Author: NewseDay

  • योगी की मौजूदगी में बीजेपी के 8 प्रत्याशियों ने भरा पर्चा, UP राज्यसभा चुनाव में सबकी जीत पक्की

    योगी की मौजूदगी में बीजेपी के 8 प्रत्याशियों ने भरा पर्चा, UP राज्यसभा चुनाव में सबकी जीत पक्की

    राज्यसभा चुनाव

    मुख्यमंत्री योगी की उपस्थिति में भाजपा प्रत्याशियों ने किया नामांकन 

    भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से उतारे हैं आठ प्रत्याशी 

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सान्निध्य में राज्यसभा चुनाव के लिए मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के सभी आठों प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। नामांकन के आखिरी दिन भाजपा प्रत्याशी धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान, श्रुति गंगवार ने विधान भवन में नामांकन दिया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं। 

    पर्चा दाखिला के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री/भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, योगी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, राकेश सचान, आशीष पटेल, डॉ. संजय निषाद, कपिलदेव अग्रवाल, जेपीएस राठौर, दिनेश प्रताप सिंह, गिरीश चंद्र यादव, ब्रजेश सिंह, सतीश चंद्र शर्मा, रजनी तिवारी, बलदेव सिंह औलख आदि मौजूद रहे।

    बीजेपी के 8 और सपा के 2 प्रत्याशी की जीत पक्की
    इससे पहले समाजवादी पार्टी के दो प्रत्याशी प्रोफेसर रामगोपाल यादव और उद्योगपति धनंजय परिमल नाथवानी नामांकन दाखिल कर चुके हैं। सपा के पास तीसरी सीट के लिए जरूरी संख्या नहीं थी। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारने का संकेत देते हुए कहा था कि अब उनकी निगाह तीन पर नहीं, बल्कि 403 पर है। ऐसे में राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।

    सभी नए चेहरों को बनाया प्रत्याशी
    आपको बता दें भाजपा ने किसी भी मौजूदा राज्यसभा सांसद को रिपीट नहीं किया गया है। भाजपा ने मंत्री धर्मपाल सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल, पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत, प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार को प्रत्याशी बनाया है। राधाकांत ओझा सपा सरकार में मंत्री रहे प्रतापगढ़ निवासी शिवाकांत ओझा के छोटे भाई हैं। पार्टी ने ओबीसी वर्ग से तीन, दलित से दो, ब्राह्मण दो और एक ठाकुर चेहरे पर दांव लगाया है।

    वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यसभा के सभी आठों प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कहा कि घोषित हुए सभी सम्मानित प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई। वहीं डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी बधाई दी।

  • ‘खून, पसीना, त्याग और गर्व…’, भावुक हुईं हरमनप्रीत कौर, टीम इंडिया की कप्तानी को कहा अलविदा

    ‘खून, पसीना, त्याग और गर्व…’, भावुक हुईं हरमनप्रीत कौर, टीम इंडिया की कप्तानी को कहा अलविदा

    नई दिल्ली
    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप विजेता कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने मंगलवार को भारतीय टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का एलान किया। हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन अब वह बतौर खिलाड़ी आगे बढ़ना चाहती हैं। हरमनप्रीत ने अपने संदेश में लिखा, 'आज मैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ रही हूं। यह आसान फैसला नहीं है। इसमें वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल जुड़े हैं, जो जिंदगी भर मेरे साथ रहेंगे।

    कप्तानी में हरमनप्रीत का लंबा सफर
    37 वर्षीय हरमनप्रीत ने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत की कप्तानी की है। कप्तान के रूप में उनका आखिरी काम पिछले महीने निशिन में भारतीय टीम को लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक दिलाना रहा।

    फैसले से एक दिन पहले हुई अहम बैठक
    हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने का फैसला उस बैठक के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने भारतीय टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार के साथ बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया से मुलाकात की थी। गुवाहाटी में हुई इस बैठक में भारतीय महिला टीम के आगे के रोडमैप को लेकर चर्चा हुई थी।

