Author: NewseDay

  • पेवर ब्लॉक काम में 13 करोड़ की गड़बड़ी! भिलाई निगम के अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण

    पेवर ब्लॉक काम में 13 करोड़ की गड़बड़ी! भिलाई निगम के अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण

    भिलाई.

    भिलाई नगर निगम के 15वें वित्त आयोग के करीब 12.88 करोड़ के पेवर ब्लॉक कार्यों में गड़बड़ी के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। भिलाई निगम की आयुक्त सुरुचि सिंह के निर्देश पर मुख्य अभियंता अजीत कुमार तिग्गा ने बारीकी से जांच शुरू कर दी है।

    इसके तहत पेवर ब्लॉक में जिन अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी पर कार्य करवाया था उन सभी से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। जब तक सारे अभिमत आ नहीं जाएंगे, तब तक कार्रवाई करना मुश्किल है। आठ उप अभियंता, सहायक अभियंता और ठेकेदारों से अभिमत लेने के बाद अब कायर्पालन अभियंता स्तर के अधिकारियों से भी अभिमत के साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है। सामने आई 32 कार्यों की लिस्ट में कायर्पालन अभियंता के रूप में जिन अधिकारियों के नाम हैं। इनमें प्रमुख रूप से रवि सिन्हा वार्ड 03,04, 07 में 2.76 से 14.98 लाख तक के कार्य, अखिलेश चंद्राकर छावनी चौक से तिरंगा चौक (85.77 लाख) और तिरंगा चौक से हथखोज पुलिया (24.29 लाख), संजय बागड़े सेक्टर 04 मुख्य मार्ग (32.47 लाख), केके गुप्ता – वार्ड 33 और वार्ड 15 भगत सिंह चौक से हनुमान मंदिर सड़क तक, बीके वर्मा जोन 02 एकता चौक से जामुल थाना चौक (28.79 लाख), शारीरिक नगर साप्ताहिक बाजार, वार्ड 03 सुभाष चौक से जलेबी चौक (59.98 लाख) सहित 4 कार्य है।

    निगम सूत्रों के अनुसार मुख्य अभियंता द्वारा इन सभी से पूछा गया है कि वेडिंग जोन और विभिन्न स्थानों पर पेवर ब्लॉक लगाने के कार्यों का भौतिक सत्यापन में माप कम क्यों मिल रहा है। जांच समिति को 4 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

  • दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, भारत-जापान के रिश्ते ट्रस्ट पर आधारित: मुख्यमंत्री योगी

    दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, भारत-जापान के रिश्ते ट्रस्ट पर आधारित: मुख्यमंत्री योगी

    प्रधानमंत्री मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी: मुख्यमंत्री योगी
     
    रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आबे मेमोरियल कॉरिडोर का लोकार्पण, अकी आबे के साथ मुख्यमंत्री योगी ने किया अनावरण
     
    भारत-जापान की दोस्ती का जीवंत प्रतीक बनेगा स्मृति गलियारा, नई पीढ़ी के लिए होगा ‘क्लासरूम’
     
    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 500 एकड़ में विकसित होगी जापानी सिटी, यामानाशी बना ग्रीन हाइड्रोजन पार्टनर
     
    जापान के पास टेक्नोलॉजी और यूपी के पास स्केल, सेमीकंडक्टर-एआई तक पहुंची दोनों देशों की साझेदारी
     
    प्रधानमंत्री मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के दिन मित्र आबे की स्मृति को काशी में मिला स्थायी स्थान
     
    दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, भारत-जापान के रिश्ते ट्रस्ट पर आधारित: मुख्यमंत्री योगी
     
    वाराणसी

     प्रधानमंत्री मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे की दोस्ती का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह रिश्ता पद से नहीं, विश्वास से बना था। पद बदलते रहे, लेकिन मित्रता नहीं बदली। सात अक्टूबर 2001 को प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। जनसेवा की इस यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के दिन उनके मित्र आबे की स्मृति को समर्पित गलियारे का उद्घाटन इससे सुंदर संयोग नहीं हो सकता।
     
    मुख्यमंत्री योगी बुधवार को रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जापान की पूर्व प्रथम महिला और शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे के साथ कॉरिडोर का अनावरण किया। मुख्यमंत्री योगी ने इसे उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता, प्रधानमंत्री मोदी और 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से आबे को विनम्र श्रद्धांजलि बताया। कहा कि जापान ने काशी को रुद्राक्ष दिया और अब काशी उसी रुद्राक्ष में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री की स्मृति को हमेशा के लिए बसा रही है।
     
