Author: NewseDay

  • अमरावत खुर्द स्कूल में विद्यार्थियों को मिले स्कूली बैग, राज्यमंत्री गौर ने शिक्षा के महत्व पर दिया जोर

    अमरावत खुर्द स्कूल में विद्यार्थियों को मिले स्कूली बैग, राज्यमंत्री गौर ने शिक्षा के महत्व पर दिया जोर

    शिक्षा से होगी तरक्की की राह प्रशस्त, बच्चों को नियमित रूप से भेजें स्कूल: राज्यमंत्री  गौर

    शासकीय माध्यमिक शाला अमरावत खुर्द में कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों को वितरित किए स्कूली बैग

    भोपाल

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने सोमवार को शासकीय माध्यमिक एकीकृत शाला, अमरावत खुर्द में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों को स्कूली बैग वितरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में सर्वांगीण विकास और प्रगति का मूल आधार है। जो विद्यार्थी निष्ठा एवं लगन से विद्या अध्ययन करता है, वह तरक्की और सफलता के नए शिखरों को स्पर्श करता है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें नियमित रूप से विद्यालय अवश्य भेजें, शिक्षित एवं गुणी बाल-पीढ़ी ही अपने परिवार के जीवन स्तर को उन्नत बनाने के साथ समाज और राष्ट्र के नवनिर्माण में महती भूमिका निभाती है।

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने उपस्थित विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद स्थापित कर उन्हें लगनपूर्वक अध्ययन करने तथा जीवन में उच्च लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गुरुजनों का सम्मान करने वाले तथा अनुशासित रहकर शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को जीवन में सफलता प्राप्त करने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने विद्यालय परिसर में मध्याह्न भोजन व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर विद्यालय के संचालन की समयबद्धता, पठन-पाठन का स्तर और भोजन की गुणवत्ता एवं पर्याप्तता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

    कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने शिक्षक वर्ग से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षकों का पावन कर्तव्य विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण कर उनके जीवन को सही दिशा प्रदान करना है। यदि शिक्षक अपने शिष्यों को सुसंस्कृत और योग्य नागरिक बनाने में सफल होते हैं, तभी उनकी शिक्षण साधना वास्तविक अर्थों में सार्थक सिद्ध होती है। उन्होंने बल देकर कहा कि आने वाली पीढ़ी को शिक्षित, संस्कारवान और उत्तरदायी नागरिक बनाने के लिए परिवार, शिक्षक और समाज को समन्वित प्रयास करने होंगे, जिससे सशक्त समाज और विकसित भारत की सुदृढ़ नींव बाल-मन में रोपे गए एवं सुसंस्कारों पर ही आधारित है।

     

  • युवा मतदाताओं से CM यादव की अपील, लोकतंत्र मजबूत करने के लिए वोटर लिस्ट में नाम जरूर जुड़वाएं

    युवा मतदाताओं से CM यादव की अपील, लोकतंत्र मजबूत करने के लिए वोटर लिस्ट में नाम जरूर जुड़वाएं

    लोकतंत्र की मजबूती में हर जागरूक मतदाता की भागीदारी बेहद जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    18 वर्ष पूरा कर चुके युवा साथी मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य कराएं दर्ज

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह बेहद जरूरी है कि मतदाता सूची भी अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय हो। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें। फॉर्म 6 और डिक्लेरेशन सहित पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित है। सही जानकारी के लिए सिर्फ निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया पर ही विश्वास करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के युवाओं से अपील की है कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी युवा अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं और प्रत्येक नागरिक अपने नाम की भी पुष्टि करे। उन्होंने कहा कि "आईए, हम अपनी जिम्मेदारी निभाएं और एक विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें।"

     

  • यूपी में 2100 से अधिक कैंटीन बनीं आत्मनिर्भरता की ‘प्रेरणा’, दस हजार परिवारों का बनीं सहारा

    यूपी में 2100 से अधिक कैंटीन बनीं आत्मनिर्भरता की ‘प्रेरणा’, दस हजार परिवारों का बनीं सहारा

    लखनऊ

    सरकारी दफ्तरों में आने-जाने वाले लोगों की रोजाना की आवाजाही अब ग्रामीण महिलाओं की कमाई का जरिया बन रही है। उत्तर प्रदेश में 2100 से अधिक प्रेरणा कैंटीन स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रोजगार और कारोबार का नया मंच बन चुकी हैं। इसके साथ ही आज ये दस हजार परिवारों का सहारा बन गई हैं। 

