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  • CM मोहन यादव का ग्लोबल इन्वेस्टर्स को न्योता, Dubai AIM Congress 2026 में बोले- मध्यप्रदेश में निवेश के अपार अवसर

    CM मोहन यादव का ग्लोबल इन्वेस्टर्स को न्योता, Dubai AIM Congress 2026 में बोले- मध्यप्रदेश में निवेश के अपार अवसर

    दुबई में एआईएम कांग्रेस-2026 के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का न्योता

    मध्यप्रदेश में फाइलें डेस्क पर नहीं रुकेंगी, सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी” : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    वैश्विक बाजारों और नए निवेश की संभावनाओं का विस्तार

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 में दुनिया भर के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के विशाल घरेलू बाजार के केंद्र में स्थित है और मजबूत कनेक्टिविटी, विकसित औद्योगिक आधार तथा निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण तेजी से देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को हर स्तर पर पूरा प्रशासनिक सहयोग मिलेगा और सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस-2026 के आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह मंच पारंपरिक निवेश से आगे बढ़कर वैश्विक नवाचार, आर्थिक साझेदारी और नए अवसरों का सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था, भू-राजनीतिक परिस्थितियां, आपूर्ति शृंखलाओं में बदलाव, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और हरित विकास आज निवेश की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे समय में सतत और समावेशी भविष्य के लिए वैश्विक समृद्धि के नए निवेश मार्ग इस आयोजन की थीम बेहद प्रासंगिक है।

    भारत-यूएई संबंधों को नई आर्थिक ऊर्जा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात के संबंध आज अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूएई के शीर्ष नेतृत्व के बीच बने गहरे विश्वास ने दोनों देशों के संबंधों को नई रणनीतिक और आर्थिक ऊर्जा दी है। वर्ष 2022 में लागू व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते सीईपीए ने व्यापार, निवेश, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सहयोग के लिए नए अवसर खोले हैं। उन्होंने कहा कि भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है और वर्ष 2032 तक इसे 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मध्यप्रदेश में फाइलें डेस्क पर नहीं रुकेंगी, सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में उन्हें हर स्तर पर पूर्ण प्रशासनिक सहयोग और व्यक्तिगत प्रतिबद्धता मिलेगी। उन्होंने कहा कि आपकी फाइलें सरकारी दफ्तरों की डेस्क पर इंतजार नहीं करेंगी, सरकार स्वयं आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को तेजी से धरातल पर उतारने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने यूएई और दुनिया भर के निवेशकों को खाद्य प्रसंस्करण एवं एग्री-बिजनेस, टेक्सटाइल एवं गारमेंट्स, फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा तथा डिजिटल अवसंरचना, डेटा सेंटर और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

    कृषि और फूड प्रोसेसिंग में बड़ी संभावना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और यूएई की अर्थव्यवस्थाओं में अनेक समानताएं हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। विशेष रूप से कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश यूएई और पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए विश्वसनीय और दीर्घकालिक आपूर्ति साझेदार बन सकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख कृषि राज्यों में शामिल है। सोयाबीन, गेहूं, दालों, मक्का, मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के साथ प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यूएई अपनी खाद्य जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। ऐसे में मध्यप्रदेश के लिए खाड़ी क्षेत्र एक बड़ा और स्थायी बाजार बन सकता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई जैसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार से प्रदेश के कृषि उत्पादों को जोड़ने से किसानों को बेहतर बाजार और उनकी उपज के बेहतर मूल्य मिल सकते हैं। इसके साथ ही कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, भंडारण और फूड प्रोसेसिंग में निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    चंदेरी-महेश्वरी से वैश्विक टेक्सटाइल वैल्यू चेन तक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की समृद्ध वस्त्र परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि चंदेरी और महेश्वरी जैसी पारंपरिक पहचान को आधुनिक टेक्सटाइल पार्क और गारमेंट निर्माण से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश का लक्ष्य वैश्विक टेक्सटाइल वैल्यू चेन में महत्वपूर्ण स्थान बनाना है। उन्होंने कहा कि फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीथमपुर, मंडीदीप और मालनपुर जैसे औद्योगिक केंद्र ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाईटेक विनिर्माण के मजबूत आधार बन चुके हैं। ऑप्टिकल फाइबर और उन्नत विनिर्माण इकाइयों की स्थापना से मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता और मजबूत हुई है।

    एआईएम कांग्रेस से मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक म.प्र. की पहुंच

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूएई केवल मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ा बाजार नहीं है, बल्कि मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक पहुंचने का महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार भी है। वहीं मध्यप्रदेश भौगोलिक रूप से भारत के विशाल घरेलू बाजार के केंद्र में स्थित है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा, विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क, विकसित औद्योगिक क्षेत्र और बहु-माध्यम लॉजिस्टिक्स प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनाते हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस के दौरान दुबई के बिजनेस बे स्थित ताज दुबई में मध्यप्रदेश के 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' और भौगोलिक संकेतक उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। प्रदर्शनी में बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कारपेट प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने से स्थानीय कारीगरों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित होंगे।

