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  • Gwalior News: मोहना में 11 सितंबर को जन-विश्वास शिविर, जनता और उद्योग जगत से सीधा संवाद करेंगे अधिकारी

    Gwalior News: मोहना में 11 सितंबर को जन-विश्वास शिविर, जनता और उद्योग जगत से सीधा संवाद करेंगे अधिकारी

    ग्वालियर
    मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” के तहत ग्वालियर जिले का पाँचवां जिला स्तरीय शिविर शुक्रवार 11 सितम्बर को प्रात: 10.30 बजे से मोहना स्थित नगर पालिका परिषद कार्यालय प्रांगण में आयोजित होगा।

    मंत्री कुशवाह की मौजूदगी में होगा शिविर का आयोजन
    सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह भी शिविर में शामिल होंगे। मंत्री कुशवाह की मौजूदगी में इस शिविर के माध्यम से नगर पंचायत मोहना के सभी वार्डों की सभी बस्तियों के निवासियों को लाभान्वित कराया जायेगा।

    उद्यमियों की समस्याओं का होगा समाधान
    शिविर शुरू होने से पहले विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ नगर पंचायत क्षेत्र में भ्रमण कर अपने-अपने विभाग की संस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर में जन संवाद, उद्योग एवं इन्फ्लुएंसर संवाद आयोजित किए जाएंगे। उद्योग संवाद में वृहद, एमएसएमई तथा कुटीर उद्योगों से जुड़े उद्यमी अपने अनुभव साझा करेंगे। साथ ही उद्यमियों की समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर सम्पूर्ण प्रदेश के साथ ग्वालियर जिले में भी जनता से सीधा संवाद व जुड़ाव स्थापित करने और समस्याओं का शतप्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित होने जा रहा है।

     

  • कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रहे, असामाजिक तत्वों पर हो कठोर कार्रवाई  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रहे, असामाजिक तत्वों पर हो कठोर कार्रवाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    आमजन की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, सागर के अवैध शराब मामले की होगी न्यायिक जांच : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    लापरवाही और अनियमितता पर ज़ीरो टालरेंस, सबकी जवाबदेही तय की जाएगी
    सागर के अवैध शराब मामले में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़ा और कड़ा एक्शन
    इरशाद वली बनाए गए सागर संभाग के नए आईजी

    सागर 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को विदेश दौरे से लौटते ही सागर में अवैध शराब से मृत्यु के मामले में बड़ा और कड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर के अवैध शराब मामले की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि आमजन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मामले में सभी दोषियों पर कठोरतम  कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लापरवाही और अनियमितता पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। सभी की जवाबदेही तय की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर दिलीप कुमार ने सागर संभाग के आयुक्त पद की कमान संभाल ली है। इस गंभीर मामले में मुख्यमंत्री ने सख्त और निर्णायक प्रशासनिक निर्णय लेते हुए इरशाद वली को सागर पुलिस रेंज के नए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) की जिम्मेदारी सौंपी है।

    जिम्मेदारों पर कठोरतापूर्वक कार्रवाई की जाए सुनिश्चित

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब से लोगों की हुई मृत्यु के प्रकरण में कठोरतापूवर्क कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाए। जिले में नशा मुक्ति अभियान भी चलाया जाए जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने मृतकों के प्रति अपनी शोक संवेदना भी व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र में अवैध शराब सामग्री को जब्त करने की कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज सागर के बुन्देलखंड मेडिकल चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में जनप्रतिनिधियों, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य शासन अपराध और असामाजिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिले के साथ-साथ आस-पास और सीमावर्ती क्षेत्रों में गहन जांच अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा जहाँ कहीं भी शंका या संदिग्ध गतिविधि की गुंजाइश हो, वहाँ तत्परता से पड़ताल की जाए और सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को कहा कि पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने कहा अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि किसी निर्दोष के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हो।

    अफवाह फैलाने वालों पर करे सख्त कार्रवाई
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शांति एवं सौहार्द बिगाड़ने की मंशा से सो
    शल मीडिया या अन्य विभिन्न माध्यमों पर अनावश्यक अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर पैनी नजर रखने और उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

    समाज को साथ लेकर चलेगा नशा विरोधी अभियान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नशा विरोधी अभियान को गति देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए। साथ ही, नशा मुक्ति के क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को साथ लेकर जनजागरूकता और नशा मुक्ति के प्रभावी कार्यक्रम संचालित किए जाएं।

    प्रदेश में कठोर कानून का है प्रावधान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार के रहते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय कठोर कानून बनाया गया कि इसमें धारा 49 और बाकी 304 जोड़ते हुए हत्या से लेकर आजीवन कारावास और फांसी तक की सजा देने का प्रावधान है। इस प्रकार की घटना में लिप्त है, उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। हमने प्रशासन को फ्री हैंड दिया है कि वह उस पर कठोर से कठोर कार्रवाई करें, जिनके अवैध अतिक्रमण हैं या अलग से किसी ने इस प्रकार से अपना साम्राज्य चलाया है, उस पर भी काम करें।

    नशा मुक्ति के लिए सबको मिलकर प्रयास करने की जरूरत
    हमने पूरे राज्य में निर्देश जारी किए हैं कि नशा मुक्ति अभियान चलाने के लिए धार्मिक संस्थाओं के साथ, सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ अलग-अलग स्तर पर शासन की ओर से भी नशा मुक्ति के अभियान चलाने की आवश्यकता है। हम सबको इससे निपटने के लिए सामाजिक स्तर पर भी प्रतिबद्धता की जरूरत पड़ेगी।

    मुख्यमंत्री ने अस्पताल के वार्डों में जाकर जाना बंडा के प्रभावितों का हाल, परिजन को बंधाया ढांढस
    बंडा के अवैध शराब मामले के प्रभावितों को त्वरित राहत देने और उनका ढांढस बंधाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों का कुशलक्षेम जाना और पीड़ित परिवारों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने परिजन से कहा कि सरकार हर स्थिति में आपके साथ है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रत्येक मरीज के पास जाकर उनके स्वास्थ्य की स्थिति देखी। पीड़ितों के परिजनों से पूछा—"परिवार में कौन-कौन है? चिंता मत करिए, सरकार हर स्थिति में आपके साथ खड़ी है।" निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बीएमसी के प्रभारी डीन, अधीक्षक और वरिष्ठ चिकित्सकों से पीड़ितों को सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। साथ ही आवश्यक दवाओं, टेस्ट और विशेषज्ञों की तैनाती 24 घंटे सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

    इस दौरान दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी, रहली विधायक गोपाल भार्गव, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह, सागर विधायक शैलेन्द्र जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, बंडा विधायक वीरेन्द्र सिंह लोधी, बीना विधायक श्रीमती निर्मला सप्रे, देवरी विधायक ब्रज बिहारी पटेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, श्याम तिवारी, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, डाक्टर्स, मौजूद थे।

     

  • MP की निवेश क्षमता से रूबरू हुआ दुनिया का उद्योग जगत, दुबई दौरे में ₹53 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले

    MP की निवेश क्षमता से रूबरू हुआ दुनिया का उद्योग जगत, दुबई दौरे में ₹53 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले

    मध्यप्रदेश निवेशकों का भरोसेमंद साथी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई में दुनिया के उद्योग जगत को दिया न्योता
    मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता से रूबरू हुआ वैश्विक उद्योग जगत
    लगभग 53 हजार करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव प्राप्त

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 6 से 8 सितंबर का दुबई दौरा मध्यप्रदेश की निवेश रणनीति को वैश्विक मंच पर नए विस्तार देने वाला रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा निवेश के साथ तकनीक, बाजार, निर्यात और रोजगार को जोड़कर मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश एवं विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है। एआईएम कांग्रेस-2026 में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मध्यप्रदेश को केवल निवेश के गंतव्य के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक कंपनियों और निवेशकों के लिए दीर्घकालिक साझेदार के रूप में प्रस्तुत किया। दुबई प्रवास के दौरान लगभग 53 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। यूएई के शीर्ष मंत्रियों, तातारस्तान के नेतृत्व, विश्व बैंक और डीपी वर्ल्ड, क्रिसेंट एंटरप्राइज़, जेम्स एजुकेशन, शराफ ग्रुप, चोइथराम्स, राणा होल्डिंग्स, वीएफएस ग्लोबल और BEEAH जैसी कंपनियों के साथ हुई बैठकों में लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, एआई एवं डिजिटल टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, ई-मोबिलिटी, फार्मा, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, आधुनिक विनिर्माण और वेस्ट-टू-एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश और तकनीकी साझेदारी की संभावनाएं खुलीं।

    दुबई ने मध्यप्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र का अध्ययन करने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने, विमानन संपर्क बढ़ाने तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में उच्चस्तरीय निवेशक दल के साथ भागीदारी की दिशा में सहमति जताई, वहीं विश्व बैंक ने एआई और डिजिटल गवर्नेंस परियोजनाओं में सहयोग में रुचि दिखाई। डीपी वर्ल्ड और शराफ ग्रुप के साथ मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, BEEAH के साथ कचरा प्रबंधन एवं वेस्ट-टू-एनर्जी, GEMS के साथ एजुकेशन और कौशल विकास तथा चोइथराम्स के साथ रिटेल और फूड प्रोसेसिंग की संभावनाओं ने दौरे को ठोस कारोबारी अवसरों से जोड़ा। शारजाह चैंबर के साथ बिजनेस फोरम और यूएई के साथ निवेश राउंडटेबल की पहल के साथ मध्यप्रदेश ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब लक्ष्य केवल पूंजी आकर्षित करना नहीं, बल्कि पूंजी, तकनीक, बाजार, रोजगार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मध्यप्रदेश से जोड़ना है।

