Author: NewseDay

  • मध्यप्रदेश में 3 दिन और बारिश, 16 जिलों में पानी गिरने के आसार; भोपाल-इंदौर में धूप

    मध्यप्रदेश में 3 दिन और बारिश, 16 जिलों में पानी गिरने के आसार; भोपाल-इंदौर में धूप

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन बारिश का सिलसिला अभी पूरी तरह थमा नहीं है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले तीन दिन मौसम बदला रहेगा। बुधवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल समेत 16 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ जगह आंधी के आसार हैं। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत पश्चिमी हिस्से में दिन में तेज धूप रहेगी और रात में ठंडक बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के असर से पूर्वी जिलों में बारिश हो रही है। पिछले दो दिन से रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई इलाकों में बादल और रिमझिम बारिश का दौर बना हुआ है।

    आज इन 16 जिलों में बारिश का अनुमान
    जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर, मंडला और बालाघाट में बारिश का अनुमान है।बारिश का असर 8 और 9 अक्टूबर को भी प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बना रह सकता है। 10 अक्टूबर से मौसम सिस्टम कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम होंगी। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में दिन के समय धूप तेज रहेगी। रात के तापमान में गिरावट का दौर जारी रहने की संभावना है।

    कई शहरों में रात का पारा 18 डिग्री के आसपास
    मौसम में बदलाव का असर रात के तापमान पर भी दिख रहा है। बीती रात इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री रहा। पचमढ़ी में 18, छिंदवाड़ा में 18.2, शाजापुर में 18.3 और अमरकंटक-करौंदी में 18.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

    हालांकि, दिन में गर्मी का असर बना हुआ है। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री के पार पहुंच रहा है। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, पिछले 10 वर्षों के अक्टूबर के आंकड़ों में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह का मौसम देखने को मिलता है। इस बार भी अक्टूबर में मौसम में इसी तरह उतार-चढ़ाव रहने का अनुमान है।

    100 दिन सक्रिय रहा मानसून, फिर भी 4% कम बारिश
    मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून को पहुंचा था और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से विदा हो गया। यानी मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। इसके बावजूद पूरे प्रदेश में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई। मानसून सीजन में 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश हुई। सामान्य आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच है। इस तरह प्रदेश में कुल बारिश करीब 4 प्रतिशत कम रही। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत कम पानी गिरा। यही वजह है कि बारिश का असमान वितरण पूरे सीजन में बना रहा। 

    बीते 24 घंटे में 8 जिलों में बारिश
    पिछले 24 घंटे के अंदर 8 जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई। इनमें विदिशा, सतना, रीवा, सिंगरौली, अनुपपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा और सिवनी शामिल हैं। सिवनी के कुरई में सबसे ज्यादा पौन इंच, अनूपपुर के कोतमा में आधा इंच पानी गिर गया।

    इधर, कई शहरों में रात का तापमान 20 डिग्री से नीचे रहा। भोपाल में 18.8 डिग्री, बैतूल में 19.4 डिग्री, इंदौर में 18.4 डिग्री, खंडवा में 19 डिग्री, खरगोन में 19.4 डिग्री, पचमढ़ी में 17.8 डिग्री, रायसेन में 19.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

    रात में पारा 18 डिग्री से नीचे आया
    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने कहा- पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही होने का अनुमान है। अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में ठंडक है।

    बीती रात इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री, पचमढ़ी में 18 डिग्री, छिंदवाड़ा में 18.2 डिग्री, शाजापुर में 18.3 डिग्री और अमरकंटक-करौंदी में 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इधर, दिन में ग्वालियर में तापमान 37 डिग्री के पार ही चल रहा है।

    इस बार सामान्य से कम बारिश
    इस बार मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 100 दिन सक्रिय रहा। 24 जून को यह एंटर हुआ था और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से विदाई ले ली।

    मानसून के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।

    इन 25 जिलों में मानसून का कोटा फुल
    भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर में मानसून का कोटा फुल रहा है। आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में सामान्य बारिश हुई है।

    बाकी 30 जिलों में कम बारिश हुई है। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन शामिल हैं। इनके अलावा छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर भी बारिश के आंकड़ों में पीछे हैं।

    25 जिलों में कोटा पूरा, 30 अब भी पीछे
    प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो गया है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।वहीं 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई। पश्चिमी हिस्से के कई जिले इसमें शामिल हैं। आलीराजपुर में कमी सबसे ज्यादा रही और इंदौर समेत कई जिलों में भी बारिश सामान्य से नीचे रही। पूर्वी हिस्से में भी बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।

    जून की कमी आखिर तक पूरी नहीं हो सकी
    इस बार मानसून सीजन के कुल आंकड़े में सबसे बड़ा असर जून की कम बारिश का रहा। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम पानी गिरा था। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून दो बार ब्रेक हुआ। मानसून के आखिरी दौर में बारिश का एक मजबूत दौर आया, जिससे जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का आंकड़ा संभला। इसके बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। यही कारण रहा कि पूरे मानसून सीजन का आंकड़ा सामान्य से करीब 4 प्रतिशत नीचे रह गया। 

  • रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! बीना-आगासौद के बीच तीसरी लाइन का काम, 17 ट्रेनों का बदला रूट

    रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! बीना-आगासौद के बीच तीसरी लाइन का काम, 17 ट्रेनों का बदला रूट

    सागर

    पश्चिम-मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के अंतर्गत बीना स्टेशन और उत्तर-मध्य रेलवे के आगासौद स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन जोड़ने के लिए यार्ड रीमॉडलिंग का काम तेजी से चल रहा है। इस कार्य के चलते 15 अक्टूबर तक 17 ट्रेनों का संचालन परिवर्तित मार्गों से किया जाएगा। रेल प्रशासन के अनुसार काम पूरा होने के बाद यार्ड की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम एवं समयबद्ध हो सकेगा।

    इन ट्रेनों के बदले मार्ग 
    रीमॉडलिंग कार्य के चलते इन ट्रेनों का संचालन परिवर्तित मार्गों से किया जाएगा-

        रीवा और रानी कमलापति के बीच चलने वाली दैनिक रीवांचल एक्सप्रेस 8 और 14 अक्टूबर को कटनी जंक्शन–जबलपुर–इटारसी जंक्शन के रास्ते संचालित होगी।

        जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस 8 अक्टूबर को कटनी जंक्शन–ओहन–वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी मार्ग से चलेगी।

        रीवा–डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस 8 से 14 अक्टूबर के बीच निर्धारित तिथियों पर बीना मालखेड़ी जंक्शन–महादेवखेड़ी जंक्शन–गुना जंक्शन–रूठियाई जंक्शन–मक्सी जंक्शन के रास्ते संचालित की जाएगी।
      
        वेरावल–जबलपुर द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस 9 से 12 अक्टूबर के दौरान भोपाल–इटारसी जंक्शन के रास्ते चलेगी।

        इसी तरह भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस 6 से 15 अक्टूबर तक निर्धारित मार्ग के बजाय भोपाल–संत हिरदाराम नगर–मक्सी जंक्शन–रूठियाई–कोटा के रास्ते संचालित की जा रही है।

    इसके अलावा हावड़ा, धनबाद, चोपन और सिंगरौली से संबंधित ट्रेनें, जिनमें गाड़ी संख्या 13025, 13026, 11631, 11632, 11633, 11634, 22165 और 22166 शामिल हैं, 9 से 15 अक्टूबर के बीच इटारसी जंक्शन–जबलपुर–कटनी साउथ–न्यू कटनी जंक्शन के परिवर्तित मार्ग से संचालित होंगी। 

    यात्रा से पहले जानकारी जांचने की अपील
    सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि यार्ड रीमॉडलिंग का काम पूरा होने के बाद ट्रेनों के ठहराव और आवागमन का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि 6 से 15 अक्टूबर के बीच यात्रा करने से पहले अपनी ट्रेन के परिवर्तित मार्ग, ठहराव और समय की जानकारी रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जरूर जांच लें ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो। 

  • प्लॉट बिक्री में नियमों की अनदेखी पर CGRERA का बड़ा एक्शन, महागणपति डेव्हलपर्स पर लगा ₹8 लाख जुर्माना

    प्लॉट बिक्री में नियमों की अनदेखी पर CGRERA का बड़ा एक्शन, महागणपति डेव्हलपर्स पर लगा ₹8 लाख जुर्माना

    CGRERA की सख्त कार्रवाई: बिना रेरा पंजीयन प्लॉट बेचने पर महागणपति डेव्हलपर्स पर 8 लाख रुपये का जुर्माना

    स्वप्रेरणा से प्रकरण दर्ज कर की कार्रवाई, परियोजना को RERA में पंजीकृत कराने के भी निर्देश

    पंजीयन योग्य परियोजनाओं में बिना RERA पंजीयन विज्ञापन, बुकिंग और विक्रय करना अधिनियम का उल्लंघन

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने बिना रेरा पंजीयन प्लॉट का विक्रय किए जाने के मामले में महागणपति डेव्हलपर्स, रायपुर के विरुद्ध महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने विकासकर्ता पर 8 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित करने के साथ ही संबंधित परियोजना को RERA के अंतर्गत पंजीकृत कराने के निर्देश दिए हैं।

    प्रकरण में यह तथ्य सामने आया कि महागणपति डेव्हलपर्स द्वारा एक प्लॉटेड ले-आउट परियोजना विकसित कर उसके अंतर्गत भूखंडों का विक्रय किया जा रहा था। परियोजना का RERA में पंजीयन नहीं कराया गया था। भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 के प्रावधानों के अनुसार पंजीयन योग्य भू-संपदा परियोजना का प्राधिकरण में पंजीयन कराए बिना किसी भूखंड अथवा इकाई का विज्ञापन, विपणन, बुकिंग या विक्रय हेतु प्रस्ताव नहीं किया जा सकता।

