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  • मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से बदलेगा MP का सफर, 20 साल बाद लौटेगी सरकारी बस; 15 हजार बसों की तैयारी

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से बदलेगा MP का सफर, 20 साल बाद लौटेगी सरकारी बस; 15 हजार बसों की तैयारी

    इंदौर
     इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय 'यात्री परिवहन विजन समिट-2026' का औपचारिक शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि करीब दो दशकों के अंतराल के बाद राज्य सरकार सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक नया और आधुनिक मॉडल लागू करने जा रही है। इस पहल के तहत उन्नत तकनीक का उपयोग कर यात्रियों को अधिक सुगम, त्वरित और सुरक्षित आवागमन की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

    सार्वजनिक परिवहन की मांग बढ़ी
    प्रदेश में लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के पास वर्तमान में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का मजबूत सड़क नेटवर्क है। धार्मिक पर्यटन में आई अभूतपूर्व तेजी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जहां पूर्व में उज्जैन में वार्षिक आधार पर 60 से 70 लाख श्रद्धालु आते थे, वहीं हाल के दिनों में यह आंकड़ा बढ़कर 8 करोड़ के पार पहुंच गया है। इस बढ़ती आवाजाही को देखते हुए सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन ढांचा तैयार करना बेहद अनिवार्य हो गया है।

    निजी ऑपरेटरों के सहयोग से 15 हजार बसों का लक्ष्य
    'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के अंतर्गत वर्ष 2030 तक राज्य भर में लगभग 15 हजार नई बसों का परिचालन शुरू करने की कार्य योजना है। सरकार इस पूरी व्यवस्था में निजी बस ऑपरेटरों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगी और उन्हें नवीनतम तकनीकों से लैस करेगी। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प माह के तहत 25 सितंबर को प्रदेशवासियों को इस नए परिवहन मॉडल की पहली आधिकारिक सौगात मिलेगी।

    इलेक्ट्रिक वाहनों और ग्रीन मोबिलिटी को विशेष प्रोत्साहन
    राज्य में बड़े पैमाने पर हो रहे इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) निर्माण का लाभ सबसे पहले प्रदेश के नागरिकों तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई है। इंदौर मेट्रो के बाद अब इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों के संचालन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में शुरू हो रही यह सेवा नागरिकों के लिए एक नई शुरुआत होगी, जिसके तहत पारंपरिक भगवा रंग की बसें एक बार फिर आधुनिक सुविधाओं के साथ सड़कों पर सेवा देती नजर आएंगी।

     

  • मॉडल जिले के रूप में संवरेगा सिंगरौली, सड़क सुविधाओं के साथ कृषि-वन और जल प्रबंधन को मिलेगी रफ्तार

    मॉडल जिले के रूप में संवरेगा सिंगरौली, सड़क सुविधाओं के साथ कृषि-वन और जल प्रबंधन को मिलेगी रफ्तार

    सिंगरौली 

     मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राज्य की खनिज संपदा विकास के लिए एक अहम संपत्ति है और इसका इस्तेमाल पारदर्शिता और पर्यावरण संतुलन के साथ किया जाना चाहिए।'राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026' की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज नीतियों का मकसद राजस्व बढ़ाना और साथ ही रोजगार, निवेश और स्थानीय विकास के मौकों का विस्तार करना होना चाहिए। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है।बैठक में मुख्य सचिव अशोक बरनवाल, मुख्यमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और खनिज संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित नीति को मंजूरी दी
    मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित नीति को मंजूरी दी और अधिकारियों को जनहित में इसे प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया। सीएम मोहन यादव ने कहा कि जिला खनिज कोष (DMF) का सही इस्तेमाल करके खनिज-समृद्ध सिंगरौली जिले को शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, कृषि, वन, पर्यावरण, सड़क सुविधाओं और जल-संसाधन प्रबंधन के क्षेत्रों में एक मॉडल जिले के तौर पर विकसित किया जाना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की खनिज संपदा राज्य के विकास के लिए एक अहम संपत्ति है और इन प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल पारदर्शिता और पर्यावरण संतुलन के साथ किया जाना चाहिए, जिससे राजस्व की प्राप्ति हो, निवेश को बढ़ावा मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए मौके पैदा हों।
    प्रदेश को देश के खनिज क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का काम होना चाहिए

    उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों से होने वाले ज्यादातर फायदे को जन-कल्याणकारी योजनाओं में लगाया जाना चाहिए। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए मध्य प्रदेश को देश के खनिज क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।

    बैठक में खनिज संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल ने बताया कि कई पहलों के जरिए खनिज से होने वाले राजस्व को बढ़ाने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नीति का मकसद 2026-27 के आखिर तक खनिज संसाधनों से होने वाली आय को 13,720 करोड़ रुपये और 2030-31 तक 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है।

    सबसे अधिक मिनरल रेवेन्यू दस जिलों से आता है
    मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में,अगस्त 2026 के आखिर तक मिनरल से होने वाली कमाई सालाना लक्ष्य (106 प्रतिशत) से ज्यादा रही। जानकारी के मुताबिक, सबसे अधिक मिनरल रेवेन्यू दस जिलों से आता है। इनमें सिंगरौली, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, बालाघाट, सतना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, उमरिया और बैतूल शामिल हैं।

    मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में जुलाई 2026 के आखिर तक इन दस जिलों के पास कुल 3,147.10 करोड़ रुपये का डीएमएफ फंड मौजूद है, जिसमें सिंगरौली जिले का योगदान सबसे अधिक है। बताया गया कि सभी 55 जिलों का कुल डीएमएफ फंड 3,574.53 करोड़ रुपये है।

     

  • देश की फाईनेस्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट मॉडल बनेगी मप्र की सुगम बस सेवा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    देश की फाईनेस्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट मॉडल बनेगी मप्र की सुगम बस सेवा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का मंगल आरंभ 25 सितंबर से: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    2030 के अंत तक प्रदेश के 75 प्रतिशत गांवों तक बसें पहुंचाना हमारा लक्ष्य
    देश की फाईनेस्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट मॉडल बनेगी मप्र की सुगम बस सेवा
    आधुनिक, सुरक्षित, भरोसेमंद, ग्रीन एंड डिजिटल मोबिलिटी वाली बस सेवा बनेगी प्रदेश की पहचान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 का किया शुभारंभ
    सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुँच को अधिक सुगम बनाने के लिए MPYPIL और Rapido के बीच हुआ एमओयू
    भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जाएगी सेवा
    महिलाओं द्वारा संचालित ‘रैपिडो पिंक’ बाइक-टैक्सी सेवा को दिया जायेगा बढ़ावा
    यात्री परिवहन सेवा में नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज-2026 का किया शुभारंभ
    स्मार्ट और ग्रीन मोबिलिटी की ओर मध्यप्रदेश के कदम : इंदौर समिट में कनेक्टिविटी और नवाचारों पर हुआ मंथन
    सार्वजनिक परिवहन के आधुनिकीकरण के लिए पीपीपी, आईटीएमएस और आधुनिक अधोसंरचना पर रहेगा फोकस
    प्रदेश में सुरक्षित, सुलभ, किफायती और तकनीक-सक्षम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मिलेगी नई गति
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से मजबूत होगी ग्रामीण, अंतर्जिला और अंतर्राज्यीय बस कनेक्टिविटी

