Author: NewseDay

  • अमेरिका का 10% ग्लोबल टैरिफ लागू: भारत समेत किन देशों को होगा फायदा या नुकसान?

    अमेरिका का 10% ग्लोबल टैरिफ लागू: भारत समेत किन देशों को होगा फायदा या नुकसान?

    नई दिल्ली

    अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ पर ट्रंप की जोरदार हार हुई है. US Supreme Court ने बड़ा फैसला सुनाते हुए Donald Trump को बड़ा झटका देते हुए उनके द्वारा इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है. इस हार के बाद ट्रंप ने 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ (10% Global Tariff) लगाने का ऐलान कर दिया है. आइए समझते हैं इसका भारत समेत दुनिया के तमाम देशों पर क्या असर होने वाला है और क्या अब पहले से लागू टैरिफ के बजाय सिर्फ 10% टैरिफ ही देना होगा?

    कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने फोड़ा टैरिफ बम
    सबसे पहले बता दें कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से US Reciprocal Tariff को अवैध करार दिए जाने के बाद ट्रंप के तेवर गर्म हो गए हैं. कोर्ट के फैसले के कुछ घंटों के बाद ही राष्ट्रपति ने एक कार्यकारी आदेश पर साइन कर दिए और दुनिया के सभी देशों से आयात पर 10 फीसदी का ग्लोबल टैरिफ जड़ दिया. इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपने अकाउंट से एक पोस्ट शेयर कर भी दी है. 

    क्या भारत और दूसरे देशों पर सिर्फ 10% टैरिफ? 
    Donald Trump के टैरिफ को गैरकानूनी बताए जाने और इसके बाद ट्रंप द्वारा नए ग्लोबल टैरिफ (Global Tariff) का ऐलान करने के बाद बड़ा सवाल ये है कि भारत समेत तभी देशों को अब सिर्फ 10% ही टैरिफ देना होगा. तो एएनआई की रिपोर्ट में इसे लेकर व्हाइट हाउस के अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि हां, जब तक कोई अन्य प्राधिकरण लागू नहीं किया जाता, तब तक 10% टैरिफ ही लागू रहेगा. इसका मतलब 18% नहीं, अब भारतीय सामानों के आयात पर अमेरिका में 10 फीसदी टैरिफ रह सकता है. हालांकि, यहां ट्रंप के बयान पर गौर करें, तो उन्होंने कहा था कि 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ मौजूदा टैरिफ के अतिरिक्त होगा. 

    IEEPA की जगह लेगा नया टैरिफ? 
    ट्रंप ने बीते साल 2025 के अप्रैल महीने में अमेरिका के लिए लिब्रेशन डे करार देते हुए टैरिफ का ऐलान किया था, जो 10 फीसदी से 50 फीसदी तक था. ये रेसिप्रोकल टैरिफ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाया था और कोर्ट ने इस संबंध में साफ किया है कि ऐसा करने का अधिकार राष्ट्रपति के पास नहीं है और ये सिर्फ इमरजेंसी के हालात में यूज होता है. ऐसे में अधिकारी ने साफ किया कि हां, ये IEEPA के तहत लागू किए गए टैरिफ की जगह लेगा, जब तक कोई नया सिस्टम लागू नहीं किया जाता. 

    कितने दिन तक लागू रहेगा नया टैरिफ? 
    Donald Trump ने सुप्रीम कोर्ट में मिली टैरिफ पर हार के बाद आनन-फानन में 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश दे दिया. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि करीब पांच महीने या 150 दिनों के लिए लागू रहेगा.

    क्या ट्रंप लगा सकते हैं अधिक टैरिफ?  
    इस सवाल का जबाव भी खुद डोनाल्ड ट्रंप ने दिया है और प्रेस कॉन्फ्रेंस में 10% ग्लोबल टैरिफ पर बात करते हुए संकेत दिया है कि उचित टैरिफ तय करने के लिए जरूरी जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर Tariff Hike किया जा सकता है. 

    ट्रंप ने क्यों लगाया नया ग्लोबल टैरिफ? 
    White House के अधिकारी ने बताया है कि अमेरिका का नया 10% ग्लोबल टैरिफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संरक्षणवादी व्यापार एजेंडे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भुगतान संतुलन संबंधी समस्याओं और अनुचित व्यापार प्रथाओं का समाधान करना है. इसके साथ ही उन्होंने सभी ट्रेड पार्टनर्स को Trade Deals का पालन करने की सलाह भी दी है. 

