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  • डिजिटल क्रॉप सर्वे के बाद डीबीटी से सीधे किसान के खाते में पहुंच रही मुआवजा राशि: सीएम योगी

    डिजिटल क्रॉप सर्वे के बाद डीबीटी से सीधे किसान के खाते में पहुंच रही मुआवजा राशि: सीएम योगी

    सपा सरकार में बिजली नहीं, बिल आता था, अब अन्नदाता किसान का बिल नहीं आता, बिजली आती है: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात प्रभावित 9.18 लाख किसानों के खातों में अंतरित की 493 करोड़ रुपये की सहायता राशि

    सीएम बोले- किसानों का श्राप ले डूबा सपा को, ये जाति के नाम पर समाज को बांटेंगे, लेकिन जनता का पैसा नहीं बांटेंगे

    15 अक्टूबर से अतिवृष्टि प्रभावित जिलों में धान और मोटे अनाज के क्रय केंद्र खोले जाएंगे: मुख्यमंत्री

    पहले किसान का पैसा बीच में डकार जाते थे सपाई, अब सीधे खाते में पहुंच रही सहायता राशि: सीएम योगी

    पहले दो, चार और 15 रुपये मुआवजा मिलता था, अब सीधे खातों में पहुंच रहे हजारों रुपये: मुख्यमंत्री

    आपदा प्रभावित किसानों को 8 से 10 दिन में राहत, जनहानि पर 24 घंटे में 4 लाख रुपये की सहायता: मुख्यमंत्री

    डिजिटल क्रॉप सर्वे के बाद डीबीटी से सीधे किसान के खाते में पहुंच रही मुआवजा राशि: सीएम योगी

    गोरखपुर, 
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि एवं चक्रवात से प्रभावित कृषकों को कृषि निवेश अनुदान राशि के रूप में डीबीटी के माध्यम से 493 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में प्रदेश में बड़े पैमाने पर फसल को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर जनहानि और पशुहानि भी हुई है। डबल इंजन की सरकार ने मात्र 8 से 10 दिन के अंदर अपने अन्नदाता किसानों को फसल, मकान और पशुधन की क्षति का मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने 2017 के पहले की सपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि तब बिजली नहीं आती थी, लेकिन बिल आता था। अब स्थिति बदल गई है। अब अन्नदाता किसान का बिल नहीं आता, बल्कि बिजली आती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के 9,18,091 कृषकों के खातों में 493 करोड़ रुपये सीधे भेजे जा रहे हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अन्नदाता किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए सरकार के प्रयासों का हिस्सा है। इस वर्ष केवल बरसात के दौरान ही अब तक प्रदेश के आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को लगभग 1,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

    मुख्यमंत्री आवास योजना से तत्काल आवास
    सीएम ने कहा कि अतिवृष्टि, चक्रवात और बाढ़ से जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1.20 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई गई है। यह राशि 493 करोड़ रुपये की फसल क्षति सहायता में शामिल नहीं है, बल्कि अलग से दी जा रही है। जिन लोगों के मकान पूरी तरह बह गए या नष्ट हो गए, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तत्काल आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है। पशुहानि के मामलों में भी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। कोई जनहानि होती है तो संबंधित परिवार को 24 घंटे के अंदर चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर सीधे खाते में पहुंचा पैसा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर जिन जनपदों की सर्वे रिपोर्ट सरकार को मिली, वहां किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई है। यह राशि सीधे अन्नदाता किसान के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से पहुंच रही है। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि सहायता राशि में कोई बिचौलिया न हो और पैसा सीधे किसान तक पहुंचे। अगर किसान को 25 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत हुई, तो सीधे उसके खाते में पूरे 25 हजार रुपये ही जाएंगे।

    कभी 100 में से 15 रुपये ही पहुंचते थे जरूरतमंद तक
    सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय राजीव गांधी ने स्वयं कहा था कि सरकार 100 रुपये भेजती है, लेकिन जमीन पर पहुंचते-पहुंचते केवल 15 रुपये बचते हैं। कांग्रेस व सपा के लोग बीच में ही पैसा खा जाते थे। अब प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री द्वारा दी जाने वाली सहायता सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचती है। बीच में कोई बिचौलिया सेंधमारी नहीं कर सकता। आज 493 करोड़ रुपये अन्नदाता किसानों को मुआवजे के रूप में दिए जा रहे हैं, ताकि उन्हें संकट की घड़ी में राहत मिल सके। सरकार किसानों के साथ हमेशा खड़ी है और हर प्रकार का सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    हुदहुद चक्रवात पर केंद्रीय सहायता के 3200 करोड़ में सिर्फ 800 करोड़ मिले थे किसानों को
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में हुदहुद चक्रवात के दौरान फसल को भारी नुकसान हुआ था। भारत सरकार ने उस समय 3,200 करोड़ रुपये भेजे थे, लेकिन किसानों तक केवल 800 करोड़ रुपये ही पहुंच पाए। शेष राशि किसानों तक नहीं पहुंची। 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने हुदहुद चक्रवात में किसानों को मिली सहायता की स्थिति की जांच कराई तो पता चला कि पूरा पैसा किसानों तक पहुंचा ही नहीं था। इसके बाद अलग से धनराशि की व्यवस्था कर प्रभावित किसानों को सहायता उपलब्ध कराई गई। सपा ने किसानों का पैसा खाया, किसानों का श्राप उसको ले डूबा। विपक्ष समाज को जाति के नाम पर बांटने का प्रयास करता है, लेकिन जनता का पैसा नहीं बांटता।

    बाढ़ से कटान रोकने और सड़कों की मरम्मत के लिए पर्याप्त धन
    सीएम ने प्रशासन को निर्देश दिया कि जहां बाढ़ के कारण कटान हुई है और जहां अब भी अतिवृष्टि की शिकायतें आ रही हैं, वहां तत्काल राहत और बचाव कार्य किए जाएं। बाढ़ से बचाव के लिए तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त मार्गों और बाधित आवागमन को तत्काल चालू किया जाए। इसके लिए धनराशि जारी की जा चुकी है। आपदा, अतिवृष्टि या चक्रवात के कारण सड़क अथवा अन्य किसी प्रकार की क्षति होने पर धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सिंचाई विभाग को कटान रोकने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराया गया है। पीडब्ल्यूडी, नगर विकास, आवास और विकास प्राधिकरणों को भी क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य मरम्मत के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। जैसे ही मौसम साफ हो, तत्काल काम शुरू कराया जाए और आवागमन में किसी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए।

