Author: NewseDay

  • वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम इंडिया की प्लेइंग XI में बड़े बदलाव, रिंकू और सुंदर OUT

    वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम इंडिया की प्लेइंग XI में बड़े बदलाव, रिंकू और सुंदर OUT

     कोलकाता 

    तो कुर्सी की पेटी बांध लीजिए…क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप में अब 'वर्चुअल क्वार्टर फाइनल' होने का समय आ गया है.  यह वर्चुअल क्वार्टर फाइनल भारत और वेस्टइंडीज के बीच रव‍िवार (1 मार्च) को कोलकाता के ऐत‍िहास‍िक ईडन गार्डन्स में शाम 7 बजे होना है. कहने को यह सुपर-8 का अंत‍िम मुकाबला होगा, लेकिन वर्चुअल क्वार्टर फाइनल इसल‍िए कहा जा रहा है, क्योंकि जो भी इस मुकाबले को जीतेगा उसको सीधे 'ट‍िकट टू सेमीफाइनल' मिल जाएगा. 

    अब सवाल है कि क्या भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में गेंदबाजी यून‍िट में वेस्टइंडीज के ख‍िलाफ बदलाव होगा? सूर्यकुमार यादव ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ गेंदबाजी को लेकर च‍िंता व्यक्त कर चुके हैं. श‍िवम दुबे को गेंदबाजी को ऑप्शन के रूप में ट्राय किया गया, उन्होंने 2 ओवर्स में 47 रन दिए. वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल दोनों ने 4 ओवर में 35 रन देकर 1 विकेट ल‍िया. अक्षर ने शुरुआती ओवर अपना सही करवाया और फ‍िर ढीली गेंदबाजी की. सूर्या का इशारा इसी ओर था. 

    खैर इस बात से आगे बढ़ते हैं और सवाल इस बात पर रहेगा कि क्या प्लेइंग 11 में बदलाव होगा? तो इसका जवाब है, शायद नहीं. इसकी संभावना नगण्य है. क्योंकि अब टीम इंड‍िया का प्लेइंग 11 अब सेट लग रही है. टीम इंड‍िया का मैनेजमेंट वैसे भी टीम में ज्यादा बदलाव नहीं करता है, यानी तय है कि प्लेइंग 11 में फ‍िर से वही ओल्ड फॉर्मुला देखने को मिलेगा. 

    त‍िलक वर्मा ने ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ न‍िचले क्रम में आकर 16 गेंदों पर 44 रन बनाकर अपनी फॉर्म में वापसी के संकेत दे द‍िए हैं. अभ‍िषेक (55) और संजू सैमसन (24) ने म‍िलकर ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ 22 गेंदों पर 48 रन बनाकर ओपन‍िंग पार्टनरश‍िप की थी. नंबर 3 पर ईशान किशन (38) फ‍िर कप्तान सूर्या (33) और प्लेयर ऑफ द मैच हार्द‍िक पंड्या ने 23 गेंदों पर 50 रन जड़कर जता दिया कि वो क्यों हार्ट ह‍िटर बल्लेबाज कहे जा रहे हैं. ऐसे में प्लेइंग 11 में बदलाव नहीं होगी, ऐसे में रिंकू सिंह, वॉ‍श‍िंगटन सुंदर, कुलदीप यादव , मोहम्मद स‍िराज  प्लेइंग 11 से बाहर ही रहेंगे. 

    वहीं बात वेस्टंडीज की टीम में एक बदलाव हो सकता है, रोस्टन चेज की जगह अकील हुसैन की एंट्री हो सकती है. साउथ अफ्रीका के ख‍िलाफ चेज ने 4 ओवर में 46 रन देकर 1 विकेट हास‍िल किया था. 

    वेस्टइंडीज के ख‍िलाफ भारत की संभाव‍ित प्लेइंग 11: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती.

    भारत के ख‍िलाफ वेस्टइंडीज की संभावित प्लेइंग 11: ब्रैंडन किंग, शाई होप (विकेटकीपर/कप्तान), शिमरॉन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेज/अकील हुसैन, रोमारियो शेफर्ड, जेसन होल्डर, मैथ्यू फोर्ड, गुडाकेश मोती और शमर जोसेफ.

    भारत का स्क्वॉड: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, संजू सैमसन, शिवम दुबे, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रिंकू सिंह. 

    वेस्टइंडीज का स्क्वॉड: ब्रैंडन किंग, शाई होप (विकेटकीपर/कप्तान), शिमरॉन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, जेसन होल्डर, मैथ्यू फोर्ड, अकील हुसैन, गुडाकेश मोती, शमर जोसेफ, क्वेंटिन सैम्पसन, जेडन सील्स, रोस्टन चेज़ और जॉनसन चार्ल्स.

    वेस्टइंडीज के ये ख‍िलाड़ी खतरनाक 
    वहीं भारत को इस मुकाबले में वेस्टइंडीज के स्प‍िनर गुडाकेश मोती (6 मैच 10 विकेट), जेसन होल्डर (6 मैच 8 विकेट) से सावधान रहना होगा. वहीं बल्लेबाजी में श‍िमरॉन हेटमायर  6 मैचों में 221 रन जड़ चुके हैं.  कप्तान शाई होप ने 6 मैचों में 185 रन,  शेरफेन रदरफोड ने कप्तान शेरफेन रदरफोर्ड ने 6 मैचों में 169 रन बनाए हैं. 

    भारत और वेस्टइंडीज का हेड टू हेड (टी20 ओवरऑल)
    टी20 इंटरनेशनल  में भारत और वेस्टइंडीज के बीच 2009 से 2023 तक खेले गए 30 मुकाबलों में भारत ने 19 जीत और 10 हार के साथ 65.51% जीत दर हासिल की, जबकि वेस्टइंडीज ने 10 जीत और 19 हार के साथ 34.48% सफलता पाई. दोनों टीमों के एक-एक मैच बेनतीजा रहा.

    भारत और वेस्टइंडीज का हेड टू हेड (टी20 वर्ल्ड कप में)
    भारत और वेस्टइंडीज के बीच 2009 से 2016 तक टी20 वर्ल्ड कप में खेले गए कुल 4 मैचों में भारत ने केवल 1 मैच जीत पाया और 3 मैच हार गया.

    IND vs WI सुपर 8 मुकाबला और सेमीफाइनल का समीकरण 
    भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाला मुकाबला अब नॉकआउट से कम नहीं है. इस मैच को जीतने वाली टीम सीधे सेमीफाइनल का टिकट कटाएगी. भारत ने जैसे ही जिम्बाब्वे को हराया, उसी के साथ साउथ ने ग्रुप-1 से अंतिम चार में अपनी जगह पक्की कर ली, जबकि ज‍िम्बाब्े की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो गईं.

    बारिश हुई तो नेट रनरेट बनेगा विलेन
    फैन्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर भारत-वेस्टइंडीज का मैच बारिश की भेंट चढ़ गया तो समीकरण क्या रहेगा. नियमों के मुताबिक मुकाबला रद्द होने की स्थिति में दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलेगा. ऐसे में अंक तालिका में दोनों के 3-3 अंक हो जाएंगे, लेकिन फैसला नेट रनरेट पर होगा, और यही भारत के लिए चिंता की वजह बन सकता है.

    वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 101 रन की विशाल जीत दर्ज की थी, जिससे उसका नेट रनरेट +1.791 है. दूसरी ओर भाारत का नेट रनरेट फिलहाल -0.100 है, जो काफी पीछे है. अगर मैच नहीं हुआ, तो बेहतर रनरेट के आधार पर वेस्टइंडीज सेमीफाइनल में चला जाएगा और भारत का सफर यहीं खत्म हो सकता है.

    सूर्या आएंगे सवाल के घेरे में 
    ऐसी स्थिति बनी तो कप्तान सूर्या की रणनीति पर भी चर्चा तेज हो सकती है. जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में उन्होंने बुमराह और पंड्या से पूरे ओवर नहीं कराए. उनकी जगह श‍िवम दुब को दो ओवर दिए गए, जिनमें 46 रन चले गए. अगर उस मैच में भारत 108 रन या उससे ज्यादा के अंतर से जीतता, तो उसका नेट रनरेट वेस्टइंडीज से बेहतर हो सकता था और बारिश की स्थिति में भी टीम सुरक्षित रहती.

    मौसम से मिली राहत की खबर
    हालांकि मौसम विभाग के अनुसार रविवार (1 मार्च) को कोलकाता में मौसम साफ रहने का अनुमान है. दिन का तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, जबकि शाम तक यह 25-26 डिग्री तक गिर जाएगा. शाम 7 बजे शुरू होने वाले मैच के दौरान बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है.

  • मुख्यमंत्री ने की चालू वित्तीय वर्ष की फरवरी मासांत तक के कर-करेत्तर राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा, कहा, लक्ष्य के सापेक्ष तेज करें प्रयास

    मुख्यमंत्री ने की चालू वित्तीय वर्ष की फरवरी मासांत तक के कर-करेत्तर राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा, कहा, लक्ष्य के सापेक्ष तेज करें प्रयास

    फरवरी तक उत्तर प्रदेश में हुआ ₹.1.96 लाख करोड़ से अधिक का राजस्व संग्रह

    पिछले वर्ष के सापेक्ष आबकारी से अब तक मिला 13% अधिक राजस्व

    मुख्यमंत्री ने की चालू वित्तीय वर्ष की फरवरी मासांत तक के कर-करेत्तर राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा, कहा, लक्ष्य के सापेक्ष तेज करें प्रयास

    जीएसटी, वैट आबकारी, परिवहन सहित हर सेक्टर में बढ़ा राजस्व संग्रह, मुख्यमंत्री ने जताया संतोष

    होली पर अलर्ट रहे प्रशासन, न बने-न बिके अवैध और जहरीली शराब: मुख्यमंत्री

    लैंड रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन व रजिस्ट्री कार्यालयों के आधुनिकीकरण को तेज करें: मुख्यमंत्री

    परिवहन निगम की बसों की फिटनेस सुनिश्चित करें, नए रुट चिन्हित कर निजी क्षेत्र के सहयोग से बस सेवा शुरू करें: मुख्यमंत्री

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने शुक्रवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के फरवरी मासांत तक के कर एवं करेत्तर राजस्व की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। जीएसटी, वैट, आबकारी, स्टाम्प एवं पंजीकरण, परिवहन, ऊर्जा, भू-राजस्व तथा खनन विभागों द्वारा प्रस्तुत लक्ष्यों और उपलब्धियों का आकलन करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राजस्व वृद्धि प्रदेश में विकास कार्यों की गति को निर्धारित करती है। उन्होंने सभी विभागों को पारदर्शिता, दक्षता और नवाचार-आधारित कार्यप्रणाली के साथ लक्ष्य प्राप्ति के प्रयास तेज करने के निर्देश दिए।

    बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कर-राजस्व का वार्षिक लक्ष्य ₹2,95,000 करोड़ निर्धारित है, जिसके सापेक्ष फरवरी 2026 तक ₹1,96,177 करोड़ की प्राप्ति दर्ज की गई है। राज्य कर (जीएसटी + वैट) का लक्ष्य ₹1,75,725 करोड़ है, जिनके मुकाबले अभी तक ₹1,03,770 करोड़ का संग्रह प्राप्त हुआ है। इसमें जीएसटी के तहत ₹75,195 करोड़ तथा वैट के अंतर्गत ₹28,575 करोड़ की प्राप्ति शामिल है। राज्य कर विभाग ने बताया कि जीएसटी 2.0, एआई आधारित जोखिम विश्लेषण, बड़े पैमाने पर स्क्रूटनी, ई-इनवॉइसिंग और ई-वे बिल की प्रभावी निगरानी जैसे प्रयासों से कर अनुपालन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। एआई आधारित 1.59 लाख करदाताओं की जांच, 75 जनपदों में संवाद कार्यक्रम, फर्जी आईटीसी पर नियंत्रण तथा ₹3,117 करोड़ की वसूली विभाग के प्रमुख परिणाम रहे।

    आबकारी विभाग की ओर से बताया कि विभाग का वार्षिक लक्ष्य ₹63,000 करोड़ है, जिसके सापेक्ष फरवरी 2026 तक ₹48,501 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 13.2 प्रतिशत अधिक है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दुकानों के नवीनीकरण की दर 93.75 प्रतिशत दर्ज की गई है। विभाग ने उपभोग आधारित रणनीति, दुकानों के नवीनीकरण, लाइसेंस शुल्क, असग्रम मांग पत्र तथा थोक एवं ब्रांड नवीनीकरण जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से मार्च में लगभग ₹9,050 करोड़ की अतिरिक्त प्राप्ति का रोडमैप प्रस्तुत किया। वर्षांत तक राजस्व लगभग ₹57,550 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है।

    स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग ने वर्ष 2025-26 के अपने वार्षिक लक्ष्य ₹38,150 करोड़ के सापेक्ष फरवरी तक ₹29,487 करोड़ की प्राप्ति दर्ज की। विभाग ने यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, गोरखपुर और वाराणसी सहित विभिन्न विकास प्राधिकरणों की आगामी आवासीय एवं वाणिज्यिक परियोजनाओं से संभावित राजस्व का भी विवरण प्रस्तुत किया। खनन पट्टों के नवीनीकरण, अवशेष संपत्तियों के पंजीकरण अभियान, टोल प्लाज़ा मामलों के निस्तारण तथा सर्किल दरों के वैज्ञानिक पुनरीक्षण को राजस्व संवर्धन के प्रभावी उपायों के रूप में प्रस्तुत किया गया।

    परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग का वार्षिक लक्ष्य ₹14,000 करोड़ है, जिसके मुकाबले फरवरी तक ₹11,005 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। वाहन पंजीकरण में सुधार, कर अदायगी की बेहतर व्यवस्था, तकनीक आधारित निगरानी तथा प्रवर्तन कार्यवाहियों की मजबूती से विभाग ने राजस्व वृद्धि दर्ज की है। कर वसूली शिविर, निगरानी अभियान और डिजिटल मॉनिटरिंग को आगामी अवधि में और तीव्र करने की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई।

    बैठक में भू-राजस्व एवं ऊर्जा विभाग ने संयुक्त रूप से फरवरी तक ₹3,414 करोड़ की उपलब्धि की जानकारी दी, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 12.6 प्रतिशत अधिक है। खनन एवं भू-तत्व विभाग ने बताया कि विभाग वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित ₹6,000 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष फरवरी तक ₹3,597 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति कर चुका है। विभाग ने बताया कि खनन क्षेत्रों की डिजिटल मैपिंग, ओवरलोडिंग की ज़ीरो पॉइंट रोकथाम, जीपीएस आधारित ट्रैकिंग, विभिन्न राज्यों के पोर्टलों से एपीआई इंटीग्रेशन तथा अंतरराज्यीय समन्वय के परिणामस्वरूप राजस्व संग्रह और अधिक सुदृढ़ हुआ है। विभाग ने मार्च में लगभग ₹600 करोड़ की संभावित प्राप्ति की जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि बढ़ता हुआ राजस्व प्रदेश में बुनियादी ढाँचे, सामाजिक कल्याण, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को गति प्रदान करता है। उन्होंने सभी विभागों को टीम भावना, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने आबकारी विभाग को होली पर्व के दौरान विशेष सतर्कता बरतने तथा अवैध और जहरीली शराब के किसी भी प्रकार के उत्पादन एवं बिक्री को पूर्णतः रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग से लैंड रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन की प्रगति की जानकारी लेते हुए रजिस्ट्री कार्यालयों के आधुनिकीकरण की गति बढ़ाने को कहा। परिवहन विभाग को मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम की बसों की फिटनेस, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की ठोस कार्ययोजना और नए रूट चिन्हित कर निजी बस संचालकों के सहयोग से बेहतर परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

  • सबसे पहले महाकाल को अर्पित होती है होलिका की अग्नि, क्या है इसका आध्यात्मिक रहस्य?

