Author: NewseDay

  • MP में नई रेल लाइन से यात्री और माल परिवहन होगा तेज, ट्रेनों की लेटलतीफी में कमी आने की उम्मीद

    MP में नई रेल लाइन से यात्री और माल परिवहन होगा तेज, ट्रेनों की लेटलतीफी में कमी आने की उम्मीद

    भोपाल 
    पश्चिम मध्य रेलवे में लगातार बढ़ते रेल यातायात के दबाव से निपटने के लिए तीसरी रेल लाइन के विस्तार पर काम किया जा रहा है। रेलवे 500 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन बिछाने की तैयारी है। बताया जाता है कि परियोजना का सर्वे अंतिम चरण में है। रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद काम शुरु किया जाएगा। करीब तीन साल में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। तीसरी लाइन बनने के बाद यात्री और मालगाड़ियों के लिए नया रेल पाथ उपलब्ध होगा। इससे ट्रेनों को रोकने और लाइन क्लियर होने के इंतजार की समस्या कम होगी। ट्रेनों की गति बढ़ाने के साथ परिचालन को भी व्यवस्थित किया जा सकेगा।

    कार्य अंतिम स्तर पर
    थर्ड लाइन को लेकर सर्वे का कार्य अंतिम स्तर पर है। इसके तैयार होने से न केवल ट्रेनों की संख्या में इजाफा होगा, बल्कि पंक्चुअलिटी भी बेहतर होगी। इससे औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा। – डॉ. मधुर वर्मा, सीपीआरओ, पमरे

    रोजाना 450 से अधिक ट्रेनों का दबाव
    पश्चिम मध्य रेलवे का इटारसी जंक्शन प्रमुख रेल केंद्रों में शामिल है। यहां से रोजाना 450 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी संख्या में मालगाड़ियां भी इस नेटवर्क से गुजरती हैं। मौजूदा दो लाइनों पर बढ़ते यातायात के कारण कई बार ट्रेनों को लाइन क्लियरेंस के लिए रोकना पड़ता है। तीसरी लाइन बनने के बाद परिचालन के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।
    7 हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान

    सूत्रों के अनुसार, तीसरी लाइन परियोजना पर करीब 7 हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान है। रेलवे के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, एक किलोमीटर रेल लाइन बिछाने में करीब 12 से 15 करोड़ रुपए तक खर्च हो सकता है। यह खर्च भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करेगा। इसमें ट्रैक निर्माण के साथ सिग्नलिंग, विद्युतीकरण और अन्य जरूरी रेल अधोसंरचना के काम भी शामिल होंगे।

    जबलपुर को भी मिलेगा फायदा
    इस रेलखंड से जबलपुर होकर कई लंबी दूरी की ट्रेनें संचालित होती हैं। यह रेलखंड माल परिवहन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। तीसरी लाइन बनने के बाद ट्रेनों के संचालन में सुधार का लाभ बड़ी संख्या में यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। यात्री ट्रेनों के कारण मालगाड़ियों को लंबे समय तक रोकने की जरूरत कम होगी। इससे माल परिवहन की गति बढ़ने के साथ औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिल सकता है।

    यह है स्थिति
    500 किलोमीटर लंबी रेल लाइन।
    07 हजार करोड़ रुपए अनुमानित लागत।
    450 से अधिक ट्रेनों का होता है आवागमन।
    300 यात्री ट्रेनें, और 150 मालगाड़ियों की आवाजाही

    यह होगा फायदा
    ट्रैक मेंटेनेंस के लिए समय मिलेगा।
    ट्रैक का रखरखाव आसान होगा।
    ट्रेनों की गति बढ़ेगी।
    परिचालन व्यवस्था बेहतर होगी।
    कोचिंग ट्रेनों की संख्या बढ़ सकेगी।

  • Navratri 2026:  11 अक्टूबर शुरू होंगे शारदीय नवरात्र, घटस्थापना का मुहूर्त और पूजा

    Navratri 2026: 11 अक्टूबर शुरू होंगे शारदीय नवरात्र, घटस्थापना का मुहूर्त और पूजा

    Sharadiya Navratr2026 : शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना की शुरुआत कलश स्थापना के साथ होती है.  इस दिन घरों और मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है.  अगर आप भी नवरात्र में घटस्थापना की तैयारी कर रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री और स्थापना की विधि जान लेना जरूरी है.  साल 2026 में शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी.

    कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है?
    पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्र के पहले दिन यानी 11 अक्टूबर को कलश स्थापना की जाएगी.  नई दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग के मुताबिक, घटस्थापना का सुबह का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक बताया गया है.  वहीं, वैकल्पिक अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा.  