    अरब संसद अध्यक्ष से भी हुई अहम चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से मुलाकात कर अरब देशों और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी अवसंरचना के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहम्मद अहमद अल यामाही और उनके नेतृत्व वाले अरब व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश आने तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया।

    एआईएम कांग्रेस से मध्यप्रदेश के लिए वैश्विक बाजारों और नए निवेश के रास्ते होंगे मजबूत

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और यूएई की साझेदारी केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पारस्परिक समृद्धि और साझा भविष्य की साझेदारी है। भारतीय संस्कृति के वसुधैव कुटुंबकम् के भाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने यूएई सरकार, वहां के व्यापारिक संगठनों और दुनिया भर के निवेशकों से मध्यप्रदेश आने और नई आर्थिक साझेदारी की शुरुआत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निवेश को विकास और विकास को जनकल्याण से जोड़ते हुए मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश, विनिर्माण और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए मिलकर काम करना है।

     

  • MP और रास अल खैमाह के बीच बढ़ेगा औद्योगिक सहयोग! CM मोहन यादव ने शासक शेख सौद से की चर्चा

    MP और रास अल खैमाह के बीच बढ़ेगा औद्योगिक सहयोग! CM मोहन यादव ने शासक शेख सौद से की चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रस-अल-खैमा के शासक शेख सौद बिन सकर अल कासिमी से की मुलाकात

    मध्यप्रदेश और रास अल खैमाह के बीच निवेश एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर हुई चर्चा

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने दुबई प्रवास के दूसरे दिन संयुक्त अरब अमीरात की सुप्रीम काउंसिल के सदस्य एवं रस-अल-खैमा के शासक शेख सौद बिन सकर अल कासिमी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण और प्रदेश में उपलब्ध विभिन्न औद्योगिक और व्यवसायिक अवसरों की जानकारी दी।बैठक में मध्यप्रदेश और रस-अल-खैमा के बीच निवेश संवर्धन, औद्योगिक सहयोग, निवेशकों के संपर्क और बाजार पहुंच बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।

    विभिन्न क्षेत्रों में निवेश एवं सहयोग की संभावनाओं पर हुई चर्चा

    दोनों प्रमुखों के मध्य सिरेमिक एवं निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स एवं मेडिकल डिवाइस, पर्यटन एवं आतिथ्य, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सेक्टर्स में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए दोनों पक्षों के बीच संस्थागत समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया।

    निवेशकों को मध्यप्रदेश में भूमि की पहचान, आवश्यक अनुमतियों, अधोसंरचना से जुड़ी सुविधाओं और राज्य-स्तरीय नोडल सहयोग के माध्यम से समयबद्ध सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में भी चर्चा हुई। रस-अल खैमा की कंपनियों एवं संस्थानों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करने और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग की संयुक्त रूप से पहचान करने का प्रस्ताव रखा गया।

    रस-अल-खैमा विनिर्माण, सिरेमिक, निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में स्थापित केंद्र है। वहीं मध्यप्रदेश अपनी केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, प्रतिस्पर्धी लागत, उपलब्ध औद्योगिक भूमि, स्थापित अधोसंरचना और सिंगल विंडो सुविधा के माध्यम से निवेशकों को भारतीय बाजार तक प्रभावी पहुंच उपलब्ध करता है। बैठक में दोनों पक्षों की पूरक क्षमताओं के आधार पर सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई।

     

  • MP में निवेश की बंपर संभावनाएं! AI, डिफेंस, फूड प्रोसेसिंग समेत इन सेक्टर्स पर CM मोहन यादव का फोकस

    MP में निवेश की बंपर संभावनाएं! AI, डिफेंस, फूड प्रोसेसिंग समेत इन सेक्टर्स पर CM मोहन यादव का फोकस

    निवेश के लिए मध्यप्रदेश बना देश का नया ग्रोथ हब

     AI-डेटा से डिफेंस और फूड प्रोसेसिंग तक हर सेक्टर में अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    25 से ज्यादा नई नीतियां लागू
    1.10 करोड़ से अधिक लोगों को MSME सेक्टर में रोजगार

    भोपाल
    मध्यप्रदेश अब निवेश, उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। दुबई यात्रा के पहले दिन पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश की दृष्टि से हर क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। फूड प्रोसेसिंग यूनिट, टेक्सटाइल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेक्टर, ड्रोन, डिफेंस और साइंस सिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश के लिए राज्य में अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर क्षेत्र की स्थानीय क्षमता को पहचानकर उसे उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसरों में बदलना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में व्यापार को सुगम बनाने की दिशा में जो पहल की है, मध्यप्रदेश में उसे प्रभावी रूप से लागू किया गया है। राज्य सरकार ने कई अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया है और 25 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। इन नीतिगत सुधारों के परिणामस्वरूप प्रदेश में बड़े उद्योगों की स्थापना में तेजी आई है और निवेशकों के लिए कारोबारी माहौल अधिक अनुकूल हुआ है।