  • ‘डबल’ लाभ का ऐलान: केंद्र सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दी बड़ी राहत

    ‘डबल’ लाभ का ऐलान: केंद्र सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दी बड़ी राहत

    नई दिल्ली

    केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बड़ी राहत भरी खबर दी है। अब गंभीर बीमारी के इलाज के बाद भारी-भरकम बिलों के रीम्बर्समेंट के लिए सरकारी दफ्तरों की लंबी फाइलों और 'साहब' की मंजूरी का महीनों इंतजार नहीं करना होगा। सरकार ने क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए वित्तीय शक्तियों का विकेंद्रीकरण कर दिया है।

    क्या है नया नियम? (10 लाख तक की सीधी मंजूरी)
    16 फरवरी, 2026 को जारी नए ऑफिस मेमोरेंडम (OM) के अनुसार, अब मंत्रालयों के विभाग प्रमुख (HOD) बिना किसी बाहरी वित्तीय सलाह (IFD) के 10 लाख रुपये तक के मेडिकल क्लेम को सीधे मंजूरी दे सकेंगे।

    पहले की सीमा: केवल 5 लाख रुपये।
    अब: 10 लाख रुपये तक के बिलों का निपटारा स्थानीय स्तर पर ही हो जाएगा।

    तेजी से पैसा पाने के लिए 2 जरूरी शर्तें
    अगर आप चाहते हैं कि आपका क्लेम बिना किसी देरी के पास हो, तो इन दो बातों का ध्यान रखना होगा:

    नियमों का पालन: क्लेम में CGHS या CS(MA) के मौजूदा नियमों में किसी भी प्रकार की छूट (Relaxation) न मांगी गई हो।

    निर्धारित दरें: अस्पताल का बिल पूरी तरह से सरकार द्वारा तय (CGHS Rates) दरों के अनुसार होना चाहिए।

    नोट: यदि बिल सरकारी रेट से अधिक है और आप अतिरिक्त भुगतान के लिए छूट चाहते हैं, तो फाइल अभी भी पुरानी लंबी प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ेगी।

    सेटेलमेंट लिमिट में भी भारी इजाफा
    सरकार ने क्लेम सेटलमेंट की लिमिट को भी 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है। इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा जिनके बिल पूरी तरह सरकारी दरों पर आधारित हैं। इससे भुगतान में होने वाली तकनीकी देरी को लगभग खत्म कर दिया गया है।

    आवेदन प्रक्रिया: पेंशनभोगी ध्यान दें
    इलाज के बाद पैसा वापस पाने की प्रक्रिया अब बेहद सरल है।

    समय सीमा: अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 6 महीने के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।

    कहां करें आवेदन: पेंशनभोगी अपने संबंधित वेलनेस सेंटर के CMO (Chief Medical Officer) को फाइल जमा करें।

    जरूरी दस्तावेज की चेकलिस्ट:
        भरा हुआ क्लेम फॉर्म।
        डिस्चार्ज समरी और रेफरल स्लिप।
        अस्पताल के ओरिजिनल बिल और रसीदें।
        इमरजेंसी की स्थिति में 'इमरजेंसी सर्टिफिकेट'।
        CGHS कार्ड की कॉपी और कैंसिल चेक।

    एंबुलेंस का खर्च भी होगा वापस
    क्या आपको पता है कि अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस का किराया भी सरकार देती है? नियम के मुताबिक, शहर के भीतर एंबुलेंस का खर्च तब मिलता है जब डॉक्टर यह प्रमाणित कर दे कि मरीज की हालत ऐसी थी कि उसे किसी दूसरे वाहन से ले जाना जानलेवा हो सकता था।

     

  • पर्सनैलिटी राइट प्रोटेक्शन : बिना इजाजत काजोल की फोटो-वीडियो इस्तेमाल करना अपराध

    पर्सनैलिटी राइट प्रोटेक्शन : बिना इजाजत काजोल की फोटो-वीडियो इस्तेमाल करना अपराध

     

    मुंबई,

    साल 2025 में बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन ने पर्सनैलिटी राइट्स के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन अब उनकी पत्नी काजोल के लिए भी कोर्ट ने पर्सनैलिटी राइट का प्रोटेक्शन दिया है।

    पर्सनैलिटी राइट्स को सुरक्षा देते हुए कोर्ट ने साफ किया है कि अब बिना अनुमति के अभिनेत्री के नाम, फोटो और वीडियो का इस्तेमाल करना अपराध होगा।

