Author: NewseDay

  • सस्ता MacBook आने वाला है! कम कीमत में मिलेगा Apple का दमदार लैपटॉप

    सस्ता MacBook आने वाला है! कम कीमत में मिलेगा Apple का दमदार लैपटॉप

    नई दिल्ली

    Apple MacBook की कीमत देख बहुत से लोग इसे खरीद ही नहीं पाते और फिर मन में आता है कि काश मैकबुक की कीमत होती… अब लोगों की इस ख्वाहिश को कंपनी पूरा कर सकती है. एक बार फिर से एपल कंपनी का सस्ता मैकबुक चर्चा में है. पिछले लंबे समय से चर्चा है कि Apple उन यूजर्स के लिए सस्ते लैपटॉप को तैयार कर सकता है जो बिना ज्यादा कीमत चुकाए macOS को एक्सपीरियंस करना चाहते हैं. आने वाला MacBook हल्का, भरोसेमंद नोटबुक होने की उम्मीद है जो रोजाना के काम, ब्राउज़िंग, स्ट्रीमिंग और पढ़ाई की जरूरतों को बिना किसी दिक्कत के पूरा करेगा.

    कई रिपोर्ट्स फिर से सामने आई हैं जिनमें कहा गया है कि यह लंबे समय से चर्चा में रहा डिवाइस अब लॉन्च से ज्यादा दूर नहीं है और इसकी कीमत अभी के MacBook Air से कम हो सकती है.

    रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Apple एक MacBook बना रही है जिसे खास तौर पर लैपटॉप रेंज की शुरुआती कीमत कम करने के लिए डिजाइन किया जा रहा है. पहले इस लैपटॉप के इस साल जनवरी में अनाउंस होने की उम्मीद थी लेकिन अब इसे मार्च या अप्रैल के आसपास लॉन्च किया जा सकता है.

    भारत में इतनी हो सकती है कीमत

    कीमत की बात करें तो इस डिवाइस को US में लगभग $599 (लगभग 54298 रुपए) होने की उम्मीद है, लेकिन इससे पहले कि आप बहुत ज्यादा इस मैकबुक से उम्मीद कर रहे हो तो यहां ये भी ध्यान रखना जरूरी है कि टैक्स, इंपोर्ट ड्यूटी वगैरह जैसे कई फैक्टर्स की वजह से भारत में कीमत अक्सर US की तुलना में ज्यादा होती है. डिजिट की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में, डिवाइस की कीमत लगभग 60,000 रुपए या 65,000 रुपए हो सकती है. इस कीमत के साथ भी, यह भारत में सबसे सस्ता MacBook होगा, जिससे ज्यादा यूजर्स को Apple इकोसिस्टम का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा.

  • बॉलीवुड से हॉलीवुड तक का सफर, फरहान अख्तर पहली विदेशी फिल्म में संगीत के जादूगर के रोल में

    बॉलीवुड से हॉलीवुड तक का सफर, फरहान अख्तर पहली विदेशी फिल्म में संगीत के जादूगर के रोल में

    मुंबई

    बॉलीवुड के सबसे टैलेंटिड आर्टिस्ट के तौर पर जानें जाने वाले फरहान अख्तर इंडस्ट्री के सबसे बड़े नामों में से एक के तौर पर मशहूर हैं. फरहान एक एक्टर, डायरेक्टर, म्यूजिशियन, राइटर और फिल्म प्रोड्यूसर हैं, जो उन्हें इंडस्ट्री के बाकी सितारों में काफी अलग बनाता है.

    फरहान एक एक्टर, डायरेक्टर, म्यूजिशियन, राइटर और फिल्म प्रोड्यूसर हैं, जो उन्हें इंडस्ट्री के बाकी सितारों में काफी अलग बनाता है. फरहान बीते कुछ दिनों से अपनी फिल्म डॉन 3 को लेकर चर्चा में है. उनकी प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल और एक्टर रणवीर सिंह के बीच चल रही तकरार के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है.

    फरहान बीते कुछ दिनों से अपनी फिल्म डॉन 3 को लेकर चर्चा में है. उनकी प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल और एक्टर रणवीर सिंह के बीच चल रही तकरार के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. मीडियो रिपोर्ट्स की मानें तो एक्टर बॉलीवुड में शानदार पारी खेलने के बाद अब अपना हॉलीवुड डेब्यू करने के लिए तैयार हैं.

    मीडियो रिपोर्ट्स की मानें तो एक्टर बॉलीवुड में शानदार पारी खेलने के बाद अब अपना हॉलीवुड डेब्यू करने के लिए तैयार हैं. फरहान ने ऑस्कर विनिंग डायरेक्टर सैम मेंडेस के साथ हाथ मिलाया है. एक्टर सैम की अगली फिल्म 'द बीटल्स: ए फोर फिल्म सिनेमैटिक इवेंट' में म्यूजिक माइस्त्रो पंडित रवि शंकर के किरदार में नजर आ सकते हैं. एक्टर सैम की अगली फिल्म 'द बीटल्स: ए फोर फिल्म सिनेमैटिक इवेंट' में म्यूजिक माइस्त्रो पंडित रवि शंकर के किरदार में नजर आ सकते हैं. ये फिल्म अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े और फेमस बैड्स में से एक द बीटल्स की जर्नी को अलग-अलग पर्सपेक्टिव से दिखाएगी. फिल्म में द बीटल्स के इंडियन क्लासिकल म्यूजिक को लेकर प्यार को दिखाया जाएगा.

    ये फिल्म अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े और फेमस बैड्स में से एक द बीटल्स की जर्नी को अलग-अलग पर्सपेक्टिव से दिखाएगी. फिल्म में द बीटल्स के इंडियन क्लासिकल म्यूजिक को लेकर प्यार को दिखाया जाएगा. सितार वादक रवि शंकर से द बीटल्स म्यूजिक बैंड के जॉर्ज हैरिसन काफी प्रभावित थे. 1960 के दशक में द बीटल्स म्यूजिक बैंड ने इंडियन क्लासिकल म्यूजिक को अपने गानों में शामिल किया था. सितार वादक रवि शंकर से द बीटल्स म्यूजिक बैंड के जॉर्ज हैरिसन काफी प्रभावित थे. 1960 के दशक में द बीटल्स म्यूजिक बैंड ने इंडियन क्लासिकल म्यूजिक को अपने गानों में शामिल किया था. इसकी झलक बीटल्स के कई गानों में देखने को मिलती है. ये वो दौर था, जब इंडियन म्यूजिक और हॉलीवुड सॉन्ग्स के इस फ्यूजन को दुनियाभर में खूब पसंद किया गया था. इसकी झलक बीटल्स के कई गानों में देखने को मिलती है. ये वो दौर था, जब इंडियन म्यूजिक और हॉलीवुड सॉन्ग्स के इस फ्यूजन को दुनियाभर में खूब पसंद किया गया था.

  • बिहार में लैंड बैंक निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता, सरकारी जमीन की रिकवरी हुई तेज

    बिहार में लैंड बैंक निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता, सरकारी जमीन की रिकवरी हुई तेज

    पटना.

    बिहार सरकार ने सरकारी जमीन की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर बड़ा प्रशासनिक अभियान शुरू किया है। कैडेस्ट्रल सर्वे में दर्ज ऐसी भूमि, जिन पर विधिसम्मत बंदोबस्ती नहीं हुई है और जो निजी कब्जे में है, उन्हें मुक्त कराने का निर्देश सभी जिला अधिकारियों को दिया गया है। हाल ही में उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी के बाद कार्रवाई और तेज कर दी गई है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अवैध कब्जे के मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सख्ती
    एसएलपी (सी) संख्या 4337/2025, विनोद गांधी बनाम डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, मदुरई मामले में 22 जनवरी 2026 को उच्चतम न्यायालय ने अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ी टिप्पणी की थी। न्यायालय ने कहा कि राज्य के हित किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने चाहिए। इसी के आलोक में मुख्य सचिव के निर्देश पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जिलाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया है।

    वाद दायर कर होगी जमीन की रिकवरी
    प्रधान सचिव सीके अनिल ने निर्देश दिया है कि ऐसी सभी जमीनों की पहचान कर विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत वाद दायर किए जाएं। प्राथमिकता के आधार पर अवैध कब्जा हटाकर सरकारी भूमि को मुक्त कराया जाएगा। जिला प्रशासन को नियमित निगरानी और प्रगति रिपोर्ट सुनिश्चित करने को कहा गया है।

    उपमुख्यमंत्री का सख्त संदेश
    उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकारी भूमि राज्य की अमूल्य संपत्ति है। इस पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न तो स्वीकार्य है और न ही सहनीय। अधिकारियों की चूक से राज्यहित प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन हर स्तर पर जवाबदेही तय करेगा।