    ग्लोबल निवेश मानचित्र पर सशक्त होता मध्यप्रदेश

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस-2026 में दुनिया के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश का न्योता दिया और सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

                 25 से अधिक नई नीतियां: निवेश और कारोबार को आसान बनाने के लिए 25 से अधिक नयी नीतियां और 2700 से अधिक अप्रासंगिक कानून समाप्त।

                 MSME में 1.10 करोड़ रोजगार: प्रदेश में MSME सेक्टर में 1.10 करोड़ से अधिक लोग कार्यरत।

                 76 हजार करोड़ रूपए से अधिक निर्यात: वर्ष 2026-27 में मध्यप्रदेश से 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात।

                 भविष्य के सेक्टरों पर फोकस: AI, डेटा, ड्रोन, डिफेंस, साइंस सिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को निवेश के नए क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

                 तीन नए आईटी पार्क: रीवा, इंदौर और उज्जैन में तीन नए आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं।

                 भूमि-बिजली-पानी की ताकत: पर्याप्त लैंड बैंक, भूमि, सरप्लस बिजली, जल संसाधन और ग्रीन एनर्जी की उपलब्धता को निवेश की बड़ी ताकत बताया।

                 अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी: भोपाल और इंदौर से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें; चार नए एयरपोर्ट विकसित करने की तैयारी।

                 कृषि से ग्लोबल फूड चेन तक: फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, भंडारण और कृषि निर्यात में यूएई और खाड़ी बाजार को लक्ष्य।

                 टेक्सटाइल की वैश्विक ब्रांडिंग: चंदेरी और महेश्वरी को आधुनिक टेक्सटाइल पार्क व गारमेंट निर्माण से जोड़ने की योजना।

                 लॉजिस्टिक्स में बड़े अवसर: डीपी वर्ल्ड के साथ पवारखेड़ा में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब की संभावनाएं।

                 शराफ ग्रुप का प्रस्ताव: मध्यप्रदेश में रेल-साइडिंग आधारित लॉजिस्टिक्स पार्क के लिए 30–50 मिलियन डॉलर निवेश की संभावना और 300–600 रोजगार का अवसर।

                 जेम्स एजुकेशन : मध्यप्रदेश के प्रमुख एवं उभरते शहरों में अंतर्राष्ट्रीय K-12 स्कूल और कौशल विकास केंद्रों की संभावनाएं।

                 क्रिसेंट एंटरप्राइज़ेज़ : लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, ऊर्जा, शहरी अधोसंरचना और तकनीकी सहयोग पर चर्चा।

                 राणा हॉल्डिंग्स : स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन एनर्जी, ई-मोबिलिटी और कृषि मशीनरी में संभावनाएं।

                 चोइथराम्स : आधुनिक रिटेल, सुपरमार्केट, फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और स्थानीय किसानों से सीधी खरीद की संभावना।

                 बी-आह के साथ हरित साझेदारी: वेस्ट मैनेजमेंट, वेस्ट-टू-एनर्जी, सर्कुलर इकोनॉमी और स्मार्ट सिटी मॉडल में सहयोग।

                 इंदौर मॉडल का विस्तार: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और बायो-सीएनजी मॉडल को वैश्विक तकनीक से जोड़ने की पहल।

                 यूएई का पर्यटन दल: होटल, हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन निवेश की संभावनाएं तलाशने यूएई का प्रतिनिधिमंडल मध्यप्रदेश आएगा।

                 विमानन सहयोग: मध्यप्रदेश और यूएई के बीच एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने पर सहमति की दिशा में पहल।

                 विश्व बैंक से AI सहयोग: एआई और डिजिटल गवर्नेंस परियोजनाओं में वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग की संभावनाएं।

                 तातारस्तान से साझेदारी: एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक तकनीक में सहयोग; जीआईएस-2027 का निमंत्रण।

                 इथियोपिया से आर्थिक सहयोग: कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा में निवेश की संभावनाएं।

                 रस-अल-खैमा से औद्योगिक सहयोग: सिरेमिक, निर्माण सामग्री, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा में साझेदारी।

                 शारजाह चैंबर के साथ बिजनेस फोरम: ‘एमपी-शारजाह बिजनेस फोरम’ की पहल और मध्यप्रदेश के एमएसएमई निर्यातकों को खाड़ी के खरीदारों से जोड़ने पर जोर।

                 ओडीओपी-जीआई की ग्लोबल ब्रांडिंग: चंदेरी, महेश्वरी, बाटिक, जरी-जरदोजी, बेल मेटल और ग्वालियर कारपेट को दुबई में वैश्विक बाजार के सामने प्रदर्शित किया गया।

                 अरब देशों तक पहुंच: अरब संसद अध्यक्ष से चर्चा; अरब निवेशकों को ऊर्जा, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग और शहरी अधोसंरचना में निवेश का आमंत्रण।

                 जीआईएस-2027 केंद्र में: यूएई, तातारस्तान, इथियोपिया, अरब देशों और वैश्विक उद्योग जगत को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भागीदारी का निमंत्रण।

                निवेश के साथ तकनीक, बाजार, निर्यात और रोजगार को जोड़कर मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश एवं विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना।

                 मध्यप्रदेश ने दुबई में अपना ग्लोबल इन्वेस्टमेंट के लिये विजन रखा—मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस-2026 के ‘इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन : मध्यप्रदेश’ सत्र में वैश्विक निवेशकों को प्रदेश में निवेश का न्योता दिया और मध्यप्रदेश की विश्वसनीय, पारदर्शी एवं निवेशक-अनुकूल नीतियों की जानकारी दी।

                 दुबई के प्रमुख निवेशकों और उद्योग समूहों से वन-टू-वन संवाद— मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड, राणा होल्डिंग्स, जेम्स एजुकेशन, क्रेसेंट एंटरप्राइजेज, ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन, शराफ ग्रुप, वीएफएस ग्लोबल, चोइथराम्स सहित प्रमुख वैश्विक कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों से सीधे निवेश पर चर्चा की।

                 डीपी वर्ल्ड के साथ पोवारखेड़ा को अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स हब बनाने की संभावना—मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड-चेन के जरिए किसानों, एफपीओ, एमएसएमई और उद्योगों के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की योजना पर विमर्श।

                 जेम्स एजुकेशन मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल खोलने का इच्छुक—प्रदेश के प्रमुख एवं उभरते शहरों में आधुनिक स्कूल कैंपस स्थापित करने तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास पर काम करने में रुचि।

                 चोइथराम्स समूह प्रदेश में आधुनिक रिटेल नेटवर्क विकसित करेगा—प्रमुख शहरों में सुपरमार्केट और आधुनिक किराना रिटेल केन्द्रों की स्थापना के साथ स्थानीय किसानों और उत्पादकों से सीधे खरीद तथा खाद्य प्रसंस्करण-पैकेजिंग को बढ़ावा देने पर सहमति।

                 ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन ने कई क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई—इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर, टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी में संभावनाएं तलाशने पर चर्चा।

                 राणा होल्डिंग्स के साथ भविष्य की तकनीक पर फोकस—स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी और कृषि मशीनरी में निवेश की संभावनाओं पर विमर्श।

                 क्रेसेंट एंटरप्राइजेज ने ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और शहरी अधोसंरचना में रुचि दिखाई—मध्यप्रदेश में वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, तकनीक हस्तांतरण और दीर्घकालिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा।

                 यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी के साथ उच्चस्तरीय वार्ता—भारत-यूएई सीइपीए के तहत गैर-तेल व्यापार, उन्नत तकनीक, सप्लाई चेन और सीमा-पार निवेश को गति देने पर सहमति।

                 यूएई का उच्चस्तरीय निवेश प्रतिनिधिमंडल मध्यप्रदेश आएगा—होटल एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए यूएई प्रतिनिधिमंडल के शीघ्र प्रदेश दौरे पर सहमति।

                 मध्यप्रदेश-यूएई निवेश सहयोग के लिए 5–10 क्रियान्वयन-तैयार परियोजनाओं की पहचान होगी—‘मध्यप्रदेश-यूएई इन्वेस्टमेंट राउंड टेबल’ आयोजित करने और परियोजनाओं के लिए समर्पित नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय; तीन माह में पहली समीक्षा।

                 तातारस्तान के साथ नई औद्योगिक साझेदारी का रास्ता खुला—रूसी गणराज्य तातारस्तान के प्रमुख रुस्तम मिन्निखानोव के साथ बैठक में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, कृषि, कौशल विकास और आधुनिक तकनीक में बी2बी एवं जी2जी सहयोग पर सहमति।

                 तातारस्तान का निवेश प्रतिनिधिमंडल जीआईएस-2027 में आएगा—तातारस्तान ने मध्यप्रदेश को ‘टाइम : रूस–भारत’ फोरम और प्रदर्शनी में सहभागिता का निमंत्रण दिया तथा आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रतिनिधिमंडल के साथ भाग लेने की प्रतिबद्धता जताई।

                 विश्व बैंक के साथ एआई और डिजिटल परियोजनाओं पर संवाद—विश्व बैंक के डिजिटल एवं एआई मामलों के उपाध्यक्ष सांगबू किम के साथ बैठक में मध्यप्रदेश की एआई और डिजिटल गवर्नेंस परियोजनाओं के लिए फंडिंग एवं वित्तीय सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा।

                 पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी में यूएई की साझेदारी—यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री अब्दुल्लाह बिन तौक अल मर्री ने मध्यप्रदेश में होटल एवं हॉस्पिटैलिटी निवेश की संभावनाओं के लिए विशेष प्रतिनिधिमंडल भेजने का आश्वासन दिया।