    दिल्ली हाई कोर्ट ने पर्सनैलिटी राइट के प्रोटेक्शन का आदेश देते हुए अभिनेत्री के विरुद्ध प्रकाशित अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री को हटाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही न्यायालय ने एआई और डीपफेक जैसी तकनीकों के माध्यम से काजोल के नाम, छवि अथवा व्यक्तित्व के किसी भी प्रकार के दुरुपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। उच्च न्यायालय ने विभिन्न प्रतिवादी संस्थाओं को यह भी निर्देश दिया कि वे काजोल की तस्वीर या पहचान का प्रयोग कर किसी भी प्रकार के व्यावसायिक उत्पादों की बिक्री न करें। साथ ही अश्लील सामग्री को हटाने का आदेश दिया है।

    एआई और डीपफेक के जरिए इन दिनों सोशल मीडिया पर अवैध तरीके से उत्पादों के प्रचार और अश्लील साइटों पर अभिनेता और अभिनेत्रियों की तस्वीरों का इस्तेमाल बढ़ गया है। कुछ साइट बिना इजाजत के धड़ल्ले से एआई की आड़ में सेलिब्रिटीज की वीडियो का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए डीपफेक फोटो और वीडियो का भी चलन बढ़ गया है। ऐसे में इसे किसी भी अभिनेता या अभिनेत्री की छवि पर सीधा हमला माना गया है। अभिनेता विवेक ओबरॉय के मामले में कोर्ट ने साफ कहा था कि तकनीक का इस्तेमाल कर किसी की छवि को नुकसान पहुंचाना भी अपराध है।

    काजोल के अलावा, अजय देवगन ने भी बीते साल पर्सनैलिटी राइट्स के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने अभिनेता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सभी अवैध साइट और एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो को हटाने का आदेश दिया था और आगे भी इस्तेमाल पर रोक लगाई थी।

    पर्सनैलिटी राइट्स के मामले में हिंदी सिनेमा से लेकर दक्षिण भारतीय सिनेमा के सेलेब्स कोर्ट का रुख कर चुके हैं। दक्षिण भारतीय सिनेमा से आंध्र प्रदेश के डिप्टी चीफ मिनिस्टर पवन कल्याण, नागार्जुन और जूनियर एनटीआर को कोर्ट ने पर्सनैलिटी राइट्स सुरक्षा प्रदान की है और हिंदी सिनेमा से आर माधवन, विवेक ओबरॉय, सलमान खान, अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन भी पर्सनैलिटी राइट्स मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं।

     

  • PM विरोध में यूथ कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, AI समिट में शर्टलेस प्रोटेस्ट से मचा हड़कंप, कई गिरफ्तार

    PM विरोध में यूथ कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, AI समिट में शर्टलेस प्रोटेस्ट से मचा हड़कंप, कई गिरफ्तार

    नई दिल्ली
    नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इंपैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारी शर्टलेस होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने जुड़े सूत्रों ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से बताया कि यूथ कांग्रेस के सदस्य होने का दावा करने वाले करीब 10 लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "चार से पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।" जानकारी के मुताबिक प्रदर्शन में शामिल लोग QR-कोड वाले पास का इस्तेमाल कर इवेंट में घुसे थे।

    फिलहाल हिरासत में लिए गए सभी लोगों को पूछताछ के लिए तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हम इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सभी जरूरी कानूनी कदम उठाएंगे।"

    भड़की बीजेपी
    भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी का नाम लेकर इस घटना पर नाराजगी जताई है। भाजपा के IT सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित मालवीय ने इसे पूरे देश देश के लिए शर्मिंदगी का विषय बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “ऐसे समय में जब भारत एक मशहूर ग्लोबल AI समिट होस्ट कर रहा है, जिसमें टेक्नोलॉजी में अपने इनोवेशन और लीडरशिप को दिखाया जा रहा है, कांग्रेस पार्टी ने इज्जत देने के बजाय हंगामे को चुना।”

    उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए लिखा,
    राहुल गांधी की लीडरशिप में, कांग्रेस वर्कर्स ने टॉपलेस होकर समारोह में हंगामा किया, यह काम साफ तौर पर दुनिया के मंच पर भारत को शर्मिंदा करने के लिए किया गया था। जब देश खुद को ग्लोबल टेक्नोलॉजी पावरहाउस के तौर पर बनाने की कोशिश कर रहा है, तो ऐसा बर्ताव सिर्फ उन लोगों के फायदे में है जो भारत को गिरते हुए देखना चाहते हैं। राजनैतिक विरोध एक लोकतांत्रिक हक है, लेकिन भारत की ग्लोबल इमेज को नुकसान पहुंचाना नहीं। भारत इससे बेहतर का हकदार है।”

     

  • दलित युवा की नियुक्ति से साधा जातीय समीकरण?, विनोद जाखड़ बने NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष

    दलित युवा की नियुक्ति से साधा जातीय समीकरण?, विनोद जाखड़ बने NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष

    जयपुर.

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने राजस्थान की छात्र राजनीति के कद्दावर चेहरे विनोद जाखड़ को NSUI का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह न केवल विनोद जाखड़ के लिए, बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गौरव का विषय है क्योंकि NSUI के 55 साल के इतिहास में पहली बार है जब कमान राजस्थान के किसी नेता को सौंपी है। विनोद जाखड़ वर्तमान में राजस्थान NSUI के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

    प्रदेश अध्यक्ष से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर
    जनवरी 2024 में विनोद जाखड़ को राजस्थान NSUI का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनके कार्यकाल के दौरान:
    छात्र हितों का संघर्ष: उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी में आरएसएस (RSS) के कार्यक्रमों के विरोध से लेकर छात्रसंघ चुनाव बहाली तक कई बड़े आंदोलनों का नेतृत्व किया।
    जेल और संघर्ष: छात्र हितों की लड़ाई में उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा।
    शीर्ष नेतृत्व का भरोसा: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के 'यूथ विजन' में फिट बैठने के कारण उन्हें अब राष्ट्रीय स्तर पर यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    राजस्थान की राजनीति पर क्या होगा असर?
    विनोद जाखड़ की इस नियुक्ति के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं:
    जातीय समीकरण: कांग्रेस ने एक दलित युवा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर राजस्थान और देश के अन्य राज्यों में दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश की है।
    युवा नेतृत्व: राजस्थान से पहली बार किसी का इस पद पर पहुँचना, प्रदेश के अन्य युवा छात्र नेताओं के लिए दिल्ली के दरवाजे खोलने जैसा है।

    संघर्ष की कहानी
    विनोद जाखड़ की कहानी किसी फिल्म की पटकथा से कम नहीं है। जयपुर के पास एक साधारण परिवार में जन्मे विनोद के पिता पेशे से मिस्त्री (प्लास्टर का काम करने वाले) हैं।
    बचपन का संघर्ष: जब विनोद 7 साल के थे, उनका परिवार काम की तलाश में जयपुर शिफ्ट हो गया।
    शिक्षा: उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा उसी स्कूल में प्राप्त की जहाँ उनके पिता मजदूरी करते थे। बाद में राजस्थान यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए वे छात्र राजनीति में सक्रिय हुए।
    दलित चेहरा: विनोद जाखड़ एससी (SC) वर्ग से आते हैं और वे राजस्थान कॉलेज के पहले दलित अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

    2018 की वो 'ऐतिहासिक' जीत
    विनोद जाखड़ की असली पहचान साल 2018 के राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव से हुई। उस समय NSUI ने विनोद को टिकट नहीं दिया था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे। उन्होंने न केवल चुनाव जीता बल्कि पूरे प्रदेश की छात्र राजनीति में अपनी साख जमा ली। जीत के बाद वे पुनः कांग्रेस और NSUI के साथ जुड़ गए।

     

  • सर्दियों में गाजर क्यों है सुपरफूड? जानिए इसके चौंकाने वाले फायदे

    सर्दियों में गाजर क्यों है सुपरफूड? जानिए इसके चौंकाने वाले फायदे

    गाजर में कई तरह के पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। खासतौर से इसमें बीटा कैरोटीन, विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन बी 1, कई तरह के खनिज लवण व एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं।

    सर्दी का मौसम आते ही बाजार में लाल-लाल गाजर बेहद सस्ते दाम में मिलने लगती हैं। इतना ही नहीं, इस मौसम में लोग गाजर की सब्जी से लेकर उसका जूस तक पीना पसंद करते हैं। यूं तो गाजर को कई तहर से खाया जाता है लेकिन क्या आप इससे मिलने वाले फायदों से वाकिफ हैं। नहीं न, तो चलिए जानते हैं गाजर से होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में-
     
    प्रचुर होते हैं पोषक तत्व
    गाजर में कई तरह के पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। खासतौर से इसमें बीटा कैरोटीन, विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन बी 1, कई तरह के खनिज लवण व एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं।