    टीम के लिए खुद की महत्वाकांक्षाएं पीछे रखीं
    हरमनप्रीत ने कहा कि उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट और टीम के लिए अपना सब कुछ दिया। कई मौकों पर उन्होंने अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, विकास और निजी महत्वाकांक्षाओं को भी टीम के हित में पीछे रखा। उन्होंने लिखा, 'मैंने इस टीम और भारतीय महिला क्रिकेट को अपना खून, पसीना और समय दिया है। कई बार अपने खेल और निजी महत्वाकांक्षाओं का एक हिस्सा भी पीछे रखा, क्योंकि मेरा मानना था कि टीम सबसे पहले है।' कप्तान के तौर पर लिए गए फैसलों को लेकर होने वाली आलोचनाओं का भी उन्होंने जिक्र किया। हरमनप्रीत ने कहा कि कई फैसले मुश्किल थे और हमेशा समझे नहीं गए, लेकिन उनका एक ही उद्देश्य था—टीम को बेहतर बनाना और दूसरी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देना।

    हार से लेकर विश्व कप जीत तक सब देखा
    हरमनप्रीत ने भारतीय टीम के साथ अपने सफर के उतार-चढ़ाव को याद किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने निराशा, दिल टूटने, आलोचना और मुश्किल दौर देखे, लेकिन इसके साथ जीत, जश्न और देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व भी महसूस किया। उन्होंने लिखा, 'मैंने सबसे बुरे दौर, दिल टूटने, आलोचना और संदेह देखे हैं। मैंने सबसे ऊंचे पल भी देखे हैं, जीत, जश्न और देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व।' विश्व कप जीत के बाद कप्तानी छोड़ने का उनका फैसला इसलिए भी खास है क्योंकि वह अब टीम को सही दिशा में मान रही हैं।

    'मैंने अपनी ड्यूटी पूरी कर दी'
    हरमनप्रीत ने कहा कि वह कप्तानी छोड़ते समय भावुक हैं, लेकिन उनके मन में शांति है। उन्हें भरोसा है कि भारतीय टीम के पास प्रतिभा, चरित्र और भविष्य के लिए मजबूत आधार मौजूद है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि मैंने अपनी ड्यूटी पूरी कर दी है। मैंने इस टीम को अपना सब कुछ दिया। मैंने इस जिम्मेदारी को गर्व के साथ निभाया और भारतीय महिला क्रिकेट की अगुआई करने के विशेषाधिकार के लिए हमेशा आभारी रहूंगी।'

    कप्तानी खत्म, सफर जारी
    हरमनप्रीत ने साफ किया कि कप्तानी छोड़ने का मतलब क्रिकेट से दूरी बनाना नहीं है। उन्होंने कहा कि अब वह खेल को एक अलग नजरिए से जीना चाहती हैं। उनका संदेश था, 'कप्तानी आज खत्म हो रही है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी खत्म नहीं होगा। अब मैं फिर से खेल के प्यार के लिए खेलने को तैयार हूं।' उन्होंने अपने साथियों, कोचिंग स्टाफ, प्रबंधन, बीसीसीआई, परिवार और प्रशंसकों का भी धन्यवाद किया। अपने संदेश का अंत उन्होंने इन शब्दों से किया- 'खून। पसीना। त्याग। गर्व। मैंने अपना सब कुछ दे दिया। अब सफर जारी है।'

  • इनोवेशन और इंडस्ट्री का नया हब बनेगा हरियाणा? सिंगापुर के साथ निवेश को लेकर बड़ा

    इनोवेशन और इंडस्ट्री का नया हब बनेगा हरियाणा? सिंगापुर के साथ निवेश को लेकर बड़ा

     चंडीगढ़
    सिंगापुर के निवेशकों ने हरियाणा में लाजिस्टिक्स, शहरी विकास, तकनीकी, विनिर्माण और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई है। साथ ही डाटा सेंटर, रक्षा क्षेत्र, आधारभूत ढांचे और हाउसिंग परियोजनाओं में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन सोमवार को सिंगापुर इंडिया नेटवर्क फार ग्रोथ फोरम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ उद्यमियों संग चर्चा की।

    मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा को भारत की नवाचार राजधानी के रूप में स्थापित करना उनका लक्ष्य है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2017 में हरियाणा ने सिंगापुर की कंपनियों और संस्थाओं के साथ लाजिस्टिक्स, टाउनशिप, एविएशन, स्मार्ट सिटीज, वेलनेस, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में पांच बड़े एमओयू किए थे।

    चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की विशेष संभावनाएं
    इनका कुल प्रस्तावित मूल्य 3.8 बिलियन सिंगापुर डालर (28 हजार 584) करोड़ रुपये से अधिक था। असेंडास-सिंगब्रिज ने गुरुग्राम में इंटरनेशनल टेक पार्क विकसित किया है। इस नींव को अब अगले स्तर तक ले जाना है।

    उन्होंने चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की विशेष संभावनाएं बताईं। पहला, लाजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर। सिंगापुर की लाजिस्टिक्स और सप्लाई चेन विशेषज्ञता के लिए यहां अपार अवसर हैं। दूसरा, अर्बन डेवलपमेंट और रियल एस्टेट। गुरुग्राम और आसपास इंटीग्रेटेड टाउनशिप, कमर्शियल डेवलपमेंट तथा आधुनिक शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में साझेदारी की बड़ी संभावनाएं हैं।

    तीसरा, टेक्नोलाजी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स। सिंगापुर की कंपनियां अपने टेक्नोलाजी, डिजिटल, फाइनेंशियल और प्रोफेशनल कैपेबिलिटी सेंटर्स हरियाणा में स्थापित कर सकती हैं। चौथा, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग।

    हरियाणा ने सिंगापुर-आधारित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ पार्टनरशिप की
    हरियाणा का आटोमोबाइल और इंजीनियरिंग इकोसिस्टम मजबूत है। अब इलेक्ट्रानिक्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर्स और फ्यूचर-रेडी इंडस्ट्रीज की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह सिंगापुर की प्रौद्योगिकी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं के साथ प्राकृतिक साझेदारी का क्षेत्र है।

    हरियाणा ने सिंगापुर-आधारित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ पार्टनरशिप की है। इसके माध्यम से विश्व स्तरीय के-12 शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और लगभग दो हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा करने की योजना है।

    मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित करते हुए कहा कि हरियाणा आकर गुरुग्राम-मानेसर, औद्योगिक क्लस्टर, लाजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम को देखें और बताएं कि आप यहां क्या बनाना चाहते हैं। समय आ गया है कि भारत-सिंगापुर संबंधों को गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट से बिजनेस-टू-बिजनेस, निवेश से साझेदारी, साझेदारी से इकोसिस्टम और संवाद से डिलीवरी तक ले जाया जाए।

    हिसार के आसपास रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा
    हरियाणा में डाटा सेंटर स्थापित करने, हिसार के आसपास रक्षा क्षेत्र में निवेश, आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने तथा नई तकनीक अपनाने से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। पानीपत में हाउसिंग क्षेत्र के विकास संबंधी विषयों पर भी गहन मंथन हुआ।

    गुरुग्राम में सस्ते दर पर रिहायशी क्षेत्र विकसित करने तथा हाउसिंग फार रेंटल नीति को लेकर बातचीत हुई। विदेशी निवेशक हरियाणा में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और नई तकनीकों को बढ़ावा देने पर सहमत नजर आए।

  • गुरु की बदली चाल से चमकेगी 6 राशियों की किस्मत, अगले 33 दिन धन-करियर के लिए रहेंगे खास

    गुरु की बदली चाल से चमकेगी 6 राशियों की किस्मत, अगले 33 दिन धन-करियर के लिए रहेंगे खास

     वैदिक ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) को ज्ञान, सौभाग्य, धर्म, विस्तार और धन का मुख्य कारक माना जाता है. जब भी गुरु की चाल या स्थिति में बदलाव होता है, तो इसका गहरा प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ता है. पंचांग के अनुसार, वर्तमान में गुरु चंद्रमा की राशि में विराजमान हैं, जिससे कुछ चुनिंदा राशियों के लिए अगले 33 दिनों का यह समय बेहद खास और स्वर्णिम अवसर लेकर आया है. इस दौरान कई जातकों को धन लाभ, करियर में उन्नति और पारिवारिक सुख की प्राप्ति हो सकती है. आइए जानते हैं कि गुरु के इस शुभ प्रभाव से किन 6 राशियों की किस्मत चमकने वाली है.

    गुरु गोचर का ज्योतिषीय महत्व
    ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, चंद्रमा की राशि में गुरु का संचरण मानसिक शांति, आर्थिक मजबूती और बड़े वैचारिक बदलाव लेकर आता है. इस अवधि में जातकों को अपने रुके हुए कार्यों में गति मिलती है और जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

    वृषभ राशि (Taurus)
    वृषभ राशि के जातकों के लिए अगले 33 दिन आर्थिक दृष्टि से बेहद शानदार रहने वाले हैं. धन लाभ के नए मार्ग खुलेंगे और यदि कहीं पैसा अटका हुआ था, तो उसके वापस मिलने की पूरी संभावना है. परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जाने का योग बन सकता है.

