Author: NewseDay

  • विकसित भारत 2047 के लिए छत्तीसगढ़ की प्राथमिकताओं पर राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित

    विकसित भारत 2047 के लिए छत्तीसगढ़ की प्राथमिकताओं पर राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित

    रायपुर

    ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति में छत्तीसगढ़ की भूमिका और राज्य की प्राथमिकताओं को तय करने के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में छठवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन के लिए विभिन्न विभागों की प्रस्तुतियों और प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

    कार्यशाला के दौरान आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए  निवेश, रोजगार, नागरिक सेवाओं का विस्तार और शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाना है। ग्रामीण संपर्क (रूरल कनेक्टिविटी), जल प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ करना। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं के लक्ष्य अधिक ठोस, स्पष्ट और समयबद्ध माइलस्टोन (समय-सीमा) के साथ होने ताकि नागरिकों के जीवन पर इनके सकारात्मक प्रभावों का सटीक आकलन किया जा सके।

    विशेषज्ञों के प्रमुख सुझाव 

    खनिज सचिव  पी. दयानंद ने महत्वपूर्ण खनिजों के विकास और उनसे जुड़ी संभावनाओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। ऊर्जा सचिव  सारांश मित्तर ने अनुपयोगी भूमि (वेस्टलैंड) पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास की व्यापक रणनीति साझा करते हुए ऊर्जा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय, किफायती और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में नगरीय प्रशासन, स्कूल शिक्षा, कृषि, सामान्य प्रशासन, आवास एवं पर्यावरण, आदिम जाति विकास, पर्यटन, राजस्व, कौशल विकास, स्वास्थ्य, श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिवों व सचिवों ने अपने-अपके विभागों की कार्ययोजनाएं प्रस्तुत कीं।

    बैठक में नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव  अविनाश चंपावत, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव  भूवनेश यादव, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव मती शम्मी आबिदी, कौशल विकास विभाग के सचिव  बसवराजु एस., स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता,  पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क  रजत बंसल, उद्योग विभाग के संचालक  प्रभात मलिक, नीति आयोग के सदस्य  आशीष भट्ट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहें।

  • उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सरल, सुगम विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराएं : ऊर्जा मंत्री  तोमर

    उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सरल, सुगम विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराएं : ऊर्जा मंत्री तोमर

    भोपाल

    विद्युत वितरण प्रणाली को निर्बाध बनाने तथा विद्युत समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर की अध्यक्षता में बुधवार को रोशनी घर स्थित विधुत विभाग के कार्यालय ग्वालियर में समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य अभियंता  विनोद कटारे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    ऊर्जा मंत्री  तोमर ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु तत्परता के साथ पहल करने तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रत्येक उपभोक्ता को सरल, सुगम एवं बेहतर विद्युत सेवाएं उपलब्ध हों। नवरात्रि तथा दीपावली पर्व पर उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराना हमारा दायित्व है। हम यह सुनिश्चित करें कि ट्रिपिंग की स्थिति निर्मित न हो, इसके लिए मुख्य रूप से ओवरलोडिंग, शॉर्ट सर्किट और अर्थ लीकेज जैसी समस्याओं को रोकना जरूरी है।

     

  • कहानी और स्थानीय अनुभवों के जरिए बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मक सोच और पर्यावरणीय संवेदनशीलता विकसित करने पर जोर

    कहानी और स्थानीय अनुभवों के जरिए बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मक सोच और पर्यावरणीय संवेदनशीलता विकसित करने पर जोर

    रायपुर

     बच्चों को अपने आसपास के पर्यावरण को देखने, समझने, सवाल पूछने और अपने अनुभवों को रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय ‘कहानीकार’ कार्यशाला का मंगलवार को समापन हुआ। कार्यशाला के दूसरे दिन शिक्षकों ने कहानी लेखन, रचनात्मक गतिविधियों और संवादात्मक सत्रों में सक्रिय भागीदारी करते हुए पहले दिन की सीख को आगे बढ़ाया।

       आईआईएसईआर पुणे के केयर प्रोजेक्ट, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़, यूनिसेफ तथा छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त सहयोग से 6 एवं 7 अक्टूबर को जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एक्शन (एक्सआईएसए), विधानसभा रोड, रायपुर में आयोजित कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों से शासकीय विद्यालयों के शिक्षक शामिल हुए।

    शिक्षकों ने तैयार की कहानियां, साझा किए अनुभव

    कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागी शिक्षकों ने अपनी कहानियों को विकसित किया और उन्हें एक-दूसरे के साथ साझा किया। स्टोरीटेलिंग गतिविधियों और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से बच्चों के स्थानीय परिवेश, दैनिक अनुभवों और प्रकृति को कहानी से जोड़कर सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई।

       इस दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कहानी केवल जानकारी देने का माध्यम न होकर बच्चों में अवलोकन, जिज्ञासा, स्वतंत्र सोच, कल्पनाशीलता और अपनी बात अभिव्यक्त करने की क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।

    ‘कहानीकार पुस्तक मेला’ बना विशेष आकर्षण

     दूसरे दिन आयोजित ‘कहानीकार पुस्तक मेला’ कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण रहा। पुस्तक मेले में शिक्षकों को विभिन्न पुस्तकों, कहानियों और रचनात्मक अभिव्यक्तियों से परिचित होने का अवसर मिला। पुस्तकों को कल्पना, ज्ञान, संवाद और सीखने के प्रभावी माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया।

     शिक्षकों को बताया गया कि किताबों और कहानियों को कक्षा की गतिविधियों से जोड़कर बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने के साथ उनकी रचनात्मकता और स्वतंत्र सोच को भी प्रोत्साहित किया जा सकता है।

    कहानी और कला से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनेंगे बच्चे

    कार्यशाला में कहानी, कला और स्थानीय अनुभवों के माध्यम से बच्चों को प्रकृति एवं पर्यावरण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। बच्चों को अपने आसपास की प्रकृति का स्वयं अवलोकन करने, प्रश्न पूछने और अपने अनुभवों को कहानी के रूप में व्यक्त करने के अवसर देकर सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज और अर्थपूर्ण बनाया जा सकता है।

       साथ ही पर्यावरणीय संवेदनशीलता को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर बच्चों के दैनिक जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनाने की आवश्यकता बताई गई।

    ‘जुगनू’ देगा बच्चों और शिक्षकों की रचनात्मकता को मंच

       कार्यशाला के दौरान बच्चों के लिए भारत के पहले द्विभाषी हिंदी-अंग्रेजी क्लाइमेट टैब्लॉइड ‘जुगनू’ को भी प्रस्तुत किया गया। आईआईएसईआर पुणे के केयर प्रोजेक्ट की एक्शन रिसर्च से विकसित ‘जुगनू’ के माध्यम से देशभर के बच्चों और शिक्षकों की कहानियों, स्थानीय अनुभवों तथा प्रकृति, पर्यावरण एवं जलवायु से जुड़ी रचनात्मक सामग्री को मंच प्रदान किया जाएगा।

       केयर प्रोजेक्ट की प्रोजेक्ट लीड एवं ‘जुगनू’ की पब्लिशर डॉ. शालिनी शर्मा ने बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों में पर्यावरणीय चुनौतियों को लेकर केवल चिंता पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें अपने आसपास के परिवेश को समझने, सवाल पूछने, अपनी आवाज अभिव्यक्त करने और सकारात्मक बदलाव के लिए पहल करने को प्रेरित करना है।

    अनुभव साझा करने और प्रमाण-पत्र वितरण के साथ समापन

       समापन सत्र में प्रतिभागी शिक्षकों ने दो दिनों की अपनी सीख और अनुभव साझा किए। इसके बाद छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. शिरीष कुमार सिंह तथा एनआईटी रायपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. राज कुमार साहू की उपस्थिति में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

       दो दिवसीय ‘कहानीकार’ कार्यशाला ने शिक्षकों को ऐसे रचनात्मक और अनुभवात्मक तरीकों से परिचित कराया, जिनका उपयोग वे कक्षाओं में बच्चों को देखने, सोचने, सवाल करने, अपनी बात कहने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित करने में कर सकेंगे। ‘आर्ट ऐस स्टोरी, स्टोरी ऐस नॉलेज, नॉलेज ऐस एक्शन’ की अवधारणा पर आधारित यह पहल शिक्षा को स्थानीय परिवेश, प्रकृति और बच्चों के अनुभवों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रही।

  • यूपी में 275 पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स का निर्माण तेज, महिलाओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

    यूपी में 275 पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स का निर्माण तेज, महिलाओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

    योगी सरकार तेजी से बना रही सुरक्षित और सुविधाजनक पिंक टॉयलेट

    189 नगरीय निकायों में 275 पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स के निर्माण की प्रक्रिया प्रगति पर

    प्रदेश के नगरीय निकायों में अब तक बनाए जा चुके हैं 950 पिंक टॉयलेट

    स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के तहत महिला केंद्रित स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार

    बाजारों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर विकसित किए जा रहे पिंक टॉयलेट

    लखनऊ,
    शहरी स्वच्छता व्यवस्था को अधिक समावेशी और महिला केंद्रित बनाने के लिए योगी सरकार ने महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया है। स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के तहत प्रदेश के विभिन्न शहरों में पिंक टॉयलेट विकसित किए जा रहे हैं। प्रदेश के नगरीय निकायों में अब तक करीब 950 पिंक टॉयलेट बनाए जा चुके हैं। 

    महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित हो रहे पिंक टॉयलेट

    विभागीय जानकारी के मुताबिक, 189 नगरीय निकायों में करीब 275 पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स के निर्माण कार्य संबंधित प्रक्रिया प्रगति पर है। इन ब्लॉक्स में कुल 1,100 सीटें होंगी। वर्ष 2025 में प्रदेश के नगरीय निकायों में पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स के निर्माण का आवंटन किया गया था। इन पिंक टॉयलेट्स को विशेष रूप से महिला उपयोगकर्ताओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। 

    जेंडर-फ्रेंडली स्वच्छता सुविधाओं के साथ रखरखाव पर विशेष फोकस

    शहरों के बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अलग, सुरक्षित और सुविधाजनक स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नगर विकास विभाग का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए बेहतर स्वच्छता सुविधाएं शहरी जीवन की आवश्यक जरूरतों में शामिल हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नगरीय निकायों को जेंडर-फ्रेंडली स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ मौजूदा स्वच्छता परिसंपत्तियों के बेहतर रखरखाव और उपयोग योग्य स्थिति में बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    पिंक टॉयलेट्स से शहरी स्वच्छता व्यवस्था बनी अधिक सुरक्षित और समावेशी

    सरकार की इस पहल के तहत महिलाओं और बालिकाओं को सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ स्वच्छता व्यवस्था में उनकी आवश्यकताओं को केंद्र में रखने का प्रयास किया जा रहा है। पिंक टॉयलेट्स के विस्तार से शहरों में महिला-अनुकूल सार्वजनिक सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा तथा नगरीय स्वच्छता व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक, सम्मानजनक और समावेशी बनाने में मदद मिलेगी।

    महिलाओं की सुविधा के अनुसार बनेंगे पिंक शौचालय

    नगर विकास विभाग के सचिव अनुज कुमार झा ने कहा कि महिला सम्मान और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ भारत मिशन के तहत आवश्यकतानुसार पिंक शौचालयों के निर्माण के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिन नगरीय निकायों में इसकी आवश्यकता होगी, वहां मांग के अनुसार पिंक शौचालयों की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नगर विकास विभाग तत्पर है।

  • ₹3,800 करोड़ की स्वामित्व योजना उलझी, पटवारियों ने रजिस्ट्रियों पर साइन से किया इनकार

    ₹3,800 करोड़ की स्वामित्व योजना उलझी, पटवारियों ने रजिस्ट्रियों पर साइन से किया इनकार

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत तैयार होने वाल संपत्ति दस्तावेजों का काम शुरू ही नहीं हो पाया हैं। पटवारियों के साा ही अब तहसीलदार भी विरोध में उतर आए हैं। एक साथ पटवारी के हस्ताक्षर को लेकर राजस्व अमले ने सवाल उठाए हैं। मंगलवार को तहसीलदार संघ, राजस्व निरीक्षक संघ, मध्यप्रदेश पटवारी संघ और प्रांतीय पटवारी संघ ने संयुक्त रूप से कहा कि पटवारी योजना के काम में पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं, लेकिन जिस संपत्ति में उनका कोई स्वामित्व या कानूनी अधिकार नहीं है, उसके दस्तावेज पर उन्हें ‘निष्पादक’  के रूप में हस्ताक्षर करने की जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है, इसका वैधानिक आधार स्पष्ट होना चाहिए। संघों ने 13 अगस्त 2026 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि इसमें पटवारी को दस्तावेज के निष्पादन की भूमिका दिए जाने की बात है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह अधिकार किस अधिनियम, नियम, राजपत्र या वैध डेलिगेशन के तहत मिला है। संघों ने आदेश से जुड़ी मूल फाइल, अनुमोदन और रिकॉर्ड की जांच की मांग भी की है। 