    आकाशीय बिजली से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आपदा से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग वेदर सिस्टम विकसित करने पर भी काम किया है। पहले आकाशीय बिजली गिरने से बड़ी संख्या में जनहानि होती थी। अब कई जनपदों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए गए हैं, जो संभावित आकाशीय बिजली की जानकारी पहले ही उपलब्ध कराते हैं। एसएमएस और मोबाइल फोन के माध्यम से लोगों को अलर्ट भेजा जाता है। लोगों को खुले आसमान या पेड़ के नीचे नहीं रहने और पक्के भवन में जाने की सलाह दी जाती है। इससे बड़े पैमाने पर जनहानि रोकने में मदद मिली है। इसके साथ ही रेन गेज लगाए जा रहे हैं, ताकि वर्षा की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके और उसके आधार पर तत्काल राहत पहुंचाई जा सके। दुर्भाग्य से कोई किसान, बटाईदार अथवा किसान या बटाईदार के परिवार का सदस्य आकाशीय बिजली जैसी प्राकृतिक आपदा की चपेट में आता है, तो मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत संबंधित परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। अधिकारियों को इसे तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    पहले भी 1.29 लाख किसानों को मिली सहायता
    सीएम योगी ने बताया कि वर्तमान सहायता राशि से पहले भी बाढ़, चक्रवात और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए 169 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के लिए 78 करोड़ 75 हजार रुपये पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं। जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में भी 225 करोड़ 93 लाख रुपये की सहायता पहले वितरित की जा चुकी है। आज कई किसानों को सहायता राशि के डमी चेक प्रदान किए गए हैं, जबकि वास्तविक धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। 2017 से पहले सपा सरकार के समय किसानों को मुआवजा मिलना ही मुश्किल था और यदि मिलता भी था तो दो रुपये, चार रुपये या 15 रुपये जैसी राशि मिलती थी। अब किसानों के हित में काम करने वाली सरकार है, जिसके एजेंडे में अन्नदाता किसान, युवा, महिलाएं और गरीब हैं। संकट की हर घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।

    86 लाख किसानों की 36 हजार करोड़ रुपये की कर्जमाफी से शुरू हुई यात्रा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद अन्नदाता किसानों के हित में बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने आते ही लघु और सीमांत किसानों की कर्जमाफी के तहत 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया। प्रदेश में 16 लाख निजी ट्यूबवेलों की बिजली मुफ्त की गई है। सरकारी ट्यूबवेल से पहले से ही मुफ्त सिंचाई उपलब्ध थी। इसके अलावा नहरों का जाल बिछाया गया है और प्रदेश में 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। नए ट्यूबवेल लगाए जा रहे हैं और सिंचाई की अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

    15 अक्टूबर से अतिवृष्टि प्रभावित जिलों में धान और मोटे अनाज के क्रय केंद्र
    सीएम ने कहा कि जहां बारिश नहीं हुई है, वहां धान खरीद के क्रय केंद्र शुरू हो रहे हैं। जिन जनपदों में अतिवृष्टि के कारण बड़े पैमाने पर जलभराव हुआ है, वहां 15 अक्टूबर से धान के साथ ज्वार, बाजरा और मक्का जैसे मोटे अनाज के क्रय केंद्र शुरू किए जाएंगे। किसानों को अच्छा दाम दिया जाएगा और मंडी तथा क्रय केंद्रों पर किसान अपनी उपज उपलब्ध करा सकते हैं। सरकार ने खरीद के लिए कोई सीमा तय नहीं की है। किसान जितना धान लेकर आएगा, क्रय केंद्र उसकी खरीद करेंगे। किसानों के लिए कोई टारगेट या रोक-टोक नहीं होगी। जहां अच्छा दाम मिलेगा, किसान वहां अपनी उपज बेच सकता है। यदि कोई नहीं खरीदेगा तो सरकार खरीदेगी और भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान के खाते में भेजा जाएगा। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो देश खुशहाल होगा। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो देश भी समृद्ध होगा। इसी भावना के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर अन्नदाता किसानों का सम्मान किया है।

    इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, श्रीराम चौहान, फतेह बहादुर सिंह, प्रदीप शुक्ला, डॉ विमलेश पासवान, महेंद्र पाल सिंह, श्रवण कुमार निषाद और राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष चारु चौधरी समेत गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। 

    इनसेट-

    मंच पर इन्हें मिला सहायता धनराशि का चेक

    रेशमा देवी – 1,20,000 रुपये
    चंदन कुमार पासवान – 1,20,000 रुपये
    इंद्रावती देवी – 1,20,000 रुपये
    सविता देवी – 1,20,000 रुपये
    छुन्नी देवी – 1,20,000 रुपये
    सीमा देवी – 1,20,000 रुपये
    बिरैची – 25,670 रुपये
    बेचन प्रसाद – 22,951 रुपये
    जोखन – 22,841 रुपये
    संपत – 22,372 रुपये
    परमहंस-— 22,219 रुपये
    चंद्रप्रकाश द्विवेदी – 11,811 रुपये
    धरणीधर – 11,808 रुपये
    गिरजापति त्रिपाठी – 34,000 रुपये
    कमलेश – 26,520 रुपये
    राम दरश – 27,914 रुपये
    जनार्दन प्रसाद – 24,000+ रुपये
    राणा प्रताप सिंह – 22,355 रुपये

  • सपा सरकार में बिजली नहीं आती थी, केवल बिल आता था, अब किसानों को मुफ्त बिजली दे रही योगी सरकार

    सपा सरकार में बिजली नहीं आती थी, केवल बिल आता था, अब किसानों को मुफ्त बिजली दे रही योगी सरकार

    किसानों का पैसा हजम कर गए सपाई, उसी का श्राप ले डूबा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर से 9,18,091 किसानों के खातों में भेजे 493 करोड़ रुपये, आपदा प्रभावितों को सौंपे सहायता राशि के चेक
     
    अतिवृष्टि, बाढ़ और चक्रवात से फसल क्षति पर महज 10 दिन में मुआवजा, इस वर्ष अब तक आपदा प्रभावितों को करीब एक हजार करोड़ की सहायता
     
    जाति के नाम पर समाज को बांटते रहे सपाई, किसानों के खून-पसीने की कमाई पर डालते थे डकैती : मुख्यमंत्री योगी
     
    हुदहुद चक्रवात में केंद्र ने भेजे 3200 करोड़, किसानों को सिर्फ 800 करोड़ बांट सकी थी सपा सरकार
     
    कांग्रेस राज में 100 रुपये में सिर्फ 15 पहुंचते थे, अब बिना बिचौलियों के किसानों को मिल रही पूरी धनराशि
     
    सपा सरकार में बिजली नहीं आती थी, केवल बिल आता था, अब किसानों को मुफ्त बिजली दे रही योगी सरकार
     
    मुख्यमंत्री योगी ने मिशन शक्ति के छठे चरण की जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी, स्कूटी से निकलीं महिला पुलिसकर्मी
     
    गोरखपुर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा राहत वितरण को लेकर पिछली सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि किसानों का पैसा हजम करने वाले सपाइयों को उन्हीं का श्राप ले डूबा। वर्ष 2014 में हुदहुद चक्रवात के दौरान केंद्र सरकार ने 3200 करोड़ रुपये भेजे थे, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार किसानों को महज 800 करोड़ रुपये ही बांट सकी। शेष धनराशि किसानों तक नहीं पहुंची। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद इसकी पड़ताल कराई और अलग से धनराशि की व्यवस्था कर किसानों को बकाया मुआवजा दिलाया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपाई जाति के नाम पर समाज को बांटते रहे, लेकिन किसानों के खून-पसीने की कमाई पर डकैती डालने से भी नहीं चूके। किसानों का पैसा हजम करने वालों को उन्हीं का श्राप ले डूबा।
     
    सोमवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में मुख्यमंत्री योगी ने बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित प्रदेश के 9,18,091 किसानों के खातों में रिमोट का बटन दबाकर 493 करोड़ रुपये कृषि निवेश अनुदान हस्तांतरित किए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने महज आठ से दस दिन में किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया है। इस वर्ष बरसात के दौरान आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को करीब एक हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
     
