Author: NewseDay

  • सूरजपुर में आंगनबाड़ी केंद्र बने खुशियों की चौपाल, पोषण से लेकर सरकारी योजनाओं तक किया जागरूक

    सूरजपुर में आंगनबाड़ी केंद्र बने खुशियों की चौपाल, पोषण से लेकर सरकारी योजनाओं तक किया जागरूक

    आंगन मिलन सेवा सूरजपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों में सजी पोषण और खुशियों की चौपाल

    स्वास्थ्य, स्वच्छता और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 25 सितंबर से 6 अक्टूबर तक आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया गया। जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रमों में ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण जागरूकता और सामुदायिक सहयोग को एक नया प्रोत्साहन मिला है।

    पौष्टिक थाली और व्यंजन प्रदर्शनी

           कार्यक्रमों के दौरान मेरी पौष्टिक थाली और पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी के माध्यम से संतुलित आहार तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों के सही उपयोग की जानकारी दी गई। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं को विभिन्न गतिविधियों से जोड़कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।

    हर घर मुनगा अभियान

           परिवारों के बच्चों के दैनिक आहार में विविधता लाने तथा स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने पर जोर दिया गया। इसके तहत हर घर मुनगा अभियान चलाकर मुनगा लगाने और उसे भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।

    सामुदायिक सहभागिता 

            इन आयोजनों को सफल बनाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों ने बेहद सक्रिय भूमिका निभाई। महिलाओं और बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वास्थ्य व पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों को अपने परिवार एवं समुदाय तक पहुंचाया। इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना, परिवारों को बच्चों की उचित देखभाल व पोषण से जोड़ना और शासन की योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाना है।

  • राज्य स्तरीय रोजगार मेले के पहले दिन 5,018 प्रतिभागियों ने कराया पंजीयन

    राज्य स्तरीय रोजगार मेले के पहले दिन 5,018 प्रतिभागियों ने कराया पंजीयन

    रायपुर

    प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर और सुनहरे अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय रोजगार मेले के पहले दिन युवाओं में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। मेले के पहले दिन विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कुल 5,018 प्रतिभागियों ने अपना पंजीयन कराया, जिसमें से 85 निजी संस्थानों द्वारा की गई प्रारंभिक चयन प्रक्रिया के माध्यम से दो हजार से अधिक अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया है। इस राज्य स्तरीय मेले में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में रोजगार की तलाश कर रहे युवा पहुंचे।

    कौशल और योग्यता के आधार पर चयन

     निजी क्षेत्र के विभिन्न संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों द्वारा उपलब्ध रिक्त पदों के लिए अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता, कौशल और अनुभव के आधार पर प्रारंभिक चयन प्रक्रिया पूरी की गई। युवाओं ने अपनी रुचि के अनुसार साक्षात्कार और अन्य चयन प्रक्रियाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस रोजगार मेले के माध्यम से रोजगार प्रदाता संस्थानों और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को एक ही मंच पर जोड़ने का बेहतरीन प्रयास किया गया है, जिससे युवाओं को सीधे चयन प्रक्रिया में शामिल होने का सीधा अवसर मिला।

    दूसरे दिन मिलेगा नियुक्ति पत्र

    रोजगार मेले के दूसरे दिन यानी 08 अक्टूबर को मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब सहित सभी मंत्रीगणों की गरिमामयी उपस्थिति में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। नियुक्ति पत्र मिलने के साथ ही इन चयनित युवाओं के लिए रोजगार की एक नई और उज्जवल राह खुलेगी।

  • नौकरी तलाशने से आगे बढ़कर समाधान प्रस्तुत कर रहे युवा, यूपी राइज में दिखी नई सोच

    नौकरी तलाशने से आगे बढ़कर समाधान प्रस्तुत कर रहे युवा, यूपी राइज में दिखी नई सोच

    ग्रेटर नोएडा

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन में युवाओं की ऊर्जा और नवाचार को अवसरों से जोड़ने पर जोर है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए यूपी राइज ने युवाओं को अपनी नई सोच को समाधान और स्टार्टअप के रूप में सामने रखने का मंच दिया। बुधवार को ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा युनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में किसी युवा ने पशुओं के घाव के उपचार को आसान बनाने के लिए एंटीऑक्सीडेंट हाइड्रोजेल तैयार किया तो किसी ने कारोबारियों और कुशल वर्किंग प्रोफेशनल्स के बीच दूरी कम करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया। युवाओं के इन आइडिया में समस्या की पहचान के साथ उसके व्यावहारिक समाधान और रोजगार के नए अवसर तलाशने की सोच भी दिखाई दी।