    इंदौर

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में इसी महीने 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का मंगल आरंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के नागरिकों को सुगम, सरल, सुरक्षित, आधुनिक और भरोसेमंद बस सेवा उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है और इस लक्ष्य की पूर्ति में हम 25 सितम्बर से नया कदम बढ़ाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का रोड़ नेटवर्क है। यहां 15 हजार से अधिक बसें चलाने का स्कोप है। हमारे नागरिकों के अलावा प्रदेश में हर साल करोड़ों की संख्या में आने वाले पर्यटकों और श्रृद्धालुओं द्वारा भी आवागमन के लिए बस का उपयोग किया जाता है। यह हमारे लिए चुनौती के साथ ही एक बड़ा अवसर भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निजी बस आपरेटर्स, बस निर्माता कंपनियों, इंडस्ट्री पार्टनर्स और स्टेकहोल्डर्स से अपील करते हुए कहा कि बदलते समय में मप्र में बढ़ते अवसरों को पहचाने और प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने के लिए सरकार के साथ जुड़ें। प्रदेश में यात्रियों के हित में एक ऐसा फाईनेस्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट माडल तैयार करें, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बने। मुख्यमंत्री डॉ यादव शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत 'यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 स्मारिका और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुँच को अधिक सुगम बनाने और फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए MPYPIL और Rapido के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर कर आदान-प्रदान किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने MPYPIL की ‘लेट्स क्रिएट ए लोगो’ प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। सासाराम (बिहार) के सुधाकर कुमार को 5 लाख रुपये राशि के प्रथम पुरस्कार, दिल्ली के चयन वोहरा को 2 लाख रुपये के द्वितीय सांत्वना पुरस्कार और भोपाल की सुगौरांगी शर्मा को 1 लाख रुपये राशि के तृतीय सांत्वना पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।

    प्रदेश में स्मार्ट, सुरक्षित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी इकोसिस्टम के निर्माण में प्रदेश के नागरिकों, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों और नवप्रवर्तकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर 'एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज 2026' का शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके पूर्व सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में नवाचारों और आधुनिक तकनीकों पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनी का शुभारंभ और अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इंदौर के जनप्रतिनिधियों और बस ट्रांसपोर्ट संचालकों ने आत्मीय स्वागत किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में 14 सितंबर को विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी का आगमन होने जा रहा है। स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक ने गणेश स्थापना के माध्यम से देशवासियों को एकजुट किया था। इसी माह 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिवस है। उनके नेतृत्व में पहले गुजरात और अब भारत ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उनकी दूरदर्शी सोच से पूरा भारत गौरवान्वित है। मोदी सर्वाधिक समय तक शासन करने वाले देश के इकलौते नेता हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देशभर से नक्सलवाद की समस्या खत्म हुई है। मध्यप्रदेश लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला देश का पहला राज्य है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के दो शहरों भोपाल और इंदौर में मेट्रो दौड़ रही है। हमारे एयरपोर्ट विश्वस्तरीय हो गए हैं। लोक जीवन में लोक परिवहन का विशेष महत्व है। आज से 250 साल पहले देवी अहिल्याबाई ने अपनी दूरदृष्टि सोच के साथ मालवा से लेकर काशी और सनातन संस्कृति के चारों धामों में यात्रियों की सुविधा के लिए सभी तरह के प्रबंध किए थे। इंदौर की धरती से उन्होंने अपने संकल्प को आगे बढ़ाया। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा की शुरुआत से बाजार में अवसर बढ़ेंगे, जो हमें आगे बढ़ने का मौका देंगे। हमारी सरकार ने सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए सुगम परिवहन बस सेवा की योजना तैयार की है। इसमें आधुनिक तकनीक को शामिल करते हुए यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। वहीं, परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के हितों का भी ध्यान रखा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन से प्रदेश में ई-व्हीकल्स का संचालन प्रारंभ हो रहा है। अब हमारी धरती पर बने इलेक्ट्रिक व्हीकल इंजन देश-दुनिया में सप्लाई हो रहे हैं। आज एक विशेष एमओयू भी किया गया है, जिसके माध्यम से यात्रियों को टू-व्हीलर से सुगम परिवहन बस तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल में मध्यप्रदेश में सबसे तेज गति से 74 हजार किलोमीटर लंबे राजमार्गों का निर्माण हुआ है। दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर मध्यप्रदेश में 8 लेन होकर गुजरता है। मध्यप्रदेश भारत के मध्य में है। यहां से करीब 6 घंटे में दिल्ली और मुंबई पहुंच सकते हैं। आमजन के लिए सार्वजनिक सेवाओं में लोक परिवहन का खास महत्व है। प्रदेशभर में 15 हजार से अधिक बसों और 5 लाख किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क तैयार है। हमारी सुगम परिवहन सेवा सभी की जरूरतों को पूरा करेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक पर्यटन भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहले उज्जैन में प्रतिवर्ष 60 से 70 लाख श्रद्धालु आते थे। अब इनकी संख्या 8 करोड़ से अधिक पहुंच चुकी है। इस वर्ष उज्जैन में 14 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। पर्यटन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि अब प्रदेश में प्रतिवर्ष 20 करोड़ से अधिक पर्यटक आ रहे हैं। ऐसे समय में सुगम परिवहन की व्यवस्था हम सभी का दायित्व है। एक राज्य एक बस सेवा से यात्रियों के लिए आवागमन सुगम होगा और प्रदेश के अनेकों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मध्यप्रदेश में दशकों से बंद पड़ी राज्य परिवहन बस सेवा को आज एक संजीवनी मिली है। यह 20 साल में 360 डिग्री बदलाव का अवसर है। सुगम परिवहन बस सेवा यात्रियों, ऑपरेटरों, सरकार और नई तकनीक अपनाने वालों को लाभान्वित करेगी। देशभर में हाईस्पीड ट्रेन, लॉजिस्टिक कॉरिडोर, डेडीकेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, हाईस्पीड हाईवे का जाल बिछ रहा है। वर्तमान समय में मध्यप्रदेश सरकार भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए तेज गति से आगे बढ़ रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत होने जा रही है। जनसेवा का यह अभियान 17 अक्टूबर तक जारी रहेगा और इसी माह 25 सितंबर को प्रदेशवासियों को 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के जरिए 'प्रदेश की अपनी बस सेवा' की अनुपम सौगात मिलेगी।

    प्रदेश में यात्री परिवहन को आधुनिक, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मील का पत्थर बनेगी यह समिट- मंत्री सिंह

