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  • बंगाल में योगी का दमदार असर: सभाओं की भीड़ से BJP को बढ़त का भरोसा

    बंगाल में योगी का दमदार असर: सभाओं की भीड़ से BJP को बढ़त का भरोसा

    बंगाल

    भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक में से एक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की एक प्रसिद्ध कविता है, ‘अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा.’ उनकी कविता की ये पंक्तियां आज बंगाल में साकार होती दिख रही है. भाजपा के मूल संगठन जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि में अब कमल खिलने जा रहा है. पश्चिम बंगाल में मतगणना जारी है. खबर लिखे जाने तक जो रुझान सामने आए हैं, उनके मुताबक बीजेपी करीब 190 सीटों पर आगे चल रही है. इन नतीजों के पीछे पूरे संगठन की मेहनत है. लेकिन इन सबसे इतर एक फैक्टर है जिसने इन चुनावों में खासा प्रभाव डाला है. विशेषकर जिन सीटों पर सीएम योगी ने प्रचार किया उनमें से अधिकतर सीटों पर भाजपा कब्जा करती दिख रही है. यानी योगी फैक्टर ने अपना जादू चला दिया है.

    बंगाल चुनाव में उत्तर प्रदेश के नेताओं की महती भूमिका रही है. देशभर में किसी भी राज्य में चुनाव हों उसमें एक जोड़ी हमेशा हिट रही है. वो है मोदी और योगी की जोड़ी. इसी तरह बंगाल के चुनाव में भी उत्तर प्रदेश के प्रमुख चेहरों ने मोर्चा संभाला. जिसमें सबसे पहले खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. उन्होंने लगातार जनसभाएं और रैलियां की. इतना ही नहीं, उन्होंने सीधे जनता से जुड़ने का प्रयास किया. दुकान पर जाकर झालमुड़ी खाना, लोगों के बीच जाना इसका उदाहरण है. जिसने लोगों को प्रभावित किया. वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पार्टी के पक्ष में जमकर माहौल बनाया है.

    मुख्यमंत्री योगी की डिमांड हर राज्य में रही है. बिहार के चुनाव हों, महाराष्ट्र के चुनाव हों, ओडिशा के चुनाव हों, छत्तीसगढ़ के चुनाव हों, मध्यप्रदेश या राजस्थान के चुनाव हों, हर प्रदेश में सीएम योगी की अपनी फैन फॉलोविंग है. हिंदुत्व की छवि वाले योगी किसी भी क्षेत्र में जाकर वहां की जनता के बीच गहरी छाप छोड़ते हैं. बंगाल में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. बंगाल में योगी की सभाओं में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली. योगी को सुनने के लिए बड़ा जनसमूह उतरा. कई जगहों पर इतनी भीड़ दिखी कि वहां पैर रखने तक की जगह नहीं थी. कुल मिलाकर योगी ने इस भीड़ को वोट में तब्दील करने का पूरा प्रयास किया. जिसका नतीजा सकारात्मक दिख रहा है. जिन जिन क्षेत्र में योगी ने सभाएं की वहां अधिकतर सीटों पर कमल खिलता दिख रहा है.

    इन सीटों पर बीजेपी को बढ़त

        कल्याणी विधानसभा में भाजपा को बढ़त मिल रही है. यहां अनुपम बिस्वास आगे चल रही हैं.
        नंदकुमार सीट में खानरा निर्मल आगे चल रहे हैं.
        बागदा विधानसभा में सोमा ठाकुर आगे चल रही हैं.
        कटवा में कृष्णा घोष ने बढ़त बनाई हुई है.
        माथाभांगा (कूच बिहार) में निशीथ प्रमाणिक जीत की ओर बढ़ रहे हैं.
        धूपगुड़ी विधानसभा में नरेश चंद्र राय लीड लिए हुए हैं.
        बांकुरा विधानसभा सीट पर नीलाद्री शेखर आगे चल रहे हैं.
        कांथी दक्षिण सीट में भी अरुप कुमार दास बढ़त बनाए हुए हैं.
        गोपालपुर विधानसभा सीट से तरुणज्योति तिवारी आगे चल रहे हैं.
        दम दम विधानसभा सीट से अरिजीत बख्शी बढ़त बनाए हुए हैं.
        जोरासांको सीट से विजय ओझा लीड बनाए हुए हैं.
        चकदहा विधानसभा में बंकिम चंद्र घोष आगे चल रहे हैं.
        उदयनारायणपुर सीट पर प्रभाकर पंडित बढ़त बनाए हुए हैं.
        पिंगला विधानसभा में स्वागता मन्ना आगे चल रही हैं.
        जॉयपुर सीट से बिस्वजीत महतो बढ़त बनाए हुए हैं.
        गारबेटा विधानसभा में पारादीप लोधा जीत की ओर बढ़ रहे हैं.
        बाराबनी सीट पर अरिजीत रॉय आगे चल रहे हैं.
        रामपुरहाट विधानसभा में ध्रुब साहा बढ़त बनाए हुए हैं.
        सोनामुखी विधानसभा में दिबाकर घरामी आगे चल रहे हैं.

    बता दें कि जिन विधानसभाओं में योगी ने धुंआधार प्रचार किया है उनके आसपास के क्षेत्रों में भी उनका प्रभाव पड़ा है.

    बिहार में चला था मोदी-योगी का जादू
    बता दें कि 5 महीने पहले हुए बिहार चुनाव में 202 सीटों के साथ NDA की प्रचंड जीत हुई थी. भाजपा ने अकेले 89 सीटें जीती थीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 रैलियों से NDA को 97 सीटें दिलाई थीं. इसमें 44 नई सीटें थीं. पीएम का स्ट्राइक रेट 80% रहा था. इसी तरह सीएम योगी ने भी 80% स्टाइक रेट के साथ 98 सीटें जितवाई थीं. बिहार में सबसे ज्यादा डिमांड भी सीएम योगी की रैलियों, सभा और रोड शो की रही थी.

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की वृहद पौधरोपण अभियान- 2026 की तैयारियों की समीक्षा, कहा पौधे लगाएं भी-बचाएं भी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की वृहद पौधरोपण अभियान- 2026 की तैयारियों की समीक्षा, कहा पौधे लगाएं भी-बचाएं भी

    एक दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधरोपण कर यूपी फिर बनाएगा रिकॉर्ड: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री का आह्वान, हर विद्यार्थी एक पौधा जरूर लगाए, हर आंगनबाड़ी केंद्र 05 सहजन के पौधे रोपे जाएं

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की वृहद पौधरोपण अभियान- 2026 की तैयारियों की समीक्षा, कहा पौधे लगाएं भी-बचाएं भी

    जनभागीदारी से सफल होंगे हरित क्रांति के प्रयास: मुख्यमंत्री

    विगत 09 वर्ष में वन एवं वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई

    वर्तमान में हरित आवरण 9.96%, वर्ष 2030 तक 15% और 2047 तक 20% हरित आवरण का लक्ष्य: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री का निर्देश, इस वर्ष गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर हो वृहद पौधरोपण

    हरित उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम: नदियों के किनारे 4.35 करोड़ पौधरोपण की तैयारी

    रिकॉर्ड वृक्षारोपण के बाद अब फोकस जीवितता पर, टेक्नोलॉजी से होगी हर पौधे की निगरानी

    लखनऊ
    ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा है कि विगत वर्षों में जनभागीदारी से प्रदेश ने वृक्षारोपण में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और अब इसे जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। रविवार को वृहद पौधरोपण अभियान-2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में न्यूनतम 05 सहजन के पौधे लगाए जाएं, जबकि स्कूल-कॉलेजों में हर छात्र कम से कम एक पौधा लगाए। मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सतत जन-अभियान के रूप में विकसित किया जाए।

    बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पिछले वर्षों में वृक्षारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2009 से 2016 के बीच जहां 51.48 करोड़ पौधे लगाए गए थे, वहीं वर्ष 2017 से 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 242.13 करोड़ हो गई। इसी अवधि में वन एवं वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है और हरित आवरण लगभग 9.96 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कार्बन स्टॉक में वृद्धि के मामले में भी प्रदेश राष्ट्रीय औसत (1.13 प्रतिशत) से आगे है और 2.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को हरित क्रांति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2030 तक 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत हरित आवरण का लक्ष्य हर हाल में हासिल करना है।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वर्ष 2026 के अभियान को पूरी तरह वैज्ञानिक, योजनाबद्ध और परिणामोन्मुख बनाया जाए। उन्होंने माइक्रो प्लानिंग को अभियान की आधारशिला बताते हुए ग्रामीण और शहरी स्तर पर तैयार सभी माइक्रो प्लानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। 

    मुख्यमंत्री ने पौधों की गुणवत्ता और उपलब्धता पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी विभागों को वन विभाग की नर्सरियों से निःशुल्क एवं उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1935 विभागीय नर्सरियां संचालित हैं और 50 करोड़ से अधिक पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिसके लिए 34 नई नर्सरियों की स्थापना भी की गई है। उद्यान, रेशम और निजी क्षेत्र की नर्सरियों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और उनकी जीवितता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आधुनिक तकनीक के माध्यम से सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ‘हरीतिमा’ ऐप, जीआईएस मैपिंग, क्यूआर कोड आधारित ट्रैकिंग तथा प्लांटेशन मॉनीटरिंग सिस्टम (पीएमएस) और नर्सरी मैनेजमेंट सिस्टम (एमएमएस) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वृक्षारोपण की निगरानी की जा रही है। वर्ष 2025 के विशेष सर्वेक्षण में वन विभाग द्वारा लगाए गए पौधों की जीवितता 80 प्रतिशत दर्ज की गई।

    मुख्यमंत्री ने शहीदों, स्वाधीनता संग्राम सेनानियों व अन्य हुतात्माओं के नाम पर वन/वाटिका के स्थापित करने पर बल दिया, नदियों के किनारे, हाइवे आदि के किनारे भी पौधे लगाए जाएं। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष अयोध्या में रामायणकालीन पौधे लगाने पर जोर दिया। 

    मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि 30 मई तक अपनी-अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर लें और निर्धारित समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार वृक्षारोपण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। 

    बैठक के दौरान वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को 'शेखा झील पक्षी विहार, अलीगढ़' के रामसर साइट घोषित किए जाने का प्रमाण पत्र भी सौंपा गया। बता दें कि उत्तर प्रदेश में कुल 12 रामसर स्थल नामित किए जा चुके हैं, जो कुल 38,992.25 हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित करते हैं। शेखा झील पक्षी विहार रामसर स्थल 40.309 हेक्टेयर क्षेत्रफल के साथ प्रदेश का सबसे छोटा रामसर स्थल है। 2016 में इसे पक्षी विहार के रूप में अधिसूचित किया गया था।

  • तेज़ गति से विकास का संकल्प, योगी सरकार का उद्घाटन से शिलान्यास तक का सफर

    तेज़ गति से विकास का संकल्प, योगी सरकार का उद्घाटन से शिलान्यास तक का सफर

    शिलान्यास से लेकर उद्घाटन तक का संकल्प, तेज गति है योगी सरकार की पहचान

    एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर से उत्तर प्रदेश को मिली नई पहचान

    योगी सरकार में हर विकास योजना को रिकॉर्ड समय में किया गया पूरा

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने यह दिखाया है कि योजनाओं को केवल शुरू करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करना ही असली विकास है। सीएम योगी ने यूपी को ‘कंप्लीट पैकेज मॉडल’ दिया। इसमें परियोजनाओं की परिकल्पना से लेकर उनके पूर्ण होने तक काम कभी नहीं रुकता, चाहे जेवर एयरपोर्ट, गंगा, पूर्वांचल, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे हों या इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी अन्य योजनाएं। ताजा उदाहरण देखा जाए तो गंगा एक्सप्रेसवे हमारे सामने है। 595 किलोमीटर के एक नवनिर्मित गंगा एक्सप्रेसवे का उत्तर प्रदेश में 18 दिसंबर 2021 को शिलान्यास किया गया और 29 अप्रैल 2026 को आज जनता को समर्पित कर दिया गया।

    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश को 9 वर्षों में बीमारू राज्य की पहचान से बाहर निकाला। उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सड़क, मेट्रो, एयरपोर्ट समेत अन्य तमाम क्षेत्रों में सौगात दी। सीएम योगी के कार्यकाल में सिर्फ योजनाएं बनी ही नहीं बल्कि वह जमीन पर भी उतरीं। उन्होंने योजनाओं का शिलान्यास किया फिर जमीनी स्तर पर इनकी तैयारी, विभागों की जिम्मेदारी, निर्माणाधीन योजनाओं की लगातार निगरानी खुद की और आखिर में उनका लोकार्पण कर प्रदेश की जनता को लाभ पहुंचाया।