    रिकॉर्ड की जांच और दस्तावेज पर हस्ताक्षर अलग-अलग काम
    राजस्व अमले का तर्क है कि जमीन का सर्वे, सीमांकन, मौके का सत्यापन और राजस्व रिकॉर्ड की जांच करना अलग काम है, जबकि किसी संपत्ति संबंधी कानूनी दस्तावेज को शासन या स्वामी की ओर से निष्पादित करना अलग। उनके मुताबिक मैदानी और रिकॉर्ड संबंधी जिम्मेदारी होने मात्र से पटवारी को संपत्ति दस्तावेज execute करने का अधिकार नहीं मिल जाता। संघों ने मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 और भू-अभिलेख नियमावली 2020 का हवाला देते हुए कहा कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जिसमें पटवारी को स्वतंत्र रूप से इस तरह की एग्जीक्यूशनरी पावर दी गई हो। 

    हरियाणा-राजस्थान का हवाला
    संघ ने दावा किया कि हरियाणा और राजस्थान में अधिकार अभिलेख देने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन मध्यप्रदेश में रजिस्ट्री में पटवारियों को निष्पादक बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि भविष्य में विवाद होने पर इसकी जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।

    3500 से 4000 रजिस्ट्रियां रोज
    प्रदेश में सामान्य दिनों में रोजाना औसतन 3500 से 4000 रजिस्ट्रियां होती हैं। ऐसे में स्वामित्व योजना की रजिस्ट्रियों पर रोक का सीधा असर ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले मालिकाना हक की प्रक्रिया पर पड़ रहा है।

    पटवारियों की अन्य मांगें

        2100 से बढ़ाकर 2400 रुपये ग्रेड पे करने की मांग।
        पीएम किसान, सीएम किसान और फार्मर आईडी का काम कृषि विभाग को देने की मांग।
        अतिरिक्त काम का भार कम करने की मांग।
        सरकार कार्रवाई करती है तो सामूहिक रणनीति बनाने की चेतावनी।

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी दिया हवाला
    संघों ने के. गोपी बनाम द सब-रजिस्ट्रार एवं अन्य मामले में 7 अप्रैल 2025 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया। उनका कहना है कि इस फैसले में दस्तावेज के निष्पादन और उससे जुड़े अधिकार को लेकर महत्वपूर्ण कानूनी स्थिति स्पष्ट हुई है। इसी आधार पर वे सवाल उठा रहे हैं कि जब पटवारी के पास संबंधित संपत्ति में कोई टाइटल,राइट याइंटरेस्ट नहीं है, तो उसे एक्जीक्यूटेंट की भूमिका किस कानूनी अधिकार से दी गई है। संघों ने संविधान के अनुच्छेद 299 का भी उल्लेख किया है। उनका कहना है कि यदि दस्तावेज राज्य की ओर से निष्पादित किए जा रहे हैं तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि पटवारी को राज्य की ओर से ऐसे दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने और राज्य को उससे बाध्य करने की शक्ति किस प्रावधान से मिली है।  

    पंजीयन की भूमिका अलग, निष्पादन पर सवाल
    संघों के अनुसार स्वामित्व प्रक्रिया में पंजीयन और दस्तावेज का निष्पादन दो अलग कानूनी कार्य हैं। पंजीयन के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक या प्रभारी राजस्व निरीक्षक को Sub-Registrar की भूमिका दिए जाने का उल्लेख है, लेकिन पटवारी को एक्जीक्यूटेंट बनाने का अलग वैधानिक आधार स्पष्ट नहीं है। राजस्व अमले का कहना है कि ड्रोन सर्वे, ग्राउंड ट्रूथिंग, सीमांकन, पहचान और रिकॉर्ड सत्यापन जैसे काम पटवारी पहले की तरह करते रहेंगे। आपत्ति केवल अंतिम संपत्ति दस्तावेज पर हस्ताक्षर और उससे जुड़ी कानूनी जवाबदेही को लेकर है। 

    योजना के खिलाफ नहीं, भूमिका स्पष्ट करने की मांग
    संघों ने साफ किया कि उनकी आपत्ति स्वामित्य योजना के खिलाफ नहीं है। उनके मुताबिक योजना से ग्रामीणों को संपत्ति का रिकॉर्ड मिल रहा है और बैंक ऋण जैसी सुविधाओं का रास्ता भी आसान हो रहा है। संघों की मांग है कि दस्तावेज का निष्पादन कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, एसडीओ/एसडीएम या शासन द्वारा विधि-सम्मत रूप से अधिकृत सक्षम अधिकारी से कराया जाए। साथ ही पटवारियों की मैदानी और अभिलेखीय भूमिका स्पष्ट रखते हुए उन्हें लिखित मार्गदर्शन और कानूनी संरक्षण दिया जाए। उनका कहना है कि जिस काम की वैधानिक अधिकारिता स्पष्ट नहीं है, उसमें व्यक्तिगत कानूनी जवाबदेही लेकर हस्ताक्षर करना उचित नहीं होगा। 

  • मां दुर्गा के आगमन का वाहन बना चर्चा का विषय, 2026 में हाथी की सवारी को क्यों माना जा रहा शुभ?

