Author: NewseDay

  • बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वर्चुअल संबोधन, किसानों से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा

    बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वर्चुअल संबोधन, किसानों से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती किसानी तथा औषधीय फसलों में समृद्ध मंदसौर जिला अब तरक्की के नए आयामों को स्पर्श कर रहा है। 8-लेन एक्सप्रेस वे, गांधी सागर चीता प्रोजेक्ट, पशुपतिनाथ लोक जैसी कई सौगातें जिले को मिली हैं। आगामी दिनों में मंदसौर नीमच जिले को एयरपोर्ट सुविधा, परिवहन सेवा की बसों के माध्यम से भोपाल की सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। मुख्यमंत्री वर्चुअल माध्यम से मंदसौर जिले से जुड़कर बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में नवीन तकनीक के माध्यम से मंदसौर जिला श्रेष्ठ खेती किसानी कर रहा है। जिले में औषधीय फसलें भी उल्लेखनीय हैं। एक जिला एक उत्पाद के तहत मंदसौर जिले के लहसुन की ब्रांडिंग राज्य शासन द्वारा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली दी जाएगी, जिससे किसानों को रात में सिंचाई का झंझट नहीं रहेगा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गांव-गांव में दुग्ध समितियां बनाई जा रही हैं। ऑर्गेनिक घी और दूध की योजना साकार हो रही है, दुग्ध उत्पादन 12 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत वृद्धि करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने आगामी त्योहारों की बधाई देते हुए कहा कि गोवर्धन पूजा पर कार्यक्रम आयोजित करके उन्नत पशुपालकों को पुरस्कार भी दिया जाएगा।

    सांसद श्री सुधीर गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश शासन किसान कल्याण के लिए कृत संकल्पित है। शासन ने सिंचाई योजनाओं के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है। किसान हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है। कार्यक्रम में जिले के उन्नत कृषकों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।

    अपेक्स बैंक चेयरमैन श्री महेंद्र सिंह यादव, श्री राजेश दीक्षित, श्री कप्तान सिंह और पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया ने भी संबोधित किया।

    कृषि उपज मंडी परिसर मंदसौर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में जिला पंचायत अध्यक्ष  दुर्गा विजय पाटीदार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ मनुप्रिया यादव, नगर पालिका अध्यक्ष  रमादेवी बंशीलाल गुर्जर तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

     

  • बिहार MLC चुनाव: 4 शिक्षक, 4 स्नातक सीटों पर कौन डालेगा वोट, जानें जीत का फॉर्मूला

    बिहार MLC चुनाव: 4 शिक्षक, 4 स्नातक सीटों पर कौन डालेगा वोट, जानें जीत का फॉर्मूला

    पटना
     बिहार विधान परिषद की 8 सीटों (4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) पर होने वाले चुनाव को लेकर राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है।

    इन सीटों पर भाजपा-कांग्रेस और राजद-जदयू के अलावा जनसुराज और आम आदमी पार्टी ने अपने प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

    Bihar MLC Election 2026 की इन 8 सीटों का दायरा 30 जिलों और करीब 150 विधानसभा क्षेत्रों तक फैला हुआ है, लेकिन इस चुनाव में आम मतदाता वोट नहीं करते हैं। इस स्टोरी में हम आपको बताएंगे कि इन सीटों पर MLC का चुनाव कौन करेगा और जीत का गणित क्या है?

    स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (4 सीटें)
    स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में केवल वही नागरिक वोट डालते हैं, जो कम से कम 3 वर्ष पूर्व स्नातक (Graduate) पास कर चुके हों और जिन्होंने फॉर्म-19 भरा हुआ हो।

    1. पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
    इस निर्वाचन क्षेत्र में पटना के अलावा नालंदा और नवादा जिले आते हैं, जिसमें कुल 25 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। यहां 88,000 ग्रेजुएट वोट करेंगे।

    यहां जदयू नेता नीरज सिंह पिछले 3 बार से MLC हैं। इस बार उनका मुख्य मुकाबला जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह से है, क्योंकि उन्हें जदयू विधायक अनंत सिंह का सपोर्ट हासिल है।

