Author: NewseDay

  • MP की जेलों में पहली बार आने वाले कैदियों के लिए बदलेगी व्यवस्था, सुधार का मिलेगा मौका

    MP की जेलों में पहली बार आने वाले कैदियों के लिए बदलेगी व्यवस्था, सुधार का मिलेगा मौका

    भोपाल

    प्रदेश की केंद्रीय और जिला जेलों में बंद सजा प्राप्त कैदियों में 81 प्रतिशत ऐसे हैं, जो पहली बार अपराध करने के बाद जेल पहुंचे हैं। अब जेल मुख्यालय ने पहली बार अपराध करने वाले कैदियों के लिए अलग व्यवस्था बनाने, उनकी काउंसिलिंग और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने के साथ पैरोल के लिए अलग मापदंड तय करने का प्रस्ताव बनाया है। जेल महानिदेशक वरुण कपूर ने कहा कि यह प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

    81 प्रतिशत पहली बार अपराध वाले कैदी

    बता दें, यह प्रस्ताव उस अध्ययन के बाद बनाया गया है जिसमें पता चला है कि 19 प्रतिशत कैदी ऐसे हैं, जो एक से अधिक बार अपराध कर जेल पहुंचे हैं। शेष 81 प्रतिशत पहली बार अपराध वाले हैं। प्रदेश की जेलों में सजा काट रहे करीब 19 हजार कैदियों के रिकॉर्ड के पहली बार करवाए गए अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है। जेल मुख्यालय का मानना है कि पहली बार अपराध करने वाले और बार-बार अपराध करने वाले कैदियों को एक ही तरह की व्यवस्था में रखना उचित नहीं होता।

     

  • 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित होगा निःशुल्क दिव्यांग सहायता शिविर

    15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित होगा निःशुल्क दिव्यांग सहायता शिविर

    रायपुर

    बस्तर अंचल के दिव्यांगजनों एवं नक्सल आईईडी ब्लास्ट से प्रभावित जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दंतेवाड़ा जिले में 15 से 17 अक्टूबर 2026 तक विशाल निःशुल्क दिव्यांग सहायता एवं उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा स्थित पुलिस लाइन करली में आयोजित इस शिविर से केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे। इस दौरान वे शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करने के साथ ही नक्सल हिंसा एवं आईईडी ब्लास्ट से प्रभावित पीड़ितों से संवाद करेंगे। शिविर में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा भी शामिल होंगे।

    शिविर में दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र सहित विभिन्न सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। शिविर का विशेष उद्देश्य बस्तर के दूरस्थ एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना है। विशेष रूप से नक्सल हिंसा के कारण दिव्यांग हुए व्यक्तियों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहयोग प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है।

    केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह करेंगे नक्सल हिंसा पीड़ितों से संवाद

    केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह शिविर में वर्चुअल माध्यम से जुड़कर दिव्यांगजनों एवं उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर वे नक्सल हिंसा से प्रभावित व्यक्तियों से संवाद भी करेंगे और उनकी परिस्थितियों, समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी लेंगे। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा भी शिविर में उपस्थित होकर दिव्यांगजनों एवं नक्सल हिंसा से प्रभावित हितग्राहियों का प्रोत्साहन करेंगे।

    तीन जिलों के दिव्यांगजन होंगे शामिल

    दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिलों में कुल 768 दिव्यांग हितग्राहियों को सहायक उपकरण वितरण के लिए चिन्हांकित किया गया है। उपकरण वितरण के लिए मांग अनुसार चिन्हांकित हितग्राहियों में दंतेवाड़ा जिले के 509, बीजापुर के 197 और सुकमा जिले के 62 दिव्यांगजन शामिल हैं। शिविर में दिव्यांगजनों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। 

    आईईडी ब्लास्ट से दिव्यांग हुए 30 हितग्राही होंगे लाभान्वित

    शिविर के लिए चिन्हांकित हितग्राहियों में नक्सल घटनाओं के दौरान आईईडी ब्लास्ट दुर्घटनाओं से दिव्यांग हुए 30 व्यक्ति भी शामिल होंगे। इन हितग्राहियों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नक्सल हिंसा से प्रभावित इन व्यक्तियों के लिए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण मिलने से अब उनके दैनिक जीवन आसान हो जाएगा। इससे उन्हें चलने-फिरने, दैनिक कार्यों को पूरा करने तथा आजीविका संबंधी गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी। शिविर में दिव्यांगजनों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें दैनिक जीवन में अधिक सुविधा मिल सके।