    कांग्रेस राज में 100 रुपये चलते थे, किसान तक पहुंचते थे 15
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस के शासन में 100 रुपये भेजे जाते थे तो लाभार्थी तक महज 15 रुपये पहुंचते थे। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी इसे स्वीकार किया था। बाकी पैसा कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के लोग हजम कर जाते थे। अब जिस किसान को 25 हजार रुपये स्वीकृत होते हैं, उसके खाते में पूरे 25 हजार पहुंचते हैं। न कोई बिचौलिया सेंध लगा सकता है और न किसी प्रकार की कटौती होती है।
     
    जनहानि पर 24 घंटे में चार लाख, दुर्घटना पर पांच लाख की सहायता
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर परिवार को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। आकाशीय बिजली समेत दुर्घटना के मामलों में पात्र किसान, बटाईदार और उनके परिवारों को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त आवासों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना से 1.20 लाख रुपये अलग से दिए जा रहे हैं। आंशिक मकान क्षति और पशुहानि पर भी सहायता मिलेगी। पूर्व में 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के लिए करीब 78 करोड़ रुपये तथा जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में 225.93 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
     
    सड़कों की मरम्मत और कटान रोकने के लिए धन की कमी नहीं
    मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से कटान रोकने के कार्य तत्काल शुरू करें। सिंचाई विभाग को पर्याप्त धनराशि दी गई है। पीडब्ल्यूडी, नगर विकास विभाग और विकास प्राधिकरण मौसम साफ होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शुरू कराएं। आपदा राहत और आवागमन बहाल करने के लिए जितना धन चाहिए, सरकार उपलब्ध कराएगी। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम और वर्षा मापने के लिए रेन गेज लगाए गए हैं। नागरिकों को मोबाइल पर मौसम संबंधी अलर्ट भी भेजे जा रहे हैं।
     
    15 अक्टूबर से प्रभावित जिलों में खुलेंगे धान क्रय केंद्र
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन जिलों में अतिवृष्टि हुई है, वहां 15 अक्टूबर से धान, ज्वार, बाजरा और मक्का के क्रय केंद्र खोले जाएंगे। अन्य जिलों में सोमवार से खरीद शुरू हो रही है। किसानों की उपज खरीदने की कोई सीमा नहीं होगी। भुगतान सीधे खाते में पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि सरकार 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये कर्ज माफ कर चुकी है। 16 लाख निजी नलकूपों की बिजली निशुल्क की गई है और 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

    मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को सौंपे सहायता राशि के चेक
    मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में आपदा प्रभावित लाभार्थियों को सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक सौंपे। इनमें सदर क्षेत्र की रेशमा देवी, चंदन कुमार पासवान, इंद्रावती, सविता देवी, चुन्नी देवी और सीमा देवी, कैंपियरगंज के बहराइची, बेचन प्रसाद, जोकखन, संपत और परमहंस शामिल रहे। इसके अलावा सदर क्षेत्र के चंद्रप्रकाश द्विवेदी और धरणीधर तथा गोला क्षेत्र के गिरजापति त्रिपाठी, कमलेश, रामदरश, जनार्दन प्रसाद और राणा प्रताप सिंह को भी चेक प्रदान किए गए। सहायता राशि डीबीटी से सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई।
     
    कृषि मंत्री बोले- किसानों के लिए खोला सरकार ने खजाना
    कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता दी है। अब तक कृषि क्षेत्र में 69,163 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। गन्ना मूल्य 280 से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से नौ वर्षों में 6,125 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई है।
     
    सांसद रवि किशन बोले- संकट में किसानों के साथ सरकार
    सांसद रवि किशन ने कहा कि पिछली सरकारों में किसान कर्ज और आर्थिक संकट से परेशान रहते थे। योगी सरकार ने कर्जमाफी, गन्ना भुगतान और आपदा राहत को प्राथमिकता दी। अब किसानों को सहायता के लिए भटकना नहीं पड़ता। संकट आने पर सरकार उनके साथ खड़ी रहती है।
     
    मिशन शक्ति की रैली को दिखाई हरी झंडी
     मुख्यमंत्री योगी ने मिशन शक्ति के छठे चरण के अंतर्गत जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्कूटी सवार महिला पुलिसकर्मियों और महिलाओं ने रैली में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कृषि, उद्यान, मत्स्य पालन और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन भी किया।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

  • ‘राहुल गांधी भारतीय संस्कृति को नहीं समझते’, शिवजी की बारात वाले बयान पर BJP का पलटवार

    ‘राहुल गांधी भारतीय संस्कृति को नहीं समझते’, शिवजी की बारात वाले बयान पर BJP का पलटवार

    भोपाल 
    कांग्रेस नेता राहुल गांधी 'शिवजी की बारात' वाले बयान पर सियासत गरमा गई है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बयान को लेकर कांग्रेस सांसद पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि जो लोग हमेशा भगवान राम का विरोध करते आए हैं, उन्हें भगवान शिव का नाम लेने का कोई अधिकार नहीं है। 

    शिवराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी का भगवान शिव से कोई लेना-देना नहीं है और वो भारत की संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को बिल्कुल नहीं जानते हैं। 

    बीजेपी नेता ने कहा, राम का विरोध करने वाले शिवजी की बारात की बात कर रहे हैं. ये शिव जी की बारात नहीं है. अराजकता फैलाने वाले हुड़दंगियों की जमात है, जो सड़कों पर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। 

    'चुनाव हारना कांग्रेस की नियति'
    केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि लगातार चुनाव हारना कांग्रेस की नियति बन चुकी है. उन्होंने असम, त्रिपुरा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और हालिया उपचुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी हार का ठीकरा हमेशा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ती आई है। 

    शिवराज सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस की हार का कारण चुनाव आयोग नहीं, बल्कि उसका खुद का 'विचार-शून्य नेतृत्व' है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में आपसी कलह मची है, पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदलने पड़ रहे हैं, और कर्नाटक से लेकर तेलंगाना तक नेतृत्व को लेकर घमासान जारी है. जो देश और जनता को नहीं जानता, वो सिर्फ 'नाच न जाने आंगन टेढ़ा' वाली कहावत सच कर रहा है। 

    केंद्रीय मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश के अहम राज्यों में कांग्रेस का सफाया बहुत पहले हो चुका है. तमिलनाडु में लगभग 59 सालों, पश्चिम बंगाल में 49 सालों, सिक्किम में 42 सालों, उत्तर प्रदेश में 37 सालों, बिहार में 36 सालों और गुजरात में 31 सालों से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। 

    उन्होंने कहा कि आज की स्थिति ये है कि कुछ गिने-चुने राज्यों को छोड़ दें, तो कांग्रेस अन्य जगहों पर सिर्फ एक 'जूनियर पार्टनर' या 'परजीवी पार्टी' बनकर रह गई है, जो कभी DMK, कभी RJD, तो कभी सपा और JMM के सहारे जिंदा है। 

    'संवैधानिक संस्थाओं और सेना पर हमले कर रही है कांग्रेस'
    शिवराज ने आरोप लगाते हुए कहा, 'कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रही है, झूठ बोलकर सड़कों पर अराजकता और दंगे फैला रही है, और पिछले दरवाजे से सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही है. जब कोर्ट के फैसले खिलाफ होते हैं, तो कांग्रेस ज्यूडिशियरी पर हमला करती है. जब वो चुनाव हारते हैं, तो वो इलेक्शन कमीशन पर हमला करते हैं, और जब सेना आतंकवादियों से निपटती है, तो वो सिक्योरिटी फोर्स को निशाना बनाते हैं। 

    उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस उन ताकतों से हाथ मिला रही है जो देश को तोड़ना चाहती हैं. वो विदेशी ताकतों के हाथों का खिलौना बन चुकी है, जो जॉर्ज सोरोस जैसे तत्वों और NGO का सहारा लेकर देश में अराजकता फैलाना चाहती है। 

    राहुल गांधी के बयानों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो खुद ये कहते हैं कि वो कोई प्लानिंग नहीं करते और जब मन करे तब निकल पड़ते हैं, उनसे देश क्या उम्मीद कर सकता है. कांग्रेस पार्टी जनता की नजरों और दिलों से पूरी तरह उतर चुकी है। 

    आखिर में शिवराज सिंह कहते हैं, 'जब लाखों झूठे मरे हुए मरे होंगे, तब कहीं श्रीमान राहुल गांधी जी पैदा हुए होंगे।

  • बिहार में विकास परियोजनाओं को रफ्तार, दरभंगा एयरपोर्ट के पास बनेगा लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब

    बिहार में विकास परियोजनाओं को रफ्तार, दरभंगा एयरपोर्ट के पास बनेगा लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब

    पटना
     मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

    दरभंगा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब बनाने के लिए करीब 226 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है।

    वहीं, पांच साल की रखरखाव अवधि पूरी कर चुकी ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और देखरेख के लिए ग्रामीण सड़क अनुरक्षण एवं प्रबंधन कार्यक्रम लागू करने का निर्णय लिया गया। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का भी जिला और क्षेत्रीय स्तर पर विस्तार किया जाएगा।

    दरभंगा में कार्गो हब के लिए बढ़ी राशि
    दरभंगा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब बनाने के लिए 49.9973 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।

    इसके लिए 225 करोड़ 91 लाख 30 हजार 742 रुपये की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। पहले 50.0004 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए 138 करोड़ 73 लाख 77 हजार 534 रुपये मंजूर किए गए थे। जमीन के मुआवजे की गणना बढ़ने के कारण अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।

    इस परियोजना से मिथिला और उत्तर बिहार के कृषि उत्पादों को हवाई मार्ग से दूसरे राज्यों और बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे किसानों को लाभ मिलने के साथ क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।

    पुरानी ग्रामीण सड़कों की होगी मरम्मत
    ग्रामीण कार्य विभाग की सड़कों के रखरखाव के लिए ग्रामीण सड़क अनुरक्षण एवं प्रबंधन कार्यक्रम (आरआरआरएमपी) लागू किया जाएगा।

    इसके तहत उन ग्रामीण सड़कों की नियमित मरम्मत, नवीनीकरण और रखरखाव किया जाएगा, जिनकी पांच साल की अनुरक्षण अवधि पूरी हो चुकी है या भविष्य में पूरी होगी।

    इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण सड़कों को खराब होने से बचाना, उनकी उपयोगिता बनाए रखना और सरकारी राशि का बेहतर इस्तेमाल करना है। इससे गांवों में सड़क संपर्क को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।

    जिलों तक पहुंचेगा आईटी विभाग
    सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का जिला और क्षेत्रीय स्तर पर विस्तार किया जाएगा। इसके लिए बिहार सूचना प्रौद्योगिकी अवर सेवा नियमावली के तहत व्यवस्था विकसित की जाएगी।

    प्रमंडल, जिला और प्रखंड स्तर पर तकनीकी जरूरतों को पूरा करने के साथ सरकारी आईटी परियोजनाओं को लागू करने, उनकी निगरानी और विभागों के बीच समन्वय का काम किया जाएगा।

    इससे सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण को गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर तकनीकी समस्याओं का समाधान आसान होगा।

     

  • महाराष्ट्र के अकोला में मां अंबिका का चमत्कारी धाम, बागातली देवी से रिजर्व माता बनने की दिलचस्प कथा

    महाराष्ट्र के अकोला में मां अंबिका का चमत्कारी धाम, बागातली देवी से रिजर्व माता बनने की दिलचस्प कथा

    Sharadiya Navratri : शारदीय नवरात्र का पावन पर्व चल रहा है. देशभर में देवी मां के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है. महाराष्ट्र के अकोला में स्थित अंबिका देवी के प्राचीन मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. सुबह से ही भक्त माता की पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं. माता के दर्शन करने के बाद भक्त नारियल, फूल, हल्दी, धूप, दीप और चुनरी अर्पित कर रहे हैं. स्थानीय लोगों के बीच यह मंदिर रिजर्व माता के नाम से भी प्रसिद्ध है. आइए आपको इस मंदिर का इतिहास बताते हैं.

    स्थानीय मान्यता के अनुसार, 300 साल से भी अधिक पुराना यह मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है. मां अंबिका को यहां अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है. कोई उन्हें 'बागातली देवी' कहता है, तो कोई 'रिजर्व माता' के नाम से जानता है. भक्तों का विश्वास है कि मां अपने दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं के संकट दूर करती हैं और जीवन के सुख-दुख में अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखती हैं.

    श्रद्धालुओं ने बताया कि इस बार नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है. माता के सुंदर श्रृंगार और दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालु सुबह से ही पहुंच रहे हैं. मंदिर में पूजा-पाठ और भक्ति का माहौल बना हुआ है.

    मां के दरबार में केवल स्थानीय श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी भक्त पहुंच रहे हैं. कुछ श्रद्धालु मुंबई से भी माता के दर्शन करने अकोला आए हैं. भक्तों का कहना है कि मां के चरणों में आकर उन्हें मानसिक शांति मिलती है और वे अपनी परेशानियों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं. श्रद्धालुओं ने माता की कृपा और आशीर्वाद से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए.

    मंदिर के सेवादार अनिल के अनुसार, यह मंदिर अंग्रेजों के शासनकाल से भी पहले का बताया जाता है. मान्यता है कि पहले मंदिर परिसर के आस-पास फूलों की बाग हुआ करता था और उसी क्षेत्र में माता की प्रतिमा स्थापित थी. इसी वजह से माता को 'बागातली देवी' कहा जाने लगा. समय के साथ यह स्थान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया.

    'रिजर्व माता' नाम कैसे पड़े?
    1853 में ब्रिटिश शासन काल के दौरान इस जगह मंदिर को हटाकर पुलिस स्टेशन बनाने का फैसला किया गया था. उस जगह को रिजर्व करने के लिए वहां ग्रिलिंग भी की गई थी. लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद वहां पुलिस स्टेशन नहीं बन पाया. ब्रिटिश सरकार ने कई बार यहां पुलिस स्टेशन बनाने का प्रयास किया, लेकिन हर बार उनकी कोशिश नाकाम हो जाती. स्थानीय लोग इसे देवी का चमत्कार मानने लगे. कहते हैं कि तभी से इस मंदिर की देवी को रिजर्व माता के नाम से पुकारा जाने लगा. आज भी स्थानीय लोग देवी को इसी नाम से बुलाते हैं.