    यूपी राइज के दौरान युवाओं ने अपने नवाचारों को मेंटर्स के सामने प्रस्तुत किया। विशेषज्ञों ने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, उपयोगिता, संभावित चुनौतियों और भविष्य में बड़े स्तर पर लागू करने की संभावनाओं को लेकर प्रतिभागियों से सवाल किए। इससे युवाओं को अपने आइडिया को सिर्फ प्रस्तुति तक सीमित रखने के बजाय उसे व्यावहारिक रूप देने की दिशा में सोचने का अवसर मिला।

    घाव के उपचार को आसान बनाने का प्रयास, रिएक्ट हाइड्रोजेल अव्वल

    प्रतियोगिता में रिएक्ट हाइड्रोजेल स्टार्टअप की फाउंडर इरम जहां के प्रोजेक्ट को प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया। इरम ने बताया कि उन्होंने एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाले हाइड्रोजेल पर काम किया है। इसका उद्देश्य पशुओं में होने वाले घावों के उपचार की प्रक्रिया को आसान बनाना है। उन्होंने बताया कि अभी घाव के उपचार में अलग-अलग दवाओं और एंटीबायोटिक के इस्तेमाल की जरूरत पड़ सकती है। उनका विकसित हाइड्रोजेल इस प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में तैयार किया गया है। इरम का प्रोजेक्ट इस मायने में खास रहा कि इसमें पशु स्वास्थ्य से जुड़ी एक व्यावहारिक समस्या के लिए उत्पाद आधारित समाधान प्रस्तुत किया गया। मेंटर्स के सामने उन्होंने इसके उपयोग और संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

    सही प्रतिभा को सही कारोबार से जोड़ेगा ‘साथी’

    रनर-अप पुरस्कार फालिया और उनके साथी ताबिश के स्टार्टअप ‘साथी’ को मिला। दोनों ने ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो उद्यमियों और वर्किंग प्रोफेशनल्स के बीच ब्रिज का काम करेगा। फालिया ने बताया कि आज कारोबारियों को अपने संस्थान के लिए कुशल लोगों की जरूरत होती है, जबकि वर्किंग प्रोफेशनल्स बेहतर अवसर तलाशते हैं। ‘साथी’ दोनों पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करने का काम करेगा।

    फालिया ने बताया कि उनका प्रयास सही कौशल वाले व्यक्ति को सही कारोबारी अवसर से जोड़ने का है। इससे कारोबारियों को प्रतिभा तलाशने और प्रोफेशनल्स को अपनी क्षमता के अनुरूप अवसर पाने में मदद मिल सकती है।

    सवालों से परखी गई नवाचार की जमीन

    कार्यक्रम में युवाओं ने अपने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं के बारे में मेंटर्स को जानकारी दी। मेंटर्स ने प्रतिभागियों से उनके आइडिया की व्यावहारिकता, संभावित चुनौतियों और उसे बड़े स्तर पर लागू करने की योजना को लेकर सवाल किए। उज्ज्वल सिंह, विश्व शर्मा, पंकज जैन और मनीष नाथ ने मेंटर की भूमिका निभाई।

    प्रतिभागियों के लिए यह संवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा कि उन्हें अपने आइडिया को विशेषज्ञों की कसौटी पर परखने और उसके व्यावहारिक पक्ष को समझने का अवसर मिला। नवाचार को उत्पाद, सेवा या स्टार्टअप के रूप में आगे बढ़ाने के लिए किन पहलुओं पर काम करना होगा, इस पर भी चर्चा हुई।

    युवाओं को नए अवसर मिलने से बदलेगी तस्वीर : खारा

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्टोरी टेलर और इनफ्लुएंसर परितोष आनंद रहे। शारदा युनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. सिबाराम खारा ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देश में बड़ी युवा आबादी है, जो ऊर्जा और नई सोच से भरी हुई है। प्रदेश सरकार के नेतृत्व में युवाओं को दिशा और नए अवसर मिल रहे हैं, जिसका प्रभाव आने वाले समय में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लगातार नए क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है और इसमें युवाओं की भागीदारी अहम है।