    15 अक्टूबर को सुकमा और बीजापुर, 16 अक्टूबर को दंतेवाड़ा के हितग्राही होंगे शामिल

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 अक्टूबर को सुकमा एवं बीजापुर जिलों के दिव्यांगजन तथा नक्सल हिंसा से प्रभावित हितग्राही शिविर में शामिल होंगे। वहीं 16 अक्टूबर को दंतेवाड़ा जिले के हितग्राहियों को शिविर में लाभान्वित करने की व्यवस्था की गई है। शिविर 17 अक्टूबर तक जारी रहेगा।

  • राम रहीम को दोषी ठहराने वाले जज जगदीप सिंह की नई पोस्टिंग, अब संभालेंगे फरीदाबाद जिला अदालत की कमान

    राम रहीम को दोषी ठहराने वाले जज जगदीप सिंह की नई पोस्टिंग, अब संभालेंगे फरीदाबाद जिला अदालत की कमान

    फरीदाबाद.

    डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दुष्कर्म के मामले में सजा सुनाने वाले न्यायाधीश जगदीप सिंह को फरीदाबाद का जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के साथ ही सेक्टर-12 स्थित जिला अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

    न्यायाधीश जगदीप सिंह बुधवार को पदभार ग्रहण कर सकते हैं। जगदीप सिंह अगस्त 2017 में उस समय देशभर में चर्चा में आए थे, जब उन्होंने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। सुरक्षा कारणों से इस मामले की सुनवाई रोहतक की सुनारिया जेल परिसर में विशेष अदालत लगाकर की गई थी। फैसले के बाद उन्हें विशेष सुरक्षा प्रदान की गई थी।

    पंचकूला से फरीदाबाद तक का सफर
    न्यायिक नियुक्तियों से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जगदीप सिंह इससे पहले पंचकूला में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर तैनात थे। अक्टूबर 2025 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के प्रशासनिक आदेश के तहत उन्हें गुरुग्राम से पंचकूला में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर नियुक्त किया गया था। अब उन्हें फरीदाबाद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    पूर्व सेशन जज संदीप गर्ग की जगह नई जिम्मेदारी
    फरीदाबाद में इससे पहले जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर संदीप गर्ग तैनात थे। जगदीप सिंह की नियुक्ति के बाद न्यायिक प्रशासन में बदलाव होगा। उनके पदभार ग्रहण करने के बाद जिला अदालत में लंबित मामलों की सुनवाई और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी भी उनके पास होगी। राम रहीम को सजा सुनाने वाले न्यायाधीश की तैनाती को देखते हुए अदालत परिसर की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

  • पेट्रोल-डीजल खरीदने वालों के लिए बड़ा अपडेट, पंजाब-हरियाणा में UPI भुगतान पर लग सकती है रोक

    पेट्रोल-डीजल खरीदने वालों के लिए बड़ा अपडेट, पंजाब-हरियाणा में UPI भुगतान पर लग सकती है रोक

    चंडीगढ़.

    पंजाब एवं हरियाणा के पेट्रोल पंप संचालकों ने MDR के खिलाफ कदम उठाते हुए डिजिटल भुगतान के तहत यूपीआई पेमेंट स्वीकार नहीं करने का फैसला लिया है। इस फैसले से रोजाना पेट्रोल-डीजल डलवाने वाले आम वाहन चालकों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। एसोसिएशन के इस फैसले से व्यापारिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
    पंजाब प्रधान परमजीत सिंह दोआबा और प्रवक्ता मोंटी सहगल ने कहा-
    "" पहले से ही पेट्रोलियम डीलर्स कम मुनाफा और तेल कंपनियों की मनमानी नीतियों से परेशानियों से घिरे हुए हैं, ऐसे में हमारे फिक्स मार्जिन से ही MDR का नुकसान हम सहन नहीं करेंगे। उनका कहना है कि पेट्रोलियम डीलर्स पहले से ही भारी वित्तीय संकट, कम मुनाफे और तेल कंपनियों की मनमानी नीतियों के कारण बुरी तरह से परेशान हैं। ऐसे हालात में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान को वे अपने फिक्स मार्जिन से सहन करने की स्थिति में बिल्कुल नहीं हैं।""

    यूपीआई भुगतान स्वीकार करना बंद –
    पूरे पंजाब में पेट्रोल पंप डीलरों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) या डिजिटल लेनदेन शुल्क इस तरह के लेनदेन पर पेश किया जाता है, तो वे 2,000 रुपये से ऊपर यूपीआई भुगतान स्वीकार करना बंद कर देंगे।
    द पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन पंजाब (PPDAP) ने यूपीआई भुगतान पर किसी भी प्रस्तावित एमडीआर से पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट्स के लिए छूट की मांग की है। एसोसिएशन ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, वित्त और तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) से संपर्क किया है, यह तर्क देते हुए कि पतले मार्जिन पर काम करने वाले डीलर किसी भी अतिरिक्त लेनदेन लागत को अवशोषित नहीं कर पाएंगे। पीपीडीएपी के अध्यक्ष परमजीत सिंह डोबा ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ-साथ अध्यक्षों और प्रबंध निदेशकों को संबोधित एक पत्र में यह मुद्दा उठाया इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), जैसा कि टीओआई द्वारा रिपोर्ट किया गया है।

    डीलरों ने UPI लेनदेन शुल्क से छूट मांगी
    एसोसिएशन ने केंद्र से यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर से पेट्रोल पंपों को छोड़कर एक विशिष्ट आदेश या सलाहकार जारी करने का आग्रह किया है, जिसमें 2,000 रुपये से अधिक का भुगतान भी शामिल है। पीपीडीएपी ने कहा कि पेट्रोलियम डीलर पहले से ही अपर्याप्त मार्जिन के कारण अपने परिचालन खर्च को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इसने कहा कि अतिरिक्त थोपना डिजिटल लेनदेन शुल्क खुदरा दुकानों पर वित्तीय बोझ को और बढ़ाएगा। एसोसिएशन ने 14 सितंबर को केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक असाधारण राजपत्र अधिसूचना का उल्लेख किया और पेट्रोलियम खुदरा दुकानों के लिए किसी भी नए ढांचे से पहले सुरक्षा की मांग की। यूपीआई लेनदेन शुल्क लागू किया जाता है।

    मोहाली डीलरों ने प्रस्तावित यूपीआई भुगतान सीमा का समर्थन किया
    मोहाली पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विन्दर सिंह मोंगिया ने कहा कि पेट्रोल पंप डीलर पहले से ही ‘बहुत पतले मार्जिन’ के साथ काम कर रहे हैं और यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त लागत वहन करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हमें यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लेने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। हम पंजाब एसोसिएशन के इस फैसले का समर्थन करते हैं कि एमडीआर लगाए जाने पर 2,000 रुपये से अधिक का यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को पेट्रोल पंपों को डीलरों पर बोझ डालने के बजाय ऐसे शुल्कों से छूट देनी चाहिए। मोहाली एसोसिएशन की स्थिति राज्य स्तरीय डीलरों के निकाय द्वारा उठाए गए रुख के अनुरूप है, जिसने केंद्र से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि यूपीआई लेनदेन के लिए पेट्रोल पंपों को किसी भी प्रस्तावित एमडीआर ढांचे के तहत नहीं लाया जाए।

  • मुख्यमंत्री  साय ने महिला दर्शकों के लिए निःशुल्क प्रवेश का दिया सुझाव, छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने जताई सहमति

    मुख्यमंत्री साय ने महिला दर्शकों के लिए निःशुल्क प्रवेश का दिया सुझाव, छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने जताई सहमति

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रदेश में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच का आयोजन होने जा रहा है। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच आयोजित होने वाले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले को लेकर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताया है।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज महानदी मंत्रालय भवन में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की और उन्हें भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री  साय ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए प्रदेश में पहली बार आयोजित होने जा रहे इस अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबले के लिए क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों को बधाई दी और सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच का आयोजन होना प्रदेश की खेल यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। देश और दुनिया की श्रेष्ठ महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ की धरती पर खेलते देखना विशेष रूप से हमारी बेटियों और युवा महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी अनुभव होगा। ऐसे आयोजनों से उनमें यह विश्वास और मजबूत होगा कि उचित अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलने पर वे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 मुकाबले को लेकर प्रदेश की महिलाओं, युवाओं और खेलप्रेमियों में विशेष उत्साह रहेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन में महिलाओं की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महिला दर्शकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री के इस सुझाव पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने सहमति व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और हमारी बेटियां राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रही हैं। ऐसे में महिला खिलाड़ियों के मुकाबलों को देखने के लिए अधिक से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को स्टेडियम तक लाना स्वयं में प्रेरणा का माध्यम बनेगा। जब हमारी बेटियां अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को मैदान पर आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा के साथ खेलते देखेंगी, तो उनमें भी खेलों को अपने भविष्य और करियर के रूप में अपनाने का उत्साह बढ़ेगा।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा लक्ष्य केवल अच्छे खिलाड़ी तैयार करना ही नहीं, बल्कि प्रदेश में ऐसी मजबूत खेल संस्कृति विकसित करना है, जिसमें बच्चों और युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए परिवार और समाज से भी प्रोत्साहन मिले। बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। राज्य के गांवों, कस्बों, आदिवासी एवं दूरस्थ अंचलों से अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आ रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि इन प्रतिभाओं को बेहतर खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। प्रदेश में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को बड़े मुकाबलों और श्रेष्ठ खिलाड़ियों को करीब से देखने तथा उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। इससे प्रदेश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण और मजबूत होगा।

    मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबला छत्तीसगढ़ में महिला क्रिकेट की लोकप्रियता को नई ऊंचाई देगा। इससे प्रदेश की उभरती महिला क्रिकेट प्रतिभाओं को नई प्रेरणा मिलेगी और भविष्य में छत्तीसगढ़ से भी अधिक संख्या में खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाएंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तेजी से अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। बेहतर खेल अधोसंरचना, खिलाड़ियों के लिए बढ़ती सुविधाएं और खेलों के प्रति युवाओं का उत्साह प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का आधार बन रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में विभिन्न खेलों की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन छत्तीसगढ़ में हो और प्रदेश देश के प्रमुख खेल केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए।

    मुख्यमंत्री  साय ने भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों को आगामी मुकाबले के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ अनुशासन, टीम भावना और आपसी सद्भाव का भी माध्यम हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों और खेलप्रेमियों से इस ऐतिहासिक मुकाबले को उत्सव की तरह मनाने और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अध्यक्ष  मोहन दास, डायरेक्टर  विजय शाह, पूर्व अध्यक्ष  मुकुल तिवारी, सचिव  विंटेश अग्रवाल,  जी. एस. मूर्ति,  विनय बजाज सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

  • युवा शक्ति संवाद में विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र कहा– एआई को अपनी ताकत बनाएं, उस पर निर्भर नहीं रहें

    युवा शक्ति संवाद में विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र कहा– एआई को अपनी ताकत बनाएं, उस पर निर्भर नहीं रहें

    रायपुर

    विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उच्च शिक्षा के लिए अधोसंरचना मजबूत करने की दिशा में उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के शासकीय गजानंद माधव मुक्तिबोध महाविद्यालय, सहसपुर लोहारा में 30 लाख रुपए की लागत से बनने वाले अतिरिक्त कक्ष का भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय में 15 लाख रुपए की लागत से बाउंड्रीवॉल तथा 5 लाख रुपए की लागत से बालिका शौचालय निर्माण कराने की घोषणा की। महाविद्यालय में आयोजित युवा शक्ति संवाद कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उन्हें अनुशासन, मेहनत और आधुनिक तकनीक के उपयोग से भविष्य संवारने के लिए प्रेरित किया।

    अनुशासन और मेहनत से बनाएं भविष्य– उप मुख्यमंत्री  शर्मा   

    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने युवा शक्ति संवाद में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि युवा अपने लक्ष्य तय करें, अनुशासन में रहें और परिणाम की चिंता छोड़ मेहनत पर ध्यान दें। आधुनिक तकनीक सीखें, लेकिन उसके अधीन न हों। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज करियर बनाने का महत्वपूर्ण केंद्र है। विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए।  शर्मा ने बताया कि कवर्धा क्षेत्र के स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाए जा रहे हैं। अब महाविद्यालयों में भी डिजिटल बोर्ड के माध्यम से पीएससी, एसएससी और यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

    आधुनिक शिक्षा के साथ अपना ज्ञान और कौशल बढ़ाना जरूरी  

    तकनीक और नवाचार पर बात करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के युवाओं को आधुनिक एआई टूल्स जैसे चैटजीपीटी, क्लॉड, परप्लेक्सिटी और सोशल मीडिया की तकनीकी समझ होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे इन तकनीकों का सही उपयोग कर इनका मास्टर बनें, न कि तकनीक को खुद का मास्टर बनने दें। आधुनिक तकनीक की समझ के साथ अपना ज्ञान और कौशल बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मेहनत और तैयारी हमारे हाथ में हैं, इसलिए परिणाम की चिंता करने के बजाय प्रयासों पर ध्यान देना चाहिए। निरंतर अभ्यास, अनुशासन और धैर्य से ही सफलता का रास्ता बनता है। उन्होंने महाविद्यालय को विद्यार्थियों का अपना संस्थान बताते हुए कहा कि जिस तरह दीपावली पर हम अपने घर को संवारते हैं, उसी तरह विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिलकर कॉलेज को बेहतर बनाने में योगदान देना चाहिए।   

    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म में आने और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि अनुशासन जीवन में आगे बढ़ने की मजबूत नींव है। उन्होंने प्राचार्य और प्राध्यापकों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से नियमित पढ़ाई करने, अपनी रूचि पहचानने और लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, नगरपालिका कवर्धा के अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, साकम्बरी बोर्ड के सदस्य  संतोष पटेल जी,  लाला राम साहू, जनपद पंचायत लोहारा की अध्यक्ष मती दुर्गा ठाकुर, नगरपालिका लोहारा की अध्यक्ष मती सरिता मिश्रा, जिला पंचायत सभापति  मनीराम साहू, नगरपालिका लोहारा के उपाध्यक्ष  हेमंत साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित थे।

  • धान खरीदी की तैयारियों के बीच साय कैबिनेट की बैठक 27 अक्टूबर को, कई मुद्दों पर हो सकता है मंथन

    धान खरीदी की तैयारियों के बीच साय कैबिनेट की बैठक 27 अक्टूबर को, कई मुद्दों पर हो सकता है मंथन

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को साय कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में होगी, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के साथ फैसले लिए जा सकते हैं। बैठक में धान खरीदी को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है।

    धान खरीदी का सीजन नजदीक आने के साथ ही किसानों और कृषि से जुड़े मुद्दे अहम हो गए हैं। ऐसे में कैबिनेट की इस बैठक पर किसानों सहित प्रदेशभर की नजरें टिकी रहेंगी। इसके अलावा बैठक में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, प्रशासनिक विषयों और जनहित से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी विचार किया जा सकता है।

    धान खरीदी को मंजूरी
    खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और कस्टम मिलिंग नीति को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इसके अलावा गन्ना किसानों से गन्ने की खरीदी की दर और प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। कैबिनेट बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन नीति और कस्टम मिलिंग नीति के अनुमोदन की संभावना है। इस साल प्रदेश में धान खरीदी का काम 15 नवंबर के बाद शुरू किए जाने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, धान खरीदी की शुरुआत और इससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर अंतिम स्थिति कैबिनेट के निर्णय के बाद स्पष्ट होगी।

    गन्ना किसानों के लिए ₹425 प्रति क्विंटल की दर पर फैसला संभव
    बैठक में शक्कर कारखानों के माध्यम से प्रदेश के गन्ना किसानों से ₹425 प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीदी किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है। इस प्रस्ताव पर कैबिनेट का निर्णय गन्ना किसानों और शक्कर कारखानों से जुड़ी आगामी व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।

    औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर
    राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मौजूदा नीति में संशोधन से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है।

    कैबिनेट के फैसलों पर रहेगी नजर
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कृषि, गन्ना खरीदी और औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं। धान खरीदी नीति, गन्ने की दर और अन्य प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • मध्य प्रदेश में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और मूल्यांकन की जिम्मेदारी संभालेंगे CM फेलोज

    मध्य प्रदेश में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और मूल्यांकन की जिम्मेदारी संभालेंगे CM फेलोज

    सीएम फेलोज, विकास गतिविधियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का बेहतर क्रियान्वयन और प्रभावी मूल्यांकन सुनिश्चित करेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    युवा, प्रदेश की बेहतरी और जनकल्याणकारी कार्यों का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए काम करें
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम फेलोज को किया संबोधित
    ‘मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम’ के अंतर्गत सुशासन संस्थान में आरंभ हुआ पांच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुशासन और नवाचारी कार्यों से संपूर्ण विश्व प्रभावित है। हम सब के लिए यह गर्व का विषय है कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और हम विश्व को नेतृत्व प्रदान करने में सक्षम हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश विकास और जनकल्याण की दिशा में निरंतर नित्य नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रदेश के युवा निडरता पूर्वक अपनी योग्यता और क्षमता से सभी क्षेत्रों में उपलब्धियां अर्जित कर रहे हैं। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तथा उनके मूल्यांकन में भी युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल्स फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के सभी युवा साथी प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। पचपन जिलों से चयनित युवा नई पचपन आशाओं का समुच्चय हैं। यह युवा केन्द्र और राज्य द्वारा संचालित योजनाओं तथा शासन/प्रशासन की इकाईयों द्वारा उनके क्रियान्वयन का प्रभावी मूल्यांकन सुनिश्चित करेंगे। इससे क्रियान्वयन की कमजोरियों को चिन्हित कर उनमें आवश्यक सुधार करने में मदद मिलेगी। राज्य में जनकल्याणकारी नीतियों को लागू करने में जिला प्रशासन, ग्राम पंचायतों और निकायों के चुने गए जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी काफी अहम है। सभी यंग प्रोफेशनल्स, शासकीय व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन और उनमें जनभागीदारी की भूमिका का बारीकी से अवलोकन करते हुए जिला प्रशासन के लिए भी उपयोगी धरोहर बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत चयनित सी. एम. फेलोज के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में ग्लोबल विलेज फाउंडेशन और सुशासन संस्थान के मध्य एम. ओ. यू. पर हस्ताक्षर भी हुए।

