Author: NewseDay

  • Vivo X Fold 6 की भारत में एंट्री, 200MP कैमरा और 6900mAh बैटरी से लैस; कीमत ₹2.19 लाख

    Vivo X Fold 6 की भारत में एंट्री, 200MP कैमरा और 6900mAh बैटरी से लैस; कीमत ₹2.19 लाख

    नई दिल्ली
    Vivo X Fold 6 स्मार्टफोन इंडियन मार्केट में Vivo V80 और मिड रेंज के Vivo S2 FE के साथ लॉन्च हो गया है। वीवो का यह फोल्डेबल फोन 8.02-इंच की इनर फोल्डेबल AMOLED डिस्प्ले, MediaTek Dimensity 9500 Super चिपसेट और 6,900mAh की बैटरी के साथ लॉन्च किया गया है। इस फोन में कंपनी ने Zeiss ट्यून 200-मेगापिक्सल कैमरा दिया है।

    Vivo X Fold 6 की कीमत
    Vivo X Fold 6 स्मार्टफोन का बेस वेरिएंट 12GB रैम और 512GB स्टोरेज के साथ 2,19,999 रुपये की कीमत में आता है। इस फोन की प्री-बुकिंग शुरू हो गई है। फोन की सेल 13 अक्टूबर से शुरू होगी। यह फोन Nebula Teal और Prism Black कलर ऑप्शन में आता है।

    लॉन्च ऑफर की बात करें तो Vivo X Fold 6 स्मार्टफोन को 30 महीनों की 7,333 रुपये की आसान किस्त में खरीदा जा सकता है। कंपनी जीरो डाउनपेमेंट और 26,400 रुपये तक का इंस्टेंट कैशबैक ऑफर कर रही है। इसके साथ ही कंपनी 12 प्रतिशत V-Upgrade एक्सचेंज बोनस और 40 प्रतिशत तक V-Shield स्क्रीन डैमेज प्रोटेक्शन ऑफ दे रही है।

    Vivo X Fold 6 पर 26,400 रुपये तक का इंस्टेंट कैशबैक, 10 प्रतिशत तक एक्सचेंज बोनस या 24 महीने तक की नो-कॉस्ट EMI ऑफर कर रही है। इस फोन के साथ कंपनी तीन महीने के लिए Google AI Pro ऑफर कर रही है।

    vivo xfold6
    Vivo X Fold 6 स्मार्टफोन में 8.02-इंच का फोल्डेबल AMOLED पैनल दिया गया है। इस डिस्प्ले का पिक्सल रेजोल्यूशन 2,504 x 2,312-पिक्सल, रिफ्रेश रेट 120Hz, पिक्सल डेनसिटी 424ppi और 100 प्रतिशत DCI-P3 कवरेज, टच सैंपलिंग 300Hz और HDR सपोर्ट दिया गया है। इस फोन में 6.51-इंच का AMOLED कवर डिस्प्ले दिया गया है। इसका रेजोल्यूशन 1,120 x 2,528-पिक्सल है। इनर और आउटर डिस्प्ले के फीचर एक जैसे हैं।

    यह फोन 3nm ऑक्टा-कोर MediaTek Dimensity 9500 Super Edition चिपसेट के साथ आता है। यह फोन 12GB तक की LPDDR5x Ultra RAM और 512GB की UFS 4.1 स्टोरेज के साथ आता है। यह फोन Android 17 पर आधारित OriginOS 7 के साथ आता है। Vivo X Fold 6 स्मार्टफोन Zeiss-ट्यून ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसका प्राइमरी कैमरा 200-मेगापिक्सल f/1.68 कैमरा दिया गया है। इसके साथ 50-मेगापिक्सल f/2.05 अल्ट्रा वाइड कैमरा और 50-मेगापिक्सल f/2.57 पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा है, जो 100x डिजिटल जूम सपोर्ट दिया गया है। फोन के आउटर और इनर डिस्प्ले में 20 मेगापिक्सल के दो सेल्फी कैमरा दिए गए हैं। यह फोन 8K रेजोल्यूशन वीडियो रिकॉर्ड करता है।

    Vivo के फोल्डेबल फोन में 6,900mAh की बैटरी दी है, जो 80W वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट करता है। फोन में कनेक्टिविटी के लिए 5G, 4G LTE, Wi-Fi 7, Bluetooth 5.4, USB Type-C, GPS, GLONASS, BeiDou, Galileo, QZSS और NavIC का सपोर्ट दिया गया है। फोन में साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। Vivo X Fold 6 फोन IP58 और IP59 रेटिंग के साथ आता है।

  • पाकिस्तान की T20 टीम में बड़ा फेरबदल, फरहान संभालेंगे कप्तानी; नसीम शाह की भी वापसी

    पाकिस्तान की T20 टीम में बड़ा फेरबदल, फरहान संभालेंगे कप्तानी; नसीम शाह की भी वापसी

    नई दिल्ली
    पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की T20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है. टीम में बड़ा बदलाव करते हुए साहिबजादा फरहान को नया T20 कप्तान बनाया गया है, जबकि बाबर आजम को टीम से बाहर कर दिया गया है.

    फरहान ने सलमान अली आगा की जगह कप्तानी संभाली है. सलमान को भी T20 टीम में जगह नहीं मिली है. श्रीलंका के खिलाफ तीनों मुकाबले 9, 11 और 13 अक्टूबर को रावलपिंडी में खेले जाएंगे.

    एशियन गेम्स के बाद फरहान को मिली बड़ी जिम्मेदारी
    30 साल के साहिबजादा फरहान हाल ही में एशियन गेम्स में पाकिस्तान की T20 टीम के कप्तान थे. उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने सिल्वर मेडल जीता था और फाइनल में उसे भारत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था. अब PCB ने उन्हें सीनियर T20 टीम की कमान भी सौंप दी है.

    बाबर आजम की T20 टीम से छुट्टी
    बाबर आजम का T20 टीम से बाहर होना सबसे बड़ा फैसला है. हालांकि, उन्हें इंग्लैंड और श्रीलंका के खिलाफ होने वाली ODI ट्राई-सीरीज की टीम में शामिल किया गया है, यानी वनडे में उनके लिए दरवाजा अभी बंद नहीं हुआ है.

    2026 T20 वर्ल्ड कप में बाबर का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था. उन्होंने चार पारियों में सिर्फ 91 रन बनाए थे. इसके बाद घरेलू फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में भी उनकी शुरुआत खराब रही. प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में शुरुआती तीन पारियों में उनके नाम केवल 37 रन रहे.

    नसीम शाह की वापसी
    पाकिस्तान की T20 टीम में तेज गेंदबाज नसीम शाह की वापसी भी हुई है. घुटने की चोट से उबरने के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट और CPL के जरिए अपनी फिटनेस और गेंदबाजी लय हासिल की.

    वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू में शानदार प्रदर्शन करने वाले रजाउल्लाह को पहली बार पाकिस्तान की व्हाइट-बॉल टीम में जगह मिली है. उन्होंने एजबेस्टन टेस्ट में दूसरी पारी में 81 रन बनाए थे और गेंद से भी योगदान दिया था.

     पाकिस्तान की T20 टीम: साहिबजादा फरहान (कप्तान), अब्दुल समद, अबरार अहमद, अराफात मिन्हास, फखर जमान, हसन नवाज, मुहम्मद इमरान रंधावा, ख्वाजा नफे (विकेटकीपर), माज सदाकत, नसीम शाह, रजाउल्लाह, सैम अयूब, मोहम्मद सलमान मिर्जा, शादाब खान और सुफियान मोकीम.

    इंग्लैंड-श्रीलंका के खिलाफ वनडे ट्राई सीरीज के लिए पाकिस्तानी टीम: शाहीन शाह आफरीदी (कप्तान), अबरार अहमद, सलमान अली आगा, अराफात मिन्हास, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमान, मुहम्मद गाजी गोरी (विकेटकीपर), हारिस रउफ, हसन नवाज, नसीम शाह, रजाउल्लाह, साद बेग (विकेटकीपर), सैम अयूब, शादाब खान और सुफियान मोकीम.

  • बस्तर बाढ़ पर सियासत तेज, अजय चंद्राकर का सुखदेव पर हमला- ‘मुसीबत में नहीं आए, अब राजनीति कर रहे’

    बस्तर बाढ़ पर सियासत तेज, अजय चंद्राकर का सुखदेव पर हमला- ‘मुसीबत में नहीं आए, अब राजनीति कर रहे’

    रायपुर.

    कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत के छत्तीसगढ़ दौरे और जगदलपुर में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सियासत तेज हो गई है। वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बाढ़ के दौरान सुखदेव भगत बस्तर नहीं आए और अब जब हालात सामान्य हो चुके हैं और व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं, तब राजनीति करने पहुंच रहे हैं।

    अजय चंद्राकर ने कहा कि बाढ़ के समय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तत्काल बस्तर पहुंचकर प्रभावितों से मुलाकात की थी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जितनी व्यवस्था की जानी थी, वह सरकार की ओर से की गई। अब जो कुछ हो रहा है, वह राजनीति है।

    झारखंड में क्यों नहीं बनी सरकार- अजय चंद्राकर
    सुखदेव भगत पर निशाना साधते हुए अजय चंद्राकर ने झारखंड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले सुखदेव भगत को यह तलाशना चाहिए कि झारखंड में सरकार क्यों नहीं बनी और इसके क्या कारण रहे।

    कोल घोटाले की चार्जशीट पर भी बोले अजय चंद्राकर
    ACB-EOW की ओर से कोल घोटाले में कांग्रेस नेताओं सहित 12 लोगों के खिलाफ चालान पेश किए जाने पर भी अजय चंद्राकर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने अपनी जांच की है और अब यह न्यायालय का मामला है। जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, वे कांग्रेस के बड़े नाम हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों ने सारी सीमाएं लांघ दी थीं और उनकी जो भी गतिविधियां रही हैं, उनकी जानकारी जांच एजेंसी के पास है।

    चिंतामणि महाराज का नाम हटाने के आरोप पर पलटवार
    कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव द्वारा जांच के दौरान चिंतामणि महाराज का नाम हटाने का आरोप लगाए जाने पर अजय चंद्राकर ने कहा कि जांच एजेंसी को पता है कि किसका नाम है और किसका नहीं। अगर देवेंद्र यादव को लगता है कि किसी का नाम हटाया गया है, तो उन्हें कोर्ट में इसकी जानकारी देनी चाहिए।

  • वाराणसी में सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई, पोकलेन-बुलडोजर से 10 जर्जर भवन ध्वस्त

    वाराणसी में सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई, पोकलेन-बुलडोजर से 10 जर्जर भवन ध्वस्त

     वाराणसी

    वाराणसी में सोमवार को कचहरी चौराहे के पास बड़े लेवल पर बुलडोजर एक्शन देखने को मिला. कचहरी चौहारे के पास मुस्लिम बहुल इलाके में एक साथ छह बुलडोजर और एक पोकलेन मशीन की मदद से 10 बिल्डिंग्स को डिस्मेंटल करने की कार्रवाई शुरू की गई. कार्रवाई के दौरान कुछ भवनों पर लोगों ने खुद ही हथौड़े चलाकर निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया. वहीं, कई लोग अपने घरों और दुकानों से सामान निकालते नजर आए। 

    दरअसल, संदहा से कचहरी चौराहे तक करीब 10 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण का काम चल रहा है. इसका अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है, लेकिन पुलिस लाइन से कचहरी चौराहे के बीच करीब 300 मीटर का हिस्सा बाकी था. इस हिस्से में स्थित 10 भवनों को वाराणसी नगर निगम की ओर से जर्जर घोषित किया गया था. अब इन्हीं भवनों को हटाकर सड़क चौड़ीकरण का रास्ता साफ किया जा रहा है। 

    पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि संदहा से कचहरी चौराहे तक प्रस्तावित 10 किलोमीटर की सड़क में अब केवल 300 मीटर का हिस्सा शेष है. सड़क चौड़ीकरण में बाधा बने 10 मकान जर्जर हालत में थे, जिन्हें डिस्मेंटल किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि डिस्मेंटलिंग का काम आज ही पूरा कर लिया जाएगा। 

    केके सिंह के मुताबिक, पूरी सड़क चौड़ीकरण परियोजना करीब 250 करोड़ रुपये की है. इसमें अब तक 80 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में वितरित किए जा चुके हैं. पीडब्ल्यूडी का लक्ष्य अक्टूबर के अंत तक सड़क निर्माण का काम पूरा करने का है। 

    हालांकि कार्रवाई के दौरान सड़क पर आवागमन प्रभावित होने से कचहरी जाने वाले वकीलों ने नाराजगी जताई. वकीलों ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए इसे मनमानी बताया। 

  • UP राज्यसभा चुनाव: दो सीटों पर सपा की जीत तय, तीसरे कैंडिडेट पर अखिलेश ने दिया बड़ा संकेत

    UP राज्यसभा चुनाव: दो सीटों पर सपा की जीत तय, तीसरे कैंडिडेट पर अखिलेश ने दिया बड़ा संकेत

     नई दिल्ली

    समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के एक पोस्ट ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है. अखिलेश ने एक्स पर लिखा, "अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है." उनके इस बयान को राज्यसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि सपा अब राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए कोई और उम्मीदवार नहीं उतारेगी और उसका पूरा फोकस विधानसभा चुनाव पर रहेगा। 

    दरअसल, उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है और एक सीट जीतने के लिए 37 विधायकों के वोट चाहिए. मौजूदा तौर पर विधानसभा की प्रभावी संख्या 396 है. सपा के पास 98 विधायक हैं। 

    जेल में बंद रमाकांत यादव को वोटिंग की इजाजत नहीं मिलती है तो यह संख्या 97 रह सकती है. कांग्रेस के दो विधायकों का समर्थन मिलने पर सपा के पास 99 वोट हो सकते हैं. ऐसे में दो राज्यसभा सीटों के लिए जरूरी 74 वोट उसके पास आसानी से हैं। 

    तीसरी सीट के लिए 111 वोट की जरूरत
    सपा अगर तीसरे उम्मीदवार को उतारती तो तीनों सीटें जीतने के लिए 111 प्रथम वरीयता वोट चाहिए होते. दो सीटें जीतने के बाद करीब 25 वोट बचते. ऐसे में तीसरी सीट जीतने के लिए कम से कम 12 और विधायकों के समर्थन 
    इसी नंबर को पूरा करने के लिए सपा की नजर विपक्षी और तटस्थ विधायकों पर थी. सुभासपा के तीन ऐसे विधायक, जिनकी पृष्ठभूमि सपा से जुड़ी रही है, उनके समर्थन की उम्मीद थी. सपा के कुछ बागी विधायकों के वापस आने की भी चर्चा थी. इसके अलावा आरएलडी, अपना दल और कुछ दूसरे गैर-बीजेपी विधायकों के रुख पर भी नजर थी। 

    अखिलेश के पोस्ट से बदल गया गेम
    अखिलेश यादव पहले कह चुके थे कि तीसरा उम्मीदवार तभी उतारा जाएगा, जब जरूरी नंबर पूरा हो. लेकिन अब "तीन नहीं, चार सौ तीन" वाले पोस्ट के बाद संकेत मिल रहे हैं कि सपा ने तीसरी राज्यसभा सीट की दौड़ से पीछे हटने का फैसला कर लिया है। 

    ऐसे में राज्यसभा चुनाव में सपा की रणनीति फिलहाल दो सीटों तक सीमित होती दिख रही है, जबकि अखिलेश यादव की नजर अब उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर है। 

  • BHEL दशहरा मैदान में न्याय व्यवस्था का सजीव प्रदर्शन, डायल-112 से वैज्ञानिक साक्ष्य तक समझाया पूरा सिस्टम

    BHEL दशहरा मैदान में न्याय व्यवस्था का सजीव प्रदर्शन, डायल-112 से वैज्ञानिक साक्ष्य तक समझाया पूरा सिस्टम

    डायल-112 से क्राइम सीन और वैज्ञानिक साक्ष्य तक—न्याय की पूरी प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन

    बीएचईएल दशहरा मैदान में 14 विशेष ज़ोन में नवीन न्याय संहिताओं की दी जा रही है जानकारी
    नाट्य मंचन से समझाई जा रही पुलिस और न्याय व्यवस्था की कार्यप्रणाली

    भोपाल 

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा 03 अक्टूबर को भेल दशहरा मैदान में शुभारंभ की गई नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आधुनिक पुलिसिंग और न्याय प्रक्रिया को आमजन के लिए सरल एवं सहज तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रदर्शनी में अपराध की सूचना प्राप्त होने से लेकर पुलिस रिस्पॉन्स, घटनास्थल की जांच, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, फॉरेंसिक जांच, अभियोजन और न्यायालयीन प्रक्रिया तक की पूरी यात्रा को 14 विशेष ज़ोन में मॉडल, डिजिटल तकनीक, वीडियो और सजीव नाट्य मंचनके माध्यम से समझाया जा रहा है।नागरिकों, विद्यार्थियों और अन्य आगंतुकों को पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा इस व्यवस्था की कार्यप्रणाली की जानकारी दी जा रही है।

    07 अक्टूबर तक चलने वाली इस पांच दिवसीय प्रदर्शनी में प्रतिदिन सुबह 11:30 बजे, दोपहर 1:00 बजे, 3:30 बजे तथा शाम 5:00 बजेस्थानीय रंगकर्मियों, पुलिस अधिकारियों, डॉक्टर्स एवं अभियोजन अधिकारियों द्वारा सजीव नाट्य मंचन किया जा रहा है। संजीव नाट्य मंचन के माध्यम से यह बताया जा रहा है कि किसी घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस किस प्रकार कार्रवाई करती है और विभिन्न चरणों से गुजरते हुए मामला न्यायालय तक कैसे पहुंचता है।

    डायल-112—एक कॉल से पुलिस रिस्पॉन्स तक की पूरी प्रक्रिया लाइव

    प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश पुलिस कीडायल-112 की प्रर्दशनी प्रमुख आकर्षण बनी हुई है। इसमें आपातकालीन कॉल प्राप्त होने से लेकर पुलिस टीम के घटनास्थल तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को लाइव डेमो के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है।

    कंपनी प्रतिनिधियों द्वाराकॉल टेकरकी भूमिका निभाते हुए आपातकालीन कॉल प्राप्त करने, कॉलर से आवश्यक जानकारी लेने और घटना का विवरण दर्ज करने की प्रक्रिया दिखाई जा रही है। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों द्वाराडिस्पैचरकी भूमिका में सूचना का विश्लेषण कर संबंधित पुलिस टीम को घटनास्थल के लिए रवाना करने की प्रक्रिया समझाई जा रही है।

    प्रदर्शनी में यह भी बताया जा रहा है कि डायल-112 पर प्राप्त सूचना की रिसीविंग, सूचना संकलन, डिस्पैच, पुलिस रिस्पॉन्स और वरिष्ठ अधिकारियों की मॉनिटरिंग किस प्रकार एक समन्वित व्यवस्था के तहत की जाती है। प्रदेश स्तर से लेकर संभागीय एवं जिला स्तर तक 1200 FRV वाहनोंकी गतिविधियों की निगरानी और समीक्षा की व्यवस्था को भी प्रदर्शित किया गया है।

    डायल-112 के माध्यम से आधुनिक संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियों, त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स और विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय को सरल भाषा में समझाया जा रहा है।

    क्राइम सीन से न्यायालय तक—हर साक्ष्य की अपनी भूमिका

    प्रदर्शनी के एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्से में 3D क्राइम सीन मॉडलके माध्यम से गंभीर अपराध के घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच को सजीव रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है।

    नाट्य मंचन के माध्यम से ग्रामीण परिवेश में एक झोपड़ी के सामने का घटनास्थल दिखाया गया है, जहां गोली चलने और चाकू से हमला किए जाने की सूचना प्राप्त होती है। घटनास्थल पर चाकू, बोतल, बटन, कारतूस का खोखा और रक्त के संभावित निशान जैसे साक्ष्यों को प्रदर्शित किया गया है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस द्वारा सबसे पहले घटनास्थल को सुरक्षित किए जाने और साक्ष्यों के संरक्षण पर ध्यान देने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार FSL टीम, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ और डॉग स्क्वाडकी सहायता लेकर वैज्ञानिक जांच किस प्रकार आगे बढ़ाई जाती है, इसे रोल-प्ले के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है।

    घटनास्थल कीस्केल फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी, संभावित फिंगरप्रिंट और जैविक साक्ष्यों का परीक्षण, कारतूस के खोखे के आधार पर आसपास के क्षेत्र की व्यवस्थित सर्च तथा अन्य भौतिक साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन की प्रक्रिया को भी सरल भाषा में बताया जा रहा है।

    यदि घटना की परिस्थितियों के अनुसार किसी संदिग्ध की पहचान होती है, तो मोबाइल फॉरेंसिक वैन में उपलब्ध GSR परीक्षण किटसे प्राथमिक परीक्षण की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की जा रही है। प्राथमिक परीक्षण का परिणाम प्राप्त होने के बाद अंतिम वैज्ञानिक निष्कर्ष के लिए आवश्यक नमूनों को कन्फर्मेटरी परीक्षण हेतु राज्य न्यायालय विज्ञान प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया समझाई जा रही है।

    इसी प्रकार फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ द्वारा संभावित फिंगरप्रिंट विकसित एवं लिफ्ट किए जाने तथा उन्हें नियमानुसार सुरक्षित रखने की प्रक्रिया बताई जा रही है।

    साइबर सुरक्षा—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

    प्रदर्शनी में साइबर अपराधों से बचाव और ठगी की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी जा रही है। नागरिकों को बताया जा रहा है कि साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। साइबर ठगी के मामलों में ‘गोल्डन ऑवर’ का विशेष महत्व है। घटना की सूचना जितनी जल्दी मिलेगी, ठगी की रकम को ट्रैक करने और उपलब्ध प्रक्रिया के माध्यम से उसे फ्रीज कराने के प्रयास उतने ही प्रभावी हो सकते हैं।

    प्रदर्शनी में ₹25,000 से अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में E-Zero FIR, ऑनलाइन जॉब स्कैम, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड एवं इन्वेस्टमेंट फ्रॉड जैसे मामलों से सावधान रहने की जानकारी दी जा रही है।

    नागरिकों को म्यूल अकाउंट के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है—किसी अन्य व्यक्ति को अपना बैंक खाता उपयोग करने देना अथवा अनजान लोगों से खाते में राशि लेकर नकद देना साइबर अपराध में संलिप्तता का कारण बन सकता है।

    साथ ही ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर होने वाली ठगी के प्रति सचेत करते हुए बताया जा रहा है कि पुलिस में डिजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं है। किसी भी संदिग्ध कॉल, वीडियो कॉल या धनराशि की मांग पर घबराएं नहीं और तत्काल संबंधित माध्यम से शिकायत करें।

    आज नाट्य मंचन से आगे बढ़ेगी प्रदर्शनी की कहानी

    प्रदर्शनी मेंआज 06 अक्टूबर को वैज्ञानिक अनुसंधान चरणका विशेष रूप से नाट्य मंचन किया जाएगा। इस चरण में घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों को वैज्ञानिक जांच के लिए आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को FSL विशेषज्ञों, फोरेंसिक विशेषज्ञों तथा डॉक्टर/मेडिकल टीमकी भूमिका के माध्यम से समझाया जाएगा।

    इसके अतिरिक्‍त प्रदर्शनी में ‘ऑपरेशन मुस्कान’को विशेष फीचर के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके माध्यम से गुम हुए बालक-बालिकाओं की तलाश, विभिन्न स्थानों पर पुलिस टीमों की कार्रवाई, पहचान एवं सत्यापन तथा उन्हें सुरक्षित रूप से परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को संवेदनशील तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा।

    आमजन के सवालों का समाधान, पुलिस व्यवस्था की जानकारी एक ही स्थान पर

    प्रदर्शनी मेंहेल्प डेस्कभी स्थापित किया गया है, जहां आने वाले नागरिकों एवं विद्यार्थियों को प्रदर्शनी के विभिन्न ज़ोन, पुलिस की आधुनिक व्यवस्थाओं तथा प्रदर्शित प्रक्रियाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। हेल्प डेस्क के माध्यम से आगंतुकों को उनकी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करने और प्रदर्शनी के विभिन्न हिस्सों को समझने में सहायता मिल रही है।

     

  • MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, पहाड़ों पर एक्टिव होगा पश्चिमी विक्षोभ; इन राज्यों में बारिश संभव

    MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, पहाड़ों पर एक्टिव होगा पश्चिमी विक्षोभ; इन राज्यों में बारिश संभव

    भोपाल 
    उत्तरी हवा से वातावरण में ठंडक का अहसास अब धीरे-धीरे होने लगा है। सर्दी के आगमन के बीच सुबह की गुनगुनी धूप अब लोगों को भाने लगी है। मौसम के इस बदलते मिजाज से ये संभावना जताई जा रही है आगामी दिनों में ठंड का असर बढ़ सकता है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना है। जबलपुर सहित आस-पास का मौसम भी आंशिक रूप से प्रभावित हो सकता है। इसके बाद जबलपुर सहित मप्र में भी ठंड का असर तेजी से बढ़ सकता है।

    फिलहाल मौसम पूरी तरह से शुष्क है। सुबह और रात में हल्की ठंडक का अहसास हो रहा है वहीं दिन में धूप निकल रही है। सात से 12 अक्टूबर तक आंशिक रूप से मौसम में बदलाव देखा जा सकेगा।

    इंदौर में रात का तापमान सबसे कम प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है, लेकिन चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। हालांकि, दिन में तेज धूप खिल रही है। इससे अधिकतम तापमान 37 डिग्री से ऊपर चल रहा है। दूसरी ओर, रात में ठंडक बढ़ गई है। बीती रात इंदौर में सबसे कम 17.2 डिग्री, बैतूल में 17.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 17.6 डिग्री, पचमढ़ी में 18 डिग्री और अमरकंटक में 18.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया, पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही होने का अनुमान है। अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में ठंडक है।

    इस बार सामान्य से कम हुई बारिश बता दें कि इस बार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 100 दिन सक्रिय रहा। 24 जून को यह एंटर हुआ था और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से विदाई ले ली।

    इस बार कम पानी गिरा, 30 जिलों में असर दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।

    वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।

    इन 25 जिलों में कोटा फुल भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है।

    बाकी 30 जिलों में कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    तापमान 21 डिग्री के आसपास

    फिलहाल दिन का तापमान जहां 32 डिग्री के ऊपर बना हुआ है वहीं रात का न्यूनतम तापमान 20-21 डिग्री के आसपास बना हुआ है। सोमवार को हवा का रुख उत्तर-पश्चिमी रहा। अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

    मौसम का पूर्वानुमान

    मौसम शुष्क रहेगा

    सूर्योदय- 6: 04

    सूर्यास्त- 5: 53

    तापमान अधिकतम -34.0

    न्यूनतम – 21.5

    आर्दता-66 -45

  • रजरप्पा मंदिर में होंगे बड़े विकास कार्य, झारखंड सरकार ने ₹102 करोड़ की योजना का दिया ब्योरा

    रजरप्पा मंदिर में होंगे बड़े विकास कार्य, झारखंड सरकार ने ₹102 करोड़ की योजना का दिया ब्योरा

     रांची
    हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस अखिल कुमार की अदालत में रामगढ़ स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर के सौंदर्यीकरण के मामले में सोमवार को सुनवाई हुई।

    सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत के आदेश के आलोक में पर्यटन सचिव और रामगढ़ के उपायुक्त और अदालत में उपस्थित हुए।

    पर्यटन सचिव ने अदालत को बताया कि मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 102 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है।

    शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश
    पर्यटन सचिव के जवाब पर अदालत ने शपथ पत्र दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए तैयार की गई डीपीआर पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है।

    इस परियोजना के लिए राशि किस मद से उपलब्ध कराई जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

    इस संबंध में संजीव कुमार सिंह की ओर से अवमानना याचिका दाखिल की गई है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने पक्ष रखा।

    सुनवाई के दौरान पर्यटन विभाग के सचिव की ओर से अदालत को बताया गया कि रजरप्पा मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए तैयार डीपीआर पर स्वीकृति के लिए फाइल विभागीय मंत्री के पास भेजी गई है, क्योंकि राशि अधिक है। अदालत ने अगली सुनवाई में शपथ पत्र के माध्यम से पूरी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

    2023 का आदेश
    अदालत ने रामगढ़ डीसी और पर्यटन विभाग के सचिव की सशरीर उपस्थिति से फिलहाल छूट देते हुए अगली सुनवाई में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट को सहयोग करने का निर्देश दिया है।

    मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को विस्तृत आदेश पारित किया था।

    अदालत ने राज्य सरकार, पर्यटन विभाग, झारखंड पर्यटन विकास निगम और रामगढ़ जिला प्रशासन को मंदिर परिसर और आसपास की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया था।

  • LPG उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, KYC नहीं कराया तो बंद हो सकती है गैस बुकिंग

    LPG उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, KYC नहीं कराया तो बंद हो सकती है गैस बुकिंग

    लखनऊ
    अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद गैस कंपनियों ने नए कनेक्शन पर रोक लगा दी है। इस बीच ईकेवाईसी नहीं कराने वाले हजारों उपभोक्ताओं का कनेक्शन सस्पेंड कर दिया गया है। इससे यह उपभोक्ता अब बुकिंग नहीं करा सकेंगे। ईकेवाईसी कराने के बाद ही उनकी बुकिंग होगी। इधर घरेलू उपभोक्ताओं की बुकिंग 25 दिन के अंतराल पर होने से गैस उपभोक्ताओं को कई माह से कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गैस कनेक्शन से वंचित और ईकेवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को जुगाढ़ से 1800 रुपए में घरेलू सिलेंडर मिल पा रहा है। दुर्गापूजा-दशहरा में घरेलू गैस सिलेंडर की खपत बढ़ने से बैंकलाग बढ़ने से एक बार फिर एंजेंसियों पर भीड़ बढ़ सकती है।

    यूपी के सुल्तानपुर में ईधन की सुविधा के लिए विभिन्न कंपनियों की 48 गैस एजेंसियां संचालित है। इन एजेंसियों के माध्यम से पांच लाख 59 हजार 521 उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिया गया है। इसमें आईओसीएल,एचपीसीएल, बीपीसीएल गैस कंपनी के कनेक्शन शामिल है। युद्ध के बाद गैस कंपनियों ने ईकेवाईसी को अनिवार्य कर दिया। बुकिंग के समय ओटीपी अनिवार्य करने से ईकेवाईसी करने वाले उपभोक्ताओं की भीड़ लगने लगी।

    सितंबर महीने तक थी डेडलान
    नए कनेक्शन पर रोक लगा दी गई है। इससे 50 हजार से अधिक परिवार गैस कनेक्शन से वंचित रह गए है। ईकेवाई कराने के लिए सितम्बर माह तक समय दिया गया था। कंपनी की ओर से निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद दो अक्तूबर को ईकेवाईसी नही कराने वाले उपभोक्ताओं का कनेक्शन सस्पेंड कर दिया गया। इससे 50 हजार ईकेवाईसी नही कराने वाले उपभोक्ताओं की बुकिंग पर रोक लग गई है।

    कंपनी ईकेवाईसी कराने के बाद बुकिंग पर लगाई गई रोक हटाएगी। सोमवार को सुबह 10 बजे सुलतानपुर गैस एजेन्सी की पड़ताल की गई। एजेन्सी पर सात से आठ उपभोक्ता दिखाई दिए। इसमें ईकेवाईसी के उपभोक्ता भी शामिल थे। गैस एजेन्सी के संचालक जियाउल हसनैन ने बताया कि ईकेवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं के बुकिंग पर रोक लगा दी गई है, लेकिन ईकेवाईसी कराने वाले लोगों की संख्या रोजाना चार से पांच रहती है।

    ईकेवाईसी न कराने वालों में विदेश और अन्य शहर में रहने वाले ज्यादातर उपभोक्ताओं का नाम शामिल है। जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि गैस कंपनियों की ओर से ईकेवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं का स्पष्ट आंकड़ा नहीं भेजा गया है।

    25 दिन का अंतराल, तीन से चार दिन में डिलेवरी
    खाड़ी युद्ध के बाद गैंस बुकिंग के समय में भी परिवर्तन कर दिया गया है। इस समय शहर और ग्रामीण क्षेत्र में गैस सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन के अंतराल पर हो रही है। शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बुकिंग के तीसरे दिन और ग्रामीण क्षेत्र में बुकिंग के चौथे या पांचवें दिन सिलेंडर मिलता है।

    केवाईसी न कराने वालों को कामर्शियल सिलेंडर का भरोसा
    जिले में नया घरेलू कनेक्शन पर रोक लगी है। 40 हजार से अधिक परिवारों के पास कनेक्शन नहीं है। खाड़ी युद्ध के बाद उनके सामने समस्या हो गई है। ईकेवाईसी नही करा पाने वाले 50 हजार परिवारों की बुकिंग भी बंद हो गई। जिससे इन परिवारों को पांच किलोग्राम के सिलेंडर की गैस 806 रुपए में खरीदना होगा। इसके अलावा एचपी कंपनी की ओर से नया कनेक्शन के तहत 10 किलोग्राम गैस का प्लास्टिक बाडी का सिलेंडर मुहैया कराया जा रहा है।

  • जयपुर में सफर होगा आसान, 94 ई-बसों के संचालन से यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

    जयपुर में सफर होगा आसान, 94 ई-बसों के संचालन से यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

     जयपुर
    राजधानी जयपुर में नवरात्रि से सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ने जा रही है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) की सभी 94 ई-बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। फिलहाल शहर में 44 ई-बसें ही संचालित हो रही हैं, जबकि 50 बसें संचालन शुरू होने का इंतजार कर रही थीं। इन 50 अतिरिक्त ई-बसों के सड़क पर उतरने से त्योहारी सीजन में यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन की अतिरिक्त सुविधा मिल सकेगी।

    दरअसल, जयपुर में जेसीटीएसएल के बेड़े में अब तक 94 ई-बसें शामिल हो चुकी हैं। इनमें से 44 बसों का संचालन पहले ही शुरू कर दिया गया था। वहीं, शेष 50 बसों का आरटीओ में रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण संचालन अटका हुआ था। अब इन सभी 50 बसों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके बाद बसों को सड़कों पर उतारने की तैयारी पूरी हो गई है।

    त्योहारों में बढ़ेगी सार्वजनिक परिवहन की सुविधा
    नवरात्रि के साथ ही त्योहारी सीजन शुरू हो जाएगा। इस दौरान जयपुर के बाजारों और प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में 50 अतिरिक्त ई-बसों के संचालन से यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन में अतिरिक्त विकल्प मिल सकेगा। खासकर प्रमुख रूटों पर बसों की उपलब्धता बढ़ने से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    आरटीओ रजिस्ट्रेशन के कारण अटका था संचालन
    जेसीटीएसएल की 50 ई-बसें आरटीओ रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण सड़कों पर नहीं उतर पा रही थीं। इस वजह से फिलहाल 44 ई-बसों से ही संचालन किया जा रहा था। अब रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी 94 ई-बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है।

    श्राद्ध पक्ष के कारण फिलहाल नहीं शुरू हुआ संचालन
    50 नई ई-बसों का संचालन फिलहाल श्राद्ध पक्ष के कारण शुरू नहीं किया गया है। अब नवरात्रि के पहले दिन से इन सभी 50 बसों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों पर उतारने की तैयारी है। इसके बाद जयपुर में जेसीटीएसएल के बेड़े में शामिल सभी 94 ई-बसें यात्रियों के लिए उपलब्ध होंगी। इससे त्योहारी सीजन में शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में बसों की संख्या बढ़ेगी और यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिल सकेगा।