    'शक्ति क्षेत्र’ में योजनाओं और अवसरों की जानकारी

    कार्यक्रम में ‘शक्ति क्षेत्र’ में विभिन्न स्टॉल लगाए गए। यहां युवाओं को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और अवसरों की जानकारी दी गई। उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार से जुड़े अवसरों से भी प्रतिभागियों को परिचित कराया गया।

    यूपी राइज का यह मंच प्रतियोगिता से आगे युवाओं को अपनी सोच को परखने का अवसर देता नजर आया। स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या का समाधान हो या रोजगार और कारोबार के बीच बेहतर समन्वय बनाने का प्रयास, युवाओं ने अपने आइडिया के जरिए यह दिखाया कि कैंपस में तैयार हो रही नई सोच को व्यावहारिक समाधान में बदला जा सकता है। सरकार की ओर से उपलब्ध अवसर और ऐसे मंच इस सोच को स्टार्टअप और आगे चलकर रोजगार सृजन से जोड़ने की राह तैयार कर रहे हैं।

  • ₹20 की थाली के लिए दिए ₹200, अटल कैंटीन में डिप्टी स्पीकर के अंदाज ने जीता दिल

    ₹20 की थाली के लिए दिए ₹200, अटल कैंटीन में डिप्टी स्पीकर के अंदाज ने जीता दिल

    जींद/चंडीगढ़.

    हरियाणा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिढ़ा ने जींद की नई अनाज मंडी में अटल कैंटीन में भोजन किया।डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिढ़ा ने अटल कैंटीन में भोजन किया।कांग्रेस के 'वोट चोरी' आरोपों पर भाजपा का बचाव किया।

    नई अनाज मंडी में निरीक्षण के दौरान विधानसभा डिप्टी  स्पीकर डॉ. कृष्ण मिढ़ा ने अटल कैंटीन पर खाना खाया। उन्होंने खुद सहित 20 थालियों की 200 रुपये पेमेंट भी की। इस दौरान कैंटीन में काम करने वाली महिलाओं से भी बातचीत की। इसके साथ वहां खाना खा रहे प्रवासी कामगारों से भी बात की और खाने की गुणवत्ता के बारे में पूछा। इस दौरान कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों पर पत्रकारों के सवाल पर डिप्टी स्पीकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपने जनहितैषी कामों के दम पर लोगों के दिल जीत रहे हैं। भाजपा सरकार लोगों के वोट नहीं चुरा रही, बल्कि अपने अच्छे कामों से लोगों के दिल चुरा रही है। यही वजह है, कांग्रेस हताशा में वोट चोरी जैसे झूठे आरोप लगा रही है।

    अटल कैंटीन में 10 रुपये में मिलने वाले भोजन का जिक्र करते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को इतने कम दाम में भरपेट पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाना भी जनहित की सोच का उदाहरण है। कांग्रेस इसी तरह के कामों को देखकर परेशान है और जनता के बीच भ्रम फैलाने के लिए वोट चोरी के आरोप लगा रही है।

  • जीपीएम जिले के पीएचसी साधवानी ने एनक्यूएएस में हासिल की महत्वपूर्ण उपलब्धि

    जीपीएम जिले के पीएचसी साधवानी ने एनक्यूएएस में हासिल की महत्वपूर्ण उपलब्धि

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के सुशासन में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साधवानी ने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के मूल्यांकन में सफलतापूर्वक क्वालीफाई किया है। यह उपलब्धि जिले में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों को दर्शाती है।

    राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं, मरीजों के अधिकारों, उपलब्ध संसाधनों, सहायक एवं क्लीनिकल सेवाओं, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन तथा परिणाम आधारित सेवाओं सहित विभिन्न निर्धारित मानकों का मूल्यांकन किया जाता है। पीएचसी साधवानी ने इन मानकों के अनुरूप अपनी स्वास्थ्य सेवाओं, व्यवस्थाओं और गुणवत्ता प्रबंधन को बेहतर बनाते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य के अनुरूप जीपीएम जिले में भी स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।

