Author: NewseDay

  • लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में होगी डॉप्लर वेदर राडार की स्थापनाः सीएम योगी

    लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में होगी डॉप्लर वेदर राडार की स्थापनाः सीएम योगी

    अन्नदाता किसानों के साथ खड़ी रहेगी डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का किया वितरण

    मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को भी 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी सीएम ने

    सीएम ने बागपत, शामली, कासगंज, भदोही के उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, मऊरानीपुर झांसी में 50 शैय्या के छात्रावास तथा लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो का किया शिलान्यास

    लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में होगी डॉप्लर वेदर राडार की स्थापनाः सीएम योगी 

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को भी 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने बागपत, शामली, कासगंज, भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, राजकीय भूमि संरक्षण केंद्र मऊरानीपुर झांसी में 50 शैय्या के छात्रावास भवन तथा लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो इकाई का शिलान्यास भी किया। सीएम योगी ने होली की शुभकामनाएं देते हुए किसानों को आश्वस्त किया कि डबल इंजन सरकार मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि अन्नदाता किसान उन्नत खेती के माध्यम से प्रदेश की समृद्धि में योगदान देते रहेंगे। 

    460 करोड़ रुपये किसानों के खाते में पहुंचे, बिचौलियों की भूमिका समाप्त 
    सीएम योगी ने कहा कि कल ही उत्तर प्रदेश सरकार का 2026-27 का बजट पारित हुआ है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से बजट के माध्यम से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों के लिए ढेर सारी योजनाएं पास कराई गई हैं। जब बजट होता है तो लाभार्थियों के अकाउंट में सीधे पैसा जाता है और उन्हें लाभ प्राप्त होता है। आज एक बटन दबाते ही 460 करोड़ रुपये किसानों के खाते में पहुंच रहे हैं, बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई। लखनऊ समेत प्रदेश के सभी जनपदों में लाभार्थी परिवारों को इन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। 

    डीएम को निर्देश- कल तक हर हाल में खाते में पहुंच जाए पैसा 
    सीएम योगी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से 2.51 लाख किसान परिवारों को मिली 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति को संबल बताया। कहा कि फसल को सूखे-अतिवृष्टि के कारण नुकसान हुआ है। जब हम फसल का बीमा कराते हैं तो जरूरत पर रिटर्न भी मिलता है। आपदा के कारण नुकसान हुआ तो भरपाई होती है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि योजना के तहत पहले केवल किसान कवर होता था, उसके परिवार के सदस्य, बटाईदार, सह किसान कवर नहीं होते थे। हमारी सरकार में 1000 करोड़ से अधिक की धनराशि के जरिए किसान या उसके परिवार के सदस्यों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। किसी मनुष्य की कमी की भरपाई कोई नहीं कर सकता, लेकिन सरकार संबल देने के लिए खड़ी हो सकती है। आपदा प्रभावित 3500 पीड़ित किसानों, सह किसानों, पारिवारिक सदस्यों, बटाईदारों आदि को आज लाभान्वित किया गया है। इससे पहले 16 जून 2025 को 11,690 किसानों व आश्रितों को 561.86 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे। सीएम ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि कल तक यह पैसा सभी किसानों या आश्रित परिवारों के खाते में पहुंच जाए। 

    आपदा मित्रों को मिला तीन साल तक पांच लाख का बीमा कवर
    सीएम योगी ने कहा कि आपदा प्रबंधन में फर्स्ट रिस्पॉन्डर आपदा मित्र हो सकता है। पीएम मोदी ने इस संबंध में बड़ा अभियान चलाया है। उत्तर प्रदेश ने पीएम की इस पहल को बढ़ाने का कार्य किया। 25 जनपदों में 29,772 युवा स्वयंसेवकों (एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस, भारत स्काउट एंड गाइड) को प्रशिक्षित कर आपदा मित्र प्रबंधन से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया गया है। इन स्वयंसेवकों को सात दिवसीय प्रशिक्षण के साथ भी जोड़ा गया है। इन्हें इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट,  आपदा मित्र ट्रेनिंग, मॉड्यूल आईडी, आईडी कार्ड व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट में लाइफ जैकेट, सर्च टॉर्च, फर्स्ट-एड बॉक्स, सेफ्टी हेलमेट, चश्मा समेत 15 आइटम हैं। प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों का तीन वर्ष का जीवन व चिकित्सा बीमा करने का निर्णय लिया है। 10 फरवरी को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के साथ एमओयू किया गया है, जिसमें आपदा मित्र को तीन वर्ष के लिए 5 लाख का बीमा कवर प्रदान किया गया है। प्रदेश में अभी तक 2959 युवा स्वयंसेवक प्रशिक्षित किए जा चुके हैं, शेष का प्रशिक्षण भी आगे बढ़ाया जाएगा। 

    हमारा प्रयास- आपदा के 24 घंटे के भीतर पीड़ितों के खाते में पहुंच जाए पैसा 
    सीएम ने कहा कि पहले आपदा आने पर वर्षों तक पीड़ितों को कोई पूछता तक नहीं था। उन्हें क्षतिपूर्ति तक नहीं मिल पाती थी। 2015-16 में एक बार किसी किसान के खाते में दो रुपये, किसी के खाते में चार रुपये आए थे। हमारा प्रयास है कि बाढ़, आकाशीय बिजली, आगजनी जैसी आपदा आते ही 24 घंटे के भीतर पीड़ित के खाते में पैसा पहुंच जाए। 2025-26 में राज्य आपदा मोचक निधि में 876 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से फसल क्षति से प्रभावित 5,14,322 किसानों को 260 करोड़ रुपये का कृषि निवेश अनुदान, जनहानि के 5398 पीड़ितों को 216 करोड़, मकान क्षति के 27448 प्रभावितों को 24 करोड़ रुपये सरकार वितरित कर चुकी है। 

    लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में होगी डॉप्लर वेदर राडार की स्थापना 
    सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर राडार की स्थापना होने जा रही है। इससे मौसम का पूर्वानुमान लगाने के साथ ही यह भी बता सकेंगे कि कहां पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ब्लॉक स्तर पर 2000 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित करने की कार्रवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है। 

    इस अवसर पर में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, उप्र आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, प्रमुख सचिव (कृषि) रवींद्र कुमार, प्रमुख सचिव (राजस्व) अपर्णा यू आदि की मौजूदगी रही।

    होमगार्ड की भर्ती में आपदा मित्र को देंगे प्राथमिकताः मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में 45 हजार होमगार्ड्स की भर्ती में आपदा मित्रों को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अभी आपदा मित्र की सेवा स्वैच्छिक है, लेकिन जब वे होमगार्ड के रूप में कार्य करेंगे तो उन्हें सरकार द्वारा मानदेय भी दिया जाएगा। प्रदेश में 19 हजार आपदा मित्रों को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रशिक्षित किया जा चुका है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा स्नातक-परास्नातक विद्यार्थियों के लिए दो वर्षीय आपदा प्रबंधन इंटर्नशिप कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

  • वेडिंग रूमर्स के बीच उदयपुर उड़ान भरते नजर आए विजय–रश्मिका, एयरपोर्ट लुक बना चर्चा का विषय

    वेडिंग रूमर्स के बीच उदयपुर उड़ान भरते नजर आए विजय–रश्मिका, एयरपोर्ट लुक बना चर्चा का विषय

     उदयपुर

    रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी की खबरें इन दिनों बी-टाउन का हॉट टॉपिक बनी हुई हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि दोनों 26 फरवरी को उदयपुर में एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी करने वाले हैं। दोनों के इन्विटेशन कार्ड की एक फोटो भी सोशल मीडिया पर फैल रही है। हालांकि, अभी तक कपल की ओर से शादी को लेकर कोई कंफर्मेशन सामने नहीं आई है। इस बीच अब ये जोड़ा एयरपोर्ट पर नजर आया है। हालांकि, दोनों अलग-अलग दिखे, लेकिन इनके एयरपोर्ट पर नजर आते ही ये कयास लगाए जाने लगे कि दोनों उदयपुर के लिए रवाना हो रहे हैं।

    कैजुअल लुक में एयरपोर्ट पर दिखा कपल
    आज सुबह यानी शनिवार 21 फरवरी को शादी की चर्चाओं के बीच रश्मिका और विजय देवरकोंडा को एयरपोर्ट पर देखा गया है। इसके बाद ये अटकलें लगाई गईं कि दोनों शादी के लिए उदयपुर रवाना हो रहे हैं।

    हालांकि, अभी तक ये कंफर्म नहीं है कि दोनों कहां के लिए रवाना हुए हैं। लेकिन दोनों सेलेब्स एयरपोर्ट पर कैजुअल अंदाज में नजर आए। इस दौरान विजय देवरकोंडा जहां ओपन ब्लैक शर्ट और ब्लैक पैंट में नजर आए। वहीं रश्मिका ग्रे स्लीवलेस टी-शर्ट और ब्लैक लोअर में नजर आईं।
     
    इस दौरान रश्मिका के माथे पर छोटी सी बिंदी भी नजर आई। दोनों ही सेलेब्स इस दौरान चेहरे पर मास्क लगाए हुए थे। गाड़ी से उतरते समये रश्मिका फोन में व्यस्त दिखीं। हालांकि, पैपराजी को देखकर उन्होंने हाय किया। इस दौरान दोनों साथ में नहीं बल्कि अलग-अलग नजर आए।

     सजे हुए विजय के घर का वीडियो और कार्ड की तस्वीरें वायरल
    बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें विजय देवरकोंडा का घर झालरों से सजा हुआ नजर आ रहा था। इस वीडियो के सामने आने के बाद दोनों की शादी को लेकर चर्चाएं और भी तेज हो गईं। वहीं दोनों के इन्विटेशन कार्ड की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। इनमें शादी की तारीख 26 फरवरी बताई जा रही है, जबकि 4 मार्च को हैदराबाद में रिसेप्शन बताया जा रहा है। हालांकि, अभी तक कपल या उनके परिवार की ओर से शादी को लेकर को आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    शादी में होगी नो फोन पॉलिसी
    बीते दिनों कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि रश्मिका और विजय ने शादी के कार्यक्रम में नो फोन पॉलिसी को लागू किया है। यानी कोई भी गेस्ट फोन लेकर फंक्शन में शामिल नहीं हो सकेगा। यहां तक कि शादी को शूट करने वाली टीम ने भी एनडीए (गैर-खुलासा समझौता) पर हस्ताक्षर किए हैं। वहीं रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया जा रहा है कि दोनों ने शादी की सिक्योरिटी के लिए विदेशी कंपनी से डील की है।

     

  • एक हफ्ते में 3 डिग्री तक बढ़ा तापमान, बिहार में गर्मी की दस्तक!

    एक हफ्ते में 3 डिग्री तक बढ़ा तापमान, बिहार में गर्मी की दस्तक!

    पटना.

    बिहार की राजधानी पटना सहित राज्य भर के मौसम का मिजाज बदल रहा है। उत्तर पश्चिमी शुष्क हवा के कारण मौसम शुष्क होने के साथ सुबह-शाम हल्की ठंड का प्रभाव बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार रविवार को पश्चिमी हिमालय क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के आसार हैं।

    दिन में धूप निकलने के साथ तापमान में वृद्धि के आसार हैं। राजधानी में छह दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। 15 फरवरी को पटना का अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। जबकि, शुक्रवार को पटना का अधिकतम तापमान 29.0 डिग्री सेल्सियस एवं 32.0 डिग्री सेल्सियस के साथ मोतिहारी में सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया।

    राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस के साथ किशनगंज में दर्ज किया गया। जबकि पटना के न्यूनतम तापमान में 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इस सीजन में पटना का सर्वाधिक न्यूनतम तापमान बीते 15 वर्षों के दौरान दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 11.3-20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार को पटना सहित आसपास के इलाकों का मौसम शुष्क बना रहने के साथ कुछ स्थानों पर आंशिक रूप से बादल छाए रहे।

             प्रमुख शहरों का तापमान
    शहर     अधिकतम (°C)     न्यूनतम (°C)
    पटना     29.0     17.4
    गयाजी     29.0     14.0
    भागलपुर     29.3     14.4
    मुजफ्फरपुर     28.4     17.6

  • सावधान! सड़क पर पड़ी इन वस्तुओं को लांघना माना जाता है अशुभ

    सावधान! सड़क पर पड़ी इन वस्तुओं को लांघना माना जाता है अशुभ

    अक्सर रास्तों, खासकर चौराहों पर, नींबू-मिर्च, कटा हुआ नारियल, पीले चावल या पूजा सामग्री पड़ी दिखाई देती है। कई लोग इन्हें सामान्य कचरा समझकर अनदेखा कर देते हैं या लांघ जाते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार ऐसी कुछ वस्तुओं को भूलकर भी नहीं लांघना चाहिए।

    मान्यता है कि ये वस्तुएं कभी-कभी तंत्र-क्रिया या विशेष पूजा के बाद चौराहे पर रखी जाती हैं। इन्हें लांघना नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करने जैसा माना जाता है। आइए जानते हैं ऐसी पांच चीजों के बारे में जिनसे दूरी बनाए रखना बेहतर बताया गया है।

    कटा हुआ नारियल
    अगर रास्ते में कटा हुआ नारियल और उसके आसपास पूजा सामग्री जैसे फूल, अगरबत्ती या लाल कपड़ा दिखाई दे, तो उसे लांघने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नारियल का उपयोग विशेष पूजा या तंत्र अनुष्ठान में किया जाता है। इसे लांघना अशुभ माना जाता है और इससे जीवन में बाधाएं आने की आशंका जताई जाती है।

    नींबू-मिर्च
    नींबू और मिर्च का प्रयोग नज़र दोष और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए किया जाता है। कई लोग टोटका करने के बाद इसे चौराहे पर फेंक देते हैं। वास्तु मान्यताओं के अनुसार यदि कोई व्यक्ति गलती से भी नींबू-मिर्च को लांघ देता है, तो उसे मानसिक तनाव, कार्यों में रुकावट या नकारात्मक प्रभाव झेलना पड़ सकता है।

    धूप-अगरबत्ती और पूजा सामग्री
    रास्ते में जली या अधजली धूप-अगरबत्ती, कपूर, फूल या अन्य पूजा सामग्री दिखाई दे तो सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसी वस्तुएं अक्सर किसी विशेष अनुष्ठान के बाद छोड़ी जाती हैं। इन्हें लांघना धार्मिक दृष्टि से अनुचित माना जाता है और इससे परेशानियां बढ़ने की आशंका जताई जाती है।

    लाल सिंदूर, हल्दी और चावल
    यदि सड़क पर लाल सिंदूर, हल्दी या चावल गिरे हुए दिखाई दें, तो उन्हें भी लांघने से बचने की सलाह दी जाती है। ये वस्तुएं शुभ कार्यों और तांत्रिक अनुष्ठानों में प्रयुक्त होती हैं। मान्यता है कि इन्हें अनदेखा कर पार करने से जीवन में बाधाएं आ सकती हैं।

    रास्ते में पड़े सिक्के या पैसे
    कई बार सड़क पर सिक्के या कुछ रुपये पड़े मिलते हैं। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार इन्हें भी लांघना या बिना सोचे-समझे उठाना ठीक नहीं माना जाता। कहा जाता है कि कुछ लोग विशेष उपाय या टोटका करके धन को रास्ते में छोड़ देते हैं। ऐसे में सावधानी रखना बेहतर समझा जाता है।

    क्या कहता है व्यावहारिक दृष्टिकोण ?
    हालांकि इन बातों का आधार धार्मिक और पारंपरिक मान्यताएं हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी अनजान वस्तु को छूने या लांघने से पहले सतर्क रहना चाहिए, खासकर स्वच्छता और सुरक्षा के लिहाज से।

    वास्तु शास्त्र और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार रास्ते में पड़ी कुछ वस्तुओं को लांघना अशुभ माना जाता है। चाहे आप इन मान्यताओं में विश्वास करें या न करें, सावधानी बरतना हमेशा बेहतर है। ध्यान रखें कि यह जानकारी पारंपरिक विश्वासों पर आधारित है। किसी भी तरह की परेशानी या भय की स्थिति में विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित होता है।

  • बांग्लादेश की राजनीति में बदलाव, PM बनते ही तारिक रहमान ने भारत को लेकर लिया बड़ा कदम

    बांग्लादेश की राजनीति में बदलाव, PM बनते ही तारिक रहमान ने भारत को लेकर लिया बड़ा कदम

    ढाका 

    बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भारत के साथ रिश्ते को बेहतर करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को भारत के लोगों के लिए वीजा सेवाएं फिर से बहाल कर दी है, जिन्हें मोहम्मद यूनुस की सरकार ने करीब दो महीने पहले सस्पेंड कर दिया था.

    भारत-बांग्लादेश वीजा सर्विस बहाल

    भारतीय नागरिकों के लिए सभी कैटेगरी के वीजा बहाल कर दिए गए हैं, जिनमें मेडिकल और पर्यटन वीजा भी शामिल हैं. पिछले साल दिसंबर में बिजनेस और वर्क वीजा पर रोक नहीं लगाई गई थी. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार (20 फरवरी) सुबह सेवाएं बहाल कर दी गईं. बीएनपी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के तीन बाद ये फैसला लिया गया, जो दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में सुधार का संकेत है.

    क्या भारत भी बहाल कर सकता है वीजा सर्विस?

    बांग्लादेश के सिलहट में भारत के वरिष्ठ कांसुलर अधिकारी अनिरुद्ध दास ने गुरुवार (19 फरवरी 2026) को बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों के लिए भी सभी वीजा सेवाएं पूरी तरह बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. बीडी न्यूज24 के अनुसार उन्होंने कहा, 'मेडिकल और डबल-एंट्री वीजा वर्तमान में जारी किए जा रहे हैं. ट्रेवल सहित अन्य कैटेगरी वीजा को फिर से शुरू करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.' उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश संबंध आपसी सम्मान और साझा हितों पर टिकी है.' उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी प्रकार के भारतीय वीजा सामान्य रूप से जारी होने लगेंगे.

    बांग्लादेश में भारतीय हाई कमीशन पर हुआ था हमला

    तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद बांग्लादेश नए राजनीतिक दौर में प्रवेश कर गया है. बांग्लादेश में कट्टरपंथी राजनीतिक कार्यकर्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया था. दिसंबर 2025 में राजनयिक तनाव के मद्देनजर दोनों देशों के बीच कांसुलर और वीजा सेवाएं रोक दी गई थीं.

    सिंगापुर में इलाज के दौरान हादी की मौत की सूचना मिलने के बाद 18 दिसंबर की रात प्रदर्शनकारियों के एक ग्रुप ने चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायोग के सामने प्रदर्शन किया और पत्थर फेंके थे. इसके बाद भारत ने वहां 21 दिसंबर से अगले आदेश तक कामकाज निलंबित कर दिया.

     

  • BAC की रिपोर्ट में तैयार हुआ सत्र का खाका, CM नायब 2 मार्च को पेश करेंगे सवा लाख करोड़ का बजट

    BAC की रिपोर्ट में तैयार हुआ सत्र का खाका, CM नायब 2 मार्च को पेश करेंगे सवा लाख करोड़ का बजट

    चंडीगढ़.

    हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का कैलेंडर तय हो गया है और अब सबकी निगाहें दो मार्च पर टिक गई हैं, जब वर्ष 2026-27 का बजट अनुमान सदन में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री के नाते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करीब सवा लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पेश करेंगे।

    सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) की पहली रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत कर संभावित कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया। बीएसी की सिफारिश के अनुसार दो मार्च को प्रातः 11 बजे बजट पेश होगा। पांच मार्च से बजट अनुमानों पर सामान्य चर्चा शुरू होगी, जो चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगी। 10 से 13 मार्च तक विभागीय स्थायी समितियां बजट अनुमानों पर विस्तार से विचार करेंगी। इसके बाद 16 मार्च को समितियों की रिपोर्टें सदन में रखी जाएंगी और 17 मार्च को वित्त मंत्री द्वारा जवाब के बाद बजट पर चर्चा व मतदान होगा। इसी दिन विनियोग विधेयक भी पेश किया जाएगा।

    23 से 27 फरवरी तक प्रश्नकाल
    20 फरवरी को सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई। इसके बाद 23 से 27 फरवरी तक प्रश्नकाल, शून्यकाल और राज्यपाल के अभिभाषण पर सामान्य चर्चा होगी। 27 फरवरी को मुख्यमंत्री द्वारा जवाब और धन्यवाद प्रस्ताव पर मतदान होगा। 26 फरवरी को वर्ष 2025-26 के अनुपूरक अनुमान (तीसरी किस्त) प्रस्तुत किए जाएंगे और उसी दिन उस पर चर्चा व मतदान भी होगा। साथ ही नियम 121 के तहत प्रस्ताव और चार निर्वाचित समितियों के नामांकन भी होंगे।

    बैठकों का समय और अवकाश
    बीएसपी की रिपोर्ट के अनुसार अलग-अलग तिथियों पर बैठक के समय में बदलाव रहेगा। कुछ दिन सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक और कुछ दिन दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक बैठकें चलेंगी। 21, 22 फरवरी, 28 फरवरी, एक मार्च, तीन, चार मार्च, सात, आठ मार्च तथा 14, 15 मार्च को अवकाश रहेगा। विभागीय स्थायी समितियों की 10 से 13 मार्च तक होने वाली बैठकों को भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इन्हीं में विभिन्न विभागों के खर्च और प्रस्तावित आवंटन की गहन समीक्षा होगी। 18 मार्च को प्रश्नकाल के साथ नियम 15 के तहत निरंतर बैठक और नियम 16 के तहत अनिश्चितकालीन स्थगन संबंधी प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। इसी दिन विभिन्न समितियों की रिपोर्टें भी रखी जाएंगी।

  • गेहूं की फसल पर मंडराया खतरा, आसमान में पांच दिन नहीं होगी हलचल

    गेहूं की फसल पर मंडराया खतरा, आसमान में पांच दिन नहीं होगी हलचल

    होशियारपुर.