    लैंड बैंक निर्माण क्यों अहम
    सरकार की प्राथमिकता अंचलवार सरकारी भूमि को सुरक्षित कर लैंड बैंक का निर्माण करना है। इससे औद्योगीकरण, आधारभूत संरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन में भी यह पहल सहायक मानी जा रही है।

    विकास की आधारशिला मजबूत करने की पहल
    पिछले दो महीनों में भूमि सुरक्षा को लेकर कई परिपत्र जारी किए जा चुके हैं। अब जिला स्तर पर सख्त क्रियान्वयन शुरू हो गया है। स्पष्ट संकेत है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन सक्रिय और कठोर रुख अपनाएगा, ताकि विकास परियोजनाओं की राह में कोई बाधा न रहे।

  • महाशिवरात्रि 2026: भद्रा में शिव पूजन संभव या वर्जित? जानिए पूरी धार्मिक व्याख्या

    महाशिवरात्रि 2026: भद्रा में शिव पूजन संभव या वर्जित? जानिए पूरी धार्मिक व्याख्या

    इस बार महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। महाशिवरात्रि पर भक्त शिवजी का अभिषेक और रुद्राभिषेक करते हैं। फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मनायी जाएगी। इस बार महाशिवरात्रि पर भद्रा लग रही है। ऐसे में भद्रा में शिवजी की पूजा होती है या नहीं भक्त इसको लेकर लोग कंफ्यूज रहते हैं।यहां हम आपको बताएंगे कि भद्रा में शिवजी की पूजा का क्या नियम है और इस दिन भद्रा किस समय लग रही है। चतुर्वेदी ने कहा कि सूर्य, बुध, शुक्र, राहु चार ग्रहों की युति में महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा।

    इस दिन भद्रा कब रहेगी?

    इस बार महाशिवरात्रि पर भद्रा लग रही है। ऐसे में भद्रा में शिवजी की पूजा होती है या नहीं भक्त इसको लेकर लोग कंफ्यूज रहते हैं।यहां हम आपको बताएंगे कि भद्रा में शिवजी की पूजा का क्या नियम है और इस दिन भद्रा किस समय लग रही है। इस साल 15 फरवरी को सायं 05:04 बजे से प्रारंभ होकर 16 फरवरी सोमवार शाम 05 बजकर 34 मिनट तक चतुर्दशी रहेगी। इस साल 15 फरवरी को संपूर्ण रात्रि निशीथ व्यापिनी चतुर्दशी तिथि रहने के कारण 15 फरवरी को ही महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। आपको बता दें कि भद्रा में शिवपूजन पर कोई रोक नहीं है। शिवपूजा करने के लिए पाताल लोक भद्रा बाधक नहीं होता है। इस साल शिवरात्रि पर भद्रा 15 फरवरी को सायं 05.04 बजे से अगले दिन प्रातः 5.23 तक भद्रा योग रहेगा। ज्योतिषियों के अनुसार इस बार भद्रा पाताल लोक में होने के कारण उसका पृथ्वी पर असर नहीं पड़ेगा।

    चतुर्दशी तिथि की रात्रि क्यों है खास

    इसलिए सभी लोग आराम से महाशिवरात्रि पर्व पर शंकर जी का रुद्राभिषेक, पूजन अर्चन एवं रात्रि जागरण कर सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि शिव पूजा से आपको सुख समृद्धि ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। नाकोटिरुद्र संहिता एवं ईशान संहिता के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी के उपरांत चतुर्दशी तिथि को रात्रि में महादेव शिवलिंग के रूप में अवतरित हुए थे, जिसमें करोड़ों सूर्य के समान तेज बताया गया है।

    भोलेनाथ का इन चीजों से करें अभिषेक

    भोलेनाथ के पूजन में दूध,दही, घी, शहद, शर्करा से पंचामृत अभिषेक करें और संभव हो सके तो गंगाजल से स्नान कराएं, फिर चंदन, रोली,अक्षत, बेलपत्र, धतूरा नाना प्रकार के सुगंधित पुष्प अर्पित करें। धूप-दीप कर फल व मिष्ठान का भोग लगाएं अंत में कपूर से आरती करें व पुष्पांजलि करें। ऐसा कहा जाता है कि शिवरात्रि पर्व पर व्रत रखने से मन शुद्ध होता है।

  • दिल्ली के आदेश पर MP कांग्रेस ने किया बड़ा एक्शन, कई पदाधिकारी हटाए और जिलों की कार्यकारिणी भंग

    दिल्ली के आदेश पर MP कांग्रेस ने किया बड़ा एक्शन, कई पदाधिकारी हटाए और जिलों की कार्यकारिणी भंग

    भोपाल
    मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठनात्मक सख्ती दिखाते हुए चार जिलों की जिला कार्यकारिणी भंग कर दी है। यह फैसला अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश के बाद लिया गया है। अब नई गाइडलाइन के अनुसार दोबारा कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।

    AICC ने सभी राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छोटे जिलों में अधिकतम 31 और बड़े जिलों में 51 से ज्यादा सदस्य कार्यकारिणी में शामिल नहीं किए जाएं। इसी निर्देश के पालन में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने छिंदवाड़ा, सागर, मऊगंज और झाबुआ जिलों में घोषित पदाधिकारियों से जिम्मेदारियां वापस ले ली हैं।

    कितने सदस्य कार्यकारिणी में शामिल किए जाएंगे?

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) और जिला अध्यक्षों को भेजे गए पत्र में जिला कार्यकारिणी का नया स्वरूप तय किया गया है. निर्देश के अनुसार, बड़े जिलों में अधिकतम 51 और छोटे जिलों में 31 सदस्य ही कार्यकारिणी में शामिल किए जा सकेंगे. इससे अधिक सदस्यों को शामिल करने की अनुमति नहीं होगी. इसी मानक के आधार पर अब सभी जिलों में पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. दरअसल, जिला अध्यक्षों ने करीब तीन महीने की मशक्कत के बाद कार्यकारिणी की सूची तैयार कर पीसीसी को भेजी थी.

    पीसीसी स्तर पर परीक्षण के बाद चार जिलों की कार्यकारिणी घोषित भी कर दी गई थी, जबकि शेष जिलों की घोषणा 15 फरवरी तक करने की तैयारी थी. इसी बीच केंद्रीय नेतृत्व का नया फरमान आ गया, जिससे पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ी.

    नाम काटना संगठन के सामने बनेगा चुनौती

    नई सीमा लागू होने के बाद जिला अध्यक्षों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पहले से घोषित या प्रस्तावित नामों में कटौती की है. जिन नेताओं के नाम कार्यकारिणी से हटाए जाएंगे, उनकी नाराजगी स्वाभाविक मानी जा रही है. वहीं, पीसीसी को भी सभी जिलों की संशोधित सूचियों का दोबारा परीक्षण करना होगा, जिसके बाद ही अंतिम घोषणा संभव होगी.

    कमलनाथ के जिले में बनी जंबो कार्यकारिणी

    प्रदेश संगठन महामंत्री डॉ. संजय कामले ने पुष्टि करते हुए कहा कि सभी जिलों की कार्यकारिणी नए सिरे से बनाई जाएगी. प्रयास है कि फरवरी माह के भीतर सभी जिलों की कार्यकारिणी घोषित कर दी जाए. वहीं छिंदवाड़ा जिले की कार्यकारिणी सबसे बड़ी थी, जिसमें कुल 261 सदस्य शामिल थे. इसमें 73 महामंत्री, 68 सचिव, 62 आमंत्रित सदस्य और अन्य पदाधिकारी थे. सूत्रों के अनुसार, इसी तरह की भारी-भरकम कार्यकारिणियों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने आकार सीमित करने का निर्णय लिया है, ताकि संगठन अधिक चुस्त-दुरुस्त और सक्रिय बने तथा पदाधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके.

    गौरतलब है कि AICC के निर्देश जारी होने से मात्र दो दिन पहले ही इन चारों जिलों में नई कार्यकारिणी घोषित की गई थी। उस दौरान बड़े पैमाने पर पद बांटे गए थे। खासकर छिंदवाड़ा जिले में कांग्रेस ने 250 से अधिक पदाधिकारियों की घोषणा कर दी थी, जिसे लेकर संगठन के भीतर भी चर्चा तेज हो गई थी। अब पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि संगठन में संतुलन और अनुशासन बनाए रखने के लिए तय मानकों के अनुसार ही नई कार्यकारिणी गठित की जाएगी। 

  • क्रिकेट होस्ट कृतिका कमरा ने तय किया शादी का दिन, मुंबई में होने वाला है भव्य उत्सव

    क्रिकेट होस्ट कृतिका कमरा ने तय किया शादी का दिन, मुंबई में होने वाला है भव्य उत्सव

    मुंबई 

    पॉपुलर टेलीविजन एक्ट्रेस कृतिका कमरा इस साल मार्च में जिंदगी की नई शुरुआत करने जा रही हैं. कृतिका अपने बॉयफ्रेंड गौरव कपूर से शादी करने वाली हैं. कपल ने डेस्टिनेशन वेडिंग छोड़कर मॉडर्न मिनिमलिस्ट सेलिब्रेशन चुना है. दोनों पूरी तरह से शादी की तैयारियों में जुट गए हैं. शादी के हर एलिमेंट पर बारीकी से ध्यान दिया जा रहा है. कृतिका और गौरव अपनी शादी में किसी भी चीज को ओवर नहीं करना चाहते. 

    एक-दूजे के होंगे कृतिका-गौरव
    कृतिका और गौरव दोनों ही अपनी ग्राउंडेड पर्सनालिटी के लिए जाने जाते हैं. दोनों की इच्छा है कि उनकी शादी में उनकी पर्सनालिटी की झलक दिखे. उन्होंने क्लीन, एलिगेंट और कंटेम्परेरी लुक ट्रेंड की वजह से नहीं, बल्कि अपने व्यक्तित्व की वजह से चुना है. 

    पिंकविला की रिपोर्ट के मुताबिक कृतिका और गौरव के लिए शादी का मतलब किसी तरह का दिखावा नहीं है. इसलिए उन्होंने डेस्टिनेशन वेडिंग छोड़कर मुंबई में मॉडर्न, मिनिमल और इंटिमेट सेलिब्रेशन चूज किया है. वो कुछ ऐसा चाहते हैं जो उनकी पर्सनालिटी और शेयर्ड वैल्यूज से मैच करे. शादी की हर डिटेल को केयरफुली हैंडल किया जा रहा है. वो खुद भी हर चीज पर फोकस कर रहे हैं. ताकि वो लाइफ के नए चैप्टर को रियल में महसूस कर सकें. डेकोर से लेकर स्टाइलिंग तक, सबकुछ दोनों की पर्सनालिटी के हिसाब से किया जाएगा. 

    कौन है कृतिका का होने वाला दूल्हा? जिनके साथ एक्ट्रेस की शादी की 

    ये एक निजी समारोह होगा, जिसमें सिर्फ कपल का परिवार और करीबी शामिल होंगे. हालांकि, अब तक कपल ने शादी की खबरों पर रिएक्ट नहीं किया है. 

    पिछले साल ऑफिशियल किया था रिश्ता 
    कृतिका कमरा और गौरव कपूर ने पिछले साल इंस्टाग्राम पर अपना रिश्ता ऑफिशियल करके फैन्स को सरप्राइज किया था. कृतिका और गौरव की शादी को लेकर इनके फैन्स एक्साइटेड हैं. 

    दोनों के प्रोफेशन की बात करें, तो कृतिका एक जानी-मानी एक्ट्रेस हैं. गौरव कपूर IPL के एक्स्ट्रा इनिंग्स टी20 की होस्टिंग के लिए मशहूर हैं. वो यूट्यूब पर 'ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस' शो भी होस्ट करते हैं. गौरव से पहले कृतिका, करण कुंद्रा के साथ रिश्ते में थीं. कई सालों की डेटिंग के बाद दोनों ने अपनी राहें अलग कर लीं. 

  • टोल टैक्स और आबकारी नीति 2026-27 को हरी झंडी, हिमाचल कैबिनेट ने स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार में लिए बड़े निर्णय

    टोल टैक्स और आबकारी नीति 2026-27 को हरी झंडी, हिमाचल कैबिनेट ने स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार में लिए बड़े निर्णय

    शिमला
     मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में टोल टैक्स बैरियर नीति 2026-27 और आबकारी नीति 2026-27 को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने महिला होम गार्ड स्वयंसेवकों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का भी निर्णय लिया। बैठक में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र के दौरान दिए जाने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी दी गई। 

    इसके साथ ही ‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत विधवाओं की बेटियों को राज्य के भीतर और बाहर स्थित सरकारी संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी। छात्रावास सुविधा उपलब्ध न होने पर उन्हें 3,000 रुपये प्रतिमाह किराया सहायता भी दी जाएगी। मंत्रिमंडल ने ‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ को लागू करने की मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य छह वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार करना है। इसके तहत उन्नत पूरक पोषण उपलब्ध करवाया जाएगा।

    दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह अनुदान में भी बढ़ोतरी की गई है। 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए अनुदान राशि 50,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है, जबकि 40 से 70 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को 25,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
    शिक्षा क्षेत्र में, प्रस्तावित सीबीएसई स्कूलों के लिए कुल 600 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है, जिनमें संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, संगीत और ड्राइंग शिक्षक के 150-150 पद शामिल हैं। ये पद राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरे जाएंगे। साथ ही, राज्य के 31 बालक एवं बालिका विद्यालयों को सह-शिक्षा विद्यालयों में विलय करने का निर्णय लिया गया।

    स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए चिकित्सा महाविद्यालयों, सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के आधुनिकीकरण हेतु 1,617.40 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त, शिमला, सुंदरनगर, नूरपुर, ऊना, भोरंज और बिलासपुर के अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की खरीद को स्वीकृति दी गई। नाहन स्थित डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में इम्यूनोहेमेटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग की स्थापना का भी निर्णय लिया गया।

    राज्य के सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में बायोमेडिकल उपकरण प्रबंधन एवं अनुरक्षण कार्यक्रम लागू करने, स्वास्थ्य विभाग में नर्स, फार्मेसी अधिकारी, रेडियोग्राफर और फूड सेफ्टी ऑफिसर सहित कई पदों को भरने की भी मंजूरी दी गई।

    इसके अलावा, 777 अतिरिक्त विद्यालयों में डिजिटल क्लासरूम परियोजना लागू करने, लोक निर्माण विभाग के लिए रोड ड्रेनेज नीति और सड़कों की मरम्मत के लिए मानक संचालन प्रक्रिया को स्वीकृति दी गई। चंबा जिले में डिस्टिल ग्लोबल स्किल्स एवं डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना, विभिन्न जिलों में खेल छात्रावास खोलने और सिरमौर जिले में लोक निर्माण विभाग मंडलों के पुनर्गठन जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले भी कैबिनेट बैठक में लिए गए।

  • 300 साल बाद बन रहा शुभ योग, महाशिवरात्रि पर तीन राशियों को मिलेगा अमीरी का लाभ

    300 साल बाद बन रहा शुभ योग, महाशिवरात्रि पर तीन राशियों को मिलेगा अमीरी का लाभ

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 15 फरवरी 2026 को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि को एक बड़ी खगोलिय घटना होने वाली है. इस पावन दिन पर ग्रहों की एक ऐसी दुर्लभ स्थिति बन रही है जो पिछले 300 सालों में नहीं देखी गई. इस दिन एक साथ 4 बड़े राजयोग और 12 शुभ योगों का अद्भुत मिलन हो रहा है. कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु की मौजूदगी से 'चतुर्ग्रही योग' बनेगा, जो ब्रह्मांड की सकारात्मक ऊर्जा को कई गुना बढ़ा देगा. इसका सबसे शुभ प्रभाव मेष, सिंह और मकर राशि के जातकों पर पड़ेगा.

    एक साथ सक्रिय होंगे 12 शुभ और 4 राजयोग
    इस महाशिवरात्रि की सबसे बड़ी खासियत यहां बनने वाले योगों की लंबी लिस्ट है. इस दिन प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, साध्य, शिव, शुक्ल, शोभन, सर्वार्थसिद्धि, चंद्रमंगल, त्रिग्रही, राज और ध्रुव जैसे 12 शुभ योग एक साथ सक्रिय रहेंगे. इन योगों के साथ-साथ सूर्य, बुध और शुक्र की युति से बुधादित्य, लक्ष्मी नारायण और शुक्रादित्य जैसे 4 बड़े राजयोग भी बन रहे हैं. ये सभी योग आपस में जुड़कर एक ऐसी शक्ति पैदा करेंगे जो सीधे तौर पर व्यक्ति की बुद्धि, सुख-सुविधाओं और समाज में उसकी प्रतिष्ठा को बढ़ाने का काम करेगी.

    मेष राशि: करियर में सुनहरी तरक्की
    ग्रहों के इस महासंयोग का सबसे पहला और बड़ा असर मेष राशि के जातकों के जीवन में दिखाई देगा. इन जातकों के लिए करियर के मोर्चे पर एक नया और शानदार समय शुरू होने वाला है, जहां नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या किसी बड़ी जिम्मेदारी का तोहफा मिल सकता है. जो लोग अपना खुद का काम या बिजनेस कर रहे हैं, उन्हें इस दौरान धन लाभ के ऐसे अवसर मिलेंगे जो उनकी आर्थिक स्थिति को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और स्थिर बना देंगे. 

    सिंह राशि: मान-सम्मान और पद की प्राप्ति
    इसी क्रम में सिंह राशि के जातकों के लिए भी यह महाशिवरात्रि खुशियों की सौगात लेकर आएगी.  चूंकि इस राशि का स्वामी सूर्य स्वयं राजयोग का हिस्सा है, इसलिए समाज और कार्यक्षेत्र में आपका रुतबा पहले से काफी बढ़ जाएगा.  आपके जो काम सरकारी दफ्तरों या कानूनी कागजों की वजह से लंबे समय से अटके हुए थे, वे अब महादेव की कृपा से बिना किसी रुकावट के पूरे होने लगेंगे, जिससे आपके आत्मविश्वास में भी जबरदस्त बढ़ोतरी होगी. 

    मकर राशि: संपत्ति और पारिवारिक सुख
    अंत में, इस शिव कृपा का सीधा लाभ मकर राशि के जातकों को मिलेगा, जिनके लिए यह समय नई संपत्ति या निवेश के लिहाज से सबसे उत्तम रहेगा. यदि आप नया घर खरीदने या जमीन-जायदाद में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो इन शुभ योगों के प्रभाव से आपको बड़ा मुनाफा होने के प्रबल संकेत हैं.  इसके साथ ही, परिवार में लंबे समय से चला आ रहा कोई तनाव दूर होगा. घर के सभी सदस्यों के बीच प्रेम और तालमेल बढ़ेगा, जिससे मानसिक शांति प्राप्त होगी.

  • ऑस्ट्रेलिया को जिम्बाब्वे का झटका, वर्ल्ड कप में दूसरी बार आया अप्रत्याशित उलटफेर

    ऑस्ट्रेलिया को जिम्बाब्वे का झटका, वर्ल्ड कप में दूसरी बार आया अप्रत्याशित उलटफेर

     कोलंबो 
    Australia vs Zimbabwe ICC Men's T20 World Cup 2026: आईसीसी मेन्स  टी20 वर्ल्ड कप 2026 में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब जिम्बाब्वे ने क्रिकेट की दिग्गज टीम ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से करारी शिकस्त दे दी.

    इस टूर्नामेंट के इतिहास में यह लगातार दूसरी बार है जब जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराया. इससे पहले साल 2007 में ऐसा हुआ था. कुल म‍िलाकर ज‍िम्बाब्वे की टीम दोनों ही बार ऑस्ट्रेल‍िया के ख‍िलाफ टी20 वर्ल्ड कप में जीती है. 

    आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-बी का 19वें मुकाबला कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में हुआ. लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्स्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत काफी खराब रही.जोश इंग्लिस, कैमरन ग्रीन , टिम डेविड और ट्रेविस हेड के रूप में ऑस्ट्रेलिया ने अपने चार बड़े विकेट 29 रन के अंदर ही गंवा दिए.

    हालांकि इसके बाद ग्लेन मैक्सवेल और मैट रेनशॉ ने मिलकर पारी को संभालने की कोश‍िश की. दोनों के बीच 59 गेंदों में 77 रन की पार्टनरश‍िप हुई. जब तक ये जोड़ी क्रीज पर टिकी हुई थी, लगा ऑस्ट्रेलिया की टीम जीत जाएगी. मगर रयान बर्ल ने मैक्सवेल की पारी को 31 रन पर रोककर इस पार्टनरशिप को तोड़ दिया. इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया की पारी भी ब‍िखर गई. मार्कस स्टोइन‍िस और बेन ड्वारशुइस दोनों छह रन बना पाए. रेनशॉ भी 44 गेंदों में 65 रन बनाकर आउट हो गए. उनके रूप में ऑस्ट्रेलिया को 139 रन पर 8वां झटका लगा. एडम जाम्पा दो रन के स्कोर पर बोल्ड हो गए. 

    जहा जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 2 विकेट पर 169 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया. ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, लेकिन ब्रायन बेनेट ने 56 गेंदों पर नाबाद 64 रनों की संयमित पारी खेलकर पारी को थामे रखा. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मार्कस स्टोइनिस और कैमरन ग्रीन ने एक-एक विकेट लिया.

    जवाब में खेलने उतरी ऑस्ट्रेल‍िया की टीम टारगेट से 23 रन पीछे रह गई.  

     

    टी20 इंटरनेशन में ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे चौथी बार आमने-सामने हुए. अब तक ऑस्ट्रेलिया ने 2 और जिम्बाब्वे ने 2 बार एक-दूसरे को पराजित किया. लेकिन जिम्बाब्वे ने दोनों ही बार कंगारुओं को टी20 वर्ल्ड कप में मात दी.  

    – ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है. 13 फरवरी 2026 को कोलंबो (आरपीएस) में खेले गए मुकाबले में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराकर बड़ा उलटफेर किया.

    – इससे पहले 2018 में हरारे में खेले गए दो मैचों में ऑस्ट्रेलिया ने दबदबा दिखाया था- 6 जुलाई को 5 विकेट से और 3 जुलाई को 100 रनों की विशाल जीत दर्ज की थी.

    – वहीं, टी20 वर्ल्ड कप 2007 में केप टाउन में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराकर इतिहास रचा था. कुल मिलाकर, आंकड़े बताते हैं कि भले ही ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी रहा हो, लेकिन जिम्बाब्वे ने भी बड़े मंच पर चौंकाने की काबिलियत साबित की है.

  • कोलंबो में सजेगा क्रिकेट का महासंग्राम, भारत-पाक मैच देखने जाएंगे बीसीबी प्रमुख

    कोलंबो में सजेगा क्रिकेट का महासंग्राम, भारत-पाक मैच देखने जाएंगे बीसीबी प्रमुख

    ढाका
    बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के प्रमुख अमीनुल इस्लाम ने कहा है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को होने वाले टी20 विश्व कप मैच देखने के लिए कोलंबो में जाएंगे और उन्हें उम्मीद है कि पिछले कुछ सप्ताह से चल रहे तनावपूर्ण माहौल के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ उनके संबंध सुधरेंगे।

    इस्लाम ने बांग्लादेश के अखबार ‘प्रथम आलो’ से कहा कि इस हाई-प्रोफाइल मैच के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की तरफ से निमंत्रण मिला है।

    उन्होंने कहा, ‘‘आईसीसी ने एक फैसला लिया है। आईसीसी के प्रमुख हितधारक ये पांच एशियाई देश हैं तथा वह चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को होने मैच के लिए सभी पांच एशियाई देशों के प्रतिनिधि एक साथ स्टेडियम में मौजूद रहें, मैच देखें और एक-दूसरे से बात करें।’’

    भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान एशिया के आईसीसी में महत्वपूर्ण सदस्य हैं। इस्लाम से पूछा गया कि क्या इस बैठक से बीसीसीआई के साथ उसके तनावपूर्ण संबंध खत्म करने में मदद मिलेगी, उन्होंने कहा, ‘‘‘आप इसे कुछ इसी तरह मान सकते हैं।’’

    बीसीसीआई और बीसीबी के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब भारतीय बोर्ड ने कुछ अज्ञात परिस्थितियों के चलते बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स के आईपीएल अनुबंध से बाहर करने का आदेश दिया। ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि यह कदम बांग्लादेश में हुई राजनीतिक हिंसा से प्रेरित था जिसमें हिंदुओं को निशाना बनाया गया था।

    बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए विश्व कप मैचों के लिए भारत आने से इनकार कर दिया। बीसीसीआई के पूर्व सचिव जय शाह की अध्यक्षता वाली आईसीसी ने बांग्लादेश की चिंताओं को खारिज कर दिया था।

    बांग्लादेश हालांकि अपने रुख पर कायम रहा इसके बाद उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को दे दी गई। इस्लाम ने कहा कि बोर्ड यह सुनिश्चित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन तैयार करेगा जिससे आईसीसी की तरफ से उन्हें मिले आश्वासनों को अंतिम रूप दे दिया जाए।

    उन्होंने कहा, ‘‘हम एक समझौता भी करेंगे। यह एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) जैसा दस्तावेज होगा, ताकि कोई अनिश्चितता न रहे। आईसीसी के साथ (समझौता ज्ञापन तैयार करने के संबंध में) चर्चा लगभग अंतिम पड़ाव पर है।’’