    सबसे पहले महाकाल को अर्पित होती है होलिका की अग्नि, क्या है इसका आध्यात्मिक रहस्य?

    हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन पूरे देश में होली का त्योहार मनाया जाता है. इससे एक दिन पहले फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि के दिन होलिका दहन किया जाता है. होलिका दहन का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है. इस साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा 03 मार्च को है. ऐसे में इस साल 03 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा.

    इसके अगले दिन 04 मार्च को रंगों से होली खेली जाएगी. होलिका दहन को छोटी होली भी कहा जाता है. मान्यता है कि होलिका की पवित्र अग्नि में सभी तरह की नकरात्मक शक्तियों और कष्टों को समाप्त करने की शक्ति है, इसलिए होलिका दहन की पूजा अवश्य करें, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में सबसे पहले महाकाल के दरबार में होलिका दहन किया जाता है. आइए जानते हैं कि सबसे पहले यहां होलिका दहन क्यों होता है?

    महाकाल के दरबार होलिका क्यों जलती है सबसे पहले?

    महाकाल उज्जैन के राजा माने जाते हैं. पुरानी परंपरा के अनुसार प्रजा पहले अपने राजा के घर ही उत्सव मनाती है. उसके बाद वो अपने घरों में उत्सव मनाती है. यही कारण है कि मदिर में सबसे पहले होलिका दहन के दिन पूजा और संध्या आरती की जाती है. इसके बाद पुजारियों के मंत्रोच्चार के साथ मंदिर प्रांगण में होलिका दहन किया जाता है. मान्यता है कि महाकाल दरबार में होलिका दहन करने से नगर की नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं.

    भस्म आरती में राख की जाती है उपयोग

    दूर-दूर से श्रद्धालु इस पावन अग्नि के दर्शन करने के लिए महाकाल के दरबार में आते हैं. महाकाल मंदिर का होलिका दहन सिर्फ लकड़ियों और उपलों का जलना भर नहीं है, बल्कि यह शिव और शक्ति के प्रति अटूट विश्वास का त्योहार माना जाता है. मंदिर में होने वाले इस आयोजन से पहले महाकाल बाबा को गुलाल अर्पित किया जाता है. फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या को मंदिर परिसर में होलिका दहन के बाद, उस पवित्र अग्नि की राख यानी विभूति को अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त में होने वाली विशेष भस्म आरती में उपयोग किया जाता है. इसी ताजी राख से भगवान महाकाल का दिव्य शृंगार किया जाता है.

  • अवैध कॉलोनी बनाने वालों के खिलाफ एक्शन, मंत्री विजयवर्गीय ने विधानसभा में किया एलान

    अवैध कॉलोनी बनाने वालों के खिलाफ एक्शन, मंत्री विजयवर्गीय ने विधानसभा में किया एलान

    भोपाल

    ध्य प्रदेश की विधानसभा में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने  अवैध कॉलोनियों को लेकर बड़ी घोषणा की। सीधी विधायक रीति पाठक के प्रश्न काल में पूछे सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि अब अवैध कॉलोनियों पर कड़ा कानून लागू किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ तेज कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में तीन महीने के भीतर सख्त नियम लागू होंगे।  

    विजयवर्गीय ने सीधी जिले के सवाल पर कहा कि सरकार ने शहर के पुराने बस स्टैंड को गिराकर नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए लगभग 7 करोड़ रुपए की राशि पहले ही स्वीकृत कर दी थी। विकास कार्य में देरी के कारण मंत्री ने बताया कि निविदा प्रक्रिया में समय लगने के कारण अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है, लेकिन इसे जल्द ही शुरू करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं। मंत्री ने आश्वासन दिया कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण का काम अगले कुछ महीनों में प्रारंभ कर दिया जाएगा।

    अवैध कॉलोनियों पर सख्त रुख
    सीधी नगरपालिका क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में बिना रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन के कई अवैध कॉलोनियों का निर्माण हुआ है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीइसके अलावा, जिन अवैध कॉलोनियों को वैध किया जा सकता है, उन पर विचार किया जाएगा और जो वैध नहीं हो सकतीं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि  सीवर लाइन निर्माण परियोजना सीधी नगरपालिका क्षेत्र के लिए लंबे समय से मांग की जा रही सीवर लाइन निर्माण परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति जल्द ही जारी कर दी जाएगी। मंत्री ने बताया कि यह परियोजना शहरवासियों के लिए जीवन स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    विधायक ने किया इस एलान का स्वागत
    सीधी विधायक रीति पाठक ने मंत्री के इस एलान का स्वागत करते हुए कहा कि इससे न केवल शहर का विकास होगा, बल्कि अवैध कॉलोनियों की समस्या पर भी सख्त कदम उठाए जाने से नागरिकों को राहत मिलेगी। 