    इसके अलावा राजद से दिलीप कुमार और कांग्रेस से डॉ. असदुल्लाह खान मैदान में हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी ने हिमांशु पटेल को उतारा है।

    2. दरभंगा स्नातक सीट
    इस क्षेत्र में दरभंगा के अलावा मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय जिले आते हैं, जिसमें कुल 37 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। यहां 1.15 लाख मतदाता पंजीकृत हैं।

    दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में NDA उम्मीदवार सर्वेश कुमार वर्तमान विधान पार्षद हैं। इस बार उनका मुकाबला राजद के अनिल कुमार झा और कांग्रेस के रजनीकांत पाठक से है। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार डॉ. मोहम्मद इम्तियाज नूरानी हैं।

    3. तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
    मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिले के 28 विधानसभा क्षेत्र इसके अंदर आते हैं। 1.50 लाख ग्रेजुएट इस सीट से MLC चुनेंगे।

    मुख्य पार्टियों में जदयू के अभिषेक झा, राजद की डॉ. रश्मि विनायक गौतम और आम आदमी पार्टी से ऋषि अग्रवाल इस सीट से मैदान में हैं।

    4. कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
    इस क्षेत्र का दायरा सबसे बड़ा है। इसमें सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा, भागलपुर और बांका समेत 14 जिले शामिल हैं। यहां कुल 64 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इस सीट पर 1.20 लाख मतदाता वोट करेंगे।

    प्रमुख प्रत्याशी
        डॉ. एन. के. यादव – भाजपा (NDA / निवर्तमान MLC)
        नितेश कुमार यादव – राजद
        मनोज कुमार जायसवाल – कांग्रेस
        डॉ. रजनीश रंजन – जन सुराज

    शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
    शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में माध्यमिक या उससे उच्च शिक्षण संस्थानों में न्यूनतम 3 वर्षों से काम करने वाले शिक्षक ही मतदाता बन सकते हैं। इसके लिए उन्हें फॉर्म-20 भरना होता है।

    5. पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
    स्नातक की तरह इसमें भी 25 विधानसभा क्षेत्र आते हैं, लेकिन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए पंजीकृत वोटर मात्र 16,600 हैं।

    प्रमुख प्रत्याशी
        प्रो. नवल किशोर यादव – भाजपा (NDA / निवर्तमान MLC)
        डॉ. संजीव कुमार सिंह – राजद
        संजय कुमार यादव – कांग्रेस
        डॉ. दिव्या ज्योति -जनसुराज

    6. दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
    यहां लगभग 8,900 मतदाता पंजीकृत हैं।

    प्रमुख प्रत्याशी
        घनश्याम राय – जदयू (NDA)
        डॉ. मदन मोहन झा – कांग्रेस (निवर्तमान MLC)
        अब कुमर राय – राजद
        शंभूनाथ ठाकुर – आम आदमी पार्टी (AAP)

    7. सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
    इस सीट में सारण के अलावा सीवान और गोपालगंज जिले आते हैं। पंजीकृत वोटर्स की संख्या लगभग 10,800 है।

    प्रमुख प्रत्याशी:
        आनंद पुष्कर, जदयू (NDA)
        प्रो. जयराम यादव, राजद
        आफाक अहमद, जन सुराज (निवर्तमान MLC)

    8. तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
    यहां लगभग 9,000 शिक्षक वोट डालेंगे। इस सीट से CPI के वर्तमान MLC संजय कुमार का मुख्य मुकाबला NDA प्रत्याशी और जनसुराज के भूषण झा से है।
    जीत का गणित

    विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों का चुनाव साधारण बहुमत से नहीं, बल्कि आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote – STV) के आधार पर होता है।

    मतदाता अपने मतपत्र पर अपनी पसंद के अनुसार प्रत्याशियों के नाम पर 1, 2, 3 जैसी वरीयता (Preference) दर्ज करते हैं। सबसे पहले पहली वरीयता (1st Preference) के वोटों की गिनती की जाती है।

    यदि कोई प्रत्याशी पहली ही गिनती में कुल पड़े वैध वोटों का 50% + 1 वोट प्राप्त कर लेता है, तो उसे तुरंत विजेता घोषित कर दिया जाता है।