    2007 में हुई थी दोनों नेताओं की पहली मुलाकात
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2007 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री मोदी जापान गए थे। वहीं उनकी शिंजो आबे से पहली मुलाकात हुई। उसी वर्ष आबे ने भारत की संसद में कहा था कि मजबूत भारत जापान के सर्वोत्तम हित में है और मजबूत जापान भारत के सर्वोत्तम हित में। वर्ष 2014 में काशी-क्योटो पार्टनर सिटी समझौता हुआ और 2015 में आबे ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ काशी में गंगा आरती देखी।
     
    वर्ष 2017 में दोनों नेताओं ने अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन का शिलान्यास किया। 2018 में आबे ने प्रधानमंत्री मोदी को यामानाशी स्थित अपने निजी आवास पर आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब दो नेताओं की मित्रता दो राष्ट्रों का विश्वास बन जाती है तो इतिहास बदलता है।
     
    अंतिम विदाई देने टोक्यो पहुंचे थे प्रधानमंत्री मोदी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2021 में शिंजो आबे को भारत के प्रमुख नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री मोदी अपने मित्र को अंतिम विदाई देने टोक्यो पहुंचे। पूरे भारत ने राष्ट्रीय शोक रखा। उन्होंने कहा, “यह प्रोटोकॉल नहीं था, एक रिश्ता था।”
     
    गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज की दुनिया में बिना लाभ-हानि का हिसाब लगाए साथ खड़ा रहने वाला मित्र मिलना कठिन है। दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, जबकि भारत और जापान के रिश्ते ट्रस्ट यानी विश्वास पर आधारित हैं।
     
    500 एकड़ में बनेगी जापानी सिटी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि करीब 1400 जापानी कंपनियां भारत में काम कर रही हैं। दोनों देशों की साझेदारी अब सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन और क्रिटिकल मिनरल्स तक पहुंच चुकी है। जापान के पास टेक्नोलॉजी और अनुभव है तो भारत के पास टैलेंट और युवा ऊर्जा है।
     
    इसी वर्ष फरवरी की जापान यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि टोक्यो और यामानाशी में जापानी कंपनियों के साथ हजारों करोड़ के निवेश पर समझौते हुए। उन्होंने 500 किलोमीटर प्रति घंटे से तेज चलने वाली मैग्लेव ट्रेन में जापान की प्रिसिजन इंजीनियरिंग को करीब से देखा। यामानाशी अब उत्तर प्रदेश का ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी पार्टनर है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ईडा क्षेत्र में 500 एकड़ में जापानी सिटी विकसित की जा रही है। इन्वेस्ट यूपी में यामानाशी डेस्क भी बनाई गई है। जापान के पास प्रिसिजन है तो उत्तर प्रदेश के पास स्केल, 25 करोड़ लोगों का बाजार, देश का सबसे युवा वर्कफोर्स और एक्सप्रेसवे व एयरपोर्ट का सबसे बड़ा नेटवर्क है।
     
    जापान की आस्था का रास्ता यूपी से
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2027 में भारत-जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होंगे और यह गलियारा उस अमृत पर्व की पहली भेंट है। जापान ‘लैंड ऑफ द राइजिंग सन’ है और उत्तर प्रदेश ‘लैंड ऑफ द सन डायनेस्टी’। सारनाथ, कुशीनगर, कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कौशाम्बी और संकिसा भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े तीर्थ हैं। इसलिए जापान की आस्था का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। काशी और क्योटो अपनी-अपनी सभ्यता की आत्मा हैं। दोनों ने विरासत को संभालकर विकास करना सिखाया है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने आबे मेमोरियल कॉरिडोर को नई पीढ़ी के लिए जीवंत क्लासरूम बताया। कहा कि यहां आने वाला हर युवा सीखेगा कि दूर की सोच रखने वाला एक नेता दो देशों का भविष्य कैसे बदल देता है।
     
    आबे को याद कर छलके अकी के आंसू
    जापान की पूर्व प्रथम महिला अकी आबे पति शिंजो आबे को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके पति का प्रधानमंत्री मोदी से गहरा लगाव और आत्मीय संबंध था। वर्ष 2015 में काशी आने के बाद वह उनसे गंगा आरती और वाराणसी की यादें साझा करते थे। तभी से उनके मन में भी वाराणसी आने की इच्छा थी। उन्होंने कहा कि आज उनके पति जीवित होते तो अपने नाम पर बने इस स्मारक को देखकर बहुत खुश होते। यह कहते हुए उनकी आंखों में आंसू छलक आए।
     
    अकी आबे ने रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के डिजाइन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसकी बाहरी दीवारों पर 108 रुद्राक्ष लगे हैं। जापान में भी 108 की संख्या का विशेष महत्व है और नया कार्य शुरू होने पर बौद्ध मंदिरों में 108 बार घंटियां बजाई जाती हैं।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने अकी आबे को वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी से निर्मित मोर का स्मृति चिह्न भेंट किया। कार्यक्रम में मंत्री रविंद्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक सौरभ श्रीवास्तव और जापान से आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मौजूद रहे।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर हुआ आयोजन, नागरिकों और युवाओं ने उत्साह से निभाई सहभागिता

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर हुआ आयोजन, नागरिकों और युवाओं ने उत्साह से निभाई सहभागिता

    विकसित भारत के संकल्प से जगमगाया जशपुर, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में निकली ‘सेवा ज्योति यात्रा’

    रणजीता स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा, वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सक्रिय भागीदारी का लिया संकल्प

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर हुआ आयोजन, नागरिकों और युवाओं ने उत्साह से निभाई सहभागिता

    रायपुर, 
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जशपुर के रणजीता स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की उपस्थिति में आयोजित सभा में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयास का संदेश दिया गया।

    संकल्प सभा के पश्चात पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में रणजीता स्टेडियम से ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली गई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। राष्ट्रसेवा और विकसित भारत के संकल्प के साथ निकली इस यात्रा के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने और जनभागीदारी के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने का संदेश दिया गया।

    रणजीता स्टेडियम से संगम चौक तक निकली सेवा ज्योति यात्रा

    सेवा ज्योति यात्रा रणजीता स्टेडियम से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक होते हुए संगम चौक पहुंची, जहां यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के दौरान विकसित भारत, राष्ट्रसेवा और सामूहिक सहभागिता का संदेश प्रमुखता से सामने आया। इसमें विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कृष्ण कुमार राय सहित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, युवाओं और आम नागरिकों ने सहभागिता की।

    विकसित भारत का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से होगा साकार: मंत्री राजेश अग्रवाल

    इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा और राष्ट्रसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होना महत्वपूर्ण अवसर है। इन वर्षों में राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए देश के विकास और जनकल्याण को नई दिशा देने के निरंतर प्रयास हुए हैं।

    मंत्री अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य व्यापक जनभागीदारी से ही साकार होगा। सरकार के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता, अपने कर्तव्यों के प्रति सजगता और राष्ट्र के विकास में योगदान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति, सामूहिक प्रयास और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।

    उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दें। गांव, शहर, समाज और प्रदेश के विकास में प्रत्येक व्यक्ति की सकारात्मक भागीदारी अंततः विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का हुआ वर्चुअल प्रसारण

    रणजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण भी किया गया। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ प्रारंभ हुई अपनी जनसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख किया। उन्होंने देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जनता के विश्वास और आशीर्वाद को अपनी शक्ति बताया। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र और संविधान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि इन 25 वर्षों में प्राप्त अनुभव और जनविश्वास देश की जनता की पूंजी है।

    प्रधानमंत्री ने राष्ट्रसेवा को सर्वाेपरि बताते हुए कहा कि जीवन की प्रत्येक घटना सीख देती है और चुनौतियां संकल्प को मजबूत बनाती हैं। साधन और संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन सपने और हौसले बड़े होने चाहिए। उन्होंने कर्तव्य और निरंतर कर्म के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।

    युवा ऊर्जा और सामूहिक शक्ति से विकसित भारत की ओर बढ़ेगा देश

    प्रधानमंत्री ने देश के विकास में युवा शक्ति और नागरिक सहभागिता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की बढ़ती ताकत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभा, सामर्थ्य और क्षमता की पहचान वैश्विक स्तर पर बढ़ी है और देश की सामूहिक शक्ति भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में अपनी पूरी ऊर्जा, क्षमता और सामर्थ्य के साथ योगदान देने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम के दौरान विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी, कर्तव्यबोध, राष्ट्रसेवा और युवा शक्ति की भूमिका का संदेश प्रमुखता से दिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

  • प्रदेश के 38 स्थानों पर बनेंगे ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    प्रदेश के 38 स्थानों पर बनेंगे ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष देश के विकास और परिवर्तन की प्रेरक यात्रा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री साय

    प्रदेश के 38 स्थानों पर बनेंगे ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री ने हाथों में मशाल लेकर किया ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का नेतृत्व, बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    तेलीबांधा चौक भी ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में होगा विकसित

    रायपुर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में शासन प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज राजधानी रायपुर में सेवा, संकल्प और राष्ट्र निर्माण की भावना से ओतप्रोत ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ एवं ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के जिला मुख्यालयों सहित कुल 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक को भी ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ये संकल्प चौक जनसेवा, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प के प्रतीक बनेंगे। ये आने वाली पीढ़ियों को यह प्रेरणा देंगे कि राष्ट्र की प्रगति में प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है।

    मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प दिलाया। इसके पश्चात उन्होंने हाथों में मशाल लेकर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का नेतृत्व किया और बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से प्रारंभ हुई यह यात्रा तेलीबांधा चौक तक निकाली गई। बड़ी संख्या में नागरिकों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक यात्रा में सहभागिता की।

    प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष का सेवाकाल राष्ट्र निर्माण की प्रेरक यात्रा

    मुख्यमंत्री साय ने विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में  जिम्मेदारी संभाली थी। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके निरंतर सेवाकाल के आज 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इन 25 वर्षों की यात्रा जनसेवा, सुशासन, विकास और राष्ट्रहित के प्रति अटूट समर्पण की यात्रा है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं को देश का ‘प्रधान सेवक’ मानते हैं। देश के 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं और उनके बेहतर भविष्य की चिंता करते हुए वे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने विकास के प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है और आज पूरी दुनिया भारत के बढ़ते सामर्थ्य और नेतृत्व को देख रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा ज्योति यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा के प्रति समर्पण को सम्मान देने के साथ ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की।

    सेवा संकल्प अभियान में प्रदेशभर की भागीदारी

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में एक माह का ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। इस दौरान सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याण और सामाजिक सहभागिता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि अभियान की शुरुआत में 17 सितंबर को छत्तीसगढ़ के लोगों ने पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ डेढ़ करोड़ से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की थी। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से प्रदेश के नागरिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से लगातार जुड़ रहे हैं।

    विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का विराट लक्ष्य देश के सामने रखा है। यह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। इस संकल्प को सिद्ध करने की क्षमता और सामर्थ्य हमारे देश और देशवासियों में है।

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047’ के माध्यम से आने वाले वर्षों के विकास की दिशा तय की है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में सहभागी बनें।

    छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मिलता है भरपूर सहयोग

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने से पहले विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के अनेक क्षेत्रों का व्यापक भ्रमण किया था। इस कारण वे प्रदेश की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के साथ यहां की संभावनाओं से भी भली-भांति परिचित हैं।

    उन्होंने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री मोदी से छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होती है, प्रदेश को अपेक्षा से बढ़कर उनका सहयोग और मार्गदर्शन मिलता है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास के नए अवसरों से जुड़ रहा है और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है।

    वैश्विक अवसरों से जुड़ रहा छत्तीसगढ़

    अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच है कि भारत के राज्य भी दुनिया के विभिन्न देशों के साथ अपने आर्थिक और संस्थागत संबंधों को मजबूत करें तथा निवेश, तकनीक, कौशल और नवाचार के वैश्विक अवसरों का लाभ उठाएं।

    उन्होंने कहा कि इसी दिशा में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ और हरियाणा को सिंगापुर में आयोजित प्रथम ‘Singapore-India Network for Growth (SING) Forum-2026’ में भागीदारी के लिए चुना गया। सिंगापुर प्रवास के दौरान उद्योग जगत, निवेशकों और बिजनेस फेडरेशन के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और सिंगापुर के संबंध पुराने और मजबूत हैं। सिंगापुर में विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रति वैश्विक विश्वास तेजी से बढ़ा है। आज दुनिया भारत को विश्वास, संभावनाओं और विकास के बड़े केंद्र के रूप में देख रही है और इसका लाभ छत्तीसगढ़ जैसे तेजी से आगे बढ़ते राज्यों को भी मिल रहा है।

    ‘वी विल डू इट’ के संकल्प को जनभागीदारी से करेंगे साकार

    मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘वी विल डू इट’ के उद्घोष का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य बड़ा अवश्य है, लेकिन देशवासियों के सामूहिक प्रयास से इसे हासिल करना निश्चित रूप सेसंभव है।

    उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। हमें भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प के साथ अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करना होगा। जब देश का प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर अपनी जिम्मेदारी निभाएगा, तब विकसित भारत का संकल्प निश्चित रूप से सिद्ध होगा।

    सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु रहने तथा इसी ऊर्जा के साथ निरंतर देश की सेवा करते रहने की कामना की। उन्होंने नागरिकों से सेवा ज्योति यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता कर राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्षगण, यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, राम गर्ग सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत, आज जमा करेंगे ₹1.15 करोड़; चेक बाउंस केस में मिली 2 हफ्ते की मोहलत

    राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत, आज जमा करेंगे ₹1.15 करोड़; चेक बाउंस केस में मिली 2 हफ्ते की मोहलत

    नई दिल्ली

    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अभिनेता राजपाल यादव को निर्देश दिया है कि वह चेक बाउंस मामले में शिकायतकर्ता को देय रकम में से 2 करोड़ रुपये 13 अक्टूबर तक जमा करें। कोर्ट ने साफ कहा कि रकम जमा किए जाने के बाद ही वह हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राजपाल यादव की याचिका पर विचार करेगा। राजपाल यादव आज खुद कोर्ट में मौजूद थे और अपने साथ 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट लेकर पहुंचे थे। बाकी 85 लाख रुपये 13 अक्टूबर तक उनकी संपत्ति के खरीदार के जरिए जमा किए जाने हैं, जो राजपाल के साथ कोर्ट में मौजूद था।

    'बार-बार मोहलत देना मजबूरी नहीं'
    सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि उनकी सजा बढ़ाई भी जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि अब तक जो बार-बार मोहलत दी गई, उसका मकसद सिर्फ यही था कि शिकायतकर्ता को उसका पैसा मिल सके। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की, 'कानून का इस तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।' कोर्ट ने साफ किया कि रकम जमा कराने का आदेश इसलिए दिया गया है ताकि शिकायतकर्ता के पैसे की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। हालांकि, अदालत ने कहा कि राजपाल यादव का अब तक का आचरण उसे संतुष्ट नहीं करता।

    ‘अता पता लापता’ फिल्म का जिक्र आया तो कोर्ट में छा गई हल्की मुस्कान
    आदेश पारित करने के बाद पीठ और राजपाल यादव के बीच कुछ हल्की-फुल्की बातचीत भी हुई। राजपाल ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ से हुए आर्थिक नुकसान का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फिल्म की वजह से उन्हें करीब 200 से 250 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और फिल्म के निर्माता भी घाटे में रहे। इसी दौरान सीजेआई ने मजाकिया अंदाज में फिल्म के नाम को राजपाल यादव के मौजूदा हालात से जोड़ दिया। उन्होंने कहा, 'आपकी फिल्म की तरह आपका पैसा भी अता पता लापता है, गायब।' अदालत की इस टिप्पणी पर माहौल कुछ हल्का हो गया।

    ‘प्रणाम करता हूं’ 
    इसके बाद राजपाल यादव ने पीठ का अभिवादन करते हुए कहा, 'प्रणाम करता हूं।' उन्होंने फिर बताया कि ‘अता पता लापता’ फिल्म में उन्हें करीब 200-250 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।

    सीजेआई ने भी हल्के-फुल्के अंदाज में उन्हें सलाह दी कि अब एक अच्छी फिल्म बनाइए और लोगों का मनोरंजन कीजिए। उन्होंने मजाक करते हुए यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट में पेश होने वाले वकील भी अच्छे अभिनेता हैं और उन्हें अपनी फिल्मों में कास्ट किया जा सकता है।

    आरटीजीएस नहीं हुआ तो 1.15 करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट लेकर पहुंचे राजपाल
    सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट को बताया कि भुगतान करने के लिए उन्होंने रजिस्ट्री से संपर्क किया था, लेकिन वहां आरटीजीएस के जरिए भुगतान की अनुमति नहीं थी। इसके बाद राजपाल यादव 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट लेकर कोर्ट पहुंचे। वकील ने बताया कि बाकी 85 लाख रुपये एक खरीदार के जरिए दिए जाएंगे। राजपाल यादव की संपत्ति खरीदने वाला व्यक्ति भी कोर्ट में मौजूद था और संपत्ति का लेन-देन पूरा होते ही यह रकम जमा कर दी जाएगी।

    ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है 5 करोड़ रुपये की देनदारी का विवाद
    राजपाल यादव ने खुद कोर्ट को बताया कि पूरा विवाद करीब 5 करोड़ रुपये की देनदारी से जुड़ा है, जिसका संबंध फिल्म ‘अता पता लापता’ से है। उनका कहना था कि फिल्म ने उन्हें इससे कहीं ज्यादा बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचाया। मामला साल 2010 का है। आरोप है कि मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने ‘अता पता लापता’ फिल्म के लिए राजपाल यादव को कर्ज दिया था। इसके भुगतान के लिए बाद में 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक जारी किए गए, लेकिन ये सभी चेक बाउंस हो गए।

    'फिल्म बनाने के लिए लोन नहीं लिया जाता, यह निवेश या पैकेज डील होती है'
    दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए राजपाल यादव ने कहा कि फिल्मों के लिए आम तौर पर इस तरह कर्ज नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा, “लोन फिल्म के लिए नहीं लिया जाता। लोन घर बनाने या जमीन खरीदने के लिए लिया जाता है, फिल्म बनाने के लिए नहीं। यह या तो पैकेज डील होती है या निवेश।” उन्होंने आगे कहा कि वह खुद करीब 100 फिल्मों में काम कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें एक फिल्म बनाने के लिए लोन लेने की जरूरत ही क्यों होगी। राजपाल यादव ने न्यायपालिका और देश के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि उन्हें भारत, सुप्रीम कोर्ट और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा और सम्मान है। उन्होंने कहा कि अदालत की ओर से जो भी फैसला आएगा और जहां से भी आएगा, उसे सभी स्वीकार करेंगे।

     

  • कौन हैं नए IAF चीफ आशुतोष दीक्षित? प्रयागराज से खास रिश्ता, ‘तेजस’ को आगे बढ़ाने में रहा बड़ा योगदान

    कौन हैं नए IAF चीफ आशुतोष दीक्षित? प्रयागराज से खास रिश्ता, ‘तेजस’ को आगे बढ़ाने में रहा बड़ा योगदान

    नई दिल्ली

    एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायु सेना का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है । वे अपने साथ लगभग चार दशकों का सेवा अनुभव और लड़ाकू, परिवहन और प्रशिक्षण विमानों की एक विस्तृत श्रृंखला को उड़ाने की व्यापक विशेषज्ञता लेकर आए हैं। उनकी नियुक्ति भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ से एक दिन पहले हुई है, जिसका आधिकारिक समारोह 8 अक्टूबर, 2026 को मनाया जाएगा। एयर मार्शल दीक्षित वर्तमान वायु सेना प्रमुख, अमर प्रीत सिंह का स्थान लेंगे। एयर मार्शल दीक्षित ने स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस, मिराज-2000, विभिन्न मिग वेरिएंट, जगुआर, हॉक, एचपीटी-32, एएन-32, एवरो, किरण और आईएल-78 सहित कई प्रमुख विमान उड़ाए हैं। उन्होंने अपने विशिष्ट करियर के दौरान 3,500 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव भी अर्जित किया है।

    "मुझे यह सूचित करने का निर्देश दिया गया है कि राष्ट्रपति ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, वीएसएम को 31 अक्टूबर, 2026 की दोपहर से प्रभावी रूप से 31 दिसंबर, 2028 तक के कार्यकाल के लिए वायु सेना के अगले प्रमुख के रूप में नियुक्त करने की स्वीकृति दे दी है," एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है।

    लड़ाकू और परिवहन विमानों में व्यापक अनुभव
    एयर मार्शल दीक्षित एक प्रायोगिक परीक्षण पायलट होने के साथ-साथ एक योग्य उड़ान प्रशिक्षक भी हैं। विभिन्न विमान प्लेटफार्मों पर उनके अनुभव ने उन्हें भारतीय वायु सेना के भीतर व्यापक परिचालन और तकनीकी ज्ञान प्रदान किया है।

    उन्हें 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की लड़ाकू शाखा में कमीशन प्राप्त हुआ। अपने करियर के दौरान, वे कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों और अभ्यासों से जुड़े रहे हैं। उनके परिचालन अनुभव में ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक, कोप इंडिया और ऑपरेशन सिंदूर शामिल हैं।

    तेजस और स्वदेशी विमानन के साथ मजबूत संबंध
    एयर मार्शल दीक्षित भारतीय वायु सेना के भीतर स्वदेशी एलसीए तेजस और अन्य भारतीय विमानन कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए भी जाने जाते हैं। रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को आगे बढ़ाने के प्रयासों के संदर्भ में भारत के स्वदेशी विमानन तंत्र में उनका अनुभव महत्वपूर्ण है। नए भारतीय वायु सेना प्रमुख के रूप में, उनसे स्वदेशी क्षमताओं और भारतीय विमानन परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की अपेक्षा की जाती है।

    एनडीए और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय में प्रशिक्षित
    एयर मार्शल दीक्षित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), बांग्लादेश के रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। यह उल्लेख करना आवश्यक है कि वायु सेना में अपने कार्यकाल के दौरान एयर मार्शल दीक्षित ने 'ऑपरेशन सफेद सागर' और 'ऑपरेशन रक्षक' में भाग लिया था।

  • पाकिस्तान में बैठे आतंकी नजीर पर कसा शिकंजा, जम्मू की NIA कोर्ट का बड़ा एक्शन

    पाकिस्तान में बैठे आतंकी नजीर पर कसा शिकंजा, जम्मू की NIA कोर्ट का बड़ा एक्शन

    जम्मू
     जम्मू की विशेष NIA अदालत ने पाकिस्तान में छिपे एक वांछित आतंकी को भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया है। कोर्ट ने यह आदेश NIA की अर्जी पर दिया है।

    भगोड़ा घोषित किया गया नजीर हुसैन पुंछ जिले के हरी गांव का रहने वाला है। वह अली खान, नासिर, नजीरू और शाहीन के नाम से भी जाना जाता है। NIA उसे एक आतंकी साजिश के मामले में तलाश रही है।

    सुरनकोट ग्रेनेड बरामदगी मामले में बड़ा खुलासा
    जांच के अनुसार, अक्टूबर 2024 में पुंछ के सुरनकोट इलाके में एक ओवरग्राउंड वर्कर से कई ग्रेनेड बरामद हुए थे। जांच में सामने आया कि ग्रेनेड की यह खेप नजीर हुसैन ने ही सीमा पार से धमाके करने की साजिश के तहत भेजी थी।

    विशेष न्यायाधीश (NIA) प्रेम सागर ने 1 अक्टूबर को सुनवाई के बाद उसे भगोड़ा घोषित किया।

    कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि आरोपित के खिलाफ पहले गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे, लेकिन वह अपने घर पर नहीं मिला।

    NIA के मुताबिक पाकिस्तान भागा आरोपी
    NIA की रिपोर्ट के अनुसार वह पाकिस्तान भाग गया है। अखबारों और सरकारी गजट में नोटिस प्रकाशन के बाद भी वह हाजिर नहीं हुआ, जिससे स्पष्ट है कि वह जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है।

     

  • सुप्रीम कोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की एंट्री, 37 जजों में महिला जजों की संख्या महज 3

    सुप्रीम कोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की एंट्री, 37 जजों में महिला जजों की संख्या महज 3

    नई दिल्ली

    सुप्रीम कोर्ट में तीन नए जजों ने पद की शपथ ली। इनमें जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह शामिल हैं। इन तीनों की नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 38 है, यानी अब सिर्फ एक पद खाली है।

    मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने तीनों नए जजों को शपथ दिलाई। जस्टिस सुनीता अग्रवाल इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस थीं, जबकि जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय दिल्ली हाई कोर्ट और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह तेलंगाना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं।

    शपथ ग्रहण समारोह में सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों के साथ अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और कई वरिष्ठ वकील भी मौजूद रहे।

    सुप्रीम कोर्ट में अब तीन महिला जज
    जस्टिस सुनीता अग्रवाल के सुप्रीम कोर्ट में जज बनने के साथ ही वह इस अदालत की 13वीं महिला जज बन गई हैं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल महिला जजों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। उनके अलावा जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस वी. मोहना सुप्रीम कोर्ट में महिला जज हैं।

    जानकारी के मुताबिक, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना अगले साल 24 सितंबर को देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने वाली हैं।

    CJI रमना के कार्यकाल में SC में थीं चार महिला जज
    बता दें कि पूर्व CJI एन.वी. रमना के कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट में एक समय चार महिला जज एक साथ मौजूद थीं। इनमें जस्टिस इंदिरा बनर्जी, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी शामिल थीं। इनमें से आखिरी तीन जजों ने 31 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर शपथ ली थी।

    जस्टिस एन.वी. रमना की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट में तीन महिला जजों की नियुक्ति की सिफारिश की थी। वहीं, मौजूदा CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम अब तक दो महिला जजों की नियुक्ति कर चुकी है।

  • CBI की छापेमारी पर पंजाब सरकार ने खटखटाया HC का दरवाजा, 30 बैग रिकॉर्ड ले जाने पर सवाल

    CBI की छापेमारी पर पंजाब सरकार ने खटखटाया HC का दरवाजा, 30 बैग रिकॉर्ड ले जाने पर सवाल

    चंडीगढ़.

    ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा ) और पंजाब सरकार ने सेक्टर-62 स्थित पीयूडीए भवन में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तलाशी एवं सर्वे कार्रवाई को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

    याचिका पर आज मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ सुनवाई करेगी। मामला तत्काल सूची में लगाया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 22 से 24 सितंबर के बीच चली कार्रवाई करीब 50 घंटे तक जारी रही। इस दौरान कार्यालय की विभिन्न मंजिलों को सील रखा गया और 30 से अधिक बैगों में सरकारी रिकॉर्ड ले जाए गए। जीमाडा का यह भी आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल फोन तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का डाटा कापी अथवा क्लोन किया गया। याचिका के अनुसार प्रधान सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी दो रात तक कार्यालय परिसर में मौजूद रहे

    238 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी से जांच शुरू होने का दावा
    याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि ईडी की कार्रवाई जिस मामले के आधार पर शुरू की गई, वह केंद्रीय जांच ब्यूरो की उस प्राथमिकी से संबंधित बताई गई जिसमें तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रवर्तकों से जुड़ी कथित 238 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी की जांच हो रही है। आरोप है कि कंपनी की धनराशि निजी लाभ के लिए इधर-उधर की गई। गमाडा और पंजाब सरकार का कहना है कि इस प्राथमिकी में न तो वे आरोपी हैं और न ही उनके किसी अधिकारी को आरोपी बनाया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों को बिना वैधानिक अधिकार के कार्यालय में रोके रखा गया। याचिकाकर्ताओं के अनुसार उनके मुख्यालय और कार्यालय करीब 50 घंटे तक ईडी की कार्रवाई के अधीन रहे, मंजिलों को सील किया गया और बड़ी मात्रा में रिकॉर्ड बाहर ले जाया गया। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का डाटा कापी किया गया। गमाडा ने इसे अधिकारों के दुरुपयोग का मामला बताते हुए कहा है कि ऐसी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम की धारा 62 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। याचिका में तलाशी और अधिकारियों को रोके रखने को कानून के विपरीत बताते हुए कहा गया है कि जीमाडा या उसके अधिकारियों का कथित अपराध से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

    रिकॉर्ड चाहिए था तो मांगे जा सकते थे: गमाडा
    याचिका में तर्क दिया गया है कि यदि गमाडा की फाइलों में दर्ज किसी लेन-देन का जांच से कोई संबंध था, तो कानून के तहत संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए विभाग को नोटिस दिया जा सकता था। इसके लिए पूरे कार्यालय में तलाशी और सर्वे करने की जरूरत नहीं थी।

  • राजस्व प्रकरणों के निपटारे में राजनांदगांव अव्वल, प्रशासन की तत्परता से लोगों को मिली राहत

    राजस्व प्रकरणों के निपटारे में राजनांदगांव अव्वल, प्रशासन की तत्परता से लोगों को मिली राहत

    राजनांदगांव.

    राजस्व वर्ष 2026 में राजनांदगांव जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति बेहतर रही है। 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक राजस्व अमले के समक्ष दर्ज कुल 37,306 प्रकरणों में से 34,939 का निराकरण किया गया। इस तरह जिले में कुल 93.66 प्रतिशत प्रकरणों का निराकरण हुआ, जबकि 2,367 प्रकरण लंबित हैं।

    आंकड़ों के अनुसार, विवादित नामांतरण के कुल 25, 150 प्रकरणों में से 23,343 का निराकरण किया गया, जिसका निराकरण प्रतिशत 92.82 प्रतिशत रहा। विवादित खाता विभाजन के 3,254 मामलों में 3,062 का निराकरण कर 94.10 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई। इसी तरह अविवादित नामांतरण के 2,241 प्रकरणों में 2,125 का निराकरण हुआ और निराकरण दर 94.82 प्रतिशत रही। अविवादित खाता विभाजन के 768 मामलों में 735 का निराकरण कर 95.70 प्रतिशत की उपलब्धि दर्ज की गई। अन्य राजस्व मामलों में सीमांकन के 2,333 प्रकरणों में 2,331 का निराकरण हुआ, जिसकी दर 99.91 प्रतिशत है। व्यपवर्तन (डायवर्सन ) के 1,632 मामलों में 1,591 का निराकरण कर 97.49 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की गई। वृक्ष कटाई अनुमति के सभी 51 प्रकरणों का निराकरण किया गया, यानी 100 प्रतिशत सफलता मिली। ई-अभिलेख संबंधित सुधार के 1,877 मामलों में 1,701 का निराकरण हुआ।

    पंचायत अमले ने भी किया बेहतर प्रदर्शन
    वर्ष 2026 में पंचायत अमले द्वारा निराकृत प्रकरणों में भी बेहतर स्थिति सामने आई है। विवादित नामांतरण के 12,629 प्रकरणों में 11,887 का निराकरण कर 94.12 प्रतिशत की दर हासिल की गई। वहीं विवादित खाता विभाजन के 2,867 मामलों में 2,807 का निराकरण हुआ, जिसकी दर 97.91 प्रतिशत रही।

    मॉनिटरिंग से मिली तेजी
    प्रशासनिक कार्ययोजना के तहत विवादित नामांतरण और खाता विभाजन जैसे जटिल प्रकरणों की विशेष राजस्व शिविरों एवं नियमित सुनवाई के माध्यम से मॉनिटरिंग की गई। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों के समन्वय से पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित कर मामलों का निराकरण किया गया। प्रशासन के अनुसार त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण से आम लोगों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर से राहत मिली है और प्रशासन के प्रति जनविश्वास भी मजबूत हुआ है।

    प्रशासनिक वक्तव्य के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में विवादित नामांतरण के निराकरण की दर 68.49 प्रतिशत से बढ़कर 94.82 प्रतिशत तथा विवादित खाता विभाजन की दर 72.53 प्रतिशत से बढ़कर 95.70 प्रतिशत हुई है। इसे राजस्व एवं पंचायत अमले की कार्यक्षमता में सुधार का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।