कमीशन को कम करके पॉलिसी की अवधि में भुगतान पर विचार कर रहा है. तब 4 से 5 सप्‍ताह में इसे लाने का प्रस्‍ताव था, लेकिन इसे 2 से 3 महीने के बाद पेश किया गया है। 

  • भारत की गोल्ड डबल जीत, शूटिंग में कमलजीत-सुरुचि चमके

    भारत की गोल्ड डबल जीत, शूटिंग में कमलजीत-सुरुचि चमके

    आईची-नागोया

    जश्न मनाइए, खुशियों में डूब जाइए। एशियन गेम्स 2026 में दिन का आगाज इससे बेहतर नहीं हो सकता था। सिर्फ 2 मिनट के अंदर भारत को दो मेडल मिले, जिसमें एक गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल रहा। ये दोनों ही शूटिंग से आए। इसके साथ ही एशियन गेम्स की मेडल टैली में भारतीय दल ने जबरदस्त छलांग लगाई है। पहले वह एक गोल्ड के साथ 15वें नंबर पर था, जबकि अब 12वें नंबर पर पहुंच गया है।
    इन इवेंट में आए मेडल

    जापान में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 से भारत के लिए बहुत बड़ी और खुशखबरी सामने आई है। निशानेबाजी में भारत ने दो मेडल जीते है। कमलजीत और सुरुचि सिंह की जोड़ी ने देश को निशानेबाजी में पहला गोल्ड मेडल दिलाकर इतिहास रच दिया है। वहीं पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया है। 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल मुकाबले में कमलजीत और सुरुचि सिंह की भारतीय जोड़ी ने दक्षिण कोरिया की मजबूत जोड़ी को एकतरफा अंदाज में पछाड़ते हुए पोडियम के शीर्ष पर तिरंगा फहराया। यह एशियन गेम्स में भारत का दूसरा गोल्ड मेडल है।

    एशियन गेम्स 2026 में भारत का मेडल जीतने का सिलसिला जारी है। अभी तक भारत ने 2 गोल्ड, 7 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है। 25 सितंबर को भारत शूटिंग में गोल्ड जीता जबकि दो और मेडल स्क्वॉश और टेबल टेनिस में कन्फर्म किए। कमलजीत और सुरुचि सिंह ने 10m एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया और गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। कबड्डी में दो और मेडल कन्फर्म हो सकते हैं। दीया चितले और मानुष शाह ने मिश्रित युगल टेबल टेनिस स्पर्धा के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का कर लिया। वहीं जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने मिश्रित युगल स्क्वॉश के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का किया। नीजें देखें मेडल की पूरी लिस्ट-
    शूटिंग में आया गोल्ड

    कमलजीत और सुरुचि सिंह ने 10m एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने गोल्ड मेडल जीता, इस तरह एशियन गेम्स 2026 में भारत को दूसरा गोल्ड दिलाया। उनका फाइनल स्कोर 484.6 था, जो दूसरे नंबर पर मौजूद साउथ कोरिया से 6.6 पॉइंट ज़्यादा था।

    सुरुचि इंदर सिंह और कमलजीत ने 484.6 का स्कोर करके नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया और एशियन गेम्स में 10m एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में पहला गोल्ड जीता।
    नीरज, रुद्राक्ष और ऐश्वर्य ने टीम ने शूटिंग में जीता सिल्वर

    ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, नीरज कुमार, रुद्राक्ष पाटिल की टीम ने 50m 3P राइफल शूटिंग में टीम सिल्वर जीता। वे चीन से 4 पॉइंट्स से हार गए। भारतीय टीम का स्कोर 1762 रहा, जबकि चीन की टीम का 1766।
    एथलेटिक्स में सिल्वर और ब्रॉन्ज

    विशाल टीके, पूवम्मा, मनु और विथ्या रामराज ने शानदार रनिंग की और रेस 3:14.46 में पूरी करके सिल्वर मेडल जीता। बहरीन ने 3:12.87 की गेम्स रिकॉर्ड टाइमिंग के साथ गोल्ड मेडल जीता और वियतनाम ने 3:14.54 में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।

    सीमा ने अपनी 10,000m रेस 32:50.05 में पूरी करके शानदार ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 32:39.18 में गोल्ड मेडल जीता और जापान की नोज़ोमी तनाका ने 32:41.54 में सिल्वर मेडल जीता।
    शूटिंग में आया एक और ब्रॉन्ज

    मिक्स्ड टीम स्कीट में, भारत के अनंतजीत नरुका और परिनाज धालीवाल ने कतर को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि चीन और साउथ कोरिया ने गोल्ड और सिल्वर मेडल जीता।
    रोइंग में जीता ब्रॉन्ज

    पुरुषों की सतनाम सिंह और सलमान खान की डबल्स स्कल्स जोड़ी 500m, 1000m और 1500m में दूसरे स्थान पर थी, लेकिन आखिर में पिछड़ गई और विजेताओं से 3.48 सेकंड पीछे रहकर ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।
    वुशु में सिल्वर

    रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्स में लगातार सिल्वर मेडल जीते, क्योंकि वह महिलाओं की सैंडा 60kg की फ़ाइनल में चीन की झांग शियाओयू से हार गईं। मणिपुर की एथलीट ने 2022 हांग्जो एशियाड में भी सिल्वर मेडल जीता था।
    वेटलिफ्टिंग में चकमीं मीराबाई चानू

    कुल 198kg (स्नैच में 87kg, क्लीन एंड जर्क में 111kg) उठाकर, मीराबाई चानू ने अपना पहला एशियन गेम्स मेडल जीता है, वह सिर्फ़ तीन बार की गोल्ड मेडलिस्ट नॉर्थ कोरिया की री सोंग गम से पीछे हैं, जिन्होंने 215kg उठाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा।
    बैडमिंटन में भी आया ब्रॉन्ज

    सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी अकेले विजेता रहे, क्योंकि लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और अर्जुन-हरिहरन की जोड़ी हार गई, क्योंकि चीन ने पुरुष टीम सेमीफ़ाइनल में भारत को 3-1 से हरा दिया।
    सॉफ्ट टेनिस में जय मीना ने जीता ब्रॉन्ज

    जय मीना पुरुषों के सॉफ्ट टेनिस इंडिविजुअल सेमीफ़ाइनल में ताकुया कुरोसाका से हार गए।
    महिला और पुरुष टीमों ने स्कीट में जीता ब्रॉन्ज

    राइज़ा ढिल्लन, परिनाज़ धालीवाल और माहेश्वरी चौहान की भारतीय महिला स्कीट टीम ने महिलाओं के स्कीट इवेंट में कुल 331 अंकों के साथ ब्रॉन्ज़ जीता। भारत चीन से पीछे रहा, जिसने 346 अंकों के साथ गोल्ड जीता, कज़ाकिस्तान दूसरे स्थान पर रहा।
    भारतीय पुरुषों की स्कीट टीम ने BRONZE जीता

    इसके तुरंत बाद, अनंतजीत सिंह नरुका, मैराज अहमद खान और भावतेग सिंह की भारतीय पुरुषों की स्कीट टीम ने पुरुषों के स्कीट इवेंट में कुल 346 अंकों के साथ BRONZE जीता। भारत कतर से पीछे रहा, जिसने 353 अंकों के साथ गोल्ड जीता, जबकि कुवैत 348 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

    क्रिकेट में आया पहला गोल्ड

    इंडियन विमेंस टीम ने श्रीलंका को 148 रन से हराकर 2026 एशियाड का देश का पहला गोल्ड मेडल जीता। स्मृति मंदाना ने 45 बॉल में 79 रन बनाकर शानदार प्रदर्शन किया, जिससे इंडिया ने 20 ओवर में 216/3 का बड़ा स्कोर बनाया। दीप्ति शर्मा के तीन विकेट की मदद से श्रीलंका 15.4 ओवर में 69 रन पर ऑल आउट हो गई।
    शूटर्स का दबदबा

    हिमांशु ढिल्लों ने पुरुषों की इंडिविजुअल 10m एयर राइफल में सिल्वर जीता

    हिमांशु ने रुद्रांक्ष को पीछे छोड़ने के लिए आखिर में बढ़त बनाई, लेकिन यह बहुत कम और बहुत देर हो चुकी थी, जिससे डिफेंडिंग चैंपियन शेंग लिहाओ को अपना गोल्ड बचाने में मुश्किल हुई। हिमांशु के लिए सिल्वर, 231.0

    रुद्रांक्ष पाटिल ने पुरुषों की इंडिविजुअल 10m एयर राइफल में ब्रॉन्ज़ जीता

    रुद्रांक्ष, जो फाइनल के शुरुआती स्टेज में आगे चल रहे थे, आखिर में 230.9 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज़ जीतने के लिए पीछे रह गए।

    रुद्रांक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों, पार्थ माने – पुरुषों की 10m एयर राइफल टीम में सिल्वर

    भारत चीन से पीछे रहा, जिसमें रुद्रांक्ष आगे चल रहे थे, और तीसरे स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। हिमांशु सातवें स्थान पर रहे (इंडिविजुअल फाइनल में भी), और पार्थ 11वें स्थान पर रहे और इंडिविजुअल फाइनल से चूक गए।
    MMA में आया ब्रॉन्ज मेडल

    सुचिका तारियाल – ट्रेडिशनल 60kg MMA इवेंट में BRONZE.

    36 साल की यह मुक्केबाज़ सेमीफ़ाइनल में सिंगापुर की हुई हून तेओ से कड़े मुकाबले में हार गईं।
    शूटिंग में दो सिल्वर मेडल से हुई थी शुरुआत

    एलावेनिल वालारिवन – महिलाओं की 10m एयर राइफल में सिल्वर

    10m एयर राइफल इंडिविजुअल फाइनल के तीसरे आखिरी शॉट तक आगे रहने के बाद, एलावेनिल वालारिवन आखिर में जापान की हिनाता ताइची गेम्स रिकॉर्ड की कोशिश से गोल्ड मेडल से हार गईं। एलावेनिल ने 252.4 पर फिनिश किया, हिनाता ने 253.0 पर हिट किया

    एलावेनिल वालारिवन, सोनम मस्कर और विदरसा विनोद – महिलाओं की 10m एयर राइफल टीम में सिल्वर

    भारत ने ऐची-नागोया एशियन गेम्स में अपने शूटिंग कैंपेन की शानदार शुरुआत की, महिलाओं की 10m एयर राइफल टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। एलावेनिल वालारिवन, सोनम मस्कर और विदरसा विनोद ने कुल 1898.0 पॉइंट्स बनाकर चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहीं, जो 1904.2 के वर्ल्ड-रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्टैंडिंग में टॉप पर था।