    स्वप्रेरणा से संज्ञान लेकर प्राधिकरण ने दर्ज किया प्रकरण

    परियोजना में बिना RERA पंजीयन भूखंडों का विक्रय किए जाने का तथ्य सामने आने पर CGRERA ने मामले का स्वप्रेरणा (Suo Motu) संज्ञान लिया और महागणपति डेव्हलपर्स के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया। प्रकरण की सुनवाई तथा उपलब्ध दस्तावेजों एवं अभिलेखों के परीक्षण के बाद प्राधिकरण ने इसे अधिनियम की धारा 3 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया।

    इसके फलस्वरूप प्राधिकरण ने महागणपति डेव्हलपर्स पर 8 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है। साथ ही संबंधित परियोजना को RERA अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परियोजना का विकास एवं विक्रय वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप हो और आबंटितियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    बिना पंजीयन प्लॉट या इकाइयों के विक्रय पर होगी वैधानिक कार्रवाई

    CGRERA ने स्पष्ट किया है कि RERA के अंतर्गत पंजीयन योग्य भू-संपदा परियोजनाओं में प्राधिकरण से पंजीयन प्राप्त किए बिना भूखंडों अथवा इकाइयों का विज्ञापन, विपणन, बुकिंग या विक्रय किया जाना अधिनियम का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में प्राधिकरण द्वारा स्वप्रेरणा से संज्ञान लेकर दोषी प्रमोटरों के विरुद्ध अर्थदंड सहित अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है।

  • PM मोदी की तारीफ में अमित शाह ने पढ़े कसीदे, गुरुग्राम में बोले- राष्ट्र को समर्पित है प्रधानमंत्री का जीवन

    PM मोदी की तारीफ में अमित शाह ने पढ़े कसीदे, गुरुग्राम में बोले- राष्ट्र को समर्पित है प्रधानमंत्री का जीवन

    गुरुग्राम.

    नरेंद्र मोदी का मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर 25 साल का कार्यकाल पूरा हो गया है. इस उपलक्ष्य में बुधवार को गुरुग्राम में सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए.

    '25 साल, सेवाकाल' पर कार्यक्रम: अमित शाह ने कहा "7 अक्टूबर का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है. गरीब परिवार में जन्मे एक व्यक्ति ने अपने गुणों के आधार पर करोड़ों लोगों को साथ लेकर 25 साल तक लगातार मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया. ये व्यक्ति हमारे प्रिय नेता नरेंद्र मोदी हैं. जब भी भारत का इतिहास लिखा जाएगा, मोदी के ये 25 साल स्वर्णिम अक्षरों में लिखे जाएंगे."

    शाह ने कहा कि ये गरीबी से मुक्ति, सुरक्षित भारत, धारा 370 हटाना, नक्सलवाद खत्म करना, राम मंदिर और काशी विश्वनाथ का मंदिर बनाना, देश में इन्फ्रास्ट्रक्र और 25 करोड़ गरीबों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने की यात्रा है. हमने अभी-अभी प्रधानमंत्री को सुना. अमित शाह कार्यक्रम स्थल से 800 मीटर दूर चौराहे पर युवा सेवा ज्योति यात्रा लेकर पहुंचे और वहां मशाल को प्रतिस्थापित किया.

    स्मृति ईरानी भी रही मौजूद: हरियाणा बीजेपी प्रभारी बनने के बाद स्मृति ईरानी पहली बार हरियाणा पहुंचीं. वो गुरुग्राम में अमित शाह के साथ सेवा ज्योति यात्रा में शामिल हुईं. पार्टी ने उन्हें 23 सितंबर को हरियाणा प्रभारी बनाया. इससे पहले उन्हें 27 सितंबर को भिवानी में एक सम्मेलन में पहुंचना था, लेकिन वो नहीं आईं थी, फिर सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रम में जींद में उनके पहुंचने की जानकारी सामने आई. हालांकि वो गुरुग्राम में आईं. उनके साथ पार्टी के सह प्रभारी भोला सिंह भी रहे.

  • चन्नी को मिली पंजाब चुनाव की अहम जिम्मेदारी, राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस लड़ेगी चुनाव

    चन्नी को मिली पंजाब चुनाव की अहम जिम्मेदारी, राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस लड़ेगी चुनाव

    चंडीगढ़.

    पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अब जमीनी स्तर पर अपना अभियान तेज करने की तैयारी में है। इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने ‘पगड़ी संभाल यात्रा’ निकालने का एलान किया है।

    चन्नी के मुताबिक, यह यात्रा नशे और गैंगस्टरवाद के खिलाफ होगी। इसके जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने और पंजाब को गैंगस्टरवाद से मुक्त करने के लिए जागरूक किया जाएगा। चन्नी के इस अभियान में साइकिल रैली भी अहम हिस्सा होगी। इसमें दो हजार से अधिक साइकिल चालक शामिल होंगे। साइकिल सवार पंजाब के अलग-अलग जिलों में पहुंचकर युवाओं और आम लोगों के बीच नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएंगे। कांग्रेस इस अभियान को सीधे तौर पर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देख रही है।

    राहुल गांधी की अगवाई में कांग्रेस की बस यात्रा
    कांग्रेस की ओर से आने वाले दिनों में पंजाब में बस यात्रा निकालने की भी तैयारी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा की शुरुआत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कर सकते हैं। राहुल गांधी के जल्द पंजाब दौरे पर आने की भी संभावना है। बस यात्रा के दौरान पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एक साथ बस में सवार होकर प्रदेशभर में जाएंगे और एकजुट कांग्रेस का संदेश देंगे।

    रणनीति का बड़ा हिस्सा पगड़ी संभाल यात्रा
    पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव के बाद पार्टी अब चुनावी तैयारियों को अभियान के रूप में जमीन पर उतारने की रणनीति बना रही है। दिल्ली में भी इन कार्यक्रमों को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। चन्नी की ‘पगड़ी संभाल यात्रा’ को इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

  • राजनांदगांव में अमानक पोटाश पर प्रशासन का शिकंजा, कृषि-राजस्व टीम ने 60 बोरी की जब्त

    राजनांदगांव में अमानक पोटाश पर प्रशासन का शिकंजा, कृषि-राजस्व टीम ने 60 बोरी की जब्त

    राजनांदगांव.

    जिले में उर्वरकों के अवैध परिवहन, भंडारण और बिक्री पर नियंत्रण के लिए चल रही कार्रवाई के बीच आईपीएल पोटाश की 60 बोरियां अमानक पाए जाने का मामला सामने आया है। कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने 17 सितंबर को डोंगरगांव क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए खाद को जब्त किया था।

    प्रयोगशाला परीक्षण में निर्धारित मानक 60 प्रतिशत के स्थान पर नमूने में मात्र 3 प्रतिशत पोटाश पाया गया। जानकारी के अनुसार ग्राम बमनी चारभाठा, विकासखंड छुरिया निवासी राजेंद्र मिश्रा द्वारा खाद को जिले में लाकर अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाए जाने की सूचना विभाग को मिली थी। सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने खाद के परिवहन को रोककर जांच की। मौके पर खाद से संबंधित वैध दस्तावेज, बिल और चालान मांगे गए, लेकिन संबंधित व्यक्ति दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद टीम ने 60 बोरी आईपीएल पोटाश को नियमानुसार जब्त कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में संबंधित व्यक्ति ने खाद कवर्धा से प्राप्त करना बताया। इसके बाद राजनांदगांव विभाग ने कवर्धा जिले की विभागीय टीम से समन्वय कर बताए गए स्थान पर सत्यापन कराया। जांच में संबंधित स्थान पर खाद के भंडारण एवं विक्रय से संबंधित वैध अनुज्ञप्ति उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सामने आई। पूछताछ में खाद को किसी अन्य स्थान से प्राप्त कर अलग-अलग स्थानों पर भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है। अब विभाग खाद के वास्तविक स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रहा है।

    प्रयोगशाला जांच में खुली गुणवत्ता की पोल
    जब्त खाद का नियमानुसार नमूना लेकर उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला, लाभांडी रायपुर भेजा गया था। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में निर्धारित 60 प्रतिशत पोटाश के स्थान पर सिर्फ 3 प्रतिशत पोटाश पाया गया। मानक से बेहद कम मात्रा पाए जाने के बाद नमूने को अमानक घोषित किया गया है। रिपोर्ट आधार पर विभाग द्वारा संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    पुलिस को भी दी गई सूचना
    मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस थाने को सूचना दी गई। है। विभाग द्वारा प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेजों को कार्रवाई में शामिल किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • फ्रैजाइल-5 से टॉप-5 में पहुंचा भारत, स्टार्टअप की संख्या ढाई लाख के पार : मुख्यमंत्री योगी

    फ्रैजाइल-5 से टॉप-5 में पहुंचा भारत, स्टार्टअप की संख्या ढाई लाख के पार : मुख्यमंत्री योगी

    गांव से ग्लोबल तक की यात्रा है प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा: मुख्यमंत्री योगी
     
    राज्यसभा चुनाव पर मुख्यमंत्री बोले- फिर 80-20 की लड़ाई, 80 फीसदी एनडीए और 20 फीसदी पीडीए
     
    पटेल पार्क में सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित
     
    सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे मोदी, मुख्यमंत्री योगी बोले- 25 वर्षों की यात्रा ने भारत को दी नई पहचान
     
    2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने का आह्वान, सेवा ज्योति लेकर विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे कार्यकर्ता
     
    फ्रैजाइल-5 से टॉप-5 में पहुंचा भारत, स्टार्टअप की संख्या ढाई लाख के पार : मुख्यमंत्री योगी
     