    विकास भवन, कलेक्ट्रेट और ब्लॉक कार्यालयों जैसे सरकारी परिसरों में संचालित इन कैंटीनों ने समूहों के लिए स्थानीय स्तर पर स्थायी बाजार तैयार किया है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के सहयोग से संचालित इस पहल के जरिये महिलाओं को अपने ही क्षेत्र में कारोबार का अवसर मिल रहा है।

    रोज की फुटफॉल बन रही कमाई का आधार

    प्रेरणा कैंटीनों के लिए सरकारी कार्यालयों की रोजाना की फुटफॉल कारोबार का आधार बन रही है। कर्मचारियों और आगंतुकों की आवाजाही से कैंटीनों को स्थानीय ग्राहक मिल रहे हैं। इससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को रोजगार के साथ कारोबार चलाने का अनुभव भी मिल रहा है। खास बात यह है कि इसके लिए समूहों को दूर बाजार तलाशने के बजाय सरकारी परिसरों में ही कारोबार का मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।

    गांव के समूहों के लिए खुला नया बाजार

    प्रेरणा कैंटीनों का विस्तार विकासखंड स्तर तक होने से गांव के स्वयं सहायता समूहों को स्थानीय स्तर पर कारोबार का अवसर मिल रहा है। सरकारी परिसरों को ग्रामीण आजीविका से जोड़ते हुए यहां समूहों के उत्पादों और सेवाओं के लिए नया बाजार तैयार हुआ है। इस पहल से महिलाओं को केवल कैंटीन संचालन तक सीमित न रखकर उन्हें उद्यमिता से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।

    कलेक्ट्रेट से स्वास्थ्य केंद्रों तक नेटवर्क

    प्रेरणा कैंटीनों का नेटवर्क सरकारी कार्यालयों के साथ स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच चुका है। विकास भवन, कलेक्ट्रेट और ब्लॉक कार्यालयों के अलावा पीएचसी और सीएचसी परिसरों में भी कैंटीन संचालित की जा रही हैं। इससे सरकारी कार्यालयों में आने वाले कर्मचारियों और आगंतुकों के साथ स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले लोगों को भी भोजन और नाश्ते की सुविधा मिल रही है। इस विस्तार ने स्वयं सहायता समूहों के लिए रोजगार के दायरे को और बढ़ाया है। कैंटीनों को व्यवस्थित रूप देने और महिलाओं को बेहतर सुविधाओं के साथ कारोबार संचालित करने का अवसर देने पर जोर है। मॉडल कैंटीन के माध्यम से रोजगार को आगे कारोबार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

    किफायती भोजन के साथ सेवा भी : अरुण कुमार

    उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि प्रेरणा कैंटीनों के माध्यम से कर्मचारियों और आगंतुकों को स्वच्छ, पौष्टिक और घर जैसा किफायती भोजन व नाश्ता उपलब्ध कराया जा रहा है। इस तरह कैंटीनें एक ओर सरकारी परिसरों की जरूरत पूरी कर रही हैं तो दूसरी ओर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रोजगार का माध्यम बन रही हैं।

    रोजगार, सेवा और बाजार तीनों को एक मंच

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तीकरण के विजन के अनुरूप प्रेरणा कैंटीनों का यह विस्तार ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरकारी परिसरों की नियमित जरूरत और ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को जोड़कर तैयार हुआ यह मॉडल रोजगार, सेवा और बाजार तीनों को एक साथ मंच दे रहा है।

  • शिक्षा से होगी तरक्की की राह प्रशस्त, बच्चों को नियमित रूप से भेजें स्कूल: राज्यमंत्री गौर

    शिक्षा से होगी तरक्की की राह प्रशस्त, बच्चों को नियमित रूप से भेजें स्कूल: राज्यमंत्री गौर

    भोपाल

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने सोमवार को शासकीय माध्यमिक एकीकृत शाला, अमरावत खुर्द में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों को स्कूली बैग वितरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में सर्वांगीण विकास और प्रगति का मूल आधार है। जो विद्यार्थी निष्ठा एवं लगन से विद्या अध्ययन करता है, वह तरक्की और सफलता के नए शिखरों को स्पर्श करता है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें नियमित रूप से विद्यालय अवश्य भेजें, शिक्षित एवं गुणी बाल-पीढ़ी ही अपने परिवार के जीवन स्तर को उन्नत बनाने के साथ समाज और राष्ट्र के नवनिर्माण में महती भूमिका निभाती है।