    जिला कलेक्टर  विजय दयाराम के. के निर्देशन में जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में एनक्यूएएस प्रमाणीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार को प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य किया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, रिकॉर्ड एवं दस्तावेजों को सुव्यवस्थित रखने, संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन सुनिश्चित करने और मरीज-केंद्रित सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    पीएचसी साधवानी की इस उपलब्धि में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सतत मार्गदर्शन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ जिला स्तरीय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एनक्यूएएस मूल्यांकन की तैयारियों के दौरान फील्ड मॉनिटरिंग, गैप एनालिसिस, दस्तावेजीकरण तथा आवश्यक सुधारात्मक गतिविधियों पर निरंतर कार्य किया गया।

    पीएचसी साधवानी के चिकित्सा अधिकारी, आरएमए, एएनएम, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, सपोर्टिंग स्टाफ सहित समस्त स्वास्थ्यकर्मियों ने टीम भावना और समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एनक्यूएएस में मिली यह सफलता जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को भी राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप अपनी सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।

  • प्रदेशभर के 571 खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम

    प्रदेशभर के 571 खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम

    रायपुर.

    उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज बिलासपुर के स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदेश के पांचों संभागों से आए खिलाड़ियों के मार्च पास्ट की सलामी ली और गुब्बारे छोड़कर प्रतियोगिता का आगाज किया। 

    राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में बस्तर, बिलासपुर, रायपुर, सरगुजा और दुर्ग संभाग के 571 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 10 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में 14 वर्ष, 17 वर्ष एवं 19 वर्ष आयु वर्ग की तीरंदाजी, 19 वर्ष आयु वर्ग की हॉकी और 19 वर्ष बालक वर्ग की कबड्डी के मुकाबले बहतराई के एस्ट्रोटर्फ, इंडोर स्टेडियम और तीरंदाजी मैदान में खेले जाएंगे।
        
    उप मुख्यमंत्री  साव ने शुभारंभ कार्यक्रम में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बहतराई की खेल भूमि ने देश और प्रदेश को कई प्रतिभावान खिलाड़ी दिए हैं। इसी मैदान पर खेलकर संजू देवी ने एशियन गेम्स कबड्डी में स्वर्ण पदक जीता। मधु सिदार और गीता यादव ने अंडर-19 महिला हॉकी में देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के संदेश ‘जो खेलेगा वही खिलेगा’ को दोहराते हुए खिलाड़ियों से पूरी खेल भावना और आत्मविश्वास के साथ श्रेष्ठ प्रदर्शन करने का आह्वान किया।  
        
    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बेलतरा विधायक  सुशांत शुक्ला ने कहा कि खेल के मैदान में कोई हारता नहीं है, खिलाड़ी या तो जीतता है या सीखता है। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर संसाधन और सुविधाएं जरूरी हैं। उन्होंने बहतराई खेल परिसर को मध्य भारत के उत्कृष्ट खेल संस्थानों में विकसित करने के लिए इसके उन्नयन पर जोर दिया।

    बिलासपुर के कलेक्टर  संजय अग्रवाल, नगर निगम के आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के सीईओ  संदीप अग्रवाल,  दीपक सिंह,  मोहित जायसवाल और जिला शिक्षा अधिकारी  संदीप पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, खिलाड़ी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित थे। 

    बेटियों की प्रस्तुति ने मोहा मन

    पीएम कन्या विद्यालय सरकंडा की छात्राओं ने शुभारंभ कार्यक्रम में भारत माता की वंदना सहित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। तपती धूप में छात्राओं की शानदार प्रस्तुति की अतिथियों ने सराहना की। विधायक  शुक्ला ने उनके उत्साहवर्धन के लिए 11 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

  • वन्य-जीव संरक्षण के प्रति जन-भागीदारी एवं जागरूकता बढ़ाने का लिया संकल्प

    वन्य-जीव संरक्षण के प्रति जन-भागीदारी एवं जागरूकता बढ़ाने का लिया संकल्प

    भोपाल

    वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल में वन्य-जीव सप्ताह-2026 के समापन अवसर पर बुधवार 7 अक्टूबर को विविध कार्यक्रमों का आयोजन गरिमापूर्ण एवं उत्साहपूर्ण किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वन्य-जीवों एवं जैव-विविधता के संरक्षण के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना तथा वन्य-जीव संरक्षण में जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करना रहा।

    कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक  मनोज कुमार अग्रवाल ने उद्बोधन में उन्होंने सुरक्षित वन, समृद्ध वन्य-जीव, सशक्त समुदाय और वैज्ञानिक वन प्रबंधन पर प्रकाश डाला। वन्य-जीव संरक्षण में जन-भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही वन्य-जीव एवं जैव-विविधता का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। वन एवं वन्य-जीव मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में वन्य-जीवों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

    इस अवसर पर संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान  विजय कुमार द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए वन्य-जीव सप्ताह-2026 के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों को वन्य-जीव एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा वन एवं वन्य-जीवों की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने की शपथ दिलाई गई। उपस्थितजनों ने प्रकृति, वन्य-जीव एवं जैव-विविधता के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।

    इस अवसर पर भोपाल बर्ड फेस्टिवल-2027 के पोस्टर का विमोचन किया गया। यह आयोजन भोपाल बर्ड्स संस्था द्वारा मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड एवं मध्यप्रदेश वन विभाग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। पोस्टर विमोचन के माध्यम से भोपाल की समृद्ध पक्षी विविधता, पक्षी संरक्षण एवं नागरिकों की सहभागित्ता को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया। साथ ही "बर्ड्स, कॉल्स ऑफ वन विहार नेशनल पार्क" पोस्टर का भी विमोचन किया गया। यह पोस्टर भोपाल बर्ड्स एवं वन विहार नेशनल पार्क द्वारा तैयार किया गया है। इसके माध्यम से वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले पक्षियों की विविधता एवं उनकी विशिष्ट आवाजों के प्रति लोगों में जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया गया है।

    वन्य-जीव सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के उन कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने दायित्वों का उत्कृष्ट निर्वहन करते हुए वन्य-जीव संरक्षण, प्रबंधन एवं जन-जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया।

    इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (उत्पादन) मती बिंदु शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास)  अन्निगेरी, सदस्य सचिव म.प्र. जैव-विविधता बोर्ड  सुदीप सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रोजेक्ट)  एम.एल. मीना, प्रबंध संचालक म.प्र. लघु वनोपज संघ मती कमलिका मोहंता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन-2)  अजय कुमार यादव, वन संरक्षक भोपाल वृत्त  क्षितिज कुमार, वन मंडलाधिकारी भोपाल वनमंडल  लोकप्रिय भारती सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी और भी उपस्थित रहे। साथ ही वन्य-जीव प्रेमी, प्रकृति एवं पक्षी विशेषज्ञ, प्रतियोगिताओं के प्रतिभागी तथा अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

     

  • पंजाब में CBI रेड पर सियासी घमासान, CM कैंप ऑफिस की कार्रवाई को लेकर AAP ने BJP पर साधा निशाना

    पंजाब में CBI रेड पर सियासी घमासान, CM कैंप ऑफिस की कार्रवाई को लेकर AAP ने BJP पर साधा निशाना

    चंडीगढ़.

    मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र व चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस पर सीबीआई की कार्रवाई के बाद पंजाब में सियासी पारा चढ़ गया है।

    आम आदमी पार्टी के विधायक एवं पूर्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भारतीय जनता पार्टी का विंग करार देते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इन जांच एजेंसियों के जरिये पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। धालीवाल ने कहा कि जब राजनीतिक मोर्चे पर भाजपा को पंजाब में अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा तो अब सीबीआई और ईडी को आगे किया जा रहा है। धालीवाल ने कहा कि पंजाब में सीबीआई ने कई स्थानों पर कार्रवाई पर दावा किया कि कार्रवाई के बाद जांच एजेंसी के अधिकारी खाली हाथ लौटे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कार्रवाई के बावजूद कुछ हाथ नहीं लगा तो फिर इस तरह की कार्रवाई का मकसद क्या था।