    यदि पहली वरीयता में कोई उम्मीदवार कोटा हासिल नहीं कर पाता, तो सबसे कम वोट पाने वाले प्रत्याशी को दौड़ से बाहर (Eliminate) कर दिया जाता है और उसके मतपत्रों पर दर्ज दूसरी वरीयता (2nd Preference) के वोटों को बाकी बचे उम्मीदवारों में बांट दिया जाता है। यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है, जब तक कोई उम्मीदवार आवश्यक कोटा (50% + 1) हासिल न कर ले।

     

  • शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से, सुबह 6:19 से 10:12 बजे तक कलश स्थापना का शुभ समय

    शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से, सुबह 6:19 से 10:12 बजे तक कलश स्थापना का शुभ समय

    शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इस दिन से नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी। नवरात्रि के पहले दिन घरों और मंदिरों में कलश स्थापना होगी। इसके साथ ही माता की आराधना शुरू हो जाएगी। इस बार नवरात्रि की शुरुआत रविवार से हो रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार रविवार और सोमवार को नवरात्रि शुरू होने पर मां दुर्गा का वाहन हाथी माना जाता है। इसलिए इस बार माता रानी हाथी पर सवार होकर आएंगी। वहीं नवरात्रि का समापन मंगलवार को होगा, इसलिए माता का प्रस्थान घोड़े पर माना जाएगा।

    कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
    11 अक्टूबर को कलश स्थापना के लिए सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक का समय शुभ माना जा रहा है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 बजे से दोपहर 12:37 बजे तक रहेगा। शहर के अनुसार मुहूर्त में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

    कलश स्थापना कैसे करें?
    नवरात्रि के पहले दिन सुबह स्नान करके पूजा स्थल की सफाई करें। चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद मिट्टी के पात्र में जौ बोएं। कलश में साफ पानी भरें और इसमें अक्षत, सुपारी और सिक्का डालें। कलश के ऊपर आम या अशोक के पत्ते रखें। इसके बाद नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर कलश के ऊपर स्थापित करें। कलश स्थापना के बाद मां दुर्गा का ध्यान करें और विधि-विधान से पूजा शुरू करें।

    मां दुर्गा की पूजा विधि
    सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें। इसके बाद कलश और मां दुर्गा की पूजा करें। माता को लाल फूल, चुनरी, अक्षत और सिंदूर अर्पित करें। धूप और दीप जलाएं। इसके बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या माता के मंत्रों का पाठ करें। अंत में मां दुर्गा की आरती करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।

    माता को क्या भोग लगाएं?
    नवरात्रि में मां दुर्गा को फल, मिठाई, नारियल और सात्विक भोजन का भोग लगाया जाता है। अपनी श्रद्धा के अनुसार माता को भोग अर्पित कर सकते हैं। नौ दिनों में माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है।

    मां दुर्गा की सवारी का क्या है महत्व?
    धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्रि में माता के आगमन और प्रस्थान के वाहन का खास महत्व होता है। इस बार माता का आगमन हाथी पर माना जा रहा है। हाथी को सुख-समृद्धि, धन-धान्य और अच्छी वर्षा से जोड़कर देखा जाता है। वहीं माता का प्रस्थान घोड़े पर होगा। धार्मिक मान्यताओं में देवी के घोड़े पर प्रस्थान को बदलाव और हलचल से जोड़कर देखा जाता है।

    नवरात्रि में रखें इन बातों का ध्यान
    नवरात्रि के दौरान घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई रखें। व्रत रखने वाले लोग अपनी क्षमता के अनुसार उपवास करें। सात्विक भोजन करें और पूजा-पाठ में मन लगाएं। अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन की भी परंपरा है। कन्याओं को भोजन कराने के बाद उन्हें उपहार या दक्षिणा दी जाती है।

  • सेवा सेतु शिविर के तहत पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना कैम्प 9 अक्टूबर से

    सेवा सेतु शिविर के तहत पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना कैम्प 9 अक्टूबर से

