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  • विजय की कैबिनेट बैठक पर सियासी बवाल, भाजपा ने राज्यपाल से की शिकायत; बाहरी लोगों की मौजूदगी पर घिर गई सरकार

    विजय की कैबिनेट बैठक पर सियासी बवाल, भाजपा ने राज्यपाल से की शिकायत; बाहरी लोगों की मौजूदगी पर घिर गई सरकार

    चेन्नई

    तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार एक नए राजनीतिक विवाद में घिर गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया है कि हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में दो अनाधिकृत व्यक्तियों ने हिस्सा लिया, जो सीधे तौर पर संवैधानिक 'गोपनीयता की शपथ' का उल्लंघन है। इस मामले को लेकर प्रदेश बीजेपी ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से हस्तक्षेप और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    क्या है पूरा मामला?
    तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख नैनार नागेंद्रन ने विशेष रूप से जॉन आरोकियासामी और विष्णु रेड्डी का नाम लेते हुए दावा किया है कि ये दोनों अनाधिकृत व्यक्ति कैबिनेट की बैठक में मौजूद थे। नागेंद्रन का तर्क है कि ये व्यक्ति मंत्री पद से नहीं जुड़े हैं, इसलिए बैठक में उनकी उपस्थिति प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन है।

    इस मुद्दे पर नागेंद्रन ने पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति और तमिलनाडु प्रभारी अरविंद मेनन के साथ राज्यपाल अर्लेकर से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। लोक भवन से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, ज्ञापन में कहा गया है कि मंत्रियों के अलावा दो निजी व्यक्तियों का बैठक में शामिल होना एक "अवैध कृत्य" है और यह भविष्य में दोबारा नहीं होना चाहिए।

    सत्ताधारी TVK का स्पष्टीकरण
    विपक्षी दल (BJP और DMK) लगातार आरोप लगा रहे हैं कि सत्ता के केंद्र में कुछ खास लोगों का प्रभाव बढ़ रहा है। हालांकि, सत्तारूढ़ टीवीके ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आरोकियासामी और रेड्डी अब निजी व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि उन्हें मुख्यमंत्री के विशेष सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है।

    बीजेपी द्वारा लगाए गए अन्य गंभीर आरोप
    राज्यपाल से मुलाकात के दौरान बीजेपी नेताओं ने राज्य सरकार पर कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए। बीजेपी नेता ने राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री विश्वनाथन पर बच्चियों के प्रति "अनुचित व्यवहार" का गंभीर आरोप उठाया है। नागेंद्रन ने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि टीवीके के सत्ता संभालने के मात्र 54 दिनों के भीतर आपराधिक गतिविधियों में भारी वृद्धि हुई है। इसमें 151 यौन उत्पीड़न, 85 से अधिक हत्याएं और नशीले पदार्थों की तस्करी की घटनाएं शामिल हैं।

    राज्यपाल के अधिकारों का बचाव
    एक सवाल का जवाब देते हुए बीजेपी नेता नागेंद्रन ने मदुरै में स्थानीय अधिकारियों के साथ राज्यपाल अर्लेकर द्वारा की गई समीक्षा बैठक का भी बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 167 के तहत राज्यपाल के पास सरकारी कार्यक्रमों के निरीक्षण और पारदर्शिता की मांग करने का पूरा अधिकार है।

  • फ्लोर टेस्ट से पहले सत्ता समीकरण बदले: AIADMK के 30 बागी विधायक विजय सरकार के पक्ष में, AMMK ने भी बढ़ाया समर्थन

    फ्लोर टेस्ट से पहले सत्ता समीकरण बदले: AIADMK के 30 बागी विधायक विजय सरकार के पक्ष में, AMMK ने भी बढ़ाया समर्थन

    चेन्नई

    तमिलनाडु की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. अब सीएम विजय की पार्टी टीवीके को दो और पार्टियों का समर्थन मिल गया है. तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से ठीक एक दिन पहले AIADMK और AMMK के एक विधायक टीवीके को सपोर्ट देने की बात कही।

    AIADMK के वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम के नेतृत्व में पार्टी के 30 विधायकों ने TVK को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है. वहीं, टीटीवी दिनाकरण की पार्टी AMMK के विधायक कामराज ने भी कहा है कि वो विजय सरकार को समर्थन देंगे।

    मुख्यमंत्री विजय को बुधवार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना है. टीवीके ने (107 सीटें) कांग्रेस की 5 सीटों, वामपंथी दलों की दो-दो सीटों, वीसीके और मुस्लिम लीग की दो-दो सीटों के सहयोग से सरकार बनाई है. अब AIADMK के 30 विधायकों के साथ आने से विजय सरकार को मजबूती मिल गई है और ये पूरी तरह सुरक्षित नजर आ रही है।

    AIADMK में दो फाड़?
    टीवीके को समर्थन देने को लेकर सीवी शनमुगम ने बताया कि उनका इरादा पार्टी को तोड़ने का नहीं है, बल्कि वो 'जनता के जनादेश' का सम्मान कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'जनता ने विजय को मुख्यमंत्री बनाने के लिए वोट दिया है, और हम उस जनादेश का सम्मान करते हैं।

    बता दें कि हालिया चुनावों में AIADMK को सिर्फ 47 सीटें मिली थीं. अब 30 विधायकों के टीवीके को सहयोग देने के बाद पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी के पास सिर्फ 17 विधायक रह गए हैं. शनमुगम ने  बताया कि विधायकों ने एस.पी. वेलुमणि को विधायक दल का नेता और जी. हरि को उपनेता चुना है।

    डीएमके के साथ जाने के प्रस्ताव का विरोध
    शनमुगम ने बताया कि EPS गुट DMK के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने कहा, 'AIADMK की स्थापना ही DMK जैसी बुरी शक्ति को खत्म करने के लिए हुई थी. अगर हम DMK के साथ हाथ मिलाते, तो हमारी पार्टी खत्म हो जाती. हमारे विधायक और कार्यकर्ता इसके सख्त खिलाफ हैं।

  • सरकार गठन में देरी से भड़के समर्थक, लगाई खुद को आग,तमिलनाडु में TVK के लिए बड़ा खतरा

    सरकार गठन में देरी से भड़के समर्थक, लगाई खुद को आग,तमिलनाडु में TVK के लिए बड़ा खतरा

    चेन्नई 

    तमिलनाडु में अभी तक सरकार के गठन का रास्ता साफ नहीं हो पाया है. टीवीके भले ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत से 10 कदम की दूरी उसकी सत्ता बनाने की राह में सबसे बड़ी रोड़ा बन रही है. स्पष्ट बहुमत और अभी तक अन्य दलों के स्पष्ट समर्थन न मिल पाने के कारण सरकार नहीं बन पा रही है। 

    लिहाजा शनिवार को होने वाला थलपति विजय का संभावित शपथ ग्रहण कैंसिल हो गया है. उधर राज्य में सरकार न बन पाने की स्थिति में विजय के समर्थकों में रोष भी देखा जाने लगा है. शनिवार को सामने आया कि एक समर्थक ने खुद को आग लगा ली, जिसे गंभीर रूप से झुलसे के बाद अस्पताल ले जाया गया है। 

    विजय के सीएम बनने में देरी से नाराज था युवक
    असल में, तमिलनाडु में सरकार गठन में हो रही देरी के बीच टीवीके प्रमुख C. Joseph Vijay के एक समर्थक ने कथित तौर पर खुद को आग लगा ली. करीब 40 वर्षीय इसक्कियप्पन गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि विजय के मुख्यमंत्री बनने में हो रही देरी से वह बेहद नाराज और भावुक थे. जानकारी के मुताबिक, चार महीने पहले भी इसक्कियप्पन ने विजय के मुख्यमंत्री बनने की कामना करते हुए अपने चेहरे में 16 फीट लंबा ‘वेल’ (भाला) आर-पार किया था। 

    तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर बढ़ते तनाव के बीच तमिलिसाई सौंदराराजन ने टीवीके प्रमुख थलपति विजय से शांति बनाए रखने की अपील करने को कहा है. तमिलिसाई ने कहा कि तमिलनाडु में हर व्यक्ति नई सरकार के गठन को लेकर भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है और लोग यह भी चाहते हैं कि बनने वाली सरकार स्थिर हो. उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान किया जा रहा है और इसी वजह से सरकार गठन के लिए कई मौके दिए जा रहे हैं। 

    वल्लियूर में भी एक युवक ने की आत्मदाह की कोशिश
    हालांकि उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर कई कार्यकर्ता भावनात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जो चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि वीसीके कार्यालय के बाहर एक युवक पर ब्लेड से हमला किया गया, जबकि वल्लियूर में एक अन्य व्यक्ति ने आत्मदाह की कोशिश की और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। 

    तमिलिसाई ने विजय से अपील करते हुए कहा कि वह तुरंत अपने समर्थकों और उन्हें वोट देने वाले लोगों के नाम शांति बनाए रखने का संदेश जारी करें और किसी भी खतरनाक कदम से बचने की सलाह दें। 

    थलापति विजय हुए लाचार, मंडरा रहा यह बड़ा खतरा!
    तमिलनाडु में जिसका डर है, वही होता दिख रहा है. तमिलनाडु चुनाव में रिजल्ट त्रिशंकु रहा. किसी को बहुमत नहीं मिला. न तो डीएमके-एआईडीएमके और न ही टीवीके. हालांकि, थलापति विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, मगर बहुमत से दूर रह गई. ऐसे में तमिलनाडु में सरकार गठन का पेच फंस गया है. यह पेच भी ऐसा है, जो सुलझता दिख नहीं रहा है. आलम यह है कि थलापति विजय लाचार दिख रहे हैं. महज एक-दो विधायकों की कमी से वह सरकार नहीं बना पा रहे हैं. राज्यपाल साफ कर चुके हैं कि जब तक बहुमत का नंबर नहीं होगा, तब तक सरकार गठन का न्योता नहीं मिलेगा. ऐसे में तमिलनाडु में संवैधानिक खतरा मंडरा रहा है। 

    दरअसल, तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी सियासी घमासान अब और गहरा गया है. राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं, क्योंकि सरकार गठन को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है. आरोप-प्रत्यारोप, विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त, फर्जी समर्थन पत्र और ‘लापता’ विधायकों के दावों ने राज्य की राजनीति को बेहद पेचीदा बना दिया है. सबके मन में राष्ट्रपति शासन वाला डर सता रहा है. थलापति विजय तो बड़ी जीत के बाद भी सरकार बनाने को तरस रहे हैं। 

    मंडरा रहा बड़ा संवैधानिक खतरा
    बहरहाल, तमिलनाडु की मौजूदा सरकार का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है. अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि अगली सरकार कौन बनाएगा. सरकार की तस्वीर अगर 48 घंटे में साफ नहीं होती है तो तमिलनाडु की तकदीर में कुछ और हो सकता है. जी हां, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने साफ कर दिया है कि 234 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 118 विधायकों का समर्थन साबित किए बिना किसी भी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया जाएगा। 

    किसके पास कितनी सीटें
    23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से वह अभी भी पीछे है. वहीं, डीएमके गठबंधन को 73 सीटें मिलीं, जबकि एआईएडीएमके गठबंधन ने 53 सीटों पर जीत दर्ज की. बहुमत जुटाने के लिए टीवीके ने कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), सीपीआई और सीपीआई (एम) से बातचीत शुरू की. कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बाद टीवीके का आंकड़ा 113 तक पहुंच गया। 

    कौन-कौन कर रहा समर्थन
    बाद में सीपीआई और सीपीआई (एम) ने भी बिना शर्त बाहरी समर्थन देने का ऐलान किया, जिससे संख्या बढ़कर 117 हो गई. लेकिन मामला यहां भी उलझ गया. थलापति विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है और उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ सकती है. ऐसे में प्रभावी संख्या फिर कम हो सकती है और टीवीके बहुमत से पीछे रह सकती है. वीसीके के समर्थन की उम्मीद जरूर जताई जा रही है, लेकिन अंतिम आंकड़ों को लेकर अब भी संशय बना हुआ है। 

     

  • रायपुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, किसानों के विकास के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की निरंतर मेहनत

    रायपुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, किसानों के विकास के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की निरंतर मेहनत

    रायपुर : किसानों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही छत्तीसगढ़ सरकार– उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

    उपमुख्यमंत्री ने ग्राम बद्दो में किया भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तारीकरण कार्य का भूमिपूजन

    11.49 करोड़ रुपए की नहर परियोजना से 6 गांवों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

    770 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित, किसानों की आय में होगी वृद्धि

    रायपुर

     चैत्र नवरात्रि पंचमी की पावन तिथि के अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत वनांचल ग्राम बद्दो में किसानों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने 11.49 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तारीकरण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के 6 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। नहर विस्तारीकरण के माध्यम से लगभग 770 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी। कार्यक्रम में पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत नन्द श्रीवास, राम किंकर वर्मा, लोकचंद साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे। 

        इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तार से क्षेत्र के हजारों किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। इस नहर से खेतों तक पानी आसानी से पहुंचेगा और खेती में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि 770 हेक्टेयर जमीन को स्थायी सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे फसल अच्छी होगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इससे गांव की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसे काम करना है जिससे किसानों का जीवन बेहतर हो। उन्होंने कहा कि इस बड़ी परियोजना की शुरुआत यह दर्शाती है कि वर्तमान सरकार वनांचल क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों तक भी विकास की योजनाएं पहुंचे और वहां के लोगों को इसका पूरा लाभ मिल सके।
         उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तारीकरण कार्य को सफल बनाने के लिए जन सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की बड़ी परियोजनाएं तभी समय पर और बेहतर तरीके से पूरी हो पाती हैं, जब स्थानीय लोगों, विशेषकर किसानों का पूरा सहयोग मिलता है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि यह नहर उनके ही हित में बनाई जा रही है। सभी गांवों के किसानों की सहभागिता और सहयोग से ही इस परियोजना को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जब जनभागीदारी के साथ विकास कार्य होते हैं, तो उनका लाभ भी लंबे समय तक और प्रभावी रूप से मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र में संतुलित विकास हो और गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचें। इसके लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं और अनेक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।

    योजना से बहुउद्देशीय लाभ

           इस योजना से 635 हे. क्षेत्र में सिंचाई की कमी की पूर्ति सहित 770 हेक्टेयर रूपांकित क्षेत्र में खरीफ फसलों की सिंचाई होगी। असिंचित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने पर कृषि भूमि की दरों में उन्नयन होगा। नहरों के सर्विस बैंक निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही, सिंचाई सुविधा मिलने से किसान अब एक से अधिक फसल लेने में सक्षम होंगे, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह योजना क्षेत्र के किसानों के लिए दीर्घकालीन रूप से लाभकारी साबित होगी और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी। 

    योजना से लाभन्वित ग्राम

    परियोजना के पूर्ण होने पर बाघुटोला, लाटा, खिरसाली, बद्दो, रघ्घुपारा एवं छपरी सहित कुल 6 ग्रामों के किसानों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। इस नहर विस्तारीकरण के माध्यम से लगभग 770 हेक्टेयर कृषि भूमि में खरीफ सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे इन गांवों के किसानों को समय पर पानी उपलब्ध होगा, जिससे फसलों की पैदावार में वृद्धि होगी।

  • बीजेपी ने थलापति विजय को दिया आकर्षक ऑफर, डिप्टी CM और 80 सीटें देने की पेशकश

    बीजेपी ने थलापति विजय को दिया आकर्षक ऑफर, डिप्टी CM और 80 सीटें देने की पेशकश

     चेन्नई
    तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के करीब आते ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम (TVK) और BJP के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है।

    सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने विजय को गठबंधन में शामिल होने के लिए एक बड़ा ऑफर दिया है. कहा जा रहा है कि बीजेपी ने विजय की पार्टी को 80 सीटें देने की पेशकश की है. इसके साथ ही बीजेपी ने विजय को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा है।

    हालांकि कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि विजय मुख्यमंत्री पद चाहते हैं और इसकी वजह से बातचीत में पेंच फंसा रहा है।

    मध्यस्थता करवा रही बीजेपी!
    बीजेपी विजय को एनडीए के साथ जोड़ने के लिए कई रास्तों का इस्तेमाल कर रही है. बताया जा रहा है कि वो एक अन्य राज्य के उपमुख्यमंत्री के जरिए इस बातचीत में मध्यस्थता करवा रही है. बीजेपी की विजय में दिलचस्पी का सबसे बड़ा कारण उनकी विशाल फैन फॉलोइंग है।

    क्यों विजय का साथ चाहती है बीजेपी?
    बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि तमिलनाडु के कड़े मुकाबलों में महज 2 प्रतिशत वोटों का अंतर भी जीत की दिशा बदल सकता है. राज्य के चुनावी इतिहास में कई बार बहुत कम मार्जिन से जीत-हार का फैसला हुआ है, ऐसे में विजय का समर्थन बीजेपी के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

    विजय की पार्टी के सलाहकार क्या कहते हैं?
    दूसरी ओर, बीजेपी के साथ हाथ मिलाने की खबरों ने विजय के करीबी सलाहकारों के बीच चिंता बढ़ा दी है. उनके कुछ सलाहकारों का मानना है कि इतनी जल्दी किसी राष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बनने से पार्टी की 'स्वतंत्र छवि' को नुकसान पहुंच सकता है. विजय ने अपनी पार्टी को राज्य में एक 'तीसरे विकल्प' के रूप में पेश किया है।

    सलाहकारों को डर है कि एनडीए में शामिल होने से उनकी पार्टी की साख और वह नैरेटिव कमजोर हो सकता है, जिसके दम पर उन्होंने राजनीति में कदम रखा है।

  • विजय और रश्मिका की शादी में मेहमानों को परोसा जाएगा जापानी खाना, ‘नो फोन’ पॉलिसी लागू

    विजय और रश्मिका की शादी में मेहमानों को परोसा जाएगा जापानी खाना, ‘नो फोन’ पॉलिसी लागू

    उदयपुर 

    आखिरकार फैंस का इंतजार खत्म हुआ! साउथ फिल्म इंडस्ट्री की सबसे पसंदीदा जोड़ी, रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा उदयपुर में सात फेरे लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. अपनी प्राइवेसी को लेकर यह कपल कितना सीरियस है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने शादी के वेन्यू पर तीन लेयर की सुरक्षा की व्यवस्था है. लोकल पुलिस और हैदराबाद से आई खास टीम के साथ-साथ एक इंटरनेशनल सिक्योरिटी एजेंसी को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है. मकसद साफ है- शादी के हर पल को निजी रखा जाए और बिना किसी बाहरी दखल के सारे रस्मो-रिवाज शांति से पूरे हों. अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित ‘द मेमेंटोज’ (आईटीसी होटल्स) को इस खास मौके के लिए चुना गया है, जहां सुरक्षा का घेरा इतना सख्त है कि परिंदा भी पर न मार सके.

    शादी की खबरों पर खुद मुहर लगाते हुए रश्मिका और विजय ने इंस्टाग्राम पर एक बहुत ही प्यारा और इमोशनल नोट शेयर किया है. उन्होंने अपने फैंस को शुक्रिया कहते हुए लिखा कि जब उन्होंने खुद के लिए कुछ तय नहीं किया था, तब भी फैंस ने उन्हें ‘विरोश’ नाम देकर ढेर सारा प्यार दिया. कपल ने अपनी इस नई शुरुआत को ‘विरोश की शादी’ का नाम दिया है. इस जोड़ी ने 3 अक्टूबर 2025 को हैदराबाद में सगाई की थी और अब 26 फरवरी को वे शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. समारोह को छोटा और पर्सनल रखा गया है, जिसमें सिर्फ परिवार के लोग और बेहद करीबी दोस्त ही शामिल होंगे. दोनों चाहते हैं कि यह पल उनके लिए यादगार और शोर-शराबे से दूर हो.

     दोनों 26 फरवरी को उदयपुर में सात फेरे लेंगे और जिंदगी भर के लिए एक-दूजे का हाथ थामेंगे। जानकारी के अनुसार, शादी के जश्न को लेकर मेकर्स ने खास इंतजाम किए हैं, जिसमें मेहमानों के लिए जापानी खाना परोसा जाएगा। रश्मिका ने हाल ही में इंस्टाग्राम स्टोरी में पार्टी की झलक साझा की, जिसमें खूबसूरती से सजा हुआ टेबल और जापानी मेन्यू कार्ड साफ दिख रहा है। तस्वीर में लाइटिंग में सजा टेबल नजर आया। बीच में गुलाबी लिली और हल्के हरे हाइड्रेंजिया के फूलों की सजावट है, जिसे ताजे हरे सेब और अंगूरों के साथ सजाया गया है। यह सजावट ऑर्गेनिक और लग्जरी गार्डन लुक दे रही है। मेन्यू कार्ड पर जापानी डिशेज का जिक्र है, जो शादी से पहले के इस सेलिब्रेशन को ग्लोबल और रिफाइंड टच देता है। कपल सोमवार को उदयपुर पहुंच चुके हैं। शादी के मुख्य कार्यक्रम मेमेंटोस बाय आईटीसी होटल्स, एकाया उदयपुर में होगा।