    वर्ष 2027 में महत्वपूर्ण होगी युवाओं की भूमिका

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रत्येक वर्ष के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2025 को रोजगार और निवेश, वर्ष 2026 को किसान कल्याण और अब वर्ष 2027 को राज्य सरकार युवा वर्ष के रूप में मनाने जा रही हैं। इस वर्ष में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। युवाओं के लिए सालभर गतिविधियां संचालित की जाएगी। हमारे युवा प्रभावी नेतृत्व प्रदान करें वे अपने दायित्व को मात्र जॉब के रूप में न लें, बल्कि प्रदेश की बेहतरी और जनकल्याणकारी कार्यों का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए काम करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का संबंध मध्यप्रदेश से भी है। एक राजनेता का जीवन कैसा होना चाहिए, यह अटल जी के व्यक्तित्व के विविध पक्षों से बड़ी सरलता से समझा जा सकता है। उन्होंने राजनीति, साहित्य, संस्कृति और विपक्ष में बड़ी सहजता से प्रेरणादायी कार्य किए। अटल जी हर परिस्थिति में अपने दायित्वों का निर्वहन करने से पीछे नहीं हटे। वे सच्चे अर्थों में लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने के लिए सदैव अटल रहे। सशक्त लोकतंत्र के लिए उनके विचार, वर्तमान में भी प्रासंगिक और प्रेरक हैं।

    स्वयं पर विश्वास, स्वभाव में विनम्रता और बेहतर संवाद शैली है सफलता का आधार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के वक्तव्य 'यही समय है-सही समय है' से प्रेरणा लेते हुए हम अपने कार्यों द्वारा समाज और देश के प्रति अपनी भूमिका सार्थक करें। प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए सुशासन स्थापित कर उत्कृष्ट कार्य किए हैं। उनकी प्रशासनिक कार्य कुशलता की प्रसंशा पूरी दुनिया में हो रही है। पहले हम पश्चिमी देशों से अपनी तुलना करते थे, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर भारत ने अनेक चुनौतियों का समाप्त करते हुए नए कीर्तिमान गढ़े हैं। अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र में इसरो की उपलब्धियां इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा साथी देश को आगे बढ़ाने की भावना के साथ जमीनी स्तर पर अपने दायित्वों को निभाएं। उन्होंने कहा कि यंग प्रोफेशनल्स जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर काम करें। युवा, अपने उत्तरदायित्वों को समझें, स्वयं पर विश्वास करें और अपने स्वभाव में विनम्रता और बेहतर संवाद के साथ कार्य करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया यंग प्रोफेशनल्स से संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर यंग प्रोफेशनल से संवाद भी किया। भोपाल की सुप्राची गौर ने पूछा कि मैदानी स्तर पर आने वाली चुनौतियों का सामना कैसे किया जाए। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें । शांत चित्त और तनाव रहित रहते हुए जन सामान्य से सहज संवाद में रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को नवाचार के लिए तत्पर रहने और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता विकसित करने तथा किताबी ज्ञान के साथ-साथ अनुभव को भी महत्व देने की सलाह दी।

    युवाओं को डाटा विश्लेषण, जिला स्तर पर प्रशासनिक संरचना और कार्यप्रणाली का दिया जाएगा प्रशिक्षण

    अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित ने कहा कि जीवन में प्रशिक्षण की विशेष महत्ता है। ‘मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम’ के अंतर्गत सीएम फेलोज का प्रशिक्षण भी इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए आयोजित किया जा रहा है। अलग-अलग प्रशिक्षण सत्रों में युवाओं को डाटा विश्लेषण, जिला स्तर पर प्रशासनिक संरचना और कार्यप्रणाली की जानकारियां प्रदान की जा रही हैं। प्रशिक्षण सत्र में राज्य के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, युवा साथियों को जमीनी स्तर की बारीकियां बता रहे हैं। इसके अंर्तगत जनजातीय कल्याण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, कृषि एवं कृषक कल्याण और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, विशेष रूप से शामिल हैं। प्रशिक्षण सत्र में देश के अन्य राज्यों से भी विशेषज्ञ अपना योगदान दे रहे हैं। कार्यक्रम में लोकसेवा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, युवा आयोग के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं प्रदेशभर से आए युवा साथी उपस्थित थे।

     

  • योगी सरकार की तारीफ में बोले रामनाथ कोविन्द, यूपी में विकास और सुशासन को लेकर कही बड़ी बात

    योगी सरकार की तारीफ में बोले रामनाथ कोविन्द, यूपी में विकास और सुशासन को लेकर कही बड़ी बात

    योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन को दी नई ऊर्जा: रामनाथ कोविन्द

    पूर्व राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के प्रयासों की सराहना की, वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को बताया महत्वपूर्ण

    ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा, मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के विमोचन समारोह में पूर्व राष्ट्रपति ने साझा कीं जीवन संघर्ष की स्मृतियां

    गरीबों, पीड़ितों और वंचितों की आवाज रामनाथ कोविन्द के व्यक्तित्व और कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा रही: ब्रजेश पाठक

    देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद भी सहज-सरल बने रहे रामनाथ कोविन्द: केशव प्रसाद मौर्य

    सादगी, विनम्रता, दृढ़ संकल्प और जनसामान्य से आत्मीय जुड़ाव की मिसाल हैं रामनाथ कोविन्द: सतीश महाना

    लखनऊ, 
     पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन के क्षेत्र में हुए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद प्रदेश को नई ऊर्जा मिली है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लिया है और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों के अनुरूप उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के प्रयासों को अभूतपूर्व गति दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं से रोजगार, शिक्षा और आर्थिक प्रगति के अवसर समाज के सभी वर्गों तक पहुंचेंगे।

    पूर्व राष्ट्रपति अपनी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा, मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और मेट्रो जैसी बड़ी बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच आवागमन को सुगम बनाया है। सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से अंत्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ ग्रामीण परिवारों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयास हो रहे हैं।

    गरीबों को आवास से मिला सम्मान और सुरक्षा
    रामनाथ कोविन्द ने अपने बचपन की स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि कानपुर देहात के गांव परौंख में उनका घर बेहद साधारण था और बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था। वर्ष 2017 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद उन्हें उन परिवारों की याद आई, जो आज भी बेहतर भविष्य का सपना देखते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के प्रयासों से गरीब परिवारों को पक्के मकान मिलने के साथ सम्मान और सुरक्षा का एहसास भी हुआ है। टपकती छत के नीचे जीवन बिताने वाले लोग ही पक्के घर का वास्तविक महत्व समझ सकते हैं।

    शिक्षा और परिश्रम से साकार होते हैं सपने
    पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि उनके पिता ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए परिवार की कृषि भूमि अपने पास रखने के बजाय बेटों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। ईमानदारी, करुणा, उदारता और न्यायप्रियता जैसे जीवन मूल्य उन्हें पिता से मिले। परौंख से राष्ट्रपति भवन तक की उनकी यात्रा केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय गणतंत्र, संविधान के आदर्शों और करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाओं की विजय है। भारतीय लोकतंत्र में सामान्य परिवार से आने वाला व्यक्ति भी अपनी योग्यता और परिश्रम के बल पर सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है। इसी व्यवस्था में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और उन्हें राष्ट्रपति पद तक पहुंचने का अवसर मिला।

    महाकुंभ ने विश्व को दिखाई भारत की आध्यात्मिक शक्ति
    रामनाथ कोविन्द ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण, भगवान बुद्ध, महावीर, संत कबीर और संत रविदास की धरती है। वर्ष 2025 के प्रयागराज महाकुंभ ने दुनिया को भारत की आध्यात्मिक चेतना, आस्था और सामाजिक समरसता की विराट शक्ति से परिचित कराया। भारत की प्राचीन परंपराएं आज भी करोड़ों लोगों को एक सूत्र में जोड़ने की क्षमता रखती हैं।

    युवाओं से राजनीति में आने की अपील
    पूर्व राष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश के युवाओं से राजनीति, शासन-प्रशासन और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में भागीदारी केवल मतदान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सुशासन के लिए ईमानदार, योग्य और संवेदनशील लोगों का राजनीति में आगे आना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्रसेवा की भावना के साथ काम करने और कभी हार न मानने का संदेश दिया।

    गरीबों, पीड़ितों व वंचितों की आवाज बने कोविन्द: ब्रजेश पाठक
    उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का अभिनंदन करते हुए कहा कि उन्होंने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद भी अपने सहज एवं सरल स्वभाव को बनाए रखा। गरीबों, पीड़ितों और वंचितों की आवाज उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा रही। समाज में ऐसे बिरले ही व्यक्ति होते हैं, जो वंचित वर्गों की समस्याओं को समझने के साथ उन्हें धरातल पर समाधान तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। रामनाथ कोविन्द ने संसद में रहते हुए लगातार पीड़ितों और वंचितों की आवाज को बुलंद किया। बिहार के राज्यपाल के रूप में भी उन्होंने अपनी सहजता और कार्यशैली से अमिट छाप छोड़ी। राष्ट्रपति के रूप में देश के लिए किए गए उनके कार्य भारतीय गणतंत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखेंगे। ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ विषय पर गठित समिति के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका भी उल्लेखनीय है।

    सर्वोच्च पद पर भी सहज रहे कोविन्द: केशव प्रसाद मौर्य
    उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सार्वजनिक जीवन सबसे कठिन, जिम्मेदारी भरा और व्यापक पहचान दिलाने वाला क्षेत्र है। इसमें व्यक्ति का पद कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे अपनी शुचिता बनाए रखनी चाहिए और अहंकार से दूर रहना चाहिए। रामनाथ कोविन्द का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद भी व्यक्ति अपने मूल विचारों, संस्कारों और सहजता को बनाए रख सकता है। रामनाथ कोविन्द को वह उस समय से जानते हैं, जब वह राज्यसभा के सदस्य थे और उत्तर प्रदेश भाजपा के महामंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। बिहार के राज्यपाल और देश के राष्ट्रपति के रूप में भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। राष्ट्रपति बनने के बाद जब वह अपने गृह नगर कानपुर आए, तब अपने गुरु के चरण स्पर्श कर उन्होंने संस्कारों के प्रति अपनी निष्ठा प्रदर्शित की। देश के प्रथम नागरिक के पद पर पहुंचने के बाद भी उन्होंने अपने पुराने साथियों और परिचितों से आत्मीय संबंध बनाए रखे। उनके व्यवहार में पद के कारण कोई दूरी या अहंकार दिखाई नहीं दिया।

    सदैव जमीन से जुड़े रहे कोविन्द: सतीश महाना
    उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के व्यक्तित्व और जीवन यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में राष्ट्रपति से बड़ा कोई संवैधानिक पद नहीं है, लेकिन इतनी ऊंचाई पर पहुंचने के बाद भी वह सदैव जमीन से जुड़े रहे। उनका जीवन सादगी, विनम्रता, दृढ़ संकल्प और जनसामान्य से आत्मीय जुड़ाव की प्रेरक मिसाल है। उनके साथ जुड़ी अनेक स्मृतियां हैं, जो उनके व्यक्तित्व की सहजता और संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। मैं चाहता हूं कि रामनाथ कोविन्द की पुस्तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के सभी सदस्यों तक पहुंचे, ताकि वे भी उनके जीवन, संघर्ष और अनुभवों से परिचित हो सकें। इसके लिए उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति से विधानसभा सदस्यों के लिए 500 पुस्तकें उपलब्ध कराने का अनुरोध किया और कहा कि पुस्तकों का पूरा मूल्य वह स्वयं देंगे।

  • मंत्री चौहान का अधिकारियों को संदेश, अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण और विकास योजनाओं पर दें विशेष ध्यान

    मंत्री चौहान का अधिकारियों को संदेश, अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण और विकास योजनाओं पर दें विशेष ध्यान

    अनुसूचित जाति वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता से कार्य करें अधिकारी : मंत्री चौहान

    राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के 16 नवनियुक्त अधिकारियों को वितरित किए नियुक्ति पत्र

    भोपाल

    अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। नवनियुक्त अधिकारी शासन की जनहितैषी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें। उन्हें शिक्षा, कौशल उन्नयन, रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ, जिससे कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। मंत्री चौहान, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के राजीव गांधी सभागार में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    मंत्री चौहान ने चयनित अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि जनसेवा का पुनीत दायित्व है। सभी अधिकारी अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ करें।

    निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर ने नवनियुक्त अधिकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सेवा-भाव और उत्तरदायित्व के साथ सभी दायित्वों का संपादन करें। योजनाओं की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उनका सीधा लाभ लक्षित वर्ग तक समय-सीमा में पहुँचे।

    अनुसूचित जाति कल्याण आयुक्त सत्येन्द्र सिंह ने विभागीय प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि अधिकारी मैदानी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, हितग्राहियों की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करें। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय योगदान देने का आह्वान भी किया।

    मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल, भोपाल द्वारा आयोजित संयुक्त भर्ती परीक्षा के माध्यम से मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम में 8 सहायक कार्यपालन अधिकारी और 8 क्षेत्राधिकारी सहित कुल 16 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिन्हें विधिवत नियुक्ति पत्र सौंपे गए।इस अवसर पर अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के अधिकारी, एवं चयनित अभ्यर्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे।