Author: NewseDay

  • मारुति का बड़ा कदम, अब बलेनो, फ्रोंक्स, ग्रैंड विटारा, जिम्नी और ई विटारा की खरीदारी बनी और भी सरल

    मारुति का बड़ा कदम, अब बलेनो, फ्रोंक्स, ग्रैंड विटारा, जिम्नी और ई विटारा की खरीदारी बनी और भी सरल

    मुंबई 

    मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (Maruti Suzuki India Limited) ने अपने 200वें NEXA स्टूडियो आउटलेट के खुलने की घोषणा की है। यह मारुति सुजुकी के अपने फ्लैगशिप ‘NEXA’ चैनल के तहत प्रीमियम और पर्सनलाइज्ड कार ओनरशिप एक्सपीरियंस देने के सफर में एक और कदम है। जगह और सेल्स पोटेंशियल के आधार पर, NEXA चैनल को दो फॉर्मेट में बनाया गया है, जिसमें NEXA मेन आउटलेट और NEXA स्टूडियो आउटलेट शामिल हैं। कुल मिलाकर, NEXA सेल्स नेटवर्क के अभी 530 से ज्यादा शहरों में 740 से ज्यादा आउटलेट हैं।

    मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, मिस्टर हिसाशी ताकेउची ने कहा, "NEXA का मतलब है इनोवेशन, डिजाइन और प्रीमियम ओनरशिप एक्सपीरियंस है। NEXA स्टूडियोज का तेजी से बढ़ना दिखाता है कि हम सेमी-अर्बन इलाकों में अपने एस्पिरेशनल कस्टमर्स को यह एक्सपीरियंस देने के लिए कमिटेड हैं। इन इलाकों में ऐसे कस्टमर्स का एक बढ़ता हुआ सेगमेंट है जो प्रीमियम कार खरीदने का एक्सपीरियंस चाहते हैं। उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए, हमें ऐसी जगहों पर अपने NEXA फुटप्रिंट को बढ़ाकर खुशी हो रही है। हम अपने डीलर पार्टनर्स और कस्टमर्स के उनके भरोसे और जोश के लिए शुक्रगुजार हैं जो NEXA की ग्रोथ स्टोरी को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके सपोर्ट से हमारा मकसद FY 2030-31 के आखिर तक NEXA स्टूडियो आउटलेट्स की कुल संख्या 600 तक ले जाना है।"

    जुलाई 2015 में लॉन्च हुआ चैनल
    मारुति सुजुकी ने जुलाई 2015 में अपना NEXA चैनल लॉन्च किया था ताकि कार खरीदने के बेहतरीन एक्सपीरियंस के जरिए नए तरह के कस्टमर्स को आकर्षित किया जा सके। NEXA लॉन्च करने के एक साल के अंदर, कंपनी ने 94 शहरों में 100 NEXA सेल्स आउटलेट सफलतापूर्वक स्थापित किए। FY 2024-25 में 5.4 लाख से ज्यादा गाड़ियों की बिक्री के साथ, NEXA मारुति सुजुकी की घरेलू बिक्री का लगभग 30% है। मारुति सुजुकी NEXA के जरिए बलेनो, फ्रोंक्स, ग्रैंड विटारा, XL6, इग्निस, जिम्नी, इनविक्टो और ई विटारा बेचती है।

    नेक्सा डीलरशिप पर ई-विटारा पहली इलेक्ट्रिक SUV
    कंपनी ने इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर सेगमेंट में भी कदम रख लिया है। मारुति का पहला इलेक्ट्रिक मॉडल ई विटारा है, जिसे नेक्सा डीलरशिप के जरिए बेचा जा रहा है। कंपनी ने इसे बैटरी और बैटरी सब्सक्रिप्शन दोनों ऑप्शन के साथ लॉन्च किया है। यानी इसमें BaaS (बैटरी एज ए सर्विस) का ऑप्शन भी मिलेगा। ई-विटारा को 3 वैरिएंट डेल्टा, जेटा और अल्फा में खरीद पाएंगे। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 15.99 लाख रुपए है। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला, हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक, MG ZS EV, टोयोटा ईबेला, MG विंडसर जैसे मॉडल से होगा। इसे दो बैटरी पैक ऑप्शन 49kWh और 61kWh में खरीद पाएंगे। इनकी रेंज 440km और 543km तक होगी।

  • पंजाब सरकार ने स्कूल हेड को बताया जिम्मेदार, मेन्यू वाला मिड-डे मील ही इंचार्ज की निगरानी में परोसें

    पंजाब सरकार ने स्कूल हेड को बताया जिम्मेदार, मेन्यू वाला मिड-डे मील ही इंचार्ज की निगरानी में परोसें

    लुधियाना.