  • सीएसआर से सहयोग लें, राज्य सरकार भी करेगी सहयोग: मुख्यमंत्री

    सीएसआर से सहयोग लें, राज्य सरकार भी करेगी सहयोग: मुख्यमंत्री

    हर आंगनबाड़ी केंद्र का होगा स्वयं का भवन-मुख्यमंत्री 

    मुख्यमंत्री का निर्देश, जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के खुद के भवन नहीं, उनका कराएं निर्माण 

    प्रदेश में 1.89 लाख केंद्र, 76 हजार को नए भवनों की आवश्यकता

    सीएसआर से सहयोग लें, राज्य सरकार भी करेगी सहयोग: मुख्यमंत्री 

    प्री-फैब्रिकेटेड मॉडल की उपयोगिता पर करें विचार: मुख्यमंत्री  

    नए आंगनबाड़ी भवनों में होगा आधुनिक व समावेशी सुविधाओं का समावेश

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को उनके स्वयं के भवनों में संचालित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में 03 से 06 वर्ष आयु के बच्चे आते हैं और ये केंद्र प्री-प्राइमरी के रूप में भी उपयोगी हैं। ऐसे में बच्चों की सुविधा, पठन-पाठन की उत्कृष्ट व्यवस्था तथा भवनों का आकर्षक स्वरूप सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

    बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1.89 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से लगभग 76 हजार केंद्र अभी अपने स्वयं के भवनों में नहीं चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन भवनों के निर्माण में कॉरपोरेट-सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) का सहयोग लिया जा सकता है और आवश्यकतानुसार राज्य सरकार भी वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी।

    मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए प्री-फैब्रिकेटेड मॉडल अपनाया जा सकता है। उन्होंने एक मानक मॉडल तैयार कर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि जहाँ भी संभव हो, प्राथमिक विद्यालयों के प्रांगण में ही बाल-मित्र आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाए, ताकि शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य से संबंधित एकीकृत सेवाएँ एक ही स्थान पर सहजता से उपलब्ध हो सकें।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा के दौरान कहा कि बच्चों, गर्भवती माताओं और समुदाय को सुरक्षित, स्वच्छ तथा आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों की बुनियाद हैं। राज्य सरकार आंगनबाड़ी ढाँचे को पूरी तरह रूपांतरित करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। यह मिशन ‘स्वस्थ बचपन-समर्थ उत्तर प्रदेश’ को नई गति देगा।

    बैठक में अवगत कराया गया कि प्रस्तावित नए आंगनबाड़ी भवनों का मॉडल समावेशी एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इसमें पेयजल सुविधा, विद्युत व्यवस्था, शौचालय, खेल-आधारित गतिविधियों हेतु पर्याप्त ‘प्ले एरिया’, किचन शेड, हॉट-कुक्ड मील की व्यवस्था, लो-हाइट वॉश यूनिट, बाल-मित्र शौचालय, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक कक्ष तथा रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सहित पोषण वाटिका जैसी व्यवस्थाएँ शामिल होंगी।

  • कर्नाटक सरकार पर योजनाओं का दबाव, डिप्टी सीएम शिवकुमार ने किया खुलासा

    कर्नाटक सरकार पर योजनाओं का दबाव, डिप्टी सीएम शिवकुमार ने किया खुलासा

    कर्नाटक
    कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की पांच योजनाओं को लेकर उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने स्वीकार किया है कि यह सरकारी खजाने के ऊपर बोझ हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को इस गारंटी के साथ तैयार किया गया था कि पैसा नागरिकों के हाथों में रहे, ताकि कठिन समय में उनका आत्मविश्वास कम न हो। उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि भले ही सरकार पर बोझ पड़ता हो, लेकिन वह इन योजनाओं को जारी रखेंगे।

    बेंगलुरू में मीडिया से बात करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्य की इन पांच गारंटी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य की जनता को मानसिक रूप से मजबूत बनाना है। हालांकि उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इन योजनाओं में से अपात्र और मृत लोगों को हटाए जाने की जरूरत है। सरकार लगातार इस संबंध में काम कर रही है। गौरतलब है कि उप मुख्यमंत्री जिन योजनाओं का जिक्र कर रहे थे उनमें गृह ज्योति योजना, जिसके अंतर्गत हर परिवार को 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाती है। इसके अलावा, गृह लक्ष्मी, अन्न भाग्य, युवा निधि और शक्ति योजना जैसी योजनाएं शामिल हैं। यह योजनाएं मुख्यतः जनता को सीधा लाभ देती हैं। शिवकुमार ने स्वीकार कहा, "यह योजनाएं सरकार पर भले ही वित्तीय बोझ डाल सकती हैं, लेकिन सार्वजनिक कल्याण से समझौता नहीं किया जाएगा।"

    इसी बीच, परिवहन और मुजरा मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि विभाग ने आगामी राज्य बजट में 3,000 नई बसों की मांग की है ताकि बेड़े को मजबूत किया जा सके। यह मांग ‘शक्ति’ योजना के लागू होने के बाद बसों में यात्रियों की संख्या में तेज वृद्धि के बीच की गई है। रेड्डी ने सुझावों को खारिज किया कि मुफ्त यात्रा कार्यक्रम परिवहन कंपनियों के घाटे का कारण है। उन्होंने कहा, “शक्ति योजना परिवहन कंपनियों के घाटे का कारण नहीं है। परिवहन कंपनी भाजपा सरकार के दौरान भी घाटे में थी।” उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को लाभ कमाने के बजाय सेवा के रूप में चलाया जा रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा, “हम 35% लाभ कमा रहे हैं। अगर घाटा भी होगा तो हम बसें चलाएंगे। यहां लाभ कमाने का कोई उद्देश्य नहीं है। निजी कंपनियां लाभ न होने पर बसें नहीं चलातीं।” आपको बता दें, कर्नाटक सरकार द्वारा कई लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्य तौर पर शक्ति जैसी योजनाएं, जिसमें गैर लग्जरी सरकारी बसों में महिलाओं को फ्री टिकट की व्यवस्था है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार की इस स्कीम से राज्य परिवहन विभाग को घाटा हुआ है।