    MSME सेक्टर में 1.10 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था में MSME सेक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में 1 करोड़ 10 लाख से अधिक लोग MSME क्षेत्र में कार्यरत हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार ने शासकीय सेवाओं में नई भर्तियां भी लागू की हैं। प्रदेश में बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है और निर्यात के क्षेत्र में भी राज्य लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। वर्ष 2026-27 में मध्यप्रदेश से 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है।उन्होंने कहा कि सरकार की व्यापार हितैषी नीतियों का उद्देश्य बड़े निवेश को आकर्षित करने के साथ स्थानीय उद्यमों को भी विस्तार के अवसर उपलब्ध कराना है। निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण और आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे उद्योगों की स्थापना और संचालन दोनों को सुगम बनाया जा सके।

    AI, डेटा, ड्रोन और डिफेंस पर विशेष फोकस

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश ने AI, डेटा, ड्रोन और डिफेंस जैसे नए क्षेत्रों को विशेष रूप से प्रमोट किया है। प्रदेश में तीन नए IT पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जो रीवा, इंदौर और उज्जैन में बन रहे हैं। इनसे तकनीकी उद्योगों, स्टार्टअप और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।उन्होंने कहा कि प्रदेश में साइंस सिटी भी विकसित की जा रही है। विज्ञान, तकनीक, नवाचार और नई पीढ़ी के कौशल विकास के लिहाज से यह महत्वपूर्ण पहल है।

     जमीन, बिजली, पानी और ग्रीन एनर्जी की पर्याप्त उपलब्धता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों की स्थापना के लिए आवश्यक बुनियादी संसाधनों के मामले में मध्यप्रदेश की स्थिति बेहद मजबूत है। प्रदेश के पास पर्याप्त लैंड बैंक और भूमि, सरप्लस बिजली तथा पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हैं। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पंप लोड और अन्य बुनियादी जरूरतों को पूरा करने की क्षमता प्रदेश में है।उन्होंने कहा कि उद्योगों के लिए भूमि और संसाधनों के साथ बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आवागमन की सुविधा भी जरूरी है। मध्यप्रदेश ने इस दिशा में भी अपनी कनेक्टिविटी को मजबूत किया है। यही वजह है कि प्रदेश देशभर के निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में दुनिया की सबसे सस्ती बिजली बन रही है। सस्ती बिजली, ग्रीन एनर्जी, पर्याप्त भूमि, पानी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का संयोजन प्रदेश को निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी बनाता है। इन सुविधाओं और नीतिगत लाभों के आधार पर मध्यप्रदेश अन्य राज्यों को प्रतिस्पर्धा दे रहा है।

    नीतियां बनीं निवेश की ताकत, लाभ जमीन पर पहुंचा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरकार ने केवल नीतियां बनाने तक खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि निवेशकों को नीतियों के आधार पर मिलने वाले लाभ प्रभावी रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। व्यापार हितैषी नीतियों के साथ निवेशकों के लिए आवश्यक सुविधाओं और अनुकूल वातावरण का निर्माण किया गया है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापार सुगमता के लिए किए गए सुधारों को मध्यप्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू करने का परिणाम है कि बड़े उद्योगों की स्थापना तेजी से हो रही है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

    रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से जिला स्तर तक पहुंचेगा उद्योग

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय उद्योगों और निवेश को प्रोत्साहित करने के नए अवसर तैयार किए गए हैं। इस पहल की देशभर में सराहना हुई है।अब सरकार का फोकस जिला स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार पर है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं को चिन्हित कर उन्हें उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसरों में बदला जा रहा है। इससे औद्योगिक विकास बड़े शहरों तक सीमित न रहकर जिलों और स्थानीय क्षेत्रों तक पहुंचेगा।

    शिक्षा और स्वास्थ्य को रोजगारोन्मुख बनाने पर जोर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश के साथ कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी जरूरी है। इसी दृष्टिकोण से प्रदेश में शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी इसी दृष्टिकोण से सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि बेहतर सेवाओं के साथ इस क्षेत्र में भी रोजगार और निवेश की संभावनाएं बढ़ें।

    भोपाल-इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, चार नए एयरपोर्ट की तैयारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश और पर्यटन के लिए बेहतर एयर कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है। भोपाल और इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन हो रहा है। प्रदेश में चार और नए एयरपोर्ट विकसित किए जाने की तैयारी है। ग्वालियर और जबलपुर भी एयर कनेक्टिविटी के लिहाज से तैयार हैं और भविष्य में यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की संभावनाएं हैं।उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के कारण मध्यप्रदेश देश और दुनिया से तेजी से जुड़ रहा है। इसका सीधा लाभ उद्योग, व्यापार, निवेश और पर्यटन को मिल रहा है।

     महाकाल लोक के बाद पर्यटन में बड़ा उछाल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के साथ पर्यटन के क्षेत्र में भी देश का बड़ा प्लेयर बनकर उभरा है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मध्यप्रदेश में करीब 14 करोड़ बाहरी पर्यटकों का आगमन हुआ है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विस्तार से होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद, फूड प्रोसेसिंग और सेवा क्षेत्र में भी रोजगार एवं निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। मध्यप्रदेश अब देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ निवेश के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