    शासन के निर्देशानुसार वर्तमान में संचालित सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत विद्युत कम्पनी द्वारा मुख्य गतिविधि सेवा सेतु शिविर का विकासखंडवार आयोजन 9 से 15 अक्टूबर तक किया जाएगा। इस दौरान पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र उपभोक्ताओं को ऑन द स्पॉट पंजीयन कर वित्तीय व तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। इस क्रम में पन्ना विकासखंड अंतर्गत वितरण केन्द्र पन्ना शहर कार्यालय में 9 अक्टूबर को शिविर लगेगा, जबकि वितरण केन्द्र कार्यालय गुनौर में 12 अक्टूबर, पवई में 13 अक्टूबर, अजयगढ़ में 14 अक्टूबर और शाहनगर में 15 अक्टूबर को शिविर लगाया जाएगा। विद्युत कम्पनी के कार्यपालन अभियंता द्वारा उपभोक्ताओं से अधिकाधिक संख्या में शिविर में शामिल होकर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाने की अपील की गई है। इन शिविरों में उपभोक्ताओं को रूफ टॉप सोलर लगाने पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया व बैंक से मिलने वाली आसान ऋण सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

  • समूह से मिला एक लाख रुपये का सहारा, दुकान और ठेले से आत्मनिर्भर बनीं लाजो

    समूह से मिला एक लाख रुपये का सहारा, दुकान और ठेले से आत्मनिर्भर बनीं लाजो

    रायपुर

    खेती-बाड़ी का कोई साधन नहीं और चार सदस्यीय परिवार की जिम्मेदारी के बीच सरगुजा जिले की लाजो ने स्वरोजगार को अपनी आजीविका का आधार बनाया है। स्व-सहायता समूह से मिले एक लाख रुपये के ऋण ने उन्हें स्वयं का काम शुरू करने का अवसर दिया। उन्होंने इस राशि से दुकान और ठेले का व्यवसाय शुरू किया और आज इसी से होने वाली आमदनी के सहारे परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ समूह से लिए ऋण की मूल राशि और ब्याज भी चुका रही हैं।

    अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम लिबरा निवासी लाजो की यह कहानी बताती है कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से मिलने वाला आर्थिक सहयोग ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की राह दिखा सकता है। खेती का साधन नहीं होने के बावजूद लाजो ने अपनी मेहनत से आय का जरिया तैयार किया और आज वे अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

    एक लाख रुपये के ऋण से शुरू किया अपना व्यवसाय

    लाजो बताती हैं कि उनके पास खेती-बाड़ी नहीं है। ऐसे में परिवार के भरण-पोषण के लिए नियमित आमदनी का साधन जुटाना जरूरी था। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें एक लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने में किया।

    लाजो ने दुकान के साथ ठेला भी शुरू किया। धीरे-धीरे व्यवसाय से आमदनी होने लगी और परिवार के लिए नियमित आय का रास्ता बना। अब इसी कमाई से वे घर के जरूरी खर्च पूरे कर रही हैं और अपने व्यवसाय को भी आगे बढ़ा रही हैं।

    चार सदस्यीय परिवार के लिए बनीं मजबूत सहारा

    लाजो के परिवार में चार सदस्य हैं। खेती-बाड़ी नहीं होने के कारण उनके व्यवसाय से होने वाली कमाई परिवार की आजीविका के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन गई है। वे बताती हैं कि ठेले और दुकान से होने वाली आय से घर का खर्च चलाने में मदद मिल रही है।

    स्वरोजगार ने उन्हें परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां संभालने के साथ आत्मनिर्भर बनने का भरोसा भी दिया है। नियमित रूप से व्यवसाय चलाते हुए वे अपनी आय से परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं।

    परिवार भी संभाला, ऋण की जिम्मेदारी भी निभा रहीं

    लाजो की सफलता की खास बात यह है कि व्यवसाय से होने वाली आमदनी से वे केवल परिवार का भरण-पोषण ही नहीं कर रहीं, बल्कि समूह से लिए गए ऋण की मूल राशि और ब्याज का भुगतान भी कर रही हैं। इससे उनका व्यवसाय आर्थिक अनुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    लाजो का कहना है कि उनका व्यवसाय अच्छी तरह चल रहा है और इससे उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिला है। समूह से मिली सहायता ने उन्हें किसी दूसरे आय के साधन पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं का काम शुरू करने का रास्ता दिया।

    समूह की मदद से आत्मनिर्भरता की राह हुई आसान

    स्व-सहायता समूह से मिला एक लाख रुपये का ऋण लाजो के लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि स्वयं की आजीविका खड़ी करने का अवसर साबित हुआ। खेती का साधन नहीं होने के बावजूद उन्होंने स्वरोजगार को अपनाकर परिवार के लिए आय का स्रोत तैयार किया।

    लाजो ने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समूह से मिली मदद के कारण वे आज अपने परिवार का भरण-पोषण कर पा रही हैं और आर्थिक रूप से अपने पैरों पर खड़ी हैं। उनकी कहानी ग्रामीण महिलाओं के लिए इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि समूह से मिले अवसर और स्वयं की मेहनत से स्वरोजगार को परिवार की आजीविका का मजबूत आधार बनाया जा सकता है।

  • योग से मानव कल्याण और स्वस्थ समाज का संदेश, खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर राजस्थान सरकार का फोकस

    योग से मानव कल्याण और स्वस्थ समाज का संदेश, खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर राजस्थान सरकार का फोकस

    जयपुर
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति और ऋषियों की अनमोल धरोहर है, जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ, संयमित और संतुलित जीवन जीने की कला सिखाई है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे नशे की लत को छोड़ें और योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाते हुए विकसित भारत-विकसित राजस्थान के निर्माण में अपना योगदान दें।
    मुख्यमंत्री मंगलवार को अलंकार पीजी कॉलेज में 51वीं सब जूनियर एवं जूनियर राष्ट्रीय योगासन स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होेंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी प्रयासों और वैश्विक कूटनीति की बदौलत संयुक्त राष्ट्र ने हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। आज योग, ध्यान और प्राणायाम विश्व के करोड़ों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। यह ज्ञान परंपरा मानव कल्याण का वैश्विक माध्यम बन रही है।
    उन्होंने कहा कि एकाग्रता को बढ़ाने में, निर्णय क्षमता को मजबूत करने और जीवन में सकारात्मकता लाने में योग की अहम भूमिका है। आज जब पूरी दुनिया बदलती जीवनशैली और अनेक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में योग स्वस्थ मन और तन के लिए सबसे सरल, सहज और प्रभावी माध्यम है।

    अटल ज्ञान केन्द्र में ऑनलाइन क्लास, ई-लाइब्रेरी सुविधाएं
    मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। इनकी ऊर्जा से ही हम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। इन युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार गांव में अटल ज्ञान केन्द्र खोल रही है। जिन्हें ऑनलाइन क्लास, ई-लाइब्रेरी सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, हर पंचायत में खेल मैदान भी विकसित किए जा रहे हैं।

    1 लाख 93 हजार पदों पर नियुक्तियां, निजी क्षेत्र में 5 लाख युवाओं को रोजगार
    उन्होंने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने अब तक 1 लाख 93 हजार पदों पर नियुक्तियां दी हैं। 1 लाख 18 हजार पदों पर भर्ती की जा रही है। सवा लाख पदों के लिए भर्ती कलैंडर जारी किया जा चुका है। निजी क्षेत्र में हमने 5 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है। वहीं, युवाओं के विदेश में नौकरी के सपने को पूरा करने के लिए जयपुर में पांच देशों की भाषा का सेंटर भी शुरू किया गया है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय में पेपरलीक की घटनाएं होती रहती थी। वहीं, हमारे कार्यकाल में अब तक एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे मेहनत करें, परीक्षा की तैयारी करें, राज्य सरकार उनके सपनों को नहीं टूटने देगी।