     

  • ऐसे करें अपने स्लो स्मार्टफोन को फैक्ट्री रीसेट: मिनटों में मिलेगा नया जैसा परफॉर्मेंस

    ऐसे करें अपने स्लो स्मार्टफोन को फैक्ट्री रीसेट: मिनटों में मिलेगा नया जैसा परफॉर्मेंस

    आजकल स्मार्टफोन हमारे रोजमर्रा के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन समय के साथ फोन स्लो होने लगता है-ऐप्स हैंग करते हैं, स्टोरेज भर जाता है और बैटरी भी जल्दी खत्म होने लगती है। ऐसे में फैक्ट्री रीसेट एक बेहतरीन तरीका है जिससे आपका फोन फिर से नए जैसा तेज चलने लगता है। आइए जानते हैं फैक्ट्री रीसेट क्या है और इसे करने का सही तरीका क्या है।

    फैक्ट्री रीसेट क्या होता है?

    फैक्ट्री रीसेट करने से आपका स्मार्टफोन पूरी तरह से क्लीन हो जाता है।
    इस प्रक्रिया में-

    सभी ऐप्स और डेटा डिलीट हो जाते हैं

    फोन की सेटिंग्स डिफॉल्ट हो जाती हैं

    वायरस या बग्स हट जाते हैं

    यानि फोन उसी स्थिति में आ जाता है जैसा आपने खरीदते समय पाया था।

    फैक्ट्री रीसेट करने से पहले क्या करें?

    फैक्ट्री रीसेट से आपका पूरा डेटा डिलीट हो जाता है, इसलिए ये जरूरी काम पहले कर लें:

    -अपने फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट का बैकअप लें
    -कॉन्टैक्ट्स को Google अकाउंट में सिंक करें
    -WhatsApp चैट का बैकअप लें
    -फोन को कम से कम 60% चार्ज रखें
    -Google अकाउंट का पासवर्ड याद रखें

    एंड्रॉयड फोन को फैक्ट्री रीसेट करने का तरीका
    तरीका 1: फोन की सेटिंग्स से

    फोन की Settings में जाएं

    नीचे स्क्रॉल करके System / General Management पर टैप करें

    Reset ऑप्शन चुनें

    Factory Data Reset पर क्लिक करें

    Erase all data पर टैप करें

    PIN / पासवर्ड डालकर कन्फर्म करें

    फोन कुछ मिनट में रीस्टार्ट होकर रीसेट हो जाएगा।

    तरीका 2: रिकवरी मोड से (अगर फोन हैंग हो रहा हो)

    फोन को स्विच ऑफ करें

    Power + Volume Up बटन साथ में दबाएं

    रिकवरी मोड खुलने पर Wipe data / Factory reset चुनें

    Yes पर क्लिक करें

    प्रोसेस पूरा होने पर Reboot system now दबाएं

    फैक्ट्री रीसेट के फायदे

    -फोन की स्पीड बढ़ जाती है
    -हैंग होने की समस्या खत्म हो जाती है
    -स्टोरेज खाली हो जाता है
    -बैटरी परफॉर्मेंस बेहतर होती है
    -सॉफ्टवेयर से जुड़े कई बग ठीक हो जाते हैं

    कब करना चाहिए फैक्ट्री रीसेट?

    फोन बहुत ज्यादा स्लो हो गया हो

    बार-बार ऐप्स क्रैश हो रहे हों

    स्टोरेज हमेशा फुल रहता हो

    फोन बेचने या किसी को देने से पहले

    ध्यान रखने वाली बातें

    -फैक्ट्री रीसेट बार-बार न करें
    -जरूरी डेटा का बैकअप जरूर लें
    -रीसेट के बाद सिर्फ जरूरी ऐप्स ही इंस्टॉल करें

    निष्कर्ष

    अगर आपका स्मार्टफोन बेहद स्लो हो गया है और सामान्य तरीकों से ठीक नहीं हो रहा, तो फैक्ट्री रीसेट सबसे आसान और असरदार उपाय है। सही तरीके से बैकअप लेकर रीसेट करने पर आपका फोन फिर से स्मूथ और फास्ट चलने लगेगा।

     

  • हेयर वॉश के बाद हेयर फॉल की समस्या? अपनाएं ये सिंपल टिप्स और पाएं रेशमी-मजबूत बाल

    हेयर वॉश के बाद हेयर फॉल की समस्या? अपनाएं ये सिंपल टिप्स और पाएं रेशमी-मजबूत बाल

    हर कोई चाहता है कि उसके बाल सुंदर, मुलायम और हेल्दी दिखें। लेकिन बालों की सही देखभाल सिर्फ तेल लगाने या महंगे प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं है। बालों को सही तरीके से धोना भी उतना ही जरूरी है।

    बहुत से लोग हेयर वॉश को एक रूटीन मानते हैं और जल्दी में बाल धो लेते हैं, लेकिन गलत तरीके से किए गए हेयर वॉश से बालों को नुकसान पहुंच सकता है। यहां बताए गए कुछ आसान लेकिन असरदार टिप्स और ट्रिक्स की मदद से आप हेयर वॉश को एक हेल्दी हेयर केयर रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं। तो आइए जानते हैं इनके बारे में-

    हेयर वॉश से पहले बालों को सुलझाएं

    हेयर वॉश से पहले बालों को अच्छी तरह सुलझा लें, जिससे गीले बालों को धोते समय टूटने की संभावना कम हो जाए।

    हमेशा गुनगुने पानी से शुरुआत करें

    गर्म पानी बालों की नमी छीन सकता है और ठंडा पानी बालों की सफाई अच्छे से नहीं कर पाता। गुनगुना पानी स्कैल्प के पोर्स खोलकर गंदगी हटाने में मदद करता है। इसलिए गुनगुने पानी से शुरुआत करें।

    स्कैल्प के अनुसार शैम्पू चुनें

    अगर स्कैल्प ऑयली है तो डीप-क्लीनिंग शैम्पू, और अगर ड्राई है तो हाइड्रेटिंग शैम्पू का चयन करें। सल्फेट-फ्री शैम्पू हमेशा बेहतर होते हैं।

    शैम्पू को सीधे न लगाएं

    शैम्पू को हाथ में लेकर पानी के साथ हल्का झाग बनाएं और फिर स्कैल्प पर लगाएं। इससे शैम्पू अच्छे से फैलता है और नुकसान नहीं करता।

    स्कैल्प की मसाज करें

    उंगलियों के पोरों से हल्के हाथों से स्कैल्प पर मसाज करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और बालों की ग्रोथ में मदद मिलती है।

    सिरों पर ज्यादा शैम्पू न लगाएं

    शैम्पू को पानी सहित स्कैल्प पर रखें, बालों की लंबाई पर झाग अपने आप फैल जाएगा।

    कंडीशनर को सही जगह लगाएं

    कंडीशनर को केवल बालों की लंबाई और सिरों पर लगाएं। स्कैल्प पर लगाने से चिपचिपापन और हेयर फॉल हो सकता है।

    सॉफ्ट टॉवल से सुखाएं

    गीले बालों को जोर से रगड़ें नहीं, बल्कि किसी सॉफ्ट टॉवल से धीरे-धीरे प्रेस करके सुखाएं।

    बार-बार हेयर वॉश से बचें

    हर दिन बाल धोने से बालों के नैचुरल ऑयल निकल जाते हैं। हफ्ते में 2–3 बार हेयर वॉश करना पर्याप्त होता है।

    सही हेयर वॉश तकनीक न केवल आपके बालों को साफ रखती है, बल्कि उन्हें हेल्दी, मजबूत और शाइनी भी बनाती है। ऊपर दिए गए टिप्स को अपनाकर आप बालों की खूबसूरती को बनाए रख सकते हैं और हेयर प्रॉब्लम्स से बच सकते हैं।

     

  • AI इमेज जनरेशन में बड़ा अपडेट! Google ने लॉन्च किया Nano Banana 2, 4K फोटो बनाना हुआ आसान

    AI इमेज जनरेशन में बड़ा अपडेट! Google ने लॉन्च किया Nano Banana 2, 4K फोटो बनाना हुआ आसान

    गूगल के नैनो बनाना टूल का इस्‍तेमाल करके तस्‍वीरें बनवाने वाले तमाम लोगों के लिए बड़ी खबर है। गूगल ने Nano Banana 2 (Gemini 3.1 Flash Image) नाम से अपना नया इमेज मॉडल लॉन्‍च कर दिया है। कंपनी ने पिछले साल अगस्‍त में नैनो बनाना को पेश किया था। उसका इस्‍तेमाल करके लोगों ने खूब फोटो बनवाईं। साड़ी ट्रेंड भी काफी सुर्खियों में रहा। अब Nano Banana 2 आ गया है। गूगल ने बताया है कि इसकी मदद से लोग 4K फोटो एआई से बनवा पाएंगे। टूल को रोलआउट किया जा रहा है, आइए जानते हैं इसे कहां इस्‍तेमाल किया जा सकेगा।

    Nano Banana 2 क्‍या है?
    गूगल ने पिछले साल अगस्‍त में Nano Banana को पेश किया था। फिर नवंबर में Nano Banana Pro को रिलीज किया। अब कंपनी ने Nano Banana 2 (Gemini 3.1 Flash Image) को उतारा है। कहा है कि यह उसका सबसे नया इमेज मॉडल है। दावा है कि इसकी मदद से ज्‍यादा बेहतर क्‍वॉलिटी वाली फोटोज को तेजी से बनवाया जा सकता है। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा है कि यह गूगल का अबतक का सबसे बेस्‍ट इमेज जेनरेशन मॉडल है।

    Nano Banana 2 के प्रमुख फीचर्स
    तस्‍वीरें ज्‍यादा रियल: गूगल ने बताया है कि Nano Banana 2 मॉडल, Gemini के रियल-वर्ल्ड नॉलेज का इस्‍तेमाल करके किसी इमेज को ज्‍यादा रियल बनाता है। अब लोग इन्‍फ्रोग्राफ‍िक्‍स तैयार करवा सकते हैं। नोट्स को डायग्राम में बदल सकते हैं। डेटा विजुअलाइजेशन भी इससे कर सकते हैं।