    मां दुर्गा के आगमन का वाहन बना चर्चा का विषय, 2026 में हाथी की सवारी को क्यों माना जा रहा शुभ?

      Sharadiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की उपासना और शक्ति आराधना का विशेष अवसर माना जाता है। इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार से हो रही है। नवरात्रि शुरू होने के दिन के आधार पर माता के आगमन के वाहन को लेकर एक प्रचलित धार्मिक मान्यता है। इसी मान्यता के अनुसार इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर माना जा रहा है।

    माता की सवारी को लेकर भक्तों में हर साल खास उत्सुकता रहती है। धार्मिक परंपराओं में हाथी को शुभता, सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और धन-धान्य से जोड़कर देखा गया है। इसलिए 2026 में मां दुर्गा का हाथी पर आगमन भक्तों के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।
     
    2026 में हाथी पर आएंगी मां दुर्गा
    प्रचलित मान्यता के अनुसार, यदि नवरात्रि की शुरुआत रविवार या सोमवार को होती है, तो माता का वाहन हाथी माना जाता है। शनिवार या मंगलवार को शुरुआत होने पर घोड़ा, बुधवार को नाव और गुरुवार या शुक्रवार को डोली या पालकी से आगमन की मान्यता बताई जाती है। चूंकि 2026 में नवरात्रि की शुरुआत रविवार को हो रही है, इसलिए मां दुर्गा के हाथी पर आगमन की मान्यता है।

    हाथी पर आगमन को क्यों माना जाता है शुभ?
    हिंदू धार्मिक परंपरा में हाथी को शक्ति, स्थिरता, समृद्धि और ऐश्वर्य से जोड़ा जाता है। इसी वजह से देवी के हाथी पर आगमन को शुभ संकेत माना जाता है। कुछ धार्मिक मान्यताओं में इसे अच्छी वर्षा, बेहतर कृषि उपज और समाज में सुख-समृद्धि से भी जोड़ा गया है। यानी भक्तों की आस्था के अनुसार इस बार मां का गज पर आगमन खुशहाली और समृद्धि का संदेश लेकर आ सकता है।

    क्या मां का स्थायी वाहन सिंह नहीं है?
    धार्मिक परंपरा में मां दुर्गा का प्रमुख और स्थायी वाहन सिंह माना जाता है। वहीं नवरात्रि के दौरान माता के आगमन और प्रस्थान के लिए अलग-अलग वाहनों का उल्लेख कुछ परंपराओं में मिलता है। इसलिए हाथी पर आगमन की बात का अर्थ यह नहीं है कि मां दुर्गा का सिंह से संबंध बदल गया है। यह नवरात्रि के आगमन से जुड़ी विशेष धार्मिक मान्यता है।
     
    नवरात्रि 2026 कब से शुरू होगी?
    शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी। इस दिन घटस्थापना के साथ देवी आराधना शुरू होगी। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस बार विजयादशमी 20 अक्टूबर 2026 को होगी।
     
    मां की विदाई किस वाहन से होगी?
    माता के आगमन की तरह प्रस्थान के वाहन को लेकर भी धार्मिक मान्यताएं हैं और इसमें विजयादशमी के दिन के वार को आधार माना जाता है। 2026 में विजयादशमी मंगलवार को पड़ रही है। इस वजह से अलग-अलग परंपराओं में प्रस्थान वाहन को लेकर घोड़े या चरणायुध/कुक्कुट का जिक्र मिलता है।  

     

  • विगत एक सप्ताह में लगभग 1 करोड़ 62 लाख रुपये से अधिक के अवैध मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त

    विगत एक सप्ताह में लगभग 1 करोड़ 62 लाख रुपये से अधिक के अवैध मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन एवं अवैध खेती के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत एक सप्ताह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस ने कार्यवाही कर गांजा, ब्राउन शुगर, स्मैक, अफीम एवं डोडाचूरा सहित बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ जब्त किए है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ लगभग 1 करोड़ 62 लाख रुपये से अधिक के अवैध मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त की है।