    राज्यमंत्री  गौर ने उपस्थित विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद स्थापित कर उन्हें लगनपूर्वक अध्ययन करने तथा जीवन में उच्च लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गुरुजनों का सम्मान करने वाले तथा अनुशासित रहकर शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को जीवन में सफलता प्राप्त करने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती। राज्यमंत्री  गौर ने विद्यालय परिसर में मध्याह्न भोजन व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर विद्यालय के संचालन की समयबद्धता, पठन-पाठन का स्तर और भोजन की गुणवत्ता एवं पर्याप्तता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

    कार्यक्रम में राज्यमंत्री  गौर ने शिक्षक वर्ग से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षकों का पावन कर्तव्य विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण कर उनके जीवन को सही दिशा प्रदान करना है। यदि शिक्षक अपने शिष्यों को सुसंस्कृत और योग्य नागरिक बनाने में सफल होते हैं, तभी उनकी शिक्षण साधना वास्तविक अर्थों में सार्थक सिद्ध होती है। उन्होंने बल देकर कहा कि आने वाली पीढ़ी को शिक्षित, संस्कारवान और उत्तरदायी नागरिक बनाने के लिए परिवार, शिक्षक और समाज को समन्वित प्रयास करने होंगे, जिससे सशक्त समाज और विकसित भारत की सुदृढ़ नींव बाल-मन में रोपे गए एवं सुसंस्कारों पर ही आधारित है।

     

  • केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा गुजरात के नर्मदा में दो दिवसीय आयोजन

    केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा गुजरात के नर्मदा में दो दिवसीय आयोजन

    रायपुर

    उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव गुजरात के नर्मदा में आज से शुरू हुए सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर में शामिल हुए। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा “गतिशक्ति से प्रगति” थीम पर इसका आयोजन किया गया है। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी ने चिंतन शिविर का शुभारंभ किया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री  हर्ष मल्होत्रा भी इस दौरान मौजूद थे।

    देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सड़क निर्माण से जुड़े विभागों के मंत्री, अधिकारी, विशेषज्ञ एवं नीति निर्माता इस राष्ट्रीय चिंतन शिविर में भागीदारी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री  साव के साथ लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी, अपर सचिव  एस.एन. वास्तव और राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता  ज्ञानेश्वर कश्यप भी चिंतन शिविर में हिस्सा ले रहे हैं।

    चिंतन शिविर में भाग ले रहे विभिन्न राज्यों के मंत्रियों, अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं नीति निर्माताओं ने आज तीन सत्रों में भविष्य में बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की डिजाइन, गुणवत्ता, रोड सेफ्टी और परियोजना प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में रायपुर से जगदलपुर, बिलासपुर से रायगढ़, कटघोरा से अंबिकापुर और रायपुर से सारंगढ़ तक फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्गों की कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है।  चिंतन शिविर में निर्धारित किए जाने वाले फ्रेमवर्क्स से इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।

    राष्ट्रीय चिंतन शिविर के पहले दिन आज विभिन्न सत्रों में “पीएम गतिशक्ति—समन्वित और प्रभावी परियोजना क्रियान्वयन के लिए एकीकृत अधोसंरचना नियोजन”, “भूमि अधिग्रहण में तेजी और भूमि राशि का प्रभावी उपयोग” तथा “सुदृढ़ परियोजना क्रियान्वयन और रेटिंग के लिए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट फ्रेमवर्क” पर गहन विचार-विमर्श किया गया। चिंतन शिविर के दूसरे दिन 6 अक्टूबर को “सुरक्षित राजमार्गों का डिजाइन—मानकों से क्रियान्वयन तक” और “गुणवत्ता आश्वासन एवं परियोजना मॉनिटरिंग” पर मंथन किया जाएगा।

  • तटबंध टूटने पर सरकार सख्त, 7 इंजीनियरों पर गिरी कार्रवाई की गाज; जानें पूरा मामला

    तटबंध टूटने पर सरकार सख्त, 7 इंजीनियरों पर गिरी कार्रवाई की गाज; जानें पूरा मामला