    सीएम कैंप आफिस पर देर रात दबिश
    सीबीआई ने मंगलवार शाम चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस समेत पंजाब के नाै ठिकानों पर दबिश दी। सीबीआई की इस कार्रवाई से पंजाब में सियासी भूचाल आ गया है। आप ने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। वहीं विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार पर वार बताया। दरअसल सीबीआई ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में उनके ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद ताबड़तोड़ छापेमारी में लैपटॉप, मोबाइल फोन और दस्तावेज समेत कई इलेक्ट्रॉनिक व अन्य सामग्री कब्जे में ली है। सीबीआई ने चंडीगढ़, मोहाली, संगरूर, गुरदासपुर, लुधियाना, रोपड़ के मोरिंडा और जालंधर में भी आरोपियों के ठिकानों की तलाशी ली। चंडीगढ़ में सीबीआई की रेड शाम सवा छह बजे से रात 11 बजे तक चली।

    आपराधिक मामला दर्ज करने का हाईकोर्ट का निर्देश
    यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सोमवार के उस आदेश के बाद हुई जिसमें अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पंजाब के डीजीपी को भेजी गई तीन चिट्ठियों में लगाए गए आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपते हुए आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने सीबीआई से दो महीने में जांच रिपोर्ट भी मांगी थी। सीबीआई ने इस मामले में सीएम मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन के अलावा नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर, आरएस नागरा और अज्ञात सरकारी व निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई की टीम रोपड़ के मोरिंडा भी पहुंची जहां ओएसडी घुमन के करीबी के यहां तलाशी ली। 

  • विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक निभाए अपनी भागीदारी : मुख्यमंत्री  साय

    विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक निभाए अपनी भागीदारी : मुख्यमंत्री साय

    रायपुर 

     मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ समारोह में शामिल हुए। समारोह में आयोजित ‘नमो सेवा गाथा’ लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की संघर्ष से सेवा और सेवा से राष्ट्र निर्माण तक की प्रेरणादायी जीवन यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन देश के सार्वजनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव का साक्षी है। 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हुए हैं। लगभग 13 वर्ष गुजरात के मुख्यमंत्री और 12 वर्ष से अधिक समय से देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनकी यह यात्रा सेवा, सुशासन, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की प्रेरक गाथा है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए भारत को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य किया है। देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर वे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ देश को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके नेतृत्व में शासन की योजनाओं का केंद्र गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग बने हैं तथा विकास की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हुई है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। इस संकल्प को साकार करना केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। विकसित भारत के निर्माण के साथ हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए भी पूरी शक्ति और संकल्प के साथ आगे बढ़ना है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान को 13 अलग-अलग बिंदुओं के माध्यम से जनभागीदारी से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य सेवा, स्वच्छता, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का आह्वान किया।

    प्रधानमंत्री की जीवन यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जीवन के विभिन्न पड़ावों, संघर्ष, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को जानने का अवसर मिला। उनका जीवन विशेष रूप से नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है।

    उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों से आगे बढ़कर अपने परिश्रम, अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और सेवा भाव के माध्यम से देश का नेतृत्व करने तक की प्रधानमंत्री  मोदी की यात्रा युवाओं को यह संदेश देती है कि संकल्प मजबूत हो और उद्देश्य जनसेवा का हो तो बड़ी से बड़ी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।

    प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के दृढ़ संकल्प, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को ऐतिहासिक सफलता मिली है।

    उन्होंने कहा कि दशकों तक हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर में आज परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। जिन क्षेत्रों में कभी विकास पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और शासन की योजनाएं पहुंच रही हैं। बस्तर में शांति, विकास और जनविश्वास का नया दौर प्रारंभ हुआ है। केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 को देश के प्रभावी रूप से नक्सलवाद मुक्त होने की उपलब्धि रेखांकित की थी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि बस्तर का प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़े और वहां के युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार और उद्यमिता के बेहतर अवसर प्राप्त हों।

    किसानों की समृद्धि हमारी प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में किसानों के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।  केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार किसान हित में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    महतारी वंदन से मजबूत हुआ महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने महिला सशक्तिकरण को राष्ट्र की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बनाया है। इसी भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

    उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के अंतर्गत अब तक  20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। यह राशि महिलाओं के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य देने के साथ परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी को भी मजबूत कर रही है।

    छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को मिल रहा अभूतपूर्व विस्तार

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। प्रदेश में रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए लगभग 51 हजार करोड़ रुपए के कार्य चल रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। नई रेल परियोजनाओं और रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। बेहतर रेल नेटवर्क से उद्योग, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलेगी।