                 मध्यप्रदेश-यूएई हवाई संपर्क बढ़ाने में सहयोग—यूएई की ओर से मध्यप्रदेश और यूएई के बीच एविएशन ऑपरेशन्स के विस्तार में सहयोग का भरोसा; इससे पर्यटन, कार्गो और व्यापारिक आवागमन को गति मिलने की संभावना।

                 खनन, टेक्सटाइल, वन और पर्यटन में यूएई के साथ साझेदारी—इन क्षेत्रों में निवेश और नीतिगत सहयोग की संभावनाओं पर उच्चस्तरीय विमर्श।

                 बी-आह के साथ वेस्ट-टू-एनर्जी साझेदारी की संभावनाएं—शारजाह स्थित बी-आह मुख्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रुप सीईओ खालिद अल हुरैमल के साथ बैठक की; मध्यप्रदेश में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, वेस्ट-टू-एनर्जी, सर्कुलर इकोनॉमी और ग्रीन मोबिलिटी में निवेश एवं तकनीकी सहयोग पर चर्चा।

                 इंदौर के स्वच्छता मॉडल को वैश्विक साझेदारी से जोड़ने की पहल—बी-आह के साथ इंदौर के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और बायो-सीएनजी मॉडल को जोड़कर आधुनिक कचरा प्रबंधन और जीरो-वेस्ट लैंडफिल की दिशा में काम करने की संभावनाएं तलाशी गईं।

                 शारजाह चैंबर के साथ बिजनेस फोरम का प्रस्ताव—शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस से मुलाकात में उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के मध्यप्रदेश दौरे और ‘मध्यप्रदेश-शारजाह बिजनेस फोरम’ के गठन का प्रस्ताव।

                 एमपी के एमएसएमई और निर्यातकों को खाड़ी बाजार से जोड़ने की पहल—शारजाह चैंबर से प्रदेश के उत्पादकों को खाड़ी देशों के खरीदारों और वितरकों से जोड़ने में सहयोग मांगा गया।

                 फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, फार्मा, रिन्यूएबल एनर्जी और पर्यटन में निवेश के अवसर—शारजाह की कंपनियों को इन क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया।

                 मध्यप्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों की ग्लोबल ब्रांडिंग—पीथमपुर और मंडीदीप जैसे औद्योगिक केंद्रों के साथ प्रदेश की औद्योगिक भूमि, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कुशल मानव संसाधन और निवेश-अनुकूल नीतियों को वैश्विक निवेशकों के सामने रखा गया।

                 मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति को निवेश की ताकत के रूप में पेश किया गया—प्रदेश लगभग 1,000 किलोमीटर के दायरे में देश की करीब 60 प्रतिशत आबादी तक पहुंच प्रदान करता है, जिससे बड़े उपभोक्ता बाजार तक उत्पादों की तेज पहुंच संभव है।

                 लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट को नई दिशा देने पर जोर—सड़क, रेल और एयर कनेक्टिविटी, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और ICD/MMPL जैसी सुविधाओं के जरिए मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने की रणनीति सामने रखी गई।

                 दुबई में मध्यप्रदेश के ओडीओपी और जीआई उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग—चंदेरी, महेश्वरी, बैतूल बेल मेटल, उज्जैन बाटिक, भोपाल जरी-जरदोजी और ग्वालियर कारपेट सहित प्रदेश के विरासत उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी आयोजित की गई।

                 अरब देशों के साथ निवेश सहयोग का विस्तार—अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही के साथ व्यापार, कृषि, पर्यटन, शिक्षा, लॉजिस्टिक्स, फार्मा, टेक्सटाइल, नवीकरणीय ऊर्जा और शहरी अधोसंरचना में सहयोग पर चर्चा।

                 मध्यपूर्व और अफ्रीका के 20 से अधिक देशों को जीआईएस-2027 का आमंत्रण—अरब संसद के माध्यम से अल्जीरिया, बहरीन, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, मोरक्को, ओमान, कतर, सऊदी अरब, यूएई सहित अनेक देशों के संसदीय नेतृत्व को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण।

                 वैश्विक निवेश नेटवर्क से सीधा संपर्क—एआईएम कांग्रेस के ‘टाइकून्स रात्रिभोज’ में सॉवरेन वेल्थ फंड्स, फैमिली ऑफिस, संस्थागत निवेशकों, वित्तीय संस्थानों और वैश्विक कॉरपोरेट नेतृत्व से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संवाद।

                 जीआईएस-2027 को दुबई दौरे का बड़ा लक्ष्य बनाया गया—लगभग हर प्रमुख बैठक में मुख्यमंत्री ने अगले वर्ष मध्यप्रदेश में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए निवेशकों, कंपनियों, सरकारी प्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों को आमंत्रित किया।

                 मध्यप्रदेश की निवेश नीति का केंद्रीय संदेश—‘नीति, नीयत और नेतृत्व’—मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैश्विक निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पारदर्शी नीतियों, सिंगल-विंडो व्यवस्था और समयबद्ध सहयोग के साथ निवेशकों की हर संभव मदद के लिए तैयार है।

    छह से आठ सितंबर के दुबई प्रवास में मध्यप्रदेश ने निवेश आकर्षण को केवल ‘निवेश प्रस्तावों’ तक सीमित न रखते हुए यूएई, रूस, विश्व बैंक और वैश्विक कॉरपोरेट जगत के साथ लॉजिस्टिक्स, एआई, ग्रीन एनर्जी, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा, शिक्षा, पर्यटन, वेस्ट-टू-एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी का रोडमैप प्रस्तुत किया।

     

  • दुबई में MP के लिए निवेश जुटाने की कवायद तेज, CM मोहन यादव ने GIS-2027 के लिए दिया आमंत्रण

    दुबई में MP के लिए निवेश जुटाने की कवायद तेज, CM मोहन यादव ने GIS-2027 के लिए दिया आमंत्रण

     भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में ऊर्जा, अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स और नगरीय विकास के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश, देश के मध्य में स्थित है और यहां का सड़क सम्पर्क, रेल तथा एयर कनेक्टिविटी देश के सभी स्थानों से सुगम है। देश के किसी भी कोने में मध्यप्रदेश से अपने उत्पाद पहुंचाना सरल और त्वरित है। प्रदेश में उपलब्ध बेहतर औद्योगिक अधोसंरचना, पर्याप्त ऊर्जा तथा स्किल्ड मैनपॉवर के कारण मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास की दृष्टि से हर तरह की संभावनाओं से परिपूर्ण प्रदेश है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई में आयोजित 'एआईएम कांग्रेस-2026' (एन्युअल इन्वेस्टमेंट मीटिंग) के तीसरे दिन 8 सितंबर को यूएई के प्रमुख निवेशकों और उद्यमियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग की। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के बिजनेस-फिलैंथ्रॉपी के लिए स्पेशल एनवॉय और क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बद्र जाफर, डीपी वर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिजवान सूमार, राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन-मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दर्शन सिंह राणा, जेम्स एजुकेशन कंपनी के चेयरमैन-फाउंडर श्री सनी वर्की, ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ सिद्धार्थ बालाचंद्रन, शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर, वीएफएस ग्लोबल के वैश्विक प्रमुख अमित साइचर तथा सुपरमार्केट, वितरण और विनिर्माण क्षेत्र के प्रमुख बहुराष्ट्रीय समूह 'चोइथराम' के अध्यक्ष एल.टी. पगरानी से विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों को अगले वर्ष होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2027 का निमंत्रण भी दिया।

    तकनीक आधारित उद्यमशीलता और स्टार्टअप को राज्य सरकार कर रही है प्रोत्साहित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चर्चा के दौरान क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बद्र जाफर को प्रदेश के प्रमुख उत्पादन क्लस्टर्स के लिए वेयर हाऊसिंग, लॉजिस्टिक्स आदि के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तकनीक आधारित उद्यमशीलता और स्टार्टअप के क्षेत्र में निवेश को राज्य सरकार निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। जाफर ने शहरी अधोसंरचना विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, संसाधनों के प्रभावी उपयोग, तकनीक हस्तांतरण के क्षेत्र में दीर्घ अवधि निवेश के संबंध में रूचि प्रकट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा जाफर के बीच मध्यप्रदेश में एनर्जी और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवाचार को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जाफर ने बताया कि क्रेसेंट ग्रुप ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, अधोसंरचना और दीर्घकालिक निवेश में रुचि रखने वाला बहुआयामी व्यापारिक समूह है। पेट्रोलियम और उद्यमिता क्रेसेंट के प्रमुख कार्यक्षेत्र हैं। कंपनी का मुख्यालय शारजाह में है।

    पोवारखेड़ा अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में होगा विकसित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिजवान सूमार के साथ चर्चा में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सहित कई विषयों पर बातचीत की। उल्लेखनीय है कि डीपी वर्ल्ड की इकाईयां मध्यप्रदेश में पहले से ही संचालित है तथा वह प्रदेश में गतिविधियों के विस्तार का इच्छुक है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूमार ने बताया कि डीपी वर्ल्ड कंपनी एंड-टू-एंड सप्लाई चेन और व्यापार समाधानों की एकीकृत वैश्विक प्रदाता है। यह दुबई सरकार की 100% स्वामित्व वाली कंपनी है। कंपनी भारत सहित 80 देशों में काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पोवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स कंपोजिट हब को अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की संभावना है। प्रमुख औद्योगिक और कृषि क्लस्टरों को सेवा देने वाली मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड-चेन सुविधाओं से व्यापार-व्यवसाय गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। कुशल रेल-आधारित माल ढुलाई के माध्यम से लॉजिस्टिक्स लागत और ट्रांसपोर्ट का समय कम करते हुए किसानों, एफपीओ, एमएसएमई और उद्योगों के लिए कार्गो समेकन, मूल्य संवर्धन और निर्यात सहायता प्रदान करने से प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ा जा सकेगा, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

    स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर्स, ग्रीन एनर्जी, ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में निवेश पर हुई चर्चा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन-मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दर्शन सिंह राणा से मुलाकात की। दोनों के बीच मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। बैठक में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर्स, ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी और एग्रीकल्चरल मशीनरी पर फोकस किया गया।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल कैंपस होंगे स्थापित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेम्स एजुकेशन कंपनी के चेयरमैन-फाउंडर सनी वर्की से मुलाकात के दौरान उन्हें प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र के नवाचारों और प्रदेश में निवेश की संभावनाओं से अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि जेम्स एजुकेशन कंपनी स्कूल शिक्षा, एजुकेशनल मैनेजमेंट और एज्युकेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करती है। जेम्स एजुकेशन कंपनी ने मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों और विकासशील शहरों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल कैंपस स्थापित करने में रूचि प्रदर्शित की। इन स्कूलों में विद्यार्थियों में कौशल विकसित करने के लिए ट्रेनिंग भी दी जाएगी। कंपनी स्थानीय जरूरतों और भविष्य की लर्निंग आवश्यकताओं के अनुसार नेशनल और इंटरनेशनल करिकुलम को लागू करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सनी वर्की ने बताया कि उनकी कंपनी की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी। कंपनी मिडिल ईस्ट, एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में काम कर रही है। कंपनी का फोकस गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार पर है। इसका मुख्यालय दुबई में है।

    ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन प्रदेश में निवेश का इच्छुक
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ सिद्धार्थ बालाचंद्रन से वन-टू-वन मीटिंग की। बालाचंद्रन ने इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ केयर, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी सहित कई सेक्टर में निवेश की इच्छा प्रकट की।

    शराफ ग्रुप मध्यप्रदेश में संचालन एवं प्रतिष्ठान स्थापित करने के लिए इच्छुक
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर से मुलाकात की। दोनों के बीच शिपिंग-लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में मध्यप्रदेश में रेल-साइडिंग युक्त लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके लिए लगभग 30 से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश का प्रस्ताव है। इस परियोजना से लगभग 300 से 600 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। कंपनी इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र में निवेश के लिए इच्छुक है। बैठक में मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क, आधुनिक वेयरहाउसिंग और रीजनल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स का विकास किए जाने पर चर्चा हुई। कंपनी के प्रेसिडेंट कपूर ने बैठक में बताया कि कंपनी भारत में अपनी भारतीय सहायक कंपनी हिंद टर्मिनल्स प्राइवेट लिमिटेड (HTPL) के माध्यम से मौजूद है जो इनलैंड कंटेनर डिपो के संचालन के साथ-साथ ताजे कृषि उत्पादों के संरक्षण के लिए कोल्ड-चेन समाधान भी उपलब्ध कराती है। कंपनी भारत में 35 माल वाहक ट्रेनों और लगभग 900 ट्रकों का संचालन कर रही है। कंपनी मध्यप्रदेश में अपना संचालन एवं प्रतिष्ठान स्थापित करने के लिए विशेष रूप से इच्छुक है।

    भोपाल और इंदौर में वीज़ा सेवाओं का होगा विस्तार
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ वीएफएस ग्लोबल के वैश्विक प्रमुख अमित साइचर की सौहार्दपूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य में निवेश, रोजगार, वीज़ा सेवाओं की सुलभता, पर्यटन तथा युवाओं के कौशल विकास को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीएफएस ग्लोबल को भोपाल और इंदौर में वीज़ा आवेदन सेवाओं का दायरा बढ़ाने तथा क्षेत्रीय पहुंच को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं की रोजगार-योग्यता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। चर्चा के दौरान स्थानीय युवाओं के लिए उद्योग-उन्मुख यात्रा, पर्यटन और आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने पर विचार किया गया।

    चोइथराम समूह सुपरमार्केट और आधुनिक किराना रिटेल केन्द्रों की स्थापना का इच्छुक
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुपरमार्केट, वितरण और विनिर्माण क्षेत्र के प्रमुख बहुराष्ट्रीय समूह 'चोइथराम' के अध्यक्ष एल. टी. पगरानी से प्रदेश की निवेश नीतियों और व्यापारिक संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। दुबई मुख्यालय वाला चोइथराम समूह वर्ष 1943 से कार्यरत प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय समूह है। यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका में मजबूत उपस्थिति रखने वाला यह समूह रिटेल, खाद्य सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और ब्रांड वितरण में विशेषज्ञता रखता है। बैठक के दौरान राज्य में आधुनिक व्यापारिक अधोसंरचना के विकास पर सहमति बनी। समूह प्रदेश के प्रमुख शहरों में सुपरमार्केट और आधुनिक किराना-रिटेल प्रारूपों की स्थापना का इच्छुक है। औद्योगिक साझेदारी के तहत समूह मध्यप्रदेश के स्थानीय उत्पादकों और किसानों से सीधे कृषि व प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की खरीद करेगा। स्थानीय कच्चे माल का उपयोग कर राज्य में खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निजी लेबल विनिर्माण को गति दी जाएगी।

  • निवेश बढ़ाने के लिए MP सरकार का बड़ा कदम, जरूरत के अनुसार पॉलिसी में मिलेगी छूट: डॉ. यादव

    निवेश बढ़ाने के लिए MP सरकार का बड़ा कदम, जरूरत के अनुसार पॉलिसी में मिलेगी छूट: डॉ. यादव

    निवेशकों को देंगे आवश्यकतानुसार नीतियों (पॉलिसी) में छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश उद्योग क्षेत्र में आशाओं और असीम अवसरों की धरती
    900 कानूनों को समाप्त कर उद्योग और व्यापार व्यवसाय क्षेत्र को बनाया सुगम और सरल

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए 2700 से अधिक नियमों और लगभग 900 कानूनों को समाप्त कर उद्योग और व्यापार-व्यवसाय क्षेत्र को सरल, सुगम बनाने का प्रयास किया है। इस कदम से उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। निर्धारित नीतियों के अंतर्गत और आवश्यकता होने पर निवेशकों को नीतियों में आवश्यक छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को दुबई में "इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश" को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्य पद्धति के आधार पर दुनियाभर में रहने वाला भारतीय समुदाय आज स्वयं को गौरवान्वित महसूस करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते राज्य को विकास के नए आयाम दिए। अब उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद दुनिया हमारी अर्थव्यवस्था की शक्ति देख रही है। दुबई वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र माना जाता है। यूएई से अफ्रीका और एशिया के साथ यूरोप में व्यापार होता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश दुनिया का इकलौता राज्य है, जहां हीरे और स्वर्ण भंडार मौजूद है। अफ्रीका के बाद मध्यप्रदेश एक मात्र धरती है, जहां कटनी और सिंगरौली में सोने की खदान मिली है। मध्यप्रदेश में माइनिंग क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। निवेशक यहां आएं और अपने व्यापार-व्यवसाय के राज्य को समृद्ध बनाएं। होटल व्यवसाय शुरू करने पर मध्यप्रदेश सरकार 30 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी उपलब्ध करवा रही है। दुनिया की सबसे सस्ती बिजली 2.17 पैसे प्रति यूनिट बिजली मध्यप्रदेश उपलब्ध करवा रहा है। हमारी सरकार ग्रीन एनर्जी को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आशाओं और असीम संभावनाओं की धरती है। नवाचार, विकास और साझा समृद्धि की सोच हमें जोड़ती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को जीआईएस-2027 का निमंत्रण देते हुए कहा कि देश की सबसे अच्छी एविएशन पॉलिसी मध्यप्रदेश में है। मध्यप्रदेश से यूएई और अबुधाबी के लिए सीधी एयर कनेक्टिविटी हो गई है। हमारी सरकार प्रति फ्लाइट वीजीएफ भी दे रही है। अगले महीने प्रदेश से शारजाह से भी उड़ान सेवा शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उनकी निरंतर दूसरे वर्ष दुबई की यात्रा है। इसके पहले पर्यटन निगम के अध्यक्ष के नाते भी दुबई आने का अवसर मिला था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं और प्रदेश की विशेषताओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार में लगभग 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर नजर आने लगे हैं। मध्यप्रदेश से आज 76 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात हो रहा है। देश में सबसे तेज विकास दर और बेरोजगारी को खत्म करने की दर मध्यप्रदेश की है। यहां अपराध मुक्त वातावरण और समय सीमा में कामों के निपटारे का प्रावधान सभी को आकर्षित करता है। औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए राज्य में अब केवल 29 दिन में जमीन उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश सरकार ऑन द स्पॉट लैंड अलॉटमेंट में विश्वास रखती है। मध्यप्रदेश में 1 लाख से अधिक इंडस्ट्रियल लैंड बैंक और 5 लाख किलोमीटर से अधिक रोड नेटवर्क है। सभी व्यवस्थाएं करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। है। बुर्ज खलीफा की ऊंचाई के साथ दुबई का भाग्य भी बदलता चला गया। हम मध्यप्रदेश की समृद्धि के लिए वक्त से, वक्त को पहचानने वालों के बीच आए हैं।

    मध्यप्रदेश में लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन सेक्टर में अपार संभावनाएं : एसीएस मंडलोई

    दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश इन्वेस्टमेंट सेशन के तीसरे दिन औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश की मजबूत कनेक्टिविटी, निवेश अनुकूल नीतियों और विकसित हो रहे औद्योगिक इको सिस्टम के साथ लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन क्षेत्रों की संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया।

    एसीएस मंडलोई ने बताया कि लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 के तहत निवेशकों को फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 30 प्रतिशत तक सहायता सहित कई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क तथा नर्मदा एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ रहे औद्योगिक अवसरों की जानकारी दी गई। खनन क्षेत्र में हीरा, तांबा, मैंगनीज, चूना पत्थर और डायमंड और स्वर्ण खनिज संसाधनों को निवेश के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में रेखांकित किया गया।

    पर्यटन सेक्टर में मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत, वन्य जीव और प्राकृतिक स्थलों के बारे में निवेशकों को जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में प्रदेश में 13.41 करोड़ पर्यटक आए, जबकि पर्यटन नीति-2025 के तहत पूंजी निवेश पर 30 प्रतिशत तक सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति और 90 वर्ष तक की लीज जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभिन्न पर्यटन स्थलों पर निजी निवेश की संभावनाएं प्रदर्शित की गईं।

    मुख्यमंत्री डॉ . यादव की सक्रियता और निवेशकों से सीधा संवाद मध्यप्रदेश की ताकत :

    भारत के काउंसिल जनरल डॉ. रेड्डी

    दुबई में भारत के काउंसिल जनरल डॉ. ई. विष्णुवर्धन रेड्डी ने कहा कि भारत और यूएई के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उद्योग जगत से निरंतर संवाद और हर कार्यक्रम में समान ऊर्जा के साथ सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश के साथ जुड़ाव और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने मध्यप्रदेश की बेहतर कनेक्टिविटी, तेज आर्थिक विकास और विशाल पर्यटन एवं आध्यात्मिक संभावनाओं की सराहना की।

    आईपीएफ यूएई के नेशनल प्रेसिडेंट जितेंद्र वैद्य ने कहा कि भगवान राम ने 14 वर्ष के वनवास में से अधिकांश समय मध्यप्रदेश के चित्रकूट में बिताया। ऐसे राज्य में निवेश का सौभाग्य निवेशकों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में अधिकतम निवेश के लिए दिन-रात परिश्रम कर रहे हैं।

    उद्योगपति और सांसद राजिंदर गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश देश की प्रगति में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदेश में उद्योगों को हर तरह से सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से मध्यप्रदेश देश का सबसे उन्नतशील राज्य बना है। उन्हें राज्य में 12% से अधिक ग्रोथ लाने का श्रेय है।

     

  • मध्यप्रदेश की निवेश नीति का डंका, MPIDC को मिला एशिया की सर्वश्रेष्ठ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी का सम्मान

    मध्यप्रदेश की निवेश नीति का डंका, MPIDC को मिला एशिया की सर्वश्रेष्ठ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी का सम्मान

    दुबई में तीसरे दिन 53 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त

    एमपीआईडीसी को एशिया की सर्वश्रेष्ठ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी का ‘Winner Asia’ सम्मान

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई दौरे के तीसरे दिन निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक साझेदारी, शहरी विकास, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और सतत विकास से जुड़े अनेक कार्यक्रमों में भाग लिया। दिनभर आयोजित गतिविधियों में निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें, शारजाह चैंबर के साथ संवाद, बीईईएएच की अत्याधुनिक सुविधाओं का अवलोकन, एमार समूह की प्रमुख हस्तियों के साथ बैठक, मीडिया संवाद तथा "इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश: इंटरैक्टिव सेशन" प्रमुख रहे।

    एआईएम कांग्रेस : 2026 में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम को एआईएम इन्वेस्टमेंट अवॉर्ड्स 2026 में विनर एशिया के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार निवेश संवर्धन, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन, नवाचार और सतत विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदान किया जाता है। यह सम्मान यूएई के विदेश व्यापार मंत्री एवं एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयौदी ने प्रदान किया।

    निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीसरे दिन पूर्वान्ह सत्र में विभिन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स एवं उद्योग समूहों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को क्षेत्रवार प्रस्तुत करना तथा निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाना था। बैठकों में राणा होल्डिंग्स, जेम्स एजुकेशन, क्रेसेंट ग्रुप, प्योर हेल्थ, शराफ ग्रुप, चोइथराम्स, डीपी वर्ल्ड, ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन, वेस्ट ज़ोन, केजीके ग्रुप, विस्टास मीडिया कैपिटल, वीएफएस ग्लोबल तथा एनआईडीआई सर्विसेज/एससीएनईएलएलएलएलसी-एफजेड के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    वन-टू-वन बैठकों से प्राप्त हुए 53 हज़ार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ विस्तृत चर्चा में मध्यप्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, डेटा सेंटर, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, ई-मोबिलिटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। कंपनी ने राज्य में 2,000 मेगावॉट सौर ऊर्जा पोर्टफोलियो, 200 मेगावॉट ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र, 50 मेगावॉट क्षमता के एआई एवं कंप्यूट डेटा सेंटर (जिसे 200 मेगावॉट तक विस्तारित किया जा सकेगा), 30,000 एमटीपीए क्षमता के क्रिटिकल मिनरल्स रिकवरी एवं रीसाइक्लिंग कॉम्प्लेक्स तथा एकीकृत स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करने में रुचि प्रदर्शित की। इन प्रस्तावित परियोजनाओं में लगभग 35,200 करोड़ रुपये (4 बिलियन अमेरिकी डॉलर)के निवेश की संभावना है। इससे मध्यप्रदेश में ऊर्जा संक्रमण, उन्नत विनिर्माण और डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में वृहद स्तर परिवर्तन आयेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनआईडीआई सर्विसेज डीएमसीसी/एससीएनईएलएलके इन्वेस्टर्स के साथ औद्योगिक स्तर के एआई कंप्यूट कैंपस एवं सॉवरेन एआई फैक्ट्री परियोजना पर चर्चा की। कंपनी ने 50 मेगावॉट क्षमता वाले एआई फैक्ट्री प्रोजेक्ट में लगभग 1.5 से 2 बिलियन डॉलर निवेश संबंधी (लगभग 18 हज़ार करोड़)  कॉन्सेप्ट प्रस्तुत किया, जिसे भविष्य में 100 मेगावॉट से अधिक तक विस्तारित किया जा सकता है। वन-टू-वन चर्चा में जेम्स एजुकेशन के चेयरमैन सनी वर्की के साथ अंतर्राष्ट्रीय मानकों अनुसार के-12 स्कूल, शिक्षक प्रशिक्षण, एडटेक और भविष्य उन्मुख शिक्षा परिसरों की स्थापना पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामहिम बद्र जाफर, विशेष दूत, यूएई तथा क्रेसेंट ग्रुप की लीडरशिप के साथ नवकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्टार्टअप निवेश, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर और दीर्घकालिक निवेश साझेदारी पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने प्योर हेल्थ के प्रतिनिधियों के साथ मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन, मेडिकल एवं नर्सिंग शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में निवेश संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शराफ ग्रुप के साथ मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, कोल्ड-चेन, सप्लाई चेन नेटवर्क, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने चोइथराम्स के साथ खाद्य प्रसंस्करण, रिटेल, कृषि उत्पादों की खरीद, वितरण नेटवर्क और कोल्ड-चेन अवसंरचना के विस्तार पर बातचीत की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड के सीईओ रिज़वान सूमार के साथ पवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स कॉम्पोजिट हब, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स, निर्यात संवर्धन और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से मध्यप्रदेश को जोड़ने के लिये विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ अवसंरचना, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और हरित विकास परियोजनाओं में दीर्घकालिक निवेश तथा इक्विटी भागीदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वेस्ट ज़ोन के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट निवेश तथा मध्यप्रदेश उत्पादों की यूएई बाजार में मार्केटिंग और सेलिंग पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने मध्यप्रदेश में केजीके ग्रुप के साथ डायमंड प्रोसेसिंग, जेम्स एवं ज्वेलरी विनिर्माण, डिजाइन, स्किल डेवलपमेंट और निर्यात आधारित इकाइयों की स्थापना पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विस्टास मीडिया कैपिटल के साथ फिल्म, एवीजीसी, एनीमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग एवं डिजिटल कंटेंट उत्पादन हब स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार किया। वीएफएस ग्लोबल के साथ भोपाल और इंदौर में वीजा सेवा विस्तार, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी कौशल विकास कार्यक्रमों पर चर्चा हुई।

    शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ हुई बैठक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शारजाह में चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन हिज हाईनेस अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस के साथ मीटिंग की। दोनों प्रतिनिधि मंडलों में मध्यप्रदेश और शारजाह के बीच व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, एसएमई सहयोग, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, पर्यटन एवं नवकरणीय ऊर्जा सेक्टर्स में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शारजाह के इन्वेस्टर्स को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आमंत्रित करते हुए जीआईएस-2027 में भागीदारी का आमंत्रण दिया। बैठक के बाद चैंबर एवं आईबीपीसी प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल चर्चा भी हुई।

    बीईईएएच सस्टेनेबिलिटी एवं इनोवेशन फेसिलिटिज का भ्रमण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शारजाह स्थित बीईईएएच के मुख्यालय एवं उसकी विश्वस्तरीय सस्टेनेबिलिटी सुविधाओं का अवलोकन किया। समूह के सीईओ एवं वाइस चेयरमैन खालिद अलहुरैमल के साथ हुई बैठक में वेस्ट-टू-एनर्जी, इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सर्कुलर इकोनॉमी, स्मार्ट सिटी, हरित ऊर्जा तथा इंदौर मॉडल आधारित सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समूह को मध्यप्रदेश में शहरी स्वच्छता एवं ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं में भागीदारी तथा जीआईएस-2027 में शामिल होने का निमंत्रण दिया

