Author: NewseDay

  • होल्कर स्टेडियम में भारत का दबदबा, 15 इंटरनेशनल मैचों में 12 जीत, वेस्टइंडीज से मुकाबला

    होल्कर स्टेडियम में भारत का दबदबा, 15 इंटरनेशनल मैचों में 12 जीत, वेस्टइंडीज से मुकाबला

    नई दिल्ली
    भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का तीसरा मुकाबला रविवार को इंदौर के होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। दूसरे टी20 में 249 रन बनाने के बावजूद मिली हार के बाद भारतीय टीम इस मुकाबले में जोरदार वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। आइए आपको बताते हैं होल्कर स्टेडियम में टीम इंडिया का अब तक का टी20 रिकॉर्ड कैसा रहा है।

    इंदौर में भी तक चार टी20 इंटरनेशनल मैच हुए
    भारतीय टीम ने इंदौर के होल्कर स्टेडियम में अभी तक कुल 4 टी20 इंटरनेशल मुकाबले खेले हैं। इस दौरान टीम को तीन में जीत नसीब हुई है, जबकि सिर्फ एक मैच में हार का सामना करना पड़ा है। यह एक हार भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ साल 2022 में मिली थी। साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट खोकर 227 रन बनाए, जिसके जवाब में भारत की पूरी टीम 178 रन बनाकर ऑलआउट हो गई थी।

    15 इंटरनेशनल मैच को भारत को 12 जीत मिली
    टीम इंडिया ने इस ग्राउंड पर अपने आखिरी मैच में अफगानिस्तान को साल 2024 में हराया था। अफगानिस्तान को 172 रनों पर समेटने के बाद भारतीय टीम ने लक्ष्य को सिर्फ 15.4 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया था। भारत ने यहां अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 15 मैच खेले हैं। टीम को इसमें 12 जीत और सिर्फ तीन ही हार मिली है।

    पांच मैचों की टी20 सीरीज अभी 1-1 की बराबरी पर है। सीरीज के पहले टी20 में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया था। हालांकि, दूसरे टी20 में कैरेबियाई टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 6 विकेट से शिकस्त दी थी। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट खोकर 249 रन बनाए थे। मगर वेस्टइंडीज की टीम कप्तान शाई होप की नाबाद शतकीय पारी की बदौलत 250 रनों के लक्ष्य को 18.3 ओवर में चेज करने में सफल रही थी। होप 102 रन बनाकर नाबाद रहे थे, जबकि शेरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंदों में 84 रनों की आतिशी पारी खेली थी।

     

  • Diwali 2026: पंजाब सरकार का बड़ा फैसला! त्योहार से पहले कर्मचारियों को ₹10,000 एडवांस देने की तैयारी

    Diwali 2026: पंजाब सरकार का बड़ा फैसला! त्योहार से पहले कर्मचारियों को ₹10,000 एडवांस देने की तैयारी

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार दिवाली से पहले अपने ग्रुप-डी कर्मचारियों को 10 हजार रुपये का ब्याज मुक्त त्योहार अग्रिम देगी। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शनिवार को इसकी घोषणा की। सरकार के इस फैसले से राज्य के करीब 34,604 कर्मचारियों को लाभ मिल सकेगा।

    कर्मचारी त्योहार मनाने के लिए यह राशि अग्रिम के रूप में ले सकेंगे और इसके लिए उन्हें कोई ब्याज नहीं देना होगा। वित्त मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हालांकि, यदि सभी पात्र कर्मचारी इस सुविधा का लाभ उठाते हैं तो सरकार पर कुल 34.60 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा।

    छह नवंबर तक निकालनी होगी राशि
    सरकार ने कर्मचारियों को दिवाली से पहले अग्रिम राशि उपलब्ध कराने के लिए छह नवंबर, 2026 तक कोषागार से पैसा निकलवाने की अनुमति दी है। इस राशि की वसूली पांच समान मासिक किस्तों में की जाएगी। कर्मचारियों के वेतन से कटौती दिसंबर 2026 से शुरू होगी। यानी 10 हजार रुपये के अग्रिम की प्रत्येक किस्त दो हजार रुपये होगी।