    सेमीकंडक्टर से डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग तक आत्मनिर्भर हो रहा भारत, 12 से अधिक बड़े चिप उद्योगों का किया उल्लेख
     
    यूपी में वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया की जगह अब मेडिकल कॉलेज, ओडीओपी और कुजीन बनी पहचान
     
    डिजिटल इंडिया का मजाक उड़ाने वालों को जवाब, बोले- डीबीटी से अब पूरा पैसा पहुंच रहा लाभार्थियों के खाते में
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को गांव से ग्लोबल और जनसेवा से राष्ट्र सेवा की यात्रा बताया। बुधवार को हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात के एक छोटे से गांव से निकले एक सामान्य कार्यकर्ता ने वैश्विक स्तर पर भारत को नई पहचान दी है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक 25 वर्षों की यह यात्रा देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में परिवर्तन की यात्रा है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए इस यात्रा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। उस समय गुजरात भीषण आपदा से जूझ रहा था और समाज व राष्ट्र विरोधी तत्व अव्यवस्था पैदा करना चाहते थे। इन परिस्थितियों में उन्होंने गुजरात की कमान संभाली और उसे मॉडल स्टेट के रूप में देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री के रूप में पिछले 12 वर्षों में भारत को समर्थ और सशक्त राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाया।
     
    उन्होंने कहा कि यह अद्भुत संयोग है कि नरेंद्र मोदी ने जब गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तब लखनऊ के सांसद अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे। आज नरेंद्र मोदी वाराणसी के सांसद के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं।
     
    हर वर्ग के जीवन में परिवर्तन की यात्रा
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह 25 वर्षों की यात्रा हर बहन को सुरक्षा की गारंटी देने, अन्नदाता किसान के जीवन में खुशहाली लाने और युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं मजबूत करने की यात्रा है। 12 वर्ष पहले भारत की गिनती फ्रैजाइल-5 में होती थी, जबकि आज देश टॉप-5 अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बना चुका है। कभी देश में कुछ हजार स्टार्टअप थे, आज इनकी संख्या ढाई लाख से अधिक है। मिशन रोजगार के तहत युवाओं के लिए नौकरी, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
     
    कनेक्टिविटी ने बदली देश की तस्वीर
    मुख्यमंत्री योगी ने रेलवे के विद्युतीकरण, ब्रॉड गेज और ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत के रूप में रेलवे विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। एयरपोर्ट की संख्या बढ़ी है। हाईवे और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तैयार हुआ है और यूपी में इनलैंड वॉटरवे की सुविधा भी मिली है।
     
    चिप से डिफेंस तक बढ़ी आत्मनिर्भरता
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक समय भारत एक चिप के लिए दुनिया पर निर्भर था। आज देश में सेमीकंडक्टर के 12 से अधिक बड़े उद्योग या तो क्रियाशील हो चुके हैं या उनमें भारी निवेश हो रहा है। भारत चिप निर्यात की दिशा में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। रक्षा क्षेत्र में भी देश अब हजारों करोड़ रुपये के डिफेंस उत्पाद दुनिया के देशों तक पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि एम्स की संख्या छह से बढ़कर 23 तक पहुंची है। आईआईटी, आईआईएम और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी अवसर बढ़े हैं।
     
    यूपी की पहचान में आया बदलाव
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यूपी में कभी ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ सत्ता के समानांतर अराजकता पैदा करता था। अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ प्रदेश की पहचान हैं। हुनरमंद कारीगर और हस्तशिल्पी को उद्यमी बनाने का काम हो रहा है।
     
    डिजिटल इंडिया और जनधन खातों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का कभी मजाक उड़ाया गया था। उन्होंने इसे कांग्रेस और इंडी गठबंधन की बेईमानी पर प्रहार बताया। कहा कि आज डीबीटी के जरिए दिल्ली और लखनऊ से भेजा गया पैसा सीधे गरीब, महिला, किसान, युवा और श्रमिक के खाते में पहुंच रहा है। उन्होंने 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन का भी उल्लेख किया।
     
    फिर 80-20 की लड़ाई : मुख्यमंत्री योगी
    मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन के आखिर में उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव को विधानसभा चुनाव से जोड़ा। उन्होंने कहा, “कल उत्तर प्रदेश के राज्यसभा के चुनाव ने बता दिया है कि विधानसभा का चुनाव परिणाम क्या होने जा रहा है।” इसके बाद उन्होंने कहा, “यह लड़ाई 80-20 की फिर आ गई है। 80 फीसदी एनडीए में और 20 फीसदी पीडीए में। पीडीए का क्या हाल होने वाला है, यह आपके सामने फिर आने वाला है।”
     
    सेवा ज्योति लेकर विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे कार्यकर्ता
    मुख्यमंत्री योगी ने कार्यकर्ताओं से सेवा ज्योति को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों तक ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा से राष्ट्र सेवा के 25 वर्षों की यात्रा को जनता के बीच पहुंचाने के साथ विकसित भारत के संकल्प से लोगों को जोड़ना है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर इस अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।
     