  • गोरखपुर में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में शिक्षक सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित

    गोरखपुर में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में शिक्षक सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित

    परिवार और धनकुबेरों तक सिमटी सपा की राजनीति : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    गोरखपुर में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में शिक्षक सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित
     
    राज्यसभा चुनाव में एक प्रत्याशी परिवार से, दूसरा मुंबई का धनाढ्य व्यक्ति, पीडीए का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी
     
    सपाई गिरगिट की तरह बदलते हैं रंग, सत्ता में वापसी की उम्मीद खत्म इसलिए कर रहे मनमाने वादे : मुख्यमंत्री योगी
     
    शांति और सुरक्षा का सपा का भरोसा मगरमच्छ के नदी पार कराने के वादे जैसा, ये नाव पार नहीं लगाते, डुबाते हैं
     
    रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाले अब कालनेमि की तरह जप रहे राम नाम, अयोध्या में फैला रहे दुष्प्रचार
     
    शिक्षकों को पांच लाख की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, बिना वेतन कटौती 1.20 करोड़ तक दुर्घटना बीमा कवर
     
    सपा राज में सैफई सिंडिकेट तय करता था नियुक्तियां, भाजपा सरकार ने सभी 75 जिलों के युवाओं को दिया अवसर

    गोरखपुर
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के पीडीए पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा की राजनीति में परिवार और धनकुबेरों के अलावा किसी और के लिए जगह नहीं है। राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सपा ने एक प्रत्याशी अपने परिवार से और दूसरा मुंबई के धनाढ्य व्यक्ति को बनाया। पीडीए को उन्होंने परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी और भाजपा कार्यकर्ताओं ने पराया धन अपना बताया था। मुख्यमंत्री योगी ने तंज कसा कि गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले सपाई सत्ता में वापसी की उम्मीद खो चुके हैं, इसलिए अब मनमाने वादे कर रहे हैं।
     
    सोमवार को गोरखपुर में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षकों की आवाज उठाने के कारण पिछली बार भाजपा ने उनके लिए सीट खाली छोड़ी थी। इस बार माध्यमिक शिक्षक संघ की सहमति से उन्हें अधिकृत प्रत्याशी बनाया गया है। उन्होंने 23 अक्टूबर को मतदान के लिए शिक्षक मतदाताओं को अवकाश देने की बात कही और जनप्रतिनिधियों से प्रत्येक शिक्षक मतदाता तक पहुंचने का आह्वान किया।
     
    सपा का भरोसा मगरमच्छ के वादे जैसा
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपा का शांति और सुरक्षा का भरोसा देना वैसा ही है, जैसे मगरमच्छ नदी किनारे आकर शिकार छोड़ने और लोगों को नदी पार कराने का वादा करे। ये नाव पार लगाने वाले नहीं, डुबाने वाले लोग हैं। उन्होंने अखिलेश यादव की अयोध्या यात्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाले अब कालनेमि की तरह राम नाम जप रहे हैं। राम मंदिर का विरोध करने वाले अयोध्या में दुष्प्रचार कर रहे हैं।
     
    सपा और शिक्षा नदी के दो किनारे
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी और शिक्षा नदी के दो किनारे हैं, जो कभी मिल नहीं सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में नकल और अराजकता को संरक्षण मिला। दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास बुलाकर सम्मानित किया जाता था। शिक्षकों और बेटियों की सुरक्षा संकट में थी। अब किसी शिक्षक को परेशान करने वाले को जेल या जहन्नुम में से एक रास्ता चुनना पड़ेगा।
     
    नई पेंशन योजना लागू की, खाते तक नहीं खोले
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2005 में मुलायम सिंह यादव की सरकार ने नई पेंशन योजना लागू की, लेकिन कर्मचारियों के खाते खोलकर अंशदान जमा नहीं कराया। वर्ष 2018 में कमेटी गठित कराई गई और 2019 की शुरुआत में 10 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराकर 14 लाख कर्मचारियों के खाते खुलवाए गए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और शिक्षकों के हित में बेहतर कदम उठाने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।
     
    कैशलेस इलाज और दुर्घटना बीमा का लाभ
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षामित्रों, अनुदेशकों से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों और उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी गई है। राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित संस्थानों के साथ रसोइयों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी जोड़ा गया है। बिना वेतन कटौती विभिन्न श्रेणियों में 40 लाख से 1.20 करोड़ रुपये तक दुर्घटना बीमा कवर की व्यवस्था की गई है।
     
    सभी 75 जिलों से शिक्षकों का निष्पक्ष चयन
    मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में आयोगों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। नियुक्तियों में रिश्तेदारों को प्राथमिकता और पैसे लेकर चयन किया जाता था। वर्ष 2017 में डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली थे। भाजपा सरकार ने सभी 75 जिलों से निष्पक्ष चयन किया। शिक्षामित्रों का मानदेय तीन हजार से बढ़ाकर 18 हजार और अनुदेशकों का नौ हजार से 17 हजार रुपये किया गया। ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 2300 माध्यमिक विद्यालयों को धनराशि दी गई। स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही हैं।
     
    दंगों से पहचान का संकट, अब विकास से सम्मान
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले दंगों, उपद्रव और अराजकता के कारण उत्तर प्रदेश के लोगों के सामने पहचान का संकट था। निवेश और रोजगार के अवसर भी प्रभावित थे। अब प्रदेश बीमारू नहीं, राजस्व अधिशेष वाला राज्य है। विकास, विरासत, निवेश और रोजगार से उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनी है।
     
    गुरु परंपरा को नमन, पूर्व शिक्षक नेताओं को किया याद
    मुख्यमंत्री योगी ने महर्षि वशिष्ठ, संदीपनी और चाणक्य का उदाहरण देकर शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। उन्होंने दिवंगत शिक्षक नेताओं ओम प्रकाश शर्मा, पंचानन राय और डॉ. वाईडी सिंह को श्रद्धांजलि दी। कहा कि ध्रुव त्रिपाठी उनकी परंपरा आगे बढ़ा रहे हैं।
     
    ध्रुव त्रिपाठी बोले- वर्षों पुरानी मांगें पूरी हुईं
    भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों की कैशलेस चिकित्सा की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। एक अप्रैल 2005 से पहले विज्ञापित पदों से संबंधित शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ मिला। पदोन्नति जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर पर सुगम हुई है। ग्रेच्युटी सीमा 20 से 25 लाख रुपये हुई। वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली अंतिम चरण में है।
     
    सूर्य प्रताप शाही बोले- शिक्षा का कायाकल्प हुआ
    कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि ध्रुव त्रिपाठी विधान परिषद में शिक्षकों के कठिन सवाल उठाते हैं। योगी सरकार ने प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों का कायाकल्प किया है। प्रोजेक्ट अलंकार से भवन, शौचालय और पुस्तकालय की सुविधाएं बढ़ीं। शिक्षकों को बिना आंदोलन सातवां वेतनमान मिला। कैशलेस चिकित्सा सुविधा से शिक्षकों को राहत मिली है।
     
    रवि किशन बोले- सपा का शिक्षा से सरोकार नहीं
    सांसद रवि किशन शुक्ला ने कहा कि ध्रुव त्रिपाठी निस्वार्थ भाव से शिक्षकों की आवाज उठाते हैं। शिक्षक उनके समर्थन में एकजुट हैं। सपा का शिक्षा और ज्ञान से कोई सरोकार नहीं है। पिछली सरकारों में शिक्षण संस्थानों पर कब्जे और अराजकता का माहौल था। आज गोरखपुर में स्वास्थ्य विश्वविद्यालय और सैनिक विद्यालय जैसी सुविधाएं विकसित हुई हैं।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    सम्मेलन में मंत्री दारा सिंह चौहान, दयाशंकर सिंह, विजय लक्ष्मी गौतम, दानिश आजाद अंसारी, सांसद जगदंबिका पाल, विजय दुबे, भाजपा प्रदेश महामंत्री अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, कामेश्वर सिंह, रमेश सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, अजय शाही, अवधेश सिंह, बृजेश राय, जयनारायण दुबे, शैलेंद्र शुक्ला, संजीव राय और ज्ञानेश कुमार राय समेत शिक्षक व पदाधिकारी मौजूद रहे।

  • कांग्रेस नेतृत्व को नसीहत, जनता और युवाओं को गुमराह करने के बजाय अपनी विफलताओं पर करे आत्ममंथन-मुख्यमंत्री योगी

    कांग्रेस नेतृत्व को नसीहत, जनता और युवाओं को गुमराह करने के बजाय अपनी विफलताओं पर करे आत्ममंथन-मुख्यमंत्री योगी

    अराजकता से बाज आए कांग्रेस, वरना जो बचा है वह भी गंवा देगी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस के राजनीतिक आचरण पर उठाए सवाल, बोले- देश में अराजकता का पर्याय बन चुकी है सबसे पुरानी पार्टी
     
    अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर रही कांग्रेस
     
    मुख्यमंत्री योगी बोले- 41 वर्ष पहले यूपी की जनता ने कांग्रेस को कर दिया था विदा, दूसरे राज्यों में भी जनता का हो चुका मोहभंग
     
    चुनाव जीतने पर अपना पुरुषार्थ और हारने पर ईवीएम व चुनाव आयोग को दोषी ठहराना कांग्रेस की आदत
     
    कांग्रेस नेतृत्व को नसीहत, जनता और युवाओं को गुमराह करने के बजाय अपनी विफलताओं पर करे आत्ममंथन
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उसे देश में अराजकता का पर्याय बताया है। उन्होंने चेताया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए देश में अराजकता फैलाने से बाज नहीं आई तो जनता उसका बचा-खुचा राजनीतिक अस्तित्व भी समाप्त कर देगी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी अपनी गलतियों से सबक लेने के बजाय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर रही है। जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि देश उसे बार-बार क्यों ठुकरा रहा है। भारत की जनता लोकतांत्रिक दृष्टि से जागरूक है। वह अराजक और अलोकतांत्रिक आचरण को अधिक समय तक बर्दाश्त नहीं करेगी।
     
    सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस ने गैर-जिम्मेदार राजनीतिक आचरण से देश में अराजकता का वातावरण पैदा किया है। पहले देश के भीतर पहचान का संकट खड़ा किया और फिर अपने भ्रष्ट मंसूबों के कारण जनता का विश्वास खो दिया। इसके बावजूद कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का रवैया नहीं बदला। जनता से लगातार मिल रही अस्वीकृति के कारणों पर विचार करने के बजाय कांग्रेस चुनी हुई सरकारों के खिलाफ अस्थिरता पैदा करने में जुटी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को अपनी राजनीतिक विफलताओं के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय स्वयं के आचरण पर विचार करना चाहिए।
     
    41 वर्ष पहले यूपी की जनता ने कांग्रेस को कर दिया था विदा

    मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस के सिमटते जनाधार का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने 41 वर्ष पहले ही कांग्रेस को सत्ता से विदा कर दिया था। वर्ष 1985 के बाद कांग्रेस प्रदेश में दोबारा सत्ता में नहीं लौट सकी। देश के अन्य राज्यों में भी एक-एक कर जनता का कांग्रेस से मोहभंग होता गया। इसके बावजूद कांग्रेस नेतृत्व यह समझने को तैयार नहीं है कि जनता उसे लगातार क्यों नकार रही है। अपनी विफलताओं को स्वीकार करने के बजाय कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ अस्थिरता का माहौल पैदा करने पर उतारू है।
     
    दिल्ली में अराजकता फैलाकर आम लोगों को परेशान कर रही कांग्रेस
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले कई दिनों से देश की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस लगातार अव्यवस्था पैदा कर रही है। आम नागरिकों को परेशान किया जा रहा है। संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का कुत्सित प्रयास हो रहा है। कांग्रेस का यह आचरण बताता है कि वह राजनीतिक विरोध और अराजकता के बीच का अंतर भी भूल चुकी है। लोकतंत्र में असहमति और विरोध का स्थान है, लेकिन उसके नाम पर जनता को परेशान करना और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
     
    जीत गए तो पुरुषार्थ, हार गए तो ईवीएम और चुनाव आयोग दोषी

    मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव जीत जाएं तो अपना पुरुषार्थ बताते हैं और हार जाएं तो ईवीएम तथा चुनाव आयोग को दोषी ठहराने लगते हैं। न्यायालय मेरिट के आधार पर फैसला दे तो न्यायपालिका को भी कटघरे में खड़ा करने और धमकाने का प्रयास किया जाता है। अन्य संवैधानिक संस्थाओं के प्रति भी कांग्रेस का यही रवैया है। गाली-गलौज करना, संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना और अव्यवस्था फैलाना उसकी राजनीतिक प्रवृत्ति बन गई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति इस प्रकार का आचरण उचित नहीं है।
     
    कांग्रेस को बदलना चाहिए अपना नेतृत्व
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस के लोगों को अपने नेतृत्व की अकर्मण्यता और भ्रष्ट आचरण पर विचार करना चाहिए। जिस नेतृत्व पर जनता का विश्वास नहीं रह गया है, उसे बदलने की आवश्यकता है। अपनी राजनीतिक असफलताओं का ठीकरा लोकतांत्रिक संस्थाओं पर फोड़ने से कांग्रेस का खोया जनाधार वापस नहीं आएगा। उन्होंने कांग्रेस को देश में अराजकता फैलाने और जनता तथा युवाओं को गुमराह करने से बाज आने की नसीहत दी।
     
    अराजकता जारी रही तो बचा-खुचा भी गंवाना पड़ेगा
    मुख्यमंत्री योगी ने चेताया कि कांग्रेस को देश की जनता की लोकतांत्रिक चेतना को कम करके नहीं आंकना चाहिए। जनता अराजकता और असंवैधानिक कृत्यों को अधिक दिनों तक सहन नहीं करेगी। कांग्रेस ने अपना रवैया नहीं बदला और इसी प्रकार अलोकतांत्रिक तरीकों से अस्थिरता पैदा करती रही तो राजनीतिक रूप से जो कुछ बचा है, वह भी गंवाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अराजकता छोड़कर मुद्दों और मेरिट के आधार पर चर्चा करनी चाहिए। स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बनना ही उसके लिए उचित होगा। यही देश के लोकतंत्र और जनता के हित में भी है।

  • सितंबर में महंगाई ने बढ़ाई चिंता, अनुमान से ज्यादा 5.54% पर पहुंची खुदरा महंगाई; त्योहारों के बजट पर असर

    सितंबर में महंगाई ने बढ़ाई चिंता, अनुमान से ज्यादा 5.54% पर पहुंची खुदरा महंगाई; त्योहारों के बजट पर असर

     नई दिल्ली

    भारत में फेस्टिव सीजन की शुरुआत से ठीक पहले महंगाई के मोर्चे पर तगड़ा झटका लगा है. सोमवार को देश में खुदरा महंगाई दर के आंकड़े आए, जो टेंशन बढ़ाने वाले हैं. दरअसल, सितंबर महीने में रिटेल महंगाई जोरदार रफ्तार से बढ़ते हुए 5.54% पर पहुंच गई, जबकि इससे पहले अगस्त महीने में ये 4.82% दर्ज की गई थी. यानी महीनेभर में महंगाई 0.72% बढ़ गई है. खासतौर पर खाने-पीने के सामानों के दाम बढ़ने का असर देखने को मिला है, जो महंगाई बढ़ाने में अहम रहे हैं।  

    खाद्य महंगाई तो 8% के करीब
    सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी अनंतिम आंकड़ों को देखें, तो सितंबर महीने में भारत में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 5.54% हो गई, जबकि खाद्य महंगाई दर तेज रफ्तार से बढ़ते हुए 7.74% तक पहुंच गई. महंगाई के ये आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि खाने-पीने के सामानों की बढ़ती कीमतों ने परिवारों के बजट को बिगाड़ने में अहम रोल निभाया है। 

    खुदरा महंगाई की सालाना दर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित होती है, जबकि खाद्य महंगाई को उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) का उपयोग करके मापा जाता है. दोनों की तुलना सितंबर 2026 की तुलना पिछले वर्ष के इसी महीने से की जाती है।

    ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में क्या हाल? 
    सितंबर महीने में ग्रामीण क्षेत्रों में रिटेल महंगाई 6.08% दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 4.88% रही. यानी शहरों की तुलना में ग्रामीण भारत में कीमतों पर दबाव अधिक रहा. बात खाद्य महंगाई की करें, तो ये ग्रामीण क्षेत्रों में 8.06% रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में 7.18% दर्ज की गई. इस माह के दौरान अखिल भारतीय खाद्य मुद्रास्फीति दर 7.74% रही। 

    प्याज ने निकाले आंसू, चांदी की चमक तेज
    सितंबर में लिस्टेड वस्तुओं में महंगाई की सबसे ज्यादा मार प्याज पर पड़ी. Onion Price में सालाना आधार पर 108.09% की वृद्धि दर्ज की गई. इससे पहले अगस्त में यह 48.78% थी. इसके अलावा चांदी के आभूषणों (Silver Jewelley) की महंगाई दर 87.80% रही. अदरक के दाम में 62.85% का उछाल, तो वहीं लहसुन की महंगाई दर बीते महीने के 43.60% से बढ़कर 54.62% हो गई. नींबू की कीमतों में भी वृद्धि देखी गई, इसपर महंगाई दर 36.41% तक पहुंच गई। 

    हालांकि, आलू की कीमतों में साल-दर-साल 11.50% की गिरावट आई, जबकि टमाटर की कीमतों में 8.62% की कमी दर्ज की गई. सितंबर में मोटर कार और जीप, भिंडी और नारियल की कीमतों में भी मुद्रास्फीति नकारात्मक रही. MoSPI ने बताया कि ऑनलाइन बाजारों सहित 1,407 शहरी बाजारों और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 1,465 गांवों से मूल्य आंकड़े इकठ्ठा किए गए. सितंबर माह के दौरान ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में प्रतिक्रिया दर 100% रही। 

  • 20 प्रतिशत आरक्षण के साथ उत्तर प्रदेश महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हुआ: सीएम योगी

    20 प्रतिशत आरक्षण के साथ उत्तर प्रदेश महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हुआ: सीएम योगी

    कभी नारी सुरक्षा के सवालों से घिरा यूपी अब बना सामर्थ्य की नई पहचान: सीएम योगी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर किया पोस्ट- मां ब्रह्मचारिणी के तप और संकल्प से सिद्धि का मंत्र सिखाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी किए जा सकते हैं सिद्ध

    सुरक्षा से सशक्तीकरण की यात्रा ‘सशक्त नारी, समृद्ध-उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को कर रही साकार: मुख्यमंत्री

    20 प्रतिशत आरक्षण के साथ उत्तर प्रदेश महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हुआ: सीएम योगी

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की द्वितीया पर मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप की पूजा की। उन्होंने प्रदेशवासियों से इसके महत्व पर चर्चा की। कहा कि मां ब्रह्मचारिणी के तप और संकल्प से सिद्धि का मंत्र हमें सिखाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी सिद्ध किए जा सकते हैं।

    सीएम ने 2017 से पहले और बाद के यूपी की दिखाई तस्वीर
    मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर 2017 से पहले और इसके बाद के उत्तर प्रदेश की तुलना की। कहा कि वर्ष 2017 से पहले महिला सुरक्षा को लेकर सवालों से घिरा रहने वाला उत्तर प्रदेश आज नारी सुरक्षा और सामर्थ्य की नई पहचान बना है। विगत 9.5 वर्षों में अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति, तकनीक आधारित निगरानी, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जन-जागरूकता अभियानों ने प्रदेश में महिलाओं के लिए भयमुक्त वातावरण के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाई है।

    महिला सुरक्षा तंत्र को किया सुदृढ़
    सीएम योगी ने कहा कि मिशन शक्ति के पांच चरणों, सेफ सिटी परियोजना, मिशन शक्ति केंद्रों और महिला बीट पुलिसिंग जैसी पहलों ने महिला सुरक्षा तंत्र को व्यापक और सुदृढ़ आधार प्रदान किया है।

    यूपी पुलिस में 44,000 से अधिक हुआ महिला कार्यबल
    मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्यबल में महिलाओं के योगदान का भी जिक्र किया। कहा कि 20 प्रतिशत आरक्षण के साथ उत्तर प्रदेश महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हुआ है। इसके साथ ही लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी, गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी और बदायूं में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर 3 महिला पीएसी बटालियनों का भी गठन हुआ है।

    ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार कर रही सरकार
    मुख्यमंत्री ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार की नारी सुरक्षा से सशक्तीकरण की यह अहर्निश यात्रा ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार कर रही है।

  • छत्तीसगढ़ में महिला क्रिकेट का बड़ा आयोजन, रायपुर में भारत-जिम्बाब्वे सीरीज का आगाज 16 अक्टूबर से

    छत्तीसगढ़ में महिला क्रिकेट का बड़ा आयोजन, रायपुर में भारत-जिम्बाब्वे सीरीज का आगाज 16 अक्टूबर से

    रायपुर 

     छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में क्रिकेट प्रेमियों को पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबलों का रोमांच देखने का मौका मिलेगा। भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमें 16 अक्टूबर से तीन मैचों की टी20 सीरीज में आमने-सामने होंगी। शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 16, 18 और 20 अक्टूबर को मुकाबले खेले जाएंगे। भारतीय टीम की कप्तानी और नए क्रिकेटिंग दौर को लेकर भी इस सीरीज पर नजरें रहेंगी।

    रायपुर में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट, भारत-जिम्बाब्वे की भिड़ंत पर नजरें

     छत्तीसगढ़ के क्रिकेट इतिहास में अक्टूबर का महीना खास होने जा रहा है। राजधानी रायपुर पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी करेगा। भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमें तीन मैचों की टी20 सीरीज में अपना दम दिखाएंगी। इस सीरीज को लेकर स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है। अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पुरुष मुकाबलों के लिए पहचान बनाने वाला रायपुर का स्टेडियम महिला क्रिकेट के रोमांच का भी गवाह बनेगा।

    16 अक्टूबर से सीरीज का आगाज, 18 और 20 को भी मुकाबले
    भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहला टी20 मुकाबला 16 अक्टूबर को खेला जाएगा। सीरीज का दूसरा मैच 18 अक्टूबर और तीसरा मुकाबला 20 अक्टूबर को निर्धारित है। सभी मैच रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। तीनों मुकाबलों का कार्यक्रम शाम 5 बजे से शुरू होने का बताया गया है। मैचों के दौरान दर्शकों की नजर भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन और जिम्बाब्वे की टीम की चुनौती पर रहेगी।

    भारतीय टीम रायपुर पहुंची, जिम्बाब्वे का आगमन निर्धारित
    सीरीज की तैयारियों के बीच भारतीय टीम के खिलाड़ियों का रायपुर पहुंचना शुरू हो गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारतीय टीम की खिलाड़ी स्मृति मंधाना रविवार को करीब दोपहर 3:30 बजे रायपुर पहुंचीं। टीम के अन्य खिलाड़ियों के भी पहुंचने का कार्यक्रम है। जिम्बाब्वे की टीम के 12 अक्टूबर को रायपुर पहुंचने की जानकारी दी गई है। दोनों टीमों के आगमन के साथ ही शहर में अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट सीरीज की तैयारियां तेज होंगी।

    स्मृति मंधाना पहली बार फुल टाइम कप्तान
    इस सीरीज में स्मृति मंधाना पहली बार फुल-टाइम कप्तान के तौर पर भारतीय टीम की कमान संभालेंगी। शेफाली वर्मा उप-कप्तान होंगी। पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर भी टीम में शामिल हैं।

    15 सदस्यीय टीम में ऋचा घोष, जी. कमलिनी, दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, जिन्तिमणि कलिता और मिन्नू मणि भी शामिल हैं। तीनों मैच रायपुर में होने से स्थानीय क्रिकेट प्रशंसकों को छह दिनों में तीन अंतरराष्ट्रीय मैच देखने का मौका मिलेगा।

    E-टिकट से एंट्री, ओपन वाई-फाई की सुविधा
    दर्शकों की सुविधा के लिए टिकट ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। ई-टिकट स्कैन करने के लिए स्टेडियम परिसर में ओपन वाई-फाई की सुविधा रहेगी। टिकट के साथ तय संख्या में पार्किंग पास दिए जाएंगे। स्टेडियम और पार्किंग क्षेत्र में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। दर्शकों के लिए खाने-पीने की चीजों और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था भी रहेगी।

    एम्बुलेंस और ग्रीन कॉरिडोर तैयार रहेगा
    स्वास्थ्य विभाग आसपास के अस्पतालों की मैपिंग करेगा। स्टेडियम में एम्बुलेंस तैनात रहेगी। आपात स्थिति और VIP आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर तय किया जाएगा। फायर ब्रिगेड, पर्याप्त पानी और इमरजेंसी रूट की भी व्यवस्था रहेगी। बिजली और मोबाइल नेटवर्क की सुविधा बनाए रखने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को दी गई है।

    2 जुलाई 2026 को NGT ने अंतरिम आदेश जारी कर रायपुर समेत 3 स्टेडियमों में ट्रिब्यूनल की मंजूरी के बिना आगे मैच कराने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद इंटरनेशनल महिला क्रिकेट मैच कराने की मंजूरी मांगी गई। सुनवाई के बाद NGT ने 3 मैचों के लिए रोक हटा दी।

    मैदान पर छह अभ्यास सत्र, खिलाड़ियों की तैयारी पर रहेगा फोकस
    मैचों से पहले भारतीय टीम के लिए अभ्यास सत्र निर्धारित किए गए हैं। कार्यक्रम के अनुसार, 12 और 13 अक्टूबर को शाम 6 से रात 9 बजे तक अभ्यास होगा। 14 अक्टूबर को दोपहर 2 से शाम 5 बजे और 15 अक्टूबर को शाम 6 से रात 9 बजे तक टीम मैदान पर अभ्यास करेगी। पहले मुकाबले के बाद 17 अक्टूबर को दोपहर 2 से शाम 5 बजे तथा दूसरे मैच के बाद 19 अक्टूबर को शाम 6 से रात 9 बजे तक अभ्यास का कार्यक्रम है। इस तरह भारतीय टीम के कुल छह अभ्यास सत्र निर्धारित बताए गए हैं। जिम्बाब्वे की टीम के लिए भी 13, 14, 15, 17 और 19 अक्टूबर को अभ्यास प्रस्तावित है।

    दर्शकों की सुविधा और प्रशासनिक तैयारी
    मैचों की तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक की गई। इसके बाद रायपुर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लोकल सपोर्ट कमेटी बनाई गई है। इस समिति में पुलिस, खेल विभाग, परिवहन, लोक निर्माण विभाग, एनआरडीए और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अधिकारी शामिल हैं। दर्शकों के लिए टिकट ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे। ई-टिकट स्कैन करने के लिए स्टेडियम परिसर में ओपन वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी। टिकट के साथ तय संख्या में पार्किंग पास मिलेंगे। स्टेडियम और पार्किंग क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा दर्शकों के लिए भोजन और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। 

    सुरक्षा इंतजाम और एनजीटी का आदेश
    स्वास्थ्य विभाग आसपास के अस्पतालों की मैपिंग करेगा और स्टेडियम में एंबुलेंस तैनात रहेगी। आपात स्थिति तथा वीआईपी आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर तय किया जाएगा। दमकल, आपातकालीन रास्ते, बिजली और मोबाइल नेटवर्क की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। एनजीटी ने 2 जुलाई 2026 को जारी अंतरिम आदेश में रायपुर समेत तीन स्टेडियमों में अनुमति के बिना खेल गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। बाद में अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए अनुमति मांगने पर एनजीटी ने तीन मैचों के लिए रोक संशोधित कर स्वीकृति दी है। 

    रायपुर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए ऐतिहासिक मौका
    इस सीरीज का सबसे खास पहलू यह है कि रायपुर में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबले देखने को मिलेंगे। इससे स्थानीय दर्शकों को महिला क्रिकेटरों के प्रदर्शन को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाले मुकाबले शहर के खेलप्रेमियों के लिए यादगार अनुभव बन सकते हैं। सीरीज के निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, दोनों टीमें 21 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे रायपुर से रवाना होंगी।

    टिकट और स्टेडियम पहुंचने से जुड़ी अपडेट पर रखें नजर
    मैच देखने की योजना बना रहे दर्शकों को टिकट की उपलब्धता, प्रवेश नियम, स्टेडियम में दर्शकों के प्रवेश का समय और अन्य व्यवस्थाओं की आधिकारिक घोषणा पर नजर रखनी चाहिए। टिकट बिक्री या प्रवेश संबंधी जानकारी की पुष्टि होने के बाद ही यात्रा और मैच देखने की योजना बनाना बेहतर रहेगा।