    एमार समूह की लीडरशिप के साथ बैठक एवं डाउनटाउन दुबई का अवलोकन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमार प्रॉपर्टीज के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक हिज हाईनेस मोहम्मद अलाब्बार से भेंट की। बैठक में इंदौर की एमार कॉन्टिनेंटल सिटी परियोजना का उल्लेख करते हुए मध्यप्रदेश में एमार के योगदान की सराहना की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमार को इंदौर-पीथमपुर-उज्जैन डेवलपमेंट कॉरिडोर सहित राज्य में एकीकृत मिश्रित उपयोग शहरी परियोजनाओं, टाउनशिप, हॉस्पिटैलिटी तथा विश्वस्तरीय शहरी विकास परियोजनाओं में निवेश के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमार ग्रुप के संस्थापक एवं एमडी को जीआईएस-2027 में विशिष्ट अतिथि के रूप में भागीदारी के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डाउनटाउन दुबई, बुर्ज खलीफा, दुबई मॉल तथा आसपास के एकीकृत शहरी विकास मॉडल का भी अवलोकन किया और माडर्न टाइन प्लानिंग एवं डेस्टिनेशन डेवलपमेंट के कांसेप्ट की जानकारी ली।

    मीडिया संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ताज दुबई में आयोजित मीडिया संवाद में दुबई दौरे की उपलब्धियों, यूएई निवेशकों की सकारात्मक रुचि तथा मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश सुगमता, औद्योगिक अवसंरचना, भूमि उपलब्धता, लॉजिस्टिक्स और नीति समर्थन निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।

    "इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश" इंटरैक्टिव सेशन

    दुबई में हुए “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश : इंटरैक्टिव सेशन” में यूएई के उद्योगपति, निवेशक, व्यापारिक संगठन, आईबीपीसी, सीआईआई यूएई तथा प्रवासी भारतीय उद्यमियों ने सहभागिता की। अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया। सेशन को विशिष्ट अतिथि के रूप में हिज एक्सीलेंसी बद्र जाफर ने भी संबोधित किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संबोधन के प्रमुख बिंदु

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस प्रकार दुबईवासियों ने अपने परिश्रम से वैश्विक उपलब्धियों में बदला है, उसी प्रकार मध्यप्रदेश भी संभावनाओं को अवसरों और उपलब्धियाँ हासिल की हैं, उसी प्रकार मध्यप्रदेश भी संभावनाओं को अवसरों और उपलब्धियों में बदलने के लिए तैयार है। उन्होंने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश आज 11 प्रतिशत से अधिक आर्थिक विकास दर के साथ भारत के प्रमुख विकास इंजनों में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य को 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 30 प्रतिशत से अधिक प्रोजेक्ट्स धरातल पर उतर चुके हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, हरित ऊर्जा, आईटी, एआई, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा पर्यटन क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने राज्य में उपलब्ध पर्याप्त लैंड बैंक, मजबूत सड़क एवं रेल नेटवर्क, 8 एक्टिव हवाई अड्डों, निवेश-अनुकूल नीतियों तथा सिंगल विंडो प्रणाली की जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों को जनवरी 2027 में भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2027) में भाग लेने का औपचारिक निमंत्रण दिया और कहा कि “मध्यप्रदेश भारत का हृदय है और निवेशकों का स्वागत हृदय से करेगा।”

     

  • MP के उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक आसान होगी पहुंच, बेहतर लॉजिस्टिक्स पर CM डॉ. यादव का जोर

    MP के उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक आसान होगी पहुंच, बेहतर लॉजिस्टिक्स पर CM डॉ. यादव का जोर

    हतर लॉजिस्टिक व्यवस्था से प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने में मदद मिलेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश में एनर्जी और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में होगा नवाचार
    लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन के विस्तार से स्थानीय स्तर पर बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस-2026 के तीसरे दिन निवेशकों और उद्यमियों से की वन-टू-वन मीटिंग
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों को प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए किया आमंत्रित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में ऊर्जा, अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स और नगरीय विकास के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश, देश के मध्य में स्थित है और यहां का सड़क सम्पर्क, रेल तथा एयर कनेक्टिविटी देश के सभी स्थानों से सुगम है। देश के किसी भी कोने में मध्यप्रदेश से अपने उत्पाद पहुंचाना सरल और त्वरित है। प्रदेश में उपलब्ध बेहतर औद्योगिक अधोसंरचना, पर्याप्त ऊर्जा तथा स्किल्ड मैनपॉवर के कारण मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास की दृष्टि से हर तरह की संभावनाओं से परिपूर्ण प्रदेश है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई में आयोजित 'एआईएम कांग्रेस-2026' (एन्युअल इन्वेस्टमेंट मीटिंग) के तीसरे दिन 8 सितंबर को यूएई के प्रमुख निवेशकों और उद्यमियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग की। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के बिजनेस-फिलैंथ्रॉपी के लिए स्पेशल एनवॉय और क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बद्र जाफर, डीपी वर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिजवान सूमार, राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन-मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दर्शन सिंह राणा, जेम्स एजुकेशन कंपनी के चेयरमैन-फाउंडर सनी वर्की, ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ सिद्धार्थ बालाचंद्रन, शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर, वीएफएस ग्लोबल के वैश्विक प्रमुख अमित साइचर तथा सुपरमार्केट, वितरण और विनिर्माण क्षेत्र के प्रमुख बहुराष्ट्रीय समूह 'चोइथराम' के अध्यक्ष एल.टी. पगरानी से विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों को अगले वर्ष होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2027 का निमंत्रण भी दिया।

    तकनीक आधारित उद्यमशीलता और स्टार्टअप को राज्य सरकार कर रही है प्रोत्साहित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चर्चा के दौरान क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बद्र जाफर को प्रदेश के प्रमुख उत्पादन क्लस्टर्स के लिए वेयर हाऊसिंग, लॉजिस्टिक्स आदि के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तकनीक आधारित उद्यमशीलता और स्टार्टअप के क्षेत्र में निवेश को राज्य सरकार निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। जाफर ने शहरी अधोसंरचना विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, संसाधनों के प्रभावी उपयोग, तकनीक हस्तांतरण के क्षेत्र में दीर्घ अवधि निवेश के संबंध में रूचि प्रकट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा जाफर के बीच मध्यप्रदेश में एनर्जी और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवाचार को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जाफर ने बताया कि क्रेसेंट ग्रुप ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, अधोसंरचना और दीर्घकालिक निवेश में रुचि रखने वाला बहुआयामी व्यापारिक समूह है। पेट्रोलियम और उद्यमिता क्रेसेंट के प्रमुख कार्यक्षेत्र हैं। कंपनी का मुख्यालय शारजाह में है।

    पोवारखेड़ा अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में होगा विकसित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिजवान सूमार के साथ चर्चा में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सहित कई विषयों पर बातचीत की। उल्लेखनीय है कि डीपी वर्ल्ड की इकाईयां मध्यप्रदेश में पहले से ही संचालित है तथा वह प्रदेश में गतिविधियों के विस्तार का इच्छुक है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूमार ने बताया कि डीपी वर्ल्ड कंपनी एंड-टू-एंड सप्लाई चेन और व्यापार समाधानों की एकीकृत वैश्विक प्रदाता है। यह दुबई सरकार की 100% स्वामित्व वाली कंपनी है। कंपनी भारत सहित 80 देशों में काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पोवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स कंपोजिट हब को अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की संभावना है। प्रमुख औद्योगिक और कृषि क्लस्टरों को सेवा देने वाली मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड-चेन सुविधाओं से व्यापार-व्यवसाय गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। कुशल रेल-आधारित माल ढुलाई के माध्यम से लॉजिस्टिक्स लागत और ट्रांसपोर्ट का समय कम करते हुए किसानों, एफपीओ, एमएसएमई और उद्योगों के लिए कार्गो समेकन, मूल्य संवर्धन और निर्यात सहायता प्रदान करने से प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ा जा सकेगा, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

    स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर्स, ग्रीन एनर्जी, ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में निवेश पर हुई चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन-मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दर्शन सिंह राणा से मुलाकात की। दोनों के बीच मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। बैठक में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर्स, ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी और एग्रीकल्चरल मशीनरी पर फोकस किया गया।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल कैंपस होंगे स्थापित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेम्स एजुकेशन कंपनी के चेयरमैन-फाउंडर सनी वर्की से मुलाकात के दौरान उन्हें प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र के नवाचारों और प्रदेश में निवेश की संभावनाओं से अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि जेम्स एजुकेशन कंपनी स्कूल शिक्षा, एजुकेशनल मैनेजमेंट और एज्युकेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करती है। जेम्स एजुकेशन कंपनी ने मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों और विकासशील शहरों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल कैंपस स्थापित करने में रूचि प्रदर्शित की। इन स्कूलों में विद्यार्थियों में कौशल विकसित करने के लिए ट्रेनिंग भी दी जाएगी। कंपनी स्थानीय जरूरतों और भविष्य की लर्निंग आवश्यकताओं के अनुसार नेशनल और इंटरनेशनल करिकुलम को लागू करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सनी वर्की ने बताया कि उनकी कंपनी की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी। कंपनी मिडिल ईस्ट, एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में काम कर रही है। कंपनी का फोकस गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार पर है। इसका मुख्यालय दुबई में है।

    ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन प्रदेश में निवेश का इच्छुक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ सिद्धार्थ बालाचंद्रन से वन-टू-वन मीटिंग की। बालाचंद्रन ने इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ केयर, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी सहित कई सेक्टर में निवेश की इच्छा प्रकट की।

    शराफ ग्रुप मध्यप्रदेश में संचालन एवं प्रतिष्ठान स्थापित करने के लिए इच्छुक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर से मुलाकात की। दोनों के बीच शिपिंग-लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में मध्यप्रदेश में रेल-साइडिंग युक्त लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके लिए लगभग 30 से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश का प्रस्ताव है। इस परियोजना से लगभग 300 से 600 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। कंपनी इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र में निवेश के लिए इच्छुक है। बैठक में मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क, आधुनिक वेयरहाउसिंग और रीजनल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स का विकास किए जाने पर चर्चा हुई। कंपनी के प्रेसिडेंट कपूर ने बैठक में बताया कि कंपनी भारत में अपनी भारतीय सहायक कंपनी हिंद टर्मिनल्स प्राइवेट लिमिटेड (HTPL) के माध्यम से मौजूद है जो इनलैंड कंटेनर डिपो के संचालन के साथ-साथ ताजे कृषि उत्पादों के संरक्षण के लिए कोल्ड-चेन समाधान भी उपलब्ध कराती है। कंपनी भारत में 35 माल वाहक ट्रेनों और लगभग 900 ट्रकों का संचालन कर रही है। कंपनी मध्यप्रदेश में अपना संचालन एवं प्रतिष्ठान स्थापित करने के लिए विशेष रूप से इच्छुक है।

    भोपाल और इंदौर में वीज़ा सेवाओं का होगा विस्तार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ वीएफएस ग्लोबल के वैश्विक प्रमुख अमित साइचर की सौहार्दपूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य में निवेश, रोजगार, वीज़ा सेवाओं की सुलभता, पर्यटन तथा युवाओं के कौशल विकास को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीएफएस ग्लोबल को भोपाल और इंदौर में वीज़ा आवेदन सेवाओं का दायरा बढ़ाने तथा क्षेत्रीय पहुंच को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं की रोजगार-योग्यता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। चर्चा के दौरान स्थानीय युवाओं के लिए उद्योग-उन्मुख यात्रा, पर्यटन और आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने पर विचार किया गया।

    चोइथराम समूह सुपरमार्केट और आधुनिक किराना रिटेल केन्द्रों की स्थापना का इच्छुक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुपरमार्केट, वितरण और विनिर्माण क्षेत्र के प्रमुख बहुराष्ट्रीय समूह 'चोइथराम' के अध्यक्ष एल. टी. पगरानी से प्रदेश की निवेश नीतियों और व्यापारिक संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। दुबई मुख्यालय वाला चोइथराम समूह वर्ष 1943 से कार्यरत प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय समूह है। यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका में मजबूत उपस्थिति रखने वाला यह समूह रिटेल, खाद्य सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और ब्रांड वितरण में विशेषज्ञता रखता है।बैठक के दौरान राज्य में आधुनिक व्यापारिक अधोसंरचना के विकास पर सहमति बनी। समूह प्रदेश के प्रमुख शहरों में सुपरमार्केट और आधुनिक किराना-रिटेल प्रारूपों की स्थापना का इच्छुक है। औद्योगिक साझेदारी के तहत समूह मध्यप्रदेश के स्थानीय उत्पादकों और किसानों से सीधे कृषि व प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की खरीद करेगा। स्थानीय कच्चे माल का उपयोग कर राज्य में खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निजी लेबल विनिर्माण को गति दी जाएगी।

     

  • शारजाह के उद्योग जगत से MP की बढ़ेगी साझेदारी? CM डॉ. यादव की चेयरमैन से मुलाकात में निवेश पर चर्चा

    शारजाह के उद्योग जगत से MP की बढ़ेगी साझेदारी? CM डॉ. यादव की चेयरमैन से मुलाकात में निवेश पर चर्चा

    दुबई विजिट "तीसरा दिन"

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन से की भेंट, एमपी में बड़े निवेश की संभावना

    शारजाह और मध्यप्रदेश के बीच आर्थिक साझेदारी सुदृढ़ करने पर गहन विचार-विमर्श
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शारजाह के प्रतिनिधिमंडल को जीआईएस 2027 के लिए किया आमंत्रित
    फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, फार्मा और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित 'एनुअल इन्वेस्टमेंट मीटिंग' (एआईएम कांग्रेस-2026) के दौरान शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एवं एक्सपो सेंटर के चेयरमैन अब्दल्ला सुल्तान अल ओवैस से सौजन्य भेंट की। बैठक में मध्यप्रदेश और शारजाह के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को प्रगाढ़ करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओवैस को अगले साल होने वाली 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2027') में सहभागिता के लिये मध्यप्रदेश आमंत्रित किया।

    व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल और बी-2-बी फोरम का प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शारजाह चैंबर के साथ एक सुव्यवस्थित और रणनीतिक आर्थिक साझेदारी विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने चेयरमैन ओवैस से मध्यप्रदेश में एक उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का आग्रह किया। साथ ही, दोनों क्षेत्रों के उद्यमियों के बीच सेक्टर-आधारित बी-2-बी बैठकों के आयोजन हेतु 'मध्यप्रदेश-शारजाह बिजनेस फोरम' का प्रस्ताव भी रखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के एमएसएमई और निर्यातकों को खाड़ी देशों के प्रमुख खरीदारों व वितरकों से जोड़ने के लिए शारजाह चैंबर से सहयोग का आह्वान किया। बैठक में शारजाह की अग्रणी कंपनियों को प्रदेश के फूड पार्क, कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, नवकरणीय ऊर्जा और पर्यटन परियोजनाओं में पूंजी निवेश के लिए आमंत्रित किया गया।

    मध्यप्रदेश में निवेश-अनुकूल नीतियां और सुदृढ़ इंफ्रॉस्ट्रक्चर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी रणनीतिक केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, प्रतिस्पर्धी लागत, विशाल औद्योगिक लैंड बैंक, विश्वस्तरीय इंफ्रॉस्ट्रक्चर और देश के बड़े बाजारों से उत्कृष्ट कनेक्टिविटी के साथ देश का प्रमुख निवेश केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी नीतियों, त्वरित सिंगल-विंडो सिस्टम और उद्योग-अनुकूल वातावरण के माध्यम से निवेशकों को संपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। शारजाह का विस्तृत व्यापारिक नेटवर्क और कनेक्टिविटी मध्यप्रदेश के स्थानीय उत्पादों के निर्यात, कौशल संवर्धन, रोजगार सृजन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में मील का पत्थर सिद्ध होगी।

    शारजाह-भारत के मजबूत आर्थिक संबंध

    शारजाह-भारत के व्यापारिक संबंधों को भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी और सीईपीए का समर्थन प्राप्त है। चैंबर ने भारत में मुंबई सहित, ट्रेड मिशन और बिज़नेस फोरम आयोजित किए हैं। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल, ज्वेलरी, एसएमई, टेक्नोलॉजी, एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, फूड इंडस्ट्रीज़, टूरिज़्म और रियल एस्टेट शामिल हैं। गौरतलब है कि अब्दल्ला सुल्तान अल ओवैस मई 2014 से शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और एक्सपो सेंटर शारजाह के चेयरमैन हैं। वे यूएई फेडरेशन ऑफ चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वाइस चेयरमैन भी हैं। उन्हें सरकार, उद्योग, बैंकिंग, फूड प्रोडक्शन, एजुकेशन, एग्रीकल्चर और द्विपक्षीय बिज़नेस संस्थाओं में नेतृत्व का व्यापक अनुभव है।

     

  • दुबई में निवेशकों से आमने-सामने होंगे सीएम डॉ. यादव, तीसरे दिन निवेश को लेकर अहम बैठकें

    दुबई में निवेशकों से आमने-सामने होंगे सीएम डॉ. यादव, तीसरे दिन निवेश को लेकर अहम बैठकें

    दुबई प्रवास के तीसरे दिन निवेशकों से सीधा संवाद करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    शारजाह चैंबर, बीआह और इमार के शीर्ष प्रतिनिधियों से करेंगे मुलाकात
    यूएई के प्रमुख उद्यमियों से निवेश पर होगी वन-टू-वन मीटिंग

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दुबई यात्रा के तीसरे दिन 8 सितंबर को मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण बैठकों और संवाद सत्रों में सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री दुबई में यूएई के प्रमुख निवेशकों और उद्यमियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग कर मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं, उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और निवेश अनुकूल नीतियों पर चर्चा करेंगे। इनमें राणा होल्डिंग्स, जेम्स एजुकेशन, क्रेसेंट ग्रुप, प्योर हेल्थ, शराफ ग्रुप, चोइथराम्स, डीपी वर्ल्ड, ब्यूमर्क कॉरपोरेशन, वेस्ट ज़ोन, केजीके ग्रुप, विस्टास मीडिया कैपिटल और वीएफएस ग्लोबल के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष महामहिम अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद चैंबर और आईबीपीसी शारजाह के प्रतिनिधियों के साथ राउण्ड टेबल मीटिंग के संवाद में मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाएं साझा करते हुए इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए आमंत्रित करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बीआह समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा इमार के समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में पर्यावरण प्रबंधन, शहरी विकास, रियल एस्टेट और अधोसंरचना के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए आमंत्रण दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मीडिया से संवाद भी करेंगे। इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश : संवाद सत्र में यूएई के प्रमुख निवेशकों एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं को सामने रखेंगे।

     

  • दुबई से हमारा सहज स्वाभाविक संबंध, मध्यप्रदेश अवसरों की सौगात लिए साथ खड़ा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    दुबई से हमारा सहज स्वाभाविक संबंध, मध्यप्रदेश अवसरों की सौगात लिए साथ खड़ा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश है निवेशकों का भरोसेमंद साथी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भारत का दिल है मध्यप्रदेश, हम निवेशकों के दिल में जगह बनाने आए हैं
    दुबई से हमारा सहज स्वाभाविक संबंध, मध्यप्रदेश अवसरों की सौगात लिए साथ खड़ा है
    दुबई में एआईएम कांग्रेस में हुआ इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन : मध्यप्रदेश सत्र

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दुबई से हमारे सहज और स्वाभाविक संबंध हैं। हम दुबई के भरोसेमंद साथी हैं और संभावनाओं और अवसरों की सौगात लेकर दुबई के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अतुल्य भारत का दिल है और हम दुबई के सभी निवेशकों के दिल में जगह बनाने आए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियां बेहद पारदर्शी और निवेशक अनुकूल हैं। हमारी नीति, नीयत, नेतृत्व और पूरी सरकार निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि निवेशक बिना किसी संकोच के मध्यप्रदेश में निवेश करें। हमारी सरकार आपको कभी भी निराश नहीं होने देगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रवास के दूसरे दिन दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर में हो रही एआईएम कांग्रेस-2026 के दौरान विशेष रूप से आयोजित 'इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन : मध्यप्रदेश' सत्र को संबोधित कर रहे थे। सत्र में यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी, यूएई में भारत के उच्चायुक्त डॉ. दीपक मित्तल सहित बड़ी संख्या में देश-विदेश के उद्योगपति, इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री पार्टनर उपस्थित थे। सत्र के दौरान मध्यप्रदेश में हो रही औद्योगिक प्रगति, यहां की खूबियों, निवेश अवसरों और अनंत संभावनाओं पर केंद्रित एक ऑडियो-वीडियो फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई वैश्विक निवेश और नवाचार का केंद्र है। मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि आज वैश्विक साझेदारी, रणनीतिक और आर्थिक सहयोग, मजबूत और समृद्ध भविष्य का साझा रोडमैप एआईएम कांग्रेस के इस बड़े प्लेटफॉर्म पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश-विदेश के सभी निवेशकों को दीर्घकालिक और विश्वस्तरीय साझेदारी के लिए नये अवसर उपलब्ध करा रहा है। भारत के सभी राज्यों में विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बीच मध्यप्रदेश उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो अपनी पारदर्शी नीतियों और आकर्षक योजनाओं के आधार पर औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। दुनिया में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए गंतव्यों की तलाश चल रही है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योग समूहों को सभी सुगम अवसर उपलब्ध करा रहा है। नीति, नीयत और निवेश में मध्यप्रदेश ने निवेशकों का दिल जीता है। मध्यप्रदेश, देश का वह प्रदेश है, जिसने निवेशकों को आगे बढ़ने के लिए अवसर वर्तमान के सभी सेक्टर्स में अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रचुर प्राकृतिक और कुशल मानव संसाधन हैं। मध्यप्रदेश ने अपनी उद्योग अनुकूल नीतियों, तेजी से विकसित हो रही औद्योगिक अधोसंरचनाओं और दिनों-दिन बढ़ती अर्थव्यवस्था से देश में अपना एक अलग ही स्थान बनाया है।

    मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी अन्य राज्यों से बेहतर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है, जिसकी कनेक्टिविटी देश के सभी राज्यों से बेहतर है। मध्यप्रदेश 24 घंटे माल परिवहन की सुविधा प्रदान करता है। एक्सपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए राज्य सदैव अनुकूल है। देश में प्रमुख औद्योगिक केंद्र और बाजार तक पहुंच है, दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कॉरिडोर, रेल नेटवर्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर आदि सुविधाओं के कारण मध्यप्रदेश का विशेष स्थान बना है। कृषि, उद्योग, सेवाएं, नई औद्योगिक आधारित अर्थव्यवस्थाओं का केंद्र है। मध्यप्रदेश भारत के अग्रणी कृषि उत्पादक राज्यों में शामिल है। जहां की उत्पादकता, अनुकूलता, फूड प्रोसेसिंग के आधार पर हमें वैश्विक खाद्य श्रृंखला का हिस्सा बनने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर सबसे तेजी से उभरता क्षेत्र है। इस सेक्टर में मध्यप्रदेश अब केवल प्रोडक्शन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कपड़ा उद्योग हमारी समृद्ध औद्योगिक विरासत और आधुनिक औद्योगिक क्षमता का अनूठा संगम बन गया है। चंदेरी, महेश्वरी आदि वस्त्रों के लेकर आधुनिक वस्त्र निर्माण के लिए मध्यप्रदेश में बेहतर अवसर हैं। ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फॉर्मास्यूटिकल और एडवांस मैन्यूफैक्चरिंग हमारे राज्य को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीथमपुर, मंडीदीप जैसे औद्योगिक केंद्र राष्ट्रीय कंपनियों के पसंदीदा केंद्र बने हुए हैं। पारम्परिक उद्योगों सहित आज मध्यप्रदेश की नई पीढ़ी को भी आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए आगे बढ़कर भविष्य के व्यापार-व्यवसाय करने के लिए तैयार हैं। दूरसंचार निर्माण, डिजिटल मैन्यूफैक्चरिंग, ऑप्टिकल फाइबर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के हिसाब से हम मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं। हम जानते है कि निवेश सिर्फ संसाधन और अवसरों को देखने से ही नहीं आता, इसके लिए भरोसे की भी जरूरत होती है। मध्यप्रदेश निवेशकों का वो भरोसेमंद साथी है, जहां नीतियां सरल और पारदर्शी हैं, पर्याप्त संसाधन हैं और आपके उद्योगों-कारखानों के लिए आधुनिक संरचनाएं भी उपलब्ध हैं।

    हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल्स, फॉर्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, रिन्युएबल एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और व्यापार की अपार संभावनाओं वाला राज्य है। राज्य को सभी क्षेत्रों में आगे लाकर यहां निवेश बढ़ाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत भविष्य की संभावनाओं वाला देश बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के कालखंड में भारत सबसे समृद्ध अर्थव्यवस्था वाला देश बना है, दुबई और अन्य सभी खाड़ी देशों से हमारे अच्छे संबंध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संवाद सत्र के आयोजन के लिए यूएई ऑफिशियल्स के प्रयासों की सराहना की।

    म.प्र. में भरपूर है प्राकृतिक संसाधन और स्किल्ड मैन पॉवर : डॉ. थानी

    यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी ने कहा कि जुलाई 2025 में यूएई और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार और व्यवसाय में सहयोग बढ़ाने पर अहम चर्चा हुई थी। भारत अर्थव्यवस्था की दृष्टि से हमारा एक पुराना और महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है। पिछले साल भारत और यूएई का द्विपक्षीय तेल व्यापार 100 बिलियन डॉलर रहा। दोनों देश मिलकर द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ा रहे हैं। इसके साथ निवेश और नागरिकों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ बना रहे हैं। मुझे विश्वास है कि मध्यप्रदेश हमारी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है, जहां प्राकृतिक संसाधनों और स्क्ल्डि मैन पॉवर की कोई कमी नहीं है। यूएई मध्यप्रदेश की क्षमताओं को रेखांकित करता है। पिछले दौरे पर यूएई ने सेंट्रल इंडिया में सप्लाई चेन को मजबूत करने और उसे ग्लोबल मार्केट से जोड़ने पर सहमति जताई थी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पिछले दौरे में टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज के लिए कॉरिडोर शुरू करने पर चर्चा हुई थी, इस पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इससे भारत और यूएई के बीच व्यापार और निवेश बढ़ेगा। हम मध्यप्रदेश के साथ वैश्विक निवेशकों और व्यापार को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आशा है कि आगामी जनवरी माह (जीआईएस 2027) में मध्यप्रदेश और यूएई के बीच व्यापारिक संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी।

    मध्यप्रदेश और यूएई नए समझौतों का गवाह बन रहा है : उच्चायुक्त डॉ. मित्तल

    यूएई में भारत के उच्चायुक्त डॉ. दीपक मित्तल ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में मध्यप्रदेश ग्रोथ इंजन की भूमिका में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है। यह वैश्विक स्तर पर जारी संकटों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। इस विकास यात्रा में मध्यप्रदेश का बड़ा योगदान है। मध्यप्रदेश कई वर्षों से अपनी जीडीपी को 12 प्रतिशत से ऊपर बरकरार रखे हुए है। तेजी से बढ़ती भारतीय इकोनॉमी में यूएई भी एक अहम साझेदार के दौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। भारत और यूएई के बीच कई अहम समझौते हुए हैं और पिछले तीन वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 100 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है। यह दोनों देशों नेतृत्वकर्ताओं की प्रतिबद्धता और मजबूत हो रहे रिश्तों का परिचायक है। यूएई भारत के लिए द्विपक्षीय कारोबार वाले शीर्ष 3 देशों में शामिल है। यह हमारे लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। आज मध्यप्रदेश और यूएई नए समझौतों का गवाह बन रहा है।

    दुबई और मध्यप्रदेश के बीच सीईपीए के माध्यम से मजबूत होंगे आर्थिक संबंध : एसीएस मंडलोई

    दुबई में आयोजित इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश निवेश सत्र में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने मध्यप्रदेश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, निवेश अनुकूल नीतियों और मजबूत औद्योगिक आधारभूत संरचना पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया कि देश के मध्य में स्थित मध्यप्रदेश 1,000 किलोमीटर के दायरे में देश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी तक आसान पहुंच प्रदान करता है, जिससे उत्पादों को बड़े उपभोक्ता बाजार तक कम समय में पहुंचाना संभव है। प्रदेश की जीएसडीपी वृद्धि दर पिछले पांच वर्षों में लगभग 12.7 प्रतिशत रही है। प्रस्तुतीकरण में खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल एवं परिधान, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन को निवेश के प्रमुख अवसरों के रूप में रेखांकित किया गया। उन्होंने फूड से फार्म-टू-फैशन वैल्यू चेन, जैविक कपास, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब, आईसीडी, एमएमएलपी, नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन एवं भंडारण तथा खनिज संसाधनों में संभावनाओं की जानकारी दी। दुबई और मध्यप्रदेश के बीच व्यापारिक अवसरों को सीईपीए के माध्यम से और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

    सत्र में मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों, नीतियों और आधारभूत संरचना पर आधारित ऑडियो विजुअल का प्रदर्शन किया गया। सत्र के अंत में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के सचिव जॉन किंग्सली ने सभी निवेशकों और उद्योगपतियों का आभार जताया।