    पटना
    गंडक नदी में रिकॉर्ड पानी आने से तटबंध टूटने की घटनाओं और इस मामले में अभियंताओं की लापरवाही पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। जल संसाधन विभाग ने सारण और गोपालगंज मे तैनात सात अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता पर अनुशासनिक कार्रवाई चलाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के स्तर पर बाढ़ की स्थिति की समीक्षा बैठक के बाद अभियंताओं पर सरकार ने कार्रवाई की है।

    जिन सात अभियंताओं को निलंबित किया गया है, उनमें दो कार्यपालक अभियंता, तीन सहायक अभियंता और दो कनीय अभियंता हैं। इन पर गंडक नदी में आई बाढ़ के दौरान आकस्मिक कार्य योजना को धरातल पर लागू करने में शिथिलता तथा मैटेरियल एवं संसाधनों के प्रबंधन में लापरवाही का आरोप है। इस साल 28 सितंबर से एक अक्तूबर के बीच 13 जगहों पर गंडक का तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ, जिससे बड़े इलाके में बाढ़ का पानी फैल गया।

    जल संसाधन विभाग के अनुसार, ⁠नेपाल और उत्तरप्रदेश में हुई भारी बारिश के कारण गंडक नदी में अभूतपूर्व जलस्राव हुआ। नेपाल के देवघाट में गंडक नदी का जलस्तर ऐतिहासिक उच्चतम स्तर को पार करते हुए नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया।

    गंडक नदी का जलस्तर बिहार के चार स्थलों- बगहा, डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज में अपने पुराने उच्चतम जलस्तर को पार करते हुए नया रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इससे गंडक का तटबंध कई स्थलों पर क्षतिग्रस्त हो गया। ⁠क्षतिग्रस्त तटबंधों का विभाग के वरीय पदाधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञ टीम के द्वारा स्थल निरीक्षण कर उससे निपटने के लिए आकस्मिक कार्य योजना पर कार्य करने हेतु निदेशित किया गया। परंतु कुछ स्थानीय अभियंताओं द्वारा इसके क्रियान्वयन में शिथिलता एवं लापरवाही बरती गयी। यही नहीं, तटबंध क्षतिग्रस्त होने की आकस्मिक परिस्थिति के अनुरूप तात्कालिक प्रतिक्रिया में विलंब किया गया तथा ब्रीच स्थल पर उपस्थित रह कर मटेरियल और मैनपावर के साथ कट-एंड को प्रोटेक्ट करने का प्रयास करने के बजाय स्थल से हट जाया गया।

    आकस्मिक कार्य योजना लागू करने में शिथिलता
    विभाग का कहना है कि आकस्मिक कार्य योजना को धरातल पर लागू करने में शिथिलता पायी गई तथा मैटेरियल एवं संसाधनों के प्रबंधन में भी लापरवाही बरती गई। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय का अभाव पाया गया। कुछ अभियंताओं की कार्यशैली के विरुद्ध भारी जनाक्रोश देखने को मिला। स्थल निरीक्षण एवं प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर जल संसाधन विभाग के आठ अभियंताओं के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही शुरू करने का निर्णय लिया।

    शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी : विभाग
    विभाग ने साफ कहा है कि आपदाजन्य आकस्मिक परिस्थिति में कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता एवं लापरवाही अक्षम्य है और इसके विरुद्ध सख़्त कार्यवाई होगी। विभाग के अनुसार फिलहाल गंडक के तटबंधों पर अब दबाव नहीं है तथा सीपेज/पाइपिंग की समस्या भी अब नहीं है। तटबंध के ब्रीच स्थलों पर पर्याप्त मटेरियल स्टॉक कर कट-एंड को प्रोटेक्ट करने तथा टैगिंग का काम जारी है।

    ये निलंबित किये गये
    संतोष कुमार प्रभाकर, कार्यपालक अभियंता, छपरा

    मो. साजिद इकबाल, कार्यपालक अभियंता, गोपालगंज

    सुनील कुमार, सहायक अभियंता, छपरा

    विनोद कुमार, सहायक अभियंता, छपरा

    मो. जावेद अंसारी, सहायक अभियंता, गोपालगंज

    चंद्रशेखर कुमार, कनीय अभियंता, छपरा

    विकास कुमार, कनीय अभियंता, गोपालगंज

    इन पर विभागीय कार्यवाही
    कुमार मनोज गुप्ता, मुख्य अभियंता, मुजफ्फरपुर

    (आरोप : चंपारण तटबंध के क्षतिग्रस्त होने एवं तदोपरांत की जाने वाली आकस्मिक प्रतिक्रिया में शिथिलता और लापरवाही)

  • पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में उत्तर प्रदेश बना देश में नंबर-1

    पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में उत्तर प्रदेश बना देश में नंबर-1

    लखनऊ

    प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 8,76,500 से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित कर संचयी इंस्टॉलेशन के मामले में गुजरात को पीछे छोड़ दिया है। इसके साथ ही योजना के तहत संचयी रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश की यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए किए जा रहे निरंतर एवं समन्वित प्रयासों का परिणाम है। 

    उत्तर प्रदेश में पिछले कई महीनों से प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की गति लगातार तेज रही है। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा, डिस्कॉम स्तर पर निरीक्षण एवं मीटरिंग की निगरानी, बैंकिंग फॉलोअप, वेंडर समन्वय तथा लंबित प्रकरणों के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। योजना मे यूपीनेडा द्वारा 8000 से अधिक वेंडर्स को इमपैनल्ड कर एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार भी दिया गया जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव जनपदों की राष्ट्रीय रैंकिंग मे देखा जा रहा है। प्रदेश के कुल 15 जनपद देश के टॉप 100 मे शामिल है जिसमे उल्लेखनीय रूप से जनपद लखनऊ देश मे प्रथम स्थान एवं जनपद वाराणसी देश मे दसवे स्थान पर है।

    प्रतिदिन 1.32 करोड़ यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली

    प्रदेश में स्थापित रूफटॉप सोलर क्षमता 2,942 मेगा वॉट से अधिक हो चुकी है। 4.5 यूनिट प्रति किलोवाट प्रतिदिन के मानक के आधार पर यह क्षमता प्रतिदिन 1.32 करोड़ यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली पैदा करने की क्षमता रखती है। ₹6.50 प्रति यूनिट के समतुल्य मूल्य पर यह बिजली ₹8.5 करोड़ से अधिक प्रतिदिन तथा ₹3,100 करोड़ से अधिक वार्षिक बिजली के बराबर है। इससे लाखों परिवारों को बिजली खर्च में राहत मिलने के साथ प्रदेश की ऊर्जा अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

    11,700 एकड़ से अधिक भूमि की बचत

    रूफटॉप सोलर की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यह है कि बिजली उत्पादन के लिए अलग से बड़े भू-भाग की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि यह घरों की छत पर लगाया जाता है। 4 एकड़ प्रति मेगा वॉट के मानक के आधार पर प्रदेश में स्थापित वर्तमान रूफटॉप सोलर क्षमता से 11,700 एकड़ से अधिक भूमि की बचत होती है। इस प्रकार घरों की छतों और उपलब्ध भवन संरचनाओं पर सौर संयंत्र लगाकर बड़े भू भाग के उपयोग की आवश्यकता कम की जा रही है, जिनका उपयोग अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा।

    34 लाख टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में कमी

    रूफटॉप सोलर से उत्पादित स्वच्छ बिजली के आधार पर प्रदेश में 34 लाख टन से अधिक वार्षिक CO₂ उत्सर्जन में कमी का अनुमान है। इस पर्यावरणीय लाभ को वृक्ष-समतुल्यता के रूप में देखें तो यह 15 करोड़ से अधिक पेड़ों द्वारा एक वर्ष में अवशोषित कार्बन के बराबर बैठता है। यह वृक्ष-समतुल्यता एक अनुमानात्मक पर्यावरणीय तुलना है।

     8,000 से अधिक वेंडर्स, 1 लाख से अधिक को प्रत्यक्ष रोजगार

    प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ने प्रदेश में बड़े पैमाने पर ग्रीन जॉब इकोसिस्टम तैयार किया है। 8,000 से अधिक यूपीनेडा वेंडर्स के माध्यम से सोलर सिस्टम की बिक्री, डिजाइन, इंजीनियरिंग, इंस्टॉलेशन, इलेक्ट्रिकल कार्य, कमीशनिंग और आफ्टर-सेल्स सर्विस से जुड़े क्षेत्रों में 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। वहीं योजना का रोजगार प्रभाव केवल वेंडर्स और इंस्टॉलेशन तक सीमित नहीं है। लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, लोडिंग-अनलोडिंग, सामग्री आपूर्ति, स्ट्रक्चर फैब्रिकेशन, सर्वेक्षण, साइट असेसमेंट, ग्राहक सेवा, मरम्मत एवं रखरखाव जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। इस प्रकार योजना ने प्रदेश में युवाओं के लिए ग्रीन स्किल और ग्रीन जॉब्स का एक नया बाजार तैयार किया है।

    केंद्र और राज्य की सब्सिडी से सीधे लाभार्थियों को लाभ

    इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश में केन्द्रीय सब्सिडी ₹5,722 करोड़ से अधिक तथा राज्य सब्सिडी ₹2,000 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता का प्रभाव सामने आया है। केंद्र और राज्य सरकार की वित्तीय सहायता का प्रत्यक्ष लाभ लाभार्थियों तक पहुंचने से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर अपनाना अधिक सुलभ हुआ है। रूफटॉप सोलर अब केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि परिवार के बिजली खर्च में कमी, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और घरेलू आर्थिक सशक्तीकरण का प्रभावी साधन बन रहा है।

    सूर्य घर से बदल रही है उत्तर प्रदेश की ऊर्जा अर्थव्यवस्था

    8,76,500 से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट, 2,942 मेगा वॉट से अधिक स्थापित क्षमता, प्रतिदिन 1.32 करोड़ से अधिक यूनिट स्वच्छ बिजली, 11,700 एकड़ से अधिक भूमि-संरक्षण का प्रभाव, 34 लाख टन से अधिक संभावित वार्षिक कार्बन बचत, 8,000 से अधिक वेंडर्स और 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना उत्तर प्रदेश में अब एक व्यापक ग्रीन इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन का आधार बन चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने रूफटॉप सोलर को जनभागीदारी, रोजगार, उद्योग, ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए देश के सामने एक प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है।

  • खेत से बाजार तक बढ़ेगी कमाई: गोपालगंज में तेल मिल-पैकेजिंग यूनिट के लिए योजना, लॉटरी से होगा चयन

    खेत से बाजार तक बढ़ेगी कमाई: गोपालगंज में तेल मिल-पैकेजिंग यूनिट के लिए योजना, लॉटरी से होगा चयन

     गोपालगंज
    कृषि उपज को खेत से बाजार तक तैयार उत्पाद के रूप में पहुंचाने की दिशा में जिले के किसानों के लिए नई पहल शुरू हुई है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में कच्ची घानी (कोल्ड प्रेस) तेल निष्कर्षण मिल की तीन और पैकेजिंग मशीन की तीन इकाइयां स्थापित कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    इच्छुक किसान 10 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत तिलहन फसलों की उपज का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण कर तेल तैयार करने और उसकी पैकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे किसानों को कच्ची उपज बेचने के बजाय प्रसंस्कृत उत्पाद के रूप में बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

    सामान्य वर्ग को 40, एससी-एसटी को 50 प्रतिशत अनुदान
    कच्ची घानी तेल निष्कर्षण मिल लगाने पर सामान्य श्रेणी के लाभुक को अधिकतम दो लाख रुपये या लागत का 40 प्रतिशत, जो भी कम हो, अनुदान मिलेगा। वहीं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभुकों को अधिकतम 2.50 लाख रुपये या लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।

    इसी प्रकार पैकेजिंग मशीन के लिए सामान्य श्रेणी के लाभुक को अधिकतम 1.20 लाख रुपये या लागत का 40 प्रतिशत तथा एससी-एसटी वर्ग के लाभुक को अधिकतम 1.50 लाख रुपये या लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा।

    लॉटरी से होगा लाभुकों का चयन
    निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर लाभुकों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। 14 अक्टूबर को लॉटरी होगी।

    इसके बाद चयनित आवेदकों का सत्यापन 15 से 23 अक्टूबर तक किया जाएगा। किसी कारण से चयनित किसान को योजना का लाभ नहीं मिलने पर प्रतीक्षा सूची में शामिल अगले आवेदक का चयन किया जाएगा।

    ऐसे करें आवेदन
    किसान बिहार कृषि एप-डीबीटी पोर्टल के माध्यम से योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कृषि विभाग का मानना है कि तेल निष्कर्षण और पैकेजिंग की सुविधा मिलने से स्थानीय कृषि उत्पादों का मूल्यवर्धन होगा तथा किसानों के लिए कृषि आधारित अतिरिक्त आय के अवसर बढ़ेंगे।

    योजना एक नजर में
        कच्ची घानी तेल मिल – तीन इकाइयां
        पैकेजिंग मशीन – तीन इकाइयां
        आवेदन की अंतिम तिथि – 10 अक्टूबर
        ऑनलाइन लाटरी – 14 अक्टूबर
        सत्यापन – 15 से 23 अक्टूबर
        आवेदन – बिहार कृषि एप-डीबीटी पोर्टल
        सामान्य वर्ग – 40 प्रतिशत तक अनुदान
        एससी/एसटी – 50 प्रतिशत तक अनुदान

    क्या कहते हैं अधिकारी?
        जिले में तीन तेल मिल व तीन पैकेजिंग यूनिट लगाने की योजना है। यूनिट लगाने पर किसानों को अनुदान दिया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन के लिए पोर्टल खुल गया है। – ललन कुमार सुमन, जिला कृषि पदाधिकारी

     

  • राजनांदगांव में रेलवे के विकास कार्यों को मिलेगी गति : डॉ. रमन सिंह

    राजनांदगांव में रेलवे के विकास कार्यों को मिलेगी गति : डॉ. रमन सिंह

    राजनांदगांव

     छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह जी ने राजनांदगांव में रेलवे से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों को लेकर SECR महाप्रबंधक (GM)  तरुण प्रकाश जी, महापौर  मधुसूदन यादव जी, पूर्व सांसद  अभिषेक सिंह जी, नागपुर DRM  दीपक गुप्ता जी एवं रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

    बैठक में राजनांदगांव शहर में रेलवे क्रॉसिंग से जुड़ी यातायात एवं आवागमन की समस्याओं के समाधान के लिए चल रहे एवं प्रस्तावित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।

    चिखली गेट (स्टेशन पारा) LC-460 एवं गौरीनगर गेट LC-459 पर अंडरब्रिज निर्माण का कार्य समाप्ति के चरण में है। कुछ कारणों से यह कार्य बीच में रुक गया था। रेलवे अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि रुके हुए कार्य को जल्द पुनः प्रारंभ कर शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।

    बैठक में बरगा, मुसरा एवं आलीवाड़ा क्षेत्र के रेलवे ओवरब्रिज की स्थिति पर भी चर्चा हुई। हाल ही में तेज बारिश के कारण ओवरब्रिज में आई दरारों को लेकर डॉ. रमन सिंह ने तत्काल जांच कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही बरगा रेलवे ओवरब्रिज में सर्विस रोड निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई जल्द पूर्ण करने के भी दिशानिर्देश दिए गए, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

    बैठक में परमालकसा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की आवश्यकता का विषय भी प्रमुखता से रखा गया। वर्तमान में ग्रामीण पानी निकासी के लिए बनी पुलिया के माध्यम से रेलवे पटरी पार करते हैं। रेलवे ट्रैक के दूसरी ओर खेत एवं स्कूल होने के कारण ग्रामीणों और विद्यार्थियों को प्रतिदिन आवागमन में परेशानी होती है। बारिश के दौरान पुलिया में पानी भर जाने से यह समस्या और गंभीर हो जाती है।

    डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव में रेलवे से जुड़े विकास कार्य केवल यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये आम नागरिकों की सुरक्षा, सुविधा और क्षेत्र के समग्र विकास से सीधे जुड़े हैं। अंडरब्रिज, ओवरब्रिज और सर्विस रोड जैसे कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए रेलवे अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर कार्यों को गति दी जाएगी।

    उन्होंने कहा कि राजनांदगांव की जनता को सुरक्षित, सुगम और बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। जनहित से जुड़े रेलवे के आवश्यक कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र क्रियान्वयन के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।

  • कृषि विभाग ने प्रदेश में किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है

    कृषि विभाग ने प्रदेश में किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि विभाग ने प्रदेश में किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है। कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और समर्पण का परिणाम है कि आज मध्यप्रदेश देश की फूड बॉस्केट बन चुका है। परम्परागत खेती से लेकर तकनीकी नवाचार और उद्योग तक विभाग के कर्मचारी-अधिकारी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। प्रदेश में कृषि विभाग सिर्फ डिपार्टमेंट का नाम नहीं यह, डेवलपमेंट का भी नाम है। कृषि में ही मध्यप्रदेश का विकास छुपा है, इस दृष्टि से मध्यप्रदेश की सुख-समृद्धि का रास्ता कृषि विभाग से होकर जाता है। प्रदेश के माथे से बीमारू राज्य का कलंक हटाने में बड़ी भूमिका कृषि विभाग की रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ही टीम है जो सरकार की कृषि योजनाओं और नीतियों को फाईलों से निकालकर खेत की मेढ़ों तक पहुंचाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के पदोन्नत शासकीय सेवकों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभिनंदन और उनके आभार प्रदर्शन के लिए आयोजित कार्यक्रम को रवींद्र भवन में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक स्वरूप हल भेंटकर तथा फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर ई-विकास, डिजिटल एग्रीकल्चर, भावांतर भुगतान योजना पर कार्यशाला सह प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया।  

     राज्य सरकार हर कदम पर कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति से उन्हें स्वयं को बहुत संतोष है। यह गर्व की बात है कि पदोन्नति के लिए एक दशक की लंबी प्रतीक्षा के बाद भी विभागीय अमले ने काम के प्रति अपने समर्पण को काम नहीं होने दिया। राज्य सरकार ने एक साथ 3 हजार 357 शासकीय सेवकों को पदोन्नति का लाभ दिया है। इसमें किसान कल्याण और कृषि विभाग के 1 हजार 725, मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के 1 हजार 439, कृषि अभियांत्रिकी के 149, बीज प्रमाणीकरण के 36 और बीज निगम के 8 कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। इसके साथ ही 44 युवाओं को सहायक वर्ग-3 के रूप में अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। राज्य सरकार हर कदम पर विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ है।

    प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। उन्होंने पिछले 12 वर्ष के कार्यकाल में कठिन से कठिन फैसले लेकर भारत को नए दौर में पहुंचाया है। जापान में कल ही संपन्न हुए एशियन गेम्स 2026 में पदकों की संख्या के आधार पर भारत को चौथा स्थान हासिल हुआ है। हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में दुनिया की दिग्गज टीमों और उनके खिलाड़ियों को परास्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम जियो और जीने दो के भाव पर आगे बढ़ने वाले लोग हैं। कृषि के आधार पर हमारी जीवनशैली शाकाहार को प्रोत्साहित करती है। खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने दुनिया को बताया है कि शाकाहारी रहते हुए भी शरीर को तंदुरुस्त रखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार की ओर से सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने विभागों के बीच व्यवस्थाओं के संचालन को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया है। इस वर्ष प्रदेश पौने 14 लाख किसानों से 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन कर देश में प्रथम स्थान पर रहा है।

     अगले वर्ष में 1 लाख से अधिक पदों पर नई भर्ती की जाएगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निकट भविष्य में अनुकंपा नियुक्ति की कोई पेंडेंसी नहीं रहेगी। सभी विभागों में पदोन्नति के लिए डीपीसी हर साल करवाई जाएगी, पदोन्नति से रिक्त पदों को समय से भरने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया भी लगातार चल रही है। इस वर्ष कृषि विभाग के अंतर्गत मंडी बोर्ड में 600 मंडी निरीक्षक, 50 उपयंत्री, 30 सचिव, 100 डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित कुल 1500 से अधिक पदों पर नयी भर्ती वर्ष 2026 में पूरी कर ली जाएगी। हमारी सरकार ने अब तक 85 हजार से अधिक शासकीय पदों पर युवाओं को नौकरी दी है। अगले वर्ष में 1 लाख से अधिक पदों पर नई भर्ती करने का लक्ष्य है।

    प्रदेश के अन्नदाता की भावनाओं को भलीभांति समझते हैं किसान पुत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्मचारियों की परेशानी को समझा और पदोन्नति देकर उसे दूर भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं किसान पुत्र हैं, वे प्रदेश के अन्नदाता की भावनाओं को भलीभांति समझते हैं। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों की आय दोगुना करने के लिए दृढ़संकल्पित है। मंत्री  कंषाना ने कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से किसान कल्याण के लिए लागू की गईं योजनाओं को शत-प्रतिशत जमीन पर उतारने का आहवान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अडिगता और स्पष्ट निर्णयों से पदोन्नतियों का रास्ता हुआ साफ

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के सचिव  निशांत वरवड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अडिगता और स्पष्ट निर्णयों के फलस्वरूप 10 वर्ष से अधिक समय से बंद पदोन्नतियों का रास्ता साफ हुआ। कृषि विभाग में पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया जारी है। कृषक कल्याण वर्ष में अन्नदाता की समृद्धि के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारी-कर्मचारियों को भी बड़ी सौगात दी है। कृषि विभाग के सभी कर्मचारी कृषक कल्याण वर्ष को सफल बनाने के लिए संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। कृषि संचालक  उमाशंकर भार्गव ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित सभी अथितियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।