    जनजातीय गांवों में मजबूत हो रही बुनियादी सुविधाएं

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जनजातीय समाज का सम्मान, उनकी संस्कृति का संरक्षण और उनके क्षेत्रों का समग्र विकास प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं में रहा है।

    उन्होंने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6,691 जनजातीय गांवों में आवास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और आजीविका जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में विकास की पहुंच बढ़ने से वहां रहने वाले परिवार तेजी से शासन की योजनाओं और सुविधाओं से जुड़ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज हमारी संस्कृति और परंपराओं का गौरव है। सरकार का प्रयास है कि विकास की यात्रा में जनजातीय अंचल न केवल सहभागी बनें, बल्कि प्रदेश की प्रगति के प्रमुख केंद्र के रूप में आगे आएं।

    वैश्विक निवेश के मानचित्र पर उभर रहा छत्तीसगढ़

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में भारत के प्रति बढ़े विश्वास का लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है। हमारी सरकार ने नई औद्योगिक विकास नीति, पारदर्शी प्रशासन और निवेश-अनुकूल वातावरण के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं।

    उन्होंने अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि सिंगापुर के उद्योग जगत के साथ हुई चर्चा में छत्तीसगढ़ के प्रति निवेशकों में व्यापक उत्साह देखने को मिला। उन्होंने बताया कि राज्य की नवीन औद्योगिक विकास नीति और निवेश-अनुकूल वातावरण से प्रभावित होकर 15 बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने वन-टू-वन चर्चा में छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर रुचि दिखाई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इन निवेश प्रस्तावों का उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और छत्तीसगढ़ को आधुनिक उद्योग, तकनीक एवं नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में विकसित छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जो समृद्ध भी हो, आत्मनिर्भर भी हो और देश की विकास यात्रा में अग्रणी योगदान भी दे।

    सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत-2047 का निर्माण केवल सरकार का संकल्प नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से जुड़ा राष्ट्रीय लक्ष्य है।

    उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने-अपने क्षेत्र में जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए देश की आर्थिक प्रगति और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।  अग्रवाल ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

    कैबिनेट मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश रक्षा, अर्थव्यवस्था, अधोसंरचना, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और जनकल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ा है। प्रधानमंत्री ने देश की सेवा को सर्वोपरि रखते हुए अपने सार्वजनिक जीवन में सदैव राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी है।

    उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान से लेकर विकसित भारत-2047 के संकल्प तक प्रधानमंत्री  मोदी ने देश के सामने ऐसे लक्ष्य रखे हैं, जिन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया है। उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा और राष्ट्र समर्पण की महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री  मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

    इस अवसर पर विधायक  सुनील सोनी,  मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष मती हर्षिता पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • काशी में ‘नमो बुक फेस्ट’ का शुभारंभ, पीएम मोदी पर 500 से अधिक किताबों की लगी प्रदर्शनी

    काशी में ‘नमो बुक फेस्ट’ का शुभारंभ, पीएम मोदी पर 500 से अधिक किताबों की लगी प्रदर्शनी

    वाराणसी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवैधानिक पदों पर 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर काशी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय ‘नमो बुक फेस्ट’ का बुधवार को शुभारंभ हुआ। फेस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और विभिन्न संवैधानिक पदों पर उनके 25 वर्षों के कार्यकाल से जुड़ी पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी ‘नमो बुक फेस्ट’ में पहुंचे। उनके साथ जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे भी फेस्ट में शामिल हुई। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी गई 500 से अधिक किताबों को देखकर अकी आबे ने विशेष रुचि दिखाई।

    इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी गई विभिन्न पुस्तकों का अवलोकन किया । फेस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, विचारों, सार्वजनिक दायित्वों और विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान से संबंधित पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया है।

    ‘नमो बुक फेस्ट’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत सीएमपीपीआर (काउंसिल फॉर मीडिया एंड पब्लिक पॉलिसी रिसर्च) के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने किया। दो दिवसीय इस आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े साहित्य और पुस्तकों के माध्यम से उनके 25 वर्षों के संवैधानिक सफर को प्रस्तुत किया जा रहा है।