Tag: SIR

  • गणना प्रपत्र जमा नहीं करने वालों का नाम प्रारंभिक सूची से बाहर

    गणना प्रपत्र जमा नहीं करने वालों का नाम प्रारंभिक सूची से बाहर

     चंडीगढ़
    हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत जो मतदाता शुक्रवार शाम तक गणना प्रपत्र बीएलओ को वापस नहीं देंगे, उनका नाम प्रारंभिक मतदाता सूची से काट दिया जाएगा। प्रारंभिक मतदाता सूची से 34 लाख दो हजार 917 मतदाताओं का नाम कटना तय है।

    प्रदेश में दो करोड़ छह लाख 55 हजार 221 मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं। इनमें से एक करोड़ 72 लाख 49 हजार 753 (83.51%) गणना प्रपत्र बीएलओ के माध्यम से डिजिटाइज्ड एवं अपलोड किए जा चुके हैं। गणना प्रपत्र बीएलओ को वापस जमा कराने के लिए अब केवल एक दिन का समय शेष है।

    31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची-2026 में केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे, जिनके हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र बीएलओ को प्राप्त हो चुके होंगे। जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होंगे, उनके नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे। ऐसे मतदाता voters.eci.gov.in पोर्टल के माध्यम से भी अपना गणना प्रपत्र ऑनलाइन भर सकते हैं।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि प्रदेश में 34 लाख से अधिक (16.47%) ऐसे मतदाता चिन्हित किए गए हैं, जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, अनुपस्थित हैं, मृतक हैं अथवा जिनके नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टि के रूप में दर्ज हैं। ऐसे मतदाताओं के नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे।

    इन मतदाताओं की सूची मतदान केंद्रवार तैयार कर सभी बीएलओ के माध्यम से राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए को उपलब्ध कराई गई है। यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा की वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहेगी।

    प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं का मिलान विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान प्राप्त सूचनाओं से किया जाएगा। जिन मतदाताओं के संबंध में कोई आपत्ति या विसंगति पाई जाएगी, उन्हें संबंधित निर्वाचन पंजीयन अधिकारी अथवा सहायक निर्वाचन पंजीयन अधिकारी द्वारा सुनवाई का नोटिस जारी किया जाएगा।

    ऐसे मतदाताओं से निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित होने का आग्रह किया गया है, ताकि उनका नाम तीन अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।

    पता बदलने के लिए भर सकते फार्म-8
    जिन मतदाताओं ने किसी कारणवश अपना गणना प्रपत्र बीएलओ को जमा नहीं कराया है, वे 31 जुलाई से 30 अगस्त तक आवश्यक दस्तावेजों के साथ फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। पहले से दर्ज प्रविष्टियों में सुधार अथवा पता/स्थान परिवर्तन के लिए फार्म-8 भरा जा सकता है।

    निर्वाचन पंजीयन अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट कोई भी मतदाता 15 दिनों के भीतर संबंधित जिलाधिकारी के समक्ष तथा जिलाधिकारी के निर्णय के विरुद्ध 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।

  • धीमी प्रगति पर जिला प्रशासन सख्त, कई अधिकारियों को मिला शो-कॉज

    धीमी प्रगति पर जिला प्रशासन सख्त, कई अधिकारियों को मिला शो-कॉज

    रांची
    मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने समीक्षा बैठक में कार्यों की धीमी प्रगति और खराब प्रदर्शन पर नाराजगी जतायी. उन्होंने रातू, चान्हो और हेहल के सीओ को शो-कॉज जारी करने का निर्देश दिया, जबकि बुंडू और बड़गाईं के सीओ को शो-कॉज के साथ वेतन रोकने की कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं.

    गणना प्रपत्र का कार्य तय समय में पूरा करने का निर्देश
    उपायुक्त ने कहा कि एन्यूमरेशन फॉर्म (गणना प्रपत्र) के वितरण, संग्रहण और डिजिटाइजेशन का कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर मिशन मोड में पूरा करें. उन्होंने चेतावनी दी है कि निर्वाचन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी. डीसी ने हेहल के एएमसी चंद्र दीप कुमार को भी शोकॉज जारी करने का निर्देश दिया.

    50% से कम डिजिटाइजेशन पर बीएलओ को शोकॉज
    जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया कि अगले छह दिनों तक सभी बीएलओ सुपरवाइजरों को सक्रिय रूप से क्षेत्र में तैनात रखा जाये, ताकि शत-प्रतिशत फॉर्म वितरण, संग्रहण और डिजिटाइजेशन समय पर पूरा हो सके. उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत से कम डिजिटाइजेशन करने वाले बीएलओ को भी शोकॉज जारी करें. शिकायत मिलने पर संबंधित सुपरवाइजरों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जायेगी.

  • हरियाणा निर्वाचन आयोग की अपील, दो दिन में बीएलओ को दें हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र

    हरियाणा निर्वाचन आयोग की अपील, दो दिन में बीएलओ को दें हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र

     चंडीगढ़
     हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाताओं से अपील की है कि वे अगले दो दिनों के भीतर अपने हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र (इम्युनरेशन फार्म) बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को अवश्य जमा करा दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची में केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे, जिनके हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र बीएलओ को प्राप्त हो चुके होंगे।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास के अनुसार, प्रदेश में 2 करोड़ 6 लाख 54 हजार 668 (99.99 प्रतिशत) मतदाताओं तक गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से 1 करोड़ 72 लाख 28 हजार 926 (83.41 प्रतिशत) गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन एवं अपलोड पूरा हो चुका है। शेष मतदाताओं से जल्द से जल्द प्रपत्र जमा कराने का आग्रह किया गया है।

    संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजकुमार लोहान ने बताया कि बीएलओ प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां उपलब्ध कराते हैं। मतदाता को विवरण भरकर स्वयं अथवा परिवार के किसी वयस्क सदस्य के हस्ताक्षर कराने के बाद एक प्रति बीएलओ को जमा करनी होती है, जबकि बीएलओ के हस्ताक्षर वाली दूसरी प्रति रसीद के रूप में अपने पास सुरक्षित रखनी चाहिए।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता अपना गणना प्रपत्र आनलाइन भी भर सकते हैं। साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से भी अपील की गई है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए-2) के माध्यम से अधिक से अधिक मतदाताओं को जागरूक करें और समय पर गणना प्रपत्र जमा कराने में सहयोग दें।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विशेष पुनरीक्षण के दौरान जिन मतदाताओं के विवरण में किसी प्रकार की विसंगति पाई गई है, वे 31 जुलाई के बाद आवश्यक दस्तावेज बीएलओ को उपलब्ध कराएं। वहीं, जो मतदाता किसी कारणवश निर्धारित समय में गणना प्रपत्र जमा नहीं करा पाएंगे, वे 31 जुलाई से 30 अगस्त के बीच आवश्यक दस्तावेजों के साथ फार्म-6 भरकर अपना नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

  • एसआईआर अभियान में बुजुर्ग, दिव्यांग और आदिवासी मतदाताओं पर रहेगा विशेष फोकस।

    एसआईआर अभियान में बुजुर्ग, दिव्यांग और आदिवासी मतदाताओं पर रहेगा विशेष फोकस।

     रांची
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी जिलों के उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कोई भी नागरिक जानकारी के अभाव में मतदाता सूची में सम्मिलित होने से वंचित न रह जाए।

    उन्होंने उपायुक्तों से कहा है कि एसआईआर को लेकर गणना प्रपत्र भरने की सही जानकारी प्रत्येक घर तक पहुंचे तथा सभी बीएलओ का निरंतर प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण हो।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को गणना प्रपत्र भरने, आवश्यक दस्तावेज तथा समय-सीमा के संबंध में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।

    इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएं। सभी उपायुक्त बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, सुदूर क्षेत्रों के निवासियों, आदिवासी समुदायों एवं राज्य से बाहर रह रहे झारखंडियों तक भी आवश्यक सूचना पहुंचाने के विशेष प्रयास करें।

    मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि बीएलओ द्वारा नागरिकों के साथ विनम्र, सम्मानजनक एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक पात्र मतदाता को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

    दरअसल, एक्स पर एक संस्थान ने झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों में एक-एक बूथ में 30 प्रतिशत मतदाताओं के नाम एसआईआर की लाजिकल डिस्क्रेपेंसी सूची में दिखने तथा कई मतदाताओं के पूर्वजों के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं होने की बात कही थी। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने एक्स पर उक्त निर्देश दिए।