    ओलम्पिक की तैयारी के लिए राजस्थान टॉप्स योजना लागू
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के लिए राजस्थान युवा नीति-2025 जारी की है। खेलों के बेहतर बुनियादी ढांचे और युवा प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है ताकि हमारा प्रदेश खेल के मैदान में देश-दुनिया में अग्रणी बने। प्रदेश के खिलाड़ियों को ओलम्पिक खेलों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से राजस्थान टॉप्स योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 17 नए खेलो इंडिया केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। वहीं, 1 हजार 786 खिलाड़ियों को 40 करोड़ 12 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने योगासन चैम्पियनशिप के विजेता पश्चिम बंगाल, द्वितीय स्थान पर रहे हरियाणा और तृतीय स्थान पर रहे महाराष्ट्र को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इस दौरान राजस्थान की टीम ने संगीतमय योगासन की प्रस्तुति दी।
    इस अवसर पर सांसद राव राजेंद्र सिंह, अलंकार पीजी कॉलेज के चेयरमैन लालचंद कटारिया, पद्मश्री गुलाबो सपेरा, एशियन योग फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न योग फेडरेशन के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में देशभर से आए प्रतिभागी उपस्थित रहे।

  • सआईआर की अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में दर्ज थे 7 लाख 50 हजार 769 मतदाता

    सआईआर की अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में दर्ज थे 7 लाख 50 हजार 769 मतदाता

    भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लगभग एक माह तक संचालित विशेष अभियान में मतदाता सूची में नवीन व पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाना हैं। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान गणना चरण में बीएलओ द्वारा अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत एवं दोहरे पंजीकरण मतदाताओं की सूची तैयार की जाकर निर्धारित स्थलों पर चस्पा करने के साथ-साथ बीएलए को प्रति प्रदान की गई थी तथा इसे निर्वाचन वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया था। निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया सतत प्रचलन में रहती है। कोई भी पात्र व्यक्ति, जिसका नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं है अथवा विलोपित हो गया है, किसी भी समय मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए आवेदन कर सकता है।

    आयोग द्वारा विशेष अभियान के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं कि बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची की तुलना एसआईआर पूर्व की मतदाता सूची से करेंगे और ऐसे मतदाताओं की पहचान भी करेंगे, जिनके नाम पूर्व की निर्वाचक नामावली में दर्ज थे, लेकिन वर्तमान निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं हैं। इन मतदाताओं की सूची तैयार कर एवं चिन्हित मतदाताओं की वर्तमान स्थिति का पता लगाकर पात्रता अनुसार नाम शामिल करने हेतु घर-घर जाकर सत्यापन व भ्रमण किया जाएगा तथा प्रारूप-6 भरवाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। बताया गया है कि प्री-एसआईआर की मतदाता संख्या व गणना चरण के दौरान 40 हजार 144 मतदाताओं के गणना पत्रक संकलित नहीं होने से नाम विलोपित हो गए थे। 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम एसआईआर सूची में कुल 7 लाख 50 हजार 769 मतदाता दर्ज हैं।
    इस संबंध में सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों से बीएलए को सूचित कर अपने मतदान केन्द्र से बीएलओ को छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया है। साथ ही ऐसे मतदाताओं की पहचान व आगामी एक जनवरी को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवा मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए भी सहयोग की अपील की गई है।

  • जनगणना के द्वितीय चरण के लिए प्रशिक्षण 13 से 16 अक्टूबर तक

    जनगणना के द्वितीय चरण के लिए प्रशिक्षण 13 से 16 अक्टूबर तक

    जनगणना कार्य निदेशालय भोपाल द्वारा प्रसारित निर्देशों के अनुक्रम में जनगणना के द्वितीय चरण में जिला जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, सभी अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकारी, चार्ज जनगणना लिपिक, तकनीकी सहायक एवं जिला सूचना विज्ञान अधिकारी का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण छत्रसाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पन्ना के कला भवन में आगामी 13 से 16 अक्टूबर तक होगा। प्रथम दिवस सुबह 9ः30 बजे से शाम 5ः30 बजे तक एवं द्वितीय दिवस सुबह 09ः30 बजे से शाम 06ः15 बजे तक प्रशिक्षण का समय निर्धारित है। जनगणना निदेशालय द्वारा नियुक्त प्रशिक्षक मिलन गुप्ता एवं हरिओम चौधरी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्रथम दो दिवस 33 तथा अंतिम दो दिवस 37 प्रतिभागी प्रशिक्षण में शामिल होंगे। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ऊषा परमार द्वारा नामांकित अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज कराने एवं गंभीरतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए निर्देशित किया है।