    फिल्म ‘गीता गोविंदम’ के सेट पर हुई थी मुलाकात
    भले ही शादी प्राइवेट हो रही है, लेकिन जश्न अभी बाकी है! उदयपुर में शादी के बाद यह कपल अपने दोस्तों और फिल्म इंडस्ट्री के साथियों के लिए दो बड़े रिसेप्शन होस्ट करने वाला है. पहला भव्य रिसेप्शन 4 मार्च 2026 को हैदराबाद के आलीशान ‘ताज कृष्णा’ होटल में होगा, जिसमें टॉलीवुड और बॉलीवुड के बड़े सितारों के साथ-साथ तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भी शामिल होने की उम्मीद है. इसके बाद, मुंबई में भी एक ग्रैंड पार्टी दी जाएगी. रश्मिका और विजय की पहली मुलाकात 2018 में फिल्म ‘गीता गोविंदम’ के सेट पर हुई थी, जहां से शुरू हुई यह दोस्ती ‘डियर कॉमरेड’ तक पहुंचते-पहुंचते प्यार में बदल गई और अब यह खूबसूरत रिश्ता शादी के मुकाम तक पहुंच गया है.

     साउथ इंडियन रीति-रिवाजों से होगी शादी, केले के पत्तों पर परोसा जाएगा भोजन!

    विजय देवरकोंडा-रश्मिका मंदाना के फैंस उनकी शादी की पहली तस्वीरें देखने को बेताब हैं. अब खबर आ रही है कि वे साउथ इंडियन परंपराओं के अनुसार शादी रचाएंगे. इस शादी में दक्षिण भारत के पारंपरिक रीति-रिवाजों का खास पालन किया जाएगा. मुमकिन है कि मेहमानों को केले के पत्तों पर भोजन परोसा जाए.

     बड़े फिल्मी सितारे नहीं फिल्ममेकर्स होंगे शामिल?

     रश्मिका-विजय देवरकोंडा की शादी में बड़े राजनेताओं के शामिल होने की खबर आ रही है, लेकिन कोई बड़े स्टार के शामिल होने की सुगबुगाहट नहीं है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी में किसी भी बड़े फिल्मी सितारे के शामिल होने की उम्मीद नहीं है. मेहमानों की लिस्ट में तेलंगाना के कुछ राजनेता और कुछ चुनिंदा फिल्म निर्देशकों के नाम शामिल हैं.

     24 फरवरी को मेहंदी सेरेमनी, 25 को 'हल्दी'-'संगीत' का जश्न

    विजय और रश्मिका की शादी का जश्न आज से शुरू है. सेलिब्रेशन की शुरुआत आज 24 फरवरी को ‘मेहंदी’ सेरेमनी के साथ होगी. इसके बाद 25 फरवरी को ‘हल्दी’ और ‘संगीत’ के इवेंट का आयोजन किया जाएगा. इन निजी लेकिन रॉयल प्री-वेडिंग फंक्शन्स में परिवार के सदस्य और कुछ बेहद करीबी दोस्तों के शामिल होंगे.

    'गीता गोविंदम' के सेट पर मिले, 'डियर कॉमरेड' में आए करीब, विजय-रश्मिका की क्यूट लव स्टोरी

    विजय और रश्मिका पहली बार ‘गीता गोविंदम’ के सेट पर मिले थे. कहते हैं कि फिल्म ‘डियर कॉमरेड’ की शूटिंग के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए थे. तब से लेकर अब तक, दोनों ने अपने निजी जीवन को लाइमलाइट से दूर रखने की पूरी कोशिश की. वे अक्सर पब्लिक प्लेस पर साथ दिखते और डेटिंग की तमाम अफवाहों के बावजूद कपल ने शादी से पहले तक अपने रिश्ते को पूरी तरह प्राइवेट रखा था.

    शादी को पूरी तरह प्राइवेट और इंटिमेट रखा जा रहा है। सिर्फ करीबी परिवार और दोस्त ही शामिल होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इवेंट को गोपनीय रखने के लिए सख्त नो-फोन पॉलिसी लागू है। मेहमानों से एनडीए (नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट) भी साइन करवाए जा रहे हैं ताकि कोई फोटो या वीडियो बाहर न लीक हो।

    विजय और रश्मिका की लव स्टोरी साल 2018 में शुरू हुई, जब दोनों ने ‘गीता गोविंदम’ में साथ काम किया। उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों का खूब प्यार मिला। इसके बाद दोनों ‘डियर कॉमरेड’ में फिर साथ नजर आए। इसके अलावा, वे कई फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं।

    हालांकि, दोनों ने अपने रिश्ते को सालों तक प्राइवेट रखा, लेकिन अब आखिरकार शादी का ऐलान हो चुका है। शादी के बाद रिसेप्शन भी प्लान किया गया है।

  • वेडिंग रूमर्स के बीच उदयपुर उड़ान भरते नजर आए विजय–रश्मिका, एयरपोर्ट लुक बना चर्चा का विषय

    वेडिंग रूमर्स के बीच उदयपुर उड़ान भरते नजर आए विजय–रश्मिका, एयरपोर्ट लुक बना चर्चा का विषय

     उदयपुर

    रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी की खबरें इन दिनों बी-टाउन का हॉट टॉपिक बनी हुई हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि दोनों 26 फरवरी को उदयपुर में एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी करने वाले हैं। दोनों के इन्विटेशन कार्ड की एक फोटो भी सोशल मीडिया पर फैल रही है। हालांकि, अभी तक कपल की ओर से शादी को लेकर कोई कंफर्मेशन सामने नहीं आई है। इस बीच अब ये जोड़ा एयरपोर्ट पर नजर आया है। हालांकि, दोनों अलग-अलग दिखे, लेकिन इनके एयरपोर्ट पर नजर आते ही ये कयास लगाए जाने लगे कि दोनों उदयपुर के लिए रवाना हो रहे हैं।

    कैजुअल लुक में एयरपोर्ट पर दिखा कपल
    आज सुबह यानी शनिवार 21 फरवरी को शादी की चर्चाओं के बीच रश्मिका और विजय देवरकोंडा को एयरपोर्ट पर देखा गया है। इसके बाद ये अटकलें लगाई गईं कि दोनों शादी के लिए उदयपुर रवाना हो रहे हैं।

    हालांकि, अभी तक ये कंफर्म नहीं है कि दोनों कहां के लिए रवाना हुए हैं। लेकिन दोनों सेलेब्स एयरपोर्ट पर कैजुअल अंदाज में नजर आए। इस दौरान विजय देवरकोंडा जहां ओपन ब्लैक शर्ट और ब्लैक पैंट में नजर आए। वहीं रश्मिका ग्रे स्लीवलेस टी-शर्ट और ब्लैक लोअर में नजर आईं।
     
    इस दौरान रश्मिका के माथे पर छोटी सी बिंदी भी नजर आई। दोनों ही सेलेब्स इस दौरान चेहरे पर मास्क लगाए हुए थे। गाड़ी से उतरते समये रश्मिका फोन में व्यस्त दिखीं। हालांकि, पैपराजी को देखकर उन्होंने हाय किया। इस दौरान दोनों साथ में नहीं बल्कि अलग-अलग नजर आए।

     सजे हुए विजय के घर का वीडियो और कार्ड की तस्वीरें वायरल
    बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें विजय देवरकोंडा का घर झालरों से सजा हुआ नजर आ रहा था। इस वीडियो के सामने आने के बाद दोनों की शादी को लेकर चर्चाएं और भी तेज हो गईं। वहीं दोनों के इन्विटेशन कार्ड की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। इनमें शादी की तारीख 26 फरवरी बताई जा रही है, जबकि 4 मार्च को हैदराबाद में रिसेप्शन बताया जा रहा है। हालांकि, अभी तक कपल या उनके परिवार की ओर से शादी को लेकर को आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    शादी में होगी नो फोन पॉलिसी
    बीते दिनों कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि रश्मिका और विजय ने शादी के कार्यक्रम में नो फोन पॉलिसी को लागू किया है। यानी कोई भी गेस्ट फोन लेकर फंक्शन में शामिल नहीं हो सकेगा। यहां तक कि शादी को शूट करने वाली टीम ने भी एनडीए (गैर-खुलासा समझौता) पर हस्ताक्षर किए हैं। वहीं रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया जा रहा है कि दोनों ने शादी की सिक्योरिटी के लिए विदेशी कंपनी से डील की है।