    बोकारो की मेधावी छात्रा को उच्च शिक्षा में मदद के निर्देश
    मुख्यमंत्री ने बोकारो की मेधावी छात्रा छोटी कुमारी को उच्च शिक्षा में मदद के निर्देश बोकारो के उपायुक्त को दिए हैं। उन्होंने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार को भी इसपर संज्ञान लेने को कहा है।

    जैक की इंटर की कला संकाय की परीक्षा में टापर रही कसमार के खैराचातर निवासी छोटी कुमारी को उच्च शिक्षा में आर्थिक सहायता की आवश्यकता की जानकारी मुख्यमंत्री को मिली थी।

  • दिल्ली में मतदाता सत्यापन अभियान शुरू, ऑनलाइन भी भर सकेंगे फॉर्म, जानिए पूरी प्रक्रिया

    दिल्ली में मतदाता सत्यापन अभियान शुरू, ऑनलाइन भी भर सकेंगे फॉर्म, जानिए पूरी प्रक्रिया

    नई दिल्ली
     राजधानी में हाल में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया और कई अवैध निर्माण तोड़े गए हैं। ऐसे में प्रभावित लोग अगर SIR की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं तो उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी अशोक ने बताया कि इन लोगों के लिए मुख्य चुनाव आयोग से चर्चा की जाएगी। कोई न कोई विशेष व्यवस्था करके उन्हें SIR में शामिल कराया जाएगा। इसके अलावा जो बेघर हैं और उन्होंने जो पोल नंबर दिया है या जहाँ का पता दिया है, उन तक फॉर्म पहुंचाए जाएंगे। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि 13,033 बीएलओ एसआईआर की प्रक्रिया में भाग लेंगे। प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त 32,429 बीएलए-2 प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।

    दिल्ली में वर्तमान में कुल मतदाताओं की संख्या 1,45,10,298 (लगभग 1.45 करोड़) हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 77,11,132 है, जबकि महिला मतदाताओं का आंकड़ा 67,98,142 है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी में 1,024 थर्ड जेंडर मतदाता भी रजिस्टर्ड हैं। जनवरी 2026 के बाद से 16 जून तक 2,48,992 नए मतदाता लिस्ट में शामिल हुए हैं।

    इन 5 वजहों से कटेगा नाम
    बीएलओ के पहुंचने पर यदि आप उन्हें नहीं मिलते हैं और ऐसा तीन बार आने पर भी हो तो नाम कटेगा। कहीं और शिफ्ट हुए हैं और एड्रेस चेंज नहीं कराया है तो नाम कटेगा। जिनकी मृत्यु हुई है, उनका नाम हटेगा। अगर दो जगहों पर नाम है तो एक जगह काटा जाएगा। विदेशी नागरिक हैं तो प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे।

    महत्वपूर्ण तारीखें
        30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।
        5 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी।
        5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
        5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियों का निवारण किया जाएगा।
        7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

    दिल्ली के लोग ऐसे खोज सकते हैं अपना नाम
        www.ceo.delhi.gov.in पर जाएं।
        जहां आपको सर्च बाय EPIC नंबर, इलेक्टर डिटेल और पोलिंग स्टेशन के विकल्प दिखाई देंगे।
        इनसे आप 2002 की मतदाता सूची की डिटेल्स निकाल सकते हैं। यदि 2002 का EPIC नंबर मालूम है तो अपना नंबर और कैप्चा एंटर करें।
        अगर इलेक्टर डिटेल से सर्च करना चाहते हैं तो इसके ऑप्शन में जाकर AC नंबर, इलेक्टर नंबर, रिलेटिव का नाम पैरेंट्स या ग्रैंड पैरेंट्स का नाम, हाउस नंबर, जेंडर और कैप्चा भरें।
        अगर आपको हाउस नंबर या AC नंबर नहीं पता तो कोई भी दो या तीन विकल्प भरकर सर्च कर सकते हैं।
        सर्च बाय पोलिंग स्टेशन विकल्प में AC नंबर और पोलिंग स्टेशन का नाम भरकर सर्च करें और अपना नाम देखें।
        आखिर में अपने रिश्तेदार या माता-पिता का या ग्रैंड पैरेंट्स का नाम, AC का नाम या AC नंबर और लास्ट SIR की जानकारी नोट करके रख लें।
        इसे एन्यूमरेशन फॉर्म में भरना होगा। जो लोग डिजिटल माध्यम अपनाना चाहते हैं, वे सीधे www.voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन भी इस फॉर्म को भर सकते हैं, लेकिन बीएलओ इसका सत्यापन करेंगे।
        इसके अलावा ECINET ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करके अपना नाम आसानी से खोजा जा सकता है।
        नए मतदाता माता-पिता और दादा-दादी की जानकारी से अपना नाम जुड़वा सकते हैं।

    हेल्प डेस्क, टोल-फ्री नंबर और बुक-ए-कॉल सर्विस
    चुनाव से जुड़ी किसी भी पूछताछ के लिए चुनाव आयोग का टोल-फ्री नंबर 1950 है। इसके अलावा ईसीआई ने 'ECINet' पर एक खास 'Book-A-Call' सुविधा भी दी है, जिससे लोग सीधे अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क साध सकते हैं। दिल्ली के सभी जिला मुख्यालयों और विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता केंद्रों पर विशेष हेल्पडेस्क भी बनाई गई है, जिन्हें दिल्ली चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर देखा जा सकता है। इसके अलावा एन्यूमरेशन फॉर्म पर भी बीएलओ का नंबर लिखा होगा, जिसे कॉल कर मदद ली जा सकती है।

  • वोटर लिस्ट सुधार अभियान तेज: SIR में जानें कैसे होगा नाम जोड़ने और हटाने का काम

    वोटर लिस्ट सुधार अभियान तेज: SIR में जानें कैसे होगा नाम जोड़ने और हटाने का काम

    नई दिल्ली
    देश के इलेक्शन कमिशन की ओर से चलाए जा रहे SIR (स्पेशल इंटेसिव रिवीजन) अभियान का मकसद वोटर लिस्ट को सही, पारदर्शी और अपडेट करना है। इसके तहत यह देखा जा रहा है कि कहीं कोई सही और पात्र वोटर इस लिस्ट से छूट न जाए और कोई भी गलत या अपात्र वोटर इसमें शामिल न हो जाए। दिल्ली जैसे शहर में यह काम और भी अहम हो जाता है क्योंकि यहां बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से आकर रहते है। एनसीआर और आसपास के शहरों जैसे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद आदि से लोग यहां आकर रहते है। जॉब, पढाई या कारोबार की वजह से भी लोग अक्सर घर बदलते है। ऐसे में समय के साथ वोटर लिस्ट में गलतियां, डुप्लिकेट नाम या पुराने रिकॉर्ड बने रह सकते है। SIR का मकसद इन्हीं कमियों को दूर करना है।

    SIR की प्रक्रिया एक नजर में
    कर्मचारियों की ट्रेनिंग: 20 जून से 29 जून तक
    BLO घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे: 30 जून से 29 जुलाई तक
    पहली वोटर लिस्ट जारी: 5 अगस्त
    नाम जोड़ने और सुधार का मौका: 5 अगस्त से 4 सितंबर तक
    नोटिस और शिकायतों की जांच: 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक
    अंतिम वोटर लिस्ट जारी: 7 अक्तूबर
    नोट: दिल्ली के साथ यही तारीखे कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र और झारखंड की है।
    क्या करना है आपको?
    जब तक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर पर दस्तक नहीं देता, तब तक यह पता कर सकते हैं कि आपका नाम 2002 की दिल्ली की वोटर लिस्ट में है या नहीं। इस पूरे अभियान में 2002 की वोटर लिस्ट की अहम आधार माना गया है। लिस्ट में अपना नाम देखने के लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट ceodelhi.gov.in पर जाएं। वेबसाइट में दिल्ली मतदाता सूची 10.01.2002 को

        प्रकाशित (गहन संशोधन, 2002) में नाम तलाशें। इसके अलावा ये जानकारियां तैयार रखेंः
        विधानसभा क्षेत्र का नाम और नंबर
        वोटर आईडी की डिटेल्स
    दस्तक से असली काम शुरू
        अभियान के तहत 30 जून से बीएलओ पूरी दिल्ली में घर-घर आकर वेरीफिकेशन करेंगे।
        वे घर आकर गणना प्रपत्र (एनुमरेशन फॉर्म) के दो सेट देंगे। भरकर एक फॉर्म वापस देना है, और दूसरा अपने पास रखना होगा
        चाहें तो इसे नागरिक सेवा पोर्टल voters.eci gov.in पर भरकर भी जमा कर सकते हैं।
        शुरुआती चरण में डॉक्युमेंट्स की जरूरत नहीं।
        अगर 2002 की वोटर लिस्ट में जानकारियां हैं तो बिना परेशानी आपका नाम इसमें दर्ज हो जाएगा।

    तीन बार होगी घर पर दस्तक
        अगर बीएलओ पहली बार आए और घर बंद मिले तो आपका नाम कट नहीं जाएगा।
        बीएलओ कम से कम तीन बार आपके घर आएगा।
        हर बार सूचना छोड़ सकता है।
        जरूरत पड़ने पर आसपास के लोगों से भी जानकारी ली जा सकती है।
        इसलिए अगर जॉब या किसी दूसरी वजह से दिनभर घर से बाहर रहते हैं तो फैमिली या पड़ोसियों को पहले से बता दें।

    नाम है, नहीं है या बाहर से आए हैं तो…
        अगर नाम है: अगर आपका नाम 2002 की दिल्ली वोटर लिस्ट में है तो कोई परेशानी की बात ही नहीं। फॉर्म में यही बताने से आपका नाम दर्ज हो जाएगा।
        अगर नाम नहीं है: अगर आपका नाम नहीं है, लेकिन माता-पिता, दादा-दादी या किसी रिश्तेदार का नाम लिस्ट में है तो उनके नाम और जानकारी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
        2002 के बाद आए है: दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से आकर रह रहे है। ऐसे में उनके नाम दिल्ली की 2002 वाली लिस्ट में नहीं होंगे। ऐसे वोटर अपने पुराने राज्य की 2002, 2003 या 2005 की वोटर लिस्ट में

    मौजूद ये जानकारियां तैयार रखें
        पैरेंट्स का नाम
        राज्य का नाम
        विधानसभा क्षेत्र की जानकारी
        वोटर आईडी की डिटेल्स

    डॉक्यूमेंट्स की ज़रूरत कब पड़ेगी
    अगर आपका नाम या माता-पिता/रिश्तेदारों की डिटेल्स दिल्ली की 2002 की वोटर लिस्ट या किसी दूसरे राज्य की 2002, 2003 या 2005 की वोटर लिस्ट में भी नहीं मिलतीं तो कुछ डॉक्यूमेंट्स मंगे जा सकते हैं। ऐसे मामलों में वेरीफिकेशन किया जा सकता है और चुनाव अधिकारियों की ओर से स्क्रूटनी के बाद ही फैसला लिया जाएगा।

    ये डॉक्यूमेंट्स मांगे जा सकते हैं
        सरकारी कर्मचारी या पेशनर का
        पहचान पत्र/PPO1 जुलाई 1987 से
        पहले सरकारी संस्था, बैंक, डाकघर, LIC या PSU से जारी पहचान पत्र या सर्टिफिकेट
        बर्थ सर्टिफिकेट
        पासपोर्ट
        10वी या अन्य प्रमाण
        पत्र स्थायी निवास प्रमाण पत्र वन
        अधिकार प्रमाण पत्र
        OBC, SC/ST अन्य जाति प्रमाण पत्र
        NRC का रिकॉर्ड (जहां लागू हो)
        परिवार रजिस्टर
        सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान
        आवंटन प्रमाण पत्र
        आधार कार्ड

    ASDDF की स्थिति में कटेगा नाम
    A-Absent (अनुपस्थित): वह शख्स उस पते पर नहीं रहता और उसका पता भी नहीं चल पा रहा।
    S-Shifted (दूसरी जगह जाना): वह शख्स परमानेंट शिफ्ट कर चुका है।
    D-Dead (मृत्यु): उस शख्स की मृत्यु हो चुकी हो
    D-Duplicate (डुप्लिकेट): एक ही शख्स का नाम एक से ज्यादा बार दर्ज है।
    F-Foreign (विदेशी): यह शख्स भारतीय नागरिक नहीं है
    5 अगस्त के बाद आपका सबसे अहम रोल
    घर-घर वेरीफिकेशन और फॉर्म भरने व जमा कराने की प्रक्रिया के बाद सबसे अहम तारीख होगी 5 अगस्त क्योंकि इस दिन मसौदा वोटर लिस्ट जारी होगी। यहीं से आपकी जिम्मेदारी बढ़ जाएगा। मसौदा लिस्ट आने के बादः

    5 अगस्त के बाद आपका सबसे अहम रोल
    घर-घर वेरीफिकेशन और फॉर्म भरने व जमा कराने की प्रक्रिया के बाद सबसे अहम तारीख होगी 5 अगस्त क्योंकि इस दिन मसौदा वोटर लिस्ट जारी होगी। यहीं से आपकी जिम्मेदारी बढ़ जाएगा। मसौदा लिस्ट आने के बादः

        अपना नाम जरूर चेक करें। इसके लिए voters.eci.gov.in में मतदाता सूची डाउनलोड करने के ऑप्शन में जाना होगा।
        नाम, पता और दूसरी जानकारियां मिलाएं।
        कोई गलती हो तो सुधार के लिए आवेदन करें।
        नाम गायब हो तो दावा दर्ज कराएं।
        नोटः 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा और आपत्ति यानी नाम न होने पर उसे जोड़ने या कोई गलती होने पर उसे सुधारने के लिए आवेदन कर सकते है।

    नाम नहीं या गलती है तो…
        voters.eci.gov.in में शिकायत दर्ज करें। सुझाव साझा करें का ऑप्शन मिलेगा। इसमें जाने पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर/ईमेल आईडी /एपिक नंबर के जरिए इसे सही करा सकते है।
        अपने बीएलओ से बात कर सकते हैं।
    7 अक्टूबरः फाइनल लिस्ट
    7 अक्टूबर को फाइनल लिस्ट होगी, जो वोटर सेंटर पर मिलेगी। इसके अलावा वेबसाइट ceodelhi. gov.in पर भी देख सकते है। अगर फाइनल लिस्ट में भी नाम नहीं दिखता तो 15 दिनों में जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) या जिला मजिस्ट्रेट (DM) के पास अपील कर सकते हैं।

    अगर होंगे 18 साल के
    1 अक्टूबर 2026 तक 15 साल के होने वाले युवा भी मतदाता बन सकेंगे। ऐसे युवाओं को एनुमरेशन फॉर्म नहीं दिया जाएगा। वे अब पहली वोटर लिस्ट जारी होने के बाद फॉर्म-6 भरकर अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराने के लिए आवेदन कर पाएंगे। ceodelhi.gov.in पर आवेदन करेंगे।
    बिलकुल डरें नहीं
    सिर्फ इसलिए कि आपने कोई डॉक्यूमेंट जमा नहीं किया या BLO पहली बार मिलने नहीं आया, आपका नाम नहीं हटाया जाएगा। अगर किसी मामले में संदेह होता है तो पहले जांच होगी, फिर जरूरत पड़ने पर नोटिस जारी किया जाएगा। वोटर को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। इसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।

     

     

  • SIR विवाद पर गरमाई राजनीति, AAP सांसद बोले- बंगाल और बिहार के बाद अब पंजाब की बारी नहीं आने देंगे

    SIR विवाद पर गरमाई राजनीति, AAP सांसद बोले- बंगाल और बिहार के बाद अब पंजाब की बारी नहीं आने देंगे

    चंडीगढ़
    आम आदमी पार्टी के लोकसभा सांसद मलविंदर सिंह कांग ने पंजाब में एसआईआर को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसको लेकर बीजेपी पर भी हमला बोला है। X पर पोस्ट करते हुए सांसद ने कहा मेरे प्यारे पंजाबियों, अब समय आ गया है कि हम सब जागें। 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार  एसआईआर के नाम पर वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर बदलाव करने की तैयारी कर रही है। यह प्रक्रिया बिना किसी ठोस कारण के हमारे लोकतंत्र की जड़ों को हिला रही है।  

    हर वैध वोटर के लिए लड़ेंगे लड़ाई 
    बिहार में हाल ही में एसआईआर के दौरान 65 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए। वहीं, बंगाल में 91 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए जो कुल वोटर के करीब 12% थे। उन्होंने कहा इसके बाद बीजेपी मुस्कराते हुए चली गई। अब वही मशीनरी पंजाब को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा हम पंजाब में बिहार और बंगाल जैसा नहीं होने देंगे। हम हर एक वैध वोटर को लेकर लड़ाई लड़ेंगे।   

     बता दें कि पंजाब में 25 जून से मतदाता सूचियों की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का काम शुरू हो जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी गई है। एसआईआर से पहले इसी संदर्भ पंजाब में चल रहे प्री मैपिंग का काम भी 83.69 प्रतिशत पूरा हो चुका है। बीएलओ एन्युमरेशन फॉर्म लेकर घर-घर तक जाएंगे। इसके लिए 24453 बीएलओ, 2476 सुपरवाइजर, 117 ईआरओ और 234 एईआरओ का सरकारी अमला भी तैयार है।

    एसआईआर की प्रक्रिया
    – एसआईआर के तहत पंजाब में 25 जून से 24 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं के एन्युमरेशन फॉर्म भरवाएंगे।
    – प्रत्येक बीएलओ को औसतन 300 घर और 1200 मतदाता एसआईआर के लिए दिए गए हैं।
    – बीएलओ को प्रशिक्षण देने और अन्य तैयारियों संबंधी काम 15 से 24 जून तक किया जाएगा।
    – सूबे के सभी मतदाताओं को एसआईआर के तहत संबंधित फॉर्म भरना होगा।
    – एसआईआर के तहत 1 जनवरी 2003 की मतदाता सूची से साल 2025 की मतदाता सूची का मिलान किया जाएगा।
    – पोलिंग स्टेशनों की रेशनलाइजेशन का काम 24 जुलाई को होगा और मतदाता सूची का मसौदा 31 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा।
    – मतदाता सूचियों संबंधी आपत्तियां और दावे 31 जुलाई से 30 अगस्त तक पेश जा सकते हैं। निपटारा 31 जुलाई से 28 सितंबर तक होगा।
    – अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 01 अक्तूबर को होगा।

     

  • SIR प्रक्रिया पूरी: मध्य प्रदेश में वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, 21 फरवरी को जारी होगी फाइनल सूची

    SIR प्रक्रिया पूरी: मध्य प्रदेश में वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, 21 फरवरी को जारी होगी फाइनल सूची

    भोपाल
    मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के अंतर्गत प्राप्त 95 प्रतिशत दावे-आपत्तियों का निराकरण कर लिया गया है। एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम, उपनाम और आयु में कुछ त्रुटियां थीं, जिन्हें सुधरवाया गया है। वहीं, जिन साढ़े चार लाख मतदाताओं ने अधूरे गणना पत्रक जमा किए थे, उनकी भी सुनवाई कर ली गई है।

    मतदाता सूची में करीब आठ लाख नए नाम जुड़ेंगे और एक लाख हटेंगे। यह प्रक्रिया शनिवार को पूरी करने के बाद अब 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि प्रारूप मतदाता सूची के आधार पर हुए दावे-आपत्ति का निराकरण जिलों में कराया गया है। जो भी आवेदन प्राप्त हुए उनका परीक्षण रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने कराया है।
     
    एसआईआर में जिनके गणना पत्रक अधूरे थे, उन्हें नोटिस देकर शिविर में बुलाया गया और यदि दस्तावेज पूरे थे तो उनके पक्ष में आदेश पारित किए गए। इसी तरह साफ्टवेयर ने जिन त्रुटियों को पकड़ा था, उन्हें भी दूर कराया गया है। उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने केवल शाब्दिक या आयु गणना की त्रुटि के कारण जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, उनके नाम सूची से नहीं हटाने के लिए कहा था।

    वहीं, कांग्रेस, भाजपा सहित अन्य दलों के प्रतिनिधियों द्वारा जो शिकायतें की गई थीं, उनका भी निराकरण करवाया गया है। यदि नाम नही जुड़ा तो आगे भी विकल्प – यदि किसी पात्र मतदाता का नाम किसी भी कारण से इस सूची में शामिल नहीं हो पाता है तो ऐसा नहीं है कि उसका नाम आगे शामिल नहीं होगा। यह एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। वह फार्म छह भरकर अपना नाम जुड़वा सकेगा। इसी तरह नाम, पता आदि जानकारी में संशोधन भी फार्म आठ के माध्यम से हो सकेगा।

    सूची प्रकाशन के बाद सत्यापन कराएगी कांग्रेस
    उधर, कांग्रेस ने तय किया है कि 21 फरवरी को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद कांग्रेस बूथवार सूची का सत्यापन कराएगी। इसमें पार्टी की ओर से जो आपत्तियां की गई थीं, उनका निराकरण नहीं हुआ तो फिर चुनाव आयोग को शिकायत की जाएगी।