    फरवरी 2026 के दूसरे हफ्ते में पिछले साल के मुकाबले तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। चंडीगढ़ के मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, अगले पांच दिनों तक मौसम सूखा रहेगा। इसलिए, मौसम की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए, लुधियाना की पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में एक्सटेंशन एजुकेशन के डायरेक्टर डॉ. मक्खन सिंह भुल्लर ने किसानों को गेहूं की फसल में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है।

    सिंचाई करते समय हवा की गति पर ध्यान दें, ताकि फसल को नुकसान न हो। पंजाब में मौजूदा रबी सीजन के दौरान, लगभग 95 परसेंट गेहूं के एरिया में 25 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच बुवाई हुई थी, जिसे बुवाई के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। गेहूं की फसल में दाने भरते समय ज्यादा तापमान का खास तौर पर असर होता है। इस दौरान बढ़े हुए तापमान से दाने के वज़न पर बुरा असर पड़ता है, जिससे पैदावार और क्वालिटी में कमी आती है। ज्यादा तापमान के कारण, हल्की से मीडियम मिट्टी में बोई गई गेहूं की शुरुआती फसलों में बालियां आ जाती हैं और वे जल्दी पक जाती हैं, जिससे दाने कमज़ोर रह जाते हैं।

    क्रॉप साइंस डिपार्टमेंट के डॉ. हरि राम मुखी ने बताया कि अभी फ्लैग लीफ स्टेज में गेहूं को बढ़ते तापमान से बचाने के लिए 2% पोटैशियम नाइट्रेट (13:0:45) का स्प्रे किया जा सकता है। 200 लीटर पानी में 4 किलोग्राम पोटैशियम नाइट्रेट घोलें। पहला स्प्रे तब करें जब फ्लैग लीफ निकले और दूसरा स्प्रे तब करें जब कलियां निकलें। यह घोल 200 लीटर में तैयार करें, और शाम को स्प्रे करना सबसे अच्छा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, हल्की सिंचाई और पोटैशियम नाइट्रेट (13:0:45) का स्प्रे करने से फसल को ज़्यादा तापमान के बुरे असर से काफी हद तक बचाया जा सकता है।

    डॉ. चरणजीत कौर, चीफ एक्सटेंशन साइंटिस्ट और फार्म एडवाइजरी सर्विस सेंटर, गंगियां ने किसानों से कहा कि वे अपनी गेहूं की फसलों को बढ़ते तापमान के बुरे असर से असरदार तरीके से बचाने के लिए यूनिवर्सिटी की इन सलाहों को अपनाएं। किसानों को इन सलाहों को मानना चाहिए ताकि उनकी फसलें सुरक्षित रहें और प्रोडक्शन कम न हो।

  • विद्युत नियामक आयोग में प्रतिवेदन, बिजली दरों में वृद्धि का मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन ने विरोध

    विद्युत नियामक आयोग में प्रतिवेदन, बिजली दरों में वृद्धि का मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन ने विरोध

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन ने आज विद्युत नियामक की जनसुनवाई में अपना प्रतिवेदन पेश किया। इसमें एसोसिएशन ने आगामी वर्ष 2026–27 में विद्युत दरों में किसी भी प्रकार की वृद्धि होने के खिलाफ पुरजोर विरोध किया। एसोसिएशन ने 13 बिंदुओं में अपनी मांगें रखी।

    एसोसिएशन ने विद्युत नियामक आयोग के सचिव को सौंपे अपने प्रतिवेदन में बताया है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के औद्योगिक विकास में लौह उद्योगों का पारस्परिक सहयोग रहा है। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नीति के वजह से औद्योगिक विकास में अग्रणी बनने जा रहा है। जैसा कि भारत देश में छत्तीसगढ़ राज्य स्टील हब के नाम से जाना जाता है क्योंकि छोटे-छोटे लौह उद्योग जो कम पूंजी में अधिक उत्पादन करते हैं। साथ ही सबसे अधिक मात्रा में छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को रोजगार प्रदान करने में सक्षम है।

    उल्लेखनीय है कि विगत वर्षों में लौह उद्योगों औद्योगिक वातावरण को विद्युत नियामक आयोग द्वारा गतिशील बनाये रखा। फलस्वरूप प्रदेश में औद्योगिक विकास दर एवं प्रदेश का घरेलू सकल उत्पादन जी.डी.पी. की सर्वोच्च ऊंचाई को छू रहा है। नतीजन लौह उद्योगों का विस्तार एवं नये लौह उद्योग लगते जा रहे है। विदित है कि छत्तीसगढ़ में 100 इकाईयों की 300 मिनी स्टील प्लांट (फर्नेस) उद्योग है जो छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल के कुल उत्पादन के लगभग 30 से 35% के सबसे बड़े उपभोक्ता (power intensive industry) है, जो प्रतिवर्ष लगभग 750 करोड़ यूनिट खपत करने वाले उद्योग है इस उच्च श्रेणी के सबसे अधिक बिजली खपत करने वाले उद्योगों द्वारा छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल को प्रतिवर्ष लगभग 5 से 6 हजार करोड़ का राजस्व देने वाले है।

    छत्तीसगढ़ का पूरा लौह उद्योग जीएसटी टैक्स के माध्यम से राज्य शासन एवं भारत सरकार को प्रति वर्ष लगभग 9 से 10 हजार करोड़ से अधिक राजस्व प्रदान करते हैं। यह उद्योग लगभग दो लाख परिवारों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करता है एवं छत्तीसगढ़ के मिनी स्टील प्लांट उद्योग 110 स्पंज आयरन एवं 250 रोलिंग मिलों की बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। ज्ञातव्य है कि वर्तमान विद्युत दर पर मिनी स्टील प्लांट उद्योग बहुत कठिन हो गया है। अतः आपसे निवेदन है कि निम्नलिखित सुझावों एवं मांगों पर त्वरित निर्णय लेने की कृपा करें।