    हर क्षेत्र की क्षमता को निवेश और रोजगार में बदलने का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में फूड प्रोसेसिंग से लेकर टेक्सटाइल, IT, AI, डेटा, ड्रोन, डिफेंस और पर्यटन तक प्रत्येक क्षेत्र में उद्योग लगाने की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश के पास पर्याप्त भूमि, बिजली, पानी, ग्रीन एनर्जी, लैंड बैंक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और तेजी से विकसित हो रही एयर कनेक्टिविटी जैसी ताकतें हैं।उन्होंने कहा कि सरकार ने नीतिगत सुधारों के साथ ऐसा निवेश इकोसिस्टम तैयार किया है, जिसमें स्थानीय संसाधनों और संभावनाओं को उद्योगों से जोड़ा जा रहा है। मध्यप्रदेश का लक्ष्य स्पष्ट है—प्रदेश की क्षमता को निवेश में, निवेश को उत्पादन में और उत्पादन को रोजगार में बदलना।

  • दुबई में मध्यप्रदेश का ग्लोबल शोकेस! निवेश, व्यापार और उद्योग के साथ सांस्कृतिक विरासत का हुआ प्रदर्शन

    दुबई में मध्यप्रदेश का ग्लोबल शोकेस! निवेश, व्यापार और उद्योग के साथ सांस्कृतिक विरासत का हुआ प्रदर्शन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई में मध्यप्रदेश पवेलियन का किया उद्घाटन

    निवेश, व्यापार और औद्योगिक अवसरों के साथ मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का हुआ प्रदर्शन

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई प्रवास के दूसरे दिन एआईएम कांग्रेस-2026 में स्थापित मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन किया और उपस्थित निवेशकों से चर्चा की।मध्यप्रदेश पवेलियन में प्रदेश की निवेश एवं व्यापार संभावनाओं, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश-अनुकूल नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को प्रदर्शित किया गया है। इससे वैश्विक निवेशकों, सॉवरेन फंड्स, मल्टीनेशनल कॉरपोरेशन, व्यापार संगठनों और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों को प्रदेश में निवेश संभावनाओं की जानकारी मिलेगी।पवेलियन के माध्यम से मध्यप्रदेश को “द लैंड ऑफ इनफिनिट पॉसिबिलिटी” के रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है।

    मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं को किया गया प्रस्तुत

    मध्यप्रदेश पवेलियन में राज्य की रणनीतिक केंद्रीय अवस्थिति, औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, लैंड बैंक, अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल नीतियों को प्रदर्शित किया गया है। विनिर्माण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और उभरते उद्योगों में उपलब्ध क्षेत्र-विशिष्ट निवेश अवसरों की जानकारी भी पवेलियन में दी जा रही है।

    प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन

    पवेलियन में निवेश एवं व्यापार के साथ मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक एवं आर्थिक पहचान को भी वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य के जीआई टैग प्राप्त एवं ओडीओपी उत्पादों चंदेरी, महेश्वरी, बाटिक, जरी-जरदोजी, बेल मेटल और ग्वालियर कारपेट का चयनित प्रदर्शन किया गया है। इसके माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं के साथ हस्तशिल्प, वस्त्र, निर्यात, पर्यटन और रचनात्मक उद्योगों में उपलब्ध अवसरों को भी प्रदर्शित किया गया है।

    डिजिटल माध्यमों से निवेश अवसरों की दी जा रही जानकारी

    मध्यप्रदेश पवेलियन में व्यावसायिक संवाद स्थलों, डिजिटल डिस्प्ले, सेक्टरवार प्रस्तुतियों और निवेश सुविधा क्षेत्रों को एकीकृत किया गया है। इसके माध्यम से भारत में नए निवेश गंतव्यों की तलाश कर रहे अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी दी जा रही है।

    निवेशकों के साथ संवाद और व्यावसायिक बैठकों पर जोर

    पवेलियन में व्यावसायिक बैठकें, नेटवर्किंग सेशन और उत्पाद प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से वैश्विक बाजारों के साथ मध्यप्रदेश की सहभागिता को सुदृढ़ करने तथा निवेश, व्यापार साझेदारी और दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग के के अवसरों को बढ़ावा दिया जाएगा।

     

  • MP जहरीली शराब कांड में बढ़ा मौतों का आंकड़ा, 10 गिरफ्तार; CM मोहन यादव बोले- दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

    MP जहरीली शराब कांड में बढ़ा मौतों का आंकड़ा, 10 गिरफ्तार; CM मोहन यादव बोले- दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

    सागर 
    सागर में जहरीली शराब पीने से मौतों का आंकड़ा 18 पहुंच गया है। सोमवार सुबह महेश रावत (55) निवासी धुरमार ने बंडा अस्पताल, छापरी गांव की रहने वाली श्याम बाई अहिरवार (50) ने जिला अस्पताल और पापेट गांव निवासी कृष्ण कुमार लोधी ने मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ा।

    फिलहाल, 109 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस ने मामले में 30 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से 10 को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे शराब के नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा और यशवंत ठाकुर को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।

     सीएम मोहन यादव ने कहा-कड़ी कार्रवाई करेंगे

    सागर में मिलावटी शराब से मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 18  लोगों की मौतों की सूचना है। कई प्रभावित अस्पताल में भर्ती ​हैं जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। ऐसे में मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अस्पताल पहुंचकर प्रभावितों का हाल जाना और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस बीच मिलावटी शराब मामले में कई प्रतिष्ठित लोगों के शामिल होने की आशंका है। हालांकि सीएम मोहन यादव ने मामले में कड़ी कार्रवाई की बात कही है। सागर में शराब पीनेवालों की स्क्रीनिंग भी कराने की अपील की जा रही है।

    सागर में हुए शराब कांड पर बीजेपी सरकार पर विपक्षी हमलावर हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में सरकार के संरक्षण में अवैध शराब का कारोबार खुलेआम चल रहा है।

    परिजन बोले- शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत
    महेश के भतीजे श्रवण कुमार रावत ने बताया कि चाचा ने कल शाम को शराब पी थी‌‌, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी। वहीं, श्याम बाई के बेटे विट्ठल अहिरवार ने कहा- हम मामा के घर गमी में गए थे। मां घर में अकेली थी। उन्होंने गांव में किसी से मंगवाकर शराब पी ली।

    देर रात उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। सुबह उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई।

    राजेंद्र ने पूछा था- जहरीली शराब तो नहीं है
    बंडा थाने में दर्ज FIR के अनुसार, फरियादी अनूप सिंह लोधी ने बताया कि उसके गांव में करीब 8 लोग अवैध रूप से शराब बेचते हैं। 4 सितंबर को वह अपने भतीजे राजेंद्र लोधी के साथ जुझार लोधी की दुकान पर गया था।

    जुझार ने बताया कि बरेठी के लाइसेंसी शराब ठेकेदार यशवंत सिंह, मनीष लोधी और बंडा निवासी आशीष साहू ने आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रविंद्र, रोहित, अनिकेत गंधर्व और माखन के माध्यम से अपनी गाड़ी से नया सस्ता ब्रांड भेजा है। उसने कहा कि यह शराब दुकान से 20 रुपए सस्ती मिलेगी। अनूप ने कहा कि उसे आज शराब नहीं पीनी है। राजेंद्र ने पूछा कि नकली जहरीली शराब तो नहीं है।

    प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित
    अभी तक की जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि सागर में यूपी का रैकेट मिलावटी शराब की सप्लाई कर रहा था। सीएम मोहन यादव ने सागर जिले के प्रभारी मंत्री को तुरंत मौके पर पहुंचने को कहा है। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है।

    जुझार ने कहा- 20 रुपए सस्ती मिलेगी
    जुझार लोधी ने कहा- ब्रांड वही है और इसे मनीष व आशीष ने शराब के फार्मूले से बनाया है। उसने कहा कि यह बाजार से 20 रुपए सस्ती मिलेगी। राजेंद्र ने जुझार की दुकान से 70 रुपए में एक क्वार्टर देशी शराब खरीदी और पी।

    रात में घर लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां से सागर रेफर किया गया। इलाज के दौरान राजेंद्र की मौत हो गई। करतार सिंह लोधी और दिग्विजय सिंह लोधी की भी शराब पीने से मौत हुई।

    पुलिस ने इन लोगों पर दर्ज की एफआईआर
    पुलिस ने जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक, विशाल लोधी और राजा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, राम सिंह लोधी, चंद्रभान राजपूत, अरविंद यादव, भगवान सिंह और मान सिंह अहिरवार समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।

    ग्रामीण बोले- ततरवारा गांव से होती थी शराब की सप्लाई
    नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव में लंबे समय से अवैध शराब बनाई जा रही है। यहां से आसपास के गांवों में शराब की सप्लाई होती है।

    ग्रामीणों के मुताबिक, शराब बनाने के काम में कई प्रभावशाली और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग जुड़े हैं। उनकी दहशत के कारण ग्रामीण खुलकर नाम लेने से डरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय पुलिस भी ततरवारा गांव में शराब के खिलाफ कार्रवाई करने से कतराती है।

    10 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रहे
    एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि शराब मामले में बंडा और विनायका थाने में 25 से अधिक नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें थाने लाकर पूछताछ की जा रही है।

    उनसे शराब के नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें अलग-अलग स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। मामले के सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।

  • दुबई दौरे के दूसरे दिन निवेश पर फोकस, मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक संवाद कार्यक्रमों में होंगे शामिल

    दुबई दौरे के दूसरे दिन निवेश पर फोकस, मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक संवाद कार्यक्रमों में होंगे शामिल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को निवेश और वैश्विक संवाद कार्यक्रमों में करेंगे सहभागिता

    एआईएम कांग्रेस 2026 में मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं की प्रस्तुति, वैश्विक नेताओं और यूएई के वरिष्ठ नेतृत्व से होगा संवाद

    मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन और ‘इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश’ निवेश सत्र रहेगा प्रमुख आकर्षण
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआईएम सत्र को करेंगे संबोधित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के चार दिवसीय दुबई प्रवास का दूसरा दिन मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा। सोमवार, 7 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआईएम कांग्रेस 2026 में भाग लेंगे और विभिन्न देशों के राजनीतिक एवं शासन-स्तरीय प्रतिनिधियों, निवेशकों तथा यूएई के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ संवाद करेंगे। दिनभर के कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता, औद्योगिक संभावनाओं और वैश्विक साझेदारी के अवसरों को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा।

    दूसरे दिन मुख्यमंत्री एआईएम कांग्रेस 2026 के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे और मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन करेंगे। एआईएम कांग्रेस के मंच पर मध्यप्रदेश की औद्योगिक शक्ति, निवेश अवसरों और प्रदेश में उपलब्ध अनुकूल कारोबारी वातावरण को वैश्विक निवेश समुदाय के समक्ष प्रदर्शित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव संयुक्त अरब अमीरात के संघीय सर्वोच्च परिषद के सदस्य एवं रास अल खैमाह के शासक महामहिम शेख सऊद बिन सक्र अल कासिमी से शिष्टाचार भेंट भी करेंगे। यह मुलाकात मध्यप्रदेश और यूएई के बीच निवेश एवं आर्थिक सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी।

    एआईएम कांग्रेस के लीडर्स सेशन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों की उपस्थिति में संबोधित करेंगे। वैश्विक नेतृत्व के इस महत्वपूर्ण मंच पर मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश की विकास यात्रा, निवेश की संभावनाओं और राज्य में उद्योगों के लिए तैयार किए जा रहे अनुकूल इकोसिस्टम को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष रखेंगे। इसी मंच पर इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए वैश्विक निवेशकों को आमंत्रण भी दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की तातारस्तान गणराज्य, रूस के गवर्नर के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक मध्यप्रदेश और रूस के बीच औद्योगिक एवं निवेश सहयोग की संभावनाओं पर संवाद का महत्वपूर्ण अवसर होगी।

    दिवस का एक प्रमुख कार्यक्रम ‘इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश, इंडिया’ निवेश सत्र होगा। इस सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों के समक्ष मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता, प्रमुख सेक्टरों, औद्योगिक अधोसंरचना और निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री का संबोधन प्रदेश को एक विश्वसनीय और उभरते निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने पर केंद्रित रहेगा। इसके बाद यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयूदी की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव संबोधित करेंगे। यह संवाद भारत-मध्यप्रदेश और यूएई के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और व्यापक बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री महामहिम अब्दुल्ला बिन तौक अल मरी के साथ बैठक भी होगी। बैठक में निवेश, व्यापार, पर्यटन और आर्थिक सहयोग से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होगा। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विदेश व्यापार राज्य मंत्री एवं एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयूदी के साथ बैठक होगी।

    दुबई प्रवास के दूसरे दिन मुख्यमंत्री की लूलू ग्रुप इंटरनेशनल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक यूसुफ अली एम.ए. के साथ बैठक भी महत्वपूर्ण होगी। लूलू ग्रुप के साथ संवाद के माध्यम से मध्यप्रदेश में निवेश एवं व्यापार विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।

    दिवस के समापन पर दुबई के महावाणिज्य दूत द्वारा आयोजित रात्रिभोज में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता रहेगी।

     

  • दुबई से मध्यप्रदेश के निवेश मिशन को नई रफ्तार, CM डॉ. यादव बोले- निवेशकों के साथ मजबूत होगी विकास साझेदारी

    दुबई से मध्यप्रदेश के निवेश मिशन को नई रफ्तार, CM डॉ. यादव बोले- निवेशकों के साथ मजबूत होगी विकास साझेदारी

    दुबई में मध्यप्रदेश के वैश्विक निवेश मिशन की प्रभावशाली शुरुआत

    मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य निवेशकों के लिए दीर्घकालिक विकास साझेदारी का एक विश्वसनीय मंच तैयार करना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    पहले दिन प्रवासी भारतीय समुदाय, राजनयिक नेतृत्व और वैश्विक निवेश नेटवर्क से हुआ सशक्त संवाद
    दुबई में मध्यप्रदेश की शिल्प कला से जुड़ रहा वैश्विक समुदाय

    भोपाल

    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपने चार दिवसीय वैश्विक निवेश एवं व्यापारिक दौरे के प्रथम दिवस की शुरुआत विभिन्न उच्चस्तरीय गतिविधियों और महत्वपूर्ण संवादों के साथ की। इस दौरे का उद्देश्य मध्यप्रदेश को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), वैश्विक औद्योगिक साझेदारियों तथा दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग के लिए एक अग्रणी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। प्रतिनिधिमंडल 7 से 9 सितम्बर 2026 तक आयोजित एआईएम कांग्रेस 2026 में भाग लेकर राज्य की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश अवसरों और विकास दृष्टि को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा।

    दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत भारतीय मिशन के अधिकारियों द्वारा किया गया। इसके पश्चात होटल फॉर्च्यून एट्रियम में संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में जितेंद्र वैद्य के नेतृत्व में लगभग 50 प्रवासी भारतीयों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवासी भारतीय समुदाय को राज्य के विकास और वैश्विक ब्रांडिंग में महत्वपूर्ण साझेदार बताया।

    ओडीओपी एवं जीआई उत्पाद प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ताज दुबई, बिजनेस बे में आयोजित मध्यप्रदेश के ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) एवं भौगोलिक संकेतक (जीआई) उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का उद्घाटन कर मध्यप्रदेश की समृद्ध हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक कला विरासत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया।

    प्रदर्शनी में राज्य के छह विशिष्ट विरासत उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी तथा ग्वालियर कारपेट शामिल हैं। ये उत्पाद मध्यप्रदेश के पारंपरिक कौशल, सांस्कृतिक विविधता और निर्यात क्षमता का प्रतिनिधित्व करते हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य इन उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना, अंतर्राष्ट्रीय खरीददारों से जोड़ना तथा कारीगरों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित करना है।

    भारतीय राजनयिक नेतृत्व के साथ रणनीतिक विचार-विमर्श

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल तथा दुबई एवं नॉर्थ अमीरात के भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में यूएई में कार्यरत भारतीय मिशन की भूमिका, निवेश आकर्षण की संभावनाएं तथा मध्यप्रदेश और यूएई के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

    बैठक के दौरान राज्य में उपलब्ध औद्योगिक भूमि, विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी, निवेशक-अनुकूल नीतियों, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं तथा औद्योगिक अवसंरचना को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। साथ ही यूएई के संप्रभु निवेश कोषों, प्रमुख कॉर्पोरेट समूहों, व्यापारिक संगठनों और संस्थागत निवेशकों के साथ संपर्क स्थापित करने के लिये भारतीय मिशन के सहयोग का आग्रह किया गया। मुख्यमंत्री ने राजदूत और महावाणिज्य दूत को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में सक्रिय भागीदारी के लिए भी आमंत्रित किया।

    अरब संसद के अध्यक्ष के साथ उच्चस्तरीय संवाद

    प्रथम दिवस की एक अन्य महत्वपूर्ण गतिविधि अरब संसद के अध्यक्ष महामहिम मोहम्मद अहमद अल यामाही के सम्मान में आयोजित विशेष दोपहर भोज रहा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब देशों और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी अवसंरचना क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामहिम मोहम्मद अहमद अल यामाही तथा उनके नेतृत्व वाले अरब व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश का दौरा करने और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया। बैठक के दौरान खाद्य प्रसंस्करण, कृषि मूल्य श्रृंखला, कोल्ड चेन अवसंरचना, कृषि लॉजिस्टिक्स तथा दीर्घकालिक निर्यात सहयोग की संभावनाओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

    मुख्यमंत्री ने जीआईएस-2027 के लिए मध्य पूर्व और अफ्रीका क्षेत्र के अनेक देशों के संसदीय नेताओं एवं संसद अध्यक्षों को महामहिम यामाही द्वारा विशेष आमंत्रण प्रेषित किए। आमंत्रित गणमान्य व्यक्तियों में अल्जीरिया, बहरीन, कोमोरोस, जिबूती, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, लीबिया, मॉरिटानिया, मोरक्को, ओमान, फिलिस्तीन, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, सीरिया, ट्यूनीशिया, संयुक्त अरब अमीरात तथा यमन के संसदीय प्रमुख शामिल हैं। इन आमंत्रणों के माध्यम से मध्यप्रदेश और पश्चिम एवं अफ्रीकी देशों के बीच निवेश, व्यापार, उद्योग, अवसंरचना विकास, नवाचार तथा आर्थिक सहयोग को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन देशों के संसदीय नेतृत्व को मध्यप्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियों, आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना और जीआईएस-2027 के माध्यम से उपलब्ध वैश्विक साझेदारी के अवसरों से अवगत कराते हुए सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता का आग्रह किया।

    वैश्विक मीडिया के समक्ष प्रस्तुत हुई मध्यप्रदेश की विकास दृष्टि

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद में मध्यप्रदेश की औद्योगिक, अवसंरचनात्मक, पर्यटन तथा लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को वैश्विक मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए दीर्घकालिक विकास साझेदारी का एक विश्वसनीय मंच तैयार करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की सिंगल विंडो प्रणाली, त्वरित स्वीकृति तंत्र, प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों तथा राज्य की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को निवेशकों के लिए विशेष आकर्षण बताया।

    एआईएम कांग्रेस 2026 के ‘टाइकून्स रात्रि भोज’ कार्यक्रम में सहभागिता

    दुबई दौरे के प्रथम दिवस का समापन एआईएम कांग्रेस 2026 के विशेष आमंत्रण-आधारित उच्चस्तरीय नेटवर्किंग कार्यक्रम ‘टाइकून्स रात्रि भोज’ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता के साथ हुआ। यह कार्यक्रम एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी की मेजबानी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सॉवरेन वेल्थ फंड्स, फैमिली ऑफिस, संस्थागत निवेशकों, वैश्विक कॉर्पोरेट नेतृत्वकर्ताओं, वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों तथा नीति-निर्माताओं ने भाग लेकर वैश्विक निवेश एवं आर्थिक सहयोग के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया।

    इस अवसर पर महामहिम इंजीनियर सुल्तान अहमद बिन सुलेयम अल मंसूरी, अध्यक्ष, दुबई चैंबर्स; महामहिम मोहम्मद अली राशिद लूता, अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, दुबई चैंबर्स; महामहिम जासेम मोहम्मद अलबुदैवी, महासचिव, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC); महामहिम अब्दुल्ला बिन आदेल फखरो, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री, बहरीन साम्राज्य; महामहिम राजदूत कुबानिचबेक ओमुरालिएव, महासचिव, तुर्किक राज्यों का संगठन; तथा महामहिम बद्र जाफर, विशेष दूत, संयुक्त अरब अमीरात विदेश मंत्रालय विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम में महामहिम आयशा मोहम्मद सईद अल मुल्ला, अध्यक्षा, अमीरात बिजनेस वुमेन काउंसिल; अध्यक्ष महामहिम ओबैद सैफ हमद अल ज़ाबी, कृषि निवेश एवं विकास के लिए अरब प्राधिकरण; आंद्रे वामेसो नकुआलोलोकी, गवर्नर, केंद्रीय बैंक, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो; इमैनुएल तुतुबा, गवर्नर, बैंक ऑफ तंजानिया; करीम सुएद, गवर्नर, बैंक दु लिबान; तथा सांगबू किम, उपाध्यक्ष विश्व बैंक समूह की उपस्थिति ने कार्यक्रम को वैश्विक निवेश, वित्तीय सहयोग और नीति संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न देशों के वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, निवेशकों, वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों और वैश्विक उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करते हुए मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, मजबूत औद्योगिक अधोसंरचना, लॉजिस्टिक क्षमताओं तथा आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 की रूपरेखा से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, शहरी अवसंरचना, प्रौद्योगिकी तथा निर्यातोन्मुख उद्योगों में उपलब्ध व्यापक निवेश अवसरों को रेखांकित करते हुए वैश्विक निवेशकों को राज्य के विकास अभियान का सहभागी बनने का आमंत्रण दिया। इस संवाद ने मध्यप्रदेश और अंतर्राष्ट्रीय निवेश समुदाय के बीच दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारियों की संभावनाओं को और सुदृढ़ किया।

     

  • ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की तैयारी, इंदौर में 11-12 सितंबर को ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’

    ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की तैयारी, इंदौर में 11-12 सितंबर को ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’

    सुरक्षित सफर और ग्रीन मोबिलिटी हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    इन्दौर में 11-12 सितम्बर को होगी ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’

    इन्दौर 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में आधुनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार के साथ सुरक्षित सफर और ग्रीन मोबिलिटी को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि मध्यप्रदेश में सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण अनुकूल यात्री परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से आगामी 11 एवं 12 सितम्बर को इंदौर में ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का संकल्प है कि हर यात्री को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक परिवहन मिले। सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और प्रभावी बनाने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यात्री परिवहन विजन समिट इसी दिशा में भविष्य की ठोस रूपरेखा तैयार करेगा।

    उल्लेखनीय है कि समिट में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण तथा इसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी की भूमिका पर विशेषज्ञों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। समिट का फोकस सुरक्षित परिवहन के साथ हरित परिवहन और बेहतर मोबिलिटी की दिशा में नए अवसर तलाशने पर केंद्रित रहेगा। यह समिट प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, टिकाऊ और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए संभावित निवेश और साझेदारी के नए द्वार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

     

  • सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर मध्यप्रदेश, CM डॉ. यादव ने बताई सरकार की बड़ी तैयारी

    सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर मध्यप्रदेश, CM डॉ. यादव ने बताई सरकार की बड़ी तैयारी

    सेमीकंडक्टर क्षेत्र में मध्यप्रदेश निभाएगा अग्रणी भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति देने के लिए मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर कहा कि राज्य में अत्याधुनिक तकनीक, निवेश और नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिससे मध्यप्रदेश देश के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का महत्वपूर्ण केंद्र बन सके।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेमीकंडक्टर तकनीक भारत के आत्मनिर्भर और विकसित भविष्य की आधारशिला है। देश में तकनीकी क्षेत्र में हो रहे बदलाव और विकास में मध्यप्रदेश भी सहभागी बन रहा है। सेमीकंडक्टर इंडिया प्रोग्राम 2.0 में मध्यप्रदेश अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा 6 राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने के बाद इस क्षेत्र में देश की गति तेज हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी नीतिगत पहल, निवेश-अनुकूल वातावरण और औद्योगिक क्षमता के जरिए इस राष्ट्रीय अभियान को नई ऊंचाई देगा।

    उल्लेखनीय है कि इंदौर में अगले महीने 23-24 अक्टूबर को ‘एमपी सेमीकंडक्टर समिट-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। समिट में देश-विदेश के निवेशक, तकनीकी विशेषज्ञ और नीति-निर्माता एक मंच पर जुटेंगे। यहां प्रदेश में मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने, निवेश की संभावनाओं, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार पर व्यापक विचार-मंथन होगा।

     

  • घटना को लेकर CM डॉ. यादव का बड़ा बयान, जांच के बाद दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

    घटना को लेकर CM डॉ. यादव का बड़ा बयान, जांच के बाद दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

    घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, जांच कराकर दोषियों पर होगी सख्त कार्यवाही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में शराब के सेवन से मृत्यु होने का समाचार अत्यंत दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सागर जिले के प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को घटना की तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जांच के पश्चात इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को विदेश दौरे पर रवाना होने से पहले नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह बात कही।