    ध्यान रखें कि घटस्थापना का मुहूर्त शहर के अनुसार बदल सकता है.  इसलिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग में दिए गए समय की पुष्टि कर लें.

    कब शुरू होगी प्रतिपदा तिथि?
    हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2026 की रात से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात तक रहेगी.  उदया तिथि के आधार पर नवरात्र का पहला दिन 11 अक्टूबर को माना जाएगा.  इसी दिन मां शैलपुत्री की पूजा और कलश स्थापना की परंपरा है.

    कलश स्थापना के लिए किन चीजों की जरूरत होगी?
    घटस्थापना से पहले पूजा की सामग्री तैयार कर लेना बेहतर रहता है.  इसके लिए मिट्टी का पात्र, जौ, साफ मिट्टी, जल से भरा कलश, नारियल, आम या अशोक के पत्ते, लाल कपड़ा, रोली, अक्षत, फूल, दीपक, धूप और फल जैसी सामग्री रख सकते हैं.  परंपरा के अनुसार सामग्री में क्षेत्र और परिवार की पूजा-पद्धति के आधार पर अंतर हो सकता है.

    कैसे करें कलश स्थापना?
    सबसे पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें . मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा को साफ स्थान पर स्थापित करें.  इसके बाद पूजा की चौकी तैयार करें. परंपरा के अनुसार मिट्टी के पात्र में मिट्टी और जौ बोएं.

    अब कलश में जल भरें.  उसमें सुपारी, अक्षत या सिक्का डालें.  कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाकर नारियल स्थापित करें.  इसके बाद मां दुर्गा का ध्यान करते हुए विधिवत पूजा के बाद आरती करें.

    नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा
    नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है.  धार्मिक मान्यताओं में उन्हें शक्ति, स्थिरता और प्रकृति का प्रतीक माना जाता है.  भक्त इस दिन पूजा-अर्चना और व्रत का संकल्प लेते हैं.  इसके बाद नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है.

    नवरात्र से पहले इन बातों का रखें ध्यान
    कलश स्थापना से पहले पूजा स्थल को साफ रखें, जरूरी सामग्री पहले से जुटा लें.  पूजा के दौरान स्वच्छता और अपनी परंपरा के अनुसार नियमों का पालन करें.  अगर अखंड ज्योति जलाने की योजना है, तो उसकी सुरक्षित व्यवस्था भी पहले कर लें.

     

  • नवरात्र 2026 से पहले कर लें ये तैयारियां, पूजा सामग्री से लेकर घटस्थापना तक जानें जरूरी बातें

    नवरात्र 2026 से पहले कर लें ये तैयारियां, पूजा सामग्री से लेकर घटस्थापना तक जानें जरूरी बातें

    Sharadiya Navratri
    शारदीय नवरात्र शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं.  इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और घरों में कलश स्थापना से लेकर अखंड ज्योति तक कई धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं.  मान्यता है कि नवरात्र से पहले घर की साफ-सफाई और पूजा स्थल की तैयारी कर लेना शुभ माना जाता है.  इस बार शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होकर 19 अक्टूबर को महानवमी मनाई जाएगी.

    नवरात्र से पहले घर की सफाई करें
    नवरात्र शुरू होने से पहले घर के पूजा स्थल और आसपास की अच्छी तरह सफाई कर लें.  धार्मिक मान्यताओं में साफ-सुथरे स्थान को पूजा के लिए विशेष महत्व दिया गया है.  इसलिए मंदिर की सफाई के साथ वहां रखी पुरानी या खराब हो चुकी पूजा सामग्री को भी व्यवस्थित कर लें.

    घर के मुख्य द्वार, पूजा घर और रसोई की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है. नवरात्र के दौरान कई लोग सात्विक भोजन और व्रत का पालन करते हैं, इसलिए रसोई को भी पहले से व्यवस्थित करना सुविधाजनक रहेगा.

    पूजा की सामग्री पहले से जुटा लें
    नवरात्र में कलश स्थापना की जाती है, इसलिए पूजा सामग्री पहले से तैयार रखना बेहतर है.  कलश, नारियल, आम के पत्ते, रोली, अक्षत, फूल, दीपक, धूप, फल और पूजा में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री की व्यवस्था पहले ही कर लें.

    अगर आप नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाने वाले हैं तो दीपक, तेल या घी और पर्याप्त मात्रा में बाती भी पहले से रख लें.  इससे पूजा के समय किसी जरूरी सामान की कमी नहीं होगी.

