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  • कबीरधाम में गूंजा सेवा का संदेश, भव्य सेवा ज्योति यात्रा में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    कबीरधाम में गूंजा सेवा का संदेश, भव्य सेवा ज्योति यात्रा में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    रायपुर : सेवा संकल्प अभियान के तहत कबीरधाम में निकली भव्य सेवा ज्योति यात्रा, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा हुए शामिल

    पंडरिया विधायक  भावना बोहरा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष  मोना सेन सहित जनप्रतिनिधियों ने की सहभागिता

    हजारों नागरिकों ने सेवा, संकल्प और जनभागीदारी के साथ दिया विकसित भारत-2047 का संदेश

    रायपुर, 

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले में भव्य सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन सहित जनप्रतिनिधियों और हजारों नागरिकों ने यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

         सेवा ज्योति यात्रा से पूर्व शासकीय पीजी कॉलेज के डोम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के संबोधन को उपस्थित नागरिकों ने सुना। इसके बाद सेवा ज्योति यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए सेवा ज्योति चौक पहुंची। यात्रा में सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने भाग लेकर सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत-2047 के संकल्प का संदेश दिया।

    *संकल्प मजबूत हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा हो, मंजिल हासिल की जा सकती है — उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा*

          उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और आज 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के मुखिया के रूप में उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इन 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, संकल्प और देश को आगे ले जाने की यात्रा रही है।

         शर्मा ने कहा कि संकल्प लेना बड़ी बात है, लेकिन उसे धरातल पर उतारना उससे भी बड़ी बात है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत-2047 का संकल्प देश के सामने रखा है। वर्ष 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बने, तब हमारा छत्तीसगढ़ विकसित छत्तीसगढ़, कबीरधाम विकसित कबीरधाम और कवर्धा विकसित कवर्धा बने, यह हम सभी का संकल्प होना चाहिए।

          उन्होंने कहा कि लक्ष्य बड़ा हो सकता है और रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन संकल्प मजबूत हो तो मंजिल हासिल की जा सकती है। सेवा ज्योति यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जिले के विकास, सेवा और जनभागीदारी का संकल्प है। जब संकल्प बड़ा हो, नीयत स्पष्ट हो और 140 करोड़ देशवासियों की शक्ति साथ हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा क्यों न हो, “हम जरूर करबो।”

    *हिंसा की जगह विकास, भय की जगह विश्वास और बंदूक की जगह शिक्षा व रोजगार पहुंचे — शर्मा*

          उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं। आतंकवाद के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों ने भारत के सामर्थ्य का संदेश दिया है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने तथा अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा जैसी घटनाएं देश के सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण रही हैं।

         उन्होंने छत्तीसगढ़ के संदर्भ में कहा कि हमारा संकल्प स्पष्ट है कि हिंसा की जगह विकास पहुंचे, भय की जगह विश्वास पहुंचे और बंदूक की जगह शिक्षा, रोजगार और अवसर पहुंचे। यही विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा है। विकसित भारत-2047 केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। कवर्धा, कबीरधाम और छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

    *सेवा को उत्सव और उत्सव को सेवा का माध्यम बनाएं — विधायक श्रीमती भावना बोहरा*

          पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की यात्रा के प्रतीक हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “सेवा को उत्सव बनाइए और उत्सव को सेवा का माध्यम बनाइए”, यही इस अभियान की मूल भावना है।

          श्रीमती बोहरा ने कहा कि सेवा सेतु, स्वच्छता अभियान, रंगोली सहित विभिन्न गतिविधियों में जिले के नागरिक उत्साह से भाग ले रहे हैं। विकसित भारत-2047 के संकल्प में कवर्धा और छत्तीसगढ़ की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने नागरिकों से इस संकल्प में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

    *जनसेवा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी — श्रीमती मोना सेन*

           फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक सुविधाएं पहुंचा रही है। आवास, राशन, शौचालय, आयुष्मान भारत सहित विभिन्न योजनाओं से बड़ी संख्या में परिवार लाभान्वित हुए हैं।

          उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा योजनाएं बनाना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण उनका लाभ सही हितग्राही और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल कार्यक्रमों का आयोजन नहीं, बल्कि समाज से जुड़ना, जरूरतमंदों तक पहुंचना और जनसेवा को मजबूत करना है।

         जिला अध्यक्ष राजेंद्र चन्द्रवंशी ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा काल और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का उल्लेख करते हुए नागरिकों से सेवा संकल्प अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने “हम करेंगे — वी विल डू इट” के संकल्प के साथ विकसित भारत-2047 के निर्माण में अपनी सहभागिता का संकल्प लिया।

          इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, जयंती पटेल, मोतीराम चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, राज्य पुलिस प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गणपत बघेल, उपाध्यक्ष गणेश तिवारी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती नंदनी साहू, जनपद अध्यक्ष बोडला श्रीमती बालका रामकिंकर वर्मा, उपाध्यक्ष नंद श्रीवास, नगर पंचायत अध्यक्ष विजय पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • कवर्धा-बेमेतरा रोड पर पशुओं का जमावड़ा देख विजय शर्मा सख्त, अधिकारियों की लगाई क्लास

    कवर्धा-बेमेतरा रोड पर पशुओं का जमावड़ा देख विजय शर्मा सख्त, अधिकारियों की लगाई क्लास

    कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर पशुओं को देख उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को लगाई फटकार

    देर रात हाइवे पेट्रोलिंग वाहन बुलाकर मौके पर ही ली रेस्क्यू और नियमित निरीक्षण की जानकारी

    सड़क पर गौवंश की सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित पेट्रोलिंग के सख्त निर्देश

    रायपुर,
    कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर सड़क के बीच पशुओं को बैठे देखकर  उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने गंभीर नाराजगी जताई। कवर्धा जाते समय सड़क पर पशुओं को देखकर उन्होंने बेमेतरा टोल प्लाजा के पास मंगलवार को देर रात अपना वाहन रुकवाया और तत्काल विभागीय अधिकारियों से मोबाइल पर बात कर हाइवे पेट्रोलिंग व्यवस्था की जानकारी ली।

          उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अधिकारियों से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप पेट्रोलिंग वाहन द्वारा किए जा रहे नियमित निरीक्षण के संबंध में पूछा। अधिकारियों ने बताया कि हाइवे पेट्रोलिंग वाहन द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस पर शर्मा ने पेट्रोलिंग वाहन को मौके पर बुलवाया और अब तक किए गए पशु रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ ही प्रतिदिन किए जा रहे निरीक्षण एवं अन्य कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कवर्धा से बेमेतरा तक पड़ने वाले ग्रामों के स्थानीय लोगों के माध्यम से पेट्रोलिंग वाहन की गतिविधियों की नियमित जानकारी ली जाए।

          सड़क पर पशुओं की मौजूदगी को लेकर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि हाइवे पर नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए और सड़क पर बैठे अथवा विचरण कर रहे पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कार्रवाई तत्परता से की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

         शर्मा ने कहा कि सड़क पर पशुओं के रहने से न केवल गौवंश की जान को खतरा रहता है, बल्कि वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विशेषकर रात्रि के समय दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए पेट्रोलिंग दल लगातार मार्ग का निरीक्षण करे और पशुओं के दिखाई देते ही उन्हें सुरक्षित तरीके से सड़क से हटाया जाए।

         उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा और गौवंश की रक्षा के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पेट्रोलिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने और इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

  • पंकज शर्मा की पत्रकारिता को नमन, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रतिमा का किया अनावरण

    पंकज शर्मा की पत्रकारिता को नमन, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रतिमा का किया अनावरण

    पत्रकार स्व. पंकज शर्मा की प्रतिमा का उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया अनावरण, पत्रकारिता में योगदान को किया गया याद

    रायपुर, 
    रायपुर ने पत्रकारिता के क्षेत्र में देश और प्रदेश को कई मूर्धन्य पत्रकार दिए हैं, इन्हीं में से एक नाम वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय पंकज शर्मा का है। उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से पंकज गार्डन, खो-खो पारा में उनकी प्रतिमा का अनावरण उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। समारोह में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक अनुज शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु द्विवेदी, रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी तथा अखंड ब्राह्मण समाज से ज्ञानेश शर्मा सहित पत्रकारिता, सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

           समारोह के दौरान स्वर्गीय पंकज शर्मा के जीवन और उनकी पत्रकारिता यात्रा पर आधारित करीब एक घंटे की विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया। डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से उनके पत्रकारिता जीवन, देश-विदेश में किए गए कार्यों, उनकी लेखन शैली, संवाद क्षमता और पत्रकारिता के प्रति समर्पण को स्मरण किया गया। डॉक्यूमेंट्री ने उपस्थित लोगों को पंकज शर्मा के व्यक्तित्व और कृतित्व से भावनात्मक रूप से जोड़ा।

    पंकज शर्मा पत्रकारिता की एक पूरी पीढ़ी के प्रेरणास्रोत – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

          उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि स्व. पंकज शर्मा ने पत्रकारिता को केवल पेशे के रूप में नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और मिशन के रूप में जिया। उन्होंने सीमित जीवनकाल में अपनी प्रतिभा और लेखनी से ऐसी पहचान बनाई, जो आज भी पत्रकारिता जगत के लिए प्रेरणा है। शर्मा ने कहा कि पंकज शर्मा की स्मृति को स्थायी रूप देना केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि रायपुर की पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा का सम्मान है।

    पंकज शर्मा ने रायपुर की पत्रकारिता को राष्ट्रीय पहचान दी : सांसद बृजमोहन अग्रवाल

           कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पंकज शर्मा रायपुर की उस पत्रकारिता परंपरा के प्रतिनिधि थे, जिसने अपनी प्रतिभा और लेखनी के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि पंकज शर्मा ने पत्रकारिता में जिस ऊंचाई को हासिल किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है। उनकी स्मृति में प्रतिमा का अनावरण आने वाली पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

        विधायक सुनील सोनी और विधायक मोतीलाल साहू ने भी स्वर्गीय पंकज शर्मा को याद करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित किया। वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु द्विवेदी ने पंकज शर्मा की पत्रकारिता शैली, उनके लेखन और उस दौर की पत्रकारिता में उनके प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला।

    पंकज शर्मा के नाम पर संस्थानों और सम्मान की पहल का प्रस्ताव
            इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा ने स्वर्गीय पंकज शर्मा की स्मृति को और व्यापक स्वरूप देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। उन्होंने पंकज उद्यान का नाम विस्तारित कर “पत्रकार पंकज शर्मा उद्यान” करने, खो-खो पारा स्थित स्कूल का नाम “पत्रकार पंकज शर्मा” के नाम पर करने, तथा युवा पत्रकार राज्य अलंकरण की शुरुआत स्वर्गीय पंकज शर्मा के नाम से किए जाने का प्रस्ताव रखा।

         उन्होंने पत्रकारिता विश्वविद्यालय की किसी प्रमुख बिल्डिंग का नाम भी “पंकज शर्मा” के नाम पर किए जाने का सुझाव दिया। मंच पर मौजूद सभी अतिथियों ने इन प्रस्तावों का समर्थन किया और पंकज शर्मा की स्मृति को संस्थागत रूप से संरक्षित करने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।

           कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय पंकज शर्मा ने अपने अल्प जीवनकाल में पत्रकारिता के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता को नई दिशा दी और देश-विदेश में अपनी प्रतिभा से भारतीय पत्रकारिता का गौरव बढ़ाया। उनकी स्मृति में आयोजित यह समारोह केवल प्रतिमा अनावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों, परंपरा और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है। कार्यक्रम का आयोजन रायपुर प्रेस क्लब, अखंड ब्राह्मण समाज छत्तीसगढ़ एवं विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंधन समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

  • भरी सभा में गरमाया माहौल! थलपति विजय के विधायक ने कांग्रेस सांसद से कहा- ‘दीया पहले मैं जलाऊंगा’

    भरी सभा में गरमाया माहौल! थलपति विजय के विधायक ने कांग्रेस सांसद से कहा- ‘दीया पहले मैं जलाऊंगा’

    चेन्नई 

    थलपति विजय की टीवीके के विधायक और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद के बीच दीया जलाने को लेकर विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ा कि TVK विधायक नवलपट्टू विजी ने कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर तिलक के हाथ से मोमबत्ती नीचे गिरा दी। घटना के दौरान मंच पर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई। कार्यक्रम में तमिलनाडु सरकार के हिंदू धार्मिक व धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के मंत्री एस. रमेश भी मौजूद थे। उन्होंने दोनों नेताओं को शांत कराने की कोशिश की।

    दरअसल, त्रिची में एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) की ओर से सामुदायिक गोद भराई कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मंत्री एस. रमेश के अलावा थिरुवेरुम्बुर से टीवीके विधायक नवलपट्टू विजी, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद क्रिस्टोफर तिलक और दूसरे जनप्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप जलाकर की जा रही थी। पहले मंत्री रमेश ने दीप जलाया और इसके बाद जिला कलेक्टर प्रतीक दयाल ने दीप प्रज्ज्वलित किया। इसी दौरान कांग्रेस सांसद को मोमबत्ती दी गई, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।

    टीवीके विधायक किस बात से हो गए नाराज
    बताया जा रहा है कि टीवीके विधायक इस बात से नाराज थे कि कार्यक्रम में प्रोटोकॉल के मुताबिक उन्हें दीप जलाने का मौका नहीं दिया गया। जब कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर दीप जलाने के लिए आगे बढ़े और मोमबत्ती विजी की तरफ बढ़ाई गई, तो विधायक ने मोमबत्ती लेने के बजाय उसे नीचे गिरा दिया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच बहस भी हुई। मंच पर मौजूद मंत्री रमेश ने दखल देकर स्थिति संभालने की कोशिश की। बाद में कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया और दीप जलाने की रस्म पूरी की गई।

    गठबंधन के बावजूद राजनीतिक खींचतान
    इस घटना ने टीवीके और कांग्रेस के बीच स्थानीय स्तर पर चल रही राजनीतिक खींचतान को भी चर्चा में ला दिया है। दोनों दल तमिलनाडु में एक ही गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन सार्वजनिक कार्यक्रम में नेताओं के बीच हुआ यह विवाद अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। तमिलनाडु में विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले सामने आए इस घटनाक्रम को लेकर भी कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, मंत्री एस. रमेश ने बाद में कहा कि दोनों नेताओं के बीच कोई समस्या नहीं है। घटना का वीडियो सामने आया है और सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं। ज्यादातर का कहना है कि गठबंधन के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा।

  • एशिया कप विजेता गीता यादव से मिले डिप्टी CM विजय शर्मा, कवर्धा की बेटी की उपलब्धि पर जताया गर्व

    एशिया कप विजेता गीता यादव से मिले डिप्टी CM विजय शर्मा, कवर्धा की बेटी की उपलब्धि पर जताया गर्व

    एशिया कप विजेता गीता यादव से मिले उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा

    कवर्धा की बेटी ने बढ़ाया देश-प्रदेश का मान – विधायक शर्मा

    महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी

    कवर्धा निवास कार्यालय में हुई आत्मीय मुलाकात, गीता की खेल यात्रा और क्षेत्र में खिलाड़ियों के लिए संभावनाओं पर हुई चर्चा

    रायपुर
    उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने अपने कवर्धा निवास कार्यालय में जूनियर महिला एशिया कप-2026 की विजेता भारतीय हॉकी टीम की सदस्य गीता यादव से मुलाकात कर उन्हें महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि आगे भी सफलता के नए कीर्तिमान प्राप्त करें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कवर्धा की बेटी ने देश-प्रदेश का मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। इस दौरान शर्मा ने गीता से उनकी अब तक की खेल यात्रा, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुभव, प्रशिक्षण और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में विस्तार से बातचीत की।

           कबीरधाम जिले के बोड़ला की रहने वाली गीता यादव ने चीन के मोकी में आयोजित एएचएफ महिला जूनियर एशिया कप-2026 में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। भारतीय टीम ने 13 सितंबर को खेले गए रोमांचक फाइनल में मेजबान चीन को 1-0 से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने लगातार तीसरी बार महिला जूनियर एशिया कप का खिताब जीता और एफआईएच जूनियर महिला विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई किया।

           टूर्नामेंट में मिडफील्डर के रूप में खेलीं गीता ने अपनी प्रतिभा की विशेष छाप छोड़ी। उन्होंने प्रतियोगिता में कुल चार गोल किए। मलेशिया के विरुद्ध भारत की 11-1 की बड़ी जीत में गीता ने दो गोल दागे, वहीं जापान के खिलाफ 7-0 की जीत में भी उन्होंने दो गोल कर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

           उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गीता की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि एक सामान्य किसान परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। गीता ने अपनी प्रतिभा से कवर्धा के साथ पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता क्षेत्र की नई पीढ़ी, विशेषकर खेलों में आगे बढ़ने का सपना देख रही बेटियों के लिए प्रेरणादायी है।

            मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री शर्मा और गीता यादव के बीच कवर्धा में खेल एवं खिलाड़ियों के प्रोत्साहन, स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा क्षेत्र में खेलों की संभावनाओं को और विस्तार देने को लेकर भी चर्चा हुई। शर्मा ने गीता से उनके अनुभव और खिलाड़ियों की जरूरतों के बारे में जानकारी ली।

    बोड़ला से भारतीय टीम तक का शानदार सफर

             गीता ने हॉकी की शुरुआती शिक्षा कोच शिवा चौहान से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रशिक्षण लेकर अपने खेल को निखारा। लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर वह राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचीं और बाद में टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम से भी जुड़ीं। गीता ने वर्ष 2024 में नीदरलैंड और बेल्जियम दौरे से अपने अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत की। इसके बाद वह अर्जेंटीना तथा इंग्लैंड-स्कॉटलैंड दौरों में भी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
             उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से हुई मुलाकात के दौरान गीता ने अपनी खेल यात्रा के अनुभव साझा किए। शर्मा ने उन्हें भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ आगे बढ़ते हुए देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

  • विजय की TVK से हाथ मिला सकती है PMK, BJP से रिश्ते बन रहे सबसे बड़ा पेंच

    विजय की TVK से हाथ मिला सकती है PMK, BJP से रिश्ते बन रहे सबसे बड़ा पेंच

    चेन्नई 

    तमिलनाडु की राजनीति में एक नया सियासी समीकरण आकार लेता दिख रहा है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) और पट्टाली मक्कल कच्ची (PMK) के बीच बातचीत अब गंभीर दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। दोनों पक्षों के बीच संभावित गठजोड़ को लेकर चर्चा चल रही है और मामला अब कैबिनेट में जगह देने तक पहुंच गया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा पेंच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ PMK के रिश्ते का है। किसी भी औपचारिक फैसले से पहले PMK को BJP के साथ अपने समीकरण पर फैसला करना होगा।

    उपचुनाव में PMK ने किसी का साथ नहीं दिया

    PMK ने 2026 का विधानसभा चुनाव AIADMK-BJP गठबंधन के साथ मिलकर लड़ा था। अनबुमणि रामदास के नेतृत्व वाले धड़े को 18 विधानसभा सीटें दी गई थीं और उसने चार सीटों पर जीत हासिल की। लेकिन अब 6 अक्टूबर को होने वाले मदुरंतकम और धरापुरम उपचुनाव में पार्टी ने किसी भी दल को समर्थन नहीं देने का फैसला किया है। खास तौर पर मदुरंतकम में PMK का यह रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां वन्नियार समुदाय के बीच पार्टी के समर्थन से AIADMK को फायदा मिल सकता था, लेकिन TVK यहां मजबूत होती नजर आ रही है। TVK के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, PMK का यह तटस्थ रुख दोनों दलों के बीच चल रही बड़ी राजनीतिक बातचीत का हिस्सा हो सकता है।

    अनबुमणि और विजय के सलाहकार के बीच बातचीत

    रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों दलों के बीच बातचीत मुख्य रूप से PMK नेता अनबुमणि रामदास और सीएम विजय थलपति के राजनीतिक सलाहकार जॉन अरोकीआसामी के जरिए हो रही है। बातचीत से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक, दोनों के बीच राजनीतिक संपर्क कोई नया नहीं है।

    2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी अरोकीआसामी ने PMK की राजनीतिक रणनीति पर काम किया था। उस चुनाव में अनबुमणि रामदास को पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया गया था और अभियान का नारा था- ‘मात्रम, मुन्नेत्रम, अनबुमणि’। अब यही राजनीतिक संपर्क संभावित सत्ता-साझेदारी की चर्चा तक पहुंच गया है।

    PMK को विजय कैबिनेट में दो जगह देने का प्रस्ताव?

    रिपोर्ट में TVK सूत्रों के हवाले से लिखा है कि बातचीत में PMK को विजय सरकार की कैबिनेट में दो जगह देने का प्रस्ताव भी शामिल है। प्रस्ताव के अनुसार एक कैबिनेट पद अनबुमणि रामदास की पत्नी और विधानसभा में PMK की फ्लोर लीडर सौम्या अनबुमणि को मिल सकता है। दूसरा पद PMK विधायक ए. गणेश कुमार को दिए जाने की चर्चा है।

    हाल के दिनों में उपचुनाव के बाद सौम्या अनबुमणि को कैबिनेट में जगह दिए जाने की चर्चा अलग से भी सामने आई है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

    सौम्या अनबुमणि के पास अपना मजबूत चुनावी जनादेश

    सौम्या अनबुमणि इस बातचीत में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक आधार भी लेकर आती हैं। उन्होंने धर्मपुरी विधानसभा सीट पर 93,713 वोट हासिल करके जीत दर्ज की थी। उन्होंने TVK उम्मीदवार को 20,896 वोटों के अंतर से हराया था। यानी उनके पास खुद का चुनावी जनादेश है, जो संभावित सत्ता-साझेदारी की बातचीत में PMK के लिए अहम हो सकता है।

    विजय की जीत बड़ी, लेकिन बहुमत से अभी दूर

    TVK के लिए PMK को अपने साथ लाने की कोशिश सिर्फ गठबंधन विस्तार का मामला नहीं है। इसके पीछे सरकार में अपनी स्थिति मजबूत करने की जरूरत भी है। तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में TVK ने पिछले चुनाव में 108 सीटें जीती थीं। बहुमत के आंकड़े से वह 10 सीट दूर रह गई थी। इसके बाद छोटी पार्टियों के समर्थन से सरकार बनी।

    AIADMK विधायकों के इस्तीफों के बाद उपचुनाव की स्थिति बनी और विजय के पास अपनी स्थिति मजबूत करने का एक और रास्ता खुल गया। TVK के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, उपचुनाव के नतीजे अगली दौर की बातचीत का रुख तय कर सकते हैं। अगर TVK आराम से जीतती है तो विजय ज्यादा मजबूत स्थिति से बातचीत कर पाएंगे। वहीं कमजोर प्रदर्शन की स्थिति में बाहर से आने वाले हर विधायक की अहमियत बढ़ेगी और PMK की सौदेबाजी की ताकत भी बढ़ सकती है।

    PMK क्यों है विजय के लिए अहम?

    TVK नेताओं के मुताबिक, PMK की सबसे बड़ी ताकत उसका वन्नियार आधार है। यह समुदाय उत्तरी तमिलनाडु के कई महत्वपूर्ण हिस्सों और कुछ अन्य इलाकों में केंद्रित है। तमिलनाडु के दलित मतदाताओं की तुलना में PMK ने वन्नियार समुदाय के बीच दशकों में एक स्पष्ट राजनीतिक आधार तैयार किया है। यही वजह है कि TVK के भीतर PMK को संभावित गठबंधन सहयोगी के तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    PMK के आने से VCK के सामने नई मुश्किल

    लेकिन PMK को विजय के गठबंधन में शामिल करना इतना आसान भी नहीं होगा। इसकी वजह TVK का एक अन्य सहयोगी दल विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) है। तमिलनाडु की राजनीति में PMK और VCK के राजनीतिक आधारों के बीच टकराव का इतिहास रहा है। दोनों दलों के समर्थक समुदाय राज्य के कुछ संवेदनशील जातीय विवादों में आमने-सामने भी रहे हैं।

    इसके बावजूद TVK नेताओं का मानना है कि VCK के लिए विजय का साथ छोड़ना मुश्किल होगा। उनका तर्क है कि चुनाव में दलित मतदाताओं के एक हिस्से का समर्थन सीधे विजय की ओर जाता दिखाई दिया है।

    VCK से जुड़े लोगों के मुताबिक, पार्टी के भीतर भी इस संभावना को लेकर जागरूकता है कि उसके पारंपरिक वोटरों के कुछ हिस्से TVK के साथ अलग राजनीतिक रिश्ता बना रहे हैं। VCK पहले ही सरकार में शामिल है और उसके पास कैबिनेट पद भी है।

    PMK आई तो वाम दल भी दूर हो सकते हैं

    विजय के लिए एक दूसरी चुनौती वाम दलों से जुड़ी है। TVK नेताओं को आशंका है कि PMK के औपचारिक रूप से गठबंधन में शामिल होने के बाद कम्युनिस्ट पार्टियां उससे और दूरी बना सकती हैं। यह दूरी पहले ही दिखाई देने लगी है। CPI और CPI(M) ने कहा है कि वे TVK गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं और उपचुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ रहे हैं। ऐसे में PMK को साथ लाकर विजय अपनी सरकार को मजबूत तो कर सकते हैं, लेकिन इससे मौजूदा गठबंधन के कुछ सहयोगी असहज भी हो सकते हैं।

    सबसे बड़ा सवाल BJP से रिश्ते का

    अनबुमणि रामदास के लिए सबसे मुश्किल बातचीत शायद विजय, VCK या AIADMK के साथ नहीं, बल्कि BJP के साथ होगी। PMK ने अप्रैल में AIADMK-BJP गठबंधन के हिस्से के रूप में चुनाव लड़ा था। BJP और PMK का रिश्ता सिर्फ एक चुनाव तक सीमित नहीं है। ऐसे में अगर PMK औपचारिक रूप से विजय के खेमे में जाती है तो यह केवल उपचुनाव के बाद होने वाला स्थानीय राजनीतिक बदलाव नहीं होगा। इससे विपक्षी खेमे के भीतर एक अहम राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।

  • राजनीतिक प्रकरणों की वापसी को लेकर अहम बैठक, विजय शर्मा के साथ अरुण साव-लक्ष्मी राजवाड़े-राम विचार नेताम मौजूद

    राजनीतिक प्रकरणों की वापसी को लेकर अहम बैठक, विजय शर्मा के साथ अरुण साव-लक्ष्मी राजवाड़े-राम विचार नेताम मौजूद

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक प्रकरण वापसी समिति की हुई अहम बैठक

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी रजवाड़े, कृषि मंत्री राम विचार नेताम बैठक में हुए शामिल

    16 प्रकरणों पर हुई प्रकरणवार समीक्षा, 9 प्रकरणों की हुई अनुशंसा

    रायपुर,
     उप मुख्यमंत्री एवं गृह तथा जेल मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े प्रकरणों की वापसी के संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में प्रकरण वापसी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, कृषि मंत्री राम विचार नेताम सहित प्रमुख सचिव गृह सुनिहारिका बारीक, प्रमुख सचिव विधि मनीष ठाकुर, गृह सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, डीजीपी अरूण देव गौतम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

          बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 16 प्रकरणों की वापसी से संबंधित मामलों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें 8 लंबित प्रकरण शामिल थे, सभी मामलों में से 9 प्रकरणों की अनुशंसा की गई, 02 प्रकरणों को पुनर्विचार के लिए जिलों में भेज दिया गया। इसके अतिरिक्त शेष मामलों को राजनीतिक आंदोलनों से जुड़ा हुआ ना पाते हुए उनको समिति ने विचार कर उन्हें समिति ने अस्वीकृत कर दिया। 

          समिति ने अधिकारियों से पूर्व में अनुसंशित लंबित प्रकरणों, उनकी वर्तमान स्थिति तथा नियमानुसार आगे की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली गई एवं इसकी नियमित समीक्षा करते हुए न्यायालय में लंबित प्रकरणों को भी त्वरित गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने राजनीतिक प्रकरणों की वापसी से जुड़े मामलों की प्रकरणवार समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रक्रियाओं को नियमानुसार आगे बढ़ाने के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की।

  • चंडालपुर का बदला नाम, ‘चंदनपुर’ की नई पहचान पर मिली मंजूरी

    चंडालपुर का बदला नाम, ‘चंदनपुर’ की नई पहचान पर मिली मंजूरी

    वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, राजपत्र लेकर गांव पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, चंदनपुर को मिली नई पहचान

    राजपत्र की प्रति सौंपकर उप मुख्यमंत्री ने दी बधाई, चंडालपुर अब कहलाएगा ‘चंदनपुर’

    गांव का नाम केवल पहचान नहीं, जनभावनाओं से जुड़ा होता है– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा 

    गांव के विकास के लिए 11.70 लाख रुपए की घोषणा, दस्तावेजों में नाम बदलने लगेगा विशेष शिविर

    रायपुर, 
     तेज बारिश के बीच शुक्रवार देर रात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा गांव की नई पहचान का राजपत्र लेकर चंदनपुर पहुंचे। लंबे समय से नाम परिवर्तन की मांग कर रहे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्होंने राजपत्र की प्रति सौंपते हुए उन्हें बधाई दी। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वागत के लिए जुटे रहे। मांग पूरी होने की खुशी में ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और उप मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। कबीरधाम जिले के ग्राम चंडालपुर का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर चंदनपुर कर दिया गया है। 

         नाम परिवर्तन की खुशी के बीच उप मुख्यमंत्री ने गांव के विकास कार्यों के लिए सीसी रोड और सामुदायिक भवन के लिए 11.70 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा। इसमें आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी, ताकि ग्रामीणों को इसके लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। छत्तीसगढ़ शासन ने ग्राम चंदनपुर के नाम परिवर्तन का राजपत्र में विधिवत प्रकाशन कर दिया है। इसके साथ ही गांव का नया नाम अब सरकारी अभिलेखों और शासकीय वेब पोर्टल में स्थायी रूप से दर्ज रहेगा।

         उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामवासियों की ओर से लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग की जा रही थी। स्थानीय लोगों की भावना और मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा हुई, राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई और अंततः राजपत्र में इसका प्रकाशन किया गया। उन्होंने कहा कि राजपत्र में प्रकाशन के बाद अब ‘चंदनपुर’ नाम सरकारी अभिलेखों और संबंधित शासकीय वेब पोर्टलों में दर्ज रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे भी अपने दैनिक व्यवहार और बोलचाल में गांव के नए नाम ‘चंदनपुर’ का उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसी नाम से गांव को जानें और इसकी पहचान आगे भी कायम रहे।

          उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के नाम केवल किसी स्थान की पहचान नहीं होते, बल्कि उनमें स्थानीय इतिहास, संस्कृति, परंपरा और जनभावनाएं भी जुड़ी होती हैं। चंदनपुर नाम से गांव को नई पहचान मिलना ग्रामवासियों की लंबे समय से चली आ रही भावना और मांग के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन से क्षेत्र की स्थानीय पहचान और ग्रामवासियों की भावनाओं को मजबूती मिलेगी।

  • उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से की चर्चा, VB-G RAM-G के क्रियान्वयन पर जोर

    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से की चर्चा, VB-G RAM-G के क्रियान्वयन पर जोर

    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से वीसी द्वारा की वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन पर की चर्चा

    375 अनुमेय कार्यों में से स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कार्यों का करें चयन- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    रायपुर
     विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों से संवाद किया। बैठक में योजनांतर्गत जिलों में स्वीकृत कार्यों, प्रगति तथा योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। 

           उपमुख्यमंत्री शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से बारी-बारी संवाद करते हुए योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली तथा उनके सुझाव और जमीनी स्तर पर आ रही कठिनाइयों को जाना। उन्होंने सभी को वीबी-जीरामजी के अंतर्गत अब 375 प्रकार के अनुमय कार्यों में से स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कार्यों का चयन एवं स्वीकृति के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में पर्याप्त संख्या में कार्य स्वीकृत किए गए है, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ग्राम सभा के माध्यम से नए कार्य भी लिए जा सकते हैं।

         उन्होंने बताया कि योजना में मजदूरी एवं सामग्री का 60:40 अनुपात बनाए रखते हुए तथा जल संरक्षण से संबंधित कम से कम 30 प्रतिशत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ग्राम सभाएं आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कार्य स्वीकृत कर सकती हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजना का लाभ ग्रामीणों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन करने पर जोर दिया।

         बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा ने पंचायतों में स्वीकृत कार्यों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किए जाएंगे, जिससे निर्माण कार्यों की प्रभावी निगरानी की जा सकेगी।

          आयुक्त, विकसित भारत–जीरामजी तारन प्रकाश सिन्हा ने जिला पंचायत सदस्यों के योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा तकनीकी समस्याओं से संबंधित प्रश्नों का समाधान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों तथा किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खेत सड़क और धरसा को भी अनुमय कार्यों में शामिल किया गया है। प्रदेश में बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड तथा डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज जैसे कार्यों को प्राथमिकता से लिया जा रहा है। ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकता के अनुसार इन कार्यों का चयन कर सकती हैं। सिन्हा ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस) से संबंधित भारत सरकार का नोटिफिकेशन जल्द जारी होने की प्रक्रिया में है। वहीं मनरेगा के शेष लंबित भुगतान के संबंध में भारत सरकार को पत्र प्रेषित किया गया है।

           वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मानव संसाधन को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रथम चरण में 175 पदों पर भर्ती की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें कार्यक्रम अधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर एवं लेखापाल के पद शामिल हैं तथा भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। इसके अतिरिक्त बस्तर, बीजापुर एवं नारायणपुर जिलों में 63 रोजगार सहायक पदों पर भर्ती की अनुमति भी प्रदान की गई है।

          बैठक में जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव साझा किए तथा मैदानी स्तर पर आ रही विभिन्न कठिनाइयों से अधिकारियों को अवगत कराया। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं को आवश्यक कार्रवाई हेतु संकलित किया गया है।

  • सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील में बड़ा बदलाव, बच्चों को परोसी जाएगी चिकन बिरयानी

    सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील में बड़ा बदलाव, बच्चों को परोसी जाएगी चिकन बिरयानी

    चेन्नई 
    तमिलनाडु सरकार ने सरकारी स्कूलों के बच्चों को हफ्ते में एक दिन चिकन बिरयानी देने की योजना बनाई है। स्कूल शिक्षा मंत्री राज मोहन ने कहा कि यह मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की इच्छा है। हालांकि, इसे तुरंत लागू नहीं किया जाएगा। सरकार पहले इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट चलाएगी। इसमें यह देखा जाएगा कि बड़ी संख्या में बच्चों के लिए खाना साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के तय मानकों के मुताबिक कैसे तैयार किया जाएगा। इसके बाद ही योजना को बड़े स्तर पर लागू करने पर फैसला होगा।

    मंत्री राज मोहन ने कहा कि सरकार चाहती है कि सरकारी स्कूलों के सभी स्टूडेंट्स को चिकन बिरयानी का विकल्प मिले। उन्होंने साफ किया कि इसके लिए पहले जरूरी इंतजाम करने होंगे। उन्होंने कहा, 'पुझल जेल में कैदियों को भी चिकन बिरयानी मिलती है। क्या हमारे छात्रों को यह नहीं मिल सकती?' मंत्री ने कहा कि योजना को लागू करने से पहले पायलट प्रोजेक्ट के जरिए व्यवस्था की जांच की जाएगी। इसके बाद भोजन की तैयारी, साफ-सफाई और उसे स्कूलों तक पहुंचाने से जुड़ी व्यवस्थाओं को देखा जाएगा।

    भोजन में मांसाहारी विकल्प शामिल करने पर विचार
    यह प्रस्ताव पहली बार जुलाई में सामने आया था। उस समय तमिलनाडु सरकार सरकारी स्कूलों के बच्चों को लंच की योजना के तहत हफ्ते में एक बार चिकन बिरयानी देने पर विचार कर रही थी। राज मोहन ने तब बताया था कि उन्होंने खुद मुख्यमंत्री थलपति विजय के सामने यह सुझाव रखा था और अंतिम फैसला उन्हीं को करना है। यह प्रस्ताव स्कूलों में दिए जाने वाले भोजन में मांसाहारी विकल्प शामिल करने को लेकर चल रही चर्चा के बीच आया था। मंत्री ने कहा था कि बढ़ते बच्चों के लिए पर्याप्त प्रोटीन जरूरी है और चिकन बिरयानी देने के प्रस्ताव को राजनीतिक मुद्दे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

    पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर होगी शुरुआत
    राज मोहन ने कहा कि तमिलनाडु में शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव के साथ पोषण पर भी लगातार ध्यान दिया गया है। प्रस्ताव लागू होने की स्थिति में शाकाहारी भोजन पसंद करने वाले बच्चों को पहले की तरह शाकाहारी खाना मिलता रहेगा, जबकि मांसाहारी भोजन खाने वाले छात्र चिकन बिरयानी का विकल्प चुन सकेंगे। फिलहाल सरकार का जोर योजना को सुरक्षित तरीके से लागू करने की तैयारी पर है। मालूम हो कि तमिलनाडु में लंच के साथ सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए नाश्ते की योजना भी चल रही है।