    सीएम योगी के निर्देशन में ही जेवर एयरपोर्ट के पहले फेज का रिकॉर्ड टाइम में उद्घाटन 28 मार्च 2026 को हुआ, जिसका शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को किया गया था। यह उत्तर प्रदेश का पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते हवाई यातायात के दबाव कम करने का काम कर रहा है। साथ ही सीएम योगी के विजन के चलते ही उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना, जहां 5 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे बन चुके हैं।

    पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे समेत लिंक एक्सप्रेस पूरे हुए
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन की ही देन है कि 14 जुलाई 2018 को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास हुआ और 16 नवंबर 2021 को इसका उद्घाटन भी कर दिया गया। इसी क्रम में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की आधारशिला फरवरी 2020 में रखी गई और जुलाई 2022 में इसे जनता को समर्पित किया गया। उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से बाहर निकालने के लिए बुंदेलखंड जैसे तमाम पिछड़े क्षेत्रों सड़क नेटवर्क को बढ़ावा दिया गया। इससे क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति में भी बदलाव हो रहा है।
    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का भी मार्च 2019 में शिलान्यास हुआ। यह एक्सप्रेसवे भी लगभग बनकर तैयार है, जिसका लोकार्पण योगी सरकार अगले कुछ महीने में कर सकती है। इससे लखनऊ-कानपुर के बीच की यात्रा का समय लगभग दो घंटे से घटकर 45 मिनट हो जाएगा। 
    वहीं पूर्वांचल की राह आसान करने वाले गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में पूरा किया गया। इस परियोजना पर काम फरवरी 2020 से शुरू हुआ था। प्रदेश सरकार के दृढ़ संकल्प के चलते इसका जून 2025 में योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन किया। वहीं 115 किलोमीटर लंबे झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर भी कार्य योजना बनाई जा रही है। अनुमान है कि इस पर 1300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह 63 गांव से होकर गुजरेगा, जिससे विकास की धारा बहेगी। इन्हीं विजन के चलते आज देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

    एयरपोर्ट कनेक्टिविटी में शानदार उपलब्धि
    वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल दो एयरपोर्ट संचालित हो रहे थे, जिसमें लखनऊ और वाराणसी का नाम शामिल है। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ने देश में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल दी। राज्य 21 एयरपोर्ट का नेटवर्क तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सीएम योगी ने यूपी को 5 इंटरनेशनल एयपोर्ट वाले राज्य के रूप में पहचान दिलाई है। इसका सबसे जीवंत उदाहरण अयोध्या एयरपोर्ट भी है। अयोध्या में फरवरी 2022 से महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनना शुरू हुआ था। यह रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुआ और 30 दिसंबर 2023 में उद्घाटन किया गया।

    दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के लिए 10 मार्च 2024 की तारीख काफी अहम रही। इस दिन एक साथ आजमगढ़, अलीगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद और श्रावस्ती के हवाई अड्डों का उद्घाटन किया गया। सीएम योगी के विजन का नतीजा है कि जहां 2016-17 में महज 59.97 लाख लोगों ने हवाई यात्रा की थी। वहीं 2024-25 में यह संख्या 14 करोड़ से ज्यादा हो गई।

    हर शहर को मेट्रो देने का लक्ष्य
    उत्तर प्रदेश में रैपिड रेल और मेट्रो परियोजनाओं को लेकर भी काफी काम हुआ है। इस तरफ भी योगी सरकार ने पूरा ध्यान दिया है। यूपी के शहरों के अंदर यातायात सुधारने के लिए तेजी से मेट्रो कनेक्टिविटी भी बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में 7 दिसंबर 2020 को आगरा मेट्रो की नींव रखी गई। महज चार साल के अंदर मार्च 2024 में इसका उद्घाटन कर संचालन शुरू किया गया। वहीं 22 फरवरी 2026 को मेरठ मेट्रो का संचालन शुरू हुआ। वहीं योगी सरकार ने गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ और प्रयागराज में भी मेट्रो संचालन की मंशा जाहिर की है।

    रक्षा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का बढ़ रहा योगदान
    केंद्र सरकार ने योगी सरकार पर भी भरोसा जताया और नतीजा रहा कि आज यूपी में ब्रह्मोस मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट भी बन चुकी है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट का उद्घाटन मई-जून 2025 में हुआ, जिससे देश में यूपी की अलग छवि बनी है।
    वहीं वर्ष 2019 में यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) की नींव रखी गई और वर्ष 2023 से इसका संचालन शुरू हुआ। इसके तहत कानपुर में गोला-बारूद और मिसाइल संयंत्र अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस में फरवरी 2024 से काम शुरू हो गया है। रक्षा उत्पादों के निर्माण में उत्तर प्रदेश बड़ी भूमिका निभा रहा है।

    इन विकास योजनाओं को देखते हुए कहा जा सकता है कि योगी सरकार के ‘कंप्लीट पैकेज मॉडल’ की सफलता के पीछे बदलाव की लाने की इच्छा और प्रशासनिक सुधार महत्वपूर्ण कारण हैं। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है और काम में लापरवाही के लिए सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इसके साथ ही तकनीक का उपयोग बढ़ाकर परियोजनाओं की निगरानी को और प्रभावी बनाया गया, जिससे सफलता हासिल हुई।

  • युवाओं को प्रेरित करती है मुख्यमंत्री की निर्भीक कार्यशैली, भ्रष्टाचार की कमर तोड़ने का काम किया योगी सरकार ने

    युवाओं को प्रेरित करती है मुख्यमंत्री की निर्भीक कार्यशैली, भ्रष्टाचार की कमर तोड़ने का काम किया योगी सरकार ने

    नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरे, कहा- योगी आदित्यनाथ हैं भ्रष्टाचार की कमर तोड़ने वाले मुख्यमंत्री

    यूपी पुलिस दूरसंचार विभाग में नव चयनित अभ्यर्थियों ने कहा, योगी सरकार ने युवाओं को दिया पारदर्शी अवसर

    युवाओं को प्रेरित करती है मुख्यमंत्री की निर्भीक कार्यशैली, भ्रष्टाचार की कमर तोड़ने का काम किया योगी सरकार ने

    चयनित महिला अभ्यर्थियों ने कहा, यूपी में बेटियों की सुरक्षा चाक-चौबंद, नियुक्तियां भी पारदर्शी तरीके से

    लखनऊ
    इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालक एवं प्रधान परिचालक (यांत्रिक) अभ्यर्थियों चेहरे नियुक्ति पत्र पाकर खुशी से खिल उठे। अधिसंख्य अभ्यर्थियों ने इसे अपने परिवार में पहली सरकारी नौकरी बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ह्रदय से आभार जताया।

    सुचिता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुई प्रक्रिया
    चयनित अभ्यर्थियों ने कहा कि योगी सरकार ने प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया है, जिससे मेहनत करने वाले युवाओं को अवसर मिल रहा है। प्रयागराज की महिमा यादव ने कहा कि वर्ष 2006 के बाद इतने बड़े स्तर पर सीधी भर्ती होना युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि है। पूरी प्रक्रिया बेहद सुचिता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुई। सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

    तेजतर्रार और तुरंत निर्णय लेने वाले सीएम 
    एटा के कुशाल चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में नियुक्ति पत्र प्राप्त करना उनके लिए गर्व का क्षण है। योगी आदित्यनाथ ने जमीनी स्तर पर काम करते हुए गुंडों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, जिससे प्रदेश भयमुक्त बना है। उन्होंने मुख्यमंत्री को तेजतर्रार, तुरंत निर्णय लेने वाला और भ्रष्टाचार की कमर तोड़ने वाला नेता बताया। प्रयागराज के सौरभ मिश्रा ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में योगी सरकार ने माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया है। पुलिस बल की संख्या और संसाधनों में वृद्धि कर अपराधियों पर अंकुश लगाने का काम किया गया है। मुख्यमंत्री की निर्भीक कार्यशैली युवाओं को प्रेरित करती है।

    सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रदेश में आया बड़ा बदलाव
    प्रयागराज की अदिति राठौर ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है। आज महिलाएं खुद को पहले से अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। मुख्यमंत्री के फास्ट रिएक्शन और तत्काल कार्रवाई की नीति से कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। गोरखपुर की शालू गुप्ता और अयोध्या की सपना पांडेय ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। वहीं अभिषेक कुमार ने कहा कि योगी सरकार में पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां हो रही हैं, इसी वजह से उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में सेवा का अवसर मिला है। अलीगढ़ के अरविंद ने कहा कि नियुक्ति पत्र पाकर पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि मेहनत करते रहें, सरकार लगातार रोजगार के अवसर दे रही है।

    प्रशिक्षण लेकर करेंगे प्रदेश की सेवा 
    झांसी के विशाल कुमार शर्मा ने कहा कि नियुक्ति पत्र मिलना जीवन का यादगार दिन है और अब सभी प्रशिक्षण लेकर सेवा के लिए तैयार होंगे। वहीं हेवल कुमार रत्नागर ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रही। एटा के रामहरि ने कहा कि रेडियो एवं दूरसंचार विभाग में चयन उनके परिवार के लिए खुशी का बड़ा अवसर है। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि योगी सरकार में प्रतिभा और मेहनत को सम्मान मिल रहा है।

  • राष्ट्रद्रोहियों से सावधान रहने की अपील: सीएम योगी का जातिवाद पर कड़ा बयान

    राष्ट्रद्रोहियों से सावधान रहने की अपील: सीएम योगी का जातिवाद पर कड़ा बयान

    जातिवाद के नाम पर देश को लूटने वाले राष्ट्रद्रोहियों से सावधान रहें: सीएम योगी

    तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ के शुभारंभ एवं ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम को सीएम ने किया संबोधित

    राष्ट्रकवि दिनकर की कृति आज भी राष्ट्र चेतना की मशाल, साहित्य समाज का दर्पण: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने देखा रश्मिरथी का मंचन, कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति की सराहना की

    तीन दिवसीय आयोजन में स्वामी विवेकानंद, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और अटल जी पर भी होंगे विशेष नाट्य कार्यक्रम

    लखनऊ,
    "राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति ‘रश्मिरथी’ आज भी समाज और राष्ट्र को दिशा देने वाली प्रेरणा है। यदि भारत को मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित बनाना है तो जातिवाद के नाम पर समाज को बांटने वाली शक्तियों से सावधान रहना होगा।" ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ के शुभारंभ एवं ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर की कालजयी काव्यकृति ‘रश्मिरथी’ के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। साहित्य के ऐसे सशक्त साधक के प्रति हम सब अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रदेश की राजधानी में एकत्र हैं। यहां हम उनकी कालजयी काव्यकृति पर आधारित नाट्य-श्रृंखला का मंचन देखेंगे। हम देखेंगे कि किस प्रकार मां सरस्वती दिनकर जी की जिह्वा पर विराजती थीं और उनकी लेखनी शब्दों को पिरोती थी। यह सब ‘रश्मिरथी’ के इस मंचन के माध्यम से हम सभी को देखने-सुनने को मिलेगा। इस अवसर पर दिनकर जी की स्मृतियों को नमन करते हुए मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

    दिनकर जी की कृतियों के कुछ अंश लेकर विरोधियों पर प्रहार भी करता हूं
    सीएम योगी ने कहा कि जब इस कार्यक्रम का पत्र मिला, तो सबसे पहले मैंने कहा कि यह कार्यक्रम उसी दिन रखिए, जिस दिन मैं भी इसका भागीदार बन सकूं, क्योंकि मैं अक्सर दिनकर जी की कृतियों के कुछ अंश लेकर विरोधियों पर प्रहार भी करता हूं। भारत धन-धान्य से परिपूर्ण रहा है, दुनिया की बड़ी ताकत रहा है, लेकिन भारत ने सैकड़ों वर्षों की गुलामी भी सही है। बल और बुद्धि में भारत का कोई मुकाबला नहीं कर सकता था, लेकिन हमारी कुछ कमियां भी थीं। दिनकर जी ने इन कमियों पर जिस प्रकार प्रहार किया है, उसे देखकर मुझे अच्छा लगता है। आप इस नाट्य मंचन के माध्यम से भी देखेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी ने ‘रश्मिरथी’ में लिखा है-
    “ऊंच-नीच का भेद न जाने, वही श्रेष्ठ ज्ञानी है,
    दया-धर्म जिसमें हो, सबसे वही पूज्य प्राणी है।"
    जातिवाद पर भी उन्होंने कितना सशक्त प्रहार किया है-
    “मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का,
    धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का।
    पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर,
    जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर क्रूर।”

    सीएम योगी ने कहा कि यदि हमें अपनी आजादी को लंबे समय तक अक्षुण्ण बनाए रखना है और विकसित व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करना है, तो जातिवाद के नाम पर देश को लूटने और समाज को कमजोर करने वाले राष्ट्रदोहियों से सावधान रहना होगा। युवा वर्ग के लिए दिनकर जी इस बात की प्रेरणा इन पंक्तियों के माध्यम से दशकों पहले ही दे चुके हैं-
    "सच है, विपत्ति जब आती है,
    कायर को ही दहलाती है,
    सूरमा नहीं विचलित होते,
    क्षण एक नहीं धीरज खोते,
    विघ्नों को गले लगाते हैं,
    कांटों में राह बनाते हैं।"

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी ने समाज की चेतना को जिस रूप में जागरूक किया और पूरे समाज को एकजुट किया, वह अद्वितीय है। अपनी कृतियों के माध्यम से वह अलग-अलग स्तरों पर लोगों को जागृत करते रहे और देश की चेतना को निरंतर सशक्त करते रहे। जब भारत के लोकतंत्र को दबाने का प्रयास हुआ, तब भी दिनकर जी ने आह्वान किया- “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।” शब्द किस प्रकार मंत्र बन जाएं और हर व्यक्ति के मन में राष्ट्र के लिए त्याग, चेतना और समर्पण की भावना को जागृत करें, यह गुण महान कवि में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 'रश्मिरथी' ऐसे पात्र के बारे में है, जो अपनी पहचान के लिए मोहताज रहा। उसकी गाथा को दिनकर जी ने जिस प्रकार प्रस्तुत किया और उसके गुणों की व्याख्या की, उसने हर व्यक्ति को सोचने के लिए मजबूर किया कि कौन किस स्थान पर हो सकता है और हमें किसी की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ में उन्होंने लिखा है-
    "जब किसी जाति का अहम चोट खाता है,
    पावक प्रचण्ड हो कर बाहर आता है।
    यह वही चोट खाये स्वदेश का बल है,
    आहत भुजंग है, सुलगा हुआ अनल है।"

    स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्मसभा के बाद लखनऊ, अयोध्या, काशी की यात्राएं की
    सीएम ने बताया कि उन्होंने संस्कृति विभाग से कहा है कि ऐसी साहित्यिक कृतियों पर आधारित कार्यक्रम आज की पीढ़ी के लिए नई प्रेरणा हैं। इस प्रेरणा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। कल यहीं पर स्वामी विवेकानंद पर आधारित एक नाट्य मंचन का कार्यक्रम है। स्वामी विवेकानंद हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं। वह एक संन्यासी थे, लेकिन हर युवा के लिए मार्गदर्शक बने। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की वैदिक और सनातन परंपरा को सम्मान दिलाया। उन्होंने ज्ञान को विज्ञान के साथ जोड़कर तत्कालीन समाज को उसके अनुरूप तैयार करने का कार्य किया और भारत की चेतना को जागरूक करने के लिए पूरी शक्ति के साथ समर्पित रहे। स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्मसभा के बाद भारत में जो यात्राएं कीं, उनमें लखनऊ, अयोध्या, काशी सहित उत्तर प्रदेश के कई स्थान शामिल थे। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 अप्रैल को यहां लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक पर आधारित कार्यक्रम होगा। तिलक जी ने भारत की स्वाधीनता के लिए “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” का उद्घोष इसी लखनऊ में किया था, जो भारत की आजादी का एक प्रमुख केंद्र बना। इसी दिन ‘अटल स्वरांजलि’ कार्यक्रम भी आयोजित होगा, जिसमें भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविताओं पर आधारित एक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। अटल जी का शताब्दी वर्ष हाल में संपन्न हुआ है, और इस अवसर पर लखनऊ में राष्ट्रप्रेरणा स्थल का निर्माण भी किया गया है। लखनऊ लंबे समय तक अटल जी की कर्मभूमि रहा है।

    सीएम योगी ने कहा कि भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय तथा अन्य संस्थानों के युवाओं को भी इस कार्यक्रम में सहभागी बनाया जाए। जिनकी परीक्षाएं नहीं हैं, वे आएं और इस कार्यक्रम को देखें। उनके आने-जाने की व्यवस्था भी की जानी चाहिए और इसके लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। वे साहित्य के बारे में जानें, क्योंकि साहित्य वास्तव में समाज का दर्पण होता है। दर्पण जैसा होता है, वैसा ही चित्र दिखाई देता है। हम राष्ट्र को कैसा बनाना चाहते हैं, ये साहित्यिक कृतियां उसका आधार बनती हैं और उनसे हम प्रेरणा प्राप्त करते हैं।

    सीएम योगी ने कहा कि मैं स्वामी विवेकानंद की स्मृतियों को नमन करता हूं और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने महाराष्ट्र में गणपति महोत्सव के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना को राष्ट्रीय चेतना से जोड़कर उसे नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। यही चेतना 1916 में लखनऊ में भी गूंजी, जब तिलक जी ने “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” का उद्घोष किया। उनकी स्मृति में वर्ष 2017 में लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसके लिए तत्कालीन राज्यपाल ने प्रेरणा दी थी। उस अवसर पर तिलक जी के परिवार के सदस्यों को भी आमंत्रित किया गया था।

    मुख्यमंत्री ने देखा रश्मिरथी का मंचन
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रश्मिरथी का मंचन भी देखा। उन्होंने कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग को निर्देश दिया कि आमजन को ऐसी कृतियों से अवगत कराएं।

    कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे, डॉ. सत्यपाल सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, कार्यक्रम संयोजक प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, संस्कृति/पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, भाजपा नेता नीरज सिंह, दिनकर स्मृति न्यास के अध्यक्ष नीरज कुमार, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के सुपौत्र ऋत्विक उदयन आदि मौजूद रहे।

  • रश्मिरथी पर्व का शुभारंभ सीएम योगी करेंगे, तीन दिन तक मनाया जाएगा दिनकर को श्रद्धांजलि

    रश्मिरथी पर्व का शुभारंभ सीएम योगी करेंगे, तीन दिन तक मनाया जाएगा दिनकर को श्रद्धांजलि

    सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का शुभारंभ, दिनकर को समर्पित होगा तीन दिवसीय आयोजन

    राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की स्मृति में 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भव्य आयोजन
     
    आयोजन में साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा  

    लखनऊ
    राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति रश्मिरथी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर लखनऊ में तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व का आयोजन किया जा रहा है। 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले इस भव्य साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन का शुभारंभ शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृतियों को समर्पित होगा, जिसमें साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

    24 को होगा राष्ट्रीय परिसंवाद और रश्मिरथी नाटक

    24 अप्रैल को उद्घाटन सत्र के साथ रश्मिरथी संवाद स्मारिका का लोकार्पण किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित होगा, जिसमें विद्वान दिनकर के साहित्य, राष्ट्रवाद और समकालीन प्रासंगिकता पर विचार रखेंगे। शाम को रश्मिरथी पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा, जो आकर्षण का केंद्र रहेगा।

    25 को होगा विवेकानंद के विचारों पर मंथन

    25 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान विषय पर परिसंवाद होगा। इसमें युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया जाएगा। सांस्कृतिक संध्या में विवेकानंद के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी होगी।

    26 को दी जाएगी अटल और तिलक को श्रद्धांजलि

    26 अप्रैल को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विशेष चर्चा होगी। इसके साथ अटल जी की कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका अटल स्वरांजलि तथा लोकमान्य तिलक पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह आयोजन युवाओं को राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान, संघर्ष और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देगा। रश्मिरथी पर्व के जरिए उत्तर प्रदेश एक बार फिर विकास के साथ विरासत के सम्मान का संदेश देगा।

  • योगी सरकार की पहल: मद्यनिषेध विभाग को नई ताकत, संगठित प्रयासों से नशामुक्ति अभियान में तेजी

    योगी सरकार की पहल: मद्यनिषेध विभाग को नई ताकत, संगठित प्रयासों से नशामुक्ति अभियान में तेजी

    योगी सरकार में मद्यनिषेध विभाग को नई ताकत, संगठित ढांचे से तेज हुआ नशामुक्ति अभियान

    7 क्षेत्रीय मुख्यालयों से 75 जिलों तक पहुंचा जनजागरण, समाजोत्थान मिशन को मिली रफ्तार

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के नेतृत्व में मद्यनिषेध विभाग को अधिक संगठित, सक्रिय और जनकेंद्रित स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश में नशे की प्रवृत्ति, शराब सेवन और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों को चुनौती मानते हुए सरकार ने विभागीय ढांचे को मजबूत किया है। साथ ही जनजागरूकता अभियानों को गांव से शहर तक विस्तार दिया गया है। परिणामस्वरूप मद्यनिषेध विभाग केवल औपचारिक प्रशासनिक इकाई न रहकर समाज में चेतना जगाने वाला प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, संवाद अभियान, रैलियां और सामाजिक सहभागिता आधारित गतिविधियां लगातार चलाई जा रही हैं, जिससे प्रदेश में नशामुक्त समाज की अवधारणा को मजबूती मिल रही है।

    नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक कर रही सरकार 

    योगी सरकार के कार्यकाल में विभाग द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवा मंचों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वहीं नुक्कड़ नाटक, रैली, शपथ अभियान, पोस्टर प्रतियोगिता, सेमिनार और जनसंवाद कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य समाज को नशे की बुराइयों से बचाकर स्वस्थ और सक्षम बनाना है। इसी कारण मद्यनिषेध विभाग को सामाजिक उत्थान से जोड़कर देखा जा रहा है। महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    प्रदेश में स्थापित 7 क्षेत्रीय मुख्यालय 

    मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में विभाग के 7 क्षेत्रीय मुख्यालय स्थापित हैं, जिनमें लखनऊ, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और मुरादाबाद शामिल हैं। इन क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से 75 जनपदों में मद्यनिषेध संबंधी योजनाओं, जागरूकता कार्यक्रमों और प्रचार अभियानों का संचालन किया जा रहा है। यह सुव्यवस्थित नेटवर्क प्रदेश के हर हिस्से तक सरकार की नशामुक्ति नीति पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    मुख्यालय स्तर पर तैनात हैं राज्य मद्यनिषेध अधिकारी

    अधिकारियों ने बताया कि विभागीय कार्यों के संचालन के लिए 7 क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी, 6 उप क्षेत्रीय अधिकारी, 27 जिला मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी तथा 7 प्राविधिक पर्यवेक्षक तैनात हैं। इनके साथ कार्यालयी स्टाफ, वाहन चालक और सहायक कर्मचारियों की भी व्यवस्था की गई है, जिससे विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो सके। मुख्यालय स्तर पर भी राज्य मद्यनिषेध अधिकारी, उप राज्य मद्यनिषेध अधिकारी, लेखाकार, लिपिक वर्ग और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति कर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इससे योजनाओं की निगरानी, बजट प्रबंधन, समीक्षा और फील्ड स्तर तक निर्देशों के प्रभावी पालन में मदद मिली है।

  • हमलावर कभी भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए: योगी

    हमलावर कभी भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए: योगी

    सदियों के आक्रमणों के बावजूद आज भी अडिग है सनातन आस्था: सीएम योगी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित "सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश" का किया शुभारंभ

    जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है: मुख्यमंत्री

    हमलावर कभी भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए: योगी

    सरदार पटेल की दृढ़ संकल्प शक्ति के सामने नेहरू की भी नहीं चली: सीएम

    एक ओर कांग्रेस कश्मीर में अनुच्छेद 370 लगा रही थी तो दूसरी ओर सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार का विरोध कर रही थी: योगी आदित्यनाथ

    आज उत्तर प्रदेश में काशी की जीवंतता है, अयोध्या की मर्यादा है, मथुरा-वृंदावन की भक्ति है और प्रयागराज की समरसता है: मुख्यमंत्री

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी गौरवशाली सनातन विरासत और आधुनिक विकास के नए युग में एक साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सदियों के आक्रमणों के बावजूद सनातन आस्था अडिग रही और आज “यतो धर्मस्ततो जयः” के भाव के साथ पुनः अपने स्वाभिमान के शिखर पर स्थापित हो रही है। मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक पुनरुत्थान का उल्लेख करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल और राजेंद्र प्रसाद के योगदान को याद किया और कहा कि आज वही सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अभियान नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है। इस अवसर पर उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा को रवाना करते हुए इसे भारत की आस्था, एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया।

    सनातन आस्था भी अजर-अमर पथ का प्रतीक
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और दृढ़ नेतृत्व में अपनी गौरवशाली विरासत के साथ-साथ आधुनिक विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। आज का यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि भारत के शास्त्रों की मान्यता के अनुसार जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबने देखा है कि भारत की सनातन संस्कृति पर सदियों से हमले होते रहे, लेकिन हमलावर भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए। लगभग 1000 वर्ष पहले द्वादश ज्योतिर्लिंगों में देवाधिदेव महादेव के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ भगवान के मंदिर पर विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी के नेतृत्व में कायराना हमला किया गया। आक्रांताओं ने भारत की धन-संपदा लूटी, मंदिरों को अपवित्र किया और सनातन आस्था पर प्रहार किया। लेकिन भारत के सनातन धर्म की अटूट आस्था भगवा पताका के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी रही। आज 1000 वर्ष बाद जब हम देखते हैं तो भारत की सनातन आस्था पूरी दृढ़ता से विश्व के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है, जबकि आक्रांताओं का कोई नामोनिशान इस धरती पर नहीं बचा है। यही है “यतो धर्मस्ततो जयः” का शंखनाद। आक्रांताओं की बर्बरता जिसे रोक नहीं पाई, तोड़ नहीं पाई और झुका नहीं पाई, वही सनातन आस्था आज सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाई जा रही है।

    सरदार पटेल के प्रयासों से मंदिर का निर्माण पूरा हुआ
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत में हर भारतवासी की यह अभिलाषा थी कि देश को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाधीनता भी प्राप्त हो। इसके लिए लगातार प्रयास किए गए और अनेक स्वर उठाए गए। भारत माता के सपूत, भारत की अखंडता के शिल्पी और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर की दुर्दशा देखकर संकल्प लिया था कि इस मंदिर का पूर्ण जीर्णोद्धार होगा और द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के मंदिर की गरिमामयी पुनर्स्थापना की जाएगी। लेकिन इस मार्ग में बाधक बने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू। उनकी इच्छा थी कि यह कार्य न हो, परंतु सरदार पटेल की दृढ़ संकल्प शक्ति के सामने नेहरू की नहीं चली। सरदार पटेल के प्रयासों से मंदिर का निर्माण पूरा हुआ। प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन को आगे बढ़ाने के लिए आयोजन समिति ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी को आमंत्रित किया। तभी कांग्रेस सरकार और पंडित जवाहरलाल नेहरू फिर बाधक बन गए। उन्होंने लिखित रूप से कहा कि राष्ट्रपति को इस आयोजन में भाग नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह धर्मनिरपेक्षता की भावना के विपरीत होगा। एक ओर कांग्रेस की सरकार कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू कर तुष्टिकरण की पराकाष्ठा कर रही थी और आतंकवाद की नींव रख रही थी, वहीं दूसरी ओर सनातन आस्था के प्रतीक सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार और प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का विरोध कर रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कृतज्ञ हैं डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी के प्रति, जिन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री के विरोध की परवाह किए बिना सोमनाथ मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के भव्य कार्यक्रम को अपने हाथों से संपन्न किया।

    अयोध्या का नाम आते ही गूंजता है "जय राम"
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कार्य आजाद भारत में
    लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी ने आगे बढ़ाया था, उसी अभियान को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा रहा है। यह भारत के स्वाभिमान को, सनातन आस्था के गौरव को और हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि 10-11 वर्ष पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो पाएगा। आज हर भारतवासी, देश या दुनिया के किसी भी कोने में जाए हर जगह एक ही आवाज गूंजती है और वह है जय राम। कोई भी भारतीय चाहे देश में हो या विदेश में, जब अयोध्या का नाम सुनता है तो स्वतः उसके मुंह से “जय राम” निकलता है और वह तुरंत कहता है कि उसे अयोध्या जाने की बहुत इच्छा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 500 वर्ष पहले जिन आक्रांताओं ने अयोध्या के राम मंदिर को अपवित्र किया और हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात किया था, आज उनका नाम तक लेने वाला नहीं बचा है। लेकिन सनातन की अटूट आस्था आज भी आकाश की ऊंचाइयों पर है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है और केसरिया ध्वज-पताका वहां लहरा रही है। इसी प्रकार काशी में काशी विश्वनाथ धाम और भव्य कॉरिडोर बन गया है। मां विंध्यवासिनी मंदिर का भव्य कॉरिडोर बन चुका है। प्रयागराज की पावन धरती पर गत वर्ष का महाकुंभ हो या 2019 का कुंभ, दुनिया को यह दिखा दिया गया है कि सांस्कृतिक आयोजन किस भव्य और समरसता भरे रूप में हो सकते हैं।

    भारत की सनातन शक्ति बिना डिगे, बिना रुके और बिना झुके निरंतर अपनी यात्रा आगे बढ़ा रही है
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में काशी की जीवंतता है, अयोध्या की मर्यादा है, मथुरा-वृंदावन की भक्ति है और प्रयागराज की समरसता है। आज ये सभी पावन स्थल पूरे देश को अपनी ओर खींच रहे हैं। महाकालेश्वर जाएं तो महाकाल का महालोक, केदारनाथ जाएं तो केदारेश्वर का भव्य मंदिर, बद्रीनाथ जाएं तो बद्री विशाल का दिव्य मंदिर और रामेश्वरम जाएं तो रामेश्वरम धाम, ये सभी हमें आकर्षित करते हैं। यही है भारत की सनातन शक्ति, जो बिना डिगे, बिना रुके और बिना झुके निरंतर अपनी यात्रा आगे बढ़ा रही है। यह पूरे भारत का गौरव है। इस गौरव का साक्षी बनने के लिए आज उत्तर प्रदेश से 1000 से अधिक श्रद्धालु भगवान सोमनाथ धाम के दर्शन करने के लिए गुजरात की धरती की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। जब ये दर्शन करेंगे, तो उनसे प्राप्त पुण्य में हम सब भी भागीदार बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों और जनपदों से कम से कम 11-11 श्रद्धालुओं को इस यात्रा के लिए चुना है। इनमें उद्यमी, नौजवान, महिला उद्यमी, छात्र और शिक्षक शामिल हैं। रेलवे इन श्रद्धालुओं को फ्री ट्रेन उपलब्ध करा रहा है, जबकि बाकी खर्चा पर्यटन एवं संस्कृति विभाग उठा रहा है। ये श्रद्धालु काशी और अपने-अपने क्षेत्र के ज्योतिर्लिंग तथा तीर्थों का जल लेकर भगवान सोमनाथ का अभिषेक करेंगे और “हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ यात्रा करेंगे।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, मंत्री डॉ संजय निषाद, विधायक डॉ नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य पवन चौहान, मुकेश शर्मा, लाल जी प्रसाद निर्मल और अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग अमृत अभिजात उपस्थित रहे।

  • प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की सराहना की

    प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की सराहना की

    योगी सरकार की पहल से पूरी हुई वर्षों पुरानी इच्छा, सोमनाथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं ने जताया आभार

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा को दिखाई हरी झंडी

    प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की सराहना की  

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 'उत्तर प्रदेश' का शुभारंभ किया। धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के बीच शुरू हुई इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रवाना हुई इस विशेष ट्रेन ने श्रद्धालुओं की आस्था को नया आयाम दिया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने आम लोगों की वर्षों पुरानी मनोकामना पूरी करने का कार्य किया है। 

    श्रद्धालुओं ने सीएम योगी का जताया आभार 

    खासतौर पर मुजफ्फरनगर के बंती खेड़ा निवासी सतीश कुमार भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से उनकी इच्छा थी कि बाबा सोमनाथ मंदिर के दर्शन करने जाएं, लेकिन कभी अवसर नहीं मिला। सरकार की पहल से यह यात्रा शुरू होने से उनका सपना पूरा हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने आम लोगों की भावनाओं को समझा है। वहीं बरेली की बिंदु इशिका सिंघानिया ने कहा कि यह यात्रा केवल दर्शन का माध्यम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति को मजबूत करने वाली पहल है। इससे एक राज्य के लोग दूसरे राज्य की संस्कृति को जान सकेंगे और युवा पीढ़ी भी अपनी परंपराओं से जुड़ेगी। बिंदु इशिका ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। 

    यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान 
    आजमगढ़ के अनंत तिवारी ने कहा कि सरकार की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान है। कई लोग श्रद्धा रखते हैं, लेकिन आर्थिक अभाव में तीर्थ यात्रा नहीं कर पाते। अब उन्हें भी सोमनाथ धाम जाने का अवसर मिलेगा। मेरठ के अनंत राना ने बताया कि वह पहली बार सोमनाथ दर्शन के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को इस यात्रा से बड़ा लाभ मिलेगा। बिजनौर और गोरखपुर से आए श्रद्धालुओं ने भी सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि योगी सरकार हर वर्ग की आस्था का सम्मान कर रही है। सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के शुभारंभ के साथ योगी सरकार ने यह संदेश दिया है कि विकास के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

  • बंगाल ने सीएम योगी को सिर आंखों पर बिठाया तो उन्होंने भी हाथ जोड़कर किया अभिवादन

    बंगाल ने सीएम योगी को सिर आंखों पर बिठाया तो उन्होंने भी हाथ जोड़कर किया अभिवादन

    बुलडोजर बाबा' को देख बोला बंगाल, देखो-देखो शेर आया 

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक व बांकुड़ा से भाजपा प्रत्याशी नीलाद्रि शेखर दाना के लिए किया रोड शो

    बंगाल ने सीएम योगी को सिर आंखों पर बिठाया तो उन्होंने भी हाथ जोड़कर किया अभिवादन 

    पूरे रोड-शो के दौरान सड़कों पर गूंजा- ‘एक ही नारा-एक ही नाम, जय श्रीराम-जय श्रीराम’ 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शानदार रोड शो के लिए जताया बंगालवासियों का आभार

    बांकुड़ा
     पश्चिम बंगाल की सड़कों पर शनिवार को 'बुलडोजर बाबा' का जबरदस्त क्रेज दिखा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने बीच पाकर स्थानीय नागरिकों का जोश देखते ही बनता था। जनता ने उनका जोरदार स्वागत किया। सीएम योगी को देख गगनभेदी नारों के बीच बंगालवासी बोल उठे, ‘देखो-देखो, कौन आया, शेर आया-शेर आया। योगी जी सुस्वागतम!’ उत्तर प्रदेश के इस शेर को बंगाल के मतदाताओं ने भी विश्वास दिलाया कि 4 मई, 'दीदी' गई। सीएम योगी ने इस शानदार रोड शो के लिए स्थानीय लोगों के प्रति आभार जताया। 

    बंगाल की जनता के स्वागत से अभिभूत मुख्यमंत्री ने रोड शो में विधायक व बांकुड़ा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी नीलाद्रि शेखर दाना के लिए जनसमर्थन मांगा तो ‘एक ही नारा-एक ही नाम, जय श्रीराम-जय श्रीराम, हर-हर महादेव’ की गूंज से गुंजायमान बांकुड़ा की सड़कों पर उतरे मतदाताओं ने उन्हें आश्वस्त किया कि विधानसभा क्षेत्र में कमल ही खिलेगा। पूरे रोड-शो के दौरान सड़कों पर ‘योगी-योगी’ की गूंज सुनाई देती रही। 

    जनसैलाब से आई 'मन की आवाज', 4 मई-'दीदी' गई 
    बंगाल की सड़कों पर स्थानीय नागरिकों ने शनिवार को 'बुलडोजर बाबा' का अभूतपूर्व स्वागत किया। भगवा रंग की पगड़ी पहने सीएम योगी की एक झलक पाने को सड़क के दोनों और जनसैलाब उमड़ पड़ा। उन्हें अपने बीच देखकर मतदाताओं के मनोभाव भी जुबां पर आ गए। जगह-जगह से गूंज सुनाई देने लगी- 4 मई, ‘दीदी’ गई। अंधकार छंटेगा-कमल खिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाथ हिलाकर, हाथ जोड़कर बंगालवासियों का ह्रदय से अभिवादन किया।

    छतों पर खड़ी महिलाओं-बच्चों ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया
    सीएम योगी को देखने के लिए महिलाएं व बच्चे भी रोड के दोनों तरफ मकानों की छतों पर खड़े थे। जैसे ही सीएम का काफिला उनके सामने से गुजरता, तमाम महिलाएं व बच्चे हाथ जोड़कर 'बुलडोजर बाबा' को प्रणाम करते, सीएम ने भी हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया। रास्ते व  छतों पर खड़े लोग अपने मोबाइल में सीएम योगी की फोटो भी लेते रहे।

    आमार सोनार बांग्ला, टीएमसी मुक्तो बांग्ला
    सीएम योगी ने रोड-शो के समापन पर मतदाताओं से संवाद किया और इतने भव्य स्वागत के लिए जनता का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि आमार सोनार बांग्ला,  अब टीएमसी मुक्तो बांग्ला (हमारा सोने जैसा बंगाल, अब टीएमसी मुक्त बंगाल)। समूचे बंगाल का उत्साह बता रहा है कि 4 मई को बंगाल में भाजपा का कमल खिलेगा। बंगाल भारत की कल्चरल कैपिटल के रूप में जानी जाती है, लेकिन कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस व कम्युनिस्टों ने इस पहचान को मिटाया है। मुख्यमंत्री ने भाजपा का अर्थ भी बताया, कहा-भाजपा मतलब सुरक्षा, नौजवान को रोजगार, किसान को उपज का अच्छा दाम, बहन-बेटी को सुरक्षा, विरासत का संरक्षण और विकास के लिए डबल इंजन की स्पीड।