    परिवहन और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और तकनीक-सक्षम यात्रा उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन को आधुनिक, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में यह समिट एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने परिवहन के क्रमिक विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि 17वीं सदी की पारंपरिक व्यवस्था और बाद के पेट्रोल-डीजल युग से आगे बढ़कर आज हम ई-बसों के दौर में प्रवेश कर चुके हैं। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य प्रदूषण-मुक्त परिवहन के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचलों को शहरों से उत्कृष्ट व सुरक्षित सेवाओं के माध्यम से जोड़ना है।

    परिवहन मंत्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार निजी बस संचालकों के साथ सहभागी बनकर एक संगठित और पारदर्शी व्यवस्था विकसित कर रही है। 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के माध्यम से आधुनिक बस टर्मिनलों का निर्माण, डिजिटल ट्रैकिंग, चालकों-परिचालकों की प्रभावी निगरानी और सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा। वर्ष 2004-05 में पुरानी राज्य परिवहन सेवा बंद होने के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इस नवीन सेवा का संकल्प लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाएगा।

    इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य में यात्री परिवहन की समस्या को अपनी दूरदृष्टि सोच के साथ समाधान करने का कार्य किया है। इंदौर और मालवा क्षेत्र को सुगम परिवहन बस योजना का लाभ मिलेगा। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से निर्मित होने वाला क्लीन और सेफ बस सिस्टम गांवों को शहर से जोड़ेगा। परिवहन में ई-बस के उपयोग से प्रतिवर्ष लगभग 70 हजार टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन को रोका जा सकेगा। मध्यप्रदेश में पुन: राज्य परिवहन सेवा की शुरुआत प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

    सचिव परिवहन मनीष सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सुरक्षित, सुविधाजनक, किफायती और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ की गई है। उन्होंने समिट के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की आवश्यकता, पृष्ठभूमि, नवीन व्यवस्था के सृजन, व्यवस्था के तीन प्रमुख स्तंभ और संस्थागत संरचना का अपने संबोधन में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) की स्थापना कर बस संचालन, ITMS और परिवहन अधोसंरचना को PPP मॉडल पर एकीकृत रूप से विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के 55 जिलों का रूट सर्वे किया जा चुका है तथा डेटा आधारित लगभग 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट मार्ग विकसित किए जाएंगे। बसों में CCTV, GPS, पैनिक बटन एवं रियल टाइम मॉनिटरिंग के साथ EV और CNG बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    सचिव सिंह ने कहा कि समिट के माध्यम से बस ऑपरेशन, अधोसंरचना, यात्री सुरक्षा, ग्रीन मोबिलिटी, एकीकृत टिकटिंग और ऑपरेटरों की वित्तीय साध्यता पर विभिन्न हितधारकों के साथ मंथन कर PPP आधारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग मॉडल और आधुनिक ITMS का रोडमैप तैयार किया जाएगा। हमारा लक्ष्य प्रदेशवासियों को “सही बस, सही मार्ग और सही समय” के अनुरूप विश्वसनीय परिवहन सेवा उपलब्ध कराना है।

    समिट में तकनीकी नवाचारों और निवेश को लेकर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। यश टेक्नोलॉजी के सीएफओ धर्मेंद्र जैन के कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उद्योग, तकनीक और रोजगार को आमजन से जोड़ते हुए विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक 75 प्रतिशत विकासखंडों को परिवहन सेवा से जोड़ने का लक्ष्य एक बड़ा विजन है। बसों की संख्या बढ़ने से आमजन को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर यश टेक्नोलॉजी की कर्मभूमि है और कंपनी इस दिशा में राज्य सरकार के साथ सहयोग के लिए हमेशा तैयार है।

    एका मोबिलिटी, पुणे के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुधीर मेहता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश में सुगम परिवहन सेवा उपलब्ध कराने का विजन प्रशंसनीय है और इसी दिशा में यात्री परिवहन विजन समिट का आयोजन महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि एका मोबिलिटी द्वारा मध्यप्रदेश में चौथे प्लांट के रूप में पीथमपुर में इलेक्ट्रिक बस निर्माण का संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जिसका कार्य मात्र 14 माह में पूर्ण किया गया है। इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 5 हजार ई-बसों की होगी, जो प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ सुगम एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    ऑल इंडिया बस एंड कार कम्फेडरेशन के प्रेसिडेंट प्रसन्ना पटवर्धन ने कहा कि हमारा बस परिवहन सिस्टम प्रतिदिन देशभर में 40 करोड़ लोगों को गंतव्य तक पहुंचाता है। यह अन्य सभी परिवहन सेवाओं से कहीं अधिक है। मध्यप्रदेश बस परिवहन सेवा में पीपीपी मॉडल का नवाचार करने वाला पहला राज्य है। इसे बस यात्रियों को अत्याधुनिक और तकनीक आधारित सुगम सुविधाएं मिलेगी।

    इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर के सांसद शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक सुऊषा ठाकुर,  श्रीमती मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, राकेश शुक्ला और एलेट्स टेक्नोमीडिया के सीईओ और संपादक प्रमुख डॉ. रवि गुप्ता सहित बड़ी संख्या में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि, ई-बस और बड़े वाहन निर्माता, सॉफ्टवेयर कंपनियां व आईटीएमएस  एजेंसियां, वित्तीय संस्थान, ऊर्जा कंपनियां और निजी बस संचालक जैसे प्रमुख हितधारक शामिल हुए।

    प्रदेश में सुरक्षित, विश्वसनीय, किफायती एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के विकास पर विचार-विमर्श के लिए यात्री परिवहन विजन समिट 2026

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के विजन को प्रस्तुत करने और मध्य प्रदेश में सुरक्षित, विश्वसनीय, किफायती एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के विकास पर विचार-विमर्श करने के लिए 11-12 सितंबर 2026, दो दिवसीय राज्य स्तरीय समिट का आयोजन किया गया है। इसमें 2,000 से अधिक प्रतिनिधि और 100 प्रमुख उद्योग विशेषज्ञ भाग लें रहे है, जिनमें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि, ई-बस और बड़े वाहन निर्माता, सॉफ्टवेयर कंपनियां व आईटीएमएस   एजेंसियां, वित्तीय संस्थान, ऊर्जा कंपनियाँ और निजी बस संचालक जैसे प्रमुख हितधारक शामिल हैं।

    समिट का प्राथमिक उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन का आधुनिकीकरण कर ग्रामीण, अंतरज़िला एवं अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को मजबूत बनाना है। साथ ही डिजिटल टिकटिंग व रियल-टाइम पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के माध्यम से यात्री अनुभव को बेहतर बनाना है। यह संपूर्ण व्यवस्था 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के तीन प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित है। जिसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से प्रभावी बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस ) द्वारा सेवाओं की तकनीक-आधारित निगरानी व प्रबंधन और आधुनिक बस टर्मिनल, बस स्टैंड, डिपो एवं स्टॉप सहित अन्य जरूरी  अधोसंरचना का विकास शामिल है।

    इस पहल से राज्य में एक एकीकृत और तकनीक-सक्षम सार्वजनिक परिवहन इकोसिस्टम का निर्माण होगा, जिससे नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। इससे ग्रामीण, क्षेत्रीय एवं ज़िला स्तरीय संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होगी तथा संपूर्ण परिवहन संचालन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा। इसके साथ ही, डिजिटल मोबिलिटी सेवाओं के विस्तार और आधुनिक, यात्री-अनुकूल अवसंरचना के विकास को नई गति मिलेगी। पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छ परिवहन तकनीकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ यह व्यवस्था सरकार, उद्योग और निजी क्षेत्र के हितधारकों के बीच एक मजबूत एवं प्रभावी साझेदारी भी स्थापित करेगी।

    यात्री परिवहन विज़न समिट 2026 स्मारिका

    यात्री परिवहन विज़न समिट 2026 स्मारिका प्रदेश में एक कनेक्टेड, तकनीक-सक्षम, सतत और भविष्य के लिए तैयार यात्री परिवहन तंत्र के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण ज्ञान दस्तावेज़ और नीतिगत रोडमैप प्रस्तुत करती है। इसमें जनप्रतिनिधियों, शासन और उद्योग जगत के वरिष्ठ नेतृत्व के प्रेरक विचार एवं साक्षात्कार संकलित किए गए हैं।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पुस्तिका

    ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पुस्तिका’ इस महत्वाकांक्षी पहल की रूपरेखा और भावी कार्ययोजना को रेखांकित करती है। पुस्तिका में योजना के तीन मुख्य स्तंभों—पीपीपी मॉडल के तहत पेशेवर बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस ) तथा आधुनिक परिवहन अधोसंरचना के विकास को प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश यात्री परिवहन और अधोसंरचना लिमिटेड (MPYPIL), सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों और ज़िला स्तरीय समितियों पर आधारित त्रि-स्तरीय प्रशासनिक ढांचे को समझाया गया है। इसके साथ-साथ डेटा-आधारित रूट प्लानिंग, रियल-टाइम बस ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग, यात्री सुरक्षा और स्वच्छ मोबिलिटी तकनीकों के विस्तृत प्रावधानों को इसमें स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया है।

    MPYPIL की ‘लेट्स क्रिएट ए लोगो’ प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया सम्मानित

    मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) के प्रतीक चिन्ह (लोगो) के निर्धारण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ‘लेट्स क्रिएट ए लोगो’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। देशभर के क्रिएटिव डिजाइनर्स, विद्यार्थियों, फ्रीलांसरों और प्रोफेशनल एजेंसियों से मिली कुल 135 प्रविष्टियों का परीक्षण कर तीन सर्वश्रेष्ठ डिजाइनों का चयन किया गया। प्रतियोगिता में सासाराम (बिहार) के सुधाकर कुमार ने 5 लाख रुपये का प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं, दिल्ली के चयन वोहरा को 2 लाख रुपये के द्वितीय पुरस्कार और भोपाल की सुगौरांगी शर्मा को 1 लाख रुपये के तृतीय पुरस्कार के लिए चुना गया।

    सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुँच को अधिक सुगम बनाने के लिए MPYPIL और Rapido के बीच एमओयू

    प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुँच को अधिक सुगम बनाने और फर्स्ट तथा लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से MPYPIL और ‘रैपिडो’ के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत बस स्टैंड, बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशनों जैसे प्रमुख परिवहन केंद्रों की जानकारी रैपिडो के तकनीकी प्लेटफॉर्म से एकीकृत की जाएगी। इस साझेदारी में समावेशी मोबिलिटी को प्राथमिकता देते हुए महिलाओं द्वारा संचालित ‘रैपिडो पिंक’ बाइक-टैक्सी सेवा को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इस एकीकृत व्यवस्था को प्रारंभिक चरण में भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा, जो राज्य में एक आधुनिक और यात्री-अनुकूल मोबिलिटी इकोसिस्टम स्थापित करने में मददगार साबित होगी।

    एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज 2026 का किया शुभारंभ

    ‘एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज 2026’ का उद्देश्य राज्य की वास्तविक परिवहन चुनौतियों के समाधान के लिए नवीन पद्धतियों व तकनीकों की पहचान करना और धरातल पर लागू करना है। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से पाँच प्रमुख क्षेत्रों एआई एवं डेटा-आधारित इंटेलिजेंट मोबिलिटी, वित्तीय व परिचालन स्थिरता, समावेशी मोबिलिटी, अवसंरचना एवं लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, तथा ग्रीन मोबिलिटी पर केंद्रित है। यह पहल स्टार्टअप्स, एमएसएमई, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों और नवप्रवर्तकों को एक सशक्त मंच प्रदान करेगी, जिससे प्रदेश में एक अधिक स्मार्ट, सुरक्षित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी इकोसिस्टम का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके। 

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश का असर, अतिक्रमणकारियों पर चला प्रशासन का बुलडोजर; 4.79 हेक्टेयर जमीन मुक्त

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश का असर, अतिक्रमणकारियों पर चला प्रशासन का बुलडोजर; 4.79 हेक्टेयर जमीन मुक्त

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई जारी

    प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त कराई 4.79 हेक्टेयर भूमि
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत हाईवे किनारे से हटाया जा रहा अतिक्रमण

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सागर जिले में कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में शाहगढ़ के ग्राम सिमरिया उवरी में प्रशासन और राजस्व टीम ने कार्रवाई करते हुए बंडा अवैध शराब मामले के आरोपी चंद्रभान राजपूत द्वारा कब्जा की गई 4.79 हेक्टेयर शासकीय भूमि को मुक्त करा लिया है।

    ग्राम चौकीदार की सेवा भूमि पर बोई फसल को किया नष्ट

    जांच के दौरान यह बात उजागर हुई थी कि बंडा प्रकरण में संलिप्त आरोपी चंद्रभान राजपूत ने ग्राम सिमरिया उवरी में ग्राम चौकीदार की शासकीय सेवा भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था। आरोपी द्वारा 4.56 हेक्टेयर और 0.23 हेक्टेयर (कुल 4.79 हेक्टेयर) भूमि पर अवैध रूप से खेती की जा रही थी।

    राजस्व और पुलिस विभाग की टीम ने जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया और उस पर अवैध रूप से लगाई गई फसल को नष्ट कर शासकीय आधिपत्य में लिया।

    NH-44 के किनारे सौरभ ढाबा पर चला बुलडोजर

    सागर जिले में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) के किनारे शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा जमाए सौरभ होटल/सौरभ ढाबा पर प्रशासन का बुलडोजर चला और करोड़ों की शासकीय भूमि को बेदखल कर मुक्त कराया गया।

    संयुक्त टीम का बड़ा एक्शन

    राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर ढाबा संचालक ने अपनी निजी भूमि की आड़ में हाईवे से लगी बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा कर ढाबे का अवैध विस्तार कर लिया था, जिसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