    पंजाब स्टेट मिड डे मील सोसायटी ने पीएम पोषण स्कीम के तहत स्कूलों में परोसे जा रहे मिड-डे मील के साप्ताहिक मेन्यू को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।  जारी निर्देशों के अनुसार यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी स्कूलों में विद्यार्थियों को लाइन में बिठाकर मिड-डे मील इंचार्ज की निगरानी में निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन परोसा जाए।

    सोसाइटी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्कूल में तय मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार नहीं किया जाता या निर्देशों का उल्लंघन होता है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रमुख (हेड) की होगी।  यह व्यवस्था 01 मार्च 2026 से 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। जनरल मैनेजर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। 

  • पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, पास्टर  नरूला के धर्मांतरण वाले खेल पर सख्त

    पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, पास्टर नरूला के धर्मांतरण वाले खेल पर सख्त

    चंडीगढ़.

    पास्टर अंकुर नरूला और उनकी संस्था चर्च ऑफ साइन एंड वंडर्स की गतिविधियों के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र व पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया। याचिका में आरोप है कि पास्टर गरीबों को गुमराह कर मतांतरण करवा रहा है। चीफ जस्टिस शील नागू की खंडपीठ ने यह नोटिस जालंधर निवासी तेजस्वी मिन्हास द्वारा दायर जनहित याचिका पर जारी किया।

    याचिकाकर्ता के वकील विशाल गर्ग नरवाना ने कोर्ट को बताया कि नरूला और उनकी पत्नी सोनिया नरूला द्वारा कथित रूप से गंभीर बीमारियों का चमत्कारी उपचार व अभिषेक तेल (एनाइंटिंग आयल) के नाम पर गरीब और भोले-भाले लोगों को गुमराह कर मतांतरण करवाया जा रहा है।
    संस्था यूट्यूब और फेसबुक जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर प्रचार कर रही है। यह ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज एक्ट, 1954 का स्पष्ट उल्लंघन है। अंकुर नरूला की कार्यप्रणाली नाइजीरिया के दिवंगत प्रचारक टीबी जोशुआ से प्रेरित है, जिनकी संस्था पर कथित रूप से फर्जी चमत्कार दिखाने और लोगों को भ्रमित करने के आरोप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगाए गए थे।

    कथित मंचित चमत्कारों के जरिए कमजोर वर्गों को मतांतरण के लिए प्रभावित किया जा रहा है। विदेशी मिशनरियों को पर्यटक वीजा पर भारत बुलाकर धार्मिक गतिविधियां करवाई जा रही हैं, जो विदेशी अधिनियम, 1946 का उल्लंघन है। 12 जनवरी को प्रशासन को शिकायत देने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में दावा है कि संस्था को बिना वैध एफसीआरए पंजीकरण के विदेशी चंदा प्राप्त हुआ है। घड़ियां और कथित अभिषेक तेल की बिक्री बिना जीएसटी बिल के किए जाने तथा मनी लांड्रिंग की आशंका भी जताई है। खांबड़ा गांव में बने विशाल चर्च भवन के निर्माण को भी चुनौती दी गई है।

  • बंगाल SIR: वोटर लिस्ट पर संकट, मुस्लिम बहुल जिलों में कट सकते हैं नाम

    बंगाल SIR: वोटर लिस्ट पर संकट, मुस्लिम बहुल जिलों में कट सकते हैं नाम

    कलकत्ता

    पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले मतदाता सूची को लेकर एक अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई है। राज्य में शनिवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने वाली है, लेकिन करीब 60,06,675 मतदाताओं के नाम पर अभी भी असमंजस के बादल छाए हुए हैं। ये कुल मतदाताओं का लगभग 8.5% हिस्सा हैं, जिनकी पात्रता की समीक्षा अब निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (EROs) के बजाय सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त न्यायिक अधिकारी कर रहे हैं।

    निर्वाचन आयोग के वैधानिक अधिकारियों (EROs और AEROs) ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' को बताया कि उन्होंने पूरी सावधानी से दस्तावेजों की जांच कर लाखों नामों को मंजूरी दे दी थी। हालांकि आयोग द्वारा नियुक्त माइक्रो-ऑब्जर्वर्स द्वारा विसंगतियां बताए जाने के बाद इन स्वीकृत नामों को सिस्टम से रिवर्स कर दिया गया।

    हैरानी की बात यह है कि सुनवाई की अंतिम तिथि 14 फरवरी तक यह संख्या अचानक कुछ लाख से बढ़कर 60 लाख के पार पहुंच गई। एक अधिकारी ने बताया कि 11 फरवरी के बाद से माइक्रो-ऑब्जर्वर्स ने उन मामलों को भी वापस भेजना शुरू कर दिया जिन्हें पहले हरी झंडी मिल चुकी थी। इसमें एक सेवारत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी का नाम भी शामिल बताया जा रहा है।
    मुस्लिम बहुल जिलों में सबसे ज्यादा मामले लंबित

    आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि मतदाता सूची से नाम कटने या समीक्षा के दायरे में आने का सबसे ज्यादा असर अल्पसंख्यक बहुल जिलों में दिख रहा है। मुर्शिदाबाद में 11 लाख, मालदा में 8.28 लाख, दक्षिण 24 परगना में 5.22 लाख, उत्तर 24 परगना में 5 लाख, झारग्राम में 6,682 और कालिम्पोंग में 6,790 मामले लंबित हैं।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के 530 न्यायिक अधिकारी इस सप्ताह से इन 60 लाख मतदाताओं के भाग्य का फैसला कर रहे हैं। जब तक ये अधिकारी नामों को मंजूरी नहीं देते, ये मतदाता आगामी विधानसभा चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे। अंतिम सूची में इनके नाम के आगे निर्णय के अधीन लिखा होगा, जिसे न्यायिक मंजूरी मिलने के बाद ही हटाया जाएगा।

    निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में करीब 8,100 सूक्ष्म-प्रेक्षकों की नियुक्ति की थी, जो देश के किसी अन्य राज्य में नहीं किया गया। तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे चुनौती देते हुए आरोप लगाया है कि इन प्रेक्षकों ने वैधानिक अधिकारियों (EROs) के अधिकारों का अतिक्रमण किया है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग के अधिकारियों का तर्क है कि दस्तावेजों में भारी अनियमितताएं पाई गईं। आरोप है कि कई मामलों में AI-जनरेटेड वोटर आईडी और अवैध दस्तावेज अपलोड किए गए थे। एक रोल ऑब्जर्वर ने बताया कि पुरुषों के आवासीय प्रमाण के रूप में ICDS प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज दिए गए थे।

    पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने स्थिति को अत्यंत अनिश्चित बताया है। उन्होंने कहा कि अदालती हस्तक्षेप और बार-बार की अपीलों के कारण न्यायिक अधिकारियों द्वारा संशोधन की यह अनूठी मिसाल बनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं की पात्रता पर सवाल उठना न केवल प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करता है, बल्कि यह चुनाव की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करता है। यदि इन 60 लाख लोगों में से एक बड़ा हिस्सा वोट देने से वंचित रह जाता है तो इसके चुनावी परिणाम दूरगामी हो सकते हैं।

  • दलितों के बाल काटने की परंपरा खत्म, सरकार ने गांव में दिलाया समानता का अधिकार

    दलितों के बाल काटने की परंपरा खत्म, सरकार ने गांव में दिलाया समानता का अधिकार

    बेंगलुरु

    कर्नाटक के गडग जिले के शिंगातलूर गांव में दलित समुदाय को बाल कटवाने की सेवा से सालों तक वंचित किया गया. सामाजिक कल्याण विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस गांव में एक खास समय पर दलितों को टोंसुर या बाल कटवाने की सेवा नहीं दी जाती थी. इस अंधविश्वास के कारण दलितों को बाल कटवाने के लिए पड़ोसी गांवों का रुख करना पड़ता था, जिससे उन्हें अनेक असुविधाओं का सामना करना पड़ता था.

    प्रभावित ग्रामीणों की शिकायतों और ज्ञापनों के बाद प्रशासन ने इस मामले में हस्तक्षेप किया. अब शिंगातलूर गांव में एक नया सैलून बनाया गया है, जो सोशल वेलन विभाग, तालुक प्रशासन, तालुक पंचायत, दलित संगठनों और शिवशरणा हडपदा अप्पन्ना समुदाय की संयुक्त पहल का परिणाम है. तिप्पापुर गांव के बसवराज हडपदा को इस सैलून का संचालन सौंपा गया है, ताकि सभी समुदाय के लोगों को समान और उचित नाई सेवा मिल सके.

    गांव में मान्यता थी कि महानवमी के दौरान वीरभद्रेश्वर स्वामी हडपदा समुदाय के घर आते हैं और उस समय दलितों के बाल कटवाने से दुर्भाग्य आता है. इस अंधविश्वास के चलते कुछ लोगों ने दलितों को बाल कटवाने की सेवा देना बंद कर दिया था, जिससे सामाजिक विभाजन और भेदभाव बढ़ा.

    सामाजिक कल्याण विभाग ने बताया कि यह पहल अस्पृश्यता उन्मूलन जागरूकता (छुआछूत) और सामंजस्यपूर्ण जीवन (वर्क लाइफ हार्मनी) कार्यक्रम के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य सामाजिक सद्भाव बढ़ाना और बुनियादी सेवाओं तक सभी की समान पहुंच सुनिश्चित करना है. सैलून का उदघाटन स्थानीय अधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में किया गया, जो सामाजिक समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

  • 106830 किसान होंगे लाभान्वित, 407 करोड़ का आज होगा भुगतान

    106830 किसान होंगे लाभान्वित, 407 करोड़ का आज होगा भुगतान

    दुर्ग.

    जिले के समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को अंतर की राशि 407 करोड़ 89 लाख 82 हजार का आज भुगतान होगा. इससे कुल 106830 किसान लाभान्वित होंगे. इसमें कामन धान 15351 व ग्रेड ए पर 14931 रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि दी जाएगी.

    योजनांतर्गत जिले में वर्ष 2025-26 के कृषक उन्नति योजनांतर्गत विकासखण्ड- दुर्ग के 25057 कृषकों को 8703.03, पाटन 44122 कृषकों को 16995.87 लाख एवं धमधा के 37651 कृषकों को राशि 15090.54 लाख रुपए भुगतान की जा रही है. खरीफ 2025 में प्रदेश के किसानों से उपार्जित धान की मात्रा पर धान (कॉमन) पर राशि 731 रुपए प्रति क्वि. की दर से अधिकतम राशि रू. 15351 प्रति एकड़ तथा धान (ग्रेड-ए) का राशि 711 रुपए प्रति क्वि. की दर से अधिकतम 14931 रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान किया जायेगा.

  • 40 वर्षों से कार्य के बाद भी था लंबित, भिलाई स्टील प्लांट के ठेका श्रमिकों की पेंशन शुरु

    40 वर्षों से कार्य के बाद भी था लंबित, भिलाई स्टील प्लांट के ठेका श्रमिकों की पेंशन शुरु

    भिलाई नगर.

    बीएसपी में एचएसएलटी ठेका श्रमिकों का पेंशन लंबे समय से लंबित था. स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक के प्रयास से 110 श्रमिकों को पेंशन मिलना शुरु हो गया है. उन्हें 2700 रु. प्रतिमाह पेंशन मिल रहा है तथा लगभग 170000 रु. मिलना प्रारंभ हो गया है. सेवानिवृत्त एचएसएलटी श्रमिकों ने इंटक के प्रयास के लिए इंटक आफिस जाकर आभार जताया.

    भिलाई इस्पात संयंत्र में साफ-सफाई एवं उत्पादन कार्य में विगत 40 वर्षों से कार्य करने के उपरांत सेवानिवृत्त हुए एचएसएलटी ठेका श्रमिकों का पेंशन लंबे समय से लंबित था. ईपीएफ के केवाईसी लंबित रहने के कारण लगभग 10 वर्षों से प्रयासों के बावजूद उनका पेंशन प्रारंभ नहीं हो पा रहा था. इस संबंध में ठेका श्रमिकों से ने स्टील ठेका श्रमिक यूनियन (इंटक) कार्यालय में अध्यक्ष संजय कुमार साहू संपर्क किया. विगत दो वर्षों के सतत प्रयासों तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के उच्च प्रबंधन, सीएलसी ठेका प्रकोष्ठ, वित्त विभाग एवं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन रायपुर के सहयोग से 250 ठेका श्रमिकों में से 110 श्रमिकों का पेंशन प्रारंभ हो गया है. शेष श्रमिकों की प्रक्रिया प्रगति पर है.

  • कृषि मंत्री शिवराज का मानवता का उदाहरण, तड़पते युवक को अस्पताल पहुंचाने के लिए रुकवाया काफिला

    कृषि मंत्री शिवराज का मानवता का उदाहरण, तड़पते युवक को अस्पताल पहुंचाने के लिए रुकवाया काफिला

     भोपाल
    मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक फिर मिशाल पेश की है. जिसकी लोग तारीफ कर रहे हैं. हुआ ये कि वह भोपाल से ग्वालियर जा रहे थे, इस दौरान एक युवक सड़क पर घायल पड़ा था, जबकि उसे भीड़ ने घेरकर रखा था. इस दौरान जब शिवराज सिंह की नजर पड़ी तो उन्होंने अपना काफिला रुकवा दिया और खुद अपनी गाड़ी से युवक को अस्पताल पहुंचवाया. इसको लेकर उन्होंने खुद एक्स पर एक पोस्ट किया है.

    एक्स पर किए पोस्ट में उन्होंने लिखा कि मैं भोपाल से ग्वालियर की ओर एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था. रास्ते में सड़क किनारे एक घायल युवक अचेत अवस्था में दिखाई दिया. चारों ओर भीड़ थी, लोग खड़े थे, देख रहे थे. पर कोई आगे नहीं बढ़ रहा था. मैंने तुरंत गाड़ी रुकवाई. घायल युवक के पास पहुंचा और अपनी गाड़ी में तत्काल अस्पताल पहुंचाया. साथ ही डॉक्टर से बातचीत कर समुचित उपचार की व्यवस्था की.

     श्यामला हिल्स के पास रुका काफिला
    जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री का काफिला श्यामला हिल्स क्षेत्र से गुजर रहा था. किलोल पार्क के पास सड़क किनारे एक व्यक्ति घायल अवस्था में दिखाई दिया. यह देखते ही शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल काफिला रुकवाया और स्वयं वाहन से उतरकर घायल के पास पहुंचे. उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से तुरंत अस्पताल ले जाने को कहा. इतना ही नहीं, मंत्री ने घायल युवक को खुद सहारा देकर उठाया और अपने ही काफिले की गाड़ी से अस्पताल भिजवाया. जाते समय उन्होंने घायल से कहा कि तुम अस्पताल जाओ, हम फोन करवा रहे हैं.

    एक्स पर लिखा, नर सेवा ही नारायण सेवा
    इस घटना के बाद शिवराज सिंह चौहान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ''नर सेवा ही नारायण सेवा.'' उन्होंने कहा कि, ''मानवीय संवेदना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है. ग्वालियर के लिए रवाना होते समय रास्ते में घायल युवक को देखकर उन्होंने तत्काल मदद सुनिश्चित की.'' 

     वीडियो वायरल , सोशल मीडिया पर सराहना
    घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. समर्थकों और आम नागरिकों ने केंद्रीय मंत्री की संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की. कई लोगों ने इसे जनप्रतिनिधि के कर्तव्य और मानवीय मूल्यों का उदाहरण बताया. बताया जा रहा है कि मंत्री अपने आवास से एयरपोर्ट जा रहे थे, तभी उनके सामने यह घटना दिखी. जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने प्रोटोकॉल से ऊपर उठकर घायल को मदद पहुंचाई.

    पहले भी दिखा चुके हैं संवेदनशीलता
    यह पहला मौका नहीं है जब शिवराज सिंह चौहान ने इस तरह मानवीय पहल की हो. जुलाई 2025 में भी भोपाल के अवधपुरी इलाके में एक कार्यक्रम में जाते समय चेतक ब्रिज पर हादसे में घायल युवक की उन्होंने मदद की थी. उस समय भी उन्होंने काफिला रुकवाकर घायल को अस्पताल पहुंचाया और उपचार की व्यवस्था कराई थी. 

    शिवराज ने लोगों से की ये अपील

    हमने अक्सर देखा है कि इस तरह की घटनाओं में हम मदद के लिए हाथ बढ़ाने की बजाय तमाशबीन बनकर देखते रहते हैं, जिससे कीमती समय व्यर्थ हो जाता है और घायल व्यक्ति का जीवन खतरे में पड़ जाता है. एक अध्ययन के अनुसार हर वर्ष लगभग डेढ़ लाख से अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि घायल को ‘गोल्डन ऑवर’ में उपचार मिल जाए, तो लगभग 50% जीवन बचाए जा सकते हैं.

    सोचिए, हमारी छोटी सी मदद और समय पर बढ़ाया गया एक हाथ कितनी माताओं की गोद सूनी होने से बचा सकता है. कितने बच्चों के सिर से पिता का साया हटने से रोक सकता है और कितनी बहनों के विश्वास को टूटने से बचा सकता है. मित्रों, किसी का जीवन बचाना सबसे बड़ा पुण्य है. सेवा ही सच्चा धर्म है और परोपकार ही हमारा कर्तव्य है. जब भी ऐसी स्थिति सामने आए तो आगे बढ़िए और मदद कीजिए. आपकी एक मदद किसी का जीवन बचा सकती है.

     

  • 4 उम्मीदवारों के नाम का हुआ ऐलान, जानें किसे मिला टिकट और कौन हैं कोयल मल्लिक

    4 उम्मीदवारों के नाम का हुआ ऐलान, जानें किसे मिला टिकट और कौन हैं कोयल मल्लिक

    कलकत्ता

     पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपने चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। इस सूची में राजनीति, प्रशासनिक सेवा, कानून और सिनेमा जगत की जानी-मानी हस्तियों को जगह दी गई है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, अभिनेता से नेता बने बाबुल सुप्रियो, मशहूर वकील मेनका गुरुस्वामी और बंगाली अभिनेत्री कोयल मल्लिक को संसद के उच्च सदन के लिए चुना गया है। यह घोषणा राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले की गई है, जिसे ममता बनर्जी का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।

    कौन हैं TMC के ये 4 दिग्गज उम्मीदवार?

    पार्टी ने अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को चुनकर एक संतुलित टीम बनाने की कोशिश की है:

    राजीव कुमार: राजीव कुमार बंगाल के प्रभावशाली पुलिस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने जुलाई 2024 से लेकर 31 जनवरी 2026 को अपनी सेवानिवृत्ति तक राज्य के पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्य किया। उनके प्रशासनिक अनुभव का लाभ पार्टी को दिल्ली में मिलेगा।

    बाबुल सुप्रियो: पूर्व केंद्रीय मंत्री और मशहूर गायक बाबुल सुप्रियो पहले भाजपा में थे, लेकिन बाद में उन्होंने TMC का दामन थाम लिया था। वे अपनी प्रखर वक्ता शैली के लिए जाने जाते हैं।

    कोयल मल्लिक: बंगाली सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री कोयल मल्लिक को उम्मीदवार बनाकर TMC ने ग्लैमर और जन-अपील का कार्ड खेला है। उनके पिता रंजीत मल्लिक भी बंगाल के दिग्गज अभिनेता रहे हैं।

    मेनका गुरुस्वामी: सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने IPAC मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का प्रतिनिधित्व किया था। उनकी कानूनी समझ संसद में पार्टी के पक्ष को मजबूती देगी।

    विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संदेश

    TMC ने अपने उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कहा है कि उन्हें इन नेताओं की नेतृत्व क्षमता और समर्पण पर पूरा भरोसा है। पार्टी ने उम्मीद जताई है कि ये चारों उम्मीदवार हर भारतीय के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए TMC की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इन नामों का चयन करके ममता बनर्जी ने यह संदेश दिया है कि उनकी पार्टी हर वर्ग प्रशासन, कला और कानून के बुद्धिजीवियों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है।

  • ट्विस्ट आया न्यूजीलैंड की हार से, पाकिस्तान के लिए सेमीफाइनल का रास्ता हुआ साफ

    ट्विस्ट आया न्यूजीलैंड की हार से, पाकिस्तान के लिए सेमीफाइनल का रास्ता हुआ साफ

    नई दिल्ली
    इंग्लैंड की न्यूजीलैंड पर रोमांचक जीत के चलते पाकिस्तानी टीम आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अब भी मजबूती से बरकरार है. 28 फरवरी (शनिवार) को पल्लेकेले के पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में पाकिस्तानी टीम को श्रीलंका का सामना करना है. इस मुकाबले के जरिए ही ग्रुप-2 से सेमीफाइनल की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी. पाकिस्तानी टीम को सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए श्रीलंका के खिलाफ बड़ी जीत की जरूरत होगी, ताकि उसका नेट रनरेट न्यूजीलैंड से बेहतर हो जाए.

    पाकिस्तान यदि पहले बैटिंग करता है तो उसे श्रीलंका को कम से कम 64 रन से हराना होगा. अगर वो लक्ष्य का पीछा कर रहा है तो उसे 13.1 ओवर में मैच खत्म करना होगा. अगर पाकिस्तान ऐसा करने में नाकाम रहता है, तो न्यूजीलैड की टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी. यानी नेट रन रेट के कारण यह मुकाबला बेहद अहम हो गया है.

    पाकिस्तान का नेट रनरेट -0.461 है. वहीं न्यूजीलैंड का नेट रनरेट 1.390 है. न्यूजीलैंड के 3 और पाकिस्तान के 1 अंक हैं. पाकिस्तान के लिए यह 'करो या मरो' की स्थिति है, जबकि न्यूजीलैंड की नजरें मैच के नतीजे पर टिकी होंगी. यदि मुकाबला धुलता है तो भी न्यूजीलैंड की सेमीफाइनल में एंट्री हो जाएगी. इंग्लैंड 6 अंकों के साथ ग्रुप-2 में टॉप पर रहा.

    समीकरण के मुताबिक यदि न्यूजीलैंड यदि सेमीफाइनल में पहुंचता है, तो टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल 4 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा. जबकि दूसरा सेमीफाइनल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 5 मार्च को निर्धारित है. अब देखना दिलचस्प होगा कि पल्लेकेले में पाकिस्तान बड़ा उलटफेर कर पाता है या न्यूजीलैंड की टीम सेमीफाइनल की टिकट पक्की करती है.

    न्यूजीलैंड की टीम एक समय इंग्लैंड के खिलाफ काफी मजबूत स्थिति में थी. 16.5 ओवर तक इंग्लैंड का स्कोर 6 विकेट पर 117 रन था. यहां से रेहान अहमद (नाबाद 19) और विल जैक्स (नाबाद 32) ने संयम और समझदारी से बल्लेबाजी करते हुए 44 रनों की निर्णायक साझेदारी कर दी. इंग्लैंड ने 19.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और मैच अपने नाम कर लिया. बता दें कि कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में हुए इस मैच में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 159 रन बनाए थे.

    इंग्लैंड ने पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली थी. हालांकि इस नतीजे ने ग्रुप-2 के बाकी समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं. समीकरण साफ है- पाकिस्तान अगर बड़े अंतर से जीतता है तो सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो न्यूजीलैंड ग्रुप-2 से दूसरी टीम के रूप में सेमीफाइनल में प्रवेश करेगी. अब सबसे बड़ी नजरें पाकिस्तान बनाम श्रीलंका मुकाबले पर टिकी है, जो तय करेगा कि इंग्लैंड के साथ अंतिम चार में कौन पहुंचेगा.