  • रंगों और दीपों में दिखी डिजिटल भारत की तस्वीर, कनेक्टिविटी से ई-गवर्नेंस और पर्यावरण संरक्षण तक का संदेश

    रंगों और दीपों में दिखी डिजिटल भारत की तस्वीर, कनेक्टिविटी से ई-गवर्नेंस और पर्यावरण संरक्षण तक का संदेश

    रायपुर

     सेवा संकल्प अभियान के तहत जशपुर के रणजीता स्टेडियम में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के विजन को आकर्षक रंगोली के माध्यम से साकार किया गया। रंगों और रचनात्मकता के अनूठे संगम से तैयार इस विशाल रंगोली में डिजिटल तकनीक के जरिए सशक्त, आत्मनिर्भर और आधुनिक भारत की परिकल्पना को कलात्मक रूप से उकेरा गया। डिजिटल कनेक्टिविटी और ई-गवर्नेंस के साथ ही भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का संदेश भी रंगोली का विशेष आकर्षण रहा।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने रणजीता स्टेडियम पहुंचकर रंगोली का अवलोकन किया और इसके चारों ओर दीप प्रज्वलित कर अपनी सहभागिता निभाई। दीपों की रोशनी से जगमगाती रंगोली ने डिजिटल भारत की बदलती तस्वीर को और आकर्षक बना दिया। इस अवसर पर विधायक मती रायमुनी भगत भी उपस्थित रहीं।

    पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया ने देश में विकास और सुशासन को नई गति दी है। तकनीक के विस्तार से आज शासन की सेवाएं नागरिकों की पहुंच में आई हैं और शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग सहित अनेक क्षेत्रों में सुविधाएं अधिक सहज और सुलभ हुई हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी केवल तकनीकी प्रगति का माध्यम नहीं, बल्कि देश के अंतिम व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की एक सशक्त कड़ी है। प्रधानमंत्री  मोदी का डिजिटल इंडिया का विजन आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    रंगोली में दिखी डिजिटल भारत की पूरी तस्वीर

    रंगोली के मध्य में ‘डिजिटल इंडिया’ का संदेश प्रमुखता से उकेरा गया। इसके ऊपर बनाया गया वाई-फाई का प्रतीक देश में बढ़ती डिजिटल कनेक्टिविटी और इंटरनेट की पहुंच को प्रदर्शित करता है। कंप्यूटर और क्लाउड तकनीक के चित्रों के माध्यम से डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन जानकारी और आधुनिक तकनीकी संसाधनों को दर्शाया गया, जबकि मोबाइल फोन और सरकारी भवन के चित्रों ने ई-गवर्नेंस तथा नागरिकों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचती शासकीय सेवाओं की तस्वीर प्रस्तुत की।

    रंगोली में भारत के मानचित्र को दोनों हाथों से थामे हुए चित्र के माध्यम से तकनीक से सशक्त होते भारत और प्रत्येक नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की भावना को अभिव्यक्त किया गया। मानचित्र के भीतर विभिन्न रंगों में बनाई गई डिजिटल लाइनें देश के अलग-अलग हिस्सों को तकनीक और संचार के माध्यम से आपस में जोड़ने का प्रतीक बनीं।

    इसके साथ ही हरी पत्तियों और पौधे की आकृति के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आधुनिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

    ‘कनेक्टेड इंडिया, स्ट्रॉन्गर इंडिया’ का दिया संदेश

    रंगोली के नीचे अंकित ‘कनेक्टेड इंडिया, स्ट्रॉन्गर इंडिया’ का संदेश डिजिटल रूप से जुड़े नागरिकों के माध्यम से सशक्त भारत के निर्माण की परिकल्पना को सामने लाया। रंगोली के चारों ओर प्रज्वलित दीप भारतीय संस्कृति, ज्ञान, प्रकाश और सकारात्मकता के प्रतीक बने। रंगों और दीपों के इस अनूठे संगम ने डिजिटल जागरूकता की रोशनी से डिजिटल दूरी को कम कर नए अवसरों की ओर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

    रणजीता स्टेडियम में तैयार इस रंगोली के माध्यम से डिजिटल कनेक्टिविटी, तकनीकी सशक्तिकरण, ई-गवर्नेंस, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को एक ही कलाकृति में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

    इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष  अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष  गंगाराम भगत,  कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

  • राइजिंग राजस्थान MOU वालों के लिए खुशखबरी, भीलवाड़ा में औद्योगिक भूखंडों पर मिलेगी खास रियायत

    राइजिंग राजस्थान MOU वालों के लिए खुशखबरी, भीलवाड़ा में औद्योगिक भूखंडों पर मिलेगी खास रियायत

    भीलवाड़ा
     जिले में औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) ने प्रत्यक्ष भूखंड आवंटन के 14वें चरण का आगाज कर दिया है। योजना के तहत जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में कुल 289 औद्योगिक भूखंड और नवीन टेक्सटाइल पार्क रूपाहेली में 14 भूखंड आवंटन के लिए उपलब्ध कराए गए है। राइजिंग राजस्थान के तहत ईएमडी की अंतिम तिथि तक एमओयू करने वाले निवेशक भी इस योजना में भूखंड पाने के पात्र होंगे। योजना के तहत जिले की विभिन्न तहसीलों में औद्योगिक भूखंडों की योजना बनाई है। इसमें और वेयरहाउस इकाइयों के लिए शाहपुरा के फतेहपुरा-समेलिया में 195 औद्योगिक और 2 वेयरहाउस भूखंड। मांडलगढ़ के करणपुरा में 37 भूखंड। जहाजपुर के पंडेर में 17 व पीपलूंद में 6 भूखंड। मांडल के धुवालां में 10 भूखंड। करेड़ा के किडीमाल में 7 भूखंड। अंटाली के उखलिया में 3 भूखंड शामिल हैं।

    हुरड़ा तहसील के नवीन औद्योगिक क्षेत्र टेक्सटाइल पार्क रूपाहेली में उपलब्ध 14 भूखंडों के लिए राजस्थान टेक्सटाइल एंड अपैरल पॉलिसी 2025 के तहत आने वाले उद्योग एवं टेक्सटाइल संबंधित इकाइयां आवेदन कर सकती है। रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक एसके. नेनावटी ने बताया कि टेक्सटाइल पार्क रूपाहेली सहित फतेहपुरा-समेलिया, पंडेर, पीपलूंद, धुवालां और किडीमाल को 'फ्लेक्सिबल लीज पॉलिसी के दायरे में रखा गया है। इसके तहत निवेशकों को भारी राहत देते हुए आरक्षित दर के मात्र 60 प्रतिशत मूल्य पर 33 वर्ष की लीज अवधि के लिए भूखंड आवंटित किए जाएंगे।

    आवंटन और भुगतान के नियम
    अंतिम तिथिः निवेशकों को रीको के ऑनलाइन पोर्टल पर कुल देय प्रीमियम की 5 प्रतिशत अमानत राशि 12 अक्टूबर सायं 6 बजे तक जमा करानी होगी।

    ई-लॉटरीः यदि किसी भूखंड पर एक ही आवेदन आता है तो उसका सीधा आवंटन कर दिया जाएगा, जबकि एक से अधिक दावेदार होने पर फैसला ई-लॉटरी से होगा।

    25 प्रतिशत पर मिलेगा कब्जाः सुविधा के लिए 25 प्रतिशत राशि जमा उद्यमियों की कब्जा और कराते ही भूखंड का आवंटन पत्र सौंप दिया जाएगा।

    किश्तों की सुविधाः शेष 75 प्रतिशत राशि या तो 120 दिनों के भीतर ब्याज रहित जमा कराई जा सकती है, या फिर 8.50 प्रतिशत ब्याज के साथ 19 त्रैमासिक किश्तों में चुकाने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। योजना में भूखंड देखने और ऑनलाइन आवेदन करने के इच्छुक निवेशक रीको की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।