    कर्मचारी कल्याण के लिए उठाया कदम
    वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। त्योहार अग्रिम देने का उद्देश्य ग्रुप-डी कर्मचारियों को दिवाली के अवसर पर अपने परिवारों के साथ खुशियां मनाने में आर्थिक मदद देना है। सरकार ने इसे कर्मचारियों के हित में उठाए गए वित्तीय कदमों की कड़ी का हिस्सा बताया है।

  • JPNIC में लगे 864 करोड़ पर अखिलेश से ओपी राजभर ने मांगा जवाब, बोले- ‘ड्रामा नहीं, हिसाब दीजिए’

    JPNIC में लगे 864 करोड़ पर अखिलेश से ओपी राजभर ने मांगा जवाब, बोले- ‘ड्रामा नहीं, हिसाब दीजिए’

    लखनऊ
    लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में जेपीएनआईसी (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है।

    ‘अखिलेश जी, ड्रामा नहीं, हिसाब दीजिए’
    ओम प्रकाश राजभर ने JPNIC को लेकर अखिलेश यादव पर सवाल उठाते हुए कहा, “अखिलेश जी, आज ड्रामा नहीं, हिसाब दीजिए।” उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर आप JPNIC पहुंचकर हंगामा करेंगे, भाषण देंगे और खुद को जेपी का अनुयायी बताएंगे, लेकिन जेपी के नाम की आड़ में अपनी सरकार के समय JPNIC में हुए खर्च हुए पैसों का हिसाब नहीं देंगे। हिसाब देने से भागिए मत।

    864 करोड़ रुपये के खर्च और अधूरी परियोजना पर उठाए सवाल
    राजभर ने कहा, “अखिलेश जी, JPNIC पर 864 करोड़ रुपए खर्च कर दिए, फिर भी परियोजना पूरी नहीं हुई, इतना पैसा आखिर गया कहां?” वहीं राजभर ने JPNIC संचालन समिति की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, “संचालन समिति में अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और वसीम हसन की भूमिका क्या थी?”

    उन्होंने पूछा, “लोगों को बताइए कि आखिर इस समिति को क्या अधिकार मिलने थे? इसमें आपकी भूमिका क्या थी?” राजभर ने JPNIC में प्रस्तावित व्यावसायिक सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा, “JPNIC में होटल, क्लब, जिम और दूसरी व्यावसायिक सुविधाएं बनाई गईं।”

    उन्होंने सवाल किया कि इन सुविधाओं से होने वाली कमाई किसे मिलनी थी और संचालन किसके हाथ में जाना था। राजभर ने कहा कि जनता के पैसे से संपत्ति बने और उसकी कमाई की व्यवस्था खुद लोगों के लिए हो, यह कौन सा समाजवाद था?

    ‘अयोध्या आइए, पर्चा भरिए, चुनाव लड़िए’
    राजभर ने अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “अखिलेश जी, आप अयोध्या से पर्चा भरिए। आपने ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। आपकी यह चुनौती मुख्यमंत्री जी ने स्वीकार कर आपको भी अयोध्या से सामने चुनाव लड़ने को कह दिया।”

    उन्होंने आगे कहा, “अब इधर-उधर की बात क्यों कर रहे हैं? अयोध्या आइए, पर्चा भरिए, चुनाव लड़िए, वैसे हारेंगे आप ही, लेकिन कम से कम अपनी दी हुई चुनौती से तो मत भागिए।”

    राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन पर PDA के नारे को लेकर घेरा
    ओम प्रकाश राजभर ने सपा की पीडीए राजनीति पर भी निशाना साधा। राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवारों के चयन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “उम्मीदवारों के चयन में परिवार और धनपशु दिखे, इसमें पीडीए कहां गया?”

    उन्होंने आगे कहा, “अखिलेश जी, राज्यसभा की दो सीटें आईं तो आपने अपने चाचा रामगोपाल यादव और बड़े उद्योग समूह के जुड़े धनराज नाथवाणी को चुन लिया, क्या आपको दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज से कोई नेता नहीं मिला?”

    राजभर ने कहा कि सपा प्रमुख दिनभर पीडीए की बात करते हैं, लेकिन टिकट देने के समय अपना परिवार और धनपशु ही दिखता है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर पीडीए क्या सिर्फ भाषण और पोस्टरों के लिए है?

  • Bilaspur Jail News: अच्छे आचरण से बदली जिंदगी, 21 आजीवन कैदी जेल से आए बाहर

    Bilaspur Jail News: अच्छे आचरण से बदली जिंदगी, 21 आजीवन कैदी जेल से आए बाहर

    बिलासपुर.

    अच्छे व्यवहार, अनुशासन और बेहतर आचरण ने जेल की सलाखों के पीछे जीवन बिता रहे 21 कैदियों के लिए नई उम्मीद का रास्ता खोल दिया. बिलासपुर केंद्रीय जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहे 21 कैदियों को रिहा किया गया है. इनमें 20 पुरुष और एक महिला कैदी शामिल हैं.

    इन सभी ने जेल में करीब 14 साल या  उससे अधिक समय बिताया है. जेल में उनके व्यवहार और आचरण को ध्यान में रखते हुए शासन स्तर पर उनकी रिहाई का निर्णय लिया गया. इस फैसले को कैदियों के जीवन में सुधार लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से दोबारा जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता पिछले कुछ महीनों से लगातार बिलासपुर केंद्रीय जेल का दौरा कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कैदियों से जुड़े विभिन्न मामलों पर गंभीरता से ध्यान दिया.

    साथ ही, कैदियों की मानसिक स्थिति, जेल में उनके व्यवहार और आचरण को समझने पर विशेष जोर दिया गया. जेल अधीक्षक के मुताबिक, डीजी हिमांशु गुप्ता ने ऐसे कैदियों को रिहा कर समाज की मुख्यधारा में दोबारा शामिल करने के लिए शासन स्तर पर पहल की, जिनका जेल में रहते हुए आचरण अच्छा रहा है और जिन्होंने अनुशासन का पालन किया है. इसी पहल के तहत 21 आजीवन कैदियों की रिहाई का रास्ता साफ हुआ. जेल से रिहा हुए कैदियों के लिए यह केवल सलाखों से बाहर आने का अवसर नहीं, बल्कि अपने जीवन को नए सिरे से शुरू करने की उम्मीद भी है.

    लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब उन्हें समाज के बीच लौटकर सामान्य जीवन जीने का अवसर मिलेगा. इस पहल का उद्देश्य अन्य कैदियों को भी सकारात्मक व्यवहार और अनुशासन के लिए प्रेरित करना है. जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने कहा कि राज्य शासन के द्वारा आज 21 दंडित बंदियों को शासन माफी के तहत आजीवन कारावास के बंदियों को रिहा किया गया है. कुछ को निर्शत कुछ को सर्शत मुचलका के द्वारा छोड़ा गया है. सभी बंदी 14 से 16 साल तक की सजा काट चुके है.

  • Vidisha News: उदयगिरी गुफाओं में महिषासुरमर्दिनी का अद्भुत स्वरूप, 1700 साल पुरानी प्रतिमा से जुड़ा है गौरवशाली इतिहास

    Vidisha News: उदयगिरी गुफाओं में महिषासुरमर्दिनी का अद्भुत स्वरूप, 1700 साल पुरानी प्रतिमा से जुड़ा है गौरवशाली इतिहास

    भोपाल.

    भोपाल से करीब 60-65 किमी दूर विदिशा जिले की ऐतिहासिक उदयगिरी गुफाओं में शक्ति पूजा के सबसे पुराने पुरातात्विक साक्ष्य मौजूद हैं।

    यहां महिषासुर का वध करती देवी दुर्गा यानी "महिषासुरमर्दिनी" की ऐसी प्रतिमा है, जिसके 12 हाथ हैं। गुप्तकाल के दौरान चौथी-पांचवी शताब्दी में बनी यह प्रतिमा मध्य भारत में मिली देवी की सबसे प्राचीन प्रतिमा है।

    उकेरा गया देवी का स्पष्ट स्वरूप
    देश के चुनिंदा हिस्सों से जो प्रतिमाएं इससे पहले मिली हैं, उनमें देवी का यह स्वरूप इतना स्पष्ट नहीं है। उदयगिरी में गुफा की उत्तरी दीवार पर बनी इस प्रतिमा में उन्होंने महिषासुर की गर्दन दबोच रखी है। दाहिना पैर राक्षस की पीठ पर है और बायां पैर एक आधार पर टिका है, जिसे कुछ लोग उनके वाहन शेर के तौर पर पहचानते हैं।

    1700 साल प्राचीन होने का दावा
    दाहिनी ओर के एक हाथ में त्रिशूल है, जिससे उन्होंने राक्षस को बींध रखा है। दूसरे हाथों में तलवार, ढाल, धनुश-बाण, गदा, पानपात्र, खप्पर जैसे अस्त्र-शस्त्र दिखाए गए हैं। करीब 1700 साल पहले उकेरी गई यह प्रतिमा इस क्षेत्र में शक्ति पूजा की सबसे समृद्ध परंपरा की पुष्टि है।

    गुफाओं का गुप्त काल में निर्माण –
    मंदिर रूपी गुफाओं का निर्माण गुप्त काल में चौथी शताब्दी के उत्तरार्द्ध और पांचवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में मालवा विजय के उपलक्ष्य में हुआ था। यहां बनी महिषासुरमर्दिनी की प्रतिमा मध्य भारत में मिली सबसे प्राचीन देवी प्रतिमा है। देश में भी ऐसी गिनी-चुनी प्रतिमाएं ही हैं। दूसरी प्रतिमाओं में देवी के आठ, 10 या कहीं कहीं 20 हाथ दिखाए गए हैं, लेकिन यहां देवी के 12 हाथ हैं।
    – डॉ. नारायण व्यास, पुरातत्वविद्

  • बिहार के बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, 1100 रुपये पेंशन खाते में ट्रांसफर; नए लाभार्थी भी जुड़े

    बिहार के बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, 1100 रुपये पेंशन खाते में ट्रांसफर; नए लाभार्थी भी जुड़े

     पटना
    बिहार समेत पूरे देश में नवरात्र पर्व की धूम है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पर्व में राज्य के 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं विधवा बहनों सहित कुल 1 करोड़ 08 लाख 36 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रति व्यक्ति 1100 रुपये की दर से कुल 1237 करोड़ 48 लाख रूपये की राशि का हस्तांतरण किया। उन्होंने कहा कि हमारा जनप्रतिनिधियों से आग्रह है कि जब वे अपने क्षेत्र में जाते है तो गांव में जाकर यह सुनिश्चित करें कि सभी योग्य लाभुकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिले।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पात्र लाभार्थी छूटे नहीं। पंचायत विकास दिवस के अवसर पर विशेष तौर पर यह अभियान चलाएं कि कोई भी योग्य पात्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित न रहे। हेल्थ सर्वेक्षण के दौरान भी यह पता करें कि योग्य लाभुकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रहा है कि नहीं।

    सम्राट चौधरी ने आगे यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के लिये राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये की गयी। प्रति माह लगभग 90 हजार से एक लाख पेंशनधारी जुड़ रहे हैं, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिल रहा है। सितम्बर में 93835 नए लाभार्थी सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़े।

    कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, समाज कल्याण विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल उपस्थित थे। जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी एवं लाभार्थीगण जुड़े हुए हैं।

  • झारखंड के छात्रों के लिए बड़ा अपडेट, 2027-28 में बदलेंगी तीन कक्षाओं की पुस्तकें; 10वीं-11वीं में बदलाव 2028-29 से

    झारखंड के छात्रों के लिए बड़ा अपडेट, 2027-28 में बदलेंगी तीन कक्षाओं की पुस्तकें; 10वीं-11वीं में बदलाव 2028-29 से

    रांची
     राज्य के सभी सरकारी एवं सहायता प्राप्त स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र वर्ष 2027-28 से तीसरी, चौथी एवं नौवीं कक्षा की पुस्तकें बदल जाएंगी।

    झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) ने कक्षा तीसरी एवं चौथी की पुस्तकें तैयार कर ली हैं। वहीं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क-2023 के तहत एनसीईआरटी द्वारा तैयार कक्षा नौ की पुस्तकें झारखंड में भी लागू होंगी।

    जेसीईआरटी ने इसपर निर्णय लेते हुए इसकी जानकारी झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को दे दी है। शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए पुस्तकों का प्रकाशन परिषद के माध्यम से होना है।

    एनसीईआरटी ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र (वर्ष 2026-27) से ही पहली से नौवीं कक्षा की पाठ्य-पुस्तकें बदल दी थीं। झारखंड की बात करें तो यहां के सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों में पहली से आठवीं तक जेसीईआरटी द्वारा तैयार पाठ्य-पुस्तकें लागू होती हैं।

    वहीं, नौवीं से 12वीं तक एनसीईआरटी की पुस्तकें चलती हैं। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में एनसीईआरटी द्वारा बदली गई पुस्तकें लागू तो की गईं, लेकिन अन्य सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए पहले से ही प्रकाशन का टेंडर फाइनल हो जाने के कारण पुस्तकें बदली नहीं जा सकी थीं।

    वर्तमान शैक्षणिक सत्र में लागू हुई पहली एवं दूसरी कक्षा की संशोधित पुस्तकें
    झारखंड में जेसीईआरटी द्वारा पहली एवं दूसरी कक्षा की संशोधित पुस्तकें वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू हुई हैं। तीसरी से आठवीं तक की संशोधित पुस्तकें अगले शैक्षणिक सत्र से लागू होनी थी, लेकिन तीसरी एवं चौथी कक्षा की पुस्तकें ही अंतिम रूप से तैयार हो सकीं। अब शेष कक्षाओं पांचवीं से आठवीं की पुस्तकें शैक्षणिक सत्र 2028-29 से ही बदल पाएंगी।

    2028-29 से बदलेंगी 10वीं एवं 11वीं की पुस्तकें
    झारखंड में 10वीं एवं 11वीं कक्षा की पुस्तकें शैक्षणिक सत्र 2028-29 से ही बदल पाएंगी। दरअसल, एनसीईआरटी द्वारा अगले वर्ष जनवरी में 10वीं तथा फरवरी में 11वीं की पुस्तकें बदले जाने की संभावना है।

    चूंकि झारखंड में पहले ही पुस्तकों का प्रकाशन होता है, इसलिए अगले वर्ष झारखंड में एनसीईआरटी की संशोधित होनेवाली पुस्तकें लागू होना मुश्किल है। एनसीईआरटी द्वारा कक्षा 12वीं की पुस्तकें बाद में बदली जाएंगी।

  • हनुमानगढ़ में तेज रफ्तार पिकअप का कहर, एक ही परिवार के 3 युवकों की मौत; चालक फरार

    हनुमानगढ़ में तेज रफ्तार पिकअप का कहर, एक ही परिवार के 3 युवकों की मौत; चालक फरार

    पल्लू (हनुमानगढ़)
     राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में पल्लू-नोहर मेगा हाईवे पर रविवार अलसुबह दर्दनाक हादसा हो गया। मां ब्रह्माणी के दर्शन करने के लिए पैदल जा रहे युवकों के जत्थे को पीछे से तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी ने टक्कर मार दी। हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए रेफर किया गया है। हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर फैल गई।

    दर्शन के लिए पैदल निकले थे युवक
    थाना प्रभारी जगदीश के अनुसार, रावतसर तहसील के किकरालिया गांव से युवकों का एक जत्था रविवार अलसुबह मां ब्रह्माणी के दर्शन करने के लिए पैदल रवाना हुआ था। प्रथम शारदीय नवरात्र के अवसर पर युवक मंदिर में धोक लगाकर मन्नत मांगने जा रहे थे। इसी दौरान पल्लू से करीब 16 किलोमीटर दूर झेदासर और माहेला गांव के बीच पल्लू-नोहर मेगा हाईवे पर हादसा हो गया।

    जानकारी के अनुसार, पैदल जा रहे युवकों को पीछे से तेज रफ्तार में आई पिकअप गाड़ी ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

    तीन युवकों की मौत, एक की हालत गंभीर
    हादसे में किकरालिया गांव निवासी अशोक (21) पुत्र राजू, अजय (27) पुत्र हंसराज और मोहित (22) पुत्र कुलदीप की मौत हो गई। वहीं, रुपेश (25) पुत्र दयाराम गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुए चारों युवक एक ही परिवार के चाचा-ताऊ के बेटे थे। इस घटना से परिवार में मातम छा गया।

    पिकअप छोड़कर चालक फरार
    हादसे के बाद पीछे से आ रहे एक कार चालक ने पिकअप गाड़ी का पीछा किया और उसे रुकवा लिया। हालांकि, पिकअप चालक गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई और आवश्यक कार्रवाई की।

    पुलिस ने तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। मृतकों के परिजनों ने पुलिस थाने में मर्ग दर्ज करवाने के साथ अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस अब हादसे के संबंध में जांच कर रही है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।

  • Gurudwara Bangla Sahib Controversy: पुलिस की एंट्री पर गरमाई सियासत, CM मान ने की निंदा

    Gurudwara Bangla Sahib Controversy: पुलिस की एंट्री पर गरमाई सियासत, CM मान ने की निंदा

    चंडीगढ़.

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में पुलिस के प्रवेश को लेकर पंजाब की सियासत गर्मा गई है। आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए भाजपा को घेरा है।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। वहीं, आप के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मामले में हस्तक्षेप करने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगने की अपील की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इतिहास गवाह है कि गुरु का घर हमेशा जरूरतमंदों को शरण देता आया है। यदि प्रदर्शन करने वाले युवा गुरुद्वारा साहिब में पहुंचे थे, तो गुरुघर की परंपरा के अनुसार सेवादार उन्हें शरण देते। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने नंगे सिर और जूते पहनकर गुरुद्वारा साहिब में प्रवेश किया, जिससे गुरुघर की मर्यादा को ठेस पहुंची है। मान ने कहा कि सिख कौम इस कथित अपमानजनक कार्रवाई को कभी माफ नहीं करेगी।

    बलतेज पन्नू ने उठाए कार्रवाई पर सवाल
    आप के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गुरुद्वारा साहिब में किसी के भी आने और ठहरने पर सवाल नहीं होना चाहिए। यदि कुछ लोग वहां ठहरे हुए थे, तो कौन से अपराधी या आतंकवादी थे, जिन्हें बाहर निकालने के लिए पुलिस को इस तरह अंदर जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के कारणों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। पन्नू ने सवाल उठाया कि कार्रवाई के दौरान कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया या हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब की मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है और पुलिस को किसी भी कार्रवाई के दौरान इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना से संबंधित अलग-अलग वीडियो सामने आ रहे हैं, इसलिए केंद्र सरकार को पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

    अमित शाह से जवाब मांगने की अपील
    बलतेज पन्नू ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से विनम्र अपील की कि वे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और केंद्र सरकार के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात करें। उन्होंने कहा कि सिख कौम की सर्वोच्च संस्था के जत्थेदार को यह जवाब मांगना चाहिए कि गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस को प्रवेश करने की जरूरत क्यों पड़ी और जूते पहनकर अंदर जाने की क्या वजह थी।

    अकाली दल की चुप्पी पर भी उठाए सवाल
    आप ने इस मामले में शिरोमणि अकाली दल की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि भाजपा के साथ गठबंधन के कारण अकाली दल इस मुद्दे पर खुलकर नहीं बोल रहा है। आप ने मांग की कि गुरुद्वारा साहिब में पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार जवाब दे और यह स्पष्ट करे कि प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए ऐसी कार्रवाई क्यों करनी पड़ी।

  • बुध का नक्षत्र परिवर्तन 12 अक्टूबर को, वृषभ समेत इन 3 राशियों की चमक सकती है किस्मत

    बुध का नक्षत्र परिवर्तन 12 अक्टूबर को, वृषभ समेत इन 3 राशियों की चमक सकती है किस्मत

    ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, शिक्षा, तर्क क्षमता और व्यापार का कारक माना जाता है.  यही वजह है कि बुध की चाल में होने वाला बदलाव लोगों के जीवन के अलग-अलग पहलुओं को प्रभावित करने वाला माना जाता है.  बुध समय-समय पर अपनी राशि के साथ नक्षत्र भी बदलते हैं. पंचांग के अनुसार,  इस बार 12 अक्टूबर को बुध नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं. इस परिवर्तन से कुछ राशियों के लोगों को फायदा मिल सकता है.

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार, बुध के विशाखा नक्षत्र में जाने से कुछ राशि के जातकों के लिए अच्छे मौके बन सकते हैं. उन्हें पैसों, नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं. हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति पर उसकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति के हिसाब से अलग हो सकता है. आइए जानते हैं कि बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन किन राशियों के लिए शुभ रह सकता है.

    कब होगा बुध का नक्षत्र परिवर्तन?
    द्रिक पंचांग के अनुसार, बुध ग्रह 12 अक्टूबर 2026, सोमवार को शाम 6 बजकर 48 मिनट पर स्वाति नक्षत्र से निकलकर विशाखा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. इस नक्षत्र में बुध का गोचर 3 नवंबर 2026, मंगलवार को सुबह 5 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. ज्योतिष में विशाखा को 27 नक्षत्रों में 16वां स्थान प्राप्त है. इसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति माने जाते हैं. वहीं, विशाखा का संबंध तुला और वृश्चिक राशि से है.

    वृषभ राशि (Taurus)
    वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध का विशाखा नक्षत्र में प्रवेश फायदेमंद साबित हो सकता है. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा.  आपके काम और व्यवहार से समाज में प्रतिष्ठा बढ़ सकती है. रचनात्मक कार्यों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी यह समय अच्छा रह सकता है. लेखन, साहित्य और कला से जुड़े जातकों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा. लगातार प्रयास करने से कार्यक्षेत्र में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं.

    सिंह राशि (Leo)
    सिंह राशि वालों के लिए बुध का नक्षत्र परिवर्तन कई सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है.  इस दौरान में आपकी संवाद शैली में सुधार हो सकता है. अपनी बात को सही तरीके से रखने की क्षमता के कारण आप कार्यक्षेत्र में लोगों को प्रभावित कर सकते हैं. कामकाज के सिलसिले में यात्रा करने के अवसर प्राप्त होंगे, जो आगे चलकर लाभकारी साबित हो सकते हैं. नए लोगों से संपर्क बढ़ेगा.

    धनु राशि (Sagittarius)
    धनु राशि के जातकों के लिए बुध का विशाखा नक्षत्र में गोचर लकी साबित हो सकता है, नौकरी करने वालों को अच्छा परिणाम मिल सकता है. व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं. कारोबार को आगे बढ़ाने में सफलता मिलने की संभावना है. आय के नए स्रोत सामने आ सकते हैं. पहले से चल रहे कामों में भी सुधार  होगा. जमीन-जायदाद या संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं.