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  • दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर बड़ा बदलाव, गृह मंत्रालय के फैसले के बाद जंतर-मंतर पर धरने को लेकर बदले नियम

    दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर बड़ा बदलाव, गृह मंत्रालय के फैसले के बाद जंतर-मंतर पर धरने को लेकर बदले नियम

    नई दिल्ली

    गृह मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है जिसमें जंतर-मंतर को अब सार्वजनिक प्रदर्शनों और धरनाओं के लिए उपयुक्त स्थान नहीं माना जाएगा। यह निर्णय दिल्ली पुलिस और केंद्रीकृत सुरक्षा बलों के सहयोग से किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य समय-समय पर बढ़ते दंगों और सार्वजनिक असहमतियों को नियंत्रित करना है। इस व्यापक कदम का मूल कारण सुरक्षा की बढ़ती चुनौतियाँ हैं, विशेषकर त्योहारों और चुनावी समय में जंतर-मंतर के आसपास होने वाली कई घटनाओं के बाद। पिछले कुछ महीनों में जंतर-मंतर पर अलग-अलग समूहों और धारणा धारकों द्वारा कई बार प्रदर्शन एवं धरनाओं के प्रयास हुए थे, जिसके परिणामस्वरूप से वातावरण में अशांति और मानवाधिकारों के उल्लंघन के डर के साथ जाथे हैं। इस तरह के मामलों में सुरक्षा बलों ने भी काफी जोखिम देखा था। 

    इसके मद्देनज़र, गृह मंत्रालय ने एक विशेष समिति के तर्क और सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए, जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से डिनोटिफाई करने का निर्णय लिया। नए प्रोटेस्ट साइट के रूप में दिल्ली पुलिस ने तीन स्थानों का चयन किया है: रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और केंद्रीय भवन परिसर ( CBD ग्राउंड)। इन स्थानों को चुनने के निर्णय का आधार भौगोलिक स्थिति, सुरक्षा संरचना, और परिवहन पहुँच है। रामलीला मैदान और बुराड़ी मैदान मध्य दिल्ली के प्रमुख राजमार्गों के नजदीक हैं, जिससे सुरक्षा बलों के लिए त्वरित हस्तक्षेप की सुविधा होगी। 

    अब दिल्ली में इन 3 चुनिंदा जगहों पर ही हो सकेंगे प्रदर्शन

    आंदोलनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों और शहर की व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार ने धरना-प्रदर्शन के लिए तीन नए और तय स्थानों को नोटिफाई किया है। अब दिल्ली में किसी भी प्रकार का राजनीतिक या सामाजिक आंदोलन केवल इन्हीं तीन जगहों पर आयोजित किया जा सकेगा:

        रामलीला मैदान: मध्य दिल्ली स्थित यह ऐतिहासिक मैदान बड़े स्तर की रैलियों, जनसभाओं और विशाल प्रदर्शनों के लिए मुख्य केंद्र रहेगा।
        निरंकारी ग्राउंड (बुराड़ी): उत्तर-पूर्वी दिल्ली का यह विशाल मैदान बड़े जनसमूह वाले आंदोलनों और किसानों या मजदूरों के लंबे धरनों के लिए आरक्षित किया गया है।
        सीबीडी ग्राउंड (शाहदरा): पूर्वी दिल्ली में स्थित सीबीडी (Central Business District) ग्राउंड को भी अधिकृत प्रदर्शन स्थल के रूप में चुना गया है।

    आयोजकों को लेनी होगी पूर्व अनुमति

    नए नियमों के लागू होने के बाद अब बिना पूर्व अनुमति के दिल्ली के किसी भी अन्य स्थान पर इकट्ठा होना या प्रदर्शन करना कानूनन अपराध माना जाएगा। आयोजकों को अब नए तय किए गए तीन स्थलों में से किसी एक पर कार्यक्रम करने के लिए दिल्ली पुलिस प्रशासन से बाकायदा अनुमति लेनी होगी। इस फैसले के बाद जंतर-मंतर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह के अनाधिकृत जमावड़े को तुरंत रोका जा सके।

    वहीं, CBD ग्राउंड भी व्यास के भीतर स्थित है और उसे जोड़ने वाली सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से अच्छी तरह सुसज्जित है। यह बदलाव सार्वजनिक संगठनों को अपनी आवाज उठाने के लिए एक वैध और सुरक्षित मंच प्रदान करेगा। गृह मंत्रालय द्वारा बनाई गई समिति ने कहा कि इस कदम से शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहेगी और नागरिकों के कानूनी अधिकारों को नुकसान नहीं पहुँचने लगेगा। इस निर्णय के बाद सुझाव दिया गया कि सभी प्रोटेस्ट और आंदोलन गतिविधियों को इन निर्दिष्ट स्थानों पर ही सीमित रखा जाए, ताकि किसी भी दुर्घटना या अनियंत्रित परिस्थिति से बचा जा सके।

    गृह मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है जिसमें जंतर-मंतर को अब सार्वजनिक प्रदर्शनों और धरनाओं के लिए उपयुक्त स्थान नहीं माना जाएगा। यह निर्णय दिल्ली पुलिस और केंद्रीकृत सुरक्षा बलों के सहयोग से किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य समय-समय पर बढ़ते दंगों और सार्वजनिक असहमतियों को नियंत्रित करना है। इस व्यापक कदम का मूल कारण सुरक्षा की बढ़ती चुनौतियाँ हैं, विशेषकर त्योहारों और चुनावी समय में जंतर-मंतर के आसपास होने वाली कई घटनाओं के बाद। 

    पिछले कुछ महीनों में जंतर-मंतर पर अलग-अलग समूहों और धारणा धारकों द्वारा कई बार प्रदर्शन एवं धरनाओं के प्रयास हुए थे, जिसके परिणामस्वरूप से वातावरण में अशांति और मानवाधिकारों के उल्लंघन के डर के साथ जाथे हैं। इस तरह के मामलों में सुरक्षा बलों ने भी काफी जोखिम देखा था। इसके मद्देनज़र, गृह मंत्रालय ने एक विशेष समिति के तर्क और सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए, जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से डिनोटिफाई करने का निर्णय लिया।

     नए प्रोटेस्ट साइट के रूप में दिल्ली पुलिस ने तीन स्थानों का चयन किया है: रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और केंद्रीय भवन परिसर (CBD ग्राउंड)। इन स्थानों को चुनने के निर्णय का आधार भौगोलिक स्थिति, सुरक्षा संरचना, और परिवहन पहुँच है। रामलीला मैदान और बुराड़ी मैदान मध्य दिल्ली के प्रमुख राजमार्गों के नजदीक हैं, जिससे सुरक्षा बलों के लिए त्वरित हस्तक्षेप की सुविधा होगी। वहीं, CBD ग्राउंड भी व्यास के भीतर स्थित है और उसे जोड़ने वाली सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से अच्छी तरह सुसज्जित है। यह बदलाव सार्वजनिक संगठनों को अपनी आवाज उठाने के लिए एक वैध और सुरक्षित मंच प्रदान करेगा। 

    गृह मंत्रालय द्वारा बनाई गई समिति ने कहा कि इस कदम से शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहेगी और नागरिकों के कानूनी अधिकारों को नुकसान नहीं पहुँचने लगेगा। इस निर्णय के बाद सुझाव दिया गया कि सभी प्रोटेस्ट और आंदोलन गतिविधियों को इन निर्दिष्ट स्थानों पर ही सीमित रखा जाए, ताकि किसी भी दुर्घटना या अनियंत्रित परिस्थिति से बचा जा सके।

  • Kanha National Park: CM मोहन यादव ने की कान्हा की खूबसूरती की तारीफ, प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने का दिया संदेश

    Kanha National Park: CM मोहन यादव ने की कान्हा की खूबसूरती की तारीफ, प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने का दिया संदेश

    कान्हा एशिया का सबसे बड़ा नेशनल पार्क, वन्य प्राणियों के नैसर्गिंक जीवन निहारने एक बार कान्हा जरूर आएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

     मंडला / बालाघाट 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कान्हा नेशनल पार्क हमारे देश का नहीं, पूरे एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा नेशनल पार्क है। सघन वनों से आच्छादित कान्हा नेशनल पार्क मुख्यत बाघ, चीता, लकड़बग्घा, हाथी एवं अन्य कई वन्य जीवों से समृद्ध है। उन्होंने सभी वन्य जीव प्रेमियों, पर्यटकों और नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वन्य प्राणियों के साहचर्यपूर्ण नैसर्गिक जीवन को निहारने के लिए कम से कम एक बार कान्हा नेशनल पार्क जरूर आएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर हमारे समृद्ध वनों  में सभी प्रकार के जीव जंतुओं के लिए अपने प्राकृतिक आवास में स्वछन्द विचरण करने की स्वतंत्रता है। प्रदेश में बारहसिंगा को भी पुनर्जीवन मिला है। यह वन्य जीव धरती पर धीरे-धीरे विलुप्त होता जा रहा था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में हमारा चीता पुनर्बसाहट प्रोजेक्ट बड़ी सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंडला जिले के कान्हा किसली में स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा और उनकी सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में जंगली भैंसों (वाइल्ड बफेलो) के पुनर्वास की प्रक्रिया प्रारंभ की है। रविवार को ही यहां 6 मादा और 8 नर जंगली भैंसों को उनके प्राकृतिक आवास में विमुक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के वनों में टाइगर, चीता, लेपर्ड, मगर, घड़ियाल और गिद्धों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हमारे वन्य जीव मध्यप्रदेश का गौरव पर्यटन क्षेत्र में बढ़ा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार वन, वन्य जीव और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इन प्रयासों से प्रदेश की जैव विविधता को सुरक्षित रखने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बाघ, तेंदुआ, घड़ियाल और मगरमच्छ जैसे वन्य जीवों के संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे प्रयास हमारी प्राकृतिक धरोहर को और समृद्ध बना रहे हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की इस समृद्ध वन्यजीव विरासत के संरक्षण में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई दी।

  • शिवराज के बेटे कार्तिकेय अब संभालेंगे वॉलीबॉल संघ की कमान, निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने के बाद खेल जगत में चर्चा तेज

    शिवराज के बेटे कार्तिकेय अब संभालेंगे वॉलीबॉल संघ की कमान, निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने के बाद खेल जगत में चर्चा तेज

    भोपाल 
    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान की चुनावी राजनीति से पहले खेल प्रशासन में एंट्री हो गई है। कार्तिकेय मध्य प्रदेश वॉलीबॉल संघ के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं। अध्यक्ष बनने के बाद कार्तिकेय ने प्रदेश में वॉलीबॉल के विकास के लिए मध्यप्रदेश वॉलीबॉल खेल नीति 2026 का प्रारूप जल्द तैयार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में खेल को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए रोडमैप बनाया जाएगा। नई प्रतिभाओं को अवसर देने, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और जिला संघों को आर्थिक सहायता देने पर भी काम किया जाएगा।

    कार्तिकेय ने संघ के पदाधिकारियों, जिला संघों के प्रतिनिधियों और सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि उन पर जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उनका लक्ष्य वॉलीबॉल को प्रदेश के हर गांव और युवा तक पहुंचाना है।

    ये पदाधिकारी चुने गए
    चुनाव अधिकारी एडवोकेट दिलीप मालवीय ने चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई। नई कार्यकारिणी में अनवर खान वरिष्ठ उपाध्यक्ष, विधायक आशीष शर्मा और राम पांडे उपाध्यक्ष, सतीश जोशी महासचिव और विशाल शर्मा कोषाध्यक्ष चुने गए। डीआर सिंह और राजेश शुक्ला संयुक्त सचिव बनाए गए हैं।

    कार्यकारिणी सदस्यों में आशीष सिंह, भूपेन्द्र कांत, राजेन्द्र चतुर्वेदी, मेरिट खिलाड़ी श्वेता शर्मा और रीवा के कृष्णानंद शामिल हैं। बैठक में विभिन्न आयु वर्गों की राज्य स्तरीय चैंपियनशिप कराने की स्वीकृति भी दी गई।

    गांव तक वॉलीबॉल को पहुंचाएंगे
    अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद कार्तिकेय सिंह चौहान ने प्रदेश में वॉलीबॉल के समग्र विकास के लिए मध्यप्रदेश वॉलीबॉल खेल नीति 2026 का प्रारूप जल्द जारी करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में इस खेल को बढ़ावा देने के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा। नई प्रतिभाओं को अवसर देने, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और जिला संघों को आर्थिक सहायता देने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

    उन्होंने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपने के लिए संघ के सभी पदाधिकारियों, जिला संघों के प्रतिनिधियों और सदस्यों का आभार जताया। चौहान ने कहा कि उनका प्रयास सभी के विश्वास पर खरा उतरने का रहेगा। वॉलीबॉल को प्रदेश के हर गांव और युवा तक पहुंचाना तथा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता होगी।

    राज्य स्तरीय चैंपियनशिप को मंजूरी
    बैठक में विभिन्न आयु वर्गों की राज्य स्तरीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप आयोजित कराने की स्वीकृति दी गई। साथ ही संघ की वैधानिक स्थिति के संबंध में सदन को विस्तृत जानकारी दी गई। नई कार्यकारिणी के सामने प्रदेश में खेल के विस्तार, जिला संघों को मजबूत करने और उभरते खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी होगी।

  • धीरेंद्र शास्त्री की रथयात्रा में भक्त बने सलमान खान, दूसरे दिन 7 संकल्पों के साथ सनातन एकता पर जोर

    धीरेंद्र शास्त्री की रथयात्रा में भक्त बने सलमान खान, दूसरे दिन 7 संकल्पों के साथ सनातन एकता पर जोर

     पन्ना
    छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 3.0 ‘सनातन हिंदू एकता रथयात्रा’ का आज दूसरा दिन है। पन्ना स्थित रघुलीला पैलेस में रात्रि विश्राम के बाद यात्रा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, राष्ट्रगान और बच्चों को शपथ दिलाने के साथ। 

    अयोध्या के राजू दास, मलूकपीठ के गंगा दास, हरिद्वार के मोनी और चित्रकूट के राधेश्याम महाराज साथ हैं। शास्त्री ने हजारों श्रद्धालुओं को सात वचनों की शपथ दिलाई। उन्होंने सामाजिक एकता, नशामुक्ति, हिंदू एकता और राष्ट्रवाद को यात्रा का उद्देश्य बताया।

    बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के भक्त बने सलमान खान

    पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बुंदेलखंड के 5 जिलों में सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा निकाल रहे हैं. 11 अक्टूबर को ग्राम गड़ा बागेश्वर धाम से शुरू यात्रा बमीठा, चंदननगर, पन्ना, अजयगढ़ और अमानगंज होते हुए दमोह, सागर और टीकमगढ़ तक जाएगी. पन्ना के अजयगढ़ में यात्रा 11 अक्टूबर को रात में पहुंची, जहां पर बगराजन माता में कार्यक्रम आयोजित हुआ। 

    सलमान खान को बागेश्वर धाम बुलाया
    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा मंदिर में पूजा अर्चना की गई. इस मौके पर पन्ना विधायक एवं अनेक जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में जनता मौजूद रही. इसी दौरान मंच पर सलमान खान सहित एक और मुस्लिम भाई को लेकर पहुंचे. उन्होंने बाबा बागेश्वर को माला पहनाई. धीरेंद्र शास्त्री द्वारा उन्हें पीले रंग का गमछा पहनाया गया. इस बीच सलमान खान ने बाबा बागेश्वर के पैर छुए. सलमान खान ने बताया "उन्होंने बागेश्वर धाम सरकार के पैर छुए हैं. इसमें कोई अजीब बात नहीं है. वे संत हैं. उन्होंने मेरी बीमारी के बारे में भी बताया है. उन्होंने बागेश्वर धाम आने के लिए कहा है। 

    सलमान खान की बीमारी बताई
    सलमान खान का कहना है "मैं बागेश्वर धाम जाऊंगा और उनके शिष्यों से बाबा बागेश्वर से मिलाने का आग्रह करूंगा. उनसे बीमारी के बारे में और उपचार के बारे में जानकारी लूंगा. अभी बीमारी के बारे में उन्होंने ज्यादा चर्चा नहीं हो सकी क्योंकि वहां पर कैमरे चल रहे थे." वहीं, बाबा बागेश्वर ने अजयगढ़ में कहा "जहां पर बरसात नहीं होती, वहां की फसलें खराब हो जाती हैं और जहां पर संस्कार नहीं होते वहां पर नस्ल खराब हो जाती हैं।  

    कुछ दें या नहीं, बच्चों को संस्कार दें
    बाबा बागेश्वर ने कहा "अपने बच्चों को कार या व्यापार देकर नहीं जाना लेकिन उनको संस्कार देकर जरूर जाना, क्योंकि संस्कार अगर उनके अंदर रहेंगे तो कार और व्यापार भी कहीं भी कमा लेंगे." सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा रात करीब 11:00 बजे पन्ना पहुंची जहां पर रात्रि विश्राम पन्ना के मधुबन गार्डन में हुआ, जहां पर उनके साथ हजारों की संख्या में लोग रथ यात्रा में शामिल हुए. दूसरे दिन रथ यात्रा अमानगंज होते हुए दमोह जिले प्रवेश करेगी। 

  • उत्तर प्रदेश की मंडियों को मिलेंगे नए अधिकारी, प्रशासनिक अनुभव वाले अफसर संभालेंगे जिम्मेदारी

    उत्तर प्रदेश की मंडियों को मिलेंगे नए अधिकारी, प्रशासनिक अनुभव वाले अफसर संभालेंगे जिम्मेदारी

    राजस्व, पंचायती राज, आयकर और रक्षा सेवाओं के अनुभवी अब संभालेंगे यूपी की मंडियों की कमान

    मंडियों में नई पारी, किसानों के हितों की रक्षा की होगी जिम्मेदारी

    लखनऊ के आईआईसीएमआरटी में नवनियुक्त मंडी सचिवों का 45 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शुरू

    अखिल भारतीय अध्ययन भ्रमण में जानेंगे विभिन्न राज्यों की मंडियों की कार्यप्रणाली

    हर दूसरे नए मंडी सचिव के पास पूर्व सेवा का अनुभव, 126 चयनितों में 84 विज्ञान स्नातक

    लखनऊ

    प्रदेश की कृषि मंडियों में आधुनिक, पारदर्शी और किसान केंद्रित प्रबंधन व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सोमवार को नवनियुक्त मंडी सचिवों का 45 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की ओर से लखनऊ स्थित आईआईसीएमआरटी में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। प्रशिक्षण के दौरान सचिवों को अखिल भारतीय अध्ययन भ्रमण पर भी भेजा जाएगा, जहां वे देश की प्रमुख मंडियों और आधुनिक कृषि विपणन केंद्रों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करेंगे।

    प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए प्रमुख सचिव कृषि डॉ. एम.के.एस. सुंदरम ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि विपणन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और किसान हितैषी बनाने के लिए निरंतर सुधार कर रही है। इन सुधारों का लाभ किसानों तक पहुंचाने में मंडी सचिवों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने नवचयनित सचिवों से पारदर्शिता, जवाबदेही और किसान हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करने का आह्वान किया।

    मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि परिषद को विविध शैक्षणिक योग्यता और पूर्व सेवा अनुभव वाला नया कैडर मिला है। प्रशिक्षण का उद्देश्य इनकी दक्षता को मंडी प्रबंधन की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों की मंडियों का अध्ययन भ्रमण सचिवों को कृषि विपणन की विविध कार्यप्रणालियों से परिचित कराएगा, जिसका लाभ प्रदेश की मंडियों और किसानों को मिलेगा।

    भारत सरकार के विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय (डीएमआई) के विशेषज्ञों के सहयोग से आयोजित 45 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंडी अधिनियम, वित्तीय प्रबंधन, ई-नाम और अन्य डिजिटल व्यवस्थाओं की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के अंतर्गत नवचयनित सचिव देश के विभिन्न राज्यों की प्रमुख मंडियों एवं आधुनिक कृषि विपणन केंद्रों का अध्ययन भ्रमण भी करेंगे। इस दौरान वे कृषि उपज की आवक, नीलामी एवं मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया, किसानों और व्यापारियों को उपलब्ध सुविधाओं, उपज की ग्रेडिंग, भंडारण, परिवहन तथा डिजिटल विपणन व्यवस्थाओं का अवलोकन करेंगे। प्रशिक्षण में केस स्टडी और व्यावहारिक कार्ययोजनाओं को भी शामिल किया गया है।

    राजस्व से रक्षा सेवाओं तक का अनुभव लेकर आए नए मंडी सचिव

    कार्यभार ग्रहण कर चुके 116 नवचयनित मंडी सचिवों में 59 यानी लगभग 51 प्रतिशत को पूर्व सेवा का अनुभव है। उपलब्ध विभागवार विवरण के अनुसार सर्वाधिक 23 सचिव राजस्व विभाग में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वित्त, लेखा, कर एवं सहकारिता क्षेत्र से सात, पंचायती राज और जिला न्यायालय से छह-छह, रक्षा सेवाओं से पांच, रेलवे और पुलिस से तीन-तीन तथा बैंकिंग और वन विभाग से दो-दो सचिव शामिल हैं। शेष दो नवचयनित मंडी सचिव अन्य विभागों से संबंधित हैं। विभिन्न विभागों में कार्य कर चुके इन युवाओं के प्रशासनिक और व्यावहारिक अनुभव का लाभ मंडियों के संचालन एवं प्रबंधन में मिलेगा।

    126 चयनित मंडी सचिवों में 84 विज्ञान स्नातक, 42 अन्य विषयों से स्नातक

    नवचयनित मंडी सचिवों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी विविधता लिए हुए है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार कुल 126 चयनित अभ्यर्थियों में 84 विज्ञान स्नातक हैं, जबकि शेष 42 ने अन्य विषयों से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। इनमें परास्नातक, बीएड, डीएलएड तथा अन्य अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यताएं रखने वाले अभ्यर्थी भी शामिल हैं। रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस में पीजी डिप्लोमा तथा सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा जैसी तकनीकी योग्यता वाले युवा भी इस नए कैडर का हिस्सा हैं। कुल 126 चयनित अभ्यर्थियों में से अब तक 116 ने मंडी सचिव के पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया है।

    योगी सरकार के सुधारों से भर्ती में पारदर्शिता, योग्यता को मिला सम्मान

    पहले मंडी परिषद एवं मंडी समितियों में भर्ती परिषद की सेवा विनियमावली के तहत परिषद स्तर से की जाती थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने भर्ती व्यवस्था में सुधार करते हुए स्वतंत्र चयन आयोगों के माध्यम से निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित चयन की प्रक्रिया अपनाई। उच्च श्रेणी के मंडी सचिवों की भर्ती उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से होती है, जबकि वर्तमान नवनियुक्त सचिवों का चयन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रतिस्पर्धी परीक्षा से हुआ है। इस बदलाव से प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी योग्यता के बल पर आगे बढ़ने का अवसर मिला है।

  • छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती में बड़ा अपडेट, ई-संवर्ग के 795 और टी-संवर्ग के 1497 पदों पर आवेदन का मिलेगा मौका

    छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती में बड़ा अपडेट, ई-संवर्ग के 795 और टी-संवर्ग के 1497 पदों पर आवेदन का मिलेगा मौका

    सहायक शिक्षक भर्ती-2026 के विस्तृत विज्ञापन में संशोधन, दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिलेगा आवेदन का अवसर

    उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया शुद्धि पत्र

    दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और सेरेब्रल पाल्सी श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थी भी कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

    ई-संवर्ग के 795 और टी-संवर्ग के 1497 सहित कुल 2292 पदों के लिए जारी है भर्ती प्रक्रिया

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक शिक्षक भर्ती-2026 के विस्तृत विज्ञापन में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के परिपालन में शुद्धि पत्र जारी कर दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए पात्रता संबंधी प्रावधानों में बदलाव किया गया है। इसके तहत दृष्टिबाधित (Blind), श्रवणबाधित (Deaf) तथा सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों को भी ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।

               लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी शुद्धि पत्र के अनुसार, राज्य की शासकीय शालाओं के ई-संवर्ग एवं टी-संवर्ग में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर 24 जुलाई 2026 को विस्तृत विज्ञापन जारी किया गया था। इस भर्ती विज्ञापन के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ में दायर याचिका क्रमांक WPS No. 6783 of 2026 (मीनाक्षी मंगलकर एवं अन्य बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य) में 9 अक्टूबर 2026 को पारित निर्णय के अनुपालन में संशोधन किया गया है।

    दिव्यांग अभ्यर्थियों की पात्रता में महत्वपूर्ण संशोधन

                 शुद्धि पत्र के अनुसार, समाज कल्याण विभाग की 11 सितंबर 2026 की संशोधित अधिसूचना के अनुरूप सहायक शिक्षक पद के लिए चिह्नित उपयुक्त दिव्यांगता की श्रेणियों में ब्लाइंड (B), डेफ (D) तथा सेरेब्रल पाल्सी (CP) को शामिल किया गया है। इसके साथ ही विस्तृत विज्ञापन की कंडिका 05 के उपखंड (iv) को विलोपित किया गया है।

                दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पदों का समूहवार एवं श्रेणीवार वितरण भी सामान्य प्रशासन विभाग के 5 मार्च 2019 के निर्देशों के अनुरूप जारी किया गया है। इसके तहत दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, अस्थिबाधित तथा बहुदिव्यांगता से संबंधित समूहों के लिए आरक्षित पदों का विवरण स्पष्ट किया गया है।

    सहायक शिक्षक के कुल 2292 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया

                जारी संशोधित विवरण के अनुसार सहायक शिक्षक ई-संवर्ग में 795 तथा टी-संवर्ग में 1497 पद शामिल हैं। ई-संवर्ग में रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़ एवं बिलासपुर जिले शामिल हैं। इसी प्रकार टी-संवर्ग में बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, जशपुर, कोरबा, रायगढ़, गरियाबंद एवं बालोद जिले शामिल हैं।

    ऑनलाइन आवेदन की तिथि अलग से होगी घोषित

                  लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि ब्लाइंड (B), डेफ (D) एवं सेरेब्रल पाल्सी (CP) श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा। इन अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि की जानकारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा पृथक से जारी की जाएगी।संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि 24 जुलाई 2026 को जारी सहायक शिक्षक भर्ती के विस्तृत विज्ञापन की शेष सभी शर्तें एवं कंडिकाएं पूर्ववत रहेंगी।

  • मिडिल ईस्ट में पाकिस्तान की कूटनीति पर संकट? हूतियों के हाथों 47 सैनिकों के पकड़े जाने की खबर और ईरान के बयान से हलचल

    मिडिल ईस्ट में पाकिस्तान की कूटनीति पर संकट? हूतियों के हाथों 47 सैनिकों के पकड़े जाने की खबर और ईरान के बयान से हलचल

    इस्लामाबाद

    पाकिस्तान अपनी जिस कूटनीति के गीत पूरी दुनिया में गा रहा था, वो पूरी तरह से फेल होती दिख रही है. मध्य पूर्व के मसलों में दलाल बनकर हर तरफ से मलाई खाने का उसका प्लान बर्बाद हो चुका है क्योंकि न तो ईरान उसकी मंशा पर भरोसा कर रहा है, न ही सऊदी अरब और तुर्की के साथ मिलकर बना उसका इस्लामिक नाटो उसके किसी काम का रह गया है. वहां पाकिस्तान के अंदर विरोध ने शहबाज-मुनीर के होश उड़ा रखे हैं, यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी इज्जत का फालूदा बन चुका है। 

    दरअसल सऊदी अरब और तुर्की के साथ मिलकर पाकिस्तान ने जो मक्का पैक्ट किया था और दुनियाभर में इस रक्षा गठबंधन का ढिंढोरा पीटा था, वो सबसे ज्यादा नुकसान उसी का कर रहा है. हूतियों की वॉर्निंग के बाद भी डिफेंस पैक्ट में बंधे पाकिस्तान ने सऊदी अरब के समर्थन में जैसे ही अपनी सेना उतारी, उसके भाड़े के सैनिकों को हूती विद्रोहियों ने धर लिया. हूती प्रवक्ता जनरल याह्या सरी ने कहा है कि बाब अल-मंदेब की लड़ाई में हूतियों ने सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के 85 सैनिकों को पकड़ लिया है. इनमें 47 पाकिस्तानी सैनिक शामिल हैं। 

    ईरान के सांसद ने क्यों पाकिस्तान को लताड़ा?

    ईरानी सांसद मोहसेन जंगनेह ने पाकिस्तान की शांति की कोशिशों का मजाक उड़ाते हुए उनके निष्पक्ष होने पर सवाल उठाया. पाकिस्तान के सऊदी की जंग में उतरने के बाद ईरान की ओर से ऐसा बयान आया है. जंगनेह ने साफ तौर पर कहा कि विदेश नीति पर साफ तौर से अमेरिका का असर रहता है. ईरानी सांसद ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का भी जिक्र करते हुए भरपूर मखौल उड़ाया. उन्होंने लिखा-  उनके ट्वीट भी अमेरिकियों की ओर से लिखे जाते हैं. जंगनेह के निशाने पर वो ट्वीट था, जिसमें आखिर में एक ऐसी लाइन लिखी हुई थी, जिसे देखकर यह साफ समझ आ रहा था कि शहबाज शरीफ किया गया ट्वीट कहीं और से फॉरवर्ड हुआ है। 

    क्यों फंस गया है पाकिस्तान?
    पाकिस्तान को लेकर बात करें तो ये देश ईरान-अमेरिका के युद्ध की शुरुआत से ही पंचायत सुलझाने की भूमिका में आ गया था. उसने कुछ महीनों बाद इस्लामाबाद में दलाली का पूरा इंतजाम किया और दोनों पक्षों को बुला भी लिया लेकिन बात बनने के बजाय और बिगड़ गई. ईरान का भरोसा यहीं से पाकिस्तान पर से उठने लगा था और अब हूतियों के खिलाफ सेना उतारने के बाद परिस्थितियां पाकिस्तान के और खिलाफ हो चुकी हैं. ऐसे में पाकिस्तान पूरी तरह से फंसा हुआ है. एक तरफ सऊदी-तुर्की के साथ उसका डिफेंस पैक्ट है और ये दोनों देश अमेरिका की फ्रेंड लिस्ट में हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान है- जो उसका पड़ोसी है और उससे रिश्ते बिगाड़ना उसे कभी भी फायदा नहीं देगा। 

  • बच्चों से मिलने के लिए मुख्यमंत्री ने रुकवाया काफिला, डॉ. मोहन यादव के आत्मीय संवाद की चर्चा

    बच्चों से मिलने के लिए मुख्यमंत्री ने रुकवाया काफिला, डॉ. मोहन यादव के आत्मीय संवाद की चर्चा

    मंडला 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंडला जिले के टटारा में स्कूल के नन्हें बच्चों के आत्मीयता से सहज संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टटारी हेलीपेड जाते समय एक निजी पब्लिक स्कूल में अपना काफिला रुकवाया और वहां प्रार्थना सभा में शामिल विद्यार्थियों से मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अचानक अपने बीच पाकर बच्चे और उनके टीचर्स प्रसन्न हुए। स्कूल में उस समय बच्चों की रुटीन असेम्बली चल रही थी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को परमपिता परमेश्वर से सबके कल्याण की प्रार्थना करते देखा, तो वे उनके बीच पहुंच गए। उन्होंने बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की, उनके नाम पूछे और यह भी जाना कि वे किस कक्षा में पढ़ते हैं तथा उनकी पढ़ाई कैसी चल रही है ?

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों को दुलारते हुए खूब मन लगाकर पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित किया। बच्चों के साथ उनका संवाद सहज, आत्मीय और अपनत्व से भरा रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस अप्रत्याशित उपस्थिति से विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और विद्यालय परिसर में हर्ष और उत्साह का माहौल बन गया।

     

  • मध्य प्रदेश में आयुष्मान योजना पर सख्ती, 69 अस्पताल बाहर और एक लाख लंबित क्लेम निपटाने के लिए 50 डॉक्टर नियुक्त

    मध्य प्रदेश में आयुष्मान योजना पर सख्ती, 69 अस्पताल बाहर और एक लाख लंबित क्लेम निपटाने के लिए 50 डॉक्टर नियुक्त

    नई दिल्ली

    आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ योजना के तहत मध्य प्रदेश के 69 अस्पतालों को योजना से बाहर कर दिया गया है. इनमें भोपाल के 27 अस्पताल शामिल हैं. इन अस्पतालों की संबद्धता खत्म करने के पीछे अलग-अलग कारण हैं. सबसे ज्यादा 60 अस्पताल राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (National Board of Accreditation एनएबीएच) का गुणवत्ता प्रमाणपत्र हासिल करने की अनिवार्यता पूरी नहीं कर सके. वहीं, पांच अस्पतालों ने पिछले छह महीने से आयुष्मान कार्डधारियों का इलाज नहीं किया. तीन अस्पतालों की संबद्धता अन्य कारणों से खत्म की गई है. इसके अलावा, भोपाल के मारुति अस्पताल पर मृत मरीज के नाम पर क्लेम लेने के मामले में कार्रवाई की गई है। 

    एनएबीएच प्रमाणपत्र नहीं मिलने पर कार्रवाई
    योजना के अधिकारियों के अनुसार, अस्पतालों का निरीक्षण करने पर कई जगह गंभीर अनियमितताएं मिलीं. कुछ अस्पताल जरूरी गुणवत्ता प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत नहीं कर पाए. इसके चलते उन्हें योजना से बाहर किया गया. भोपाल के 27 अस्पतालों में नवोदय हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, श्रीराम मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, आरएआई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, परफेक्ट मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर सेंटर, सेंट्रल हॉस्पिटल, रक्षा हॉस्पिटल, सहज हॉस्पिटल, गुडविल हॉस्पिटल, एबी हॉस्पिटल, वीएनएस हॉस्पिटल, राजधानी हॉस्पिटल और एशियन हॉस्पिटल समेत अन्य अस्पताल शामिल हैं। 

    पांच अस्पतालों ने छह महीने से नहीं किया इलाज
    आयुष्मान योजना के तहत पिछले छह महीने से मरीजों का इलाज नहीं करने वाले पांच अस्पतालों को भी बाहर कर दिया गया है. इनमें भोपाल का शल्या जॉइंट केयर, ग्वालियर का मेट्रो न्यूरो हॉस्पिटल, नीमच का रामनिवास आयरन हॉस्पिटल, शाजापुर का श्री डीपी केयर हॉस्पिटल और टीकमगढ़ का न्यू सिटी हॉस्पिटल शामिल हैं। 

    21 अस्पतालों को 31 अक्टूबर तक मोहलत
    भोपाल के 10 अस्पतालों को फिलहाल राहत दी गई है. इनमें हेल्थ स्टार मल्टीस्पेशियलिटी, मयूर हॉस्पिटल, शुभम हॉस्पिटल, एलएन मेडिकल कॉलेज एंड जेके हॉस्पिटल, लक्ष्मी मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, एपेक्स हॉस्पिटल और पीपुल्स हॉस्पिटल सहित अन्य अस्पताल शामिल हैं. वहीं, 21 अस्पतालों को एनएबीएच प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। 

    योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद शाह ने बताया कि नियमों का पालन नहीं करने और जरूरी प्रमाणपत्र नहीं देने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है। 

    लंबित क्लेम के लिए 50 डॉक्टर नियुक्त
    अस्पताल संचालकों ने भुगतान में देरी को लेकर आंदोलन किया थ. इसके बाद सरकार ने पोर्टल-2 पर लंबित एक लाख क्लेम का निपटारा दो महीने में करने का आश्वासन दिया है. इसके लिए 50 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है. सरकार का मकसद लंबित भुगतान से जुड़े मामलों को जल्द निपटाना है. इसके साथ-साथ हम लोगों ने कुछ ऐसे भी काम किए हैं जैसे कि आलू के पौधे में तीन-चार तरह के विटामिन में अलग-अलग ट्रांसजेनिक टेक्नीक से डाल दिए हैं. यह टारगेट है कि इस तरह की सारी इनफार्मेशन हमारे बच्चों में पहुंचे यह रिसर्च और एडवांस लेवल पर जाए। 

  • नोएडा में स्कूलों को बम धमकी से मचा हड़कंप, करीब एक दर्जन स्कूलों में जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम

    नोएडा में स्कूलों को बम धमकी से मचा हड़कंप, करीब एक दर्जन स्कूलों में जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम

    नोएडा
    स्कूल में बच्चों की पढ़ाई चल रही हो और अचानक बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर आ जाए, तो अभिभावकों की चिंता बढ़ना लाजिमी है. नोएडा में ऐसा ही मामला सामने आया है. करीब एक दर्जन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. इनमें सेक्टर-16 स्थित एपीजे स्कूल, स्टेप बाय स्टेप और डीपीएस जीबीएन समेत कई स्कूल शामिल हैं. सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। 

    कई स्कूलों को मिली धमकी
    शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नोएडा के करीब एक दर्जन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इस लिस्ट में एपीजे, स्टेप बाय स्टेप और डीपीएस जीबीएन जैसे स्कूलों के नाम शामिल हैं. एक साथ कई स्कूलों को निशाना बनाकर धमकी दिए जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि सभी स्कूलों को धमकी किस माध्यम से मिली और इसके पीछे किसका हाथ है. इस मामले में पुलिस जांच कर रही है। 

    पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर
    धमकी की सूचना मिलने के बाद पुलिस के साथ बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और फायर विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं.सुरक्षा एजेंसियां स्थिति का जायजा ले रही हैं और धमकी से जुड़ी जानकारी की जांच में जुटी हुई है।  

    धमकी के स्रोत का पता लगाने में जुटी पुलिस
    पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी कहां से भेजी गई और क्या यह वास्तविक खतरा है या किसी ने दहशत फैलाने के लिए ऐसा किया है. फिलहाल, किसी स्कूल में बम मिलने या धमकी के पीछे जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होने की पुष्टि नहीं हुई है।