    कर्क राशि (Cancer)
    कर्क राशि के जातकों पर देवगुरु बृहस्पति की विशेष कृपा बरसने वाली है. इस दौरान आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर कोई नई जिम्मेदारी या प्रमोशन मिल सकता है. व्यापार में भी बड़ा मुनाफा हाथ लग सकता है.

    कन्या राशि (Virgo)
    कन्या राशि वालों के लिए यह समय करियर और शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकता है. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता मिलने के प्रबल योग हैं. निवेश करने के लिहाज से भी यह अवधि बेहद अनुकूल है, जिससे भविष्य में भारी मुनाफा हो सकता है.

    वृश्चिक राशि (Scorpio)
    वृश्चिक राशि के जातकों के जीवन में चल रही उथल-पुथल अब शांत होने लगेगी. गुरु की कृपा से आपके अटके हुए कार्य तेजी से पूरे होंगे. वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी और जीवनसाथी का पूरा सहयोग प्राप्त होगा. स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिलेगा.

    धनु राशि (Sagittarius)
    धनु राशि के स्वामी स्वयं गुरु ग्रह हैं, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह गोचर विशेष फलदायी साबित होगा. कारोबार में विस्तार के नए अवसर मिलेंगे. भाग्य का पूरा साथ मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और मानसिक शांति का अनुभव होगा.

    मीन राशि (Pisces)
    मीन राशि के जातकों के लिए यह 33 दिन का समय किसी वरदान से कम नहीं है. नौकरी और व्यवसाय में लगातार सफलता के योग बन रहे हैं. पारिवारिक जीवन में खुशहाली आएगी और घर-परिवार के लोगों के साथ बेहतरीन समय बिताने का मौका मिलेगा.

  • पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट, राजस्थान में बदलीं मतदान की तारीखें; देखें पूरा शेड्यूल

    पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट, राजस्थान में बदलीं मतदान की तारीखें; देखें पूरा शेड्यूल

    जयपुर
    राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की तारीखों में बड़ा बदलाव किया गया है। धनतेरस पर्व के संबंध में धार्मिक आस्था और जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले, दूसरे और तीसरे चरण की चुनाव प्रक्रिया में संशोधन किया गया है। इसके तहत जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के साथ पंच-सरपंच के मतदान की तारीखें एक-एक दिन पहले कर दी गई हैं। वहीं, चौथे चरण की तारीखों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

    संशोधित कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 22 अक्टूबर, 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 14 नवंबर को होगा। वहीं, पंच-सरपंच के लिए मतदान 24 अक्टूबर, 30 अक्टूबर, 5 नवंबर और 16 नवंबर को कराया जाएगा। बता दें कि पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए चार चरणों में मतदान 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को होना था। इसी तरह पंच-सरपंच के लिए 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को मतदान होना था। लेकिन, अब राज्य चुनाव आयोग ने पहले तीन चरणों की तारीखों में बदलाव किया है।

    संशोधित कार्यक्रम के अनुसार प्रथम चरण में 21 अक्टूबर को जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान होगा और 22 अक्टूबर को मतदान होगा। 23 अक्टूबर को पंच/सरपंच के लिए नामांकन व 24 अक्टूबर को पंच/सरपंच के लिए मतदान होगा। इसके अलावा 25 अक्टूबर को उप सरपंच का चुनाव होगा।

    दूसरे चरण में 27 अक्टूबर को जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी और 28 अक्टूबर को मतदान होगा। 29 अक्टूबर को पंच/सरपंच के लिए नामांकन व 30 अक्टूबर को पंच/सरपंच के लिए मतदान। 31 अक्टूबर को उप सरपंच का चुनाव होगा। तीसरे चरण में 2 नवंबर को जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान होगा और 3 नवंबर को मतदान होगा। 4 नवंबर को पंच/सरपंच के लिए नामांकन व 5 नवंबर को पंच/सरपंच के लिए मतदान होगा। 6 नवंबर को उप सरपंच का चुनाव होगा।

    चुनावी कार्यक्रम में हुआ बदलाव
        21 अक्टूबर 2026: जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान/पहुंच।
        22 अक्टूबर 2026: जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए मतदान।
        23 अक्टूबर 2026: पंच/सरपंच के लिए नामांकन।
        24 अक्टूबर 2026: पंच/सरपंच के लिए मतदान।
        25 अक्टूबर 2026: उप सरपंच का चुनाव।

        27 अक्टूबर 2026: जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान/पहुंच।
        28 अक्टूबर 2026: जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए मतदान।
        29 अक्टूबर 2026: पंच/सरपंच के लिए नामांकन।
        30 अक्टूबर 2026: पंच/सरपंच के लिए मतदान।
        31 अक्टूबर 2026: उप सरपंच का चुनाव।

        2 नवंबर 2026: जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान/पहुंच।
        3 नवंबर 2026: जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए मतदान।
        4 नवंबर 2026: पंच/सरपंच के लिए नामांकन।
        5 नवंबर 2026: पंच/सरपंच के लिए मतदान।
        6 नवंबर 2026: उप सरपंच का चुनाव।

  • प्रकाश पाल का सपा पर हमला, बोले- ‘सपा के लिए कार्यकर्ताओं की कोई अहमियत नहीं’

    प्रकाश पाल का सपा पर हमला, बोले- ‘सपा के लिए कार्यकर्ताओं की कोई अहमियत नहीं’

    सपा के पीडीए का मतलब परिवार, धनबली और अपराधी: प्रकाश पाल

    ​भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बोले- राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही सपा का असली चेहरा उजागर

    भाजपा हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने वाली इकलौती पार्टी, सपा के लिए कार्यकर्ता महत्वपूर्ण नहीं- प्रकाश पाल

    ​लखनऊ
     भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार एवं पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लंबे समय से एक बदनाम ब्रांड रही है।

    ​राज्यसभा प्रत्याशी घोषित होते ही उजागर हुआ चरित्र

    सपा पर निशाना साधते हुए प्रकाश पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी पुरानी छवि के डर से अपना नाम खुलकर लेने से बचती है। इसलिए उसने पीडीए का मुखौटा पहन लिया। राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा होते ही पार्टी का असली चरित्र जनता के सामने आ गया है। उन्होंने कहा, "सपा की प्राथमिकता में केवल परिवार और धनपशु शामिल हैं। यदि वे किसी तीसरे का चयन करते हैं, तो वह कोई अपराधी ही होता है।"

    सपा के पीडीए की नई परिभाषा

    प्रकाश पाल ने सपा के पीडीए की परिभाषा बदलते हुए कहा, "इनके पीडीए में पी से परिवार, डी से धनबली और ए से अपराधी है।" सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर प्रहार करते हुए उन्होंने आगे कहा, "आगामी चुनावों तक इनके पीडीए का नया रूप पैसा देने वाले आओ (पी- पैसा, डी- देने वाले, ए- आओ) ही रहने वाला है।"
    ​
    भाजपा ने सभी वर्गों को दी उचित भागीदारी

    राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा की चयन प्रक्रिया की प्रकाश पाल ने सराहना की। कहा कि भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा में समाज के हर वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के विजन पर चलते हुए सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और महिलाओं को समान रूप से भागीदारी दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र में मोदी और प्रदेश में योगी सरकार की समावेशी नीतियां पूरी तरह स्पष्ट और पारदर्शी हैं।

  • पिंक टिकट बंद, पिंक कार्ड अनिवार्य? अचानक बदले नियम से दिल्ली में महिलाओं के सामने नई परेशानी

    पिंक टिकट बंद, पिंक कार्ड अनिवार्य? अचानक बदले नियम से दिल्ली में महिलाओं के सामने नई परेशानी

    नई दिल्ली
    दिल्ली की डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं का फ्री सफर अब नए दौर में पहुंच चुका है। महिला यात्रियों के हाथ में अब गुलाबी टिकट की जगह पिंक कार्ड नजर आ रहा है। शनिवार से बसों में पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड अनिवार्य हो गया है।

    जैसे ही बस रुकती है, महिलाएं कार्ड निकाल कंडक्टर की तरफ बढ़ा रही हैं, बदले में टिकट ले रही हैं, लेकिन जिनके पास कार्ड नहीं है, वह पैसे देकर टिकट खरीदने को मजबूर हैं। ऐसा ही नजारा नेहरू प्लेस जाने वाली बस में दिखा।