    ये हैं 13 मांगे

    1. मल्टी-ईयर टैरिफ (MYT) 5 वर्ष का होना चाहिए। जो अगले 5 वर्षों के लिए टैरिफ को लगभग स्थिर रखा जाए। कुछ अतिआश्यक पड़ने में उचित सीमा के अंदर बदलाव करे, जिससे उद्योग अपने विस्तार की योजना बना सके।
    2. जो अत्यधिक विद्युत उपभोग (Power intensive) (जिनका लोड फैक्टर 50% से ज्यादा एवं कॉन्टैक्ट डिमांड 2500kVA या उससे ज्यादा है) के लिए एक अलग विद्युत श्रेणी (category) बनाया जाये। जिससे उनकी विकास एवं समस्यओं पर आसानी से ध्यान रखा जा सके और राज्य शासन एवं नियामक आयोग कोई रक्षात्मक (protective) पॉलिसी बना सें।
    3. अत्यधिक विद्युत उपभोग करने वाले (power intensive) HV4- मिनी स्टील प्लांट उद्योगों के लिए विद्युत दर एवरेज बिलिंग दर लगभग रूपये 5.50 प्रति यूनिट होना चाहिए, जिससे उड़ीसा, झारखंड, दोमादर वेली (DVC) आदि जैसे दूसरे बड़े स्टील बनाने वाले राज्यों के समकक्ष हो। अत्यधिक विद्युत उपभोगक्ता से एवरेज बिलिंग लगभग वोल्टेज-वाइज कॉस्ट ऑफ सप्लाई (वर्ष 25-25 रूपये 5.55 प्रति यूनिट 33 केवी सप्लाई के लिए, जैसा नियामक आयोग ने टैरिफ ऑर्डर 24-25 में तय किया है (पिछले रेवेन्यू गैप को छोड़कर) नियामक आयोग ने टैरिफ ऑर्डर में वर्ष 25-26 के लिए वोल्टेज-वाइज कॉस्ट ऑफ सप्लाई तय नहीं की है) के बराबर होना चाहिए।
    4. लोड फैक्टर प्रोत्साहन पूर्व की भांति जारी रखा जाये यानी 50% लोड फैक्टर पर 1% प्रोत्साहन से शुरू करके हर 1% बढ़ोतरी पर प्रोत्साहन 1% बढ़ाया जाए जो ज्यादा से ज्यादा 74% तक हो।
    5. शटडाउन एवं साप्ताहिक अवकाश के दिनों को ध्यान में रखते हुए, पॉवर ऑफ के घंटे को बढ़ाकर हर माह औसतन 72 घंटे किए जाए, जिससे उद्योगों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को भी मेंटेनेंस के काम के लिए काफी समय मिल सके।
    6. लोड शेडिंग के दौरान हर महीने नॉर्मल पॉवर ऑफ आवर्स के अलावा, असल लोड शेडिंग पीरियड के आधार पर एक्स्ट्रा पॉवर ऑफ आवर्स दिए जाए।
    7. फ्यूल एवं पॉवर परचेस एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) को जीरो पर रीसेट किया जाए क्योंकि वर्ष 25-26 के दौरान एनर्जी चार्ज पर यह 18% तक बढ़ गया है।
    8. FCA और FPPA सरचार्ज के कैलकुलेशन की इंडिपेंडेंट चेकिंग के लिए एक ठीक और पारदर्शी तरीका शुरू किया जाये।
    9. सोलर पॉवर बैंकिग को एड्रेस करने के लिए सोलर आवर्स के दौरान कॉन्ट्रैक्ट डिमांड को अधिकतम सीमा 20% तक पार करने पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगाया जाये।
    10. बिजली बिल विलम्ब भुगतान पर सरचार्ज के बराबर एडवांस पेमेंट पर छूट (APR) (अभी DPS बिल का 1.5% हर महीने या उसके हिस्से के लिए है और APR सिर्फ 1.25% है) दिया जा सकता है ताकि बिजली बिलों का एडवांस पेमेंट बढ़ाया जा सके जिससे छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी का कैश फ्लो बेहतर होगा। उद्योगों को स्मार्ट (प्रीपेमेंट) एनर्जी मीटर लगाने का विकल्प दिया जाए।
    11. अत्यधिक विद्युत उपभोग करने वाले (power intensive) उद्योग के लिए विलम्ब भुगतान सरचार्ज को हर दिन के हिसाब से तय किया जाना चाहिए (देरी वाले दिनों की संख्या पर 0.05% हर दिन) क्योंकि उनकी बिजली बिल की राशि बहुत अधिक होती है और थोड़ी सी भी देरी से उन पर बहुत अधिक DPS का बोझ पड़ता है।
    12. सभी अत्यधिक विद्युत उपभोग करने वाले (power intensive) उद्योग अपनी डिमांड को अनुमेय सीमाएँ (permissible limits) के अंदर कंट्रोल करने के लिए आटोमेटेड डिमांड सिस्टम लगाती है, लेकिन यह देखा गया है कि कुछ मामलों में ऐसे सिस्टम के थोड़े समय के लिए खराब होने की वजह से डिमांड अनुमेय सीमाएँ से ज्यादा हो जाती है, जिससे ऐसे उपभोक्ता पर पेनल्टी चार्ज के तौर पर भारी पैसे का बोझ पड़ता है, इसलिए ऐसी किसी भी स्थिति को (जैसे साल में एक बार) उन उपभोक्ता के लिए छूट कर दिया जाना चाहिए जिन्होंने आटोमेटेड डिमांड कंट्रोल सिस्टम लगवाया है।
    13. सोलर पॉवर प्लांट को लगाने को बढ़ावा देने के लिए प्रोसेस / परमिसेंस को आसान बनाना चाहिए और राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए सोलर पॉवर पर किसी भी कॉस सब्सिडी सरचार्ज को माफ किया जाना चाहिए। मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन ने निवेदन करते हुए कहा है कि “छोटे उद्योगों का समूह है वर्तमान सरकार छोटे उद्योगों के हित में कार्य करने को तत्पर भी है ऐसे में हमारी संस्था आपसे अनुरोध करते है, कि कृपया हमारे द्वारा दिए गए सुझावों का आप संज्ञान ले और हमारे दिए गए सुझावों को नए टैरिफ आर्डर में समाहित करे, उक्त सुझावों के आधार पर पुनः अनुरोध है कि टैरिफ की दरों में वृद्धि न किया जाये, प्रदेश की राज्य सरकार भी नए टैरिफ में हितबद्ध है, विभिन्न योजना में दिए जाने वाले लाभ का भार एवं विद्युत वितरण कंपनी के द्वारा लाइन लॉस को कम नहीं कर पाने का खामियाजा हम पर न्यायहित में नहीं डाला जाना चाहिए, अतः हम सभी टैरिफ निर्धारण में शामिल सभी से अनुरोध करते है, कि मिनी स्टील प्लांट को बचाने में आप अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं ताकि उद्योगों से जुडे उद्योगपति एवं छत्तीसगढ़ के अकुशल श्रमिकों की रोजी-रोटी और छत्तीसगढ़ प्रदेश के राजस्व की रक्षा हो सके। तथा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास की ओर अग्रसर होवे।”

    बिजली बिल प्रति मिनट 7 रुपए को 5 रुपए किया जाए : मनीष धुप्पड़
    मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के महासचिव मनीष धुप्पड़ ने कहा कि “हम मिनी स्टील प्लांट वाले बिजली विभाग के प्रदेश के सबसे बड़े उपभोक्ता हैं। सीएसईबी जितनी बिजली पैदा करती है, उतनी हम अकेले 35% कंज्यूम करते हैं और साल में 10 हजार करोड़ रुपए का राजस्व भी देते हैं। दुधारू गाय होने के बावजूद हमारे लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं हैं, हमेशा नियम बदले जा रहे हैं। आज से 6 माह बाद क्या होगा हमें नहीं पता चलता। हमारा मुकाबला देश के अन्य राज्यों से है। सरकार को चाहिए कि हमें बनाए रखने के लिए लागू करें जो कम से कम 5 सालों का हो। अभी हमें 7 रुपये बिजली बिल प्रति मिनट चुकानी पड़ रही है, जिसे 5 रुपए तक दिया जाए तभी हम प्रतिस्पर्धा में अन्य राज्यों के सामने टिक सकेंगे और प्रदेश किसी आर्थिक विकास में अपना योगदान दे सकेंगे।

    बिजली बिल बढ़ाना चाहती है सरकार : दीपक बैज
    विद्युत नियामक आयोग की सुनवाई पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि “पिछले दो साल में भाजपा सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना को बंद कर दिया है। चार बार बिजली की दर बढ़ाई गई। अब विद्युत नियामक आयोग में जनसुनवाई चल रही है, इसका मतलब साफ है कि सरकार बिजली बिल बढ़ाना चाहती है। साथ ही केंद्र ने सेस भी कम कर दिया।”

  • सुपर-8 का रोमांच शुरू: 9 दिन में 12 मैचों का शेड्यूल, क्या आपके पसंदीदा टीम की होगी जीत?

    सुपर-8 का रोमांच शुरू: 9 दिन में 12 मैचों का शेड्यूल, क्या आपके पसंदीदा टीम की होगी जीत?

    कोलंबो

    आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में लीग मुकाबलों का दौर समाप्त हो चुका है. यह टूर्नामेंट अब अपने दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा है. 20 टीमों के इस मेगा टूर्नामेंट में अब केवल आठ टीमें बची हैं, जो सुपर-8 राउंड में जंग लड़ेंगी. सुपर-8 मुकाबलों की शुरुआत शनिवार (21 फरवरी) से होगी. सुपर-8 का पहला मुकाबला आज पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे से खेला जाएगा.

    ग्रुप स्टेज में कई करीबी मुकाबले और उलटफेर देखने को मिले हैं.आईसीसी की ओर से प्री-सीड की गई आठ टीमों में से सात ने सुपर-8 में जगह बनाई. जबकि ऑस्ट्रेलिया सुपर-8 में जगह नहीं बना पाया और उसके स्थान पर जिम्बाब्वे ने एंट्री ली. कुल मिलाकर भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और जिम्बाब्वे सुपर-8  में पहुंचने वाली टीम्स हैं. इन आठ टीमों को चार-चार के दो ग्रुप्स में बांटा गया है.

    ग्रुप-1 में सहमेजबान भारत के अलावा  वेस्टइंडीज, जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका की टीम्स हैं. इन चारों टीमों ने अपने-अपने ग्रुप में टॉप किया था. ग्रुप-2 में पाकिस्तान, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और सहमेजबान श्रीलंका आमने-सामने होंगे. यह ग्रुप भी बेहद प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है, जहां हर मैच सेमीफाइनल की दौड़ तय करेगा. सुपर-8 चरण में मुकाबले सिंगल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेले जाएंगे, यानी हर टीम अपने ग्रुप की बाकी तीन टीमों से एक-एक मैच खेलेगी. दोनों ग्रुप से टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी.

    भारतीय टीम का कब-कब मैच?
    सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम सुपर-8 स्टेज में अपना पहला मुकाबला 22 फरवरी (रविवार) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलेगी. इसके बाद उसका दूसरा मुकाबला 26 फरवरी (गुरुवार) को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ निर्धारित है. सुपर-8 स्टेज में भारतीय टीम अपना आखिरी मुकाबला 1 मार्च (रविवार) को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के विरुद्ध खेलने वाली है. बता दें कि सुपर 8 में भारतीय टीम के सभी मैच शाम 7 बजे से होंगे.

    सुपर-8 चरण 21 फरवरी से शुरू होकर 1 मार्च तक चलेगा. कुल 9 दिन चलने वाले सुपर-8 स्टेज में 12 मुकाबले खेले जाएंगे, इसके बाद टूर्नामेंट अपने निर्णायक दौर में प्रवेश करेगा, जहां चार टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी. 4 और 5 मार्च को सेमीफाइनल मुकाबले निर्धारित हैं. जबकि मौजूदा वर्ल्ड कप का फाइनल 8 मार्च को आयोजित होगा.

    सुपर 8 का ग्रुप
    ग्रुप-1: भारत, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे
    ग्रुप-2: श्रीलंका, इंग्लैंड, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड

    सुपर-8 और नॉकआउट मैचों का शेड्यूल

    तारीख टीम्स वेन्यू समय
    21 फरवरी न्यूजीलैंड vs पाकिस्तान RPS, कोलंबो शाम 7 बजे
    22 फरवरी इंग्लैंड vs श्रीलंका पल्लेकेले दोपहर 3 बजे
    22 फरवरी भारत vs साउथ अफ्रीका अहमदाबाद शाम 7 बजे
    23 फरवरी जिम्बाब्वे vs वेस्टइंडीज वानखेड़े, मुंबई शाम 7 बजे
    24 फरवरी इंग्लैंड vs पाकिस्तान पल्लेकेले शाम 7 बजे
    25 फरवरी न्यूजीलैंड vs श्रीलंका RPS, कोलंबो शाम 7 बजे
    26 फरवरी साउथ अफ्रीका vs वेस्टइंडीज अहमदाबाद दोपहर 3 बजे
    26 फरवरी भारत vs जिम्बाब्वे चेन्नई शाम 7 बजे
    27 फरवरी इंग्लैंड vs न्यूजीलैंड RPS, कोलंबो शाम 7 बजे
    28 फरवरी पाकिस्तान vs श्रीलंका पल्लेकेले शाम 7 बजे
    1 मार्च जिम्बाब्वे vs साउथ अफ्रीका दिल्ली दोपहर 3 बजे
    1 मार्च भारत vs वेस्टइंडीज कोलकाता शाम 7 बजे
    4 मार्च पहला सेमीफाइनल कोलंबो/कोलकाता शाम 7 बजे
    5 मार्च दूसरा सेमीफाइनल वानखेड़े, मुंबई शाम 7 बजे
    8 मार्च फाइनल अहमदाबाद/ कोलंबो शाम 7 बजे
  • सम्राट चौधरी का तंज- ‘हाथी’ भी हो रहे बीमार, पप्पू यादव बोले थे- ‘बिहार पुलिस चींटी भी नहीं मार पाती’

    सम्राट चौधरी का तंज- ‘हाथी’ भी हो रहे बीमार, पप्पू यादव बोले थे- ‘बिहार पुलिस चींटी भी नहीं मार पाती’

    पटना.

    राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग एयरपोर्ट पर उतरते ही दावा करते हैं कि बिहार पुलिस 'चींटी भी नहीं मार पाती।' लेकिन हकीकत उनसे दो घंटे बाद मिलती है-जब वही लोग कानून के शिकंजे में आ जाते हैं।

    सम्राट ने तंज कसते हुए कहा कि गिरफ्तारी के बाद अचानक तबीयत बिगड़ जाती है और अस्पताल का रास्ता ज्यादा सुरक्षित लगने लगता है। उनका इशारा उन नेताओं की ओर था जो गिरफ्तारी से पहले सख्त बयान देते हैं और बाद में मेडिकल कारणों का सहारा लेते हैं। उन्होंने कहा, 'अब तो हाल यह है कि हाथी भी बीमार होकर अस्पताल जाना पसंद करने लगे हैं।' यह टिप्पणी साफ तौर पर राजनीतिक प्रतीकवाद के जरिए विपक्ष पर निशाना थी।

    'एयरपोर्ट पर दावे, दो घंटे में हकीकत'
    सम्राट ने कहा कि बिहार की कानून-व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिश की जाती है। कुछ नेता बाहर से आकर बड़े-बड़े दावे करते हैं और राज्य की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं। लेकिन कानून अपना काम करता है और कार्रवाई होते देर नहीं लगती। उन्होंने दावा किया कि बिहार पुलिस पूरी तरह सतर्क और सक्षम है। अपराधियों के खिलाफ सख्ती से अभियान चल रहा है। इसलिए 'चींटी' वाला बयान सिर्फ राजनीतिक ड्रामा है, हकीकत नहीं।

    'गिरफ्तारी के बाद बीमारी' पर तंज
    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कार्रवाई होते ही कुछ लोगों की सेहत अचानक बिगड़ जाती है। अस्पताल में भर्ती होना उन्हें ज्यादा सुविधाजनक लगता है। उन्होंने व्यंग्य में कहा कि यह नई राजनीतिक परंपरा बन गई है। 'कानून का सामना करने से बेहतर लोग मेडिकल रिपोर्ट का सहारा लेते हैं,' उन्होंने कहा। उनकी टिप्पणी को विपक्ष पर सीधा हमला माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस बयान की खूब चर्चा हो रही है।

    'बिहार की छवि खराब करने की कोशिश'
    सम्राट ने आरोप लगाया कि विपक्ष बिहार की छवि खराब करने में लगा है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का राज है और सरकार अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। विपक्ष के बयान तथ्यों से परे हैं और जनता सब समझती है। उन्होंने कहा कि विकास और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार मजबूत है। राजनीतिक बयानबाजी से सच्चाई नहीं बदलती। बिहार की व्यवस्था पर सवाल उठाने वालों को पहले हकीकत देखनी चाहिए।