    टेक्‍स्‍ट को इमेज में लगाने और ट्रांसलेशन में माहि‍र: गूगल ने बताया है कि Nano Banana 2 किसी टेक्‍स्‍ट को सही तरीके से इमेज में लगाने और ट्रांसलेशन में माहि‍र हो गया है। दावा है कि किसी तस्‍वीर में टेक्‍स्‍ट लगवाना अब इसके बायें हाथ का खेल है। दावा है कि यह हाई-क्‍वॉलिटी और सच लगने वाली तस्‍वीरें बनाता है।

    जैसा कहा, वैसा बनाएगा: Nano Banana 2 अपने यूजर के प्रॉम्‍प्‍ट्स को बारीकी से समझकर इमेज बनाता है। दावा है कि यह वैसी ही तस्‍वीर बनाने में सक्षम है जैसा किसी यूजर ने सोचा था।

    हाई-क्‍वॉलिटी इमेज: नैनो बनाना2 की मदद से लोग 4K तक अलग-अलग आस्पेक्ट रेशियो और रेजॉलूशन में फोटोज बनवा सकेंगे। दावा है कि यूजर्स को वाइब्रेंट लाइटिंग, बेहतर टेक्सचर और शार्प डिटेल मिलेंगी।

    Nano Banana 2 कौन कर पाएगा इस्‍तेमाल?
    Nano Banana 2 को गूगल के सभी प्रमुख प्रोडक्‍ट्स से जोड़ा जा रहा है।

    Gemini ऐप: जेमिनी ऐप में यह नैनो बनाना के अबतक आए मॉडलों की जगह लेगा। कंपनी ने कहा है कि Google AI Pro और Ultra सब्सक्राइबर इसे इस्‍तेमाल कर पाएंगे।

  • अगर अभी नहीं संभले तो पड़ेगा भारी: बच्चों के मोटापे से हार्ट और डायबिटीज का गहरा रिश्ता

    अगर अभी नहीं संभले तो पड़ेगा भारी: बच्चों के मोटापे से हार्ट और डायबिटीज का गहरा रिश्ता

    हर माता-पिता की नजर अपने बच्चे की लंबाई, वजन और अच्छी सेहत पर रहती है। लगभग हर घर में ये सवाल तो जरूर होता है कि इतना दुबला क्यों है? या इतनी जल्दी मोटा कैसे हो गया? अगर आपका बच्चा अपनी उम्र के मुताबिक असामान्य तरीके से बढ़ रहा है, तो जरूरी नहीं कि यह सिर्फ खानपान या लाइफस्टाइल की वजह से हो।

    जर्नल नेचर कॉम्युनिकेशन में प्रकाशित एक शोध में सामने आया है कि बच्चों के वजन और बॉडी मास इंडेक्स (BMI) में होने वाले बदलावों का बड़ा हिस्सा उनके जीन से जुड़ा हो सकता है। यानी बढ़ता वजन सिर्फ चॉकलेट या फास्ट फूड का नतीजा नहीं होता।

    बच्चे की ग्रोथ जीन पर आधारित
    ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड ने एक स्टडी में बताया है कि बच्चे की 10 साल की उम्र का वजन और एक से 18 साल तक उनके बढ़ने की रफ्तार भविष्य की बीमारियों का संकेत दे सकती है। अगर बचपन की ग्रोथ असामान्य है, तो आगे चलकर डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि हर बच्चे की ग्रोथ उसके जेनेटिक फैक्ट्स पर निर्भर करती है, इसलिए सिर्फ बाहरी दिखावट के आधार पर सेहत का अंदाजा लगाना गलत हो सकता है।

    इस रिसर्च में लगभग 6,300 बच्चों और एडल्ट्स के करीब 66,000 BMI मेजरमेंट की जांच की गई। वैज्ञानिकों ने बच्चों की ग्रोथ को सिर्फ एक उम्र में नहीं, बल्कि समय के साथ लगातार ट्रैक किया। इससे उनको समझने में मदद मिली कि बच्चे के जेनेटिक्स कैसे उनकी ग्रोथ पर असर डालते हैं।

    अध्ययन में यह भी सामने आया कि छोटे बच्चे के शरीर के आकार को प्रभावित करने वाले जेनेटिक फैक्टर, टीनएजर में असर डालने वाले फैक्टर से अलग हो सकते हैं। यानी छोटे बच्चों में शरीर के आकार का अंतर जरूरी नहीं कि आगे चलकर मोटापे का जोखिम बन जाए।

    वैज्ञानिकों ने बताई असली चुनौती
    वैज्ञानिकों का कहना है कि अब असली चुनौती यह पता लगाना है कि किस उम्र में बच्चों की सेहत पर ध्यान देकर उन्हें भविष्य में मोटापे और गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है। यह डेटा यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल की स्टडी चिल्ड्रन्स ऑफ द 90s पर आधारित है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह डेटा एक खजाने जैसा है, जिससे यह समझने में मदद मिलेगी कि पर्यावरण और हमारे जीन्स मिलकर इंसान के विकास और स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करते हैं।