    आंखों को रखेगा तंदुरूस्त
    गाजर का सेवन आंखों के लिए विशेष रूप से लाभदायी माना गया है। ऐसा इसमें मौजूद बीटा कैरोटीन व विटामिन ए की वजह से होता है। इसलिए जो लोग गाजर का सेवन पर्याप्त मात्रा में करते हैं, उनकी आंखों की रोशनी लंबे समय तक दुरूस्त तो रहती है ही, साथ ही रतौंधी व मोतियाबिंद जैसी बीमारियां होने की आशंका भी कम हो जाती है।
     
    सदा रखे जवां
    समय के पहिए को रोक पाना भले ही किसी के लिए संभव न हो लेकिन लंबे समय तक जवां बने रहने के लिए कुछ उपाय तो किए ही जा सकते हैं। इन्हीं में से एक है गाजर का सेवन करना। दरअसल, इसमें बीटा-कैरोटीन और एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। जो विभिन्न कोशिकाओं की मरम्मत करते हैं और एजिंग के साइन्स को लंबे समय तक आने से रोकते हैं। इतना ही नहीं, गाजर का सेवन रूखी त्वचा, पिंपल्स, पिगमेंटेशन आदि समस्या से भी निजात दिलाते हैं।
     
    हृदय के लिए लाभदायक
    गाजर हृदय के लिए भी बेहद फायदेमंद होती है। दरअसल, इसमें कैरोटीनॉयड्स पाए जाते हैं जो किसी भी तरह के हृदय रोग की आशंका को कम करते हैं। इसके अतिरिक्त इसमें बीटा-कैरोटीन के साथ-साथ अल्फा कैरोटीन और ल्यूटिन भी पाया जाता है। गाजर का नियमित सेवन कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी नियंत्रित करने में मदद करता है।

    दांतों की सफाई
    गाजर प्लैक और खाद्य कणों को मुंह से निकालकर दांतों व पूरे मुंहे की सफाई करने का काम करता है। ठीक उसी तरह, जिस प्रकार एक टूथब्रश व टूथपेस्ट अपना काम करता है। गाजर में पाए जाने वाले मिनरल्स दांतों को किसी भी तरह की क्षति से बखूबी बचाते हैं। इसके अतिरिक्त गाजर मसूड़ों को उत्तेजित करके अधिक लार उत्पन्न करने में मदद करता है और यह लार क्षारीय होने के कारण कैविटी बनाने वाले बैक्टीरिया को संतुलित करके दांतों की रक्षा करता है।

     

  • काम की खबर: WhatsApp में जुड़ा नया दमदार फीचर, जानिए क्या है खास

    काम की खबर: WhatsApp में जुड़ा नया दमदार फीचर, जानिए क्या है खास

    नई दिल्ली

    व्हाट्सऐप अपने यूजर्स के लिए लगातार नए फीचर्स पेश कर रहा है। अब कंपनी ने ग्रुप चैट से जुड़ा एक अहम अपडेट जारी किया है, जिससे नए सदस्य को ग्रुप की पुरानी बातचीत समझने में आसानी होगी। साथ ही, व्हाट्सऐप वेब पर वीडियो कॉलिंग सुविधा लाने की तैयारी भी चल रही है।

    नए सदस्य को मिलेगी पुरानी चैट
    अब तक जब किसी नए व्यक्ति को ग्रुप में जोड़ा जाता था, तो वह पहले के मैसेज नहीं देख पाता था। नए अपडेट के बाद ग्रुप में जोड़ते समय 'Send message history' का विकल्प मिलेगा। इसके जरिए नए सदस्य को हाल की चैट हिस्ट्री भेजी जा सकेगी, ताकि वह बातचीत का संदर्भ समझ सके और चर्चा में सहजता से शामिल हो सके।

    कितने मैसेज भेज सकेंगे?
    इस फीचर में एडमिन या सदस्य यह चुन सकेंगे कि वे 25, 50, 75 या 100 मैसेज तक की हिस्ट्री साझा करना चाहते हैं। यहां दिनों के आधार पर नहीं, बल्कि मैसेज की संख्या (मैसेज बबल्स) के आधार पर चैट भेजी जाएगी। इससे उपयोगकर्ता अपनी जरूरत के अनुसार सीमित या अधिक मैसेज शेयर कर सकते हैं।

    सभी को मिलेगी सूचना
    जब किसी नए सदस्य को चैट हिस्ट्री भेजी जाएगी, तो ग्रुप में मौजूद सभी लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी। नए सदस्य को एक विशेष लेबल भी दिखाई देगा, जिसमें यह बताया जाएगा कि उसे किस तारीख और समय से मैसेज उपलब्ध कराए गए हैं। यह सुविधा ग्रुप एडमिन के अलावा वह सदस्य भी इस्तेमाल कर सकता है, जो किसी को ग्रुप में जोड़ रहा है।

    सुरक्षा और गोपनीयता बरकरार
    कंपनी के अनुसार, शेयर की गई चैट पूरी तरह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहेगी। यानी बातचीत की सुरक्षा पहले की तरह सुरक्षित रहेगी। इसके अलावा, जो मैसेज हिस्ट्री भेजी जाएगी, वह सामान्य चैट से अलग तरीके से दिखाई देगी। इसमें समय और भेजने वाले की जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज होगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

    व्हाट्सऐप वेब पर वीडियो कॉलिंग
    ग्रुप फीचर के अलावा कंपनी व्हाट्सऐप वेब यूजर्स के लिए भी नया अपडेट लाने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्राउजर के जरिए वीडियो कॉलिंग सुविधा की टेस्टिंग की जा रही है। अभी कॉलिंग फीचर केवल Windows और macOS ऐप में उपलब्ध है, लेकिन जल्द ही Chrome, Safari और Firefox जैसे ब्राउजर पर भी वीडियो कॉल संभव हो सकता है। फिलहाल यह फीचर बीटा वर्जन में है और आने वाले समय में सभी यूजर्स के लिए जारी किया जा सकता है।

     

  • आई मेकअप टिप्स जो दें आपकी आंखों को अट्रैक्टिव और ग्लैमरस लुक

    आई मेकअप टिप्स जो दें आपकी आंखों को अट्रैक्टिव और ग्लैमरस लुक

    यूं तो आईमेकअप के दौरान काजल, लाइनर, आईशैडो आदि का प्रयोग किया जाता है लेकिन अगर आईमेकअप करते समय मस्कारे का प्रयोग न किया जाए तो इससे आंखों को फिनिशिंग लुक नहीं मिलता। मेकअप के दौरान महिलाएं अपनी आंखों पर विशेष ध्यान देती हैं। यूं तो आईमेकअप के दौरान काजल, लाइनर, आईशैडो आदि का प्रयोग किया जाता है लेकिन अगर आईमेकअप करते समय मस्कारे का प्रयोग न किया जाए तो इससे आंखों को फिनिशिंग लुक नहीं मिलता। अक्सर महिलाएं मस्कारे का प्रयोग तो करती हैं, लेकिन फिर भी उन्हें इसके इस्तेमाल का सही तरीका नहीं पता होता। अगर आप भी मस्कारे का प्रयोग करके आंखों को अट्रैक्टिव व परफेक्ट लुक देना चाहती हैं तो इन बातों पर जरूर ध्यान दें-

    कोटिंग पर दें ध्यान
    मस्कारा लगाते समय सिर्फ एक कोटिंग ही काफी नहीं होती। आंखों को बेहतर लुक देने के लिए मस्कारे के कम से कम दो कोट लगाना जरूरी है। पलकों को घना बनाने के लिए सबसे पहले आंखों पर एक कोट लगाएं और फिर पलकों पर हल्का-सा बेबी पाउडर लगाएं और फिर इसके बाद मस्कारा का दूसरा कोट लगाएं। अब इसे सूखने दें। आप देखेंगी कि पलकें घनी व सुंदर दिखाई दे रही हैं। मस्कारा कोट के दौरान बेबी पाउडर का प्रयोग वैकल्पिक है लेकिन अगर आप इसका इस्तेमाल करती हैं तो इससे मस्कारा लॉन्ग लास्टिंग हो जाता है।
     
    लगाएं सही तरीके से
    मस्कारा लगाने का एक सही तरीका होता है। अमूमन महिलाएं मस्कारा लगाते समय पलकों को ऊपर कर लेती हैं, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं करना चाहिए। मस्कारा लगाते समय हमेशा पलकों को नीचे की तरफ रखें। इससे मस्कारा लगाना आसान हो जाता है और बेहतर तरीके से लगता है।

    न करें यह गलती
    अधिकतर महिलाएं मस्कारा लगाते समय ऊपर की पलकों पर तो इसे अप्लाई करती हैं, लेकिन नीचे की पलक पर लगाना भूल जाती है। ऐसा करने से आंखों को वह लुक नहीं मिलता, जो वास्तव में मिलना चाहिए। इसलिए जब भी आप मस्कारा लगाएं तो ऊपर की पलक के साथ-साथ नीचे की पलक पर भी इसे अवश्य लगाएं।
     