    पीएम मोदी ने देश का कायाकल्प किया : ब्रजेश पाठक
    उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अविरल सेवा के 25 वर्ष पूरे हुए हैं। इन वर्षों में उन्होंने देश का कायाकल्प किया है। विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए देश का हर वर्ग आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश पानी, बिजली, स्कूल, अस्पताल, विश्वविद्यालय, इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
     
    ‘जन सेवा से देश सेवा’ प्रदर्शनी का किया अवलोकन
    संबोधन से पहले मुख्यमंत्री योगी ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यों पर आधारित ‘जन सेवा से देश सेवा’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को दर्शाया गया। मुख्यमंत्री ने सेवा ज्योति की स्थापना भी की।
     
    कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मेधा कुलकर्णी, सांसद संजय सेठ व बृजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, डॉ. महेंद्र सिंह, पंकज सिंह समेत जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • शादी के बाद दुल्हन की खुली पोल, PCS अफसर बताकर रचाई शादी; दस्तावेजों में उम्र भी बदली

    शादी के बाद दुल्हन की खुली पोल, PCS अफसर बताकर रचाई शादी; दस्तावेजों में उम्र भी बदली

     फतेहगढ़ साहिब
    शादी के लिए जब कोई अपनी पहचान, उम्र और नौकरी के बारे में बड़ी-बड़ी बातें बताए तो सामने वाला उस पर भरोसा कर ही लेता है. लेकिन पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में एक शादी के बाद ऐसा मामला सामने आया है, जहां पति का आरोप है कि जिस महिला को शादी से पहले कुंवारी और PCS अधिकारी बताया गया था, उसकी उम्र और पहचान को लेकर भी बड़ा खेल किया गया. शिकायत में आरोप है कि महिला की जन्मतिथि से जुड़े दस्तावेजों में कथित तौर पर बदलाव कर उम्र करीब 12 साल कम दिखाई गई। 

    पति का दावा है कि शादी के बाद जब उसे पत्नी की वास्तविक पहचान और पिछली जिंदगी को लेकर संदेह हुआ तो उसने जानकारी जुटानी शुरू की. इसी दौरान महिला के पहले से तलाकशुदा होने और एक बच्चे की मां होने की बात सामने आने का आरोप लगाया गया. इसके बाद दस्तावेजों की जांच का सिलसिला शुरू हुआ तो जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और पैन कार्ड में बदलाव का मामला भी सामने आया. मामला फतेहगढ़ साहिब थाना क्षेत्र का है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर महिला समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. हालांकि, अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। 

    शादी के लिए बताई गई थी PCS अधिकारी और अविवाहित

    शिकायतकर्ता अमनिंदर सिंह, निवासी गांव मंडोफल, के मुताबिक शादी से पहले उन्हें मनविंदर कौर के बारे में बताया गया था कि वह अविवाहित हैं और PCS अधिकारी के तौर पर काम करती हैं. इसी जानकारी के आधार पर दोनों का रिश्ता तय हुआ और 10 फरवरी 2026 को शादी हुई. अमनिंदर सिंह का आरोप है कि शादी से पहले महिला और उसके परिवार की ओर से उसकी वास्तविक वैवाहिक स्थिति और पेशे से जुड़ी जानकारी छिपाई गई थी. उस समय उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि महिला की पहले भी शादी हो चुकी है. शादी के बाद जब कुछ परिस्थितियों को लेकर संदेह पैदा हुआ तो उन्होंने महिला के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की. यहीं से इस पूरी कहानी में एक के बाद एक नए सवाल सामने आने का दावा किया गया। 

    पहले शादीशुदा होने का राज खुला
    अमनिंदर सिंह के अनुसार, पड़ताल में उन्हें जानकारी मिली कि महिला पहले से तलाकशुदा है और उसका एक बच्चा भी है. यानी जिस महिला को शादी से पहले  कुंवारी बताया गया था, उसकी पिछली शादी की जानकारी कथित रूप से छिपाई गई थी. इसके बाद अमनिंदर सिंह ने महिला के सरकारी पद और दस्तावेजों की भी पड़ताल शुरू की. शिकायत में दावा किया गया कि महिला PCS अधिकारी नहीं थी. इससे शादी के लिए बताई गई पहचान पर सवाल खड़े हो गए. लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। 

    जवान दिखने के लिए 12 साल कम करने का आरोप
    शिकायत में सबसे चौंकाने वाला आरोप महिला की उम्र को लेकर है. फतेहगढ़ साहिब के डीएसपी कुलबीर सिंह संधू के अनुसार, अमनिंदर सिंह की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि महिला ने अपनी उम्र कम दिखाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े दस्तावेजों में बदलाव करवाया. शिकायत में वर्ष 1980 से 1992 तक जन्मतिथि से संबंधित बदलाव का आरोप लगाया गया है.  यही वजह है कि अब पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि महिला की वास्तविक जन्मतिथि क्या है और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि में कथित बदलाव किस स्तर पर और किस आधार पर हुआ. पुलिस जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर सकती है और यह भी पता लगा सकती है कि संबंधित दस्तावेज कब जारी हुए थे तथा बाद में उनमें कोई संशोधन कराया गया या नहीं। 

    आधार और PAN में भी बदलाव का आरोप
    जन्म प्रमाण पत्र के साथ-साथ शिकायत में आधार कार्ड और PAN कार्ड में भी कथित तौर पर बदलाव कराने का आरोप लगाया गया है. अमनिंदर सिंह का कहना है कि महिला ने अपनी पहचान और उम्र से संबंधित जानकारी बदलने के लिए इन दस्तावेजों में संशोधन करवाया. शादी के मामले में दूसरा बड़ा सवाल PCS अधिकारी होने के दावे को लेकर है. अमनिंदर सिंह का आरोप है कि महिला को PCS अधिकारी बताया गया था. इसी पहचान के आधार पर शादी तय हुई. लेकिन बाद में शिकायतकर्ता को पता चला कि महिला किसी सरकारी पद या PCS अधिकारी के तौर पर कार्यरत नहीं थी. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि महिला ने खुद को PCS अधिकारी बताया था या उसके परिवार के किसी सदस्य ने उसकी ऐसी पहचान बताकर रिश्ता तय कराया था. यदि किसी सरकारी पद का झूठा दावा कर शादी तय कराने की बात जांच में सामने आती है तो यह मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। 

    10 फरवरी को हुई थी शादी
    शिकायत के अनुसार, अमनिंदर सिंह और मनविंदर कौर की शादी 10 फरवरी 2026 को हुई थी. शादी के समय शिकायतकर्ता को महिला की उम्र, वैवाहिक स्थिति और नौकरी के बारे में जो जानकारी दी गई, बाद में उसी पर सवाल उठने लगे. शिकायतकर्ता का आरोप है कि यदि उसे पहले ही महिला की वास्तविक उम्र, पूर्व विवाह और बच्चे के बारे में जानकारी होती तो वह शादी का फैसला अलग तरीके से ले सकता था। 

    छह लोगों पर मामला दर्ज
    फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने जांच के बाद महिला समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपियों में मनविंदर कौर, उसका भाई तरलोचन सिंह, मां अमरजीत कौर, ताऊ का बेटा नरेंद्र सिंह, भाभी बरुपिंदर कौर और तरनतारन जिले के गांव सुरसिंह, थाना भिक्खीविंड निवासी पूर्व सरपंच सुखमंदर सिंह राणा शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. जांच के दौरान दस्तावेजों की सत्यता, महिला की वास्तविक उम्र, वैवाहिक स्थिति, PCS अधिकारी होने के दावे और शादी से पहले दी गई जानकारी समेत तमाम पहलुओं की जांच की जाएगी। 

    घर से सामान और सोना ले जाने का भी आरोप
    अमनिंदर सिंह ने एक अन्य आरोप यह भी लगाया है कि महिला शादी के बाद घर से जाते समय कुछ सोना और अन्य सामान अपने साथ लेकर गई. इस आरोप की भी पुलिस जांच कर रही है. अब जांच में यह देखा जाएगा कि कथित तौर पर कौन सा सामान ले जाया गया, उसका स्वामित्व किसका था और इस संबंध में शिकायतकर्ता के पास क्या साक्ष्य मौजूद हैं. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने से बचने की अपील की है. डीएसपी कुलबीर सिंह संधू ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति इस मामले को लेकर फर्जी अफवाह फैलाता है, जाली खबर तैयार करता है या बिना पुष्टि के उसे आगे फॉरवर्ड करता है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. पुलिस की यह चेतावनी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसे मामलों में जांच पूरी होने से पहले सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे वायरल होने लगते हैं। 

  • कवर्धा-बेमेतरा रोड पर पशुओं का जमावड़ा देख विजय शर्मा सख्त, अधिकारियों की लगाई क्लास

    कवर्धा-बेमेतरा रोड पर पशुओं का जमावड़ा देख विजय शर्मा सख्त, अधिकारियों की लगाई क्लास

    कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर पशुओं को देख उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को लगाई फटकार

    देर रात हाइवे पेट्रोलिंग वाहन बुलाकर मौके पर ही ली रेस्क्यू और नियमित निरीक्षण की जानकारी

    सड़क पर गौवंश की सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित पेट्रोलिंग के सख्त निर्देश

    रायपुर,
    कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर सड़क के बीच पशुओं को बैठे देखकर  उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने गंभीर नाराजगी जताई। कवर्धा जाते समय सड़क पर पशुओं को देखकर उन्होंने बेमेतरा टोल प्लाजा के पास मंगलवार को देर रात अपना वाहन रुकवाया और तत्काल विभागीय अधिकारियों से मोबाइल पर बात कर हाइवे पेट्रोलिंग व्यवस्था की जानकारी ली।

          उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अधिकारियों से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप पेट्रोलिंग वाहन द्वारा किए जा रहे नियमित निरीक्षण के संबंध में पूछा। अधिकारियों ने बताया कि हाइवे पेट्रोलिंग वाहन द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस पर शर्मा ने पेट्रोलिंग वाहन को मौके पर बुलवाया और अब तक किए गए पशु रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ ही प्रतिदिन किए जा रहे निरीक्षण एवं अन्य कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कवर्धा से बेमेतरा तक पड़ने वाले ग्रामों के स्थानीय लोगों के माध्यम से पेट्रोलिंग वाहन की गतिविधियों की नियमित जानकारी ली जाए।

          सड़क पर पशुओं की मौजूदगी को लेकर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि हाइवे पर नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए और सड़क पर बैठे अथवा विचरण कर रहे पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कार्रवाई तत्परता से की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

         शर्मा ने कहा कि सड़क पर पशुओं के रहने से न केवल गौवंश की जान को खतरा रहता है, बल्कि वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विशेषकर रात्रि के समय दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए पेट्रोलिंग दल लगातार मार्ग का निरीक्षण करे और पशुओं के दिखाई देते ही उन्हें सुरक्षित तरीके से सड़क से हटाया जाए।

         उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा और गौवंश की रक्षा के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पेट्रोलिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने और इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

  • Dussehra 2026: कब मनाई जाएगी विजयादशमी? जानें रावण दहन का सही मुहूर्त और महत्व

    Dussehra 2026: कब मनाई जाएगी विजयादशमी? जानें रावण दहन का सही मुहूर्त और महत्व

    Dussehra 2026: हिंदू धर्म में दशहरा यानी विजयादशमी को बेहद शुभ पर्व माना जाता है. यह दिन सिर्फ रावण दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है. देश के अलग-अलग हिस्सों में इस दिन रामलीला, रावण दहन, शस्त्र पूजा और विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं. साल 2026 में दशहरा किस दिन मनाया जाएगा और इस दिन कौन से शुभ मुहूर्त रहेंगे, आइए जानते हैं। 

    दशहरा 2026 कब है?
    पंचांग के अनुसार, साल 2026 में विजयादशमी यानी दशहरा 20 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा.  आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे शुरू होगी और 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे समाप्त होगी. इसी वजह से उदया तिथि के अनुसार 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। 

    दशहरा 2026 का विजय मुहूर्त
    विजयादशमी के दिन पूजा और शुभ कार्यों के लिए विजय मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है. 20 अक्टूबर 2026 को विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक रहेगा. वहीं अपराह्न पूजा का समय दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक बताया गया है. इन समयों में पूजा, शस्त्र पूजन और अन्य शुभ धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं। 

    रावण दहन कब किया जाएगा?
    दशहरे पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन करने की परंपरा है. आमतौर पर रावण दहन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में किया जाता है. हालांकि, रावण दहन का स्थानीय समय शहर और आयोजन स्थल के अनुसार अलग-अलग हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग या आयोजन की जानकारी देखना बेहतर रहेगा। 

    दशहरा क्यों मनाया जाता है?
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयादशमी के दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध किया था. राम और रावण के बीच युद्ध के बाद श्रीराम की विजय को धर्म की अधर्म पर जीत के रूप में देखा जाता है. इसी घटना की याद में देशभर में रामलीला का आयोजन और रावण दहन किया जाता है। 

    दशहरा की एक अन्य प्रमुख धार्मिक मान्यता देवी दुर्गा से जुड़ी है. कई परंपराओं में इस दिन को मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध और बुराई पर शक्ति की विजय से भी जोड़ा जाता है. इस तरह विजयादशमी दो प्रमुख धार्मिक कथाओं के जरिए अच्छाई और धर्म की स्थापना का संदेश देती है। 

    रावण के दस सिर किसका प्रतीक हैं?
    रावण के दस सिरों को कई धार्मिक व्याख्याओं में मनुष्य के भीतर मौजूद नकारात्मक प्रवृत्तियों का प्रतीक माना जाता है. इनमें काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष और अन्य बुरी प्रवृत्तियों को शामिल किया जाता है। 

    रावण दहन का संदेश केवल किसी पुतले को जलाने तक सीमित नहीं माना जाता, बल्कि इसे अपने भीतर की नकारात्मकता और बुरी आदतों को खत्म करने के संकल्प से भी जोड़ा जाता है। 

    2026 में दशहरा क्यों खास है?
    साल 2026 में दशहरा के दिन श्रवण नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है. पंचांग के अनुसार यह नक्षत्र 19 अक्टूबर की दोपहर से शुरू होकर 20 अक्टूबर की शाम तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं में श्रवण नक्षत्र को शुभ माना जाता है.इसलिए विजयादशमी का दिन पूजा-पाठ, शस्त्र पूजन और सकारात्मक कार्यों के लिए विशेष माना जा रहा है।