Author: NewseDay

  • झारखंड के छात्रों के लिए बड़ा अपडेट, 2027-28 में बदलेंगी तीन कक्षाओं की पुस्तकें; 10वीं-11वीं में बदलाव 2028-29 से

    झारखंड के छात्रों के लिए बड़ा अपडेट, 2027-28 में बदलेंगी तीन कक्षाओं की पुस्तकें; 10वीं-11वीं में बदलाव 2028-29 से

    रांची
     राज्य के सभी सरकारी एवं सहायता प्राप्त स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र वर्ष 2027-28 से तीसरी, चौथी एवं नौवीं कक्षा की पुस्तकें बदल जाएंगी।

    झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) ने कक्षा तीसरी एवं चौथी की पुस्तकें तैयार कर ली हैं। वहीं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क-2023 के तहत एनसीईआरटी द्वारा तैयार कक्षा नौ की पुस्तकें झारखंड में भी लागू होंगी।

    जेसीईआरटी ने इसपर निर्णय लेते हुए इसकी जानकारी झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को दे दी है। शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए पुस्तकों का प्रकाशन परिषद के माध्यम से होना है।

    एनसीईआरटी ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र (वर्ष 2026-27) से ही पहली से नौवीं कक्षा की पाठ्य-पुस्तकें बदल दी थीं। झारखंड की बात करें तो यहां के सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों में पहली से आठवीं तक जेसीईआरटी द्वारा तैयार पाठ्य-पुस्तकें लागू होती हैं।

    वहीं, नौवीं से 12वीं तक एनसीईआरटी की पुस्तकें चलती हैं। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में एनसीईआरटी द्वारा बदली गई पुस्तकें लागू तो की गईं, लेकिन अन्य सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए पहले से ही प्रकाशन का टेंडर फाइनल हो जाने के कारण पुस्तकें बदली नहीं जा सकी थीं।

    वर्तमान शैक्षणिक सत्र में लागू हुई पहली एवं दूसरी कक्षा की संशोधित पुस्तकें
    झारखंड में जेसीईआरटी द्वारा पहली एवं दूसरी कक्षा की संशोधित पुस्तकें वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू हुई हैं। तीसरी से आठवीं तक की संशोधित पुस्तकें अगले शैक्षणिक सत्र से लागू होनी थी, लेकिन तीसरी एवं चौथी कक्षा की पुस्तकें ही अंतिम रूप से तैयार हो सकीं। अब शेष कक्षाओं पांचवीं से आठवीं की पुस्तकें शैक्षणिक सत्र 2028-29 से ही बदल पाएंगी।

    2028-29 से बदलेंगी 10वीं एवं 11वीं की पुस्तकें
    झारखंड में 10वीं एवं 11वीं कक्षा की पुस्तकें शैक्षणिक सत्र 2028-29 से ही बदल पाएंगी। दरअसल, एनसीईआरटी द्वारा अगले वर्ष जनवरी में 10वीं तथा फरवरी में 11वीं की पुस्तकें बदले जाने की संभावना है।

    चूंकि झारखंड में पहले ही पुस्तकों का प्रकाशन होता है, इसलिए अगले वर्ष झारखंड में एनसीईआरटी की संशोधित होनेवाली पुस्तकें लागू होना मुश्किल है। एनसीईआरटी द्वारा कक्षा 12वीं की पुस्तकें बाद में बदली जाएंगी।

  • हनुमानगढ़ में तेज रफ्तार पिकअप का कहर, एक ही परिवार के 3 युवकों की मौत; चालक फरार

    हनुमानगढ़ में तेज रफ्तार पिकअप का कहर, एक ही परिवार के 3 युवकों की मौत; चालक फरार

    पल्लू (हनुमानगढ़)
     राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में पल्लू-नोहर मेगा हाईवे पर रविवार अलसुबह दर्दनाक हादसा हो गया। मां ब्रह्माणी के दर्शन करने के लिए पैदल जा रहे युवकों के जत्थे को पीछे से तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी ने टक्कर मार दी। हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए रेफर किया गया है। हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर फैल गई।

    दर्शन के लिए पैदल निकले थे युवक
    थाना प्रभारी जगदीश के अनुसार, रावतसर तहसील के किकरालिया गांव से युवकों का एक जत्था रविवार अलसुबह मां ब्रह्माणी के दर्शन करने के लिए पैदल रवाना हुआ था। प्रथम शारदीय नवरात्र के अवसर पर युवक मंदिर में धोक लगाकर मन्नत मांगने जा रहे थे। इसी दौरान पल्लू से करीब 16 किलोमीटर दूर झेदासर और माहेला गांव के बीच पल्लू-नोहर मेगा हाईवे पर हादसा हो गया।

    जानकारी के अनुसार, पैदल जा रहे युवकों को पीछे से तेज रफ्तार में आई पिकअप गाड़ी ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

    तीन युवकों की मौत, एक की हालत गंभीर
    हादसे में किकरालिया गांव निवासी अशोक (21) पुत्र राजू, अजय (27) पुत्र हंसराज और मोहित (22) पुत्र कुलदीप की मौत हो गई। वहीं, रुपेश (25) पुत्र दयाराम गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुए चारों युवक एक ही परिवार के चाचा-ताऊ के बेटे थे। इस घटना से परिवार में मातम छा गया।

    पिकअप छोड़कर चालक फरार
    हादसे के बाद पीछे से आ रहे एक कार चालक ने पिकअप गाड़ी का पीछा किया और उसे रुकवा लिया। हालांकि, पिकअप चालक गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई और आवश्यक कार्रवाई की।

    पुलिस ने तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। मृतकों के परिजनों ने पुलिस थाने में मर्ग दर्ज करवाने के साथ अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस अब हादसे के संबंध में जांच कर रही है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।

  • Gurudwara Bangla Sahib Controversy: पुलिस की एंट्री पर गरमाई सियासत, CM मान ने की निंदा

    Gurudwara Bangla Sahib Controversy: पुलिस की एंट्री पर गरमाई सियासत, CM मान ने की निंदा

    चंडीगढ़.

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में पुलिस के प्रवेश को लेकर पंजाब की सियासत गर्मा गई है। आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए भाजपा को घेरा है।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। वहीं, आप के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मामले में हस्तक्षेप करने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगने की अपील की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इतिहास गवाह है कि गुरु का घर हमेशा जरूरतमंदों को शरण देता आया है। यदि प्रदर्शन करने वाले युवा गुरुद्वारा साहिब में पहुंचे थे, तो गुरुघर की परंपरा के अनुसार सेवादार उन्हें शरण देते। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने नंगे सिर और जूते पहनकर गुरुद्वारा साहिब में प्रवेश किया, जिससे गुरुघर की मर्यादा को ठेस पहुंची है। मान ने कहा कि सिख कौम इस कथित अपमानजनक कार्रवाई को कभी माफ नहीं करेगी।

    बलतेज पन्नू ने उठाए कार्रवाई पर सवाल
    आप के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गुरुद्वारा साहिब में किसी के भी आने और ठहरने पर सवाल नहीं होना चाहिए। यदि कुछ लोग वहां ठहरे हुए थे, तो कौन से अपराधी या आतंकवादी थे, जिन्हें बाहर निकालने के लिए पुलिस को इस तरह अंदर जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के कारणों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। पन्नू ने सवाल उठाया कि कार्रवाई के दौरान कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया या हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब की मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है और पुलिस को किसी भी कार्रवाई के दौरान इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना से संबंधित अलग-अलग वीडियो सामने आ रहे हैं, इसलिए केंद्र सरकार को पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

    अमित शाह से जवाब मांगने की अपील
    बलतेज पन्नू ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से विनम्र अपील की कि वे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और केंद्र सरकार के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात करें। उन्होंने कहा कि सिख कौम की सर्वोच्च संस्था के जत्थेदार को यह जवाब मांगना चाहिए कि गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस को प्रवेश करने की जरूरत क्यों पड़ी और जूते पहनकर अंदर जाने की क्या वजह थी।

    अकाली दल की चुप्पी पर भी उठाए सवाल
    आप ने इस मामले में शिरोमणि अकाली दल की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि भाजपा के साथ गठबंधन के कारण अकाली दल इस मुद्दे पर खुलकर नहीं बोल रहा है। आप ने मांग की कि गुरुद्वारा साहिब में पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार जवाब दे और यह स्पष्ट करे कि प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए ऐसी कार्रवाई क्यों करनी पड़ी।

  • बुध का नक्षत्र परिवर्तन 12 अक्टूबर को, वृषभ समेत इन 3 राशियों की चमक सकती है किस्मत

    बुध का नक्षत्र परिवर्तन 12 अक्टूबर को, वृषभ समेत इन 3 राशियों की चमक सकती है किस्मत

    ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, शिक्षा, तर्क क्षमता और व्यापार का कारक माना जाता है.  यही वजह है कि बुध की चाल में होने वाला बदलाव लोगों के जीवन के अलग-अलग पहलुओं को प्रभावित करने वाला माना जाता है.  बुध समय-समय पर अपनी राशि के साथ नक्षत्र भी बदलते हैं. पंचांग के अनुसार,  इस बार 12 अक्टूबर को बुध नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं. इस परिवर्तन से कुछ राशियों के लोगों को फायदा मिल सकता है.

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार, बुध के विशाखा नक्षत्र में जाने से कुछ राशि के जातकों के लिए अच्छे मौके बन सकते हैं. उन्हें पैसों, नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं. हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति पर उसकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति के हिसाब से अलग हो सकता है. आइए जानते हैं कि बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन किन राशियों के लिए शुभ रह सकता है.

    कब होगा बुध का नक्षत्र परिवर्तन?
    द्रिक पंचांग के अनुसार, बुध ग्रह 12 अक्टूबर 2026, सोमवार को शाम 6 बजकर 48 मिनट पर स्वाति नक्षत्र से निकलकर विशाखा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. इस नक्षत्र में बुध का गोचर 3 नवंबर 2026, मंगलवार को सुबह 5 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. ज्योतिष में विशाखा को 27 नक्षत्रों में 16वां स्थान प्राप्त है. इसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति माने जाते हैं. वहीं, विशाखा का संबंध तुला और वृश्चिक राशि से है.

    वृषभ राशि (Taurus)
    वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध का विशाखा नक्षत्र में प्रवेश फायदेमंद साबित हो सकता है. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा.  आपके काम और व्यवहार से समाज में प्रतिष्ठा बढ़ सकती है. रचनात्मक कार्यों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी यह समय अच्छा रह सकता है. लेखन, साहित्य और कला से जुड़े जातकों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा. लगातार प्रयास करने से कार्यक्षेत्र में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं.

    सिंह राशि (Leo)
    सिंह राशि वालों के लिए बुध का नक्षत्र परिवर्तन कई सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है.  इस दौरान में आपकी संवाद शैली में सुधार हो सकता है. अपनी बात को सही तरीके से रखने की क्षमता के कारण आप कार्यक्षेत्र में लोगों को प्रभावित कर सकते हैं. कामकाज के सिलसिले में यात्रा करने के अवसर प्राप्त होंगे, जो आगे चलकर लाभकारी साबित हो सकते हैं. नए लोगों से संपर्क बढ़ेगा.

    धनु राशि (Sagittarius)
    धनु राशि के जातकों के लिए बुध का विशाखा नक्षत्र में गोचर लकी साबित हो सकता है, नौकरी करने वालों को अच्छा परिणाम मिल सकता है. व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं. कारोबार को आगे बढ़ाने में सफलता मिलने की संभावना है. आय के नए स्रोत सामने आ सकते हैं. पहले से चल रहे कामों में भी सुधार  होगा. जमीन-जायदाद या संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं.
     

  • Bilaspur School News: छात्राओं के विरोध के बाद शिक्षा विभाग का एक्शन, प्राचार्य और 2 व्याख्याता हटाए गए

    Bilaspur School News: छात्राओं के विरोध के बाद शिक्षा विभाग का एक्शन, प्राचार्य और 2 व्याख्याता हटाए गए

    बिलासपुर.

    मल्हार के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शैक्षणिक वातावरण को बिगाड़ने, छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार करने और गंभीर वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है.

    कलेक्टर के अनुमोदन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राचार्य सहित तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से अन्य संस्थाओं में स्थानांतरित कर दिया गया है. इसके साथ ही छात्राओं की जीत हुई है. मल्हार स्कूल में विद्यालयीन प्रशासनिक व्यवस्था और छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार को लेकर जनप्रतिनिधियों और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से लगातार शिकायतें मिल रही थीं. एक अक्टूबर को विद्यालय की छात्राओं ने सीधे कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर प्राचार्य एवं अन्य शिक्षकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. मामले की गंभीरता को देख जिला प्रशासन द्वारा एक त्रिस्तरीय जांच दल का गठन किया गया था.

    जांच दल ने 7 अक्टूबर को अपना विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें कई गंभीर खुलासे हुए. इसमें पाया गया कि स्कूल के प्राचार्य वेद प्रकाश शुक्ला छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार, सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने में अनियमितता, शाला शुल्क के नाम पर प्रति छात्र 500 रूपए की अतिरिक्त अवैध वसूली और शैक्षणिक दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही मिली. इसी तरह व्याख्याता संजय दुबे छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार और अन्य प्रशासनिक व शैक्षणिक अनियमितताएं के आरोप सही पाए गए. व्याख्याता अर्थशास्त्र रश्मि गुप्ता छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार तथा उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन व अध्यापन कार्य भृत्य से कराए जाने जैसी गंभीर लापरवाही पाया गया. विद्यार्थियों के भविष्य, विद्यालय में स्वच्छ शैक्षणिक माहौल और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शासन के आगामी आदेश तक तीनों प्राचार्य और दोनों व्याख्याताओं को अन्य संस्थाओं में अस्थायी रूप से कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है.

    इसमें प्राचार्य वेद प्रकाश शुक्ला को मल्हार से स्थानांतरित कर शासकीय हाई स्कूल कुकुदीर्केरा विकासखंड मस्तूरी भेजा गया है. व्याख्याता संजय दुबे को मल्हार से स्थानांतरित कर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओखर विकासखंड मस्तूरी और व्याख्याता रश्मि गुप्ता को मल्हार से स्थानांतरित कर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पचपेड़ी विकासखंड मस्तूरी भेजा गया है. जहां शासन के आगामी आदेश तक काम करेंगे. इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है.

  • दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, वकीलों को हिरासत में रखने और पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

    दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, वकीलों को हिरासत में रखने और पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

    नई दिल्ली
    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट रविवार को भी खुला। इसपर कोर्ट ने कहा कि वह हमेशा देश की सेवा में है। आपको बता दें कि शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली और आसपास के इलाकों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो स्टेशन बंद करने और ट्रेनें रद्द करने को चुनौती देने वाली अवमानना ​​याचिका पर सुनवाई की जा रही है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है। इसमें नेताओं को हिरासत में लिए जाने को चुनौती दी गई है।

    दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के दौरान लोगों को हिरासत में लेने और पाबंदियां लगाने के मामले में सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस अधिकारियों, वकीलों और आम नागरिकों की जान और आजादी की सुरक्षा को लेकर उसकी चिंता एक जैसी है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा, "अदालत के लिए व्यक्ति की पहचान मायने नहीं रखती, चाहे वह पुलिस अधिकारी हो, वकील हो या आम नागरिक। जान और आजादी की सुरक्षा को लेकर अदालत का रुख और चिंता एक जैसी संवेदनशील होती है। ठीक है? इसलिए चिंता न करें।"

    लॉ एंड ऑर्डर पर पुलिस के पास स्वतंत्र अधिकार नहीं
    जस्टिस बागची ने कहा कि अदालत कार्रवाई के पैमाने को लेकर जताई जा रही चिंताओं को समझती है और प्रतिवादियों का पक्ष सुनना चाहती है। हालांकि, जज ने वकील से यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मामले में पुलिस अधिकारियों को सरकार के रुख से अलग कोई स्वतंत्र अधिकार नहीं है और उन्होंने वकील से सॉलिसिटर जनरल की मदद करने को कहा।

    जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेच में सामने याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े पेश हुए। उन्होंने कहा कि न्याय तक पहुंच का मतलब वकीलों तक पहुंच भी है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि शनिवार के विरोध प्रदर्शनों के दौरान वकीलों को पुलिस स्टेशनों में अपने मुवक्किलों से मिलने से रोका गया।

    हेगड़े ने कहा, "यह कोर्ट अपने एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड के माध्यम से काम करता है। न्याय तक पहुंच का मतलब वकीलों तक पहुंच भी है। अगर वकीलों को अपना काम करने से रोका जाता है तो इससे सीधे तौर पर इस कोर्ट की गरिमा प्रभावित होती है।"

    वकीलों को घंटों तक हिरासत में रखा
    संजय हेगड़े ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जो वकील शनिवार को मैदान गढ़ी के संजय कॉलोनी पुलिस स्टेशन गए थे, उन्हें घंटों तक हिरासत में रखा गया और कथित तौर पर उनकी पिटाई की गई। हेगड़े ने कहा, "उनमें से कुछ ने मेरे साथ काम किया है। पुलिसकर्मियों ने वकीलों को FIR की धमकी दी।" एक अन्य वकील ने कोर्ट को बताया कि शनिवार को पूरे दिन इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

  • शारदीय नवरात्र पर देवी पाटन मंदिर पहुंचे योगी आदित्यनाथ, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर दिए निर्देश

    शारदीय नवरात्र पर देवी पाटन मंदिर पहुंचे योगी आदित्यनाथ, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर दिए निर्देश

    बलरामपुर
     अपने दो दिवसीय दौरे पर बलरामपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन सुबह शक्ती पीठ देवी पाटन मंदिर के गर्भ गृह में आदि शक्ती मां पाटेश्वरी देवी का दर्शन पूजन किया। सीएम ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ गौशाला में गोवंशो को हरा चारा और गुड़ खिलाया। उन्होंने मां के पांव पखारे, आरती उतारी और गोसेवा करके प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

    रविवार को सीएम योगी की दिनचर्या की शुरुवात पूजा पाठ से हुई। सीएम सुबह आठ बजे शक्ती पीठ देवी पाटन मंदिर के गर्भ गृह में पहुंचे। मंदिर के पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी व अन्य पुजारियों ने सीएम को पूजा पाठ कराया। इस दौरान सीएम ने बलरामपुर को विकास के क्षेत्र में रोल मॉडल बनाने और जिले की सुरक्षा एवं तरक्की के संकल्प को दोहराया। इसके बाद सीएम ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सीएम ने कहा कि नवरात्रि पर शक्ति पीठ पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। इसका विशेष ख्याल रखा जाए। मंदिर परिसर में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

    उन्होंने मंदिर के सूर्यकुंड व थारू जनजाति छात्रावास का भी जायजा लिया। सीएम ने हर बार की तरह इस बार भी मंदिर के गौशाला में जाकर गोवंशों को हरा चारा व गुण खिला कर उनका दुलार किया। सीएम कई अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। इस दौरान शक्तिपीठ और उसके आसपास पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मौके पर जिले के जनप्रतिनिधि व आला अधिकारी मौजूद थे।

    बलरामपुर को 803 करोड़ की सौगात
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले को 803 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। शनिवार को हुए कार्यक्रम के दौरान विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इन विकास परियोजनाओं से सदर और उतरौला विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। परियोजनाओं के माध्यम से जिले में विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

    सीएम योगी ने कहा कि बलरामपुर में विकास की अपार संभावनाएं हैं। जिले को विकसित क्षेत्र के रूप में स्थापित करने के लिए युवाओं को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने होंगे। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम तैयार कर रहा है। अन्य विभागों को भी इसी दिशा में काम करना चाहिए, ताकि युवाओं को उनकी रुचि और जरूरत के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

  • कानपुर में निवेशकों को राहत: कंपनी को 3.09 लाख लौटाने का आदेश, मानसिक क्षति के लिए भी मिलेगा मुआवजा

    कानपुर में निवेशकों को राहत: कंपनी को 3.09 लाख लौटाने का आदेश, मानसिक क्षति के लिए भी मिलेगा मुआवजा

    कानपुर
    यूपी के कानपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां गोविंदनगर में साइबर ठगों ने गोल्ड ट्रेडिंग के जरिये ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा देकर की ठगी 40.32 लाख रुपये कर ली। आरोप है कि ठगों ने निवेश पर लाभ देकर भरोसा जीता और बाद में रकम निकालने के नाम पर अलग-अलग शुल्क वसूल किए। पीड़ित ने गोविंदनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

    दबौली पी-ब्लाक निवासी महेंद्र सिंह के अनुसार उन्होंने जनवरी 2026 को मर्गन मैक्स कंपनी की वेबसाइट के माध्यम से गोल्ड ट्रेडिंग में निवेश शुरू किया था। शुरुआत में 50 हजार रुपये लगाए। अगले दिन उनके खाते में पांच हजार रुपये लाभ के रूप में आए। इससे भरोसा होने पर उन्होंने आगे निवेश किया। इस दौरान कंपनी ने अपनी वेबसाइट और नाम भी बदल लिया। इसके बाद उन्होंने चार चरणों में कुल चार लाख रुपये जमा किए। ट्रेडिंग खाते में उनकी रकम बढ़कर 68085.75 डॉलर दिखाई देने लगी। इसके बाद उन्होंने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया।

    आरोप है कि भुगतान करने के बजाय कंपनी की ओर से विभिन्न शुल्कों के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 40.32 लाख रुपये की रकम ले ली गई। महेंद्र सिंह के अनुसार रकम निकालने के लिए 2193 डॉलर की और मांग की गई। तब उन्हें धोखधड़ी का एहसास हुआ। थाना प्रभारी अशोक कुमार दुबे ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल की मदद से कार्रवाई की जा रही है।

    3.09 लाख का भुगतान करे कंपनी
    उधर, राणा प्रताप नगर निवासी योगेन्द्र नाथ पांडेय ने एस समीर डायरेक्टर मेसर्स ड्रीम इंफ्रावेंचर ड्रीम्स प्लाजा अपोजिट फोनिक्स मॉल नियर एलडीए मार्केट आलमबाग लखनऊ और टीम हेड नसीम हसन पर चार जून 2021 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दर्ज कराया था। बतौर आरोप उन्होंने कंपनी के प्रोजेक्ट में प्लॉट के लिए आवेदन किया था। इसके लिए 2.06 लाख रुपये जरिये चेक जमा किया था। कंपनी द्वारा सही जानकारी और जमा धनराशि का विवरण न देने पर प्लॉट नहीं लिया और रुपये वापस मांगे।

    कंपनी की ओर से धनराशि को दूसरे प्लान में ड्रीम्स स्पर्श पैराडाइसेस से ग्रोथ बेनिफिट में लगाया। और 3.09 लाख रुपये 30 माह में देने की बात तय हुई। एग्रीमेंट 25 अगस्त 2019 को हुआ और 26 सितंबर को पहली किस्त में 10 हजार रुपये चेक से भुगतान किया गया। इसके बाद किस्तें नहीं दीं। नोटिस के बावजूद विपक्षी अपना पक्ष रखने उपस्थित नहीं हुए। आयोग अध्यक्ष विनोद कुमार और सदस्य वन्दना सिंह ने 45 दिनों के भीतर 3.09 लाख रुपये देने के आदेश दिए। इसके साथ ही 20 हजार रुपये शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षति के लिए और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च देने के आदेश दिए।

  • सीएम योगी का निर्देश: बारिश से नुकसान का तत्काल आकलन कर प्रभावितों को दिलाएं क्षतिपूर्ति

    सीएम योगी का निर्देश: बारिश से नुकसान का तत्काल आकलन कर प्रभावितों को दिलाएं क्षतिपूर्ति

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बारिश और अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि बारिश व अतिवृष्टि से हुई जनहानि, पशुहानि और फसल हानि का आकलन 24 घंटे के अंदर पूरा कर प्रभावितों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिलाई जाए। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाने, बिजली आपूर्ति बहाल करने और प्रभावित इलाकों में पानी निकालने के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि बारिश से हुए नुकसान का आकलन संवेदनशीलता और तत्परता के साथ किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को सहायता के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। जनहानि और पशुहानि के मामलों में आवश्यक कार्रवाई के साथ फसलों को हुए नुकसान का भी आकलन किया जाए। अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का आकलन कर राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।

    48 घंटे में बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश
    बारिश के कारण प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अगले 48 घंटे में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों को बिजली आपूर्ति में आई बाधाओं को दूर करने के लिए तेजी से काम करने को कहा गया है।

    जलभराव वाले क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर राहत कार्य
    मुख्यमंत्री ने जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने और वहां फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इन कार्यों को 24 घंटे के भीतर पूरा करने के लिए अधिकारियों को तत्परता से जुटने को कहा है। प्रभावित क्षेत्रों में जलनिकासी और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जरूरी संसाधनों के साथ राहत कार्य संचालित करने पर जोर दिया गया है।

    अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों से लेकर संबंधित विभागों के सभी अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और मौके पर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार किसानों और जनमानस के साथ खड़ी है।

  • फ्लाईदुबई उड़ान में सह-पायलट पर गंभीर आरोप, कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के पीछे साजिश की जांच तेज

    फ्लाईदुबई उड़ान में सह-पायलट पर गंभीर आरोप, कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के पीछे साजिश की जांच तेज

    नई दिल्ली
     राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी ने इस मामले में 9 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की। यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। हमले में भारतीय नागरिक पायलट मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

    अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि मामले में विमान अपहरण रोधी अधिनियम, 2016 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। अब NIA घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।

    सह-पायलट पर कुल्हाड़ी से हमला करने का आरोप
    अधिकारियों के अनुसार, उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट ने इमरजेंसी में इस्तेमाल होने वाली कुल्हाड़ी से हमला किया था। इस हमले में मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए अब केंद्रीय जांच एजेंसी मामले की पड़ताल कर रही है।

    विमान को अगवा करने या दुर्घटनाग्रस्त करने की आशंका
    अधिकारियों के मुताबिक, जांच में यह आशंका भी शामिल है कि हमला कथित तौर पर विमान का अपहरण करने या उसे दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश के तहत किया गया था। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए विमान अपहरण रोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, हमले के पीछे की वास्तविक वजह और कथित साजिश से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। NIA की जांच में अब घटना की परिस्थितियों, हमले के उद्देश्य और विमान की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा।