Author: NewseDay

  • किसानों के लिए राहत की खबर, फसलों की कीमत बढ़ने से हरियाणा में बढ़ेगी 720 करोड़ रुपये की आय

    किसानों के लिए राहत की खबर, फसलों की कीमत बढ़ने से हरियाणा में बढ़ेगी 720 करोड़ रुपये की आय

    चंडीगढ़
     केंद्र सरकार द्वारा रबी 2027-28 की प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई बढ़ोतरी हरियाणा के किसानों के लिए अतिरिक्त आय का रास्ता खोलने वाली है। वर्तमान सरकारी खरीद को आधार मानें तो एमएसपी में हुई बढ़ोतरी से राज्य के किसानों को लगभग 515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है।

    वहीं, यदि सरसों की सरकारी खरीद राज्य द्वारा निर्धारित लगभग 13 लाख टन के स्तर तक पहुंचती है, तो किसानों को मिलने वाला अतिरिक्त कुल लाभ बढ़कर लगभग 720 करोड़ रुपये हो सकता है।

    एमएसपी के दामों में हुई बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर सरसों और गेहूं उत्पादक किसानों पर पड़ने की संभावना है। सरसों का एमएसपी 6,200 रुपये से बढ़ाकर 6,613 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, यानी किसानों को 413 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिलेंगे। वहीं, गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये से बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, जिससे 25 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

    हरियाणा में लगभग 72 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद को आधार मानने पर किसानों को करीब 180 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है। करीब 4.69 लाख गेहूं विक्रेताओं के आधार पर प्रति किसान औसतन करीब 3,800 रुपये का अतिरिक्त लाभ बैठता है।

    सरसों के मामले में एमएसपी बढ़ोतरी का असर और बड़ा दिखाई देता है। करीब आठ लाख टन सरसों की सरकारी खरीद होने पर किसानों को लगभग 330 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। अगर खरीद बढ़कर 13 लाख टन तक पहुंचती है तो अकेले सरसों उत्पादकों को लगभग 537 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

    इस स्थिति में रबी फसलों से किसानों को मिलने वाला कुल अतिरिक्त लाभ लगभग 720 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। करीब 2.59 लाख सरसों विक्रेताओं के आधार पर प्रति किसान औसतन 12,700 रुपये का अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है।

    सरसों उत्पादन में अग्रणी सिरसा, भिवानी, महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी जैसे जिलों के किसानों को इसका विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। एमएसपी में बढ़ोतरी का असर केवल गेहूं और सरसों तक सीमित नहीं है।

    जौ का एमएसपी 2,150 रुपये से बढ़ाकर 2,286 रुपये, चने का 5,875 रुपये से बढ़ाकर 5,958 रुपये, मसूर का 7,000 रुपये से बढ़ाकर 7,390 रुपये और कुसुम का 6,540 रुपये से बढ़ाकर 7,215 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।

    कुसुम के मूल्य में सबसे अधिक 675 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। इस तरह एमएसपी में बढ़ोतरी किसानों को गेहूं के साथ दलहन और तिलहन की खेती की ओर बढ़ने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दे सकती है। इससे राज्य में फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

     

  • पंजाब कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ के खिलाफ मोर्चा, दिल्ली पहुंचे चन्नी, रंधावा और गुरजीत

    पंजाब कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ के खिलाफ मोर्चा, दिल्ली पहुंचे चन्नी, रंधावा और गुरजीत

    चंडीगढ़.

    पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस हाईकमान ने संगठन को एकजुट करने के साथ ही केंद्र के खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाने की कवायद तेज कर दी है।

    मंगलवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसदों के प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस की भी मजबूत भागीदारी दिखाई दी। पंजाब से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और गुरजीत सिंह औजला समेत अन्य नेता दिल्ली में प्रदर्शन में पहुंचे।

    इंडिया गठबंधन के सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सांसदों ने सड़क पर धरना दिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।

  • उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बड़ा फैसला, 6 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी; तुरंत काम शुरू करने के निर्देश

    उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बड़ा फैसला, 6 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी; तुरंत काम शुरू करने के निर्देश

    बरसात के बाद अब धरातल पर दिखेंगे सड़कों के काम, लोक निर्माण विभाग ने 6 कार्यों की निविदा को दी मंजूरी

    कुल 101.24 करोड़ की लागत से सड़कें होंगी चौड़ी और मजबूत, गौरव पथ निर्माण और सौंदर्यीकरण भी होगा

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यादेश जारी कर तत्काल काम शुरू कराने के दिए निर्देश 

    रायपुर. 
     राज्य शासन ने बरसात के बाद सड़कों के निर्माण में तेजी लाने की तैयारी पूरी कर ली है। लोक निर्माण विभाग ने धमतरी जिले में 6 कार्यों के लिए कुल 101 करोड़ 23 लाख 55 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। इनमें पांच सड़कों के मजबूतीकरण और चौड़ीकरण तथा आमदी नगर पंचायत में फोरलेन गौरव पथ एवं सौंदर्यीकरण का काम शामिल है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नए कार्यों की निविदा मंजूर करते हुए धमतरी संभाग के कार्यपालन अभियंता को चयनित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को कार्यादेश जारी कर तत्काल कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं। 

    कई महत्वपूर्ण मार्गों का होगा चौड़ीकरण और मजबूतीकरण

    लोक निर्माण विभाग ने धमतरी जिले में मेघा रोड तिराहा-स्टेशन रोड-चरमुड़िया राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में 3.75 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 45 लाख 12 हजार रुपए, पचपेड़ी-तर्रागोंदी-भेलवाकूदा-टिपानी-सेमरा (बी) मार्ग में पांच किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 13 करोड़ 32 लाख 82 हजार रुपए, नौ किलोमीटर छाती-गागरा-कंडेल-देवपुर मार्ग के लिए 23 करोड़ 12 लाख 46 हजार रुपए तथा 10 किलोमीटर अर्जुनी-भानपुरी-तरसींवा-कुर्रा-अमलीडीह-हसदा सड़क के लिए 19 करोड़ 42 लाख 22 हजार रुपए की निविदा मंजूर की है।

    विभाग ने राजनांदगांव-गुंडरदेही-धमतरी-नगरी सिहावा-बोराई राज्य मार्ग में 23 किलोमीटर लंबाई के मजबूतीकरण एवं डामरीकरण के लिए 11 करोड़ 70 लाख 83 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा इसी मार्ग में पड़ने वाले आमदी नगर पंचायत में 3.50 किलोमीटर फोरलेन गौरव पथ के निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य के लिए भी 19 करोड़ 26 लाख 10 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की है। विभाग द्वारा इन निविदाओं का अनुमोदन अनुबंध के पूर्व ठेकेदारों से संपूर्ण कार्यावधि के लिए प्रभावशील एपीएस (Additional Performance Security) की राशि की बैंक गारंटी प्राप्त करने की शर्त पर की गई है।

    मापदंडों के अनुसार कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें, गुणवत्ता व समय-सीमा पर दें विशेष ध्यान – अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने धमतरी संभाग के कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार सुनिश्चित करते हुए कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ये कार्य किसी अन्य को सबलेट नहीं करने तथा कार्य संपादन के लिए पॉवर-ऑफ-अटॉर्नी को मान्य नहीं करने भी कहा है। साव ने अनुबंधित समयावधि में कार्यों को पूर्ण करने, कार्यों का संपादन अनुबंधानुसार प्रशासकीय स्वीकृति एवं आबंटन की सीमा में करने के भी निर्देश दिए हैं।

  • लाड़ली बहना की 41वीं किस्त इस महीने, ₹1,500 मिलेंगे; अब तक 40 किस्तों में ₹65,396 करोड़ ट्रांसफर

    लाड़ली बहना की 41वीं किस्त इस महीने, ₹1,500 मिलेंगे; अब तक 40 किस्तों में ₹65,396 करोड़ ट्रांसफर

    भोपाल 

    फिलहाल 1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलते हैं। अक्टूबर यानी इसी महीने में 41वीं किस्त आने वाली है, जिसकी राशि अब भी 1,500 रुपये ही तय है। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक, यानी जून 2023 से सितंबर 2026 तक 40 किस्तों में महिलाओं के खातों में कुल 65,396 करोड़ रुपये जा चुके हैं।

    आमतौर पर लाड़ली बहना योजना की राशि महीने में एक बार पात्र महिलाओं के आधार लिंक बैंक खाते में 10 से 15 तारीख के बीच DBT के जरिए भेजी जाती है. इसी वजह से अक्टूबर की किस्त को लेकर 10 से 15 अक्टूबर के आसपास राशि आने की उम्मीद जताई जा रही है. लेकिन जब तक सरकार की ओर से तारीख का ऐलान नहीं होता, इसे पक्की तारीख नहीं माना जा सकता. मौजूदा सरकारी जानकारी के मुताबिक पात्र महिला को 1,500 रुपये प्रति माह उसके स्वयं के आधार लिंक और DBT सक्रिय बैंक खाते में दिए जाते हैं। 

    किस्त से पहले ये काम जरूर जांच लें
    किस्त आने से पहले लाभार्थी महिलाओं को अपने बैंक खाते और योजना की जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए. सरकारी पोर्टल के मुताबिक, महिला के नाम पर अपना बैंक खाता होना जरूरी है. संयुक्त बैंक खाता मान्य नहीं है. बैंक खाते में आधार लिंक होना चाहिए और डीबीटी भी चालू होना जरूरी है. इसके अलावा समग्र पोर्टल पर आधार की ई-केवाईसी भी पूरी होनी चाहिए. अगर बैंक खाते, आधार, मोबाइल नंबर या समग्र की जानकारी में कोई गलती है, तो उसे समय रहते ठीक करा लेना चाहिए. इससे किस्त आने के समय परेशानी नहीं होगी। 

    ऐसे चेक करें 41वीं किस्त का स्टेटस
        सबसे पहले लाड़ली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट (cmladlibehna.mp.gov.in) खोलें.
        वहां ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ विकल्प पर क्लिक करें.
        अब अपना आवेदन नंबर या समग्र आईडी डालें
        इसके बाद कैप्चा भरें.
        रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को डालकर वेरिफिकेशन करें.
        वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद स्क्रीन पर आवेदन और किस्त से जुड़ी जानकारी दिखाई देगी.
        लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त कब आएगी? जानें लेटेस्ट अपडेट

    पैसा नहीं आए तो क्या करें?
    अगर किस्त जारी होने के बाद भी खाते में पैसा नहीं पहुंचता है तो महिला लाड़ली बहना योजना के हेल्पडेस्क नंबर 0755-2700800 पर संपर्क कर सकती है. योजना के आधिकारिक पोर्टल पर भी हेल्पडेस्क की जानकारी दी गई है। 

    इसके अलावा भुगतान से जुड़ी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 के जरिए भी दर्ज कराई जा सकती है. इसलिए किस्त जारी होने के बाद सबसे पहले बैंक खाते की स्थिति और योजना के भुगतान स्टेटस की जांच जरूर करें। 

    40वीं किस्त में ट्रांसफर हुए ₹1,835 करोड़ से ज्यादा
    13 सितंबर 2026 को जारी की गई 40वीं किस्त में 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार 150 महिलाओं के खातों में 1,835 करोड़ रुपये से ज्यादा गए। मौजूदा दर पर यह खर्च सालाना करीब 22,000 करोड़ रुपये बैठता है।

    राज्य के कुल बजट का 5.4% हिस्सा योजना के नाम
    वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 23,883 रुपये करोड़ रखे गए हैं। यह राशि राज्य के कुल बजट (4.38 लाख करोड़ रुपये) का करीब 5.4 प्रतिशत है।

    शुरुआती अनुमान से दोगुना हुआ खर्च
    घोषणा के वक्त योजना का अनुमान इससे आधा था। फरवरी 2023 में जब शुरुआती गणना की गई थी, तब सालाना खर्च करीब 12,000 करोड़ रुपये आंका गया था, क्योंकि उस समय सहायता राशि 1,000 रुपये तय की गई थी।

  • केंद्रीय योजनाओं की धीमी रफ्तार से नाराज विभाग, पांच जिला कृषि अधिकारियों के खिलाफ तैयार होगा कार्रवाई प्रस्ताव

    केंद्रीय योजनाओं की धीमी रफ्तार से नाराज विभाग, पांच जिला कृषि अधिकारियों के खिलाफ तैयार होगा कार्रवाई प्रस्ताव

     रांची
     कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने राज्य में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन और आवंटित राशि कम खर्च पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोमवार को आयोजिक बैठक में कृषि सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों के आलोक में योजनाओं के क्रियान्वयन में सबसे
    खराब प्रदर्शन करने वाले बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा, धनबाद तथा लातेहार के जिला कृषि पदाधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

    निदेशक ने समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना-सह-कृषक पाठशाला योजना के पुराने लंबित बिलों का अविलंब भुगतान करने और काम में लापरवाही बरतने वाली चयनित एजेंसियों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिया है। कृषि निदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब केवल पांच माह शेष हैं। इसलिए सभी योजनाओं का तेजी क्रियान्वयन किया जाए।

    केंद्रीय कृषि मंत्री के दौरे को लेकर बढ़ी सक्रियता
    बैठक में अधिकारियों को को बताया गया कि आठ अक्टूबर को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का रांची दौरा है। इस दौरान राज्य के कृषि मंत्री के साथ केंद्रीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति और खर्च की समीक्षा की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति और कोषागार से संबंधित लंबित प्रक्रियाओं को तुरंत पूरा करने का आदेश दिया गया।

    किसान आईडी नहीं बनने पर रुकेगा मानदेय
    डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की समीक्षा के दौरान जिलावार व्यय पर असंतोष जताया गया। कृषि निदेशक ने निर्देश दिया कि जिलों में पदस्थापित बीटीएम, एटीएम और उप परियोजना निदेशकों के माध्यम से न्यूनतम 14,000 की संख्या में यूनिक किसान आईडी तैयार कराई जाए।

    जब तक संबंधित कर्मी इस कार्य को पूरा करने का प्रमाण नहीं देंगे, तब तक माह अक्टूबर के मानदेय का भुगतान नहीं किया जाएगा। इस पर सख्ती बरतने के निर्देश हैं।

  • पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव से कथित संपर्क का खुलासा, बिहार के दो आरोपियों को असम में दबोचा गया

    पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव से कथित संपर्क का खुलासा, बिहार के दो आरोपियों को असम में दबोचा गया

    पटना
    भारत की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं कथित तौर पर पाकिस्तान तक पहुंचाने के आरोप में असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने बिहार से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ का दावा है कि दोनों पाकिस्तान के एक खुफिया ऑपरेटिव के संपर्क में थे और सुरक्षा बलों से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा कर रहे थे।

    असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने पूर्वी चंपारण के अभिषेक कुमार सिंह (31), बेगूसराय के रीतेश सिंह (39) को पकड़ा है। दोनों गुवाहाटी के सतगांव थाना क्षेत्र के गांधीनगर स्थित एक किराये पर रह रहे थे। पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि देश विरोधी गतिविधियों में संलग्न युवक की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है। स्थानीय स्तर पर परिवार और पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने जारी बयान में कहा कि सुरक्षा संबंधी जानकारी पाक को मुहैया कराने के आरोप में सेना के जवान समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शर्मा ने कहा कि सेना के सेवानिवृत्त जवान को अनुबंध के आधार पर फिर से नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी केंद्रीय एजेंसियों से मिली सूचना के आधार पर की गई।

    दोनों आईएसआई को भेज रहे थे जानकारी
    पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई सेना की खुफिया इकाई (मिलिट्री इंटेलिजेंस) से मिले शुरुआती इनपुट के आधार पर की गई। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि अभिषेक कुमार सिंह कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल है और उसके संबंध एक पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव से हैं। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड और कुछ दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जब्त सामग्री की जांच की जा रही है।

  • हरियाणा के विकास को मिलेगा सिंगापुर का साथ, गुरुग्राम से पानीपत तक निवेश से बनेगा नया इनोवेशन हब

    हरियाणा के विकास को मिलेगा सिंगापुर का साथ, गुरुग्राम से पानीपत तक निवेश से बनेगा नया इनोवेशन हब

    चंडीगढ़.

    सिंगापुर के निवेशकों ने हरियाणा में लाजिस्टिक्स, शहरी विकास, तकनीकी, विनिर्माण और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई है। साथ ही डाटा सेंटर, रक्षा क्षेत्र, आधारभूत ढांचे और हाउसिंग परियोजनाओं में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन सोमवार को सिंगापुर इंडिया नेटवर्क फार ग्रोथ फोरम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ उद्यमियों संग चर्चा की। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा को भारत की नवाचार राजधानी के रूप में स्थापित करना लक्ष्य है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2017 में हरियाणा ने सिंगापुर की कंपनियों और संस्थाओं के साथ लाजिस्टिक्स, टाउनशिप, एविएशन, स्मार्ट सिटीज, वेलनेस, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में पांच बड़े एमओयू किए थे।

    चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की विशेष संभावनाएं
    इनका कुल प्रस्तावित मूल्य 3.8 बिलियन सिंगापुर डालर (28 हजार 584) करोड़ रुपये से अधिक था। असेंडास-सिंगब्रिज ने गुरुग्राम में इंटरनेशनल टेक पार्क विकसित किया है। इस नींव को अब अगले स्तर तक ले जाना है। उन्होंने चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की विशेष संभावनाएं बताईं। पहला, लाजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर। सिंगापुर की लाजिस्टिक्स और सप्लाई चेन विशेषज्ञता के लिए यहां अपार अवसर हैं। दूसरा, अर्बन डेवलपमेंट और रियल एस्टेट। गुरुग्राम और आसपास इंटीग्रेटेड टाउनशिप, कमर्शियल डेवलपमेंट तथा आधुनिक शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में साझेदारी की बड़ी संभावनाएं हैं। तीसरा, टेक्नोलाजी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स। सिंगापुर की कंपनियां अपने टेक्नोलाजी, डिजिटल, फाइनेंशियल और प्रोफेशनल कैपेबिलिटी सेंटर्स हरियाणा में स्थापित कर सकती हैं। चौथा, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग।

    हरियाणा ने सिंगापुर-आधारित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ पार्टनरशिप की
    हरियाणा का आटोमोबाइल और इंजीनियरिंग इकोसिस्टम मजबूत है। अब इलेक्ट्रानिक्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर्स और फ्यूचर-रेडी इंडस्ट्रीज की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह सिंगापुर की प्रौद्योगिकी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं के साथ प्राकृतिक साझेदारी का क्षेत्र है। हरियाणा ने सिंगापुर-आधारित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ पार्टनरशिप की है। इसके माध्यम से विश्व स्तरीय के-12 शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और लगभग दो हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित करते हुए कहा कि हरियाणा आकर गुरुग्राम-मानेसर, औद्योगिक क्लस्टर, लाजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम को देखें और बताएं कि आप यहां क्या बनाना चाहते हैं। समय आ गया है कि भारत-सिंगापुर संबंधों को गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट से बिजनेस-टू-बिजनेस, निवेश से साझेदारी, साझेदारी से इकोसिस्टम और संवाद से डिलीवरी तक ले जाया जाए।

    हिसार के आसपास रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा
    हरियाणा में डाटा सेंटर स्थापित करने, हिसार के आसपास रक्षा क्षेत्र में निवेश, आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने तथा नई तकनीक अपनाने से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। पानीपत में हाउसिंग क्षेत्र के विकास संबंधी विषयों पर भी गहन मंथन हुआ। गुरुग्राम में सस्ते दर पर रिहायशी क्षेत्र विकसित करने तथा हाउसिंग फार रेंटल नीति को लेकर बातचीत हुई। विदेशी निवेशक हरियाणा में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और नई तकनीकों को बढ़ावा देने पर सहमत नजर आए।

  • प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी का नया वीडियो चर्चा में, छत पर जाते हुए दिखे

    प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी का नया वीडियो चर्चा में, छत पर जाते हुए दिखे

    मथुरा
    संत प्रेमानंद महाराज के दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में एक नया सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें रसिक दुलारी सीढ़ियों पर चढ़ता नजर आ रहा है। इससे मामले को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। संत प्रेमानंद महाराज के दीक्षित साधु रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हुई थी। पुलिस के अनुसार वह गुरु कृपा कुंज की छत से गिरा था। जांच के दौरान मौत से पहले उसके साथ हुई घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए।

    सभी साक्ष्य संरक्षित
    पुलिस ने सभी साक्ष्यों को संरक्षित रखने का निर्णय लिया। इनमें सीसीटीवी फुटेज और अन्य सामग्री शामिल हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। अब एक के बाद एक तीन सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने से सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब पुलिस ने इन साक्ष्यों को संरक्षित कर लिया है तो वीडियो किसके द्वारा और किस उद्देश्य से वायरल किए जा रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि इन वीडियो को वायरल करने का उद्देश्य संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत को आत्महत्या के रूप में स्थापित करना हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

    एसआईटी जांच की मांग उठी
    दूसरी तरफ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत की एसआईटी जांच की मांग को लेकर पत्र याचिका भेजी गई है। अधिवक्ता प्रह्लाद कृष्ण शुक्ल ने चीफ जस्टिस को पत्र याचिका भेजकर मामले की जांच के लिए न्यायालय की निगरानी में एसआईटी गठित करने की मांग की है। पत्र याचिका में कहा गया है कि यह देश के हजारों लाखों श्रद्धालुओं से जुड़ा मामला है इसलिए इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती। पत्र याचिका में मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा गया है कि सच को सामने लाने के लिए हाईकोर्ट की सीधी निगरानी में विशेष जांच टीम का गठन किया जाए या फिर मजिस्ट्रियल जांच हो। याचिका में पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश देने की मांग गई है।

    चौथी मंजिल से कूद गए थे दीपक लोधी
    गौरतलब है कि वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम श्रीहित राधा केलि कुंज में 25 वर्षीय साधु रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक पटेल की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। जबलपुर, मध्य प्रदेश निवासी यह साधु चौथी मंजिल से कूद गया था। उसे अस्पताल ले जाया गया। उसका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ पाया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ। मथुरा पुलिस प्रेमानंद महाराज के सभी आश्रमों में घटना से जुड़े सबूत जुटा रही है व शिष्यों से पूछताछ कर रही है। उधर, रसिक दुलारी के परिजन आश्रम की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विरोध कर रहे हैं।

  • पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव, 11 अक्टूबर को परगट सिंह संभालेंगे कमान; सचिन पायलट होंगे शामिल

    पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव, 11 अक्टूबर को परगट सिंह संभालेंगे कमान; सचिन पायलट होंगे शामिल

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह की औपचारिक ताजपोशी की तैयारियां तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार परगट सिंह 11 अक्टूबर के आसपास चंडीगढ़ में प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभाल सकते हैं।

    इससे पहले दिल्ली में उनकी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और सांसदों के साथ मुलाकातों का दौर जारी है। इन बैठकों के जरिए पंजाब कांग्रेस की आगामी रणनीति और संगठन को मजबूत करने पर मंथन किया जा रहा है।

    दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात का दौर
    प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने से पहले परगट सिंह दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर पंजाब के राजनीतिक हालात की जानकारी साझा कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इन बैठकों में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठनात्मक बदलाव और पार्टी नेताओं के बीच बेहतर समन्वय जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।

    चंडीगढ़ में होगी परगट सिंह की ताजपोशी
    परगट सिंह की औपचारिक ताजपोशी का कार्यक्रम चंडीगढ़ में आयोजित किए जाने की तैयारी है। कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट भी अगले चार-पांच दिनों में चंडीगढ़ पहुंच सकते हैं। इसके बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में परगट सिंह को विधिवत रूप से प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार सौंपे जाने की संभावना है। राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर भी पार्टी स्तर पर चर्चा चल रही है।

    परगट सिंह के सामने क्या है सबसे पड़ी चुनौती?
    परगट सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी और अंदरूनी मतभेदों को पीछे छोड़कर नेताओं व कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने की होगी। पार्टी में लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच कांग्रेस नेतृत्व ने परगट सिंह को ऐसे चेहरे के रूप में चुना है, जो विभिन्न धड़ों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सके। वहीं, पंजाब के विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस का सरकार के खिलाफ आंदोलन भी जारी है। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष के कार्यभार संभालने के बाद पार्टी की सक्रियता और संगठनात्मक गतिविधियों को और तेज करने की तैयारी है। कांग्रेस का लक्ष्य 2027 के चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना है।