    करें एक्सपेरिमेंट
    आजकल मेकअप के दौरान महिलाएं कई तरह के एक्सपेरिमेंट करना पसंद करती हैं। अगर आप भी अपनी आंखों के साथ एक्सपेरिमेंट करना चाहती हैं तो दो अलग-अलग रंग के मस्कारा का इस्तेमाल करें। आप ब्लैक के अतिरिक्त ब्लू कलर के मस्कारे का प्रयोग कर सकती हैं। इसके इस्तेमाल के लिए पलकों पर पहले ब्लू मस्कारे का कोट लगाएं और जब यह सूख जाए तो फिर ब्लैक कलर के मस्कारे का इस्तेमाल करें। इससे आंखें बेहद खूबसूरत दिखाई देंगी।
     
    हटाएं अतिरिक्त मस्कारा
    मस्कारा लगाने के बाद अतिरिक्त मस्कारा हटाना भी जरूरी है, अन्यथा यह आपकी आईलिड व चेहरे पर लगकर पूरा मेकअप खराब कर सकता है। इसके लिए जब आप मस्कारा के दोनों कोट लगा लें और जब वह अच्छी तरह सूख जाए तो ईयरबड की मदद से अतिरिक्त मस्कारा हटा लें।

     

  • डेबिट कार्ड से ऑनलाइन शॉपिंग करने से पहले रुक जाएं! ये अहम कारण जरूर जान लें

    डेबिट कार्ड से ऑनलाइन शॉपिंग करने से पहले रुक जाएं! ये अहम कारण जरूर जान लें

    नई दिल्ली

    ऑनलाइन शॉपिंग के क्रेज पिछले कुछ साल से तेजी से बढ़ा है। आप भी करत होंगे ऑनलाइन शॉपिंग। ऑफर्स और डिस्काउंट्स की वजह से ज्यादा शॉपिंग होती है। लेकिन आपको मोड ऑफ पेमेंट के तौर पर क्या इस्तेमाल करना चाहिए? कैश ऑन डिलिवरी? या कार्ड? अगर आपका जवाब डेबिट कार्ड है तो शायद आपको डेबिट कार्ड से शॉपिंग करने से बचना चाहिए।

    इंटरनेट पर डेबिट कार्ड डीटेल्स देकर कोई भी सामान खरीदना खतरे से खाली नहीं है। ऑनलाइन शॉपिंग सेफ है और ये ऑफलाइन पेमेंट से भी सुरक्षित है। ऑनलाइन शॉपिंग के लिए डेबिट कार्ड यूज न करना दरअसल आपके बचाव का तरीका है। कई सारी परेशानियों से बच सकते हैं। अगर कुछ गलत हुआ तो आप इससे बच सकते हैं। ऑनलाइन पेमेंट के लिए डेबिट कार्ड का यूज न करने की दो वजहे हैं। भारत में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए कार्ड नंबर के साथ पासवर्ड या पिन की जरूरत होती है।

    पहली वजह
    डेबिट और क्रेडिट कार्ड्स से शॉपिंग करने से ई-ट्रांजैक्शन यूज होता है, लेकिन एक बड़ा फर्क है। क्रेडिट कार्ड की लिमिट होती है जिससे ज्यादा आप स्पेंड कर ही नहीं सकते। लेकिन डेबिट कार्ड की कोई लिमिट नहीं होती है। आपके अकाउंट में जितने पैसे हैं उतने की शॉपिंग आप कर सकते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो डेबिट कार्ड अगर हैक हुआ तो अक्सर आप ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं। मुमकिन है आपके सारे पैसे जा सकते हैं जितने आपके बैंक अकाउंट में हैं। अगर क्रेडिट कार्ड फ्रॉड होता है तो जितनी क्रेडिट लिमिट है उतने ही पैसे जाएंगे।

    दूसरी वजह
    क्रेडिट कार्ड में दी गई लिमिट आपका पैसा नहीं होता है। आप क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करते हैं तो आप बैंक का पैसा यूज कर रहे हैं जो फिर आपके ऊपर कर्ज बन जाता है जिसे बाद में बैंक को चुकाना होता है। बैंक इसके लिए इंटरेस्ट चार्ज करती है और कुछ समय तक ये फ्री होता है। ये फ्रॉड से प्रोटेक्शन का भी काम करता है। अगर क्रेडिट कार्ड में किसी ने सेंध भी लगाया है तो ये जिम्मेदारी बैंक की होती है कि वो उसे फ्रॉड से बचाए। आप बैंक को ये एक्सप्लेन कर सकते हैं कि क्रेडिट कार्ड का किसी ने गलत यूज किया है और आप इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं। ज्यादातर मामलों में बैंक ट्रांजैक्शन की खुद जांच करता है और अगर उन्हें ये समझ आता है कि आप सच बोल रहे हैं तो फ्रॉड किए गए पैसे आपसे नहीं मांगे जाते हैं जो आपके लिए अच्छी बात है।