    मेरे पास दिल्ली का रेजिडेंस प्रूफ नहीं है। इसलिए मेरा पिंक कार्ड नहीं बन पाया। मुझे पैसे देकर सफर करना पड़ा। मेरे 90 रुपये खर्च हो गए। पिंक कार्ड की जगह पुराना पिंक टिकट ही बेहतर था, कम खर्च में महिलाएं आराम से सफर कर सकती थीं।

    पिंक कार्ड के नए नियम से अनजान महिला-छात्राएं हुईं परेशान
    अपनी छोटी बच्ची के साथ बस में चढ़ी एक महिला ने जब कंडक्टर से पिंक टिकट मांगा, तो उसने कहा, 'अब से सिर्फ पिंक कार्ड चलेगा।' महिला ने बताया, 'मैं कभी-कभी ही बस में सफर करती हूं, मुझे नए नियम के बारे में पता नहीं था। मुझे नेहरू प्लेस जाना है, टिकट कितने का है?' कंडक्टर ने कहा, '25 रुपये दीजिए।' महिला बोली, 'मेरे पास तो सिर्फ 15 रुपये ही हैं।' कंडक्टर ने कहा, 'कोई बात नहीं, आप टिकट ले लीजिए।' ऐसा ही हाल गाजियाबाद से आई एक छात्रा का था, जिन्हें सर्वप्रिय विहार जाना था। वह दिल्ली की रहने वाली नहीं थीं, इसलिए न तो उनके पास पिंक कार्ड था और न ही जेब में पैसे।

    मैं रोज मंगलापुरी से आनंद विहार काम पर जाती हूं। आज सुबह सबसे पहले मंगलापुरी बस डिपो पर कार्ड बनवाने गई थी, लेकिन वहां काउंटर बंद मिला। जब काउंटर ही नहीं खुलेगा तो कार्ड कैसे बनेगा?

    पूनम शर्मा

    महिलाओं को बसों में हुई परेशानी
    मैं बस से ट्यूशन जाती हूं। मुझे कार्ड बनवाना पड़ा। पहले पिंक टिकट से सफर आसान था। अब कंडक्टर को कार्ड देकर इंतजार करना पड़ता है। इससे बस में भीड़ जमा हो जाती है और धक्का-मुक्की होती है।

    यात्री, तनीषा शौकीन
    कार्ड एक बार स्कैन होने के बाद अपडेट में दिक्कत
    मुनिरका से बस में चढ़ी एक महिला ने पहले पिंक कार्ड स्कैन करवाकर सर्वप्रिय विहार तक का टिकट लिया। बाद में उन्हें पता चला कि बस नेहरू प्लेस तक जा रही है। जब उन्होंने कंडक्टर से नेहरू प्लेस का टिकट मांगा तो मशीन में दोबारा कार्ड स्कैन करने पर टिकट नहीं निकला। कंडक्टर ने कई बार कोशिश की लेकिन मशीन ने जवाब दे दिया। इसी तरह कई महिलाएं परेशान दिखीं।

    38 सेंटरों पर बन रहे हैं पिंक कार्ड
    दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के अधिकारियों के अनुसार, पिंक कार्ड बनवाने के लिए कुल 38 सेंटर बनाए गए हैं। ये सभी सेंटर सोमवार को बंद रहते हैं। कार्ड का इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि अगर आप एक बस में सफर कर रहे हैं, तो उसमें दोबारा कार्ड टैप करने पर टिकट नहीं मिलेगी क्योंकि इसके लिए 1 घंटे का कूलिंग पीरियड तय किया गया है। हालांकि, अगर आप उस बस से उतरकर उसी रूट की किसी दूसरी बस में चढ़ते हैं, तो आपको आसानी से तुरंत टिकट मिल जाएगी। दिल्ली में अब तक 19 लाख 50 हजार से भी ज्यादा पिंक कार्ड बनाए जा चुके हैं।

     

  • घर में इस दिशा में रखें ब्रह्मकमल का पौधा, खिलने पर शुभ मानी जाती है इसकी पंखुड़ियां

    घर में इस दिशा में रखें ब्रह्मकमल का पौधा, खिलने पर शुभ मानी जाती है इसकी पंखुड़ियां

    ब्रह्म कमल (Saussurea obvallata) हिमालय में मिलने वाला पवित्र और दुर्लभ फूलों में से है, जिसे वास्तु शास्त्र में बहुत ही शुभ माना जाता है. इसे क्वीन ऑफ नाइट (Queen of Night) भी कहा जाता है क्योंकि यह फूल सिर्फ रात में खिलता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, इसे खिलते हुए देखना बहुत सौभाग्य की बात मानी जाती है, इसलिए लोग इसे देखने के लिए उत्तराखंड की 'वैली ऑफ फ्लावर्स' (Valley of Flowers) तक जाते हैं.

    लेकिन, हर किसी के लिए पहाड़ की इतनी ऊंचाई पर जाकर इसे देखना मुमकिन नहीं है. ऐसे में सवाल आता है कि क्या इसे घर पर उगाया जा सकता है. इसका जवाब है हां. आप इसे अपने घर पर भी उगा सकते हैं, बस इसके लिए आपको कुछ खास सावधानियां रखनी होंगी और सही माहौल देना होगा.

    क्या है ब्रह्म कमल?
    ब्रह्म कमल (Brahma Kamal) हिमालय में उगने वाली एक खास जड़ी-बूटी मानी जाती है. यह फूल भारत, नेपाल, भूटान और दक्षिण-पश्चिम चीन के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में पाया जाता है. यह फूल ठंडे तापमान में ही उगता है.

    इसके कटोरे जैसे फूल बड़े बड़े पत्तों के बीच छुपे रहते हैं. ये रात में खिलता है और सुबह होते ही मुरझा जाते हैं. इसी वजह से इसे देखना बहुत ही दुर्लभ माना जाता है. ब्रह्म कमल को 'स्टेट फ्लावर ऑफ उत्तराखंड यानी राजकीय पुष्प' भी माना जाता है. साथ ही, ब्रह्म कमल की तस्वीर को भारतीय डाक टिकट पर भी छापा जाता था.

    ब्रह्म कमल की शुभ दिशा
    हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक, ब्रह्म कमल को बेहद पवित्र माना जाता है. इसका संबंध सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा से भी जोड़ा जाता है. वहीं, वास्तु शास्त्र के मुताबिक भी, यह पुष्प बहुत ही शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इसे घर की कुछ खास जगहों, जैसे घर के बीचों-बीच यानी ब्रह्मस्थान या उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में रखने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक माहौल बना रहता है.

    ब्रह्म कमल की पौराणिक मान्यता
    ब्रह्म कमल को आम पौधों से बिल्कुल अलग बनाती है इसकी दुर्लभता. यह पौधा प्राकृतिक रूप से केवल जंगलों और पहाड़ी इलाकों में उगता है और इसका खिलना एक बेहद खास अनुभव माना जाता है. इसके फूल आमतौर पर सिर्फ रात में खिलते हैं और कुछ घंटों के बाद ही बंद हो जाते हैं.

    क्या ब्रह्म कमल घर में उगाया जा सकता है?
    जी हां, घर में भी ब्रह्म कमल उगाया जा सकता है. लेकिन, इसके लिए एकदम ठंडा तापमान होना चाहिए. इसको बाकी फूलों की तरह घर के अंदर उगाना थोड़ा मुश्किल है. लेकिन, सही देखभाल और थोड़ी सी कोशिश से आप इस पवित्र पौधे को अपने घर में भी उगा सकते हैं. आइए जानते हैं इसे घर पर उगाने का आसान तरीका.

    ये रहना चाहिए तापमान-
    ब्रह्म कमल ठंडी और ऊंची जगहों पर अच्छे से बढ़ता है. इसे ज्यादा गर्मी और उमस बिल्कुल पसंद नहीं है. घर में आप इसे किसी ठंडी और छायादार जगह पर रख सकते हैं. अगर घर में एसी (AC) है, तो उसके आसपास की ठंडी जगह भी इसके लिए अच्छी रहती है.

    इस पौधे की मिट्टी कैसी होनी चाहिए?
    ब्रह्म कमल के लिए ऐसी मिट्टी चाहिए जिससे पानी आसानी से बाहर निकल जाए. इसके लिए आप रेत, मिट्टी और कोकोपीट को मिलाकर सही मिश्रण तैयार कर सकते हैं. साथ ही, इस पौधे को गमले में लंबे समय तक पानी में नहीं रखना चाहिए.

    – ऐसी चाहिए रोशनी
    ब्रह्म कमल को तेज धूप से बचाना चाहिए. खास तौर पर दोपहर की सीधी धूप से इसकी पत्तियां पीली पड़ सकती हैं या मुरझा सकती हैं. इसलिए इसे ऐसी जगह रखें जहां सीधी धूप न पड़े.

    – पानी देने का सही तरीका
    इस पौधे को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है. जब गमले की मिट्टी पूरी तरह सूख जाए, तभी पानी डालें. ज्यादा पानी देने से पौधे को नुकसान हो सकता है.

    – ब्रह्म कमल पौधा उगाने का तरीका
    बीज से पौधा उगाने में काफी समय लग सकता है, इसलिए घर पर इसे पत्तियों की कटिंग (Cutting) से उगाना ज्यादा आसान होता है. पत्ती को काटकर उसके कटे हिस्से को कुछ दिन सूखने दें ताकि उस पर हल्की परत जम जाए. इसके बाद इसे तैयार मिट्टी में लगा दें और गमले को ऐसी जगह रखें जहां हल्की और छनकर रोशनी आती हो.

    – उगाने में आएंगी ये मुश्किलें
    घर पर ब्रह्म कमल उगाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है क्योंकि इसकी ग्रोथ बहुत धीमी होती है और फूल आने में कई साल लग जाते हैं. सबसे जरूरी है कि पौधे के आसपास का तापमान ठंडा और एक जैसा रहे. बार-बार गमला बदलने या पानी देने में लापरवाही करने से पौधा खराब हो सकता है.

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    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मंगलवार (06 अक्टूबर) को एचसीएलटेक के लखनऊ में संचालन के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एचसीएल आईटी सिटी में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की थीम पावरिंग टेक्नोलॉजी, टैलेंट एंड ट्रांसफॉर्मेशन इन उत्तर प्रदेश रखी गई है। 

    सीएम योगी की मौजूदगी में एचसीएलटेक के सफर के साथ उत्तर प्रदेश में आईटी और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के विस्तार, रोजगार सृजन और भविष्य में निवेश की योजनाओं पर चर्चा होगी। इस दौरान एचसीएलटेक की अध्यक्ष रोशनी नादर मल्होत्रा और सीओओ राहुल सिंह कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

    एचसीएलटेक और एचसीएल फाउंडेशन ने तकनीकी क्षेत्र के साथ सामाजिक सरोकारों में भी भागीदारी की है। फाउंडेशन की पहल के जरिए प्रदेश के 20 जिलों के करीब 3,000 गांवों में आजीविका, कृषि, कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और समावेशन से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए गए हैं।

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    रायपुर,

     छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बच्चों में बढ़ते मोटापा एवं मधुमेह के खतरे को देखते हुए राज्य के सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा आवासीय संस्थाओं में शुगर एवं कैलोरी बोर्ड स्थापित करने की अनुशंसा की है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चों में जंक फूड, मीठे पेय पदार्थ एवं पैकेटबंद खाद्य पदार्थों के बढ़ते सेवन को नियंत्रित करने के लिए जागरूकता एवं व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता है।

    प्रस्तावित बोर्ड में विभिन्न खाद्य पदार्थों में मौजूद शक्कर, नमक एवं कैलोरी की मात्रा को सरल एवं दृश्य माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही लाल, पीला एवं हरा ट्रैफिक लाइट सिस्टम के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ एवं अस्वस्थ खाद्य पदार्थों की जानकारी दी जाएगी। राज्य के सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों एवं आवासीय आश्रम शालाओं/छात्रावासों में बच्चों को कुपोषण, बाल-मोटापे एवं मधुमेह से बचाने हेतु शुगर एवं कैलोरी जागरूकता बोर्ड स्थापित करते हुए जंक फूड की बिक्री पर नियंत्रण, पौष्टिक एवं स्थानीय खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने, ईट राइट क्लब एवं छात्र स्वास्थ्य एंबेसडर बनाने तथा प्रार्थना सभा में पोषण संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की अनुशंसा की गई है।

    आश्रम शालाओं, पोटा केबिन, प्रयास एवं एकलव्य विद्यालयों में भी भोजन सारणी के साथ शुगर एवं कैलोरी बोर्ड लगाने तथा स्थानीय पौष्टिक आहार को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा पालकों तथा शिक्षकों की बैठक में पोषण एवं संतुलित आहार पर चर्चा कर पालकों को बच्चों के स्वस्थ खान-पान के लिए प्रेरित करने तथा उत्कृष्ट प्रयास करने वाले पालकों को “च्ंतमदजे व िजीम डवदजी” जैसी प्रोत्साहन व्यवस्था प्रदान करने की अनुशंसा की गई है। आयोग द्वारा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही करते हुए आयोग को अवगत कराने का लेख किया गया है ।