    रतलाम

    जिले के सरवन थाना क्षेत्र में पुलिस ने शासकीय भूमि पर कपास-मक्का की फसल के बीच की जा रही अवैध गांजे की खेती का खुलासा करते हुए 2,948 हरे गांजे के पौधे, कुल वजन 724 किलोग्राम जिसकी अनुमानित कीमत 70 लाख रुपये है, जब्त किए है।

    विदिशा

    थाना कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से ब्राउन शुगर एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। वहीं, ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत ब्राउन शुगर तस्करी नेटवर्क का खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 38.56 ग्राम ब्राउन शुगर, ईकोस्पोर्ट कार, मोटरसाइकिल एवं 5 मोबाइल सहित लगभग 16 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसके अतिरिक्‍त थाना कोतवाली और सिविल लाइन पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाइयों में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 80 ग्राम ब्राउन शुगर और वाहनों सहित लगभग 12 लाख 81 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है।  इस प्रकार विदिशा पुलिस ने इन कार्रवाईयों में लगभग 31 लाख  81 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है।

    धार

    जिले के मनावर में पुलिस ने ग्राम उकाला के तीन खेतों पर एक साथ कार्यवाही कर अवैध रूप से उगाए गए गांजे के 229 हरे पौधे, करीब 170 किलोग्राम, जिसकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये है, जब्त किए।

    देवास

    जिले के सोनकच्छ में पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत ड्रोन की मदद से अवैध गांजा खेती का खुलासा कर 354 गांजे के पौधे, कुल वजन 700 किलोग्राम गांजा, अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये जब्त किया है।

    राजगढ़

    जिले में ऑपरेशन शुद्धि के तहत थाना कोतवाली एवं विशेष टीम की संयुक्त कार्रवाई में 50.860 किलोग्राम अवैध गांज एवं कार सहित लगभग 11 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। साथ ही 1 आरोपी को गिरफ्तार किया है।

    मंदसौर

    जिले में थाना सीतामऊ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 किलो 978 ग्राम अवैध अफीम एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग 4 लाख 90 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। वहीं थाना सुवासरा की चौकी रूनिजा पुलिस ने 62 किलो 900 ग्राम अवैध डोडाचूरा, दो मोबाइल, एक कीपेड मोबाइल एवं कार सहित लगभग 1 लाख 55 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। इसी प्रकार थाना गरोठ पुलिस ने संतरे के बगीचे के बीच से अवैध मादक पदार्थ गांजे के 107 हरे पौधे तथा मोबाइल सहित लगभग 1 लाख 10 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इस प्रकार मंदसौर जिले की तीनों कार्रवाईयों में लगभग 7 लाख 55 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।

    गुना

    जिले की मृगवास थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अवैध स्मैक के साथ दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 20.61 ग्राम स्मैक तथा तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 3 लाख 10 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।

    छिंदवाड़ा

    जिले के थाना कोतवाली, कुण्डीपुरा एवं देहात पुलिस ने तीन अलग-अलग कार्रवाईयों में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 किलो 46 ग्राम अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 77 हजार रुपये है, जब्त किया है। आरोपियों के विरुद्ध NDPS Act के तहत प्रकरण दर्ज कर गांजे के स्रोत एवं सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है।

    नरसिंहपुर

    थाना करेली अंतर्गत पुलिस ने एक आरोपी से 12.7 ग्राम अवैध स्मैक सहित लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है।

    शिवपुरी

    थाना कोतवाली पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 5 किलो 500 ग्राम गांजा, एवं एक मोटरसाइकिल सहित लगभग 1 लाख 25 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। मध्यप्रदेश पुलिस नशे के कारोबार से जुड़े प्रत्येक स्तर—स्रोत, परिवहन, सप्लाई एवं तस्करी नेटवर्क—पर कार्रवाई करते हुए प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

     

  • T20I रैंकिंग में बड़ा उलटफेर, श्रेयस अय्यर को जबरदस्त फायदा; कोहली नीचे खिसके, पाक बल्लेबाज नंबर-1 से बाहर

    T20I रैंकिंग में बड़ा उलटफेर, श्रेयस अय्यर को जबरदस्त फायदा; कोहली नीचे खिसके, पाक बल्लेबाज नंबर-1 से बाहर