    घर के पूजा स्थल को सजाएं
    नवरात्रि से पहले पूजा घर को फूलों, साफ कपड़े और दीपक से सजाया जा सकता है.  मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर को साफ करके उचित स्थान पर स्थापित करें.  पूजा स्थल के आसपास अनावश्यक सामान न रखें.

    धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्रि के दौरान पूजा स्थल को शांत और स्वच्छ रखना शुभ माना जाता है.

    नवरात्रि में घटस्थापना का महत्व
    नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है.  2026 में शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होगी.  नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार घटस्थापना का मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक बताया गया है.  हालांकि पूजा का मुहूर्त शहर के अनुसार बदल सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग के समय को प्राथमिकता देना बेहतर है.

    महालया कब है?
    दुर्गा पूजा और नवरात्र से पहले महालया का भी विशेष महत्व माना जाता है.  साल 2026 में महालया 10 अक्टूबर को है.  बंगाली परंपरा में महालया के साथ देवी पक्ष की शुरुआत मानी जाती है . इसके बाद मां दुर्गा के आगमन की तैयारियां तेज हो जाती हैं.

    दुर्गा पूजा कब से शुरू होगी?
    2026 में कोलकाता समेत बंगाल में दुर्गा पूजा का मुख्य उत्सव 17 अक्टूबर से शुरू होगा.  षष्ठी से लेकर विजयादशमी तक पूजा और उत्सव का सिलसिला चलेगा.  पश्चिम बंगाल के आधिकारिक पूजा कैलेंडर के अनुसार 17 अक्टूबर को महाषष्ठी, 18 अक्टूबर को महासप्तमी, 19 अक्टूबर को महाअष्टमी, 20 अक्टूबर को महानवमी और 21 अक्टूबर को विजयादशमी होगी.

    वहीं, देश के अधिकांश हिस्सों में शारदीय नवरात्र 11 से 19 अक्टूबर तक रहेगी, 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी.  क्षेत्रीय पंचांग के अनुसार तारीखों में अंतर हो सकता है.

    नवरात्रि से पहले मन और घर दोनों तैयार करें
    नवरात्रि को केवल पूजा-पाठ का समय ही नहीं बल्कि आत्मचिंतन और सकारात्मक शुरुआत का अवसर भी माना जाता है.  इसलिए इन नौ दिनों की शुरुआत से पहले घर को व्यवस्थित करने के साथ अपने दैनिक जीवन में भी अनुशासन लाने की कोशिश करें.  पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक नियमों का पालन अपनी परंपरा और सामर्थ्य के अनुसार किया जा सकता है.

  • Shardiya Navratri 2026: घटस्थापना के साथ जरूर करें ये 5 कार्य, घर में आएगी सकारात्मक ऊर्जा

    Shardiya Navratri 2026: घटस्थापना के साथ जरूर करें ये 5 कार्य, घर में आएगी सकारात्मक ऊर्जा

    Navratr 2026
    नवरात्रि का पावन पर्व 11 अक्टूबर, रविवार से आरंभ हो रहा है। देवी आराधना के लिए समर्पित इन नौ दिनों में भक्त श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार व्रत रखते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं। मान्यता है कि नवरात्रि में विधि-विधान से की गई साधना मन को शांति देने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ाती है। ऐसे में नवरात्रि के पहले दिन यानी आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से कुछ विशेष कार्य करना शुभ माना जाता है।

    1. कलश स्थापना करें
    नवरात्रि के प्रथम दिन घर में विधि-विधान से कलश स्थापित करना शुभ माना जाता है। कलश को शक्ति, समृद्धि और जीवन का प्रतीक माना जाता है। देवी पूजा की शुरुआत कलश स्थापना और मां दुर्गा के आह्वान से की जाती है। मान्यता है कि नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक कलश की स्थापना भक्त को नियमित पूजा, जप और साधना से जोड़े रखती है।

    2. दुर्गा सप्तशती का पाठ करें
    नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ विशेष महत्व रखता है। संभव हो तो प्रतिदिन इसका पाठ करें। यदि समय कम हो तो देवी कवच, अर्गला स्तोत्र और कीलक स्तोत्र का नियमित पाठ किया जा सकता है। सुविधा के अनुसार दुर्गा सप्तशती के 13 अध्यायों को नौ दिनों में बांटकर भी पढ़ा जा सकता है। मान्यता है कि देवी की महिमा का पाठ करने से मनोबल बढ़ता है और मां की कृपा प्राप्त होती है।