    अगर आपके साथ डेबिट कार्ड फ्रॉड होता है तो आप बैंक को बता सकते हैं कि आपके कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया है, ये भी संभव है कि आपको वो पैसे भी वापस मिल जाएं, लेकिन क्रेडिट और डेबिट कार्ड के फ्रॉड में फर्क ये है कि अगर डेबिट कार्ड फ्रॉड हुआ तो पहले आपके पैसे चले जाएंगे और फिर अगर बैंक आपके दावे को सच मानेका तो वापस मिलेंगे। लेकिन क्रेडिट कार्ड के मामले में आपका पैसा नहीं जाता है, जब तक की बैंक आगे चल कर ये मानने से इनकार कर दे कि आपके साथ कोई फ्रॉड हुआ है। इसके बाद आपसे पैसे चुकाने को कहे जाएंगे। हालांकि तब भी आप इसे चैलेंज कर सकते हैं।

    साधारण शब्दों में कहें तो अगर आप डेबिट कार्ड यूज करके पैसे स्पेंड कर रहे हैं तो आपके कैश का तत्काल नुकसान होता है। बैंक से पैसे तुरंत कट जाते हैं, क्रेडिट कार्ड अलग तरीके से काम करता है। यहां ट्रांजैक्शन और पेमेंट करने के बीच आपके पास समय होता है, जो आमतौर पर क्रेडिट कार्ड के बिलिंग साइकल का आखिरी टाइम होता है।

     

  • Bobby Deol फिर मचाएंगे तहलका, अपकमिंग फिल्म Bandar की रिलीज डेट का ऐलान

    Bobby Deol फिर मचाएंगे तहलका, अपकमिंग फिल्म Bandar की रिलीज डेट का ऐलान

    मुंबई

    एक्टर बॉबी देओल जल्द ही फिर से धमाका करने के लिए तैयार हैं. हाल ही में उनकी अपकमिंग फिल्म ‘बंदर’ के मेकर्स ने फिल्म की रिलीज डेट कंफर्म कर दिया है. इस फिल्म का नेतृत्व डायरेक्टर अनुराग कश्यप और लेखक सुदीप शर्मा व अभिषेक बनर्जी कर रहे हैं.

    बता दें कि बॉबी देओल की फिल्म ‘बंदर’ 22 मई 2026 को वर्ल्डवाइड रिलीज होने वाली है. पिछले कुछ सालों में बॉबी देओल ने अपनी दमदार परफॉर्मेंस से धमाका कर रखा है. वहीं, अब वो इस इंटेंस ड्रामा में एक बिल्कुल अलग अंदाज में दिखने वाले हैं. इस फिल्म को निखिल द्विवेदी ने प्रोड्यूस किया है और इसके पीछे जी स्टूडियोज का बड़ा हाथ है.

    फिल्म ‘बंदर’ की कमान अनुराग कश्यप के हाथों में है, जिन्हें उनकी बेबाक और बेखौफ कहानियों के लिए जाना जाता है. ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ और ‘ब्लैक फ्राइडे’ जैसी फिल्में गवाह हैं कि अनुराग का सिनेमा दिखाने का अपना एक अलग और दमदार अंदाज है. ​इस फिल्म को सुदीप शर्मा और अभिषेक बनर्जी ने लिखा है, जो ‘पाताल लोक’, ‘कोहरा’ और ‘उड़ता पंजाब’ जैसे बेहतरीन प्रोजेक्ट्स के पीछे का दिमाग रहे हैं. सुदीप शर्मा ने हाल ही में ‘कोहरा 2’ का निर्देशन भी किया है, जिसकी हर तरफ जमकर तारीफ हुई है.

    फिल्म की स्टारकास्ट
    बता दें कि ​फिल्म की स्टारकास्ट भी काफी दमदार और दिलचस्प है. फिल्म ‘बंदर’  में सान्या मल्होत्रा, राज बी शेट्टी, जितेंद्र जोशी, सपना पब्बी, इंद्रजीत सुकुमारन, रिद्धि सेन और नागेश भोसले जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे.