Author: NewseDay

  • जमीन की दोबारा बिक्री पर विवाद, जींद रियासत की रानी-पुत्रवधू समेत 5 के खिलाफ फ्रॉड केस दर्ज

    जमीन की दोबारा बिक्री पर विवाद, जींद रियासत की रानी-पुत्रवधू समेत 5 के खिलाफ फ्रॉड केस दर्ज

    जींद.

    जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करने व दो बार जमीन की रजिस्ट्री करवाने के प्रयास में जींद रियासत की रानी इंद्रजीत कौर पर मामला दर्ज किया है।

    जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करने व दो बार जमीन की रजिस्ट्री करवाने के प्रयास में जींद रियासत की रानी की पुत्रवधु हरसिमरन कौर, नगर परिषद के सचिव सुमित दहिया, पटवारी नरेश चहल, गांव रामराय निवासी सुभाष ठेकेदार के खिलाफ भी शहर थाना पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में वकील अभिमन्यु चौधरी की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    जींद की रामबीर कॉलोनी निवासी व दिल्ली हाईकोर्ट में वकील अभिमन्यु चौधरी ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उनकी अपोलो रोड पर करीब 10 एकड़ जमीन है। इस जमीन पर उनका कब्जा भी है। कुछ लोगों ने भू-अभिलेख रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करके उनकी जमीन हड़पने का प्रयास किया है। चौधरी ने कहा कि उनके दादा बलदेव सिंह ने 1965 में 50 कनाल दो मरला का एक फार्म हाउस खरीदा था। अब यह प्रॉपर्टी उनकी तीसरी पीढ़ी के नाम आ चुकी है।

  • अकाली नेताओं पर धमकाने के आरोप, सुरक्षा और इंसाफ की मांग लेकर अकाल तख्त पहुंचीं महिलाएं

    अकाली नेताओं पर धमकाने के आरोप, सुरक्षा और इंसाफ की मांग लेकर अकाल तख्त पहुंचीं महिलाएं

    अमृतसर.

    शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला से जुड़े रेप मामले में श्री अकाल तख्त साहिब पेश होने जा रही पीड़ित महिलाओं को धमकियां मिलने का आरोप लगा है। पूर्व अकाली नेता बीबी रूप कौर संधू ने आज वीडियो जारी कर यह दावा किया है। उन्होंने पंजाब के DGP से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

    बीबी रूप कौर संधू ने पंजाब के DGP और श्री अकाल तख्त साहिब की टास्क फोर्स से पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इन महिलाओं को साथ लेकर अकाल तख्त साहिब में पेश होने का ऐलान किया था। इसके बाद उन्हें भी वहां न जाने के लिए दबाव डाला गया। अकाल तख्त परिसर के बाहर रूप कौर संधू ने बताया कि उन्होंने अपना आवेदन और मांगपत्र विधिवत जमा करवा दिया है। इसकी प्राप्ति रसीद भी उन्हें मिल गई है। जत्थेदार साहिब से फोन पर भी बातचीत हुई है और उन्हें व्यक्तिगत मुलाकात के लिए जल्द समय मिलने का भरोसा दिया गया है।

    जत्थेदार साहिब की मौजूदगी में पेश
    संधू के मुताबिक, जत्थेदार साहिब की मौजूदगी में पीड़ित महिलाओं को उनके सामने पेश किया जाएगा, ताकि वे अपने बयान और सबूत सीधे उन्हें सौंप सकें। पीड़ितों की पहचान उजागर करने से इनकार रूप कौर संधू ने कहा कि मामले में अश्लीलता, परेशान करने और यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। ऐसे में पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए उनकी पहचान या डिजिटल सबूत सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। उन्होंने दावा किया कि कई पीड़ित महिलाओं को डराया-धमकाया जा रहा है और उन्हें मीडिया व प्रशासन के सामने अपनी बात रखने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही सबूत संबंधित अधिकारियों के सामने रखे जाएंगे।

    मांगपत्र में 4-5 प्रमुख नेताओं के नाम होने का दावा
    संधू ने दावा किया कि मांगपत्र में करीब चार से पांच प्रमुख पंथक और अकाली नेताओं के नाम, उनके पदों तथा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का विवरण शामिल है। उन्होंने कहा कि कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं। मामले को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनाई गई या फर्जी वीडियो बताने संबंधी दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए संधू ने कहा कि किसी भी सामग्री की प्रामाणिकता फॉरेंसिक जांच और आधुनिक तकनीक के जरिए परखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि मामले को एआई या फर्जी वीडियो बताकर खारिज नहीं किया जाना चाहिए।

    सिख महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत
    श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने का यह मामला SGPC के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला और एडिशनल हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह के खिलाफ एक महिला द्वारा लगाए गए दुष्कर्म (रेप) और अश्लील मैसेज भेजने के गंभीर आरोपों से जुड़ा है। यह शिकायत बहरीन में रहने वाली एक सिख महिला द्वारा दर्ज कराई गई है। महिला का आरोप है कि जब वह नवंबर 2025 में भारत लौटीं, तो SGPC ने उन्हें ठहरने की जगह दी थी।

    किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी
    पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि चावला ने मार्च से मई 2026 के बीच श्री आनंदपुर साहिब और अमृतसर की सरायों में उसके साथ कई बार रेप किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। 21 अगस्त 2026 को आनंदपुर साहिब थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी।

    अश्लील मैसेज के आरोप
    महिला ने यह भी आरोप लगाया कि अकाल तख्त के एडिशनल हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के एक ड्राइवर मोहन सिंह ने उसे अश्लील और आपत्तिजनक मैसेज भेजे थे। अकाल तख्त के चक्कर काटना: महिला का कहना था कि उसने अपनी शिकायत और सबूतों के साथ कई बार अकाल तख्त के जत्थेदार व SGPC अध्यक्ष से न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद अकाली दल की नेता रूप कौर संधू के साथ फेसबुक लाइव पर आकर महिला ने अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखी थी।

  • नमो घाट एयर शो के चलते वाराणसी में नॉनवेज दुकानें रहेंगी बंद, बर्ड हिट से लड़ाकू विमानों को बचाने की तैयारी

    नमो घाट एयर शो के चलते वाराणसी में नॉनवेज दुकानें रहेंगी बंद, बर्ड हिट से लड़ाकू विमानों को बचाने की तैयारी

    वाराणसी
    वाराणसी नगर निगम ने भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ पर नमो घाट पर आयोजित भव्य एयर शो के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल के 30 किलोमीटर के दायरे में मीट, मांस और मछली की बिक्री पर रोक लगा दी है. यह रोक 19 से 26 अक्टूबर तक लागू रहेगी. लड़ाकू विमानों को 'बर्ड हिट' के खतरे से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है. राज्य सरकार द्वारा 'स्टेट इवेंट' घोषित इस कार्यक्रम में 22, 23 और 25 अक्टूबर को मुख्य एयर शो होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे. पशु चिकित्सा अधिकारी और नगर निगम टीमों को दुकानें बंद कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। 

    लड़ाकू विमानों की सुरक्षा के लिए फैसला
    नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि उड़ने वाले लड़ाकू विमानों की सुरक्षा के दृष्टिगत बर्ड हिट की आशंका को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है. संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे दुकानदारों को नोटिस जारी करें और व्यक्तिगत रूप से जाकर दुकानें न खोलने की सख्त हिदायत दें. 26 अक्टूबर को स्टैंडबाय दिन रखा गया है। 

    नमो घाट पर 20 लाख लोगों के आने का अनुमान

    इस ऐतिहासिक एरियल डिस्प्ले-2026 को देखने के लिए गंगा घाटों पर लगभग 20 लाख दर्शकों के जुटने की उम्मीद है. इतनी बड़ी भीड़ और जल सुरक्षा को देखते हुए गंगा के गहरे पानी वाले क्षेत्रों में प्रभावी बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं. दर्शकों को अनियंत्रित होकर गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए संवेदनशील रास्तों पर बैरियर भी लगाए जाएंगे। 

    स्वच्छता और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
    कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के लिए 20 से 26 अक्टूबर तक विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा. इसके अलावा श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में मोबाइल टॉयलेट स्थापित किए जा रहे हैं. आवारा पशुओं पर नियंत्रण और मोबाइल टावर की व्यवस्था भी नगर निगम द्वारा की जा रही है। 

     

  • सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर जताई नाराजगी, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अर्थदंड लगाने के निर्देश

    सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर जताई नाराजगी, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अर्थदंड लगाने के निर्देश

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा में समाधान ऑनलाइन में जनसमस्याओं के निराकरण की समीक्षा करते हुए पाँच आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजनों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए तथा अधिकारी जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर पहुंचकर समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें। शासन और प्रशासन जनता की सेवा के लिए हैं, इसलिए नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

    समाधान ऑनलाइन के दौरान कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में अनावश्यक विलंब और शिकायत के निराकरण में लापरवाही बरतने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक प्रमोद माथुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। समाधान ऑनलाइन के दौरान सामने आया कि रसोई कार्य करने वाले महिला कर्मचारी का मानदेय दस माह से अधिक समय से लंबित था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित शिकायत के लंबित रहने का कारण पूछा। इस पर जिला संयोजक प्रमोद माथुर द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संदीप गौर से चर्चा कर कृषि यंत्रों पर सब्सिडी से संबंधित उनकी शिकायत सुनी। इसी प्रकार सतीश उइके की विद्युत बिल से संबंधित समस्या पर चर्चा करते हुए महाप्रबंधक विद्युत विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए मीटरों की सेम्पल विवरण कर जानकारी लेने के निर्देश भी दिए। विद्युत बिल संबंधी शिकायतों के समय पर निराकरण में देरी पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने शबाना, रेखा यादव और अरविंद इवने सहित अन्य आवेदकों से की समस्याओं को सुना तथा मौके पर ही उनके निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

    समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं होने पर होगी कार्रवाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं करने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अर्थदंड अधिरोपित करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सीएम-हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण तय समय-सीमा में किया जाना सुनिश्चित करें। शिकायतों की जांच और उनके निराकरण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी कर्मचारी का वेतन भुगतान लंबित नहीं रहे। नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

    शिकायतों की मानिटरिंग करे

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों का निराकरण इस स्तर पर किया जाए कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए समाधान ऑनलाइन तक पहुंचने की आवश्यकता न पड़े। इसके लिए कलेक्टर सभी शिकायतों की व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग करें। शिकायतों की विवेचना और निराकरण में देरी या लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

    पुलिस विभाग से संबंधित 100 दिवस से अधिक समय से लंबित 27 शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री ने अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि वे स्वयं इन शिकायतों की समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि निराकरण में कहां और किस स्तर पर शिथिलता बरती जा रही है। लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि, ऊर्जा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, राजस्व और गृह विभाग से संबंधित 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निराकरण में संवेदनशीलता बरतें और आवेदकों को समय पर राहत प्रदान करें।

    नल-जल योजनाओं की निरंतर निगरानी के निर्देश

    इस अवसर पर मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि हस्तांतरित नल-जल योजनाओं की निरंतर निगरानी की जाए। योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके। मुख्य सचिव ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी नल-जल योजनाओं का हस्तांतरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी संचालन और आमजन को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जिले में विद्युत संबंधी समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में विद्युत ट्रिपिंग जैसी समस्याएं ना आए यह सुनिश्चित किया जाये।

    विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित

    विभागीय समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हरदा जिला छोटा जिला है। इसे बहुत आदर्श बनाया जा सकता है। सभी मिलकर जिले को संवारने का कार्य करें। नर्मदा परिक्रमा पथ का शीघ्रता से विकास हो, जिले में उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने कहा कि जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए।

    वरिष्ठ नागरिकों से किया संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के वरिष्ठ नागरिक  सरगम जैन और  विक्रान्त अग्रवाल से चर्चा की। इस दौरान वरिष्ठ नागरिक  सरगम जैन ने जिले के विकास के संबंध में सुझाव दिये। उन्होने नाभि कुण्ड के विकास के संबंध में भी अनुरोध किया। इसी तरह  विक्रान्त अग्रवाल द्वारा जिले में ओपन स्टेडियम बनाने की बात कहीं।

    इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री  दुर्गादास उइके, मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, सचिव मुख्यमंत्री  सुदाम खाड़े, पूर्व कृषि मंत्री  कमल पटेल तथा कमिश्नर नर्मदापुरम  कांत बनोठ, आईजी  चंद्रशेखर सोलंकी, कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन, पुलिस अधीक्षक  शशांक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जिले के ‘मिशन कोड शक्ति’ नवाचार की सराहना

    उद्यमियों, युवाओं और किसानों से मुख्यमंत्री डॉ यादव ने किया संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को कौशल विकास, आधुनिक तकनीक, शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उद्यमियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने तथा ई-कॉमर्स और डिजिटल माध्यमों से देश-दुनिया के बाजार तक पहुंच बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को भी परंपरागत खेती के साथ पशुपालन, प्राकृतिक खेती, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित नवाचार अपनाकर आय के नए स्रोत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर हरदा के आत्मनिर्भर बन रहे उद्यमी, युवा और किसान आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की मजबूत तस्वीर है और प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बन रहें हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत हरदा जिले के जिला पंचायत सभागार में आयोजित उद्यमी, युवा एवं किसान संवाद में विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हरदा में स्थानीय स्तर पर विकसित उत्पादों और नवाचारों को बाजार से जोड़ने के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे है। संवाद में सामने आई सफलता की कहानियां अन्य युवाओं और किसानों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हरदा जिले के उद्यमियों ने अपने परिश्रम और नवाचार से स्थानीय संसाधनों को रोजगार और व्यवसाय के अवसरों में बदला है। युवाओं ने आधुनिक तकनीक को अपनाकर नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं, वहीं किसानों ने प्राकृतिक खेती, पशुपालन और कृषि आधारित नवाचारों के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि शासकीय योजनाओं का प्रभावी लाभ लेकर व्यक्ति स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार और विकास के अवसर तैयार कर सकता है।

    रजाई निर्माण से 72 लोगों को रोजगार

    उद्यमी  पलाश करोड़े ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मिले 25 लाख रुपये के बैंक ऋण एवं सवा 6 लाख रुपये के अनुदान से उन्होंने रजाई निर्माण का व्यवसाय स्थापित किया है। उनके उत्पाद मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई हो रहे हैं। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन बिक्री की जा रही है तथा इसमें लगभग 72 लोगों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रॉ मटेरियल, लागत एवं टर्नओवर की जानकारी लेते हुए उनके प्रयास की सराहना की।

    बायो सीएनजी प्लांट से आय के साथ पर्यावरण संरक्षण

    खिरकिया निवासी  गौरव माहेश्वरी ने गोवर्धन योजना एवं मुख्यमंत्री जैव ईंधन योजना के माध्यम से स्थापित होने वाले बायो सीएनजी प्लांट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्लांट से आय में वृद्धि के साथ पराली का उपयोग होने से पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी।

    30 हजार लैंड लेवलर का निर्माण

    टिमरनी निवासी  गुरचरण लाल ने लैंड लेवलर कृषि उपकरण और मशीनरी निर्माण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 30 हजार लैंड लेवलर का निर्माण किया जा चुका है तथा 12 जिलों में इसकी बिक्री हो रही है। यह मशीन नरवाई को चूर करने, बखरी हुई जमीन के ढेलों को बारीक करने तथा जमीन की उर्वरता बनाए रखने में उपयोगी है। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मिले ऋण एवं अनुदान के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरदा जिले में लेण्ड लेवलर का उपयोग को बढ़ाया जाए, जिससे पराली जलाने की समस्याओं का स्थाई समाधान मिल सके।

    मूंगदाल इकाई के उत्पाद चीन, दुबई, अमेरिका सहित देश के बड़े शहरों तक पहुंच रहे

    ग्राम कनारदा निवासी उद्यमी  दीपक उपाध्याय ने लिंक अनुदान योजना से प्राप्त 70 लाख 77 हजार रुपये की सहायता से स्थापित मूंगदाल एवं मूंग पॉलिश इकाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके उत्पाद चीन, दुबई, अमेरिका सहित देश के बड़े शहरों तक पहुंच रहे हैं। वहीं टिमरनी निवासी  महेंद्र सिंह राजपूत ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना से मिले 10 लाख रुपये के अनुदान से स्थापित खाद्य प्रसंस्करण और मसाला उद्योग की जानकारी दी। उनके ‘निर्मल स्पाइसेज’ उत्पाद प्रदेश के 12 जिलों में पहुंच रहे हैं तथा ऑनलाइन बिक्री और डिजिटल मार्केटिंग भी की जा रही है।

    मिशन कोड शक्ति से 2500 विद्यार्थी हो रहे आधुनिक तकनीकी में दक्ष

    यशस्वी संवाद में शासकीय हाई स्कूल मांदला की कक्षा 10वीं की मेधावी छात्रा टीना नगरे ने मिशन कोड शक्ति नवाचार के माध्यम से वेबसाइट डिजाइनिंग, वेब बेसिक्स एवं प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखने के अनुभव साझा किए। कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन ने बताया कि जिले में मिशन कोड शक्ति नवाचार के माध्यम से 2500 विद्यार्थी आधुनिक तकनीकी में दक्ष हो रहे हैं।

    एक हजार जनजातीय महिलाओं से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय ब्रांड ‘बरगंडी बाग’

    सिरकंपा निवासी उद्यमी मती अर्चना नागर ने अपने अंतरराष्ट्रीय ब्रांड ‘बरगंडी बाग’ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अफ्रीकी मूल के रोसेले पौधे से स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं तथा करीब एक हजार जनजातीय महिलाओं को उत्पाद निर्माण से जोड़ा गया है। ब्रांड को एमएसएमई, एपीडा, फिक्की और यूएस एफडीए जैसे प्रमाण-पत्र प्राप्त हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्पाद का अवलोकन कर इसे पर्यटन विभाग से जोड़कर विस्तार देने के निर्देश दिए। उन्होंने टिमरनी के अंतरराष्ट्रीय रैपिड चेस प्रतियोगिता विजेता  यश पचौरी से भी संवाद किया।

    प्राकृतिक खेती, गो आधारित उत्पादों और पशुपालन से किसानों की बढ़ी आय

    सिराली निवासी किसान  आनंद यादव ने शासकीय योजना से मिली एक लाख रुपये की सहायता से स्थापित बायो रिसोर्स सेंटर तथा जीवामृत-बिजामृत के माध्यम से प्राकृतिक खेती और गौ आधारित उत्पादों से होने वाले लाभ की जानकारी दी। टिमरनी निवासी किसान  नवनीत जैन ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत स्थापित साइलेज निर्माण इकाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे हरे चारे को लंबे समय तक सुरक्षित एवं पौष्टिक रूप से भंडारित किया जा रहा है, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य एवं दूध उत्पादन में सुधार और पशुपालन की लागत कम करने में सहायता मिलेगी।

    कामधेनु योजना से डेयरी व्यवसाय

    खिरकिया तहसील निवासी  सूर्य प्रताप ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना का लाभ लेते हुए 42 लाख रुपये की वित्तीय सहायता से 9 उच्च नस्ल की मुर्रा भैंसें खरीदने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ मिलने के बाद डेयरी व्यवसाय को विस्तार मिला और वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 100 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है तथा उनकी सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी हितग्राहियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

    इस दौरान केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री  दुर्गादास उइके, पूर्व कृषि मंत्री  कमल पटेल, पूर्व विधायक  संजय शाह, नगर पालिका अध्यक्ष मती भारतीय राजू कमेड़िया,  राजेश वर्मा, तथा मुख्य सचिव  अशोक वर्णवाल, सचिव  सुदाम खाड़े, कमिश्नर नर्मदापुरम  कांत बनोठ, आईजी  चंद्रशेखर सोलंकी, कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन, पुलिस अधीक्षक  शशांक सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

     

  • झुंझुनूं में सरपंच उम्मीदवार अनिता सैनी का ऐलान, गांव के कुंवारे युवकों की शादी कराना प्राथमिकता

    झुंझुनूं में सरपंच उम्मीदवार अनिता सैनी का ऐलान, गांव के कुंवारे युवकों की शादी कराना प्राथमिकता

    जयपुर
    राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों की आहट के बीच ग्रामीण सियासत का पारा चढ़ने लगा है। इस बार चुनावी समर में जनता को रिझाने के लिए पारंपरिक मुद्दों से हटकर सोशल मीडिया पर बेहद अनोखे और चौंकाने वाले चुनावी वादे सुर्खियां बटोर रहे हैं। ऐसे अनूठे और लोक-लुभावन वादे जहाँ एक ओर वोटरों के बीच हंसी-मजाक और मीम्स का जरिया बन रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों के युवाओं की वास्तविक सामाजिक समस्याओं को भी एक नए अंदाज में चुनावी पटल पर लाकर खड़ा कर रहे हैं। झुंझुनूं जिले की झाझड़ ग्राम पंचायत से सरपंच पद की दावेदार का गांव के कुंवारे लड़कों की शादी कराने और दूसरे राज्यों से बहुएं लाने का अजीबोगरीब वादा इसी सिलसिले की एक कड़ी है।

    झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ क्षेत्र की झाझड़ ग्राम पंचायत से सरपंच पद की भावी उम्मीदवार अनिता का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने गांव के कुंवारे लड़कों की शादी करवाने का बेहद अनोखा चुनावी वादा किया है।

    अनोखा चुनावी वादा क्या है?
    "कुंवारों के लिए लुगाई की व्यवस्था": वायरल वीडियो में अनिता ने कहा कि गांव का विकास (सड़क, पानी, बिजली) करवाना तो हर सरपंच की सामान्य जिम्मेदारी होती है, लेकिन उनकी प्राथमिकता गांव के कुंवारे भाई हैं। उन्होंने खुले मंच से वादा किया, "सारा कुंवारा बाया के लिए लुगाई की व्यवस्था करांगा" (सभी कुंवारे भाइयों के लिए पत्नी/बहू की व्यवस्था करवाऊंगी)।

    अनिता ने दावा किया कि अगर उन्हें गांव के लड़कों के लिए योग्य दुल्हनें तलाशने के लिए दूसरे राज्यों में भी जाना पड़े, तो वह पीछे नहीं हटेंगी।

    क्या ऐसे अनोखे वादे से समर्थन मिलेगा?
    वैसे इस वादे का दूसरा पहलू देखें तो इस अनोखे वादे के पीछे झुंझुनूं और शेखावाटी क्षेत्र की एक गंभीर सामाजिक समस्या छिपी है, जिसके कारण यह चुनावी मुद्दा युवाओं को प्रभावित कर सकता है।

    राजस्थान के झुंझुनूं और हरियाणा से सटे सीमावर्ती इलाकों में लिंगानुपात कम होने और युवाओं के पास सरकारी नौकरी या पर्याप्त रोजगार न होने के कारण बड़ी संख्या में लड़के कुंवारे रह जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उम्रदराज हो रहे युवकों की शादी न होना एक बहुत बड़ा सामाजिक दर्द और मुद्दा है।

    सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया
    अनिता सैनी के इस बयान पर लोग खुलकर मजे ले रहे हैं और तरह-तरह के मीम्स शेयर कर रहे हैं। कई यूजर्स कमेंट कर रहे हैं कि "इस बार तो पूरा गांव अनिता जी को ही वोट देगा, क्योंकि उन्होंने सीधे दिल की बात कह दी है।" वहीं कुछ लोग इसे केवल चुनाव जीतने के लिए किया गया एक "पब्लिसिटी स्टंट" और गैर-जिम्मेदाराना वादा बता रहे हैं।

    क्या सस्ती लोकप्रियता के लिए अनूठे वादे?
    चुनावों में मतदाताओं का ध्यान खींचने के लिए अनूठे और अजीबोगरीब वादे करना अक्सर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का एक आसान जरिया माना जाता है। धरातल पर बुनियादी विकास जैसे सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर काम करने में लंबा समय और बड़ी बजटीय योजनाओं की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत, 'कुंवारों की शादी कराने' या 'दूसरे राज्यों से दुल्हनें लाने' जैसे लोक-लुभावन और विवादित बयान सोशल मीडिया के इस दौर में उम्मीदवारों को रातों-रात बिना किसी खर्च के पूरे प्रदेश में मशहूर कर देते हैं।

    इस तरह के वादे अक्सर गंभीर राजनीति को एक तमाशे में बदल देते हैं, जहाँ जनसेवा के वास्तविक एजेंडे पीछे छूट जाते हैं और केवल सुर्खियां बटोरने की होड़ मच जाती है। हालांकि, इन अनूठे वादों का दूसरा पहलू यह भी है कि ये ग्रामीण समाज की उन दबी हुई और कड़वी सच्चाइयों को उजागर करते हैं, जिन पर मुख्यधारा के राजनीतिक दल कभी खुलकर बात नहीं करते।

    शेखावाटी और पश्चिमी राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में लिंगानुपात की कमी और रोजगार के अभाव के कारण युवाओं की शादी न हो पाना एक वास्तविक और गंभीर सामाजिक संकट बन चुका है। ऐसे में उम्मीदवारों द्वारा इस मुद्दे को उठाना भले ही पब्लिसिटी स्टंट या सस्ती लोकप्रियता का हिस्सा लगे, लेकिन यह वोटरों, विशेषकर युवाओं के उस दर्द को सीधे छूता है जिससे वे रोज जूझ रहे हैं। यही वजह है कि जनता इन्हें पूरी तरह खारिज करने के बजाय इनके पीछे छिपी मजबूरी और चुनावी चालाकी दोनों को एक साथ देख रही है।

  • 100 एआई स्टार्टअप को बढ़ावा और पांच लाख युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

    100 एआई स्टार्टअप को बढ़ावा और पांच लाख युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने और शासन व नागरिक सेवाओं में एआई के सुरक्षित, प्रभावी एवं उत्तरदायी उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘उत्तर प्रदेश एआई मिशन (यूपी-एआईएम)’ की स्थापना, क्रियान्वयन एवं संचालन को मंजूरी दी गई।

    आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि मिशन मोड में संचालित होने वाले यूपी-एआईएम के माध्यम से राज्य में एआई आधारित नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास, स्टार्टअप एवं उद्यमिता, हाई-कैपेसिटी कंप्यूटिंग और एआई आधारित डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत एकीकृत यूपी एआई स्टैक विकसित किया जाएगा, जिसमें एआई रेडी डेटा इकोसिस्टम, एआई ऑपरेटिंग फ्रेमवर्क, विभागीय एआई एप्लीकेशन, सुरक्षित डेटा एक्सचेंज प्लेटफॉर्म और जीपीयू आधारित एआई कंप्यूट की सुविधा उपलब्ध होगी।

    पांच लाख युवाओं को प्रशिक्षण
    मिशन के तहत 100 से अधिक एआई यूज केसेस विकसित/क्रियान्वित किए जाएंगे, जबकि 25 से 30 उपयोग-प्रकरणों को बड़े स्तर पर विस्तार दिया जाएगा। कम से कम 100 एआई स्टार्टअप्स को वित्तीय एवं गैर-वित्तीय सहायता, पांच लाख एआई फ्लुएंट युवाओं का कौशल विकास और 50 हजार फॉरवर्ड डिप्लॉयड एआई प्रोफेशनल्स तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

    यूपी एआईएम को सात प्रमुख आयामों के माध्यम से लागू किया जाएगा। इनमें यूपी एआई स्टैक एवं डेटा एक्सचेंज, एआई टैलेंट एवं फ्यूचर स्किल्स, एआई रिसर्च एवं सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस, एआई स्टार्टअप्स एवं एमएसएमई, एआई कंप्यूट एवं डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, एआई ट्रस्ट एवं एश्योरेंस तथा डिस्ट्रिक्ट एआई एनेबलमेंट शामिल हैं।

    सभी 75 जिलों में बनेंगे डिस्ट्रिक्ट एआई केंद्र
    मिशन के तहत प्रदेश के सभी 75 जनपदों में डिस्ट्रिक्ट एआई केंद्र विकसित किए जाएंगे। ये केंद्र स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए एआई आधारित नवाचार, प्रशिक्षण, रोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देंगे। एआई सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस, रिसर्च प्रोजेक्ट, इनोवेशन चैलेंजेस और हैकथॉन्स के माध्यम से अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

    एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए एआई ट्रस्ट एंड एश्योरेंस फ्रेमवर्क भी विकसित होगा। इसमें हाई-इम्पैक्ट सरकारी एआई समाधानों के लिए सुरक्षा, गोपनीयता, जोखिम मूल्यांकन, प्री-डिप्लॉयमेंट असेसमेंट और मानव पर्यवेक्षण पर विशेष जोर रहेगा।

    स्वतंत्र सोसाइटी के रूप में होगा संचालन
    यूपी-एआईएम को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अंतर्गत स्वतंत्र सोसाइटी के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसके संचालन के लिए एपेक्स बॉडी, गवर्निंग बॉडी और एक्जीक्यूटिव कमेटी की व्यवस्था होगी। मिशन का नेतृत्व सीईओ करेंगे। यूपी एआई स्टैक के विकास और संचालन के लिए मास्टर सिस्टम इंटीग्रेटर (एमएसआई) का चयन किया जाएगा। एमएसआई द्वारा एआई स्टैक और एआई सॉल्यूशन का डिजाइन, विकास, इंटीग्रेशन, डिप्लॉयमेंट, संचालन एवं रखरखाव किया जाएगा, जिसकी समीक्षा एसएलए और निर्धारित माइलस्टोन के आधार पर की जाएगी।

    भविष्य में यूपी एआई स्टैक ऑपरेटिंग प्लेटफॉर्म सभी विभागों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। विभागों से जुड़े एआई स्टार्टअप्स और तकनीकी साझेदारों को ओपन वेट मॉडल्स (एसएलएम्स/एलएलएम्स), डेवलपमेंट सैंडबॉक्सिंग और टेस्ट सैंडबॉक्सिंग जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।

  • CG Teacher Recruitment: दिव्यांग आरक्षण में कटौती पर हाईकोर्ट सख्त, शिक्षक भर्ती परीक्षा पर रोक

    CG Teacher Recruitment: दिव्यांग आरक्षण में कटौती पर हाईकोर्ट सख्त, शिक्षक भर्ती परीक्षा पर रोक

    बिलासपुर.

    हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और शिक्षक पद के लिए होने वाली परीक्षा पर रोक लगा दी है. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस कृष्णराम महापात्र की डबल बेंच ने इस संबंध में राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने कहा है.

    बता दें, कि याचिकाकर्ताओं ने शिक्षक व सहायक शिक्षक पद के लिए राज्य शासन द्वारा जारी विज्ञापन में दी गई शर्तों और आरक्षण रोस्टर पर आपत्ति दर्ज कराते हुए हाईकोर्ट में अपने अधिवक्ता के जरिए याचिका लगाई थी. जिस पर चीफ जस्टिस महापात्र की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई. याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया, कि राज्य शासन द्वारा जारी विज्ञापन में दिव्यांगों के लिए जारी आरक्षण प्रक्रिया में चूक हुई है. सामान्य प्रशासन विभाग और समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी सर्कुलर का हवाला देते हुए बताया गया, कि इसमें पूर्णत: दृष्टिबाधितों के लिए आरक्षण की व्यवस्था नहीं की गई है. इसके चलते वे इस परीक्षा से और सहायक शिक्षक पद से वंचित हो गए हैं. यह संविधान प्रदत्त अधिकार का सीधे तौर पर उल्लंघन है.

    ज्ञात हो, कि जारी विज्ञापन में दिव्यांगों के लिए पद का आरक्षण किया गया था, अंधमूक बधिर के अलावा दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को भी आरक्षित पदों का लाभ देने की व्यवस्था की गई है, पूर्णत: दृष्टिबाधित को इस प्रक्रिया से बाहर कर दिया है.

  • उत्तर प्रदेश में धान खरीद की तैयारी तेज, 62 लाख टन का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 65 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य तय

    उत्तर प्रदेश में धान खरीद की तैयारी तेज, 62 लाख टन का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 65 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य तय

    इस बार देश में धान खरीद में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ेगी योगी सरकार
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में धान क्रय नीति को मंजूरी
     
    पिछले वर्ष देश में सर्वाधिक 62 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा था उत्तर प्रदेश ने, इस बार 65 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य
     
    आठ क्रय एजेंसियों के माध्यम से 4500 केंद्रों पर होगी खरीद, किसानों को मिलेगा बढ़ा समर्थन मूल्य
     
    सामान्य धान 2441 और ग्रेड-ए धान 2461 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा
     
    फार्मर आईडी वाले किसानों को पंजीकरण से छूट, यथासंभव 48 घंटे में होगा भुगतान
     
    लखनऊ

    धान की सरकारी खरीद में पिछले वर्ष देश में पहला स्थान हासिल करने वाली योगी सरकार इस बार देश में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान क्रय नीति को मंजूरी दी गई। पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में देश में सर्वाधिक 62 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। इस बार सरकार ने 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए आठ क्रय एजेंसियों के माध्यम से प्रदेश में 4500 क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे। किसानों को उनकी उपज का बढ़ा न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा। खरीद के बाद यथासंभव 48 घंटे के भीतर भुगतान सीधे बैंक खातों में कराया जाएगा।
     
    कैबिनेट बैठक के बाद खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश ने 62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया था। इस बार उससे तीन लाख मीट्रिक टन अधिक धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए क्रय केंद्रों की व्यवस्था के साथ भुगतान और धान की ढुलाई की निगरानी के भी प्रावधान किए हैं।
     
    पश्चिमी यूपी में 15 अक्टूबर, पूर्वी यूपी में एक नवंबर से खरीद
    धान खरीद के लिए प्रदेश में दो अलग-अलग अवधि निर्धारित की गई हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक खरीद होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक धान खरीदा जाएगा। जिलों में धान की पैदावार और आवक के आधार पर क्रय केंद्रों का स्थान तय किया जाएगा।
     
    धान के समर्थन मूल्य में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी
    भारत सरकार ने सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। पिछले वर्ष की तुलना में समर्थन मूल्य में लगभग तीन प्रतिशत की वृद्धि की गई है। सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों से इसी दर पर धान खरीदा जाएगा।
     
    आठ एजेंसियां करेंगी खरीद, डीएम तय करेंगे केंद्रों का स्थान
    खाद्य विभाग, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, मंडी परिषद एवं उससे संबद्ध एफपीओ-एफपीसी, एनसीसीएफ, नैफेड तथा भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से धान की खरीद होगी। कुल 4500 क्रय केंद्र प्रस्तावित हैं। संबंधित जिलाधिकारी जिले में धान की पैदावार, आवक और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए क्रय संस्थाओं के बीच केंद्रों का स्थल आवंटन करेंगे।
     
    फार्मर आईडी वाले किसानों को पंजीकरण से छूट

    धान की सरकारी खरीद के लिए इस बार फार्मर आईडी वाले किसानों को अलग से ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कराना होगा। भारत सरकार की एग्रीस्टैक योजना के तहत प्रदेश में बनाई गई किसान पहचान के आधार पर ही उनकी उपज खरीदी जाएगी। इससे किसानों को विभागीय पोर्टल पर दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
     
    48 घंटे में भुगतान, देरी पर तय होगी जिम्मेदारी
    किसानों से खरीदे गए धान का भुगतान सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। बैंक खातों के सत्यापन के बाद यथासंभव 48 घंटे के भीतर धनराशि किसानों के खातों में भेजने की व्यवस्था की गई है। भुगतान में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
     
    जीपीएस से धान की ढुलाई, क्यूआर कोड से निगरानी
    धान खरीद में पारदर्शिता के लिए प्रदेश के सभी जिलों में क्रय केंद्रों से संबंधित चावल मिलों तक धान भेजने के लिए जीपीएस युक्त वाहनों का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा पायलट परियोजना के तहत चिह्नित जिलों में चावल के बोरों पर क्यूआर कोड के माध्यम से खाद्यान्न की आवाजाही और बिलिंग की निगरानी की जाएगी।
     
    धान खरीद के लिए बोरों की भी व्यवस्था
    धान खरीद के दौरान बोरों की कमी न हो, इसके लिए भी तैयारी की गई है। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, 80 हजार बोरों की व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है। कुल 12.25 लाख बोरे उपलब्ध कराने की तैयारी है। सरकार ने खरीद के दौरान पैकिंग सामग्री की उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया है।

  • लखनऊ के नौसेना संग्रहालय को मिलेगी नई पहचान, 2027 तक विस्तार का लक्ष्य; छात्रों को सस्ते टिकट पर एंट्री

    लखनऊ के नौसेना संग्रहालय को मिलेगी नई पहचान, 2027 तक विस्तार का लक्ष्य; छात्रों को सस्ते टिकट पर एंट्री

    लखनऊ स्थित नौसेना शौर्य संग्रहालय का होगा विस्तार, 6.8 एकड़ में होगा वाटर बॉडी का विकास

    योगी कैबिनेट ने तीसरे चरण की परियोजना को दी मंजूरी, संग्रहालय के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा एलडीए

    नौसेना के जहाजों की प्रतिकृतियां, बोटिंग, लाइट एंड साउंड शो और डिजिटल गैलरी होंगे आकर्षण

    छात्रों को रियायती दर पर मिलेगा प्रवेश, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

    युवाओं को राष्ट्रीय विरासत से जोड़ता है पर्यटन- जयवीर सिंह

    प्रदेश में ऐसे पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है, जो लोगों में जिज्ञासा पैदा करेःं जयवीर सिंह

    लखनऊ, 

    लखनऊ में पर्यटन को नया आयाम देने के लिए विकसित किए जा रहे नौसेना शौर्य संग्रहालय का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में संग्रहालय के तीसरे चरण के तहत वाटर बॉडी विकसित करने के लिए करीब 6.8 एकड़ जमीन पर्यटन विभाग को उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। साथ ही संग्रहालय परिसर के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को सौंपने का भी निर्णय लिया गया।

    वाटर बॉडी विकसित करने के लिए एलडीए संबंधित 6.8 एकड़ भूमि पर्यटन विभाग को एक लाख रुपये की टोकन मनी पर उपलब्ध कराएगा। परियोजना के तहत नौसेना के जहाजों की प्रतिकृतियां, बोटिंग, लाइट एंड साउंड शो के साथ जलीय जीवन और समुद्री जैव विविधता से जुड़ी प्रदर्शनियां विकसित की जाएंगी। इससे नौसेना शौर्य संग्रहालय को एक ऐसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां लोग देश के समुद्री इतिहास और नौसेना की तकनीक को करीब से जानने के साथ मनोरंजन का भी आनंद ले सकेंगे।

    इतिहास, विज्ञान और तकनीक से रूबरू होंगे पर्यटक
    उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग भारतीय नौसेना के सहयोग से नौसेना शौर्य संग्रहालय विकसित कर रहा है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को देश की समुद्री विरासत और नौसेना की सामरिक ताकत से रूबरू कराने के साथ अनुभवात्मक व ज्ञान आधारित पर्यटन को बढ़ावा देना है। संग्रहालय में नौसेना के उपकरणों, समुद्री इतिहास और देश की रक्षा क्षमताओं की झलक देखने को मिलेगी। डिजिटल तकनीक, ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियों, इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों और सिमुलेशन के जरिये पर्यटक नौसेना की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकेंगे।

    'संग्रहालय विस्तार से बढ़ेंगे पर्यटन और रोजगार'
    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ऐसे पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है, जो लोगों में जिज्ञासा पैदा करने के साथ युवाओं को देश की राष्ट्रीय विरासत से जोड़ें। अनुभवात्मक और ज्ञान आधारित पर्यटन के जरिए विद्यार्थियों के लिए इतिहास, विज्ञान और तकनीक को अधिक रोचक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नौसेना शौर्य संग्रहालय के विस्तार से परिवारों को लखनऊ घूमने का एक नया विकल्प मिलेगा। साथ ही पर्यटन से जुड़े कारोबार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।'

    मई में हुआ था पहले चरण का उद्घाटन
    परियोजना के पहले चरण के तहत विकसित नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन 30 मई 2026 को केंद्रीय रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने किया था। वाटिका में भारतीय नौसेना की ओर से उपलब्ध कराए गए युद्धपोतों और पनडुब्बियों के हिस्से, नौसैनिक तोपें, लंगर और प्रोपेलर प्रदर्शित किए गए हैं। इनके माध्यम से पर्यटक समुद्र से दूर स्थित लखनऊ में भी भारतीय नौसेना की कार्यप्रणाली और उसकी सामरिक क्षमताओं को करीब से समझ सकते हैं।

    आधुनिक तकनीक से रूबरू कराएगा एक्सपीरियंस सेंटर
    परियोजना के तहत प्रस्तावित क्यूरेशन एंड एक्सपीरियंस सेंटर में भारत की समुद्री विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। यहां डिजिटल गैलरी, इमर्सिव ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियां, इंटरैक्टिव प्रदर्शनियां और सिमुलेशन विकसित किए जाएंगे। इनके जरिए प्राचीन समुद्री व्यापार से लेकर आधुनिक नौसैनिक अभियानों और स्वदेशी रक्षा तकनीक तक की यात्रा को दर्शाया जाएगा। केंद्र में भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा, आपदा राहत और बचाव अभियानों में भूमिका की जानकारी भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त यहां एक्वेरियम विकसित करने की भी योजना है। इससे विद्यार्थियों और शोध में रुचि रखने वाले युवाओं को समुद्री जीवन तथा उससे जुड़ी तकनीक को समझने का अवसर मिलेगा।

    वाटर बॉडी में बोटिंग और लाइट एंड साउंड शो
    परियोजना के तीसरे चरण में विकसित होने वाली वाटर बॉडी संग्रहालय परिसर का प्रमुख आकर्षण होगी। यहां नौसेना के जहाजों की प्रतिकृतियों के साथ बोटिंग की सुविधा विकसित की जाएगी। लाइट एंड साउंड शो तथा जलीय जीवन और समुद्री जैव विविधता से संबंधित प्रदर्शनियां भी प्रस्तावित हैं। इससे संग्रहालय को शैक्षणिक भ्रमण के साथ परिवारों के मनोरंजन के लिए भी उपयोगी बनाया जा सकेगा।

    69.10 करोड़ की परियोजना, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
    संग्रहालय भवन, नौसेना शौर्य वाटिका और क्यूरेशन से जुड़े कार्यों के लिए अब तक करीब 69.10 करोड़ रुपए की मंजूरी दी जा चुकी है। वर्ष 2025 में शुरू हुई इस तीन चरणों वाली परियोजना को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परिसर में प्रवेश के लिए टिकट की व्यवस्था भी होगी। विद्यार्थियों और स्कूली बच्चों के लिए रियायती दरों पर प्रवेश की व्यवस्था होगी। इससे स्कूलों के शैक्षणिक भ्रमण को प्रोत्साहन मिलने और विद्यार्थियों को इतिहास, विज्ञान, तकनीक तथा राष्ट्रीय सेवा से जुड़े विषयों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

    पूरे परिसर का संचालन करेगा एलडीए
    नौसेना शौर्य वाटिका के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एलडीए संभालेगा। क्यूरेशन एंड एक्सपीरियंस सेंटर और वाटर बॉडी का निर्माण पूरा होने के बाद उनका संचालन भी इसी व्यवस्था के तहत किया जाएगा। इससे पूरे परिसर में रखरखाव, सुरक्षा, टिकट और पर्यटक सुविधाओं का प्रबंधन एक ही एजेंसी के माध्यम से किया जा सकेगा।

  • CM मोहन यादव का ग्लोबल प्लान, मध्यप्रदेश में ₹19,477 करोड़ के फार्मा निवेश पर फोकस

    CM मोहन यादव का ग्लोबल प्लान, मध्यप्रदेश में ₹19,477 करोड़ के फार्मा निवेश पर फोकस

    भोपाल
     एमपी ने ग्लोबल निवेश की अगली बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। सीएम मोहन यादव ने मुंबई में सात देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें GIS-2027 में पार्टनर कंट्री बनने का न्योता दिया। इसी दौरान फार्मा उद्योग के दिग्गजों के साथ बैठक में पिछले 18 महीनों के 19,477 करोड़ के प्रस्तावित निवेश और 18,646 संभावित रोजगार का खाका सामने रखा गया।

    GIS-2027 में सात देशों की भागीदारी पर जोर
    जापान, मेक्सिको, रूस, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, मिस्र और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों से चर्चा में सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश की वैश्विक साझेदारी अब ठोस परियोजनाओं पर आधारित होगी। जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली GIS के जरिए प्रदेश निवेश और व्यापारिक रिश्तों को और विस्तार देना चाहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश प्रस्तावों की असली सफलता उनके जमीन पर उतरने से तय होगी।

    फार्मा में 19,477 करोड़ के प्रस्ताव मिले
    फार्मा, बायोटेक और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 18 महीनों में 54 निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें करीब 19,477 करोड़ का निवेश और 18,646 रोजगार की संभावना है। इनमें 34 इकाइयों के करीब 12,306 करोड़ के प्रस्तावों के लिए जमीन आवंटित होने और 14 इकाइयों में उत्पादन शुरू होने की जानकारी दी गई।

    मेडिकल डिवाइस पार्क में 17 इकाइयां शुरू
    उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी मेडिकल डिवाइस पार्क में 57 इकाइयों को आवंटन दिया गया है, जबकि 17 इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। यहां करीब 2,374.86 करोड़ के निवेश और 9,625 रोजगार की संभावना बताई गई। रतलाम में 1,666.3 हेक्टेयर में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां फार्मा, बायोटेक और केमिकल सेक्टर को प्राथमिकता मिलेगी।

    पीथमपुर से उज्जैन तक विदेशी निवेश
    मुख्यमंत्री ने ब्रिटेन की हेलियॉन के पीथमपुर में करीब 2,000 करोड़, जापान के टोप्पन समूह के करीब 950 करोड़ और दक्षिण कोरिया की ईसीडीएस के उज्जैन में करीब 780 करोड़ के प्रस्तावों का उल्लेख किया। प्रदेश में 300 से अधिक फार्मा कंपनियां और 30 से ज्यादा API एवं बल्क ड्रग निर्माता होने की जानकारी भी दी गई।

    R&D और एक्सपोर्ट पर भी फोकस
    उद्योग संवर्धन नीति-2025 के तहत फार्मा, बायोटेक और मेडिकल डिवाइस को फोकस सेक्टर बनाया गया है। पात्र निवेश पर 40 प्रतिशत तक प्रोत्साहन, R&D खर्च पर 50 प्रतिशत सहायता और टेस्टिंग व क्वालिटी सर्टिफिकेशन के लिए वित्तीय सहयोग का प्रावधान बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य केवल दवा बनाने तक सीमित नहीं है। मध्यप्रदेश में API, वैक्सीन, इंजेक्टेबल, बायोटेक, मेडिकल डिवाइस, रिसर्च, टेस्टिंग और निर्यात की पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की तैयारी है।

    8.5 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश का दावा
    मुख्यमंत्री ने बताया कि 2025 की GIS के बाद मध्यप्रदेश में ₹8.5 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि GIS-2027 में भी सरकार का जोर घोषणाओं से ज्यादा उनके क्रियान्वयन पर रहेगा। उन्होंने विदेशी प्रतिनिधियों को 2028 के उज्जैन सिंहस्थ में आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है और उसका स्वभाव दुनिया को जोड़ना है।