    3. नवार्ण मंत्र का जाप करें
    नवरात्रि में नवार्ण मंत्र का जाप देवी उपासना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। मंत्र है- 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे'। मान्यता के अनुसार इस मंत्र के जाप से मां सरस्वती, मां लक्ष्मी और मां काली की आराधना का फल प्राप्त होता है। इसे रुद्राक्ष की माला से जप सकते हैं। समय कम हो तो रोज कम से कम एक माला यानी 108 बार जाप करें।

    4. कन्याओं को भोजन कराएं
    नवरात्रि में कन्या पूजन और कन्याओं को भोजन कराने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में कन्याओं को देवी स्वरूप माना गया है। सामर्थ्य हो तो प्रतिपदा से महानवमी तक कन्याओं को भोजन कराया जा सकता है। किसी अनाथालय में बच्चियों को भोजन कराना भी सेवा का अच्छा माध्यम हो सकता है।

    5. जरूरतमंदों की सहायता करें
    नवरात्रि केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि सेवा और दान-पुण्य का भी अवसर है। इस दौरान जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, फल, दवाएं, जूते-चप्पल जैसी उपयोगी वस्तुएं दान करें। सामर्थ्य रखने वाले लोग बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण में सहयोग करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर सकते हैं। सच्चे मन से की गई सेवा को देवी आराधना का ही एक रूप माना जाता है।

  • शनिवार का राशिफल: 10 अक्टूबर को इन राशियों पर बरसेगी कृपा, धन लाभ और करियर में तरक्की के योग

    शनिवार का राशिफल: 10 अक्टूबर को इन राशियों पर बरसेगी कृपा, धन लाभ और करियर में तरक्की के योग

    मेष राशि- आज आपका दिन ठीक रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। कामकाज में पहले से बेहतर स्थिति बन सकती है। व्यापार में कोई नया काम शुरू करने का विचार आ सकता है। प्रेम और संतान से जुड़े मामले मध्यम रहेंगे। किसी काम में मन थोड़ा कम लगेगा। छोटी-मोटी परेशानी हो सकती है, लेकिन किसी बड़े नुकसान के संकेत नहीं हैं। लाल वस्तु पास रखना शुभ होगा।

    वृषभ राशि- आज मन थोड़ा परेशान रह सकता है। मानसिक तनाव बढ़ सकता है। प्रेम संबंधों में छोटी बात पर तू-तू, मैं-मैं हो सकती है। विद्यार्थियों के मन में असमंजस रहेगा कि क्या करें और क्या न करें। आज कोई महत्वपूर्ण फैसला लेने से बचें। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। काली जी को प्रणाम करना शुभ होगा।

    मिथुन राशि- आज घर में किसी बात को लेकर मनमुटाव हो सकता है। कोई बड़ा विवाद नहीं होगा, लेकिन एक-दूसरे की बात गलत समझने की स्थिति बन सकती है। भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी में अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। काम में देरी होगी, लेकिन काम पूरा होगा। व्यापार अच्छा चलेगा। काली जी को प्रणाम करना शुभ होगा।

    कर्क राशि- आज स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में दिन अच्छा रहेगा। व्यापार की स्थिति अभी सामान्य रहेगी। न ज्यादा फायदा दिख रहा है और न कोई बड़ा नुकसान। कुल मिलाकर स्थिति न्यूट्रल रहेगी। बाकी मामलों में पहले से बेहतर स्थिति बन सकती है। लाल वस्तु पास रखना शुभ होगा।

    सिंह राशि- आज धन हानि से बचकर रहें। निवेश करने से अभी बचना बेहतर होगा। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामले मध्यम रहेंगे। व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। पैसों से जुड़े किसी फैसले में जल्दबाजी न करें। सूर्य को जल देना शुभ होगा।

    कन्या राशि- आज घबराहट और बेचैनी बनी रह सकती है। मन में उत्साह रहेगा, लेकिन ऊर्जा का स्तर थोड़ा कम रहेगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में दिन अच्छा रहेगा। व्यापार भी अच्छा चलेगा। काम को लेकर ज्यादा दबाव न लें। शनि देव को प्रणाम करना शुभ होगा।

    तुला राशि- आज सिर दर्द और आंखों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। खर्च बढ़ने से मन थोड़ा परेशान रहेगा। किसी अज्ञात डर या चिंता की स्थिति भी बन सकती है। हालांकि स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। प्रेम और संतान के मामले मध्यम रहेंगे। व्यापार अच्छा चलेगा। शनि देव को प्रणाम करना शुभ होगा।

    वृश्चिक राशि- आज आय के नए रास्ते खुल सकते हैं। पुराने स्रोतों से भी धन लाभ होगा। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापार बहुत अच्छा चलेगा। यात्रा में ज्यादा मजा नहीं आएगा, लेकिन यात्रा लाभ देने वाली रहेगी। सूर्य को जल देना शुभ होगा।

    धनु राशि- आज व्यापार में थोड़ी शिथिलता रहेगी। हालांकि नुकसान के संकेत नहीं हैं। पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। अपने स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न करें। प्रेम और संतान से जुड़े मामले मध्यम रहेंगे। कामकाज में धैर्य से आगे बढ़ें। बजरंगबली को प्रणाम करना शुभ होगा।

    मकर राशि- आज भाग्य के भरोसे कोई काम बनता हुआ नहीं दिख रहा है। हालांकि स्थिति नकारात्मक नहीं है। यात्रा बहुत अच्छी नहीं रहेगी। अपमानित होने का थोड़ा भय रह सकता है, इसलिए संभलकर रहें। प्रेम, संतान और व्यापार से जुड़े मामले बहुत अच्छे रहेंगे। काली जी को प्रणाम करना शुभ होगा।

    कुंभ राशि- आज चोट-चपेट लग सकती है। किसी परेशानी में पड़ने से बचें। परिस्थितियां थोड़ी प्रतिकूल रहेंगी, इसलिए संभलकर आगे बढ़ें। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामले बहुत अच्छे रहेंगे। व्यापार भी अच्छा चलेगा। गणेश जी को प्रणाम करना शुभ होगा।

    मीन राशि- आज निजी जीवन में मन नहीं लगेगा। स्वास्थ्य भी थोड़ा मध्यम रहेगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में उत्साह कम रहेगा। मन थोड़ा बुझा-बुझा रह सकता है। व्यापार लगभग ठीक चलेगा। ज्यादा चिंता करने से बचें। शिवजी का जलाभिषेक करना शुभ होगा।

  • रजिस्ट्री हुई और तुरंत हो गया नामांतरण, अजीत राम साहू को नहीं लगाने पड़े तहसील के चक्कर

    रजिस्ट्री हुई और तुरंत हो गया नामांतरण, अजीत राम साहू को नहीं लगाने पड़े तहसील के चक्कर

    रायपुर

    जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने और लंबे इंतजार की परेशानी अब तकनीक आधारित व्यवस्था से कम हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के श्री अजीत राम साहू ने इस बदलाव को स्वयं महसूस किया। पहले जिस नामांतरण के लिए उन्हें अलग से तहसील कार्यालय जाना पड़ता था और काम पूरा होने का इंतजार करना पड़ता था, इस बार वह रजिस्ट्री के तुरंत बाद ही पूरा हो गया। पंजीयन विभाग की ऑटोम्यूटेशन सुविधा से उन्हें न केवल कार्यालयों की अनावश्यक दौड़भाग से राहत मिली, बल्कि समय की भी बचत हुई। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने अपना अनुभव साझा किया।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रियाओं को आपस में जोड़ने के साथ आधार आधारित ई-केवाईसी जैसी सुविधाओं से नागरिकों के लिए संपत्ति संबंधी कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाया जा रहा है। इन सुधारों का जमीनी प्रभाव जानने के लिए पंजीयन विभाग ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव संकलित कर रहा है।

    पहले नामांतरण के लिए करना पड़ता था इंतजार, अब रजिस्ट्री के साथ ही पूरा हुआ काम

    श्री अजीत राम साहू ने बताया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण के लिए अलग से तहसील कार्यालय जाना पड़ता था। कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता था। इससे खेती-किसानी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए समय निकालने में भी परेशानी होती थी।

    इस बार ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था से रजिस्ट्री के तुरंत बाद उनका नामांतरण पूरा हो गया। इससे उन्हें अलग से तहसील कार्यालय जाने और नामांतरण के लिए इंतजार करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। श्री साहू ने बताया कि इस सुविधा से उनका समय बचा और संपत्ति से जुड़े आगे के कार्यों को पूरा करने में भी आसानी हुई।

    ऑटोम्यूटेशन से रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रिया हुई आसान

    पंजीयन विभाग द्वारा लागू ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के तहत संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे पंजीयन और राजस्व विभाग की संबंधित प्रक्रियाओं के बीच समन्वय बेहतर हुआ है। नागरिकों को नामांतरण के लिए अलग से आवेदन करने और बार-बार संबंधित कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है।

    इस व्यवस्था का विशेष लाभ किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को मिल रहा है, जिन्हें पहले जमीन के नामांतरण के लिए तहसील और राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया जुड़ने से समय की बचत और अनावश्यक दौड़भाग में कमी आ रही है।

    आधार आधारित ई-केवाईसी से पंजीयन में बढ़ रही पारदर्शिता

    पंजीयन व्यवस्था में तकनीक का उपयोग केवल नामांतरण तक सीमित नहीं है। आधार आधारित ई-केवाईसी के माध्यम से क्रेता, विक्रेता और गवाहों की पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। इससे पहचान संबंधी प्रक्रिया अधिक सुगम होने के साथ गलत पहचान के आधार पर पंजीयन की आशंका कम करने में मदद मिल रही है।

    तकनीक आधारित इन सुधारों से पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। नागरिकों के लिए संपत्ति पंजीयन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाकर समय और अनावश्यक कार्यालयीन कार्यवाही को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    अजीत राम की कहानी—तकनीक से आसान हुआ जमीन का काम

    श्री अजीत राम साहू ने रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण होने और कार्यालयों के अतिरिक्त चक्कर से राहत मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने पंजीयन सेवाओं में किए गए सुधारों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।

    श्री साहू का अनुभव बताता है कि पंजीयन व्यवस्था में तकनीकी सुधारों का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। उनके लिए ऑटोम्यूटेशन केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि लंबे इंतजार से मुक्ति, समय की बचत और संपत्ति संबंधी कार्यों को आसानी से पूरा करने का माध्यम बना है।

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सामने आई अजीत राम साहू की यह कहानी पंजीयन सेवाओं में आ रहे बदलाव का उदाहरण है। जहां पहले रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से कार्यालयीन प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी, वहीं अब तकनीक के माध्यम से दोनों प्रक्रियाओं के बीच बेहतर समन्वय से नागरिकों को सुविधा मिल रही है।

  • इज ऑफ लीविंग और नागरिक केन्द्रित प्रशासन पर जोर

    इज ऑफ लीविंग और नागरिक केन्द्रित प्रशासन पर जोर

    रायपुर

    . नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने आज रायपुर नगर निगम के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में आयोजित बैठक में रायपुर में इज ऑफ लीविंग (Ease of Living) और नागरिक-केन्द्रित (Citizen-Centric) प्रशासन पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सिटीजन को कस्टमर भी मानें और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता एवं जवाबदेही से पूर्ण करें। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक  नीलेश क्षीरसागर, सूडा के सीईओ  सुमीत अग्रवाल और रायपुर नगर निगम के आयुक्त  संबित मिश्रा भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

    प्रमुख सचिव  बोरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों में गोलमोल जवाब पर अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि गरीबों के आवास में गुणवत्ताहीन काम और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके कार्यों में कोताही न बरतें। उन्होंने शहर में साफ-सफाई की कमजोर व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने निगम के अधिकारियों को शहर में गंदगी की तस्वीरें दिखाकर सफाई की सुदृढ़ और प्रभावी व्यवस्था बनाने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने काम में लापरवाही पर दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

    प्रमुख सचिव  बोरा हुए नाराज, अफसरों को लगाई कड़ी फटकार

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने समीक्षा बैठक में केंद्र प्रवर्तित फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए अफसरों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने जोन आयुक्तों एवं अभियंताओं को आड़े हाथों लेते हुए कार्यों में प्रगति तथा सुधार लाने की नसीहत दी। अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने जोन कमिश्नरों, उपायुक्तों एवं अपर आयुक्तों को भी प्रतिदिन मॉर्निंग विजिट करने के निर्देश दिए। उन्होंने मॉर्निंग विजिट की रिपोर्ट ग्रुप में साझा करने के भी निर्देश दिए। 

     बोरा ने रायपुर नगर निगम में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अफसरों की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं की निगरानी तथा मॉनिटरिंग सीसीटीवी कैमरे लगाकर की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में इतनी ढिलाई किसी भी स्थिति में सही नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि इन परियोजनाओं की मॉनिटरिंग एवं क्रियान्वयन की मुख्यालय स्तर पर निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि जोन स्तर पर जोन आयुक्तों तथा अभियंताओं के कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए वे आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। 

    समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव  बोरा द्वारा जोन-8 की जोन आयुक्त मती राजेश्वरी पटेल से पीएम आवास योजना के संबंध में सवाल पूछने पर वे कोई जवाब नहीं दे पाईं। जिस पर प्रमुख सचिव खासे नाराज दिखे और कहा कि यदि जोन आयुक्त को ही योजना की जानकारी नहीं है तो योजना की प्रगति का अंदाजा मैं लगा सकता हूं। 

    प्रमुख सचिव ने जेम पोर्टल में निविदाओं में विलंब पर रायपुर नगर निगम के प्रभारी कार्यापालन अभियंता  योगेश कङू को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरोत्थान योजना के कार्यों में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधीक्षण अभियंता  इमरान खान को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। 

    प्रमुख सचिव  बोरा ने बैठक में कहा कि नगरीय प्रशासन विभाग को नागरिकों को उपभोक्ता की तरह मानना चाहिए। जिस प्रकार एक ग्राहक अपने दुकानदार से ये अपेक्षा रखता है कि वो उसे सही समय पर सही सामग्री उपलब्ध कराएगा और उसकी शिकायतों का विनम्रतापूर्वक निवारण करेगा। उन्होंने इसे समझाने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स और एयरलाइन कंपनियों के उदाहरण भी दिए। 

     बोरा ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग सहित सभी निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्दश दिए। उन्होंने कहा कि हर तिमाही में कार्यों की अच्छी प्रगति दिखना चाहिए। उन्होंने निगम के अभियंताओं और अधिकारियों को विजन के साथ काम करते हुए निकट भविष्य में होने वाले कार्यों की रूपरेखा भी बनाकर रखने को कहा। उन्होंने कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।  बोरा ने रायपुर में बन रहे नए नालंदा परिसर में पुराने नालंदा परिसर की कमियों-खामियों को दूरकर आधुनिक परिसर और उच्च स्तरीय व्यवस्थाएं सुनिश्चत करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए भवन में दिव्यांगजनों के लिए भी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चत करने को कहा।

     बोरा ने निगम द्वारा संचालित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स और सीवेज ट्रीटमेट प्लांट्स में बिजली की खपत को कम करने एनर्जी इफिसिएंट  (Energy-Efficient) तकनीकों का उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने जन सुविधाओं को नागरिकों तक पहुंचाने, जरूरत के अनुसार उन्हें दस्तावेज उपलब्ध कराने और राजस्व वसूली में डिजिटल व आधुनिक तकनीकों को अपनाने को कहा। इससे नागरिकों की सुविधाएं बढ़ेंगी और उन्हें तेजी से नागिरक सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

    प्रमुख सचिव ने मिशन अमृत 2.0 के तहत रायपुर के शीतला तालाब के पुनरोद्धार और सौंदर्यीकरण के कार्यों को आगामी मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां गहरीकरण, पिचिंग, पेवर-ब्लॉक इत्यादि कार्यों में टाइमलाइन के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निदान-1100 में प्राप्त नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने को कहा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक  पुलक भट्टाचार्य, रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त संचालक  एस.के. सुंदरानी और मुख्य अभियंता  राजेश शर्मा सहित रायपुर नगर निगम के सभी अपर आयुक्त, उपायुक्त, अभियंता और सभी जोनों के कमिश्नर भी बैठक में उपस्थित थे।

  • सहायक शिक्षक भर्ती विज्ञापन में दिव्यांगता की श्रेणी के निर्धारण के संबंध में संशोधित अधिसूचना

    सहायक शिक्षक भर्ती विज्ञापन में दिव्यांगता की श्रेणी के निर्धारण के संबंध में संशोधित अधिसूचना

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती वर्ष 2026 के अंतर्गत 2,292 पदों का संक्षिप्त विज्ञापन दिनांक 16 अप्रैल 2026 को जारी किया गया था। इसके पश्चात 24 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर विस्तृत विज्ञापन जारी किया गया तथा उसी दिन ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। आवेदन की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2026 निर्धारित थी।

    समाज कल्याण विभाग द्वारा 25 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना में विभिन्न विभागों के पदों के लिए दिव्यांगता की चिह्नांकित श्रेणियों का उल्लेख किया गया था। उक्त अधिसूचना के अनुसार सहायक शिक्षक पद के लिए पूर्ण दृष्टिबाधित (B) श्रेणी का चिह्नांकन नहीं किया गया था। इसी आधार पर भर्ती के विस्तृत विज्ञापन में दिव्यांगता के आरक्षित पदों का निर्धारण किया गया तथा पूर्ण दृष्टिबाधित श्रेणी को शामिल नहीं किया गया।

     इसके बाद समाज कल्याण विभाग द्वारा 11 सितंबर 2026 को संशोधित अधिसूचना जारी की गई, जिसमें सहायक शिक्षक पद के लिए पूर्ण दृष्टिबाधित (B) श्रेणी को भी शामिल किया गया।

     संशोधित अधिसूचना जारी होने से पहले सहायक शिक्षक भर्ती का संक्षिप्त एवं विस्तृत विज्ञापन जारी किया जा चुका था और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी थी। ऐसी स्थिति में संशोधित अधिसूचना के आधार पर पूर्ण दृष्टिबाधित श्रेणी को वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में शामिल करना विधिक एवं व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था।

  • अतिक्रमण के खिलाफ एनएचएआई की सख्त कार्रवाई, तेलीबांधा में अवैध एंट्री बंद

    अतिक्रमण के खिलाफ एनएचएआई की सख्त कार्रवाई, तेलीबांधा में अवैध एंट्री बंद

    रायपुर

    राजधानी रायपुर में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने  भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा अतिक्रमण एवं अनाधिकृत प्रवेश मार्गों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में रिंग रोड नंबर-1 पर तेलीबांधा स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पास की अवैध एंट्री को बंद कर दिया गया है। वहीं, रिंग रोड के भाठागांव क्षेत्र में भी अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई जारी है।

    माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों ने सार्वजनिक सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण और अनाधिकृत प्रवेश मार्गों को हटाने की कार्रवाई लागू नियमों एवं सक्षम न्यायालयों के संबंधित निर्देशों के अनुरूप की जाती है।

    इस संबंध में एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी श्री आलोक कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और यातायात को सुगम बनाए रखना एनएचएआई की प्राथमिकता है। अनाधिकृत प्रवेश मार्गों और अतिक्रमण के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। हमारा प्रयास है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्बाध रहे।

    राष्ट्रीय राजमार्गों पर पैचवर्क रिपेयरिंग लगातार जारी

    राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क की स्थिति बेहतर बनाए रखने और वाहन चालकों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए एनएचएआई द्वारा पैचवर्क रिपेयरिंग का कार्य लगातार कराया जा रहा है। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों एवं गड्ढों की पहचान कर आवश्यक मरम्मत की जा रही है, ताकि सड़क की स्थिति बेहतर बनी रहे और वाहन चालकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

    एनएचएआई द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण हटाने, अनाधिकृत प्रवेश मार्गों पर नियंत्रण रखने तथा अवैध पार्किंग की समस्या के निराकरण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील है कि वे अनाधिकृत कट, अवैध पार्किंग और प्रवेश मार्गों का उपयोग करने से बचें तथा सुरक्षित एवं सुगम व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

  • टीबी और छाती रोगों की जांच के लिए कैमोर में दो दिवसीय विशेष शिविर

    टीबी और छाती रोगों की जांच के लिए कैमोर में दो दिवसीय विशेष शिविर

    भोपाल 

    टीबी एवं छाती संबंधी बीमारियों की पहचान और समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कटनी जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कैमोर में दो दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर शुक्रवार को शुरू हुए शिविर में जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उन्हें निःशुल्क परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया। शिविर के पहले दिन कुल 121 लोगों ने जांच के लिए पंजीयन कराया।

    विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की मरीजों की जांच

    शिविर के प्रथम दिवस जिला चिकित्सालय कटनी के टीबी एवं चेस्ट विशेषज्ञ डॉ. एस.पी. सोनी और डॉ. शिवमोहन सराफ ने मरीजों की जांच की। विकासखंड सिविल अस्पताल विजयराघवगढ़ के खंड चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा दल ने भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं। इस दौरान कुल 60 मरीजों का एक्सरे किया गया जिसमें टीबी के 2 पुराने मरीज पाये गये जबकि 58 व्‍यक्ति स्‍वस्‍थ मिले। इसी प्रकार 84 मरीजों की ब्लड शुगर की जाँच की गई जिसमें 11 डाईबेटिक पाए गए। इसके अलावा 84 खखार जाँच, 90 निक्षय जाँच, 84 एचआईवीं जाँच एवं 84 हैपीटाइटिस जांच भी की गई।

    जबलपुर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ भी करेंगे जांच

    शिविर के दूसरे दिन 10 अक्टूबर को नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर के विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों की जांच करेंगे। इनमें रेस्पिरेटरी मेडिसिन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशीष दीवान तथा डीएम एवं सीनियर पल्मोनरी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अनुज मोहन शामिल हैं। स्क्रीनिंग में चिन्हित मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

    लक्षण दिखने पर कराएं जांच

    सीएमएचओ डॉ. राजसिंह ठाकुर ने बताया कि सांस लेने में परेशानी, खांसी में खून आना, लगातार वजन घटना, भूख न लगना, छाती में दर्द तथा 15 दिन से अधिक समय तक खांसी या बुखार रहने पर स्वास्थ्य जांच कराना जरूरी है। ऐसे लक्षणों से प्रभावित व्यक्ति शिविर में पहुंचकर निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण करा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से शिविर का लाभ उठाकर समय पर जांच एवं उपचार कराने की अपील की है।