    बांदरी से मालथौन टोल तक चला अतिक्रमण हटाने का अभियान

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत हाईवे किनारे सरकारी जमीनों पर काबिज सभी अवैध ढाबों, टपरों और पक्के निर्माणों को चिह्नित कर हटाया जा रहा है। आज बांदरी से लेकर मालथौन टोल तक विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे का यह प्रयास किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    अपराधियों की संपत्तियों पर कड़ी नजर

    शासकीय या सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बंडा मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की संपत्तियों और गतिविधियों की भी गहनता से जांच की जा रही है। संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

     

  • MP में नशे के खिलाफ होगा बड़ा एक्शन! CM डॉ. यादव ने कहा- किसी भी दोषी को नहीं मिलेगी माफी

    MP में नशे के खिलाफ होगा बड़ा एक्शन! CM डॉ. यादव ने कहा- किसी भी दोषी को नहीं मिलेगी माफी

    किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    बड़े पैमाने पर चलेगा नशा मुक्ति अभियान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर में हुई पुलिस कार्रवाई पर मीडिया से की चर्चा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा सागर जिले में हुई दु:खद घटना और कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन को कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन द्वारा अवैध शराब के कारोबार में लिप्त आरोपियों के विरुद्ध अतिक्रमण हटाने सहित आवश्यक कदम उठाए गए हैं, कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस टीम ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े मुख्य आरोपी को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्त में ले लिया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने अपनी दक्षता सिद्ध की है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए राज्य में बड़े पैमाने पर नशा मुक्ति अभियान संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया को जारी संदेश में यह जानकारी दी।

     

  • स्वामित्व अधिकार और सेवा से संकल्प अभियान को उत्सव का रूप दें, CM डॉ. यादव ने दिए निर्देश

    स्वामित्व अधिकार और सेवा से संकल्प अभियान को उत्सव का रूप दें, CM डॉ. यादव ने दिए निर्देश

    उत्सव के रूप में मनाया जाये स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन अभियान और सेवा से संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में चलाए जाएंगे दो अभियान
    स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन अभियान से प्रदेश के 50 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
    सेवा से संकल्प अभियान के तहत 17 सितम्बर को शाम 7 बजे से पूरे प्रदेश में जलाये जायेंगे 58 लाख दीपक
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में बैठक कर दोनों अभियान के सुचारू संचालन के दिये निर्देश
    सबकी हो सहभागिता, जनप्रतिनिधियों और आमजन को जोड़ें

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश में दो महत्वपूर्ण अभियानों का शुभारंभ किया जायेगा। प्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना को जन-जन तक पहुंचाने और सेवा से संकल्प अभियान के रूप में जनसेवा को नये संकल्प के साथ पूरा करने के लिए यह अभियान संचालित किए जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन अभियान से प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण आबादी को उनकी सम्पत्ति की नि:शुल्क रजिस्ट्री कर राजस्व विभाग के माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराये जायेंगे। वहीं, सेवा से संकल्प अभियान के तहत पहले दिन 17 सितम्बर को शाम 7 बजे पूरे प्रदेश में एक साथ 58 लाख आशीर्वाद के दीपक जलाएं जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह आमजन को सुविधा सम्पन्न बनाने और जनसेवा का बड़ा अभियान है। सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिलों में पूरी तैयारी के साथ दोनों ही अभियान को उत्सव के रूप में आयोजित करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए जनप्रतिनिधिगण, समाज और आमजन को इनसे जोड़ा जाए। जन-जन तक अभियान की जानकारी पहुंचायें, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। अधिकाधिक युवाओं को अभियान से जोड़ने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ यादव गुरुवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी कमिश्नर्स और कलेक्टर्स को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स से कहा कि वे इन दोनों अभियान के लिए अगले दो दिन में माइक्रो प्लानिंग पूर्ण कर लें। जिले में स्वामित्व अभियान का नेतृत्व कलेक्टर स्वयं करें। जिला स्तर पर नोडल अधिकारी, जोनल अधिकारी और सेक्टर अधिकारी भी नियुक्त किए जाएं।

    बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव राजस्व डॉ. ई रमेश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में प्रदेश के सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स ने वीसी के जरिए सहभागिता की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्वामित्व अधिकार निष्पादन अभिलेख, पंजीयन अभियान के अंतर्गत प्रदेश स्तर पर लक्षित भूमि स्वामियों के अधिकार अभिलेखों का राज्य सरकार नि:शुल्क पंजीयन (रजिस्ट्री) कराने के अभियान का शुभारंभ करने जा रही है। इस अभियान में  प्रदेश भर के 41 हजार 568 गांवों के 68 लाख 47 हजार प्लॉट का सर्वे किया जा चुका है और 50 लाख से अधिक हितग्राहियों के नाम पर नि:शुल्क रजिस्ट्री कराई जाएगी। रजिस्ट्री के लिए पंचायत उपकर, अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी छूट का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी के दौरान पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में चुने गए जिले – आगर-मालवा, बड़वानी, हरदा, अशोक नगर और रायसेन के कलेक्टरों से स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली।  कलेक्टरों ने बताया कि स्वामित्व योजना से संबंधित मोबाइल ऐप यूजर फ्रेंडली है। पटवारियों की ट्रेनिंग भी तेजी करवाई जा रही है। भू-अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री से गाँवों में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है।  

    हितग्राहियों को निष्पक्षता और परदर्शिता के साथ दिलाएं लाभ

    बताया गया यह अभियान तीन चरणों में 17 सितम्बर से प्रारंभ होकर 3 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण तेजी से पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामित्व योजना का लाभ हितग्राहियों को पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए।

    प्रत्येक निष्पादन अधिकारी को प्रतिदिन 40 रजिस्ट्री करने का लक्ष्य

    मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, सचिव, पटवारी और रोजगार सहायक मिलकर प्रत्येक गुरूवार, शुक्रवार और शनिवार को नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए  शिविर लगाएं और प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 रजिस्ट्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत निष्पादित करने का लक्ष्य रखें। उन्होंने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए किए वे स्वामित्व अभिलेख अभियान की बेहतर प्लानिंग और शैड्यूलिंग कर प्रति दिन प्रगति रिपोर्ट तैयार कर सबमिट करें। मुख्य सचिव बर्णवाल ने कहा कि किसी प्रकार की समस्या आने पर मुख्यमंत्री सहायता हेल्प लॉइन पर सम्पर्क करें। बैठक में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में पंचायत स्तर पर पटवारी निष्पादन अधिकारी होंगे और पंजीयन अधिकारी के रूप में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं अन्य को जिम्मेदारी सौंपी  गई है।

    सेवा संकल्प अभियान- भोपाल में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम

    प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस पर एक माह तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ 17 सितम्बर को राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ होगा। इस कार्यक्रम में सभी जिलों के कलेक्टर और हितग्राही वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश सरकार ने विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। एक माह तक प्रदेश भर में जन सेवा के विभिन्न प्रकल्प संचालित किए जाएंगे एवं जन सहभगिता से कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक हितग्राहियों को सुनिश्चित किया जाएगा।

    17 सितम्बर की शाम प्रदेश भर में जलेंगे 58 लाख दीपक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अभियान के अंतर्गत कुल 13 गतिविधियां संचालित की जाएंगी। जनसंकल्प अभियान की शुरूआत 'आशीर्वाद का दीपक' कार्यक्रम के साथ होगी। इस दिन शाम 7 बजे एक साथ प्रदेश भर के लाभार्थी परिवारों और चयनित 10 से अधिक प्रसिद्ध ऐतिहासिक और पुरातत्विक महत्व के स्थानों पर 58 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया कि दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम के लिए वे अपने जिले के पुरातात्विक स्थानों को चिन्हित करें। अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारी जिले में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। जिला स्तर पर सभी विभागों के विभिन्न हितग्राही  मूलक  योजनाओं के लाभार्थियों को अभियान से जोड़ा जाएगा।

    उज्जैन के महाकाल लोक में जलेंगे 25 लाख से अधिक दीये

    बैठक में उज्जैन कलेक्टर ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि आशीर्वाद का दीपक कार्यक्रम के अंतर्गत बाबा महाकाल के महालोक में 25 लाख से अधिक दीपक जलाने की तैयारी है। जिसमें सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के साथ समाज के हर वर्ग को जोड़ा जाएगा।  बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया गया कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना के 50 लाख से अधिक हितग्राही भी इस दीपोत्सव में सहभागिता करेंगे।

    संकल्प सेवा अभियान के प्रमुख बिन्दु

        'आर्शीवाद का दीपक' कार्यक्रम में दिनांक 17 सितम्बर को सांय 7 बजे एक साथ समस्त लाभार्थियों के घरों में दीपक जलाए जायेंगे।

        सेवा चित्र कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूलों में विकसित भारत की संकल्पना पर चित्रकला एवं भाषण स्पर्धाएं स्थानीय स्तर, जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर कराई जायेगी।

        'सेवा स्मरण' कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियां आयोजित होंगी।

        'आंगन का मिलन' कार्यक्रम में आंगनबाड़ियों में तीन दिन तक बच्चों को ज्ञानवर्धक और मनोरंजक कहानियां सुनाई जाएंगी। 

        'बदलाव की कहांनिया' कार्यक्रम में लाभार्थियों चयन कर उनकी सफलता की कहानियों को डिजिटाइज किया जाए एवं सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाए।

        'सेवा ज्योति यात्रा' 7 अक्टूबर को सभी जिलों में निकाली जाएगी।

        'जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा'- बड़नगर से वाराणसी तक आयोजित होगी। जिसमें मध्यप्रदेश सहित 7 राज्य शामिल हैं।

        सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम में नागरिकों को 25 प्रमुख गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।

        सेवा सेतु अभियान- सरकार आपके द्वार शिविर आयोजित कर आमजन को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

        'सेवा के रंग' कार्यक्रम में प्रतिभाशाली युवाओं को जोड़कर प्रमुख स्थानों पर रंगोली अभियान आयोजित किया जाएगा।

        हैकाथान और इनोवेशन चैलेंज के जरिए  विद्यार्थियों, युवाओं, स्टार्टअप और कॉर्पोरेट इनोवेटर को जोड़ा जाएगा।

        जन सेवक महाकुंभ के अंतर्गत पंचायत से पार्लियामेंट तक देशभर के सरपंच और जनप्रतिनिधियों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

        25 साल 25 कहानियां कार्यक्रम के अंतर्गत गणमान्य व्यक्तियों को क्यूरेटेड किट का वितरण किया जाए।  

     

  • खनिज संसाधनों के सदुपयोग से प्रदेश के विकास को मिलेगी रफ्तार, सिंगरौली को मॉडल माइनिंग डिस्ट्रिक्ट बनाने का लक्ष्य

    खनिज संसाधनों के सदुपयोग से प्रदेश के विकास को मिलेगी रफ्तार, सिंगरौली को मॉडल माइनिंग डिस्ट्रिक्ट बनाने का लक्ष्य

    सिंगरौली को बनायें माइनिंग का मॉडल डिस्ट्रिक्ट – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग से प्रदेश के विकास को मिले नई गति
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की खनिज साधन द्वारा प्रस्तावित राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026 की समीक्षा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक और खनिज संपदा की दृष्टि से समृद्ध प्रदेश है। खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक, पारदर्शी और पर्यावरण-सम्मत तरीके से उपयोग प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नयी गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि खनिज नीतियों का उद्देश्य राजस्व वृद्धि के साथ-साथ रोजगार, निवेश और स्थानीय विकास के अवसरों का विस्तार करना होना चाहिए और राज्य सरकार यही सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में खनिज साधन विभाग की बैठक में विभागीय गतिविधियों और प्रस्तावित राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026 की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी सहित खनिज साधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी  उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की खनिज संपदा प्रदेश के विकास की महत्वपूर्ण पूंजी है। इन प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के साथ ऐसे हो कि प्रदेश को राजस्व मिले, निवेश को प्रोत्साहन मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नये अवसर सृजित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्तावित नीति के संबंध में कहा कि जिला खनिज निधि (डीएमएफ राशि) का समुचित उपयोग करते हुए खनिज संसाधनों से सम्पन्न सिंगरौली जिले को शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, कृषि, वन,  पर्यावरण,  सड़क सुविधाओं और वाटरशेड के मामले में माडल डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित किया जाये।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनिज संसाधनों से प्राप्त होने वाले लाभ का अधिकाधिक हिस्सा जनहित के कार्यों में लगाया जाये। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर मध्यप्रदेश को खनिज क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कार्य किया जाए। बैठक में खनिज साधन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026 का अनुमोदन कर प्रदेश के नागरिकों के हित में नीति का कारगर अमल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    प्रमुख सचिव, खनिज साधन विवेक पोरवाल ने पालिसी प्रेजेंटेशन में बताया कि विभिन्न प्रयासों के जरिए राज्य में खनिज संसाधनों से राजस्व आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित खनिज नीति में वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक खनिज संसाधनों से राजस्व आय 13720 करोड़ रुपए तक और वित्त वर्ष 2030-31 के अंत तक इसे 30000 करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 में अगस्त 2026 के अंत तक ही सालाना खनिज राजस्व लक्ष्य से भी अधिक (106 प्रतिशत) राजस्व आय प्राप्त कर ली गई है। प्रदेश के दस जिलों क्रमशः सिंगरौली, अनूपपुर, शहडोल,  कटनी, बालाघाट, सतना,  जबलपुर, छिंदवाड़ा, उमरिया और बैतूल से सर्वाधिक खनिज आय मिलती है। जारी वित्त वर्ष में जुलाई 2026 के अंत तक इन दस जिलों में 3147.10 करोड़ रुपए डीएमएफ निधि उपलब्ध है। इसमें सर्वाधिक योगदान सिंगरौली जिले का है। सभी 55 जिलों को मिलाकर यह डीएमएफ निधि 3574.53 करोड़ रुपए है।

     

  • ‘हनुमान अंश’ फिल्म पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रतिक्रिया, बोले- आस्था और संस्कृति से जोड़ता है संदेश

    ‘हनुमान अंश’ फिल्म पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रतिक्रिया, बोले- आस्था और संस्कृति से जोड़ता है संदेश

    हनुमान अंश’ फिल्म आस्था, संस्कृति और भक्ति की शक्ति का देती है संदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देखी हनुमान अंश फीचर फिल्म

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार की शाम कोलार स्थित एक निजी प्लाजा में बहुचर्चित फीचर फिल्म ‘हनुमान अंश’ के प्रदर्शन में सहभागिता करते हुए फिल्म देखी। फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसकी विषय-वस्तु, प्रस्तुति और कलाकारों के अभिनय की सराहना की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीब करौली बाबा के जीवन चरित्र पर केंद्रित ‘हनुमान अंश’ फिल्म हमारी आस्था, आध्यात्मिक परंपरा और भगवान हनुमान की भक्ति के मार्ग को समझने का एक माध्यम है। भक्ति से समाज सुधार की शक्ति पाने की पटकथा वाली इस फिल्म ने हम सबके आराध्य भगवान हनुमान की आराधना और सेवा की भावना को अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि नीब करौली बाबा के जीवन पर केंद्रित इस फिल्म से हमें एकात्म मानववाद और सर्वहारा वर्ग के कल्याण की प्रेरणा देती है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म में नीब करौली बाबा की भूमिका निभाने वाले कलाकार शोभिनव सत्या के अभिनय की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शोभिनव सत्या ने नीब करौली बाबा के चरित्र का सिर्फ़ अभिनय ही नहीं किया, बल्कि उसे खुद जीकर जीवंत कर दिया है। उनके अभिनय में बाबा के व्यक्तित्व की सहजता, भक्ति और आध्यात्मिक भावनाओं की गहरी अनुभूति दिखाई देती है। उन्होंने सचमुच कमाल ही कर दिया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति और आध्यात्मिक परम्पराओं में संतों का जीवन समाज को सदैव प्रेरणा देता रहा है। ऐसे विषयों पर बनने वाली फिल्में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से ‘हनुमान अंश’ फिल्म देखने का आह्वान करते हुए कहा कि अपने धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक परम्पराओं में आस्था रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यह फिल्म अवश्य देखनी चाहिए। यह फिल्म भक्ति के साथ ही हमें अपने जीवन में सेवा, समर्पण, परोपकार और सबके प्रति सद्भावना रखने की अभिप्रेरणा देती है।

    इस अवसर पर विधायक रामेश्वर शर्मा, मप्र राज्य वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नगाईच, एमपी हाऊसिंग बोर्ड के चेयरमैन कोमल जैन, महापौर श्रीमती मालती राय, जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधि, निजी प्लाजा के आनर एवं बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।

     

  • कर्म और धर्म का समन्वय सिखाते हैं संत रविदास, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके विचारों को किया नमन

    कर्म और धर्म का समन्वय सिखाते हैं संत रविदास, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके विचारों को किया नमन

    संत रविदास ने दिया धर्म के साथ कर्म को महत्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    रायसेन में हुई संत शिरोमणि रविदास की मूर्ति स्थापित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मूर्ति स्थापना समारोह में वर्चुअली शामिल हुए

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संत शिरोमणि गुरू रविदास जी ने अपने जीवन में धर्म के साथ कर्म को भी प्रधानता दी। उनके उपदेश आज भी समाज का मार्गदर्शन करते हैं। मध्यप्रदेश सरकार समाज की पथ-प्रदर्शक विभूतियों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे जल्दी ही रायसेन पहुंचकर संत रविदास की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा रायसेन में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में देश में समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत विकास शिविर, यात्राएं गत जुलाई से आयोजित की जा रही हैं, जो आगामी फरवरी माह तक चलेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवा, महिला, गरीब, किसान वर्ग के कल्याण के साथ ही सामाजिक समरसता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतों ने सदैव समाज को बहुमूल्य मार्गदर्शन दिया है। संत रविदास जी के शब्द थे – 'ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न। छोट-बड़ो सब सम बसे, रविदास रहे प्रसन्न।' इसके साथ ही 'प्रभु जी तुम चंदन हम पानी जाकि अंग अंग बास सामानी' के माध्यम से भक्त और भगवान के घनिष्ठ संबंध की ओर इंगित किया है। संत रविदास का मानना था कि प्रभु आप चंदन हैं और मैं पानी हूं। जिस प्रकार पानी में चंदन मिलने से पानी के प्रत्येक अंग में चंदन की महक शामिल हो जाती है। उसी तरह आपकी भक्ति से मेरा अंग-अंग पावन और आनंदित हो गया है। यह ईश्वर की प्रति अगाध प्रेम और आत्मीयता का प्रमाण है। इसी तरह 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' की कहावत भी संत रविदास ने दी। इसका आशय यह है कि यदि व्यक्ति का मन कार्य में शद्ध भावना से पूरी तरह लगा है तो चमड़ा भिगोने के बर्तन (कठौती) में भी गंगा प्रकट हो सकती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रायसेन में समरसता यात्रा, समरसता भोज से सभी वर्गों का जुड़ना प्रशंसनीय है। इसी सामाजिक समरसता के लिए हमारे संतों ने अपना पूरा जीवन अर्पित किया। प्रारंभ में पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी कि संत रविदास की प्रतिमा की स्थापना का कार्य पूर्ण होने के साथ ही निकट ही डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को स्थापित करने का कार्य भी चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा की स्थापना के लिए राज्य शासन से 25 लाख रूपए की प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। रायसेन नगर के सभी समाजों द्वारा परस्पर भाईचारे के साथ पर्व-त्यौहार मनाने का कार्य होता है। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा, रामपाल सिंह के अलावा संत धनीराम, संत मनीराम, राकेश शर्मा, समाजसेवी जमना सिंह उपस्थित थे।

     

  • Brilliant Convention Centre में होगा यात्री परिवहन विजन समिट-2026, CM यादव करेंगे दो दिवसीय आयोजन की शुरुआत

    Brilliant Convention Centre में होगा यात्री परिवहन विजन समिट-2026, CM यादव करेंगे दो दिवसीय आयोजन की शुरुआत

    यात्री परिवहन विजन समिट-2026
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट 2026 का 11 सितंबर को करेंगे शुभारंभ

    इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होगी समिट
    परिवहन मंत्री सिंह भी होंगे समिट में शामिल
    MPYPIL लोगो एवं विशेष पुस्तिका का होगा विमोचन
    इंडस्ट्री एक्सपो तथा हैकेथॉन का होगा उद्घाटन

    इंदौर

    मध्यप्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का शुभारंभ करेंगे। इस समिट में निजी बस ऑपरेटरों, नीति-निर्माताओं, परिवहन विशेषज्ञों, देशभर के राज्य परिवहन उपक्रमों, आईटी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधि एक मंच पर जुटेंगे और मध्यप्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए रणनीति और सुझाव साझा करेंगे।

    समिट का प्रमुख केंद्र ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ होगी। ‘नई सोच, नई राह, नया मध्यप्रदेश’ विजन के साथ आयोजित इस समिट का उद्देश्य मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) के माध्यम से जन-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल, आधुनिक आईटी प्रणालियों और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन पारिस्थितिकी तंत्र को गति देना है। परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी समिट में शामिल होंगे।

    इंडस्ट्री एक्सपो का उद्घाटन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव समिट के दौरान इंडस्ट्री एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। एक्सपो में बस निर्माताओं, आईटी कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े अन्य उद्योगों के साथ प्रदेश के विभिन्न शासकीय निगमों द्वारा अपनी गतिविधियों, तकनीकी समाधानों और नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे परिवहन क्षेत्र में निवेश, तकनीक और नई साझेदारियों की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। समिट में ईलेट्स टेक्नोमीडिया द्वारा संकलित समिट की स्मारिका का विमोचन किया जाएगा। साथ ही MPYPIL द्वारा ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की संरचना और योजना के अंतर्गत भविष्य में किए जाने वाले कार्यों पर केन्द्रित विशेष पुस्तिका का भी विमोचन भी होगा। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित MPYPIL के नए लोगो का अनावरण भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही परिवहन क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी समाधान विकसित करने वाले मोबिलिटी स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित हैकाथॉन का शुभारंभ भी होगा। समिट में होने वाले विचार-विमर्श और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को तकनीक-सक्षम, सुरक्षित, सुविधाजनक और टिकाऊ बनाने की दिशा में आगे की कार्ययोजना को आकार दिया जाएगा।

    देशभर के विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निजी बस ऑपरेटर बनाएंगे रणनीति

    समिट में देश के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निजी बस ऑपरेटर, पूरे देश के राज्य परिवहन उपक्रमों, आईटी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और प्रदेश की सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सरल, सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की रणनीति बनाएंगे। साथ ही अपने सुझाव भी देंगे। परिवहन समिट में 8 सत्र होंगे। इन सत्रों के माध्यम से यात्री परिवहन को सुगम, सुरक्षित, स्मार्ट और प्रदूषणमुक्त बनाने, एमपी मोबिलिटी विजन-2030 के तहत PPP मॉडल से निवेश, रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने, वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बस संचालन, यात्री सुरक्षा, ग्रीन मोबिलिटी, स्वच्छ ईंधन, एकीकृत टिकटिंग, स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली विषयों पर चर्चा होगी।

    देश के ये प्रमुख संस्थान समिट में होंगे शामिल

    समिट में ईकेए मोबिलिटी, टाटा मोटर्स, ग्रीनसेल मोबिलिटी, वोल्वो-आयशर प्राइवेट लिमिटेड, स्विच मोबिलिटी (हिंदुजा ग्रुप), एयरो ईगल ऑटोमोबाइल, यश टेक्नोलॉजीज, रैपिडो, चलो मोबिलिटी, एमनेक्स इन्फोटेक्नोलॉजीज, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, एसबीआई, थिंक गैस जैसी प्रमुख कंपनियां सहभागिता करेंगी। इसके अलावा विभिन्न शिक्षण संस्थानों, थिंक टैंक एवं कंसल्टेंसी एजेंसियों के परिवहन विशेषज्ञ भी समिट में अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। इनमें WRI इंडिया, BITS पिलानी, CEPT अहमदाबाद, KPMG और DIMTS प्रमुख हैं।

    इन 8 सत्रों में होगा मंथन

    1. "मध्यप्रदेश मोबिलिटी विजन 2030: बस संचालन एवं इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) में सार्वजनिक निजी भागीदारी को बढ़ावा": इस सत्र में मध्य प्रदेश के विशाल भौगोलिक विस्तार और तेजी से बढ़ते शहरी केंद्रों के अनुरूप बस संचालन व ITMS में PPP मॉडल लागू करके सेवा की गुणवत्ता सुधारने पर मंथन किया जाएगा।

    2. "भविष्य के लिए तैयार यात्री परिवहन अवसंरचना: सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहन": यह सत्र बस टर्मिनलों, मल्टीमॉडल हब, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तथा इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी आधुनिक परिवहन संपत्तियों में पीपीपी के माध्यम से निवेश आकर्षित करने, अभिनव वित्तपोषण मॉडल, नीतिगत सहयोग और जोखिम-साझाकरण व्यवस्था पर केंद्रित होगा।

    3. "वित्तीय रूप से सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर सार्वजनिक बस संचालन के लिए रणनीतियाँ": इस सत्र में केवल किराए पर निर्भरता घटाने, व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण, गैर-किराया राजस्व (विज्ञापन, खुदरा, लॉजिस्टिक्स व नामकरण अधिकार) तथा प्रदर्शन-आधारित अनुबंधों पर विचार किया जाएगा।

    4. "यात्री परिवहन क्षेत्र में रोजगार एवं उद्यमिता सृजन हेतु केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रभावी उपयोग": इसमें पीएम मुद्रा योजना, पीएमईजीपी, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम कौशल विकास योजना, पीएम ई-ड्राइव, पीएम ई-बस सेवा और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के जरिए ट्रांसपोर्टरों, एमएसएमई, महिला उद्यमियों और कुशल पेशेवरों को सशक्त बनाने पर चर्चा होगी।

    5. "सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं यात्री सुविधा": इसमें सीसीटीवी निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, वास्तविक समय पर यात्री सूचना, चालक प्रशिक्षण और शिकायत निवारण जैसे उपभोक्ता-केंद्रित मुद्दों पर विमर्श होगा।

    6. "डेटा-आधारित निर्णय: इंट्रा-सिटी एवं इंटर-सिटी बस मार्गों एवं संचालन की योजना (AI आधारित विश्लेषण सहित)": इस सत्र में राज्यव्यापी आईटीएमएस, रीयल-टाइम डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए मार्गों के युक्तिकरण एवं शेड्यूलिंग पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।

    7. "हरित मोबिलिटी: स्वच्छ ईंधन एवं भविष्य के लिए तैयार बस बेड़ा": इसमें इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों, चार्जिंग व रीफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन डिपो और उन्नत चालक सहायता प्रणाली (एडीएएस) से जुड़े तकनीकी व ढांचागत पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।

    8. "एक राज्य, एक यात्रा: एकीकृत टिकटिंग एवं स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली के माध्यम से निर्बाध यात्रा अनुभव": सत्र में नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, स्वचालित किराया संग्रह, ओपन-लूप भुगतान प्रणाली और मोबिलिटी-एज-ए-सर्विस (MaaS) प्लेटफॉर्म पर बात होगी।