    नई दिल्ली

    इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बुधवार को पुरुष खिलाड़ियों की ताजा टी20 और वनडे रैंकिंग जारी की है। भारतीय टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने जबर्दस्त छलांग लगाई है। वह टी20 बल्लेबाजों की लिस्ट में 18 स्थान चढ़कर सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं, जो उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। उनके खाते में फिलहाल 786 रेटिंग अंक हैं। 31 वर्षीय अय्यर ने T20I में पहली बार टॉप 10 रैंकिंग में एंट्री की है। उन्होंने मंगलवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में तूफानी शतक जमाया। अय्यर ने लखनऊ के मैदान पर 43 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाए, जिसमें दस चौके और छह सिक्स शामिल हैं। यह उनके टी20 इंटरनेशनल करियर का पहला शतक था। टॉप 10 बल्लेबाजों में अब चार भारतीय हैं। ईशान किशन (902) पहले स्थान पर काबिज हैं। अभिषेक शर्मा (887) दूसरे जबकि तिलक वर्मा (719) दसवें पायदान पर मौजूद हैं।

    पाकिस्तानी से छिना नंबर-1 का ताज
    वेस्टइंडीज के बल्लेबाज शेरफेन रदरफोर्ड लखनऊ में फिफ्टी जड़ने के बाद 10 पायदान चढ़कर 37वें नंबर पर पहुंचने गए हैं। वहीं, T20I बॉलर्स की रैंकिंग में टॉप पर बड़ा बदलाव हुआ है। पाकिस्तान के स्पिनर अबराह अहमद (718) से नंबर-1 टी20 गेंदबाज का ताज छिन गया है। उनकी जगह अफगानिस्तान के स्पिनर राशिद खान (720) टॉप पर पहुंच गए हैं। टॉप 10 बॉलर्स में तीन नई एंट्री हुई हैं। भारत के स्पिनर अक्षर पटेल 16 स्थान ऊपर सातवें नंबर पर आ गए। उनके 664 अंक हैं। अक्षर ने लखनऊ मैच में 26 रन देकर दो विकेट चटकाए। बांग्लादेश के नसुम अहमद (तीन स्थान ऊपर आठवें पर) और महेदी हसन (10 स्थान ऊपर नौवें पर) को भी फायदा हुआ है।

    सुपरस्टार कोहली का हुआ नुकसान
    सुपरस्टार क्रिकेटर विराट कोहली (781) को वन
    डे बल्लेबाजों की सूची में एक स्थान का नुकसान उठाना पड़ा है। वह तीसरे स्थान पर खिस गए हैं। उनके 15 रेटिंग अंक घट गए हैं। न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल (794) दूसरे पर आ गए। कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मैच में शतक मारा था लेकिन दूसरे मुकाबले में 29 रन बनाए और तीसरे में शून्य पर लौटे। कप्तान शुभमन गिल 841 अंकों के साथ नंबर-1 वनडे बल्लेबाज हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज सीरीज में एक दोहरा शतक और एक सेंचुरी लगाई। वह तीसरे मैच में सिर्फ एक रन बना पाए। गिल को 25 अंकों का लाभ मिला है। रोहित शर्मा (770) चौथे नंबर पर हैं। उन्हें 17 अंकों का फायदा हुआ है। रोहित ने दूसरे वनडे में शतक ठोका जबकि तीसरे में 8 रन से सेंचुरी से चूक गए।

    केएल राहुल ने टॉप 10 में मारी एंट्री
    भारत के विकेटकीपर केएल राहुल वनडे बल्लेबाजों की अपडेटेड लिस्ट में टॉप 10 में शामिल हो गए हैं। वह तीसरे वनडे में सेंचुरी लगाकर सात पायदान ऊपर चढ़े और संयुक्त रूप से 10वें स्थान पर आ गए। उनके 653 अंक हैं। आयरलैंड के हैरी टेक्टर के खाते में भी इतने ही अंक हैं। वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप आखिरी मैच में 162 रन की पारी के बाद दो पायदान ऊपर छठे स्थान पर पहुंच गए हैं। वेस्टइंडीज के आमिर जंगू टॉप 100 से बाहर थे जो अब लिस्ट में 55वें स्थान पर आ गए हैं। उन्होंने एक शतक और दो अर्धशतक लगाए। वेस्टइंडीज के जेडन सील्स वनडे बॉलर्स की रैंकिंग में 12 पायदान ऊपर 10वें स्थान पर चले गए। उन्होंने इंडिया सीरीज में चार विकेट लेने के बाद अपने करियर की सबसे अच्छी रेटिंग हासिल की।

  • यीडा क्षेत्र में निवेश को नई रफ्तार, 25 कंपनियों को लेटर ऑफ इंटेंट

    यीडा क्षेत्र में निवेश को नई रफ्तार, 25 कंपनियों को लेटर ऑफ इंटेंट

    ग्रेटर नोएडा

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों को लगातार मजबूती मिल रही है। इसी क्रम में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में बुधवार को 25 कंपनियों को लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी किए गए। इन निवेश प्रस्तावों के माध्यम से करीब ₹3,155 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जबकि लगभग 95 एकड़ भूमि पर परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। इनसे 9,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। 

    कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश

    यीडा की ओर से जारी एलओआई में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। सबसे अधिक 11 कंपनियां सेक्टर-8डी के जनरल इंडस्ट्री क्षेत्र में निवेश करेंगी। इसके अलावा सेक्टर-29 में 8 कंपनियों को एलओआई दिया गया है। इनमें 3 कंपनियां अपैरल पार्क, एक हैंडीक्राफ्ट पार्क और चार कंपनियां जनरल इंडस्ट्री में स्थापित होंगी। इसी तरह एक कंपनी मेडिकल डिवाइस पार्क, तीन कंपनियां मिक्स्ड लैंड यूज और दो कंपनियां प्रस्तावित फार्मा पार्क में निवेश करेंगी। इस तरह प्रस्तावित निवेश के जरिए पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ मेडिकल डिवाइस और फार्मा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। 

    योगी सरकार की निवेश नीति को मिल रहा परिणाम

    उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने, औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। यीडा क्षेत्र में सामने आए ये निवेश प्रस्ताव इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। ₹3,155 करोड़ का प्रस्तावित निवेश और 9 हजार से अधिक रोजगार के अवसर इस बात का प्रमाण है कि यीडा क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ रोजगार सृजन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। करीब 95 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित ये परियोजनाएं क्षेत्र में नए औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आर्थिक गतिविधियों को गति देंगी। 

    यीडा बन रहा निवेश और रोजगार का नया केंद्र

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार को एक साथ बढ़ावा देने की नीति का प्रभाव यीडा में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, विकसित हो रहा औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विभिन्न सेक्टरों के लिए तैयार किए जा रहे विशेष औद्योगिक पार्क यीडा को निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बना रहे हैं। हालिया 25 एलओआई इसी बढ़ते निवेश विश्वास की नई कड़ी हैं, जो आने वाले समय में क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को और गति देने की क्षमता रखते हैं।

  • मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मिशन अमृत 2.0 की राज्य स्तरीय हाई पावर स्टेयरिंग कमेटी की बैठक संपन्न

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मिशन अमृत 2.0 की राज्य स्तरीय हाई पावर स्टेयरिंग कमेटी की बैठक संपन्न

    रायपुर, 07 अक्टूबर 2026/ मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मिशन अमृत 2.0 की राज्य स्तरीय हाई पावर स्टेयरिंग कमेटी की समीक्षा सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के नगरीय निकायों में पेयजल, सीवरेज ट्रीटमेंट, जल निकायों के पुनरुद्धार एवं पार्क विकास से संबंधित चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई।  मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा के भीतर सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।

    अमृत 2.0 की समग्र भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के संबंध में मिशन के अंतर्गत कुल 81 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं।  इनमें से 64 परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है और 45 परियोजनाओं के कार्य आवंटित हो चुके हैं। वर्तमान में 19 परियोजनाएं निविदा प्रक्रिया में हैं तथा शेष 11 परियोजनाओं की डीपीआर इस माह के अंत तक स्वीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।   

    जल प्रदाय योजनाएं के अंतर्गत 37 स्वीकृत परियोजनाओं में से 36 परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए जा चुके हैं।  बैठक के दौरान जगदलपुर (बस्तर) जल प्रदाय योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की प्रशासनिक स्वीकृति पर विचार-विमर्श किया गया।
       
    राज्य के प्रमुख नगरीय निकायों (अम्बिकापुर, राजनांदगांव, कोरबा, भिलाई एवं दुर्ग) में कुल 333 एमएलडी क्षमता के 9 एसटीपी का निर्माण 465.82 करोड़ रूपए की लागत से कराया जा रहा है।  शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से बीते एक माह में बिलासपुर, मुंगेली, कांकेर और अहिवारा में 04 पार्क विकास परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए गए हैं।  
     
    अमृत शहरों के लिए जीआईएस-आधारित मास्टर प्लान तैयार करने हेतु उप-योजना के तहत तैयार पुनरीक्षित स्टेट एक्शन प्लान के अनुमोदन की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, वित्त, जल संसाधन, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस से भारत सरकार आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।